S
StoryPublisher
Guest
720
वापस ठकुराइन की चुदाई वाली जगह पर आकर ठकुराइन का पर्स ले लिया
अवी-चलो यहाँ से
रणजीतसिंघ-हाँ चलते है
ठकुराइन-पर ये कौन था
रणजीतसिंघ-आपको नही पता
ठकुराइन-मैं ने उसका चेहरा कहाँ देखा .तुम ने देखा था
रणजीतसिंघ-नही. जाने दो चलो यहाँ से, आप कपड़े पहन लीजिए
कपड़ो की बात आते ही ठकुराइन शर्मा गयी.
उसको अपने नंगे होने का अहसास हुआ.
अवी-ठकुराइन के कपड़े जला दिए है. उनको ऐसे ही चलना होगा.
रणजीतसिंघ-मेरे फार्महाउस चलते है .वहाँ कपड़े मिल जाएँगे. चलो अब
हम कार के पास आ गये. रणजीतसिंघ ड्राइविंग सीट पर बैठ गया मैं उसके बाजू मे और ठकुराइन पीछे बैठ गयी.
ठकुआईन ने अपने बदन को कोट से छुपा लिया.और बड़बड़ाने लगी
ठकुराइन-कमीना कुत्ता मुझे ब्लॅकमेल कर रहा था. मुझ से पंगा लेने वाले को जान से हाथ धोना पड़ता है
रणजीतसिंघ-क्या हुआ माँ
ठकुराइन-मुझे ब्लॅकमेल कर रहा था. अच्छा किया मार डाला उसको
रणजीतसिंघ-ब्लॅकमेल ? मुझे शुरू से बताओ क्या हुआ था. आप कैसे इन सब मे फस गयी
ठकुराइन-पता नही कहाँ से उस के पास पायल की गंदी फोटो हाथ लगी. वो मुझे पायल के फोटो दिखा कर ब्लॅकमेल कर रहा था
रणजीतसिंघ-पायल, पायल ऐसा नही कर सकती. पायल उसके साथ मैं नही मानता.
ठकुराइन-मुझे भी यकीन नही हुआ था ,पर फोटो देख कर मुझे मान ना पड़ा. पायल के उसके साथ फोटो नही थे ,पायल के अकेली के फोटो थे.
अवी-वो फोटो तो वहाँ नही मिले
ठकुराइन-वो कल ही उसे जला दिए .और मेरे साथ अपना वीडियो बना दिया .और ठकुराइन ने पूरी कहानी बता दी
रणजीतसिंघ-पायल के फोटो जल गये ना, या कोई बाकी है.
ठकुराइन-मेरे पर्स मे है
मैं ने ठकुराइन के पर्स से पायल के फोटो निकाल दिए. और देखने लगा.
अवी-ये ड्यूप्लिकेट है. ये पायल नही है. सिर्फ़ पायल का चेहरा है बॉडी किसी और की है
ठकुराइन-मैं समझी नही.
अवी- पायल का चेहरा दूसरे की बॉडी पे लगाया है. और ये जो डेट फोटो पे लिखी है उस से पता चल रहा है कि ये फोटो नकली है.
रणजीतसिंघ-डेट, कौन सी डटे है
अवी-मेले के ख़तम होने के 3 दिन पहले की डेट है वो भी शाम 6.00 बजे की
ठकुराइन-इस से क्या पता चला
अवी-उस समय पायल मेरे साथ ,मेरी फॅमिली के साथ मेले मे थी.
रणजीतसिंघ-दिखाओ मुझे
रणजीतसिंघ ने फोटो देखे और मेरी बात को सहमति दी.
ठकुराइन-ये सब उसने क्यूँ किया ,
अवी-मैं समझ गया. उसने पायल के नकली फोटो से आपको यहाँ बुलाया होगा .फिर आपको फसा कर आपका वीडियो बनाया .और नकली फोटो जला दिए .और आपके वीडियो से पैसे माँगने लगा. और वो आपको ब्लॅकमेल करता रहता. नकली फोटो से आपको वीडियो बनाना ये उसका प्लान था पर हमारे आने से उसका प्लान फैल हो गया
[पायल की सेफ्टी ज़रूरी है,फोटो ड्यूप्लिकेट इसी लिए बनाए कि कोई पायल को इस बारे मे पूछे ना, पायल के फोटो तो ओरिजिनल भी ईस्तमाल कर सकता था पर ऐसा करता तो पायल बिना वजह फस जाती. ड्यूप्लिकेट फोटो की वजह से पायल से ठकुराइन इस बारे में कुछ नही पूछेंगी.अगर पूछ लेती तो मेरे और पायल के बीच मे झगड़ा हो जाता,पायल पे ठकुराइन गुस्सा होती. लेकिन अब पायल सेफ है. ये स्क्वेर ब्रॅकेट मे लिखा है. ये अवी मन मे नही सोच रहा है.]
ठकुराइन-अब पूरा खेल समझ मे आ गया. मेरी पायल ऐसा कर ही नही सकती.पर रंजीत तुम्हे कैसे पता चला कि मैं यहाँ हू
रणजीतसिंघ ने कार रोक ली
रणजीतसिंघ-अवी तुम कार चला सकते हो
अवी-(ट्राइ करता हूँ .पायल ने थोड़ा बहुत सिखाया है) हाँ
रणजीतसिंघ ने कार मुझे दी और ठकुराइन के पास पीछे जाकर बैठ गया.
रणजीतसिंघ-माँ आपने अवी के साथ ऐसा क्यूँ किया ,
मेरा नाम रणजीतसिंघ के मुँहसे सुनकर ठकुराइन डर गयी.
ठकुराइन-मैं ने क्या किया
रणजीतसिंघ-अवी ने मुझे सब बता दिया है कि आपने उसके साथ क्या किया है
ठकुराइन-क्या बताया उसने
रणजीतसिंघ-यही कि आप अवी के साथ चुदाई करती हो
ठकुराइन-अवी झूठ बोल रहा है. मैं ने ऐसा नही किया
और ठकुराइन ने अपना सर नीचे कर दिया.
रणजीतसिंघ ने ठकुराइन का सर पकड़ कर उपर किया
रणजीतसिंघ-अवी ने हमारी जान बचाई है.
ठकुराइन-रोते हुए ,अवी सच बोल रहा है.
रणजीतसिंघ-आपने ऐसा क्यूँ किया
ठकुराइन-मैं बहक गयी थी.
रणजीतसिंघ-ये सच नही है
ठकुराइन-मैं क्या करती रंजीत, तुम्हारे पिता मुझसे कितने बड़े है तुम्हे पता है. वो अब मुझे संतुष्ट नही कर सकते. तुम तो मुझसे सिर्फ़ 10 साल छोटे हो
रणजीतसिंघ-इसका अवी के साथ करने का क्या संबंध है
ठकुराइन-तुम्हारे पिताजी की उमर हो गयी है.वो मेरे साथ नही कर पाते ,ऐसे मे मैं ने 5 साल से कंट्रोल किया था. 5 क्या 8 साल से मैं तड़फ़ रही थी. (5 साल से ठाकुर ने चुदाई नही की. और उसके 3 साल से करते थे पर ठकुराइन को ठंडा नही कर पाते)
रणजीतसिंघ-पर अवी ही क्यूँ
ठकुराइन-मैं बदनामी से डरती थी. और अवी अच्छा लड़का था ,अच्छे घर से था ,इस लिए मैं ने उसके साथ किया पर जब उसने कुंवर की मदद की तो मैं उसे 1 महीने के लिए हवेली आने से रोकने वाली थी कि ये सब हो गया.
रणजीतसिंघ-आप इतने सालो से तड़फती रही. एक बार तो मुझे बता देती. मैं आप से कितना प्यार करता हूँ ये आपको भी पता है.
ठकुराइन-तुम जैसा सोच रहे हो वो ग़लत है. मैं तुम्हारी माँ हूँ.
रणजीतसिंघ-तो क्या हुआ. मैं तो आपसे उस्दिन से प्यार कर रहा हूँ जिस दिन आप पहली बार हवेली आई थी.
ठकुराइन-इसका अहसास था मुझे ,पर मैं ऐसा नही कर सकती.
रणजीतसिंघ-क्यूँ ?,क्यूँ कि मैं आपका बेटा हूँ.मैं आपका बेटा हूँ तो मेरे भी कुछ ज़िम्मेदारी है, आपको ऐसे तड़फते हुए देख नही सकता
ठकुराइन-मेरी ज़िंदगी मे यही लिखा है.
रणजीतसिंघ-आप ने अपनी ज़िंदगी बदलने की कोशिश की है. अवी के साथ रिस्ता बनाकर,पर अवी हमेशा तो हवेली नही आ सकता.
ठकुराइन-तुम समझ नही रहे हो,
रणजीतसिंघ-मैं सब समझता हूँ , आप भी मुझे पसंद करती है तभी मुझे किस किया
ठकुराइन-वो तुम्हे शांत करने के लिए किया. मुझे तुम्हारी ऐसी हालत देखी नही जा रही थी.
रणजीतसिंघ-मुझे ऐसे देख कर आप ने खुद को कंट्रोल नही किया ,आप मुझे प्यार करती है,मुझे गुस्से मे देख कर आपको मेरी फिकर होने लगी और मुझे किस किया
ठकुराइन-तुम ....
रणजीतसिंघ ने ठकुराइन का हाथ पकड़ लिया
रणजीतसिंघ-ठीक है .मैं यहाँ से कही और चला जाता हूँ, बहुत दूर , यहाँ इतने दिन से आपको देख कर दिल को तसल्ली दे रहा था कि आप एक दिन मेरी हो जाएँगी. पर अब आपके ना करने से मैं यहाँ अपने प्यार को मरते हुए नही देख सकता ,मैं कहीं दूर चला जाता हूँ. अवी कार रोको
मैं धीरे धीरे कार चला रहा था. रणजीतसिंघ की बात सुनकर मैं ने कार रोक ली.
रणजीतसिंघ कार का गेट खोल रहा था कि ठकुराइन के रणजीतसिंघ को गले लगा लिया.
ठकुराइन-तुम मुझे ऐसा तड़फता हुआ छोड़ कर जा रहे हो, क्या यही तुम्हारा प्यार था.
रणजीतसिंघ-आप मेरे प्यार नही समझ पाओगी. आप मेरा पहला प्यार हो और कामिनी दूसरा. आप दोनो के बिना मैं जी नही सकता.
ठकुराइन ने रणजीतसिंघ के मुँह पर हाथ रख दिया.
ठकुराइन-तुम्हे मेरे साथ जीना होगा. मेरे लिए जीना होगा. हमारे प्यार के लिए जीना होगा.
रणजीतसिंघ-आप मुझसे प्यार करती हो
ठकुराइन-हाँ,अब तक अपने ज़जबात दबा के रखे थे. अब और नही,
रणजीतसिंघ ने ठकुराइन की बात पूरी होने से पहले किस करना शुरू किया.
ठकुराइन ने रणजीतसिंघ को धक्का दिया.
ठकुराइन-कुछ तो शरम करो ,अवी यही है.
रणजीतसिंघ-उसे सब पता है. वो किसी को कुछ नही बताएगा.और उसने आपको मुझे किस करते हुए देखा है
ठकुराइन-लेकिन
रणजीतसिंघ-आप उसकी टेन्षन मत लो, वो किसी को कुछ नही बताएगा.वो हमारा हमराज़ होगा.
ठकुराइन-मेरे बारे में तो तुम को बताया था. अगर ऐसे ठाकुर को बता दिया तो
रणजीतसिंघ-हमे उस पे इतना भरोशा करना होगा. हम उसकी वजह से मिल सके है. उसने हमारी जान बचाई है.
ठकुराइन-वो तो है. अवी के हमारे उपर बहुत अहसान है .पता नही कैसे चुका पाएँगे.
रणजीतसिंघ-एक काम करते है ये पैसे अवी को देते है
ठकुराइन-हाँ, दे दो,
रणजीतसिंघ-अवी ये सारे पैसे तुम्हारे है ,और इस बारे में
अवी-किसी को कुछ नही बताउन्गा.
रणजीतसिंघ-अब आप खुश हो ना.
ठकुराइन-हाँ.
रणजीतसिंघ फिर से ठकुराइन को किस करने लगा.
रणजीतसिंघ ठकुराइन से इतना प्यार करता है मुझे आज ही पता चला.
चलो अच्छा हुआ रणजीतसिंघ को ठकुराइन मिल गयी. और मुझे ठकुराइन से छुटकारा मिल गया.
मैं मिरर मे रणजीतसिंघ और ठकुराइन को प्यार करते देख रहा था.
दोनो किस करने मे इतना खो गये कि मुझे भूल ही गये. मैं ने उनको प्यार करने दिया .
वो दोनो प्यार कर रहे थे और मैं पायल के लेसन याद करके कार चलाने लगा.
वापस ठकुराइन की चुदाई वाली जगह पर आकर ठकुराइन का पर्स ले लिया
अवी-चलो यहाँ से
रणजीतसिंघ-हाँ चलते है
ठकुराइन-पर ये कौन था
रणजीतसिंघ-आपको नही पता
ठकुराइन-मैं ने उसका चेहरा कहाँ देखा .तुम ने देखा था
रणजीतसिंघ-नही. जाने दो चलो यहाँ से, आप कपड़े पहन लीजिए
कपड़ो की बात आते ही ठकुराइन शर्मा गयी.
उसको अपने नंगे होने का अहसास हुआ.
अवी-ठकुराइन के कपड़े जला दिए है. उनको ऐसे ही चलना होगा.
रणजीतसिंघ-मेरे फार्महाउस चलते है .वहाँ कपड़े मिल जाएँगे. चलो अब
हम कार के पास आ गये. रणजीतसिंघ ड्राइविंग सीट पर बैठ गया मैं उसके बाजू मे और ठकुराइन पीछे बैठ गयी.
ठकुआईन ने अपने बदन को कोट से छुपा लिया.और बड़बड़ाने लगी
ठकुराइन-कमीना कुत्ता मुझे ब्लॅकमेल कर रहा था. मुझ से पंगा लेने वाले को जान से हाथ धोना पड़ता है
रणजीतसिंघ-क्या हुआ माँ
ठकुराइन-मुझे ब्लॅकमेल कर रहा था. अच्छा किया मार डाला उसको
रणजीतसिंघ-ब्लॅकमेल ? मुझे शुरू से बताओ क्या हुआ था. आप कैसे इन सब मे फस गयी
ठकुराइन-पता नही कहाँ से उस के पास पायल की गंदी फोटो हाथ लगी. वो मुझे पायल के फोटो दिखा कर ब्लॅकमेल कर रहा था
रणजीतसिंघ-पायल, पायल ऐसा नही कर सकती. पायल उसके साथ मैं नही मानता.
ठकुराइन-मुझे भी यकीन नही हुआ था ,पर फोटो देख कर मुझे मान ना पड़ा. पायल के उसके साथ फोटो नही थे ,पायल के अकेली के फोटो थे.
अवी-वो फोटो तो वहाँ नही मिले
ठकुराइन-वो कल ही उसे जला दिए .और मेरे साथ अपना वीडियो बना दिया .और ठकुराइन ने पूरी कहानी बता दी
रणजीतसिंघ-पायल के फोटो जल गये ना, या कोई बाकी है.
ठकुराइन-मेरे पर्स मे है
मैं ने ठकुराइन के पर्स से पायल के फोटो निकाल दिए. और देखने लगा.
अवी-ये ड्यूप्लिकेट है. ये पायल नही है. सिर्फ़ पायल का चेहरा है बॉडी किसी और की है
ठकुराइन-मैं समझी नही.
अवी- पायल का चेहरा दूसरे की बॉडी पे लगाया है. और ये जो डेट फोटो पे लिखी है उस से पता चल रहा है कि ये फोटो नकली है.
रणजीतसिंघ-डेट, कौन सी डटे है
अवी-मेले के ख़तम होने के 3 दिन पहले की डेट है वो भी शाम 6.00 बजे की
ठकुराइन-इस से क्या पता चला
अवी-उस समय पायल मेरे साथ ,मेरी फॅमिली के साथ मेले मे थी.
रणजीतसिंघ-दिखाओ मुझे
रणजीतसिंघ ने फोटो देखे और मेरी बात को सहमति दी.
ठकुराइन-ये सब उसने क्यूँ किया ,
अवी-मैं समझ गया. उसने पायल के नकली फोटो से आपको यहाँ बुलाया होगा .फिर आपको फसा कर आपका वीडियो बनाया .और नकली फोटो जला दिए .और आपके वीडियो से पैसे माँगने लगा. और वो आपको ब्लॅकमेल करता रहता. नकली फोटो से आपको वीडियो बनाना ये उसका प्लान था पर हमारे आने से उसका प्लान फैल हो गया
[पायल की सेफ्टी ज़रूरी है,फोटो ड्यूप्लिकेट इसी लिए बनाए कि कोई पायल को इस बारे मे पूछे ना, पायल के फोटो तो ओरिजिनल भी ईस्तमाल कर सकता था पर ऐसा करता तो पायल बिना वजह फस जाती. ड्यूप्लिकेट फोटो की वजह से पायल से ठकुराइन इस बारे में कुछ नही पूछेंगी.अगर पूछ लेती तो मेरे और पायल के बीच मे झगड़ा हो जाता,पायल पे ठकुराइन गुस्सा होती. लेकिन अब पायल सेफ है. ये स्क्वेर ब्रॅकेट मे लिखा है. ये अवी मन मे नही सोच रहा है.]
ठकुराइन-अब पूरा खेल समझ मे आ गया. मेरी पायल ऐसा कर ही नही सकती.पर रंजीत तुम्हे कैसे पता चला कि मैं यहाँ हू
रणजीतसिंघ ने कार रोक ली
रणजीतसिंघ-अवी तुम कार चला सकते हो
अवी-(ट्राइ करता हूँ .पायल ने थोड़ा बहुत सिखाया है) हाँ
रणजीतसिंघ ने कार मुझे दी और ठकुराइन के पास पीछे जाकर बैठ गया.
रणजीतसिंघ-माँ आपने अवी के साथ ऐसा क्यूँ किया ,
मेरा नाम रणजीतसिंघ के मुँहसे सुनकर ठकुराइन डर गयी.
ठकुराइन-मैं ने क्या किया
रणजीतसिंघ-अवी ने मुझे सब बता दिया है कि आपने उसके साथ क्या किया है
ठकुराइन-क्या बताया उसने
रणजीतसिंघ-यही कि आप अवी के साथ चुदाई करती हो
ठकुराइन-अवी झूठ बोल रहा है. मैं ने ऐसा नही किया
और ठकुराइन ने अपना सर नीचे कर दिया.
रणजीतसिंघ ने ठकुराइन का सर पकड़ कर उपर किया
रणजीतसिंघ-अवी ने हमारी जान बचाई है.
ठकुराइन-रोते हुए ,अवी सच बोल रहा है.
रणजीतसिंघ-आपने ऐसा क्यूँ किया
ठकुराइन-मैं बहक गयी थी.
रणजीतसिंघ-ये सच नही है
ठकुराइन-मैं क्या करती रंजीत, तुम्हारे पिता मुझसे कितने बड़े है तुम्हे पता है. वो अब मुझे संतुष्ट नही कर सकते. तुम तो मुझसे सिर्फ़ 10 साल छोटे हो
रणजीतसिंघ-इसका अवी के साथ करने का क्या संबंध है
ठकुराइन-तुम्हारे पिताजी की उमर हो गयी है.वो मेरे साथ नही कर पाते ,ऐसे मे मैं ने 5 साल से कंट्रोल किया था. 5 क्या 8 साल से मैं तड़फ़ रही थी. (5 साल से ठाकुर ने चुदाई नही की. और उसके 3 साल से करते थे पर ठकुराइन को ठंडा नही कर पाते)
रणजीतसिंघ-पर अवी ही क्यूँ
ठकुराइन-मैं बदनामी से डरती थी. और अवी अच्छा लड़का था ,अच्छे घर से था ,इस लिए मैं ने उसके साथ किया पर जब उसने कुंवर की मदद की तो मैं उसे 1 महीने के लिए हवेली आने से रोकने वाली थी कि ये सब हो गया.
रणजीतसिंघ-आप इतने सालो से तड़फती रही. एक बार तो मुझे बता देती. मैं आप से कितना प्यार करता हूँ ये आपको भी पता है.
ठकुराइन-तुम जैसा सोच रहे हो वो ग़लत है. मैं तुम्हारी माँ हूँ.
रणजीतसिंघ-तो क्या हुआ. मैं तो आपसे उस्दिन से प्यार कर रहा हूँ जिस दिन आप पहली बार हवेली आई थी.
ठकुराइन-इसका अहसास था मुझे ,पर मैं ऐसा नही कर सकती.
रणजीतसिंघ-क्यूँ ?,क्यूँ कि मैं आपका बेटा हूँ.मैं आपका बेटा हूँ तो मेरे भी कुछ ज़िम्मेदारी है, आपको ऐसे तड़फते हुए देख नही सकता
ठकुराइन-मेरी ज़िंदगी मे यही लिखा है.
रणजीतसिंघ-आप ने अपनी ज़िंदगी बदलने की कोशिश की है. अवी के साथ रिस्ता बनाकर,पर अवी हमेशा तो हवेली नही आ सकता.
ठकुराइन-तुम समझ नही रहे हो,
रणजीतसिंघ-मैं सब समझता हूँ , आप भी मुझे पसंद करती है तभी मुझे किस किया
ठकुराइन-वो तुम्हे शांत करने के लिए किया. मुझे तुम्हारी ऐसी हालत देखी नही जा रही थी.
रणजीतसिंघ-मुझे ऐसे देख कर आप ने खुद को कंट्रोल नही किया ,आप मुझे प्यार करती है,मुझे गुस्से मे देख कर आपको मेरी फिकर होने लगी और मुझे किस किया
ठकुराइन-तुम ....
रणजीतसिंघ ने ठकुराइन का हाथ पकड़ लिया
रणजीतसिंघ-ठीक है .मैं यहाँ से कही और चला जाता हूँ, बहुत दूर , यहाँ इतने दिन से आपको देख कर दिल को तसल्ली दे रहा था कि आप एक दिन मेरी हो जाएँगी. पर अब आपके ना करने से मैं यहाँ अपने प्यार को मरते हुए नही देख सकता ,मैं कहीं दूर चला जाता हूँ. अवी कार रोको
मैं धीरे धीरे कार चला रहा था. रणजीतसिंघ की बात सुनकर मैं ने कार रोक ली.
रणजीतसिंघ कार का गेट खोल रहा था कि ठकुराइन के रणजीतसिंघ को गले लगा लिया.
ठकुराइन-तुम मुझे ऐसा तड़फता हुआ छोड़ कर जा रहे हो, क्या यही तुम्हारा प्यार था.
रणजीतसिंघ-आप मेरे प्यार नही समझ पाओगी. आप मेरा पहला प्यार हो और कामिनी दूसरा. आप दोनो के बिना मैं जी नही सकता.
ठकुराइन ने रणजीतसिंघ के मुँह पर हाथ रख दिया.
ठकुराइन-तुम्हे मेरे साथ जीना होगा. मेरे लिए जीना होगा. हमारे प्यार के लिए जीना होगा.
रणजीतसिंघ-आप मुझसे प्यार करती हो
ठकुराइन-हाँ,अब तक अपने ज़जबात दबा के रखे थे. अब और नही,
रणजीतसिंघ ने ठकुराइन की बात पूरी होने से पहले किस करना शुरू किया.
ठकुराइन ने रणजीतसिंघ को धक्का दिया.
ठकुराइन-कुछ तो शरम करो ,अवी यही है.
रणजीतसिंघ-उसे सब पता है. वो किसी को कुछ नही बताएगा.और उसने आपको मुझे किस करते हुए देखा है
ठकुराइन-लेकिन
रणजीतसिंघ-आप उसकी टेन्षन मत लो, वो किसी को कुछ नही बताएगा.वो हमारा हमराज़ होगा.
ठकुराइन-मेरे बारे में तो तुम को बताया था. अगर ऐसे ठाकुर को बता दिया तो
रणजीतसिंघ-हमे उस पे इतना भरोशा करना होगा. हम उसकी वजह से मिल सके है. उसने हमारी जान बचाई है.
ठकुराइन-वो तो है. अवी के हमारे उपर बहुत अहसान है .पता नही कैसे चुका पाएँगे.
रणजीतसिंघ-एक काम करते है ये पैसे अवी को देते है
ठकुराइन-हाँ, दे दो,
रणजीतसिंघ-अवी ये सारे पैसे तुम्हारे है ,और इस बारे में
अवी-किसी को कुछ नही बताउन्गा.
रणजीतसिंघ-अब आप खुश हो ना.
ठकुराइन-हाँ.
रणजीतसिंघ फिर से ठकुराइन को किस करने लगा.
रणजीतसिंघ ठकुराइन से इतना प्यार करता है मुझे आज ही पता चला.
चलो अच्छा हुआ रणजीतसिंघ को ठकुराइन मिल गयी. और मुझे ठकुराइन से छुटकारा मिल गया.
मैं मिरर मे रणजीतसिंघ और ठकुराइन को प्यार करते देख रहा था.
दोनो किस करने मे इतना खो गये कि मुझे भूल ही गये. मैं ने उनको प्यार करने दिया .
वो दोनो प्यार कर रहे थे और मैं पायल के लेसन याद करके कार चलाने लगा.