• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

मैं और मेरा परिवार

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date
अपडेट 926

रानी का बर्तडे है.

पिछले बर्तडे के दिन हम एक हो गये थे.

1 साल हो गया हमारे रीलेशन को

किस तरह हम पास आए और अब एक 2 जिस्म एक जान बन गये.

आज भी वो दिन याद है जब हम एक हुए थे.

वोपल मैं कभी भूल नही सकता था.

ऐसा लगा था उस दिन कोई बिछड़ा साथी मिल गया हो.

रानी को प्यार करता हुए ऐसा लगता है कि मैं रानी को बचपन से जानता हूँ.

रानी की हँसी ,उसका रूठना ,उसका प्यार करना जैसे पहले भी मेरे साथ हो चुका हो ऐसा लगता था

पर कुछ भी हो रानी ने मेरे लाइफ मे आकर खुशिया से भर दिया.

मैं खुद को जितना नही जानता उतना वो मुझे समझती है.

रानी ने सीमा चाची को भी अपने प्यार के जाल मे फसा दिया.

सीमा चाची जो पहले रानी पे गुस्सा हुई थी वो अब रानी के जादू मे ऐसी डूब गयी कि माँ बेटी जैसे प्यार करने लगे.

रानी सबके दिल जीत कर मेरी जीवनसाथी बन जाएगी तो अच्छा रहेगा.

पता नही रानी और सीमा चाची मे क्या बातें हो रही होगी.

रानी तो एक एक करके मेरी चाची को अपनी चाची बना रही है.

और मैं अकेला यहा रानी के सपने देख रहा हूँ.

इस बर्तडे पे पिच्छली बार की तरह प्यार करने को मिल गया तो

रानी-क्या सोच रहे

अवी-तुम्हारे बारे मे .पिछले बर्तडे के बारे मे

रानी मेरे पास आ गयी.

रानी-ऐसा वैसा सोचना भी मत

अवी-सोचो पिछले बर्तडे पे क्या हुआ था.

रानी-मुझे ये नेक्लेस दिया था तुम ने

अवी-तुमने अभी तक पहन रखा है

रानी-तुम ने तो कहा था कि इस खुद निकाल कर मंगलसूत्र पहनाओगे

अवी-ऐसा कहा था. मुझे तो याद नही

मेरी बात सुनते ही शिकायत वाले मुक्के मेरे चेस्ट पे मारे

रानी-क्या कहा तुम ने

अवी-कब हमारी शादी होगी

रानी-तुम हमेशा मस्ती करने के बारे मे सोचते हो

अवी-तुम्हें देखते प्यार करने का दिल करता है. और बर्तडे का मौका हो तो क्या कहने

रानी-तुम बस सपने देखो मैं यहाँ फॅमिली को मिलने का सोच रही हूँ.

अवी-तुम्हारी फॅमिली मे तुम्हारी मम्मी और तुम ही तो हो

रानी-ये मिसटर, मेरी फॅमिली बहुत बड़ी है पर मम्मी पापा के भाग कर शादी करने से सब ने रिस्ता तोड़ दिया

और रानी थोड़ी सेंटी हो गयी

अवी-अब फिर से बिग फॅमिली का हिस्सा बन रही हो. मेरी फॅमिली जल्दी हमारी फॅमिली होगी.

रानी-उसी के लिए बर्तडे पे सबको इन्वाइट किया है.

अवी-आइडिया अच्छा है. तुम्हारी मम्मी चाची से मिल लेंगी.

रानी-यही तो रीज़न है.

अवी-स्मार्ट हो .पर आंटी को बताना कि हमारे बारे मे सिर्फ़ छोटी चाची और सीमा चाची को पता है. वरना गड़बड़ हो जाएगी

रानी-मम्मी को सब पता है. मैं मम्मी से कुछ नही छुपाती

अवी-तो टूर पे होटेल की छत पे बारिश के बारे मे बताया

रानी-तुम्हें मार चाहिए , ये बात कैसे बता सकती हूँ.

अवी-मज़ाक कर रहा था

रानी-तो तुम आ रहे हो ना

अवी-अपनी गर्लफ्रेंड के बर्तडे पे ना आकर सॅंडल थोड़ी खानी है

रानी-स्मार्ट हो रहे हो. अच्छा थोड़े जल्दी आना के कोशिस करना

अवी-मैं पूरी फॅमिली को लेकर आउन्गा. बस कुछ गड़बड़ ना हो इसका ध्यान रखना. और अपना दूसरा वाला रूम लॉक करके रखना.वरना

रानी-तुम टेन्षन मत लो सब प्लान करके रखा है.कोमल को बताया है कि उस रूम मे मेरे पापा की यादे है जिस से वो रूम सेफ रहेगा

अवी-और खाना खुद बनाना

रानी-मैं कर लूँगी.

अवी-स्वीट .आइस क्रीम

रानी-तुम ऐसे नही मानन्गे

और रानी ने मुझे किस करके मेरा मुँह बंद किया.

वाउ इसी का इंतजार कर रहा था.

इस किस के बदले मे मैं अपनी जान दे दूं

अवी-यही तो मुझे चाहिए था.

रानी-तुम बदमाश हो.

अवी-तो कहो बर्तडे गिफ्ट मे क्या चाहिए

रानी-एक प्रॉमिस

अवी-कहो

रानी-प्रॉमिस करो कि चाची के बताने तक तुम अपने अतीत के बारे मे कभी पुछोगे नही.

अवी-ये प्रॉमिस नही कर सकता.

रानी-मेरा बर्तडे गिफ्ट नही दोगे मुझे

अवी-कुछ और माँग लो ,

रानी-ठीक है. जब ज़्यादा ज़रूरत हो तो तभी पुछोगे

अवी-पर तुम ऐसा प्रॉमिस क्यूँ करवाना चाहती हो

रानी-तुम्हारे जाने के बाद सीमा चाची रोई थी. अगर वो बता देती और छोटी चाची को पता चलता तो क्या होता ये सोच कर वो रो रही थी.

अवी-ये बात तुम ने पहले क्यूँ नही बताई

रानी-फिर तो तुम्हारे रहते ज़्यादा रोने लगती.

अवी-पर ऐसा कौनसा राज़ है जो मुझे बताया नही जा रहा.

रानी-मुझे नही पता ,पर चाची ने कहा कि तुम्हें जल्दी पता चल जाएगा.

अवी-जाने दो. मुझे कुछ नही पता करना. जैसा हूँ वैसा मैं खुश हूँ.राज़ की वजह से मेरी चाची की आँख मे आँसू आए ऐसा राज़ जान कर क्या करूँगा. आज के बाद मैं अपने माता पिता के साथ क्या हुआ था ये बात क़िस्सी से नही पूछूँगा.

रानी-तुम ने सही फ़ैसला किया, मैं तुम्हारे साथ हूँ .

अवी-थॅंक्स, अब चाची कैसी है

रानी-जब मैं कहा कि मैं अवी को समझा दूँगी तब जाके उनके चेहरे स्माइल आई.वरना छोटी चाची को पता चलने की बात से डर गयी थी सीमा चाची.

अवी-चलो सीमा चाची से मिलते है

और हम सीमा चाची से मिलने चले गये

सीमा चाची को देखते मैं उनके गले लग गया.

और थोड़ी देर एमोशन ड्रामा चलता गया.

फिर रानी ने हँसी मज़ाक ने महॉल को मज़किया बना दिया.

फिर कोमल के आते ही हम फिर से हँसी मज़ाक करने लगे.

छोटी चाची ने मुझे इशारा करके बाहर बुलाया.

सी चाची-अवी

अवी-जी चाची

सी चाची-ये फॅमिली को मिलाने का आइडिया तेरा था

अवी-नही

सी चाची-तू गढ़ा है. रानी ने अच्छा आइडिया लगाया

अवी-चाची ,

सी चाची-क्या चाची, मैं भी यही सोच रही थी कि रानी की मम्मी से मिल लिया जाए

अवी-पहले क्यूँ नही बताया. मैं मिला देता

सी चाची-तुझे बताना पड़ता है. रानी ने खुद से ये सोचा .

अवी-आप मेरी चाची है या रानी की

सी चाची-दोनो की, अब रानी ने प्लान बनाया है तो उसका साथ देना

अवी-जी

सी चाची-मुझे कोई गड़बड़ नही चाहिए

अवी-मेरी पर्फेक्ट चाची को शिकायत का मौका नही दूँगा.

सी चाची-तो क्या सोचा है

अवी-क्या?

सी चाची-गिफ्ट के बारे मे बारे मे बोल रही हूँ

अवी-मैं ने तो दे दिया.

सी चाची-हमे भी गिफ्ट देना है. हमे शहर लेके जाना

अवी-जी

सी चाची-क्या जी ,पैसे कौन देगा.

अवी-मैं

सी चाची-क्या मैं

अवी-मैं दूँगा पैसे

चाची की बातों से मेरा मूड ऑफ हो गया.

पर चाची ने एक किस किया.

सी चाची-तेरे साथ मज़ाक करने मे मज़ा आता है.

अवी-आप भी ना

सी चाची-चलो अब

फिर चाची ने सबको गरमा गरम टी पिलाई

और रानी ने सबको बर्तडे पे आने के लिए फिर से इन्वाइट किया

और रानी हमारे छोटे दिन मे खुशिया लाकर अपने घर चली गयी.
 
चॅप्टर 926आ

रानी का बर्तडे ,

2 फॅमिली मे मुलाकात

हर कोई तैयारी मे लगा हुआ था.

नेहा बुआ तो कुछ ज़्यादा खुश होकर प्लॅनिंग कर रही थी.

नेहा बुआ रानी को अपनी बेटी मान ने लगी थी. उनका पता चल गया था कि कोमल के स्माइल के पीछे रानी का हाथ है.

मैं ने एक फ्री दिन देख कर चाची और बुआ को गिफ्ट लेने के लिए शहर ले गया.

चाची और बुआ ने 2 गिफ्ट लेने की जगह पैसे कलेक्ट करके नेहा बुआ की पसंद का नेक्लेस ले लिया.

बहुत प्यारा सा नेक्लेस था.जिस से देख कर रानी खुश हो जाएगी.

विद्या कविता लीना और राज को शाम मे गिफ्ट लेने के लिए शहर ले गया.

विद्या को मैं हर महीने कुछ पैसे देता था पर वो मना कर्देति जिस से मैं मे उसके नाम का अकाउंट खोल कर उसमे पैसे आड करने लगा. आज वो एटीएम विद्या ने ईस्तमाल किया .

कोमल ने तो सॅटर्डे को रानी के घर जाने का प्लान बनाया.

जिस से मैं उसको छोड़ने शहर चला गया.

कोमल-अवी मेरे बर्तडे पे मुझे क्या गिफ्ट दोगे

अवी-तुम क्या चाहिए

कोमल-तुम्हारा एक दिन

अवी-ओह तो तुम फिर से जंगल वाला झरना देखने जाना चाहती हो

कोमल-हाँ

अवी-तो हम इस बार कविता और लीना को साथ लेकर जाएँगे

कोमल-नही. सिर्फ़ हम दोनो , वहाँ पूरा दिन रहेंगे

अवी-पर तुम्हारे बर्तडे के समय एग्ज़ॅम होते है

कोमल-मुझे यही गिफ्ट चाहिए

अवी-तो हम पिच्छली बार की तरह एग्ज़ॅम के बाद जाएँगे. सम्मर मे भी वहाँ हर्याली होती है

कोमल-प्रॉमिस

अवी-तुम्हें प्रॉमिस करने की ज़रूरत नही है. तुम्हें तो मैं बिज़ी होने के बाद भी लेकर जाउन्गा.

कोमल-थॅंक यू

और कोमल ने मुझे पीछे से गले लगाया.

उसके ऐसा करने की आदत हो गयी है. पर कभी कभी उसके ऐसा करने से अच्छा लगता है. उसका प्यार महसूस होता है

अवी-कोमल ठीक से बैठो

कोमल-मैं तो ऐसी ही ठीक हूँ.

अवी-पर लोग क्या कहेंगे

कोमल-मुझे क्या करना है लोगो से .लोगो को तुमको संभालना होगा.

तभी एक बाइक जिस पे 2 लड़के बैठ थे वो हमारे पास से गुजरने लगी.

बाइक बॉय1- क्या छमिया है

बाइक बॉय2-ये छमक छल्लो वहाँ क्या कर रही हो .हमारे बीच मे आकर बैठो पूरी दुनिया घुमा देंगे

कोमल उनकी बात सुनते ठीक से बैठ गयी.

अवी-कोमल तुम उनपे ध्यान मत दो ,ए डेढ़ फूटिया भाग यहाँ से वरना घर नही सीधा हॉस्पिटल मे जाएगा

बाइक बॉय1-अबे लल्लू ,लड़की है तो श्याना बनता है.

कोमल-अवी जाने दो ,

बाइक बॉय2-ये छमक छल्लो ,उसको भगा कर अच्छा कर रही है .चल हमारे साथ

बाइक बॉय1-लगता है साली को पैसो चाहिए.

बाइक बॉय2-साले एक नंबर का माल है ,चल हम इसे रंडी बनाते है.बोल कितना लेगी

ये सुनते ही कोमल को उनकी बातों से डर लग रहा था.

पर मेरा तो दिमाग़ अपनी जगह से हट गया था.

मुझे कुछ बोलते तो मैं माफ़ कर देता पर कोमल के लिए ऐसे वर्ड ,मेरा खून उबलने लगा.

इनको मैं ने अच्छे से अपने रास्ते जाने को कहा पर वो है कि अपनी बदतमीज़ी से बाज़ नही आए

वो अपनी बाइक से हमारे साथ साथ आ रहे थे.

वो मेरे राइट साइड थे

अवी-कोमल मुझे कस के पकडो

कोमल ने ज़्यादा सोचा नही और मुझे पकड़ लिया.

कोमल की सेफ्टी का इंतज़ाम होते ही मैं ने उनकी बाइक को एक जोरदार लात मारी .

वो इसके लिए तैयार नही थे.

उनका बॅलेन्स बिगड़ गया और दोनो बाइक के साथ नीचे गिर गये

जो बाइक चला रहा था उसके पैर पे बाइक गिर गयी.

कोमल को इसकी उम्मीद नही थी. पर उनके गिरते ही कोमल का डर ख़तम हुआ.

आगे जाकर मैं ने बाइक रोक दी.

कोमल-अवी जाने दो

अवी-ऐसे कैसे जाने दूं. उनकी हिम्मत कैसे हुई तुम्हें ऐसा गंदा बोलने की

कोमल-अवी उनको सज़ा दे दी है अब जाने दो

अवी-चुप ,उनकी हिम्मत कैसे हुई तुम्हें ऐसे बोलने की. तुम्हें कुछ कहे ये मैं बर्दास्त नही कर सकता.

और मैं उन लड़को के पास चला. कोमल मुझे रोक रही थी पर मैं उसकी बात मानने वाला नही था.

मेरे उनके पास आते ही दूसरा लड़का जिसे ज़्यादा चोट नही आई थी वो खड़ा हो गया .और मुझे मारने के लिए भाग कर मेरी तरफ आने लगा

आज मेरे कसरत करने का फ़ायदा उठाने का समय आ गया था.

वो भाग कर मेरे तरफ आ रहा था जिस से वो अपने वॉर को कंट्रोल मे नही रख पाया .

जैसे ही मैं ने उसका मुक्का मिस किया वो गिरने लगा और उसके गिरते ही मैं ने एक जोरदार लात उसकी गंद पे मारी.

वो इतने ज़ोर से ज़मीन पे गिरा कि उसकी हड़िया टूट गयी होगी. उसकी जोरदार चीख निकल गयी.

उसके गिरते ही मैं ने उसको सीधा किया और उसके मुँह पे मुक्के मारने लगा.

उसके चेहरे से खून निकलने लगा.

उसके दाँत टूट गये ,उसकी हालत पतली कर दी.

अवी-कोमल को गाली देता है मदर्चोद ,आज के बाद तेरे मुँह से गाली ना निकले ऐसा बंद करूँगा.

वो मेरी मार से छटपटा रहा था. अपनी माँ को याद कर रहा था.

कोमल-अवी वो मर जाएगा.

अवी-मर जाने दो .तुम्हें इसने गाली दी कैसे तुम्हें कोई कुछ बोले मैं बर्दास्त नही कर सकता.

कोमल-अवी अब रुक जाओ

अवी-इसको तो मार डालूँगा .तभी सबको पता लगेगा कि मेरी कोमल की तरफ आँख उठाने का क्या नतीज़ा होता है

कोमल-मेरी कोमल, अवी बस भी करो .मेरे लिए रुक जाओ

अवी-तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकता हूँ .पर इनको छोड़ नही सकता

कोमल-(इतना प्यार करते हो) अवी तुम्हें मेरी कसम छोड़ दो इसे ,ये मर गया तो तुम्हें जैल हो जाएगी. तुम्हारे बिना मेरा क्या होगा.

मेरा हाथ उसे लास्ट मुक्का मारते हुए रुक गया.

मैं कोमल की तरफ देखने लगा.

कोमल-तुम्हें कुछ हो गया तो मेरा क्या होगा.

कोमल की बात पे ध्यान देते ही पहला लड़का जो बाइक चला रहा था उसने अपना पैर बाइक के नीचे से निकाल लिया.

और मेरे पीछे आकर मेरी गर्दन पकड़ ली.
 
चॅप्टर 926ब

मेरी गर्दन उसके हाथ पे आते ही कोमल डर गयी.

मैं अपनी गर्दन उसके हाथो से छुड़ाने लगा

कोमल चिल्लाने लगी .

कोमल-अवी ,छोड़ दो अवी को

मैं अपनी गर्दन छुड़ा रहा था पर उसकी पकड़ मज़बूत थी.

उसने दोनो हाथो की मदद से मेरी गर्दन पकड़ ली थी.

कोमल मेरी हालत देखते ही रोने लगी

कोमल-अवईीईई

और भाग कर उस लड़के बालपकड़ लिए.

और मुझे छुड़ाने लगी.

लड़किया बाल पकड़ कर ऐसे वॉर करती है कि पहलवान को हरा दें

कोमल चिल्लात हुए उसके बाल नोचने लगी.

कोमल-अवी को मारेगा. छोड़ अवी को

और कोमल ने इतनी मज़बूती से उसके बाल पकड़ थे कि उसकी पूरी मुन्डी घूम रही थी.

उसकी पकड़ ढीली पड़ रही थी.

मैं उसकी पकड़ से छूटने वाला था कि कोमल ज़ोर से चीख पड़ी.

कोमल-अवईीईईईईईईईईईईईईईईईईई

और कोमल ने उसके सर के बाल उखाड़ लिए

उसको इतना दर्द हुआ कि उसने मुझे छोड़ दिया और ज़मीन पर गिर के तड़पने लगा.

कोमल इतने पर ही नही रुकी .

अपने सॅंडल हाथ मे लेकर उस पे टूट पड़ी

कोमल मुझसे भी ज़्यादा गुस्से से उसको मार रही थी.

वो लड़का कोमल से भीख माँग रहा था

पर कोमल उसे ऐसे मार रही थी जैसे उसके जान से प्यारी चीज़ को उसने नुकसान पहुँचाया हो

कोमल का ये दुर्गा का रूप देख कर मैं भी डर गया था.

हर लड़की मे दुर्गा छुपी हुई होती है ये मैं ने पढ़ा था आज देख भी लिया.

कोमल ने आज तक मच्छर नही मारा होगा वो आज एक लड़के की पिटाई कर रही थी.

वो लड़का कोमल को बहन बोल कर माफी माँग रहा था

पर कोमल को तो कुछ सुनाई नही दे रहा था. कोमल ने उसके गाल को लाल कर दिया था इतने सॅंडल पड़े थे उसे गाल पे

कोमल थोड़ी देर पहले मुझे रुकने को बोल रही थी पर अब खुद काली के रूप मे आकर उस लड़के की पिटाई कर रही थी

अवी-कोमल रुक जाओ ,बहुत हो गया.

कोमल-इसने तुम्हें मारना चाहा. मैं इसको छोड़ूँगी नही

अवी-और कितना मारोगी उसे उसका सबक मिल गया.

कोमल-उसे मैं मार डालूंगी .इसने तुम्हें हाथ कैसे लगाया

ये कोमल तो गुस्से मे मेरी तारा डायलॉग बोल रही है.

कोमल को रोकने के लिए मैं ने उसे कस्के गले लगा लिया.

मेरे गले लगते ही कोमल रोने लगी.

मैं समझ सकता हूँ कि उसे कैसा लगा होगा जब उसने मेरी गर्दन पकड़ी थी.

कोमल को गली देने पे मुझे गुस्सा आया तो मुझे मारने पे कोमल को गुस्सा आना था.

अवी-वो बेहोश हो गया. अब रोना बंद करो

कोमल-तुम्हें कुछ हुआ तो नही ना

अवी-ये तो मुझे तुम्हें पूछना था.तुम ठीक हो ना

कोमल-तुम्हें कुछ हुआ तो नही ना

अवी-मैं ठीक हूँ

कोमल-तुम्हें कुछ हो जाता तो ,मेरा क्या होता सोचा नही तुम ने

अवी-मुझे कुछ नही होता.

कोमल-उसने तुम्हारी गर्दन पकड़ी थी.

अवी-मैं खुद संभाल लेता

कोमल-दुबारा ऐसा मत करना ,तुम्हारे बिना मेरा क्या होता

अवी-होना क्या था तुम्हें स्कूटी से कॉलेज जाना पड़ता.

कोमल-मार दूँगी अगर दुबारा ऐसा कहा तो.

अवी-अब तो मुझे तुमसे डर लगने लगा है

कोमल-क्यूँ?

अवी-तुम्हारा नया रूप देख कर मैं डर गया था.

कोमल-वो तो

अवी-तुम दुर्गा लग रही थी

कोमल-इस तरह के आवारा लड़को के लिए अपने अंदर की दुर्गा को जगाना पड़ता है

अवी-क्या?

कोमल-दुर्गा मंदिर मे नही होती वो हर लड़की के अंदर बसी हुई होती है जब उस पे इस तरह के आवारा सैतान हमला करते है तो लड़की को अपने अंदर की दुर्गा को जगाना पड़ता है. और इन आवारा सैतान को सबक सिखाना पड़ता है.

अवी-तुम तो

कोमल-क्या?

अवी-तुम्हारा जवाब नही. कुछ भी कर सकती हो तुम

हम बात कर रहे थे कि एक कार आकर हमारे पास रुक गयी.

कोमल-अवी कार क्यूँ रुकी .कौन होगा इसमे

अवी-मेरी नारी शक्ति डरो मत ,ये रणजीतसिंघ की कार है

कार से रणजीतसिंघ उतर गया. और मेरे पास आ गया.

रणजीतसिंघ-क्या हुआ अवी. और ये लड़के कौन है

अवी-कुछ नही. हम शहर जा रहे थे कि ये लड़के कोमल को परेशान करने लगे तो हथपाई हो गयी.

रंजीतसिंघ-तुम ठीक हो ना

अवी-हाँ हम ठीक है.पर ये बेहोश हो गये

रणजीतसिंघ-मैं अपने आदमी को बोल कर इनको हॉस्पिटल मे फिकवा देता हूँ. और ऐसी वॉर्निंग दूँगा कि दुबारा ऐसा करेंगे नही,

कोमल-अवी चलो यहाँ से

अवी-मैं चलता हूँ. आंड थॅंक्स

रणजीतसिंघ उन लड़को को संभाल लेगा.

मैं कोमल को लेकर शहर जाने लगा.

कोमल फिर से मुझे चिपक कर बैठ गयी. और हम शहर की तरफ जाने लगे

अवी-कोमल एक बात पुछु

कोमल-हाँ पूछो

अवी-तुम अचानक इतनी भड़क क्यूँ गयी.

कोमल-वो तुम्हें मारना चाहता तो मुझे गुस्सा आ गया.

अवी-पर इतना गुस्सा

कोमल-तुम्हें उसने हाथ लगाते ही मैं कुछ सोचने समझने के हालत मे नही थी.और उस पे टूट पड़ी

अवी-पर तुम्हें कुछ हो जाता तो

कोमल-(तुम्हें कुछ होने नही देती) तुम्हारी हालत देखते मैं खुद के बारे मे कैसे सोचती. तुम्हें कुछ हो जाता तो

अवी-तुम ने मेरे लिए उसकी पिटाई की

कोमल-और नही तो क्या

अवी-तुम्हारा नया रूप देख कर मैं एक पल के लिए डर गया था.

कोमल-तुम से ज़्यादा मैं डर गयी थी जब उसने तुम्हारी गर्दन पकड़ी और जब उसको मारने के बाद होश मे आई तब भी डर गयी थी

अवी-चलो मुझे बचाने वाला कोई तो है

कोमल-तुमने मुझे बचाया और मेरी अंदर की दुर्गा को जगाने मे मदद की. तुम शुरू ना करते तो मैं खुद अपना ये रूप देख नही पाती

अवी-उसने तुम्हें कितना कुछ कहा ऐसे मे मैं उसको जाने कैसे देता.

कोमल-पर तुम ने तो उसके दाँत तोड़ दिए

अवी-और क्या करता. तुम्हें कुछ भी बोल कर वो चला जाता. मैं नेहा बुआ को क्या बोलता कि मैं कोमल के लिए कुछ नही कर पाया.

कोमल-माँ को बताना मत

अवी-नही बताउन्गा. तुम भी चाची को मत बताना

कोमल-नही बताउन्गी. वैसे तुम्हें ना बचाती तो मैं मामी को क्या कहती.

अवी-मेरा डाइयलोग मुझे मार रही हो

कोमल-मैं पहले वाली गाओं की कोमल

नही हूँ.

अवी-तो कौन हो

कोमल-अवी की कोमल हूँ

अवी-क्या कहा.

कोमल-अवी ड्राइवर बाइक चलाने पे ध्यान दो

अवी-तुम ने लास्ट मे क्या कहा

कोमल-हवा ज़्यादा चल रही है इस लिए तुम्हें कुछ भी सुनाई नही दे रहा

अवी-रानी के घर चलके बात करते है

और हम पहले अपना मूड ठीक करने के लिए कॉफी शॉप मे चले गये.

कॉफी पी कर हम रानी के लिए गिफ्ट लेने चले गये

कोमल ने रानी के लिए मेकप बॉक्स लिया जिसमे मेकप का नये डिज़ाइन का सामना था साथ मे नया डिज़ाइन के साथ म्यूलिफ्यूक्षन वाला था.

मैं रानी के ब्रेस्लेट देख रहा था कि मुझे ऐसा ब्रेस्लेट मिला जिस पे फ्रेंड लिखा हुआ था.

ये 4 ब्रेस्लेट लेता हूँ. उनके फ्रेंड ग्रूप के लिए.

मैं ने ब्रेस्लेट लिया और हम रानी के घर चले गये .

मुझे रानी को मदद करनी चाहिए .पर रानी ने कहा कि वो 5 दिन से इस सब मे लगी हुई है. सब काम

मैं ने रानी को मदद करनी चाहिए .पर रानी ने कहा कि वो 5 दिन से इस सब मे लगी हुई है. सब काम उसने स्टेप आय स्टेप किए

रानी और आंटी के मदात के लिए कोमल को उनके पास छोड़ कर मैं गाओं आ गया.
 
चॅप्टर 927

कोमल ने तो कल कमाल कर दिया.

कोमल को ऐसे ही सेल्फ़ डिपंड होना चाहिए.

कोमल ने जिस तरह उस लड़के की पिटाई की वो कबीले तारीफ थी.

कोमल मे जो बदलाव आ रहे है वो कोमल के बहुत काम आएँगे. अब कोमल सिर्फ़ पढ़ाई कीड़ा नही रही. स्मार्ट गर्ल बन गयी.

कोमल पढ़ाई के साथ घर के काम ,दूसरो की मदद, एंजाय्मेंट भी करने लगी है.

कोमल का ये नया रूप देख कर नेहा बुआ भी खुश थी जिस से मेरा फ़ायदा हो रहा था.

पाए एक डर भी लग रहा कि कोमल मेरे करीब आना चाहती हो , कभी कभी कोमल की बातों से डर भी लगता है , वो जिस तरह अपना हक बताती है उस से मैं सोचने पे मज़बूर हो जाता हूँ ,

उसकी मेरे लिए फिकर , मेरे साथ रहना , बिना सोचे समझे गले लगाना ,मैं जो सोच रहा हूँ वो बस मेरी ग़लत फ़हमी हो तो अच्छा होगा ,

लेकिन कोमल के चेहरे की स्माइल देखते ये बातें जैसे मैं भूल ही जाता हूँ ,

कोमल तो रानी की मदद करने के लिए पहले ही रानी के घर चली गयी.

चाची ने घर के काम जल्दी कर लिए और चाचा के लिए खाना बना कर रानी के घर जाने को तैयार हो गयी.

मैं ने चाची बुआ के लिए टॅक्सी का इंतज़ाम किया और हम निकल पड़े रानी के घर उसकी दावत मे शामिल होने

चाची ने कहा था कि हम जल्दी रानी के घर जाएँगे ताकि उनको रानी की मम्मी से बातें करने के लिए ज़्यादा समय मिलेगा

और हम अकेले महमान थे तो आराम से अपने घर जैसा एंजाय कर पाएँगे.

कविता लीना और राज तो ज़्यादा एग्ज़ाइट थे .रानी से उनकी फ्रेंडशिप जो इतनी स्ट्रॉंग बन चुकी थी.

रानी ने स्वेता दीदी ,पूनम दीदी और सीतल दीदी को भी इन्वाइट किया था पर वो अपने कॉलेज और पर्सनल लाइफ मे बिज़ी थे .

मुझे रोहन ने बताया था कि सोहन ने कंपनी जाय्न कर ली है इसी खुशी मे वो सनडे को सेलेब्रेट कर रहे है. वो इतफाक से वो सनडे आज ही था. तो स्वेता दीदी सीतल दीदी का आना मुश्किल था.

पर कहते है ना टेक्नालजी पास लाती है. दीदी ने रानी को विश कर दिया.

मैं ने रानी को फोन करके बता दिया कि हम आ रहे है. ताकि अचानक आने से उनको भागदौड़ ना करनी पड़े.

हम सुबह 10 बजे रानी के घर पहुँच गये.

रानी के घर चाची पहले भी आ चुकी थी. टूर के समय पर ज़्यादा देर रुक नही पाई थी.

आज अच्छे से घर देख कर चाची और बुआ इंप्रेज़्ड हुई.

बिना रानी के पापा के रानी और आंटी ने इतना अच्छा घर जो बनाया था.

हमारे आने की न्यूज़ सुनते रानी और आंटी बाहर आ गयी.

और चाची बुआ का स्वागत किया.

रानी ने तो पैर छु कर स्वागत किया जिस से चाची और बुआ रानी के संस्कारो से प्रभावित हुई.

रानी को पता था कि किसका दिल कैसे जीता जा सकता है.

रानी ने सिर्फ़ दिल जीतना सिखाया था .दिल तोड़ना उसने पता नही था

रानी की मम्मी- आइए अंदर आइए,इसे अपना ही घर समझिए

आंटी ने हमे संबंधियों जैसा सम्मान दे कर अपने प्यार के महल मे बुलाया.

ब चाची-आप से मिलने की बहुत दिनो से इच्छा थी.रानी जो अपने संस्कारो से सबके दिल जीत लेती है ऐसी बेटी की माँ को मिलने की इच्छा थी. जो आज पूरी हो गयी.

रानी की मम्मी-ये आपका बढ़प्पन है ,रानी तो ऐसी ही सबका दिल जीत लेती है.

पूजा बुआ-नही बहनजी, हर माँ यही चाहेगी कि उसकी बेटी रानी जैसी हो

रानी की मम्मी-रानी तो कहती है उसकी एक नही 7 माँ है.

म चाची-7 .पर हमे तो सिर्फ़ आप दिख रही है

रानी-चाची, आप भी तो मेरी माँ हो, और बुआ भी तो मेरी माँ है.

नेहा बुआ-मैं तो तुम्हें कोमल की बहन ही मानती हूँ

नीता बुआ-कोमल और रानी तो बहनों से ज़्यादा गहरा रिस्ता है दोनो का

सी चाची-दोनो मे तुलना कर ही नही सकते

रानी की मम्मी-मैं तो चाहती हूँ कि रानी कोमल जैसी बन जाए.

म चाची-शायद आप उल्टा बोल रही है

पूजा बुआ-कोमल रानी जैसी बन रही है.

रानी की मम्मी-कोमल तो हीरा है ,और रानी....

नेहा बुआ-लेकिन कोमल है कहाँ वो दिखाई नही दे रही

कोमल-माँ मैं यहाँ हूँ

और कोमल ने किचन से हॉल मे एंट्री मार ली.

कोमल के ड्रेस पे आटा, सब्जी लगी हुई थी. लगता है कोमल खाना बनाने मे मदद कर रही थी.

कोमल किचन से अपने हाथ मे पानी का ट्रे लेकर आ रही थी.

रानी की मम्मी-देखिए मैं आते ही बातों मे इतनी खो गयी कि पानी के लिए पूछना भूल गयी.लेकिन कोमल बेटी को याद रहा. वरना रानी तो यही खड़ी है.और आप है कि रानी की तारीफ कर रही थी.

सी चाची-रानी के साथ रहने से कोमल बहुत बदल गयी है

नीता बुआ-नेहा ये हमारी कोमल है या कोमल की हमशकल है

कोमल-मौसी मैं आपकी कोमल हूँ. लीजिए जूस पीकर आराम कीजिए

पूजा बुआ-कोमल बड़ी हो रही है. ऐसे हमारा नाम बनाए रखना

आंटी कोमल की तारीफ कर रही थी और बुआ रानी की तारीफ कर रही थी.

ऐसा ही होता है अपनी बेटी को पर्फेक्ट बनाने के लिए दूसरो की तारीफ की जाती है

पर कोमल की तारीफ सुनकर नेहा बुआ का सर उचा हो गया.

हर माँ यही चाहती है की उसकी बेटी उनका नाम उचा करे. और कोमल ने आज कर दिया.

रानी-बुआ मैं नाश्ता लेकर आती हूँ. मैं ने आपके लिए स्पेशल बनाया है.

म चाची-किसके लिए बनाया है.

रानी-सॉरी सॉरी, सीमा चाची के लिए स्पेशल नाश्ता बनाया है.

और सबके चेहरे पे स्माइल आ गयी. सीमा चाची कैसे ना कैसे करके सबको हसा देती है.

रानी की मम्मी-आपके बारे मे जैसा सुना था वैसाही पाया.

म चाची-अभी तो हमे आए कुछ पल ही हुए है. शाम तक एक दूसरे को जान लेंगे.

रानी की मम्मी-जी बिल्कुल, इसी लिए तो ये दावत रखी है.

नेहा बुआ-मैं तो आप से मिलने के लिए कब्से कोमल को बोल रही थी. आज अच्छा लगा आप से मिलके

रानी की मम्मी-आप से मिलके मैं भी खुश हूँ. रानी ने बताया कि आपने मेले मे उसको माँ जैसा प्यार दिया. वो तो मुझसे ज़्यादा आपकी बात करती है.

नेहा बुआ-रानी के रूप मे मुझे एक और बेटी मिली है.

नीता बुआ-कोमल ये तुम ने अपना क्या हाल बना रखा है.

रानी की मम्मी-ये दोनो तो मेरी सुनती नही. मुझे सुबह से कुछ करने नही दिया ,सब काम दोनो मिलके कर रही है.

ब चाची-बेटियाँ बड़ी हो जाती है तो माँ को आराम करने देना ,उनके संस्कारो का असर होता है. वरना आजकल तो लड़किया रशोई घर मे पैर नही रखती.

सी चाची-रानी और कोमल तो अपने बडो का समान करने वालो मे से है. देखो कैसे भाग दौड़ कर रही है

रानी की मम्मी-कोमल आराम से ,

रानी-सीमा चाची ये रहा आपका स्पेशल नाश्ता.

कोमल-माँ ये समोशे मैं ने बनाए है

नीता बुआ-फिर तो मैं एक और लूँगी

ब चाची-मैं भी एक समोशा लूँगी.

नेहा बुआ के खुशी का कोई ठिकाना नही था.

कविता-चलो लीना हम वापस चलते है

लीना-हाँ चलो

राज-मैं भी आपके साथ चलूँगा.

पूजा बुआ-तुम को क्या हो गया.

अवी-बुआ हम कब से देख रहे कि हमारी तरफ कोई ध्यान ही नही दे रहा.सब कोमल और रानी की बातें कर रहे है

रानी की मम्मी-ध्यान तो महमानों का देना होता है ये घर तो तुम्हारा ही है. कविता लीना और अवी तुम मेहमान नही हो

राज-पर मैं तो मेहमान हूँ आंटी

रानी की मम्मी-तुम तो खास मेहमान हो. रानी राज का स्पेशल ध्यान रखना. शिकायत नही आनी चाहिए राज की.

पूजा बुआ-इसकी कोई ज़रूरत नही है. राज ये क्या हरकत है

रानी की मम्मी-नही बहनजी, राज तो खास मेहमान है और खास मेहमान के लिए हम ने नाश्ते मे राज की तरह स्वीट से रसगुल्ले बनाए है.

राज-रसगुल्ले ,दीदी जल्दी ,

रानी की मम्मी-रानी इनको तुम्हारे रूम मे ले जाओ .और रसगुल्ले देना ताकि राज स्वीट स्वीट बातें करे

और रानी बच्चा गॅंग को अपने रूम मे ले गयी. और उनके लिए रसगुल्ले लेकर आ गयी.

नीता बुआ-दीदी राज के तो आज मज़े होंगे

पूजा बुआ-कल राज मुझे तंग करेगा. रसगुल्ले के लिए

रानी की मम्मी-मैं कुछ रसगुल्ले पॅक कर दूँगी

पूजा बुआ-नही नही. इसकी क्या ज़रूरत है

ब चाची-बहनजी बच्चों के लिए जगह बन जाती तो

रानी-चाची उसका इंतज़ाम किया है . गेस्ट रूम मे बच्चों के खेलने का पूरा इंतज़ाम किया.

सी चाची-मुझे दिखा क्या इंतज़ाम किया है.

रानी की मम्मी-रानी

चाची बच्चों को लेकर गेस्ट रूम मे चली गयी.

रानी ने बच्चों के लिए बेड पे सेफ जगह बनाके रकी थी और वहाँ खिलोने भी थे.

सी चाची-रानी इसकी क्या ज़रूरत थी.

रानी-आप पहली बार मेरे घर आई है. मैं शिकायत का मौका नही देना चाहती

सी चाची-पहली बार मे अपनी सास को खुश करना चाहती है

म चाची-मैं तो खुश हूँ

रानी की मम्मी-क्या बातें हो रही है.

म चाची-रानी को हमेशा के लिए अपने घर ले जाने की प्लॅनिंग हो रही है.

रानी की मम्मी-आपकी बेटी है आप जब चाहे तब लेकर जा सकती है

म चाची-हम तो बहू बनाकर ले जाना चाहते है. और बेटी बनाकर रखना चाहते है

रानी की मम्मी-बेटी ,अपने ससुराल मे बहू की जगह बेटी बनके रहे यही तो हर माँ चाहती है

सी चाची-रानी को बेटी बनाने मे हमे खुशी होगी

नीता बुआ पीछे से आ गयी.

नीता बुआ-किसे खुशी होगी

सी चाची-हमे और किसे, यहाँ आकर हमे खुशी हुई ना.

नीता बुआ-बात तो सही है. पर हम यहाँ मेहमान की जगह अपना घर समझ कर आए है. तो

सी चाची-तो पल्लू कमर को बाँध कर काम मे लग जाते है.

रानी की मम्मी-आप बस आराम कीजिए ,काम हम कर लेंगे

म चाची-हमारे यहाँ ऐसा नही होता. सबको काम करना पड़ता है.

रानी की मम्मी-लेकिन

नीता बुआ-देखिए आप काम करेंगी हम बैठ रहेंगे तो बातें कब करेंगे

सी चाची-काम करते हुए बातें करते है.

म चाची-तो चले रशोई घर मे

रानी की मम्मी-आप मेहमान है और मेहमान से काम करवाना ,पर मेहमानो की बात टालना भी ठीक नही होता.

नीता बुआ-तो चले

रानी की मम्मी-चलते है पाए सुमन जी और पूजा जी काम नही करेंगी.

नीता बुआ-हमे पाप थोड़े करना है ,जो हमारे रहते वो काम करेंगी

सी चाची-वो बच्चों के पास रुकेंगी.

रानिकी मम्मी-आप सब बहुत अच्छी है. एक दूसरे से कितना प्यार करती है

नीता बुआ-हमे प्यार करना सिखाया गया है. है ना सीमा

म चाची-प्यार से रहने से हमारी ताक़त बढ़ जाती है ये ऐसा हमे बताया गया है (शालिनी भाभी)

रानी की मम्मी-किस की बात कर रही है आप

सी चाची-फिर किसी दिन बता देंगे. चलिए पहले काम करते है

और शुरू हो गया .हमारे फॅमिली मे रानी की छोटी फॅमिली को एड करने की दावत

दावत ऐसी कि जिस से 2 फॅमिली एक हो जाए.
 
अपडेट 927आ

बड़ी चाची और पूजा बुआ बच्चों के पास रुक कर बातें कर रही थी.

बाकी सब आंटी की मदद करते हुए बातें कर रही थी.

कविता लीना तो टीवी देख कर एंजाय कर रही थी.

कोमल ने तो मुझे आज फिर से अपना नया रूप दिखा कर शॉक्ड कर दिया.

कोमल ज़ोर शोर से काम कर रही थी.

कोमल को इस तरह काम करते हुए देख कर सबके आँख मे चमक दिख रही थी, चेहरे पे खुशी दिख रही है.

कोमल तो आज सबके दिल जीत कर रहेगी.

रानी भी कहाँ पीछे रहने वाली थी.वो तो सबका ध्यान रख रही थी.

सबके ज़ुबान पर रानी और कोमल का नाम था.

मैं तो दामाद की तरह चुप चाप बैठ कर सबकी हरकते देख रहा था

रानी ने एक 2 बार मेरी तरफ स्माइल की पर इतने लोगो की बीच हम थोड़ा भी रिस्क नही लेना चाहते थे.

किचन मे दावत का इंतज़ाम चालू हो गया.

हमारे पास समय बहुत था क्यूँ कि दावत शाम मे थी. तो सब बातें ज़्यादा कर रही थी.

आंटी ,बुआ और चाची के साथ जल्दी घुल मिल गयी ताकि अपनी बेटी के ससुराल वालो के बारे मे पता कर सके

छोटी चाची और नीता बुआ तो जल्दी फ्री हो जाती है और सहेलिया ऐसी बनती है जैसे कभी टूटे ना.

आंटी तो सबके बीच मे इतना प्यार देख कर खुश नज़र आ रही थी.

ऐसे मे आंटी की नज़र मुझपे पड़ी. मुझे अपने मोबाइल के साथ खेलते हुए देख कर मेरे पास आ गयी.

रानी की मम्मी-बेटा ऐसे अकेले क्यूँ बैठ हो.

अवी-क्या करूँ आंटी .आप तो अपने दामाद का ख़याल ही नही रख रही है.

रानी की मम्मी-दामाद का मान सबसे उचा होता है.पर तुम्हारी चाची से भी तो मिलना है.

अवी-चाची को खुश कर रही है .

रानी की मम्मी-अपनी बेटी के सास को खुश तो रखना पड़ता है

सी चाची-मैं तो खुश हूँ.

अवी-लीजिए आंटी ,आपकी सम्धन तो खुश है

रानी की मम्मी-ये मेरे लिए अच्छी बात है कि सम्धन को हमारी मेहमान नवाज़ी पसंद आई

सी चाची-अवी ,आज तो रानी और सम्धन का पूरा समय हमारा है.

अवी-जी बिल्कुल, आपके लिए तो दावत रकी है.

सी चाची-चलिए हम प्याज और सब्जिया कट करते हुए बाते करते है

रानी की मम्मी-मैं भी यही सोच रही थी कि आपसे अकेले मे बात कैसे करू. पर जैसा रानी ने कहा वैसी आप है ,हर प्राब्लम का सोल्युशन छोटी चाची

सी चाची-ये रानी कुछ भी बोलती है. चलिए

और आंटी छोटी चाची के साथ काम करते हुए बात करने लगी.

रानी की मम्मी-आपके बारे मे मैं ने रानी से बहुत कुछ सुना है.

सी चाची-मैं भी तो सुनू क्या कहा रानी ने

रानी की मम्मी-रानी तो कहती है उसे आपके जैसा बनना है.

सी चाची-लेकिन मैं तो उसे किसी और जैसा बनना चाहती हूँ

रानी की मम्मी-किसके जैसी

सी चाची-अवी की माँ की तरह रानी को एक पर्फेक्ट बहू बनाना चाहती हूँ

रानी की मम्मी-(शालिनी दीदी ) ये तो अच्छी बात है.

सी चाची-वैसे आपको मेरे बारे मे तो रानी ने बता दिया होगा.

रानी की मम्मी-हाँ,

सी चाची-तो कुछ अपने बारे मे मे भी मुझे बताइए

रानी की मम्मी-वो भी बता दूँगी. अब तो हम मिलते रहेंगे .वैसे अवी ने सिर्फ़ आपको रानी और उसके बारे मे बताया,और किसी को नही.

सी चाची-सीमा दीदी को भी पता है

रानी की मम्मी-पर आपने बाकी सबको क्यूँ नही बताया.

सी चाची-मैं चाहती हूँ कि रानी ऐसा काम करे कि सब खुद रानी को अवी की जीवन साथी के रूप मे सेलेक्ट करे.

रानी की मम्मी-ये तो अच्छी बात है .पर बाद मे किसी ने मना किया तो

सी चाची-ऐसा नही होगा, मैं हुआ ना. मैं धीरे धीरे सबको मना लूँगी. और अभी सबको बता दिया तो अवी और रानी का मिलना मुश्किल होगा क्यूँ क़ी सुमन दीदी हाँ करने के बाद कहेंगी की शादी सेपहले मिलना ठीक नही होता. और रानी को डॉक्टर बनना है तब तक रानी और अवी दूर रहे तो वो उनके लिए अच्छा नही होगा.

रानी की मम्मी-आप बहुत दूर की सोचती है . आप से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा.

सी चाची-मैं तो आज भी आप से सिख रही हूँ. आप के प्यार ने कोमल को भी रानी जैसा बना दिया.

रानी की मम्मी-कोमल बहुत प्यारी लड़की है.

सी चाची-रानी के साथ रहेगी तो बहुत कुछ सिख लेगी.

रानी की मम्मी-हमे लाइफ मे सीखते रहना चाहिए

सी चाची-आपकी सोच अच्छी है.

रानी की मम्मी-तो आपके पति नही आए

सी चाची-उनको ऐसे नये लोगो से मिलना पसंद नही है.और वो यहाँ अकेले बोर हो जाते

रानी की मम्मी - आप तीनों सौतन होके बहनों जैसी रहती है

म चाची-क्यूँ कि सुमन दीदी ने हमे अपनी बहन बनाया है

रानी की मम्मी-आप ,

म चाची-क्या बातें हो रही है. मैं भी आपकी सम्धन हूँ आप तो मुझे भूल ही गयी.

रानी की मम्मी-आपका मान सबसे उचा है. आपको कैसे भूल सकते है.

सी चाची-दीदी अच्छा हुआ आप आ गयी. आप ही बात करो अपनी सम्धन से

रानी की मम्मी-आप की जितनी शिकायत है वो बता दीजिए मैं पूरी कर दूँगी.

म चाची-शिकायते तो शादी के समय पूरी की जाती है

रानी की मम्मी-मैं तो अकेली हूँ ,अभी से बता दीजिए,वरना बाद मे मुझे मुश्किल होगी.

म चाची-वो धीरे धीरे बता देंगे .पहले एक दूसरे के बारे मे जान लेते है.

रानी की मम्मी-रानी के बारे मे तो आप जानती है.

सी चाची-हाँ, पर आपके बारे मे और रानी के पापा को क्या हुआ था.

रानी की मम्मी-उनको हार्ट अटॅक आया था

म चाची-क्या हुआ था.

रानी की मम्मी-मेरा और रानी का प्यार वो अपने दिल मे समा नही पाए इस लिए भगवान के पास चले गये एक और दिल माँगने

आंटी के जवाब से छोटी चाची इमप्रेस्ड हुई.

म चाची-तो आपने अकेले घर संभाल लिया.

रानी की मम्मी-रानी थी मेरे साथ ,हम ने मिलके जीना सीख लिया.

सी चाची-आप हिम्मत वाली है

रानी की मम्मी-ऐसे दुनिया मे अकेले जीने के लिए खुद कुछ ना कुछ करना होता है.

सी चाची-आपकी और मेरी खूब जमेगी.

म चाची-मेरा क्या.

रानी की मम्मी-रानी ने कहा है कि आपका खास ध्यान रखूं .आप स्पेशल है.

म चाची-वो तो मैं हूँ ही.

रानी की मम्मी-एक बात कहूँ

सी चाची-हाँ कहिए

रानी की मम्मी-आप तीनो की सोच अलग होते हुए आप तीनो मे इतना प्यार है ये देख कर अच्छा लगा.

सी चाची-आप को अभी बहुत कुछ पता लगना बाकी है. जितने ज़्यादा हम मिलेंगे उतनी ज़्यादा पहचान बढ़ेगी

रानी की मम्मी-ये सही रहेगा

म चाची-तो अगली बार आपको हमारे यहाँ आना होगा.

रानी की मम्मी-बेटी के ससुराल मे,

सी चाची-आना तो होगा.

म चाची-वरना क्या पता ससुराल बने ही ना

रानी की मम्मी-मैं इतना बड़ा रिस्क नही ले सकती. ऐसा ससुराल ढूँढने से भी रानी को मिलेगा नही.

सी चाची-ये हुई ना बात ,वैसे मैं ने सुना है आप जॉब भी करती है

रानी की मम्मी-वो होते तो मैं जॉब नही करती पर रानी की शादी के लिए पैसे तो जमाने थे ,

म चाची-मतलब डोवेरी मिलेगी.

रानी की मम्मी-आप जो चाहे वो मिल जाएगा.

सी चाची-हमे तो सिर्फ़ रानी चाहिए

म चाची-और मुझे तो बेटी चाहिए

रानी की मम्मी-आप ने ये बोल कर मेरी तो चिंता ख़तम कर दी.

सी चाची-तो ये समझ लीजिए कि वो ससुराल नही अपने घर जा रही है

रानी की मम्मी-आप मेरे लिए तो भगवान बनकर आई है.

सी चाची-अब इतनी भी तारीफ मत कीजिए

रानी की मम्मी-रानी किस्मत वाली है जो वो आपकी बहू बनेगी, उस घर की बहू बनेगी

म चाची-बहू नही बेटी

सी चाची-ये तो बातें चलती रहेंगी ,हम अपनी बातें करती है

म चाची-मैं अपने बारे मे बता डू की मुझे खुश रहना पसंद है

रानी की मम्मी-मुझे भी. जियो तो खुश रह कर जियो

सी चाची-मेरा भी यही प्रिन्सिपल है

रानी की मम्मी-पर फॅमिली के साथ एंजाय हो तो क्या कहने

म चाची-ये रानी के दादा नाना नही है

रानी की मम्मी-रानी ने आपको बताया नही

म चाची-मुझे नही पता

रानी की मम्मी-वो मैं ने और रानी के पापा ने भाग कर शादी की थी जिस से सबने हम से रिस्ता तोड़ दिया

सी चाची-लव मॅरेज की थी आपने ,फिर भी आप रानी के लिए हाँ कर दी.

रानी की मम्मी-प्यार करना गुनाह तो नही , रानी को अवी जैसा जीवन साथी मिल रहा है तो मैं मना कैसे करती.

सी चाची-तो वो शादी मे आएँगे. रानी के दादा दादी

रानी की मम्मी-इन्विटेशन देंगे,आना ना आना उनपे है

म चाची-कोई बात नही हम मिलके शादी करवाएँगे

रानी की मम्मी-उसके लिए टाइम है ,

सी चाची-हाँ रानी को डॉक्टर बनना है.

रानी की मम्मी-उसके पापा की इच्छा थी रानी डॉक्टर बने

म चाची-और आपकी क्या इच्छा थी

रानी की मम्मी-रानी को सास नही माँ मिले

सी चाची-ये इच्छा मैं पूरी कर दूँगी

नीता बुआ-अभी तक प्याज काट रहे हो

रानी की मम्मी-हम बातों बातों मे भूल ही गये, अभी काट कर देती हूँ

नीता बुआ-आप रहने दीजिए मैं कर देती हूँ

रानी की मम्मी-मैं कर लूँगी

म चाची-आप सुमन दीदी के पास जाइए ,उनको क्या चाहिए पूछ लीजिए

रानी की मम्मी-मैं तो उनको भूल ही गयी.

सी चाची-अकेले होने से समझ नही आता कि क्या करे

नीता बुआ-हम है ना मदद के लिए

रानी की मम्मी-पर सब आप करेंगी तो कैसा चलेगा

सी चाची-कुछ नही होता ,आप चलिए मेरे साथ ,सुमन दीदी और पूजा दीदी से मिलवा देती हूँ

रानी की मम्मी-उनसे मिलना ज़रूरी है और काम भी करना है

नीता बुआ-काम मैं रानी और कोमल के साथ देख लूँगी. आप दीदी से मिल लीजिए

सी चाची-चलिए अब

रानी की मम्मी-आप सब कितनी अच्छी है. काश मैं आपकी बहन होती

नीता बुआ-हम तो आपको बहन ही मान रहे है. आप देखिए दीदी को क्या चाहिए

रानी की मम्मी-अभी देखती हूँ

और छोटी चाची और आंटी बड़ी चाची के पास चली गयी.
 
चॅप्टर 928

मेरी तरफ तो कोई ध्यान नही दे रहा था .

ऐसे मे मैं राज के साथ मस्ती करने लगा.राज तो रसगुल्ले खाने के साथ मेरे साथ मस्ती करने लगा

अवी-अबे ज़्यादा मत खा .वरना रसगुल्ला बन जाएगा.

राज-भैया , मैं मोटू हो गया तो आप के साथ कसरत करूँगा.

अवी-कल से आ जा ,तुझे हीरो बना दूँगा फिर तुझे हेरोयिन मिलेगी.

राज-माँ ,देखो भैया क्या बोल रहे है

ये राज तो मुझे मरवा देगा मैं ने उसके मुँह पे हाथ रख दिया.

अवी- गधे ,बुआ को क्यूँ बुला रहा है.

राज-आपने गंदी बात क्यूँ की.

अवी-(ये दिमाग़ से बड़ा कब होगा) मेरे बाप दुबारा नही कहूँगा ,चुप रह

कोमल-अवी मैं तो थक गयी

कोमल मेरे पास आकर बेड पर गिर गयी.

अवी-क्या हुआ

कोमल-कुछ मत पूछो ,इतना काम मैं ने अपनी सारी ज़िंदगी मे नही किया.

अवी-थकने का नाम मत लो ,तुम्हारे काम करने से बुआ खुश है

कोमल-और तुम

अवी-मैं तो बहुत खुश हूँ ,कल नयी कोमल देखने को मिली थी और आज एक अलग कोमल देख रही हूँ

कोमल-तो मैं चली खाना बनाने

अवी-रूको एक मिनट

अत्र मैं ने एक रसगुल्ला उठा के कोमल को खिला दिया.

कोमल को इसी की ज़रूरत थी ,

कोमल- थॅंक्स, अब देखो मैं स्वीट खाना बनाउन्गि

और कोमल मेरे गले लग कर अपने काम मे लग गयी.

पर राज तो मेरे पीछे पड़ गया .उसका रसगुल्ला जो मैं ने कोमल को दिया था.

राज मेरे पीछे भागने लगा. मैं राज के साथ मस्ती करता गया.

पूजा बुआ-सुमन रानी की मम्मी अच्छी है. ऐसा लगा कि जैसे अपने से मिल रहे है.

ब चाची-हाँ, रानी को देख कर पता लग गया था कि उसकी माँ कैसी होगी.

पूजा बुआ-दोनो अकेले होके कितने खुश रहते है.

ब चाची-एक दूसरे का साथ जो उनकी हिम्मत बन रही होगी.

पूजा बुआ-रानी के तो क्या कहने ,छोटी है पर सबके दिल जीत लेती है.

ब चाची-रानी जैसी लड़की इस जमाने मे मिलना मुश्किल है. संस्कारो का दूसरा नाम है रानी है.

पूजा बुआ-कोमल रानी से बहुत कुछ सीख रही है.

ब चाची-हाँ, कोमल को काम करते हुए देख कर नेहा के चेहरे पे खुशी देखी आपने

पूजा बुआ-नेहा को खुश रखने के लिए तो मैं कुछ भी कर सकती हूँ

सी चाची-दीदी देखिए आप से मिलने कौन आया है

रानी की मम्मी-नमस्ते

पूजा बुआ-अरे आप ,आइए हम आपकी बात कर रहे थे

रानी की मम्मी-बातें तो होती रहेंगी आप को कुछ चाहिए तो नही.

ब चाची-नाश्ता ज़्यादा कर लिया अब कुछ नही चाहिए. और लगेगा तो माँग लेंगे ,

रानी की मम्मी-अपना घर समझ कर बता दीजिएगा. और कोई ग़लती हुई तो छोटी बहन समझ कर माफ़ कर देना

पूजा बुआ-ये आप कैसी बात कर रही है. ग़लती हुई भी तो नीता छुपा देती है आप ज़्यादा टेन्षन मत लीजिए

रानी की मम्मी-पहली बार आप आए है ,जिस से मेनेज करने मे परेशानी हो रही है.

ब चाची-आपको ज़्यादा परेशानी हो इसके लिए नीता और मीना है आपकी मदद के लिए.

रानी की मम्मी-नीता जी की मदद मिलने से मुझे आपसे मिलने का समय मिला है.

पूजा बुआ-आप आराम से बैठिए ,नीता खाने का देख लेगी

रानी की मम्मी-जी. आप टी पीना पसंद करेंगी.

ब चाची-टी ,रानी के हाथ की टी पिए हुए काफीसमेय हो गया.

रानी की मम्मी-मैं रानी को बता कर आती हूँ

पूजा बुआ-आप रुकिये मैं बता देती हूँ और मुझे वॉशरूम भी जाना है.आप सुमन से बात कीजिए

पूजा बुआ वॉशरूम चली गयी.

रानी की मम्मी-आपके बच्चे बहुत प्यारे है,

ब चाची-भगवान की कृपा है जो मैं माँ बन गयी.4 बच्चों की माँ

रानी की मम्मी-4 ,यहाँ तो 3 है

ब चाची-अवी. अवी मेरा बड़ा बेटा है

रानी की मम्मी-रानी ने बताया था , कि आप अवी की चाची नही माँ है.

ब चाची-अवी मेरे दिल का टुकड़ा है

रानी की मम्मी-रानी मेरे दिल का टुकड़ा है.

ब चाची-रानी तो सबके दिल मे बस चुकी है.

रानी की मम्मी-ये तो आपका प्यार है .जिस से रानी आपकी बातें करती रहती है.

ब चाची-वैसे एक बात पुच्छू

रानी की मम्मी-जी पूछिए

ब चाची-क्या हम पहले मिल चुके है , मुझे आपको देखते ऐसा लगता है कि हम पहले भी मिले है

रानी की मम्मी-(उस बात को बहुत दिन हो गये. आप भूल गयी पर मुझे आज भी याद है) शायद मार्केट मे मिले होंगे

ब चाची-नही. कही और देखा है ,पर याद नही आ रहा

रानी की मम्मी- मुझे तो याद होता ही

ब चाची-मुझे ऐसा लग रहा है की मैं ने आप को पहले कही देखा. और मुझे तो आपकी आवाज़ सुनी हुई लग रही है जैसे हम ने बात भी की हो

रानी की मम्मी-(रानी ने कहा की पुरानी बात मत करना ) मुझे तो ऐसा कुछ याद नही ,मैं तो किसी को भूलती नही.

ब चाची-आप इस से पहले कहा रहती थी.मेरा मतलब है रानी ने कहा कि आप जॉब की वजह से घूमती रहती है , तो आप कहाँ कहाँ रह चुकी है शायद वहाँ से पता चल जाए

रानी-टी हाज़िर है

रानी ने बीच मे आकर बातों का रुख़ बदल दिया.

रानी की मम्मी-लीजिए रानी के हाथो की टी

ब चाची-इस टी की याद तो जाती नही. मेले मे रानी के हाथो की टी की आदत लग गयी थी

रानी की मम्मी-मैं तो ज़्यादा से ज़्यादा रानी को टी बनाने को कहती हूँ. रानी के हाथो मे एक मिठास है

सी चाची-हां. ऐसा लगता है अंनपूर्णा हो रानी. वाउ क्या टी है

रानी-इस तारीफ के रूप मे मेरा इनाम मिल गया.

ब चाची-तुझे गिफ्ट तो केक कट करने के बाद मिलेगा.

रानी की मम्मी-आपको पता है. केक रानी औरकॉमल ने घर पे बनाया है.

सी चाची-सच , फिर तो केक जल्दी कट करना होगा.

रानी-खाना बनते ही कट कर लेंगे

रानी की मम्मी-और मेरी एक सहेली है उसके आते हम केक कट कर के दावत शुरू करेंगे

ब चाची-कहाँ है आपकी सहेली

रानी की मम्मी-वो शहर2 मे रहती है. वो निकल गयी है पर जल्दी यहाँ पहुँच जाएगी.

ब चाची-आपकी सहेली से भी मिल लेंगे

रानी की मम्मी-रानी तुम ने रूम को सजाया नही

रानी-अभी करती हूँ

सी चाची-कविता लीना को बोल दो .वो ये काम कर देंगी

रानी-जी

और रानी हॉल मे आ गयी.

रानी की मम्मी-आप ने अपनी फॅमिली को अच्छे से संभाला है

ब चाची-मीना जैसी बहन मिले तो सब मुमकिन है

रानी की मम्मी-हाँ, पर आपकी जैसी मुखिया तो चाहिए

ब चाची-क्या कहा

रानी की मम्मी-आप अपनी फॅमिली की मुखिया है ना

ब चाची-आप ग़लत समझ रही है. हम तो फॅमिली के मुखिया को मुखिया बना रहे .अवी है हमारे फॅमिली का मुखिया

रानी की मम्मी-पर वो तो छोटा है.

सी चाची-तो क्या हुआ हम है ना

रानी की मम्मी-मतलब आप क्या क्या संभालती है.

ब चाची-इसी लिए हम साथ मे रहती है. एक मुट्ठी बन कर रहती है.

रानी की मम्मी-मैं आप सब से बहुत प्रभावित हुई हूँ. आप सब की सोच की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है

ब चाची-ये आपका बढ़प्पन है.और आपने तो रानी को जो संस्कार दिए वो हम भी दे नही पाते

रानी की मम्मी-मेरी एक दीदी है ,मैं रानी को उनके जैसी बनाना चाहती हूँ

ब चाची-मैं भी मिलना चाहूँगी. आपकी दीदी से

रानी की मम्मी-वो अब इस दुनिया मे नही है.

सी चाची-सॉरी

रानी की मम्मी-कोई बात नही. आपके बच्चे तो बड़े हो रहे है

ब चाची-हाँ जल्दी इनका बर्तडे आएगा

सी चाची-और आपको आना होगा

रानी की मम्मी-जी ज़रूर. अब तो आना जाना चलता रहेगा

सी चाची-ऐसे नही. आप को आना ही होगा.

रानी की मम्मी-जी ,

ब चाची-मीना उनको जॉब पे भी जाना होता है.

रानी की मम्मी-फॅमिली के लिए टाइम निकालना पड़ता है

ब चाची-ये सही कहा.

रानी की मम्मी-आप आराम कीजिए मैं देखती हूँ किचन मे क्या चल रहा है.

ब चाची-मैं तो थोड़ी देर लेट लेती हूँ .

रानी की मम्मी-आप आराम कीजिए

बड़ी चाची थोड़ी देर के लिए सो गयी.
 
चॅप्टर 928आ

रानी कविता और लीना के पास आ गयी.

रानी-तुम दोनो यहाँ बैठने आई हो.

कविता-तो क्या करे दीदी कोई कुछ काम बता नही रहा.

रानी-मैं एक काम दूँगी तो करोगी.

लीना-हम तो वैसे भी बोर हो रहे है.बताइए हमे क्या करना है

रानी-आज मेरा बर्तडे है पर तुम्हें बर्तडे जैसा कुछ लग रहा है.

कविता-नही.

रानी-तो हमे क्या करना चाहिए

कविता-घर को सजाना चाहिए

रानी-तो ये काम तुम करो

लीना-चलो कविता समान लाते है

रानी-मैं ने सब चीज़े खरीदी है तुम्हें सिर्फ़ हॉल को सजाना है.

और रानी ने बर्तडे का सामान कविता लीना को दिया.

कविता-दीदी आप हमारा कमाल देखना कैसे हॉल को सजाते है कि सब देखते रह जाएँगे

रानी-मुझे निराश मत करना. तुम्हें सब से इम्पोर्टेंट काम दिया है.

कविता-आप बेफिकर रहिए

कोमल-रानी कहाँ हो , ,यहाँ क्या कर रही हो चलो मेरे साथ लड्डू बनाने है

रानी-हाँ ,आ रही हूँ. कविता को उनका काम बता रही थी.

कविता-दीदी आप अपनी फ्रेंड को बुला लीजिए

रानी-नही ये दावत सिर्फ़ हमारे लिए है

कोमल-रानी कविता ठीक कह रही है. कुछ सहेलियो को बुलाते , केक काटने के बाद वो चली जाएगी और हम दावत शुरू करेंगे

रानी-आइडिया तो अच्छा है. मैं मम्मी से पूछती हूँ

कोमल-मैं पूछ लूँगी .मुझे मना नही करेंगी. और पड़ोस के छोटे बच्चो को बुलाते है.

ये कोमल तो स्मार्ट हो गयी.

रानी-मेरे साथ रह कर स्मार्ट हो रही है.तुम हॉल को सज़ा दो ,चलो कोमल

कविता लीना को उनका मनपसंदीदा काम मिल गया.

वो दोनो हॉल को सजाने मे लग गयी.

रानी ने अपने कॉलेज की कुछ सहेलियो को बुलाया. आरती को भी कॉल किया पर वो कहाँ आने वाली थी.

लड्डू बनाते हुए कोमल और रानी सहेलियो को कॉल भी कर रही थी.

नेहा बुआ-नीता रानी की मम्मी कितनी अच्छी है.

नीता बुआ-हाँ ,उनके साथ रह कर कोमल मे कितना बदलाव आया है

नेहा बुआ-हाँ, कोमल पहले से ज़्यादा स्मार्ट हो गयी है. कितने मन लगा कर काम कर रही है.

नीता बुआ-देखना नेहा. रानी के साथ रह कर कोमल और निखर जाएगी

नेहा बुआ-मैं तो रानी को बेटी की तरह प्यार करने लगी हूँ. कोमल भी रानी को बहन की तरह ट्रीट करती है.

नीता बुआ-कोमल के लिए अच्छा है ना कि उसे रानी जैसी सहेली मिली है.

नेहा बुआ-कोमल रानी के साथ रह कर कितनी खुश रहती है .मैं ने तो कोमल को पूरी आज़ादी दी है .वो तो वीकॅंड पे रानी के साथ रहती है.

नीता बुआ-कविता और लीना भी रानी से काफ़ी प्रभावित है. रानी मेरी बेटी होती तो कितना अच्छा होता.

नेहा बुआ-तेरी क्यूँ .मेरी बेटी होती तो अच्छा होता

नीता बुआ-मैं छोटी हूँ ना

नेहा बुआ-तो क्या हुआ,

नीता बुआ-तुझे पहले 2 बेटियाँ है. और राजेश तो मुझसे ज़्यादा अपनी मौसी को मतलब तुझे प्यार करता है.

नेहा बुआ-तो क्या हुआ मैं सबको अपने बच्चे मानती हूँ. सब मेरे लिए एक जैसे है

नीता बुआ-और अवी

मेरा नाम सुनते ही नेहा बुआ चुप हो गयी.

नीता बुआ-नेहा ये कब तक चलेगा.

नेहा बुआ-मैं क्या करूँ. मुझे कुछ समझमे नही आता

नीता बुआ-अवी शालिनी भाभी का बेटा है. ये तो मत भूल ,उसे नफ़रत करने की जगह तेरा प्यार चाहिए

नेहा बुआ-मैं अवी को प्यार करना चाहती हूँ .पर जैसे उसको देखती हूँ तो भैया का चेहरा सामने आता है.और पुरानी बातें मेरी आँख के सामने आ जाती है.

नीता बुआ-तू खुद से कब तक लड़ती रहेगी. नफ़रत और प्यार के बीच मे पिस जाएगी

नेहा बुआ-इसी लिए तो अवी से दूर रहती हूँ.

नीता बुआ-जाने दे ,बातों बातों मे पुरानी बात याद आ जाएगी और रानी का बर्तडे खराब हो जाएगा.

नेहा बुआ-तुम सही कह रही हो. वैसे रानी की मम्मी है कहाँ दिखाई नही दे रही है.

नीता बुआ-मीना के साथ है.

नेहा बुआ-उनको तो हमारे नाम पहले से पता थे

नीता बुआ-रानी और कोमल ने बताया होगा. और मेले के फोटो जो रानी के पास है उस से भी पता चला होगा.

नेहा बुआ-पर कुछ भी हो ,रानी की मम्मी से मिलके ऐसा लगा ही नही कि हम पहली बार मिले हो

नीता बुआ-नेहा डार्लिंग ,टूर को जाते हुए मिली थी ना

नेहा बुआ-नीता मेरे कहने का मतलब था कि कितने जल्दी एक दूसरे से फ्रीली बात करने लगे थे

नीता बुआ-वो तो है. जैसे रानी हमारी फॅमिली का हिस्सा बन गयी वैसे उसकी मम्मी बन जाएगी.

रानी की मम्मी-पर्सनल बातें हो रही है .

नेहा बुआ-हम तो आपके बारे मे बात कर रहे थे

रानी की मम्मी-मेरे बारे मे, सबको क्या हो गया जो मेरे बारे मे बात कर रहे है.

नीता बुआ-आप ने और रानी ने जो खूबिया है हम उसकी बात कर रहे थे

रानी की मम्मी-ऐसा कुछ नही. रानी के लिए जो आपका प्यार है ये वो बोल रहा है. वैसे रानी ने मुझे बताया कि नेहा जी ने उनको मेले मे बेटी जैसा प्यार दिया

नेहा बुआ-रानी इतनी प्यारी है कि मेरा प्यार कम पड़ रहा था

रानी की मम्मी-पर रानी तो कह रही थी कि आप मुझसे भी अच्छी है

नेहा बुआ-ये बच्चे तो कुछ भी बोलते है.

रानी की मम्मी-लेकिन इसके वजह से मुझे एक बहन मिल गयी.

नेहा बुआ-रानी मेरी बेटी है तो आप मेरी बहन हो गयी.

नीता बुआ-और मैं

रानी की मम्मी-तुम भी. सॉरी आप कहना चाहिए था

नीता बुआ-तुम कहने से अपना सा लगता है. मुझे चल जाएगा.वैसे बाकी मेहमान दिख नही रहे

रानी की मम्मी-आप ही मेहमान है

नीता बुआ-रानी के दादा दादी ,वो नही आएँगे

रानी की मम्मी-अब आपको क्या बताऊ ,बहुत लंबी कहानी है.

नेहा बुआ-शॉर्ट मे बता दीजिए

रानी की मम्मी-सब ने हमसे रिस्ता तोड़ दिया. रानी के पापा दूसरे कास्ट के थे, और ग़रीब थे

नीता बुआ-अब ये कास्ट का चक्कर के बारे मे क्या सोचना, मुझसे बात करवाना मैं सम्झाउन्गी उनको

रानी की मम्मी-वो नही मानेगे ,

नेहा बुआ-वो नही आए तो क्या हुआ हम है ना .

रानी की मम्मी-आपके फॅमिली के साथ रहने से रानी को उनकी कमियाँ महसूस नही होती.

नीता बुआ-रानी को तो हम अपना मानते है उसके खुशी के लिए कुछ भी कर सकते है

रानी की मम्मी-आपने इतना कहा यही काफ़ी है.

नेहा बुआ-वैसे आप ने खुद को अच्छे से मेन्टेन किया है

रानी की मम्मी-बच्चों के शादी के दिन आ रहे है और मैं क्या मेन्टेन करूँगी

नीता बुआ-सच ,आप को देख के लगता नही कि रानी जितनी बड़ी बेटी की माँ होंगी

रानी की मम्मी- कुछ भी

नेहा बुआ-आप सच मे खूबसूरत है.

रानी की मम्मी-इस खूबसूरती की वजह से तो लाखों प्राब्लम आती है

नीता बुआ-समझ सकती हूँ .अकेली औरत को जमाना किस नज़रिए से देखता है .एक औरत अच्छे से जान सकती है.

रानी की मम्मी-क्या बताऊ ,जवानी मे खूबसूरती की तारीफ सुनना अच्छा लगता है. पर अकेले हो जाने पर खूबसूरती काँटे बन जाती है.

नेहा बुआ-फिर भी आपने जो हिम्मत दिखाई वो कबीले तारीफ है

रानी की मम्मी-रानी के लिए मैं ने अपनी हिम्मत नही खोई.

नीता बुआ-रानी भी हिम्मत वाली लड़की है

रानी की मम्मी-उसे वैसा बनाया मैं ने.वैसे कोमल के पापा कब आने वाले है

नेहा बुआ-जल्दी आएँगे. स्वेता की शादी है ना अगले साल तब तक आ जाएँगे

रानी की मम्मी-स्वेता की शादी जल्दी नही हो रही

नीता बुआ-सीतल की शादी जल्दी हो रही है. पर लड़के अच्छे है. उनको प्यार करते है .वो उनके साथ खुश रहेंगी. इस से ज़्यादा क्या चाहिए

रानी की मम्मी-कब रखी है शादी

नेहा बुआ-अगले साल ,

रानी की मम्मी-फिर तो मैं भी आउन्गि. देख लूँगी शादी मे क्या लगता है .रानी के शादी मे काम आ जाएगा

नीता बुआ-रानी की शादी.

रानी की मम्मी-उसकी शादी का सोचना होगा.और पैसे जमा करके रखने होगे .लाइफ का क्या है कब साथ छोड़ दे

नेहा बुआ-आप तो 100 साल जियेंगी.

रानी की मम्मी-मुझे तो रानी की शादी तक जीने को मिला उतना काफ़ी है.

नीता बुआ-आप ऐसी क्यूँ बोल रही है.

रानी की मम्मी-एज बढ़ती है तो बीमारी लग जाती है ,रानी के पापा भी तो ऐसे अचानक हार्ट अटॅक आया था

नेहा बुआ-आप बेफिकर रहिए आपको कुछ नही होगा. अगर कुछ हुआ तो मैं आपको प्रॉमिस करती हूँ कि रानी का कन्यदान मैं करूँगी. रानी की शादी मैं करवाउन्गी. ये मेरा वादा है.

नीता बुआ-नेहा ने कहा ना. अब आप ऐसे नेगेटिव बातें निकाल लीजिए अपने दिमाग़ से

नेहा बुआ की बात सुनते आंटी उनके गले लग गयी.

रानी की मम्मी-आप ने रानी के बारे मे जो सोचा उसका सुक्रिया मैं कैसे अदा करू

नीता बुआ-एक स्माइल दे कर

नेहा बुआ-आप रानी की ज़्यादा टेन्षन मत लीजिए ,ये मत सोचिए कि आप अकेली है. हम सब रानी की फॅमिली है. रानी जितनी आपकी बेटी है उतनी मेरी भी है. हम मिलके रानी की शादी करवाएँगे

रानी की मम्मी-रानी की किस्मत भगवान ने अपने हाथो से लिखी होगी.

नीता बुआ-रानी जैसी लड़की ढूँढने से नही मिलेगी

नेहा बुआ-चलिए रोटियाँ बना लेते है फिर काम ख़तम हो जाएगा

रानी की मम्मी-साथ मे बनाते है

नीता बुआ-साथी हाथ बँटाना साथी रे
 
Back
Top