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मैं ने शीला को बेड पर लिटा दिया. और शीला के उपर आ गया.
शीला ने अपनी आँखे बंद करके रखी थी. जिस से उसका मासूम चेहरा देख कर उसके प्यार मे डूब जाने का मन हो रहा था.
शीला के बूब्स जिसे किसी ने टच नही किया था.उसको देख कर मेरे मुँह मे पानी आ गया.
मैं उसके बूब्स को चूसना चाहता था पर मैं उपर से नीचे जाने का सोच रहा था.
मैं ने शीला की आँखो पर किस किया फिर उसके माथे पर किस किया.
और उसको विश्वास दिलाया कि वो सेफ हाथो मे है
शीला मेरे किस करते समझ गयी कि अब वो किसी और की होने वाली है.
खुद को किसी और के नाम कर देना मतलब उस पे खुद से ज़्यादा विश्वास करना उसे खुद से ज़्यादा प्यार करना.
शीला ने अपने शरीर के साथ अपनी आत्मा भी मेरे नाम कर दी.
खुद को मेरे नाम करने के ख़याल से शीला की साँसे तेज चलने लगी.
मैं ने उसके होंठो पर एक हल्का किस किया. ऐसा करते शीला के होंठ उपर उठ कर मेरे होंठो से मिलना चाह रहे थे.
मतलब वो चाहते थे कि मैं उनको प्यार करता रहूं
मेरे किस तोड़ते उसके होंठ उपर उठ कर मुझे किस करने लगे
जैसे शीला मेरे प्यार के नशे मे डूब कर मेरे इशारो पे नाच रही हो.
वैसे मैं भी उसके बदन की खुषभू के नशे मे डूब कर उसको प्यार करने लगा.
मैं ने उसको जो चाहिए वो दे दिया .मैं ने हमारे होंठो को एक कर दिया.
हमारे होंठ एक होते हम एक दूसरे का रस पीने लगे.
उसके दोनो होंठो मे रस की कोई कमी नही थी. और मेरे पेट मे कुछ नही था.
किस करते हुए हम एक दूसरे की जीभ को चूसने लगे.
शीला जिस ने कुछ दिन पहले अपना पहला किस किया था.आज वो मुझसे अच्छा किस कर रही थी
ये थी 2 दिन की जुदाई ,
उस 2 दिन मे शीला काफ़ी मेच्यूर बन गयी थी
वो मुझे ऐसी वैसी हरकत करके नाराज़ नही करना चाहती थी.
प्यार करते हुए पार्टनर टक्कर देने वाला हो तो प्यार करने मे मज़ा आता है.
वरना ऐसा लगता है कि एक बेजान जिस्म को प्यार कर रहा हूँ.
शीला की जवानी तो आग उगल रही थी.
ऐसी आग जिस मे मेरा शरीर जल रहा था
और इस जलन पे हमारा किस करना मल्लम जैसा लग रहा था.
किस करने से शीला खुश हो गयी. होंठो पे किस करते हुए मैं गर्दन पे किस करने लगा.
गर्दन पे किस करते वो उस तरफ गर्दन घुमा देती जिस तरफ मैं किस करता था.
शीला के ऐसा करने से मैं उसके होंठो पे किस करके दूसरी तरफ गर्दन पे किस करने लगा.
गर्दन पे किस करने से शीला को गुदगुदी होनेलगि.
जिस से उसके चेहरे पे स्माइल आती मुझे अच्छा लगने लगा.
मैं लगातार गर्दन पे किस करके उसको हंसाने लगा.
इस खेल मे मज़ा आ रहा था. मैं शीला को ऐसे प्यार करता गया.
गर्दन से बूब्स तक जाने मे कितनी देर लगती है. लाइट की स्पीड से भी कम टाइम लगता है.
शीला के निपल पर किस करते शीला की शीष्कारी निकल गयी.
शीला के बूब्स ऐसे थे कि बस प्यार करता रहूं
पूरी शीला उन्छुई थी. जिस से शीला के बदन के हर एक अंग को प्यार करने मे मज़ा आ रहा था.
मैं तो प्यार करने मे सब से आगे रहता था.
मैं ने शीला को ज़्यादा तड़पाना ठीक ना समझते हुए उसके बूब्स को मुँह मे ले के चूस ने लगा.
वाउ ,शीला के बूब्स को मुँह मे लेते ऐसा लग रहा था जैसे इस सेशन का पहला आम मैं चूस रहा हूँ
शीला के मीडियम साइज़ के बूब्स चूस ने के लिए मैं साल भर बिना बूब्स चूसे रह सकता हूँ.
इतने मस्त थे शीला के बूब्स
सिंपल पर किसी की भी नज़रों को खुद से अलग नही होने देती थी.
शीला तो मुझसे प्यार करने का सोच कर गरम हो चुकी थी.
उसकी गरमी कम होने की जगह बढ़ रही थी
मैं शीला को प्यार के गहराई मे ले जाना चाह रहा था. इसी की शुरुआत बूब्स से की.
मैं एक बूब्स को धीरे धीरे हाथ से मसल ने लगा और दूसरे बूब्स को चूस ने लगा.
दोनो बूब्स पर मेरा क़ब्ज़ा था ऐसे मे शीला अपने सर को इधर उधर घुमा रही थी.
शीला मुझसे कितनी खुश है ये दिखाने के लिए मेरे सर को अपने बूब्स पे दबाने लगी.मेरे सर पे अपनी उंगलिया घुमाने लगी.
साथ ही शीला ने अपनी शरम को मार के शीष्कारिया लेनी सुरू किया. शीला के मुँह से अयाया अया की आवाज़ आने लगी
उसकी शीष्कारिया मेरा जोश बढ़ा रही थी.
शीका की बेशर्मी मेरे लिए अच्छी साबित हो रही थी.
बेशरम पार्टनर हो तो बेशरमि करने मे मज़ा आता है.
पर शरम हो तो बेशरमि करके पार्टनर को बेशरम बनाने मे डबल मज़ा आता है.
शीला 75% बेशरम बन गयी थी क्यूँ कि वो मुझे नाराज़ करना नही चाहती थी. और 25% शरम जो औरत का गहना होती है वो शीला अपने साथ लेकर आई थी
एक बूब्स का रस पीने के बाद दूसरे बूब्स को चूसना सुरू किया.
शीला के बूब्स को चूसने मे मज़ा आ रहा था पर मसल्ने मे मेहनत करनी पड़ रही थी.
उसके बूब्स पे मैं पूरी मेहनत करने लगा.
ऐसे मेहनत हर कोई करना चाहता है. मेहनत मे मज़ा जो मिल रहा था.
जैसे जिम मे मेहनत करना हर कोई पसंद करता है पर घर का सामान इधर उधर रखने मे हाथ नही लगाते.
शीला पे मेहनत तो तन मन और दिल लगा कर कर रहा था
बूब्स चूसने के बाद मसल ने मे आसानी हो रही थी. और मसले हुए बूब्स को चूसने मे मज़ा डबल आ रहा था
शीला को असली प्यार चाहिए था.इस लिए मैं ने बूब्स चूसना जल्दी बंद किया.
शीला के बूब्स चूसने के बाद मैं उसकी नाभि पर किस करने लगा.
पेट पर किस करने से शीला को गुदगुदी हो रही थी.
उसको मछलि की तरह मचलते हुए देख कर मुझे मज़ा आ रहा था.
वो बार बार कहने लगी कि वहाँ मत करो गुदगुदी हो रही है.
मैं ने उसकी बात सुन ली.क्यूँ कि अब चूत की बारी थी.
मैं नीचे आकर सलवार के उपर से उसकी चूत पे किस किया.
ऐसा करते शीला ने मेरी तरफ देखा. शीला के मेरी तरफ देखने तक उसके सलवार का नाडा मेरे दातों मे आ गया था.
मेरे मुँह मे नाडा देखते उसने अपनी आँखे बंद कर ली
मैं ने सलवार का नाडा खोल दिया और उसकी सलवार निकालने लगा.
अवी-शीला सलवार निकालने दो
शीला ने अपनी गंद उपर कर ली और मैं ने सलवार निकाल दी. सलवार निकालते हुए शीला ने पैंटी के उपर हाथ रख दिया.
जैसे मुझे इतने आसानी से अपना खजाना लूटने नही देगी.
पर मैं भी वो चोर था जो आँखो के सामने से आँसू चुरा लेता हूँ और आँखो को पता भी नही चलता.
पर यहाँ सिर्फ़ मनाने से काम हो रहा है तो चोरी करने की ज़रूरत क्या है.
मुझे उसका ऐसा करना अच्छा लगा.पैंटी को उसके हाथ छुपा नही पा रहे थे फिर भी वो पूरी कोशिस कर रही थी अपना खजाना आसानी से मुझे ना मिले
मैं ने शीला की गोरी जाँघो पे हाथ से सहलाना सुरू किया.
हाथ से सहलाने के बाद मैं ने उसकी जाँघो पे किस करना सुरू किया.
खजाना नही मिल रहा था तो मैं खजाने को लूटने की पूरी कोशिस करने लगा.
शीला का हाथ अभी तक पैंटी के उपर था.
मैं ने जाँघो पर किस करते हुए उसकी चूत पर जाने का फ़ैसला किया.
मैं ने शीला के हाथो पर किस किया और उसे हाथ निकालने को कहा.
शीला ने ना ना करते हुए फॉयनली अपना हाथ निकाल दिया .
अब समझा वो पैंटी छुपा क्यूँ रही थी. मेरे प्यार मे वो इतनी पिघल गयी कि उसकी पैंटी गीली हो गयी.
मैं ने उसकी गीली पैंटी पर किस किया .
मेरे ऐसा करते शीला ने चद्दर को पकड़ लिया .और खुद को मेरे नाम करने के लिए खुद तय्यार करने लगी.
फिर मैं ने धीरे धीरे शीला की पैंटी निकालना सुरू किया.
मुझे पता था कि उसकी चूत मे देखने लायक कुछ नही होगा. क्यूँ कि उसने चूत पर बड़ा जंगल बना कर रखा था शीला ने.
फिर भी उसकी चूत मैं धीरे धीरे देखना चाहता था.
शीला शरमा रही थी. जिस से उस ने गंद नही उठाई.
अवी-शीला मुझे प्यार करने दो
शीला ने हाँ मे गर्दन घुमा दी. फिर से मैं उसकी पैंटी निकालने लगा.शीला ने अपनी गंद उपर कर दी.
पैंटी घुटने तक आते ही शीला की चूत मेरे सामने आ गयी.
शीला की चूत देखते मैं देखता रह गया.
शीला की चूत पर बाल का एक भी निशान नही था.शीला ने अपनी चूत शेव की थी. मेरे लिए
ज़रूर शीला की सहेली ने मेरे लिए शीला को तय्यार किया होगा.
मैं शीला की चूत को देखने लगा. गुलाबी,चिकनी जिस पे कल तक जंगल था. वो बिना जंगल की चूत देख कर मैं खुश हो गया.
मैं सोच रहा था कि शीला की चूत चूसने मे प्राब्लम होगी. पर शीला ने अपनी चूत चिकनी कर के मुझे खुश कर दिया.
शीला की गीली चूत देख कर मैं खुद को रोक नही पाया और ओरल सेक्स का लास्ट पार्ट शुरू करने लगा.
मैं शीला के पैरो की बीच मे आ गया.
मैं ने चूत के होंठो को अपने उंगली मे लेकर दबाना शुरू किया. उंगलियो से चूत को खोल कर अंदर का लाल भाग देखने लगा.
उंगलियो से चूत के साथ खेलने से शीला का बुरा हाल होने लगा.
उसको ज़्यादा तड़पाने से अच्छा है कि मैं उसको वो सुख दूं जिसे हर लड़की पाना चाहती है
मैं ने देर ना करते हुए शीला की चूत से उंगली हटा ली .और चूत को अपने हाथ से मसल्ने लगा.
शीला ने उस्दिन अपने हाथ से चूत को मसला था.जिस से उंगली की जगह हाथ से मसलाना फमिलेर लग रहा था.
चूत को हाथ से मसल ने के साथ अपना दूसरा हाथ शीला की जाँघो पर फेरने लगा.
चूत मसल ने से शीला के बदन मे बिजली दौड़ने गयी.शीला फिर से अपने सर को इधर उधर करने लगी.
मैं ने शीला को ज़्यादा देर तड़प ने नही दिया और शीला की चूत की गरमी शांत करने के लिए अपनी जीभ से शीला की चूत को चाटने लगा .
जीभ का गीला पन अपनी चूत पर महसूस करते शीला के मुँह से शीष्कारी निकल गयी.
जिस तरह बूब्स चूस्ते हुए मेरे सर को अपने बूब्स पे दबा रही थी ठीक उसी तरह चूत को चाटने से मेरे सर को अपनी चूत पे दबाने लगी .
शीला की चूत भट्टी की तरह गरम हो चुकी थी.
जिस पे मेरी जीभ चूत को ठंडक पहुँचाने का काम कर रही थी.
जीभ से चाटने के साथ चूत के साथ छेड़खानी भी कर रहा था.
किस करने से उसकी चूत गीली हो चुकी थी . जिस से मैं ने चूत को चाट कर साफ करने लगा.
चाटने के बाद मैं शीला की चूत को चूस ने लगा.
शीला की चूत के होंठ जीभ की वजह से थोड़े खुल गये
ऐसे मे मैं शीला की चूत का मज़ा लेने लगा.
चूत की गर्माहट मेरे मुँह को जला रही थी.
मेरा गला सुख रहा था.
मेरा सारा थूक शीला की गरम चूत के वजह से हवा मे उड़ गया.
मुझे पानी पीने की सख़्त ज़रूरत थी.
ऐसे मे शीला मेरी मदद कर सकती थी.
और उसने ऐसा किया भी मेरी प्यास बुझाने के लिए चूत से पानी निकाल ने को तय्यार हो गयी.
शीला ने मेरी प्यास बुझा दी.
शीला ने अपनी चूत का पानी मुझे पिला दिया.
शीला की कुवारि चूत का पानी पीने मे मज़ा आ गया.
शीला की चूत का पानी अमृत था .
और वो अमृत पीकर मैं मस्त हो गया. और शीला अपना पानी मुझे पिला कर ठंडी पड़ गयी