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मैं और मेरा परिवार

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अपडेट 338

अनु की गंद मारने के बाद मैं मिसेज़ दूबे के घर चला गया.

मैं ने मिसेज़ दूबे को अनु की चुदाई इस लिए दिखाई थी कि मिसेज़ दूबे चुदाई देख कर गरम हो जाए और फिर मैं मिसेज़ दूबे की चुदाई कर सकूँ.

पर अनु की गंद और फिर से चूत मारने के बाद नॉर्मल होने के लिए 20 मिनिट लग गये.

ज़्यादा समय लगने से मुझे लग रहा था कि मिसेज़ दूबे की गरमी ठंडी ना हो जाए.

लेकिन जिस तरह मिसेज़ दूबे हमारी चुदाई को एंजाय कर रही थी जिस तरह मिसेज़ दूबे की चूत के पास की साड़ी खराब हो गयी थी उस से लग रहा था कि आज मैं मिसेज़ दूबे की चुदाई ज़रूर करूँगा.

मिसेज़ दूबे अगर मेरे लंड के नीचे आ गयी तो मेरे बहोत से प्राब्लम सॉल्व हो जाएँगे.

मिसेज़ दूबे इस सोसायटी की खास पहचान है. उनकी इस सोसायटी मे बहोत चलती है.

जिस तरह मैं यहाँ पर लड़कियो को चुदाई करने के लिए ला रहा हू उस से ये सोसायटी वाले मेरा यहा आना बंद करवा सकते है.

अगर मिसेज़ दूबे चाहे तो मैं आराम से यहाँ आकर चुदाई कर सकता हू

और एक बात है. मैं कभी कभी घर2 आता हू ,जब भी आता हू तो मुझे घर2 की सफाई करनी पड़ती है.

लेकिन आज जिस तरह मिसेज़ दूबे ने घर2 का साफ करके रखा था उसे मेरा काम आसान हुआ.

मिसेज़ दूबे घर2 का अच्छे से ख़याल रख सकती है. खाने पीने का प्राब्लम भी सॉल्व हो जाएँगा.

मिसेज़ दूबे है यहाँ पर मुझे खाना खिलाने के लिए.

मुझे मिसेज़ दूबे को अपने लंड के नीचे लाना होगा.

मैं मिसेज़ दूबे के घर आ गया.

मैं ने बेल बजाई पर अंदर से कोई रेस्पॉन्स नही मिला.

मैं ने फिर बेल बजाई इस बार भी ऐसा ही हुआ.

कही मिसेज़ दूबे अपनी चूत से पानी तो नही निकाल रही. अगर ऐसा हुआ तो सारा खेल खराब हो जाएगा.

मैं बेल बजाता गया. करीब 5 मिनिट के बाद मिसेज़ दूबे ने गेट खोला.

मिसेज़ दूबे के बदन पर एक टवल लिपटा हुआ था. और बाल गीले थे.

गयी भैस पानी मे

मिसेज़ दूबे ने तो अपनी चूत को मसल कर पानी निकाल भी लिया और नहा भी लिया.

अब कुछ नही हो सकता.

मिसेज़ दूबे-तुम हो ,आओ अंदर

मैं अंदर चला गया.और सोफे पे जाकर बैठ गया.

मिसेज़ दूबे भी मेरे सामने वाले सोफे पर आकर बैठ गयी.

मुझे लगा कि मिसेज़ दूबे बेडरूम मे जाकर कपड़े पहन कर आएँगी.पर मिसेज़ दूबे तो ऐसे ही टवल पहन कर मेरे सामने बैठ गयी.

और दूसरे टवल से अपने बालो को ड्राइ कर रही थी.

मैं मिसेज़ दूबे को टवल मे देखता रह गया.

मिसेज़ दूबे एक मेच्यूर औरत थी. जिस के बूब्स का साइज़ बता रहा था कि उसको कितना एक्सपीरियेन्स है बूब्स मसलवाने का.

मिसेज़ दूबे के बैठी होने से बाकी कुछ देख नही पाया.

मैं मिसेज़ दूबे को घूर रहा हू वो उनको पता था.

मिसेज़ दूबे बीच बीच मेरी तरफ देख रही थी.

थोड़ी देर मे मिसेज़ दूबे ने अपने बाल ड्राइ कर लिए.

और खड़ी होकर एक बार घूम गयी. जैसे कि मुझे अपना बदन दिखा रही हो.

 
फिर मिसेज़ दूबे ने मेरी तरफ देख कर स्माइल की ,मैं ने भी उनके स्माइल का जवाब अपने लंड पर हाथ रख कर दिया.

मिसेज़ दूबे मुझे सिग्नल दे रही या फिर मुझे तड़पा रही है .ये पता नही चल रहा था.

मिसेज़ दूबे और मैं आमने सामने थे. मैं बैठा हुआ था और मिसेज़ दूबे खड़ी थी.

मैं मिसेज़ दूबे को घूर रहा था. मिसेज़ दूबे का टवल घुटने तक था जिस से मैं मिसेज़ दूबे की टाँगो को देख रहा था.

मिसेज़ दूबे की टांगे सेक्सी थी. ऐसा लग रहा था कि मिसेज़ दूबे नाम की मुर्गी का लेग पीस खा लू.

मैं मिसेज़ दूबे की टाँगो को देख रहा था कि मिसेज़ दूबे मेरी तरफ झुक गयी. (मिसेज़ दूबे और मेरे बीच मे 4 5 फीट का गॅप था)

और अपनी एक टाँग को टेबल पर रख टवल से पोछने लगी.

मुझे लगा क़ि मिसेज़ दुबे की चूत देखने को मिल जायगी पर ऐसा नही हुआ. दोनो टाँगो के बीच गॅप तो हो गयी थी पर अंधेरा भी था.

मिसेज़ दूबे ने टवल की गाँठ बहोत टाइट बाँधी थी. जिस की वजह से इतना कुछ करने के बाद भी टवल ने मिसेज़ दूबे के बदन का साथ नही छोड़ा

फिर मिसेज़ दूबे दूसरी टाँग को टवल से पोन्छ रही थी.

जैसा मैं ने मिसेज़ दूबे के बारे मे सोचा था मिसेज़ दूबे वैसी ही बिंदास औरत थी.

अपने बदन को सुखाने के बाद मिसेज़ दूबे ने फिर एक बार मेरी तरफ स्माइल की और धीरे धीरे मेरे पास आने लगी.

मेरी किस्मत अच्छी है जो मिसेज़ दुबे खुद मेरे साथ चुदाई करने के लिए मेरे पास आ रही है.

मिसेज़ दुबे बड़े नाज़ुक अदा के साथ मेरी तरफ आ रही थी.

फिर मेरे पास आकर मेरे आँखो मे देख कर मेरे लंड की तरफ झुकने लगी.

मिसेज़ दूबे तो तय्यार है. अपने तरीके से मेरे साथ चुदाई कर करना चाहती है.

और मैं बिना वजह परेशान हो रहा था कि मिसेज़ दूबे हाथ से निकल गयी.

मिसेज़ दूबे को टवल मे देख कर ,और मुझे सिड्यूस करने से मेरा लंड खड़ा हो गया था.

मिसेज़ दूबे बड़ी आराम से मेरे लंड पे झुक रही थी. मिसेज़ दूबे लगातार मेरे आँखो मे देख रही थी.

मिसेज़ दूबे के मूह और मेरे लंड मे कुछ सेंटिमेटेर का फासला था.

किसी भी समय मिसेज़ दूबे मेरे लंड को जीन्स बाहर निकाल कर मूह मे लेंगी.

ये सब मेरे दिमाग़ मे चल रहा था.

पर मुझे एक जोरदार झटका लगा.

मिसेज़ दूबे ने मेरे बाजू मे जो उनकी पैंटी और ब्रा पड़ी थी उनको उठा कर बेडरूम की तरफ चली गयी.

ये क्या हो गया. क्या सोचा था और क्या हो गया.

मैं सोच रहा था कि मिसेज़ दूबे मेरे लंड को चूसने के लिए झुक रही है पर ऐसा नही था.

मिसेज़ दूबे तो अपनी ब्रा और पैंटी उठा रही थी.

मेरे पास से ब्रा पैंटी कैसे उठाने थे इस लिए मिसेज़ दूबे ने ऐसा किया.

मैं भी पागल हू, मिसेज़ दूबे को टवल मे देख कर देखता रह गया. और मेरे पास जो मिसेज़ दूबे का खजाना पड़ा हुआ था उसे अनदेखा कर दिया.

मिसेज़ दूबे के सामने पैंटी को हाथ मे लेकर मज़ा करता तो मिसेज़ दूबे की हालत खराब हो जाती.

पता नही अब आगे क्या होगा ,मिसेज़ दूबे बेडरूम से आने के बाद तो मेरे हाथ नही आएँगी.

हाथ मे आया हुआ मोका चला गया.

अनु की गंद की कुर्बानी वेस्ट हो गयी. वेस्ट नही मैने मज़ा तो लिया पर मिसेज़ दूबे मिल जाती तो अनु की गंद मारने का मज़ा ज़्यादा हो जाता.

मिसेज़ दूबे तो बेडरूम मे चली गयी. फिर यहाँ रुकना क्या ठीक रहेंगा. रुक जाता हू मिसेज़ दूबे को चुदाई कैसे लगी वो पूछता हू.अगर पूछते हुए कुछ चान्स बना तो ...एक आख़िरी कोशिस कर के देखता हू.

मैं मिसेज़ दूबे का बेडरूम से बाहर आने का इंतज़ार करने लगा.

 


अपडेट 338 ए

मैं मिसेज़ दूबे का इंतज़ार करने लगा.

मिसेज़ दूबे जल्दी बेडरूम से बाहर आ गयी.

मिसेज़ दूबे ने नाइटी पहन रखी थी. जिसका गला बड़ा था. और मिसेज़ दूबे के बूब्स की गहराई की लाइन दिख रही थी.

मिसेज़ दूबे नाइटी मे नहाने के बाद काफ़ी हॉट लग रही थी.

मिसेज़ दूबे बेडरूम से आने के बाद उसी जगह पर बैठ गयी जहाँ पर पहले टवल मे बैठी थी.

मिसेज़ दूबे-क्या हुआ ,ऐसे घूर के क्यू देख रहे थे मुझे

अवी-वो आप टवल मे खूबसूरत दिख रही थी.

मिसेज़ दूबे-आप ,ह्म्म्म्म ,

अवी-आप कहूँ या तुम कहूँ बड़ा कन्फ्यूज़ हो जाता हू

मिसेज़ दूबे-क्यू?

अवी-आप को देख कर कभी लगता है आप 25 साल की होगी तो कभी लगता है 35 साल की होगी ,हर बार कम उमर लगने लगती है जिस की वजह से कन्फ्यूज़्ड हो रहा हू

मिसेज़ दूबे-तो ये बात है ,मुझे लगा कि

अवी-आपको क्या लगा.

मिसेज़ दूबे-यही कि मुझे टवल मे देख कर तुम सब कुछ भूल गये हो और मुझे आप कह रहे हो

अवी-टवल ,टवल मे तो आप बहोत ज़्यादा हॉट लग रही थी

मिसेज़ दूबे-तुम झूठ बोल रहे हो

अवी-मैं सच कह रहा हू

मिसेज़ दूबे-पर मैं ने तो अपनी हॉट्टनेस नहा कर निकाल ली थी.

अवी-क्या बात है आप जोक भी करती है

मिसेज़ दूबे-करना पड़ता है.

अवी-वो जाने दीजिए, ये बताइए आपको मज़ा आया

मिसेज़ डूबे-हाँ

अवी-पर मुझे नही आया

मिसेज़ दूबे-मुझे देख कर मज़ा आया और तुम कह रहे हो कि मज़ा नही आया बड़ा ताज्जुब है.

अवी- आपने जो टवल मे रह कर हरकत की उसकी बात कर रहा था.

मिसेज़ दूबे-वो, उसे छोड़ दो वो तो ऐसे ही मेरे कपड़े तुम्हारे पास थे वो मैं माँग भी नही सकती थी इस लिए तुम्हारे सामने टवल मे बैठी थी.

अवी-कुछ भी हो आप टवल मे हॉट लग रही थी.

मिसेज़ दूबे-थॅंक्स

अवी-अब ये बताइए कैसा लगा लाइव शो

मिसेज़ दूबे-पहली बार पूरा देख कर मज़ा आया.

अवी-ठीक से बताएँ

मिसेज़ दूबे-तुम्हारी बीवी बहोत लकी होंगी.

अवी-वो तो मुझे पता है .और क्या अच्छा लगा

मिसेज़ दूबे-तुम जैसे दिखते हो वैसे हो नही. बाहर से देख कर पता नही चलता कि अंदर क्या है

अवी-और

मिसेज़ दूबे-और क्या वो तुम्हारी गर्लफ्रेंड थी.

अवी-हाँ

मिसेज़ दूबे-पर वो तो आख़िरी बार करने की बात कर रही थी.

अवी-हाँ ,आज हम ब्रेकप करने वाले है

मिसेज़ दूबे-ब्रेकप से पहले ये सब ,कुछ समझ मे नही आया.

अवी-मैं ब्रेकप ऐसे ही करता हू ,जब ब्रेकप करता हू तब अपनी गर्लफ्रेंड की गंद मारता हू

 
मिसेज़ दूबे-गंदे वर्ड बोले बिना मैं समझ जाती हू कि क्या बोलना चाहते हो. बार बार इसतेमाल मत करो ,अजीब सा लगता है

अवी-कैसा लगता है

मिसेज़ दूबे-अजीब सा लगता है.

अवी-तो आपको मज़ा आया लाइव शो देख कर

मिसेज़ दूबे-पूरे पैसे वसूल हो जाए ऐसा शो देख कर मज़ा तो आएगा.

अवी-लाइव शो दिखाने के भुगतान करना होगा आपको

मिसेज़ दूबे-क्या करना होगा.

अवी-एक कप टी पिलानी होगी.

मिसेज़ दूबे-ज़रूर पिलाउन्गि. पर एक शर्त पर

अवी-कैसी शर्त

मिसेज़ दूबे-मुझे फिर से लाइव शो दिखाना होगा.

अवी-मुश्किल है

मिसेज़ दूबे-क्यू?

अवी-ब्रेकप हुआ है.

मिसेज़ दूबे-तुम किसी ना किसी के साथ सेट्टिंग ज़रूर करोगे.

अवी-करनी तो पड़ेगी. पर मैं सोच रहा था कि आपके साथ ही कर लूँ

मिसेज़ दूबे-ऐसा सोचना भी मत नही तो तुम्हे जैल मे रह कर अपनी बाकी ज़िंदगी बितानी होगी

अवी-फिर तो आप से दूर रहना होगा.

मिसेज़ दूबे-हाँ, पर बाते कर सकते हो पर उस से आगे नही

अवी-मंजूर है

मिसेज़ दूबे-तो नेक्स्ट शो कब दिखाओगे

अवी-जब किसी को पटा लूँगा.

मिसेज़ दूबे-जल्दी पटा लेना. मज़ा आता है लाइव शो देखने मे

अवी-करने मे भी मज़ा आता है

मिसेज़ दूबे-वो दिख रहा था. उस बिचारी की क्या हालत हुई थी

अवी-पर उसे मज़ा भी बहोत आया.

मिसेज़ दुबे-देखा मैं ने कितनी जल्दी फिर से करने को तय्यार हो गयी.

अवी-मैं हू ही ऐसा

मिसेज़ दूबे-पर एक बात है उस ने लिया कैसे

अवी-ये सवाल आप पूछ रही है, आप ने तो कई बार किया होगा.

मिसेज़ दूबे-मेरा मतलब है ,जाने दो मैं तुम्हारे लिए टी लेकर आती हू

अवी-बिना शक्कर की

मिसेज़ दूबे-बिना शक्कर की?

अवी-आपकी मीठी बाते सुनकर कही डाइबिटियेज़ हो गया तो

मिसेज़ दूबे-नाइस, तुम बैठो मैं टी बना कर आती हू

मिसेज़ दूबे किचन मे चली गयी .और मैं मिसेज़ दूबे के बारे मे सोचने लगा कि मिसेज़ दूबे बाते ऐसे करती है कि ऐसा लगता है कि अभी चुदाई सुरू कर देंगी .पर वो इतनी आसानी से हाथ नही आएँगी

 


अपडेट 338 बी

मैं मिसेज़ दूबे का इंतज़ार कर रहा था. फिर सोचा चलो किचन मे जाकर देखता हू कि मिसेज़ दूबे क्या कर रही है,इसी बहाने से कुछ बाते कर लूँगा.

मैं किचन मे चला गया.

मिसेज़ दूबे किचन मे झुक कर कुछ निकाल रही थी.

मिसेज़ दूबे के झुकने से उनकी गंद को देखने मे मज़ा आ गया.

मेरी आने की आहट से मिसेज़ दूबे ने अपने सर को घुमा कर देखा और मुझे देख कर फिर से अपने काम मे लग गयी.

मैं मिसेज़ दूबे की गंद देखता रहा.

थोड़ी देर मे मिसेज़ दूबे खड़ी हो गयी.और टी मे शक्कर डालने लगी.

मिसेज़ दूबे-तुम यहाँ क्यू आए.मैं थोड़ी देर मे टी लेकर आ जाती.

अवी-मैं ऐसे ही आ गया. सोचा आप टी बनाएँगी और मैं आपसे बाते कर लूँगा.

मिसेज़ दूबे-ये भी अच्छा किया.

मैं मिसेज़ दूबे के पास चला गया.

अवी-एक गुस्ताख़ी करूँ

मिसेज़ दूबे-क्या करना चाहते हो

अवी-वो आपकी नाइटी आपकी गंद मे फसि है

मिसेज़ दूबे ने जल्दी से अपने कपड़े ठीक किए. उनका चेहरा लाल हो गया था.

थोड़ी देर के लिए किचन मे शान्ती रही

अवी-आप यहाँ कब से रह रही है

मिसेज़ दूबे-मेरी शादी हो जाने के बाद मैं यही आई थी

अवी-फिर तो आप यहाँ सब को अच्छे से जानती होगी

मिसेज़ दूबे-बहोत अच्छे से जानती हू .कौन कैसा है ,क्या करता है, सब कुछ जानती हू

अवी-सब कुछ

मिसेज़ दूबे-हाँ, कौन होली मे किस की बीवी को रंग लगाता है, कौन गरबा डॅन्स किस के साथ करता है, दीवाली की रोशनी मे कौन अंधेरे मे रहना चाहते है,कौन किस की कैसे मदद करता है सब कुछ मुझे पता है.तुम समझ रहे हो ना मैं किस बारे मे बात कर रही हू

अवी-हाँ ,मैं समझ गया. वैसे आपने किस के साथ होली खेली है.

मिसेज़ दूबे-मैं अपने पति के साथ खेलती हू .

अवी-कभी किसी ने ट्राइ किया होगा.

मिसेज़ दूबे-किया था ,

अवी-फिर क्या हुआ उसका

मिसेज़ दूबे-3 दिन हॉस्पिटल मे अड्मिट था और 4थ डे सोसाइटी छोड़ कर भाग गया.

अवी-आप तो बहोत डेंजर है

मिसेज़ दूबे-जो मेरे साथ ग़लत हरकत करता है उसके लिए मैं डेंजर हू

अवी-मेरे लिए.

मिसेज़ दूबे-तुम्हारे लिए कुछ सोचते हुए

अवी-इतना क्या सोच रही हो

मिसेज़ दूबे-यही कि हम 2 दिन पहले मिले और इतने फ्रीली बात कर रहे. तुम मेरे किचन मे खड़े हो, मैं कितनी जल्दी लाइव शो देखने के लिए तय्यार हो गयी. तुम्हारे सामने टवल मे खड़ी थी,

अवी-मेरे साथ जो भी बात करता है वो फ्रीली बात करता है

मिसेज़ दूबे-वो तो है, बड़े अजीब हो तुम,

अवी-आप कहाँ की बात कहाँ लेकर चली गयी.

मिसेज़ दूबे-तुम क्या एक दिन मे सब कुछ पूछना चाहते हो

अवी-हाँ ,मुझे सोसाइटी के बारे मे जान ना है

मिसेज़ दूबे-पर क्यू?

अवी-क्यू कि आपको लाइव शो दिखाना है

मिसेज़ दूबे-तो ये बात है, फिर मुझे जल्दी लाइव शो देखने को मिलेगा.

अवी-इतना यकीन है मुझ पर

 


मिसेज़ दूबे-तुम पर नही मुझे सोसाइटी की औरतो पे विश्वास है कि वो तुम्हे देखते ही तुम्हारे साथ करने को तय्यार हो जाएँगी.

अवी-तो बताइए कौन कैसा है

मिसेज़ दूबे-यहाँ पर जितने भी घर है वहाँ की औरतो के किसी ना किसी के साथ संबंध है,सिर्फ़ 2 औरतो को छोड़ कर

अवी-एक आप और

मिसेज़ दूबे-दूसरी इस लाइन मे पहला घर जिसका है वो औरत ,

अवी-क्या नाम है उसका

मिसेज़ दूबे-मिसेज़ पवार

अवी-दिखने मे कैसी है

मिसेज़ दूबे-वो हाथ नही आएँगी.तुम सोसाइटी की सेक्रेटरी की बीवी को सेट करो ,वो जल्दी तय्यार हो जाएँगी.

अवी-क्यू जल्दी तय्यार हो जाएँगी.

मिसेज़ दूबे-क्यू कि होली मे वो सिर्फ़ सफेद रंग से होली खेलती है.

अवी-आपने देखा उसे होली खेलते हुए

मिसेज़ दूबे-थोड़ा सा देखा था पर बाद मे देखने नही मिला ,और आज तुम्हारे वजह से लाइव शो देखने को मिल गया.

अवी-फिर तो होली मे यहाँ आना पड़ेंगा.

मिसेज़ दूबे-कभी भी आना ,यहाँ पर दिखता कुछ और है और होता कुछ और है.

अवी-वो देख लेंगे.

मिसेज़ दूबे-बातों बातों मे टी भी बन गयी. तुम चलो मैं टी लेकर आती हू

मैं हॉल मे आ गया. मिसेज़ दूबे के साथ टी पीने मे मज़ा आ गया.

मिसेज़ डूबे के साथ और भी मज़ा आएगा.

अवी-अच्छा अब मैं चलता हू ,कल आउन्गा.

मिसेज़ दूबे-ज़रूर आना. तुम्हारे साथ बाते करना अच्छा लगता है.

अवी-अब तो मैं आता रहूँगा.

और मैं मिसेज़ दूबे के घर से अपने घर2 चला गया.

मैं अनु के पास आ गया. अनु अभी तक सो रही थी. मैं ने अनु की गंद पर थप्पड़ मार कर जगाया.

अनु-तुम आ गये

अवी-हाँ

अनु-वो औरत कौन थी जो हमारी चुदाई देख रही थी.

अवी-तुम ने उसे देख लिया था

अनु-हाँ, जब तुम उसे अंदर लेकर आए थे तभी देख लिया था.

अवी-वो मेरे पड़ोस मे रहती है. घर की साफ सफाई करती है. उसे किसी की चुदाई देखनी थी तो मैं ने दिखा दिया.

अनु-उसकी चुदाई कर ली

अवी-वो बस देखने आई थी

अनु-उसकी चुदाई कर ली

अवी-वो ऐसी औरत नही है

अनु-उसकी चुदाई कर ली

अवी-नही कर पाया वो चालाक औरत है.

अनु-कर लेना ,मेरे बाद कोई ना कोई चाहिए ना

अवी-हाँ,

अनु-चलो अब

फिर अनु को उसके घर छोड़ कर कॉलेज चला गया. कॉलेज से कोमल को लेकर घर चला आया

 


अपडेट 338सी

नेक्स्ट डे

कोमल के साथ कॉलेज चला गया.

कोमल कॉलेज मे जाते ही आरती के साथ क्लास मे चली गयी. रानी वही खड़ी रह गयी. मैं रानी को लेकर कॅंटीन मे आ गया.

अवी-क्या हुआ,

रानी-कुछ भी तो नही

अवी-कोमल तुम से बात किए बिना आरती के साथ क्लास मे चली गयी.

रानी-कुछ नही ,आरती पढ़ाई ज़्यादा करती है इस लिए कोमल उसके साथ ज़्यादा रहती है.

अवी-तुम भी कोमल के साथ रहा करो

रानी-मुझ से ज़्यादा पड़ाई नही होती, वो दोनो कंटिन्यू किताब पढ़ती रहती है. मैं 1 घंटे से ज़्यादा किताब नही पढ़ती, थोड़ा ब्रेक लेती हू

अवी-तुम कुछ भी करो पर कोमल को अपने साथ रखा करो.

रानी-मेरे साथ

अवी-कोमल तुम्हारे साथ रहेंगी तो मुझे कोमल की टेन्षन नही रहेंगी. और तुम कोमल की बेस्ट फ्रेंड बन जाओगी. और उस आरती की तरह किताब मे घुस कर रहती है कोमल ,उसे थोड़ा अपने जैसा बनाओ

रानी-तो ऐसा कहो ना. आज से मिशन पर लग जाती हू, मिशन कोमल

अवी-तो लग जाओ मिशन पर

रानी-यस सर,

और रानी हँसते हुए अपने क्लास मे चली गयी.

मैं अब अकेला कॅंटीन मे रह गया.

क्लास मे गया तो करीम दिमाग़ खराब कर देगा. फिर भी कुछ लेक्चर अटेंड करने होंगे.

मैं ने क्लास अटेंड किए .और फिर मिसेज़ दूबे के घर चला गया.

मैं ने बेल बजाई.

आज गेट जल्दी खुल गया. मिसेज़ दूबे ने आज साड़ी पहनी हुई थी.

मैं अंदर आकर सोफे पर बैठ गया

अवी-कही जा रही हो

मिसेज़ दूबे-हाँ

अवी-कहाँ पर

मिसेज़ दूबे-एक मॅरेज फंक्षन मे जाना था.

अवी-मैं बिना वजह आ गया

मिसेज़ दूबे-मुझे कल ध्यान नही रहा नही तो तुम्हे बता देती

अवी-नाराज़ होते हुए कोई बात नही.

मिसेज़ दूबे-कुछ सोचते हुए मेरे साथ चलोगे

अवी-मैं वहाँ आकर क्या करूँगा.

मिसेज़ दूबे-मुझे कंपनी देना

अवी-ठीक है

मैं मिसेज़ दूबे के साथ मॅरेज फंक्षन मे चला गया.

लगता है शादी किसी बड़े आदमी की लड़की की हो रही थी.

मिसेज़ दूबे ने मुझ से 30 मिनिट का समय माँग लिया और अपनी सहेली के पास चली गयी.

मैं एक चेअर पे जाकर बैठ गया.

मैं बोर हो रहा था की एक आंटी मेरे पास आ कर बैठ गयी.

आंटी-तुम मिसेज़ दूबे के साथ आए हो

अवी-हाँ ,आपकी तारीफ

आंटी-मैं खुद की तारीफ नही करती ,वैसे तुम मिसेज़ दूबे को कैसे जानते हो ,कभी देखा नही उनको तुम्हारे साथ.

अवी-मैं उनका पड़ोसी हू

आंटी-ओह तुम उस घर मे रहते हो, फिर तो तुम मेरे भी पड़ोसी हुए. मैं उस सोसाइटी के सेक्रेटरी की बीवी हू.

अवी-तो आप है वो, मैं कब से आप से मिलना चाहता था.

आंटी-मुझसे मिलना चाहते थे, क्यू?

अवी-मुझे आपके साथ होली खेलनी थी.

मेरी बात सुनकर आंटी शॉक्ड हो गयी .और इधर उधर देख कर मेरे पास से उठ कर चली गयी.

उसके जाते ही मिसेज़ दूबे मेरे पास आ गयी.

मिसेज़ दूबे-क्या बात कर रहे थे उसके साथ

अवी-कुछ खास नही मैं ने कहा कि मुझे आपके साथ होली खेलनी है.

मिसेज़ दूबे-उस ने क्या कहा

अवी-वो क्या कहेंगी. मेरी बात सुनकर भाग गयी.

मिसेज़ दूबे-बिचारी को भगा दिया. प्यार से बात करते तो मुझे लाइव शो देखने को मिल जाता.

अवी-वो वापस ज़रूर आएँगी.

मिसेज़ दूबे-जाने दो उसे ,और बताओ मैं कैसे दिख रही हू

अवी-इस साड़ी मे बहोत खूबसूरत दिख रही हैं.

मिसेज़ दूबे-ये तुम्हारी दी हुई साड़ी है

अवी-(मुझे कैसे पता होगा. शॉप वाले ने दी और मैं ने आपको दी) तभी आप आज ज़्यादा हॉट लग रही है.

मिसेज़ दूबे-थॅंक्स

अवी-तो चलें

मिसेज़ दूबे-इतनी जल्दी

अवी-आप ने दुल्हन से तो मिल लिया अब यहाँ रुक कर क्या करेंगे.

मिसेज़ दूबे-थोड़ी देर बैठ ते है.

अवी-हमे जो बाते करनी है वो ऐसी जगह नही कर सकते

मिसेज़ दूबे-कुछ नही होता, यहाँ सब वैसे ही लोग है. हम सब एक जैसे है रात मे सोते हुए नंगे हो जाते है.

अवी-ये भी सही है.

मिसेज़ दूबे-कुछ हुआ ,किसी के साथ सेट्टिंग की

अवी-इतनी जल्दी कहाँ कुछ होता है.

मिसेज़ दूबे-कब तक होगा.

अवी-अभी भी हो सकता है. अगर आप हाँ कह दो तो

मिसेज़ दूबे-वो पासिबल नही है. एक काम करो सेक्रेटरी की बीवी के साथ ट्राइ करो

अवी-उसके साथ होली खेलेंगे

मिसेज़ दूबे-फिर कोई और देख लो

अवी-वो दुल्हन कैसी रहेंगी. आज मैं सुहागरात मना लेता हू उसके साथ

मिसेज़ दूबे-वेरी फन्नी

अवी-तो तुम इतनी एग्ज़ाइट क्यू हो रही हो .जब किसी के साथ सेट्टिंग हो जाएगी तब बता दूँगा.

मिसेज़ दूबे-ठीक है. चलो आइस क्रीम खाते है

अवी-चलो

हम आइस क्रीम खाने लगे.

मिसेज़ दूबे-मुझे आइस क्रीम खाना बहोत पसंद है

मिसेज़ दूबे के कान मे

अवी-अपनी पति की आइस क्रीम कभी खाई है.

मिसेज़ दूबे-बहोत बार

मिसेज़ दूबे ने दूसरी आइस क्रीम ले ली ,इस बार दूसरा फेवर लिया.

मिसेज़ दूबे-ये तो बहोत टेस्टी है

अवी-वो देखो पहली आइस क्रीम तुम्हारा पति और दूसरी आइस क्रीम

मिसेज़ दूबे-कुछ और बात नही कर सकते

अवी-फेवर चेंज करना चाहिए. और तुम्हे मेरी बाते पसंद है इस लिए कुछ और बात नही करूँगा.

मिसेज़ दूबे-चलो अब घर चलते है

अवी-चलो

फिर मैं मिसेज़ दूबे के साथ घर आ गया.

मिसेज़ दूबे के साथ थोड़ी देर और बाते की और फिर कॉलेज चला गया.

कॉलेज से कोमल को पिक अप करने के बाद मैं घर आ गया..

 


अपडेट 338 डी

मैं घर आते ही बिज़ी हो जाता था.

चाची कोई ना कोई काम बता देती या फिर बच्चो के साथ खेलने मे टाइम निकल जाता.

मेहमान की तो लाइन लगी हुई थी. नीता बुआ और पूजा बुआ भी ज़्यादा तर समय हमारे घर मे रह कर चाची की मदद करती थी.

शाम तक मैं बिज़ी था. और रात मे मुझे पूरे 1 महीने की पढ़ाई जो पीछे छूट गयी उसे करना था.

जिस की वजह से रानी को रात मे कॉल करना बंद कर दिया था.

रात मे ज़्यादा देर तक पढ़ाई कर रहा था.

और कल सनडे ,सनडे कुछ नया करने का सोच रहा था कि दिमाग़ मे पढ़ाई का भूत घुस गया.

सनडे तो बच्चो और चाची और किताब मे चला गया.

तीनो काम ज़रूरी थे.

सनडे को पढ़ाई करने से 1 महीने की कसर कम होने मे मदद हुई.

नेक्स्ट डे

कोमल के साथ कॉलेज चला गया.

कोमल आज आरती और रानी के साथ क्लास मे चली गयी.

कोमल को रानी के साथ देख कर अच्छा लगा.

मैं करीम को ढूँढते हुए कॅंटीन की तरफ जा रहा था कि फिज़िक्स की टीचर मिसेज़ गुप्ता मिल गयी.

अवी-गुड मॉर्निंग मेडम

मिसेज़ गुप्ता-गुड मॉर्निंग

और अपने रास्ते जाने लगी. थोड़ी दूर जाके मुझे वापस आवाज़ दी.

मिसेज़ गुप्ता-सुनो ,

अवी-यस मेडम

मिसेज़ गुप्ता-तुम्हे फिज़िक्स मे आउट ऑफ मार्क मिले थे ना

अवी-हाँ

मिसेज़ गुप्ता-तुम्हारा फिज़िक्स अच्छा है, तुम्हारा नाम दे रही हू क्विज़ कॉंपिटिशन मे

अवी-क्विज़ कॉंपिटिशन

मिसेज़ गुप्ता-फिज़िक्स के उपर है .अगले महीने मे

अवी-मैं पार्टिसिपेट नही कर सकता.

मिसेज़ गुप्ता-क्या प्राब्लम है

अवी-मुझे एग्ज़ॅम के लिए तय्यारी करनी है और एक महीना जो मैं कॉलेज नही आया था उसकी पढ़ाई भी करनी है. आप मेरी जगह कोमल ,रानी और आरती का नाम लिख लीजिए

मिसेज़ गुप्ता-ठीक है, मैं उन लड़कियो से पूछती हूँ,

मिसेज़ गुप्ता के साथ बात करने के बाद मैं कॅंटीन की जगह क्लास मे चला गया. और लेक्चर अटेंड किए.

फिर मिसेज़ दूबे से मिलने के लिए चला गया.

मिसेज़ दूबे मेरा ही इंतज़ार कर रही थी.

मिसेज़ दूबे-कल नही आए तुम

अवी-कल बिज़ी था

मिसेज़ दूबे-टी पीओगे

अवी-आज दूध पीने का मूड है.

मिसेज़ दूबे-तुम्हे मेरे साथ ऐसे बाते करके कुछ नही मिलेंगा.

अवी-किस के साथ मिलेंगा.

मिसेज़ दूबे-कल वाली आंटी से

अवी-उसे जाने दीजिए, मुझे ये बताइए आपका साइज़ क्या है.

मिसेज़ दूबे-6

अवी-सॅंडल का नही ,आपकी फिगर की बात कर रहा हू.

मिसेज़ दूबे-38 -28-38,लेकिन किस लिए चाहिए

अवी-सोच रहा था कि आपको पैंटी और ब्रा गिफ्ट करू

मिसेज़ दूबे-उसकी कोई ज़रूरत नही है.मेरे पास बहोत सेट है

अवी-मेरे लिए देना चाहता हू

मिसेज़ दूबे-मैं समझी नही

अवी-कल मेरी दी हुई साड़ी पहन कर दिखाई थी . और अगर पैंटी दी तो वो भी पहन कर मुझे दिखाएँगे. इसी बहाने से...

मिसेज़ दूबे-वेरी फन्नी

अवी-इस मे फन्नी क्या था. आप मुझे बिना कपड़ो के देख सकती है और मैं क्यू ना देखु

मिसेज़ दूबे-तुम ने खुद मुझे दिखाया ,मैं ने नही दिखाने को कहा था.

अवी-(ये चुदाई के लिए हाँ कैसे करेंगी.) फिर से देखना चाहोगी.

मिसेज़ दूबे-लाइव शो, तुम ने किसी के साथ सेट्टिंग कर ली.

अवी-मेरे अकेले का लाइव शो देखने को कह रहा हू.

मिसेज़ दूबे-नही देखना मुझे, पता नही तुम आगे क्या कर दोगे

अवी-मत देखो ,मुझे लगा कि उस दिन तुम ने मेरा लंड ठीक से नही देखा होगा इस लिए कह रहा था.

मिसेज़ दूबे-कुछ सोचते हुए ठीक है पर वही से दिखाना.

अवी-(ये हुई ना बात) मैं अपनी जीन्स निकालता हू

मैं ने जीन्स और अंडरवेर निकाल ली .

और लंड को मिसेज़ डूबे को दिखाने लगा.

मिसेज़ दूबे बड़े प्यार से मेरे लंड को देख रही थी.

मैं लंड अलग अलग पोज़ मे दिखा रहा था.

अवी-हाथ लगाकर देखना चाहोगी.

मिसेज़ दूबे-नही ,ऐसे ही ठीक है

अवी-देख लो दुबारा ऐसा मोका कहाँ मिलेंगा.

मिसेज़ दूबे-नही रहने दो,

मिसेज़ दूबे के हाथ मेरे लंड को पकड़ ने के लिए बेताब थे फिर भी मिसेज़ दूबे ने मना कर दिया.

मिसेज़ दूबे-तुम कपड़े पहन लो मैं टी लेकर आती हू

और मिसेज़ दूबे उठ कर चली गयी. पर किचन की जगह बाथरूम मे घुस गयी

बहोत कंट्रोल कर रही थी मिसेज़ दूबे

ये आइडिया भी फैल हो गया.

मुझे लगा कि लंड देखने के बाद आराम से हाथ मे पकड़ लेंगी. और हाथ मे पकड़ ने के बाद मूह तक जाने मे ज़्यादा देर नही लगती. और मूह से चूत मे कब गया पता भी नही चलता .

पर मिसेज़ दूबे ने खुद को कंट्रोल मे रखा.

पर बाथरूम मे जाने की वजह से एक हिंट तो मिल गयी कि मिसेज़ दूबे ज़्यादा देर तक कंट्रोल नही रख पाएँगी.

मुझे अब नया आइडिया सोचना होगा जिस से मिसेज़ दूबे मेरे लंड के नीचे हो

थोड़ी देर बाद मिसेज़ दूबे बाथरूम से किचन और फिर टी लेकर हॉल मे आ गयी.

टी पीते हुए मिसेज़ दूबे मेरे लंड के उभार को जीन्स के उपर से चोरी चोरी देख रही थी.

हम ने बिना बात किए टी ख़तम कर ली

मिसेज़ दूबे का मूड नही था बात करने का इस लिए मैं कॉलेज चला गया.

आज मिसेज़ दूबे के यहाँ से जल्दी कॉलेज आ गया

 


अपडेट 339

मैं मिसेज़ दूबे के घर से कॉलेज आ गया.

मेरे पास अब करने के लिए कुछ नही था तो सोचा लाइब्रेरी मे चला जाता हू.

मैं लाइब्रेरी मे आ गया.

मैं ने लाइब्रेरी को एक बार अच्छे से देख लिया. आज पहली बार लाइब्रेरी मे आया था.

लाइब्रेरी मे एक तरफ करीम अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बैठ कर पढ़ाई कर रहा था तो दूसरी तरफ 3 एंजल्ज़ बैठ कर पढ़ाई कर रही थी.

मैं कोमल के पास चला गया. और रानी के बाजू की चेर पे बैठ गया.

कोमल और आरती हमारे सामने बैठी थी. और मैं रानी के साथ.

कोमल-क्या बात है आज लाइब्रेरी मे कैसे आना हुआ

अवी-क्यू मैं लाइब्रेरी मे नही आ सकता

कोमल-आज तक तो कभी नही देखा तुम्हे

अवी-आज तो देख लिया ना

रानी-कोमल आ गया तो बैठने दे .अवी भी हमारे साथ पढ़ाई कर लेंगा

कोमल-अवी ,और पढ़ाई ,वो भी लाइब्रेरी मे,कही सूरज की जगा चाँद तो नही निकल गया.

रानी-तू ऐसा क्यू बोल रही है.

कोमल-मैं उसे अच्छे से जानती हू. उसे मैं ने आज तक लाइब्रेरी मे नही देखा.

रानी-आज आ गया ना तो पढ़ाई करने दे उसे

कोमल-तुम क्यू इतना अवी का बचाव कर रही हो.

रानी-मैं तो सिर्फ़ ...

अवी-मैं चला जाता हू .

कोमल-रूको ,कहाँ जा रहे हो

अवी-तुम्हे मेरा लाइब्रेरी मे आना पसंद नही है तो मैं बाहर चला जाता हू

कोमल-आ गये हो तो पढ़ाई कर लो .वैसे तुम पढ़ाई करने तो नही आए होंगे

अवी-मैं तो बस थोड़ा टाइम पास करने आया था

कोमल-देखा रानी मैं ने कहा था ना कि ये पढ़ाई करने नही आया है.

अवी-मैं टाइम पास करने के साथ पढ़ाई करने भी आया हू.

रानी-देखा अवी पढ़ाई करने भी आया है

कोमल-तो बुक कहाँ है उसके पास

रानी-मेरी बुक से पढ़ लेगा.

कोमल-बड़ी हमदर्दी हो रही तुझे अवी से

आरती-तुम चुप चाप पढ़ाई नही कर सकती.

कोमल-अब तुझे क्या हुआ है

आरती-एक तो तुम बाते कर रही हो और मुझे भी पढ़ाई नही करने दे रही हो.

कोमल-ठीक है. मैं चुप हो जाती हू.

रानी-अवी ये लो बुक

मैं ने बुक ले ली और पढ़ाई करने लगा. कोमल और आरती ने अपना सर बुक मे डाल दिया.

रानी भी पढ़ाई कर रही थी.

मुझे पढ़ाई नही करनी थी.मैं ने अपना हाथ रानी की जाँघो पर रख दिया.

रानी शोक्ड हो गयी.उसने मेरी तरफ देखा, मैं ने उसकी तरफ देख कर स्माइल कर दी.

मैं अपना हाथ जाँघो पर घूमने लगा. रानी इशारो से मना कर रही थी.

मैं ने अपना हाथ अलग कर दिया और रानी को मेरे पीछे आने को कहा.

मैं ने कोमल को कहा कि मैं बुक लेकर आता हू. और बुक सेक्षन मे चला गया.

थोड़ी देर मे रानी भी मेरे पीछे आ गयी.

रानी-ये क्या कर रहे थे. अगर कोमल को पता चल जाता तो

अवी-मैं तो लाइब्रेरी मे तुमसे मिलने आया था.और तुम हो कि पढ़ाई कर रही हो

रानी-मुझे यहाँ क्यू बुलाया

अवी-किस करने के लिए

रानी-यहाँ कैसे ...सब देख लेंगे

अवी-मुझे कहाँ लंबा किस करना है. बस 5 10 सेकेंड का किस चाहिए

रानी-पहले स्टूडेंट को जाने दो फिर

अवी-उतना टाइम नही.जल्दी किस दो नही तो ...

रानी-नही तो क्या

अवी-मैं खुद ले लूँगा.

रानी-तो ले लो किसने रोका है तुम्हे,पर थोड़ा रुक जाओ

अवी-स्टूडेंट का क्या

रानी-अब ले लो और मुझे जाने दो नही तो कोमल ढूँढते हुए यहाँ आ जाएगी

मैं ने रानी के होंठो पर किस किया

रानी-चलो अब

अवी-एक और किस लेने दो फिर चलते है

रानी-तुम समझते क्यू नही हो किस करने से लिपस्टिक खराब हो जाएगी. और कोमल ने देख लिया तो. और तुम्हारे होंठ भी पिंक हो गये है.

अवी-गाल पर

रानी-तुम नही सुधरोगे ,ले लो जल्दी से

मैं ने गाल की जगह होंठो पर किस किया और कोमल के पास चला गया.

रानी मुझे जाते हुए देखती रह गयी और रानी के चेहरे पे एक क्यूट सी स्माइल आ गयी.

थोड़ी देर बाद रानी भी कोमल के पास गयी.

कोमल-कहाँ गयी थी.

रानी-किताब पढ़ते हुए नींद आ रही थी इस लिए फ्रेश होने चली गयी थी.

फिर हम पढ़ाई करने लगे.

पढ़ाई करने के बाद कोमल के साथ घर आ गया. घर आकर हमेशा की तरह अपने काम करने लगा और फिर सो गया.

 


अपडेट 340

मैं कोमल के साथ घर चला गया.

कोमल-अवी

अवी-हाँ बोलो

कोमल-मैं ने क्विज़ मे पार्टिसिपेट किया है

अवी-पता है

कोमल-तुम्हे कैसे पता चला

अवी-तुम क्या करती हो इस का ध्यान मैं रखता हू

कोमल-बताओ ना किस ने बताया.

अवी-मेडम को तुम्हारा नाम मैं ने बताया था

कोमल-तुम ने हमारा नाम मेडम को बताया था, पर क्यू ?

अवी-क्यू कि मैं चाहता हू कि तुम किताब के अलावा गेम,क्विज़, पर भी ध्यान दो ,जिस से तुम्हे पता चल जाएगा कि किताब और असली लाइफ कितनी अलग है

कोमल-तुम मेरे बारे मे इतना सोचते हो

अवी-तुम्हारे बारे मे सोचने के सिवा दूसरा काम नही करता मैं,

मेरी बात सुनकर कोमल ने मुझे पीछे से गले लगा लिया.

अवी-क्या कर रही हो, रोड पे ये ऐसा करना ठीक नही है

कोमल-सॉरी आंड थॅंक्स

अवी-थॅंक्स से काम नही चलेगा ,क्विज़ जीतने पर ट्रीट चाहिए

कोमल-ज़रूर मिलेगी,

ऐसे ही बाते करते हुए हम घर आ गये.

घर आने पर बड़ी चाची ने मुझे फिर से शहर भेज दिया समान लाने के लिए.

बिज़ी बिज़ी बिज़ी हो गया मैं ,बाप बन ने पर खाना खाने का टाइम भी नही मिलता है.

बड़ी चाची का समान लाने के बाद मैं कमरे मे जाकर आराम करने लगा.

फिर रात मे पढ़ाई करने के बाद सो गया.

नेक्स्ट डे

कोमल आज ज़्यादा ही खुश लग रही थी.

कोमल ने अपनी खुशी का राज़ मुझे नही बताया .

कॉलेज मे जाते ही कोमल क्लास मे और मैं करीम को ढूँढने लगा.

मैं कॅंटीन मे चला गया.करीम अपनी गर्लफ्रेंड के साथ पढ़ाई कर रहा था.

रानी ,कोमल और आरती क्लास मे बैठ कर पढ़ाई कर रही थी.

अनु भी अब अपने बाय्फ्रेंड के साथ लगी हुई थी.

सब पढ़ाई करने मे लगे हुए थे.

सब को एग्ज़ॅम की टेन्षन थी. ऐसे एग्ज़ॅम की जो कुछ मायने नही रखती.

दीवाली के पहले होने वाली एग्ज़ॅम. ऐसी एग्ज़ॅम की इतनी टेन्षन ले रहे है तो फाइनल एग्ज़ॅम और फिर अगले साल 12थ क्लास के एग्ज़ॅम की कितनी टेन्षन लेंगे.

मैं कॅंटीन मे बैठ कर टाइम पास कर रहा था.

मैं ने एक बात नोटीस की पंकज मुझे कॉलेज मे नही दिखा.

पंकज के साथ मैं ने पंकज की गर्लफ्रेंड को भी नही देखा.

 
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