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आज दीवाली है. घर मे दीवाली की तय्यारी सुरू हो गयी.
सुबा पूजा करने के बाद हम सब अपने अपने काम मे लग गये.अब इंतज़ार था रात का जब हम दीवाली मना सकें.
दोपहर मे मंगला काकी बच्चो की मालिश करने आ गयी.
छोटी चाची ने मंगला काकी को मेरे बारे मे पूछा. मंगला काकी ने मेरी मालिश करने से मना किया.
पर छोटी चाची के कहने पर मंगला काकी मान गयी पर 3 दिन के बाद करने के लिए तय्यार हो गयी.
मंगला काकी बच्चों की मालिश करके चली गयी.साथ मे रति भी चली गयी.
दीवाली के वजसे रति अपने माँ के साथ चली गयी.
रात मे हम सब भाई बहन ने मिलकर दीवाली मनाई. कविता और लीना इस दीवाली मे सब से ज़्यादा खुश थी.
कविता और लीना मेरे साथ रह कर दीवाली को एंजाय कर रही. जब भी दोनो को मोका मिलता तब वो मेरे लंड को हाथ मे पकड़ कर दबा देती
सब घर के बाहर दीवाली मना रहे थे और कविता और लीना ने मुझे घर के अंदर बुला लिया.
पहले लीना गेट के पास खड़ी होकर नज़र रख रही थी और कविता मेरे साथ किस करने लगी. फिर कविता नज़र रखने लगी और लीना मेरे साथ किस करने लगी.
मुझे भी ऐसे रिस्क लेकर किस करने मे मज़ा आ रहा था.
पहला दिन ऐसे ही मस्ती करने मे चला गया.
दीवाली का दूसरे दिन तो कविता और लीना ने हद कर दी.
रात मे सभी बैठे कर का बाते कर रहे थे . कविता और लीना मुझे अपने साथ छत पर ले गयी.
और कल की तरह पहले लीना सीडियो के पास खड़ी होकर नज़र रख रही थी और कविता मेरे लंड को चूस ने लगी.
ये तो कुछ ज़्यादा ही हो रहा है.पर दोनो को रोक पाना मुश्किल था.
थोड़ी देर बाद कविता लीना की जगह पर चली गयी और लीना कविता की तरह मेरे लंड को चूसने लगी.
मैं सोचने लगा कि दोनो मे सेक्स की प्यास बढ़ रही है. इस लिए मैं ने उनको मज़ा करने दिया.
फिर कविता और लीना एक साथ मेरे लंड के सामने बैठ गयी. पहले मैं लीना के मूह मे पिचकारी मारी फिर कविता के मूह मे अपना वीर्य डाल दिया.
दोनो ने मेरा वीर्य पी लिया.
लीना-भैया हमे आपका लंड रोज चूसने दोगे ना
कविता-हाँ भैया हमे आपका लंड चूसने मे मज़ा आता है
अवी-सिर्फ़ दीवाली तक चूसने दूँगा उसके बाद तुम दोनो को पढ़ाई करनी होगी.
कविता और लीना मेरी बात सुनकर खुश हो गयी.चलो अच्छा हुआ जो जल्दी मान गयी.
फिर नेक्स्ट दिन भी कविता और लीना ने मेरा रस पी लिया.
दीवाली के 3 दिन जो सबसे ज़्यादा खास होते है ,उस 3 दिन मे मैं ने कविता और लीना को पूरा खुश कर दिया. स्वेता दीदी ,सीतल दीदी और कोमल भी मेरे साथ मस्ती कर रही थी.
राज तो अपने दोस्तो के साथ दीवाली मे पटाखे फोड़ रहा था. राजेश ज़्यादा तर मोबाइल पर बाते करते हुए दीवाली मना रहा था.
3 दिन के बाद राजेश वापस चला गया. जिस से जब भी नीता बुआ घर से बाहर जाती तो लीना और कविता को मेरे साथ मज़ा करने को मिलता.
आज मंगला काकी मेरी मालिश करने वाली थी. वैसे मुझे मालिश की ज़रूरत नही थी पर छोटी चाची के आगे किसी की चलती है.
सी चाची-अवी आज मंगला काकी तुम्हारी मालिश करने वाली है
अवी-पता है मुझे
सी चाची-अच्छे से मालिश करवा लेना
अवी-वो तो करनी पड़ेगी. वैसे मेरी मालिश कहाँ होने वाली है
सी चाची-तुम्हारे कमरे मे
अवी-ये तो मेरे लिए अच्छा होगा
सी चाची-इस लिए तो तुम्हारे कमरे मे करने को कहा है
अवी-बड़ी चाची ?
सी चाची-दीदी को मैं ने बता दिया है कि अवी को मालिश की ज़रूरत है .तुम्हारा नाम सुनते ही दीदी ने हाँ कर दी है
अवी-रति ,उसको पता चला तो
सी चाची-मैं रति को काम करने मे बिज़ी रखूँगी .
अवी-फिर तो आज ही करना पड़ेगा
सी चाची-जल्द बाज़ी मे गड़बड़ मत करना
अवी-कोई गड़बड़ नही करूँगा
सी चाची-ठीक है. मैं मंगला काकी को दोपेहर मे तुम्हारे कमरे मे भेज दूँगी