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मैं और मेरा परिवार

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400 ब

मैं करीम की गर्लफ्रेंड को लेकर घर2 आ गया. घर2 के अंदर जाकर गेट बंद कर दिया. और उसे बेडरूम मे ले गया.

अवी-चलो सुरू करते है

-आज मैं तुम्हारी चुदाई करना चाहती हू

अवी-तुम मेरी चुदाई करना चाहती हो?

-हाँ,

अवी-अगर तुम करोगी तो टाइम लग जाएगा

-लगने दो टाइम

अवी-तुम्हे तो घर जाना है

-इतना बताओ कि मुझे तुम्हारी चुदाई करने दोगे

अवी-क्यू नही. जैसा तुम करना चाहती हो वैसा करो

-यहाँ पर रस्सी है

अवी-नही. रस्सी क्यू चाहिए

-वो बाद मे पता चल जाएगा.

और उस ने मेरे और अपने कपड़े निकाल दिए.और मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरे हाथो को बेड से अपने दुपट्टे से बाँध दिया.

अवी-ये क्या कर रही हो

-वही जो मैं करीम के साथ नही कर सकती .और करीम मुझे करने नही देगा.

उसने ने मेरे हाथ और पैर को बेड से बाँध दिए. अब मैं कुछ नही कर सकता था .जो कर सकती वो सिर्फ़ वही कर सकती थी.

वो मेरे उपर आ गयी.और मेरे होंठो पर जीभ घुमाने लगी. पर किस नही कर रही थी. और मैं भी उसे किस नही कर सकता था.

वो अपनी जीभ से मेरे होंठो को चाटने लगी. मैं ने अपनी जीभ बाहर कर दी. वो मेरी जीभ के साथ खेलने लगी. पर किस नही कर रही थी.

उसने मेरी गर्दन पर किस किया पर मेरे होंठो पर नही.लेकिन मैं कुछ कर भी नही सकता था.

फिर वो मेरी चेस्ट को चाटने लगी. मेरे निपल को चाटने लगी.जैसे मैं उसकी बूब्स को चाट लेता था.

उसके चाटने से मुझे मज़ा आ रहा था.फिर उसने ऐसा किया जिस के बारे मे मैं ने सोचा नही था. उसने मेरे निपल को दाँतों मे पकड़ कर काट लिया.

मैं जब किसी के बूब्स को काट लेता तो वो जैसे चीख पड़ती थी,मेरी भी वैसे ही चीख निकल गयी.

लेकिन मैं ने उसे कुछ नही कहा क्यू कि मैं देखना चाहता कि वो क्या क्या करना चाहती है. और उसका ऐसे करने से मुझे मज़ा आ रहा था.

फिर उसने मेरी नाभि मे अपनी जीभ डाल दी. मुझे ये अजीब लगा. कही करीम की गर्लफ्रेंड पागल तो नही है.

मैं ने ब्लू फिल्म मे अभी तक ऐसा नही देखा था. कि एक लड़की लड़के की नाभि को चाट रही हो.

थोड़ी देर बाद उसने चाटना बंद कर दिया.और मेरे लंड को हाथो मे पकड़ लिया.

फिर मेरे लंड के टोपे को जीभ से चाटने लगी. फिर जैसे मैं अपनी जीभ को नोकिला कर के चूत मे डाल कर चूत का मज़ा लेता था. वैसे ही उसने अपनी जीभ को नोकिला कर के, हाथो से लंड को दबा कर लंड के छेद मे जीभ डालने लगी. इतने छोटे छेद मे जीभ डाल ने की कोशिश कर रही थी.

अब मुझे पूरा यकीन हो गया कि ये पागल है.

उसके ऐसा करने से मुझे अजीब सा फील हो रहा था.मज़ा आ रहा था.

उसके बाद उसने लंड को मूह मे लेकर चूसना सुरू किया.वो इतने मस्ती के साथ चूस रही थी कि मुझे मज़ा आ रहा था.

थोड़ी देर ऐसे ही चूसने के बाद उसने लंड बाहर निकाल लिया.और मेरे आंडो को ज़ोर से दबा दिया. मेरे मूह से दर्द भरी चीख निकल गयी.

अवी-मदर्चोद रंडी साली ये क्या कर रही हो.मुझे दर्द हो रहा है.

उसने अपने होंठो पे उंगली रख कर मुझे चुप रहने को कहा. और मेरे आंडो को मूह मे लेकर चूसने लगी ,चाटने लगी. आंडो को चाटने से थोड़ा अच्छा लग रहा था.

उसने फिर से लंड को मूह मे लेकर चूसना सुरू किया.थोड़ी देर वो लंड को चूस्ति रही.

फिर उठ कर मेरे मूह पर अपनी चूत रख कर बैठ गयी. मैं उसकी चूत को चाटने लगा.

मैं ने सोचा जैसे उसने मेरे आंडो को दबाया मैं भी उसकी चूत को काट लेता हू.

मैं ने चूत को चूस्ते हुए काट दिया. मुझे लगा मैं ने उसे सबक सिखाया पर ये मेरी ग़लता फेमी थी. वो मेरे उपर से उठ गयी और उसने मेरे निपल को उंगली मे पकड़ कर मरोड़ दिया.ठीक उसी तरह जैसे सलमान ख़ान हेलो ब्रदर मूवी मे मरोड़ाता था.

मेरी फिर चीख निकल गयी.

अवी-मादरचोद रंडी रुक तुझे तो बाद मे बताता हू .आअहह

उसने मेरे गालो पे थप्पड़ मारा और चुप रहने को कहा .मैं ने चुप होना सही समझा .इस तो मैं बाद मे देख लूँगा.

उसने पहले मेरे निपल को जैसे मरोड़ दिया था उसे जीभ से चाट लिया फिर मेरे गालो पर भी चाट लिया.

मुझे उसका पहले मारना फिर जीभ से चाटना अच्छा लगा.

फिर वो मेरी उपर आकर लंड को चूत पर रख कर बैठ ने लगी .मुझे लगा कि वो धीरे धीरे लंड को चूत के अंदर लेगी.

पर वो एक झटके मे लंड को चूत के अंदर लेकर बैठ गयी. और खुद चीख पड़ी.और मेरे गालो पर फिर थप्पड़ मार दिया.

अब तो मुझे 100% लगा कि वो पागल है. खुद लंड को एक झटके मे अंदर लिया फिर खुद चीख पड़ी और उपर से मुझे थप्पड़ मार दिया.

लंड अंदर जाते ही वो रुकी नही बल्कि लंड पर उपर नीचे होने लगी.और अपने बूब्स को हाथो से मसल्ते हुए लंड के उपर नाच रही थी

वो 10 मिनिट तक ऐसे ही उपर नीचे होते रही. फिर उसने पानी छोड़ दिया. पानी छोड़ने के बाद भी वो उपर नीचे होती रही.

वो मेरे उपर झुक गयी और पहले मुझे थप्पड़ मारा फिर मुझे किस करते हुए गंद को हिलाने लगी.

किस सिर्फ़ वो कर रही थी अगर मैं उसके होंठो को चूस्ता तो वो मेरे गाल पर थप्पड़ मार देती.

10 मिनिट तक वो ऐसे ही किस करते हुए लंड को चूत मे लेकर मज़ा कर रही थी.फिर से उसने पानी छोड़ दिया. पानी छोड़ते ही उसने लंड चूत से बाहर निकाल लिया.

और लंड को अपनी गंद की छेद पर रख के एक झटके मे नीचे बैठ गयी.

उसकी एक जोरदार चीख निकल गयी. पर वो मेरे उपर से उठी नही. बल्कि अपने बूब्स खुद अपने हाथो से दबाती रही.

पहले तो गंद मारने से मना कर रही थी और अब खुद लंड को गंद मे ले लिया.

5 मिनिट के बाद वो गंद मे लंड लेकर उपर नीचे हो रही थी.उसको दर्द हो रहा था पर उसपे खोंसा नशा चड़ा हुआ था ,की वो लंड को उपर नीचे हो रही.पर बाहर नही निकाल रही थी.

वो थोड़ी देर तक लंड को गंद मे लेकर मज़े से उपर नीचे हो रही थी.

फिर वो मेरे उपर से उठ गयी. और लंड को साफ करके चूसने लगी. 5 मिनिट तक ज़ोर से चूसने के बाद उसने मेरा सारा वीर्य पी लिया.और लंड को साफ करके बाथरूम मे चली गयी.

मैं ऐसे ही बेड पर पड़ा रहा.

 


400 सी

10 मिनिट के बाद वो बाथरूम से बाहर आ गयी. और मेरे पेट पर बैठ गयी.

करीम की गर्लफ्रेंड-मज़ा आया

अवी-पहले हाथ खोल फिर बताता हू

-तुम्हारे हाथ खोल दिए तो तुम मेरा ढोल बजा दोगे

अवी-कुछ नही करूँगा .बस हाथ खोल दो

-रूको पहले मुझे एक और काम करना है

अवी-अब क्या करना चाहती हो

-है एक काम

अवी-जो करना है करो पर जल्दी करो

-अपनी आँखे बंद करो

मैं ने अपनी आँखे बंद कर दी. उसने मेरे हाथ और पैर खोल दिए.

मैं ने आँखे खोल दी.और उसे पकड़ कर बेड पर पटक दिया और उसके पेट पर बैठ गया.

अवी-तो ये था तुम्हारा आख़िरी काम

-हाँ

अवी-अब देखो मैं क्या करता हू

-जो करना है करो .जैसा करना चाहते हो वैसा करो

अवी-कुछ करने से पहले मुझे तुम्हे कुछ पूछना है

-हाँ पूछो

अवी-ऐसी चुदाई कहाँ से सीखी तुमने

-मूवी मे देखा

अवी-तो तुम ऐसा कर के देखना था

-हाँ,मेरी फंतासी थी

अवी-करीम के साथ करती मेरे साथ क्यू किया

-मैं ने करीम को पूछा था पर उसने मना कर दिया .

अवी-मेरे साथ करने की कोई खास वजह

-जब तुमने बाइक पर कहा कि तुम मेरे साथ चुदाई करना चाहते हो तो मैं ने सोचा तुमसे पूछ लूँ.

अवी-और मैं ने हाँ कर दिया

-मुझे पता था कि तुम हाँ कर दोगे

अवी-तुमने मुझे थप्पड़ क्यू मारा

-थप्पड़ मारने से मज़ा आता है. इसे वाइल्ड सेक्स कहते है

अवी-वैसे मज़ा तो बहोत आया

-तुम्हारे साथ करने की एक वजह थी. उस्दिन पार्टी मे तुमने अनु के साथ जिस तरह चुदाई की थी उसे देख कर मुझे लगा कि तुम्हे सेक्स मे नया करना पसंद है.और तुम जल्दी हाँ कर दोगे.और मैं ने तुम्हारी चुदाई की और ऐसी चुदाई दुबारा करने को नही मिलेगी.

अवी-गंद का क्या चक्कर है

-मुझे गंद नही मर्वानी थी पर ऐसी चुदाई दुबारा करने को नही मिलेगी.तो मैं सोचा गंद भी मरवा लेती हू

अवी-तुम्हारी गंद मे तो सिर्फ़ एक बार लंड गया था वो भी मेरा फिर तुमने एक बार मे लंड कैसे ले लिया

-चूत मे एक झटके मे ले लिया तो गंद के साथ नाइंसाफी क्यू

अवी-तो तुम्हे पूरा मज़ा और अपनी फंतासी पूरी करनी थी

-हाँ.

अवी-तुम्हे पता है मुझे कितना दर्द हुआ

-हाँ पता है

अवी-तुमने ये नही सोचा कि जब मेरे हाथ खुल जाएँगे तो तुम्हारा क्या होगा

-पता था

अवी-फिर भी मेरे साथ ऐसा करने के बारे मे सोचा

-अगर तुम्हे बुरा लगा हो तो तुम मेरे साथ कुछ भी करो मैं मना नही करूँगी

अवी-कुछ भी करू

-हाँ कुछ भी कर सकते हो

अवी-तो एक किस दो

-क्या?

अवी-मुझे बहोत मज़ा आया. मैं तो ऐसा दुबारा करना चाहता हू

-सच

अवी-हाँ,एक बार तुम्हारे साथ फिर करूँगा .मतलब करने दूँगा

-मुझे कभी कभी लगता है मुझे करीम की बजाय तुम्हे बाय्फ्रेंड बनाना चाहिए था

अवी-अच्छा हुआ मुझे बाय्फ्रेंड नही बनाया

-क्यू?

अवी-करीम के साथ मैं भी तो मिल गया हू. एक साथ दो बाय्फ्रेंड .

-वो तो है

अवी-और एक बात ,तुम मेरे साथ ऐसे चुदाई कर रही थी.कि जैसे कोई लड़का लड़की के साथ करता है

-सही पहचाना तुमने.मुझे ऐसा भी कर के देखना था.

अवी-और तुमने दोनो एक साथ मेरे उपर करके मज़ा लिया

-हाँ

अवी-अब मैं बताता हू कि तुम्हे और क्या करना पसंद है

-क्या करने वाले हो

अवी-जैसा तुमने मेरे साथ किया है तुम चाहती हो तुम्हारे साथ भी कोई ऐसी चुदाई करे

-सही कहा. मुझे ऐसा भी करना है

अवी-इसी लिए तुमने मेरे साथ पहले ऐसी चुदाई की ताकि मैं उसके बदले मे तुम्हारी वैसे ही चुदाई करू

-हाँ,तुम स्मार्ट हो

अवी-तो घर पे फोन करके बता दो कि तुम कॉलेज मे हो और करीम को बता दो कि घर पहोच गयी हो

-अभी करती हू

करीम की गर्लफ्रेंड ने फोन करके बता दिया .और मैं उसकी की चुदाई करने की तय्यारी करने लगा

 


400 डी

करीम की गर्लफ्रेंड ने फोन करके घर पे बता दिया कि वो कॉलेज मे पढ़ाई कर रही है और करीम को फोन करके बता दिया कि वो घर पहोच गयी है.

फिर मैं ने उसे बेड पर लिटा दिया और उसके हाथ और पैर बाँध दिए

-तुम मेरे जैसे करना चाहते हो

अवी-हाँ पर उससे भी ज़्यादा करूँगा

-चेहरे पे छोड़ कर कही पर भी थप्पड़ मार लेना. अगर चेहरे पे थप्पड़ मारोगे तो सब पता चल जाएगा

अवी-मुझे मारते हुए ये नही सोचा था

-ठीक है करो जैसा करना है

मैं ने उसके निपल को उंगली मे पकड़ कर ज़ोर से खीच लिया. उसके मूह से चीख निकल गयी.

आअहह आहह माआ मर गयी .....थोड़ा धीरे करो ...तुम तो मेरी जान निकाल दोगे...मैं ने तो थप्पड़ मारने के बाद जीभ से चटकारा लिया तुम्हारा दर्द भी तो कम किया था...

मैं उसके बूब्स को मूह मे लेकर चूसने लगा. जिस से उसे थोड़ा मज़ा आने लगा.

पर दूसरे बूब्स को जॉर्जोर से दबाने लगा. उसके मूह से दर्द के साथ शीष्कारिया निकल रही थी.

मैं ने निपल को दाँतों से काट लिया. वो फिर चीख पड़ी मैं ने उस बूब्स को छोड़ दिया और दूसरे बूब्स को मूह मे लेकर कभी चूसने तो कभी काट लेता. थोड़ी देर मे उसके बूब्स लाल हो गये.

फिर मैं उसकी टाँगो के बीच आ गया. और उसकी चूत मे एक साथ 4 उंगली डाल दी. वो फिर चीख पड़ी. मैं दूसरे हाथ से उसके गाल को सहलाने लगा. वो समझ गयी कि मैं क्या कहना चाहता हू.

अगर तुम्हारी दुबारा चीख निकली तो मैं तुम्हारे गाल पर थप्पड़ मारूँगा.

फिर मैं उंगली से ज़ोर ज़ोर चूत मारने लगा. वो अब शीष्कारिया लेने लगी.

मैं ने उंगलियो को निकाल दिया.और अपना मूह उसकी चूत के सामने ले गया. और दाने को दाँतों मे पकड़ कर काट दिया.

वो ज़ोर से चिल्लाई. आहह मर गयी. आहह आहह

मैं ने दाने को छोड़ दिया और चूत को चूसने लगा.

थोड़ी देर चूसने के बाद मैं ने चूसना बंद किया और उसकी चूत पर थप्पड़ मार दिया. वो फिर चीख पड़ी.

मैं ने फिर चूत चूसना सुरू किया. तो उसका बदन अकड़ने लगा तो मैं ने चूसना बंद किया और कमरे से बाहर आ गया.

फिर थोड़ी देर बाद कमरे मे वापस आ गया और साथ मे एक बॉटल लेकर आया .जो लंड जैसी लंबी और मेरे लंड से थोड़ी मोटी थी.

वो अपने पैरो से चूत को दबा कर पानी निकाल ना चाहती थी.मैं फिर से उसकी चूत को चाटने लगा तो उसका बदन फिर अकड़ने लगा .मैं ने फिर चूत चाटना बंद किया .ऐसा फिर 2 बार किया. उसे बर्दास्त नही हो रहा था

वो बोली-पानी निकलने दो

मैं ने आधी बॉटल को एक झटके मे अंदर डाल दिया उसकी चूत फट गयी.और उसके चूत से खून और उसका पानी निकल गया.

वो रोने लगी. क्या किया तुमने मैं मर गयी.मुझे लगा मैं ने ज़्यादा ही कर दिया. मैं ने बॉटल निकाल ली. उसकी चूत थोड़ी देर खुली रह गयी. मैं ने उसकी चूत को साफ किया और उसके होंठो पर किस करने लगा.

10 मिनिट तक मैं उसे किस करता रहा.फिर उसके हाथ और पैर खोल दिए

अवी-सॉरी वो ग़लती से हो गया

करीम की गर्लफ्रेंड-हाथ क्यू खोल दिए अभी तक तो चुदाई नही की तुम ने

अवी-तुम्हे तो दर्द हो रहा था.

-बॉटल मत डालो. पर चुदाई पूरी करो.

मुझे क्या था मैं ने उसे घोड़ी बना कर हाथ और पैरो को बाँध दिया.

और पीछे जाकर उसकी चूत मे एक झटके मे लंड डाल दिया और पूरी ताक़त से धक्के मारने लगा. वो चिल्लाने के साथ मज़ा भी ले रही थी. पर मेरा मूड खराब हो गया था. मैं बस चुदाई ख़तम करना चाहता था.

मैं ने 10 मिनिट तक उसकी चूत मारता गया. फिर उसने पानी छोड़ा और मैं ने लंड बाहर निकाल लिया और आगे जाकर उसके मूह मे डाल दिया.

मेरा मूड नही था पर उसका तो मज़ा लेना था. मैं उसके मूह मे धक्के मारने लगा.और तब तक मारते रहा जब तक उसके मूह से थूक बाहर ना गिर गयी. और उसकी आँखो से पानी निकलने लगा.

फिर मैं ने लंड बाहर निकाल लिया और पीछे जाकर उसके चूतड़ पर थप्पड़ मारने लगा. थप्पड़ मारने से उसके चूतड़ हिल जाते.

फिर मैं ने उसके गंद मे लंड डाल दिया और उसके बालो को पकड़ कर धक्के लगाने लगा.

गालियाँ ,दर्द,चिल्लाना,थप्पड़,धक्के,के साथ मैं उसकी गंद मारने लगा. और उसके गंद मे वीर्य डाल दिया.

 


400 ए

मैं ने उसके हाथ और पैर खोल दिए. हाथ और पैर खुलते ही बेड पर गिर गयी.

मैं उसकी गंद पर थप्पड़ मारने लगा पर वो लेटी रही. उसकी गंद लाल हो गयी. मैं ने थप्पड़ मारना बंद किया.और उसे सीधा कर दिया.

उसके बूब्स भी लाल थे.मैं ने उसे पानी पिलाया.तब वो नॉर्मल हुई

अवी-मज़ा आया

-तुमने कभी वाइल्ड सेक्स की ब्लू फिल्म नही देखी.

अवी-नही

- इस लिए तुमने अच्छी तरह से नही किया

अवी-तुम्हारे बूब्स और गंद तो लाल कर दी .फिर भी कह रही हो मैं ने अच्छा नही किया

-बूब्स और गंद लाल करने से थोड़ी होता है

अवी-फिर कैसे किया जाता है

-तड़फाना चाहिए,दर्द देना चाहिए ,दर्द के साथ मज़े करने चाहिए,

अवी-मतलब मुझे बॉटल नही निकालनी चाहिए थी

-हाँ,मैं तो तुम्हे निकालने को कहूँगी पर तुम्हे नही निकालनी चाहिए

अवी-मतलब तुम्हे मज़ा नही आया

-मज़ा तो आया पर और ज़्यादा मज़ा कर सकते थे

अवी-ठीक अगली बार अच्छे से करूँगा

-मैं इंतज़ार करूँगी

अवी-वैसे कितना मज़ा आया

-तुम्हारे साथ हर बार बहोत मज़ा आता है

अवी-मतलब करीम के साथ मज़ा नही आता

-उसके साथ भी आता है पर तुम्हारी बात ही अलग है

अवी-कैसा क्या अलग है मुझमे

-तुम्हारा लंड

अवी-और

-तुम तीनो छेद मे करते हो

अवी-और

-तुम ज़्यादा देर तक चुदाई करते हो

अवी-और

-तुम प्यार और नफ़रत दोनो तरह से चुदाई करते हो

अवी-और

-बस इतना ही

अवी-और तुम एक रंडी हो

-तुम्हारी रंडी

अवी-तुम्हे मैं ज़िंदगी भर रंडी बनाकर रखूँगा

-ये तो मेरे लिए अच्छा ही होगा.

अवी-मैं ने तुम्हे इतना मज़ा दिया है तो तुम्हे मेरा एक काम करना पड़ेगा

-तुम्हारा हर काम करूँगी.

अवी-सोच कर बताओ

-मैं ने सोच लिया .तुम बताओ क्या काम करना है मुझे

अवी-तुम्हे मेरे लिए सोफीया को तय्यार करना होगा.

-करीम की बहन सोफीया की बात कर रहे हो तुम

अवी-हाँ

-ये मैं नही कर सकती

अवी-अभी तो कहा था कि मेरा काम करोगी

-इसमे जोखिम है

अवी-करीम को मुझ पर छोड़ दो

-गड़बड़ हो गयी तो

अवी-मैं देख लूँगा

-ठीक है मैं कोशिश करूँगी. पर मुझे थोड़ा टाइम लगेगा

अवी-जितना चाहिए उतना टाइम लो.तुम मेरा काम कर दो मैं तुम्हे मज़े कराता रहूँगा

-ठीक है.

अवी-अब चलो

-हाँ, बहोत देर हो गयी. चलो

मैं उस के साथ बाहर आ गया. उसके बाइक पर बैठते ही मिसेज़ दुबे अपने घर से बाहर आ गयी. मिसेज़ दूबे मुझे इतने दिनो बाद देख कर बस देखती रह गयी.

मैं ने मिसेज़ दूबे को आँख मारी और करीम की गर्लफ्रेंड को उसके घर छोड़ दिया

फिर कॉलेज चला गया.कोमल को लेकर गाँव चला गया.

बच्चों के साथ खेलना ,चाची के साथ बाते करना ,छोटी चाची को करीम की गर्लफ्रेंड के बारे मे बता कर पढ़ाई करके सो गया.

 


401

ऐसे ही हसी मज़ाक मे पढ़ाई करते हुए 2 हफ्ते निकल गये.

पंकज ने मुझे कॉलेज मे कल बर्तडे के लिए फिर से इन्वाइट किया.

मैं बर्तडे के लिए तो चला जाउन्गा.पर रात मे रुकने की बात जो मुझे सब से ज़्यादा टेन्षन दे रही थी.पर इसका एक ही हल है वो है छोटी चाची.मैं ने रात मे छोटी चाची को अपने कमरे मे बुलाया.

सी चाची-क्या बात है अवी ,

अवी-चाची कल पंकज का बर्तडे है

सी चाची-और तुझे वहाँ जाना है

अवी-हाँ

सी चाची-तो जाओ बर्तडे मे.इसमे मुझ से पूछने की क्या ज़रूरत है

अवी-चाची रात मे मैं पंकज के घर पे रुकने वाला हू.

सी चाची-तो रुक जा

अवी-पर बड़ी चाची ?

सी चाची-दीदी को मैं संभाल लूँगी. पर पहले मुझे ये बता कि तूने 2 हफ्ते से मुझे अपने बारे मे क्यू नही बताया.

अवी-चाची ऐसा कुछ हुआ ही नही जो मैं आपको बता सकूँ.

सी चाची-वो मैं तय करूँगी कि मेरे काम की क्या चीज़ है या नही, तू बस बताया कर

अवी-बिना चुदाई की बात सुनकर आप क्या करेंगी.और वैसे भी आपको तो मैं ने सेक्स स्टोरीस की किताबें तो दी है ना.उसी को पढ़ लिया कीजिए

सी चाची-वो तो मैं रोज पढ़ती हू पर तूने मुझसे एक बात छुपाई है

अवी-कौन सी बात

सी चाची-यही कि तू पंकज के घर क्यू रुकने वाला है

अवी-वो तो मैं बाद मे बताउन्गा.

सी चाची-कही तू वो मिसेज़ वर्मा को पंकज को एग्ज़ॅम देने के लिए मनाया था.उसी की तो पार्टी नही है.

अवी-हाँ उसी के लिए पंकज मुझे काकी जो उसके घर पे काम करती है उसके साथ चुदाई करने देने वाला है.

सी चाची-तूने इतना बड़ा काम किया है और उसके बदले मे एक नौकरानी के साथ सेक्स करने के लिए तय्यार हो गया. कुछ और माँग लेता

अवी-क्या माँगता चाची ,पंकज की गर्लफ्रेंड और उस की मम्मी के साथ तो पहले ही चुदाई कर ली है. और ऋतु दीदी तो कभी भी मेरे साथ चुदाई कर सकती है. मेरे पास वो वीडियो है जिसके इस्तेमाल से मैं ऋतु दीदी के साथ चुदाई कर सकता हू. अब सिर्फ़ काकी बच गयी है. इसी लिए मैं ने काकी के लिए हाँ कर दी.

सी चाची-तुमने ये नही सोचा कि ब्रिथड़े पार्टी मे उसके रिलेटिव्स भी आएँगे उसके साथ भी तो कर सकता है.

अवी-अब मुझ कैसे पता चलेगा कि उसके कितने रिलेटिव है और कौन बर्तडे पार्टी मे आने वाली है. और कौन कैसी दिखती है.

सी चाची-वो तो है,पर तूने काकी को ही क्यू माँगा

अवी-मुझे काकी की गंद पसंद आ गयी है. इस लिए मैं काकी की गंद मारना चाहता हू. पंकज भी ये जानता है कि मैं काकी की गंद मारना चाहता हू इस लिए तो वो बिना मेरे बताए मेरी बात समझ गया और मुझे काकी की गंद देने वाला है.

सी चाची-क्या कहा तूने ,बिना तेरे बताए वो तेरी बात समझ गया है

अवी-हाँ

सी चाची-तूने काकी की बात पंकज से नही की

अवी-मैं ने काकी का नाम भी नही लिया

सी चाची-मुझे शुरू से सारी बात बता,सब कुछ बता

अवी-मैं ने चाची को पंकज के साथ मेरी जितनी बाते हुई वो सब बता दी.

सी चाची-देखा मुझे पहले बताने से तुझे कितना फ़ायदा होने वाला है

अवी-कैसा फ़ायदा

सी चाची-तूने पंकज को काकी के बारे मे नही कहा है.

अवी-हाँ

सी चाची-पंकज ने भी अभी तक ये नही बताया कि वो तुझे किस के साथ चुदाई करने देने वाला है.

अवी-पंकज ने भी काकी ना नाम नही लिया.

सी चाची-तुम दोनो ने अंदाज़ा लगाया है.

अवी-हाँ,

सी चाची-फिर तो तेरे मज़े ही मज़े है

अवी-वो कैसे

सी चाची-देख पंकज ने काकी का नाम नही लिया. पर मुझे भी लगता है कि पंकज काकी को तेरे साथ चुदाई करने के लिए भेजेगा.

अवी-वो तो काकी को ही भेजेगा

सी चाची-देख पंकज जिसको भी भेजे उसके साथ पहले चुदाई कर लेना और फिर पंकज से कहना कि तू किसी और की बात कर रहा था और तूने काकी को भेजा. फिर कुछ ऐसा करना कि काकी के बाद तू जिसके साथ चुदाई करना चाहता है उसका नाम लेना .पंकज थोड़ी देर नाराज़ होगा पर उसे तुम्हारी बात मानने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नही होगा.और तुझे काकी के साथ कोई और भी मिल जाएगी.

अवी-ये तो मैं ने सोचा ही नही. चाची तुम ग्रेट हो..

सी चाची-देखा मुझे पहले बताने का फ़ायदा

अवी-पर चाची मुझे ऐसा क्या करना होगा कि पंकज मेरी बात मान जाए

सी चाची-वो तो तुम्हे खुद सोचना होगा. मैं ने तो तुम्हे नयी चूत का रास्ता दिखाया है मंज़िल तो तुम्हे पार करनी होगी.

अवी-ठीक है मैं कुछ सोचता हू.पर चाची आपका कोई जवाब नही.

सी चाची-अब पेड़ पर मत चढ़ा .तेरा काम मैं कर दूँगी .दीदी को मैं संभाल लूँगी.देख अब रात बहोत हो चुकी है तू सो जा और मेरा भी टाइम हो गया, सेक्स स्टोरी पढ़ कर सो जाउन्गि.

 


401आ

कल क्या करना है इसके बारे मे बता कर छोटी चाची अपने कमरे मे जा रही थी कि फिर से मेरे पास आ गयी.

सी चाची-अवी एक बात पुछु

अवी-हाँ पूछिए

सी चाची-वो पिछली बार की तरह तुम्हारे पास चुदाई वाले वीडियो है

अवी-किस वीडियो के बारे मे बात कर रही है आप

सी चाची-वो पंकज के घर से वीडियो मिले थे तुम्हे ,उसकी बात कर रही हू

अवी-वो वीडियो, कुछ तो डेलीट किए है और कुछ है. आप किस लिए पूछ रही हो

सी चाची-वो मुझे देखने थे,

अवी-क्यू?

सी चाची-ऐसे ही,

अवी-ये लीजिए मोबाइल ,देख लीजिए आराम से

सी चाची-मैं क्या करू मोबाइल का, मुझे तुम्हारा मोबाइल समझ मे नही आता.तू ही दिखा दे

अवी-दिखा तो दूँगा ,लेकिन उसके बदले मे मुझे क्या मिलेंगा.

सी चाची-तू मुझसे सौदा करेंगा.

अवी-एक किस

सी चाची-रहने दे फिर

अवी-चाची कभी तो मेरी बात मान लिया करो,

सी चाची-चल दिखा है, दिखा वो वीडियो

चाची मेरे साथ बेड पर बैठ गयी. मैं मोबाइल मे वीडियो ढूँढने लगा.

वीडियो ढूंढते हुए मेरी नज़र एक नये वीडियो पर गयी.

अवी-ये वीडियो कब बनाया मैं ने

सी चाची-शुरू कर ,अपने आप पता चल जाएगा.

मैं ने वीडियो प्ले किया. ये तो नामकरण का वीडियो है,चाची ने बनाया था.

एग्ज़ॅम और दीवाली के चक्कर मे मैं तो इस वीडियो को देखना भूल गया.

सी चाची-ये तो मैं ने बनाया था.

चाची ने इतना कहा था कि बाहर से बड़ी चाची की आवाज़ आ गयी.

मैं ने वीडियो बंद किया और छोटी चाची के साथ बाहर हॉल मे आ गया.

सी चाची-क्या हुआ दीदी

ब चाची-कहाँ थी तू ,कब से तुझे आवाज़ दे रही थी.

सी चाची-दीदी मैं अवी के साथ उसकी पढ़ाई की बात कर रही थी.

ब चाची-इतनी रात मे, चल जाने दे ,मुझे बाम दे ,मेरी कमर मे थोड़ा दर्द हो रहा है.

सी चाची-अबी लाती हू दीदी

छोटी चाची अपने कमरे मे चली गयी और बाम लेकर वापस आ गयी.

ब चाची-अवी अब सो जा ,बाकी की पढ़ाई कल कर लेना

अवी-जी चाची

ब चाची-मीना तू भी सो जा ,जो बातें करनी है कल कर लेना.

सी चाची-जी दीदी

बड़ी चाची के वजह से मैं चुप चाप अपने कमरे मे चला गया.और फिर से वीडियो देखने के लिए मोबाइल उठाया था कि रानी का कॉल आ गया.

थोड़ी देर रानी के साथ प्यार भरी बातें करने लगा.

रानी के साथ बातें करने के बाद पता नही मुझे क्या हुआ मैं ने एक एक करके सब को कॉल किया. अनु,ज़ोया,सारा,माला(नर्स) और कोमल को भी कॉल किया. ज़ोया ,सारा और माला (नर्स) मुझसे बात करके खुश हो गयी.

अनु को भी मेरे साथ बात करके अच्छा लगा. कॉलेज मे अनु मयूर के साथ रहने से अनु की मेरे साथ बात बड़ी मुश्किल से हो जाती थी. पर आज अनु को कॉल करने से अनु ने पूरी कसर निकाल दी.

कोमल ने कॉल पर भी पढ़ाई के बारे मे बात की. फिर मैं ने ही कोमल को दूसरे टॉपिक पर बात करने पे मज़बूर कर दिया. कोमल के साथ थोड़ी देर बातें की .

फिर मैं सोचने लगा कि मुझे ऐसा कुछ तो करना होगा कि कल 2 चूत मिल जाए.

फिर पंकज के बारे मे सोचते सोचते मैं ड्रीमपुर मे चला गया.

 


402

सुबह किसी के जगाने से मेरी नींद खुल गयी. मैं ने आँखे खोल कर डेका तो मुझे बड़ी चाची ने जगाया था

ब चाची-अवी उठो सुबह हो गयी है

मैं ने देर रात तक फोन पर बात की थी .इस लिए मुझे मेरी नींद पूरी करने के लिए थोड़ी देर और सोना था.

अवी-सोने दो ना चाची.

ब चाची-इतनी देर तक सोना अच्छी बात नही है. अब उठो

चाची तो मुझे उठा कर ही रहेंगी. पर मुझे और थोड़ी देर सोना था इस लिए मैं ने बड़ी चाची को पकड़ कर अपने साथ बेड पर लिटा दिया. और मैं बड़ी चाची के गले लग कर सो गया.

बड़ी चाची समझ गयी कि मुझे और सोना है.

ब चाची-तू थोड़ी देर सो जा पर मुझे तो जाने दे

अवी-आप भी मेरे साथ सो जाइए.और मैं ने अपनी आँखे बंद कर ली.

बड़ी चाची मेरे बालो मे हाथ घुमाने लगी. जिस से मैं फिर ड्रीमपुर मे चला गया.

थोड़ी देर बाद सीमा चाची भी मेरे कमरे मे आ गयी. शायद बड़ी चाची को पूजा घर मे ना देख कर ढूंढते हुए मेरे कमरे मे आ गयी.

मुझे और बड़ी चाची को सोते हुए देख कर मेरे बाजू मे आकर लेट गयी. अब मेरे एक साइड मे बड़ी चाची और दूसरे साइड मे सीमा चाची सो गयी.

थोड़ी देर बाद बड़ी चाची और सीमा चाची को ढूंढते हुए छोटी चाची भी मेरे कमरे मे आ गयी. हम इस तरह सोता हुआ देख कर छोटी चाची ने हमारे साथ सोने की बजाय हमारे उपर पानी डाल दिया.

पानी हमारे उपर गिरते ही हम तीनो ने हड़बड़कर उठ गये.

ब चाची-ये क्या किया मीना तूने .अभी तो मैं नाहकार आई थी तूने मुझे गीला कर दिया

सी चाची-आप फिर सो गयी तो मैं ने फिर नहलाया. हिशाब बराबर

म चाची-ऐसे कैसे हिसाब बराबर हुआ. रुक तुझे मैं अभी दिखाती हू कि हिसाब कैसे बराबर करते है.

इसी के साथ सीमा चाची ने छोटी चाची को पकड़ लिया.

म चाची-अवी जल्दी जा और पानी लेकर आ.

सी चाची-नही अवी मत जाना. देख मैं तेरी प्यारी चाची हू ना.

मैं वही रुक गया.

म चाची-देख अवी अगर तूने पानी नही लाया तो मैं तुझसे बात नही करूँगी.

मैं सीमा चाची और छोटी चाची की बीच मे फँस गया था. मैं कभी सीमा चाची और छोटी चाची की तरहफ़ देख रहा था तो कभी बड़ी चाची की तरफ.बड़ी चाची को मेरी कंडीशन समझ मे आ गयी.

ब चाची-अवी जा जल्दी और पानी लेकर.

अब तो जाना ही होगा. एक तरफ छोटी चाची थी और दूसरी तरफ सीमा चाची और बड़ी चाची थी.

मैं बकेट मे पानी लेकर आ गया.पानी कमरे मे आते ही छोटी चाची सीमा चाची की पकड़ से निकलने की कोशिस करने लगी.

छोटी चाची लगभग सीमा चाची के हाथों से निकलने वाली थी कि बड़ी चाची ने छोटी चाची को पकड़ने मे सीमा चाची की मदद की.

म चाची-तू क्या पानी लेकर खड़ा है जल्दी डाल मीना के उपर

छोटी चाची मुझे पानी डालने से रोक रही थी.

मैं तो बुरी तरह से फस चुका था. तभी मुझे आइडिया आया.

मैं ने बक्केट का सारा पानी तीनो के उपर डाल दिया.

तीनो चाची सर से लेके पैरो तक गीली हो गयी. सीमा चाची ने छोटी चाची को छोड़ दिया.

छोटी चाची सीमा चाची पर हँसने लगी.

म चाची-रुक तुझे अभी दिखाती हू. बड़ा छोटी चाची पल्लू के नीचे रहता है. तुझे अभी दिखाती हू.

और सीमा चाची मेरे पीछे भागने लगी. मैं कहाँ सीमा चाची के हाथ मे आने वाला था. पर मैं भागते हुए ग़लती से बाथरूम मे चला गया. सीमा चाची भी बाथरूम मे आ गयी. और गेट बंद कर दिया.

म चाची-अब आया पकड़ मे.अब दिखाती हू तुझे

अब तो मैं गीला होने वाला था.पर मैं ने अपना दिमाग़ चलाना शुरू किया

अवी-चाची चूत जल्दी दिखा दीजिए.कितने दिन हो गये आपकी प्यारी चूत नही देखी.

और मैं सीमा चाची के पास आ गया और साड़ी को उपर करने लगा.

म चाची-अवी रुक जा. मैं तुझ पर पानी नही डालूंगी.अवी साड़ी उपर मत कर ,ऐसा मत कर,मीना ने मना किया है ये सब करने से

अवी-छोटी चाची ने चुदाई करने से मना किया है देखने से नही.

म चाची-दिखाना है.सिर्फ़ देखना.कुछ करना मत

मैं ने साड़ी को उपर किया और पैंटी को नीचे. सीमा चाची की चूत मेरे सामने आ गयी.

मैं चाची की चूत को देखने लगा.देखते देखते मेरा मुँह चाची की चूत के पास कैसे चला गया .मुझे पता भी नही चला.

चाची की चूत की सुंगंध ने मुझे पागल कर दिया .मुझे कंट्रोल नही हो रहा था.

फिर मैं ने वो किया जो मैं नही करना चाहता था.मैं चाची की चूत को चूसने लगा.

मेरा मुँह चूत को लगते ही सीमा चाची ने अपनी आँखे बंद कर ली.

सीमा चाची की जगह अगर छोटी चाची होती तो अपनी आँखे बंद करने की बजाय मुझे रोक दिया होता.

पर सीमा चाची ने अब तक कंट्रोल किया हुआ था पर मेरा मुँह चूत को छुते ही सीमा चाची को कंट्रोल करना मुश्किल हो गया.

मैं सीमा चाची की चूत चूसने लगा. मेरे पास ज़्यादा टाइम नही था. मुझे 1 मिनिट मे चाची की चूत से पानी निकालना था.

मैं पूरे जोश के साथ चाची की चूत चूसने लगा. चाची की चूत जो लंड लेने के लिए प्यासी थी ऐसी चूत से पानी निकालना बहोत आसान था.

चाची की चूत से नादिया बहाने लगी. चाची का पानी पीकर दिल खुश हो गया.

पानी निकलते ही चाची ने मुझे धक्का दे दिया

म चाची- तुझे कहा था ना कि कुछ मत करना

अवी-चाची आपकी चूत देख कर मैं खुद को रोक नही पाया. मुझे माफ़ कर दीजिए

म चाची-तूने ग़लती कहाँ की जो तुझे माफ़ कर दूं

अवी-मतलब आप को मज़ा आया

म चाची-हाँ,

अवी-फिर करू

म चाची-ज़्यादा मीठा खाना सेहत के लिए अच्छा नही होता है.

अवी-आप का मीठा पानी पी कर सेहत खराब नही हो सकती.

म चाची-ज़्यादा बातें मत बना. तू जल्दी बाहर जा और हाँ मीना को इसके बारे मे मत बताना.

अवी-अगर आप वादा करोगी कि फिर एक बार पानी पिलयोगी तो मैं छोटी चाची को नही बताउन्गा

म चाची-तुझे अच्छा लगेगा कि मीना मुझ पर गुस्सा करेंगी तो जा बता दे मीना को.

अवी-मैं तो मज़ाक कर रहा था. आप तो..

म चाची-मुझे पता है कि तू मज़ाक कर रहा था. और मज़ाक के साथ तू देख रहा था कि दुबारा पानी मिलेंगा कि नही.अगर मिल जाता तो तेरे मज़े थे .अब जा बाहर मैं नहाकर आती हू.

अवी-मैं बाथरूम से बाहर आ गया. सही कहा सीमा चाची ने अगर

चाची मेरी बात मान जाती तो मेरे मज़े थे .और अगर ना कर देती तो मैं ने बोल दिया मज़ाक कर रहा था.

 


403

सुबह चाची के साथ डे मे होली खेलने के बाद मैं पंकज घर सहर चला गया.

पंकज ने कोमल को भी इन्वाइट किया था पर मेरा कोमल को अपने साथ ले जाना ठीक नही होता. एक तो मुझे रात मे पंकज के घर रुकना था और दूसरा मैं पंकज के घर ऐसा काम करने वाला था जो कोमल के साथ रहते हुए नही कर सकता था.

इस लिए मैं कोमल को अपने साथ लेकर नही गया. वैसे भी कोमल ने खुद पंकज के बर्तडे पार्टी मे आने से मना कर दिया .

कोमल से तो पीछा छूट गया .अब रानी का क्या करू. पंकज ने रानी को भी इन्वाइट किया था.

पर लगता है आज सब मेरी मर्ज़ी से हो रहा था. पहले कोमल ने खुद आने से मना किया और अब रानी ने भी फोन करके बताया कि वो पंकज के पार्टी नही आ सकती. रानी को अपनी मम्मी के साथ बाहर जाना था.

अब मैं बिना किसी रुकावट के साथ पंकज की पार्टी को एंजाय कर सकता था.

पार्टी शाम को 6.00 बजे शुरू होने वाली थी ,यही टाइम बताया था पर उसी टाइम शुरू हो ये ऐसी पार्टी नही थी. फिर भी मैं 3.00 पीएम बजे पंकज घर आ गया.

हर बार की तरह आज भी गेट काकी ने खोला. जब भी मैं पंकज के घर आता तो काकी गुस्से के साथ मेरा वेलकम करती पर आज काकी ने मेरी तरफ देख कर स्माइल की और मुझे अंदर आने को कहा.

शायद पंकज ने काकी को मेरे बारे मे बता दिया होगा.इस लिए काकी ने आज मुझे गुस्से से नही देखा.

पता नही पंकज ने काकी को कैसे पटाया की काकी इतनी खुश दिख रही थी.

अवी-काकी पंकज कहाँ है

काकी-वो तो बाहर गया है

अवी-बाहर कहाँ

काकी-मुझे नही पता कि वो बाहर कहा गया है.

अवी-(मैं ने भी किसको पूछ लिया) क्या आंटी भी पंकज के साथ बाहर गयी है.

काकी-मालकिन तो अपने कमरे मे है.

अवी-तुम अपना काम करो मैं आंटी से मिलकर आता हू.

काकी किचन की तरफ जाने के लिए मूडी थी कि मैं ने काकी की गंद को दबा दी.

काकी ने मेरी तरफ देख कर स्माइल की और किचन मे चली गयी.इस बार काकी गुस्सा नही हुई.

मैं आंटी के कमरे के पास आ गया. मैं ने गेट पर नॉक किया.

आंटी-कौन है

अवी-आंटी मैं अवी

आंटी-रूको 2 मिनिट .

2 मिनिट के बाद आंटी ने गेट खोल दिया.

अवी-2 मिनिट मे ऐसा क्या किया जो मुझे बाहर रुकने को कहा.

आंटी-कपड़े पहन रही थी.

अवी-पहनने की क्या ज़रूरत है .

आंटी-वेरी फन्नी,ये बताओ कि इतने दिन कहाँ थे जो मुझे मिलने के लिए भी नही आ सके

अवी-अब आपको मेरी क्या ज़रूरत है. आपको पंकज तो मिल गया ना.उसी से काम चला लीजिए

आंटी-तुम्हारा पंकज से लंबा और मोटा है.तुम्हारे साथ जो मज़ा आता है वो पंकज के साथ नही आता

अवी-तो फिर निकालो कपड़े

आंटी-अबी नही फिर कभी

अवी-अब क्या हुआ.लंड डालने से पहले गंद फट गयी.

आंटी-इस वक्त कोई भी आ सकता है

अवी-पार्टी तो शाम मे है ,इतनी जल्दी कोई नही आने वाला

आंटी-अगर आ गया तो

अवी-तो आने दो. और जो भी आएगा वो बाहर हॉल मे बैठेगा यहाँ बेडरूम मे थोड़ी आने वाला है.

आंटी-पंकज आ गया तो

अवी-पंकज से याद आया. पंकज कहाँ है

आंटी-पंकज तो शॉपिंग करने गया है

अवी-आज और वो भी पार्टी शुरू होने के 3 घंटे पहले

आंटी-पंकज ने तो कल ही शॉपिंग कर ली थी. पर आज वो अपने मामा और मामी के साथ शॉपिंग करने गया है.

अवी-(मामी ) ऋतु दीदी कहाँ है

आंटी-वो नही आई. उसे कुछ काम था. उसके डॉक्युमेंट गुम गये है तो वो नये डॉक्युमेंट बना रही है

अवी-(कोई डॉक्युमेंट नही बना रही है. मेमोरी कार्ड का टेन्षन उसे यहाँ आने नही दे रहा) और अंकल कहाँ है

आंटी-वो ऑफीस मे है,एक ज़रूरी मीटिंग अटेंड कर रहे है.

अवी-तो इस वक्त घर मे हमारे सिवा कोई नही है.

आंटी-हाँ,

अवी-तो फिर चलो शुरू करते

आंटी-आज नही फिर कभी करेंगे

अवी-आज क्यू नही.

आंटी-तुम्हारा मोटा लंड लेने के बाद मैं पार्टी मे नही जा पाउन्गी.

अवी-कुछ नही होगा. जाइए और काकी को 1 2 घंटे के काम मे बिज़ी कर दीजिए.

आंटी-तुम नही सुन ने वाले

अवी-नही. आप जितनी देर करेंगी उतना आपके लिए अच्छा नही होगा.

आंटी-दिखा है. पर बस एक बार करना और सिर्फ़ चूत मारना

अवी-ओके ,बस चूत मारूँगा

आंटी-तुम बैठो मैं काकी को काम मे बिज़ी कर देती हू

आंटी बेडरूम से बाहर चली गयी.

मैं ने अपने पॉकेट मे हाथ डाल कर चुदाई का समान देखने लगा. ये क्या मैं तो कॉंडम लाया ही नही.

आंटी के साथ तो बिना कॉंडम के हो जाएगा पर काकी के साथ तो कॉंडम लगाना होगा.

आंटी की चुदाई करने के बाद कॉंडम खरीद लूँगा.

 
404

आंटी काकी को काम समझा कर बेडरूम मे वापस आ गयी. आंटी ने आते ही गेट बंद कर दिया और अपने कपड़े निकालने लगी. आंटी ने 1 मिनिट मे अपने कपड़े निकाल दिए.

अवी-ये क्या, पहले तो मना कर रही थी और अब इतनी जल्दी अपने कपड़े भी निकाल दिए.

आंटी-एक तो तुम पूरा मज़ा देते हो और मैं ने इस लिए कपड़े जल्दी निकाले है कि हमारी चुदाई जल्दी हो जाए.

अवी-जल्दी तो होगी पर जबरदस्त करूँगा कि आपको पूरा मज़ा आए.

आंटी-तो दे दो ना मज़ा

अवी-मज़ा तो दूँगा पर पहले आप मुझे इतना बता दो कि आज आपकी चूत के 4 किंग यहाँ पर है तो आप किसके साथ मज़ा करने वाली हो.

आंटी-अभी तो तुम्हारे साथ कर रही हू, फिर अपने भाई के साथ ,फिर शायद पंकज के पापा के साथ,

अवी-और पंकज उसका क्या

आंटी-पंकज तो अपनी गर्लफ्रेंड के साथ होगा. अब बातें बंद करो और काम शुरू करो.

मैं ने भी एक झटके मे अपने कपड़े निकाल दिए.

आंटी मेरे पास आ गयी और लंड को मुँह मे लेकर चूसने लगी. आंटी ने आज बिना किस किए साइड लंड पर हमला बोल दिया था.

आंटी धीरे धीरे मज़ा लेते हुए लंड को चूस रही थी.

मैं ने आंटी के सर को पकड़ कर लंड को मुँह मे पूरा पेल दिया .और 5 6 धक्के मार दिया.

और आंटी के सर को छोड़ दिया.आंटी ने लंड को मुँह से बाहर निकाला .और खांसने लगी.

आंटी खास रही थी,खुद को नॉर्मल कर रही थी.

मैं ने आंटी को नॉर्मल होने से पहले बेड पर लिटा दिया.आंटी की टाँगो को फैला कर अपने चेहरे को चूत के पास ले गया.

थोड़ी देर मैं आंटी की चूत को सुन्घ्ता रहा. तब तक आंटी नॉर्मल हो गयी.

फिर मैं अपने होंटो को आंटी की चूत के होंटो से मिला दिया. मेरे होंठो को चूत को छुते ही आंटी मेरे सिर को पकड़ कर अपनी चूत पर रगड़ने लगी.

मैं ने भी आंटी की गंद के नीचे हाथ ले जाकर चूतड़ को दबातें हुए आंटी की रस भरी छूट को किस करने लगा.

आंटी की चूत की नशीली महक मेरे दिमाग़ मे छाने लगी. मैं पागलो की तरह आंटी की चूत को चूसने लगा.

बीच बीच मे मैं अपनी जीभ को निकाल कर आंटी की चूत को चाटने लगा.

आंटी मज़े मे आआअहहे भरने लगी.आंटी शीष्कारिया लेने लगी.अवी तुम मे ऐसा क्या है अहह पंकज क्या पंकज के पापा भी इस तरह मुझे मज़ा नही देते.

फिर मैं ने आंटी को खड़ा कर दिया. और दीवार के सहारे खड़ा किया.

आंटी की जाँघो को फैला कर आंटी की टाँगो को अपने दोनो कंधो पर रख दिए.आंटी हवा मे झूलने लगी. आंटी की चूत मेरे मुँह के पास थी.

फिर से मैं ने आंटी की चूत के होंटो को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया. आंटी पूरी मस्ती मे थी.

पर ये पोज़िशन मेरे लिए सही नही थी.आंटी का पूरा वेट मेरे उपर था.

मैं ने आंटी को फिर बेड पर लिटा दिया. और आंटी की चूत को चूसना शुरू किया.आंटी अपने चूतड़ को उठा उठा कर अपनी चूत को मेरे मुँह पर दबाने लगी.

आंटी ज़ोर ज़ोर से कमर उठा कर मेरे मुँह को चोद रही थी. मुझे आंटी की चूत चूस कर मज़ा आ रहा था.

आंटी ज़ोर ज़ोर से चिल्लाते हुए शीष्कारिया लेने लगी. आंटी का बदन अकड़ने लगा .आंटी की चूत मे तो सूनामी आ गयी. आंटी का सारा पानी पीकर मेरी ताक़त वापस आ गयी जो चूत चूसने मे चली गयी थी.

आंटी-अवी अब डाल दो, मुझे बर्दास्त नही हो रहा है.

अवी-डाल तो दूँगा पर आपको मेरी एक बात मान नी होगी

आंटी-मैं तुम्हारी सारी बातें मानूँगी पर पहले मेरी प्यास बुझा दो

अवी-बुझा दूँगा .पर पहले बात तो सुन लीजिए

आंटी-तुम गंद मारना चाहते हो ना मार लो पर पहले चूत की प्यास बुझा दो फिर गंद मार लेना

अवी-गंद तो मैं मारूँगा पर आपको एक और बात मान नी होगी.

आंटी -मैं तुम्हारी सारी बातें मानने को तय्यार हू बस अब अंदर डाल दो.

अवी-पहले सुन तो लो

आंटी -बाद मे सुनूँगी .पहले लंड चूत मे डालो.

 
405

आंटी को ज़्यादा तड़पाना सही नही होगा. आंटी की प्यास जल्दी ख़तम करनी होगी.

पर अगर मैं ने आंटी की प्यास बुझा दी तो पंकज के मामा और पंकज के पापा का क्या होगा.

पंकज के पापा और पंकज के मामा को गंद मारना पसंद नही है. तो मैं एक काम करता हू आंटी की चूत से बस एक बार पानी निकालूँगा उसके बाद गंद मारूँगा.

या आंटी की चूत मे खुजली होती रहेगी जिससे पंकज के मामा और पापा को आंटी की चूत मारने मे मज़ा आएगा.

मैं ने आंटी को कहा कि आप मेरे लंड की सवारी करो.

मैं बेड पर लेट गया.आंटी मेरी तरफ अपना चेहरा करके के लंड पर बैठने लगी.

मैं ने आंटी को रोक दिया. और आंटी को कहा कि मेरी तरफ गंद करके लंड की सवारी करो.

जैसा मैं ने कहा था आंटी ने वैसा ही किया

आंटी मेरी तरफ अपनी विशाल गंद करके लंड को चूत पर रखे बैठने लगी.

आंटी धीरे धीरे बैठ रही थी. आंटी ने 4 लंड का स्वाद चखा है फिर भी लंड को चूत मे ऐसे ले रही थी कि जैसे पहली बार मेरा लंड चूत मे ले रही हो.

अब मुझे ये आंटी का धीरे लंड अंदर लेना बर्दास्त नही हो रहा था.

मैं ने पीछे से आंटी की कमर को पकड़ लिया. और आंटी को नीचे दबाने लगा. और नीचे से मैं ने लंड को उपर उठा दिया. लंड पूरा आंटी की चूत मे चला गया.

आंटी के मुँह से चीख निकल गयी. अब मुझे पता था कि आंटी थोड़ी देर ऐसे ही लंड पर बैठी रहेगी.इसी लिए गेम को मैं ने अपने हाथ मे लिया. और नीचे से चूत मे धक्के लगाने लगा.

आंटी भी ने अपने आपको जल्दी से ठीक किया और गेम को मेरे हाथ से अपने हाथ मे ले लिया. आंटी लंड को चूत मे उछल उछल कर लेने लगी.

मैं ने जिस वजह से आंटी को मेरी तरफ गंद करके बैठ ने को कहा था मैं वो काम करने लगा.

मैं आंटी की गंद मे उंगली डाल कर गंद के छेद को खोल रहा था.

जब मैं आंटी की गंद मारू तब आंटी को दर्द ना हो इस लिए मैं आंटी की गंद खोलने लगा.

आंटी को आज रात और 2 घोड़े की सवारी करनी है ,अगर आंटी मेरी सवारी करके थक गयी तो मैं ने जो सोचा है वो नही होगा.

थोड़ी देर बाद मैं ने आंटी को मेरी तरफ सर करके लंड पर बैठने को कहा .आंटी ने जल्दी से अपनी डाइरेक्षन चेंज कर दी. आंटी पलट कर फिर से मेरे लंड की सवारी करने लगी.

अब आंटी का मुँह मेरी तरफ था,मैं ने आंटी को अपने उपर झुकाते हुए आंटी के बूब्स को मुँह मे भर लिया और नीचे से जोरदार शॉट लगाने लगा. आंटी भी मेरे लंड पर उपर नीचे हो कर मज़े लेने

लगी.

थोरी देर तक हम इस पोज़िशन मे चुदाई करते रहे.आंटी ने लंड की सवारी करते हुए अपना पानी छोड़ दिया. चूत के पानी से लंड गीला हो गया.

मैं ने आंटी को बेड पर लिटा दिया और लंड को चूत से बाहर निकाल कर गंद के छेद पर रख दिया.

2 जोरदार झटकों मे मैं ने पूरा लंड गंद मे डाल दिया.आंटी को दर्द हुआ पर वो दर्द कम और मज़ा ज़्यादा लेना चाहती थी .

जिस से आंटी ने खुद को नॉर्मल करते हुए मेर घोड़े को रेस मे भागने का सिग्नल मिल गया.

मैं पूरे जोश के साथ आंटी की चुदाई कर रहा था.आंटी भी हर धक्के का जवाब कमर उठा उठा कर दे रही थी.

पूरे कमरे मे फ़चा-फ़च की आवाज़ आ रही थी.आंटी ज़ोर ज़ोर से चूतड़ उछाल रही थी. मैं भी पागलो की तरह बूब्स को दबातें हुए आंटी की गंद मारने लगा.

थोड़ी देर बाद आंटी ने अपनी टाँगो से मेरी कमर को कस लिया .मैं तो अपने धक्के लगाता गया.

आंटी का बदन फिर अकड़ने लगा. आंटी अपनी चूत मसल कर अपना पानी निकाल रही थी.

मैं आंटी के होंटो को चूस्ते हुए ज़ोर ज़ोर धक्के मारते हुए अपनी गति बढ़ा दी. आंटी अभी भी मुझ को कस कर पकड़े हुए थी.

आंटी ने जो मेरी कमर को पकड़ रखा था उस से मुझे आंटी की गंद मारने मे परेशानी हो रही थी.

मैं ने आंटी को पैर निकालने को कहा. पर आंटी ने पैर नही निकाले जिसे मुझे धीरे धीरे लंड को अंदर बाहर करना पड़ा.

धीरे धीरे धक्के मारते हुए मैं ने आंटी के बूब्स का ज़ोर से मर्दन दिया. आंटी ने दर्द की वजह से अपने पैर छोड़ दिए.

जैसे ही आंटी के पैरो ने मेरी कमर को छोड़ा वैसे ही मैं ने ज़ोर दार, धक्के मारना शुरू किया.ज़ोर दर धक्के मारने के साथ मैं लंड पूरा बाहर निकाल लेता और दुबारा धक्का मार कर अंदर डाल देता.

जैसे जैसे हमे मज़ा आने लगा वैसे वैसे चुदाई करने मे हम दोनो मज़ा लेने लगे.

इतनी लंबी चुदाई से आंटी की गंद ढीली हो गयी थी. आंटी की गंद लाल हो गयी थी.

हमारी चुदाई काफ़ी लंबी चल रही थी. अब मुझे लग रहा था कि मेरा काम होने वाला है.

मैं ने आंटी को घोड़ी बना कर गंद मरने लगा.

घोड़ी बनाने से मैं जोरदार धक्के मार सकता था .और मार भी रहा था.

मेरे धक्को की गति बढ़ते ही आंटी मस्ती मे मेरा साथ देने लगी.

मेरे धक्को से आंटी ने भी चूत को उंगली से सहलाने की गति बढ़ा दी. मैं गंद मे लंड ज़ोर से पेलने लगा.

और वो वक्त भी आ गया .मैं ने आंटी की गंद को अपने वीर्य से भर दिया. आंटी की चूत ने भी पानी छोड़ दिया.

हमारी मेराथन काफ़ी लंबी चली थी जिसे हम दोनो हाँफने लगे.

कुछ देर तक हम ऐसे ही हान्फते रहे.
 
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