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StoryPublisher
Guest
अपडेट 930ए
कविता और लीना मेरे लिए डेट ढूँढ लेती.
उनकी पसंद एक से बढ़ कर एक थी.
उनके साथ डेटिंग करने से मेडिसिन वाला पहचान का हो गया .क्यूँ कि कॉंडम जो इतने खरीदने पड़ रहे थे.
कभी सिनिमा हॉल मे मस्ती करता तो कभी पार्क मे तो कभी घर2 पे
साथ ही मैं पढ़ाई भी कर रहा था.
इस साल मैं ने ज़्यादा क्लास मिस नही किए.
लाइब्रेरी मे भी जाने लगा था.
कोमल के साथ रोज शाम मे पढ़ाई करने तो जाता ही था.
पढ़ाई के साथ मस्ती चल रही थी.
मेरे जूनियर तो थे ही ,मैं उनके साथ हसी मज़ाक कर लेता.
जूनियर हमारे ग्रूप मे जाय्न होके खुश थे.और मैं उनके साथ छेड़छाड़ करके खुश था.
उनके लिए मैं सिंगल था ,जिसका मैं पूरा फ़ायदा उठा रहा था
इसी बीच एक वीकॅंड पर राजेश आ गया.
राजेश तो अगस्त मे आने वाला था पर कुछ काम की वजह से आ नही पाया.
राजेश फिर से गाँव आकर खुश था. राजेश सिर्फ़ 2 दिन के लिए आया था.
नीता बुआ औरनेहा बुआ तो राजेश का साथ नही छोड़ रही थी
राजेश इस बार हम सबको अपने कॉलेज ले जाने आया था.
राजेश के टॉप करने से उसके कॉलेज मे एक फंक्षन रखा था.
साथ मे कुछ अलग फंक्षन भी थे जिसके लिए राजेश हमे ले जाने आया था.
राजेश के लिए फंक्षन रखा है ये सुन कर नीता बुआ का सर उचा हो गया.
नेहा बुआ और नीता बुआ तो एक झटके मे तैयार हो गयी राजेश के कॉलेज मे जाने को
राजेश के लिए फंक्षन हो और कविता लीना ना जाए ये हो नही सकता.
कविता लीना को तो जाना ही था फिर तो राज ने भी ज़िद किया.
प्राब्लम मेरा था.
राजेश मुझे साथ लेकर जाएगा ही. उसने मेरे साथ कॉलेज की लड़कियो के साथ मस्ती जो करनी थी.
छोटी चाची को मैं ने बताया कि राजेश मुझे कॉलेज क्यूँ ले जा रहा है.
छोटी चाची ने तो अपने तरीके से बड़ी चाची को मना लिया
बाकी सब तो एक दिन के लिए जा रहे थे पर मुझे वहाँ कुछ दिन रुकना था.
मैं क्यूँ रुक रहा हूँ ये सवाल पैदा होते ही मैं ने नीता बुआ को कोपचे मे लिया ,और बताया कि अगर मैं कुछ दिन राजेश के साथ रहूँगा तो पता लागासकता हूँ कि राजेश क्या करता है कॉलेज मे
मेरी बात सुनते ही नीता बुआ ने मुझे कुछ दिन राजेश के साथ रहने की इजाज़त दी.
बड़ी चाची को ये देख कर अच्छा लगा कि राजेश मुझे कितना मानता है.
और हम राजेश के कॉलेज के लिए निकल गये
जिस दिन राजेश का फंक्षन था हम उसी दिन सुबह कॉलेज मे पहोच गये
कॉलेज मे आते ही टीचर और प्रिन्सिपल के मूह से राजेश की तारीफ सुनकर बुआ खुश हो गयी.
फंक्षन शुरू होते ही बुआ राजेश के क़िस्से सुनकर राजेश की पीठ थप थपाने लगी.
प्रिन्सिपल ने राजेश को ट्रोपी दी .और बुआ का भी स्टेज पे बुला के सत्कार किया.
फंक्षन के बाद हमारे लिए खाने का प्रोग्राम भी रखा था.
पूरे दिन बुआ राजेश की वजह से अपना सर उचा करके चल रही थी.
फंक्षन शाम तक ख़तम हुआ और हम ने बुआ को घर की बस मे बिठा दिया.
कोमल पूछ रही थी कि वो कॉलेज कैसे जाएँगी .तो मैं ने इसका हल भी बता दिया
बाकी सब चले गये. मैं राजेश के कॉलेज मे रुक गया.
राजेश को यही तो चाहिए था.
बुआ के जाते ही मैं राजेश के साथ उसके कमरे मे जाने की बजाय राजेश मुझे प्रिंसीपल मेडम के घर मे ले गया.
राजेश ने पूरी तैयारी करके रखी थी.
प्रिन्सिपल मेडम और उनकी बेटी की हम ने रात भर चुदाई की
राजेश पे इनवेस्ट करने का अब फ़ायदा हो रहा था.
मिसेज़ दुबे मिसेज़ पंवार और रिया को राजेश के साथ शेर करने से अब राजेश अपनी सेट्टिंग मेरे साथ शेर कर रहा था.
जिनको कोई प्राब्लम नही था उनके साथ राजेश और मैं मस्ती कर रहे थे.
शुरुआत तो प्रिन्सिपल से हुई पता नही एंड किस के साथ होगा.
प्रिन्सिपल मेडम इस एज मे 2 दमदार लंड लेकर पूरे जोश के साथ हमारा साथ दे रही.
प्रिन्सिपल मेडम की बेटी भी कुछ कम नही थी. राजेश की चाय्स कमाल की थी.
अब तो राजेश के कॉलेज मे मज़ा आ जाएगा.
मैं उस लड़की से भी मिला जिसने मुझे राजेश के बारे मे बताया था. मिसेज़ वर्मा की स्टूडेंट
उसको ज़्यादा भाव नही दिया क्यूँ कि उसकी तो मैं पहले ही ले चुका था
राजेश ने मुझे अपनी गर्लफ्रेंड से मिलाया.
राजेश ने कहा कि वो इसी के साथ शादी करेगा.
राजेश की गर्लफ्रेंड के साथ फॅमिली मेंबर की तरह मिला.
राजेशको कहा कि बुआ से क्यूँ नही मिलाया .राजेश की माँ से अभी मिलने को राजेश की गर्लफ्रेंड ने मना किया था.
मैं जितने दिन राजेश की कॉलेज मे रहा उतनी रात हम ने पार्टी की
ऐसी पार्टी की सुबह देर से नींद खुल जाती.
राजेश थोड़ी देर के लिए अपने क्लास मे जाता तब मैं चाची को कॉल कर देता और थोड़ी पढ़ाइकर लेता.
ये मेरे लिए एक टूर जैसा था.
राजेश ने मेरा पूरा ध्यान रखा था.
राजेश के साथ कुछ दिन मज़े मे बिता कर मैं अपने गाँव वापस आ गया.
अपने गाँव की हवा अलग है. गाँव आते ही सुकून मिलता है.
कविता और लीना मेरे लिए डेट ढूँढ लेती.
उनकी पसंद एक से बढ़ कर एक थी.
उनके साथ डेटिंग करने से मेडिसिन वाला पहचान का हो गया .क्यूँ कि कॉंडम जो इतने खरीदने पड़ रहे थे.
कभी सिनिमा हॉल मे मस्ती करता तो कभी पार्क मे तो कभी घर2 पे
साथ ही मैं पढ़ाई भी कर रहा था.
इस साल मैं ने ज़्यादा क्लास मिस नही किए.
लाइब्रेरी मे भी जाने लगा था.
कोमल के साथ रोज शाम मे पढ़ाई करने तो जाता ही था.
पढ़ाई के साथ मस्ती चल रही थी.
मेरे जूनियर तो थे ही ,मैं उनके साथ हसी मज़ाक कर लेता.
जूनियर हमारे ग्रूप मे जाय्न होके खुश थे.और मैं उनके साथ छेड़छाड़ करके खुश था.
उनके लिए मैं सिंगल था ,जिसका मैं पूरा फ़ायदा उठा रहा था
इसी बीच एक वीकॅंड पर राजेश आ गया.
राजेश तो अगस्त मे आने वाला था पर कुछ काम की वजह से आ नही पाया.
राजेश फिर से गाँव आकर खुश था. राजेश सिर्फ़ 2 दिन के लिए आया था.
नीता बुआ औरनेहा बुआ तो राजेश का साथ नही छोड़ रही थी
राजेश इस बार हम सबको अपने कॉलेज ले जाने आया था.
राजेश के टॉप करने से उसके कॉलेज मे एक फंक्षन रखा था.
साथ मे कुछ अलग फंक्षन भी थे जिसके लिए राजेश हमे ले जाने आया था.
राजेश के लिए फंक्षन रखा है ये सुन कर नीता बुआ का सर उचा हो गया.
नेहा बुआ और नीता बुआ तो एक झटके मे तैयार हो गयी राजेश के कॉलेज मे जाने को
राजेश के लिए फंक्षन हो और कविता लीना ना जाए ये हो नही सकता.
कविता लीना को तो जाना ही था फिर तो राज ने भी ज़िद किया.
प्राब्लम मेरा था.
राजेश मुझे साथ लेकर जाएगा ही. उसने मेरे साथ कॉलेज की लड़कियो के साथ मस्ती जो करनी थी.
छोटी चाची को मैं ने बताया कि राजेश मुझे कॉलेज क्यूँ ले जा रहा है.
छोटी चाची ने तो अपने तरीके से बड़ी चाची को मना लिया
बाकी सब तो एक दिन के लिए जा रहे थे पर मुझे वहाँ कुछ दिन रुकना था.
मैं क्यूँ रुक रहा हूँ ये सवाल पैदा होते ही मैं ने नीता बुआ को कोपचे मे लिया ,और बताया कि अगर मैं कुछ दिन राजेश के साथ रहूँगा तो पता लागासकता हूँ कि राजेश क्या करता है कॉलेज मे
मेरी बात सुनते ही नीता बुआ ने मुझे कुछ दिन राजेश के साथ रहने की इजाज़त दी.
बड़ी चाची को ये देख कर अच्छा लगा कि राजेश मुझे कितना मानता है.
और हम राजेश के कॉलेज के लिए निकल गये
जिस दिन राजेश का फंक्षन था हम उसी दिन सुबह कॉलेज मे पहोच गये
कॉलेज मे आते ही टीचर और प्रिन्सिपल के मूह से राजेश की तारीफ सुनकर बुआ खुश हो गयी.
फंक्षन शुरू होते ही बुआ राजेश के क़िस्से सुनकर राजेश की पीठ थप थपाने लगी.
प्रिन्सिपल ने राजेश को ट्रोपी दी .और बुआ का भी स्टेज पे बुला के सत्कार किया.
फंक्षन के बाद हमारे लिए खाने का प्रोग्राम भी रखा था.
पूरे दिन बुआ राजेश की वजह से अपना सर उचा करके चल रही थी.
फंक्षन शाम तक ख़तम हुआ और हम ने बुआ को घर की बस मे बिठा दिया.
कोमल पूछ रही थी कि वो कॉलेज कैसे जाएँगी .तो मैं ने इसका हल भी बता दिया
बाकी सब चले गये. मैं राजेश के कॉलेज मे रुक गया.
राजेश को यही तो चाहिए था.
बुआ के जाते ही मैं राजेश के साथ उसके कमरे मे जाने की बजाय राजेश मुझे प्रिंसीपल मेडम के घर मे ले गया.
राजेश ने पूरी तैयारी करके रखी थी.
प्रिन्सिपल मेडम और उनकी बेटी की हम ने रात भर चुदाई की
राजेश पे इनवेस्ट करने का अब फ़ायदा हो रहा था.
मिसेज़ दुबे मिसेज़ पंवार और रिया को राजेश के साथ शेर करने से अब राजेश अपनी सेट्टिंग मेरे साथ शेर कर रहा था.
जिनको कोई प्राब्लम नही था उनके साथ राजेश और मैं मस्ती कर रहे थे.
शुरुआत तो प्रिन्सिपल से हुई पता नही एंड किस के साथ होगा.
प्रिन्सिपल मेडम इस एज मे 2 दमदार लंड लेकर पूरे जोश के साथ हमारा साथ दे रही.
प्रिन्सिपल मेडम की बेटी भी कुछ कम नही थी. राजेश की चाय्स कमाल की थी.
अब तो राजेश के कॉलेज मे मज़ा आ जाएगा.
मैं उस लड़की से भी मिला जिसने मुझे राजेश के बारे मे बताया था. मिसेज़ वर्मा की स्टूडेंट
उसको ज़्यादा भाव नही दिया क्यूँ कि उसकी तो मैं पहले ही ले चुका था
राजेश ने मुझे अपनी गर्लफ्रेंड से मिलाया.
राजेश ने कहा कि वो इसी के साथ शादी करेगा.
राजेश की गर्लफ्रेंड के साथ फॅमिली मेंबर की तरह मिला.
राजेशको कहा कि बुआ से क्यूँ नही मिलाया .राजेश की माँ से अभी मिलने को राजेश की गर्लफ्रेंड ने मना किया था.
मैं जितने दिन राजेश की कॉलेज मे रहा उतनी रात हम ने पार्टी की
ऐसी पार्टी की सुबह देर से नींद खुल जाती.
राजेश थोड़ी देर के लिए अपने क्लास मे जाता तब मैं चाची को कॉल कर देता और थोड़ी पढ़ाइकर लेता.
ये मेरे लिए एक टूर जैसा था.
राजेश ने मेरा पूरा ध्यान रखा था.
राजेश के साथ कुछ दिन मज़े मे बिता कर मैं अपने गाँव वापस आ गया.
अपने गाँव की हवा अलग है. गाँव आते ही सुकून मिलता है.