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मैं और मेरा परिवार

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686

मैं ने घर आकर थोड़ी देर आराम किया फिर पायल से मिलने चला गया.

पायल आज भी मुझसे पहले मैदान मे आ गयी.

पायल ने आज टी शर्ट और स्कर्ट पहना था. उसे देख कर सॉफ पता चल रहा था कि उसने ब्रा नही पहनी है.

पायल को देखते मेर मुँह मे पानी आ गया. लेकिन मैं ने खुद पे कंट्रोल रखा ,

पायल-कैसी लग रही हूँ

अवी-हॉट हॉट आंड सेक्सी सेक्सी

पायल-सच मैं इतनी हॉट लग रही हूँ

अवी-हां, मुझे तो लगता है हमे एसी ऑन करके कार चलानी पड़ेगी.

पायल-ये कुछ ज़्यादा हो रहा है.

मैं ने पायल के हाथ को टच किया और झटके से हाथ पीछे ले लिया

अवी-तुम्हे टच करते ही हाथ जल गया.

पायल-मेरा मज़ाक उड़ा रहे हो.रूको अभी दिखाती हूँ

पायल मुझे मारने के लिए मेरे पीछे भागने लगी.

मैं भी पायल को भगाने लगा. मैं भागते हुए पीछे मूड कर पायल की तरफ देख रहा था. उसके बूब्स भागने से डॅन्स कर रहे थे. उसके बिना ब्रा के बूब्स देख कर मज़ा आ रहा था.

मुझे पकड़ना पायल के लिए आसान काम नही था.

इस लिए मैं रुक गया. मेरे रुकते पायल अपनी जगह पर रुक कर हाँफने लगी.

ऐसा लग रहा था कि पायल मुझे हान्फते हुए अपने बूब्स दिखा रही है.

मैं पायल के पास आ गया .मेरे पास आते पायल मुझे पकड़ने के आगे बढ़ी कि उसका कंट्रोल बिगड़ गया और वो मेरे चेस्ट से टकरा गयी.

पायल के बूब्स मेरे चेस्ट मे दब गये.पायल मेरे इतने करीब आ गयी कि उसकी धड़कनें मुझे साफ सुनाई दे रही थी.

हम दोनो कुछ देर तक ऐसे एक दूसरे की धड़कन को सुनते रहे.फिर मैं ने उसे होश मे लाया

अवी-हमे कार के पास जाना चाहिए

पायल ने एक बार मेरी तरफ देखा फिर कार की तरफ जाने लगी.

हमेशा की तरह पायल मेरी गोद मे बैठ गयी.

अवी-पायल मुझे लगता है मैं अकेला कार चला सकता हूँ ,

पायल पलट गयी उसके बूब्स मेरे चेस्ट मे दब गये.

पायल-कार चलाना कौन सिखा रहा है

अवी-तुम

पायल-कार चलाना कौन सीख रहा है

अवी-मैं

पायल-मुझे लगता है तुम ने अभी तक कंट्रोल करना ठीक से नही सीखा. तुम्हे कुछ दिन और इसी तरह सीखना होगा.

अवी-लेकिन मुझे लगता है कि मुझे मे कॉन्फिडेन्स आ गया है कि मैं कार चला सकता हूँ

पायल-इसी कॉन्फिडेन्स मे तुम ने कार का आक्सिडेंट कर दिया था.

अवी-वो तो

पायल-मैं जैसा सिखा रही हूँ वैसा सीखते जाओ,क्या समझे

अवी-समझ गया.

फिर पायल मुझे कार चलना सीखा रही थी.

एबीसी मैं कंट्रोल कर रहा था. पायल सिर्फ़ मेरी गोद मे बैठी थी.

पायल 2 3 बार आगे की तरफ गिर गयी थी .उसको लगा कि मैं उसको पकड़ लूँगा पर मैं ने ऐसा नही किया.

पायल की स्कर्ट धीरे धीरे उपर हो रही थी.

कल के मुक़ाबले आज स्कर्ट और छोटी हो गयी थी.

अगर 3 की जगह 4 स्कर्ट खरीदे होते तो जल्दी वो बिकिनी मे मेरे सामने होती.

उसे देख कर ऐसा लग रहा था कि वो मुझे कह रही है कि मसल डालो मुझे.

पर मैं ने ऐसा वैसा कुछ नही किया. क्यूँ कि मुझे कार चलाना सीखना था और इतनी हॉट लड़की सिखा रही हो तो आप पर्फेक्ट कार चलाना सीख सकते हो.

पायल मेरा माइंड डाइवर्ट कर रही थी पर मैं ने खुद पे कंट्रोल रखते हुए कार चलाने लगा.

पायल ने अपनी गंद को मेरे लंड पर रखा था.

मुझे लगा मेरा खड़ा लंड अपनी गंद पर महसूस करके वो एक तो आगे हो जाएँगी या फिर मुझे कुछ कहेंगी.पर ऐसा कुछ नही हुआ.

मैं पायल की गंद पर लंड रगड़ते हुए कार चलाता गया.

आज के लिए इतना काफ़ी था.

अवी-पायल शाम के 5.00 बज गये

पायल-हाँ चलते है,

अवी-तुम ड्रेस चेंज करो मैं बाइक के पास रुकता हूँ

पायल ने ड्रेस चेंज किया. पायल ने सलवार कमीज़ पहन ली. मैं ने पायल को ठीक से देखा तो मुझे उसके ब्रा की स्ट्रीप दिखाई दी.

पायल ने पहले ब्रा नही पहनी थी और अब ब्रा पहन ली. क्या चक्कर था मुझे समझ आ रहा था फिर भी मैं अनाड़ी बन ने की आक्टिंग कर रही थी.

फिर मैं पायल के साथ घर आ गया और फिर मेले मे जाकर हम सब ने मेले के आख़िरी दिनो को एंजाय करना शुरू किया.

सबको मेला दिखाने के बाद मैं वापस मेले मे शीला से मिलने चला गया.

आज चाची ने खाना खिलाने मे ज़्यादा टाइम लिया जिस से मुझे मेले मे जाने के लिए देर हो गयी.

शीला और उसकी सहेलिया मेरा इंतज़ार कर रही थी.

मैं उनके पास चला गया.शीला आज कुछ ज़्यादा ही गुस्से मे दिख रही थी. शीला की सहेली3 अपने बाय्फ्रेंड से मिलने जा चुकी थी.

अवी-सॉरी सॉरी ,आज फिर देर आ गया. काम ज़्यादा था.

शीला-तुम ने कल मेरे साथ ऐसा क्यूँ किया.

सहेली1-क्या किया कल अवी ने

शीला-उसे पता है उसने क्या किया.

अवी-क्यूँ तुम्हे अच्छा नही लगा.

शीला-तुम ने मुझे समझ क्या रखा है. ऐसे कही पर भी कुछ भी कर लोगे

अवी-सॉरी ,मुझे लगा कि

शीला-क्या लगा,

अवी-जाने दो क्या उस बात को लेकर मूड खराब कर रही हो

शीला-ये कोई छोटी बात नही है.

अवी-देखो शीला

सहेली2-क्या हुआ शीला

अवी-रोज रोज उसको मना रहा हूँ तो कुछ ज़्यादा सर चढ़ कर बात कर रही है.

सहेली1-जाने दो ,चलो मेले मे घूमते है

शीला-तुम चुप रहो,क्या कहा तुम ने

अवी-मैं तुमसे आख़िरी बार पूछता हू कल तुम्हे अच्छा लगा या नही

शीला-मुझे देख कर क्या लग रहा है.

अवी-तुम्हे अच्छा नही लगा.ठीक है दुबारा नही करूँगा.

शीला-पहले क्या कहा था ,सर चढ़ कर बात करने की बात कर रहे थे

अवी-वो तो ऐसे बोल दिया

शीला-क्या ऐसे ही

अवी-देखो शीला अब कुछ ज़्यादा हो रहा है

शीला-क्या ज़्यादा ?

अवी-तुम ,तुम सर दर्द हो .मैं ने तुम्हारे पीछे पड़ कर ग़लती की

शीला-किसने कहा था पीछे पड़ने को

अवी-ऐसा है ,ठीक है आज से तुम जाओ अपने रास्ते और मैं अपने रास्ते

शीला-तो जाओ ना खड़े क्यूँ हो

मैं शीला से बात कर रहा था सेक्रेटरी का कॉल आया

अवी-हेलो

अवी-हाँ

अवी-कहाँ पर

अवी-बस निकल रहा हूँ

मैं ने शीला की तरफ देखा और वहाँ से जाने लगा.

शीला की सहेली मुझे आवाज़ देती रही पर मैं रुका नही.

मैं सेक्रेटरी की बताई हुई जगह पर आ गया.

 


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शीला ने मेरा दिमाग़ खराब कर दिया. अच्छा उसे पटा रहा था और वो है कि मेरे नर्मी का कुछ ज़्यादा ही फ़ायदा ले रही थी.

जाने दो उसे ,उसकी जगह कोई और मिल जाएगी.

शीला को अपने दिमाग़ से निकाल कर मैं मेले के पीछे वाले जंगल वाली जगह पर आ गया जहाँ सेक्रेटरी ने मुझे बुलाया था.

मेरे आने तक रणजीतसिंघ ने सबको पकड़ लिया था.

सभी औरतो को लाइन मे नीचे बैठा कर रखा था.और आदमियो को भगा दिया था.

मैं रणजीतसिंघ के पास चला गया .

अवी-पकड़ लिया सब को

रणजीतसिंघ-हाँ, पर इनका एजेंट नही मिला.

अवी-मैं देखता हूँ

मैं उन औरतों के पास चला गया.

अवी-बताओ तुम्हारा क्या किया जाए

औरतें-साब हमे जाने दो ,हम से ग़लती हो गयी. हम उसके बातों मे आ कर ये सब करने लगे ,

अवी-तुम को पोलीस मे देना पड़ेगा.

एक औरत-साब हमे माफ़ कर दो, पोलीस मे मत देना ,वरना मेरे पति और बच्चों का क्या होगा. उनको ये पता चला तो मैं जी नही पाउन्गी

अवी-ऐसा करने से पहले सोचना चाहिए था.

अओरत-साब इस बार माफ़ कर दो ,दुबारा ऐसा काम नही करेंगे.

रणजीतसिंघ-क्या इनसे बात करके टाइम वेस्ट कर रहे हो. गोली मार कर काम ख़तम कर देता हूँ

अवी-देखो वो क्या कह रहा है. अगर मरने से बचना चाहती हो तो अपने एजेंट को यहाँ बुलाओ

औरत-अभी बुलाती हूँ

अवी-अपने एजेंट को कहना कि एक पैसे वाला क्लाइंट मिला है. और 2 दिन के लिए लड़की माँग रहा है

औरत-समझ गयी. अभी बुलाती हूँ

वो अपने एजेंट को कॉल करके बुलाने लगी. तब तक मैं उन औरतों को देखने लगा.

सभी को एक लाइन मे बैठा दिया था.

कुछ औरतें शादी शुदा थी और कुछ जवान लड़किया थी.

लड़किया विद्या की एज की थी.

कुछ औरते पेटिकोट ब्लाउस मे थी तो कुछ औरतें डर के मारे रो रही थी.

क्यूँ कि वो कोई रंडी नही थी. वो फॅमिली वाली थी बस कुछ पैसे कमाने के लिए ये काम कर रही थी अपने पति से छुप कर कुछ पैसे कमा रहे थे.

वो इस लिए रो रही थी कि उनके फॅमिली को पता चला तो उनका क्या होगा.

वो लड़किया बिना किसी डर के बैठी थी.

मैं एक एक करके लड़कियो को देखने लगा.

जब मैं लास्ट लड़की के पास गया तो उसे देख कर मैं शॉक्ड हुआ .ये तो शीला की सहेली3 है. लगता है अपने बाय्फ्रेंड के साथ सेक्स करते हुए देख कर इसे भी उठा लिया.

वो रो रही थी .उसकी नज़र मुझे पे पड़ते वो मुझसे कुछ कहना चाह रही थी कि मैं ने उसे रोक लिया और उसके पास बैठ गया .

अवी-तुम यहाँ इन सब मे कैसी फस गयी. कुछ मत बोलना ,मैं कुछ करता हूँ वरना तुम्हे इन रंडियो के साथ जैल मे जाना पड़ेगा.

वो मेरी बात सुनकर रोने लगी पर उसका मेरा सपोर्ट मिलते ही कुछ उम्मीद नज़र आने लगी.

उस औरत ने एजेंट को बुला लिया. वो एजेंट हमारे पास आ तो गया पर सामने का नज़ारा देख कर वहीं से भागने लगा.

रणजीतसिंघ ने इशारा करके अपने आदमियो को उसे पकड़ने को कहा.

रणजीतसिंघ के आदमियो ने उसे पकड़ा और हमारे सामने लाए.

एजेंट-कौन हो तुम मुझे क्यूँ पकड़ा है.

अवी-तेरे बाप है हम

एजेंट-पोलीस वाले हो.

औरत-ये ठाकुर है

ठाकुर का नाम सुनते वो डर गया.

एजेंट-ये कौन हो तुम मैं तुम्हे नही जानता.

औरत-ये क्या बोल रहे हो

एजेंट-मैं तुम्हे नही जानता ,

औरत-ठाकुर जी ये झूठ बोल रहा है. इसके कहने पे हम ये काम करते है.

एजेंट-चुप साली, मेरा नाम लिया तो जान से मार दूँगा.

अवी-चुप

लड़की-साब ये हमे घर से भगा कर लाया है. और हम से ऐसे काम करवाता है.

एजेंट-साली झूठ बोलती है खुद मेरे साथ आई थी.

अवी-समझ नही आता मैं ने कहा चुप तो चुप

मेरी बात सुनते सब चुप हो गये

अवी-तुम क्या सोच रहे हो

रणजीतसिंघ-मैं ने इसे कहीं देखा है

अवी-कहाँ देखा,क्या तुम जानते हो इसे

अचानक रणजीतसिंघ ने गन निकाल कर उस एजेंट को गोली मार दी .वो एजेंट वही मर गया.

एजेंट को गोली मारते ही सब डर गये और मैं शॉक्ड हो गया.

अवी-ये क्या किया. इसे मारा क्यूँ

रणजीतसिंघ-ये वही है जिसने विद्या को फसा कर पहले खुद इस्तेमाल करने का सोचा ,पर विद्या के ना मान ने से उसने विद्या को बेच दिया.

अवी-(अब कुछ बोल कर क्या फ़ायदा) तुम्हे कैसे पता

रणजीतसिंघ-विद्या के पास इसकी फोटो थी.

अवी-ये तो मर गया अब इनका क्या करे

रणजीतसिंघ-इनको भी मार डालना होगा.

रणजीतसिंघ की बात सुनकर सब रोने लगी.

अवी-पागल हो तुम ,इनको मैं देखता हूँ तुम अपने आदमियो से कह कर एजेंट को ठिकाने लगा दो और हवेली जाओ

रणजीतसिंघ-और तुम

अवी-मैं इनको देखता हूँ

रणजीतसिंघ-ठीक है , अच्छा सबक सिखाना सबको

अवी-सब मुझ पर छोड़ दो

रणजीतसिंघ ने एजेंट को ठिकाने लगाने को कहा. और सेक्रेटरी के साथ हवेली चला गया.वो औरतें मेरी तरफ देखने लगी.

औरत-साब हमे मत मारो ,हमारे बच्चे है ,उनका क्या होगा.

अवी-मेरी बात मनोगी तो नही मारूँगा.

औरत-हमे सब मंज़ूर है

अवी-तो सुनो, दुबारा ऐसा काम करते हुए दिखी तो मुझसे बुरा कोई नही होगा.और यहाँ क्या हुआ किसी को बताना मत ,और एजेंट के घर मे जितने पैसे होगे आपस मे बाँट लेना.अब भागो यहाँ से.

औरत-हम जाएँ

अवी-भागो यहाँ से .और दुबारा मेले मे दिखना मत

वो सब ऐसी भागने लगी जैसे इनके पीछे इनकी मौत लगी हो.

कुछ तो बिना साड़ी के ही भाग निकली

गिरते गिराते ,एक दूसरे से टकराते हुए जंगल से भाग गयी.

इन मे से ज़्यादातर औरते फॅमिली वाली थी जो पैसे कमाने के चक्कर मे एजेंट के हाथ लग कर मेले मे आ गयी थी. इनको सज़ा देता तो बिना वजह कितनी ज़िंदगी बर्बाद हो जाती.

सब चली गयी सिर्फ़ शीला की सहेली3 को छोड़ कर .वो अभी तक वही बैठ कर रो रही थी.

मैं उसके पास चला गया.

अवी-सब ठीक हो गया. मैं ने सब संभाल लिया. चलो रोना बंद करो .मैं तुम्हे छोड़ देता हूँ

वो खड़ी हो गयी और मेरे गले लग कर रोने लगी.

मैं ने उसे थोड़ी देर रोने दिया.फिर उसको शांत किया.

अवी-अब बताओ ये कैसे हुआ

सहेली3-वो मैं अपने बाय्फ्रेंड के साथ जंगल मे.,

अवी-चुदाई कर रही थी

सहेली3-हाँ, और अचानक कुछ लोगो ने हमे पकड़ लिया.

अवी-तुम्हारा बाय्फ्रेंड कहाँ है

सहेली3-वो लोगो को देख कर भाग गया.

अवी-ऐसा बाय्फ्रेंड बनाती हो तुम ,तुम्हे मुसीबत मे छोड़ कर भाग गया.

सहेली3-वो इतना फट्टू निकलेगा पता नही था.

अवी-तुम्हे पता है तुम कितनी बड़ी मुसीबत मे फस गयी थी. ये सब रंडिया थी. अगर मैं ना होता तो तुम इस वक्त जैल मे होती या फिर तुम्हे मार डालते वो लोग

सहेली3-मैं यही सोच कर डर गयी थी. अच्छा हुआ तुम आ गये. पर उस आदमी को मारा क्यूँ

अवी-वो इनका एजेंट था. बॉस ख़तम तो सब ख़तम ,

सहेली3-पर उसे मारा क्यूँ

अवी-मैं उसे मरने नही देता पर मेरे कुछ करने से पहले वो मर गया. ये बात किसी को मत बताना

सहेली3-नही बताउन्गी. शीला बहुत लकी है जो उसे तुम मिले हो

अवी-उसका नाम मत लो

सहेली3-क्यूँ क्या हुआ

अवी-हमारा झगड़ा हुआ. बिना वजह गुस्सा होती है.

सहेली3-तो क्या तुम ने उसे छोड़ दिया

अवी-हमारे बीच कुछ था ही नही. और उसके पीछे टाइम वेस्ट करके कोई फ़ायदा नही होगा.

सहेली3-वो ऐसी लड़की नही है.

अवी-तभी तो प्यार से बात कर रहा था.इसी लिए मैं उसके पीछे था

सहेली3-मैं शीला से बात करूँगी.

अवी-कोई फ़ायदा नही होगा.

सहेली3-तुम ने मेरी मदद की मैं भी तुम्हारी मदद करूँगी. शीला को पता नही वो क्या कर रही है. वो बाद मे पछताये इस से अच्छा है कि मैं उसे समझा दूं

अवी-ठीक है जो करना है कर लेना. वैसे गन्ना खा लिया तुम ने

सहेली3-कहाँ ,शुरू किया था कि वो लोग आ गये.

अवी-मेरा गन्ना खाना चाहोगी.

सहेली3-तुम मज़ाक कर रहे हो.

अवी-मैं ऐसे मज़ाक नही करता

सहेली3-पर शीला

अवी-वो प्यार करने की चीज़ है.

सहेली3-और मैं

अवी-तुम मज़ा करने की ,बोलो क्या कहती हो,

सहेली3-वो आदमी दुबारा आ गये तो

अवी-मैं अवी हूँ, जल्दी बोलो

सहेली3-नही.

अवी-तो चलो मेले मे छोड़ देता हूँ

सहेली3-छोड़ देना पर पहले मुझे गन्ना खाने दो

अवी-तो ऐसा बोलो ना

शीला का गुस्सा निकालने के लिए उसकी सहेली3 की चूत मिल गयी.

 
688

अवी-तुम्हे गन्ना खिलाउन्गा,लेकिन तुम्हे 3 छेद मे लेना होगा.

सहेली3-3 मैं समझी नही.

अवी-मुँह ,चूत और गंद ,

सहेली3-ले तो लूँगी. पर अब तक मेरे किसी बाय्फ्रेंड मे इतना स्टॅमिना नही था ,वो तो सिर्फ़ एक बार मे एक से काम चलाते है.तुम कर पाओगे

अवी-करने की ताक़त रखता हूँ तभी बोला ना

सहेली3-ठीक है ,तुम्हे हर एक को खुश करना होगा. तभी दूसरे का नंबर लगाना .और एक दम मे , ऐसा नही कि पानी निकल गया फिर खड़ा कर के दूसरे के पास गये.

अवी-तुम देखती जाओ मैं करता क्या हूँ.

सहेली3-चलो फिर किसी सेफ जगह पर

अवी-कहीं जाने की ज़रूरत नही है. यहीं पर करते है.

इतना कह कर मैं उसको लेकर एक पेड़ के पास चला गया. उसको पेड़ के सहारे खड़ा करके किस करने लगा.

चलो देखते है इसमे कितना दम है. पहली बारी मुँह की थी. पर पहले मुँह मीठा तो कर लूँ.

हर बार गन्ने खाने के लिए आगे रहती है.

आज इसको मेरा गन्ना खिला के रहूँगा.

उसने अब तक ऐसा गन्ना खाया नही होगा.

अगर खाया होता तो दूसरे गन्ने की तलाश मे नही भटकती रहती.

देखता हूँ ये गन्ना कैसे खाती है.

गन्ना खिलाने से पहले मैं अपना मुँह मीठा करता हूँ

देखूं तो सही कि ये कितनी मीठी है

मैं उसके होंठो को चूस्ता रहा ,वो अपने बाय्फ्रेंड के साथ अधूरा सेक्स करने से उसकी गरमी ठंडी नही हुई थी

रंडी के साथ लाइन मे लगने के बाद वो डर गयी थी. पर मैं ने उसको अपनी बातों मे फसा कर उसका मूड वापस चुदाई की तरफ मोड़ दिया.

वो खुश थी कि उसको मैं ने बचा लिया .वो मेरी मदद का अहसान चुकाने मे कोई कसर नही छोड़ रही थी.

वो काफ़ी एक्सपर्ट थी इन सब मे, जिस से मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

उसको किस करने के बाद मैं ने उसके बूब्स को मसल दिया.

फिर मैं ने जीन्स और अंडरवेर को नीचे करके उसको मेरे गन्ने के दर्शन करवा दिए.

वो मेरे गन्ने को देख कर देखती रह गयी.

अवी-कैसा लगा गन्ना

सहेली3-10/10

और वो मेरे सामने बैठ कर गन्ने को चूसने लगी.गन्ना लंबा और मोटा होने से उसको चूसने मे मज़ा आ रहा था.

लेकिन मैं भी तो मज़ा लेना चाहता था. मैं ने उसके सर को पकड़ कर जंगल के अंधेरे मे मुँह मे लंड को पेलने लगा.

उसने अपना मुँह धक्को के लिए पूरा खोल लिया .और मुँह को चोदने मे मेरा पूरा साथ देने लगी.

वो मेरे लंड को देख कर समझ गयी कि वो आज असली मज़ा लेने वाली है.

भले आज उसे डायबिटीज़ हो जाए पर वो मेरा गन्ना खा कर रहेंगी.

उसे मेरे जैसे गन्ने की कब से तलाश थी .और आज उसकी तलाश ख़तम हो गयी.

वो कहते हैईना गणना कितना भी मीठा हो फिर भी रूट के साथ नही खाना छाईए.

पर ये तो मेरे गन्ने को टॉप तो बॉटम पूरा मुँह मे लेकर चूस रही थी.

मेरे गन्ने मे जितना रस है पूरा चूसने के इरादे से मेरे गन्ने को प्यार कर रही थी.

अंधेरा था फिर भी मेरा गन्ना उसे पसंद आया था

मुँह को चोदने से उसको दर्द होने लगा. उसने खुद मेरे लंड को अपने मुँह से बाहर निकाला.

सहेली3-अब चूत और उसने अपनी सलवार और पैंटी नीचे सरका दी. और मेरी तरफ गंद करके पेड़ को पकड़ कर झुक गयी.

तीनो सहेली एक जैसी है गन्ना खाने मे सबसे आगे .

मैं ने लंड पर कंडोम लगा दिया और उसकी चूत का होल देखने लगा.साथ मे गंद का छेद भी देख लिया. दोनो मे लंड आराम से जाएगा.

मैं ने उसकी चूतड़ पर एक थप्पड़ मारा और लंड को चूत पर सेट किया.

अवी- गन्ना अंदर डाल रहा हूँ ,चीखना मत

मैं ने उसको बता कर पहला झटका मार कर आधा लंड चूत मे डाल दिया.

झटका लगते उसने अपने दोनो पैर को पास कर लिया ताकि मैं लंड को हिला ना सकूँ.

वो अपने मुँह को बंद करके चूत मे मेरा गन्ना लेने लगी.

मेरा गन्ना उसकी चूत से पानी निकाल उसको अपना रस पिलाना चाहता था.

पर मेरे गन्ने ने उसकी चूत को खोलना सुरू किया जिस से वो अपने पैरो को पास मे लाकर मुझे रोक रही थी.

इसका मतलब उसे दर्द होने लगा था. पर मैं रुकने वाला कहाँ था. मैं ने उसके पैरो को वापस फैला दिया .और दूसरा झटका मार कर पूरा गन्ना चूत मे डाल दिया.

उसकी दबी हुई चीख निकल गयी. उसने अपने मुँह को कमीज़ से बंद किया था उसके पैर काँप रहे थे.

ये तो शुरुआत है. मैं ने गन्ना को रोकने की जगह अंदर बाहर करने लगा.

वो अपना एक हाथ पीछे लाकर मुझे रोक रही थी पर मैं रुकने वाला नही था.

मैं उसकी गंद पर थप्पड़ मारते हुए चूत मे धक्के मारने लगा.

वो थोड़ी देर मुझे रोकने की कोशिस करती रही पर उसके कामयाब होने से पहले चूत ने गन्ने का मज़ा लेना सुरू किया.

उसने कमीज़ मुँह से निकाल कर शीष्कारियाँ लेनी सुरू की.और मुझे ज़ोर से धक्के मारने कहने लगी.

ये बात मैं हर किसी की मानता हूँ. मैं ने उसकी चूत का भोसड़ा बनाना सुरू किया.

वो ऐसे गन्ने को चूत मे लेकर पूरा मज़ा ले रही थी. उसका सबूत उसकी चूत दे रही थी .

उसका पानी निकलते ही मैं उसे अपनी तरफ मुँह करके खड़े खड़े चोदने लगा.

ऐसा करने से मैं उसको किस भी करता गया और चूत भी मारता गया.

इसमे ज़्यादा मज़ा नही आ रहा था. मैं ने उसे गोद मे उठा लिया और चूत मे गन्ना पेलता रहा.

ऐसा अलग अलग पोज़िशन मे उसकी चूत का कचुंबर बनाने लगा.

वो फिर से झड गयी. वो पूरी तारा से संतुष्ट हो गयी.

सहेली3-बस मेरा हो गया

अवी-मेरा नही हुआ और गंद बाकी है

सहेली3-मार डालोगे क्या

अवी-पहले गंद तो मार लूँ

वो वापस मेरी तरफ गंद करके झुक गयी.

वो भी चाहती थी कि मेरे गन्ने का पूरा मज़ा वो आज ले.वरना क्या पता कल ऐसा गन्ना उसे मिले या ना मिले.

मैं ने उसकी गंद पर थूक कर छेद को थोड़ा चिकना किया.

और गन्ने को उसकी गंद के छेद पर रगड़ने लगा.

फिर गंद पर थप्पड़ मार कर गन्ने को उसकी गंद मे पेल ने लगा.

उसको पता था कि मैं गंद मारे बिना उसे जाने नही दूँगा.

वो दर्द के घूँट पीने लगी .और मैं मज़े से मज़े लेने लगा.

उसकी गंद मे बहुत दम था.कसी हुई थी.

ऐसी गंद तो मुझे बहुत पसंद है.

मैं उसकी कमर को पकड़ कर उसको गिरने से बचा कर गंद मारने लगा.

उसके तीनो छेद मे गन्ना डालने से मैं खुश था.

अब मुझे ये डिसाइड करना था कि गन्ने का रस किस छेद मे डालु

जिस के छेद हैं उसे पूछ लेता हूँ

अवी-रस कहाँ डालु

सहेली3-कहीं भी डालो पर जल्दी करो गंद मे जलन हो रही है.

अवी-फिर तो मुँह मे रस लो वरना आख़िरी धक्को से गंद फट जाएगी.

सहेली3-ठीक है ,

मैं ने एक झटके मे उसकी गंद से गन्ना निकाला और कॉंडम निकाल कर फेकदिया.

उसने गन्ना चूसना सुरू किया.

गंद को बचाने के लिए मुँह ने अपनी कुर्बानी दी ,पर उसको इस कुर्बानी का मीठा फल मिलने वाला था.

कुछ देर उसके मुँह मे धक्के मार कर मैं ने गन्ने का रस उसे पिला दिया

वो मेरे गन्ने का रस पी कर खुश हो गयी.

थोड़ी देर वो ऐसे ही आधी नंगी वहाँ बैठ कर नॉर्मल होने लगी.

अवी-कैसा लगा. दम निकल गया.

सहेली3-तुम पहले मिलते तो मेले मे बहुत मज़ा आता.

अवी-अगली बार मेले मे आओगी तो और मज़ा करेंगे .चलो अब तुम्हे मेले मे छोड़ देता हूँ

उसने अपने कपड़े ठीक किए

सहेली3-चलो

अवी-पहले मुँह पे लगा हुआ वीर्य तो साफ करो

सहेली3-कितना निकला तुम्हारा. मेरा पेट भर गया.

उसने वीर्य सॉफ किया फिर मैं उसे बाइक पर बैठा कर ,मेले का चक्कर मार कर आगे के गेट के पास आ गया.

शीला और उसकी सहेली वही खड़ी रह कर इसका इंतज़ार कर रही थी.

मुझे अपनी सहेली3 के साथ देख कर शीला और गुस्सा हो गयी.

अपनी सहेली3 की चाल देख कर और ज़्यादा गुस्सा हो गयी.

अवी-बाइ

सहेली3-बाइ

फिर एक बार शीला की तरफ देखा और बाइक लेकर निकल गया.

कल पता चलेगा कि शीला का बोलती है.

शीला की सहेली3 की चुदाई करने के बाद मैं घर3 जाकर सो गया.

 


689

22न्ड डे

सुबह सुबह छोटी चाची का कॉल आने से मेरी नींद खुल गयी.

सी चाची-अवी

अवी-हां चाची

सी चाची-सो रहे थे

अवी-हाँ ,मैं उठ ही रहा था.क्यूँ क्या हुआ इतनी सुबह कॉल किया

सी चाची-सुमन दीदी की माँ और पिताजी आए हैं

अवी-इतनी सुबह

सी चाची-मंदिर मे पूजा मिले इस लिए इतनी सुबह आए है. तू जल्दी तय्यार होकर यहाँ आ जा. फिर हम मंदिर जाएँगे

अवी-तय्यार होते आता हूँ

छोटी चाची से बात करने के बाद मैं तय्यार हो कर घर चला गया.

घर पे चाची अपनी मा और पिताजी से बात कर रही थी.

मैं ने आते ही उनके पैर छु कर आशीर्वाद लिया.

माँ-सुमन ये तेरा भतीजा हैना ,इन कपड़ो मे पहचान मे नही आया.

ब चाची-माँ अवी मेरा बेटा है

मा-काफ़ी बड़ा हो गया है. जल्दी इसकी शादी करनी होगी

ब चाची-शादी के लिए अभी टाइम है.अभी तो ये छोटा है.

सी चाची-दीदी हमे मंदिर के लिए निकलना चाहिए

ब चाची-हाँ चलो चलते है

फिर हम सब मंदिर की तरफ जाने लगे

अवी-चाची, बड़ी चाची की माँ और पिताजी आए है ,बाकी कोई नही आया

सी चाची-मुझे भी इसके बारे में कुछ पता नही है.

अवी-चाची की बड़ी बहन वो नही आई

सी चाची-वो कैसे आएगी. दीदी उसको यहाँ पैर रखने नही देगी

अवी-मुझे उसको देखना था.

सी चाची-मैं ने कभी नही देखा तो तुम कहाँ से देखोगे

फिर हमारे मंदिर आते पूजा सुरू हो गयी.

पूजा करने जे बाद ठाकुर की फॅमिली जल्दी हवेली चली गयी और हम भी वापस घर आ गये

छोटी चाची ने नाश्ते की जगह खाना बनाना सुरू किया.

ब चाची-माँ पिताजी,सिर्फ़ आप दोनो आए ,भैया भाभी नही आए

मा-वो तो आकर चले भी गये. तुम दोनो बहनों के झगड़े कब ख़तम होगे ,इस झगड़े से हम भी यहाँ नही आ पाते

ब चाची-ग़लती दीदी ने की थी. वो माफी नही मानेगी तब तक चलता रहेगा.आप यहाँ आराम से रहिए

पिताजी-नही बेटी हमे जाना होगा. वहाँ तेरी बहन घर सर पे ले लेंगी.

ब चाची-फिर आप यहाँ ही क्यूँ,इतनी जल्दी जाना था तो

माँ-तुझसे मिलने के लिए आए है,तू है कि झगड़ा ख़तम नही करती .जब तक झगड़ा चलता रहेगा हमे ऐसे आना होगा.

सी चाची-दीदी खाना लगा दूं

ब चाची-हां लगा दे

फिर हम सब ने खाना खा लिया. थोड़ी देर बड़ी चाची के माता पिता के साथ बाते की और वो खाना खा कर चले गये.

चाचा सीमा चाची के फॅमिली के वक्त घर पे बहुत कम समय के लिए रुके थे.

पर बड़ी चाची के माता पिता के आते चाचा घर से बाहर गये नही

बड़ी चाची के माता पिता के आने से लेके उनके जाने तक चाचा उनके साथ ही थे.

चाचा ने बड़ी चाची के माता पिता की पूरी खातिरदारी की.

उनको शहर तक छोड़ने के लिए मेरे साथ आए थे.

चाचा को समझना मुश्किल है.

चाची के माता पिता जाते ही मैं मेले मे चला गया.

आज रणजीतसिंघ नही था तो सब मुझे देखना था. मैं ने सेक्रेटरी को कहाँ की 4.00 बजे तक मैं देखता हूँ उसके बाद वो संभाल ले

रणजीतसिंघ ने मेरे लिए एक लड़की का इंतज़ाम किया था. सेक्रेटरी ने उसको

मेरे हवाले करके अपने घर चली गयी.

सेक्रेटरी के जाने के बाद मैं ने उस लड़की के साथ मस्ती की और अपने काम मे लग गया.

अपना काम पूरा करते करते 4.00 बज गये.

सेक्रेटरी आ गयी.उसके आते मैं पायल से मिलने चला गया.

पायल मैदान पर मेरा इंतज़ार कर रही थी.उसने आज भी स्कर्ट और बिना ब्रा की टी शर्ट पहन रखी थी.

पायल ने कहा था कि उसने 3 स्कर्ट खरीदी थे ,आज तो 4थ डे है कि वो स्कर्ट पहन कर आई है.

पायल के दिमाग़ मे क्या चल रहा है मैं समझ गया था.

वो शायद मुझे अपनी तरफ अट्रॅक्ट कर रही है

पायल के इस कातिल अंदाज़ को देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया.

दिन ब दिन उसकी स्कर्ट छोटी हो रही है और एक एक कपड़ा कम हो रहा है.

पायल-शुरू करे

अवी-हाँ ,करते है

मैं ड्राइविंग सीट पर बैठ गया. और पायल मेरी गोद मे बैठ गयी.

पायल को देख कर मेरा लंड झटके मार रहा था. और दोपहर मे मैं ने रणजीतसिंघ ने भेजी हुई लड़की की चुदाई करने से अंडरवेर खराब हो गयी थी.जिस से बिना अंडरवेर के लंड पैंट मे झटके मार रहा था.

पायल की मेरे गोद मे बैठ ते ही मेरा लंड पायल के चूतड़ मे फस गया.

पायल शायद समझ गयी कि मैं ने कुछ तो किया है जिस से लंड की चुभन उसे कुछ ज़्यादा हो रही थी.

पायल ने फिर ऐसा किया जिस के बारे में मैं ने सोचा नही था.

पायल मेरे गोद मे ऐसे ऐडजस्ट हुई कि मुझे लग रहा था कि अगर उसकी पैंटी ना होती तो मेरा लंड उसकी गंद मे चला जाता.

फिर पायल ने लंड को अच्छे से फील करने के लिए सीट बेल्ट लगा दी.

ऐसा करने से हम दोनो इतने करीब आ गये कि हमारे बीच मे से हवा भी जा नही सकती थी.

मेरा थूक हलक मे अटक गया.

मैं ने हिम्मत करके पायल से इस बारे में पूछ लिया.

अवी-पायल सीट बेल्ट क्यूँ लगाई ,मुझे कार चलाने मे प्राब्लम होगी.

पायल-कल मैं बार बार आगे जा रही थी. आज ऐसा ना हो इस लिए सीट बेल्ट लगाई है.

अवी-लेकिन मैं कार चलाउन्गा कैसे

पायल-जैसे रोज चलाते हो.

अवी-(इस से बात करना बेकार है) ठीक है.

फिर मैं कार चलाने लगा.

पायल मेरे लंड का पूरा मज़ा लेने लगी. उसके हाथ मेरी जाँघो पर थे.

सीट बेल्ट लगाने से लंड और पायल की गंद के बीच जो गॅप थी वो भी गायब हो गया.

लंड पर उसकी गरम गंद का वेट पड़ते मैं पागल होने लगा.

बिना अंडरवेर का मेरा लंड सीधा उसकी गंद को ठोकर मार रहा था

उसकी पैंटी उसके चूतड़ मे फसि हुई थी.जिस से मेरा लंड उसके चूतड़ के बीच मे फस गया.

लंड उसकी गंद की दरार मे फस्ते पायल ने एग्ज़ाइट होते मेरी जाँघो को ज़ोर से दबा दिया.

और अपनी तेज सासो पे कंट्रोल रखते हुए मज़ा लेने लगी.

मैं ने बड़ी मुश्किल से खुद को कंट्रोल करके रखा था.

पर पायल के रहते हुए कंट्रोल करना मुश्किल हो रहा था.

उसके बदन की गर्मी.उसके बदन की महक मुझे मदहोश करने लगी

मुझे लग रहा था कि एक तो पायल को पकड़ कर पीछे की सीट पे पटक दूं

मैं ने अगर जल्दी कुछ नही किया तो हमारा आक्सिडेंट हो जाएगा.

क्यूँ कि पायल मुझे कार सिखाने की जगह मुझे डिस्ट्रब कर रही थी.

मेरी गोद मे पायल नही स्वर्ग की मेनका बैठी थी.

अब तो पानी सर से उपर जाने लगा मुझे कुछ करना होगा.

मैं ने बीच मे कार चलाना रोक दिया और पायल को उपर से उठने को कहा.

बीच मे कार रोकने से पायल को लगा कि उसकी जवानी का नशा मुझ पर छाने लगा है.

उसको लगा कि मैं अपना प्रॉमिस तोड़ दूँगा पर मैं ऐसा कैसे कर सकता हूँ.

पायल के उठ ते ही मैं सीधा भागते हुए झाड़ियों मे गया और पैंट से लंड बाहर निकाल कर आज़ाद किया.

लंड बाहर निकलते मैं ने राहत की सास ली. लेकिन लंड को ठंडा कैसे करूँ. मूठ तो मैं मारने वाला नही था.

फिर मैं ने पेशाब करने का सोचा. बड़ी मुश्किल से पेशाब निकल गयी. पेशाब निकलने से लंड ठंडा पड़ने लगा.

पेशाब करने के बाद मैं पायल के पास आकर ड्राइवर के बाजू वाली सीट पर बैठ गया.

पायल-क्यूँ क्या हुआ था.

अवी-कुछ नही वो प्रेसर आ गया था

मेरी बात सुनकर पायल हँसने लगी.

पायल-थोड़ी देर कंट्रोल कर लेते

अवी-नही कर सकता था.

पायल-रिलॅक्स हो गये ना

अवी-हाँ

पायल-तो चलो फिर से शुरू करते है.

अवी-(फिर से सुरू किया तो मैं अपना प्रॉमिस ज़रूर तोड़ दूँगा. जो मैं नही चाहता था) आज के लिए इतना काफ़ी है

पायल-मेले मे जाने के लिए थोड़ा टाइम बाकी है.

अवी-आज मूड नही है कार चलाने का.

पायल-ठीक है, आज बाते करते है ,

अवी-पायल एक बात पुछु

पायल-हाँ पूछो

अवी-सच बताना

पायल-पूछो तो पहले क्या पूछना चाहते हो

अवी-तुम शहर मे अपने कॉलेज मे ऐसी ड्रेस पहनती हो

पायल-नही. इतने मॉर्डन ड्रेस नही पहने

अवी-फिर ये स्कर्ट खरीदने की कोई खास वजह

पायल-मुझे एक बार ट्राइ करके देखना था.इस लिए खरीदे

अवी-इसका मतलब स्कर्ट मे तुम्हे मेरे अलावा किसी ने नही देखा

पायल-देखा हैना

अवी-किसने

पायल-मैं खुद को मिरर मे देखती हूँ

अवी-नाइस जोक

पायल-तुम्हारे साथ रहते रहते जोक करना सीख गयी.

अवी-अच्छा हैना तुम्हे मेरे जोक सुन ने नही पड़ेंगे .वैसे भी ये कार चलना जल्दी हो जाएगा.

पायल-इतने जल्दी मुझसे पीछा छुड़वाना चाहते हो,क्या मैं इतनी बुरी हूँ

अवी-मेरे कहने का ये मतलब नही था.

पायल-तो क्या कहना चाहते थे

अवी-कभी ना कभी तो ये बंद करना होगा.

पायल-वो तो है. पर तुम भूल रहे हो कि मेडम मैं हूँ

अवी-तो

पायल-जब तक मैं तुम्हे सर्टिफाइ नही करती तुम्हे ऐसे कार चलाना सीखते रहना होगा

अवी-और मैं पास कब होऊँगा.

पायल-पहले लेशन तो कंप्लीट होने दो ,फिर टेस्ट लूँगी, फिर डिसाइड करूँगी

अवी-ये सब कब तक होगा.

पायल-वो तुम पर डिपंड करता है.कि कब गियर डालना चाहते हो

अवी-क्या कहा

पायल-तुम जल्दी कार पे कंट्रोल करो ,अपने आप पास हो जाओगे.

अवी-मैं ने कंट्रोल करना तो सीख लिया

पायल-वो मैं डिसाइड करूँगी.

अवी-ठीक है. चलो चलते है

पायल-हाँ चलो,

फिर पायल ने ड्रेस चेंज किया और हम घर आ गये

 


690

पायल और अपनी बहनों के साथ मेला देखने के लिए चला गया.

आज मेला देखते हुए हमे बहुत मज़ा आ रहा था. फुल तो एंजाय कर रहे थे.

अवी-सब सुनो ,आज और कल मेरे पास टाइम है पर लास्ट के 2 दिन मैं थोड़ा बिज़ी रह सकता हूँ ,मे बी मेले मे जाना ना हो ,तो आज और कल पूरा एंजाय करो

कविता-भैया ये चीटिंग है.

अवी-चीटिंग नही, हम आज 10.00 बजे शामतक मेले मे एंजाय करेंगे

राज-भैया फिर तो मज़ा आ जाएगा.

पायल-पूरी कसर निकालते है. फिर नेक्स्ट मेले मे ऐसा मज़ा कर नही पाएँगे

रानी-पायल ने सही कहा. नेक्स्ट मेले मे हम बड़े हो जाएँगे ,मे बी शादी हो जाए

कोमल-ये मेला फुल एंजाय करके एंड करते है

लास्ट के दिन मैं बिज़ी रह सकता हूँ ,इस लिए मैं अपना पूरा समय अपनी बहनों को देना चाहता था.

नेक्स्ट मेले तक मे बी सबकी शादी हो जाएगी इस मेले जैसा मज़ा नेक्स्ट मेले नही आएगा .

मैं ने शीला को अपने दिमाग़ से निकाल दिया. आज और कल के मेले मे पूरी शाम मेरी बहनों के नाम

मेरे इस फ़ैसले से सब खुश हो गये. देर रात तक मेले मे घूमने से सब बहुत खुश हो गये.

मेरी बहनों के चेहरे पे खुशी देख कर दिल को सुकून मिला. रानी को अपनी बहनों के साथ इतना एंजाय करते हुए देख कर अच्छा लगा.

शीला और उसकी सहेली मुझे दिखी थी पर मैं ने अपनी बहनों के लिए कुछ भी कर सकता था.

आज और कल तो देर रात तक अपनी बहनों को एंजाय करवाउंगा. और लास्ट के 2 दिन रणजीतसिंघ को काम करने को कहा है पर मैं भी बिज़ी रह सकता हूँ.

पर उसमे भी समय मिला तो रोज के समय पर अपनी बहनों को मेला दिखाने का कह कर सर्प्राइज़्ड दे सकता हूँ

मेरा इस तरह शीला को अवाय्ड करना मे बी फ़ायदा हो जाए.

कभी कभी दूर रह कर अपने आप पास आ जाते है.

शीला को अलग रख कर मैं मेला एंजाय करने लगा.

अवी-ये झूले मे तो बहुत बार बैठे है. चलो कुछ पेट पूजा करते है

पूनम दीदी-गोलगप्पे

कोमल-जलेबी

राज-जूस

अवी-रूको सबकी फरमाइश पूरी होगी.

फिर हम एक एक करके सब डिशस का मज़ा लेने लगे.

हमेशा की तरह मैं ने चाची के लिए जलेबी पॅक करके ले ली

खाने के साथ मस्ती भी कर रहे थे.

मस्ती के साथ खरीदी ,वो तो मेरी बहनों का फेव टाइम पास है

खरीदी के साथ गेम खेलना.

10 से 10.30 कब बज गये वो भी पता नही चला.

छोटी चाची को कॉल करके मैं ने बताया कि हम आज देर तक मेला देखेंगे

मेला एंजाय करने के बाद हम घर आ गये.

घर आने पर मुझे डाँट पड़ी पर मेरी बहनों की खुशी के सामने ये कुछ भी नही था.

देर होने से मैं पायल को छोड़ने हवेली चला गया.

पायल को हवेली छोड़ने के बाद मैं ने घर आकर खाना खा लिया और फिर सो गया.

 
691

23र्ड डे

कल की तरह आज का दिन भी उसी तरह सेट किया .

सुबह मंदिर मे पूजा करके दिन की शुरुआत की.फिर रानी के साथ थोड़ी मस्ती की.

फिर मैं मंदिर की तरफ चला गया. सेक्रेटरी के साथ काम की बाते की और उसको घर जाने को कहा

उसने जाते हुए फिर एक लड़की को मुझे खुश करने के लिए मेरे पास भेज दिया.

एक बार चुदाई करके मैं काम देखने लगा. सेक्रेटरी टाइम की पक्की थी.वो अपने समय पर टेंट मे आ गयी.

सेक्रेटरी को काम पे लगाने के बाद मैं ने पायल को कॉल किया.

पायल-अवी, बस निकल रही हूँ

अवी-सुनो आज का लेसन कॅन्सल करते है

पायल-पर क्यूँ

अवी-आज मेले मे ज़्यादा से ज़्यादा समय रुकने का प्लान बनाया है.

पायल-पर

अवी-तुम अभी मेरे घर आ जाओ,

पायल-ठीक है.मैं आ रही हूँ.

पायल को कॉल करने के बाद मैं ने स्वेता दीदी को कॉल करके अपना प्लान बता दिया.

मेरा प्लान सुनकर स्वेता दीदी खुश हो गयी.

फिर प्लान के मुताबिक हम सब मेले मे जाने के लिए तय्यार हो गये.

मैं ने बुआ को भी अपने साथ मेले मे ले गया.

बच्चों की वजह से चाची को मेले मे नही ले गया

राज आज इतना खुश था कि वो जो बोलता हम वही करते गये.

थोड़ी देर बुआ ने मेले मे मस्ती की फिर उनको वापस घर भेज कर हम फिर से मस्ती करने लगे.

आज फिर शीला और उसकी सहेली मुझे दिखाई दी.

पर मैं अपनी मस्ती मे था.

थोड़ी देर बाद मेरे अकेले होते शीला की सहेली2 मेरे पास आ गयी.

सहेली2-अवी

अवी-तुम ,तुम यहाँ क्या कर रही हो ,बाद में बात करते है

सहेली2-मेरी बात तो सुनो

अवी-अभी नही, मैं इस वक्त अपनी फॅमिली के साथ हूँ

सहेली2-तुम कल भी नही मिले ,

अवी-कहो जल्दी क्या कहना है

सहेली2-एक बार शीला से बात तो कर लो .वो बिचारी अंदर ही अंदर रो रही है

अवी-उस से बात करके कोई फ़ायदा नही होगा

सहेली2-बस एक बार, उसके लिए नही तो मेरे लिए

अवी-ठीक है कल मिलते है,जूस की स्टॉल पर

सहेली2-मैं इंतज़ार करूँगी.

शीला की सहेली2 चली गयी.

उसके जाते स्वेता दीदी मेरे पास आ गयी.

स्वेता दीदी-कौन थी वो

अवी-कोई नही

सीतल दीदी-गर्लफ्रेंड है तेरी

अवी-गर्लफ्रेंड और वो,इतने बुरे दिन नही आए

कविता-कौन थी वो भैया

अवी-(अब क्या बताऊ इनको )उसकी माँ को कल चोरी करते हुए पकड़ा था. वो रिक्वेस्ट करने आई थी कि उसकी माँ को छोड़ दूं

पूनम दीदी-तो ये बात थी , हमे लगा कि

अवी-आप सब के होते हुए मुझे गर्लफ्रेंड बनाने की क्या ज़रूरत है.

मेरी बात सुनकर सब शरमा गयी. सब का कोई ना कोई राज़ था.

फिर से हम मेले मे एंजाय करने लगे.

 


692

24थ डे

2 दिन से घर पर सोने से चाची खुश थी.

आज रणजीतसिंह फ्री हो जाएगा और मेले के काम मे लग जाएगा. मतलब मैं मेले के काम से फ्री हो सकता हूँ.पर मैं ने रणजीतसिंघ को मदद करने का फ़ैसला किया.

सुबह पूजा करने के बाद मैं रणजीतसिंघ के साथ मेले का काम करने लगा.

अवी-कैसी रही डील

रणजीतसिंघ-ऑर्डर तो मिल गया.

अवी-नयी फॅक्टरी ले रहे थे उसका क्या हुआ

रणजीतसिंघ-वो डील नही हुई. मतलब हो जाएगी. तुम ने क्या किया 2 दिन मे

अवी-काम और उन दो लड़कियो के साथ मस्ती ,

रणजीतसिंघ-अब मैं संभालता हूँ तुम एंजाय करो

अवी-अब तक बहुत एंजाय किया ,थोड़ा काम भी कर लेता हूँ

फिर मैं रणजीतसिंघ के साथ काम मे बिज़ी हो गया.

कल का आख़िरी दिन था, और कल दूसरी पूजा मे मुझे जाना था.

पूरे मेले मे मैं दूसरी पूजा मे नही गया था ,लेकिन कल आख़िरी दिन की वजह से जाना पड़ेगा.

अच्छा हुआ मैं ने अपनी बहनों को 2 दिन मे पूरे मेला का मज़ा दिया.

रणजीतसिंघ के साथ दिन बिताने के बाद मैं पायल से मिलने चला गया.

मेरे आते पायल मेरे पास आने लगी.

पायल ने आज फिर स्कर्ट पहन रखी थी. आज जो स्कर्ट पहनी थी वो ऐसी थी कि पायल के झुकते उसकी पैंटी दिख जाए.

पायल कॅट्वाक करते हुए मेरी तरफ आने लगी. मैं उसकी तरफ जाने के बजाय उसको देखता रहा.

पायल की छोटी स्कर्ट ,बिना ब्रा के टी शर्ट मे हिलते हुए बूब्स, होंठो पे हल्की पिंक कलर की लिपस्टिक, मेरा तो बुरा हाल हो रहा था.

मैं मूर्ति की तरह पायल को देखता रहा.

पायल के पास आते मैं ने उसको पकड़ कर पेड़ से सटा दिया और उसके चेहरे को चूमने लगा.

पायल भी मेरा साथ देते हुए मेरे चेहरे को अपने लिपस्टिक से रंगने लगी.

पायल मे हॉट रूप को देखते मैं पिघल कर उसके नशीली होंठो को चूसने लगा.

पायल को किस करते मैं समझ गया कि इतने दिन से मैं ने पायल को इग्नोर करके कितनी बड़ी ग़लती की.

पायल के नाज़ुक ,रसीले गुलाभी होंठो को चूस्ते मैं सोचने लगा कि मैं गद्दा हूँ जो उसको प्रॉमिस किया था

पायल भी मुझे किस करते हुए कहने लगे कि वो इस दिन का कब से इंतजार कर रही थी.

इतने दिन से तड़फाने की सज़ा पायल मेरे होंठो को काट कर दे रही थी

उसके दिए हुए दर्द को पीते हुए मैं उसको किस करने लगा.

मैं पायल को किस करने मे इतना खो गया कि मुझे कुछ पता नही चला ,मैं तो उसके नशे मे होता गया.

मैं पायल को किस कर रहा था कि मुझे लगा कोई मुझे गुदगुदी कर रहा है.

मैं ने आँखे खोल कर देखा तो मुझे झटका लगा.

पायल मेरे पास आ गयी और मेरे चेहरे पे उंगली घुमा कर मुझे होश मे ला रही थी.

तो ये सपना था. पायल को मैं ने किस नही किया.

पायल-कहाँ खो गये

अवी-तुम्हारी खूबसूरती मे ,आज तो तुम सूपर हॉट लग रही हो

पायल-थॅंक्स

थॅंक्स कह कर पायल कार की तरफ जाने लगी. मैं उसकी लचकती हुई कमर और गंद के उभार को देखते हुए उसके पीछे जाने लगा.

पायल के थोडा आगे जाते उसके हाथ से कार की गिर गयी.

पायल के उठाने के लिए जैसे झुकी मेरी आँखें फटी की फटी रह गयी.

पायल की स्कर्ट छोटी थी उपर से ऐसे खड़े खड़े झुकने से ,अगर वो अपने घुटने मोड़ कर झुकती तो ऐसा देखने को नही मिलता.

पायल के झुकते मुझे उसके नंगे चूतड़ दिखाई दिए.

पायल की गोरी गंद देख कर मेरा लंड खड़ा होने लगा.

पायल ने आज पैंटी भी नही पहनी थी. ब्रा तक ठीक था पर पैंटी ,मुझे क्या था मैं उसकी गंद को देख कर लंड मसल्ने लगा

पायल के उठने मे बहुत टाइम लगा रही थी. जिस से मुझे उसकी गंद के दर्शन अच्छे से हो गये.

पायल ने इतने दिनो मे बहुत कुछ ट्राइ किया था

ये आज उसका लास्ट वेपन होगा.

बिना पैंटी के स्कर्ट पहना

और इस वेपन ने मुझे घायल कर दिया.

पायल की नंगी गंद देखते ही मेरे मुँह मे पानी आ गया.

उसकी गंद मेरी आँखो को अपने वश मे कर रही थी.

मैं उसकी हॉट गंद को देख कर अपना प्रॉमिस भूल गया और उसके पास जाकर खड़ा हो गया.

वो अभी तक वैसे झुकी थी थी.

मैं उसके पास आते उसके चूतड़ को अपने हाथ मे पकड़ कर मसल दिया.

मेरे ऐसा करते ही पायल के मुँह से शीष्कारी निकल गयी.

उसकी चूत को देख कर मुझसे और कंट्रोल नही हो रहा था.

मैं ने उसके चूतड़ को फैला दिया. चूतड़ को फैलाते ही मुझे उसकी चूत नज़र आई.

पायल की कुवारि चूत देखते मैं जल्द से जल्द अपना लंड उसकी चूत मे डालने का फ़ैसला किया.

मैं ज़िप खोल कर लंड बाहर निकालना चाह रहा था पर ज़िप खुल नही रही थी.

ज़िप को इसी टाइम पर खराब होना था .

मैं लंड बाहर निकालने की कॉसिश कर रहा था और पायल मेरा लंड अंदर लेने का इंतजार कर रही थी

इतनी देर से लंड अंदर ना जाने से पायल खड़ी हो गयी.

और मुझे आवाज़ देने लगी.

पायल-अवी कहाँ खो गये

पायल के आवाज़ देते मैं होश मे आ गया.

मैं तो अभी तक उसी जगह पर खड़ा था जहाँ से पायल की गंद देखी थी.

ये भी सपना था.

पायल तो आज मेरा कंट्रोल लूज कर देंगी.

आज तो प्रॉमिस पक्का टूट जाएगा.

पायल ने मुझे आवाज़ दी और फिर से झुक कर की उठा कर खड़ी हो गयी. और पलट कर मेरी तरफ देखा मेरा हाथ अभी तक लंड पर था.

मैं ने खुद को ठीक किया और सीट पर जाकर बैठ गया.

पायल अपनी जगह पर बैठने लगी. उसने पहले एक पैर अंदर रखा और मेरे एक पैर पर बैठ गयी फिर वैसे सरकते हुए मेरी गोद मे बैठ गयी.

पायल के ऐसा करने से उसकी स्कर्ट और उपर हो गयी.

पीछे से तो पूरी उपर हो गयी. उसके नंगे चूतड़ मेरे सामने थे. मेरे लंड पर पायल नंगी गंद लेकर बैठी थी.

काश आज मैं ने अंडरवेर नही पहनी होती.

पायल ने आज फिर सीट बेल्ट लगा ली.जिस से हमारा बदन एक हो गया.

मेरा मन पायल को पकड़ कर यही पटक कर चोदने का हो रहा था.

पर मैं ने खुद पर कंट्रोल रखा और कार स्टार्ट की.

और कार चलाने पे फोकस किया.

पायल बार बार अपनी गंद मेरे लंड पे अड्जस्ट करने के बहाने से घिस रही थी.

उस दिन के मुक़ाबले आज मेरा हाल बहुत बुरा हो रहा था.

मैं भी ब्रेक मारने,या क्लच दबाने के बहाने से लंड पायल की गंद पर दबाने लगा.

लेकिन मैं ऐसा दिखा रहा था कि मैं जान बुझ नही कर रहा हूँ

मैं अपने कॅरक्टर को क्लीन रख रहा था.

मैं ने पायल के साथ कुछ नही किया.

कार चलाना सीखना मेरा लक्ष्य था.और मैं उसी पे ध्यान देने लगा.

देखते देखते शाम के 5.00 बज गये. मेले मे जाने का समय हो गया था.

मैं ने कार बंद की.

अवी-चलो अब हमे चलना चाहिए

पायल ने मेरी तरफ अजीब नज़रों से देखा.और मेरी गोद से उठ कर कार से बाहर निकल गयी.

बैठने से उसकी स्कर्ट उपर हो गयी थी. उसकी गंद मैं काफ़ी करीब से देख रहा था.वो मेरी तरफ पीठ करके खड़ी थी.

मेरा हाथ उसकी गंद टच करने को बेताब हो रहा था.

ऐसा ताकि उसकी खूबसूरती की मैं ने इन्सल्ट की हो

पहले पायल ने स्कर्ट पहन कर मेरा प्रॉमिस तोड़ने की कॉसिश की.

फिर बिना ब्रा की टी शर्ट पहन कर मुझे अपने रसीले आम का लालच दिखाया

फिर सीट बेल्ट लगा कर हमारे बीच की दूरिया ख़तम की फिर भी वो नाकाम रही

पर आज तो बिना पैंटी के आकर पूरी बेशरम बन कर मुझे अपनी गंद दिखाई

पहले चाबी उठाते हुए,फिर कार चलाते हुए उसके बाद सीट से उतर कर काफ़ी देर तक अपने कपड़े ठीक नही किए ताकि मैं उसकी गंद का दीवाना बन जाउ

पायल के दोनो भाई साँवले थे पर पायल ठकुराइन की गोरी थी.

पायल की गंद इतने पास से देख कर मैं फिर से अपना कंट्रोल खोने लगा.

पायल की गंद देख कर ऐसा लग रहा था कि अभी उसके चूतड़ पर काट खाऊ

पायल ने अपनी स्कर्ट को ठीक नही किया जिस से मेरे मुँह मे पानी आ गया.

और मैं ने पायल के चूतड़ को पकड़ कर उस पे ज़ोर से काट लिया.

ऐसा काटा की पायल की चीख निकल गयी

पायल की चीख कार के हॉर्न जैसी लग रही थी.

मैं ने अपनी आँखॉइन खोल कर देखा तो मेरा हाथ कार के हॉर्न पर था.

और पायल वही खड़ी थी और मैं अपनी जगह पर बैठा था.

ये भी सपना था.

मुझे कुछ करना चाहिए वरना मैं आज पायल का रेप कर दूँगा.

मैं जल्दी से दूसरे साइड से कार से नीचे उतर गया और झाड़ियों मे चला गया.

लेकिन मैं ने खुद पे कंट्रोल रखा और उठ कर झाड़ियों मे चला गया.

पायल मुझे देखती रह गयी.

मैं झाड़ियों मे जाकर लंड को ठंडा करके आ गया.

तब तक पायल ने अपना ड्रेस चेंज कर लिया था.

उस ने मुझे कुछ नही कहा,पर उसका चेहरा कुछ और बता रहा था .वो आज निराश हो गयी.

इतना कुछ करने के बाद भी मैं ने उसके साथ कुछ नही किया.

पायल की गोरी गंद देख कर तो मैं ने झाड़ियों मे जाकर पेशाब करने की जगह मूठ मारी

पर अपना प्रॉमिस नही तोड़ा.

मेरे आते ही पायल कार लेकर चली गयी.

मुझे लगा वो मेरे घर जाएगी पर ऐसा नही था ,वो हवेली चली गयी.

पायल की खूबसूरती पे मैं ने जो थप्पड़ मारा उस दर्द के साथ वो मेरे साथ मेले मे कैसे आ सकती थी.

मैं ने कहा था कि आज मेले मे नही जाएँगे.पर उसे एक बार पूछ कर देखा नही

जाने दो, मैं अपने घर चला गया.

 


693

घर आते मैं ने अपनी बहनो को सर्प्राइज़्ड दिया.

मेले मे चलने की बात सुनकर सब खुश हो गये.

फिर मैं उनको मेले मे ले आया.

स्वेता दीदी-पायल नही आई.

अवी-अचानक मैं फ्री हुआ और मेले मे जाने का प्लान बनाया ,उसे बताना भूल गया.

सीतल दीदी-फोन करके बुला लूँ

अवी-हम बस 7.00 बजे तक मेले मे रहेंगे. और आज आख़िरी दिन है.

लीना-भैया कल आख़िरी दिन है

अवी-आज हमारा मेले मे घूमने का आख़िरी दिन है. कल हमे मंदिर मे शाम की पूजा मे जाना होगा.इसी लिए कल मेले मे नही जा सकते है.

आख़िरी दिन सुनते सब अपनी तरह से मेले को एंजाय करने लगे. मेले का मज़ा लेने के बाद मैं ने सब को घर छोड़ दिया और वापस शीला से मिलने आ गया

मैं शीला से मिलने रोज के समय से पहले आ गया .

मैं हमारी रोज वाली जगह पर जाकर उनका इंतजार करने का सोच रहा था कि ये क्या शीला और उसकी सहेली मेरा इंतज़ार कर रही थी.

हम दोनो समय से पहले आ गये.

शीला और उसकी सहेली मुझे इतनी जल्दी उनके सामने देख कर खुश हो गयी.

अवी-तुम तो जल्दी आ गयी

सहेली2-तुम भी तो जल्दी आ गये

अवी-हाँ,वो मैं हमेशा देर से आता था तो सोचा आज जल्दी आ जाउ,

शीला ने मुझसे कोई बात नही की

अवी-चलो आख़िरी बार साथ मे जूस पीते है

सहेली1-आख़िरी बार क्यूँ

अवी-कल मेले का आख़िरी दिन है और मैं काम मे बिज़ी रहूँगा .और तुम को भी तो वापस जाना होगा.

सहेली3-अच्छे दिन जल्दी निकल जाते है. चलो जूस पीते हुए बाते करते है.

हम दुकान मे अंदर जाने लगे. शीला की सहेली ने पहले जाकर लास्ट वाले टेबल पर एक तरफ बैठ गयी.

उसके ऐसा करने से मुझे और शीला को लकड़ी की पट्टी पर साथ मे बैठना पड़ा.

मैं ने 4 जूस ऑर्डर किए

सहेली2-4 क्यूँ 5 जूस बोलो

अवी-तुम भूल गयी. 4 जूस और 5 स्ट्रोव

हमारा ऑर्डर आ गया. सहेलियो ने अपने ग्लास उठा लिए .हमारा ग्लास टेबल पर था.

अवी-क्या जूस पी रही हो ,बताओ मुझे यहाँ क्यूँ बुलाया है.

सहेली1-तुम दोनो का समझौता करवाने

अवी-हमे क्या हुआ है. सब ठीक तो है, देखो एक ग्लास मे जूस मँगाया है.

सहेली2-पर पिया तो नही ना. बात करो एक दूसरे से तभी तो हल निकलेगा. देखो ना शीला 2 दिन से रोती जा रही है.

अवी-किस बात के लिए रो रही है.

सहेली3-वही तो जान ना है ,पर ये कुछ बताती नही और तुम हो कि मिले नही

अवी-ये ऐसे नही बताएगी

सहेली2-फिर कैसे बताएँगी

मैं ने दुकान वाले को इशारा किया. लाइट बंद हुई .

और मैं ने शीला को किस करना सुरू किया ,मेरे किस करते शीला रोने लगी

सहेली1-उसे फिर रुलाया

अवी-देखो अब बताना सुरू करेगी.

शीला-क्या बताऊ ,

अवी-मैं बताता हूँ. तुम को पता हैना मौत के कुँए मे मैं ने शीला के साथ क्या किया ,उसके लिए वो नाराज़ थी. फिर गुस्सा हो गयी.

शीला-क्यूँ गुस्सा ना होती, मुझे वो पसंद नही था

सहेली1-शीला को पसंद नही था तो तुम ने वैसा क्यूँ किया

अवी-मैं ने वो सब किया पर इसके हाथो से ,मैं ने सिर्फ़ स्टार्ट किया बाकी वो करती गयी.

शीला-झूठ बोल रहे हो

अवी-तुम दोनो ने देखा था ना

सहेली2-हाँ, शीला तेरा हाथ अंदर था

शीला-वो तो

अवी-जाने दो उसे, हम ने डिसाइड किया था कि धीरे धीरे आगे बढ़ेंगे .पहले किस किया उसे पसंद आया फिर क्या किया. मौत के कुँए मे थोड़ा आगे बढ़ा उसे पसंद नही आया मैं ने दूर रहना ठीक समझा ,यही तो हमने सोचा था.

सहेली1-शीला अवी सच बोल रहा है

शीला-हाँ

सहेली1-फिर तेरी ग़लती है. तुझे गुस्सा नही करना चाहिए था. वो तो जैसा सोचा था वैसा कर रहा था

शीला-वो मैं ...मैं इसके लिए तय्यार नही थी

अवी-तो सीधा बोल देती गुस्सा करने की ज़रूरत क्या थी.

शीला-वो मुझे किस करना अच्छा लगता था ,उसका मनाना .सोचा कि थोड़ा गुस्सा करूँगी और वो मना लेगा पर बात बिगड़ती गयी.

और शीला रोने लगी

अवी-ऐसा था वो ,जाने दो जो हो गया सो हो गया. लो जूस पी लो

शीला-सॉरी

अवी-माफी तभी मिलेगी जब जूस पियोगी.

शीला मेरे साथ जूस पीने लगी.

सहेली3-इनका तो जल्दी हो गया. मुझे लगा लंबा चलेगा ड्रामा,वैसे शीला तू बहुत लकी जो अवी तुझे मिला है.

शीला-वो तो है पर उस्दिन तू अवी के साथ बाइक पर क्या कर रही थी.

सहेली3-उस दिन तेरी तरह मेरी भी वाट लग गयी थी

सहेली2-क्या हुआ था

अवी-मैं बताता हू ,फिर मैं ने कहानी सुरू की .चुदाई को छोड़ कर सब बता दिया.

शीला-अच्छा हुआ अवी था वहाँ पर वरना तू जैल मे होती

अवी-अच्छा मुझे जाने होगा ,हमारा साथ यहीं तक था ,अगर किस्मत मे लिखा होगा तो दुबारा मिलेंगे

मेरी बात सुनते शीला रोने लगी.

अवी-ये रोना मुझे अच्छा नही लगता ,

सहेली1-अवी तुम शीला को प्यार किए बिना जाओगे

शीला-क्या मतलब है तुम्हारा

अवी-प्यार तो करना चाहता हूँ पर शीला ने मना किया है.उसके मर्ज़ी के बिना प्यार कैसे करूँ

सहेली1-शीला प्यार करने को तय्यार है

शीला-मैं ने कब कहा

सहेली1-सब दिख रहा है. अब नाटक मत कर ,2 दिन रोती रही और आज नाटक करती हो कि प्यार नही करना

शीला-मैं ने इस बारे में कभी सोचा नही है

सहेली2-तू सोचने मे टाइम वेस्ट करती है.हाँ बोल दे वरना ज़िंदगी भर पछताती रहेगी कि उस दिन हाँ बोल दिया होता तो अच्छा होता

शीला-मैं फ़ैसला नही कर पा रही हूँ ,ये प्यार करना चाहता है पर शादी नही

सहेली1-अवी तुझे प्यार तो कर रहा है ,इस प्यार को एक दिन के लिए जी ले वरना ज़िंदगी भर रोती रहेगी

शीला-तुम समझ नही रही हो

सहेली3-तू खुद को समझा पहले. अवी चाहता तो एक दिन मे तुम्हे अपने बिस्तेर पर लेके आता

शीला-ऐसे कैसे लेके जाता

सहेली3-मुझे देख ,मैं ने अवी के साथ चुदाई भी कर ली.मैने कितनी कम बार अवी से बात की है पर इसको मुझे हां करवाने मे 10 मिनिट भी नही लगे.

शीला-तूने अवी के साथ ,कब किया ,

सहेली3-अवी ने मेरी जान बचाई और फिर मेरी प्यास बुझाई. अब तू सोचेगी कि अवी को ऐसा नही करना चाहिए था.उसने तुम्हारा गुस्सा मुझ पे निकाला जिस से मैं खुश थी. और वो तुम्हारे साथ करता तो प्यार होता ,हमारे साथ सिर्फ़ प्यास बुझाई

सहेली2-हम ने भी अवी के साथ चुदाई की है

शीला-तुम ने भी

सहेली1-मैं ने भी

शीला-तुम ने कब किया ,हम तो साथ मे थे

सहेली1-उस्दिन मौत के कुँए मे तुम्हारे ना करते हम फिर से शो देखने गये .और वहीं हो गया. देखा अवी चाहता तो तुम्हारे साथ वहीं कर सकता था पर नही किया .

शीला-ये क्या हो रहा ,तुम मेरी सहेली हो कर मुझे धोका दिया

सहेली2-कैसा धोखा, तुम अवी के साथ प्यार करती नही. हम ने कर लिया .आज भी करेंगे

शीला-तुम ऐसा कैसे कर सकती हो

सहेली1-तू डिसाइड कर ,अवी से तू प्यार करती है या नही, तू हाँ कर हम दूर हो जाएँगे और ना किया तो हम अवी के साथ जाएँगे

अवी-उसे परेशान मत करो

शीला-तुम बीच मे मत बोलो

सहेली3- अवी को हमारे साथ करने का सुन कर तू हम पे जलने लगी है , मतलब तू अवी को प्यार करती है

शीला-हाँ करती हूँ, खुश

सहेली2-प्रूफ दे

शीला-मैं उस से प्यार करती हूँ पर वो शादी नही करना चाहता उसका क्या

सहेली2-प्यार का एंड शादी हो ये ज़रूरी नही होता .प्यार एक पल का भी काफ़ी होता है और शादी करके ज़िंदगी भर का भी. बस प्यार को फील कर ,एक पल मे पूरी ज़िंदगी जी ले.

शीला सोचने लगी.

सहेली1-देख शीला ,हम सहेलियाँ है ,हम तुम्हे ग़लत सलाह नही देंगी.

सहेली2-तू खुद सोच 2 दिन अवी से बात नही की तो तेरा क्या हाल हुआ. ऐसा रहा तो मेले के बाद तेरा क्या होगा

शीला-वही तो .मैं इसके बिना कैसे करूँगी

सहेली3-अवी का प्यार तुम्हे हिम्मत देगा.

अवी-चलो ,बहुत देर हो गयी.मैं चलता हूँ

शीला-तुम कहाँ जा रहे हो

अवी-मुझे कुछ काम है

शीला-मुझे प्यार करने से ज़रूरी है

अवी-क्या कहा

शीला-मैं तुमसे प्यार करती हूँ.

अवी-फिर से कहना

और शीला ने मुझे किस करके अपने प्यार का इज़हार किया.

 
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शीला के हाँ करते मेरे खुशी का ठिकाना नही था.

मुझे तो लगा था कि शीला मेरे हाथ से निकल गयी .पर शीला की सहेलियो की मदद से मुझे शीला मिल गयी.

शीला की सहेली ने मेरी चुदाई का बदले शीला को मेरे लिए मना लिया.

शीला की चूत के बारे में सोच कर मेरा लंड सर उठाने लगा

मैं ने खुशी के मारे शीला को गले लगा लिया.

अवी-फिर से एक बार कहना

शीला-मैं नही कहने वाली,

अवी-अब कहने मे टाइम बर्बाद क्यूँ करना.ये भी सही है,चलो मेरे साथ

शीला-कहाँ

अवी-प्यार करने,मेरे घर पे

शीला-कुछ तो शर्म करो, सब के सामने ऐसे कह रहे हो कि छोटी सी बात हो

अवी-तुम सब के सामने किस कर सकती हो पर मैं प्यार करने की बात नही कर सकता

शीला-वो मैं ने...

अवी-चलो चलते है

शीला-इतनी जल्दी क्या है

अवी-मैं बस आज के लिए फ्री हूँ ,कल मुझे खाने के लिए समय नही मिलेगा.

शीला-पर मेला तो देखा नही

अवी-चलो घर3 चलके दिखाता हूँ

सहेली2-ये क्या हो रहा है

अवी-प्यार की बाते

सहेली1-कम से कम हमे थॅंक्स तो बोलो

अवी-मैं तो अड्वान्स मे थॅंक्स बोल चुका हूँ

सहेली1-शीला तू मत बोल,तू कल बोलना ,अब जा अवी के साथ

सहेली3-शीला तू बहुत लकी है

शीला-हाँ, क्यूँ कि मुझे तुम जैसी सहेली जो मिली

सहेली1-अब सेंटी मत हो

और ड्रामा होने से पहले मैं शीला को लेकर बाहर आ गया.

अवी-तुम यहीं रूको ,मैं चाबी टेबल पर भूल गया.

शीला को बाहर रुकने का बोल कर मैं अंदर चला गया.

अवी-तुम सब को मेरा एक काम करना होगा.

सहेली2-हाँ बोलो

अवी-मैं शीला को सुबह वापस भेजूँगा. तुम संभाल लेना

सहेली3-वो हम देख लेंगे बस हमारी सहेली का ख़याल रखना

सहेली1-उसे ऐसा प्यार देना कि उसे कभी मिला ना हो

अवी-कल शीला से पूछ लेना.

मैं वापस शीला के पास आ गया.

अवी-चले

शीला-हाँ

मैं शीला को लेकर घर3 आ गया.

मैं ने खेत से पहले शीला को उतरने को कहा और घर3 दिखा कर वहाँ पैदल आने को कहा.

पहले मैं घर3 चला गया और फिर शीला आ गयी.

शीला-ऐसा करने की कोई खास वजह

अवी-तुम्हे कोई मेरे साथ ना देखे इस लिए करना पड़ा, तुम्हे कोई परेशानी हो ये मैं नही चाहता

शीला-तुम मुझसे इतना प्यार करते हो तो शादी क्यूँ नही करते

अवी-क्यूँ कि मेरी शादी बचपन मे मेरे दादाजी ने फिक्स कर दी थी. अब तुम ही बताओ मैं क्या करूँ.(झूठ)

शीला-ऐसा है. पहले क्यूँ नही बताया

अवी-ऐसी बातें बता कर क्या करता. मैं अपने दादाजी की मर्ज़ी के बिना तुम से शादी कैसे करूँ,

शीला-मेरा मतलब था कि ये बात पहले बता देते तो मैं शादी करने को नही कहती

अवी-तो क्या प्यार करने को हां करती

शीला-हाँ,मुझे लगता था कि...

अवी-क्या लगता था.

शीला-कि मेरे साथ रात बिता कर धोका दोगे. इस लिए शादी की बात कर रही थी

अवी-अभी भी तो वही कर रहा हूँ. प्यार कर रहा हूँ पर शादी नही.

शीला-तुम दूसरो के जैसे नही हो. मेरी सहेली सच कहती है. कि तुम मुझसे कभी भी मेरे साथ कुछ भी कर सकते थे पर तुम ने ऐसा नही किया

अवी-मैं प्रॉमिस का पक्का हूँ. तुम्हारी मर्ज़ी के बिना मैं कैसे करता.

शीला-यही तो मुझे अच्छा लगता है. अभी भी तुम ने शादी ना करने की वजह बता दी. वरना कोई दूसरा होता तो पहले प्यार करता फिर भूल जाता

अवी-तुम भी सब से अलग हो ,

शीला-मुझ मे क्या अलग है

अवी-वो प्यार करके बता दूँगा.वैसे एक बात पूछनी थी.

शीला-पूछो

अवी-यहाँ से जाने के बाद क्या करने का सोचा है.

शीला-ये क्यूँ पूछ रहे हो

अवी-मैं प्यार करने से पहले जान ना चाहता हूँ. मैं नही चाहता कि तुम मेरी याद मे ज़िंदगी बिता दो

शीला-अगर बिता दी तो

अवी-मैं तुम्हे हाथ भी नही लगाउन्गा.

शीला-तुम मेरा दिल जीत रहे हो.

अवी-बताओ

शीला-कुछ सोचा नही है

अवी-इसका क्या मतलब हुआ

शीला-पता नही

अवी-फिर हम प्यार नही कर सकते .

शीला-तुम हो कौन

अवी-अवी

शीला-मैं तय्यार हूँ और तुम हो कि मेरा इतना ख़याल रख रहे हो

अवी-मैं ऐसा ही हूँ

शीला-तो सुनो ,मैं यहाँ से जाने के बाद शादी करूँगी

अवी-किस के साथ

शीला-एक लड़का है हमारे गाओं मे जो मुझे तुम्हारे जैसे प्यार करता है. उसी से शादी करूँगी.

अवी-प्रॉमिस करो

शीला-गॉड प्रॉमिस

अवी-ये प्रॉमिस करके तुम ने मेरा पाप कम कर दिया . वरना मैं यही सोचता कि मैं ने तुम्हारी ज़िंदगी खराब की

शीला-अभी तुम ने प्यार नही किया तो मेरी ज़िंदगी खराब हो जाएगी.

शीला की बात सुनकर अब उसको प्यार किए बिना रखना दोनो के लिए सही नही होता

मैं ने अपनी टीशर्ट निकाल दी और शीला का हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खिचा .

शीला मेरी चेस्ट से आकर चिपक गयी. उसने अपना चेहरा मेरे चेस्ट मे छुपा दिया.

मैं ने उसका चेहरा उपर किया और उसको किस करना सुरू किया

शीला किस करने मे मेरा पूरा साथ देने लगी.

मैं उसको ऐसा प्यार करना चाहता था कि उसके ज़िंदगी भर याद रखे

पायल ने आज कार चलाते हुए मुझे काफ़ी गरम कर दिया था.

पायल और शीला कुछ खास बात थी जो मैं अब तक उनके लिए रुका हुआ था.

पायल मेकप की वजह से काफ़ी हॉट और सेक्सी लगती थी. साथ मे उसके ड्रेसिंग उसे सेक्स की देवी बना देती थी.

शीला बिना मेकप की इतनी अट्रॅक्टिव दिखती है कि वो पायल को भी मात दे

शीला का सिंपल रहना उसे मेरे लिए खास बनाता था.

शीला और पायल दोनो मे अपनी अपनी खूबिया थी पर शीला पायल से 2 कदम आगे थी ,जिस से आज पायल के इतना सिड्यूस करने के बाद भी शीला मेरे बाहों मे है.

मैं भी देखना चाहता था कि पहले शीला मेरे बाहों मे आती है या पायल

और शीला ने बाज़ी मार ली. शीला ने मेरा दिल जीत लिया और मैं उसको प्यार करने लगा.

शीला ने मेरी याद मे 2 दिन मे जितने आसू बहाए उनको मोती बनाने का समय आ गया था.

शीला के हाँ करने से उसको प्यार करने मे आनंद मिलेगा.

शीला की 2 दिन मे क्या हालत हुई होगी वो उसके किस करने से पता चल रहा था.

आज वो कन्फ्यूज़ नही थी आज उसे उसके सारे सवालो के जवाब मिल गये थे.

सारे सवालो के जवाब था

अवी

मुझे कोई जल्दी नही थी .मैं आराम से शीला की जवानी का रस पीना चाहता था.

शीला भी अपनी शरम को मेले मे छोड़ कर आई थी.

उसके होंठो का रस मे अलग जादू था जो मुझे चूस्ते रहने को कह रहा था.

मैं पहले उसके नीचे होंठ को चूस्ते हुए किस करता गया.

ऐसे खड़े खड़े प्यार करने मे मज़ा नही आएगा.

मैं ने शीला को किस करते हुए उसकी कमीज़ को उपर करना सुरू किया

शीला तो किस करने मे खोई हुई थी.मैं ने कमीज़ निकाल ने के लिए किस करना बंद किया.

शीला को मेरा किस करना पसंद था जिस से उसने कमीज़ उतारने मे मेरा साथ दिया.

कमीज़ उतरते शीला ने फिर से किस करना सुरू किया.

मैं ने किस करते हुए ब्रा के हुक खोल दिए.

हम दोनो के दूसरे से चिपके होने से उसकी ब्रा वैसे लटकी हुई थी.

मैं ने थोड़ी देर शीला को किस किया. फिर उसको उठा कर बेड पर ले गया.

शीला की ब्रा ने उसका साथ कब छोड़ दिया पता नही चला.

मैं ने शीला को बेड पर लिटा दिया .

और हम एक दूसरे को प्यार करने लगे.

 
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