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मैं और मेरा परिवार

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आज दीवाली है. घर मे दीवाली की तय्यारी सुरू हो गयी.

सुबा पूजा करने के बाद हम सब अपने अपने काम मे लग गये.अब इंतज़ार था रात का जब हम दीवाली मना सकें.

दोपहर मे मंगला काकी बच्चो की मालिश करने आ गयी.

छोटी चाची ने मंगला काकी को मेरे बारे मे पूछा. मंगला काकी ने मेरी मालिश करने से मना किया.

पर छोटी चाची के कहने पर मंगला काकी मान गयी पर 3 दिन के बाद करने के लिए तय्यार हो गयी.

मंगला काकी बच्चों की मालिश करके चली गयी.साथ मे रति भी चली गयी.

दीवाली के वजसे रति अपने माँ के साथ चली गयी.

रात मे हम सब भाई बहन ने मिलकर दीवाली मनाई. कविता और लीना इस दीवाली मे सब से ज़्यादा खुश थी.

कविता और लीना मेरे साथ रह कर दीवाली को एंजाय कर रही. जब भी दोनो को मोका मिलता तब वो मेरे लंड को हाथ मे पकड़ कर दबा देती

सब घर के बाहर दीवाली मना रहे थे और कविता और लीना ने मुझे घर के अंदर बुला लिया.

पहले लीना गेट के पास खड़ी होकर नज़र रख रही थी और कविता मेरे साथ किस करने लगी. फिर कविता नज़र रखने लगी और लीना मेरे साथ किस करने लगी.

मुझे भी ऐसे रिस्क लेकर किस करने मे मज़ा आ रहा था.

पहला दिन ऐसे ही मस्ती करने मे चला गया.

दीवाली का दूसरे दिन तो कविता और लीना ने हद कर दी.

रात मे सभी बैठे कर का बाते कर रहे थे . कविता और लीना मुझे अपने साथ छत पर ले गयी.

और कल की तरह पहले लीना सीडियो के पास खड़ी होकर नज़र रख रही थी और कविता मेरे लंड को चूस ने लगी.

ये तो कुछ ज़्यादा ही हो रहा है.पर दोनो को रोक पाना मुश्किल था.

थोड़ी देर बाद कविता लीना की जगह पर चली गयी और लीना कविता की तरह मेरे लंड को चूसने लगी.

मैं सोचने लगा कि दोनो मे सेक्स की प्यास बढ़ रही है. इस लिए मैं ने उनको मज़ा करने दिया.

फिर कविता और लीना एक साथ मेरे लंड के सामने बैठ गयी. पहले मैं लीना के मूह मे पिचकारी मारी फिर कविता के मूह मे अपना वीर्य डाल दिया.

दोनो ने मेरा वीर्य पी लिया.

लीना-भैया हमे आपका लंड रोज चूसने दोगे ना

कविता-हाँ भैया हमे आपका लंड चूसने मे मज़ा आता है

अवी-सिर्फ़ दीवाली तक चूसने दूँगा उसके बाद तुम दोनो को पढ़ाई करनी होगी.

कविता और लीना मेरी बात सुनकर खुश हो गयी.चलो अच्छा हुआ जो जल्दी मान गयी.

फिर नेक्स्ट दिन भी कविता और लीना ने मेरा रस पी लिया.

दीवाली के 3 दिन जो सबसे ज़्यादा खास होते है ,उस 3 दिन मे मैं ने कविता और लीना को पूरा खुश कर दिया. स्वेता दीदी ,सीतल दीदी और कोमल भी मेरे साथ मस्ती कर रही थी.

राज तो अपने दोस्तो के साथ दीवाली मे पटाखे फोड़ रहा था. राजेश ज़्यादा तर मोबाइल पर बाते करते हुए दीवाली मना रहा था.

3 दिन के बाद राजेश वापस चला गया. जिस से जब भी नीता बुआ घर से बाहर जाती तो लीना और कविता को मेरे साथ मज़ा करने को मिलता.

आज मंगला काकी मेरी मालिश करने वाली थी. वैसे मुझे मालिश की ज़रूरत नही थी पर छोटी चाची के आगे किसी की चलती है.

सी चाची-अवी आज मंगला काकी तुम्हारी मालिश करने वाली है

अवी-पता है मुझे

सी चाची-अच्छे से मालिश करवा लेना

अवी-वो तो करनी पड़ेगी. वैसे मेरी मालिश कहाँ होने वाली है

सी चाची-तुम्हारे कमरे मे

अवी-ये तो मेरे लिए अच्छा होगा

सी चाची-इस लिए तो तुम्हारे कमरे मे करने को कहा है

अवी-बड़ी चाची ?

सी चाची-दीदी को मैं ने बता दिया है कि अवी को मालिश की ज़रूरत है .तुम्हारा नाम सुनते ही दीदी ने हाँ कर दी है

अवी-रति ,उसको पता चला तो

सी चाची-मैं रति को काम करने मे बिज़ी रखूँगी .

अवी-फिर तो आज ही करना पड़ेगा

सी चाची-जल्द बाज़ी मे गड़बड़ मत करना

अवी-कोई गड़बड़ नही करूँगा

सी चाची-ठीक है. मैं मंगला काकी को दोपेहर मे तुम्हारे कमरे मे भेज दूँगी

 
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दोपहर मे बड़ी चाची और सीमा चाची को सोने की आदत है. छोटी चाची कभी कभी दोपेहर मे सोती है

मंगला काकी बच्चो की मालिश करने के बाद घर चली गयी.

फिर दोपेहर मे मंगला काकी मेरी मालिश करने के लिए आ गयी.

छोटी चाची ने मंगला काकी को मेरे कमरे मे तेल लेकर भेज दिया. और खुद रति के साथ अपने कमरे मे बैठ कर बाते करनी लगी..

बड़ी चाची और सीमा चाची बच्चो को दूध पिलाकर सो गयी.चाचा अपने दोस्त को मिलने चले गये

मंगला काकी कमरे मे आ गयी.

अवी-काकी आप इतनी जल्दी आ गयी

मंगला काकी-हाँ वो शाम को दुकान पर बैठेना पड़ता है.तो सोचा दोपेहर मे तुम्हारी मालिश कर देती हू.पर तुम्हे देख कर लगता है कि तुम्हे मालिश की ज़रूरत नही है

अवी-सही कहा मुझे मालिश की ज़रूरत नही है पर चाची ने कहा कि मालिश करने से थकान दूर हो जाती है.

मंगला काकी-ये तो सही कहा तुम्हारी चाची ने.मालिश करने से तुम्हारी थकान तो दूर हो जाएगी और तुम्हे अच्छा भी लगेगा.

मंगला काकी-तुम बेड पर लेट जाओ मैं तुम्हारी मालिश सुरू कर देती हू

अवी-मैं बेड पर लेट गया

मंगला काकी-पहले अपने कपड़े तो निकाल लो

मैं ने टीशर्ट निकाल दी .अब मैं सिर्फ़ बरमूडा पहन कर बेड पर लेट गया.

मंगला काकी-पहले मैं तुम्हारी पीठ की मालिश करती हू फिर आगे से करूँगी.

अवी-जैसा आप ठीक समझे वैसा कीजिए

मंगला काकी ने अपनी साड़ी निकाल दी और पेटिकोट और ब्लाउस मे होकर मेरी मालिश करनी सुरू की

मंगला काकी ने मेरे पीठ पर तेल डाल कर मालिश करनी सुरू की. काकी ने मालिश सुरू करते ही पहले 2 3 हड्डिया टूटने की आवाज़ आ गयी. जिस से मुझे हल्का सा लगने लगा.

पीठ की मालिश करने के बाद काकी ने पैरो की मालिश सुरू की. काकी घुटने तक मेरे पैरो की मालिश कर रही थी.

काकी ने पहले भी एक बार मेरी मालिश की थी जिस से काकी आराम से मेरी मालिश करने लगी.

मंगला काकी-अब पीठ के बल लेट जाओ.अब आगे से मालिश करती हू

अवी-मैं सीधा लेट गया.

काकी ने पहले मेरे पैरो की मालिश करनी सुरू की. काकी ने बरमूडा उपर नही किया सिर्फ़ घुटने तक मालिश करती गयी.

फिर काकी मेरे पैरो के बीच आकर मेरी चेस्ट पर तेल डाल कर मालिश करने लगी.

काकी को हाथ मेरे शरीर पर तेल की वजह से फिसल रहा था.काकी की मालिश करने से मेरा लंड हो गया था पर काकी तो अपने काम कर रही थी. उसका ध्यान लंड पर नही गया.

अगर ऐसा ही चलता रहा तो काकी के साथ मज़ा कैसे कर पाउन्गा

काकी ने तेल की कटोरी हाथो मे ले ली. तभी मैं ने काकी को थोड़ा धक्का दिया. जिस से तेल मंगला काकी हाथो से गिर गया. और मेरे बरमूडे पर गिर गया.

काकी ने कटोरी को टेबल पर रख दिया और बरमूडे को साफ करने लगी.एक दो बार काकी का हाथ मेरे लंड पर लगा पर काकी ने उस पर ध्यान नही दिया.

अवी-काकी आपने ये क्या किया ,कपड़े खराब कर दिए

मंगला काकी-वो ग़लती से तेल गिर गया

अवी-ऐसे कैसे गिर गया

मंगला काकी-शायद बेड पर मालिश करने से ऐसा हुआ. मैं ने आजतक कभी किसी की बेड पर मालिश नही की. मैं तो ज़मीन पर करती हू.

अवी-आपने पहले कहा होता तो मैं नीचे ज़मीन पर लेट जाता

मंगला काकी-तुम्हारी चाची तुम्हे ज़मीन पर सोता देख कर मुझे बुरा भला बोल देती इस लिए मैं ने तुम्हे बेड पर सोने को कहा

अवी-ये तो आपने सही कहा ,पर बेड पर मालिश करते रहेंगे तो मेरे कपड़े खराब होते रहेंगे.

मंगला काकी-कल मैं ध्यान रखूँगी

अवी-क्या आपको बेड पर मालिश करना नही आता

मंगला काकी-बेड तो हिलता है.और सीधा नही होता. गद्दे पर तुम्हारा शरीर उपर नीचे होता है. इस लिए बेड पर मालिश नही कर सकती

अवी-लेकिन पिछली बार तो आपने बेड पर ही मालिश की थी

मंगला काकी-तब भी अच्छी मालिश नही कर पाई थी

अवी-फिर तो ज़मीन पर ही करना पड़ेगा.

मंगला काकी-हाँ

अवी-लेकिन यहाँ नही कर सकते.तो फिर मैं ऐसा करता हू कि कल से आपके घर आ जाता हू वहाँ आप अच्छे से मालिश कर देना

मंगला काकी-तुम्हारी चाची आने देगी

अवी-उनको मैं बता दूँगा.

मंगला काकी-ठीक है कल से मेरे घर आ जाना. आज की मालिश हो गयी है

अवी-ठीक है,मैं कल दोपेहर आ जाउन्गा.

मंगला काकी ने अपनी साड़ी पहन ली और अपने घर चली गयी.

 


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मंगला काकी चली गयी और छोटी चाची मेरे कमरे मे आ गयी.

जब चाची मेरे कमरे मे आई तो मैं अंडरवेर मे था.

सी चाची-लगता है काम हो गया

अवी-इतनी जलदी कैसे हो सकता है

सी चाची-मैं मालिश की बात कर रही थी

अवी-मालिश हो गयी.

सी चाची-और दूसरा काम

अवी-वो कल से सुरू होगा

सी चाची-मतलब आज कुछ नही किया.

अवी-आप इतना एग्ज़ाइट क्यू हो रही है

सी चाची-क्यू की तुम ने मुझे बुरी आदत लगा दी है

अवी-मैं ने कौन सी बुरी आदत लगाई है

सी चाची-जब भी तुम किसी की चुदाई करके के आते हो तो मुझे बता देते हो

अवी-ऐसा करने को तो आपने बताया था

सी चाची-मैं ने ही तुम्हे बताने को कहा था. पर अब तुम्हारी चुदाई की बाते सुने बिना मुझे नींद नही आती है

अवी-ये कैसी आदत लगा ली आपने

सी चाची-अब लग गयी है. तो मैं क्या कर सकती हू

अवी-अगर मैं ने आपको बताना बंद किया तो

सी चाची-मेरी नींद गायब हो जाएगी

अवी-फिर तो मुझे जल्दी ही आपको काकी के बारे मे बताना होगा

सी चाची-बता क्या किया काकी के साथ.

अवी-मैं ने चाची को बता दिया कि कल से मैं काकी के यहा मालिश कराने जाउन्गा

सी चाची-ये तुम ने अच्छा किया.वहाँ तुम आराम से कर पाओगे. और तुम्हे पता है मैं ने मंगला काकी तो तुम्हारी मालिश करने को क्यू कहा है

अवी-हाँ,मालिश के साथ चुदाई करने के लिए

सी चाची-और वो चुदाई के किससे तू मुझे बताए ताकि मुझे चुदाई की बाते सुनकर मज़ा आए

अवी-मतलब आप मेरे साथ साथ आप भी मज़े लेंगी

सी चाची-हाँ,अब क्या करू तू इतनी अच्छी तरीके से चुदाई के बारे मे बताता है कि मैं सुने बिना नही रह सकती है.

अवी-जब मैं चुदाई के बारे मे नही बताता हू उस दिन आप क्या करती हो

सी चाची-उसके बारे मे तो पूछ ही मत. मैं चुदाई किए बिना रह सकती हू पर अब तेरी चुदाई के बारे मे सुने बिना नही रह सकती.

अवी-फिर तो मुझे रोज आपको चुदाई के बारे मे बताना होगा

सी चाची-इस लिए मंगला काकी की तुम्हारी मालिश करने को कहा है.

अवी-आज से मैं आपको हर दिन की बाते बताउन्गा.और आपके लिए राजशर्मास्टॉरीज की सेक्सी कहानियों की कहानी की बुक लेकर आउन्गा

सी चाची-मैं क्या बच्ची हू जो कहानी की किताब पढ़ूंगी

अवी-उसमे चुदाई की कहानी होती है

सी चाची-सच मे .ऐसी किताब मुझे लाकर देगा

अवी-हाँ

सी चाची ने मुझे गले लगा लिया. तुम मेरा कितना ख़याल रखता है

अवी-चाची आप मेरे साथ कब चुदाई करेगी

सी चाची-जल्द ही

अवी-बड़ी चाची के वजह से आप मेरे साथ नही कर रही है ना

सी चाची-हाँ

अवी-हम शहर जाकर भी तो कर सकते है

सी चाची-वो मुझे पता है पर मैं मज़ा करूँगी और दीदी ऐसे ही बैठी रहेंगी ये मैं सोच भी नही सकती. जब तक दीदी को पता नही चलता तब तक हम नही कर सकते

अवी-ठीक है. तब तक मैं आप को चुदाई के बारे मे बता कर मज़ा दूँगा.

सी चाची-वो तो देते रहना पर ये तेरा लंड खड़ा हो गया उसका क्या करने वाला है

अवी-इसके लिए रति है ना

सी चाची-तू अब रति के साथ करेंगा

अवी-हाँ,आप भेज दो ना रति को

सी चाची-ठीक है पर जल्दी करना

और चाची कमरे से बाहर चली गयी.

 
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छोटी चाची चली गयी .थोड़ी देर बाद रति कमरे मे आ गयी.

रति ने मुझे अंडरवेर मे देखा और खुश हो गयी. पर उसको चाची का डर था.

मैं ने गेट बंद कर दिया.

अवी-ऐसे क्या देख रही हो

रति-ये तुमने गेट क्यू बंद किया

अवी-चुदाई करने के लिए

रति-अभी नही कर सकती

अवी-चाची का टेन्षन मत लो .चाची सो रही है

रति-वो बात नही है

अवी-क्या हुआ करना नही है

रति-करना तो है पर मेरे पीरियड चालू है

अवी-कब से

रति-कल ही चालू हुआ है.

अवी-तो क्या तुम चुदाई नही कर सकती

रति-पीरियड मे चुदाई नही कर सकती

अवी-गंद तो मार सकता हू

रति-वहाँ कर सकते है पर मुझे पीरियड मे मज़ा नही आएगा.

अवी-कब तक रहेंगे

रति-5 6 दिन तो रुकना पड़ेगा

अवी-ठीक है तुम जाओ.जब तुम्हे अच्छा लगेगा तब करेंगे

रति-तुम नाराज़ तो नही हो गये

अवी-अब तुम्हे मज़ा नही आएगा तो चुदाई करके क्या फ़ायदा.

रति-मैं ने तुम्हे कभी रोका है .नही ना .बस थोड़े दिन रुक जाओ

अवी-ठीक है तुम जाकर काम करो

रति चली गयी.

रति के इतनी जल्दी बाहर आने से छोटी चाची को लगा कि कुछ गड़बड़ तो नही हो गयी. चाची मेरे कमरे मे आ गयी

सी चाची-क्या हुआ अवी ये रति इतनी जल्दी बाहर क्यू आ गयी.

अवी-कुछ नही वो रति को करना नही था

सी चाची-क्यू ,उसने वजह बताई

अवी-हाँ,वो कह रही थी कि उसके पीरियड चल रहे है.

सी चाची-तो ये बात है मुझे लगा कि ..

अवी-आपको क्या लगा.

सी चाची-मुझे लगा कि वो मुझसे डर रही है

सी चाची-वैसे अब क्या करेंगो

अवी-करना क्या है बाहर घूम कर आता हू

सी चाची-कहाँ जा रहे हो

अवी-लंड को शांत तो करना पड़ेगा

सी चाची-लीना के पास जा रहे हो

अवी-आपको कैसे पता

सी चाची-ये सवाल तूने कितनी बार पूछा है.ये सवाल पूछना बंद कर .

अवी-नही पूछूँगा .अब मैं लीना से मिलकर आता हू.

मैं नीता बुआ के घर आ गया. नीता बुआ पूजा बुआ के घर गयी हुई थी.घर मे सिर्फ़ लीना और कविता थी.

अवी-कविता तुम हमेशा यही दिखती हो

कविता-आप मेरे घर तो आते नही इस लिए आपके लिए मुझे यहाँ आना पड़ता है

अवी-अब आ गया हूँ ना.

लीना-कविता जा गेट बंद कर दे

कविता गेट बंद करने चली गयी.

फिर लीना और कविता ने लंड चूसना सुरू किया. थोड़ी देर चूसने के बाद मैं ने दोनो को रोक दिया.

अवी-आज चुदाई करते है

लीना-नही कर सकते .माँ कभी भी आ सकती है.

कविता-अब चुदाई करेंगे तो मेरे बर्तडे के दिन.

कविता और लीना फिर लंड चूसने लगी. और दोनो ने मेरा वीर्य पी लिया.

फिर मैं ने भी दोनो की चूत चूस कर उनको मज़ा दिया.

फिर जब तक नीता बुआ नही आई तब तक मैं दोनो को किस करता रहा. बुआ के आने के बाद मैं घर आ गया और चाची को कविता और लीना के बारे मे बता दिया

 


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नेक्स्ट डे

सुबह उठ कर मैं कसरत करने लगा.कसरत करने के बाद बच्चो के साथ खेलने लगा.

फिर थोड़ी देर बाद मंगला काकी आ गयी. और बच्चों की मालिश कर के चली गयी.

मैं अपने सब काम करने के बाद दोपेहर मे मंगला काकी के घर मालिश करने चला गया.

अभी कॉलेज सुरू होने मे 4 दिन बाकी थे .4 दिन मेरे लिए बहोत थे.

मैं मंगला काकी के घर आ गया. और गेट खट्खटाने लगा.

मंगला काकी-कौन है

अवी-मैं हू काकी, अवी

काकी ने गेट खोला और मुझे अंदर ले गयी.

मंगला काकी-तुम तो जल्दी आ गये

अवी-हाँ,घर पे कोई काम नही था तो सोचा आपके पास आ जाउ .ज़्यादा देर तक मालिश हो जाएगी.

मंगला काकी-तुम बैठो मैं बिस्तेर लगाती हू

काकी ने ज़मीन पर बिस्तर लगा लिया.

मंगला काकी-कपड़े निकाल कर इस पे लेट जाओ

मैं ने टीशर्ट निकाल दी और जीन्स पहन कर लेट गया

मंगला काकी-ये क्या .इसे भी निकालो

अवी-ये कैसे निकालूं,मैं ने बरमूडा नही लाया है. वो तो आपने कल खराब कर दिया.

मंगला काकी-अंडरवेर तो पहना है ना

अवी-हाँ

मंगला काकी-तो उसी पर लेट जाओ

मैं ने जीन्स निकाल दिया. और अंडरवेर मे लेट गया.

काकी ने साड़ी निकाल ली. ब्लाउस और पेटिकोट मे होकर मेरी मालिश करने लगी.

काकी ने मेरे पीठ पर तेल डाल दिया और मालिश करने लगी.

मंगला काकी-अवी तुम क्या रोज कसरत करते हो

अवी-हाँ रोज सुबह उठ कर कसरत करता हू

मंगला काकी-इस लिए तुम्हारा शरीर पहलवान जैसा है.

काकी ने पीछे से मालिश कर दी.

मंगला काकी-अब सीधा लेट जाओ

मैं सीधा लेट गया.काकी मेरे पैरो की मालिश करने लगी.

अवी-काकी थोड़ा उपर भी दर्द होता है

मंगला काकी-तुम बस लेटे रहो मैं करती हू

काकी मेरी जाँघो की मालिश करने लगी. काकी के मालिश करने से लंड खड़ा हो गया. अंडरवेर मे तंबू बन गया.

काकी मालिश करते हुए मेरे लंड को देखने लगी.काकी अपना हाथ मेरे लंड के पास ले जाने लगी.

मेरे लंड के झटका देते ही काकी ने हाथ पीछे ले लिया.

मंगला काकी-अवी अब छाती(चेस्ट) की मालिश करूँगी तुम अपनी आँखो को बंद करो

अवी-आँखे क्यू बंद करनी है

मंगला काकी-मैं कह रही हू ना बस करो

मैं समझ गया कि मेरे कुछ करने के पहले काकी मेरे लंड की सवारी करेंगी.

मंगला काकी-तुम ऐसे लेटे रहो मैं तेल लेकर आती हू

मैं ने कटोरी मे देखा .कटोरी मे तेल था फिर भी काकी तेल लेने चली गयी.

थोड़ी देर मे काकी वापस आ गयी. मैं ने अपनी आँखे बंद कर ली.

काकी मेरे लंड पर बैठ गयी. जो कभी मैं ने सोचा नही था.

काकी मेरे चेस्ट की मालिश करने लगी. मालिश करते हुए काकी अपनी गान्ड को मेरे लंड पर रगड़ने लगी.

मैं ने धीरे से अपनी आँखो खोल कर के देखा तो काकी अपनी आँखे बंद किए लंड का मज़ा ले रही थी.

थोड़ी देर काकी ऐसे ही मज़ा लेती रही. शायद काकी का पानी निकल गया था.जिस से काकी ने अपनी आँखे खोल दी. और मैने अपनी आँखे बंद कर ली

काकी ने मालिश करना बंद किया और खड़ी हो गयी.

मंगला काकी-अवी हो गयी मालिश अब कपड़े पहन लो

अवी-(काकी का तो हो गया पर मेरा पानी निकलना अभी बाकी था) मैं खड़ा हो गया

मंगला काकी-कपड़े पहन लो

काकी रसोई घर मे जाने लगी. मैं भी काकी के पीछे पीछे जाकर काकी को पीछे से पकड़ लिया.

मंगला काकी-ये क्या कर रहे हो

मैं लंड को काकी की गंद पर रगड़ने लगा

अवी-काकी ,चाची ने पूछा है कि मेरी मालिश के कितनी पैसे लोगि

मैं ने काकी की चूत को मसलना भी सुरू किया.

मंगला काकी-तुम से पैसे नही चाहिए

और काकी ने अपनी आँखो को बंद कर दिया.

मैं पीछे से धक्के लगाते हुए चूत को मसलने लगा.

मैं अपना पानी यहाँ निकालना नही चाहता था. क्यू कि कविता और लीना मेरा इंतज़ार कर रही थी.

अवी-काकी मैं कल पैसे लेकर आ जाउन्गा.

मैं ने काकी को छोड़ दिया और अपने कपड़े पहन लिए. काकी भी अपनी साड़ी पहन कर आ गयी.

मैं ने काकी की तरफ स्माइल की और घर जाने की बजाय नीता बुआ के घर आ गया.

नीता बुआ सो रही थी.मैं ने कविता और लीना को मेरी क्रीम खिला दी. और दोनो को बता दिया कि कल से ये सब बंद कर रहा हू.

दोनो उदास तो हो गयी पर उनको मेरी बात तो मानी थी.

फिर घर आकर मैं ने चाची को काकी के बारे मे बता दिया.

 


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नेक्स्ट डे

मैं मंगला काकी के घर आ गया.

मेरे आते ही काकी ने दुकान बंद कर दी.और मुझे घर के अंदर ले गयी.

काकी ने बिस्तेर पहले से लगा कर रखा था.

मंगला काकी-अवी कपड़े निकाल कर लेट जाओ मैं तेल कर आती हू

मैं अंडरवेर मे बिस्तेर पर लेट गया.

काकी ब्लाउस और पेटिकोट मे आ गयी. और मेरी पीठ की मालिश करने लगी.

अवी-काकी,आप साड़ी क्यू निकालती हो

मंगला काकी-तेल लगने से खराब ना हो इस लिए.

अवी-फिर तो आपको बाकी कपड़े भी निकालने चाहिए .वो भी तो खराब हो जाएँगे.

मंगला काकी-तू बेशरम हो गया है. मुझे क्या नंगी करना चाहता है.

अवी-मैं क्या ग़लत कह रहा हू .क्या ये कपड़े तेल लगने से गंदे नही होगे

मंगला काकी-ये कपड़े गंदे हो गये तो चल जाता है.पर साड़ी खराब नही होनी चाहिए

मंगला काकी-अब पलट जाओ .मैं आगे से मालिश करती हू

मैं पलट गया.और काकी मेरी मेरे पैरो की मालिश करने लगी. फिर जाँघो की. जाँघो की मालिश से मेरा लंड खड़ा हो गया.

मंगला काकी-अब मैं तुम्हारी चेस्ट की मालिश करती हू .तुम अपनी आँखो को बंद करो

अवी-मैं नही करने वाला

मंगला काकी-अगर आँखे बंद नही किए तो तुम्हारी मालिश कैसे करूँगी.

अवी-काकी आप मेरी आँखे बंद करके क्या करना चाहती हो मुझे पता है

काकी मेरी बात सुनकर शॉक्ड हो गयी.

मंगला काकी-मैं तो वो...मैं तो मालिश करूँगी.

अवी-क्यू झूठ बोल रही काकी.

मंगला काकी-मैं ने कहाँ झूठ बोला है.

अवी-ठीक है इतनी मालिश काफ़ी .मैं जा रहा हू.

मंगला काकी-पूरी मालिश तो कर लो

अवी-तो आपको पूरी मालिश करनी है

मंगला काकी-हाँ,

मैं खड़ा हो गया और अपना अंडरवेर निकाल दिया.और बिस्तेर पर लेट गया.

काकी तो मेरी तरफ देखती रही.मेरे लंड को बिना पलके झुकाए देख रही थी.

अवी-अब करिए पूरी मालिश

मंगला काकी-ये सब क्या है

अवी-आपको पूरी मालिश करनी थी ना अब करिए.

मंगला काकी-मेरा मतलब ये नही था

अवी-तो फिर कल क्या किया था

मंगला काकी-वो तो मैं सिर्फ़ मालिश कर रही थी

अवी-आप अगर कल मालिश कर रही थी तो आज भी करिए.और ये अंडरवेर इस लिए निकाली ताकि जब आप मालिश करती हों तो मुझे परेशानी ना हो

मंगला काकी-(मुझे पता है कि तू क्या करना चाहता है.जानबूझकर उस्दिन तूने तेल गिराया ताकि तेरी अकेले मे मालिश हो..और कल तूने अंडरवेर मे आकर मुझे अपना लंड दिखाया.

तो फिर मैं क्यू पीछे रहती मैं ने भी कल तुझे बता दिया कि मुझे तेरा लंड पसंद आया. पर मुझे क्या मालूम था कि तू आज सीधा अंडरवेर निकाल देगा.

वैसे तेरे लंड ने मुझे कल ही दीवाना बनाया था तभी तो मैं तुझे कुछ नही बोल रही हू.

रति के पिता के मरने के बाद कई लंड इस चूत मे गये है.और रति जब से तेरे घर गयी है मैं रोज लंड लेती हू पर वो लंड तेरे लंड के सामने कुछ भी नही है.

पर तेरा लंड तो सब मे बड़ा है.

मैं तो आज इसे चूत मे लेकर ही तुझे घर से बाहर जाने दूँगी.)

अवी-क्या हुआ काकी कहाँ खो गयी हो.

मंगला काकी-कुछ नही वो तेल ख़तम हो गया. मैं तेल लेकर आती हू

काकी रसोई घर मे तेल लेने चली गयी

 


389

अवी-(रति की तरह उसकी माँ भी चुदाई करने के लिए मर रही है.) आज तो चुदाई करके जाउन्गा.

काकी तेल लेकर आ गयी. और मेरे लंड पर बैठ गयी.और गंद लंड पर रगड़ते हुए मालिश करने लगी.

काकी ने कल की तरह अपनी आँखे बंद कर ली. मैं ने पेटिकोट का नाडा पकड़ कर खोल दिया और काकी के कंधो को पकड़ अपने उपर गिरा दिया.

काकी ने खुद को मेरे उपर गिर ने दिया.

काकी के बूब्स मेरे चेस्ट पर दब गये.

काकी ने अपनी आँखे खोल दी.और मेरी तरफ देखने लगी.

मैं ने काकी को सर को पकड़ लिया और अपने होंठो को काकी के होंठो पर रख दिया.और होंठो को चूसने लगा. काकी किस उतना अच्छे से नही कर रही थी . जैसे रति करती है.

मैं ने किस जल्दी ख़तम कर दिया.और काकी को पलट दिया.अब काकी नीचे और मैं काकी के उपर था.

मैं सब से पहले काकी की चूत देखना चाहता था. मैं ने काकी के पेटिकोट को निकाल दिया. काकी ने पैंटी नही पहनी थी.

जिस की वजह से काकी की चूत मेरे सामने आ गयी. काकी की चूत का पूरा भोसड़ा बना हुआ था. मैं ने गंद के छेद को देखा वो भी खुला हुआ था.

चुदाई करने के बाद पहले काकी को पूछूँगा कि कितने लंड चूत मे लिए है जो चूत का भोसड़ा बन गया है.

काकी का बालों से भरा हुआ भोसड़ा दे कर मुझे काकी की चूत चूसने का मन नही हुआ.

मैं ने 2 उंगली को काकी की चूत मे डाल कर देखा कि चूत का कितना भोसड़ा बन गया है. मेरी दोनो उंगली आराम से अंदर चली गयी.

2 उंगली अंदर जाते ही मुझे काकी की चुदाई करने का मन नही हुआ.

पर इतना करने के बाद मैं पीछे नही जा सकता था. अगर चुदाई नही की तो काकी गुस्सा हो जाएँगी. जो मेरे लिए ठीक नही था.

मैं खड़ा हो गया.

मंगला काकी-क्या हुआ खड़े क्यू हो गये

अवी-कॉंडम के साथ चुदाई करूँगा.पॉकेट से कॉंडम निकाल रहा हू.

मैं ने 2 कॉंडम निकाल लिए.और लंड पर 2 कॉंडम लगा लिए. मुझे इस चुदाई मे मज़ा नही आने वाला था.

एक तो काकी की चूत का भोसड़ा है और मैं 2 कॉंडम के साथ कर रहा था.

पर मुझे ये चुदाई करनी थी .मुझे काकी की चूत की जैसी चूत मे लंड डालना था.पर ये पहली और आख़िरी बार था कि मैं ऐसी चूत मारने वाला था. कल से मैं काकी के पास आना बंद कर दूँगा.

अवी-काकी ब्लाउस निकाल दो

काकी ने ब्लाउस निकाल दिया.

मैं काकी के उपर आ गया और लंड को चूत पर रख दिया.

मंगला काकी-पहले दूध के साथ खेलो ,फिर लंड अंदर डालो

अवी-मुझे तो सीधा लंड चूत मे डालना पसंद है .दूध के साथ खेलना मुझे पसंद नही है.(मैं जल्दी से चुदाई ख़तम करना चाहता था.)

मंगला काकी-ठीक है. जैसा तुम्हे अच्छा लगता है वैसा करो.

मैं ने लंड को चूत पर रख कर एक जोरदार झटका मारा और पूरा लंड चूत मे डाल दिया.

लंड अंदर जाते ही काकी की हल्की चीख निकल गयी. मदर्चोद हरामी....आराम से डाल..आअहह...साले बेहन्चोद ने चूत फाड़ दी. आआहह .हरामी साले

मैं लंड चूत मे डालने के बाद रुकने वाला था पर काकी गलियाँ सुनकर मैं ने धक्के मारने सुरू किया वो भी ज़ोर दार

अवी-साली रंडी पता नही कितने लंड ले चुकी है फिर भी..ऐसा चिल्ला रही है जैसे कुवारि है...मुझे हरामी कहती है देख तेरी चूत आज कैसे फाड़ता हू.और तेरी बेटी की चूत भी तेरे सामने फाडुन्गा.

मैं गालियाँ देते हुए जोरदार धक्के मार रहा था. मेरे शरीर पर तेल लगा होने से काकी के बदन पर फिसल फिसल कर ज़ोर दार धक्के मारने लगा.

मंगला काकी-मारना ना मदर्चोद और ज़ोर से मार...

अहह मार डाल आज तू मुझे अहह

ऊओइईईईईईई माआआआआआआआअ अहह

मैं लगातार धक्के मार रहा था और काकी गालियों के साथ शीष्कारिया लेते हुए मुझे ज़ोर दार धक्के मारने को बोल रही थी.

लंड चूत मे आराम से अंदर बाहर हो रहा था.जिस से मुझे लग रहा था कि चुदाई लंबी चलेंगी.

10 मिनिट तक मैं काकी की इसी पोज़िशन मे चूत मारता रहा .जैसे ही काकी ने पानी छोड़ दिया. मैं ने लंड बाहर निकाल लिया.

अवी-कुत्ति बन रंडी जल्दी से नही तो गाँव के कुत्ते पीछे लगा दूँगा तेरे.

काकी कुत्ति बन गयी.मैं ने काकी की गंद पर थप्पड़ मारना सुरू किया.काकी पहले तो थप्पड़ का मज़ा लेने लगी पर फिर दर्द से गालियाँ देने लगी.

मंगला काकी-मदर्चोद साले क्या सिर्फ़ तेरे हाथो मे दम है या लंड मे भी है.अगर है दिखा तेरे लंड मे कितना दम है.

मैं ने और 2 3 थप्पड़ मार दिए. और फिर लंड को चूत मे डाल कर काकी को उसकी नानी याद दिलाने लगा.

काकी हर धक्के के साथ दर्द ,गालियाँ और शीष्कारिया ले रही थी.

अहह और ज़ोर से मार मदर्चोद और ज़ोर से आआआआआ

अहह साले क्या पेट मे डालेंगा क्या. आअहह मर्दर्चोद और ज़ोर से मार अहह अंदर तक जाने दे हरामी अंदर तक.

अहह

चोद और ज़ोर से चोद.मुझे अहह.

ऐसे ही गालियाँ,दर्द ,शीष्कारिया,मेरे धक्को की आवाज़ के साथ हमारी जोरदार चुदाई चलती रही.

काकी मेरी ताक़त और मेरे धक्के और मेरे चुदाई से मज़े मे शीष्कारिया ले रही थी.

काकी पानी पे पानी छोड़ रही थी.अब मैं ने अपनी गति बढ़ा दी.और जोरदार धक्के मारने लगा.

काकी को पता चल गया कि मेरा पानी निकलने वाला है. काकी भी मेरा पानी निकालने के लिए अपनी गंद मेरे लंड पर मारने लगी.

थोड़ी देर मे मेरा पानी कॉंडम मे निकल गया. और मैं काकी के उपर और काकी बिस्तर पर गिर गयी.

 


390

थोड़ी देर बाद हम नॉर्मल हो गये.

अवी-काकी आपसे एक बात पूछनी है

मंगला काकी-हाँ पूछो क्या पूछना है

अवी-मज़ा आया मेरे साथ

मंगला काकी-हाँ बहोत मज़ा आया आज चुदाई करने मे

अवी-वैसे काकी तुम्हारी चूत का तो भोसड़ा बन गया है

मंगला काकी-ये तूने नही किसी और ने किया है

अवी-मतलब आप किसी और के साथ भी करती हो

मंगला काकी-हाँ

अवी-काकी कितने लंड लिए जो चूत का भोसड़ा बन गया है

मंगला काकी-पता नही कितने लंड गये है चूत मे.मैं कहाँ गिनती करती रहती हूँ.जो आता है मार कर चला जाता है

अवी-कब से ले रही हो

मंगला काकी-रति के पिता के मरने के बाद से

अवी-सब से ज़्यादा किसका लंड लिया.

मंगला काकी-रति के पिता का,सरपंच का,और तेरे चाचा का

अवी-(चाचा का नाम सुनते ही मैं शॉक्ड हो गया.चाचा मंगला काकी के साथ, शायद चाची ने डेलएवेरी की वजह से चुदाई करने से मना किया होगा, और चाचा मंगला काकी के पास आए होगे ) चाचा के साथ भी

मंगला काकी-हाँ,तेरे चाचा का लंड तो आज भी लेती हू.एक नंबर का चुदक्कड़ है. घर मे तीन बीवी होते हुए मेरे पास आता है.कल भी आया था.तेरे जाने के बाद.

अवी-(मैं तो सोच रहा था कि चाचा सिर्फ़ ज्योति बुआ के साथ चुदाई करते है.) क्या आज भी आने वाले है

मंगला काकी-हाँ,मैं ने शाम को आने को कहा.

अवी-मेरे बारे मे चाचा को बताया है

मंगला काकी-नही.

अवी-(चाचा का वीडियो बना लेता हू.कभी काम आ जाए.और वीडियो दिखा कर चाचा को काकी के पास आने से रोक भी सकता हू.) बताना भी मत

मंगला काकी-नही बताउन्गी.पर कुछ भी हो तेरा लंड तेरे चाचा से दमदार है

अवी-काकी तुम इतने लंड लेती हो फिर मेरे लंड के पीछे क्यू पड़ी.

मंगला काकी-तेरा लंड लंबा और मोटा है.मैं ने तेरे जितना लंड भी लिया है तेरा शरीर देख पता लग गया था कि तेरा लंड गोरा होगा. और निकला भी गोरा.मैं ने कभी गोरा लंड नही लिया .इस लिए तेरा लंड अपनी चूत मे लिया.

अवी-तो तुम पहले से मेरा लंड लेना चाहती थी

मंगला काकी-हाँ,इस लिए तो घर पर अकेले तेरी मालिश कर रही हू. और तू भी तो मेरी लेना चाहता था.

अवी-मुझे भी तुम्हारे साथ चुदाई करनी थी.पर काकी तेरी चूत मरने मे मज़ा नही आया. गान्ड मार के देखता हूँ शायद इस मे मज़ा आ जाए.(मैं तो काकी के पास आने वाला नही था पर चाचा की वजह से आना पड़ेगा.)

मंगला काकी-कल मारना आज नही

अवी-आज क्यू नही

मंगला काकी-तेरे चाचा आने वाले है.

अवी-ठीक है कल मारूँगा

मंगला काकी-अब तू जा नही तो तेरे चाचा आ जाएँगे

अवी-क्या मेरे लंड से प्यास नही बुझी जो मेरा चाचा का लंड भी लेना चाहती हो

मंगला काकी-तूने तो मेरी प्यास बुझा दी है पर मुझे तो तेरे चाचा की प्यास भुज़ानी पड़ेगी.

अवी-अच्छे से बुझा देना चाचा की प्यास

मंगला काकी-वो तो बुझानी ही पड़ेगी.

अवी-काकी क्या चाचा के बाद भी कोई आएगा

मंगला काकी-मैं क्या दिन भर सिर्फ़ लंड लेती रहूं.

अवी-काकी तुम्हे लंड लेने मे मज़ा आता है तो दिन भर क्यू नही लेती.

मंगला काकी-अब तू ज़्यादा बाते मत कर और जल्दी जा नही तो तेरे चाचा आ जाएँगे तो तुम्हे प्राब्लम हो जाएगी

अवी-जा रहा हूँ. पर ये तो बताओ चाचा कितने बजे आने वाले है

मंगला काकी-4.00 बजे.अब सिर्फ़ 1 घंटा बाकी है.

अवी-ठीक है जा रहा हू. पहले एक ग्लास पानी तो पिला दो

मंगला काकी-तुम कपड़े पहन लो मैं पानी लेकर आती हू

काकी पानी लेने चली गयी और मैं ऐसी जगह देखने लगा जिस से मैं चाचा और काकी का वीडियो बना सकूँ.

मुझे एक खिड़की मिल गयी. जिस से मैं आराम से वीडियो बना सकता था. मैं ने खिड़की थोड़ी खुली कर दी.

और कपड़े पहनने लगा.

काकी पानी लेकर आ गयी .मैं ने पानी पी लिया और काकी की नंगी गंद पर थप्पड़ मार कर अपने घर आ गया.

 


391

घर आकर मैं फ्रेश होने चला गया.

फिर अपने कमरे मे आकर चाचा के बारे मे सोचने लगा.

मैं अपने ख़यालो मे खोया था कि छोटी चाची मेरे कमरे मे आ गयी. और काकी के बारे मे पूछने लगी.

सी चाची-अवी आज क्या किया

अवी-चाची मैं आपको रात मे बताता हू

सी चाची-रात मे टाइम है अभी बता ना

अवी-मैं रात मे बताता हू ना, आप मुझे परेशान मत कीजिए.

सी चाची-(अवी को क्या हुआ है, ऐसी बात क्यू कर रहा है) काकी के साथ कोई गड़बड़ हुई है,

अवी-मैं रात मे बताउन्गा,अभी मुझे बाहर जाना है

सी चाची-कहाँ जाना है.ये तो बताओ

अवी-कुछ सोच कर लीना से मिल कर आता हू.

सी चाची-(लीना से मिलना मुझसे इंपॉर्टेंट कैसे हुआ, कुछ तो गड़बड़ है) ठीक है.पर रात मे काकी के बारे मे मुझे बता देना.

फिर मैं काकी के घर की तरफ निकल पड़ा.

सी चाची-कुछ तो है जो अवी मुझसे छुपा रहा है.लेकिन क्या हो सकता है.नही अवी मुझसे कुछ नही छुपा सकता.शायद वो सही समय का इंतज़ार कर रहा होगा. मैं लीना के घर जाकर देख लेती हू..

छोटी चाची ने बड़ी चाची को बताया कि वो लीना के घर जा रही है. तब तक अमित का ख़याल रखे.

छोटी चाची लीना के घर और मैं काकी घर आ गया.

काकी के घर आते ही मैं खिड़की से अंदर देखने लगा.

घर के अंदर चाचा और काकी चुदाई कर रहे थे.काकी जैसे मुझे चुदाई करते हुए गलियाँ दे रही थी वैसे ही चाचा को भी गलियाँ देने लगी

मैं मोबाइल निकाल कर चाचा और काकी की चुदाई का वीडियो बनाने लगा.

चाचा-साली तेरे साथ चुदाई करने मे मज़ा आता है

मंगला काकी-तू हरामी है. तीन बीवियो के होते हुए मेरे साथ चुदाई कर रहा है

चाचा-उनके साथ तो मैं कभी भी कर सकता हू. पर तेरे साथ कहाँ रोज रोज करने को मिलता है.

मंगला काकी-मुझ मे ऐसा क्या है जो अपनी इतनी सुंदर बीवियो को छोड़ कर मेरे साथ चुदाई करने आता है

चाचा-पता नही. पर तू जिस तरह चुदाई मे साथ देती है वैसा वो नही देती.तू जो गलियाँ देती है ना उस से चुदाई करते हुए मज़ा आता है

अवी-चाची तो इतनी अच्छी चुदाई करती है फिर भी चाचा ऐसे कह रहे है ...

जिसके पास गोल्ड होता है उसे उसकी कीमत पता नही चलती. चाचा भी ऐसे है कि उनके पास गोल्ड है और वो है इस लोहे के पास आए है.

मंगला काकी-अगर मीना को पता चला तो मुझे मार देगी

चाचा-वो तो है ,सुमन और सीमा से मीना कही ज़्यादा समझदार है. अगर उसे पता चला तो वो तुम्हे क्या मुझे भी मार देगी.

मंगला काकी-मीना से इतना डरते हो तो मेरे पास क्यूँ आते हो.

चाचा-तेरी बात ही अलग है. अगर तेरे साथ करने से मर भी जाउ तो कुछ गम नही होगा.और वैसे भी आज तक मीना को पता नही चला तो आज कैसे पता चलेगा.और उसने कुछ महीनो के लिए मना किया है,इसी लिए तेरे पास आया हू

मंगला काकी-तुम भूल रहे हो मीना के साथ अवी है

चाचा-उसका नाम मत लो मेरे घर मे रहता है और मेरा ही साथ नही देता

मंगला काकी-क्या किया उसने

चाचा-कुछ नही. अच्छी एक चूत मिली थी. पर ये अवी ने ज़्यादा दिन उसका मज़ा लेने नही दिया

मंगला काकी-तो क्या अवी को पता चला

चाचा-उसे पता चलता तो मैं आज यहाँ नही होता.

मंगला काकी-फिर अवी ने ऐसा क्या किया था

चाचा-तुम्हे क्या करना है.

मंगला काकी-मैं तो ऐसे ही पूछ रही थी

चाचा-धक्का मारते हुए. तुम टेन्षन मत लो.अवी ने कुछ भी किया हो पर मैं उस चूत का भोसड़ा बनाकर रहूँगा.क्या चूत थी उसकी ,पूछो ही मत ,उसकी चूत से लंड बाहर निकालने का मन ही नही करता था.

मंगला काकी-मुझसे भी अच्छी थी

चाचा-हाँ तुम से भी अच्छी

मंगला काकी-तो जाओ उसी के पास

चाचा-पहले तेरी तो लेने दे .फिर जाउन्गा उसके पास

और चाचा ने काकी की चूत मे आख़िरी धक्का मारा और लंड बाहर निकाल लिया. कॉंडम को निकाल कर कपड़े पहनने लगे.

मैं अभी भी वीडियो बना रहा था

चाचा-चल उठ जा अब

मंगला काकी-तुम्हारा हो गया ना .अब जाओ .मुझे तो अब सोना है

चाचा-आज एक चुदाई मे थक गयी तुम तो

मंगला काकी-(एक नही 2 चुदाई) तुम ने उसकी चूत के बारे मे सोच कर मुझे थका दिया

चाचा-हाँ,मुझे भी लग रहा था कि आज मैं ज़्यादा जोश से चूत मार रहा हूँ

मंगला काकी-लगता है उसकी चूत तुम्हे सोने नही देती

चाचा-हाँ,एक बार उसकी चूत मारने के बाद ही मुझे नींद आएगी.

मंगला काकी-वैसे है कौन वो

चाचा-तुम नही पता और पता भी मत करो. वैसे भी वो इस गाँव की नही है. चल अब उठ और गेट बंद कर.

चाचा अब बाहर आने वाले थे. मैं ने रेकॉर्डिंग बंद कर ली और घर की ओर चला आया.

मैं सोचने लगा. चाचा ज्योति बुआ की बात कर रहे थे.चाचा की बातों से लग रहा था कि वो एक बार और ज्योति बुआ के साथ चुदाई करने वाले है.

अगर चाचा ने फिर से ज्योति बुआ के साथ चुदाई की तो मैं चाची को सब बता दूँगा.

पर पहले मुझे काकी का कुछ करना होगा. पर मैं काकी के बारे मे चाची को नही बता सकता. अगर चाची को बता दिया तो रति का क्या होगा. और काकी तो बस अपनी प्यास बुझा रही है .

मैं ये वीडियो अगर चाचा को दिखा दिया तो मेरे लिए गड़बड़ हो जाएगी. क्यू कि मैं चाचा को कुछ नही कर सकता. चाची कर सकती पर उनको इस से दूर रखना होगा.

चाचा तो काकी को नही छोड़ेंगे. मुझे काकी से बात करनी होगी.

 


392

मैं घर आ गया. मैं जैसे ही घर आया छोटी चाची मेरी तरफ देखने लगी. मैं इस बात पर ज़्यादा ध्यान नही दिया और कमरे मे चला गया.

रात मे छोटी चाची मेरे कमरे मे आ गयी.

अवी-आप तो जल्दी आ गयी

सी चाची-हाँ वो काकी के बारे मे जो सुन ना था

अवी-बैठिए मैं बताता हू

छोटी चाची मेरे पास बैठ गयी.

अवी-और फिर मैं ने छोटी चाची को काकी की चुदाई बता दी.

सी चाची-तुम्हारे कहने से पहले काकी ने तुम्हे हां कर दी

अवी-ऐसा ही हुआ... रति और काकी खुद चुदाई करने के लिए तय्यार हो गयी.

सी चाची-वो तो है.

सी चाची-अवी तुम्हे और भी कुछ बताना हो तो बता दो नही तो मैं जा रही हू.

अवी-बस इतना ही था

सी चाची-पक्का इतना ही था

अवी-हाँ इतना ही हुआ आज.कही आप को ऐसा तो नही लग रहा है कि मैं कुछ छुपा रहा हू(कही चाची को पता तो नही चल गया कि मैं ने उनसे काकी और चाचा के बारे मे छुपा रहा हू)

सी चाची-मुझे ऐसा क्यू लगेगा. तुम तो मुझे सब बाते बता देते हो (अवी मुझ से कुछ छुपा रहा है)

अवी-पर आपकी बातों से तो ऐसा लग रहा है कि आप मुझसे कुछ जान ना चाहती हो

सी चाची-तुम तो मुझे सब बता देते हो फिर मैं क्यू ऐसा करूँगी

अवी-आपने ऐसा क्यू कहा कि पक्का इतना ही है

सी चाची-मुझे लगा तुम लीना के बारे मे बता दोगे कि वहाँ क्या हुआ

अवी-तो आप लीना के बारे मे जान ना चाहती हो

(लीना की बात कर रही है ,)

सी चाची-देखा तुम मुझसे लीना की बात छुपा रहे थे.(लीना के पास अवी गया नही,अब देखती हू अवी मुझे क्या बताता है)

अवी-लीना के साथ कुछ भी नही हुआ

सी चाची-झूठ क्यू बोल रहे हो

अवी-सच मे चाची लीना से सिर्फ़ बाते की और कुछ नही किया.

सी चाची-सिर्फ़ बाते

अवी-हाँ वो आज कविता नही आई थी. इस लिए सिर्फ़ बाते की.

सी चाची-फिर तुम ने दोपेहर मे मुझे काकी की बात क्यू नही बताई

अवी-चाची आप ही तो कहती है सही समय आने का इंतज़ार करना चाहिए

सी चाची-तो तुम सही समय का इंतज़ार कर रहे हो

अवी-हाँ,सही समय का

सी चाची-पर ध्यान रखना कि समय का इंतज़ार करते हुए देर ना हो जाए

अवी-मैं ध्यान रखूँगा.और वैसे भी सब आप से सीखा है .तो ग़लती नही कर सकता. सही समय को हाथ से जाने नही दूँगा.

सी चाची-मुझे पता है कि तुम ग़लती नही कर सकते .पर समय को कोई पकड़ नही सकता. तुम जिस समय का इंतजार कर रहे हो तो ऐसा ना हो वो समय चला भी जाए और तुम्हे पता भी ना चले

अवी-ऐसा नही होगा . अगर हुआ भी तो आप है ना मेरे पीछे मुझे याद दिलाने के लिए.

सी चाची-वो तो मैं हमेशा रहूंगी.

सी चाची-चल अब सो जा ,और हाँ अगर कुछ भी बताने का मन हुआ तो बता देना

अवी-ठीक है चाची.

चाची कमरे से बाहर चली गयी.

सी चाची-अवी कुछ तो छुपा रहा है पर क्या हो सकता है.

कही उसे कोई प्राब्लम तो नही हो गयी.

अगर ऐसा होता तो वो मुझे बता देता.

मैं तो 1 घंटा लीना और कविता के साथ बाते कर रही थी.फिर अवी ने झूठ क्यू बोला.

अवी लीना के घर जाने की बजाय किस के घर गया था.

ये दूसरी बार है अवी ने मुझे कुछ छुपाया है.

पहली बार उसने हॉस्पिटल से गाँव जाने की बात ठीक से नही बताई और आज ये झूठ.

कुछ तो चल रहा है अवी के दिमाग़ मे जो वो मुझे नही बता रहा. पर उसने कहा कि वो सही समय का इंतज़ार कर रहा है.

मुझे अवी को थोड़ा समय देना चाहिए .जैसा उसने कहा कि वो मुझे सही समय पर बता देगा.

 
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