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मैं और मेरा परिवार

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659

पायल के बाद मैं ने मोना को कॉल किया.

मोना-हेलो

अवी-मोना डार्लिंग कहाँ हो

मोना-घर पे हूँ ,कब से तुम्हे कॉल कर रही थी और तुम्हारा कुछ पता नही

अवी-मैं बिज़ी था.

मोना-अब फ्री हो ना

अवी-हाँ, पैसे कहाँ है

मोना-मेरे पास

अवी-तो किस बात का इंतज़ार कर रही हो ,आ जाओ पैसे लेकर

मोना-निकल रही हूँ.

थोड़ी देर मे मोना पैसे लेकर आ गयी.

अवी-कैसी हो .

मोना-अच्छी हूँ ,

अवी-क्या कहा तुम्हारे मालिक ने

मोना-वो खुश है. उनको लगा कि कुवरसिंघ उनको बार बार ब्लॅकमेल करेगा , पर मेरे चलते ऐसा नही हुआ. जिस से मेरे मलिक ने मुझे इनाम मे 1 लाख रुपये दिए

अवी-तुम्हारे तो मज़े है

मोना-हाँ,उस दिन रात भर मेरी चुदाई करता रहा.

अवी-पैसे कहाँ है

मोना-टेप कहाँ है

अवी-मेरे साथ सौदा कर रही हो

मोना-मैं पूछ रही थी.

अवी-(मैं ने पॉकेट से टेप निकाल ली) ये देखो टेप

मोना-इस बॅग मे है पैसे

अवी-कितने है

मोना-30 लाख

अवी-पूरे लेकर आ गयी.

मोना-सोचा आमने सामने पैसो का हिस्सा कर लेंगे.

अवी-दो .

मैं ने बॅग मे रखे हुए पैसो के 2 हिस्से किए

अवी-ये तुम्हारे 15 और ये मेरे 15

मोना-सिर्फ़ 15 ,तुम ने तो कहा था कि

अवी-तुम्हे मालिक ने 1 लाख दिए फिर भी ऐसा बोल रही हो

मोना-तुम ही ने तो कहा था कि मुझे ज़्यादा दोगे.

अवी-ये लो 3 लाख ,अब खुश

मोना-हाँ, बहुत खुश ,19 लाख हो गये मेरे पास,

अवी-तुम तो लखपत्नी हो गयी.

मोना-सोच रही हूँ करोड़पत्नी हो जाउ

अवी-वो कैसे

मोना-क्यू ना मैं मालिक को ब्लॅकमेल करूँ

अवी-ऐसा ग़लती से मत करना, तुम्हारा मालिक तुमसे खुश है .वो ऐसे ही तुम्हे पैसे लुटाएगा.बिना वजह पंगा मत करना. इधर से कुवरसिंघ तुम्हारी मारेगा उधर से तुम्हारा मालिक ,

मोना-मैं बस सोच रही थी. तुम ठीक कहते हो ,लफडे मे पड़ूँगी तो बलि की बकरी बन जाउन्गी.

अवी-वो टेप अपने मालिक को देना और कहना कुवरसिंघ से दूर रहे

मोना-वो तो कहूँगी ही,और बताओ ये टेप कैसे मिला

अवी-मेरे फ्रेंड ने हासिल किया

मोना-तुम्हारा फ्रेंड कहाँ गया है.

अवी-वो ठीक हो गया .और जाते हुए ये टेप दे गया.

मोना-अच्छा हुआ बिचारा ठीक हो गया.

अवी-सब तुम्हारा कमाल था.

मोना-मोना नाम है मेरा.

अवी-तो मोना डार्लिंग ये पैसे लेकर शहर चली जाओ .और यहाँ दिखाई मत देना

मोना-क्यूँ?

अवी-कुवरसिंघ को अगर तुम पे शक हुआ तो

मोना-सही कहा, मैं कल निकल जाउन्गी,

अवी-कल क्यूँ ?

मोना-आज पार्टी करेंगे.

अवी-नही, फिर कभी करेंगे

मोना-इतना अच्छा दिन है, हमारा काम हो गया पार्टी तो बनती है.

अवी-तुम ऐसे नही मानोगी

मोना-नही

अवी-चलो फिर तुम्हारी गंद फाड़ता हूँ

मोना-ये हुई ना बात

मैं ने ज़िप खोल कर लंड बाहर निकाला ,

लंड बाहर निकालते ही मोना ने अपना मुँह खोल दिया.

मोना अपना काम करने लगी.

मोना ने लंड चूस कर खड़ा किया.

लंड खड़ा होते मोना नंगी हो गयी.

मैं भी नंगा हो गया.

मोना को बेड पर लिटा दिया और लंड पर कॉंडम लगा कर उसकी चूत मे पेल दिया.

उसका पानी निकलते ही मैं लंड बाहर निकाला

मोना को उल्टा लिटा दिया .

और उसकी गंद मे लंड डाल दिया.

थोड़ी देर गंद मारने के बाद लंड को बाहर निकाल लिया.

कॉंडम निकाल कर लंड मोना की मुँह मे डाल दिया.

मोना को वीर्य पिलाने के बाद मैं ने कपड़े पहन लिए.

मोना-मज़ा आया

अवी-ये हमारी आख़िरी चुदाई थी

मोना-क्या मतलब

अवी-इसके बाद मुझसे मिलना मत और इस गाओं मे भी आना मत

मोना-लेकिन क्यूँ

अवी-गाओं मे क्या रखा है, और कुवरसिंघ का तो तुम्हे पता है.

मोना-वो समझ गयी, लेकिन तुम ने ऐसा क्यूँ कहा हमारी आख़िरी चुदाई है.

अवी-ना तुम गाओं आओगी और ना मैं गाओं चोदुन्गा,

मोना-मुझे कभी गाओं आना पड़ा तो

अवी-तब की तब देखेंगे

मोना-ठीक है, वैसे भी शहर मे मज़ा और पैसा दोनो मिलता है

अवी-चलो फिर , किस्मत मे लिखा होगा तो दुबारा मिलेंगे

मोना अपने पैसे लेकर चली गयी.

मोना के साथ फ्यूचर मे रीलेशन रखने से कोई फ़ायदा नही होगा. उसे शहर की हवा लग गयी है.

मोना के जाने के बाद मैं ने कुवरसिंघ वाला गद्दा घर 3 के पीछे ले जाकर जला दिया.

और शहर जाकर एक नया गद्दा और फॅन खरीद कर घर3 मे लगा दिया.

 


660

फिर मैं रणजीतसिंघ से मिलने मंदिर चला गया.

रणजीतसिंघ मेरा ही इंतज़ार कर रहा था.

रणजीतसिंघ और सेक्रेटरी के साथ टाइम पास करने लगा.मतलब काम की बाते करने लगा.

अवी-शाम के 4.00 बज रहे है ,मुझे जाना होगा.

रणजीतसिंघ-कहाँ जा रहे हो

अवी-तुम्हारी बहन की चुदाई करने

रणजीतसिंघ-क्या कहा

अवी-पायल से कार चलाना सीख रहा हूँ

रणजीतसिंघ-पायल ने कुछ बताया नही.

अवी-मैं ने मना किया था.

रणजीतसिंघ-बस कार सीखना,

अवी-मुझ पे शक कर रहे हो.

रणजीतसिंघ-ऐसी बात नही है

अवी-हम दोस्त है, और तुम्हे पता हैना मुझे कार चलाना सीखना कितनी ज़रूरी है.

रणजीतसिंघ-पता है ,और मैं तुम पे पूरा भरोसा करता हूँ .अपने भाई की तरह मानता हूँ तुम्हे

अवी-इस हिसाब से पायल मेरी बहन हुई

रणजीतसिंघ-मैं बस यही सुनना चाहता था.

अवी-तुम बेफिकर रहो , पायल मेरी भी बहन है.

रणजीतसिंघ-लेकिन पायल ने तो अभी कार चलाना सीखा है

अवी-पायल को पहले से कार चलाना आता है. उस ने तुम से झूठ कहा था.

रणजीतसिंघ-तभी पायल 2 दिन मे इतनी अच्छी कार चलना सीख गयी.

अवी- अच्छा मैं चलता हूँ ,पायल इंतज़ार कर रही होगी.

रणजीतसिंघ-कल मिलते है

मैं ने रणजीतसिंघ को इस लिए बताया ताकि पायल के साथ कार सीखते हुए कोई प्राब्लम ना हो

मैं पायल की बताई हुई जगह पर चला गया .जाते हुए मुझे पायल की कार दिखी.

मैं ने पायल को अपने पीछे आने को कहा.

हम मैदान मे आ गये. मैं ने बाइक पार्क की और पायल की कार के पास आ गया.

अवी-मेडम स्टूडेंट हाज़िर है कार सीखने के लिए

मेरी बात सुनकर पायल हँसने लगी.

पायल-ये क्या है ,

अवी-तुम सिखा रही हो तो तुम मेडम हुई ना ,और मैं स्टूडेंट

पायल-काफ़ी स्मार्ट हो, और मज़किया भी.

अवी-तो मेडम शुरू करे

पायल-अब बस भी करो

अवी-तो शुरू करे

पायल-बैठो

अवी-तुम उठोगी तभी मैं बैठूँगा ना.

पायल-पहले दिन ही कार चलाना चाहते हो. पहले देखो

अवी-यस मेडम

और मैं पायल की बाजू वाली सीट पर बैठ गया.

पायल ने कार स्टार्ट की और मैं पायल को देखने लगा.

पायल-मुझे क्यू देख रहे हो

अवी-तुम ही ने तो कहा था कि पहले देखो ,तो पहले तुम्हे देख रहा हूँ फिर कार चलाते हुए देखूँगा.

पायल-मज़ाक नही.

अवी-ओके ,बी सीरीयस ,वैसे तुम्हारी फिगर अच्छी है

पायल-क्या कहा

अवी-सुन कर भी अंज़ान मत बनो,

पायल अनकंफर्ट्ब्ल फील कर रही थी.

अवी- मैं मज़ाक कर रहा था. सॉरी अगर बुरा लगा हो

फिर पायल ने मुझे कार चलाने की बेसिक चीज़े बताई. एबीसी के बारे मे बताया

आज सिर्फ़ कार की नॉलेज ली

उसके बाद हम थोड़ी देर इधर उधर की बाते करते रहे .बाते करते हुए मैं पायल के मोबाइल के साथ टाइम पास करने लगा.

पायल-आज के लिए इतना काफ़ी है

अवी-थॅंक्स मेडम

पायल-तुम क्या हमेशा मज़ाक करते रहते हो

अवी-हँसना सेहत के लिए अच्छा होता है.

पायल-तुम से जितना मुश्किल है ,चलो मेले मे

अवी-घर चलो वही से मेले मे जाएँगे

फिर पायल के साथ घर चला गया.

 
661

पायल के साथ घर आ गया और फिर मेले मे चला गया.

राज-भैया आज क्या करेंगे

अवी-हम ने सब कुछ देख लिया है और एंजाय भी किया है.

कोमल -फिर क्या करेंगे

रानी-क्यू ना वापस फिर से शुरू से स्टार्ट करते है, पायल भी सब का मज़ा ले लेंगी.

स्वेता दीदी-उसके सिवा दूसरा कुछ बचा ही नही.

अवी-तो चले फिर

सब एक साथ "हाँ"

पायल हम सब के साथ मेले को बिंदास तरीके से एंजाय कर रही थी.

स्टार्टिंग से मेले देखने से राज कविता और लीना बहुत खुश थे.

मेले एंजाय करने के बाद हम शाम 8.00 बजे घर आ गये. पायल मेले से हवेली चली गयी.

घर जाने के बाद मैं ने खाना खाया और वापस मेले मे चला गया.

कुवरसिंघ का टेन्षन ख़तम होते मैं फ्रीली मेला एंजाय कर सकता था.

पिछली बार ऐसे ही वापस मेले मे गया था तो रज़िया और रुकसाना मिली थी.

फिर कभी समय ही नही मिला था.आज फ्री हुआ तो मेले को अकेले एंजाय करूँगा.

मेले मे अभी भी रुकसाना पहले जैसी थी.

मैं वापस पहले दिन वाले झूले पर बैठ गया.

ज़ुला मे बैठ कर रिलॅक्स फील कर रहा था.झूले मे बैठ कर पूरे गाओं को देख कर अच्छा लगा.

झूले का मज़ा लेने के बाद मैं मेले मे भीड़ मे घूमने का मज़ा लेने लगा.

आते जाते लोगो को टक्कर मार रहा था.

इस घूमने के चक्कर मे मुझे प्यास लग गयी.

मैं गन्ने का जूस पीने के लिए स्टॉल पर चला गया.

मैं जूस पी रहा था कि मेरे बाजू मे कुछ लड़किया आकर खड़ी हो गयी. और बाते करते हुए जूस पीने लगी.

सहली 1-आज मज़ा आ गया मेला देखने मे

सहली 2-हां, वो लड़का तो मुझे ही देख रहा था

सहली 3-जाकर बात कर ना

सहली 2-मैं नही करूँगी, तुम शीला की तरह मेरा मज़ाक उड़ाओगी.

शीला का नाम सुनते मैं ने उनकी तरफ देखा .ये तो शीला है जिस के साथ चुदाई करने का सोचा था.

सहेली 1-जाने दे ,शीला फिर बुरा मान जाएगी

शीला चुप चाप उनकी बाते सुन रही थी.

सहेली 2-शीला तुम्हे झूठ नही बोलना चाहिए था ,वो कहा और हम कहा, वो हमारे साथ कहा फ्रेंडशिप करता फ़िरेगा.

शीला-मेरी ग़लती थी जो उसकी बातों मे आ गयी.

सहेली 1-क्या नाम था उसका ,हां अवी, अरे वो तुमसे दोस्ती क्यूँ करेगा.उसके पीछे तो लड़कियो की लाइन लगती होगी.वो तुम्हारे पीछे कैसे लगेगा.

अब समझा ,शीला के साथ मैं ने पहले दिन बात की थी. और ये बात शीला ने अपनी सहेली को बताई. पर उसके बाद मैं शीला से मिल नही पाया जिस से शीला का मज़ाक बन गया.

मेरी वजह से शीला के साथ इतना कुछ हो गया. बिचारी ने मेरे बारे मे अपनी सहेली को बताया और मैं फिर उसे नही मिला इसी लिए उसका मज़ाक बन गया जिस से वो मुझपे नाराज़ थी.

मुझे सब ठीक करना होगा.

मैं उनके पास से दूर चला गया और दूर जाके शीला को आवाज़ देने लगा.

वो इधर उधर देखने लगी.

मैं आवाज़ देते हुए शीला के पास चला गया.

शीला और शीला की सहेली मुझे देख कर शॉक्ड हो गयी.

अवी-कैसी हो शीला ,कितने दिन बाद मिली हो, सॉरी मैं ही बिज़ी था जिस के वजह से तुम्हारे लिए समय नही निकाल पाया ,

शीला और उसकी सहेली मुझे देखती रह गयी.

अवी-क्या अभी तक नाराज़ हो ,लो कान पकड़ रहा हूँ ,अब तो माफ़ कर दो

सहेली 1-तुम अवी हो ना ,शीला तुम्हारी फ्रेंड है

अवी-नही ,मैं शीला का फ्रेंड हूँ ,

शीला मुझे अभी भी गुस्से से देख रही थी.

सहेली 2-शीला हमे माफ़ कर दो ,हम ने तुम्हारा मज़ाक उड़ाया

अवी-किस बात की माफी माँग रही हो

शीला -कुछ नही. चलो चलते है

अवी-हाँ ,चलो

शीला-मैं ने तुम से नही कहा ,मैं अपनी सहेली से बात कर रही हूँ

सहेली 1-हमारी तरह तुम पे भी गुस्सा है

अवी-पहले मेडम का गुस्सा ठंडा करते है

सहेली 3-इतनी ठंडी मे गुस्सा ठंडा नही हुआ तो और कैसे ठंडा करोगे

अवी-चलो जूस पीते है

शीला-मैं ने जूस पी लिया

अवी-मैं तुम्हारी सहेली को बोल रहा था. चलो मेरी तरफ से तुम को जूस पिलाता हूँ

सहेली 2-चलो एक एक बार और हो जाए

हम स्टॉल मे अंदर जाकर टेबल पर बैठ गये. शीला वही पर खड़ी थी

सहेली 1-शीला आओ ना यहाँ पर

अवी-वो आ जाएगी. भैया 4 जूस देना

थोड़ी देर बाद शीला और जूस दोनो आ गये

सहेली 1-शीला के लिए भी बुलाओ

अवी-जो मेरा है वही शीला का है. भैया एक और स्ट्रॉ देना

शीला मेरी तरफ देखती रह गयी.

सहेली 2-शीला तू बहुत लकी है

अवी-तुम ग़लत मतलब निकाल रही हो ,हम बस फ्रेंड है

सहेली 3-तो क्या हुआ ,तुम्हे फ्रेंड बनाया है यही काफ़ी है ,तुम इतने हॅंडसम हो कि मैं तो ...पर मेरी नशीब मे कुछ और है

सहेली 1-तेरा बाय्फ्रेंड भी अच्छा है

सहेली 2-अच्छा है पर बेस्ट तो शीला का फ्रेंड है

मैं ने जूस पीना शुरू किया. मेरे पीने के बाद शीला ने स्ट्रॉ से जूस पिया ,पर एक साथ नही पिया.

अवी-देखो ,शीला ने मुझे माफ़ किया ,

शीला-इतने जल्दी नही,

अवी-कोई बात नही ,कभी ना कभी तो माफ़ करोगी.

जूस पीने के बाद हम झूले पर बैठने चले गये. हम 5 और झूले मे बैठ सकते है 4

सहेली 1-अब क्या करे

सहेली 2-वो देख उधर ,प्राब्लम सॉल्व हो गयी

सहेली 3-तुम झूले मे बैठो मैं मेले मे घूम कर आती हूँ

वो चली गयी .और हम झूले मे बैठ गये

अवी-वो कहाँ गयी

शीला-अपने बाय्फ्रेंड के पास

अवी-उसे यहीं बुला लेती ,साथ मे मज़ा लेते

सहेली 1-वो यहाँ कैसे आएगी.वो गयी गन्ना चूसने

और तीनो हँसने लगी.

अवी-गन्ना चूसने(तो चुदाई करने गयी है) अभी तो 2 बार गन्ने का जूस पिया है.

सहेली 2-वो वाला गन्ना नही एक दूसरा गन्ना चूसने गयी है

शीला-रहने दे ,मेरे फ्रेंड को बिगाड़ क्यू रही है.

सहेली 1-ये हमारा भी फ्रेंड बन गया है

अवी-तुम को कैसा गन्ना पसंद है

सहेली 1-मुझे लंबा

सहेली 2-मुझे मोटा गन्ना पसंद है

अवी-और शीला तुम्हे

शीला-मुझे वो

अवी-(शीला के कान मे) मेरा लंबा और मोटा गन्ना है

मेरी बात सुनकर शीला के गाल लाल हो गये

सहेली 1-क्या बातें हो रही है चुपके चुपके

अवी-कुछ खास नही ,गन्ना मीठा नही हुआ तो चलेगा का पूछ रहा था.

सहेली 1-मुझे चलेगा

शीला-क्या चलेगा, दुबारा कुछ कहा तो मुझे बुरा कोई नही होगा.

अवी-शीला को गुस्सा मत दिलाव ,ये गन्ना उसकी का है

गन्ने के बाते मज़ेदार होती जा रही थी.

बाते और चलती पर ज़ुला रुक गया. और हम वापस मेले मे घूमने लगे.

शीला कुछ हद तक खुश थी. उसे खुश रखा तो मेले मे मज़ा कर पाउन्गा.

थोड़ी देर बाद शीला की सहेली चुदाई कर के आ गयी.

सहेली 1-आ गयी, कैसा था गन्ना.

सहेली 3-आज चूस कर पूरा रस निकाल लिया.

शीला-कितनो का रस निकालेगी.गाओं मे भी तो तेरा बाय्फ्रेंड है.

सहेली 3-नये नये गन्ने ट्राइ करना चाहिए

सहेली 1-सही कहा ,लेकिन ये बात शीला को समझ मे नही आती.

शीला-मैं ऐसी ही ठीक हूँ

अवी-मैं हूँ ना

सहेली 2-तुम शीला को जानते नही हो

अवी-शीला को जानना चाहता हूँ

शीला-बात बदलते हुए ,चलो आज के लिए इतना काफ़ी है ,हमे चलना चाहिए.

अवी-तो कल मिलते है ,गन्ने की स्टॉल पे

मेरी बात सुनकर सब हँसने लगे

शीला के साथ मेला एंजाय करने के बाद मैं घर चला गया.

घर जाकर मैं ने फिर से वीडियो एडिट करना शुरू किया.

कल उस गर्ल(कुवरसिंघ ने जिसका रेप किया है ) को कुवरसिंघ का वीडियो दिखा दूँगा. फिर मैं अपने प्रॉमिस से आज़ाद हो जाउन्गा.

मैं ने उस गर्ल के काम के वीडियो एडिट किए .और सो गया.

 


662

17थ डे

आज मंदिर मे पूजा करने के बाद कुछ करने को था ही नही,

कुवरसिंघ को ठिकाने लगा दिया. मोना को भी वापस शहर भेज दिया था. उस गर्ल को भी आज कुवरसिंघ की हालत दिखा कर मेले से जाने को कहूँगा.

ऐसे मे सिर्फ़ पंडिताइन थी जिस के साथ मस्ती करना बाकी था.

मैं पंडिताइन से मिलने के लिए मंदिर चला गया.

2 दिन से पंडिताइन से नही मिला था जिस की वजह से वो गुस्सा हो गयी.

जैसा सोचा था वैसा पाया ,पंडिताइन मुझे गुस्से से देख रही थी.

मैं पंडिताइन को मना रहा था ,पंडिताइन थोड़ी देर मनाने के बाद मान गयी.

पंडिताइन अपने घर की तरफ जाने लगी.ये मेरा लिए इशारा था

मैं पंडिताइन के पीछे पीछे उसके घर चला गया.

पंडिताइन ने मेरे लिए गेट खुला रखा था. मैं पंडिताइन के घर के अंदर आ गया.

पंडिताइन मेरी तरफ गुस्से से देख रही थी.

अवी-क्या हुआ ,

पंडिताइन -आज क्या लेने आए हो, जाओ यहाँ से मुझे तुमसे कोई बात नही करनी

अवी-इतना गुस्सा, मैं ने कोई ग़लती की

पंडिताइन -इतना भी भोला मत बनो

अवी-हुआ क्या है ये तो बताओ

पंडिताइन -2 दिन से कहाँ थे. मैं यहाँ तुम्हारा इंतज़ार करती रही और तुम गायब हो गये

अवी-तो इस लिए नाराज़ हो

पंडिताइन -मुझे तुमसे कोई बात नही करनी.

अवी-मैं तुम्हारे भले की लिए 2 दिन नही आया ,

पंडिताइन -मेरे भले के लिए.

अवी-नही तो क्या ,मैं तुम्हारी वजह से 2 दिन नही आया

पंडिताइन -ग़लती तुम ने की और इलज़ाम मुझ पे लगा रहे हो

अवी-मैं 2 दिन इस लिए नही आया क्यू कि तुम पे कोई शक ना करे

पंडिताइन -मैं समझी नही.

अवी-तुम रोज रोज गायब रहोगी तो सब को तुम पे शक होगा ,तुम्हे कोई परेशानी ना हो इसी लिए नही आया

पंडिताइन -सच बोल रहे हो

अवी-नही तो क्या.तुम्हे पता है ना तुम को प्यार करने के लिए कितना बेताब रहता हूँ.मैं 2 दिन कैसे रहा ये मैं जानता हूँ

पंडिताइन -ऐसा था तो एक बार बता देते.

अवी-मैं बता देता पर तुम मना कर देती

पंडिताइन -कोई बात नही. ग़लती हम दोनो की है

अवी-ग़लती तो अब शुरू होगी

पंडिताइन -तो करो ना शुरू

अवी-करता हूँ पर हमे ऐसे ही मिलते रहना होगा. कभी कभी

पंडिताइन -जैसा तुम चाहो

पंडिताइन को मना ने के बाद मैं ने पंडिताइन को दबोच लिया.

पंडिताइन-कपड़े तो निकालने दो ,तुम्हे तो पता है.

अवी-जल्दी निकालो मैं भी निकालता हूँ

पंडिताइन मुझसे पहले नंगी हो गयी. मैं ने जानबूझ कर पंडिताइन को पहले कपड़े निकालने दिया.

नंगा हो जाने के बाद पंडिताइन बेड पर जाकर पोज़िशन ले ली

मैं पंडिताइन की तरफ देख कर हँसने लगा

पंडिताइन-हँसना बंद करो और जल्दी शुरू हो जाओ

मैं पंडिताइन के उपर आ गया .और पंडिताइन के होंठो पर छोटे छोटे किस करने लगा.

लंबा किस बहुत बार लिया था अब धीरे धीरे होंठो का रस पीने लगा.

पंडिताइन के होंठो का रस पीने के बाद अब दूध पीने की बारी थी.

मैं अपने काम मे लग गया.पंडिताइन के टाइट बूब्स को ढीला करने लगा.

क्या कमाल के बूब्स थे उपर से कमाल की पंडिताइन है.

बूब्स को निचोड़ना ज़्यादा देर चालू रख नही सकता था.

पंडिताइन की चूत की खुजली का ख़याल भी रखना था.

बूब्स तो चुदाई करते हुए भी मसल सकता हूँ पहले पंडिताइन की चूत का ख़याल रखना होगा.

अवी-लंड चूसोगी.

पंडिताइन-हाँ, और तुम

अवी-मैं तुम्हारी चूत चूस्ता हूँ

पंडिताइन-आइडिया अच्छा है पर अलग अलग करेंगे पहले मैं चूस्ति हूँ फिर तुम चूसना

अवी-एक साथ करते है

पंडिताइन -एक साथ करते हुए मज़ा तो आता है, पर मैं एक एक चीज़ फील करना चाहती हूँ

अवी-जैसा तुम ठीक समझो

मैं बेड पर बैठ गया. और पंडिताइन मेरे पास नीचे बैठ गयी.

और पंडिताइन ने लॉलीपोप चूसना शुरू किया.

मेरे करने के लिए कुछ नही था .जिस से मैं पंडिताइन के बालो को पकड़ कर पंडिताइन को लंड चूसने मे मदद करने लगा.

जिस तरह पंडिताइन लंड चूस रही थी उस से पता चल रहा था कि पंडिताइन को मेरा लंड बहुत पसंद आया है

पंडिताइन के साथ मेले तक चुदाई करूँगा उसके बाद कभी घर मे पूजा रहेंगी तब करूँगा.

पंडिताइन को भी पता है कि मैं मेले बाद नही मिलूँगा .इसी लिए पंडिताइन पूरी कसर निकालना चाहती है

मैं ने पंडिताइन को उनके तरीके से लंड चूसने दिया.

पंडिताइन लंड चूस कर खुश हो गयी.

पंडिताइन का मन भरते ही लंड चूसना बंद किया.

अब मेरी बारी थी.

 


663

मैं ने पंडिताइन को वापस बेड पर लिटा दिया और उनकी गंद के नीचे पिल्लो रख दिया.

मैं धीरे धीरे पंडिताइन की चूत के पास आ गया .जैसे मेरे साँसे पंडिताइन की चूत को महसूस हुई.

पंडिताइन ने अपनी आँखे बंद की और मेरे आक्षन का इंतज़ार करने लगी.

मैं ने पंडिताइन को ज़्यादा इंतज़ार नही करवाया और जीभ को चूत मे डाल दिया.

जीभ चूत की गर्मी का मज़ा लेते हुए चूत मे अपनी जगह बनाने लगी.

लंड और जीभ को चूत दिखी कि वो इतना एग्ज़ाइट हो जाते है कि ,चूत छोटी या बड़ी हो बस अंदर जाने से मतलब रखते थे.

पंडिताइन ने चूत को मेरे लिए सज़ा के रखा था.

पंडिताइन अपना ख़याल अच्छे से रखती थी और चूत मेरे लंड का ख़याल रख रही थी.

मुझे आज पंडिताइन की गंद मारनी थी. लेकिन पंडिताइन को चूत मरवाना पसंद है.

मैं ने पंडिताइन और मेरी इच्छा पूरी करने के लिए आइडिया लगाया.

चूत को चूस रहा हूँ पर पानी निकलने से पहले चूसना बंद करूँगा.

और लंड चूत मे डाल दूँगा जिस से पंडिताइन का पहला पानी जल्दी निकल जाएगा और दूसरी बार पानी निकालने के बाद मैं गंद ज़्यादा देर मार पाउन्गा

इस से हम दोनो खुश हो जाएँगे.

मैं ने पानी निकलने से पहले चूत चूसना बंद किया

और लंड को पंडिताइन की चूत पर सेट किया. पंडिताइन ने अपनी आँखे खोल कर मुझे लंड को चूत पर सेट करते हुए देख कर अपनी आँखे वापस बंद कर ली.

मैं ने अपने लंड को पंडिताइन की चूत पर सेट कर करने के बाद जैसे ही हल्का सा ज़ोर लगाया वैसे ही पंडिताइन ने अपने पैरो को फैला दिया.

पंडिताइन के ऐसा करने से मैं ने एक ज़ोर का झटका मारा ,ऐसा झटका मारा कि मेरे पूरा लंड पंडिताइन की चूत मे चला गया.

पिछली बार 2 झटकों मे मारा था इस बार एक झटके मे डालने से ,पंडिताइन एक बार मे लंड लेने को तय्यार नही थी.

जिस से पंडिताइन की मुँह से एक ज़ोर से आआआहह आआआहह की आवाज़ निकली .

मैं ने उसपे ध्यान नही दिया और पूरा लंड बाहर निकाल कर फिर से ज़ोर से झटका मारा.

पंडिताइन का मेरे 2 झटको मे तेल निकल गया .

पंडिताइन की सोच से आगे मैं था. जिस से पंडिताइन को ऐसी चुदाई मिल रही थी.

ऐसा करना ज़रूरी था ,पंडिताइन की चूत खुश होगी तो मुझे गंद मिलेंगी.

इस लिए मैं रुका नही और ज़ोर ज़ोर से धक्के मार ने लगा.

मैं ने डिसाइड किया था कि चूत मारते हुए पंडिताइन के बूब्स मसल डालूँगा.

मैं वही कर ने लगा. जोरदार झटकों से पंडिताइन के बूब्स बुरी तरह से मसल रहे थे

पंडिताइन शीष्कारिया लेने लगी .पंडिताइन का मज़ा और मेरा जोश , जिस से मैं ने पूरा लंड बाहर निकाला और ज़ोर से धक्का मारन लगा

पंडिताइन की चूत के अंदर तक लंड जाने से पंडिताइन शीष्कारी लेने लगी.

आआआहह आआआहह

पंडिताइन ने मज़ा ज़्यादा लेने के लिए ने अपने पैरो को पूरी तरह से फैला रखा था.

मैं पंडिताइन की ऐसी चुदाई कर रहा था जैसी उनकी सुहागरात भी नही हुई थी.

क्या कहूँ पंडिताइन अपनी ज़िंदगी की बेस्ट चुदाई का मज़ा ले रही थी.

पंडिताइन शीष्कारियों के साथ अपनी कमर ज़ोर ज़ोर से हिला के मेरा साथ दे रही थी.

अब चुदाई रंगत मे आ गयी थी.

चुदाई मे पंडिताइन का 2 बार तेल निकल गया.

दूसरी बार पानी निकलते ही मैं ने लंड बाहर निकाल लिया.

और पंडिताइन के बाजू मे लेट कर हाँफने लगा.

पंडिताइन की साँसे तेज चल रही थी

अवी-कैसा लगा.

पंडिताइन-आज तो मज़ा आ गया. पर तुम रुक क्यूँ गये

अवी-तुम्हारा मज़ा हो गया अब मेरी बारी. मुझे तुम्हारी गंद मारनी है.

मेरी बात सुनकर पंडिताइन ने मुझे किस किया और उठ कर जाने लगी.

अवी-कहाँ जा रही हो

पंडिताइन-तेल लाने, तुम्हारा जोश देख कर डर लग रहा है. तुम गंद फाड़ ना दो इस लिए तेल ला रही हूँ

पंडिताइन ने रशोई घर मे जाकर तेल ले आई.

पंडिताइन तेल लेकर आ गयी और मेरे लंड पे लगाने लगी.

तेल लगाने से लंड भयानक लग रहा था .

पंडिताइन ने मेरे लंड पे तेल लगा लिया .

फिर मैं ने पंडिताइन को घोड़ी बना दिया. और पंडिताइन की गंद के छेद को देखने लगा.

मैं ने पंडिताइन के चूतड़ो को पकड़ कर फैलाते हुए तेल पंडिताइन की गंद मे लगाने लगा.

गंद पर ज़्यादा तेल लगाने की ज़रूरत नही थी.

पंडिताइन लंगड़ा कर ना चले इस लिए तेल का इस्तेमाल किया.

पंडिताइन की गंद पे तेल लगाने के बाद मैं ने अपने लंड को पंडिताइन की गंद के छेद पे सेट किया.

पंडिताइन ने अपने हाथ पीछे लाकर चूतड़ फैला दिया. उनको डर था कि मैं फिर से एक बार मे पूरा लंड अंदर ना डाल दूं.

पंडिताइन ने अपने हाथो से गंद को फैला दिया और मैं ने पंडिताइन के गंद मे लंड सेट कर के एक ज़ोर का झटका मारा

गंद मे मेरा मोटा लंड जाते ही पंडिताइन ज़ोर से चीख पड़ी.

पंडिताइन के गंद मे अभी आधा लंड गया था.और पंडिताइन इतने मे काप उठी. आआअहह….

मैं पंडिताइन के उपर झुकते हुए अपने लंड पूरा अंदर ले जाने लगा.

लंड पूरा अंदर जाते ही, मेरा एक जोरदार झटका मारते ही.

पंडिताइन के मुँह से आआआहह आआआहह ओउुुुुुुुुुुउउ आआआआहह्की आवाज़ निकल गयी.

दर्द के साथ शीष्कारी निकल गयी.

पंडिताइन की चूत मे थोड़ी देर पहले भूचाल आ गया था जिस से गंद मे लंड डाल कर मैं थोड़ी देर रुक गया.

पंडिताइन के शांत होते ही मैं ने गंद मे भूचाल लाना बंद किया.

पंडिताइन की कमर पकड़ कर गंद की धज्जियाँ उड़ाने लगा.

पंडिताइन कभी दर्द तो कभी मज़े मे शीष्कारी लेने लगी.

पंडिताइन की गंद मे मेरा लंड ,ये सोच कर मेरे धक्के ज़ोर दार लग रहे थे.

ऐसा नही था की पंडिताइन गंद मरवा नही चुकी है. पर मेरे लंड और मेरी बात ही अलग थी.

खुली हुई गंद को फाड़ने मे कोई कसर नही छोड़ रहा था.

पंडिताइन का बदन अब जवाब दे रहा था. पंडिताइन की ताक़त ख़तम हो गयी थी

जिस का नतीजा ये हुआ कि पंडिताइन अपना बॅलेन्स खो बैटी. और बेड पर गिर गयी.

पंडिताइन की गंद अपने साथ मेरे लंड को ले गयी.

पंडिताइन के गिरते ही मैं उसके उपर गिर गया और लगातार गंद मारने लगा.

मेरा वेट और लंड के धक्के पंडिताइन की जान निकल रही थी.

और तो और जब मेरा वीर्य निकल रहा था तब स्पीड बढ़ाने से पंडिताइन को कुछ समझ नही रहा था.

पर मेरे रुकते ही पंडिताइन की जान मे जान आ गयी.

पंडिताइन की गंद को मैं ने अपने वीर्य से भर दिया

 
664

पंडिताइन की जोरदार चुदाई के बाद मैं पंडिताइन के उपर वैसे लेट गया.

हम दोनो थक गये थे ,जिस के वजह से कब हमे नींद आई पता ही नही चला.

हम कुछ देर ऐसे ही सोते रहे की पंडिताइन को मेरे वजह से परेशानी होने लगी.

मेरा पूरा वेट पंडिताइन के उपर था जिस के वजह से उसको दर्द हो रहा था.

पंडिताइन के हिलने से मेरी नींद खुल गयी.

पंडिताइन-अब उठो भी, मेरे बदन मे दर्द हो रहा है.

अवी-उठ ने का मन नही हो रहा है.पर तुम कह रही हो तो उठ ता हूँ

मैं पंडिताइन के उपर से अलग हो गया. पंडिताइन ने राहत की सास ली ,

पंडिताइन-तुम जानवर हो

अवी-क्या कहा.

पंडिताइन-काश ऐसा मज़ा रोज मिलता

अवी-रोज मिलेंगा तो मज़ा ख़तम होता है.

पंडिताइन-फिर कब मिलोगे

अवी-जल्दी ही

पंडिताइन को जल्दी मिलने का प्रॉमिस करने के बाद मैं कपड़े पहन कर मंदिर चला गया.

रणजीतसिंघ से मिलकर मेले की बाते करने के बाद मैं घर चला गया.

रणजीतसिंघ ने बताया कि वो 2 3 दिन बाद वो कुछ मीटिंग की वजह से बिज़ी रह सकता है.पर मेला ख़तम होने के टाइम वो आ जाएगा. मतलब पूरा काम मुझे देखना होगा ,लेकिन रणजीतसिंघ ने कहा कि वो मेरी मदद के लिए सेक्रेटरी और अपने मेनेज़र को रुकने को कहेगा.

रणजीतसिंघ ने इतनी जल्दी मुझे इस लिए बताया कि मैं उस हिसाब से अपने काम पूरे कर सकूँ.

और मैं ने अपना प्लान उसी हिसाब से सेट किए

फिर मैने घर जाकर खाना खा लिया और थोड़ी देर आराम करने के बाद पायल को कॉल किया.

अवी-हेलो मेडम

पायल-तुम नही सुधरोगे

अवी-टाइम हो गया ,कहाँ हो तुम

पायल-अभी 30 मिनट बाकी है

अवी-आज जल्दी आ जाओ, कुछ देर तुम्हे देख कर टाइम पास करूँगा

पायल-टाइम पास

अवी-मुझे जल्दी कार चलानी सीखनी है.

पायल-निकल रही हूँ

पायल को कॉल करने के बाद मैं कार सीखने के लिए निकल पड़ा.

थोड़ी देर बाद पायल भी आ गयी.

पायल-लगता है तुम्हे कुछ जल्दी है कार सीखने की,

अवी-हाँ, अगर सिखाने वाली मेडम तुम जैसी हो तो, जल्दी तो होगी

पायल-तुम्हे क्या लगता है ,तुम्हारी ऐसी बातों से मैं तुम्हे लाइक करने लगूंगी.

अवी-तुम्हारा बाय्फ्रेंड नही है तो मेरे चान्स तो लग सकता है.

पायल-और हुआ तो क्या

अवी- हुआ तो तुम मुझे कार चलाना सिख़ाओगी.

पायल-बात क्यूँ बदल रहे हो

अवी-क्यू कि मुझे कार सीखनी है.

पायल-तो बैठो ड्राइविंग सीट पर

मैं ड्राइविंग सीट पर बैठ गया.

पायल-सिर्फ़ बैठे रहोगे या कार भी शुरू करोगे

अवी-तुम जितना कहोगी मैं उतना ही करूँगा. नो जोक ,बी सीरीयस

पायल-तुम तो ...तुम्हारा मज़ाक करना अच्छा लगता है.

अवी-ठीक है वैसे अब आगे क्या करना

पायल-गियर डालो

अवी-डाल दूं

पायल-क्या कहा

अवी- गियर डाल दूं

पायल-तुम सच मे कार चलना सीखना चाहते हो या मेरे साथ टाइम पास कर रह रहे हो

अवी-दोनो

और मैं ने क्लच से जल्दी पैर निकाल लिया.और हम को एक झटका लगा.

कार सडन्ली कंट्रोल खोने लगी.

पायल ने जल्दी सिट्यूशन को हॅंडल करने के लिए मेरी तरफ सरक के अपने पैर से ब्रेक दबा दिया.

मैं ने भी आक्सेलेटर छोड़ दिया.

पायल ने कार को कंट्रोल कर लिया.

पायल-तुम क्या कर रहे थे. ऐसे तो हम मार जाते.

अवी-तुम ही तो ठीक से सिखा नही रही हो.

पायल-कल बताया था ना क्लच धीरे धीरे छोड़ने को

अवी-सॉरी ,

पायल-मुझे तो लग रहा है तुम्हे सीखना मुश्किल होगा.

अवी-ऐसा मत बोलो

पायल-तुम फ्लर्ट करने पे ज़्यादा दिमाग़ लगा रहे हो और कार चलाने मे कम

अवी-तभी तो कहा बी सीरीयस

पायल-मैं तुम्हे नही सिखा पाओगे.मुझसे नही होगा.

अवी-एक बार और कोशिस करते है

पायल-तुम समझ नही रहे हो

अवी-तो समझाओ ना

पायल-देखो ये ड्राइविंग स्कूल की कार नही है जहाँ 2 ब्रेक होते है.इस कार मे सीखना मुश्किल है.

अवी-तुम ने कहाँ से सीखा था और कैसे

पायल-मुझे मेरी सहेली से सिखाया था.

अवी-जैसा उसने तुम्हे सिखाया वैसा मुझे सिखा दो

पायल-वो मैं नही कर सकती

अवी-क्यू नही कर सकती

पायल-उसने मुझे, मेरा मतलब है कि हम एक सीट पर बैठ कर कार सीख रही थी.मैं आगे बैठ थी और वो मेरे मेरे पीछे

अवी-मुझे भी ऐसा ही सिखा दो

पायल-तुम समझ नही रहे हो ,हम लड़किया थी ,तुम लड़के हो

अवी-तो ऐसा कहो ना ,कि तुम्हे मुझ पे ट्रस्ट नही है

पायल-मेरे कहने का वो मतलब नही था.

अवी-उसका वही मतलब था, जाने दो मैं किसी और से सीख लूँगा.

पायल-रूको,मैं कुछ सोचती हूँ ,

अवी-रहने दो मैं किसी और से सीख लूँगा.

पायल-मुझे सोचने तो दो

अवी-इसमे क्या सोचना है

पायल-एक काम करते है ,आज मुझे कार चलाते हुए देखो ,

अवी-वो तो कल देखा था.

पायल-मैं मेडम हूँ और तुम स्टूडेंट ,क्या समझ

अवी-समझ गया.

हम ने सीट एक्सचेंज की

पायल-अपने शूस निकालो ,और अपना पैर मेरे पैर के साथ क्लच पर रखो.और अपना हाथ मेरे हाथ पर रख कर गियर डालो

अवी-समझ गया मेडम

जैसा पायल ने कहा मैं ने वैसा किया.

पायल के हाथ मे मेरा हाथ था और पैर को पैर छु रहे थे.

पायल-हम पहला गियर डालेंगे ,

अवी-यस मेडम

पायल ने मेरे हाथ पे दबाव डाल कर 1स्ट गियर डाल दिया.

पायल-अब मेरे साथ धीरे धीरे क्लच छोड़ो.

हमारे पैर एक दूसरे को छु रहे थे. जैसे हम पैर को क्लच से निकाल रहे थे वैसे हम दोनो को अलग की अहसास हो रहा था

पायल ने ऐसे ही मुझे अलग अलग स्पीड पे गियर डालना सिखाया.

जो इम्पोर्टेंट था वो काम पायल के बदन को छुते हुए सीख लिया.

पायल ने अपना पैर क्लच से कब निकाल पता नही चला .और मैं गियर चेंज करने लगा.

पायल-देखा तुम ने सीख लिया.

अवी-वो तो ,

पायल-धीरे धीरे सीख जाओगे. एक साथ क्लच, आक्स्लेटर ब्रेक ,कंट्रोल करना कल सिखा दूँगी.

अवी-मुझे नही लगता एक साथ मैं कंट्रोल कर पाउन्गा.

पायल-मैं कल कुछ सोच कर आउन्गि.जिस से तुम्हे कार सीखा दूं

अवी-थॅंक्स ,मेरे लिए इतनी मेहनत करने के लिए.

पायल-हम फ्रेंड है ,तुम भूल रहे हो

अवी-तो फ्रेंड से एक सवाल पुच्छू

पायल-पूछो

अवी-तुम्हारा कोई बाय्फ्रेंड है या था क्या

पायल-क्यू पूछ रहे हो ,और पिछली बार बताया था ना कि मैं वर्जिन हूँ.

अवी-मेरे हाथ तो छुते ही तुम्हारे हाथ काँप रहे थे. तुम ने पहली बार किसी लड़के टच किया हो ऐसा लग रहा था.

पायल-तुम ने सही कहा.मैं गर्ल कॉलेज मे थी.लेकिन मेरे फ्रेंड लड़के भी थे पर पता नही क्यूँ

अवी-तुम्हे कोई लड़का पसंद था

पायल-अब तक तो नही और तुम्हे

अवी-मेरा भी बाय्फ्रेंड नही है हाँ एक गर्लफ्रेंड है

पायल-तुम और तुम्हारे जोक

अवी- आज के लिए इतना काफ़ी है

पायल-तो चलो मेले मे

अवी-हाँ ,चलते है.वैसे कल तुम क्या कर रही हो

पायल-क्यूँ पूछ रहे हो

अवी-कल मैं अपनी फॅमिली के साथ शॉपिंग मे जा रहा हूँ तुम चलोगि

पायल-तुम्हारी फॅमिली के साथ मैं क्या करूँगी.

अवी-तुम्हे भी शॉपिंग करवा दूँगा.

पायल-ठीक है ,वैसे मैं हवेली मे रह कर भोर हो जाती हूँ ,इसी बहाने कल घूम लूँगी.

अवी-तो कल मैं कॉल करूँगा.

कार सीखने के बाद मैं पायल को लेकर घर आ गया.

 


665

पायल के साथ मैं घर आ गया.

हमारे आते सब मेले मे जाने के लिए तय्यार हो गये.

कविता और लीना पायल की कार मे बैठ गयी और हम मेले मे आ गये.

मेले मे आने के बाद एंजाय करना शुरू हो गया.

राज तो बहुत खुश था क्यू कि वो फिर से झूले का मज़ा जो ले रहा था.

मैं ने मेले मे पायल से दूर रहना ठीक समझा.

पायल मेरे इस तरह बदले हुए रूप को देख कर सर्प्राइज़्ड हुई.

पर इस बीच रानी के साथ समय मिलते प्यार कर ही लेता था.

रानी को भी इन सब मे मज़ा आ रहा था. सब के होते हुए चुपके से प्यार करना किसे पसंद नही होता .

विद्या को मैं ने समझा दिया था कि किसी औरो के सामने दूर रहने को

मेले मे एंजाय करने के बाद हम घर आ गये.

थोड़ी पेट पूजा करने के बाद मैं घर3 चला गया.

और उस गर्ल को 2 घंटे बाद मिलने को कहा.

अवी-कैसी हो

गर्ल-तुम्हे कैसी दिख रही हूँ.

अवी-मुझे तो सब ठीक ठाक लग रहा है

गर्ल-कुछ ठीक नही है. मैं यहाँ से जल्दी वापस जाना चाहती हूँ. मेरे माता पिता वही पूछ रहे है कि मैं यहाँ क्यू रुकी हूँ

अवी-इसका जवाब 2 घंटे बाद दूँगा. 2 घंटे बाद मुझे मिलने आ जाना .तुम्हारे सभी सवाल के जवाब मिल जाएँगे.

गर्ल-आ जाउन्गी.

उस गर्ल को मिलने के बाद मैं मेले मे चला गया.

आज अगर शीला से नही मिला तो फिर से उसका पोपट बन जाएगा.

शीला और उसकी सहेलिया जूस की स्टॉल पर मेरा इंतज़ार कर रही थी.

अवी-क्या बात मेरा इंतज़ार हो रहा है.

शीला ने कुछ नही कहा

अवी-शीला को क्या हुआ

सहेली1-वो तुम पे गुस्सा है

अवी-देर से आने के लिए

सहेली2- नही. हम ने तुम को 1 घंटे पहले कुछ लड़कियो के साथ देखा था.

अवी-तुम भी ना शीला, वो मेरी बहनें है. उनको मेला दिखा रहा था.

शीला-इतनी सारी तुम्हारी बहनें थी

अवी-नही तो क्या. ये मेला हमारे फॅमिली के लिए खास होता है जिस से सारे रिश्तेदार मेले मे आते है. और तुम हो की

शीला-सॉरी ,मुझे लगा कि तुम उनके साथ हो और हमे भूल जाओगे

अवी-जाने दो ,चलो जलेबी खाते है

सहेली3-जलेबी, गन्ने के बाद जलेबी ,क्या बात है

अवी-मुझे मीठा ज़्यादा पसंद है.और शीला को भी मीठा पसंद होगा.

सहेली2-शीला का पता नही पर मुझे मीठा पसंद है

शीला-चलो चलते है ,यहाँ खड़े रह कर पैर दर्द कर रहे है .

अवी-पैर मे दर्द है. गोद मे उठा लूँ

शीला-रहने दो ,कहीं गिरा ना दो

अवी-आज़मा के तो देख लो

सहेली3-मेरे भी पैर मे दर्द हो रहा है

अवी-ये ऑफर सिर्फ़ शीला के लिए थी.

शीला की सहेली ने मुँह टेडा किया और हम जलेबी की स्टॉल पर आ गये.

मेरी एक तरफ सीला और दूसरी शीला की सहेली3 बैठी थी.

हम जलेबी खाने लगे. मेरे एक तरफ शीला की सहेली3 थी जो अपने बाय्फ्रेंड से कल चुदाई कर चुकी थी.

मेरे एक हाथ मे जलेबी थी और मैं ने दूसरा हाथ सहेली3 के जाँघो पे रख दिया.

हाथ रखते उसने मेरी तरफ देखा और स्माइल की ,

मुझे पता था कि वो जल्दी तय्यार हो जाएगी.

मैं ने जलेबी खाते हुए उसके जाँघो पर हाथ घुमाना शुरू किया

वो मज़े मे जलेबी खाने लगी

मेरा हाथ धीरे धीरे उसकी चूत पर चला गया.

चूत पर हाथ जाते उसने जलेबी का लंबा बाइट लिया.

मैं ने उसकी चूत को मसल कर अपनी जलेबी ख़तम की.

सहेली2-अब चलो मेले मे घूमते है

सहेली3-तुम चलो मैं गन्ना खा कर आती हूँ

शीला-कभी तो हमारे साथ घुमा कर

अवी-जाने दो उसे. उसका जाना ज़रूरी है

सहेली1-रुक हम भी आते है

शीला-तुम भी

सहेली2-हम देखने जा रहे है कि वो जो कहती है कि गन्ना अच्छा है क्या वो सही कह रही है.

शीला-मैं नही आने वाली

सहेली1-तू अवी के साथ मज़ा कर ,हम चले

शीला-रूको तो

शीला के कुछ बोलने से पहले उसकी सहेलिया चली गयी.

शीला मेरे साथ अकेली रह गयी.

अवी-तो चले डार्लिंग

शीला-क्या कहा, ऐसा वैसा सोचना भी मत

अवी-मैं क्या सोच रहा हूँ , तुम ही ग़लत मतलब निकाल रही हो

शीला-मैं सब समझती हूँ

अवी-जो समझना है समझो ,चलो घूमते हुए बाते करते है.

मैं शीला के साथ मेले मे घूमने लगा.

अवी-क्या कह रही थी तुम

शीला-तुम मेरे पीछे क्यूँ पड़े हो

अवी-क्यू, तुम्हे पसंद नही है

शीला-ये मेरे सवाल का जवाब नही हुआ.

अवी-कल तुम्हे देखा और तुम्हारी सहेली की बाते सुनी तो बुरा लगा. मेरे वजह से तुम्हे कितना सहना पड़ा ,तो सोचा चलो तुम्हारी मदद कर दूं और माफी माँग लूँ

शीला-सच मे यही बात थी.

अवी-हाँ, मेरी वजह से जो हुआ वो सुधार रहा हूँ

शीला-थॅंक्स ,

अवी-थॅंक्स किस लिए

शीला-अगर कल तुम ना आते तो मेरी सहेली गाओं मे भी परेशान करती.

अवी-इसी लिए तो आया हूँ .वैसे अब तुम्हारी वॅल्यू बढ़ गयी

शीला-मुझे तो नही लग रहा.

अवी-मेरे साथ कही लड़किया बात करना चाहती है और मैं तुम्हारे साथ हूँ ,अब देखना तुम गाओं जाते हर तरफ तुम्हारी बाते होगी.

शीला-ऐसा होगा तो मेरे लिए अच्छा है.

अवी-वैसे तुम्हारा कोई बाय्फ्रेंड है

शीला-अभी तक नही बनाया

अवी-चलो अच्छा है

शीला-क्या अच्छा है. मुझसे ऐसा वैसा मत करना,वरना

अवी-तुम भी वही चाहती हो , दिल मे कुछ है और बोल कुछ और रही हो

शीला-ऐसा कुछ नही है.

अवी-फिर कल अपनी सहेली पे गुस्सा क्यू हुई थी

शीला-पता नही ,वो अपने आप हो गया.

अवी-वही तो दिल मे कुछ है और दिमाग़ मे कुछ और

शीला ने कुछ नही कहा

अवी-सोचो मत ,तुम्हारे हाँ करने के बाद मैं कुछ करूँगा.

शीला-मैं हाँ नही करने वाली. तुम मज़ा लोंगे और शादी नही करोगे

अवी-सही कहा, मैं प्यार करूँगा पर शादी नही करूँगा. तुम पे डिपंड करता है तुम क्या चाहती हो

शीला-पता नही, मुझे पता है कि तुम यहाँ मेरे लिए क्यू आए हो और क्या करोगे फिर भी मैं तुम्हारे साथ अकेली घूम रही हूँ.

अवी-तुम कन्फ्यूज़ हो

शीला-तो मैं क्या करूँ

अवी-तुम कुछ मत करो .मुझे कन्फ्यूषन दूर करने दो ,अगर कन्फ्यूषन दूर हुआ तो हाँ करना.

शीला-कन्फ्यूषन कैसे दूर करोगे

अवी-वो मुझे भी नही पता ,पर देखते है,

शीला-चलो वो सब आ गयी होगी.बाकी की बाते कल करेंगे

अवी-कल मुश्किल है, कल मैं बिज़ी रहूँगा.

शीला-बिज़ी

अवी-मुझे बहुत कुछ देखना पड़ता है.पूरे मेले का ध्यान रखना पड़ता है.

शीला-परसो आओगे ना

अवी-हाँ,

हम वापस शीला की सहेली के पास आ गये.

शीला-क्या हुआ ,क्या पता चला

सहेली2-जैसा वो बता रही थी वो सब झूठ था.

सहेली1-कुछ मज़ा नही आया देख कर

सहेली2-तुम ने कुछ किया कि नही अवी के साथ या सिर्फ़ घूमती रही

अवी-तुम्हारी सहेली मुझे बोर करती रही. अच्छा होता शीला की जगह तुम्हारे साथ घूमने जाता

सहेली2-वो ऐसी है, कल मेरे साथ चलना

शीला-गुस्से से वो कल नही आने वाला.

सहेली2-कल नही आ रहे

अवी-अगर तुम कहोंगी तो आ जाता हूँ

मेरी बात सुनकर शीला को और गुस्सा आया

अवी-चलो मुझे चलना चाहिए

सहेली1-बाइ

मैं ने शीला की सहेली2 को गले लगा लिया.

मेरे ऐसा करते शीला की आँखे जलन से लाल हो गयी.

शीला जितनी जलेंगी उतना मुझे उसे ठंडा करने मे मज़ा आएगा.

शीला को जला जला कर ठंडा करूँगा.

उसकी राते जितनी खराब होगी उतना मेरे लिए अच्छा होगा.

मैं ने शीला को छोड़ कर उसकी सब सहेलियों के गले लगा कर बाइ बोला.

अवी-बाइ

शीला और शीला की पार्टी के साथ मेला घूमने के बाद मैं घर3 चला गया.

 
666

शीला और उसकी सहेली के साथ मेला एंजाय करने के बाद मैं घर3 चला गया.

घर3 जाकर मैं ने लॅपटॉप ओपन किया और कुवरसिंघ के वीडियो देखने लगा.

मैं वीडियो देख रहा था कि वो गर्ल आ गयी.

गर्ल-इतनी रात मे क्यूँ बुलाया

अवी-क्यूँ ,आने मे कोई प्राब्लम हुई.

गर्ल-मेरे साथ जो हुआ उसके बाद इतनी रात मे आने मे प्राब्लम तो होगी

अवी-आज के बाद कोई प्राब्लम नही होगी

गर्ल-क्या मतलब

अवी-तुम्हारा काम मैं ने पूरा कर दिया है

गर्ल-क्या किया कुवरसिंघ के साथ

अवी-देखना चाहोगी

गर्ल-कुवरसिंघ यहाँ है.

अवी-वो गया है बाकी की सज़ा पाने के लिए, और तुम्हे कुछ वीडियो दिखाता हूँ

गर्ल-कैसे वीडियो

अवी-कुवरसिंघ को जो सज़ा दी उसके

मैं ने लॅपटॉप पर सविता के पति और देवर वाला वीडियो प्ले किया

अवी-ये देखो, रेपिस्ट का रेप

उस ने अपनी आँखे मेरे चेहरे से हटा कर लॅपटॉप की स्क्रीन पर घुमा दी.

वो वीडियो देख कर हिल गयी.उसने कभी सोचा नही था कि कुवरसिंघ के साथ ऐसा होगा.

वीडियो देख कर उसके आँखे गुस्से से लाल होने लगी.

गर्ल-और मारो ,मार डालो उसे

उस लग रहा था कि वीडियो मे जो हो रहा था वो उसके सामने हो रहा है

इस लिए वो सविता के पति को कुवरसिंघ को मारने को कह रही थी.

अवी-क्या हुआ

गर्ल-कुछ नही .वो मैं

वो फिर से वीडियो देखने लगी.

वीडियो देख कर वो भावुक हो रही थी.

वीडियो देख कर उसका जोश बढ़ रहा था और वो कुवरसिंघ को और मारने को कहने लगी.

मुझे तो डर लग रहा था कि वो गुस्से मे आकर कुवरसिंघ को मारने के चक्कर मे मेरा लॅपटॉप ना तोड़ दे.

वो अपने गुस्से को कंट्रोल नही कर पा रही थी. अपना मुँह इधर उधर घुमा कर कुवरसिंघ को मार रही है ऐसा फील कर रही थी.

उसकी फीलिंग बाहर आ रही थी.

वो गुस्साए मे कुछ भी बोल रही थी.

गर्ल-मेरा रेप करेगा ,ले आज तेरा रेप हो रहा है, साले मादरचोद और ले

इतनी अच्छी लड़की के मुँह से गालियाँ सुन कर मैं शॉक्ड हो गया.

पर कुवरसिंघ के लिए सबके मुँह से ऐसी ही गालियाँ निकालने वाली है.

गर्ल-मारो मादरचोद को .ऐसा मारो कि दुबारा किसी लड़की की तरफ आँखे उठाकर ना देख पाए

वो ऐसे बोल रही थी कि सब उसके सामने हो रहा हो और वो हुकुम चला के रेप करने को बोल रही थी.

गर्ल-और मारो, खून से नहला दो ,हा 2 लोग ..ले मदर्चोद अपनी माँ को याद कर वो भी एक औरत थी.

गर्ल-साले मदर्चोद ,किसी के साथ कुछ कर ना पाए हरामी. नपुंसक बना दो मदर्चोद को

सविता की सास ने कुवरसिंघ के लंड पे लकड़ी मारते ही वो ज़ोर से चिल्लाने लगी.

गर्ल-और ज़ोर से मारो एक लकड़ी से क्या होगा.

उसको सब अपने सामने हो रहा है ऐसा लग रहा था.

गर्ल-मर गया मदर्चोद ...और वो रोने लगी.

वीडियो ख़तम होते वो मेरे गले लग गयी.

और रोने लगी.

मैं उसे सहारा दे रहा था

अवी- सही सज़ा दी ना उसे ,जैल मे जाने से ये सज़ा कैसी थी

गर्ल-जैल की जगह ऐसा ही होना था उसके साथ.

अवी-देखो अब वो अपनी ज़िंदगी मे हर दिन मर मर के जियेगा.देखना चाहोगी उसके साथ आगे क्या हुआ

गर्ल-क्या वो मरा नही.

अवी-मारना होता तो एक गोली का काम था ,उसे ज़िंदा रख कर हर दिन मारना चाहता हूँ.

और मैं ने दूसरा वीडियो प्ले किया जिसमे वो मग से पानी पी रहा था .और रो रहा था

अवी-देखो गली का कुत्ता बना दिया उसे

गर्ल-ये सब ,

और वो देखती रही. मैं ने मोना और मालिश वाले वीडियो निकाल दिए थे.

फिर वो पेशाब करने के लिए तडपाने वाला वीडियो प्ले किया.

गर्ल-ये ऐसे तड़फ़ क्यूँ रहा है.

अवी-क्यू कि वो अब कुछ करने के लायक नही बचा, उसकी ऐसी हालत की है कि वो पेशाब भी नही कर पा रहा है

गर्ल-ऐसे तड़फ़ तड़फ़ कर मरने दो साले को

फिर उसके स्यूयिसाइड वाला वीडियो लगा दिया

गर्ल-ये तो स्यूयिसाइड कर रहा है.

अवी-कर नही रहा है, उसकी ऐसी हालत की है कि उसको स्यूयिसाइड करने पे मज़बूर किया है.

गर्ल-क्या यो मर गया

अवी-नही. उसे ज़िंदा रखना ये उसकी सज़ा है.

गर्ल-सही कहा

फिर कुवरसिंघ को थप्पड़ मारने वाला छोटा वीडियो लगाया.

गर्ल-तुम उसे मार रहे हो और वो कुछ नही कर रहा

अवी-यही तो. क्या से क्या बना दिया है उसे मैं ने

फिर उसने कुवरसिंघ को मारा था वो वीडियो लगाया

अवी-ये देख कर मुझे तुमसे डर लग रहा था

गर्ल-मैं तो उसे मारना चाहती थी पर मेरे हाथ अपने आप रुक गये

अवी-तुम लड़की हो, तुम कितना भी नफ़रत करो फिर भी थोड़ी हमदर्दी होती है

गर्ल-हाँ, मैं उसे ऐसी सज़ा कभी नही दे पाती

अवी-अभी और बाकी है

गर्ल-अब और क्या किया तुम ने

अवी-उसे हॉस्पिटल ले गया है. वहाँ पर डॉक्टर ने कहा कि वो कभी बाप नही बनेना ऐसा उनको लगता है

गर्ल-इतना काफ़ी था. उसकी भी फॅमिली होगी.

अवी-क्या कहा. लेकिन उसे सज़ा देना ज़रूरी था

गर्ल-वो ठीक है पर उसकी बीवी भी तो मेरी तरह औरत है. उसके कुछ सपने होगे ,मैं सिर्फ़ कुवरसिंघ से बदला लेना चाहती थी ,ना कि उसकी फॅमिली से ,उन लोगो ने मेरा क्या बिगाड़ा ,उल्टा उसके भाई ने मेरी शादी करवाने का प्रॉमिस किया है.

अवी-तुम्हारा मैं क्या करूँ ,

गर्ल-हो सके तो उसे कोई और सज़ा दो

अवी-ये नही हो सकता ,पर हाँ अभी 2 महीने पहले वो बाप बन चुका है.

गर्ल-फिर ठीक है,

अवी-मैं ने पहले से सब सोच रखा था, और हाँ वो अब कभी ठीक से बैठ नही पायेगा.

गर्ल-हो गया ,या कुछ और बाकी है.

अवी-बस इतना ही था.

वो फिर से मेरे गले लग गयी.

गर्ल-थॅंक्स आंड सॉरी

अवी-सॉरी किस लिए

गर्ल-उस दिन गुस्से मे थप्पड़ मारा था उसके लिए

अवी-और थॅंक्स

गर्ल-भाई का फ़र्ज़ पूरा करने के लिए

अवी-अपनी बहन के लिए इतना तो करना था

गर्ल-क्या मैं ये वीडियो ले जा सकती हूँ

अवी-नही.

गर्ल-क्यू?

अवी-किसी के हाथ लग गये तो मैं फस जाउन्गा

गर्ल-क्या मतलब

अवी-ये सब मैं ने दूसरो से करवाया है. अगर कुवरसिंघ को पता चला कि ये मैं ने किया तो मैं फस जाउन्गा.

गर्ल-तुम ने मेरा इतना किया .मैं तुम्हारे लिए इतना तो करूँगी.

अवी-और एक बात ,हमारे बीच मे क्या बाते हुई. शुरू से लेके अब तक वो किसी से मत कहना

गर्ल-नही कहूँगी.

अवी-अपने माता पिता से भी नही.

गर्ल-मैं किसी को कुछ नही कहूँगी, मैं अपने भाई को कुछ होने थोड़ी दूँगी

अवी-अब तुम्हारा काम हो गया,इसका मतलब जानती हो

गर्ल-हाँ, मुझे यहाँ से जाना होगा. मैं कल ही यहाँ से चली जाउन्गी.

अवी-हाँ, अगर किसी मदद की ज़रूरत पड़े तो मुझे याद करना

गर्ल-ज़रूर,मेरी शादी मे आना होगा तुम्हे

अवी-नही आ सकता

गर्ल-क्यूँ नही आ सकते

अवी-हम जितना दूर रहे उतना अच्छा होगा हमारे लिए

गर्ल-कभी मिलने तो आओगे ना

अवी-किस्मत मे लिखा होगा तो ज़रूर मिलेंगे,वैसे तुम्हारी शादी कब है

गर्ल-रणजीतसिंघ ने कहा है कि जल्दी करवा देंगे

अवी-मैं रणजीतसिंघ को बोलूँगा कि तुम्हारा ख़याल रखे,अब तुम्हे जाना चाहिए बहुत देर हो गयी

जाने का नाम सुनते वो रोने लगी.और मेरे गले लग गयी.

कुछ देर वो ऐसी गले लग कर रोती रही.

बड़ी मुश्किल से वो नॉर्मल हुई और अपने माता पिता के पास चली गयी.

 
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