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मैं और मेरा परिवार

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364

मैं उसके उपर से अलग हो गया और बातरूम मे चला गया. आज 2 चूत और 2 गंद के साथ 1 वर्जिन चूत मिल गयी थी.

मैं 10 मिनिट के बाद बाथरूम से फ्रेश होकर बेडरूम मे आ गया.

मैं ने देखा वो लड़की रो रही थी और मेडम उसको समझा रही थी और मेडम की फ्रेंड अपने सर को पकड़ कर बैठी थी.

मुझे लगा कुछ गड़बड़ हो गयी है.मैं उस लड़की के पास जाकर बैठ गया.और उसे चुप कराने लगा.

अवी-रो क्यू रही हो.

सेल्स गर्ल-तुम मुझ से दूर हो जाओ.तुमने मेरे साथ... और रोने लगी.

मैं ये सुनकर शॉक्ड हो गया.मुझे समझ नही आ रहा था कि ये क्या बोल रही है. मैं ने खुद को नॉर्मल करके उस लड़की से पूछा

अवी-तुम हो कौन और यहाँ कैसे आ गयी.

सेल्स गर्ल-मैं सेल्स गर्ल हू.

मैं समझ गया कि हुआ क्या है.

अवी-मेडम आप मेरे साथ बाहर चलिए .मुझे आपसे बात करनी है.

मेडम मेरे साथ बाहर हॉल मे आ गयी. मेडम की फ्रेंड को उसको संभालने को कहा

अवी-मेडम आपने ये क्या किया

मिसेज़ वर्मा-सब गड़बड़ हो गयी. अब मैं बर्बाद हो जाउन्गि.और रोने लगी.

अवी-देखिए रोना बंद कर दीजिए. पहले ये बताइए क्या आप उस लड़की को जानती हो

मिसेज़ वर्मा-नही जानती मैं उसे

अवी-फिर आपने मुझे उसके साथ चुदाई करने को क्यूँ कहा

मिसेज़ वर्मा-अगर ऐसा नही करती तो वो सब को हमारे बारे मे बता देती

अवी-उसे आपके बारे मे बताकर क्या मिलता.आपको उसके साथ ऐसा नही करना चाहिए था.

मिसेज़ वर्मा-मैं क्या करती मुझे तब यही सही लगा. और ये सब मेरी फ्रेंड की वजह से हुआ

अवी-आपकी फ्रेंड की वजह से

मिसेज़ वर्मा-उसने अगर गेट बंद कर दिया होता तो वो लड़की अंदर नही आती.और मुझे ये सब नही करना पड़ता

अवी-अब जो हो गया वो बदल नही सकते. अब आगे क्या करना है वो सोचिए

मिसेज़ वर्मा-मुझे तो कुछ समझ नही आ रहा. तुम ही कुछ करो

अवी-मुझे सोचने दीजिए कि क्या किया जा सकता है.

मिसेज़ वर्मा-जल्दी कुछ सोच नही तो वो लड़की पोलीस स्टेशन चली जाएगी.

अवी-आप यहीं रुकिये मैं उस लड़की से बात करता हू

मैं बेडरूम मे चला गया.और मेडम की फ्रेंड को हॉल मे भेज दिया और बेडरूम का गेट बंद कर दिया.

और उसके पास जाकर बैठ गया. और अभी भी रो रही थी. मैं ने उसको अपने गले लगा लिया.

वो मेरे गले लग कर रोने लगी.रोते हुए उसे समझ नही आ रहा था कि वो मेरे गले लगी हुई है.मैं ने बड़ी मेहनत से उसे चुप कर दिया.

अवी-तुम यहाँ कैसे आई

सेल्स गर्ल-मैं सोप बेचने आई थी

अवी-तुम घर के अंदर क्यूँ आई

सेल्स गर्ल-मुझे अंदर से कुछ आवाज़े आ रही थी.तो वो देखने अंदर आ गयी.

अवी-अब तुमने क्या करने के बारे मे सोचा है

सेल्स गर्ल-मैं तुम सब को जैल मे डालूंगी.

अवी-फिर तो तुम्हे भी हमारे साथ जैल मे जाना होगा

सेल्स गर्ल-मैं कैसे जैल मे जाउन्गि

अवी-क्यू कि तुमने हमारा साथ दिया था

सेल्स गर्ल-वो तो .,और रोने लगी

मैं ने उसे फिर गले लगा दिया.

अवी-देखो तुम रोओ मत

सेल्स गर्ल-मेरे माता पिता ग़रीब है. अगर मैं जैल मे गयी तो उनका क्या होगा.

अवी-मैं तुम्हे जैल मे नही जाने दूँगा

सेल्स गर्ल-वो कैसे

अवी-अगर तुम पोलीस स्टेशन नही गयी तो. हम भी जैल नही जाएँगे और तुम भी नही जाओगी

सेल्स गर्ल-लेकिन तुमने जो मेरे साथ किया है उसका क्या

अवी-जो मैं ने तुम्हारे साथ किया उसमे तुमने मेरा साथ दिया था. और इस घर मे कैमरे लगे हुए है(झूठ).इस लिए तुम पोलीस के पास नही जा सकती.

सेल्स गर्ल-वो मैं....

अवी-देखो जो हुआ वो बदल नही सकते .

सेल्स गर्ल-फिर मेरे साथ शादी कौन करेगा. तुमने तो मुझे कही का नही छोड़ा

अवी-मैं तुम्हे मेडम से अच्छे पैसे दिलवा दूँगा. जिस से तुम शादी भी कर सकती हो और तुम्हे काम भी नही करना पड़ेगा,

सेल्स गर्ल-मैं पैसे का क्या करूँगी.मैं तो मूह दिखाने के काबिल नही रही.

अवी-पैसे लेकर नयी ज़िंदगी सुरू करो. और किसको कहाँ से पता चलेगा कि तुम चुदाई कर चुकी हो

सेल्स गर्ल-कुछ सोचते हुए

अवी-ज़्यादा मत सोचो, इसमे तुम्हारी भी ग़लती है ,यही सही होगा कि मेरी बात मान लो.

सेलेज़्गर्ल- ठीक है,मैं पैसे लेने को तय्यार हू

अवी-कितने चाहिए (ये तो मुझे पता था,कि ये पैसे का नाम सुनकर अपना फ़ैसला बदल सकती है.)

सेल्स गर्ल-10,000 रुपये

मैं उस सेलेज़्गर्ल की बात सुनकर हँसने लगा.

अवी-बस इतने से

सेल्स गर्ल-20,000 रुपये

अवी-मैं तुम्हे 2,00,000 रुपये दिलवा दूँगा

सेल्स गर्ल-इतने सारे पैसे

अवी-(मेडम ने जो मुझसे पाप करवाया है.उसकी तो सज़ा मिलनी चाहिए) हाँ,अब बोलो चाहिए पैसे

सेल्स गर्ल-हाँ,इससे तो मुझे ज़िंदगी भर काम नही करना पड़ेगा

अवी-पैसे लेने के बाद इस घर से दूर रहोगी(मेडम ने मुझे इतना मज़ा दिया तो मेडम के लिए कुछ तो करना पड़ेगा.)

सेल्स गर्ल-मुझे मंज़ूर है

अवी-तो फिर मुझे एक किस दो

सेल्स गर्ल-क्या?

अवी-तुम्हारी मदद कर रहा हू तो एक किस भी नही दे सकती.

सेल्स गर्ल-तुम बहोत गंदे हो

और उसने अपना चेहरा मेरी चेस्ट मे छुपा दिया

अवी-एक किस तो दे दो

सेल्स गर्ल-नही दूँगी

अवी-क्यू नही दोगि

सेल्स गर्ल-क्यू कि मैं तुम्हे और भी कुछ अच्छा दूँगी

अवी-क्या दोगि

सेल्स गर्ल-मैं तुम्हे एक और बार करने दूँगी

अवी-क्या सच मे

सेल्स गर्ल-हाँ,तुम मेरे लिए इतना कर रहे हो .उसके बदले कुछ तो देना पड़ेगा

अवी-मतलब तुम्हे चुदाई मे मज़ा आया था

सेल्स गर्ल-हाँ

अवी- तुम और करना चाहती हो

सेल्स गर्ल-हाँ

अवी-फिर ये रोने का नाटक क्यूँ किया

सेल्स गर्ल-वो नाटक नही था. मैं सच मे रो रही थी. पर जो हुआ उसमे मैं फस जाउन्गि. जैल जाउन्गि.उस से अच्छा है कि मैं पैसे लेकर अपना मूह बंद कर दूं, और एक बार अच्छे से मज़ा लूँ,

अवी-फिर मेरा साथ चुदाई क्यू करना चाहती हो

सेल्स गर्ल-क्यू कि तुम बहोत अच्छे हो.तुम मुझे ज़िंदगी भर का सहारा दे रहे हो.और जैल जाने से बचा रहे हो,

अवी-पर हम यहाँ नही करेंगे

सेल्स गर्ल-यहाँ क्यू नही

अवी-अगर यहाँ किया तो तुम्हे पैसे नही मिलेंगे

सेल्स गर्ल-ठीक है पर कहाँ करेंगे

अवी-वो मैं बाद मे बताउन्गा. अभी मैं मेडम से बात करके आता हू

सेल्स गर्ल-रूको

अवी-क्या है

उसने मुझे किस किया .

 
365

मैं हॉल मे आ गया

अवी-मेडम आपने ये क्या किया

मिसेज़ वर्मा-मुझे माफ़ कर दो .

अवी-आपने ये सब करने से पहले सोचा नही था कि आगे क्या होगा

मिसेज़ वर्मा-मुझे लगा कि वो चुदाई का मज़ा लेगी और चली जाएगी,जिस से वो हमे ब्लॅकमेल नही करेंगी.

अवी-आपको तो पता था कि वो वर्जिन है .फिर भी आपने ऐसा किया.

मिसेज़ वर्मा-मुझ से ग़लती हो गयी

अवी-आपको इस ग़लती के लिए जैल भी जाना पड़ सकता है

मिसेज़ वर्मा-मुझे जैल नही जाना. तुम कुछ करो

अवी-मैं क्या कर सकता हू .मुझे भी आपके साथ जैल जाना होगा

मिसेज़ वर्मा-कुछ भी करो पर मुझे बचा लो

अवी-एक रास्ता है जिस से आप बच सकती है

मिसेज़ वर्मा-कौनसा रास्ता है

अवी-अगर आप उसे पैसे दे कर चुप कर दो तो वो पोलीस के पास नही जाएगी

मिसेज़ वर्मा-कितने पैसे देंगे होगे

अवी-2,00,000 रुपये

मिसेज़ वर्मा-इतने पैसे मेरे पास नही है

अवी-आपको अकेली को नही देना होगा

मिसेज़ वर्मा-फिर कौन कौन देने वाला है

अवी-आप और आपकी फ्रेंड अंजलि

मिसेज़ वर्मा-और तुम

अवी-मैं आपको बचा रहा हू इतना काफ़ी नही है जो आप मुझे भी पैसे देने को कह रही है

मिसेज़ वर्मा-ठीक .मेरे पास है 1,00,000 रुपये

अवी-और आपकी फ्रेंड अंजलि

अंजलि-मैं घर से लाकर देती हू

अवी-तो जाइए जल्दी लेकर आ जाइए. और मेडम आप भी अंजलि के साथ जाइए

मिसेज़ वर्मा-मैं क्यूँ ?

अवी-वो लड़की आपका चेहरा नही देखना चाहती है.

मिसेज़ वर्मा-ठीक है. पर मुझे एक सवाल पूछना है

अवी-हाँ पूछिए

मिसेज़ वर्मा-अगर उसने दुबारा पैसे माँग लिए तो

अवी-नही माँगेगी

मिसेज़ वर्मा-तुम कैसे कह सकते हो

अवी-मैं ने उसे पहले सब समझा दिया है. अब जल्दी जाकर पैसे लेकर आइए .

अंजलि-मैं अभी लाती हू

वो दोनो चली गयी. मैं ने गेट बंद कर दिया और उसके कपड़े और अपने कपड़े लेकर बेडरूम मे आ गया.

और उसके पास जाकर बैठ गया

सेल्स गर्ल-क्या हुआ.

अवी-बस 1 घंटे मे तुम लखपती बन जाओगी.

सेल्स गर्ल-थॅंक्स,ये सब तुम्हारी वजह से हुआ

अवी-मेरा इनाम मैं कल लूँगा

सेल्स गर्ल-कहाँ लेने वाले हो

अवी-मैं ने उसे अड्रेस दे दिया. कल यहाँ पर 12 बजे आ जाना

सेल्स गर्ल-आ जाउन्गि. पर ये तो कल के लिए .अभी कुछ नही कर सकते.

अवी-अभी नही .कल मैं तुम्हे जन्नत ले जाउन्गा.

सेल्स गर्ल-वैसे ये दर्द कब तक रहता है

अवी-तुम घर जाकर पेन किल्लर खा लेना.कल तक दर्द ख़तम हो जाएगा.और अनवॉंटेड 72 खा लेना

हम ने बाते करते हुए कपड़े पहन लिए.

1 घंटे बाद मेडम और मेडम की फ्रेंड अंजलि पैसे लेकर आ गयी.

मेडम ने अलमारी से 1,00,000 रुपये निकाल कर मुझे दिए.

अंजलि ने पर्स मे से पैसे निकाल कर मुझे दिए.

मैं ने पैसे उस लड़की को दे दिए.

अवी-ये लो पैसे .और दुबारा इस घर की तरफ मत आना

सेल्स गर्ल-नही आउन्गि

अवी-मेडम आप माफी माँग लीजिए

मिसेज़ वर्मा-मुझे माफ़ कर दो,

सेल्स गर्ल-माफ़ तो नही कर सकती पर मैं भूल ने कोशिश करूँगी.

अवी-अब तुम अपने घर जाओ

वो लड़की चली गयी.

अवी-मेडम अब आप टेन्षन मत लीजिए

मिसेज़ वर्मा-थॅंक्स तुमने दूसरी बार मुझे बदनाम होने से बचाया.

अवी-अब आप ऐसे लफडे करना बंद कीजिए.और आप भी

मिसेज़ वर्मा-मैं आज से ये सब बंद कर दूँगी

अंजलि-मैं भी बंद कर दूँगी.

अवी-चलो अब मैं भी चलता हू. आज आपके साथ मज़ा आया

मिसेज़ वर्मा-मुझे मज़ा और सज़ा दोनो मिली

अवी-बाइ मेडम

मिसेज़ वर्मा-बाइ

और मैं मेडम के घर से अपने गाँव की तरफ निकल गया. मेडम के घर के वो 6 घंटे मुझे हमेशा याद रहेंगे.

 


366

मैं घर आ गया. बड़ी चाची मुझे पहले 2 बाते सुनाई फिर खाना खिलाया.

बी चाची-इतनी देर कैसे लगी

अवी-वो एक काम याद आ गया था

बी चाची-पिक्चर देखते हुए कौन सा काम याद आया

अवी-(तो छोटी चाची ने ये बताया कि मैं पिक्चर देखने गया हू) वो पिक्चर देखने के बाद करीम के घर गया.

बी चाची-उसके घर ,किस लिए गया था

अवी-वो पढ़ाई करने ,इतने दिन की पढ़ाई जो बाकी है

बी चाची-तुम सच मे पढ़ाई करने गया था.

अवी-हाँ चाची,पहले पिक्चर देखी फिर पढ़ाई की

बी चाची-ठीक है,पर तुम ज़्यादा ही शहर जाने लगे हो

अवी-काम होता है तभी जाता हू.

बी चाची-कहीं तू ग़लत काम तो नही करता है

अवी-चाची जैसा आप सोच रही उस से मैं दूर ही रहता हू

बी चाची-मेरी सोच सही निकली ना तू मेरा मरा हुआ मूह देखेगा

अवी-आप कैसी बाते कर रही है.मैं ऐसे ग़लत काम करने के पहले 100 बार सोचूँगा

बी चाची-मुझे पता है कि तू ऐसा काम नही करेगा पर शहर मे ऐसे लोग होते है जो अच्छे आदमी को बुरा बना देते है

अवी-चाची मैं ऐसे लोगो से दूर रहता हू.

बी चाची-दूर ही रहता जा.

अवी-जी चाची

बी चाची-और ये देख कितना दुबला हो गया है तू .खाना अच्छे से खाया कर.

अवी-आप ही खिलो दो ना आज

बी चाची-इतना बड़ा हो गया है और मेरे हाथ से खाएगा

अवी-आज खिला दो ना चाची

बी चाची-ठीक है. आज मैं अपने बेटे को अपने हाथ से खिला देती हू

बड़ी चाची ने मुझे खाना खिलाया.

चाची ने खाना तो खिला दिया पर मेरे मन मे एक डर पैदा कर दिया.

अगर चाची को मेरे बारे मे पता चल गया तो. अगर चाची ने मुझे चुदाई करते हुए देख लिया तो...

मैं खाना खाने के बाद अपने कमरे मे चला गया.

मुझे बस बड़ी चाची की बाते याद आ रही थी.

मैं जो कर रहा हू उसे बंद कर देना चाहिए.

एक तो पहले ही मैं अपने माँ को खो चुका हू अब बड़ी चाची को खोना नही चाहता.

हाँ मुझे अब ये रोक देना चाहिए. अगर बड़ी चाची को मेरे बारे मे पता चल गया तो.अगर बड़ी चाची को रानी के बारे मे पता चल गया तो...

और जैसा छोटी चाची ने कहा कि अगर बड़ी चाची को पता चल गया कि मैं ने उनको माँ बनाया है तो क्या होगा.

मुझे ये सब रोकना होगा. भलेहि बड़ी चाची शहर मे नही आती पर कही से भी पता चल सकता है.

मुझे रति के साथ घर पर करना बंद करना चाहिए. घर पर तो एक ना एक दिन बड़ी चाची को पता चल ही जाएगा.

मैं ऐसे ही सोचते हुए सो गया.

फिर रति ने मुझे रात के खाने के लिए जगाया .मैं फ्रेश होकर खाना खाने लगा.

खाना खाते हुए मुझे बड़ी चाची की बाते याद आ रही थी.

मैं ने जल्दी से खाना खा लिया और कमरे मे चला गया.

आज मेरा पढ़ाई मे मन नही लग रहा था. ना ही किसी और कामो मे. रानी से भी फोन पर बात नही की.

मुझे लगा एक बार छोटी चाची से बात कर लेता हू. फिर सोचा हर बार छोटी चाची को परेशान करना ठीक नही होगा.

फिर मैं ने फ़ैसला किया कि मैं कल से चुदाई करना बंद कर दूँगा. अब जो भी चुदाई करूँगा वो अपनी बीवी के साथ वो भी शादी के बाद.

फिर मैं बिना पढ़ाई किए ,बिना रानी से फोन पर बात किए, बिना छोटी चाची को आज की चुदाई के बारे मे बताए सो गया.

 
367

नेक्स्ट डे

मैं सुबह उठ कर कसरत करने लगा. जो रात मे मैं ने फ़ैसला किया था वो निभाना था.

मैं फ्रेश होकर कोमल के साथ कॉलेज चला गया.कोमल क्लास मे और मैं कॅंटीन मे चला गया.

थोड़ी देर बाद मुझे कॅंटीन मे पंकज और उसकी गर्लफ्रेंड आते हुए दिखाई दिए.

पंकज और उसकी गर्लफ्रेंड मेरे पास आकर बैठ गयी

अवी-हाई

पंकज-हाई

अवी-क्लास मे नही गया

पंकज-कैसे जाउन्गा.

अवी-क्यू?

पंकज-तेरे कहने पर मैं कॉलेज तो आ गया .पर मिसेज़ वर्मा ने देख लिया तो गड़बड़ हो जाएगी

अवी-कुछ नही होगा

पंकज-तू मेडम को नही जानता

अवी-अच्छे से जान गया हू मैं मेडम को

पंकज-फिर भी तू कह रहा है कि मैं क्लास मे चला जाउ

अवी-हाँ,तू भूल गया, मैं ने क्या कहा था .

पंकज-याद है मुझे..तूने कहा था कि तू मेडम से बात करेगा

अवी-फिर भी तू ऐसी बात कर रहा है

पंकज- क्या तूने मेडम से बात कर ली

अवी-हाँ

पंकज-क्या कहा मेडम ने

अवी-मेडम ने तुम दोनो को माफ़ कर दिया है. तुम दोनो कॉलेज आ सकते हो और एग्ज़ॅम भी दे सकते हो

पंकज-मेडम ने हमे माफ़ कर दिया

अवी-हाँ

पंकज-मेडम ने तेरी बात मान ली

अवी-मेरी बात ना मानने वाला अभी तक पैदा नही हुआ

पंकज-मतलब हम कॉलेज आ सकते है

अवी-अब क्या स्टंप पेपर पे लिख के दूं.

पंकज मेरे गले लग गया.

पंकज-थॅंक्स

अवी-थॅंक्स बाद मे कहना पहले कोल्ड्ड्रिंक पिला

पंकज-रुक मैं अभी लेकर आता हू

पंकज काउंटर पर कोल्ड्ड्रिंक लेने चला गया.

पंकज की गर्लफ्रेंड-थॅंक्स अवी ,तुम्हे पता नही तुमने हमारे लिए क्या किया है. अगर मैं ये एग्ज़ॅम नही देती तो मेरा क्या होता ,मेरे घर वाले मेरा कॉलेज आना बंद कर देते

मैं बोलने ही जा रहा था कि पंकज कोल्ड्ड्रिंक लेकर आ गया.हम कोल्ड ड्रिंक पीने लगे.

पंकज ने अपनी गर्लफ्रेंड को क्लास मे भेज दिया.

अवी-अब तो तेरा काम हो गया.

पंकज-थॅंक्स, तेरा इनाम भी मिल जाएगा

अवी-मुझे कुछ नही चाहिए(आज से मैं ने चुदाई करना बंद किया है.)

पंकज-ऐसे कैसे कुछ नही चाहिए. तूने मेरे लिए जो किया है उसके बदले मे कुछ तो मिलना चाहिए

अवी-मुझे कुछ नही चाहिए

पंकज-तूने तो कहा था कि तुम इस काम के बदले मुझसे कुछ माँगने वाला था

अवी-अब नही चाहिए

पंकज-तुम कुछ भी बोल मैं तो तुझे खुश कर दूँगा

अवी-क्या करने वाला है तू

पंकज-मुझे पता है तुझे क्या चाहिए .और वो मैं तुझे जल्दी ही दूँगा. अब मैं चलता हू.

पंकज चला गया.मैं सोचने लगा कि पंकज क्या करने वाला है.

फिर मैं क्लास मे चला गया. और फिर कोमल के साथ गाँव आ गया.

आज मैं ने पंकज को मना किया. अगर चाहता तो पंकज को कहता कि मुझे काकी के साथ चुदाई करनी है .पर मैं ने ऐसा नही किया.

लेकिन पंकज ने कहा कि वो मुझे खुश कर देगा. पता नही पंकज क्या करने वाला है

मैं चाहता तो पंकज की गर्लफ्रेंड के साथ भी चुदाई कर सकता था.पर मैं ने ऐसे भी नही किया.

वो सेलेज़्गर्ल भी मेरा इंतज़ार कर रही होगी .पर मैं वहाँ भी नही गया.

उस सेलेज़्गर्ल की चूत और शायद उसकी कुवारि गंद भी मिल जाती पर मैं बड़ी चाची की वजह से कुवारि गंद को छोड़ दिया.

आज मैं ने काकी की बड़ी गंद ,पंकज की गर्लफ्रेंड और सेलेज़्गर्ल की कुवारि गंद को अपने हाथो से आज़ाद कर दिया.

मैं घर आकर अपने कमरे मे जाकर पढ़ाई करने लगा. फिर रात मे खाना खा कर फिर पढ़ाई करने लगा

 
368

मैं कमरे मे पढ़ाई कर रहा था कि छोटी चाची मेरे बेटे के साथ कमरे मे आ गयी.

सी चाची-पढ़ाई कर रहे हो

अवी-हाँ

सी चाची-थोड़ा टाइम अपने बेटे के लिए भी निकाला करो

अवी-उसके लिए तो टाइम ही टाइम है

सी चाची-और मेरे लिए

अवी-आपके लिए भी मेरे पास हमेशा टाइम रहता है

सी चाची-फिर कल तू इतनी जल्दी सो कैसे गया

अवी-पता नही कल कैसे नींद आ गयी(झूठ)

सी चाची-देख मैं तुझे अच्छे से जानती हू. कल तूने जो किया वो मुझे बिना बताए सो नही सकता था.

अवी-चाची वो सर मे दर्द हो रहा था इस लिए सो गया था

सी चाची-एक और झूठ...कल तू शाम मे सोया था फिर भी रात मे इतनी जल्दी सो गया. अब बता क्या हुआ है

अवी-ऐसा कुछ भी नही है.मैं तो बस ऐसे सो गया था.

सी चाची-ठीक है. अब ये बता कल शहर मे क्या किया.(अवी कुछ तो छुपा रहा है.)

अवी-जैसे हमेशा करता हू चुदाई की

सी चाची-किस के साथ

अवी-आपको वो वीडियो पता है जो हमने साथ मे देखे थे

सी चाची-हाँ

अवी-उसमे एक वीडियो मिसेज़ वर्मा , हमारे कॉलेज की टीचर का था

सी चाची-हाँ,बताया था तूने

अवी-मेडम ने पंकज को कॉलेज.....

....फिर मैं ने मेडम का वीडियो डेलीट....

.,..फिर मेडम ने अपनी सहेली के साथ चुदाई ....

....

सी चाची-तो तूने कल मेडम की सहेली के साथ चुदाई की

अवी-पहले मेडम के साथ फिर मेडम की सहेली के साथ

सी चाची-वो कैसे

अवी-मेडम ने मुझे अपने घर....

....फिर मेडम की चूत और गंद मारी...

....फिर मेडम की सहेली की मारी....

....फिर गेट खुला था...

....एक लड़की ने देख लिया....

...फिर मेडम ने उस लड़की के साथ करने को कहा...

... लड़की की कुवारि चूत फाड़ डाली.

सी चाची-वो लड़की कौन थी

अवी-वो सेल्स गर्ल थी.

सी चाची-फिर क्या हुआ

अवी-फिर वो लड़की रोने लगी..

....और मैं चाची को सब बता दिया.

सी चाची-ये तूने अच्छा किया जो उस लड़की को पैसे दिलवा दिए .और मेडम को अच्छा सबक सिखाया

अवी-वो तो करना ही था

सी चाची-फिर आज तो तूने उस लड़की की गंद भी मारी होगी

अवी-मैं चुप था...अब चाची को क्या बताऊ

सी चाची-अब बता तुझे क्या हुआ है. कल इतनी जल्दी क्यू सो गया

अवी-ये बीच मे फिर वही सवाल पूछ लिया आपने

सी चाची-अब नाटक करना बंद कर और बता क्या बात है.

अवी-वो कल शहर से आने के बाद...

...और मैं बड़ी चाची और फिर मैं जो फ़ैसला किया वो सब बता दिया

सी चाची-तो ये बात है

अवी-हाँ यही बात है

सी चाची-हँसने लगी

अवी-आप हंस क्यू रही है

सी चाची-तूने एक कुवारि गंद छोड़ दी इस लिए हँस रही हूँ

अवी-एक कुवारि गंद के साथ मैं ने पंकज की गर्लफ्रेंड और पंकज के घर की काकी को भी छोड़ दिया.

सी चाची-अब तो और हँसना पड़ेगा

अवी-आप हँसना बंद कीजिए.एक तो मैं बड़ी चाची की वजह से परेशन हू और आप है कि हँस रही है

सी चाची-हँसू नही तो क्या करू...तुझे कितनी बार कहा है कि जब तक मैं हू तू बस मज़े कर सुमन दीदी को मुझे पर छोड़ दे..

अवी-अगर बड़ी चाची को पता चला तो

सी चाची-मैं हू ना..मैं संभाल लूँगी. अगर तू कल ही मुझे बता देता तो आज तू कुवारि गंद मार चुका होता.

अवी-फिर भी मुझे लगता है ये बंद करना चाहिए.

सी चाची-मतलब तुझे मुझ पर भरोसा नही है. तू सुमन दीदी की टेन्षन मत ले जब उनको पता चल जाएगा तो मैं संभाल लूँगी...अब ये साधु बन ना बंद कर और मुझे पहले जैसा अवी चाहिए.

अवी-ठीक है. मैं फिर मज़ा करना सुरू करता हू

सी चाची-अब क्या फ़ायदा एक कुवारि गंद तो छोड़ दी तुमने. पता नही वो तुझे कब मिलेगी

अवी-कुछ नही होता...पंकज की गर्लफ्रेंड और काकी तो है.

सी चाची-वो बाद मे करना .पहले पढ़ाई कर और रानी को कॉल करना .आज रानी ने मुझे कॉल किया था और तेरे बारे मे पूछ रही थी. कि तूने कल कॉल क्यू नही किया.

अवी-अभी करता हू.

सी चाची-मेरे जाने के बाद करना.और हाँ उसे अगले सनडे को घर बुलाना

अवी-सनडे को..

सी चाची-हाँ ,सनडे को बेटो के नाम रखने है.

अवी-अगले हफ्ते से (मंडे)से मेरी एग्ज़ॅम है.

सी चाची- तो क्या हुआ, सनडे को प्रोग्राम है और मंडे को एग्ज़ॅम है.

अवी-आप समझी नही, सनडे को प्रोग्राम है तो मैं पढ़ाई कैसे करूँगा.

सी चाची-इतने दिन से पढ़ाई तो कर रहा था

अवी-फिर भी सॅटार्डे और सनडे को कुछ नही कर पाउन्गा. जिस से मैं एग्ज़ॅम मे फैल हो सकता हू.

सी चाची-देख आज मंडे है, तेरे पास 7 दिन है पढ़ाई करने को, तुझे इतना मॅनेज तो करना होगा.

अवी-पर

सी चाची- देख ऐसे छोटे मोटे प्रोग्राम तो आते रहते है, तुझे उन प्रोग्राम के साथ एग्ज़ॅम देना सीखना होगा.

अवी-और ये मैं कैसे करूँगा.

सी चाची-कन्सिडर कर कि मंडे को तेरी फाइनल एग्ज़ॅम है ,और सनडे को दादाजी की डेथ हो गयी तो तू क्या करेंगा.

अवी-दादाजी का अंतीमसंस्कार करूँगा.

सी चाची- और एग्ज़ॅम

अवी-उसको भूल जाना होगा.

सी चाची-क्यू भूलना होगा. क्या तुम 3 घंटे मॅनेज नही कर सकते, दादाजी का सपना था कि तुम पढ़ लिख कर बड़ा आदमी बने अगर उनके डेथ की वजह से तूने एग्ज़ॅम नही दी तो क्या दादाजी की आत्मा को शांति मिलेंगी. साल भर से पढ़ाई कर रहे हो तो एक दिन ना करने से क्या फ़र्क पड़ेगा. कुछ नही.

मॅनेज करना सीखो, समझो तुम्हारी एग्ज़ॅम 5 दिन है और उस 5 दिन हमारे पड़ोस मे शादी है. फिर क्या तुम उनको शादी करने से मना करोगे क्यू कि तुम्हे पढ़ाई करनी है.

ऐसा नही होता, तुम्हे हर बात के लिए तय्यार रहना चाहिए. जिस से आगे जाकर परेशानी मे भी तुम्हारे चेहरे पे स्माइल हो.

अवी-समझ गया

सी चाची-रानी को समझा देना, और उसे सनडे को लेकर आना

अवी- मैं रानी को खुद लेकर आउन्गा.वो भी कब से आपको मिलना चाहती है.

सी चाची-मुझे पता है. उसने बताया मुझे कि वो यहाँ आना चाहती है.

अवी-मतलब आप रानी से रोज बात करती है

सी चाची-हाँ.अब तू भी कर ले ...मैं चली सोने

छोटी चाची चली गयी.और मैं रानी के साथ बाते करने लगा. फिर पढ़ाई करके सो गया

 


369

नेक्स्ट डे

मैं कोमल के साथ कॉलेज आ गया. अभी एग्ज़ॅम को 5 दिन बाकी थे .मैं पढ़ाई के लिए कोई चान्स नही लेना चाहता था.

पहले ही 1 महीने की पढ़ाई बाकी थी. और पहले भी मैं कहाँ क्लास मे आता था.फिर भी मुझे पढ़ाई तो करनी होगी.

मैं ने पंकज की गर्लफ्रेंड और काकी के बारे मे सोचना बंद किया. अब जो भी करना है वो एग्ज़ॅम और दीवाली के बाद करूँगा.

मैं क्लास के बाद कोमल के साथ लाइब्रेरी मे जाकर पढ़ाई करने लगा.

थोड़ी देर पढ़ाई करने के बाद रानी के साथ कॅंटीन मे आ गया.

रानी-क्या बात है आज किस खुशी मे कोल्ड ड्रिंक पिला रहे हो .

अवी-तुम गर्लफ्रेंड हो मेरी. तुम्हारे साथ रहने के लिए क्या मुझे कोई वजा नही चाहिए.

रानी-मैं तुम्हे अच्छे से जानती हू अब बोलो क्या कहना है

अवी-तुम और छोटी चाची मेरे बताने से पहले ही कैसे जान जाती हो.

रानी-वो हमारी ख़ासियत है.

अवी-सनडे को तुम्हे चाची ने बुलाया है

रानी-किस लिए...

अवी-मेरे भाइयो के नाम रखने है.इस लिए छोटा सा प्रोग्राम रखा है

रानी-फिर तो आना ही पड़ेगा.वैसे तुमने नाम तो सोचे ही होगे

अवी-वो तो चाची रखने वाली है.मैं नाम सोच कर क्या करूँगा

रानी-तुम सच मे पागल हो...मैं ने तुम्हारी बहन के लिए एक अच्छा नाम सोचा है.

अवी-मुझे बता दो मैं चाची को बता दूँगा

रानी-वो मैं खुद बता दूँगी. और कल मेरे साथ मार्केट चलना

अवी-मार्केट किस लिए जाना है

रानी-गिफ्ट लेना है

अवी-तुम चली जाना .मैं आकर क्या करूँगा

रानी-मैं तो जाकर ले लूँगी पर तुम्हे भी तो गिफ्ट लेना होगा.इसलिए कहा कि साथ मे चलते है

अवी-मुझे ,किस लिए

रानी-अपने भाई बहनो को गिफ्ट नही दोगे

अवी-वो तो अभी छोटे है.

रानी-तुम तो बड़े हो

अवी-ठीक है, कल मार्केट जाकर गिफ्ट खरीद लेंगे और कोमल को भी अपने साथ मार्केट ले चलेंगे

रानी-उसे तो ले कर जाना ही होगा. अब चलो नही तो कोमल ढूँढते हुए यहा भी आ जाएगी.

फिर मैं पढ़ाई करने के बाद कोमल के साथ घर आ गया.

अवी-कोमल

कोमल-हाँ बोलो

अवी-कल हम मार्केट चलेंगे,

कोमल-मैं भी तुम्हे यही कहने वाली थी.

अवी-तो कल का पक्का

कोमल-हाँ पक्का

अवी-हम लेंगे क्या.

कोमल-वो इतने छोटे है कि मुझे भी कुछ समझ नही रहा है.

अवी-एक काम करते है ,रानी को साथ लेकर चलते है ,उसे पता होगा इस बारे मे

कोमल-ये ठीक रहेंगा. फिर तो रानी को प्रोग्राम मे बुलाना होगा.

अवी-तो क्या हुआ ,बुला लेंगे.

कोमल-मैं कल रानी से बात कर लूँगी.

ऐसे बाते करते हुए हम घर चले गये.

घर पे अभी से सनडे की तय्यारी सुरू हो गयी थी.

चाचा भी बड़े जोश मे आकर काम कर रहे थे.

कल या परसो से मेहमान भी आ जाएँगे ,उनका भी देखना होगा.

इस लिए मुझे तय्यार रहना था. पढ़ाई और काम ,मनेज करना सीखो

दूसरे दिन मैं ,रानी और कोमल के साथ मार्केट चला गया.

कोमल ने रानी को सनडे के लिए इन्वाइट किया. फिर हम मार्केट मे घूमते हुए गिफ्ट खरीदने लगे.

गिफ्ट खरीदने के बाद मैं कोमल के साथ घर चला गया..

369ए

नेक्स्ट दिन बड़ी चाची और छोटी चाची की फॅमिली आ गयी.

मेहमानो मे ज़्यादातर औरते थी. सिर्फ़ एक या 2 आदमी थे.

मेहमानो की खातिर दारी करते हुए सारा दिन चला गया.

ना ठीक से किसी से बाते की और ना किसी से जान पहचान हुई.

नेक्स्ट डे सीमा चाची की फॅमिली भी आ गयी.

फिर वो दिन भी आ गया जिस का सबको इंतज़ार था.

सनडे को घर पे प्रोग्राम सुरू हो गया.

रानी भी आ गयी और आरती को भी अपने साथ ले आई.

गाँव की सभी औरतें हमारे घर मे आ गयी.

सिर्फ़ औरतो को देख कर मैं सोच रहा था कि कोई आदमी क्यू नही आया.

चाचा भी महमानो मे जो आदमी आए थे उनके साथ बाहर चेअर डाल कर बैठे थे.

मैं ने गाँव मे सभी लोगो को इन्वाइट किया. ठाकुर की हवेली पर जाने वाला था कि पता चला कि हवेली पर कोई नही है.

सब को इन्वाइट करके घर के अंदर गया तो हॉल भी औरतो से भरा हुआ था.

हमारे घर मे हॉल बड़ा था जिस से सब के लिए जगह हो गयी.

मेरे अंदर आते ही औरतें मुझे घूर कर देखने लगी.

मैं ने औरतो को इग्नोर किया और चाची को ढूँढने लगा कि मेरी नज़र रानी पर जाकर रुक गयी.

रानी ने ग्रीन कलर की साड़ी, साड़ी पे मॅचिंग ब्लाउस, बालो मे गजरा, नाक मे नथ, गले मे सुंदर सा नेकक्लेस, कमर पे कमरबन्द,

रानी तो दुल्हन की तरह सजी हुई थी.

कही ये सब छोटी चाची ने, अरे वो गिफ्ट ,तो ये था वो गिफ्ट

मुझे हॉल मे सिर्फ़ रानी ही रानी दिख रही थी. ऐसा लग रहा था कि हॉल मे सिर्फ़ मैं और रानी ही है.

मैं रानी की सुंदरता मे खोया था कि छोटी चाची मुझे चुटकी काट दी.

सी चाची-रानी को देख रहे हो

अवी-हाँ

सी चाची-देख लिया है तो बाहर जाओ

अवी-देखने दो ना चाची

सी चाची-बिल्कुल नही,यहाँ पर सिर्फ़ औरतो का काम है.

अवी-ये क्या है

सी चाची-इसमे ऐसा ही होता है.

अवी-मैं तो रुक सकता हू ना

सी चाची-नही रुक सकते

अवी-छुप कर

सी चाची-नही बोला ना,बुलाऊ सुमन दीदी को

अवी-उदास होते हुए जा रहा हू

छोटी चाची मुझे उदास देख नही सकती

सी चाची-रुक

अवी-रुक जाउ

सी चाची-मेरा मतलब है तू कॅमरा लाया है.

अवी-कॅमरा क्यू

सी चाची-रेकॉर्ड करने के लिए

अवी-आप ने बताया नही था

सी चाची-अब हर बात बतानी पड़ेगी.चल अपना मोबाइल दे और बाहर जा

अवी-ये लीजिए

छोटी चाची ने धीरे से मेरे कान मे कहा

सी चाची-ये रेकॉर्डिंग तेरे लिए है. बाद मे देख लेना कि यहाँ क्या हुआ था. समझा. चल रेकॉर्डिंग सुरू करके दे मुझे

अवी-थॅंक्स चाची

मैं ने चाची को मोबाइल पे रेकॉर्डिंग सुरू करके दी .और चाची ने मोबाइल चार्जिंग पे रख कर रेकॉर्डिंग करनी सुरू हो गयी.

छोटी चाची ने सबके नाम रख दिए.

छोटी चाची के बेटे का नाम अमित

बड़ी चाची के बेटे का नाम सुमित

और सीमा चाची के बेटी नाम परी रखा

छोटी चाची ने सीमा चाची के बेटी का नाम वही रखा जो रानी ने बताया.

हम ने पूरे गाँव वालो को खाने पे बुलाया. सब हमारे लिए खुश थे. चाचा तो सब से ज़्यादा खुश थे.

फिर ऐसे ही दिन निकल गया.

एग्ज़ॅम भी सुरू हो गयी.एग्ज़ॅम पर थोड़ा असर तो हो रहा था.

पंकज एग्ज़ॅम के लिए खुश था. 5 दिन मे एग्ज़ॅम ख़तम हो गयी.मेरी एग्ज़ॅम ठीक ठाक गयी. पास हो जाउन्गा. नेक्स्ट टाइम पर्सेंटेज पे ध्यान देना होगा.

एग्ज़ॅम के बाद हमे दीवाली के लिए 10 दिन की छुट्टिया मिल गयी.

मैं 10 दिन सिर्फ़ घर मे रहकर दीवाली मना ने वाला था.

 
370

दीवाली को अभी 2 दिन बाकी थे. घर पर दीवाली का काम सुरू हो गया था. घर को पैंट करना.घर की साफ सफाई करना. सबके लिए नये कपड़े,दीवाली का समान ,घर के लिए नये समान ले लिया

छोटी चाची ने फ़्रीज़,और 2 कूलर ले लिया. गर्मियो के लिए. चाची को लगा दीवाली है तो कम दाम मे मिल जाएगा और वैसे भी नवंबर मे कोई लेता नही है जिस से हमे सस्ते मे मिल गया.

ये दीवाली हमारे लिए नयी खुशिया ले कर आई. हमारे साथ इस दीवाली मे नये मेहमान थे. मेरे बेटे अमित ,सुमित और मेरी परी बेटी.चाचियो ने भी इस दीवाली के लिए नया सोच रहा था .और वो किया भी.

मैं ने जो 2 लाख रुपये अपने अकाउंट मे रखे थे .उन रुपयो मे से मैं ने कुछ रुपये दीवाली मे इस्तेमाल कर लिए. चाचियो के लिए मैं ने नयी साड़ियाँ ली साथ मे तीनो बूआयो के लिए भी साड़ियाँ ली.

चाचा के लिए भी नया ड्रेस लिए.और बच्चो के लिए खेलने का समान लिया.

स्वेता दीदी और सीतल दीदी भी दीवाली के लिए गाँव आ गयी.मैं ने स्वेता दीदी, सीतल दीदी के लिए भी उनको जैसा ड्रेस अच्छा लगता है वैसा ड्रेस खरीद लिया.

कोमल ,कविता ,लीना और राज के लिए भी कपड़े और गिफ्ट खरीद लिए.

राजेश इस दीवाली मे भी गाँव नही आया.

अभी तक मैं ने गिफ्ट किस को नही दिए. सोचा कल दीवाली के एक दिन पहले सबको दे दूँगा.

कल लीना का बर्तडे भी है.और परसो दीवाली थी.ये भी मेरे लिए अच्छा था कि कल सब लीना का बर्तडे मना लेंगे और मैं सब को गिफ्ट दे दूँगा.

लेकिन लीना के लिए बर्तडे का गिफ्ट अलग से लेना पड़ेगा.पिछली बार मैं ने बिना पूछे उसे गिफ्ट दिया तो उसने लेने से मना किया था और मेरे साथ जाकर खुद की पसंद का गिफ्ट लिया था.

इस बार मैं लीना से पहले ही पूछ लेता हू की उसे बर्थ डे पर क्या चाहिए.

मैं लीना के घर की तरफ जाने के लिए निकाला था कि छोटी चाची ने मुझे रोक लिया.

सी चाची-अवी कहाँ जा रहे हो

अवी-नीता बुआ के घर

सी चाची-नीता से कुछ काम है तुम्हे

अवी-मैं तो लीना से मिलने जा रहा था.

सी चाची-लीना से,इस वक्त (8.00पीएम बज रहे थे)

अवी-कल लीना का बर्तडे तो सोचा उस से पूछकर आता हू कि उसे बर्तडे पे क्या चाहिए

सी चाची-लीना का बर्तडे है.मैं तो भूल ही गयी...तुम एक काम कर उसके लिए एक अच्छा गिफ्ट ले लेना जो उसे चाहिए.

अवी-वो तो लेना ही पड़ेगा .

सी चाची-और हाँ मैं भी तेरा साथ चलूंगी गिफ्ट लेने

अवी-मैं ले लूँगा. आप बस आराम कीजिए

सी चाची-मैं भी आउन्गि क्यू कि मैने सोचा है कि इस बार हम दीवाली मे सब को कुछ ना कुछ गिफ्ट देंगे.

अवी-क्या लेंगी आप

सी चाची-सब के लिए कपड़े ले लेते है

अवी-उसकी कोई ज़रूरत नही है

सी चाची-क्यू?

अवी-मैं ने कल ही सब के लिए कपड़े खरीद लिए है.

सी चाची-तूने खरीद भी लिए.तेरे पास इतने पैसे कहाँ से आए

अवी-आप भूल गयी मेरे अकाउंट मे 2 लाख रुपये है.

सी चाची-मुझे तो पता ही नही चला कि मेरा बेटा इतना समझ दार हो गया है.

अवी-आप के साथ रह कर आपकी अच्छी आदत लग गयी है मुझे

सी चाची-मेरे साथ रहकर तो कोई भी समझदार हो जाता है. तेरे चाचा भी हो गये पर तेरे जितने नही

अवी-मैं ने आपके लिए भी साड़ी खरीदी है .और बड़ी चाची और सीमा चाची के लिए भी साड़ी खरीदी है.

सी चाची-तूने हमारे लिए भी ...आज तक तेरे चाचा ने हमे दीवाली मे कुछ भी नही दिया और तूने ...

और चाची ने मुझे गले लगा लिया और रोने लगी.

थोड़ी देर बाद चाची ने रोना बंद किया .तब तक बड़ी चाची और सीमा चाची भी हॉल मे आ गयी. और छोटी चाची को रोते हुए मेरे गले लगते हुए देख लिया.

अवी-

बी चाची-क्या हुआ मीना ऐसे अवी के गले लग कर रो क्यू रही है.

छोटी चाची ने मुझे छोड़ दिया.

सी चाची-दीदी वो...

मैं ने छोटी चाची की बात पूरी होने से पहले रोक दी. और अपने कमरे मे जाकर साड़ी लेकर वापस आ गया.

साड़ी चाचियो को दे दी और चाचियो का आशीर्वाद ले लिया.

तीनो चाचियो ने मेरे सर पर किस किया. उनके आँखो से खुशी के आसू आ रहे थे.

फिर मैं चाचियो के साथ बाते करने लगा. बाते करते हुए 1 घंटा हो गया.चाचा भी अपने दोस्त को मिलकर आ गये.

चाचा के आने के बाद मैं नीता बुआ के घर चला गया

371

मैं नीता बुआ के घर आ गया.नीता बुआ और लीना खाना खा रही थी.मैं भी उनके साथ बैठे खाना खाने लगा.

नीता बुआ को अच्छा लगा कि मैं उनके साथ खाना खा रहा हू. हम बाते करते हुए खाना खाने लगे.

खाना खाने के बाद नीता बुआ बर्तन साफ करने चली गयी. और लीना मेरा हाथ पकड़ कर अपने कमरे मे ले गयी.

लीना-मुझे पता था कि आप आज मुझसे मिलने ज़रूर आएँगे

अवी-कैसे नही आता .मेरी प्यारी बहन से मिलने तो आना ही था

लीना-अगर आप नही आते तो मैं ही आने वाली थी आपसे मिलने

अवी-कुछ काम था तुझे

लीना-हाँ,और बहोत सारी बाते करनी थी

अवी-क्या बाते करनी है.

लीना-भैया कुछ पुच्छू ना था

अवी- पूछना तुझे क्या पूछना है

लीना-भैया आपकी कोई गर्लफ्रेंड है

अवी-ये अचानक गर्लफ्रेंड के बारे मे कैसे पूछ लिया तूने

लीना-बताइए ना कि क्या आपकी गर्लफ्रेंड है

अवी-नही,पर तू क्यू जान ना चाहती है.

लीना-ऐसे ही.

अवी-कही तूने तो कोई बाय्फ्रेंड नही बना लिया

लीना-क्या भैया कुछ भी पूछ रहे हो. यहा गाँव मे कहाँ बाय्फ्रेंड बनाउन्गा. यहाँ तो एक भी अच्छा लड़का नही है

अवी-और वैसे भी मुझे नही लगता कि तुझे बाय्फ्रेंड की ज़रूरत है.अभी तो तेरी उमर ही क्या हुई है. अभी तो तू बच्ची है

लीना-मैं कोई बच्ची नही हू. मैं भी बड़ी हो गयी हू

अवी-मुझे तो तू बच्ची ही लग रही है.

लीना-कल जब देखोंगे तो कहोगे कि मैं बड़ी हो गयी हू

अवी-कल ऐसा क्या चमत्कार होने वाला है जो तू एकदम बड़ी हो जाएगी

लीना-ये तो आपको कल ही पता चलेगा

अवी-अच्छा ,कल तेरा बर्तडे है इस लिए बोल रही है

लीना-वो तो है ही पर और भी कुछ कल ऐसा करूँगी कि मैं बड़ी हो जाउन्गि

अवी-क्या करने वाली है तू.मुझे भी बता ज़रा

लीना-वो तो कल देख लेना.और मेरे साथ कोई और भी बड़ा होगा

अवी-और कौन है

लीना-वो भी कल पता चलेगा

अवी-तू पागल हो गयी है.कैसी पागलो जैसे बाते करके मुझे भी पागल कर देगी.

लीना-भैया ,मैं पागल नही हू .

अवी-पागल नही तो क्या है. कैसे पागलो जैसे बाते कर रही

लीना-ठीक है. एक बात बता देती हू

अवी-बता

लीना-आप मुझे बड़ा करने मे मदद करोगे

अवी-मैं कैसे मदद कर सकता हू. एक तो मुझे तेरी बात समझ नही आ रही है .और तू कह रही तेरी मदद करू

लीना-आपके बिना मैं बड़ी नही हो सकती

अवी-देख अब मेरा सर दर्द करने लगा है तेरी बातों से

लीना-रूको मैं बाम लगा कर दर्द कम कर देती हू

अवी-ये दर्द बाम लगाने से कम नही होगा

लीना-फिर कैसे होगा

अवी-तू मुझे साफ साफ बता कि तू कल क्या करने वाली हो और मैं कैसे तेरी मदद कर के तुझे बड़ा बना सकता हू

लीना-पहले प्रॉमिस कीजिए कि आप मुझ पर गुस्सा नही करोगे

अवी-मैं कभी तुझ पर गुस्सा नही हो सकता

लीना-फिर भी प्रॉमिस कीजिए

अवी-ठीक है मैं प्रॉमिस करता हू कि मैं गुस्सा नही होऊँगा

लीना-आप मुझे लड़की से औरत बना दो

 


372

मैं लीना की बात सुनकर शॉक्ड हो गया. मैं मूरत बन कर सिर्फ़ लीना की तरफ देखने लगा.

लीना ऐसे खड़ी थी जैसे कुछ हुआ ही नही हो.उसने अपना चेहरे इतना मासूम करके रखा कि कोई भी उसको देख कर उसकी बात मान ले.

मुझे तो समझ नही आ रहा था कि मैं क्या करू और क्या ना करू.उसे क्या जवाब दूं.

मैं सोच ही रहा था कि नीता बुआ कमरे मे आ गयी.

नीता बुआ-क्या बाते हो रही है

अवी-मैं बुआ की बात सुनकर होश मे आ गया

लीना-कुछ नही,बस कल के लिए क्या करना है उसके बारे मे बात कर रहे थे

नीता बुआ- मुझे भी बता दो क्या करने वाले हो कल

अवी-मैं लीना की तरफ देखने लगा

लीना-भैया बोल रहे थे कि शाम मे केक काट लेंगे

नीता बुआ-मैं भी यही सोच रही थी. अच्छा हुआ तुमने पहले ही सोच लिया.

लीना-भैया कह रहे थे कि केक वो लाएँगे

मैं ने कब कहा कि मैं केक लाउन्गा. ये लीना झूठ क्यू बोल रही है, और मेरे बोलने से पहले खुद नीता बुआ के सवाल का जवाब दे रही है.

नीता बुआ-वो क्यू लाएगा .मैं घर पे बना लूँगी.

लीना-भैया इतने प्यार से ला रहे थे तो लाने दो ना माँ

नीता बुआ-ठीक है,

लीना-लेकिन भैया कह रहे थे कि हमे सुबह जाकर केक लाना होगा

नीता बुआ-सुबह क्यू?

लीना-सुबह अच्छा केक मिलता है ना इस लिए.

ये हो क्या रहा है, ये लीना क्या बोल रही है, ये सब कब डिसाइड किया कि कल सुबा जाना है, केक लाना है,

नीता बुआ-अवी सुबह जाकर ले आना

अवी-जी बुआ

लीना-माँ, भैया कह रहे थे कि मैं भी उनके साथ शहर चलूं

मैं लीना की तरफ देखने लगा कि ये ऐसा क्यू बोल रही है.मैं ने कब कहा, लीना करना क्या चाहती है,मैं तो सिर्फ़ गिफ्ट के बारे मे पूछने आया था ,और ये हो क्या रहा है.

लीना ने ये सब पहले से प्लान किया था या नीता बुआ को झूठ बोल रही है.

नीता बुआ-अवी तू अकेले भी तो ला सकते हो केक फिर लीना को ले जाने की कोई खास वजह

अवी-वो ...

मेरी बात पूरी होने से पहले लीना बीच मे बोल पड़ी.

लीना-भैया मुझे गिफ्ट भी तो देने वाले है. अगर मैं भैया के साथ चली गयी तो अपनी पसंद का गिफ्ट

खरीद लूँगी.

नीता बुआ-तूने फिर अवी से गिफ्ट माँग लिया

लीना-भैया से मैं नही मानूँगी तो कौन मानेंगा.और वैसे भी राजेश भैया आने वाले तो है नही.

नीता बुआ-ठीक है चली जाना पर ज़्यादा परेशान मत करना

लीना-थोड़ा तो करना पड़ेगा

नीता बुआ-वैसे तू लेने क्या वाली है

लीना-जो लेना है वो भैया को बता दिया है. क्यू भैया

अवी-(ये तो मेरी जान ही निकाल लेंगी) मैं उसकी के बारे मे सोच रहा हू

लीना-अभी तक सोच ही रहे है

नीता बुआ-तूने ऐसा क्या माँग लिया जो अवी अभी तक सोच रहा है.

लीना-हाई एक प्यारी सी चीज़

नीता बुआ-कही तूने,लॅपटॉप या मोबाइल तो नही माँग लिया..अगर माँगा हो तो अवी इस मत देना कोई भी गिफ्ट

लीना-इतनी महँगी चीज़ नही माँगी है

नीता बुआ-तो फिर क्या माँगा है जो अवी इतना सोच रहा है.

लीना-कल देख लेना ना माँ

नीता बुआ-अगर तूने ऐसा वैसा कुछ भी माँग लिया तो तेरी कल पिटाई करूँगी.

लीना-माँ, मैं ने भैया से सिर्फ़ साड़ी माँगी है

नीता बुआ-साड़ी ,अभी से साड़ी पहन कर क्या करने वाली है.

लीना-सोचा इस भर साड़ी पहन कर दीवाली मनाओ.

नीता बुआ-ठीक है .

अवी-तुझे साड़ी चाहिए(ये साड़ी पहन कर औरत बन ना चाहती है.और मैं कुछ और ही समझ गया)

लीना-आप क्या समझे.

अवी-मैं भी साड़ी के बारे मे सोच रहा था

लीना-रेड कलर की साड़ी चाहिए मुझे

अवी-रेड कलर ,एक क्या 2 लेकर दूँगा

लीना-पहले एक ही लेने दो फिर दूसरे के बारे मे सोचूँगी

नीता बुआ-तुम दोनो बाते करो मैं सोने जा रही हू

लीना-आप जाइए मैं भैया से थोड़ी देर बात कर लेती हू

नीता बुआ अपने कमरे मे चली गयी

 
373

नीता बुआ अपने कमरे मे चली गयी.

लीना-तो भैया आप मुझे कल लड़की से औरत बनाएँगे ना

अवी-हाँ ,बना दूँगा

लीना- प्रॉमिस करो

अवी-मैं प्रॉमिस करता हू कि तू जो चाहती है वो तुझे मिलेगा.

लीना-कल बदल मत जाना

अवी-अब प्रॉमिस किया है ना . अब कैसे बदल सकता हू .तुज़े एक अच्छी साड़ी खरीद दूँगा

लीना-ये साड़ी बीच मे कहाँ से आ गयी

अवी-तूने तो कहा कि तुझे साड़ी चाहिए जिसे पहन कर औरत बन ना चाहती है

लीना-वो तो सिर्फ़ माँ को बताने के लिए कहा था.

आप तो मुझे उस तरह औरत बना दीजिए जिस तरह एक लड़की सुहागरात के दिन औरत बनती है

अवी-(मैं लीना की बात सुनकर शॉक्ड हो गया.) तू पागल हो गयी है. तू जैसा चाहती है वैसा मैं नही कर सकता..

लीना-क्या मुझे प्यार नही करते

अवी-करता हू पर एक बहन की तरह और जो तू कह रही है वो ग़लत है.

लीना-मुझे कुछ नही पता .आपने प्रॉमिस किया है.आपको प्रॉमिस पूरा करना होगा

अवी-मैं ने साड़ी लेकर देने के लिए प्रॉमिस किया था..ना की ऐसी हरकत करने के लिए

लीना-मैं तो उसी के लिए प्रॉमिस माँगा था...और रोने लगी.आप भी पापा और राजेश भैया की तरह हो मेरा कोई ख़याल नही रखते .और रोने लगी.

अवी-(मुझे समझ नही रहा था कि मैं क्या करू. मैं कैसे लीना के बातों मे आ गया.) मैं लीना के पास बैठ गया. और लीना को गले लगा लिया.

अवी-लीना देख अगर तू रोएगी तो मैं भी रो दूँगा. मेरे लिए रोना बंद कर .

लीना-आप को तो मेरी कोई परवाह नही है. मैं रो दूं या फिर मर जाऊ.

अवी-तू पहले रोना बंद कर फिर मैं कुछ सोचता हू

लीना-इसमे क्या सोचना है.

अवी-(पहले ये पता लगाना होगा कि लीना मेरे साथ चुदाई करना क्यू चाहती है.) ठीक है नही सोचता .पर मुझे ये बता तुझे ऐसा ख़याल कहाँ से आया.तुझे अचानक ऐसा क्यू लगा कि तुझे औरत बन ना है

लीना-ये जान ने के बाद आप हाँ कर दोगे ना

अवी-पहले बता तो सही..

लीना-जब मैं बीमार थी तब आपने मेरे कितना किया. आपने मेरे लिए अपने हाथ जला दिए. आप हमेशा मेरा ख़याल रखते है.जितना कभी राजेश भैया ने नही रखा. आप मेरे लिए सब कुछ हो.मैं आप से बहोत प्यार करने लगी हू. मैं जानती हू कि मैं आप से शादी नही कर सकती पर आपके साथ प्यार तो कर सकती हू.और जब तक मेरी शादी नही होगी तब तक मैं आपसे प्यार करती रहूंगी.

अवी-अब तू इतनी बड़ी हो गयी कि शादी और प्यार की बाते करने लगी है.

लीना-बड़ी तो नही हुई पर आप मुझे बड़ी बना दो

अवी-अगर मैं मना कर दूं तो

लीना-तो मैं आप से कभी बात नही करूँगी और माँ से भी बात नही करूँगी

अवी-बुआ ने क्या किया है

लीना-आप माँ के साथ प्यार कर सकते हो और मेरे साथ नही..मैं आप दोनो से बात नही करूँगी.

अवी-(मेरे और नीता बुआ के बारे मे लीना को कैसे पता चला. कही लीना ने उस दिन सब देख तो नही लिया.) क्या कहना चाहती हो तुम

लीना-मुझे पता है उस दिन आपने और माँ ने क्या किया.माँ आपके साथ प्यार करके कितनी खुश थी. जितना कभी पापा घर आते है तब नही होती..मुझे भी आपके साथ प्यार करके वही खुशी चाहिए जो आपने माँ को दी थी.

अवी-तूने सब देख लिया था...

लीना-हाँ

अवी-देख लीना ,नीता बुआ की बात अलग है. उनको प्यार की ज़रूरत थी.तुम अपनी पढ़ाई करने पे ध्यान दो . फिर शादी करनी है अगर तेरे पति को पता चला कि तू पहले ही सेक्स कर चुकी है तो वो तेरे लिए अच्छा नही होगा

लीना-शादी के लिए बहोत टाइम है.और मैं कहाँ बार बार करने को कह रही हू. जैसे आपने माँ के साथ एक दिन का पाप किया था वैसा ही मेरे साथ कर लेना.

अब आप मना मत करना. मैं आपको प्रॉमिस करती हू कि मैं कभी भी आपको दुबारा करने को नही कहूँगी. लेकिन अगर आप चाहे तो कर लेना.

मेरे लिए ,अपनी बहन के ,अपनी बहन की एक बात मान लो. मैं समझूंगी कि मुझे बर्तडे का सब अच्छा गिफ्ट मिला है.

अवी-तुझे ऐसा करके क्या मिलेगा

लीना-मुझे आपका प्यार मिलेगा.

अवी-मुझे सोचने दे,मैं तुझे कल बताता हू.

लीना-आप मना मत करना...

अवी-वो मैं कल बताउन्गा की ..मुझे एक बात बता

लीना-पूछिए

अवी-तूने मेरे और नीता बुआ के बारे मे किसी को बताया तो नही ना

लीना-मैं ये बात कैसे किसी को बता सकती हू

अवी-किसी को बताना भी मत .

लीना-नही बताउन्गि

अवी-मैं अब चलता हू.तुझे मैं कल बताता हू.

लीना-मैं आपका इंतज़ार करूँगी

लीना के बारे मे सोचते हुए मैं अपने घर आ गया.

 


374

मैं घर आ गया. रति ने गेट खोला. मैं ने टाइम देखा तो रात के 10.30 बज रहे थे.

रति ने खाने के लिए पूछा तो मैं ने मना कर दिया. लीना की बातों से मेरी भूक मर गयी थी.

मैं अपने कमरे मे जाकर लीना के बारे मे मे सोचने लगा.

क्या करूँ कुछ समझ नही आ रहा था. फिर मुझे छोटी चाची का ख़याल आया.

छोटी चाची ने कहा था कि कुछ भी परेशानी हो तो उनका बता दूं. वो मेरी मदद कर देगी.

मैं ने चाची के मोबाइल पे कॉल किया. 5 6 रिंग हो जाने के बाद छोटी चाची ने कॉल कट कर दिया.

मैं ने फिर से कॉल नही लगाया.मुझे पता था कि छोटी चाची ने कॉल क्यू कट किया. मैं ने थोड़ी देर रुकना सही समझा.

10 मिनिट के बाद छोटी चाची मेरे कमरे मे आ गयी.

सी चाची-क्या हुआ अवी ,इतनी रात को कॉल क्यू किया

अवी-आपसे बाते करनी थी

सी चाची-किस बारे मे

अवी-नीता बुआ के बारे मे

सी चाची-नीता बुआ का नाम सुनते ही. क्या हुआ कही तेरे और नीता बुआ के बारे मे किसी को पता तो नही चल गया

अवी-कुछ ऐसा ही हुआ है

सी चाची-किसे पता चल गया है

अवी-लीना को

सी चाची-लीना को...मैं तो डर गयी थी कही राजेश के पापा को पता नही चल गया

अवी-मतलब लीना को पता चल गया है तो आपको कोई फ़र्क नही पड़ता

सी चाची-लीना तो बच्ची है उसे मैं संभाल लूँगी

अवी-लीना बच्ची नही बड़ी हो गयी है

सी चाची-क्या मतलब.

अवी-लीना ने जो कहा है उसे सुनेगी तो आप शॉक्ड हो जाएँगी.

सी चाची-मुझे पता है लीना ने क्या कहा होगा

अवी-मैं ने अभी तक कुछ नही बताया.फिर भी आपको पता चल गया. मैं भी तो सुनू कि क्या पता चला है आपको

सी चाची-लीना भी तुम्हारे साथ चुदाई करना चाहती है.सही कहा ना मैं ने

अवी-हाँ,पर आपको कैसे पता

सी चाची-तुम ने नीता के साथ सिर्फ़ एक बार चुदाई की है.वो भी 4 महीने पहले.

अवी-तो इस से कैसे पता लगाया आपने

सी चाची-लीना ने 4 महीने से तुम्हारे और नीता के बारे मे तुम्हे कुछ नही कहा. वो चुप रही.

लीना एक सही मोके की तलाश मे थी.कल उसका बर्तडे है और तुम उसे बर्तडे पे गिफ्ट दोगे.ये उसे पता था.तो लीना ने तुम्हे बर्तडे गिफ्ट मे चुदाई करने को कहा.

अवी-हाँ ऐसा ही हुआ है.लीना ने बर्तडे गिफ्ट मे चुदाई करना चाहती है

सी चाची-तुम ने क्या कहा

अवी-मैं ने कहा की मैं उसे कल बताउन्गा.

सी चाची-और तुम हाँ करने वाले हो

अवी-कोई दूसरा रास्ता नही है.

सी चाची-मैं भी यही चाहती हू कि तुम लीना को हाँ करदो.ऐसा करने से लीना को भी तुम्हारा प्यार मिल जाएगा.

मैं ने देखा है लीना कितनी अकेली हो गयी है. ना उसके पापा यहाँ है ना उसका भाई राजेश.उसको तुम्हारे प्यार की ज़रूरत है .

अगर तुम ने मना कर दिया तो लीना टूट जाएँगी. लीना को तुमसे बहोत उम्मीद है. तुम उसे हाँ कर दो.

अवी- आपके कहने पर मैं हाँ कर रहा हू

सी चाची-तुम्हे तो हाँ करनी पड़ेगी.मेरे कहने से क्या होता है. वैसे भी तुम्हे हाँ करनी पड़ती .क्यू कि लीना ने तुम्हे पूरी तरसे हाँ करने पे मज़बूर किया है.एक तो उसे तुम्हारे और नीता के बारे मे पता है और दूसरा उसने दीवाली और बर्तडे गिफ्ट का प्रॉमिस लिया होगा.

अवी-हाँ,मैं ने प्रॉमिस किया है.

सी चाची-और एक बात ,क्या नीता बुआ के साथ चुदाई करने के बाद लीना ने तुम्हारे पास आने की कॉसिश की थी

मैं नीता बुआ की चुदाई के बारे मे सोचने लगा.

अवी-हाँ, लीना ने मुझे किस किया था.

सी चाची-फिर तूने क्या कहा था लीना को

अवी-क्या कहूँगा, मुझे गुस्सा आ गया ,और दुबारा ऐसा करने से मना किया था.

सी चाची-मतलब लीना ने एक बार ट्राइ किया था. पर तुम्हारे गुस्सा होने से वो बस सही मोके के इंतज़ार मे थी.

अवी-तभी लीना ने मुझे पहले प्रॉमिस करने को कहा, फिर राजेश के बारे मे बता कर मेरा इरादा बदल दिया. उसके बाद नीता बुआ के बारे मे बता कर मुझे शॉक्ड कर दिया

सी चाची-मान गयी लीना को,सही गेम खेला है लीना ने ,आख़िर तुम्हारी बहन जो है,

अवी-मैं लीना को मना कर दूँगा.

सी चाची-ऐसा ग़लती से भी मत करना, लीना को जो चाहिए वो दे दो, नही तो वो किसी और के साथ चुदाई कर के हमारे घर का नाम बदनाम कर देगी.

अवी-पर

सी चाची-ये उसका आख़िरी गेम है, लीना ने 4 महीने इनज़र किया है इसके लिए.अगर इसमे वो हार गयी तो सब गड़बड़ हो जाएँगी.

अवी-आप क्या कहती हो

सी चाची-मैं ने सही सोचा था. लीना ने सही मोका देखा..तुम उसे हाँ कर दो.

अवी-ठीक है .मैं लीना को हाँ कर देता हू.

सी चाची-और हाँ, कल अगर लीना ने तुम्हे सर्प्राइज़्ड दिया तो शॉक्ड मत होना

अवी-अब क्या सर्प्राइज़्ड देगी लीना

सी चाची-मुझे लगता है एक बात है जो अभी तक लीना ने तुम्हे बताई नही है

अवी-कौन सी बात

सी चाची-वो तुम्हे कल पता चल जाएगी.

अवी-मैं अब कल तक रुक नही सकता .आप ही बता दीजिए

सी चाची-मुझे सिर्फ़ लगता है.शायद जैसा मैं सोच रही हू वैसा ना हो. इस लिए मैं तुझे नही बता सकती.अब सो जा तू, कल तुम्हे मेहनत करनी है

अवी-आप मुझे बिना बताए सोने को कह रही हो.मुझे कैसे नींद आएगी.

सी चाची-मैं ने कहा ना सिर्फ़ मुझे लग रहा है. अगर जैसा मैं सोचा है वैसा हुआ तो तेरे मज़े ही मज़े है.अब सो जा और मुझे भी सोने दे

और छोटी चाची चली गयी. मैं सोचने लगा कि क्या हो सकता है. चाची भी बिना बताए चली गयी.

मुझे सोचते हुए कब नींद आ गयी पता ही नही चला.

 
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