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मैं और मेरा परिवार

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शायद वो घर पे रह कर पढ़ाई कर रहा होगा.

कही आंटी ने पंकज को मना तो नही लिया. शायद पंकज घर मे रह कर चुदाई और पढ़ाई दोनो कर रहा होगा.

मैं कल जाकर देखता हू कि वो क्या कर रहा है.

शायद ऋतु दीदी भी वापस आ गयी होगी.इसी बहाने ऋतु दीदी को मिल लूँगा.

कल तो पंकज के घर चला जवँगा पर पहले करीम से पूछ लेता हू कि वो कब से कॉलेज नही आ रहा है.

मैं करीम के पास चला गया.

और करीम को लेकर अपने टेबल पर आ गया.

करीम को ले जाते हुए करीम की गर्लफ्रेंड मुझे ऐसे घूर रही थी जैसे मुझे खा जाएगी.

अवी-क्या पढ़ाई करता रहता है

करीम-मैं तेरे जैसा नही हू. तू बिना पढ़ाई किए टॉप करता है .और मैं पढ़ाई करके मुश्किल से पास होता हू

अवी-(मैं भी पढ़ाई करता हू घर पर रात मे) इतना टेन्षन लेगा तो एकदिन मर जाएगा

करीम-मर जाने दे पर मुझे पढ़ाई करने दे.

अवी-तुझे रोका किसने है कर ना पढ़ाई

करीम-रोका नही है तो यहाँ क्यू लेकर आया है

अवी-क्या अब मेरे साथ बैठ कर टी भी नही पी सकता

करीम-पिला टी ,फिर मैं चला अपनी गर्लफ्रेंड के पास

हम टी पीने लगे

अवी-जब से मैं वापस आया हू तब से मुझे पंकज नही दिखा

करीम-पंकज की बात करनी है तुझे

अवी-हाँ

करीम-मैं ने भी पंकज को नही देखा

अवी-कब से

करीम-बाजी की शादी के बाद मैं और पंकज एक साथ कॉलेज आए थे. पर उस्दिन के बाद पंकज कॉलेज नही आया

अवी-कितने दिन हो गये

करीम-10 दिन,नही नही 15 दिन हो गये

अवी-तुम मिलने नही गये पंकज को

करीम-गया था .उसने कहा कि उसे घर पर काम है

अवी-बस इतना ही कहा उसने

करीम-हाँ

अवी-और पंकज की गर्लफ्रेंड उसका क्या हुआ वो क्यू कॉलेज नही आ रही है.

करीम-उसने कहा कि वो घर पर रहकर पढ़ाई करना चाहती है.

अवी-मुझे एक बार पंकज से मिल लेना चाहिए

करीम-मिल ले ,क्या अब मैं जा सकता हू

अवी-अब निकल यहाँ से

करीम चला गया.

और पंकज के बारे मे सोचने लगा ,कुछ तो गड़बड़ है. पंकज मुझे मिलने आ जाता ,

कल पंकज से जाकर मिल लेता हूँ. अभी मिसेज़ दूबे के साथ मीटिंग है
 


अपडेट 340 ए

मैं फिर से मिसेज़ दूबे को पटाने के लिए उसके घर चला गया.

पर आज जाते हुए एक ब्रा और पैंटी खरीद ली. रोड पे जो स्टॉल होते है वही से एक सस्ती ब्रा पैंटी खरीद ली.

कही से भी खरीदी हो पर पैंटी बहोत फॅन्सी थी.

मैं ने स्टॉल वाले को साइज़ बताया और उसने पैंटी दे दी.

ब्रा पैंटी को अच्छे से पॅक करके बेल बजा दी.

मिसेज़ दूबे मुझे आज जल्दी देख कर शॉक्ड हो गयी.

मैं अंदर जाके सोफे पर बैठ गया.

मिसेज़ दूबे-आज जल्दी आ गये.

अवी-जल्दी आया हू ताकि आपसे ज़्यादा देर बात कर लूँ

मिसेज़ दूबे-ये तुम्हारे हाथ मे क्या है

अवी-आपके लिए गिफ्ट है.

मिसेज़ दूबे-तो दो मुझे

अवी-ऐसे नही मिलेंगा. इस मे प्यारा सा ड्रेस है जो आपको पहन कर दिखाना होगा तभी ये गिफ्ट मिलेंगा.

मिसेज़ दूबे-फिर रहने दो ,मुझे नही चाहिए गिफ्ट

अवी-सोच लीजिए

मिसेज़ दूबे-सोच लिया. मैं टी लेकर आती हू

मिसेज़ दूबे किचन मे चली गयी.

ये आइडिया भी फैल हो गया. करूँ तो क्या करूँ

मेरा दिमाग़ नही चल रहा था.पहले हल्का हो जाता हू फिर सोचता हू

अवी-बाथरूम कहाँ है(मुझे पता होने के बाद भी मैं ने मिसेज़ दूबे को पूछ लिया ,ताकि जब मैं बाथरूम मे जाउ तो मिसेज़ दूबे गिफ्ट को देख ले)

मिसेज़ दूबे-सामने ही तो है

मैं बाथरूम मे चला गया.और गेट के पास खड़ा होकर बाहर की आवाज़ सुन ने लगा.

जैसा सोचा था वैसा ही हुआ. मिसेज़ दूबे किचन से बाहर आ गयी और बाथरूम के पास रुकने के बाद गिफ्ट के पास चली गयी.

इस मे मिसेज़ दूबे की पायल ने मेरी मदद की. पायल की आवाज़ सुनकर मैं ने अंदाज़ा लगा लिया.

फिर प्लास्टिक की आवाज़ सुनकर यकीन हो गया कि मिसेज़ दूबे गिफ्ट निकाल रही है.

थोड़ी देर बाद मैं ने बाथरूम का गेट खोल दिया.

मिसेज़ दूबे के हाथ मे मेरा गिफ्ट था. एक हाथ मे ब्रा और दूसरे हाथ मे पैंटी थी. और मिसेज़ दूबे के चेहरे पे गुस्सा था.

मैं ने मिसेज़ दूबे के लिए सूपरविमन वाली ब्रा और पैंटी ली थी.

इस ब्रा और पैंटी मे मिसेज़ दूबे क्या कमाल की लगेंगी.

मिसेज़ दूबे-ये क्या है

अवी-गिफ्ट है

मिसेज़ दूबे-गिफ्ट है या मज़ाक है

अवी-क्यू क्या हुआ, पसंद नही आया.

मिसेज़ दूबे-ऐसा गिफ्ट किसे पसंद आएगा. एक तो ब्रा पैंटी लेकर आए हो और उपर से ऐसी सूपरविमन वाली, मुझे समझ क्या रखा है

अवी-आप तो गुस्सा हो गयी.

मिसेज़ दूबे-गुस्सा नही तो क्या करू,ऐसी ब्रा पैंटी कोई पहनती थोड़ी है

अवी-आप बे वजह मुझ पे गुस्सा हो रही है.एक तो गिफ्ट दो उपर से गालियाँ भी खाओ

मिसेज़ दूबे-बेवजह ,ये वजह है ये ब्रा और ये पैंटी

अवी-देखिए मैं ने आपको गिफ्ट दिया है. गिफ्ट छोटा हो या बड़ा, महँगा हो या सस्ता, पसंद आए या ना आए ,पर वो गिफ्ट है, गिफ्ट की वॅल्यू नही लगाई जाती.उस्दिन का गिफ्ट अच्छा और आज बुरा कैसे, दोनो गिफ्ट मैं लेकर आया, दोनो ड्रेस ,एक बाहर से दिखता है और दूसरा अंदर रहता है. मैं आपको ये पहन कर बाहर जाने को थोड़ी कह रहा हू, इसे तो अंदर पहना जाता है, किसको क्या पता चलेगा.

मेरी बात सुनकर मिसेज़ दूबे सोचने लगी

बच गया ,नही तो मिसेज़ दूबे मेरा बुरा हाल कर देती

मिसेज़ दूबे-पर

अवी-देखिए मैं ने पहली बार लॅडीस के लिए गिफ्ट खरीदा है, मैं क्या जानू लॅडीस को क्या पसंद होता है. उस्दिन की साड़ी आपको पसंद आ गयी और आज का गिफ्ट नही. कितना मुश्किल होता है लॅडीस के लिए गिफ्ट खरीदना. 2 घंटे एक शॉप से दूसरे शॉप घूम कर खरीद लिया (झूठ) और आप है कि

मिसेज़ दूबे-पर इसे कौन पहनेगा

अवी-बनाया गया तो कोई ना कोई पहनता तो होगा ही. आप नही पहनती ये मुझे थोड़ी पता था. इतने प्यार से गिफ्ट लेकर आया हू और मिला क्या गालियाँ

मेरी पूरी बात सुनकर मिसेज़ दूबे गहरी सोच मे डूब गयी.

ब्रा और पैंटी अभी भी उनके हाथ मे थी.

मिसेज़ दूबे सोचते हुए बेडरूम मे चली गयी और मैं रिलॅक्स हो गया.

मुझे क्या यही ब्रा पैंटी लेनी थी, अच्छा हुआ मिसेज़ दूबे को समझा दिया.

मिसेज़ दूबे अब क्या करेंगी इसी बारे मे मैं सोच रहा था.

मैं सोच रहा था कि बेडरूम का गेट खुल गया.

मिसेज़ दूबे धीरे धीरे बेडरूम से बाहर आ गयी.

ये क्या मिसेज़ दूबे ने मेरी दी हुई ब्रा पैंटी पहन रखी थी.

सूपरविमन मिसेज़ दूबे

पर ये क्या ,ये तो चीटिंग है मिसेज़ दूबे ने ब्रा पैंटी के नीचे स्किन फिट ट्रॅक सूट पहना हुआ था.

गयी भैस पानी मे

मिसेज़ दूबे वही पर एक बार घूम गयी और वापस बेडरूम मे चली गयी.

गयी भैस समुद्र मे

मिसेज़ दूबे बहोत स्मार्ट है. अब ऐसी सिचुयेशन थी कि मैं आराम से मिसेज़ दूबे की चुदाई कर सकता था.

पर मिसेज़ दूबे की स्मार्टनेस के आगे मैं हार गया.

ब्रा पैंटी के नीचे स्किन फिट ड्रेस पहनने से मिसेज़ दूबे सूपर वुमन बन गयी पर मेरे सूपरमेन के किस काम की.

थोड़ी देर बाद मिसेज़ दूबे साड़ी पहन कर बेड रूम से किचन मे चली गयी.

और मेरे लिए टी लेकर आ गयी.

अवी-आपने चीटिंग की

मिसेज़ दूबे-मैं ने चीटिंग नही की

अवी-आप ने ब्रा पैंटी के साथ और भी पहन रखा था

मिसेज़ दूबे-मैं सूपरवुमन बन गयी थी.और हँसने लगी.

अवी-(इतनी स्मार्टनेस कहाँ से लेकर पैदा हुई क्या पता) पर आपने सॉरी नही कहा.

मिसेज़ दूबे-कहा ना

अवी-कब कहा

मिसेज़ दूबे-सॉरी बोला नही दिखाया मैं ने

अवी-कैसे

मिसेज़ दूबे-तुम्हारा ड्रेस पहन लिया.

अवी-कैसा लगा था ड्रेस पहन कर

मिसेज़ दूबे-टाइट था

अवी-स्किन फिट ड्रेस नही पहनी होती तो अच्छे से होता.

मिसेज़ दूबे-वो पता है मुझे ,

अवी-कल मैं खाली हाथ आउन्गा.

मिसेज़ दूबे-खाली हाथ

अवी-गिफ्ट मे सिर्फ़ एक गुलाब का फ्लोवेर लेके आउन्गा.

मिसेज़ दूबे-और मुझे पहने को कहोंगे

अवी-हाँ, सिर्फ़ फ्लवर

मिसेज़ दूबे-वेरी फन्नी

अवी-अच्छा अब मैं चलता हू ,कल फिर आउन्गा.

मिसेज़ दूबे-इंतज़ार करूँगी.

मेरा आइडिया फिर से फैल हो जाने के बाद मैं मिसेज़ दूबे के घर से कॉलेज चला गया..

 


अपडेट 340 बी

मिसेज़ दूबे के घर से मैं कॉलेज चला गया.

मिसेज़ दूबे का क्या करू,कुछ समझ नही आ रहा था.

मैं कॉलेज मे जाते ही कॅंटीन मे चला गया और एक टी का ऑर्डर दिया.

इस मिसेज़ दूबे ने नाक मे दम करके रख दिया

प्यार से ट्राइ कर रहा फिर भी हाथ मे नही आ रही.

कही मुझे उंगली टेडी ना करनी पड़े

मैं मिसेज़ दूबे के बारे मे मे सोचता रहा था कि किसी ने मेरे कंधे पे हाथ रखा.

मैं ने पलट कर देखा तो ये रानी थी.

रानी मेरे सामने के चेर पे बैठ गयी.

रानी-क्या हुआ ,ऐसे क्या सोच रहे थे कि मेरे आने की आहट भी नही सुन पाए

अवी-कुछ नही ,ऐसे ही इधर उधर की बाते सोच रहा था.

रानी-कही एग्ज़ॅम का टेन्षन तो नही आ गया.

अवी-एग्ज़ॅम का टेन्षन मैं नही लेता, टी पियोगी.

रानी-अगर तुम पिलाने वाले हो तो हाँ ,नही तो रहने दो

मैं ने रानी के लिए भी टी ऑर्डर की

रानी और मैं टी पीने लगे

टी पीते हुए फिर से मिसेज़ दूबे के बारे मे सोचने लगा.

रानी मुझे ऐसा सोचते हुए देख कर टेन्षन मे आ गयी.

रानी ने टेबल के नीचे से मेरे पैर को लात मारी

मेरे हाथ से टी गिर गयी. अच्छा हुआ कप नही टूटा.

अवी-क्या कर रही हो,

रानी-तुम क्या कर रहे हो

अवी-टी पी रहा हू

रानी-और

अवी-और क्या

रानी-सोच क्या रहे हो, मुझे बताओ मैं कुछ मदद कर दूँगी

अवी-(रानी को क्या बताऊ ,कुछ और बताता हू) एक प्राब्लम सॉल्व करने की कोशिस कर रहा हू.

रानी- प्राब्लम?

अवी-कुछ दिन से पढ़ाई करते हुए एक प्राब्लम ने दिमाग़ खराब करके रखा है.

रानी-मैथ का होगा तो मैं कुछ नही कर सकती.

अवी-फिज़िक्स का प्राब्लम है

रानी-मुझे बताओ मैं सॉल्व करने की कोशिस करती हू

अवी-क्वेस्चन तो घर पे है,(मिसेज़ दूबे घर पे है)

रानी-कुछ तो याद होगा.

अवी-मैं प्राब्लम को सॉल्व करने के करीब हू पर ऐसा लग रहा है कि आन्सर रॉंग हो जाएगा (मिसेज़ दूबे की चुदाई करने की कोशिस कर रहा हू पर हो नही रही है. )

रानी-फिर तो तुम ने एक दो स्टेप मे ग़लती की होंगी. मुझे कुछ हिंट दो,कितने स्टेप मे प्राब्लम सॉल्व किया है

अवी-(पहली स्टेप अनु की चुदाई दिखाई

2न्ड स्टेप डबल मीनिंग बाते करके ट्राइ किया

3र्ड स्टेप अपना लंड दिखा कर ट्राइ किया

4त ब्रा पैंटी खरीद कर ट्राइ किया) 4 स्टेप ट्राइ कर चुका हू.

रानी-कुछ सोचते हुए पहली स्टेप को याद करो शायद कुछ मिस्टेक की होगी

अवी-(पहली स्टेप मे कोई मिस्टेक नही की) नही की

रानी-2न्ड स्टेप मे

अवी-(2न्ड स्टेप मे भी कोई मिस्टेक नही हुई) ना

रानी-3र्ड और 4थ स्टेप मे

अवी-(3र्ड स्टेप मे ना, 4थ स्टेप मे... ग़लत पैंटी खरीदी पर वो कोई मिस्टेक नही थी) मुझे नही लगता कि 3र्ड और 4थ स्टेप मे मिस्टेक हुई हो

रानी-फिर एक काम करो प्राब्लम को फिर से स्टार्टिंग से सॉल्व करो

अवी-(फिर से स्टार्ट नही कर सकता) प्राब्लम लंबा है ,

रानी-एग्ज़ॅम मे आया तो दूसरा प्राब्लम सॉल्व करना ,ऑप्षन तो रहता है. अगर उस प्राब्लम को सॉल्व करोंगे तो टाइम वेस्ट हो जाएगा.

अवी-(मिसेज़ दूबे कोई आख़िरी औरत थोड़ी है. मेरे पास कही ऑप्षन है. मिसेज़ दूबे को पटाने मे टाइम वेस्ट...टाइम....इस बात पे तो मैं ने ध्यान नही दिया ,

अनु की चुदाई करने के बाद मिसेज़ दूबे के पास जाने मे 20 मिनिट और गेट खोलने मे 5 मिनिट लगे थे.

इतने देर मे मिसेज़ दूबे ने अपना पानी निकाल लिया था और नहा ने भी गयी थी.

अनु की जोरदार चुदाई देख कर मिसेज़ दूबे ने घर जाकर उंगली करके पानी निकाला होगा.

मिसेज़ दूबे इतनी गरम हो गयी थी कि हॉल मे अपने कपड़े निकाल कर चूत से पानी निकाला होगा.

हॉल मे जो ब्रा पैंटी थी वो पहने के लिए नही थी बल्कि वो पहन कर उतार दी थी

मिसेज़ दूबे अपनी ब्रा पैंटी बाथरूम मे लेकर जाती या बेडरूम मे रखती ,हॉल मे क्यू रखती.

मिसेज़ दूबे मेरे पास टवल मे बैठी थी. इतनी अच्छी सोसाइटी मे रहती है उनके पास ब्रा पैंटी की कमी थोड़ी होगी. वो बेडरूम मे जाकर दूसरी ब्रा पैंटी ज़रूर पहनती

यही तो ,मेरे पास जो ब्रा पैंटी पड़ी थी वो मिसेज़ दूबे ने पहनने के लिए नही बल्कि पैंटी पे चूत का पानी लगा होने से मेरे देखने से पहले उठा ली.

मतलब मिसेज़ दूबे के साथ सिर्फ़ एक तरह से चुदाई कर सकता हू .वो है किसी की चुदाई का लाइव शो दिखा कर गरम करके चूत मे लंड डाल दूँ)

रानी-अवी

रानी की आवाज़ सुनकर मैं होश मे आ गया.

अवी-रानी तुम ग्रेट हो. तुम ने मेरी प्राब्लम सॉल्व कर दी

रानी-हो गया सॉल्व ,

अवी-हाँ

रानी-कैसे

अवी-(टाइम) टाइम के यूनिट को कॉनवर्ट नही किया था. इसी लिए प्राब्लम सॉल्व नही हुआ

रानी-चलो अच्छा हुआ प्राब्लम सॉल्व हो गया.नही तो पता नही कब तक परेशान रहते

अवी-सब तुम्हारी वजह से हो पाया.

और कॅंटीन मे रानी को किस किया

रानी-क्या कर रहो ,ये कॅंटीन है किसी ने देख लिया तो

अवी-सब अपने काम मे लगे हुए है. और इस कॉर्नोर मे कौन देखेगा.

रानी-तुम

अवी-हाँ मैं

और रानी ने फिर से मेरे पैर पे लात मारी

अवी-लात क्यू मारी

रानी-मेरी मर्ज़ी,मैं कुछ भी करू .

अवी-ये कैसी मर्ज़ी हुई.

रानी-फिर किस इतनी जल्दी ख़तम क्यू किया.

अवी-तुम्हे शादी के बाद दिखाउन्गा की मैं किस कैसे करता हू.

रानी-डंकी

अवी-डंकी ही समझ लो

रानी-देख लेंगे ,अच्छा अब मैं चलती हू .मम्मी ने आज जल्दी बुलाया है.

अवी-तुम्हारी मम्मी से मिलना होगा.

रानी-मम्मी कहा तुम ने, अच्छा इंग्लीश की पढ़ाई कर रहे हो

अवी-तुम्हारे लिए कर रहा हू,

रानी-थॅंक्स, और दीवाली पर मम्मी से मिलवा दूँगी.बाइ

अवी-बाइ

और रानी चली गयी. मेरी प्राब्लम सॉल्व करके

थोड़ी देर बाद मैं भी कोमल के साथ घर चला गया.

 


अपडेट 341

नेक्स्ट डे

मैं सुबह उठकर कसरत करने लगा. छोटी चाची ने मेरी खुराक बढ़ा दी .1 महीने मे जो मेरी हालत कम हुई थी उसकी भरपाई भी तो करनी थी.

सुबह के सारे काम करने के बाद मैं कोमल के साथ कॉलेज चला गया. जब से कॉलेज मे अड्मिशन ली है तब से जैसे मेरी लाइफ मे सिर्फ़ कॉलेज और घर रह गया था.

मैं तो जैसे गाओं को भूल ही गया था. गाओं मे क्या हो रहा ,खेतो मे क्या हो रहा था. रिया से मिले हुए 4 महीने हो गये. मोना की सास और मोना उसकी भी कोई खबर नही है मेरे पास. किरण को तो जैसे मैं भूल ही गया हो. मोना का भाई वो अब किसके साथ चुदाई करता होगा.

सिर्फ़ रति वो भी मेरे घर मे काम करने की वजह से मिल रही है. मंगला काकी भी बच्चो की मालिश करने के लिए घर आती है.

गाओं तो पीछे छूट गया. गाओं को मैं भूल नही सकता.इस गाओं ने मुझे बहोत कुछ दिया है.

सोचते हुए कब कॉलेज आ गया पता नही चला. अच्छा हुआ आक्सिडेंट नही हुआ.

कोमल-कहाँ खोए हो .कॉलेज आ गया है चलो क्लास मे

अवी-तुम जाओ मैं आज क्लास मे नही आउन्गा

कोमल-कहाँ जा रहे हो

अवी-पंकज से मिलने जा रहा हू

कोमल-वो तो कॉलेज मे मिल जाएगा.

अवी-पंकज 15 दिन से कॉलेज नही आया है तो सोचा घर जाकर देख लेता हू .उसे क्या हुआ है.

कोमल-तुम और तुम्हारे बहाने , मैं जा रही हू क्लास मे ,

कोमल क्लास मे चली गयी और मैं पंकज के घर चला गया.

मैं ने बेल बजाई . हर बार की तरह काकी(नौकरानी) ने गेट खोला.

मुझे इतने डिनो के बाद देख कर काकी शॉक्ड हो गयी. और हर बार की तरह मुझे देख कर अंदर चली गयी.

मैं जाकर सोफे पर बैठ गया.काकी मेरे लिए सरबत लेकर आ गयी

अवी-आंटी कहाँ है

काकी-मालकिन मालिक के साथ बाहर गयी है

अवी-ऋतु दीदी

काकी-वो तो अभी तक वापस नही आई.वो अपने कॉलेज गयी है.

अवी-(शायद प्रॉजेक्ट का टेन्षन होगा. ) पंकज तो घर मे है या वो भी बाहर गया है.

काकी-वो अपने रूम मे है.

अवी-तुम नाश्ता लेकर पंकज के रूम मे आ जाओ. मैं पंकज के रूम मे जाकर उस से मिल लेता हू

इतना कह कर मैं खड़ा हो गया. काकी किचन की तरफ जाने के लिए पलट गयी.

तभी मैं ने काकी की गंद मसल दी.

काकी की गंद मसल ने मे हर बार मज़ा आता था. काकी की मोटी गंद हाथ लगाते ही फूल जाती थी.

एक दम रापचिक गंद थी काकी की.

काकी की गंद दबाने के बाद मैं उपर जाने लगा. काकी मेरी तरफ गुस्से से देख रही थी.

काकी तो हमेशा गुस्से मे देखतीई है पर कहती कुछ नही. शायद काकी को मेरा गंद दबाना अच्छा लगता होगा.

मैं पंकज के रूम मे आ गया .पंकज फोन पर बात कर रहा था.

मुझे देखते ही पंकज ने फोन रख दिया. और मेरे गले लग गया.

पंकज-कब आया तू शहर2 से.

अवी-1 हफ़्ता हो गया

पंकज-इतने दिन हो गये और अब आया मुझसे मिलने

अवी-एक तो तू कॉलेज नही आ रहा .मुझे लगा घर पर रह कर पढ़ाई कर रहा होगा. तुझे डिस्ट्रब ना हो इस लिए तुझ से मिलने नही आया.

पंकज-एक फोन तो कर सकता था. 1 महीने मे एक भी बार फोन नही किया.

अवी-(तू क्या मेरी गर्ल फ्रेंड है जो तुझे कॉल करूँ) मेरी छोड़ तू अपनी बात बता कॉलेज क्यू नही आ रहा

पंकज-मैं ने सोचा कि घर पे रह कर पढ़ाई कर लेता हू.

अवी-तू खुद को जितना नही जानता उस से ज़्यादा मैं तुझे जानता हू.अब बोल क्या हुआ

पंकज-कुछ नही बस पढ़ाई कर रहा हू.तुम्हे तो पता है मैं कॉलेज मे क्या करता हू.

अवी-ज़्यादा बहाने मत बना .मुझे तेरे बारे मे जितना पता है उस से लग रहा है कि तू झूठ बोल रहा है

पंकज-क्या पता है मेरे बारे मे मैं भी तो जानू. फिर मैं बताउन्गा कि मैं क्यू कॉलेज नही आ रहा हू.

अवी-तू अपनी गर्लफ्रेंड की चुदाई करता है.

पंकज-ये तो करीम भी जानता है

अवी-तूने काकी के साथ भी चुदाई की है

पंकज मेरी बात सुनकर शॉक्ड हो गया.

पंकज-तुझे कैसे पता काकी के बारे मे

अवी-वो छोड़ उससे भी बड़ी बात पता है

पंकज-अब क्या पता है तुझे (कहीं अवी को मेरे और मेरी मम्मी के बारे मे तो पता नही चल गया)

अवी-तू अपनी माँ के साथ भी चुदाई करता है

मेरी बात सुनकर पंकज का मूह खुला का खुला रह गया.

पंकज ने कभी सोचा भी नही होगा कि ये बात किसी को पता चलेगी.

पता चली वो भी मुझे

पंकज मुझे घूर के देखते हुए

पंकज-ये तुझे किस ने बताया ,ये सब कैसे पता चला

अवी-(मना करने की जगह मेरी बात को सही साबित कर दिया) कैसे भी पता चला हो .पहले तू बता कि तू कॉलेज क्यू नही आ रहा

पंकज-बता ना ,नही तो गड़बड़ हो जाएगी अगर किसी और को पता होगी तो

अवी-बताउन्गा पर पहले अपने बारे मे बता

पंकज-कुछ सोचते हुए अब तुझे क्या बताऊ .सब गड़बड़ हो गयी है.

पंकज बता रहा था कि काकी नाश्ता लेकर आ गयी. हम नाश्ता करने लगे

 


अपडेट 341 ए

हम ने नाश्ता कर लिया

काकी नीचे चली गयी.

अवी-अब बता कि तू कॉलेज क्यू नही आ रहा है

पंकज-पहले तू बता तुझे मेरे और काकी और मेरी माँ के बारे मे कैसे पता चला,

अवी-बता दूँगा.

पंकज-बता दे ,मेरी धड़कने तेज चल रही

अवी-देख उस्दिन जब मैं सनडे को पार्टी करने आया था

पंकज-हाँ पता है,और ये भी पता है कि कैसे तूने अनु की चुदाई की थी

अवी-उस्दिन तूने स्विम्मिंग पूल मे काकी के साथ जो मज़े किए उस से पता चल गया कि तूने काकी के साथ चुदाई की है

पंकज-वो नही ,मेरी मम्मी के बारे मे कैसे पता चला

अवी-(पंकज को क्या बताऊ कि मैं ने उसकी माँ को कहा कि पंकज के साथ चुदाई कर लो.और मैं ने भी उसकी माँ की गंद और चूत मारी है) ऐसे ही पता चल गया

पंकज-ऐसी बाते ऐसे ही पता नही चलती,बता ना

अवी-एक दिन सुबह मैं तुझसे मिलने आया था .तब पता चल गया

पंकज-ऐसे कैसे पता चल गया

अवी-जब मैं तेरे घर आया तो घर पर कोई नही दिख रहा था तो मैं काकी के कमरे मे जाकर काकी से तुम्हारे बारे मे पूछने चला गया. कमरे मे काकी अपनी चूत मे उंगली कर रही थी और तेरे और तेरी माँ के बारे मे बोल रही. तब मुझे पता चला कि तू अपनी माँ के साथ चुदाई करता है

पंकज-उस काकी को ऐसा सबक सिखाउन्गा की याद रखेंगी.

अवी-इसमे काकी की कोई ग़लती नही है. तेरी चुदाई देख कर वो गरम हो गयी. मुझे उस ने थोड़े बताया वो तो ग़लती से मैं ने सुन लिया.

पंकज-यार ये बात किसी को मत बताना.नही तो हमारे घर की बदनामी हो जाएगी.

अवी-मैं तेरा फ्रेंड हू ,मैं किसी को नही बताउन्गा. अब तू बता तेरा क्या चक्कर है

पंकज-बताता हू ,ये सब करीम की सिस्टर की शादी से सुरू हुआ

अवी-तू बोलता जा

पंकज-1 हफ़्ता मैं करीम के सिस्टर की शादी के वजह से कॉलेज नही गया था.

अवी-अगर मैं होता तो मैं भी नही जाता

पंकज-1 हफ़्ता मैं अपनी गर्लफ्रेंड से मिला भी नही.

अवी-1 हफ़्ता कैसे निकाला तूने बिना चुदाई के

पंकज-निकालना पड़ा.और यही गड़बड़ हो गयी.

अवी-क्या हुआ

पंकज- जब 1 हफ्ते के बाद कॉलेज गया तो मैं अपने गर्लफ्रेंड को देख कर कंट्रोल नही रख पाया और एक लफडा हो गया

अवी-अच्छे से बता

पंकज-उस्दिन सॅटर्डे था. कॉलेज मे ज़्यादा स्टूडेंट नही थे. क्लास भी जल्दी ख़तम हो गया.मैं ने सोच क्लास मे कोई नही है तो अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मज़े कर लू,1 हफ्ते की पूरी कसर निकालु,

अवी-फिर क्या किया

पंकज-मैं ने अपनी गर्लफ्रेंड का पायज़मा थोड़ा नीचे कर दिया और उसे अपनी गोदी मे बैठा कर चोदने लगा. ये 1 हफ्ते की दूरी थी जो मैं क्लास मे चुदाई कर रहा था.

अवी-फिर क्या हुआ

पंकज-1 हफ़्ता की दूरी की वजह से मैं चुदाई मे पूरी तरह से खो गया.हम भूल गये थे कि हम क्लास मे है.हम चुदाई कर रहे थे कि मिसेज़ वर्मा क्लास मे आ गयी. और हमे पकड़ लिया

अवी-फिर मेडम ने क्या किया

पंकज-हमे अपने कॅबिन मे ले गयी.और डाँटने लगी.

अवी-तेरी तो फट गयी होगी

पंकज-हाँ ,मेरी तो हालत खराब हो गयी थी

अवी-तेरी गर्लफ्रेंड की चूत से पानी की जगह पेशाब निकल गया होगा

पंकज-उतना कुछ नही हुआ.

अवी-फिर मेडम ने क्या कहा

पंकज-मैं और मेरी गर्लफ्रेंड रोने लगे तो मेडम ने प्रिन्सिपल को नही बताया

अवी-ये तो अच्छा हुआ .अगर प्रिन्सिपल को पता चलता तो तुम दोनो को कॉलेज से निकाल देते

पंकज-पर मेडम ने हमे 1 साल तक कॉलेज मे पैर ना रखने को कहा.मतलब एग्ज़ॅम भी नही दे सकते.

अवी-तूने जो किया है उसके लिए तो यही सज़ा ठीक है.

पंकज-मेरा ठीक है ,पर मेरी गर्लफ्रेंड उसका क्या ,अगर उसके घरवालो को पता चला कि एग्ज़ॅम मे फैल हो गयी तो उसका कॉलेज आना बंद हो जाएगा

अवी-अबे तेरे पास घर होते हुए क्लास मे करने की क्या ज़रूरत थी

पंकज-ग़लती हो गयी. आगे से ऐसा करने से पहले दस बार सोचूँगा. पर मेरी गर्लफ्रेंड 10 दिन से बस रो रही है. मैं कुछ भी करके उसे कॉलेज मे वापस भेज ना चाहता हू

अवी-(मिसेज़ वर्मा ,मेरे पास तो चुदाई का वीडियो है. मैं पंकज की मदद कर सकता हू) अगर मैं ने तेरी प्राब्लम सॉल्व कर दी तो

पंकज-अगर ऐसा किया तो तू जो बोलेगा वो तुझे मैं दूँगा.

अवी-सोच ले मैं कुछ भी माँग सकता हू

पंकज-अगर तू जान भी मागेंगा तो वो भी दे दूँगा

अवी-फिर ठीक है. देख आज वेडनेसडे है. तू अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मंडे को कॉलेज आ जाना

पंकज- मेडम का क्या

अवी-मेडम को मैं देख लूँगा.

पंकज-मैं आ जाउन्गा. अगर मेडम ने हमे आने दिया तो तू जो बोलेगा वो मैं तुम्हे दूँगा

अवी-मुझे अभी कुछ नही चाहिए.जब सही समय आएगा तब माँग लूँगा.

पंकज-ठीक है जब चाहे माँग लेना,पर मेरा ये काम कर दे

अवी-तू अपनी गर्लफ्रेंड को खुश खबरी सुना दे .मैं चला कॉलेज मे

मेरी बात सुनकर पंकज को थोड़ी हिम्मत मिल गयी.

मैं पंकज के घर से चला गया. जाते हुए पंकज के सामने काकी की गंद मसल दी. और मैं ने पंकज की तरफ देख कर आँख मार दी.

 
342

पंकज को हाँ तो बोल दिया. मेरे पास वीडियो भी मिसेज़ वर्मा और प्रिन्सिपल सर की चुदाई का,

पर पहले मिसेज़ वर्मा के बारे मे पता करता हू कि वो कैसी टीचर है.

भले मिसेज़ वर्मा प्रिन्सिपल सर के साथ चुदाई करती थी ,पर उनको ब्लॅकमेल करना कही मुझ पर भारी ना पड़ जाए.

वो पुरानी टीचर है उनका कनेक्षन उपर तक होगा. कही मुझे कॉलेज से निकाल दिया तो,

अगर मेरे साथ कोमल को निकाल दिया तो ,कोमल के साथ मैं रिस्क नही लेना चाहता हू

पंकज का क्या है पैसे वाला है वो ,वो कुछ भी कर सकता है.

पंकज का काम करने के लिए सिर्फ़ एक ट्राइ करूँगा अगर काम बन गया तो ठीक है नही तो मैं क्यू टेन्षन लू

पंकज का काम करना मेरे लिए ज़रूरी नही है बस फ्रेंड होने की वजह से एक बार ट्राइ करूँगा.

मैं पंकज के बारे मे सोचते हुए कॉलेज की तरफ जा रहा था.

मैं कॉलेज की तरफ जा रहा था कि मुझे अपने कॉलेज का स्टूडेंट दिखाई दिया, मेरी ब्रांच का सीनियर रोड के पास खड़ा दिखा.

जहाँ तक मुझे पता है ये हरीश है. और ये तो हमारे कॉलेज का रिच स्टूडेंट है.

मैं ने सुना है कि उसके बाप के पास बहोत पैसे है. उसका बाप हमारे कॉलेज का ट्रस्टी है. उसका बाप हमारे कॉलेज को सब से ज़्यादा डोनेशन देता है. हमारा कॉलेज जिस जगह पर है वो जगह इस की फॅमिली की है.

हरीश इतना रिच है फिर ये रोड पर ऐसा खड़ा क्यू है. वो भी धूप मे

उसके पीछे तो उसकी कार खड़ी है जिस से वो कॉलेज आता है.

शायद उसकी कार खराब हो गयी होगी. तभी वो मोबाइल पर कॉल कर के कॉलेज जाने के लिए इंतज़ाम कर रहा है

ये रिच है, सीनियर है, ये मेरे काम आ सकता है.

इसको लिफ्ट दे कर फ्रेंड बना लेता हू. और मिसेज़ वर्मा के बारे मे पूछ लेता हू. इसको पता होगा मिसेज़ वर्मा के बारे मे

मैं बाइक लेकर हरीश के सामने खड़ा हो गया.

अवी-क्या हुआ ब्रो

हरीश-चल अपना काम कर ,निकल यहाँ से

अवी-(कार खराब होने से शायद गुस्सा है) ब्रो गुस्सा क्यू हो रहे हो. तुम मेरे सीनियर हो इस लिए मैं ने पूछ लिया

हरीश-सीनियर

अवी-ब्रो हम एक ही कॉलेज मे है,

हरीश-जूनियर हो

अवी-हाँ ब्रो,कार खराब हुई है

हरीश-हाँ ,ठीक टाइम पर कार ने दगा दे दी

अवी-कहीं पर जल्दी जाना था

हरीश-हाँ ,एक जगह पर जाना था

अवी-कहो तो मैं छोड़ दूं

हरीश-तुम

अवी-मेरी बाइक पर तुम को छोड़ देता हू

हरीश-इस बाइक पे, रहने दे

अवी-(मेरी बाइक तेरे कार की तरह खराब हो कर मेरा साथ नही छोड़ती) मुश्किल मे गधे को भी बाप बनाना पड़ता है( जैसे मैं तेरे को बना रहा हू)

हरीश-तेरी बाइक मेरे स्टॅंडर्ड की नही है

अवी-ब्रो, जब प्यास लगती है तब प्यूरिफाइयर का पानी नही माँगना चाहिए जो मिलता है वो पी लेना चाहिए इसमे समझदारी होती है

हरीश-तू बात तो सही कर रहा है

अवी-देखो ब्रो ,तुम को जल्दी जाना है ,सोच लो

हरीश-चल फिर तेरी बाइक पे चलता हू

अवी-(इतनी मेहनत कर रहा हू कुछ तो फल मिलना चाहिए) बैठो ब्रो

हरीश-रूको गॉगल तो ले लू ,कितनी धूप है

अवी-(ईडियट है साला)

हरीश ने गॉगल ले लिया.

हरीश मेरी बाइक पर बैठ गया

अवी-चले ब्रो

हरीश-हाँ चलो

मैं बाइक कॉलेज की तरफ ले जाने लगा.

हरीश मोबाइल पर बात करने लगा.

सुबह का टाइम था. मतलब 11.00एम बज रहे थे.

मैं आराम से बाइक चलाने लगा.

हरीश मोबाइल पर बात करता रहा. इसको डिस्ट्रब भी नही कर सकता कि कहाँ जाना है.चलो कॉलेज की तरफ लेकर जाता हू.

हम कॉलेज पास आ गये. मैं कॉलेज के साइड मे बाइक घुमा रहा था कि हरीश ने मुझे रोक लिया

हरीश-उधर किधर जा रहे हो

अवी-कॉलेज जाना हैना

हरीश-कॉलेज किस को जाना है

अवी-तुम को कॉलेज जल्दी जाना था ना.

हरीश-मैं ने कब कहा कि मुझे कॉलेज जाना है

अवी-(गये तो मुझे भी पता है,कि तुम्हे कॉलेज नही जाना होगा.) कहाँ जाना है

हरीश-पार्क मे ले चल

अवी-पार्क मे इस वक्त

हरीश-तू सवाल मत पूछ, चल पार्क जल्दी

अवी-(ये क्या मुसीबत पाल ली मैं ने)और कॉलेज

हरीश-कॉलेज को मार गोली. पहले पार्क मे चल

अवी-(इसको पार्क मे छोड़ कर वापस आ जाउन्गा) ठीक है.

मैं बाइक पार्क की तरफ ले जाने लगा. हरीश फिर मोबाइल पे बात कर रहा था

मैं ने बाइक की स्पीड तेज कर ली और जल्दी से पार्क के पास आ गया

अवी-लो ब्रो पार्क आ गया

हरीश-पार्क जल्दी आ गया. अच्छा काम किया तूने. पर बाइक यहाँ क्यू रोक दी

अवी-तुम ने कहा कि पार्क जाना है. ये पार्क आ गया.

हरीश-तो अंदर ले चल बाइक को

अवी-(ये तो मुझे ड्राइवर बना रहा है. अंदर ले जाकर छोड़ देता हू इसे)

मैं बाइक पार्क के अंदर ले गया..

 


342 ए

मैं बाइक पार्क के अंदर ले गया.

सुबह के 11.00 बज रहे थे.जिस के वजह से पार्क मे बहोत कम लोग थे

हरीश ने मुझे बाइक पार्क मे बैठी हुए लड़की के पास ले जाने को कहा.

मैं ने बाइक हरीश ने जिस लड़की के पास रोकने को कहा मैने उस के पास जाकर बाइक रोक दी.

हरीश ने बाइक उस लड़की के सामने खड़ी रखने को कहा.

बाइक रुकते ही हरीश बाइक से उतर कर उस लड़की के पास खड़ा हो गया.

वो लड़की हरीश को देखते ही खड़ी हो गयी और हरीश के गले लग गयी.

हरीश ने भी उसे गले लगा लिया. और अपने हाथ उस लड़की की गंद पर ले गया. और उस लड़की की गंद मेरे सामने दबाने लगा.

हरीश को कोई टेन्षन नही थी कि वो पार्क मे खड़ा होकर उस लड़की की गंद दबा रहा है

फिर हरीश ने उस लड़की को किस किया.

किस करने के बाद दोनो बातें करने लगे.

मैं वही खड़ा रह कर उनकी बातें सुन रहा था

लड़की-कितनी देर कर दी हरीश तुम ने. कब से तुम्हारा इंतज़ार कर रही हू.

हरीश-बहोत आग लगी है

लड़की-आग तुम ने ही तो लगाई है

हरीश-बुझाता भी तो मैं ही हू

लड़की-आज भी बुझा दो

हरीश-बुझा ने ही आया हू

लड़की-पर हम करेंगे कहाँ ,तुम्हारी कार कहाँ है.

हरीश-वो तो खराब हो गयी.

लड़की-फिर हम करेंगे कहाँ

हरीश-होटेल चलते है.

लड़की-होटेल मे किसीने मुझे देख लिया तो, तुम्हारी कार ही अच्छी है

हरीश-आज तो कार नही है

लड़की-कुछ और सोचो ना, मुझे खुजली हो रही है

हरीश-होटेल मे नही, यहाँ पार्क मे करोगी

लड़की-यहाँ पर ,अगर किसी ने देख लिया तो

हरीश-इस वक्त बहोत कम लोग है पार्क मे ,हम अंदर पेड़ो मे जाकर करेंगे,

लड़की-फिर भी कोई उधर आ गया तो

हरीश-ये(मैं) है ना ,ये किसी को उधर आने नही देगा.

लड़की-ये ठीक रहेगा. पर ये है कौन

हरीश-मेरा फ्रेंड है

लड़की-क्या नाम है

हरीश-आआअ

अवी-(चूतिया को मेरा नाम भी नही पता ) मेरा नाम अवी है

हरीश-ये अवी है

लड़की-अच्छा नाम है

हरीश-वो छोड़ो ,चलो जल्दी

लड़की-हाँ चलो

हरीश ने उस लड़की को आगे भेज दिया.और मेरे साथ बातें करने लगा

हरीश-अवी मेरा एक काम और करना है तुझे, किसी को हमारी तरफ आने मत देना.

अवी-(मुझे क्या चौकीदार समझ रखा है, किस मुसीबत मे फस गया मैं, ये मज़ा करेगा और मैं चौकीदारी करू.एक तो इससे पंगा भी नही ले सकता) तुम्हारे लिए तो कुछ भी

हरीश-थॅंक्स, अगर तुझे देखना होगा तो देख सकते हो.

अवी-थॅंक्स,तुम एंजाय करो

हरीश उस लड़की के पास चला गया. फिर हरीश उस लड़की को लेकर पेड़ो के पीछे चला गया.

मैं यही खड़ा रह कर लोगो पर नज़र रखने लगा.

हरीश के साथ तो मैं फस गया. इसको यहा छोड़ कर भाग भी नही सकता. इसका बाप हमारे कॉलेज का ट्रस्टी है.

मैं 10 मिनिट तक वही खड़ा रह कर लोगो पर नज़र रखने लगा.

मैं यहाँ खड़ा रह कर बोर हो गया.

फिर मैं ने सोचा कि यहाँ खड़ा रहने से अच्छा है उनकी चुदाई देख लेता हू.

उनकी चुदाई देख कर माला के साथ पार्क मे जो चुदाई की थी उसे याद कर लूँगा.

मैं हरीश के पास चला गया.

हरीश ने जगह सही सेलेक्ट की थी. जब तक हरीश के पास नही जाया जाए तब तक हरीश दिखाई नही दे सकता था.

मैं हरीश के पास चला गया. मेरे आने की आवाज़ सुनकर वो दोनो घबरा गये.

हरीश ने मेरी तरफ देखा. मुझे वहाँ खड़ा देख कर वो दोनो रिलॅक्स हो गये.

लड़की-ये यहाँ क्यू आया. मुझे इसके सामने करने मे शरम आ रही है.

हरीश-वो तो हमारी मदद कर रहा है. तुम चुदाई पर ध्यान दो उस पे नही.

वो दोनो फिर से चुदाई करने लगे

वो लड़की पेड़ को पकड़ कर झुकी हुई थी. उसकी जीन्स थोड़ी नीचे सर्की हुई थी.

हरीश ने उसकी पैंटी नीचे नही की थी. बस थोड़ी साइड मे करके लंड चूत मे डाल कर धक्के मार रहा था.

वो लड़की हरीश के धक्के का मज़ा ले रही थी.

हरीश जोरदार धक्के मार रहा था. वो लड़की दबी हुई आवाज़ मे शीष्कारी ले रही थी.

हरीश धक्के मारने के साथ उसके टी-शर्ट मे हाथ डाल कर बूब्स दबा रहा था.

इनकी चुदाई देख कर मुझे पार्क मे माला की चुदाई की थी उसकी याद आ गयी.

हरीश ने 3 मिनिट तक धक्के मारे फिर वो लड़की झड गयी.

उस लड़की के झडने के बाद हरीश ने लंड चूत मे से बाहर निकाल लिया.

हरीश का लंड मुझसे छोटा था.

फिर हरीश ने उस लड़की की गंद मे लंड डाल दिया.

गंद मे लंड जाते ही वो लड़की थोड़ी आगे सरक गयी.

और जल्दी से अपनी गंद पीछे कर ली.

हरीश उसकी गंद मे धक्के मारने लगा.

उसकी गंद मारने की आवाज़ से मेरा लंड खड़ा होने लगा था.

मेरा लंड खड़ा हो रहा था की गंद मारने की आवाज़ आनी बंद हो गयी.

हरीश उस की गंद मे झड गया.

मेरा लंड खड़ा होते होते रह गया. अच्छा हुआ मेरा लंड खड़ा नही हुआ नही तो मुझे मूठ मारनी पड़ती.

हरीश ने कम समय मे उस लड़की की चूत और गंद दोनो मारी.

गंद मे झड़ने के बाद उस लड़की ने नॅपकिन से अपनी गंद साफ की और जीन्स उपर कर ली.

मुझे लगा कि इनकी चुदाई हो गयी. पर ऐसा नही था.

उस लड़की ने जीन्स पहन ली और अपनी टीशर्ट उपर कर ली .

टीशर्ट उपर करके अपनी ब्रा निकाल ली.

ब्रा निकलते ही हरीश उसके बूब्स चूसने लगा.

दोनो का पानी निकालने के बाद ये बूब्स क्यू चूस रहा है.

हरीश थोड़ी देर उसके बूब्स चूस्ता रहा .

हरीश के बूब्स चूसने के बाद उस लड़की ने ब्रा पहन ली. और टीशर्ट ठीक कर ली

ये क्या था,शायद चुदाई करने के बाद मूह मीठा कर रहा होगा.

फिर वो दोनो बाइक की तरफ आने लगे. मैं उनके पीछे पीछे उस लड़की की गंद देखते हुए बाइक के पास आ गया.

लड़की-मज़ा आया आज पार्क मे करने मे

हरीश-हाँ पार्क मे करने मे मज़ा आया.

लड़की-फिर कब करेंगे

हरीश-अगले हफ्ते करेंगे

लड़की-अगले हफ्ते ,ठीक है

हरीश-बाइ

लड़की-बाइ

हरीश-चलो अवी

मैं ने बाइक स्टार्ट कर ली. हरीश बाइक पर बैठ गया. पीर हम पार्क से बाहर आ गये..

 


342 बी

फिर मैं हरीश को लेकर पार्क से बाहर आ गया

मैं अपनी बाइक कॉलेज की तरफ ले जाने लगा.

अवी-ब्रो तुम्हारी गर्लफ्रेंड का नाम क्या है.

हरीश-मेरी गर्लफ्रेंड ,कहाँ है

अवी-पार्क मे

हरीश-वो मेरी गर्लफ्रेंड नही है

अवी-फिर कॉन थी

हरीश-है एक पागल जो मुझे अपना बाय्फ्रेंड समझती है

अवी-मतलब तुम सिर्फ़ उसके साथ मज़े ले रहे हो

हरीश-हाँ

अवी-लेकिन वो तो हॉट और सेक्सी है. उसको गर्लफ्रेंड बना लो

हरीश-उसे ,मेरी गर्लफ्रेंड, कुछ भी क्या.वो मेरा टाइम पास है

अवी-तुम्हारा टाइम पास भी बढ़िया है

हरीश-ऐसे टाइम पास रखने पड़ते है

अवी-काश मेरे पास भी होते

हरीश-बना लो,

अवी-कुछ टिप दो

हरीश-मैं कुछ नही करता. मेरे पैसे और मुझे देख कर लड़किया खुद मेरे पास आती है

अवी-काश मेरा नसीब तुम्हारे जैसा होता.

हरीश-नसीब लेकर आना पड़ता है इस दुनिया मे

अवी-(नशीब खुद बनाना पड़ता है)सब तुम्हारी तरह लकी नही होते

हम बातें कर रहे थे कि कॉलेज आ गया.

अवी-ब्रो कॉलेज आ गया

हरीश-तो

अवी-कॉलेज नही जाना

हरीश-तुम्हे कॉलेज जाने की जल्दी क्यू है

अवी-क्लास मे पढ़ाई करनी है

हरीश-पढ़ाई तो होती रहती है. चलो यहाँ से

अवी-तुम्हे कॉलेज नही जाना

हरीश-कॉलेज से ज़्यादा ज़रूरी काम करना है

अवी-क्या?

हरीश-चल बताता हू

अवी-किधर लेकर चलूं

हरीश-नयी सोसायटी मे चल,

मैं बाइक चलाने लगा. ये आज मुझे ड्राइवर बनाकर रहेगा.

हरीश मुझे रास्ता बता रहा था.

हरीश-तुझे मुझ पर गुस्सा आ रहा होगा ना

अवी-तुम पर गुस्सा क्यू आएगा

हरीश-मैं तुम्हे इधर उधर घुमा रहा हू

अवी-ब्रो तुम्हारे साथ घूमने का मोका मिल रहा है इस से ज़्यादा क्या चाहिए

हरीश-ज़्यादा मस्का मत मार ,मैं इसी लिए तुम्हे जाने को कहा था पर तुम मुझे लिफ्ट देने के पीछे पड़े थे. मैं ऐसे ही इधर उधर घूमता रहता हू.

अवी-आज मैं भी शहर घूम लेता हू.

हरीश-क्यू पहले घुमा नही

अवी-मैं यहाँ नही रहता

हरीश-कहाँ रहते हो

अवी-गाओं मे

हरीश-गाओं मे ,फिर तो पार्क मे तुम ने जो देखा था वो पहली बार देखा होगा

अवी-हाँ

हरीश-मतलब तुम ने अभी तक कुछ नही किया

अवी-कुछ करने की दूर की बात है मैं ने ठीक से देखा भी नही.

हरीश-चल आज तुझे दिखाता हू

अवी-(ऐसा बोल ना चल किसी की चुदाई करते है)थॅंक्स ब्रो

हरीश-वो सामने कॉंप्लेक्स के पास रोकना, कॉंडम लेना है

मैं ने बाइक रोक ली. हरीश मेडिकल मे जाकर कॉंडम ले आया.

हरीश-यहाँ पर अच्छे कॉंडम मिलते है.

अवी-चले

हरीश-हाँ

हरीश मुझे नयी सोसायटी मे लेकर आ गया.

यहाँ तो मेरा घर2 है. ये तो मेरी सोसाइटी है.

हरीश ने मुझे पहले घर के सामने बाइक रोकने को कहा.

ये तो मिसेज़ पवार का घर है जिस के बारे मे मिसेज़ दूबे ने कहा था की इसका किसी के साथ चक्कर नही है. फिर ये हरीश, शायद मिसेज़ दूबे को इसके बारे मे पता नही होगा.

अच्छा हुआ यहीं बाइक रोकने को कहा. कही मिसेज़ दूबे के घर के आस पास रोकने को कहता तो मुश्किल हो जाती.

हरीश बाइक से उतर गया

हरीश-चल अंदर तुझे चुदाई दिखाता हूँ

मैं हरीश के साथ घर के गेट के पास चला गया.

हरीश ने बेल बजाई

हरीश ने 3 बार कंटिन्यू बेल बजाई. शायद ये इनका कोड वर्ड होगा

 


342 सी

हरीश ने बेल बजाई. एक औरत ने गेट खोला.

एक दम पटाका थी. सर से लेकर पैरो तक गोरा बदन था. हाइट थोड़ी कम थी. पर बूब्स बड़े थे.शादी शुदा थी.मसेज पवार

मिसेज़ पवार ने हरीश को अंदर बुलाया. मैं भी हरीश के साथ अंदर चला गया.

घर मिसेज़ दुबे के घर की तरह था.

हरीश और मैं सोफे पर बैठ गये. मिसेज़ पवार किचिन मे जाकर पानी लेकर आ गयी.

मिसेज़ पवार-ये कौन है

हरीश-मेरा फ्रेंड है.

मिसेज़ पवार -तुम्हे कितनी बार कहा है कि अकेले आया करो ,आज अपने फ्रेंड को साथ लेकर क्यू आए हो

हरीश-मेरा खास फ्रेंड है

मिसेज़ पवार -मैं इसके साथ कुछ नही करने वाली

हरीश-मत करना,तुम्हे सिर्फ़ मेरे साथ करना है

मिसेज़ पवार -और ये

हरीश-ये बस देखने आया है.

मिसेज़ पवार -इसके सामने करेंगे

हरीश-ज़्यादा नखरे मत कर ,

मिसेज़ पवार -पर इसके सामने कैसे

हरीश-ज़्यादा नखरे किए तो इसके साथ भी करना पड़ेगा.

मिसेज़ पवार-ठीक है इस के सामने कर लूँगी.

हरीश-ये हुई ना बात ,और बता जॉब कैसे चल रहा है

मिसेज़ पवार -तुम ने लगा कर दिया है ,जिस की वजह से टेन्षन नही है.

अवी-(तो जॉब लगाने के बदले चुदाई)

हरीश-तूने अपनी चूत जो दी है जॉब तो लगा कर देना ही था.

मिसेज़ पवार -क्या करे मेरा पति कुछ करता नही,ना जॉब और ना मेरे साथ, जब से उसकी जॉब गयी है वो घूमता रहता है जॉब के लिए. वो अच्छा हुआ कि तुम ने मुझे जॉब भी लगवा दी और मेरी प्यास भी बुझा दी.

हरीश-बातें बहोत हो गयी. चल कपड़े निकाल

मिसेज़ पवार -बेडरूम मे चलो

हरीश-आज यही करते है जल्दी कपड़े निकालो ,मुझे एक मीटिंग मे जाना है.

मिसेज़ पवार मज़बूरी मे अपने कपड़े निकालने लगी.

हरीश-जल्दी

मिसेज़ पवार -कर रही हू ना

मिसेज़ पवार ने अपने कपड़े निकाल लिए. सिर्फ़ पैंटी और ब्रा रहने दी

हरीश-ये क्या तेरा पति निकालेगा

मिसेज़ पवार -निकालती हू

वो मुझ से शरमा रही थी पर हरीश की बात मना नही कर सकती थी.

उस ने ब्रा और पैंटी भी निकाल दी.

क्या फिगर था उसका क्या बदन था उसका. गंद तो दमदार थी. बूब्स जोरदार थे, चूत लाखो मे एक थी.

मिसेज़ पवार को नंगा देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया.

हरीश ने उसे नंगा देखते ही अपनी ज़िप खोल कर लंड बाहर निकाल लिया.

अब घर मे है. कम से कम अब तो अपने कपड़े निकाल कर मज़े लेते हुए चुदाई कर

हरीश के लंड बाहर निकालते ही मिसेज़ पवार ने झुक कर सोफे को पकड़ लिया.

लगता है हरीश की ये मनपसंद पोज़िशन है.

मिसेज़ पवार कही बार हरीश के साथ चुदाई कर चुकी है.

इसी लिए हरीश के कुछ कहने से पहले चुदाई के लिए पोज़िशन ले लिया.

हरीश ने अपने लंड पर कॉंडम लगा लिया. और मिसेज़ पवार के पीछे आ गया

और एक झटके मे लंड चूत लंड मे डाल दिया.

लंड अंदर जाते ही मिसेज़ पवार की चीख निकल गयी.

मिसेज़ पवार की चीख सुनकर मैं समझ गया कि उसे दर्द नही हुआ वो तो हरीश को खुश करने के लिए चिल्ला रही है,उसे बताने के लिए कि उसके लंड मे बहोत दम है

मुझे हसी आ रही थी पर मैं ने खुद पे कंट्रोल किया.

हरीश उसकी चूत मे धक्के मारने लगा.

3 मिनिट तक हरीश उसकी चूत मारता रहा.मिसेज़ पवार चिल्ला रही थी. मतलब नाटक कर रही थी.

फिर हरीश ने लंड को उसकी चूत से बाहर निकाल लिया.

और मिसेज़ पवार की गंद मे डाल दिया.

हरीश ने एक झटके मे पूरा लंड गंद मे डाल दिया.

हरीश सब के साथ यही करता है. एक ही पोज़िशन मे चुदाई करता है. चूत मे एक झटके मे लंड डालता है फिर गंद मे भी एक झटके मे लंड डालता है.

गंद मे लंड जाते ही मिसेज़ पवार फिर चिल्लाने लगी.

हरीश ने मिसेज़ पवार की थोड़ी देर गंद मारी और फिर झड गया.

हरीश की चुदाई के वक्त मैं घड़ी की तरफ देख रहा था.

हरीश ने अपना पानी कॉंडम मे डाल दिया.

इतनी दमदार चुदाई के बाद हरीश थक गया था.

हरीश मिसेज़ पवार की चुदाई करने के बाद लंड को गंद से बाहर निकाल लिया.

मिसेज़ पवार खड़ी हो गयी. और हरीश की तरफ अपना चेहरा किया.

हरीश उसके बूब्स चूस ने लगा.

चुदाई के बाद बूब्स चूसना, पार्क मे भी ऐसा ही किया था इस ने

ठीक है अगर दुबारा चुदाई करना चाहता है तो

पर बूब्स चूसने के बाद वो दुबारा चुदाई नही करेगा.

मिसेज़ पवार फिर शीष्कारिया लेने लगी.

हरीश ने 2 मिनिट तक उसके बूब्स चूसे और फिर हरीश बाथरूम मे चला गया.

हरीश के जाते ही मिसेज़ पवार सोफे पर बैठ गयी और अपनी चूत मे 2 उंगली डाल कर ज़ोर ज़ोर से अंदर बाहर करने लगी.

मैं उसे ऐसा करते हुए देख कर हँस रहा था.

मिसेज़ पवार ने चूत मे उंगली करके अपना पानी निकाल लिया.

पार्क की लड़की चुदाई के गेम मे नयी थी जिस की वजह से उसका पानी निकल गया पर मिसेज़ पवार तो इस गेम की पुरानी खिलाड़ी है जिस की वजह से हरीश मिसेज़ पवार का पानी नही निकाल पाया .

तो ये बात है ,हरीश ठीक से चुदाई नही करता है.

हरीश अभी तक बाथरूम मे था.मैं मिसेज़ पवार के पास जाकर बैठ गया

 


342 d

मैं मिसेज़ पवार के पास जाकर बैठ गया.

उस ने कुछ नही कहा.

मैं ने उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया.

वो मेरे लंड को हाथ मे पकड़ कर देखने लगी.

मेरा लंड लंबा और मोटा था. उसे मेरा लंड पसंद आ गया.

मिसेज़ पवार मेरे लंड को अपने हाथ से सहलाते रही

अवी-तो तुम मिसेज़ पवार हो

उसका नाम सुनते ही उसने लंड सहलाना बंद किया.

मिसेज़ पवार-तुम्हे मेरा नाम कैसे पता चला.

अवी-खूबसूरत औरतो के नाम मुझे पता होते है

मिसेज़ पवार -फिर तो तुम मज़ेदार इंसान हो

अवी-मेरी छोड़ो तुम तो मूवी की हेरोयिन हो

मिसेज़ पवार -मैं समझी नही

अवी-तुम अच्छा नाटक करती हो

मिसेज़ पवार -नाटक, कैसा नाटक

अवी-तुम बिना दर्द के चिल्ला रही थी.

मिसेज़ पवार-मुझे दर्द हो रहा था

अवी-मुझे पता है तुम नाटक कर रही थी.अब बोल भी दो सच. मैं हरीश को नही बताउन्गा.

मिसेज़ पवार -तुम ने सही पहचाना, मुझे दर्द नही हो रहा था.

अवी-तुम्हे मज़ा भी नही आया

मिसेज़ पवार -हाँ, इसने कितनी बार मेरे साथ चुदाई की है पर एक बार भी मेरा पानी नही निकाल पाया.

अवी-एक बार भी नही

मिसेज़ पवार -उसे चुदाई करनी नही आती. हमेशा एक ही पोज़िशन मे चुदाई करता है, एक बार मे लंड अंदर डालता है, चुदाई के बाद बूब्स चूस्ता है.

अवी-फिर भी तुम इसके साथ चुदाई करती हो

मिसेज़ पवार -इस ने मुझे जॉब दी है,इस लिए इसे बर्दास्त कर रही हू. इस से अच्छा तो मेरा पति है जो एक तो बार मेरा पानी निकालता है

अवी-वैसे मेरे बारे मे क्या ख़याल है

मिसेज़ पवार -तुम्हारा तो लंबा और मोटा दिख रहा है. पर क्या पता सिर्फ़ दिखता है या कुछ करता भी है

अवी-बहोत कुछ करता है. एक बार मे तुम्हारा इतना पानी निकाल सकता है कि उस पानी मे तुम नहा सकती हो

मिसेज़ पवार -कुछ भी

अवी-ट्राइ कर के देखो

मिसेज़ पवार -सच

अवी-हाँ सोला आना सच

मिसेज़ पवार -फिर तो ट्राइ करके देखना होगा

अवी-कब करोगी

मिसेज़ पवार -जब तुम चाहो

अवी-आज नही कर सकते. किसी दिन फ़ुर्सत से आउन्गा.

मिसेज़ पवार -इंतज़ार रहेगा.तुम अपनी जगह पर जा कर बैठो ,हरीश आता ही होगा

मैं अपनी जगह पर आकर बैठ गया.

हरीश फ्रेश होकर आ गया.

अवी-चले

हरीश-हाँ चलो

मिसेज़ पवार खड़ी हो गयी.

हरीश ने मिसेज़ पवार की गंद पर एक थप्पड़ मारा और हम बाहर आ गये.

फिर हम बाइक लेकर वहाँ से निकल पड़े

अवी-ब्रो तुम तो सब को नानी याद दिला देते हो

हरीश-मैं ऐसा ही हू

अवी-(घंटा नानी याद दिलाता है)जोरदार चुदाई की उस की

हरीश-मैं सब की ऐसे ही चुदाई करता हू, एक बार किसी की चुदाई करता हू तो वो दुबारा मेरे पास चुदाई करने आती है.

अवी-(मज़बूरी मे आती है) ऐसी चुदाई तो हर औरत चाहती है.मज़ा आ गया ऐसी चुदाई देख कर

हरीश-ऐसी चुदाई बहोत कम लोग कर पाते है

अवी-(सही कहा ऐसी चुदाई बहोत कम जन करते है. सब इस से अच्छी चुदाई करते है) ब्रो, कहाँ से सीखी ऐसी चुदाई. ब्लू फ्लिम देखी क्या

हरीश-ब्लू फ्लिम अनाड़ी लोग देखते है .मैं तो बिना ब्लू फ्लिम देखे ऐसी चुदाई करता हू

अवी-(इसी लिए तू ईडियट है) ब्रो तुम्हारे साथ रह कर आज बहोत कुछ सीखने को मिला

हरीश-सीनियर के साथ रहने के यही फ़ायदा होता है.

अवी-मैं तो तुम्हारा फॅन हो गया हू

हरीश-तूने मेरी आज बहोत मदद की ,चल तुझे एक खास जगह लेकर चलता हू. तू खुश हो जाएगा

अवी-चलो फिर ,कहाँ जाना है

हरीश-तू बाइक चलाता रह मैं रास्ता बताता हू

अवी-पर जाना कहाँ है. शहर तो ख़तम हो रहा है

हरीश-एक फार्म हाउस पे जाना. हमारे ग्रूप की खास जगह है.

मैं हरीश के साथ फार्म हाउस पर आ गया.

 
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