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रेशमा मेरे गले लग गयी.रेशमा के बूब्स मेरी पीठ मे दब गये.
रेशमा-तुम्हें ऐसे जाने नही दूँगी.
अवी-तुम तो मेरी बात मानती ही नही.
रेशमा-अब ऐसा नही होगा.
अवी-मैं कैसे मान लूँ .
रेशमा-कुछ बोल के देखो ,
अवी-तुम ने अपनी वर्जिंटी किस के साथ तोड़ी.
रेशमा-कुँवरसिंघ के साथ
अवी-और कहाँ कहाँ उसका लंड लिया है.
रेशमा-मूह और चू
अवी-देखा तुम ने मेरे सवाल का जवाब नही दिया.
रेशमा-मूह और चूत मे
अवी-क्यू ,पीछे क्यूँ नही लिया.
रेशमा-वहाँ नही करते है. कुंवर ने भी कभी किया नही.
अवी-कामिनी को देखा है. उसकी गंद ऐसी कैसी हुई है. लंड लेकर वो इतनी हॉट हुई है.
रेशमा-पर कुंवर को ये पसंद नही है.
अवी-पर मुझे तो पसंद है.
रेशमा-तो तुम्ही पहली बार उद्घाटन कर दो.
अवी-यही तो मैं सुन ना चाहता था.
और मैं पलट कर रेशमा को गले लगा लिया .और उसकी गंद को दबा दिया.
गंद को दबाते रेशमा मुझसे कस के चिपक गयी. रेशमा के बूब्स मेरे चेस्ट मे दब गये.
रेशमा के रेशमी बालो के साथ खेलने को मैं तैयार था.
रेशमा के गुलाभी बदन को लाल करने मे पूरी जी जान लगा दूँगा.
रेशमा सिर्फ़ एक दिन के लिए मेरी गर्लफ्रेंड बन रही थी तो उसे मैं खुश तो ज़रूर करूँगा.
रेशमा सिर्फ़ पैंटी मे मेरे गले लगी हुई.
रेशमा के सुंदर बदन को अपने बाहों मे क़ैद करके मेरे दिल मे तो लड्डू फुट रहे थे.
कुवरसिंघ भी अजीब था. रेशमा जैसी खूबसूरत बीवी को छोड़ कर बाहर मूह मारता फिरता है.
रेशमा जैसी बीवी हो तो बेड से उठने का मन नही होता.
रेशमा को रोज मसल्ने पर भी उसकी खूबसूरत और निखार जाएगी.ऐसी रेशमा थी.
कुँवरसिंघ को शायद नया खून टेस्ट करने की आदत होगी.
तभी वो रेशमा जैसी सुंदरता की देवी को छोड़ कर इधर उधर भागता था पर अब वो भी रेशमा की वाल्व मेरी मदद से समझ गया.
लेकिन पहले रेशमा को मैं टेस्ट करूँगा.
उसकी गुलाबी पिंकी को मैं अपने लंड से लाल कर दूँगा.
रेशमा के साथ पिंक पिंक खेलने का समय आ गया था.
थोड़ी देर हम ऐसे एक दूसरे के बदन की गर्मी को फील करने लगे.
रेशमा के गुलाबी बदन को अपने हाथो से मसल्ते हुए माइन रेशमा की गर्मी से अपने लंड को खड़ा कर रहा था.
अवी-रेशमा .अब मैं तुम्हें प्यार करने वाला हूँ. मेरा साथ देना.
रेशमा-ह्म्म्म
अवी-मैं तुम्हारे बूब्स को हाथ नही लगाउन्गा .क्यूँ कि उसमे तुम्हारे बेटे का खाना है.
मेरी बात सुनते ही रेशमा फिर से मेरे गले लग गयी.
रेशमा-तुम इतने अच्छे क्यूँ हो
अवी-मैं बहोत बुरा भी हूँ.
रेशमा-मैं नही मानती
अवी-(सच बोलो तो कोई विश्वास नही करता )अभी प्यार करके दिखा दूं मैं कितना बुरा इंसान हूँ.
रेशमा-हाँ,
मैं ने रेशमा को बेड पर पटक दिया और मैं उसके उपर आ गया.
अवी-तुम्हें पता है तुम चीज़ क्या हो.
रेशमा-हाँ, तुम्हारी गर्लफ्रेंड
और रेशमा का मूह मैं ने बंद कर दिया.
रेशमा के रेड होंठो से मेरे होंठ मिल गये. और इसकी के साथ हमारे प्यार करना शुरू हो गया.
मैं ने रेशमा को अपने साथ चुदाई करने को तैयार कर लिया. रेशमा बेड पर मूर्ति की तरह ना रहे इस लिए रेशमा को लास्ट टाइम जाने की बात कही ताकि वो चुदाई मे मेरा पूरा साथ दे.
इसी के साथ रेशमा की कुँवारी गंद भी मिल गयी.गंद से पहले एक लंबा सफ़र तय करना है.
रेशमा जैसी खूबसूरत औरत का साथ ना मिले बेड पे तो कैसा मज़ा आएगा प्यार करने मे.
पार्टनर अगर दिल से प्यार करने वाला मिल जाए तो बेड टूट जाते है.
पार्टनर जानवर बन कर प्यार करे तो कपड़े फट जाते है.
और मैं जानवर बन गया तो चूत और गंद फट जाती है.
अब देखना है रेशमा मेरा कितना साथ देती है.
अभी तो रेशमा के होंठो से स्ट्रॅट किया है. बहुत लंबा सफ़र तय करना है.
नॉर्थ पोल से साउत पोल से भी ज़्यादा लंबा सफ़र होता है पर पूरा सफ़र इतना प्यार इतना मज़ा देता है कि मेरा घोड़ा ये सफ़र हर बार करने को तैयार रहता है.
रेशमा के मूह के बाद चूत फिर गंद का नंबर आएगा. पर पहले मूह तो मीठा कर दूं
रेशमा के होंठो मे 1 महीने मे काफ़ी रस जमा हो गया था. अगर यहाँ ये हाल है तो नीचे क्या होगा.
आज तो मेरी लॉटरी लग गयी है.
मैं रेशमा के दोनो होंठो को बारी बारी चूसने लगा.
रेशमा भी मुझे किस करते हुए मेरा साथ दे रही थी.
इस किस को और मज़ेदार बनाने के लिए मैं ने किस करना बंद किया.
और रेशमा के उपर से अलग होकर अपने कपड़े निकालने लगा.
रेशमा मेरे शरीर को देख कर अपने हाथ अपने बदन पर घुमाने लगी.रेशमा पैंटी मे थी तो मैं भी अंडरवेर मे हो गया.
रेशमा मेरे लंड को अंडरवेर मे बनाए टेंट को देख कर ,मेरे लंड सुंदरता की कल्पना करने लगी.
मैं ने अपने लंड पर हाथ लगा कर रेशमा को दिखाया.
रेशमा ने मेरी तरफ उंगली दिखा कर अपने तरफ आने को कहा.
मैं उसके पास आते उसने लंड को अंडरवेर के उपर से पकड़ लिया.और लंड की ताक़त हार्डनेस को फील कर खुश हो गयी.
उसकी खुशी को जानने के लिए मैं उसके उपर आकर किस करने लगा.
अब तो किस करने मे डबल मज़ा आ रहा था .एक तो हम नंगे थे जिस से एक दूसरे के बदन को रगड़ने से मज़ा आ रहा था. और रेशमा मेरे लंड की ताक़त और बढ़ाने के लिए मुझे जोश के साथ किस कर रही थी.
मैं भी रेशमा के प्यारे होंठो को जिसने मेरी इतनी तारीफ की है उसको चूसने लगा.
रेशमा को मेरे साथ प्यार करने से अच्छा लग रहा था.
मोना ने कहा था कि कुँवरसिंघ जानवर जैसा सेक्स करता है.
रेशमा को प्यार वाला सेक्स चाहिए जिसमे पार्टनर की खुशी का ध्यान रखा जाए.
रेशमा इसी लिए अपने दिल से मुझे किस कर रही थी.
रेशमा को मेरे बारे मे सब अच्छा लग रहा था. उसे उम्मीद थी कि आज उसे बहोत प्यार मिलेगा.
रेशमा को देखते मैं ठकुराइन और कामिनी जैसा चुदाई नही करूँगा. ऐसी चुदाई करूँगा कि उसे मुझसे जो चाहिए वो मिल जाए. अब तक उसने कुँवरसिंघ से उम्मीद लगाई हुई थी पर वो उम्मीद पूरी नही हुई. पर मैं रेशमा को उसकी खुशी लौटाने की पूरी कोशिस करूँगा.
रेशमा के नशीले होंठो का नशा मैं पीने लगा.ताकि मैं अपने लंड को एक्सट्रा एनर्जी दे सकूँ.
इस नशे को मैं वापस रेशमा को पिलाने लगा. अपनी जीभ रेशमा के मूह मे डाल कर.
रेशमा खुद के होंठो का नशा पीने से और नशीली हो गयी. नागिन से ज़्यादा नशा रेशमा मे था.
मैं रेशमा को ऐसा प्यार करना चाहता था कि वो इस पल को हमेशा याद रखे
हम किस करने मे पूरी तरह से खो गये थे.
ऐसे खो गये कि हम किस करते हुए एक दूसरे के होंठो को काटने लगे.
काटने के दर्द से हमारा जोश बढ़ कर किस को वाइल्ड बना रहा था.
क्या किस था हमारा, उसके नाख़ून मेरे पीठ मे चुभ रहे थे. तो मैं उसके रेशमी बालो को बिखरा रहा था.
किस करने मे जिस तरह रेशमा साथ दे रही थी उस से चुदाई करने मे मज़ा आने वाला था.
रेशमा ने मेरे नीचे होंठ को ज़्यादा चूसा था .और मैं ने तो एक बार रेशमा के दोनो होंठो के अपने होंठो के बीच मे लिया था.
किस करने की एक लिमिट थी हम ने वो लिमिट भी पार कर ली.
लेकिन हमे किस को रोकना था.हमे सास लेने की ज़रूरत थी.मैं बिनारेशमा को प्यार किए मरना नही चाहता था
रेशमा और मैं एक दूसरे के तरफ देख कर हाँफने लगे.
रेशमा ने मुझे ऐसा देखते हुए अपनी आँखे बंद की.
और अपने रेशमी बालो से अपने चेहरे को छुपाने लगी.
रेशमा को उसका नाम सूट करता है.उसके रेशमी बालो पर उसका नाम बदल कर रेशमा रखा होगा ऐसा लग रहा था.
मैं ने रेशमा की आँखो पे किस किया और ऐसे किस करते हुए नीचे आने लगा.
गर्दन से होते मैं ने रेशमा के बूब्स पर एक किस किया और नीचे चला गया.
रेशमा के बेटे का हक मैं छीन ना नही चाहता था.
हिमायल जैसे उसके बूब्स को पार करके ईक्वीटर के पास आ गया था.
आधा सफ़र पार कर लिया है. अब जल्दी साउत पोल पे जाकर झंडा गाढ़ना चाहता हूँ.
नाभि पे किस करके रेशमा के बदन मे गुदगुदी पैदा की ताकि चूत पर जाते उसका मूड खिल जाए.
नाभि पर किस करने के बाद रेशमा की पिंक पैंटी मे छुपी हुई पिंकी को देखने का समय आ गया.
मैं ने रेशमा की पिंक पैंटी पे किस किया. इस पिंक कलर ने मेरा साथ दिया तभी रेशमा की पिंकी मिली
रेशमा के साथ पिंक पिंक खेलने मे मज़ा आएगा.
पैंटी पर किस करते करते रेशमा के बदन मे हलचल होनी शुरू हो गयी.
रेशमा की पिंकी तो अभी से डर के काँप कर रही है.
मैं अपना झंडा रेशमा की पिंकी मे डालूँगा तो पिंकी मेरा साथ नही देगी.
मुझे रेशमा की पिंकी का डर ख़तम करना होगा.
रेशमा की पिंकी को पहले प्यार करना होगा.
रेशमा की पिंकी को खुश करता हूँ. अपना दीवाना बनाता हूँ ,फिर वो खुद मेरी गोद को अपनी सवारी करने को बोलेगी.
मैं ने पैंटी को धीरे धीरे निकाल ना शुरू किया. मेरे कहने से पहले रेशमा ने अपनी गंद उपर करके पैंटी निकालने मे मेरा साथ दिया.
पैंटी निकलते ही रेशमा की पिंकी मेरे सामने आ गयी.
रेशमा की चूत देखते मूह ने पानी आ गया.
हवेली की सारी चूत ऐसी ही थी. एक से बढ़ कर एक थी. देखो तो बस खा जाने का मन हो रहा था.
हवेली की हर पिंकी की अपनी खूबिया थी.
ठकुराइन पायल और कामिनी के चूत की तारीफ करने को मेरे पासवर्ड नही थे.
और रेशमा की पिंकी के क्या कहने ,लाखों मे नही करोड़ मे एक होगी.
सच मे रेशमा की पिंकी पिंक कलर की दिख रही थी. दुल्हन से ज़्यादा संदर पिंकी थी.
इस रेशमा के पिंकी पे हज़ारो कुँवारी चूत कुर्बान कर दूं.
रेशमा के डेलिवेरी को ज़्यादा दिन नही हुए थे.जिस से थोड़ी ढीली होगी. पर दिखने से टाइट लग रही थी.पर रेशमा ने कुछ ना कुछ किया होगा खुद को मेनटेन रकने की. क्यू की ऐसा ना करती तो कुँवरसिंघ को अपने पास कैसे रखती
जाने दो ,ऐसी चूत का एक्सपीरियेन्स भी मिलना ज़रूरी है.
मैं ने रेशमा की पिंकी के होंठो को खोल कर देखा. उसके होंठ आराम से खुल गये और मुझे जन्नत दिख गया.
जन्नत कही है तो यही है.
रेशमा की चूत को और गीली करवाने का टाइम आ गया.
मैं ने शुरुआत किस करने से की. किस एक 2 करके रुकने वाला नही था.
मैं ने किस की बारिश कर दी.अपनी पिंकी पर मेरे होंठ महसूस करते रेशमा के मूह आहह निकल गया.
रेशमा ने अपनी आँखो को खोल कर मुझे देखा.और मुझे अपनी पिंकी पर किस करते हुए देख कर शरमाने की जगह मज़ा लेने लगी.
चूत चूसवाना किसी को भी पसंद होता है. ऐसे मे मेरी जीभ उस पे तलवार चलाने का काम करती
रेशमा की पिंकी ढीली थी जिस से उसका दाना मेरे जीभ के कॉंटॅक्ट मे अच्छे से आने लगा.
दाने पर मेरी जीभ से रेशमा हवा मे उड़ कर पूरी दुनिया घूमने लगी.
मैं ने अपनी जीभ को रेशमा की गहराई मे डालना शुरू किया.
रेशमा की पिंकी इतने दिनो बाद किसी के प्यार को पा कर खुश थी.
खुशी के मारे रेशमा की पिंकी धीरे धीरे रोने लगी.
उसके ऐसे रोने से मैं भी मस्ती मे आकर उसका सारा पानी निकालना चाहता था
रेशमा की पिंकी ढीली थी जिस से मुझे पिंकी खोल कर रखने को उंगली का ज़्यादा इस्तेमाल करना नही पड़ा.
रेशमा की ऐसी पिंकी मे मज़ा आ रहा है तो टाइट पिंकी मे कितना आता.
पर यही टाइम था जिस पे मुझे रेशमा मिल सकती थी.
पर ये पिंकी सिर्फ़ एक दिन के लिए मेरी थी. जिस से इसका पूरा मज़ा लेने लगा.
और मैं मज़ा कैसे लेता हूँ ये मुझसे ज़्यादा मेरी जीभ जानती है. क्यू कि वो मज़ा लेती थी.
मैं अब तक अपने कंट्रोल मे था और रेशमा मज़ा ले रही थी. फिर मैं मज़ा लेने लगा और रेशमा ने अपना कंट्रोल खो दिया.
मेरे मज़े करने से रेशमा की पिंकी ने पानी छोड़ना शुरू किया.
रेशमा के पिंकी से जो पानी निकाला वो टेस्ट मे अलग था.
और नयी चीज़ मुझे हमेशा अच्छी लगती है.
मैं रेशमा का पानी पीकर खुश हो गया.
रेशमा की पिंकी का पानी सफाचत कर दिया.
पानी पीने के बाद मैं ने रेशमा की तरफ देखा
रेशमा ने अपने मूह पर हाथ रखा हुआ था. इसी लिए उसकी शीष्कारी नही निकल रही थी.
रेशमा का बेटा यही सो रहा था जिस से उसने इस बात का ध्यान रखा कि शीष्कारी ना निकल जाए.
रेशमा मेरे गले लग गयी.रेशमा के बूब्स मेरी पीठ मे दब गये.
रेशमा-तुम्हें ऐसे जाने नही दूँगी.
अवी-तुम तो मेरी बात मानती ही नही.
रेशमा-अब ऐसा नही होगा.
अवी-मैं कैसे मान लूँ .
रेशमा-कुछ बोल के देखो ,
अवी-तुम ने अपनी वर्जिंटी किस के साथ तोड़ी.
रेशमा-कुँवरसिंघ के साथ
अवी-और कहाँ कहाँ उसका लंड लिया है.
रेशमा-मूह और चू
अवी-देखा तुम ने मेरे सवाल का जवाब नही दिया.
रेशमा-मूह और चूत मे
अवी-क्यू ,पीछे क्यूँ नही लिया.
रेशमा-वहाँ नही करते है. कुंवर ने भी कभी किया नही.
अवी-कामिनी को देखा है. उसकी गंद ऐसी कैसी हुई है. लंड लेकर वो इतनी हॉट हुई है.
रेशमा-पर कुंवर को ये पसंद नही है.
अवी-पर मुझे तो पसंद है.
रेशमा-तो तुम्ही पहली बार उद्घाटन कर दो.
अवी-यही तो मैं सुन ना चाहता था.
और मैं पलट कर रेशमा को गले लगा लिया .और उसकी गंद को दबा दिया.
गंद को दबाते रेशमा मुझसे कस के चिपक गयी. रेशमा के बूब्स मेरे चेस्ट मे दब गये.
रेशमा के रेशमी बालो के साथ खेलने को मैं तैयार था.
रेशमा के गुलाभी बदन को लाल करने मे पूरी जी जान लगा दूँगा.
रेशमा सिर्फ़ एक दिन के लिए मेरी गर्लफ्रेंड बन रही थी तो उसे मैं खुश तो ज़रूर करूँगा.
रेशमा सिर्फ़ पैंटी मे मेरे गले लगी हुई.
रेशमा के सुंदर बदन को अपने बाहों मे क़ैद करके मेरे दिल मे तो लड्डू फुट रहे थे.
कुवरसिंघ भी अजीब था. रेशमा जैसी खूबसूरत बीवी को छोड़ कर बाहर मूह मारता फिरता है.
रेशमा जैसी बीवी हो तो बेड से उठने का मन नही होता.
रेशमा को रोज मसल्ने पर भी उसकी खूबसूरत और निखार जाएगी.ऐसी रेशमा थी.
कुँवरसिंघ को शायद नया खून टेस्ट करने की आदत होगी.
तभी वो रेशमा जैसी सुंदरता की देवी को छोड़ कर इधर उधर भागता था पर अब वो भी रेशमा की वाल्व मेरी मदद से समझ गया.
लेकिन पहले रेशमा को मैं टेस्ट करूँगा.
उसकी गुलाबी पिंकी को मैं अपने लंड से लाल कर दूँगा.
रेशमा के साथ पिंक पिंक खेलने का समय आ गया था.
थोड़ी देर हम ऐसे एक दूसरे के बदन की गर्मी को फील करने लगे.
रेशमा के गुलाबी बदन को अपने हाथो से मसल्ते हुए माइन रेशमा की गर्मी से अपने लंड को खड़ा कर रहा था.
अवी-रेशमा .अब मैं तुम्हें प्यार करने वाला हूँ. मेरा साथ देना.
रेशमा-ह्म्म्म
अवी-मैं तुम्हारे बूब्स को हाथ नही लगाउन्गा .क्यूँ कि उसमे तुम्हारे बेटे का खाना है.
मेरी बात सुनते ही रेशमा फिर से मेरे गले लग गयी.
रेशमा-तुम इतने अच्छे क्यूँ हो
अवी-मैं बहोत बुरा भी हूँ.
रेशमा-मैं नही मानती
अवी-(सच बोलो तो कोई विश्वास नही करता )अभी प्यार करके दिखा दूं मैं कितना बुरा इंसान हूँ.
रेशमा-हाँ,
मैं ने रेशमा को बेड पर पटक दिया और मैं उसके उपर आ गया.
अवी-तुम्हें पता है तुम चीज़ क्या हो.
रेशमा-हाँ, तुम्हारी गर्लफ्रेंड
और रेशमा का मूह मैं ने बंद कर दिया.
रेशमा के रेड होंठो से मेरे होंठ मिल गये. और इसकी के साथ हमारे प्यार करना शुरू हो गया.
मैं ने रेशमा को अपने साथ चुदाई करने को तैयार कर लिया. रेशमा बेड पर मूर्ति की तरह ना रहे इस लिए रेशमा को लास्ट टाइम जाने की बात कही ताकि वो चुदाई मे मेरा पूरा साथ दे.
इसी के साथ रेशमा की कुँवारी गंद भी मिल गयी.गंद से पहले एक लंबा सफ़र तय करना है.
रेशमा जैसी खूबसूरत औरत का साथ ना मिले बेड पे तो कैसा मज़ा आएगा प्यार करने मे.
पार्टनर अगर दिल से प्यार करने वाला मिल जाए तो बेड टूट जाते है.
पार्टनर जानवर बन कर प्यार करे तो कपड़े फट जाते है.
और मैं जानवर बन गया तो चूत और गंद फट जाती है.
अब देखना है रेशमा मेरा कितना साथ देती है.
अभी तो रेशमा के होंठो से स्ट्रॅट किया है. बहुत लंबा सफ़र तय करना है.
नॉर्थ पोल से साउत पोल से भी ज़्यादा लंबा सफ़र होता है पर पूरा सफ़र इतना प्यार इतना मज़ा देता है कि मेरा घोड़ा ये सफ़र हर बार करने को तैयार रहता है.
रेशमा के मूह के बाद चूत फिर गंद का नंबर आएगा. पर पहले मूह तो मीठा कर दूं
रेशमा के होंठो मे 1 महीने मे काफ़ी रस जमा हो गया था. अगर यहाँ ये हाल है तो नीचे क्या होगा.
आज तो मेरी लॉटरी लग गयी है.
मैं रेशमा के दोनो होंठो को बारी बारी चूसने लगा.
रेशमा भी मुझे किस करते हुए मेरा साथ दे रही थी.
इस किस को और मज़ेदार बनाने के लिए मैं ने किस करना बंद किया.
और रेशमा के उपर से अलग होकर अपने कपड़े निकालने लगा.
रेशमा मेरे शरीर को देख कर अपने हाथ अपने बदन पर घुमाने लगी.रेशमा पैंटी मे थी तो मैं भी अंडरवेर मे हो गया.
रेशमा मेरे लंड को अंडरवेर मे बनाए टेंट को देख कर ,मेरे लंड सुंदरता की कल्पना करने लगी.
मैं ने अपने लंड पर हाथ लगा कर रेशमा को दिखाया.
रेशमा ने मेरी तरफ उंगली दिखा कर अपने तरफ आने को कहा.
मैं उसके पास आते उसने लंड को अंडरवेर के उपर से पकड़ लिया.और लंड की ताक़त हार्डनेस को फील कर खुश हो गयी.
उसकी खुशी को जानने के लिए मैं उसके उपर आकर किस करने लगा.
अब तो किस करने मे डबल मज़ा आ रहा था .एक तो हम नंगे थे जिस से एक दूसरे के बदन को रगड़ने से मज़ा आ रहा था. और रेशमा मेरे लंड की ताक़त और बढ़ाने के लिए मुझे जोश के साथ किस कर रही थी.
मैं भी रेशमा के प्यारे होंठो को जिसने मेरी इतनी तारीफ की है उसको चूसने लगा.
रेशमा को मेरे साथ प्यार करने से अच्छा लग रहा था.
मोना ने कहा था कि कुँवरसिंघ जानवर जैसा सेक्स करता है.
रेशमा को प्यार वाला सेक्स चाहिए जिसमे पार्टनर की खुशी का ध्यान रखा जाए.
रेशमा इसी लिए अपने दिल से मुझे किस कर रही थी.
रेशमा को मेरे बारे मे सब अच्छा लग रहा था. उसे उम्मीद थी कि आज उसे बहोत प्यार मिलेगा.
रेशमा को देखते मैं ठकुराइन और कामिनी जैसा चुदाई नही करूँगा. ऐसी चुदाई करूँगा कि उसे मुझसे जो चाहिए वो मिल जाए. अब तक उसने कुँवरसिंघ से उम्मीद लगाई हुई थी पर वो उम्मीद पूरी नही हुई. पर मैं रेशमा को उसकी खुशी लौटाने की पूरी कोशिस करूँगा.
रेशमा के नशीले होंठो का नशा मैं पीने लगा.ताकि मैं अपने लंड को एक्सट्रा एनर्जी दे सकूँ.
इस नशे को मैं वापस रेशमा को पिलाने लगा. अपनी जीभ रेशमा के मूह मे डाल कर.
रेशमा खुद के होंठो का नशा पीने से और नशीली हो गयी. नागिन से ज़्यादा नशा रेशमा मे था.
मैं रेशमा को ऐसा प्यार करना चाहता था कि वो इस पल को हमेशा याद रखे
हम किस करने मे पूरी तरह से खो गये थे.
ऐसे खो गये कि हम किस करते हुए एक दूसरे के होंठो को काटने लगे.
काटने के दर्द से हमारा जोश बढ़ कर किस को वाइल्ड बना रहा था.
क्या किस था हमारा, उसके नाख़ून मेरे पीठ मे चुभ रहे थे. तो मैं उसके रेशमी बालो को बिखरा रहा था.
किस करने मे जिस तरह रेशमा साथ दे रही थी उस से चुदाई करने मे मज़ा आने वाला था.
रेशमा ने मेरे नीचे होंठ को ज़्यादा चूसा था .और मैं ने तो एक बार रेशमा के दोनो होंठो के अपने होंठो के बीच मे लिया था.
किस करने की एक लिमिट थी हम ने वो लिमिट भी पार कर ली.
लेकिन हमे किस को रोकना था.हमे सास लेने की ज़रूरत थी.मैं बिनारेशमा को प्यार किए मरना नही चाहता था
रेशमा और मैं एक दूसरे के तरफ देख कर हाँफने लगे.
रेशमा ने मुझे ऐसा देखते हुए अपनी आँखे बंद की.
और अपने रेशमी बालो से अपने चेहरे को छुपाने लगी.
रेशमा को उसका नाम सूट करता है.उसके रेशमी बालो पर उसका नाम बदल कर रेशमा रखा होगा ऐसा लग रहा था.
मैं ने रेशमा की आँखो पे किस किया और ऐसे किस करते हुए नीचे आने लगा.
गर्दन से होते मैं ने रेशमा के बूब्स पर एक किस किया और नीचे चला गया.
रेशमा के बेटे का हक मैं छीन ना नही चाहता था.
हिमायल जैसे उसके बूब्स को पार करके ईक्वीटर के पास आ गया था.
आधा सफ़र पार कर लिया है. अब जल्दी साउत पोल पे जाकर झंडा गाढ़ना चाहता हूँ.
नाभि पे किस करके रेशमा के बदन मे गुदगुदी पैदा की ताकि चूत पर जाते उसका मूड खिल जाए.
नाभि पर किस करने के बाद रेशमा की पिंक पैंटी मे छुपी हुई पिंकी को देखने का समय आ गया.
मैं ने रेशमा की पिंक पैंटी पे किस किया. इस पिंक कलर ने मेरा साथ दिया तभी रेशमा की पिंकी मिली
रेशमा के साथ पिंक पिंक खेलने मे मज़ा आएगा.
पैंटी पर किस करते करते रेशमा के बदन मे हलचल होनी शुरू हो गयी.
रेशमा की पिंकी तो अभी से डर के काँप कर रही है.
मैं अपना झंडा रेशमा की पिंकी मे डालूँगा तो पिंकी मेरा साथ नही देगी.
मुझे रेशमा की पिंकी का डर ख़तम करना होगा.
रेशमा की पिंकी को पहले प्यार करना होगा.
रेशमा की पिंकी को खुश करता हूँ. अपना दीवाना बनाता हूँ ,फिर वो खुद मेरी गोद को अपनी सवारी करने को बोलेगी.
मैं ने पैंटी को धीरे धीरे निकाल ना शुरू किया. मेरे कहने से पहले रेशमा ने अपनी गंद उपर करके पैंटी निकालने मे मेरा साथ दिया.
पैंटी निकलते ही रेशमा की पिंकी मेरे सामने आ गयी.
रेशमा की चूत देखते मूह ने पानी आ गया.
हवेली की सारी चूत ऐसी ही थी. एक से बढ़ कर एक थी. देखो तो बस खा जाने का मन हो रहा था.
हवेली की हर पिंकी की अपनी खूबिया थी.
ठकुराइन पायल और कामिनी के चूत की तारीफ करने को मेरे पासवर्ड नही थे.
और रेशमा की पिंकी के क्या कहने ,लाखों मे नही करोड़ मे एक होगी.
सच मे रेशमा की पिंकी पिंक कलर की दिख रही थी. दुल्हन से ज़्यादा संदर पिंकी थी.
इस रेशमा के पिंकी पे हज़ारो कुँवारी चूत कुर्बान कर दूं.
रेशमा के डेलिवेरी को ज़्यादा दिन नही हुए थे.जिस से थोड़ी ढीली होगी. पर दिखने से टाइट लग रही थी.पर रेशमा ने कुछ ना कुछ किया होगा खुद को मेनटेन रकने की. क्यू की ऐसा ना करती तो कुँवरसिंघ को अपने पास कैसे रखती
जाने दो ,ऐसी चूत का एक्सपीरियेन्स भी मिलना ज़रूरी है.
मैं ने रेशमा की पिंकी के होंठो को खोल कर देखा. उसके होंठ आराम से खुल गये और मुझे जन्नत दिख गया.
जन्नत कही है तो यही है.
रेशमा की चूत को और गीली करवाने का टाइम आ गया.
मैं ने शुरुआत किस करने से की. किस एक 2 करके रुकने वाला नही था.
मैं ने किस की बारिश कर दी.अपनी पिंकी पर मेरे होंठ महसूस करते रेशमा के मूह आहह निकल गया.
रेशमा ने अपनी आँखो को खोल कर मुझे देखा.और मुझे अपनी पिंकी पर किस करते हुए देख कर शरमाने की जगह मज़ा लेने लगी.
चूत चूसवाना किसी को भी पसंद होता है. ऐसे मे मेरी जीभ उस पे तलवार चलाने का काम करती
रेशमा की पिंकी ढीली थी जिस से उसका दाना मेरे जीभ के कॉंटॅक्ट मे अच्छे से आने लगा.
दाने पर मेरी जीभ से रेशमा हवा मे उड़ कर पूरी दुनिया घूमने लगी.
मैं ने अपनी जीभ को रेशमा की गहराई मे डालना शुरू किया.
रेशमा की पिंकी इतने दिनो बाद किसी के प्यार को पा कर खुश थी.
खुशी के मारे रेशमा की पिंकी धीरे धीरे रोने लगी.
उसके ऐसे रोने से मैं भी मस्ती मे आकर उसका सारा पानी निकालना चाहता था
रेशमा की पिंकी ढीली थी जिस से मुझे पिंकी खोल कर रखने को उंगली का ज़्यादा इस्तेमाल करना नही पड़ा.
रेशमा की ऐसी पिंकी मे मज़ा आ रहा है तो टाइट पिंकी मे कितना आता.
पर यही टाइम था जिस पे मुझे रेशमा मिल सकती थी.
पर ये पिंकी सिर्फ़ एक दिन के लिए मेरी थी. जिस से इसका पूरा मज़ा लेने लगा.
और मैं मज़ा कैसे लेता हूँ ये मुझसे ज़्यादा मेरी जीभ जानती है. क्यू कि वो मज़ा लेती थी.
मैं अब तक अपने कंट्रोल मे था और रेशमा मज़ा ले रही थी. फिर मैं मज़ा लेने लगा और रेशमा ने अपना कंट्रोल खो दिया.
मेरे मज़े करने से रेशमा की पिंकी ने पानी छोड़ना शुरू किया.
रेशमा के पिंकी से जो पानी निकाला वो टेस्ट मे अलग था.
और नयी चीज़ मुझे हमेशा अच्छी लगती है.
मैं रेशमा का पानी पीकर खुश हो गया.
रेशमा की पिंकी का पानी सफाचत कर दिया.
पानी पीने के बाद मैं ने रेशमा की तरफ देखा
रेशमा ने अपने मूह पर हाथ रखा हुआ था. इसी लिए उसकी शीष्कारी नही निकल रही थी.
रेशमा का बेटा यही सो रहा था जिस से उसने इस बात का ध्यान रखा कि शीष्कारी ना निकल जाए.