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मैं और मेरा परिवार

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720

वापस ठकुराइन की चुदाई वाली जगह पर आकर ठकुराइन का पर्स ले लिया

अवी-चलो यहाँ से

रणजीतसिंघ-हाँ चलते है

ठकुराइन-पर ये कौन था

रणजीतसिंघ-आपको नही पता

ठकुराइन-मैं ने उसका चेहरा कहाँ देखा .तुम ने देखा था

रणजीतसिंघ-नही. जाने दो चलो यहाँ से, आप कपड़े पहन लीजिए

कपड़ो की बात आते ही ठकुराइन शर्मा गयी.

उसको अपने नंगे होने का अहसास हुआ.

अवी-ठकुराइन के कपड़े जला दिए है. उनको ऐसे ही चलना होगा.

रणजीतसिंघ-मेरे फार्महाउस चलते है .वहाँ कपड़े मिल जाएँगे. चलो अब

हम कार के पास आ गये. रणजीतसिंघ ड्राइविंग सीट पर बैठ गया मैं उसके बाजू मे और ठकुराइन पीछे बैठ गयी.

ठकुआईन ने अपने बदन को कोट से छुपा लिया.और बड़बड़ाने लगी

ठकुराइन-कमीना कुत्ता मुझे ब्लॅकमेल कर रहा था. मुझ से पंगा लेने वाले को जान से हाथ धोना पड़ता है

रणजीतसिंघ-क्या हुआ माँ

ठकुराइन-मुझे ब्लॅकमेल कर रहा था. अच्छा किया मार डाला उसको

रणजीतसिंघ-ब्लॅकमेल ? मुझे शुरू से बताओ क्या हुआ था. आप कैसे इन सब मे फस गयी

ठकुराइन-पता नही कहाँ से उस के पास पायल की गंदी फोटो हाथ लगी. वो मुझे पायल के फोटो दिखा कर ब्लॅकमेल कर रहा था

रणजीतसिंघ-पायल, पायल ऐसा नही कर सकती. पायल उसके साथ मैं नही मानता.

ठकुराइन-मुझे भी यकीन नही हुआ था ,पर फोटो देख कर मुझे मान ना पड़ा. पायल के उसके साथ फोटो नही थे ,पायल के अकेली के फोटो थे.

अवी-वो फोटो तो वहाँ नही मिले

ठकुराइन-वो कल ही उसे जला दिए .और मेरे साथ अपना वीडियो बना दिया .और ठकुराइन ने पूरी कहानी बता दी

रणजीतसिंघ-पायल के फोटो जल गये ना, या कोई बाकी है.

ठकुराइन-मेरे पर्स मे है

मैं ने ठकुराइन के पर्स से पायल के फोटो निकाल दिए. और देखने लगा.

अवी-ये ड्यूप्लिकेट है. ये पायल नही है. सिर्फ़ पायल का चेहरा है बॉडी किसी और की है

ठकुराइन-मैं समझी नही.

अवी- पायल का चेहरा दूसरे की बॉडी पे लगाया है. और ये जो डेट फोटो पे लिखी है उस से पता चल रहा है कि ये फोटो नकली है.

रणजीतसिंघ-डेट, कौन सी डटे है

अवी-मेले के ख़तम होने के 3 दिन पहले की डेट है वो भी शाम 6.00 बजे की

ठकुराइन-इस से क्या पता चला

अवी-उस समय पायल मेरे साथ ,मेरी फॅमिली के साथ मेले मे थी.

रणजीतसिंघ-दिखाओ मुझे

रणजीतसिंघ ने फोटो देखे और मेरी बात को सहमति दी.

ठकुराइन-ये सब उसने क्यूँ किया ,

अवी-मैं समझ गया. उसने पायल के नकली फोटो से आपको यहाँ बुलाया होगा .फिर आपको फसा कर आपका वीडियो बनाया .और नकली फोटो जला दिए .और आपके वीडियो से पैसे माँगने लगा. और वो आपको ब्लॅकमेल करता रहता. नकली फोटो से आपको वीडियो बनाना ये उसका प्लान था पर हमारे आने से उसका प्लान फैल हो गया

[पायल की सेफ्टी ज़रूरी है,फोटो ड्यूप्लिकेट इसी लिए बनाए कि कोई पायल को इस बारे मे पूछे ना, पायल के फोटो तो ओरिजिनल भी ईस्तमाल कर सकता था पर ऐसा करता तो पायल बिना वजह फस जाती. ड्यूप्लिकेट फोटो की वजह से पायल से ठकुराइन इस बारे में कुछ नही पूछेंगी.अगर पूछ लेती तो मेरे और पायल के बीच मे झगड़ा हो जाता,पायल पे ठकुराइन गुस्सा होती. लेकिन अब पायल सेफ है. ये स्क्वेर ब्रॅकेट मे लिखा है. ये अवी मन मे नही सोच रहा है.]

ठकुराइन-अब पूरा खेल समझ मे आ गया. मेरी पायल ऐसा कर ही नही सकती.पर रंजीत तुम्हे कैसे पता चला कि मैं यहाँ हू

रणजीतसिंघ ने कार रोक ली

रणजीतसिंघ-अवी तुम कार चला सकते हो

अवी-(ट्राइ करता हूँ .पायल ने थोड़ा बहुत सिखाया है) हाँ

रणजीतसिंघ ने कार मुझे दी और ठकुराइन के पास पीछे जाकर बैठ गया.

रणजीतसिंघ-माँ आपने अवी के साथ ऐसा क्यूँ किया ,

मेरा नाम रणजीतसिंघ के मुँहसे सुनकर ठकुराइन डर गयी.

ठकुराइन-मैं ने क्या किया

रणजीतसिंघ-अवी ने मुझे सब बता दिया है कि आपने उसके साथ क्या किया है

ठकुराइन-क्या बताया उसने

रणजीतसिंघ-यही कि आप अवी के साथ चुदाई करती हो

ठकुराइन-अवी झूठ बोल रहा है. मैं ने ऐसा नही किया

और ठकुराइन ने अपना सर नीचे कर दिया.

रणजीतसिंघ ने ठकुराइन का सर पकड़ कर उपर किया

रणजीतसिंघ-अवी ने हमारी जान बचाई है.

ठकुराइन-रोते हुए ,अवी सच बोल रहा है.

रणजीतसिंघ-आपने ऐसा क्यूँ किया

ठकुराइन-मैं बहक गयी थी.

रणजीतसिंघ-ये सच नही है

ठकुराइन-मैं क्या करती रंजीत, तुम्हारे पिता मुझसे कितने बड़े है तुम्हे पता है. वो अब मुझे संतुष्ट नही कर सकते. तुम तो मुझसे सिर्फ़ 10 साल छोटे हो

रणजीतसिंघ-इसका अवी के साथ करने का क्या संबंध है

ठकुराइन-तुम्हारे पिताजी की उमर हो गयी है.वो मेरे साथ नही कर पाते ,ऐसे मे मैं ने 5 साल से कंट्रोल किया था. 5 क्या 8 साल से मैं तड़फ़ रही थी. (5 साल से ठाकुर ने चुदाई नही की. और उसके 3 साल से करते थे पर ठकुराइन को ठंडा नही कर पाते)

रणजीतसिंघ-पर अवी ही क्यूँ

ठकुराइन-मैं बदनामी से डरती थी. और अवी अच्छा लड़का था ,अच्छे घर से था ,इस लिए मैं ने उसके साथ किया पर जब उसने कुंवर की मदद की तो मैं उसे 1 महीने के लिए हवेली आने से रोकने वाली थी कि ये सब हो गया.

रणजीतसिंघ-आप इतने सालो से तड़फती रही. एक बार तो मुझे बता देती. मैं आप से कितना प्यार करता हूँ ये आपको भी पता है.

ठकुराइन-तुम जैसा सोच रहे हो वो ग़लत है. मैं तुम्हारी माँ हूँ.

रणजीतसिंघ-तो क्या हुआ. मैं तो आपसे उस्दिन से प्यार कर रहा हूँ जिस दिन आप पहली बार हवेली आई थी.

ठकुराइन-इसका अहसास था मुझे ,पर मैं ऐसा नही कर सकती.

रणजीतसिंघ-क्यूँ ?,क्यूँ कि मैं आपका बेटा हूँ.मैं आपका बेटा हूँ तो मेरे भी कुछ ज़िम्मेदारी है, आपको ऐसे तड़फते हुए देख नही सकता

ठकुराइन-मेरी ज़िंदगी मे यही लिखा है.

रणजीतसिंघ-आप ने अपनी ज़िंदगी बदलने की कोशिश की है. अवी के साथ रिस्ता बनाकर,पर अवी हमेशा तो हवेली नही आ सकता.

ठकुराइन-तुम समझ नही रहे हो,

रणजीतसिंघ-मैं सब समझता हूँ , आप भी मुझे पसंद करती है तभी मुझे किस किया

ठकुराइन-वो तुम्हे शांत करने के लिए किया. मुझे तुम्हारी ऐसी हालत देखी नही जा रही थी.

रणजीतसिंघ-मुझे ऐसे देख कर आप ने खुद को कंट्रोल नही किया ,आप मुझे प्यार करती है,मुझे गुस्से मे देख कर आपको मेरी फिकर होने लगी और मुझे किस किया

ठकुराइन-तुम ....

रणजीतसिंघ ने ठकुराइन का हाथ पकड़ लिया

रणजीतसिंघ-ठीक है .मैं यहाँ से कही और चला जाता हूँ, बहुत दूर , यहाँ इतने दिन से आपको देख कर दिल को तसल्ली दे रहा था कि आप एक दिन मेरी हो जाएँगी. पर अब आपके ना करने से मैं यहाँ अपने प्यार को मरते हुए नही देख सकता ,मैं कहीं दूर चला जाता हूँ. अवी कार रोको

मैं धीरे धीरे कार चला रहा था. रणजीतसिंघ की बात सुनकर मैं ने कार रोक ली.

रणजीतसिंघ कार का गेट खोल रहा था कि ठकुराइन के रणजीतसिंघ को गले लगा लिया.

ठकुराइन-तुम मुझे ऐसा तड़फता हुआ छोड़ कर जा रहे हो, क्या यही तुम्हारा प्यार था.

रणजीतसिंघ-आप मेरे प्यार नही समझ पाओगी. आप मेरा पहला प्यार हो और कामिनी दूसरा. आप दोनो के बिना मैं जी नही सकता.

ठकुराइन ने रणजीतसिंघ के मुँह पर हाथ रख दिया.

ठकुराइन-तुम्हे मेरे साथ जीना होगा. मेरे लिए जीना होगा. हमारे प्यार के लिए जीना होगा.

रणजीतसिंघ-आप मुझसे प्यार करती हो

ठकुराइन-हाँ,अब तक अपने ज़जबात दबा के रखे थे. अब और नही,

रणजीतसिंघ ने ठकुराइन की बात पूरी होने से पहले किस करना शुरू किया.

ठकुराइन ने रणजीतसिंघ को धक्का दिया.

ठकुराइन-कुछ तो शरम करो ,अवी यही है.

रणजीतसिंघ-उसे सब पता है. वो किसी को कुछ नही बताएगा.और उसने आपको मुझे किस करते हुए देखा है

ठकुराइन-लेकिन

रणजीतसिंघ-आप उसकी टेन्षन मत लो, वो किसी को कुछ नही बताएगा.वो हमारा हमराज़ होगा.

ठकुराइन-मेरे बारे में तो तुम को बताया था. अगर ऐसे ठाकुर को बता दिया तो

रणजीतसिंघ-हमे उस पे इतना भरोशा करना होगा. हम उसकी वजह से मिल सके है. उसने हमारी जान बचाई है.

ठकुराइन-वो तो है. अवी के हमारे उपर बहुत अहसान है .पता नही कैसे चुका पाएँगे.

रणजीतसिंघ-एक काम करते है ये पैसे अवी को देते है

ठकुराइन-हाँ, दे दो,

रणजीतसिंघ-अवी ये सारे पैसे तुम्हारे है ,और इस बारे में

अवी-किसी को कुछ नही बताउन्गा.

रणजीतसिंघ-अब आप खुश हो ना.

ठकुराइन-हाँ.

रणजीतसिंघ फिर से ठकुराइन को किस करने लगा.

रणजीतसिंघ ठकुराइन से इतना प्यार करता है मुझे आज ही पता चला.

चलो अच्छा हुआ रणजीतसिंघ को ठकुराइन मिल गयी. और मुझे ठकुराइन से छुटकारा मिल गया.

मैं मिरर मे रणजीतसिंघ और ठकुराइन को प्यार करते देख रहा था.

दोनो किस करने मे इतना खो गये कि मुझे भूल ही गये. मैं ने उनको प्यार करने दिया .

वो दोनो प्यार कर रहे थे और मैं पायल के लेसन याद करके कार चलाने लगा.

 


721

रणजीतसिंघ ठकुराइन को किस करने लगा. ठकुराइन रणजीतसिंघ के किस का पूरा साथ दे रही थी.

दोनो मुझे भूल गये थे.बस अपने आप मे खोए थे.

रणजीतसिंघ किस करते हुए ठकुराइन के कोट मे हाथ डाल कर बूब्स दबाने लगा.ठकुराइन ने इसका कोई विरोध नही किया बस रणजीतसिंघ के बालो मे हाथ घुमाने लगी.

रणजीतसिंघ इतने दिनो बाद मिला हुआ मोका गवाना नही चाहता था.

रणजीतसिंघ जैसे जैसे किस करते हुए बूब्स दबा रहा था वैसे ठकुराइन मस्ती मे आ रही थी

दोनो कार मे प्यार करते हुए कार का टेंपरेचर बढ़ा रहे थे.

मैं तो कार का एसी ओं कर दिया.वरना गर्मी से बुरा हाल होता.

ठकुराइन ने सास लेने के लिए किस रोक लिया और लंबी सासे लेने लगी.

मैं मिरर मे ठकुराइन के बूब्स को हिलाते हुए देख रहा था.

रणजीतसिंघ अबी भी ठकुराइन के बूब्स के साथ खेल रहा था.

ठकुराइन ने रणजीतसिंघ का हाथ झटक दिया

ठकुराइन-हटो ना, घर चल कर प्यार कर लेना

रणजीतसिंघ-आप को देख कर कंट्रोल नही हो रहा

ठकुराइन-आप नही तुम कहो

रणजीतसिंघ-तुम्हे प्यार करते रहने का मन हो रहा है.

ठकुराइन-अब तो प्यार करते रहेंगे. लेकिन यहाँ अवी है. अवी के सामने मुझे शरम आ रही है.

रणजीतसिंघ-अवी से क्या शरमाना ,अवी के साथ तुम ये सब कर चुकी हो

ठकुराइन-वो बात अलग थी. अब तुम्हारे साथ करते हुए शरम आ रही है.

रणजीतसिंघ-ये शरम वरम छोड़ दो

ठकुराइन-मैं ने अवी के साथ अंधेरे मे किया था और दूसरी बार कपड़े पहन कर ,

रणजीतसिंघ-तो क्या हुआ , आज तुम्हारी पूरी शरम दूर कर देता हूँ

ठकुराइन-क्या करने वाले हो

रणजीतसिंघ-वो तो नही पता ,फार्महाउस चल कर कुछ सोचूँगा.

ठकुराइन-फार्महाउस तक कंट्रोल करो

रणजीतसिंघ-ठीक है.

फिर थोड़ी देर बाद कार का टेम्परेचर कम होता गया

ठकुराइन-अवी

अवी-जी

ठकुराइन-मुझे माफ़ करना. मैं तुम्हारे साथ ऐसा नही करना चाहती थी. बदनामी की वजह से तुम्हे दबा कर रखने के लिए ऐसा किया था.पर तुम ने कुवर की जान बचाई तभी सोचा था कि तुम्हारे साथ नही करूँगी.मुझे माफ़ कर देना

अवी-सच कहूँ तो आपके साथ मुझे मज़ा आया था.मैं आपके साथ और करना चाहता था पर आप से डर लग रहा था.

ठकुराइन-तुम अच्छे लड़के हो, तुम्हारे साथ वो सब करके मुझे भी मज़ा आया था.

अवी-क्या हम एक बार और कर सकते है. पिछली बार डर के किया था ,अब प्यार से करना चाहता हूँ.

ठकुराइन-अब मुमकिन नही है. मुझे मेरा साथी मिल गया.

अवी-बस एक बार

ठकुराइन-रूको ना ,क्या कर रहे हो ,मैं अवी से बात कर रही हूँ

मैं और ठकुराइन बात कर रहे थे तब रणजीतसिंघ ठकुराइन के बदन के साथ खेल रहा था.

रणजीतसींगग ने ठकुराइन के कोट के बटन खोल दिए ,और ठकुराइन की चूत के साथ खेलने लगा. तभी ठकुराइन ने रणजीतसिंघ को रोक दिया

रणजीतसिंघ-तुम बात करो ,मुझे अपना काम करने दो

ठकुराइन-अवी क्या कह रहा है तुम ने सुना नही

रणजीतसिंघ-तुम हो इतनी खूबसूरत की कोई भी तुम्हे प्यार करना चाहेगा

ठकुराइन-मतलब तुम्हे अवी की बात पे गुस्सा नही आ रहा

रणजीतसिंघ-नही.

ठकुराइन-जंगल मे तो उस आदमी पे बहोत गुस्सा हो रहे थे.

रणजीतसिंघ-वो तुम्हे पसंद नही था.

ठकुराइन-तुम कहना क्या चाहते हो. अवी मुझे पसंद है.

रणजीतसिंघ-हां, तभी तो इसके साथ तुम ने चुदाई की थी.

ठकुराइन-तब की बात अलग थी.

रणजीतसिंघ-बात अभी भी वही है.अवी के साथ तुम ने जो किया उसके बाद भी उसने तुम्हे बचाया है. तुम चाहो तो अवी के साथ कर सकती हो मैं बुरा नही मानूँगा.

ठकुराइन-तुम मुझे शेयर करना चाहते हो. यही तुम्हारा प्यार है.

रणजीतसिंघ-तुम से प्यार करता हूँ तभी कह रहा हूँ. तुम खुश हो तो मुझे क्यू बुरा लगेंगा.तुम अगर मना करोगी तो अवी को हाथ क्या तुम्हारी तरफ देखने भी ना दूं,पर तुम कहो तो मैं अपनी आँखे बंद भी कर सकता हूँ.

ठकुराइन-काश मेरी शादी तुमसे हुई होती,

रणजीतसिंघ- शादी ना हुई तो क्या हुआ. हम आज से पति पत्नी की तरह रहेंगे. देखो मेरा लंड कैसे झटके मार रहा है

ठकुराइन-दिखाओ तो

रणजीतसिंघ ने अपना लंड पैंट से बाहर निकाल लिया

ठकुराइन-तुम्हारा लंड तुम्हारे पिता जैसा है. पर थोड़ा गोरा है.मतलब सवला है.

और ठकुराइन ने लंड को मुँह मे लिया .और बाहर निकाल लिया.

रणजीतसिंघ-क्या हुआ बाहर क्यूँ निकाला

ठकुराइन-अवी के लंड की याद आ गयी. अवी का लंड चूस ने मज़ा आता था.

रणजीतसिंघ-ऑफर अभी भी है. तुम जो डिसाइड करोगी वही होगा.

ठकुराइन-मैं वो ...तुम तो रोज मुझे प्यार करोगे ,पर अवी तो कभी कभी करेगा. अगर तुम चाहो तो मैं अवी के साथ भी...

रणजीतसिंघ-मैं बस तुम्हे खुश देखना चाहता हूँ

और रणजीतसिंघ ने मुझे कार रोकने कहा और खुद कार चलाते हुए फार्महाउस पर कार रोक दी

ठकुराइन-क्या हुआ रंजीत,तुम गुस्सा हो गये

रणजीतसिंघ-तुम पे गुस्सा कैसे कर सकता हूँ. आज तो तुम्हे डबल खुशी दूँगा. 8 साल की तड़फ़ आज मैं और अवी एक साथ निकाल देंगे. आज तीनो एक साथ करेंगे

ठकुराइन-आइ लव यू रंजीत

अवी-पर मैं बस एक बार करना चाहता हूँ

ठकुराइन-ये बढ़िया रहेगा. आज तुम दोनो एक साथ मुझे प्यार करो, फिर कल से मैं सिर्फ़ रंजीत की रहूंगी. सिर्फ़ रंजीत की.

रणजीतसिंघ-और तुम मेरी चलो अंदर

रणजीतसिंघ ने गार्ड को पैसे दे कर शहर घूमने भेज दिया .गार्ड के जाते ही मैं और ठकुराइन कार से उतर गये

ठकुराइन के कोट के बटन खुले थे जिस से ठकुराइन के नंगे बदन को देखने मे मज़ा आ रहा था.

ठकुराइन हमारे आगे चलते हुए अंदर चली गयी . मैं और रंजीत सिंग ठकुराइन की हिलती हुई गान्ड देखते हुए अंदर आ गये.

अंदर आते ही मैं ने और रणजीतसिंघ ने एक दूसरे का एक हाथ पकड़ लिया और दूसरे हाथ से ठकुराइन को पकड़ कर हमारे हाथ पर बैठा दिया.

ठकुराइन हमारे हाथो पर बैठ कर झूलने लगी. और अपना एक हाथ रणजीतसिंघ के कंधो पे डाल दिया और एक हाथ मेरे कंधे पे

ठकुराइन को इसमे मज़ा आ रहा था. ठकुराइन जैसे मालदार औरत को ऐसे मज़े का हमेशा इंतज़ार होता है

हम दोनो भी ठकुराइन को मसल्ने को तय्यार थे. मैं उसको उसके बेटे के सामने चोद ने वाला था.

और रणजीतसिंघ अपनी माँ को अपने पहले प्यार के साथ मज़ा करने वाला था.

हम ने ठकुराइन को बेडरूम ला कर बेड पर पटक दिया

और अपने कपड़े निकालने लगे.

ठकुराइन बेड पर लेट कर हमे देख कर अपने बूब्स मसल्ने लगी

ठकुराइन के आज मज़े ही मज़े थे.एक साथ 2 हट्टे कट्टे लंड मिलने वाले थे.

हम दोनो नंगे हो गये. ठकुराइन का नंगा बदन देख कर हमारे लंड तो पहले खड़े हो गये थे.

ठकुराइन हमारे लंड देखते ही उठ कर बैठ गयी.और अपना कोट निकाल कर फेक दिया.

अब ठकुराइन की गंद और चूत का भोसड़ा बन ने वाला था.

 
722

ठकुराइन के नंगे होते हम भी जोश मे आ गये.

ठकुराइन तो अपने सामने 2 जवान लंड देख कर अपनी चूत खुजाने लगी.

मेरा गोरा लंड देख कर उसके मुँह मे पानी आ गया तो रणजीतसिंघ का काला लंड देख कर गंद फट गयी.

मुझे तो पता था कि ठकुराइन को किसका लंड पसंद है.

ठकुराइन मेरा लंड जल्द से जल्द अपने मुँह मे लेना चाहती थी पर मैं कुछ और चाहता था.

मैं ठकुराइन की सुंदर चूत चूसना चाहता था.

और रणजीतसिंघ पूरी ठकुराइन को खाना चाहता था.

अवी-मैं चूत चूस्ता हूँ तुम अपना लंड चूस्वाओ

ठकुराइन को मेरा लंड चूसना पसंद था पर मैं ने अपने लंड से पहले रणजीतसिंघ का लंड चूसवाने को कहा.

ठकुराइन-अवी तुम इधर आआओ, रंजीत को चूत चूसने दो

रणजीतसिंघ-मुझे चूत चूसना पसंद नही है

ठकुराइन-मेरी भी नही.

रणजीतसिंघ- मैं ने कामिनी की भी नही चूसी है

ठकुराइन-मैं तुम्हारा पहला प्यार हूँ

ठकुराइन ऐसा इस लिए कह रही थी की उसको मेरा लंड चूसना था.

अवी-आज कर लो , लेकिन पहले मैं चूस्ता हूँ

रणजीतसिंघ-ठीक है, ट्राइ करता हूँ.

मैं ने ठकुराइन के पैरो को फैला दिया और ठकुराइन की फूली हुई चूत को देखने लगा.

उधर रणजीतसिंघ ने ठकुराइन को किस करना सुरू किया .

मैं ने भी ज़्यादा वक्त ना गँवाते हुए ठकुराइन की चूत के होंटो से अपने होन्ट मिला दिए.

उपर रणजीतसिंघ ने ठकुराइन के होंटो को चूसना सुरू किया .और नीचे मैं की ठकुराइन के चूत को चूसना सुरू किया.

ठकुराइन इस दो तरफ के हमले से मस्ती मे जल्दी आ गयी.

वो तो कार मे ये सोच कर मस्ती मे आ गयी थी कि उसे इतने सालो से एक लंड नही मिला था और आज 2 2 लंड मिल रहे थे.

और तो और अपने बेटे के सामने किसी और का लंड लेने ,इस बात से वो ज़्यादा एग्ज़ाइट हो गयी.

अपने बेटे का लंड लेंगी. ये बात तो सब से ज़्यादा जोश बढ़ा रही थी.

रणजीतसिंघ और ठकुराइन पूरे जोश के साथ किस कर रहे थे. मैं नीचे से ठकुराइन को बूस्ट देने लगा.

मैं ने ठकुराइन की चूत को चूसने के साथ अपनी 2 उंगली एक झटके मे अंदर डाल दी.

मेरे ऐसा करते ठकुराइन ने रणजीतसिंघ को धक्का दिया और शीष्कारी लेने लगी.

रणजीतसिंघ ठकुराइन से दूर होते हमे देखने लगा. ठकुराइन मेरे चूत चूसने से बेकाबू घोड़ी बन गयी थी.

ठकुराइन को मेरी मुट्ठी मे कैसे लाना है ये मुझे पता था.

ठकुराइन तो मुझसे अपनी चूत चूस्वा कर अपने बेटे को भूल गयी.

ये देख कर रणजीतसिंघ ने सोचा होगा कि ठकुराइन को खुश करने के लिए चूत चूसना ज़रूरी है.

उसे समझ मे आ गया कि अपने प्यार को अपना बनाने के लिए चूत चूसनी होगी.

रणजिट्रींघ मुझे या ठकुराइन को रोक कर ग़लती नही करना चाहता था.

रणजीतसिंघ को अपनी बारी का इंतज़ार करना था ,तो रणजीतसिंघ ने अपने लंड को सहलाते हुए लंड लेकर ठकुराइन के मुँह के पास गया.

ठकुराइन रणजीतसिंघ का लंड देख कर भी खुश हो गयी. क्यू ना होती उसके बेटे का लंड था.

और यही लंड उसकी प्यास बुझाएगा.

रणजीतसिंघ का लंड सावला था काला नही था. जिस से ठकुराइन ने रणजीतसिंघ के लंड को अपने हाथ मे लेकर मूठ मारने लगी.

मैं ठकुराइन की चूत मे उंगली अंदर बाहर करने के साथ जीभ से दाने के साथ खेलने लगा.

ठकुराइन की शीष्कारी फार्महाउस गूंजने लगी.

रणजीतसिंघ ने ठकुराइन की शीष्कारिया बंद कर दी. अपना लंड ठकुराइन के मुँह मे ठूंस दिया.

अपने बेटे का जवान लंड जो कब से अपनी माँ के प्यार को तरस रहा था आज अपनी माँ के मुँह मे जाकर खुश हो गया.

अबी तो सिर्फ़ मुँह मे गया है. थोड़ी देर मे बहोत जगह पे जाएगा.

ठकुराइन को मेरा लंड चूसना पसंद था .पर रणजीतसिंघ का भी ठीक ठाक था. ठकुराइन रणजीतसिंघ का लंड प्यार से चूसने लगी.इस लंड को वो नाराज़ करके अपनी चूत को प्यास थोड़े रहने देंगी.

मैं तो ठकुराइन की चूत चूस कर उसको मज़ा देने लगा. और ठकुराइन रणजीतसिंघ का लंड चूस कर उसको मज़ा देने लगी.

रणजीतसिंघ ने ठकुराइन को लंड चूसने दिया साथ मे उसके मुँह को चोदने लगा. मैं भी चूत चूसने के साथ ठकुराइन के बूब्स को दूसरे हाथ से दबा कर रखा.

ठकुराइन रणजीतसिंघ का लंड कितनी देर तक अपने मुँह मे राक पाती. रणजीतसिंघ भी इस बात को समझ गया .और उसने अपना लंड बाहर निकाल लिया.

क्यू कि अब उसे किसी और जगह पे जाना था.

मैं लगातार ठकुराइन की चूत चूस्ता रहा ,जब तक उसका पानी ना निकल जाए.

और मैं ने ठकुराइन का पानी पीकर चूत को गुड बाइ बोला. और ठकुराइन ठंडी पड़ गयी.

रणजीतसिंघ तो मेरे रुकने का इंतज़ार कर रहा था.

अवी-जगह एक्सचेंज करते है.

मेरी बात सुनते ही रणजीतसिंघ की दिल ज़ोर से धड़कने लगा. उसने कभी चूत को मुँह नही लगाया था.

रणजीतसिंघ तो लंड भी बहोत कम लगाता है चूत को .जब देखो तब गंद मारता रहता है.

लेकिन आज उसे अपने प्यार को पाने के लिए चूत चूसनी होगी.

रणजीतसिंघ हिम्मत करके ठकुराइन की चूत के सामने आ गया .

और मैं ठकुराइन के मुँह के पास आ गया.मुझे पता था कि ठकुराइन को मुझे कुछ कहने की ज़रूरत नही होगी.

मेरे लंड को अपने मुँह के सामने देखते ही ठकुराइन ने बिना वक्त गवाए लंड मुँह मे लेकर चूसने लगी.

अपना लंड ठकुराइन के मुँह मे जाते मुझे बड़ा सुकून मिला.मैं मज़ा लेने लगा.

उदार रणजीतसिंघ ने हिम्मत कर के ठकुराइन की चूत पे किस किया.

ऐसा करते रणजीतसिंघ के चेहरे पे अजीब सा एक्सपेस्षन था.

रणजीतसिंघ ऐसा चेहरा बनता रहेगा तो वो ठकुराइन को कभी पा नही पाएगा.

मैं ने रणजीतसिंघ को आगे बढ़ने को कहा .

ठकुराइन को रणजीतसिंघ के चूत चूस ने या ना चूसने से फरक नही पड़ता था. क्यू कि ठकुराइन के मुँह मे मेरा लंड था,ठकुराइन इस मे खुश थी.

पर रणजीतसिंघ को ठकुराइन को खुश करना होगा

लेकिन अब रणजीतसिंघ को चूत चूस कर ये दिखाना था कि वो मुझ से कम नही है. और वो भी ठकुराइन को खुश कर सकता है.इतना खुश की ठकुराइन मुझे भूल जाए.

रणजीतसिंघ ने अपना थूक गीटक लिया .और चूत पर टूट पड़ा. एक भूके शेर की तरह चूत को चूसने लगा काटने लगा.

वो अपनी आँखे बंद कर चूत पे ऐसे टूट पड़ा कि ये इस दुनिया का आख़िरी सेब हो और वो उसे खाना ही होगा.

रणजीतसिंघ के ऐसा करने से ठकुराइन को अजीब लगा पर मज़ा भी आना लगा.

क्यू कि रणजीतसिंघ जोश मे आकर चूत के दाने के साथ खेल रहा था.

उसका सीधा असर मुझ पे हुआ

ठकुराइन ज़्यादा जोश के साथ मेरा लंड चूसने लगी

रणजीतसिंघ के हमले से ठकुराइन बेकाबू हो गयी जिस से उसके दाँत मेरे लंड पर लगने लगे.

मुझे दर्द होते मैं ठकुराइन के मुँह पे थप्पड़ मार देता. पहला थप्पड़ खाते ठकुराइन ने मुझे गुस्से देखा पर थप्पड़ क्यूँ मारा ये समझते वो अपना काम करने लगी.

आज मज़े मे क्यू ना हो ठकुराइन को थप्पड़ मारने की हिम्मत आ गयी.

रणजीतसिंघ तो बेकाबू हो गया था उसे अब चूत चूसना अच्छा लगने लगा.

जितनी देर रणजीतसिंघ ठकुराइन की चूत चूस्ता रहा उतनी देर मैं ठकुराइन को थप्पड़ मारता गया

ठकुराइन थप्पड़ खाने मे अलग मज़ा ढूँढने लगी.

फिर ज़्यादा बर्दास्त ना होने पर उसने रणजीतसिंघ को रोक दिया.

इतने बढ़िया लंड सामने है और सिर्फ़ चूस्कर काम चला रहे है.

ठकुराइन जल्द से जल्द लंड अपने अंदर लेना चाहती थी.

देखना चाहती थी कि उसके आशिक़ मे कितना दम है.

क्या वो अपने पिताजी की तरह ठकुराइन की प्यास बुज़ा पाएगा या प्यासा छोड़ देगा.

रणजीतसिंघ को यही चाहिए था कि कोई उसे रोके ताकि ऐसा ना लगे कि उसे चूत चूसना आता नही.

रणजीतसिंघ अपने टेस्ट मे पास हो गया. ठकुराइन उस पे खुश हो गयी.

पर फाइनल पेपर तो अब सुरू हॉंगा. लंड और चूत का मिलन

रणजीतसिंघ के रुकते ही मैं ने भी अपना लंड बाहर निकाल लिया.

और अपने जीन्स मे से कॉंडम के पॅकेट निकाल कर लंड पर कॉंडम लगा दिया.

रणजीतसिंघ-मैं बिना कॉंडम के करूँगा.

अवी-मैं तो कॉंडम के साथ करूँगा.

ठकुराइन -सुरू तो करो कोई,या सिर्फ़ बाते करोगे

अवी-रणजीतसिंघ पहले तुम

रणजीतसिंघ तो इसी का इंतज़ार कर रहा था.उसने ठकुराइन को सही पोज़िशन मे लाया .और लंड को चूत पर सेट किया.

रणजीतसिँघने इस दिन के लिए कितना इंतज़ार किया.

कितने सालो से वो ठकुराइन को देख कर मूठ मार रहा है.

कितने दिनो से वो अपने प्यार को रिश्तों की चैन से बाँध रखा था .

आज सारी दीवार तोड़ कर रणजीतसिंघ और ठाकुरान के एक होने का समय आ गया.

उनके इस मिलन मे मैं हड्डी नही बनना चाहता था.

मैं दूर से देखने लगा .

रणजीतसिंघ ने अपनी ताक़त और लंड की हार्दनेस, अपने प्यार के इंतज़ार मे जो उसका हाल हुआ वो दिखाने के लिए एक झटके मे पूरा लंड ठकुराइन की चूत मे डाल दिया.

रणजीतसिंघ का लंड भी काफ़ी दमदार था जिस से ठकुराइन की चीख निकल गयी.

.माआआआआअ......... आआआअहह....... मेरईईईई.....?. बेटेनईईईईई........... मूज़ीईईई......... माररर्र्ररर.....डालल्ल्ल्ल्लाआाआ........

माआआआआअ........ मेरााआआआअ........ बएआआाआआ......... जनवर्रर्र्र्र्र्ररर ......... हाईईईईईईईईईई........

फद्द्द्द्द्दद्ड....... डीईईईईईईई...... मेरिइईईईईईईई......... आआआअहह....... माआआआ....... मररर....??? गाइिईईईईईई...... ठकुअरर्र्र्रररे........? तुमाराआआआआअ........ बेताआआआआअ........ तुमरीईईई....... जैसाआआआ....... हाईईईईईईईईई.....

ठकुराइन की चीख मे दर्द था जिस से मैं ने दूर रहना ठीक समझा वरना मेरे लंड पर दाँतों के निशान पड़ जाते

ठकुराइन चीखती गयी और रणजीतसिंघ बिना रुके अपनी ताक़त दिखाने लगा.

रणजीतसिंघ प्यार से कर सकता था. ठकुराइन उसका प्यार था .

पर उसे पता है की उसके पिताजी ने ठकुराइन को कैसे गरम औरत बना कर रास्ते मे छोड़ दिया है.

ऐसे मे ठकुराइन को जोरदार चुदाई चाहिए.

ठकुराइन को ऐसा लंड चाहिए जो उसकी चूत को अपने नीचे दबा कर रखे.

हर औरत यही चाहती है कि उसे ऐसा लंड मिले जो उसकी चूत को अपने नीचे दबा कर उसकी प्यास बुझाता रहे.

ठकुराइन को ऐसे मर्द जात पसंद थे.जो उसकी दमदार चुदाई करे.

ठकुराइन रणजीतसिंघ के धक्को को खुशी खुशी झेलने लगी.

माआआआआ...... तुम्हारी......? लिइईईई........ कबब्ब्ब्ब्ब्ब्ब्बबब ............सीईईई....... आआअहज्ज्ज.......... माआआअ......तूमम्म्मममम...... अप्सराआआआ...... हूऊऊऊ......

माआआआ....... मैंन्नननणणन् टूमीईईई....... बहोत्त्त्तत्त......... प्यरर्र्रररघ्ज्ग......... करूंगाआआआआ........आआअहज्ज माआआआआ....... टुमरीईईईईईई ...कितनीईीईईईईई....... गरम्म्म्ममममम....... हाईईईईईईईईई......

कामिणीईीईईईईईई...... तुमरीईईईए.......समणीईई...... कुचह.....? भीईीईईईईईई....... नहियीईईईई

माआआआ....... आआअजजजज्ज्ज्ज ..... मैंन्नननणणन् बहोत्त्त्टटटतत्त........ खुशह हुउऊुुउउ ...... मूज़ीईईई...... तूमम्म्मममम ..... मिलीइीईईईईई ...... हूऊऊऊ.....

ठकुराइन ठाकुर का लंड ले चुकी थी. मेरा लंड बर्दस्त कर चुकी थी .ऐसे मे रणजीतसिंघ का लंड उसकी चूत को ज़्यादा रुला नही पाया.

बएटााआआ....... आअज्जजज्ज्ज्ज्ज्ज ...... सीईईई....... मैंन्ननननननणणन्....... टेरिइईईईईईईई.......जुउुुउउर्ररओ

मैं ठकुराइन के बूब्स को मरोड़ ने लगा.ताकि उसका दर्द कम हो

रणजीतसिंघ तो अपनी मस्ती मे था. ठकुराइन की प्यारी चूत पे अपना नाम लिखने लगा.

मैं ठकुराइन के बूब्स को दबा कर उनको सपोर्ट करने लगा.

ठकुराइन ने मेरे लंड को अपने हाथ मे लिया और सहलाने लगी.

रणजीतसिंघके दमदार धक्को से ठकुराइन की शीष्कारी निकल रही थी.

आआआआआअहहुउऊुुुुुुुुुुुउऊहह म्म्म्म ममममममममममममाआआआआआआआअरर्र्र्र्र्र्र्ररर

और ज़ोर से चोदो मुझे फ़ाआआआआआआआआआआआाााद्दद्ड

रणजित्त्त्टटतत्त........ आब्ब्ब्ब्बबब........ टककककककककककक?........... तूमम्म्ममममममम......... कहाआआआआअ........ त्ीईईई.......आआआअहह.......... बएटााआआआअ....... टेरिइईईईईईईईईई......... कबब्ब्ब्ब्ब्बबब सीईईईई इसकााआआ........इंतज़ार्र्र्र्र्र्ररर........ कार्रर्ररर रहियीईईईईईईई........ त्ीईीईईई......जूऊर्रररर ससीईई....... मरूऊऊओ..... माआआआआ.......आआआअहह.......

रणजित्त्त्टटटटतत्त....... मेरईईईई....... राजकुमररर्र्र्र्र्ररर......... मूज़ीईईईई....... अपनााआआआ..... गुलामम्म्मममममममम..... बनाआआआ...... लूऊऊ......

ठकुराइन की चूत रणजीतसिंघ के धक्को ज़्यादा देर बर्दास्त नही कर पा रही थी.

और रणजीतसिंघ के धक्को के सामने ठकुराइन की चूत ने पानी छोड़ दिया.

ठकुराइन अपना पानी निकालते ही रिलॅक्स हो गयी .

और रणजीतसिंघ भी रुक गया.

वो इतनी जल्दी अपना वीर्य निकलवाना नही चाहता था.

ऐसे मे वो रुक गया.

अब मेरी बारी थी ठकुराइन की चूत मारने की

 
722 ए

रणजीतसिंघ ने ठकुराइन की चूत मे दमदार धक्के मार कर ठकुराइन का पानी निकाल दिया.

रणजीतसिंघ ने अपने धक्को से ठकुराइन को बता दिया कि उसने ऐसा लंड अपनाया है कि जो उसकी सारी खुजली निकाल देगा.

ठकुराइन के लिए एक पर्मानेन्ट लंड मिल गया था जो अब ठकुराइन की पूरे अरमान पूरे कर देगा.

लेकिड आज तो ठकुराइन की चाँदी चाँदी होंगी.

क्यू कि अब उसे दूसरा लंड मिलने वाला था जो उसको सबसे ज़्यादा पसंद था.

रणजीतसिंघ को भी थोड़ा रुकना था .वो इतनी जल्दी हार ना नही चाहता था.

रणजीतसिंघ के अलग होते ही मैं ठकुराइन के पास चला गया.और ठकुराइन की चूत को देखा रणजीतसिंघ ने उसका बुरा हाल कर दिया था.

फिर भी ठकुराइन और लंड के धक्के खाना चाहती है.

ठकुराइन गाओं के सामने अच्छी औरत थी पर बेड पे रंडी को भी हरा दे

अब देखते है ठकुराइन हम दोनो के सामने कितनी देर रुकती है.

मैं तो ठकुराइन की चूत को थोड़ा आराम दे रहा था पर वो तो लंड बाहर निकालते ही उंगली डाल कर चूत को खुश रख रही थी.

रणजीतसिंघ ने तो दमदार चुदाई की ,मैं भी ऐसी करूँ ,नही मैं आराम से करता हूँ.ठकुराइन को प्यार वाले धक्के भी चाहिए थे.

2 लंड हो तो एक प्यार वाले धक्के मार सकता है. और एक जानवर बन के धक्के मार सकता है.

अगर दोनो जोरदार धक्के मारेंगे तो ठकुराइन पूरी चुदाई तक मर जाएगी.

ठकुराइन मेरे लंड को बिना कॉंडम के लेना चाहती थी.

लेकिन कैसा भी मिले उसे मेरा लंड चाहिए था

मैं ने धीरे धीरे लंड को ठकुराइन की चूत मे डाल दिया. मेरा लंड चूत मे जाते ठकुराइन खुश हो गयी.

आआआअहहुउ....... तूमम्म्मममममम....... जादूगेर्र्र्र्ररर.......... हूऊऊऊऊ........ आआआआअहह........ऊऊऊऊहह.....उूुुुुउऊहह........ पूरााआआआअ........ डलूऊऊऊऊ........ उंड़र्र्र्र्र्र्र्ररर..... टककककककककककक....... डलूऊऊऊऊऊऊ......

मेरा लंड इधर चूत मे जा रहा था तो उधर रणजीतसिंघ का लंड ठकुराइन के मुँह मे जाने लगा.

ठकुराइन दोनो लंड को बराबर मज़ा देने लगी.

ठकुराइन तो ये सोच रही होंगी कि एक और लंड होता तो अपनी गंद मे लेती.

बड़ी लालची होती है औरत वो भी बेड पे, जितने धक्के मारो कहती है एक और धक्का मारो

अभी के लिए ठकुराइन के लिए 2 लंड बहोत थे.

एक लंड चूत की गहराई मे गया था तो दूसरा लंड मुँह को खोल रहा था.

दोनो लंड की अपनी अपनी ख़ासियत थी जिस से ठकुराइन को आज पूरा मज़ा मिलने वाला था.

मैं धीरे धीरे धक्के मारने लगा तो रणजीतसिंघ का लंड ठकुराइन उसी प्यार से चूसने लगी जैसे मैं प्यार दिखा कर धक्के मार रहा था.

हम तीनो चुदाई का मज़ा लेने लगे.ठकुराइन की गर्मी निकालने लगे.

ठकुराइन का बदन तो हमारे धक्को से टूट रहा था पर इसी का तो असली मज़ा आता है.

धक्को से हड्डी टूटेंगी तभी तो चूत की प्यास बुझेगी.

एक धक्के पे एक हड्डी तोड़ रहा था.

अच्छा हुआ 206 हड्डिया है. वरना चूत ज़्यादा धकके ले नही पाती.

मैं रणजीतसिंघ को ज़्यादा चान्स देना चाहता था क्यूँ कि मैं ठकुराइन से पीछा छुड़ाना चाहता था.

रणजीतसिंघ जितना ठकुराइन को खुश करेगा उतना हम तीनो के लिए अच्छा हॉंगा.

मैं ने थोड़ी देर ठकुराइन की चूत मे धक्के मारे. और जल्दी अपना लंड बाहर निकाल लिया क्यूँ कि रणजीतसिंघ कुछ ज़्यादा ही जोश मे था.

उसको जोश दिखाने का पूरा मोका देना चाहता था.

मैं ने वापस रणजीतसिंघ को मोका दिया.

रणजीतसिंघ इतनी जल्दी अपना नंबर लगने से खुश हो गया.

उसको यही तो चाहिए था. कि ज़्यादा से ज़्यादा अपनी माँ को खुश कर सके

और ठकुराइन को चाहिए कि लंड उसको खुश करता रहे. चाहे वो किसी का भी हो.

अपने बेटे का हो तो सो फार सो गुड

रणजीतसिंघ ने ठकुराइन को घोड़ी बना दिया .और इस बार ठकुराइन की गंद पे हमला बोल दिया.

ठकुराइन ने गंद मे डालने से मना किया ,पर रणजीतसिंघ के ज़िद के आगे ठकुराइन ने अपनी गंद रणजीतसिंघ को दे दी

हर माँ अपने बड़ी हो या छोटी ज़िद्द पूरी करती है .ठकुराइन इसमे कहाँ पीछे रहती.

इतना प्यार करने वाला बेटा हो तो एक माँ ज़्यादा सोचती नही. अपना सब कुछ अपने बेटे के नाम करती है.

ठकुराइन की कल अननोन ने ऐसी गंद मारी थी कि वो पीर से गंद मरवाना नही चाहती थी.

पर उसे पता था कि उसके बेटे को क्या सबसे ज़्यादा पसंद है.

अपने बेटे के खुशी के लिए ठकुराइन ने अपनी गंद कुर्बान की.

दर्द होते हुए ठकुराइन ने रणजीतसिंघ का लंड अपनी जानलेवा गंद मे ले लिया.

रणजीतसिंघ ठकुराइन की गंद पाकर खुश हो गया.

रणजीतसिंघ गंद मारने मे एक्सपर्ट था ,जिस से ठकुराइन अपने गंद मे रणजीतसिंघ का लंड लेकर खुश हो गयी.

आआआअहज...... बएटााआअ....... डिरीईईई....... करणाआआआआ........ सब्बब्ब्ब्ब्बबब ......... टुमाराआआआआ..... हाईईईईईईईई........... अपणीईीईईईईई....... कूऊऊऊऊ....... दर्द्द्द्द्द्द्दद्ड....... मात्त्तटटटटतत्त....... दएनााआआआ....... टुमरीईईईईईईईई...... माआआआअ....... नीईईई........ बहोत्त्त्त्त्त्त्त.......दर्द्द्द्द्द्द्दद्ड....... ज़ेल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लीी..... हाईईईईईिकक...... आब्ब्ब्ब्ब्बबब ...... मूज़ीईईई...... प्यरर्र्र्ररर छइईई.......

माआआअ....... मैंन्नननणणन्...... तुमीईईई........ इथनाआआआ....... प्यरर्र्र्र्र्ररर........ दूंगाआआआआ........ कीईईईईईईईईईई....... तूमम्म्ममममममीईई...... हर्र्ररर तरैफफफफफफ्फ़....... मेरााआआ....... दिकेन्गाआआआआअ...........

माँ बेटे की बाते तो बहोत प्यारी लग रही थी

और उनकी चुदाई उस से भी प्यारी थी.

रणजीतसिंघ ने बड़े प्यार से ठकुराइन की गंद मे लंड डाल दिया. ठकुराइन की गंद मे लंड जाते हुए दर्द की जगह मज़े की शीष्कारी लेने लगी.

आआआआआअ ब्ब्ब्बब्बेटा आआआआआआआऐसे हह्ी

ऊऊऊऊऊऊऊर सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्ससे कककककककककककककचोड़

आआआआआआआपनी माआ को अपणीी प्यररर को

मूज़ीईई...... बसस्स्स्सस्स..... प्यरर्र्र्र्ररर........... करटीईई रहूऊऊऊओ...... आआआअहज्झहज्ज....... मेरााआआ........ प्यराआआआअ ........ बेटॅयायीययाया........

रणजीतसिंघ ठकुराइन की गंद मे लंड डाल कर धक्के मारने लगा.

मैं ने अपने लंड पर लगा हुआ कॉंडम निकाल दिया .और ठकुराइन के सामने जाकर लंड को ठकुराइन के मुँह मे डाल दिया.

पीछे से रणजीतसिंघ का लंड ठकुराइन की गंद मे था .और आगे से मेरा लंड ठकुराइन के मुँह मे था.

रणजीतसिंघ ठकुराइन की गंद मे धक्का मार कर ठकुराइन को आगे कर देता. ठकुराइन के आगे आते मैं मुँह मे धक्का मार कर ठकुराइन को पीछे धकेल देता.

ठकुआईन हमारे लंड के बीच मे आगे पीछे झूल रही थी.

रणजीतसिंघ के धक्के से पुच पुच की आवाज़ आती तो मेरे धक्के से गू गून आवाज़ ठकुराइन के मुँह से निकलती.

ठकुराइन इस तरह की चुदाई से खुश होकर हमारा साथ दे रही थी.

ठकुराइन के बूब्स हमारे धक्को से हिल कर डॅन्स करने लगे.

रणजीतसिंघ ठकुराइन की गंद को पकड़ कर धक्के मारने लगा तो .मैं ने ठकुराइन के सर को पकड़ कर मुँह को चोदने लगा.

ठकुराइन जो सालो से एक लंड के लिए तरस रही थी.और आज एक साथ 2 लंड वो भी इतने दमदार लंड मिल गये थे. ठकुराइन अपनी जीवन की बढ़िया चुदाई को एंजाय करने लगी.

ठकुराइन को सास लेने के लिए मैं लंड बाहर निकालता,तो इस बीच ठकुराइन सासे लेने के साथ शीष्कारी लेती

तूमम्म्ममम...... दोनूऊऊऊऊ...... आआअहह......... मैंन्नननणणन्....... आआआअहह........ और्र्र्ररर......?? जोर्र्र्र्र्ररर.......... सीईईई....... मरूऊऊऊओ......

रणजीतसिंघ तो ठकुराइन की गंद को छोड़ने को तय्यार नही था पर मेरे लिए उसको रुक ना पड़ा.

दोनो लंड निकलते ही ठकुराइन हाँफने लगी.

ठकुराइन-अवईीई तुम भी गाआंद मारने वाले हो

मैं ने ठकुराइन के सवाल का जवाब उसके गंद पर थप्पड़ मार कर दिया.

ठकुराइन मेरा लंड गंद मे बर्दास्त नही पाती. वैसे भी ठकुराइन ने पहले मना किया था रणजीतसिंघ को गंद मारने से.

वैसे भी मैं ठकुराइन की गंद मार कर अपना प्लान खराब नही करना चाहता था.

अगर मैं ने ठकुराइन की गंद मारी थी. वो मुझे पहचान गयी तो

एक गंद के लिए मैं रिस्क नही ले सकता.

मैं ठकुराइन की गंद के बारे मे सोच रहा था कि मेरे दिमाग़ मे एक आइडिया आया.

मैं बेड पर लेट गया और लंड पर फिर से कॉंडम लगा दिया.

और ठकुराइन को मेरे उपर आने को कहा.ठकुराइन मना करती तो भी उनकी चुदाई होगी ही.

ठकुराइन लंड को अपनी गंद पर रख कर बैठ रही थी कि मैं ने लंड को चूत पर रख दिया.

एक गंद पूरा प्लान फैल कर सकती थी.

और मैं एक गंद के लिए इतनी मेहनत खराब नही होने दे सकता.

मैं ने चूत मारने का सोचा.

मेरे ऐसा करने से ठकुराइन खुश हो गयी और लंड को चूत मे ले लिया.

लंड पर बैठ ते ही ठकुराइन ने उछलना सुरू किया.और मैं ठकुराइन के बूब्स को पकड़ कर दबाने लगा.

ठकुराइन इतनी चुदाई के बाद भी थकि नही थी.

वो पूरे जोश के साथ मेरे लंड पे उछलने लगी.

रणजीतसिंघ अपने लंड को हाथ मे लेकर हिलाने लगा. अपनी बारी का इंतज़ार करने लगा.

मैं ने थोड़ी देर ठकुराइन को अपने लंड पर उछलने दिया .

फिर ठकुराइन को मेरे उपर झुका कर किस करते हुए नीचे से धक्के मारने लगा.

रणजीतसिंघ जल्द से जल्द ठकुराइन की गंद मारना चाहता था.

उसे ठकुराइन की गंद बहोत पसंद आई थी.

किस करने के बाद मैं ने ठकुराइन को वैसे पकड़े रखा

अवी-रणजीतसिंघ हिला क्या रहे हो ,ठकुराइन की गंद मे लंड डाल दो.

एक साथ चूत और गंद मे लंड लेने के नाम से ठकुराइन डर रही थी.

ठकुराइन -नही एक साथ मत करो ...

रणजीतसिंघ को मेरा आइडिया अच्छा लगा. मैं ने धक्के मारने बंद किए और रणजीतसिंघ ने अपना लंड ठकुराइन की गंद पर सेट किया.

ठकुराइन-ऐसा मत करूऊ, रंजीत रुक जाओ

रणजीतसिंघ रुक भी जाता अगर गंद की जगह चूत होती तो ,

मैं ने रणजीतसिंघ को गंद दिखा दी अब जो करना था वो रणजीतसिंघ को करना था.

अपनी माँ को डबल मज़ा देना चाहता था या फिर लंड हिलाते रहेगा.

रणजीतसिंघ तो ऐसी चुदाई करना चाहता था. जिस मे लड़की 2 लंड के बीच मे हो.

रणजीतसिंघ को अगर ठकुराइं को खुश करना है तो इस से ज़्यादा वो और क्या कर सकता है.

ठकुराइन को भी एक साथ 2 लंड चाहिए थे पर वो खुद कैसे कहती.

रणजीतसिंघ तो तय्यार था .अपनी माँ की फिर से गंद मारने को.

रणजीतसिंघ ने लंड को ठकुराइन की गंद मे डालना सुरू किया

जैसे जैसे रणजीतसिंघ का लंड गंद मे जा रहा था वैसे ठकुराइन के मुँह से चीख निकलने लगी.

आआहह मर गयी रुकूऊ ..माआ

रंजीत दर्द्द्द्द्द्दद्ड...... हूऊऊऊओ.....रहााआआ....... हाईईईईईईईई.......रुक्ककककककक जवववववववव....

बसस्स्स्सस्स...... माआआआ....... हूऊऊऊ.......... गय्ाआआआ.......... आब्ब्ब्ब्ब्ब्ब्बबब....... दर्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड....... नहियीईईईईईई......... मज़ाआआआअ....... मिलेँगाआआअ....

रणजीतसिंघ का लंड गंद मे जाने से ठकुराइन की चूत टाइट होने लगी.जिस से मुझे मज़ा आने लगा.

मुझे टाइट चूत मिलने लगी. अब तो बहोत मज़ा आएगा.

ठकुराइन तो अब एक साथ 2 लंड का मज़ा लेंगी.

रणजीतसिंघ का लंड धीरे धीरे अंदर जा रहा था फिर रणजीतसिंघ ने एक जोरदार झटका मार कर पूरा लंड अंदर डाल दिया.

आआहह मर गयी.

म्म्म्म मममममममममममममाआआआअरर्र्र्र्र्र्र्ररर द्द्द्द्द्दद्डला

ठकुराइन चिल्ला रही थी. मैं ने ठकुराइन के मुँह को किस करके बंद कर दिया.

ठकुराइन का दर्द देख कर हम थोड़ी देर वैसे रुक गये.

ठकुराइन हमारे बीच मे सॅंडविच हो गयी.

ठकुराइन की चूत और गंद एक हो गयी.

दोनो जगह दमदार लंड थे.

हमारे लंड ठकुराइन ले चुकी थी पर एक साथ ,थोड़ा दर्द तो होगा ही.

मेरे किस करने से ठकुराइन समझ गयी कि दर्द मे रोने की जगह मज़ा लेना ज़्यादा अच्छा होगा.

जो होना था वो हो गया ,अब मज़ा कैसा लेना है ये ठकुराइन देखने लगी.

ठकुराइन के शांत होने से हम हरकत मे आ गये.

पहले रणजीतसिंघ ने धक्के मारना सुरू किया .मैं वैसे लंड को चूत मे रख लेटा रहा.

रणजीतसिंघ धीरे धीरे ठकुराइन की गंद मारने लगा.

ठकुराइन अपनी गंद के धक्को से किस करना बंद किया.और शीष्कारी लेने लगी.

ठकुराइन को इतनी जल्दी शीष्कारी लेते हुए देख कर मैं शॉक्ड हुआ पर अच्छा लगा कि चुदाई का मज़ा चलता रहेंगा.

आआआआआअ ब्ब्ब्बब्बेटा आआआआआआआऐसे हह्ी

ऊऊऊऊऊऊऊर ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्जोर सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्ससे कककककककककककककचोड़

आआआआआआआपनी माआ म्म्म्म मममममममममाआआआअ को ऊऊऊऊऊओर

ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्जूर से चोदू फाड़ डाल मेरी गंद और चूत को

रणजीतसिंघ भी ठकुराइन की शीष्कारी सुनकर मज़े लेते हुए गंद मारने लगा.

मैं ने भी नीचे से धीरे धीरे लंड को हिलाना सुरू किया.

एक साथ चूत और गंद मे धक्के मारने से ठकुराइन खुश हो गयी.

मेरा ये पहला चान्स था इस तरह किसी की चुदाई करने का.

प्रिन्सिपल के साथ एक लड़की की चुदाई की थी.

पर उसमे ऐसा नही किया था.

इस तरह एक साथ चूत और गंद मारने का मज़ा अलग होता है.

फटी हुई चूत भी टाइट हो जाती है.

और गंद ऐसी चुदाई मे ज़्यादा फट जाती है.

ठकुराइन की टाइट चूत को मैं फाड़ने लगा. तो रणजीतसिंघ ठकुराइन की गंद को फाड़ने लगा.

रणजीतसिंघ उपर होने से अच्छे से धक्के मार रहा था पर मैं नीचे होने से ठकुराइन के बदन मुझ पे होने से मैं धीरे धीरे धक्के मारने लगा.

रणजीतसिंघ के 3 4 धक्के हो जाने के बाद मेरा एक धक्का होता था

पर मेरा एक धक्का ठकुराइन की शीष्कारी निकाल देता.

इस का दूसरा रीज़न था कि रणजीतसिंघ गंद अच्छे से मार रहा था.

मुझे गंद मिलती तो मैं भी अपनी ताक़त दिखाता.

लेकिन मैं ने ठकुराइन की गंद मारी तो उनको पता चल जाएगा कि कल जंगल मे उनकी गंद मारने वाला अननोन मैं हुँ तो पूरा प्लान फैल हो जायर्गा.

इस लिए मैं चुप चाप चूत मार रहा था .

ठकुराइन के गंद के जखम अभी तक ताज़ा थे .कल गंद जो ऐसी मारी थी मैं ने

लेकिन ठकुराइन इस बीच शीष्कारियो पे शीष्कारी ले रही थी.

और हमे ज़ोर से धक्के मारने को कह रही थी.

हम ने अपनी गति बढ़ा दी और ठकुराइन के बदन को चकना चूर करने लगे.

ठकुराइन हमारे बीच फस चुकी थी. और चुदाई का मज़ा ले रही थी.

पता नही कितनी बार ठकुराइन की चूत ने पानी छोड़ा ,पूरा बिस्तर गीला हो गया था.

हम ऐसे ही ठकुराइन की चूत और गंद का मज़ा लेने लगे .पर मुझे परेशानी होते ही हम रुक गये.

ठकुराइन हमारे बीच से निकल गयी.

ठकुराइन-फिर से करते है मज़ा आ रहा था

रणजीतसिंघ-हाँ,पर मैं गंद मारूँगा

ठकुराइन ने अपनी इच्छा बताते मैं ने रणजीतसिंघ को सोफे पर बैठ ने को कहा ,ठकुराइन को रणजीतसिंघ का लंड गंद मे लेकर बैठने को कहा. और अपना वेट सोफे पर रखे.

और मेरे सामने ठकुराइन की चूत आ गयी. मैने खड़ा होकर ठकुराइन की चूत मे लंड पेल दिया.

ठकुराइन का वेट सोफे पर होने से रणजीतसिंघ को गंद मारने मे आसानी होने लगी.

मैं ने भी खड़ा होने से ठकुराइन की चूत मे फ्रीली धक्के मारने लगा.

इस बार ठकुराइन भी मज़े लेते हुए चूत और गंद मे धक्के का मज़ा लेने लगी.

इस बीच ठकुराइन ने कितनी बार पानी निकाला था ये मुझे पता नही.

मैं अपने इस नये एक्सपीरियेन्स का मज़ा लेने पे ध्यान दे रहा था.

ठकुराइन आज जन्नत मे थी. चूत मे मेरा लंड और गंद मे रणजीतसिंघ का लंड ,अगर एक और होता तो मज़ा आ जाता.

इस तरह डबल पेनेट्रेशन का मज़ा लेने के बाद ठकुराइन इस दिन को कभी भूलेंगी नही.

इस बार रणजीतसिंघ जल्दी रुक गया शायद उसका पानी निकलने वाला था.वो जल्दी अपना पानी निकाल कर मज़ा खराब नही करना चाहता था

रणजीतसिंघ रुक गया पर लंड वैसे ही गंद मे रखा.अब बस मैं धक्के मार रहा था.

ठकुराइन इस का भी मज़ा ले रही थी क्यू कि गंद मे लंड था ना .जिस से चूत टाइट हो गयी. और मैं टाइट चूत का दीवाना था.

मैं ज़्यादा देर तक ठकुराइन की चूत मे धक्के मारता गया.

तब तक धक्के मारे जब तक मुझे लगा नही कि मेरा वीर्य निकलने वाला है.

फिर ठकुराइन को वापस हमारे बीच मे बैठा दिया . जिस से रणजीतसिंघ समझ गया कि अब चुदाई ख़तम करने का समय आ गया था

रणजीतसिंघ ठकुराइन के मुँह मे अपना लंड दे कर आवना वीर्य निकाल ने लगा और मैं ने कॉंडम निकाल कर ठकुराइन के मुँह मे लंड पेल दिया.

ठकुराइन भी तय्यार थी अपना पानी निकालने के लिए

इधर रणजीतसिंघ ने अपना वीर्य ठकुराइन के मुँह मे डाल दिया

और मैं ने भी अपना वीर्य ठकुराइन को पिला दिया.

और ठकुराइन ने भी अपनी चूत से पानी निकाल चुदाई ख़तम होने का एलान किया.

 


723

ठकुराइन के मुँह मे पहले रणजीतसिंघ ने वीर्य डाल दिया और मैं ने ठकुराइन के मुँह मे पिचकारी मारनी शुरू की.

पूरी चुदाई मे ठकुराइन जन्नत घूम कर आ गयी.

ठकुराइन ने अपना जोश पूरी चुदाई मे कम नही होने दिया.

ठकुराइन हम दोनो पर भारी पड़ गयी. मतलब ठकुराइन एक और राउंड खेल सकती थी.

एक साथ चूत और गंद मे लंड लेने के बाद ठकुराइन का बदन फूल की तरह खुल गया गया.

ठकुराइन की चुदाई करके मैं खुश हो गया .मुझे पता था कि ठकुराइन फ्यूचर मे मुझे कभी मना नही करेंगी. वो तो रणजीतसिंघ को हॅपी रखने के लिए ऐसा बोल दिया था कि मैं बस एक बार करूँगा.

ठकुराइन भी मेरे साथ चुदाई करना चाहती है. पर वो कन्फ्यूज़्ड थी.एक तरफ बेटे का पर्मनॅंट लंड जो रोज मज़े देगा. रंजीत का प्यार और दूसरी तरफ मैं

और दूसरी तरफ मेरी पर्फेक्ट और ना भूलने वाली चुदाई जो कभी कभी मिलेंगी. इसमे ठकुराइन ने रंजीत को सेलेक्ट किया और मेरी तरफ स्माइल की

मैं समझ गया कि ठकुराइन मेरे साथ मे भी चान्स करके एंजाय करेंगी.जब चाहू उसकी चुदाई कर सकता हूँ

थ्रीसम करने के बाद हम नॉर्मल हो गये

रणजीतसिंघ-डार्लिंग मज़ा आया.

ठकुराइन-आज मेरी सुहागरात हुई. तुम दोनो ने मेरा दिल जीत लिया.

रणजीतसिंघ-तुम खुश तो मैं खुश

ठकुराइन-ये दिन तो मैं ब्लॅक डे की तरह भूलना चाहती थी पर तुम दोनो ने ये दिन मेरी ज़िंदगी का यादगार दिन बना दिया

रणजीतसिंघ-मेरे लिए भी ये स्पेशल दिन रहेगा.

अवी-मैं भी थ्रीसम करके खुश हूँ,

ठकुराइन-कल से बस हम दोनो प्यार करेंगे

और ठकुराइन ने रणजीतसिंघ को गले लगा लिया और मेरी तरफ देख कर स्माइल की

अवी-ठकुराइन आप अभी भी फ्रेश लग रही हो

ठकुराइन-ये तुम दोनो के वीर्य का कमाल है.

रणजीतसिंघ-मैं एक राउंड और कर सकता हूँ

अवी-मैं इतने मे खुश हूँ और वैसे भी 5.00 बज रहे है

ठकुराइन-ठाकुर मेरा इंतज़ार कर रहे होंगे ,उनको कहा था कि मैं नेककलेस ले रही हूँ .अगर उनको नेककलेस ना दिखा और इतने पैसे निकाले हुए दिखे तो

रणजीतसिंघ-मैं हूँ ना. जाते हुए एक नेककलेस खरीद लेंगे ,और पैसो का मैं संभाल लूँगा.

अवी-नेककलेस मेरी तरफ से ,ठकुराइन और तुम्हारे नये प्यार का गिफ्ट

ठकुराइन-इसकी क्या ज़रूरत है

अवी-रणजीतसिंघ मेरा दोस्त है ,उसके लिए इतना तो कर सकता हूँ .

और ठकुराइन की तरफ देख कर स्माइल की

रणजीतसिंघ-ठीक है. ले लो गिफ्ट अवी इतने प्यार से दे रहा है तो

ठकुराइन-ठीक है. पर तुम्हे अपने हाथो से पहना ना होगा.

रणजीतसिंघ-ये भी बोलने की बात हुई. शॉप मे सबक सामने पहाउन्गा

ठकुराइन-मैं फ्रेश आकर आती हूँ

रणजीतसिंघ-अच्छे से फ्रेश होना ,हवेली मे तुम्हारे साथ आज पूरी रात सुहागरात मनाउन्गा

ठकुराइन-कामिनी उसका क्या

रणजीतसिंघ-उसे मैं मना लूँगा

ठकुराइन-मतलब तुम कामिनी को हमारे बारे में बता दोगे.

रणजीतसिंघ-उसे पता है कि मैं आपको कितना प्यार करता हूँ

ठकुराइन-कामिनी को पता है.लेकिन हमे साथ देख कर कही वो गुस्सा हो गयी तो

रणजीतसिंघ-हम तीनो साथ मे रहेंगे. कामिनी तुम और मैं. मेरी 2 बीवी,एक तुम और दूसरी कामिनी,

ठकुराइन-कामिनी नही मानेगी.

रणजीतसिंघ-वो भी आपको प्यार करना चाहती है.

ठकुराइन-क्या मतलब

रणजीतसिंघ-वो पता चल जाएगा. बस आप टेन्षन फ्री हो जाइए

मैं समझ गया कि कामिनी ठकुराइन से लेज़्बीयन रिश्ता बनाना चाहती है. मे बी अपनी चूत को ठंडा करने के लिए. क्यूँ कि रणजीतसिंघ ज़्यादातर उसकी गंद मारता है.यही ठकुराइन के साथ होगा तो दोनो आपस मे चूत की गर्मी ठंडी करेंगी.

ठकुराइन-रंजीत मुझे लगा था कि तुम मुझे छुपा कर रखोगे पर तुम ने ये बात कह के मेरा दिल जीत लिया.

रणजीतसिंघ-मैं ने सब सोच लिया है. पिताजी कुछ साल मे बेड पर पड़े रहेंगे. पायल की शादी करा देंगे अच्छे घर मे, कुवरसिंघ और रेशमा का कुछ ना कुछ करूँगा. फिर रह गये हम तीनो, कामिनी, तुम और मैं, खुशी खुशी रहेंगे

ठकुराइन-ये कब सोचा

रणजीतसिंघ-कार चलाते हुए,बस तुम मेरा साथ देना.

ठकुराइन-आइ लव यू रंजीत

रणजीतसिंघ-लव यू टू

और ठकुराइन बाथरूम मे चली गयी.

अवी-एक बात पुछू

रणजीतसिंघ-पूछो

अवी-तुम ठकुराइन से सच्चा प्यार करते हो

रणजीतसिंघ-हाँ, दोनो से ,ठकुराइन और कामिनी दोनो मेरी जान है. उनके लिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ. उनकी खुशी के लिए अपनी जान दे भी सकता हूँ और जान ले भी सकता हूँ.

अवी-फिर तुम ने मेरे साथ करने को क्यूँ कहा

रणजीतसिंघ-माँ तुम्हारे साथ खुश है. उनको तुम्हारे साथ करना अच्छा लगता है. उनकी खुशी के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ. और माँ मुझे इतने सालो बाद मिली है ,ऐसे मे उनको तुम्हारे साथ करने से मना करके उनको खोना नही चाहता था.

अवी-मैं उनसे दूर रहूँगा

रणजीतसिंघ-मैं उनको खुश देखना चाहता हूँ. अगर माँ चाहेंगी तो मैं मना नही करूँगा.उनकी खुशी मे मेरी खुशी है.

अवी-फिर तो मैं उनसे दूर रहूँगा.

ठकुराइन-क्या बाते हो रही है.

रणजीतसिंघ-कुछ नही. तुम्हारे बारे में बात कर रहे थे

ठकुराइन-मुझे कपड़े तो दो

रणजीतसिंघ-अलमारी मे है.थोड़ी देर ऐसे ही रहो ,

ठकुराइन हम दोनो के बीच मे आकर लेट गयी.

ठकुराइन-एक बात पुछू

रणजीतसिंघ-पूछो

ठकुराइन-तुम दोनो को कैसे पता चला कि मैं जंगल मे हूँ

रणजीतसिंघ-सिंपल था.तुम ने बॅंक से पैसे निकाले

ठकुराइन-हाँ

रणजीतसिंघ-इतने पैसे निकालने से पहले बॅंक मेनेज़र ने मुझे फोन करके पूछा था. तब मैं अवी से बात कर रहा था

ठकुराइन-तो उस बॅंक मेनेज़र ने बताया

रणजीतसिंघ-हाँ, हम बॅंक मे पहुँच गये और तुम टॅक्सी लेकर जा रही थी हम पीछे थे.

ठकुराइन-फिर इतनी देर क्यूँ हो गयी.

रणजीतसिंघ- फार्महाउस के पास आते तुम चल कर जाने लगी. हम वही रुके थे. फिर कार स्टार्ट करनी चाही तो हो नही रही थी.जिस से हमे देर हो गयी.

ठकुराइन-तुम सही समय पर आ गये.वरना वो मुझे नंगी शहर घुमाने वाला था.

रणजीतसिंघ-ऐसे कैसे घुमा देता,मैं उसे मार डालता

ठकुराइन-वो तो तुम ने मार डाला

रणजीतसिंघ-तुम्हारे लिए तो कुछ भी कर सकता हूँ

अवी-तुम दोनो फिर शुरू हो गये.तुम लग रहो,मैं तो चला फ्रेश होने

मेरे फ्रेश होकर आने तक दोनो किस करते रहे

मेरे बाद रणजीतसिंघ बाथरूम मे चला गया.

अवी-आपको तो पर्मानेन्त लंड मिल गया

ठकुराइन-हाँ, ये महीना अच्छा साबित हुआ ,तुम मिले फिर रंजीत मिला.

अवी-चलो मैं तो बच गया

ठकुराइन-ऐसा लगता है तुम्हे, मैं तुम्हारा साथ इतनी आसानी से नही छोड़ूँगी

अवी-क्या मतलब

ठकुराइन-मेरा मतलब है कि हम मिलते रहेंगे. जब तुम चाहो, मैं ने तुम्हे हां कहा है.

अवी-रणजीतसिंघ को पता चला तो

ठकुराइन-वो मुझे खुश देखना चाहता है. और मेरी खुशी तुम और रंजीत हो.

अवी-किस्मत पर छोड़ते है

ठकुराइन-ठीक है

रणजीतसिंघ के फ्रेश होते ही मेन शहर आ गये.

मैं ने ठकुराइन को उनके दिए हुए पैसो से एक नेककलेस खरीद कर दिया

10 लाख का नेककलेस था.

नेककलेस उसी शॉप से खरीदा जहाँ से स्वेता दीदी के लिए नेककलेस लिया था. उस शॉपगर्ल का नाम बता दिया ताकि उसका बॉस उस पे खुश हो जाए

फिर हम गाओं आ गये .

गाओं आते ही मैं घर3 चला गया.और पैसे रख कर घर चला गया.

घर जाकर मैं ने चाची के साथ खाना खा लिया और आराम से सो गया.

 


724

ठकुराइन को रणजीतसिंघ मिल गयी .और मैं बच गया साथ मे 90 लाख मिल गये.

नेक्स्ट 2 दिन ऐसे काम करते हुए निकल गये. मेले का काम ख़तम हो गया.

मेले का हिसाब पंचायत मे जमा कर दिया.

आज से मैं घर3 से घर पे ट्रान्स्फर हो जाउन्गा.

घर3 पे बहुत मज़ा किया .मस्ती की और काम भी किया.

घर3 छोड़ते हुए उसको पहले जैसा कर दिया. पहले दिन मैं ने घर3 की फोटो खीच ली थी .जिस से पहले की तरह घर3 कर दिया. सिवाय एक नये गद्दे और फॅन की. उसका रीज़न चाची को बता दिया कि नींद ना आने की वजह से नया गद्दा लिया था. और पुराना फॅन खराब हो गया था.

कॅमरा लॅपटॉप और मेरी सारी चीज़े लेकर मैं घर आ गया. पैसो का बॅग भी अपने साथ घर लेकर आ गया.

सुबह मैं ने अपना सामान घर लिया और दोपेहर मे स्वेता दीदी वापस जाने वाली थी.

स्वेता दीदी के जाने की वजह से हम सब पूजा बुआ के घर पे थे.

स्वेता दीदी-अवी अपना ख़याल रखना, काम करके दुबले हो गये हो.

अवी-बुआ और चाची हैना ,वो मेरा ख़याल रखने के लिए

सीतल दीदी-मेला दिखाने और गिफ्ट के लिए थॅंक्स.

अवी-दीदी आपके शादी का गिफ्ट एक और दूँगा.

पूनम दीदी-गाओं मे आकर तूने शहर को भूलने पे मज़बूर किया .और शॉपिंग के लिए थॅंक्स

अवी-स्वेता दीदी की शादी की शॉपिंग इस से भी बढ़िया करेंगे.

ज्योति बुआ-अवी हमारे घर भी आना कभी

अवी-जी ज़रूर आउन्गा.

स्वेता दीदी-रानी हमे भूलना मत ,टच मे रहना

रानी-जी दीदी. डेली एक मसाज पक्का

फिर मैं ने स्वेता दीदी को शहर तक छोड़ दिया. सब आते हुए एक एक बॅग लाए थे और जाते हुए 2 बॅग लेकर जा रहे थे.

स्वेता दीदी ,पूनम दीदी, और सीतल दीदी का समझ सकता हूँ पर ज्योति बुआ ,वो तो शॉपिंग पर नही आई थी ,शायद पूजा बुआ ने कुछ दिया होगा.

स्वेता दीदी ट्रवल्स मे बैठ कर अपने शहर2 चली गयी.

अरे पूनम दीदी से पूछना तो रह गया कि उसके पिताजी मेले मे क्यूँ नही आए , चलो जाने दो

पूजा बुआ के घर मे सिर्फ़ पूजा बुआ और राज रह गया .

रानी अभी तक कोमल के यहाँ रुकी थी. 2 3 दिन मे वो भी चली जाएँगी.

रानी और कोमल ने कॉलेज जाना शुरू किया था. मैं भी कल से कॉलेज जाना शुरू कर दूँगा .बहुत पेंडिंग वर्क रह गया था.

कॉलेज मे जाकर पेंडिंग वर्क कंप्लीट करना होगा.

2 महीने बाद एग्ज़ॅम होगी. प्रॅक्टिकल होगे. मैं फिर से सो नही पाउन्गा.

आज तो सो लेता हूँ.

मैं ने घर जाते ही खाना खा लिया और सो गया.

चाची को कहा था कि मुझे आज आराम करना है

मैं सीधा शाम मे उठ गया. विद्या रात के खाने के लिए उहा रही थी.

विद्या-अवी उठो,

अवी-सो ने दो ,मुझे नींद आ रही है

विद्या-चाची खाने के लिए भुला रही है.

अवी-उनको बोलो मुझे भूख नही है

विद्या-बड़ी चाची ने कहा है.

अवी-उनको कहो 2 मिनिट मे आ रहा हूँ

विद्या-उठो ना मुझे तुमसे बात करनी है.

अवी-बोलो

विद्या-वो मेला ख़तम हो गया.

अवी-वो मुझे पता है

विद्या-तुम ने कहा था कि मेले के बाद हम प्यार करेंगे.

अवी-विद्या सॉरी ,मैं अभी नही कर सकता

विद्या-क्यूँ?

अवी-मेरी पढ़ाई बहुत पीछे छूट गयी है. मुझे पढ़ाई करनी है.

विद्या-कुछ घंटों की बात है.

अवी-विद्या मैं आराम से तुम्हे प्यार करना चाहता हूँ. जल्दबाज़ी मे नही.

विद्या-कब करेंगे. फाइनल डेट बताओ

अवी-एग्ज़ॅम ख़तम होंगे उसी रात मे

विद्या-पक्का

अवी-100%पक्का. तब तक किस्सिंग और मस्ती करेंगे

विद्या-तो ऐसा बोलो ना,किस से काम चल जाएगा.

अवी-तुम्हारे लिए एक अच्छी न्यूज़ है

विद्या-क्या?

अवी-तुम्हे जिसने बेचा था उसे मैं ने मार डाला

विद्या-क्या, तुम ने उसे मार डाला. पर क्यूँ?

अवी- तुम्हारे लिए. तुम मेरी फॅमिली का हिस्सा हो. तुम्हे जिस ने परेशान किया उसे जाने कैसे देता

विद्या-फॅमिली, तुम मुझे अपनी फॅमिली का हिस्सा समझते हो, इस से ज़्यादा मुझे कुछ नही चाहिए

अवी-सेंटी मत हो. जाओ चाची को कहो मैं फ्रेश होकर आता हूँ

फ्रेश होकर चाचा के साथ खाना खाने लगा.

चाचा-अवी तुम ने अच्छा काम किया.

अवी-आपके प्यार की वजह से हो पाया

चाचा-नही. तुम्हारी मेहनत का नतीजा है.

अवी-(चाचा की बातों मे जलन साफ दिख रही थी)

चाचा-घर3 का काम हो गया हो तो चाबी मुझे दे दो

अवी-ये लीजिए

चाच्चा-ये चाबी घर3 की नही है.

अवी-वो मैं ने नया लॉक खरीदा था. खेत मे ज़्यादा लोग होने से खरीद लिया. लॉक मज़बूत है

चाच्चा-ठीक है

खाना खाने के बाद मैं बच्चो के साथ खेलने लगा.

सी चाची-आज फ़ुर्सत मिली.

अवी-आज आराम से प्यार करूँगा बच्चो को ,मेले के समय बहुत कम बार बच्चों को प्यार किया है

सी चाची-अच्छा है.बच्चो को ना मिलने की बात याद है.

अवी-चाची, कोई ना कोई बच्चों के साथ रहता था. जिस से भाई की तरह प्यार करना पड़ता था अब बाप की तरह प्यार करूँगा

सी चाची-मैं भी तो देखू कैसे प्यार करते हो

अवी-अभी थोड़ा थोड़ा, जब चलने लगने तो ये मेरे पास रहेंगे. अब आप प्यार कर लो ,फिर आपको प्यार करने नही मिलेगा.

सी चाची-देखते है. वो भी अच्छा होगा. तुम बच्चों को प्यार करना और मैं बच्चों के बाप से प्यार करूँगी.

अवी-डील

बच्चों के साथ खेलने के बाद मैं जल्दी सो गया.

आज आराम करता हूँ फिर कल से पढ़ाई शुरू करनी होगी.

 


725

आज 1 महीने के ज़्यादा दिनो बाद कॉलेज जा रहा हूँ.

मेले मे मज़ा और काम दोनो किए जिस का फल मुझे मिल गया.

रणजीतसिंघ से दोस्ती करके मुझे फ़ायदा हुआ और आगे भी होगा.

मैं ने मेले मे 4 किलो वेट लॉस किया था उसकी भरपाई करने का समय आ गया था.

मैं ने चाची को अपने वेट लॉस के बारे में बताया ,चाची ने ये सुनते मेरी खुराक बढ़ा दी. सुबह शाम ड्राइफ्रूट वाला दूध देना शुरू कर दिया.

1 महीने से जो मुझे सुबह उठने की आदत लगी थी उसको कंटिन्यू रखने का सोचा.

सुबह उठ ते ही मैं छत पर जाकर कसरत करने लगा.

मुझे अपनी बॉडी बनाने पे ध्यान देना होगा. और साथ मे पढ़ाई पे.

चाची विद्या के साथ मुझे दूध देने छत पर आ गयी.

चाची तो मुझे कई बार कसरत करते हुए देख चुकी है पर विद्या ने पसीने से भीगा हुआ मेरा कसरती शरीर देखा तो वो मुझे देखती रह गयी.

विद्या मेरी तारीफ करने लगी. चाची विद्या को ऐसा मुझे घूरते हुए देख कर मज़े ले रही थी.

चाची ने विद्या को ज़्यादा मज़ा लेने नही दिया और मेरे लिए नाश्ता बनाने के लिए नीचे भेज दिया.

सी चाची-विद्या का क्या सोचा

अवी-सोचना क्या है. यही रहेंगी. उसे हमारी फॅमिली पसंद आ गयी.

सी चाची-मेरा मतलब था कि विद्या के साथ कुछ करने वाले हो.

अवी-विद्या के साथ आराम से करूँगा ,वो जाएगी कहाँ.

सी चाची-उसे हमारे बारे में कुछ मत बताना

अवी-आपको क्या मैं पागल लग रहा हूँ.विद्या को हमारे बारे में बताने के लिए. अभी तक रानी को नही बताया तो विद्या क्या चीज़ है.

सी चाची-ये भी सही है. तो आज कॉलेज जा रहे हो

अवी-हाँ, पढ़ाई करना ज़रूरी है.

सी चाची-तो जल्दी फ्रेश हो जाओ और पढ़ाई करो

चाची के साथ बाते करने के बाद मैं तय्यार हो के नेहा बुआ के घर चला गया.

कोमल-तुम कॉलेज चल रहे हो

अवी-हाँ, मेले का काम हो गया है.और अब कॉलेज जाना शुरू करना होगा. कितनी पढ़ाई बाकी है मेरी

कोमल-मैने भी कहा था कि मेले मे पढ़ाई करूँगी, सोचा था कि थोड़ी पढ़ाई करूँगी पर कर नही पाई

रानी-मैं भी हूँ, मुझ मे और तुम मे क्या फ़र्क है.मैं भी तो मेला एंजाय करने के चक्कर मे पढ़ाई को भूल गयी

कोमल-आरती है ना, वो मेले मे भी तो नही आई. उसके नोट लेंगे.

रानी-लेने तो पड़ेंगे. वैसे उसके नोट्स समझ मे नही आते .ऐसा लगता है पीएच.डी टाइप के लगते है.

कोमल-वो पागल है. कितना पड़ती रहती है ,हमने मेले मे एंजाय किया और अब पढ़ाई करेंगे

अवी-तुम भी पहले वैसी थी.सिर्फ़ पढ़ाई करती रहती थी.

कोमल-अब मैं बदल गयी हूँ. पढ़ाई के साथ थोड़ा एंजाय करना ज़रूरी है ये समझ मे आ गया है.

रानी-मेरे यहाँ रहने का किसी को तो फ़ायदा हुआ

कोमल-तुम दोनो की वजह से मैं लाइफ जीना सीख गयी हूँ. खास करके अवी की वजह से

रानी-अवी भाई की वजह से बोल

कोमल-हम फ्रेंड है क्यूँ अवी

अवी-हाँ, बेस्ट फ्रेंड

रानी-चले अब

अवी-कैसे जाएँगे. मेरी बाइक पर या तुम स्कूटी ले रही हो

कोमल-सेव पेट्रोल

कोमल का नारा हमने पूरा कर लिया.

हम ट्रिपल सीट कॉलेज जाने लगे.कोमल बीच मे बैठ गयी और रानी लास्ट मे

कोमल-रानी कॉलेज मे अब क्या चल रहा होगा.

रानी-वो मुझे कैसे पता होगा. वैसे देखा जाए तो प्रॅक्टिकल सबमिशन होगा

कोमल-हमे तो 1 महीने के प्रॅक्टिकल करने होगे.

रानी-कर लेंगे. साथ मे करेंगे तो जल्दी हो जाएँगे.वैसे हमने लिख तो लिए है सिर्फ़ प्रॅक्टिकल करके रीडिंग लेना है.

कोमल-ये तो हो जाएगा वैसे विद्या ने हमे बहुत कुछ बताया.

रानी-हाँ, विद्या ने जो बाते बताई शायद हम वो पढ़ कर समझ ना पाते ,

कोमल-विद्या काफ़ी स्मार्ट है.

रानी-वो तो है. और उसने हमारी बहुत मदद की ,बाइयालजी और सेमिस्ट्री मे हमे ज़्यादा प्राब्लम नही आएगा.

अवी-मुझे थॅंक्स तो बोलो

रानी-हम तुम्हारी बात नही कर रही ,हम विद्या की बात कर रहे.

अवी-विद्या को मैं ने कहा था कि तुम्हारा ध्यान रखे ,तुमसे अपना नालेज शेयर करे

कोमल-मुझे लगा था कि तुम ने विद्या को बताया है. थॅंक्स अवी, तुम मेरे पढ़ाई का पूरा ध्यान रख रहे हो

अवी-मैं चाहता हूँ कि तुम जल्दी, जल्दी तो कहना ठीक नही होगा ,तुम बेस्ट डॉक्टर बनो,

रानी-और मैं ,मैं भी तो डॉक्टर बनना चाहती हूँ.

कोमल-वो सिर्फ़ मेरे लिया था .हैना अवी

अवी-हाँ,

रानी-तुम दोनो को मैं देख लूँगी. गाओं से शहर चलो फिर बताती हूँ

कोमल-रानी, हम दोनो डॉक्टर बनेंगे. एक ही कॉलेज से

रानी-और आरती

कोमल-उसे जाने दो ,वो हमारी तरह नही है. आज से हम साथ मे रहेंगे. साथ पे पढ़ाई करेंगे

रानी-और आरती

कोमल-उसके साथ भी रहेंगे लेकिन थोड़ा दूर

रानी-आइडिया अच्छा है.

अवी-कॉलेज आ गया है.

कॉलेज मे आकर ऐसा लग रहा था कि पहली बार आए हो.

एक नयी सी जगह लग रही थी.

अवी-तुम क्लास मे चलो मैं कॅंटीन मे होकर आता हूँ

कोमल-हम भी कॅंटीन मे चलेंगे

अवी-कोमल तुम्हारी तबीयत तो ठीक हैना.

कोमल-मुझे क्या हुआ .मैं ठीक हूँ

अवी-आज ऐसी अजीब बाते कर रही हो, कॅंटीन मे जाने की बात कर रही हो.

कोमल-क्यूँ तुम्हे पसंद नही है

अवी-मुझे तो नयी कोमल बहुत पसंद है.

रानी-मुझे भी

कोमल का नया रूप देख कर अच्छा लगा.

कोमल और रानी के साथ कॅंटीन मे चला गया.

कॅंटीन मे कोमल और रानी फ्रीली एंजाय कर रही थी.

कोमल और रानी ने नाश्ता किया और आरती से मिलने चली गयी.

आज तो रानी और कोमल आरती का दिमाग़ खराब करेगी.

रानी और कोमल सब पता कर लेगी.और नोट्स लेकर अपने ईज़ी नोट्स बना लेंगी. दोनो के नोट्स मुझे मिलेंगे. वही से पढ़ लूँगा.

ये दोनो तो चली गयी ,चलो करीम से मिलकर अपने क्लास का पूछ लेता हूँ. वैसे ये पंकज कहाँ है.

मैं करीम के पास क्लास मे चला गया.

 


726

क्लास शुरू होने मे टाइम था.करीम किताब पढ़ रहा था और उसकी गर्लफ्रेंड अपने बेंच से करीम के पास आकर बैठी थी.

मैं उनके पास जाकर खड़ा हो गया.

अवी-मिस आप मेरी जगह पर बैठी है.

मेरी आवाज़ सुनकर करीम और करीम की गर्लफ्रेंड ने मेरी तरफ देखा. दोनो मुझे देख कर खुश हो गये.करीम की गर्लफ्रेंड अंदर की तरफ सरक गयी और मैं उसके बाजू मे बैठ गया.

करीम-हो गया मेला,

अवी-हाँ, तभी तो कॉलेज आया हूँ.

करीम-सही टाइम पर आया है, अगर और देर करता तो प्रॅक्टिकल मे ज़ीरो मार्क मिलते

अवी-ऐसे कैसे मिलते

करीम-2 हफ्ते के बाद सीनियर के प्रॅक्टिकल एग्ज़ॅम शुरू होने वाले हैं,कल ही मेडम ने कहा था कि जिन के प्रॅक्टिकल मिस हुए है वो जल्दी कंप्लीट करे. सीनियर के प्रॅक्टिकल एग्ज़ॅम के बाद उनका रिटन एग्ज़ॅम होगा उसके बाद हमारे प्रॅक्टिकल एग्ज़ॅम ,मार्च महीने के 2न्ड वीक मे,

अवी-तूने आते ही झटका दे दिया.

करीम-तेरा तो कल फिज़िक्स की मेडम ने क्लास मे नाम लिया था. तूने अब तक सिर्फ़ 2 प्रॅक्टिकल किए है और तेरी अटेंडेन्स बहुत खराब है.तुझ पे बहुत गुस्सा है मिसेज़ गुप्ता. जाकर मिल ले

अवी-आज ही मिल लूँगा.वैसे बाकी क्या चल रहा है.

करीम-स्पोर्ट मे हम ने बहुत एंजाय किया .अगर तू होता तो मज़ा आ जाता. वैसे इस बार ज़्यादा प्राइज़ हमारे साइन्स डिपार्टमेंट को मिले है. आर्ट और कॉमर्स को कम प्राइज़ मिले

अवी-मेले की वजह से इस बार स्पोर्ट मिस हो गया .अगले साल एंजाय करेंगे

करीम-अगले साल तो पढ़ाई करने से टाइम नही मिलता. 12थ क्लास मे होगे हम ,

अवी-जाने दे, ये बता मेला एंजाय किया कि नही.

करीम-तेरी वजह से मज़ा आ गया.

अवी-और तुम ने

करीम की गर्लफ्रेंड -इस मेले जैसा मज़ा और एंजाय कभी नही किया .

अवी-(थ्रीसम को याद कर रही है.) ये पंकज कहाँ है.

करीम-वो तो घर पे ,घर रह कर पढ़ाई कर रहा है.

अवी-करने दे उसे पढ़ाई .

करीम- मैं ने भी लाइब्रेरी जाने का फ़ैसला किया है.पिछली बार बहुत फ़ायदा हुआ था

अवी-मुझे तो पहले प्रॅक्टिकल कंप्लीट करना होगा. फिर पढ़ाई का सोचूँगा.

करीम-कुछ नही होता. मुझे पता है तू मेनेज कर लेगा.

फिर मेडम के क्लास मे आते करीम की गर्लफ्रेंड अपनी जगह पर चली गयी और क्लास चालू हो गया.

मुझे तो कुछ समझ नही आ रहा था. फिर भी लेक्चर सुनता रहा.

क्लासस ख़तम हो जाने के बाद मैं मिसेज़ गुप्ता फिज़िक्स की टीचर के कभीं मे चला गया.

अवी-मेडम मे आइ कम इन

मिसेज़ गुप्ता-एस

अवी-मेडम कल क्लास मे आपने मेरे बारे में पूछा था.

म्र्स गुप्ता-तो फाइनली तुम्हारे दर्शन हो गये.कहाँ थे तुम

अवी-मेडम वो मेला

म्र्स गुप्ता-मेले मे घूमना होता है और प्रॅक्टिकल कौन करेगा. तुम इस साल प्रॅक्टिकल मे फैल हो गये समझ लो

अवी-मेडम प्लीज़ एक चान्स दे दो.

मिसेज़ गुप्ता-चान्स सिर्फ़ एक बार मिलता है. अब घूमते रहो मेले मे

अवी-मेडम मैं मेले मे घूमने नही ,काम कर रहा था.

मिसेज़ गुप्ता-तुम्हारे जैसे लड़के मेले घूमने जाते है ,ये मुझे पता है.

अवी-मेडम मेले का पूरा काम मैं देख रहा था.मेरा नाम अवी है

मिसेज़ गुप्ता-तुम ,हाँ मैं तो भूल ही गयी. तुम्हे देखा था मेले मे ,तुम ने मेले का काम किया है ये पहले क्यूँ नही बताया.

अवी-बताया था पर आपने ग़लत समझ लिया.

मिसेज़ गुप्ता-जाने दो, वैसे मेले का काम अच्छा किया तुम ने. लोगो को ज़्यादा प्राब्लम नही हुई.

अवी-थॅंक यू मेडम,मेडम वो प्रॅक्टिकल

मिसेज़ गुप्ता-वैसे मैं किसी को दूसरा चान्स नही देती ,पर तुम्हारा रीज़न ऐसा है कि तुम्हे दूसरा चान्स दे रही हूँ.

अवी-मैं प्रॅक्टिकल मे पास हो जाउन्गा ना.

मिसेज़ गुप्ता-पास. पहले प्रॅक्टिकल कंप्लीट करो,

रानी-मेडम मे आइ कम इन

मिसेज़ गुप्ता-यस,

कोमल और रानी मुझे वहाँ देख कर शॉक्ड हुई पर मेडम के सामने नॉर्मल रही

कोमल-मेडम ,हमारा कुछ प्रॅक्टिकल मिस हुए है.

मिसेज़ गुप्ता-तुम दोनो से मुझे ऐसी उम्मीद नही थी,तुम ब्राइट स्टूडेंट हो .और तुम ऐसा करोगी तो कैसे चलेगा.

रानी-मेडम वो मेले की वजह से कॉलेज नही आ सके.

मिसेज़ गुप्ता-तुम ऐसा रीज़न दोगि ये सोचा नही था.

अवी-मेडम ,कोमल मेरी बहन है,और रानी मेले मे मेरे साथ थी.

मिसेज़ गुप्ता-तुम ,ओके

कोमल-मेडम हम प्रॅक्टिकल जल्दी कंप्लीट कर देंगे

मिसेज़ गुप्ता-वो करना ही होगा. तुम टॉपर हो पर रूल सब के लिए एक जैसे होते है.अवी तुम इनके साथ प्रॅक्टिकल कंप्लीट करना ,इनके साथ तुम्हारे प्रॅक्टिकल जल्दी कंप्लीट हो जाएँगे.

अवी-यस मेडम

रानी-मेडम हम मंडे से एक्सट्रा टाइम मे प्रॅक्टिकल कंप्लीट कर लेंगे

मिसेज़ गुप्ता-ठीक है. पर ध्यान रखना कि नेक्स्ट टाइम मुझे पहले बता दिया करो.

कोमल-दुबारा ऐसी ग़लती नही होगी

मिसेज़ गुप्ता-अब तुम सब जा सकते हो.

हम मिसेज़ गुप्ता के कॅबिन से बाहर आ गये.

अवी-तुम्हारे साथ तो प्रॅक्टिकल जल्दी पूरे हो जाएँगे.

रानी-तुम्हारे कितने प्रॅक्टिकल बाकी है

अवी-मैं ने सिर्फ़ 2 प्रॅक्टिकल किए है

रानी-क्या? सिर्फ़ 2

कोमल-मैं ने कहा था कि घूम ना बंद करो पर तुम्हे तो क्लास मे आने से बीमारी लगती है.

अवी-वो जाने दो ये बताओ अब क्या किया जाए

कोमल-करना क्या है. हम हैना , हम कर देंगे कंप्लीट

रानी-अवी तुम टेन्षन मत लो हम हैना ,हम मदद करेंगे ,चुटकी मे काम पूरा करेंगे.

कोमल-चलो रानी आरती से नोट्स लेते है

अवी-घर नही चलना.

कोमल-नोट्स लेके चलते है.

अवी-चलो मैं भी आता हूँ

फिर मैं रानी और कोमल के साथ लाइब्रेरी मे चला गया.

रानी और कोमल आरती से बात करने लगी

रानी-आरती हमे शॉर्टकट मे बता दे ,

कोमल-थोड़ा बता दे, बाकी नोट्स के आइयीरॉक्स कर लेंगे

आरती-शॉर्टकट मे बताते हुए 2 घंटे तो लग जाएँगे

कोमल-अपनी फ्रेंड की इतनी भी मदद नही कर सकती.

कोमल की बात सुनकर रानी हँसने लगी. रानी को हँसता हुआ देख कर कोमल को हँसी आ रही थी पर उसने कंट्रोल किया.

आरती-ठीक है.चलो पार्क मे वहाँ बताती हूँ ,यहाँ लाइब्रेरी मे नही बता सकती

अवी-कोमल अच्छे से समझ लेना

कोमल-तुम कहाँ जा रहे हो ,तुम भी समझ लो

अवी-तुम फ्रेंड्स मे मैं क्या करूँगा. तुम समझ लो फिर मुझे घर पे बता देना.

मेरी बात सुनकर कोमल और रानी हँसते हुए आरती के साथ पार्क मे चली गयी. कॉलेज का पार्क

आरती ने पूछा कि वो हंस क्यूँ रही है ,रानी ने कुछ नही कहा और पार्क मे चली गयी.

और मैं कॅंटीन मे जाकर मेले के दिनो को याद करने लगा.

मैं स्टार्टिंग से मेले के बारे में सोचने लगा.

कैसे मेरा आक्सिडेंट हुआ था ,कैसे मैं हवेली जाने लगा.

मेले का काम करना ,रणजीतसिंघ को कैसे अपना दोस्त बनाया.

रणजीतसिंघ को उसका मन पसंद गिफ्ट दिया. वो सेल्स गर्ल की गंद गिफ्ट रणजीतसिंघ को दी.

उस सेल्स गर्ल तो मैं भूल गया.

उसके वजह से रणजीतसिंघ से मेरी फ्रेंडशिप हुई ,

मैं ने उसको इसके बदले मे कुछ नही दिया .

मेले मे सभी को मैने पैसे दिए .उस सेल्स गर्ल को कुछ देना चाहिए.

अभी जाकर उसे मिलता हुआ. कोमल तो बिज़ी है ,तब तक मैं सेल्सगर्ल के घर जाकर आता हूँ.

लेकिन उसको पैसे कहाँ से. पैसे तो घर पे है. एटीएम से निकालता हूँ,जितने निकलेंगे उसे देता हूँ.

मैं पहले एटीएम गया पैसे निकाल कर सेल्सगर्ल के घर की तरफ जाने लगा.

 


727

मैं उस सेल्स गर्ल के घर चला गया.

मेरे दिए हुए पैसो से घर तो ले लिया साथ मे एक गोलसरी की छोटी शॉप खोलने का सोच रही थी. जिस से उसके माता पिता को मदद हो.

मैं ने उसके घर के गेट पर खटखटाया. मैं दुआ कर रहा था कि वो घर मे हो मेरी दुआ कबुल हुई. उसी ने गेट खोला.

सेल्सगर्ल-तुम ,

अवी-क्यूँ किसी और का इंतज़ार कर रही थी.

सेलेज़्गर्ल-नही बस आराम कर रही थी,मेले मे सेल्स करने के बाद कुछ दिन के लिए छुट्टी ली है. और तुम्हे अचानक सामने देख कर ऐसा रियेक्शन दिया.

अवी-अंदर नही बुलाओगी

सेल्स गर्ल-आओ ना,

मैं अंदर चला गया.

सेल्स गर्ल-टी पियोगे.

अवी-नही, मैं तुमसे मिलने आया था.

सेल्स गर्ल-मैं भी तुमसे मिलने चाहती थी. मैं तो तुम्हारे गाओं आने वाली थी.

अवी-तुम प्रेग्नेंट तो नही हो गयी. और तुम्हे मेरे गाओं के बारे में कैसे पता चला.

सेल्स गर्ल-तुम्हे मेले मे देखा था. और मैं प्रेगेनॅट नही हूँ. मुझे किसी के बारे में पूछना था.

अवी-किस के बारे में

सेल्स गर्ल-तुम्हारे गाओं का लड़का है. मेले मे मिला था. मुझे पसंद आ गया. उसे भी मैं पसंद हूँ. ये देखो उसकी फोटो

अवी-(ये तो मोना का भाई है) इसे मैं जानता हूँ. मोना का भाई है.तुम्हे ये पसंद आ गया.

सेल्सगर्ल-हाँ,इसने मेरी बहुत मदद की मेले मे ,मुझे उसने अपने बारे में सब बता दिया है और वो मुझसे शादी करना चाहता है ,मैं भी करना चाहती हूँ पर मुझे पहले चेक करना है कि ये सच बोल रहा है कि नही. तुम इसके बारे में जितना जानते हो मुझे बता दो

अवी-तुम ने मेरी मदद की है.इस लिए मैं तुम्हे सब सच बताउन्गा. वो 12थ क्लास मे 2 बार फैल होकर पास हुआ है. वो कोई काम नही करता. और एक खास बात वो अपनी बहन के साथ चुदाई करता है. मैं तुम्हे यही कहूँगा उसके साथ शादी मत करो

सेल्स गर्ल-ये तो मुझे पता है. मैं भी तो 12थ पास हू .उसकी बहन के बारे में उसने खुद बताया, ये पिछली बात थी अब वो अपनी बहन से दूर रहता है. और वो कल ही मेरे घर आया था और उसे यहाँ एक फॅक्टरी मे काम मिल गया .उसकी बहन ने लगा कर दिया है 8000 रुपये महीना. उसने मुझे सब बता दिया.

अवी-(मोना ने लगा कर दिया होगा) उसने अपनी बहन के बारे में तुम्हे सब बताया, कमाल है. और तुम साथ कुछ किया.

सेल्स गर्ल-नही, वो कह रहा था कि वो मुझे सच्चा प्यार करता है,और जो करना है शादी के बाद करेंगे.तुम बताओ इस से अच्छा लड़का मुझे मिलेगा क्या. उसने मेरे लिए मेला ख़तम होते फॅक्टरी मे काम करना शुरू किया. और शादी के बाद मेरे माता पिता और मेरे छोटे भाई के साथ यही रहेगा.

अवी-वो तो बदल गया. अगर ऐसा है तो तुम उसके साथ शादी कर लो, लेकिन जल्दी मत करना थोड़ा रुक जाना ,

सेल्स गर्ल-उसने कहा कि 2 साल बाद शादी करेंगे .वो कुछ पैसे जमा करना चाहता है. मैं भी जॉब छोड़ना चाहती हूँ ,बहुत घूमना पड़ता है. सोच रही हूँ क़ि एक शॉप डाल दूं यही पर

अवी-ये तो अच्छा सोचा ,ये लो शादी का गिफ्ट ,इस से शॉप खोल लेना.अगर और लगे तो मुझे माँग लेना.

सेल्स गर्ल-शादी से पहले गिफ्ट, 40,000 रुपये ,थॅंक्स

अवी-मैं चलता हूँ, सोचा था कि तुम्हारे साथ थोड़ी मस्ती करूँगा पर तुम तो शादी के बारे में सोच रही है , जाने दो

सेल्स गर्ल-ऐसे कैसे जाने दूं, तुम्हारे लिए तो मैं तय्यार हूँ.और मेरा पति भी तुम्हारे गाओं का है तो हम तो मिलते रहेंगे ,कभी कभी उसके साथ गाओं तो आउन्गि.

अवी-तो सब सोच कर रखा है तुम ने.

सेल्स गर्ल-सब सोचना पड़ता है,चलो अंदर के कमरे मे ,मेरा भाई कभी भी आ सकता है, जल्दी एक राउंड कर लेते है.

अवी-तुम मेरे साथ करने को इतनी बेताब क्यूँ रहती हो

सेलेज़्गर्ल-तुम ने मुझे पे क्या जादू डाला है पता नही ,सपने मे तुम ही तुम दिखते हो, आज कितने दिन बाद मिले हो, आज ऐसे जाने नही दूँगी

सेल्स गर्ल मेरा हाथ पकड़ कर अंदर के कमरे मे ले गयी. और मुझे बेड पर बैठा कर अपनी सलवार का नाडा खोल कर सलवार निकाल दी.

और मेरे पास नीचे बैठ गयी. और मेरे जीन्स के बटन और ज़िप खोल दी

इसे जल्दी लंड निकाल देता हूँ मैं खड़ा हो गया . जीन्स और अंडरवेर निकाल दी.

और मेरे पास नीचे बैठ गयी. और मेरे जीन्स के बटन और ज़िप खोल दी

इसे जल्दी लंड निकाल देता हूँ मैं खड़ा हो गया . जीन्स और अंडरवेर निकाल दी.

लंड आधा खड़ा था जिसे पूरा खड़ा करने का काम सेल्स गर्ल ने अपने हाथ मे लिया.

मैं वैसे खड़ा रह कर उसे लंड चूसने देने लगा.सेल्स गर्ल मेरा लंड देख कर पागल हो गयी और लंड को बिना वक्त गवाए मुँह मे ले लिया.वो इतनी उतेज़ित हो गयी कि एक बार मे पूरा लंड मुँह मे लिया ,लंड पूरा खड़ा नही हुआ था पर जितना था उतना उसके मुँह के हिसाब से ज़्यादा था.

ऐसे अचानक लंड मुँह मे लेने से लंड उसके गले मे अटक सा गया .उसने जितनी फुर्ती से लंड मुँह मे लिया था उतने जल्दी बाहर भी निकाला. और खांसने लगी.

उसके ऐसा करने से मैं हँसने लगा. मेरे हँसने से उस पे कोई फ़र्क नही पड़ा और उसने फिर से लंड मुँह मे लिया.

इस बार वो ठीक तरह से लंड चूसने लगी और मेरे लंड का मज़ा लेने लगी

सेल्स गर्ल ने लंड को चूस कर खड़ा किया .उसका चूस्कर होने के बाद वो लंड बाहर निकालने वाली थी कि मैं ने उसका सर पकड़ लिया और लंड को उसके मुँह मे पेलने लगा.

वो पहले तो घबरा गयी फिर इसका भी मज़ा लेने लगी.

उसके मुँह को चोदने के बाद उसके चूत की बारी थी.

उसने अपनी कमीज़ नही निकाली ,वैसे ही बेड पर लेट गयी.सलवार तो पहले निकाल चुकी थी,और पैंटी का नामो निशान नही था.

सेल्स गर्ल बेड के किनारे अपनी बालो वाली चूत रख कर मेरे लंड को बुला रही थी.

मैं ने लंड को उसके कपड़े पहना दिए.और लंड को सेल्स गर्ल की चूत मे डालने लगा.

रणजीतसिंघ ने बताया था कि उसने सेल्सगर्ल की सिर्फ़ गंद मारी है. मतलब उसकी चूत मे सिर्फ़ मेरा लंड गया था. क्या पता सेल्स गर्ल ने किसी और के साथ किया हो.

फिर भी उसकी टाइट चूत मे लंड डालने मे मज़ा आ रहा था और उसे दर्द हो रहा था.

लगता है सेल्स गर्ल ने मेरा अलावा किसी के साथ नही किया.

लंड तो उसकी टाइट चूत मे चला गया.उसका दर्द से बुरा हाल होने लगा.लेकिन वो इसके लिए तय्यार थी.

लंड चूत मे चला गया.और अब अपने काम मे लगा .उसकी चूत मे अब्दर बाहर होने लगा.

वो जल्दी लंड का मज़ा लेने लगी. मेरे धक्को के साथ शीष्कारी लेने लगी.

उसकी बालो वाली चूत मे लंड पिस्टन की तरह अंदर बाहर होने लगा.

उसकी चूत पे जान लेवा धक्के मारकर उसकी तड़फ़ को ख़तम कर रहा था.

वो लगातार अपनी गंद उठा कर मेरा साथ देने लगी.और चूत से पानी निकालने लगी.

लंड उसकी चूत के पानी से गीला होते ही मैं ने लंड बाहर निकाला.

उसे उल्टा लेटा कर लंड को पहली बार उसकी गंद मे डालने लगा.

उसके पैर बेड के नीचे झूल रहे थे और लंड गंद मे जा रहा था.

रणजीतसिंघ ने सेल्स गर्ल की गंद मारी थी. पर मेरा लंड गंद मे जाते ही दर्द तो होगा ही.

उसने बेडशीट अपनी मुट्ठी मे पकड़ ली और अपनी गंद मे लंड लेती गयी.

एक बार पूरा लंड अंदर जाते उसने बेडशीट को कस के पकड़ लिया.

गंद मे लंड जाते ही मैं उसके उपर गिर गया और उसके गाल पर किस करने लगा.

उसने गाल की जगह थोड़ी और मूड कर अपने होंठ मेरे होंठो से मिला दिए.

उसके होंठो पर किस करके लंड को गंद मे जगह बनाने दिया.

गंद को लगा कि लंड अभी वही रहेगा तो वो लंड के हिसाब से अड्जस्ट हो गया.

उसके बेडशीट छोड़ते ही मैं उसकी गंद मारने लगा

पहले धीरे धीरे और जैसे वो मस्ती मे आती गई मैने अपनी गति को बढ़ा दिया.

वो मेरा पूरा साथ देने लगी.और मैं ने उसे निराश नही किया.

मैं उसकी गंद मारने का पूरा मज़ा लेने लगा

वो ज़्यादा देर इस पोज़िशन मे नही रह सकती थी.

मैं ने उसके टेबल को पकड़ कर झुकने को कहा और उसकी गंद मे धक्के मारने लगा.

वो मेरी चुदाई से पूरी तरह संतुष्ट हो गयी.

उसकी गंद पूरी खुल गयी.

रणजीतसिंघ को इसकी गंद देने के बाद मैं बिना इसकी गंद मारे कैसे रह सकता था.

मैं ने चूत से ज़्यादा उसकी गंद मारी

और कॉंडम निकाल कर उसकी गंद के उपर अपना वीर्य डाल दिया.

मेरा वीर्य निकलता देख उसने चैन की सास ली.

इधर मेरा वीर्य निकला उधर गेट खटखटाने की आवाज़ सुनाई दी.

सेल्स गर्ल ने जल्दी अपनी सलवार पहन ली और गेट खोलने चली गयी.

मैं ने भी अपने कपड़े पहन लिए.

और कॉंडम को खिड़की से बाहर फेक दिया.

मैं बाहर के कमरे मे आया तो देखा उसका छोटा भाई आया था.

उसने गेट से अपने छोटे भाई को पैसे देके कर दुकान मे भेज दिया. उसके छोटे भाई ने मुझे नही देखा.

सेल्स गर्ल-तुम जल्दी जाओ यहाँ से

अवी-पहले बताओ मज़ा आया

सेल्स गर्ल-ऐसा हो सकता है मुझे तुम्हारे साथ मज़ा नही आया हो पर तुम ने कॉंडम क्यूँ पहना

अवी-तुम प्रेगनेंट ना हो इस लिए.चलो मैं चलता हूँ

फिर सेल्स गर्ल की गंद पर एक थप्पड़ मारकर अपने बाइक लेकर कॉलेज आ गया.

 


728

सेल्स गर्ल की चुदाई करने के बाद मैं कॉलेज चला गया.

रानी और कोमल ने अपनी स्मार्टनेस दिखाते हुए महीने भर की पढ़ाई 2घंटे मे समझ ली

दोनो के चेहरे बता रहे थे कि दोनो अपने काम मे कामयाब हो गये है. साथ मे आरती के नोट्स भी जिरोक्स कर ली.

फिर मैं कोमल और रानी के साथ घर आ गया. घर आते कोमल और रानी ने किताब खोल कर पढ़ाई करने लगी. कम से कम फ्रेश तो हो जाती .दोनो ऐसी ही है.

मैं अपने घर आकर बच्चो के साथ खेलने लगा और चाची को प्यार करने लगा.

और इस तरह एक और दिन ख़तम हो गया.

मैं ने सनडे को अपने प्रॅक्टिकल लिखने का सोच कर सो गया.

आज सॅटर्डे है.मैं दोनो को लेकर कॉलेज आ गया.

कॉलेज मे ज़्यादातर स्टूडेंट स्पोर्ट ख़तम होते एग्ज़ॅम के टेन्षन मे पढ़ाई कर रहे थे.

फिर मैं कैसे पीछे रहता ,और कोमल रानी कैसे पीछे रहती. वो हाथ धो कर पढ़ाई के पीछे लग गयी.

अनु अपने बाय्फ्रेंड के साथ, करीम अपनी गर्लफ्रेंड के साथ लाइब्रेरी मे था. पंकज घर पे और उसकी गर्लफ्रेंड पता नही.

मैं ने सारे क्लास अटेंड किए और घर आ गया.

मैं आज कोमल के साथ पढ़ाई करने का सोचा.

रानी और कोमल पढ़ाई कर रही थी और मैं रानी के लॅपटॉप पर पीडीफ पढ़ रहा था.

रानी तो मुझ पे ध्यान नही दे रही थी ,मैं बार बार उसको इशारे कर रहा था पर वो है मुझे देख ही नही रही थी.

अवी-कोमल टी पीने का मन हो रहा है

कोमल-माँ को बोल दो ना

अवी-बुआ को मैं बताऊ,

कोमल-मैं बता कर आती हूँ

कोमल नेहा बुआ के पास चली गयी

अवी-रानी

रानी-ह्म्म्मस

अवी-एक बार मेरी तरफ देख कर मुश्कुरा तो दो ,कब से यहाँ बैठा हूँ ,

रानी ने मेरी तरफ देख कर स्माइल की और अपनी पढ़ाई करने लगी.

रानी ऐसे नही मानेगी मैं उसे फोन करके डिस्ट्रब करने लगा.

हर फोन की बेल के साथ वो मेरी तरफ देख लेती.

मैं ऐसे रानी को डिस्ट्रब कर रहा था कि उसकी मम्मी का कॉल आया.

रानी ने मेरा कॉल समझ कर कट किया. पर जैसे उसका ध्यान रिंगटोन पे गया तो उसने अपने सर पे हाथ लगाया

रानी-तुम भी ना, देखो मम्मी का कॉल कट हो गया.

अवी-तुम्हारी ग़लती है.जल्दी कॉल करो वरना मम्मी बुरा मान जाएगी.

रानी ने अपनी मम्मी को कॉल करके बात करने लगी.कोमल के कमरे मे आते ही रानी मोबाइल पर बात करते हुए छत पर चली गयी.

शाम का समय था छत पर अंडरा था जिस से रानी को मम्मी से बात करने से कोई डिस्ट्रब नही कर सकता था.

कोमल-ये रानी को किस का कॉल आया

अवी-उसकी मम्मी का, शायद वो छत पर गयी होगी फोन पर बात करने ,

मेरा मोबाइल भी बजने लगा ,कॉल छोटी चाची का था.

अवी-कोमल मैं फोन पर बात करके आता हूँ. यहाँ बात की तो तुम्हे डिस्ट्रब होगा

कोमल-जल्दी आना. नही तो टी ठंडी हो जाएगी

मैं कोमल को उसके कमरे मे छोड़ कर मोबाइल पर बात करते हुए छत पर चला गया.

सी चाची-अवी, खाना खाने आ रहे हो

अवी-चाची आइ लव यू ,आपने सही समय पर कॉल किया.

सी चाची-क्यूँ क्या हुआ

अवी-वो सब आकर बताउन्गा. और खाना तो आपके साथ खाउन्गा.

सी चाची-जल्दी आना

चाची के साथ बात करके मैं रानी के पास गया. मेरे आने की आवाज़ सुनकर रानी ने मेरी तरफ देखा और फिर से मम्मी से बात करने लगी.

रानी के पास जाकर मैं पीछे से उसके गले लगाया. रानी को पता था कि मैं ऐसा ही करूँगा ,इस लिए वो मोबाइल पर बात करती गयी.

रानी-मम्मी आप कब आ रही है. मुझे आपसे बहुत सारी बाते करनी है.

मैं ने रानी के गर्दन पे किस करते हुए उसके काम पर किस करने लगा.

रानी-रूको ना तुम

मम्मी-क्या हुआ रानी ,अभी तो कह रही थी जल्दी आने को अभी रुकने का बोल रही हो

रानी-मम्मी वो आप से नही ,गुदगुदी हो रही है रूको ना

मैं ने रानी को गुदगुदी करना शुरू किया

मम्मी-रानी क्या हो रहा है

रानी-मम्मी कुछ नही ,वो अवी.. रूको ना मम्मी से बात करने दो

मम्मी-अवी को फोन दो

अवी-आंटी मैं यही हूँ , आप कैसी है, और आप को मेले मे बहुत मिस किया

मम्मी-मैं ठीक हूँ.तुम कैसे हो और मेला कैसा रहा

अवी-मेले मे बहुत एंजाय किया. लेकिन रानी

मम्मी-क्या किया रानी ने

अवी-ये पूछिए कि क्या नही किया.

मम्मी-क्या नही किया .और अभी रानी ऐसे क्यूँ बोल रही थी

अवी-आंटी रानी कह रही थी कि फोन पर बात करते हुए किस करूँ

रानी-नही मम्मी ,अवी झूठ बोल रहा है

मम्मी-अवी झूठ क्यूँ बोलेगा. सच बता क्या कर रही है तू, और मेरा प्रॉमिस तोड़ दिया

मैं ने रानी को किस किए बिना किस की आवाज़ निकाली

मम्मी-रानी , ये क्या है.

रानी-मम्मी ,मैं ने किस नही किया वो अवी ने

मम्मी-मैं ने आवाज़ सुनी है

रानी-अवी मैं तुमसे कभी बात नही करूँगी.

और रानी मेरे हाथो से निकलना चाहती थी पर मैं ने उसे जाने नही दिया.

अवी-आंटी जैसा आप सोच रही है वैसा कुछ नही हुआ. मैं बस रानी के साथ मज़ाक कर रहा था.

मम्मी-सच बोल रहे हो

अवी-रानी की कसम खा कर कहता हूँ. मैं ने सिर्फ़ आवाज़ निकाली थी.

रानी-देखा मम्मी ,आप को तो मेरी बात पे विश्वास नही है. जाइए मैं आप से बात नही करती

अवी-रानी को जाने दीजिए वो ऐसी ही है, ये बताइए आप कब आ रही है.

मम्मी-मैं ने यही बताने के लिए कॉल किया था ,कि मैं कल आ रही हूँ

रानी-आप कल आ रही है

मम्मी-अभी तो कहा तुम मुझसे बात नही करोगी.

रानी-बताईयना ,आप कल आ रही है.

मम्मी-हाँ, कल आ रही हूँ

रानी-कितने बजे

मम्मी-कल दोपेहर तक आ जाउन्गी,अच्छा अब मैं फोन रख रही हूँ .पॅकिंग करनी है

रानी-लव यू मम्मी

अवी-गुड नाइट आंटी

फोन कट हो गया

रानी-तो मिसटर क्या कर रहे थे तुम

अवी-अपनी गर्लफ्रेंड से प्यार कर रहा था.

रानी-थोड़ी देर रुक नही सकते थे

अवी-कैसे रुकता ,फोन पे बात करके तुम फिर पढ़ाई मे बिज़ी हो जाती.और कल तो तुम वापस चली जाओगी.

वापस जाने की बात सुनकर रानी मेरे गले लग गयी.

रानी-1 महीना कितने जल्दी चला गया. इस 1 महीने मे हम ने कितने हसीन पल बिताए, कितनी मस्ती की. चुपके चुपके प्यार किया. किसी को पता नही चला.

अवी-हाँ, ये 1 महीना मेरी लाइफ का सब से यादगार पल होगा.

रानी-मैं तो मेले की बाते मम्मी को बताने के लिए बेकरार हुई जा रही हूँ

अवी-कल आ रही है आंटी आराम से बता देना.

रानी-मतलब कल मुझे जाना होगा.

अवी-तो क्या हुआ. अब तो तुम हमारे घर कभी भी आ सकती हो .कोई कुछ नही कहेगा.

रानी-वो तो है. अच्छा चलो नीचे मुझे पॅकिंग करनी होगी

अवी-सुबह कर लेना. आंटी दोपेहर मे आ रही है.

रानी-1 महीने मे घर की क्या हालत हुई होगी. मम्मी के आने से पहले साफ सफाई करनी होगी.

अवी-ओके ,जैसा तुम कहो. पर किस किए बिना नीचे जाने नही दूँगा.

रानी-तुम्हे क्या लगा मैं बिना किस किए नीचे जाउन्गी.

रानी की यही अदा मुझे पसंद है.

नाराज़ होना जल्दी मान जाना,मेरी हर बात मान ना,

कल रानी चली जाएगी, रानी को सब मिस करेंगे रानी ने 1 महीने मे सबके दिल जीत लिए थे

मैं रानी को किस करके इस हसीन पल को याद करने लगा ,मेले मे मैं दूसरो के साथ चुदाई कर रहा था पर जो प्यार रानी के साथ किया वो अनमोल था.

रानी किस करते हुए रो रही थी.मेरी आँखो मे भी पानी आ गया. पर रानी को एक दिन जाना तो था.

रानी के साथ रोज मस्ती करने की आदत लग गयी थी. बहनों के होते हुए रानी के साथ हसी मज़ाक करने की आदत लगी थी.

रानी को किस करके वो हसीन पॅलो को याद कर रहा था कि कोमल ने नीचे से हमे आवाज़ दी

कोमल की आवाज़ सुनते हमने किस करना बंद किया और खुद को नॉर्मल किया. मैं ने अपना मोबाइल निकाल कर बात करने की आक्टिंग की

कोमल-चलो टी ठंडी हो रही है. ये अवी इतनी देर से किस से बात कर रहा है

अवी-करीम से बात कर रहा था. चलो नीचे चलते है

मैं वापस कोमल के कमरे मे आकर टी पीने लगे.

कोमल-रानी आंटी क्या कह रही थी. कब आ रही है

रानी-कल आ रही है

कोमल-फिर तो तुम्हे जाना होगा .

रानी-जाना तो होगा .पर जाने का मन नही हो रहा.

कोमल-तेरे बिना मेरा भी मन नही लगेगा.

रानी-मैं आती रहूंगी ना .और तू भी आतीरहना मेरे घर पे

कोमल-वो तो आउन्गि ही. आज के लिए इतनी पढ़ाई काफ़ी है. तुम कल जा रही हो तो आज जी भर के बाते करते है

अवी-तुम बाते करो मैं चलता हूँ.

रानी-थोड़ी देर रूको ,मेले के फोटो देखते है. कोमल मुझे मेले की फोटो कॉपी करके दो,

अवी-मेले के फोटो

रानी-राज ने निकाले थे.

अवी-मैं ने तो देखे ही नही.

कोमल -मैं दिखा दूँगी. मेरे लॅपटॉप मे है. आज तो कॉपी करने मे टाइम चला जाएगा

अवी-कुछ फोटो तो दिखाओ

कोमल मुझे मेले के फोटो दिखाने लगी. राज के पास कॅमरा जाते ही उसने इतने सारे फोटो निकाले कि पूछो मत ,सभी फोटो अच्छे थे. मैं ज़्यादा फोटो मे नही था पर जितनों मे था वो अच्छे फोटो थे.

एक फोटो पूरी फॅमिली का था. नाम करण वाला वीडियो देखते समय का. वो फोटो मैं ने अपने मोबाइल मे लिया और वॉलपेपर रख दिया

उस फोटो मे सब के चेहरे पे नॅचुरल एक्सप्रेसन थे. राज ने चुपके से फोटो निकाला था.

इस फोटो मे राज भी था शायद कॅमरा मे टाइमर सेट किया था.

राज की दिमाग़ की दाद देनी पड़ेगी.

रानी और कोमल फोटो कॉपी करने लगी. और मैं ने थोड़े फोटो देखे और दोनो को बाइ बोल कर घर आ गया.

घर आकर चाची के साथ खाना खा लिया .फिर थोड़ी देर चाची के साथ बाते करने के बाद मैं सो गया.

 
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