• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

मैं और मेरा परिवार

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date


406

हम दोनो हाँफने लगे. फिर थोड़ी देर बाद हम नॉर्मल हो गये.

मैं ने आंटी की गंद से लंड बाहर निकाल लिया.

और आंटी के बाजू मे लेट गया.

आंटी-तुम एक नंबर के कमिने हो

अवी-मैं ने ऐसा क्या किया जो आप मुझे इतनी बड़ी उपाधि दे रही हो

आंटी-पहले तुम ने क्या कहा था

अवी-क्या कहा था

आंटी-तुम ने कहा था कि तुम सिर्फ़ चूत मरोगे ,गंद नही.

अवी-हाँ कहा था, तो इसमे कमिने जैसी कौन सी बात की मैं ने

आंटी-तुम ने चूत चाटने के बाद मेरी कमज़ोरी का फ़ायदा उठाते हुए तुम ने मुझे गंद मरवाने के लिए मज़बूर किया

अवी- मैं ने ऐसा कब किया

आंटी-तुम ने तो कहा था कि मेरी एक बात मानो फिर चुदाई करूँगा

अवी-हाँ कहा था. पर मैं ने ये थोड़े ही कहा था कि मुझे गंद मारनी है वो तो आपने कहा था कि गंद मार लो

आंटी-मतलब तुम्हे गंद नही मारनी थी.

अवी-नही. मैं ने तो आपको कहा था कि मेरी बात सुन लो पर आपने कहा कि बाद मे बातें करेंगे.

आंटी-मतलब की मैं ने अपने पैर पर खुद लात मार ली.

अवी-हा, पर इसमे आपका ही फ़ायदा हुआ है

आंटी-गंद मरवा के कौन सा फ़ायदा हुआ है मेरा

अवी-अगर मैं आपकी चूत मारता तो आप अपने भाई और अपने पति के साथ चुदाई नही कर पाती

आंटी-हाँ ये तो सही कहा तुम ने .तुम अगर सिर्फ़ मेरी चूत मारते तो शायद ही मैं दुबारा चुदाई कर पाती.

अवी-और आपका भाई और पंकज के पापा आपकी गंद तो नही मारेंगे. जिस से उनको चूत टाइट मिलेगी.अगर मेरा लंड 40 मिनिट तक अंदर रहता तो आपकी चूत ढीली पड़ जाती. और आपके भाई और पंकज के पापा को मज़ा नही आता.

आंटी-ये तुम ने अच्छा किया जो ज़्यादा देर तक मेरी गंद मारी

अवी-देखा पहले गंद मारने नही दे रही थी और बाद मे खुद मुझे अपनी गंद मारने दी. पहले मुझे गालियाँ दी और अब थॅंक्स

आंटी-सॉरी तुम्हे कमीना कहने के लिए.

अवी-सॉरी बाद मे कहना पहले मेरी बात जो आप मानने वाली थी उसे सुन तो लो

आंटी-हाँ कहो क्या करना है मुझे

अवी-आप आज अपने भाई के साथ चुदाई करने वाली है

आंटी-हाँ

अवी-किस रूम मे

आंटी-ऋतु के

अवी-जब भी आप अपने भाई के साथ चुदाई करोगी तो मुझे बता देना

आंटी-क्यू?

अवी-मुझे आपकी चुदाई देखनी है

आंटी-तुम ने वीडियो देखा था ना अब देख कर क्या करोगे

अवी-मैं कुछ भी करू बस आप चुदाई करते हुए रूम की खिड़की खुली रखना

आंटी-ठीक है रखूँगी

अवी-याद से रखना

आंटी-कहा ना रखूँगी

अवी-और जब भी चुदाई करने जाने वाली हो तो मुझे मिस्ड कॉल देना

आंटी-दिखा है, तुम्हे बता कर चुदाई करने जाउन्गी.

अवी-(पंकज की मामी कैसी भी हो, उसको उसके पति और आंटी की चुदाई दिखा कर मैं उसकी चुदाई कर लूँगा.)

आंटी-क्या हुआ क्या सोच रहे हो

अवी-यही कि अगर हम थोड़ी देर और ऐसे ही रहे तो .मैं फिर से आपकी गंद मार लूँगा

आंटी-तुम मेरी गंद के पीछे क्यू पड़े रहते हो

अवी-आपकी गंद पर मेरा लंड(दिल)आ गया है.

आंटी-क्या कहा

अवी-कुछ नही, आप यही नंगी लेटी रहो. मैं फ्रेश होकर आता हू.

मैं थोड़ी देर मे फ्रेश होकर हॉल मे आ गया.आंटी बेडरूम मे बैठ कर आराम कर रही थी.

हमारी चुदाई और बातें 1 1/2 घंटे चली. मतलब पार्टी शुरू होने मे अभी 1 1/2 घंटा बाकी है. और ये पंकज का कुछ पता नही है. और पंकज की मामी वो कैसी दिखती होगी. मैं ख़यालो मे पंकज की मामी की तस्वीर बनाने लगा.

 


407

मैं हॉल मे बैठ कर पंकज का इंतज़ार करने लगा.

अबी तक पार्टी के लिए कोई नही आया था. काकी पार्टी की तय्यारी कर रही थी, आंटी बेडरूम मे आराम कर रही थी. और मैं हॉल मे बैठ कर मच्छर मार रहा था.

थोड़ी देर बाद कॅटरस वाले आ गये. काकी उन लोगा को उनका काम बताने लगी.

पार्टी का इंतज़ाम बंग्लो के पीछे स्वीमिंग पूल और गार्डन मे किया था.

30 मिनिट के बाद पंकज आ गया.

पंकज के साथ उसका मामा, जिसे मैं ने पहचान लिया, वीडियो जो देखा था.

पंकज के साथ ,उसके मामा और 2 लड़किया थी .

1 लड़की की उमर लगभग 23 24 साल लग रही थी. और दूसरी लड़की मुझसे छोटी दिख रही थी.

पंकज के साथ बस 3 लोग ,पंकज की मामी कहाँ है. आंटी ने तो कहा था कि पंकज अपने मामा मामी के साथ शॉपिंग करने गया है.

पर यहाँ तो मुझे पंकज की मामी की जैसी कोई दिख नही रही थी.

पंकज ने आते ही मुझे गले लगा लिया.

पंकज-तू कब से यहाँ बैठा है

अवी-2 घंटे हो गये है

पंकज-2 घंटे, इतनी जल्दी आने को किसने कहा था

अवी-मैं तो तुझे हेल्प करने के लिए आया था पर तू तो शॉपिंग करने चला गया.

पंकज-तू हेल्प करने यहाँ आया था या फिर अपना इनाम लेने

अवी-दोनो के लिए

पंकज-तेरा इनाम रात मे मिलेगा अभी नही

अवी-ठीक है, मुझे कहाँ जल्दी है मैं तो आराम से मज़ा लेने वाला हू

पंकज-जैसा मज़ा लेना है वैसे लेना ,आ तुझे मैं अपने मामा मामी से मिला था हूँ.

पंकज मुझे अपने मामा के पास ले गया.

पंकज-मामा ये मेरा खास फ्रेंड अवी है और ये मेरे मामा है

मैं ने पंकज के मामा से हाथ मिलाया.

पंकज-अवी ये मेरी मामी है.

पंकज के मुँह से मामी वर्ड सुनते ही मैं शॉक्ड हो गया.

जिसे मैं पंकज के मामा की बड़ी बेटी समझ रहा था वो तो पंकज की मामी निकली.

मैं तो पंकज की मामी को देखता रहा. कितनी खूबसूरत है पंकज की मामी.

पंकज की मामी ने जीन्स और टीशर्ट पहना था. जिससे पंकज की मामी की खूबसूरती सबकी आँखों की गहराई मे उतर रही थी.

उपर से लेके नीचे तक पंकज की मामी कयामत लग रही थी. मेरे पास पंकज की मामी की तारीफ करने के लिए वर्ड नही था.

जिस ने भी पंकज की मामी को देखा होगा वो पंकज की मामी को देखते ही पहले ऑक्स्फर्ड डिक्शनरी निकाल कर ऐसा वर्ड ढूंढता होगा जो मामी की खूबसूरती को डिफाइन कर सके पर ऑक्स्फर्ड डिक्शनरी मे भी ऐसा वर्ड नही था.जो मामी की खूबसूरती को डिफाइन कर सके.

मैं अपने ख़यालो मे खोया था कि पंकज ने मुझे कोहनी मार कर ख़यालो की दुनिया से बाहर निकाला.

मैं ने मामी के नरम नरम हाथों अपने हाथ मे लेकर अपने आपको इंट्रोड्यूस्ड करवाया.

मैं मामी के हाथ को पकड़ कर बातें करने लगा. मामी ने अपना हाथ मेरे हाथो से निकाल लिया. और अपने रूम मे चली गयी.

अवी-पंकज ,क्या मामी है तेरी .एकदम हॉट

पंकज-मामी हॉट है उनसे दूर रहना नही तो जल जाओगे.

अवी-ऐसी आग से तो हर कोई जलना चाहेगा.

पंकज-वो फिलॉसफर अपनी फिलॉसोफी अपने पास रख और चल मेरे साथ रूम मे

अवी-तू जा मुझे एक काम है वो करके आता हू

पंकज-कहाँ जा रहा है

अवी-तेरे लिए गिफ्ट लाने

पंकज-फिर तो जल्दी जा.

मैं गेट के पास पहुचा था कि पीछे से मामी की आवाज़ सुनाई दी.

मामी-पंकज मेरे कपड़ो का बॅग एक्सचेंज हो गया है.

पंकज-क्या ?

मामी-हाँ,शायद किसी और का बॅग लेकर आ गयी हू

पंकज-शॉप मे जाकर चेंज करना होगा

मामी-हाँ,चलो जल्दी जाकर चेंज करके आते है

पंकज-मैं नही आ सकता

मामी-क्यू?

पंकज-मुझे पार्टी के लिए तय्यार होना है. आप किसी और के साथ चली जाइए

मामी-किस के साथ जाउ. तुम्हारे मामा ने भी आने से मना किया है.

पंकज-एक काम कीजिए मेरे फ्रेंड के साथ जाइए

मामी-कौन सा फ्रेंड

पंकज-यही जिससे अभी आपने मुलाकात की थी.

मामी-उसके साथ

पंकज-हाँ,वो भी बाहर जा रहा है आप उसके साथ जाइए. वो मेरे भाई की तरह है

मामी-ठीक है,पर पहले उसे तो पूछ लो

पंकज-उसको क्या पूछना है. वो मेरी बात टाल नही सकता

मामी-ठीक है, तुम उसे रुकने को कहो मैं बॅग लेकर आती हू.

मामी अंदर चली गयी .और पंकज मेरे पास आ गया.

पंकज-अवी तुझे एक काम करना है

अवी-बोल

पंकज-मामी का बॅग एक्सचेंज हो गया है तुम मामी के साथ जाकर चेंज करवाके आ जाओ

अवी-कौन सी शॉप मे जाना है

पंकज-मार्केट मे जो नया शॉप ओपन हुआ है ना वही

अवी-बुला मामी को (लगता है भगवान भी मुझे मामी के साथ देखना चाहता है.

मामी को टेस्ट करना होगा. अगर मैं ने छोटी चाची की बात सुनकर पंकज से मामी माँग ली, पंकज मुझे मामी के साथ मज़ा करने नही देगा.

और अगर मान भी गया तो वो मामी को मना नही पाएगा. मुझे ही कुछ सोचना होगा. )

पंकज ने मामी को बुला लिया. फिर मैं ने अपनी बाइक निकाल ली

मामी-बाइक पर जाना होगा

अवी-हाँ,मुझे कार चलानी नही आती.

पंकज-मामी बैठ जाइए. वैसे भी मार्केट मे कार से पहले बाइक पहोच जाती है.

मामी-दिखा है

मामी लड़को की तरह दोनो बाजू मे पैर रख कर बाइक पर बैठ गयी. मामी के बैठ ते ही मैं ने बाइक चलानी शुरू की

 


408

मामी बाइक पर बैठ गयी. मैं ने बाइक चलानी शुरू की.

थोड़ी दूर तक मैं बाइक आराम से चलाने लगा. और जैसे ही पंकज का घर पीछे रह गया. मैं ने बाइक की स्पीड बढ़ा दी.

मुझे मामी के साथ बाइक पर ज़्यादा देर तक बैठ कर मज़ा लेना था. पर बाइक की स्पीड बढ़ाए बिना मज़ा ले नही सकता था.

बाइक की स्पीड ज़्यादा होने से मार्केट जलदी आ जाएगा.अगर मुझे मज़ा लेना है तो बाइक की स्पीड बढ़ानी होगी और मार्केट देर से जाना होगा.ये सब करने के लिए एक रास्ता था कि मैं बाइक को शहर मे ज़्यादा देर इधर उधर घुमाता रहूं.

बाइक की स्पीड बढ़ते ही मामी ने अपना हाथ मेरे कंधो पर रख दिया.मैं ने बाइक की स्पीड और बढ़ा दी. मामी को दूसरा हाथ भी मेरे कंधो पर रखना पड़ा.

अवी-मामी अच्छे से पकड़ लो .नही तो गिर जाओगी.

मामी-तुम ने स्पीड क्यू बढ़ाई है

अवी-आपको शॉप मे जल्दी जाना हैना.

मामी-हाँ

अवी-तो फिर अच्छे से पकड़ कर बैठो.

मामी ने अपनी पकड़ टाइट कर दी.

मैं ने और मज़ा लेने के लिए बाइक का ब्रेक ज़ोर से लगा दिया. मामी के बूब्स मेरी पीठ मे पूरी तरह से दब गये. मामी मुझसे चिपक गयी. मामी का चेहरा मेरे कंधो पर आ गया.

मैं ने मामी की तरफ देखने के लिए उसी तरफ से देखा जिस तरफ मामी का चेहरा मेरे कंधो पर था.

मेरे पीछे पलटते ही कुछ सेकेंड के लिए ऐसा लगा कि मैं ने मामी को किस किया हो.

हम दोनो के होन्ट इतने पास थे कि मैं बता नही सकता.

ये सब कुछ सेकेंड के लिए हुआ था. मामी खुद को संभालते हुए मुझसे अलग हो गयी.

मामी-तुम बाइक धीरे चलाओ ,शॉप मे जाने की थोड़ी देर हो गयी तो कुछ नही होगा. पर ऐसे बाइक चलाओगे तो यमराज की बाइक को आने मे देर नही होगी.

अवी-(क्या सोचा था और क्या हुआ. मुझे लगा था कि मामी से चिपक ने के बाद मामी शरमाएगी.फिर इस शर्माहट का मैं फ़ायदा उठाउंगा. पर ऐसा कुछ नही हुआ.)

फिर मैं बाइक धीरे धीरे चलाने लगा.

मामी-हाँ बस ऐसे ही चलते रहो.

अवी-(मुझे तो मेडिकल शॉप से कॉंडम लेना था .अब मामी साथ मे है तो कैसे ले पाउन्गा .क्या करू क्या करू,तभी दिमाग़ की बत्ती जल गयी.हाँ यही सही होगा.)

अवी-मामी , मुझे मेडिकल शॉप से कुछ समान लेना था ,

मामी-तो लो ना मुझसे क्यू पूछ रहे हो

अवी-आप से इस लिए पूछ रहा था कि एक मेडिकल शॉप इसी रास्ते मे है. पहले मैं अपना काम कर लेता हू फिर आपका काम करेंगे.

मामी-मेडिकल शॉप तो मार्केट मे भी होगी, वही से खरीद लेना जो खरीदना है

अवी-मुझे जो चाहिए वो यहाँ पर आसानी से मिल जाता है.

मामी-ऐसा क्या ले रहे हो

अवी-है एक काम की चीज़

मामी-अभी खरीदना ज़रूरी है

अवी-हाँ, पार्टी मे इस्तेमाल करना है.

मामी-बाद मे नही ले सकते. जैसे मुझे घर छोड़ने के बाद वापस आकर.

अवी-बाद मे ले तो सकता हू पर एक बार घर जाने पर पंकज वापस नही आने देगा

मामी-ठीक है,पर तुम मेडिकल शॉप मे जाओगे तो मैं कहाँ रुकूंगी.

अवी-बाइक के पास

मामी-बाइक के पास,अच्छा नही दिखेगा मेरा इस तरह बाइक के पास खड़ा रहना. मैं भी मेडिकल शॉप मे चलती हू

अवी-ठीक है,(चलो जैसा मैं ने सोचा था बिल्कुल वैसा ही हुआ.)

मामी-अब चलो जल्दी बातें करने से देर हो रही है.

मैं बाइक की स्पीड बढ़ा दी. और एक छोटे से कॉंप्लेक्स के पास बाइक रोक दी.

मेडिकल शॉप जैसा मुझे चाहिए था बिल्कुल वैसा मेडिकल शॉप इस कॉंप्लेक्स मे था.हरीश ने यहीं से कॉंडम खरीदा था.

इस कॉंप्लेक्स के मेडिकल शॉप मे ज़्यादा लोग नही आते है.

और मेडिकल शॉप एक कॉर्नर मे है जिससे मामी के साथ कॉंडम लेने मे प्राब्लम नही होगी.

मैं मामी के साथ मेडिकल शॉप की तरफ जाने लगा.

मेडिकल शॉप के सामने कोई नही था. मतलब शॉप मे कोई कष्टमर नही था.

मैं मामी के साथ मेडिकल शॉप के सामने आ गया.

 


अपडेट 409

मैं मामी के साथ मेडिकल शॉप मे चला गया.

मेडिकल शॉप पर एक लड़का जो मुझसे 3 4 साल बड़ा होगा वो बैठा था.

शॉपकीपर-कहिए सर क्या चाहिए

अवी-(पहली बार किसीने मुझे सर कहा था) मैं ने एक बार मामी की तरहफ़ देखा और फिर कहा एक कॉंडम का पॅकेट देना

कॉंडम का नाम सुनते ही मामी शॉक्ड हो गयी. मामी के चेहरे के एक्सप्रेशन बदल गये.

मामी ने कभी सोचा भी नही होगा कि मैं उनके सामने इतनी आसानी से कॉंडम माँग सकता हू.

मामी का चेहरा देख कर मुझे ऐसा लगा कि शायद मामी सोच रही होगी कि कही मैं मामी के साथ रेप तो नही करने वाला हू.

मामी अपने ख़यालो मे खोई थी कि मैं ने शॉपकीपर की तरफ देखा.

मामी की तरह शॉपकीपर भी हैरान हो गया था.

शायद पहली बार कोई लड़का किसी लड़की के साथ शॉप पर कॉंडम खरीदने आया था.

शॉपकीपर तो कभी मुझे तो कभी मामी को देख रहा था.

मैं चुटकी बजाते हुए शॉपकीपर को होश मे लाया.

शॉपकीपर-आपने क्या कहा.क्या चाहिए आपको

अवी-कॉंडम ,ऐसे क्यू शॉक्ड हो रहे हो, ये तो तुम्हारा रोज का काम है.

शॉपकीपर-वो ,

अवी-क्या हुआ .अच्छा मैं अपनी गर्लफ्रेंड के साथ आया हू इसलिए शॉक्ड हो रहे हो.

मेरी मुँह से गर्लफ्रेंड वर्ड सुनकर मामी को फिर शॉक लगा. पर मामी ने कुछ नही कहा.मामी चुप चाप खड़ी थी.

शॉपकीपर-हाँ,पहली बार कोई अपनी गर्लफ्रेंड के साथ कॉंडम लेने आया है.

अवी-अभी तो हम साथ मे आए है. आगे देखना लड़कियाँ खुद कॉंडम लेने के लिए आएगी.

शॉपकीपर-मुझे भी ऐसा ही लग रहा है. दुनिया बदल रही है पहले लड़के आते थे कॉंडम लेने अब लड़किया भी आने लगी है.

अवी-वो सब जाने दो ,एक कॉंडम का पॅकेट दो जल्दी से

शॉपकीपर-जल्दी ,क्या यही करने का इरादा है.

हम दोनो हँसने लगे. वही मामी के चेहरे पे गुस्सा और शरम दोनो दिख रही थी.

शॉपकीपर-कौन फ्लेवर चाहिए.

अवी-मैं ने मामी की तरफ देखा .कौन सा लूँ

मामी का गुस्सा अब सातवे आसमान पर था. मामी की आँखे गुस्से लाल हो गयी थी.

मामी को और परेशान करना मेरे लिए ठीक नही होगा.

अवी-मेडम तो कुछ बता नही रही है. तुम एक काम करो स्ट्रॉबेरी फ्लेवर दे दो. आज ये भी ट्राइ करके देखता हू.

शॉपकीपर 5 कॉंडम के पॅकेट लेकर आ गया.

अवी-5 नही सिर्फ़ 1 चाहिए

शॉपकीपर-सर आपको 5 ही चाहिए

अवी-वो क्यू?

शॉपकीपर-मेडम को देख कर लगता है .आज 5 कॉंडम भी कम पड़ जाएगे. मैं तो कहता हू कि एक पूरा कॉंडम का बॉक्स

ही ले जाओ

मामी शॉपकीपर की तरफ गुस्से से देखने लगी.

अवी-मामी की तरफ देखते हुए. क्या कहती हो कितने लेने चाहिए.

मामी-गुस्से से जितने लेना लो और जल्दी चलो.

मामी ने जल्दी चलो कहते ही हम फिर हँसने लगे.

(मामी ने इस लिए मेरे सवाल का जवाब दिया ताकि मैं जल्दी से शॉप से बाहर आ जाउ)

हमे हँसता हुआ देख कर मामी को अब बर्दास्त नही हुआ और मामी वहाँ से जाने लगी.

मैं ने जल्दी से शॉपकीपर से 5 कॉंडम ले लिए. और मामी के पीछे भागने लगा.

 


410

मामी कॉंप्लेक्स से बाहर आ गयी. और मामी ने एक टॅक्सी को रोक लिया.

मामी टॅक्सी मे बैठने वाली थी कि मैं मामी के पास पहुच गया.और मामी को टॅक्सी मे बैठने से रोकने लगा.

मामी-देखो ,तुम ने मेरा बहोत मज़ाक उड़ाया है. अब और नही

अवी-वहाँ शॉप मे जो हुआ उसके लिए सॉरी .प्लीज़ टॅक्सी से मत जाइए .मेरे साथ चलिए.

टॅक्सीवाला-ए लड़के ,क्यू परेशान कर रहा है मेडम को

अवी-आपको मुझे जो कहना है वो कहिए पर यहाँ से चलिए .देखिए सब हमारी तरफ देख रहे है.यहाँ तमाशा मत कीजिए

मामी-तमाशा, वहाँ शॉप मे तमाशा ना हो इसी लिए मैं चुप थी तो तुम ने मेरा मज़ाक उड़ाया .अब होने दो तमाशा

अवी-आप क्या मुझे मरवाना चाहती हो. यहाँ सब लोग मेरी चटनी बना देंगे.और शॉप मे जो हुआ उसमे सारा कसूर आपका है मेरा नही.

मामी-तुम मुझे दोषी मान रहे हो.सब तुमने किया और गुनाह मेरे उपर डाल रहे हो

अवी-अगर आपको जान ना है कि किसकी वजह से वो सब हुआ है तो मेरे साथ चलिए मैं आपको बताता हू.

मामी-तुम मुझे अपने साथ ले जा कर रेप करना चाहते हो.मुझे क्या पता नही है.

अवी-रेप .और हँसने लगा. आप के सर मे दिमाग़ है या भूसा भरा हुआ है. कोई भी रेपिस्ट जिस के साथ रेप करना चाहता है उसे इस तरह शॉप मे ले जाकर कॉंडम खरीद कर रेप नही करता.और मैं फिर से हँसने लगा.

और अपनी बाइक के पास आ गया. बाइक पर बैठ कर बाइक शुरू कर दी.

मामी ने कुछ सोचा और मेरी बाइक पर आ कर बैठ गयी.

मामी के बाइक पर बैठ ते ही मैं ने एक बार मामी की तरफ देखा और फिर बाइक चलाने लगा.और मामी के साथ बातें करने लगा.

अवी-क्या हुआ ,आप अपना रेप करवाने आई हो.और मैं हँसने लगा.

मामी-अगर तुम मेरे साथ कुछ नही कर ने वाले हो तो वो कॉन्डम...

अवी-वो तो किसी और के लिए है .(आपके साथ जो कॉंडम लगाकर करेगा वो पागल ही होगा)

मामी-तुम ने कहा था कि मेडिकल शॉप से जो भी लेने वाले हो आज पार्टी मे इसतेमाल करने वाले हो.

अवी-हाँ,मैं पार्टी मे किसी और के साथ वो 5 कॉंडम इस्तेमाल करने वाला हू.

मामी-तो वो मेरे लिए नही थे.

अवी-क्यू आपके लिए भी लूँ क्या

मामी-कोई ज़रूरत नही है.और एक बात तुमने मेडिकल शॉप मे जो हुआ वो मेरी वजह से हुआ है ऐसा क्यू कहा.

अवी-वहाँ जो भी हुआ सब आपकी वजह से हुआ है

मामी-वो कैसे

अवी-आप खुद मेरे साथ शॉप मे आना चाहती थी.

मामी-अगर तुम मुझे पहले बता देते कि तुम कॉन्डम.. लेने जा रहे हो तो मैं वहाँ आने की ज़िद नही करती.

अवी-मैं डाइरेक्ट आपको कैसे बताता कि शॉप मे मैं किस लिए जाने वाला हू

मामी-पर शॉप मे तो कहा ना

अवी-वहाँ पर दूसरा कोई ऑप्षन ही नही था.

मामी-चलो ये मेरी ग़लती हुई पर तुम ने मुझे शॉप मे गर्लफ्रेंड क्यू कहा

अवी-अगर मैं शॉप मे आपको मामी कहता तो वो शॉपकीपर समझता कि मैं अपनी मामी के साथ ...इसी लिए आपको मैं ने गर्लफ्रेंड कहा और वैसे भी कोई भी आपको मेरे साथ देखेगा तो हमे बाय्फ्रेंड गर्लफ्रेंड समझेंगा.आप हो ही इतनी खूबसूरत

मामी-थॅंक्स, तुम ने सही किया, नही तो सच मे वो शॉपकीपर क्या समझ लेता.

अवी-वैसे क्या आप मेरी गर्लफ्रेंड बन ना चाहेंगी.

मामी-नो थॅंक्स,और एक बात,अगर तुमने मेरे साथ... तुम ने मुझे क्यू पूछा कि कौन सा फ्लेवर लू

अवी-उसे लगना चाहिए कि हम दोस्त है. इसी लिए पूछा था. पर आपने बताया नही.

मामी-तब मैं गुस्से मे थी.

अवी-फिर अब बता दो

मामी-बात बदलते थे हुए.उस शॉपकीपर ने तुम्हे 5 कॉन्डम..क्यू दिए.और उसने ऐसा क्यू कहा कि ये भी कम पड़ेंगे.

अवी-मैं बताता हू पर आप गुस्सा मत होना

मामी-बताओ

अवी-एक ओरल सेक्स के लिए, 2 आगे और 2 पीछे से करने के लिए.मे बी ऐसा ही होगा.

मामी-और उसने कम पड़ेंगे ऐसे क्यू कहा.

अवी-आपके साथ जो भी एक रात एक कमरे मे एक बेड पर रहेगा उसे कॉंडम की फॅक्टरी डालनी होगी. इतनी सेक्सी और हॉट हो आप

मेरी बात सुनकर मामी शरमा गयी.

मामी का शरमाना मेरे लिए ग्रीन सिग्नल साबित होता पर मामी ने फिर से मुझे अपने काम मे सफल होने नही दिया.

मामी-शॉप आ गया. रूको

शॉप को भी इतनी जल्दी आना था. मैं ने बाइक रोक दी. मामी जल्दी से बाइक से उतर गयी और कपड़ो की शॉप मे चली गयी.

 


411

मामी शॉप के अंदर चली गयी. मैं ने बाइक पार्क की और शॉप के अंदर जाने लगा .गेट्कीपर ने मुझे रोक लिया.

गेट्कीपर-कहाँ जा रहे, यहा सिर्फ़ लॅडीस और फॅमिली वालो को एंट्री है. तुम्हारे लिए यहाँ पर कुछ नही है.

अवी-मैं अपनी मामी के साथ आया हू.वो देखो वो है मेरी मामी है. क्या समझे

गेट्कीपर-सॉरी सर, ये मेरा काम है .आप बुरा मत मान लेना.

अवी-कोई बात नही.

मैं शॉप के अंदर चला गया .मैं इस शॉप मे पहली बार आया था. काफ़ी मॉडर्न शॉप है. शॉप मे सिर्फ़ लॅडीस के लिए कपड़े थे.

मैं मामी के पास आ गया.

मामी-देखिए मेरी बॅग एक्सचेंज हो गयी है.आप पता कर सकती है कि मेरी बॅग कौन ले गया है.

शोपगिर्ल-आप एक्सचेंज हुई बॅग दिखाइए .मैं कपड़े देख कर पता करती हू कि ये कपड़े किसने खरीदे है.

मामी-ये लीजिए.

मामी ने बॅग शोपगिर्ल को दे दी.

फिर शोपगिर्ल ने चेक किया. और हमे अड्रेस बताया जिसके पास मामी की बॅग है

शोपगिर्ल-सर कहिए आपको क्या चाहिए

अवी-कुछ नही मैं तो अपनी गर्लफ्रेंड के साथ आया हू.

मामी ने एक बार मेरी तरफ देखा और फिर मुझे बिना कुछ कहे शोपगिर्ल से अड्रेस ले लिया.

शोपगिर्ल-मेडम आप बहुत लकी हो जो इतना हॅंडसम बाय्फ्रेंड मिला है. खास मेरा भी बाय्फ्रेंड ऐसा होता.

मामी-धीरे से शोपगिर्ल को थॅंक्स कहा.

और बॅग लेकर बाहर जाने लगी. मैं भी मामी के साथ शॉप से बाहर आ गया.

शोपगिर्ल ने अंजाने मे मेरा बहुत बड़ा काम कर दिया था.

फिर मैं मामी के साथ उस अड्रेस की तरफ निकल पड़े.

मामी-अवी जल्दी चलो हमे देर हो रही है

अवी-मैं तो ऐसे ही चलाने वाला हू

मामी-क्यू?

अवी-आप का साथ पता नही फिर कब मिलेगा.आज मिला है उसे एंजाय तो करने दो

मामी-तुम तो सिर्फ़ बाइक चला रहे हो.एंजाय कहाँ कर रहे हो

अवी-मेरे हाथ बिज़ी है इसी लिए ज़्यादा एंजाय नही कर रहा हू. आप मुझे थोड़ा एंजाय तो करवा दीजिए

मामी-मैं क्या करू

अवी-आप मुझे बाय्फ्रेंड समझ कर एक गर्लफ्रेंड की तरह बाइक पर बैठ जाइए

मामी-बैठी तो हू .और कैसे बैठू

अवी-थोड़ा चिपक कर

मामी-जितना मिल रहा है उतना ही एंजाय करो समझे

अवी-(फिर से मामी ने मेरी पतंग काट दी)

मामी ने मुझे पता बता दिया. ये तो वही अड्रेस है.

मैं ने बाइक की स्पीड बढ़ा दी.और मामी के बताए हुए अड्रेस पे आ गया. जिस घर के सामने मैं ने बाइक रोकी वो घर मसेज.दूबे का था.

मैने और मामी ने बेल बजा दी.मिसेज़ दूबे ने गेट खोला.

मुझे अपने सामने देख कर मिसेज़ दूबे शॉक्ड हो गयी.

लास्ट टाइम जो मैं ने मिसेज़ दूबे के साथ किया था उसके बाद मिसेज़ दूबे ने सोचा था कि मैं वहाँ कभी नही आउन्गा.पर किस्मत हर किसी को कही ना कही किसी ना किसी वजह से मिला ही देती है.

मिसेज़ दूबे के कुछ कहने से पहले मैं ने बोलना सही समझा.

अवी-नमस्ते आंटी ,

मामी भी मेरे पीछे से सामने आई और मिसेज़ दूबे को नमस्ते किया.

अवी-आंटी ये मेरी मामी है. और मामी ये दूबे आंटी है

मामी-तुम इनको जानते हो

अवी-हाँ

मिसेज़ दूबे-कहिए क्या काम है

मिसेज़ दूबे ने मुझे अंदर नही आने दिया.

मामी-आप शॉप से ग़लती से मेरी बॅग लेकर आई है. और आपकी बॅग मेरे पास है.

मिसेज़ दूबे-रुकिये मैं अभी लेकर आती हू.

मिसेज़ दूबे अंदर जाकर बॅग लेकर आ गयी. हम ने बॅग एक्सचेंज कर ली.

फिर मैं और मामी वापस घर की तरफ जाने लगे,

 


412

बॅग एक्सचेंज करने के बाद मैं मामी के साथ घर की तरफ निकल पड़ा.

मामी ने हाथ मे रखा हुआ पेपर फाड़ कर रास्ते पर फेक दिया.

अवी-ये पेपर क्यू फाड़ दिया.

मामी-बॅग मिल गया ना तो इस अड्रेस का क्या काम

अवी-कैसा अड्रेस

मामी-शॉप मे से 2 अड्रेस दिए थे, जहाँ मेरा बॅग हो सकता था, किस्मत अच्छी थी जो 1स्ट अड्रेस पे बॅग मिल गया.

अवी-हाँ, आपकी किस्मत अच्छी है जो इतनी जल्दी बॅग मिल गये, वरना कल तक रुकना पड़ता, जब तक मिसेज़ दूबे बॅग लेकर शॉप मे आती,लेकिन शॉप वालो को मिसेज़ दूबे का अड्रेस कैसे पता चला

मामी-शॉप मे 25 दिसंबर की वजह से लकी ड्रॉ रखा गया था. 25 दिसंबर तक शॉपिंग करने वालो से एक फॉर्म फिल करके एक कूपन दे रहे थे. उस फॉर्म पर सब को अपना नाम ,मोबाइल नंबर, और अड्रेस लिखना था.उसी से शॉप वालो मे मुझे अड्रेस बता दिया.

अवी-तो ये बात थी, ऐसे अड्रेस मिल गया.

मामी-हाँ, शॉप वालो को मैं ने अपना कूपन दिखाया , जिस से शॉप वालो ने फॉर्म और पेमेंट देते समय मेरे आगे और पीछे जो थे उनका अड्रेस दे दिया ,

अवी-चलो अच्छा हुआ 1स्ट अड्रेस पे बॅग मिल गया वरना फिर से घूमना पड़ता,

मामी-1स्ट अड्रेस पे बॅग मिल जाएगा ये मुझे पता था. क्यू कि उस औरत ने फॉर्म मे मिस्टेक की थी जिसकी वजह से उसे काउंटर पर फिर से फॉर्म फिल करना पड़ा ,तब तक मेरा फॉर्म फिल करके हो गया था. और इसी चक्कर मे बॅग एक्सचेंज हो गया.

अवी-लंबी कहानी थी. वैसे अच्छा हुआ बॅग मेरी पहचान की आंटी के पास था.

मामी-हाँ,वैसे तुम मिसेज़ दूबे को कैसे पहचाते हो

अवी-मिसेज़ दूबे के घर के सामने जो घर है वो मेरा घर है

मामी-तुम वहाँ रहते हो. फिर तुम अपने घर क्यू नही गये

अवी-मैं वहाँ नही गाओं मे रहता हू. और जब शहर आता हू तब वहाँ आराम करता हू. वो आराम करने के लिए बनाया है.

मामी-फिर भी तुम मिसेज़ दूबे को अच्छे से जानते होगे

अवी-हाँ,

मामी-अगर तुम मिसेज़ दूबे को जानते हो तो ,मिसेज़ दूबे ने हमे घर के अंदर क्यू नही बुलाया. ऐसे बाहर से क्यू निकाल दिया.

अवी-वो मुझसे नाराज़ है

मामी-किस बात के लिए नाराज़ है

अवी-वो मैं नही बता सकता

मामी-क्यू पर्सनल बात है.

अवी-ऐसी बात नही है. मैं ने अगर आपको बता दिया तो आप गुस्सा हो जाएगी.

मामी-शॉप मे गुस्सा नही हुई तो अब क्यू गुस्सा करूँगी.

अवी-मैं ने मिसेज़ दूबे के आगे और पीछे का ढोल बजा दिया था जिस से वो मुझसे नाराज़ है

मामी-मैं कुछ समझी नही.

अवी-मिसेज़ दूबे की चूत और गंद मारी थी.

मामी-कैसी गंदे वर्ड ईस्तमाल करते हो

अवी-मैं ने पहले ही कहा था. कि...

मामी-हाँ हाँ समझ गयी मेरी ग़लती है.(ये तो बहुत चालू लड़का है .उस औरत के साथ और आज पार्टी मे पता नही किसके साथ करने वाला है.पर पार्टी मे तो सब हमारे रिलेटिव या पहचान वाले होगे. उनके साथ... मुझे इस पे नज़र रखनी होगी.) अब चलो जल्दी पार्टी शुरू ना हो जाए.

हम 6.30पीएम बजे हम घर पहोच गये. पार्टी अभी शुरू नही हुई थी. पर ज़्यादातर मेहमान आ गये थे. करीम अपनी गर्लफ्रेंड के साथ आया था. पंकज की गर्लफ्रेंड भी आ गयी.

मामी अपनी बॅग लेकर मुझे थॅंक्स बोल कर अपने कमरे मे चली गयी.

मैं करीम के पास चला गया. करीम के साथ बातें करने लगा. करीम मुझसे कम और अपनी गर्लफ्रेंड से ज़्यादा बातें कर रहा था.

मैं ने करीम को उसकी गर्लफ्रेंड के साथ अकेला छोड़ दिया. और पंकज की गर्लफ्रेंड के पास चला गया.

पंकज की गर्लफ्रेंड ने भी मुझे इग्नोर कर दिया.

मेरे साथ बात करने वाला कोई नही था. पंकज की मम्मी और मामी पार्टी के लिए तय्यार हो रही थी.

मैं इधर उधर घूम रहा था कि मेरी नज़र पंकज की मामी की बेटी पर पड़ी. वो भी मेरी तरह अकेली बैठी थी. उसके साथ भी बात करने वाला कोई नही था. उसकी उमर का यहाँ कोई नही था.

मैं उसके पास जाकर बैठ गया.

अवी-हाई

ईशा-हेलो

अवी-तुम पंकज के मामा की बेटी हो ना

ईशा-हाँ,और आप पंकज भैया के फ्रेंड

अवी-तुम्हे कैसे पता चला कि मैं पंकज का फ्रेंड हू.(पंकज ने ही तो मेरा इंट्रो करवाया था .फिर भी मैं ने ये सवाल पूछ लिया)

ईशा-अभी तो थोड़ी देर पहले पंकज भैया ने आपका इंट्रो करवाया था. और वैसे भी ये पंकज भैया की पार्टी है तो यहाँ पर पंकज भैया के फ्रेंड ही होगे ना.

अवी-तुम तो खूबसूरत और स्मार्ट दोनो हो.

ईशा-थॅंक्स,

अवी-(पंकज ने तो सिर्फ़ मामा और मामी को इंट्रो करवाया था.अब इसका नाम कैसे पुछु) अपने खूबसूरत होंठो से अपना नाम भी बता दो.

ईशा-मेरा नाम ईशा है. और आपका नाम अवी. सही कहा ना.

अवी-तुम तो डबल स्मार्ट हो

ईशा-थॅंक्स ,आप ऐसे ही मेरी तारीफ कर रहे हो. मैं इतनी भी कुछ स्मार्ट नही हू.मेरी क्लास मे तो मुझसे भी स्मार्ट लड़कियाँ है.

अवी-मैं नही मानता ,तुमसे स्मार्ट कोई हो ही नही सकता.

ईशा-सच मे ,मेरी फ्रेंड को मुझसे अच्छे मार्क मिलते है.

अवी-तुम्हारी फ्रेंड सिर्फ़ किताब को पढ़कर रट्टा मार कर अच्छे मार्क लेती होगी.तुम तो प्रॅक्टिकली स्मार्ट हो.

अवी- तुम यहाँ अकेली क्यू बैठी हो.

ईशा-मैं यहाँ किसी को जानती नही हू, यहाँ तो सिर्फ़ पंकज भैया के फ्रेंड है. मैं किस के साथ बात करू

अवी-मैं हू ना. मेरे साथ बात करो, और पार्टी को एंजाय करो.

ईशा-पर आप भी तो अपने फ्रेंड के साथ रहोगे

अवी-फ्रेंड के साथ तो हर दिन रहता हू. आज तुम्हारे साथ रह कर तुम्हे कंपनी दूँगा. क्या मेरे साथ इस पार्टी को एंजाय करोगी.

ईशा-हाँ ,क्यूँ नही.

हम कुछ पल मे ही एक दूसरे से खुल कर हँसी मज़ाक करने लगे.

हम बातें करने मे इतना खो गये कि हमे पता ही नही चला कि पार्टी शुरू भी हो गयी है. पंकज भी आ चुका था. पंकज के पापा और मम्मी भी पार्टी मे मेहमानो को वेलकम कर रहे थे.मतलब पार्टी अपने रंग मे आ गयी थी.

मामी भी तय्यार होकर आ गयी. मामी पिंक कलर की साड़ी मे अप्सरा लग रही थी. मामी जितनी जीन्स और टीशर्ट मे खूबसूरत दिख रही थी उसे भी ज़्यादा साड़ी मे खूबसूरत दिख रही थी.

किसी ने सच कहा है कि लड़किया और औरते भले ही बिकनी पहन ले ,पर हॉट और सेक्सी लगती है सिर्फ़ साड़ी मे.

मैं ईशा के साथ बातें कर रहा था पर मेरी आँखे मामी पर थी.

बातें बेटी के साथ कर रहा था और आँखो को माँ पर लगाया हुआ था. मैं बैठा ईशा के पास था और दिल मामी के पास था.

 
413

मैं ईशा के साथ बातें कर रहा था और देख मामी की तरहफ़ था. मामी भी मुझे देख रही थी.

मुझे लगा कि मामी मुझे लाइन दे रही है पर ऐसा नही था मामी तो मुझ पर नज़र रखे हुए थी कि मैं वो 5 कॉंडम किसी के साथ इस्तेमाल करने वाला हू.

पर जब मामी ने मुझे अपनी बेटी ईशा के साथ देखा तो वो शॉक्ड हो गयी.

मामी को पता था कि मैं आज किसी ना किसी के साथ तो चुदाई करने वाला हू पर किसके साथ ये मामी को पता नही था.

पर मुझे ईशा के साथ हंसते हुए ,मज़ाक करते हुए ,बातें करते हुए देख कर झटका लगा.

शायद मामी सोच रही होगी कि मैं कही ईशा के साथ तो कॉंडम इस्तेमाल करने वाला नही हू.

मामी को ऐसा लगना लाज़मी था. मामी एक बेटी की माँ जो थी. और मामी को पता है कि मैं कैसा लड़का हू .मेरे जैसे लड़के के साथ अपनी बेटी को देख कर कोई माँ परेशान होगी ही.

पर मामी हमारे पास आ कर मुझसे या ईशा से बात भी नही कर सकती है. अगर मामी आ भी गयी तो ईशा को क्या कहंगी कि मुझसे दूर रहे.

मामी बस एक काम कर सकती है.मुझ पर नज़र रख कर मुझे ग़लत हरकत करने से रोक सकती है.

जिस तरह मैं बातें तो ईशा के साथ कर रहा था और मेरी आँखे मामी पर थी. वैसे ही मामी बात तो पंकज की मम्मी से कर रही थी और आँखे मुझ पर लगाए हुए थी.

हमारी बातें तो ऐसे ही चलती रही.

केक काटने का टाइम भी हो गया. पंकज अपने मम्मी पापा के साथ केक काटने के लिए तय्यार हो गया. मैं भी ईशा के साथ पंकज के पास आ गया.

ईशा तो मेरा साथ छोड़ ही नही रही थी. मुझसे फेविकोल की तरह सिपकी हुई थी.

ईशा ने मेरा हाथ पकड़ा हुआ था. ये देख मामी को गुस्सा आ गया. पर सब के सामने हमे क्या कहती.

मैं तो अपने प्लान के हिसाब से चल रहा था.और ईशा इनडाइरेक्ट्ली मेरा साथ दे रही थी.

घड़े ने केक काट लिया मतलब पंकज ने केक काट लिया.

पंकज मुझसे भी बड़ा है ये तो मुझे पता ही नही था. मैं पंकज से 1 साल छोटा हू.

कोई बात नही, कम से कम दिमाग़ के इस्तेमाल मे तो मैं पंकज से बड़ा हू.

केक काटने और खिलाने का प्रोग्राम 30 मिनिट तक चलता रहा. इस 30 मिनिट मे ईशा ने 1 मिनिट के लिए भी मेरा साथ नही छोड़ा.

पंकज ने तो केक काट लिया.अब मेरी बारी थी काकी की गंद फाड़ने की.

काकी गंद तो आज फाड़ दूँगा पर पंकज से ये कह कर कोई फ़ायदा नही होगा कि मुझे काकी नही किसी और के साथ चुदाई करनी थी. क्यू कि पंकज काकी को तो मना सकता है मेरे साथ चुदाई करने के लिए पर अपनी मामी या किसी और को नही मना सकता.

मतलब जो भी करना है वो मुझे ही करना होगा. पंकज ने काकी की गंद दी यही बहुत है मेरे लिए. इसे ज़्यादा पंकज कुछ कर भी नही सकता था.

चलो अपना इनाम लेने के टाइम हो गया है.

पर इस इनाम से ज़्यादा ज़रूरी मेरा प्लान है. इनाम मे तो काकी की काली गंद मिलेगी अगर प्लान कामयाब हो गया तो खूबसूरत चूत और गंद मिलेगी.

पहले इनाम लेता हू और साथ मे प्लान भी कामयाब करता हू.

पर इस ईशा का क्या करूँ. ये तो फेविकोल की तरह मुझसे चिपकी है.

ईशा से कम से कम 1 घंटे के लिए पीछा छुड़ाना होगा.

 


414

मेरा लक भी आज अच्छा है. ईशा को बाथरूम जाना था. हम घर के अंदर आ गये.

ईशा बाथरूम मे चली गयी. मैं ने पंकज को कॉल कर के हॉल मे बुलाया.

पंकज को पता था कि मैं ने कॉल क्यू की. वो जल्दी से हॉल मे आ गया.

अवी-कितना केक खाएगा ,कुछ मुझे भी खाने दे.

पंकज-रुक अभी बुलाता हू

अवी-मैं उस केक की बात नही कर रहा ,मैं अपने इनाम की बात कर रहा हू

पंकज-इनाम बाद मे मिलेगा

अवी-कितना इंतज़ार करवाने वाला है.कल से नींद नही आ रही. अब इंतज़ार नही होता.

पंकज-दिख रहा है. एक काम कर, सर्वेंट क्वार्टर मे चला जा वहाँ तेरा इनाम मिल जाएगा.

अवी-सर्वेंट क्वार्टर वहाँ तो काकी होगी. उसके सामने कैसे

पंकज-अबे तुझे काकी के साथ ही तो करना है

अवी-पागल हो गया क्या तू. मैं काकी के साथ ,ये तूने सोचा भी कैसे

पंकज-तुझे काकी के साथ करना था ना

अवी-तू क्या काकी इनाम मे देने वाला है. वो किस हिसाब से इनाम लगती है

पंकज-तुझे क्या लगा था

अवी-मुझे तो आंटी चाहिए थी.(आंटी की चूत तो फाड़ चुका हू )

पंकज-पागल हो गया तू, वो मेरी मम्मी है कोई इनाम नही जो तुझे दे दूं

अवी-काकी नौकरानी है कोई इनाम नही जो मैं ले लूँ. अगर नही देना था तो पहले बोल देता ऐसा घटिया मज़ाक करने की क्या ज़रूरत थी. मैने तो पहले ही कहा था कि मुझे इनाम नही चाहिए पर तू ही पीछे पड़ गया था.दिया तो क्या दिया काकी

पंकज-मुझे लगा था कि तुझे काकी पसंद है

अवी-ऐसा क्यूँ लगा

पंकज-तूने उस्दिन काकी गंद पर थप्पड़ मारा था.(पंकज उस्दिन की बात कर रहा है जब मैं पंकज के घर आया था और पंकज को वापस कॉलेज लाने की डील हुई थी)

अवी-अगर मैं तेरी गंद पर थप्पड़ मारता तो तू मुझे अपनी गंद देता

पंकज-कुछ भी कह. मुझे तो लगा....तुझे मम्मी के साथ .मेरी मम्मी है वो

अवी-तो क्या हुआ तू भी तो चुदाई करता है अपनी मम्मी के साथ

पंकज-वो तो ...

अवी-चल जाने दे ,आज तेरा बर्तडे है .तुझे ज़्यादा टेन्षन नही दे रहा हू.काकी के साथ कर लेता हू.

पंकज-थॅंक्स

अवी-थॅंक्स मत बोल, काकी के साथ मुझे कुछ और भी चाहिए

पंकज-क्या?

अवी-वो मैं बताता हू पर पहले तू ये बता आंटी ने तुझे पटाया या तूने आंटी को

पंकज-मम्मी ने मुझे चुदाई के लिए मनाया

अवी-तो सुन अगर ग़लती से आंटी ने मुझे भी पटा लिया तो तू कुछ नही कहेगा . मुझे आंटी के साथ चुदाई करने देगा.

पंकज-लेकिन

अवी-देख मैं आंटी पे लाइन नही मारूँगा पर आंटी ने मुझे चुदाई करने के लिए पटा लिया तो तू मेरा साथ देगा.

पंकज-ठीक है. पर तू अपनी तरफ से कुछ मत करना

अवी-नही करूँगा. चल अब काकी को भेज जल्दी और काकी को कहना ज़्यादा नाटक मत करना ,मैं जैसा कहूँ वैसा करे (चलो फ्यूचर मे आंटी के साथ चुदाई करने का रास्ता क्लियर हो गया है)

पंकज-मैं ने काकी को वो सब बता दिया है

अवी-और काकी को कहना कि मैं रात भर चुदाई करने वाला हू

पंकज-तुम काकी के साथ रात भर कर या 1 महीने तक कर मुझे कुछ नही करना.

अवी-अब क्या यहाँ बातें करता रहेगा .जाना जल्दी काकी को भेज .

पंकज-अभी भेजता हू

पंकज पार्टी मे चला गया.इधर ईशा भी बाथरूम से बाहर आ गयी.ईशा परेशान दिख रही थी.

अवी-क्या हुआ ईशा.

ईशा -कुछ नही भैया ,वो मोबाइल टाय्लेट मे गिर गया.

अवी-तुम टाय्लेट मे मोबाइल लेकर क्यूँ गयी थी.

ईशा-वो मैं टाय्लेट करते हुए मोबाइल पर बात कर रही थी.

अवी-किस से बात कर रही थी जो थोड़ी देर रुक नही सकती थी.

ईशा-फ्रेंड के साथ

अवी-फ्रेंड या बाय्फ्रेंड

ईशा-अभी तो सिर्फ़ फ्रेंड है

अवी-मतलब आगे बॉय फ्रेंड बनाने वाली हो

ईशा-मे बी, चलो पार्टी मे चलते

अवी-(मुझे तो काकी के पास जाना है .) तुम्हारी बात पूरी हो गयी.

ईशा-कहाँ भैया. 1 मिनिट भी नही हुआ और मोबाइल ...

अवी-बात करनी है

ईशा-करनी तो है पर

अवी-मेरे मोबाइल से कर लो.

ईशा-आपके मोबाइल से

अवी-हाँ, क्यू मेरे मोबाइल से नही कर सकती.

ईशा-कर तो सकती हू पर कभी कभी कुछ ज़्यादा देर तक मैं मोबाइल पर बात करती हू

अवी- मेरे मोबाइल से भी कर लो बात, मैं तो अब ये मोबाइल 1 घंटे के बाद ही लूँगा तुमसे

ईशा-थॅंक्स

मैं ने मेमोरी कार्ड निकाल लिया और मोबाइल ईशा को दे दिया.

ईशा फिर से बाथरूम मे चली गयी और मैं काकी के पास

 
415

थोड़ी देर बाद मैं काकी के क्वार्टर मे चला गया.

पंकज ने काकी को सब समझा कर चुदाई के लिए तय्यार किया .

जब मैं काकी के कमरे मे गया तो कमरे का गेट खुला हुआ था. मैं अंदर चला गया. काकी बेड पर बैठी हुई थी.

मैं ने गेट बंद कर दिया.और काकी के पास आ गया.

मुझे 2 बातों का ध्यान रखना था.

1. मुझे बातें करने मे टाइम वेस्ट नही करना है.

2. ईशा के बाथरूम से निकलने से पहले मुझे चुदाई ख़तम करनी होगी.

पर बिना बातें किए चुदाई कैसे होगी. बात करता हू पर 1 घंटे से पहले सब कुछ हो जाए इस बात का ध्यान रखूँगा.

अवी-काकी तुम्हे मेरे साथ करना है ना

काकी-अगर करना ना होता तो तुम्हे यहाँ क्यू आने देती

अवी-तो फिर शुरू करूँ

काकी-हाँ करो

अवी-तो फिर जल्दी से अपने कपड़े उतारो मेरे पास ज़्यादा टाइम नही पार्टी मे भी जाना है.

काकी जल्दी से काम मे लग गयी. अपने साँवले बदन से कपड़े उतारने लगी.

1 मिनिट से भी कम समय मे काकी के कपड़े निकाल दिए. निकाल नही दिए फेक दिए जैसे की दुबारा इस्तेमाल नही करने वाली है.

मैं सिर्फ़ जीन्स और अंडरवेर निकाल दी.चुदाई करने से टीशर्ट खराब हो गयी तो. टीशर्ट भी निकाल दी.

कमरे मे एक तरफ काकी खड़ी थी दूसरी तरफ मैं खड़ा था

एक तरफ काकी का साँवला बदन था ,दूसरी तरफ मेरा गोरा शरीर, मेरा लंड भी गोरा था.

एक तरफ मेरा लंड भी गोरा था वहीं काकी के बूब्स काले थे. काकी की चूत का तो नामो निशान नही था.

चूत पर इतने बाल थे कि चूत पूरी तरह से छुप गयी थी.

काकी गंद बस वो एक चमक रही थी ,मतलब वो एक काम की चीज़ थी.

आज तक जीतनों को साथ चुदाई की वो सब गोरी थी. काकी पहली औरत है जो साँवली है.

चलो एक नया अनुभव मिलेगा. मुझे तो बस गंद मारनी है.

आज पहली और आख़िरी बार काकी के साथ चुदाई करने वाला हू.

बस एक बार काकी गंद पर ठप्पा मार दूं फिर काकी की तरफ देखूँगा भी नही.

वैसे काकी से अच्छी औरत मिल जाएगी चुदाई करने के लिए पर क्या करे काकी ने 6 महीनो से गंद दिखा दिखा कर मेरा जीना हराम कर दिया है.

ये क्या फिर सोचने लगा.मुझे टाइम वेस्ट नही करना है.

अवी-कक तेल कहाँ है

काकी-तेल से क्या करने वाले हो

अवी-पंकज ने बताया होगा कि मैं आपकी गंद मारने वाला हूँ

काकी-मुझे गंद मरवा कर काफ़ी समय हो गया है. तुम पहले मेरी चूत मारो फिर गंद मारना

अवी-पहले गंद ,बताओ तेल कहाँ है या फिर बिना तेल के मारू

काकी ने टेबल पर रखा हुआ तेल मुझे दिया.

अवी-तुम अपनी गंद पर लगाओ ,मैं लंड पर लगाता हू.

काकी गंद को चिकना करने मे लग गयी और मैं कॉंडम को तेल से चमकाने लगा.

बातें करने मे ,और तेल लगाने मे 5 मिनिट बर्बाद हो गये. मेरा 1 1 मिनिट इंपॉर्टेंट है.

तेल लगाने के बाद मैं ने काकी को कुत्ती बना दिया.

आज पहली बार बिना किस किए ,बिना बूब्स दबाए ,बिना बूब्स चूसे,बिना चूत को हाथ लगाए चुदाई करने वाला था.

काकी ने कहा भी कि कुछ तो करो पर मुझे सिर्फ़ एक बात पता थी काकी की गंद और मेरा लंड .

काकी के चुतड़ों को दोनो हाथो मे पकड़ कर गंद को चौड़ा कर दिया. और काकी की गंद के छेद को देखने लगा.

काकी की गंद पहले भी कई बार मारी गयी थी पर पंकज को गंद मारना पसंद नही है मतलब कई सालो से गंद मे लंड नही गया था.

मैं ने अपने लंड को काकी की गंद पर रख दिया

काकी की गंद मे पहले भी लंड गया था जिसे मैं ने बस थोड़ा ही ज़ोर लगाया कि मेरे लंड का टोपा काकी की गंद मे चला गया.

मैं ने दूसरा झटका मारा और लंड को 4 इंच तक अंदर डाल दिया.

काकी को दर्द हुआ ,काकी दर्द से हहेया मररर्र्र्र्र्र्ररर गैिईईईईईईईईईईईई करने लगी आआअहह और फिर ज़ोर ज़ोर से चीखने लगी .

ये अच्छा हुआ कि पार्टी घर के पीछे चल रही थी. और पार्टी मे म्यूज़िक चालू था जिससे काकी की चीख किसी को भी सुनाई नही दी.

मैं ने थोड़ी देर अपना लंड काकी की गंद मे ऐसे ही रहने दिया

और जब वो चुप हो गयी तो मैं ने एक और ज़ोर से झटका लगाया . 6 इंच तक लंड काकी की गंद मे डाल दिया .

काकी को ज़्यादा दर्द होने लगा .काकी मुझे गलियाँ देने लगी. हरामी तूने मेरी गंद फाड़ दी.गान्डू साले ,मादरचोद जल्दी से अपना लंड बाहर निकाल.

आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह माँ दर्द हो रहा है. निकाल ना मादरचोद. साले इसी लिए मेरी गंद पे नज़र थी तेरी. निकाल बाहर.

मैं ने अपना लंड बाहर नही निकाला,बल्कि एक और झटका मार कर पूरा लंड अंदर पेल दिया.

साली रंडी मुझे गाली देती है रुक तुझे बताता हू.

पूरा लंड अंदर डाल ने से काकी दर्द से रोने लगी.

अब क्यू रो रही है रंडी की तरह,देख तेरी गंद कैसे फाडता हूँ ,

इतना कहने के बाद मैं पूरी ताक़त लगा कर काकी की गंद मारने लगा.

हर धक्के के साथ काकी के मुँह से चीख निकल जाती. पर मैं अब रुकने वाला नही था.

चाहे काकी की चीख कोई भी सुने मुझे उस से कोई लेना देना नही था.

मैं ने डिसाइड कर लिया कि आज की रात काकी को कभी भूलने नही दूँगा.

मैं ज़ोर दार धक्के मारता गया.

काकी कमर को आगे करके मेरे लंड को निकाल ने की कोशिश करने लगी. पर मैं ने काकी की कमर को पकड़ लिया और चूतड़ पर दनादन शॉट मारने लगा.

गंद मारने मे काकी को बहुत दर्द हुआ और बार बार बीनती करने लगी कि मैं अपना लंड उसकी गंद से बाहर निकाल लूँ.

पर दर्द तो कुछ पल के लिए रहता है. फिर मज़ा ही मज़ा.

थोरी देर मे काकी को भी मज़ा आने लगा .काकी भी कमर हिला हिला कर मेरा साथ देने लगी.

पहले तो लंड बाहर निकालने को कह रही थी और अब कैसे मज़े लेते हुए कमर हिला रही थी.

पहले काकी ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी कि लंड बाहर निकालु और अब फिर से चिल्ला रही थी कि फाड़ दे मेरी गंद को और ज़ोर से गंद मार. पूरी फाड़ दे गंद को.

काकी की बात सुनकर मैं ने अपनी गति फुल कर दी और काकी की गंद की धज्जियाँ उड़ाने लगा .

काकी का पॉज़िटिव रेस्पॉन्स देख कर मुझे भी गंद मारने मे मज़ा आ रहा था.

काकी के फूले फूले और काले चूतड़ मखमली गद्दो जैसे लग रहे थे.

मैं अपनी ही धुन मे गंद मार रहा था. काकी की गंद मारने मे इतना खो गया था कि मुझे समय का पता ही नही चला .यहाँ तक कि मैं ने वीर्य कॉंडम मे डाल दिया. जो मुझे काकी को पिलाना था.

काकी गंद मारने के बाद मैं ने लंड बाहर खींच कर बाहर निकल आया ,जैसे बोतल से ढक्कन निकाल रहा हो.

लंड निकालने के बाद मैने टाइम देखा तो मैं शॉक्ड हो गया.

काकी की गंद सिर्फ़ 20 मिनिट तक मारता रहा.

काकी की गंद थी ही ऐसी कि अच्छे अच्छो का पानी निकाल दे.

काकी ने मेरा भी पानी निकाल दिया था .मान ना पड़ेगा काकी की गंद को.

काकी नीचे गिर गयी और मैं काकी के उपर गिर गया.

मेरा लंड अब भी काकी के गंद मे था.हम दोनो हाफ़ रहे थे.और खुद को नॉर्मल कर रहे थे.

 
Back
Top