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मैं और मेरा परिवार

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755

रेशमा मेरे गले लग गयी.रेशमा के बूब्स मेरी पीठ मे दब गये.

रेशमा-तुम्हें ऐसे जाने नही दूँगी.

अवी-तुम तो मेरी बात मानती ही नही.

रेशमा-अब ऐसा नही होगा.

अवी-मैं कैसे मान लूँ .

रेशमा-कुछ बोल के देखो ,

अवी-तुम ने अपनी वर्जिंटी किस के साथ तोड़ी.

रेशमा-कुँवरसिंघ के साथ

अवी-और कहाँ कहाँ उसका लंड लिया है.

रेशमा-मूह और चू

अवी-देखा तुम ने मेरे सवाल का जवाब नही दिया.

रेशमा-मूह और चूत मे

अवी-क्यू ,पीछे क्यूँ नही लिया.

रेशमा-वहाँ नही करते है. कुंवर ने भी कभी किया नही.

अवी-कामिनी को देखा है. उसकी गंद ऐसी कैसी हुई है. लंड लेकर वो इतनी हॉट हुई है.

रेशमा-पर कुंवर को ये पसंद नही है.

अवी-पर मुझे तो पसंद है.

रेशमा-तो तुम्ही पहली बार उद्घाटन कर दो.

अवी-यही तो मैं सुन ना चाहता था.

और मैं पलट कर रेशमा को गले लगा लिया .और उसकी गंद को दबा दिया.

गंद को दबाते रेशमा मुझसे कस के चिपक गयी. रेशमा के बूब्स मेरे चेस्ट मे दब गये.

रेशमा के रेशमी बालो के साथ खेलने को मैं तैयार था.

रेशमा के गुलाभी बदन को लाल करने मे पूरी जी जान लगा दूँगा.

रेशमा सिर्फ़ एक दिन के लिए मेरी गर्लफ्रेंड बन रही थी तो उसे मैं खुश तो ज़रूर करूँगा.

रेशमा सिर्फ़ पैंटी मे मेरे गले लगी हुई.

रेशमा के सुंदर बदन को अपने बाहों मे क़ैद करके मेरे दिल मे तो लड्डू फुट रहे थे.

कुवरसिंघ भी अजीब था. रेशमा जैसी खूबसूरत बीवी को छोड़ कर बाहर मूह मारता फिरता है.

रेशमा जैसी बीवी हो तो बेड से उठने का मन नही होता.

रेशमा को रोज मसल्ने पर भी उसकी खूबसूरत और निखार जाएगी.ऐसी रेशमा थी.

कुँवरसिंघ को शायद नया खून टेस्ट करने की आदत होगी.

तभी वो रेशमा जैसी सुंदरता की देवी को छोड़ कर इधर उधर भागता था पर अब वो भी रेशमा की वाल्व मेरी मदद से समझ गया.

लेकिन पहले रेशमा को मैं टेस्ट करूँगा.

उसकी गुलाबी पिंकी को मैं अपने लंड से लाल कर दूँगा.

रेशमा के साथ पिंक पिंक खेलने का समय आ गया था.

थोड़ी देर हम ऐसे एक दूसरे के बदन की गर्मी को फील करने लगे.

रेशमा के गुलाबी बदन को अपने हाथो से मसल्ते हुए माइन रेशमा की गर्मी से अपने लंड को खड़ा कर रहा था.

अवी-रेशमा .अब मैं तुम्हें प्यार करने वाला हूँ. मेरा साथ देना.

रेशमा-ह्म्‍म्म

अवी-मैं तुम्हारे बूब्स को हाथ नही लगाउन्गा .क्यूँ कि उसमे तुम्हारे बेटे का खाना है.

मेरी बात सुनते ही रेशमा फिर से मेरे गले लग गयी.

रेशमा-तुम इतने अच्छे क्यूँ हो

अवी-मैं बहोत बुरा भी हूँ.

रेशमा-मैं नही मानती

अवी-(सच बोलो तो कोई विश्वास नही करता )अभी प्यार करके दिखा दूं मैं कितना बुरा इंसान हूँ.

रेशमा-हाँ,

मैं ने रेशमा को बेड पर पटक दिया और मैं उसके उपर आ गया.

अवी-तुम्हें पता है तुम चीज़ क्या हो.

रेशमा-हाँ, तुम्हारी गर्लफ्रेंड

और रेशमा का मूह मैं ने बंद कर दिया.

रेशमा के रेड होंठो से मेरे होंठ मिल गये. और इसकी के साथ हमारे प्यार करना शुरू हो गया.

मैं ने रेशमा को अपने साथ चुदाई करने को तैयार कर लिया. रेशमा बेड पर मूर्ति की तरह ना रहे इस लिए रेशमा को लास्ट टाइम जाने की बात कही ताकि वो चुदाई मे मेरा पूरा साथ दे.

इसी के साथ रेशमा की कुँवारी गंद भी मिल गयी.गंद से पहले एक लंबा सफ़र तय करना है.

रेशमा जैसी खूबसूरत औरत का साथ ना मिले बेड पे तो कैसा मज़ा आएगा प्यार करने मे.

पार्टनर अगर दिल से प्यार करने वाला मिल जाए तो बेड टूट जाते है.

पार्टनर जानवर बन कर प्यार करे तो कपड़े फट जाते है.

और मैं जानवर बन गया तो चूत और गंद फट जाती है.

अब देखना है रेशमा मेरा कितना साथ देती है.

अभी तो रेशमा के होंठो से स्ट्रॅट किया है. बहुत लंबा सफ़र तय करना है.

नॉर्थ पोल से साउत पोल से भी ज़्यादा लंबा सफ़र होता है पर पूरा सफ़र इतना प्यार इतना मज़ा देता है कि मेरा घोड़ा ये सफ़र हर बार करने को तैयार रहता है.

रेशमा के मूह के बाद चूत फिर गंद का नंबर आएगा. पर पहले मूह तो मीठा कर दूं

रेशमा के होंठो मे 1 महीने मे काफ़ी रस जमा हो गया था. अगर यहाँ ये हाल है तो नीचे क्या होगा.

आज तो मेरी लॉटरी लग गयी है.

मैं रेशमा के दोनो होंठो को बारी बारी चूसने लगा.

रेशमा भी मुझे किस करते हुए मेरा साथ दे रही थी.

इस किस को और मज़ेदार बनाने के लिए मैं ने किस करना बंद किया.

और रेशमा के उपर से अलग होकर अपने कपड़े निकालने लगा.

रेशमा मेरे शरीर को देख कर अपने हाथ अपने बदन पर घुमाने लगी.रेशमा पैंटी मे थी तो मैं भी अंडरवेर मे हो गया.

रेशमा मेरे लंड को अंडरवेर मे बनाए टेंट को देख कर ,मेरे लंड सुंदरता की कल्पना करने लगी.

मैं ने अपने लंड पर हाथ लगा कर रेशमा को दिखाया.

रेशमा ने मेरी तरफ उंगली दिखा कर अपने तरफ आने को कहा.

मैं उसके पास आते उसने लंड को अंडरवेर के उपर से पकड़ लिया.और लंड की ताक़त हार्डनेस को फील कर खुश हो गयी.

उसकी खुशी को जानने के लिए मैं उसके उपर आकर किस करने लगा.

अब तो किस करने मे डबल मज़ा आ रहा था .एक तो हम नंगे थे जिस से एक दूसरे के बदन को रगड़ने से मज़ा आ रहा था. और रेशमा मेरे लंड की ताक़त और बढ़ाने के लिए मुझे जोश के साथ किस कर रही थी.

मैं भी रेशमा के प्यारे होंठो को जिसने मेरी इतनी तारीफ की है उसको चूसने लगा.

रेशमा को मेरे साथ प्यार करने से अच्छा लग रहा था.

मोना ने कहा था कि कुँवरसिंघ जानवर जैसा सेक्स करता है.

रेशमा को प्यार वाला सेक्स चाहिए जिसमे पार्टनर की खुशी का ध्यान रखा जाए.

रेशमा इसी लिए अपने दिल से मुझे किस कर रही थी.

रेशमा को मेरे बारे मे सब अच्छा लग रहा था. उसे उम्मीद थी कि आज उसे बहोत प्यार मिलेगा.

रेशमा को देखते मैं ठकुराइन और कामिनी जैसा चुदाई नही करूँगा. ऐसी चुदाई करूँगा कि उसे मुझसे जो चाहिए वो मिल जाए. अब तक उसने कुँवरसिंघ से उम्मीद लगाई हुई थी पर वो उम्मीद पूरी नही हुई. पर मैं रेशमा को उसकी खुशी लौटाने की पूरी कोशिस करूँगा.

रेशमा के नशीले होंठो का नशा मैं पीने लगा.ताकि मैं अपने लंड को एक्सट्रा एनर्जी दे सकूँ.

इस नशे को मैं वापस रेशमा को पिलाने लगा. अपनी जीभ रेशमा के मूह मे डाल कर.

रेशमा खुद के होंठो का नशा पीने से और नशीली हो गयी. नागिन से ज़्यादा नशा रेशमा मे था.

मैं रेशमा को ऐसा प्यार करना चाहता था कि वो इस पल को हमेशा याद रखे

हम किस करने मे पूरी तरह से खो गये थे.

ऐसे खो गये कि हम किस करते हुए एक दूसरे के होंठो को काटने लगे.

काटने के दर्द से हमारा जोश बढ़ कर किस को वाइल्ड बना रहा था.

क्या किस था हमारा, उसके नाख़ून मेरे पीठ मे चुभ रहे थे. तो मैं उसके रेशमी बालो को बिखरा रहा था.

किस करने मे जिस तरह रेशमा साथ दे रही थी उस से चुदाई करने मे मज़ा आने वाला था.

रेशमा ने मेरे नीचे होंठ को ज़्यादा चूसा था .और मैं ने तो एक बार रेशमा के दोनो होंठो के अपने होंठो के बीच मे लिया था.

किस करने की एक लिमिट थी हम ने वो लिमिट भी पार कर ली.

लेकिन हमे किस को रोकना था.हमे सास लेने की ज़रूरत थी.मैं बिनारेशमा को प्यार किए मरना नही चाहता था

रेशमा और मैं एक दूसरे के तरफ देख कर हाँफने लगे.

रेशमा ने मुझे ऐसा देखते हुए अपनी आँखे बंद की.

और अपने रेशमी बालो से अपने चेहरे को छुपाने लगी.

रेशमा को उसका नाम सूट करता है.उसके रेशमी बालो पर उसका नाम बदल कर रेशमा रखा होगा ऐसा लग रहा था.

मैं ने रेशमा की आँखो पे किस किया और ऐसे किस करते हुए नीचे आने लगा.

गर्दन से होते मैं ने रेशमा के बूब्स पर एक किस किया और नीचे चला गया.

रेशमा के बेटे का हक मैं छीन ना नही चाहता था.

हिमायल जैसे उसके बूब्स को पार करके ईक्वीटर के पास आ गया था.

आधा सफ़र पार कर लिया है. अब जल्दी साउत पोल पे जाकर झंडा गाढ़ना चाहता हूँ.

नाभि पे किस करके रेशमा के बदन मे गुदगुदी पैदा की ताकि चूत पर जाते उसका मूड खिल जाए.

नाभि पर किस करने के बाद रेशमा की पिंक पैंटी मे छुपी हुई पिंकी को देखने का समय आ गया.

मैं ने रेशमा की पिंक पैंटी पे किस किया. इस पिंक कलर ने मेरा साथ दिया तभी रेशमा की पिंकी मिली

रेशमा के साथ पिंक पिंक खेलने मे मज़ा आएगा.

पैंटी पर किस करते करते रेशमा के बदन मे हलचल होनी शुरू हो गयी.

रेशमा की पिंकी तो अभी से डर के काँप कर रही है.

मैं अपना झंडा रेशमा की पिंकी मे डालूँगा तो पिंकी मेरा साथ नही देगी.

मुझे रेशमा की पिंकी का डर ख़तम करना होगा.

रेशमा की पिंकी को पहले प्यार करना होगा.

रेशमा की पिंकी को खुश करता हूँ. अपना दीवाना बनाता हूँ ,फिर वो खुद मेरी गोद को अपनी सवारी करने को बोलेगी.

मैं ने पैंटी को धीरे धीरे निकाल ना शुरू किया. मेरे कहने से पहले रेशमा ने अपनी गंद उपर करके पैंटी निकालने मे मेरा साथ दिया.

पैंटी निकलते ही रेशमा की पिंकी मेरे सामने आ गयी.

रेशमा की चूत देखते मूह ने पानी आ गया.

हवेली की सारी चूत ऐसी ही थी. एक से बढ़ कर एक थी. देखो तो बस खा जाने का मन हो रहा था.

हवेली की हर पिंकी की अपनी खूबिया थी.

ठकुराइन पायल और कामिनी के चूत की तारीफ करने को मेरे पासवर्ड नही थे.

और रेशमा की पिंकी के क्या कहने ,लाखों मे नही करोड़ मे एक होगी.

सच मे रेशमा की पिंकी पिंक कलर की दिख रही थी. दुल्हन से ज़्यादा संदर पिंकी थी.

इस रेशमा के पिंकी पे हज़ारो कुँवारी चूत कुर्बान कर दूं.

रेशमा के डेलिवेरी को ज़्यादा दिन नही हुए थे.जिस से थोड़ी ढीली होगी. पर दिखने से टाइट लग रही थी.पर रेशमा ने कुछ ना कुछ किया होगा खुद को मेनटेन रकने की. क्यू की ऐसा ना करती तो कुँवरसिंघ को अपने पास कैसे रखती

जाने दो ,ऐसी चूत का एक्सपीरियेन्स भी मिलना ज़रूरी है.

मैं ने रेशमा की पिंकी के होंठो को खोल कर देखा. उसके होंठ आराम से खुल गये और मुझे जन्नत दिख गया.

जन्नत कही है तो यही है.

रेशमा की चूत को और गीली करवाने का टाइम आ गया.

मैं ने शुरुआत किस करने से की. किस एक 2 करके रुकने वाला नही था.

मैं ने किस की बारिश कर दी.अपनी पिंकी पर मेरे होंठ महसूस करते रेशमा के मूह आहह निकल गया.

रेशमा ने अपनी आँखो को खोल कर मुझे देखा.और मुझे अपनी पिंकी पर किस करते हुए देख कर शरमाने की जगह मज़ा लेने लगी.

चूत चूसवाना किसी को भी पसंद होता है. ऐसे मे मेरी जीभ उस पे तलवार चलाने का काम करती

रेशमा की पिंकी ढीली थी जिस से उसका दाना मेरे जीभ के कॉंटॅक्ट मे अच्छे से आने लगा.

दाने पर मेरी जीभ से रेशमा हवा मे उड़ कर पूरी दुनिया घूमने लगी.

मैं ने अपनी जीभ को रेशमा की गहराई मे डालना शुरू किया.

रेशमा की पिंकी इतने दिनो बाद किसी के प्यार को पा कर खुश थी.

खुशी के मारे रेशमा की पिंकी धीरे धीरे रोने लगी.

उसके ऐसे रोने से मैं भी मस्ती मे आकर उसका सारा पानी निकालना चाहता था

रेशमा की पिंकी ढीली थी जिस से मुझे पिंकी खोल कर रखने को उंगली का ज़्यादा इस्तेमाल करना नही पड़ा.

रेशमा की ऐसी पिंकी मे मज़ा आ रहा है तो टाइट पिंकी मे कितना आता.

पर यही टाइम था जिस पे मुझे रेशमा मिल सकती थी.

पर ये पिंकी सिर्फ़ एक दिन के लिए मेरी थी. जिस से इसका पूरा मज़ा लेने लगा.

और मैं मज़ा कैसे लेता हूँ ये मुझसे ज़्यादा मेरी जीभ जानती है. क्यू कि वो मज़ा लेती थी.

मैं अब तक अपने कंट्रोल मे था और रेशमा मज़ा ले रही थी. फिर मैं मज़ा लेने लगा और रेशमा ने अपना कंट्रोल खो दिया.

मेरे मज़े करने से रेशमा की पिंकी ने पानी छोड़ना शुरू किया.

रेशमा के पिंकी से जो पानी निकाला वो टेस्ट मे अलग था.

और नयी चीज़ मुझे हमेशा अच्छी लगती है.

मैं रेशमा का पानी पीकर खुश हो गया.

रेशमा की पिंकी का पानी सफाचत कर दिया.

पानी पीने के बाद मैं ने रेशमा की तरफ देखा

रेशमा ने अपने मूह पर हाथ रखा हुआ था. इसी लिए उसकी शीष्कारी नही निकल रही थी.

रेशमा का बेटा यही सो रहा था जिस से उसने इस बात का ध्यान रखा कि शीष्कारी ना निकल जाए.

 


756

रेशमा अपना पानी मुझे पिला कर खुश थी. मेरे रुकते ही रेशमा ने अपने मूह पर रखा हुआ हाथ हटा दिया.

मैं रेशमा के उपर आकर उसे किस किया.

अवी-अब तुम्हारी बारी है

रेशमा-तुम्हारा जवाब नही, मैं तुम्हें निराश नही करूँगी.

मैं खड़ा हो गया और रेशमा मेरे सामने घुटनो के बल बैठ कर मेरे लंड को अंडरवेर के उपर से अपने हाथ मे ले लिया.

मेरे लंड के उभर को देख कर रेशमा के आँखो मे हल्की चमक आ गयी.

वैसे कुँवरसिंघ और मेरे लंड मे ज़्यादा फरक नही था

लेकिन देखने मे मेरा लंड सबको पसंद आ जाए ऐसा था.

रणजीतसिंघ जैसा कुँवरसिंघ का लंड फिर काला होगा.

इस बात का बेनेफिट मुझे होगा.

रेशमा मुझे ना नही कहेंगी ये उसने कहा था इस लिए वो मेरा लंड चूसने को तैयार हुई.

वरना उसने कुँवरसिंघ को लंड को देख कर कभी लंड चूसा नही होगा.

लेकिन अंडरवेर नीचे जाने दो रेशमा खुशी से मेरा लंड चूसेगी.

रेशमा को अंडरवेर मे टेंट देख कर मेरा लंड पसंद आ गया था.

और रेशमा को देख कर मेरा लंड अपने विकराल रूप मे आ गया था.

सब रेशमा के हाथ मे था जिस से उसने लंड देखने के लिए एक झटके मे अंडरवेअर निकाल दी.

अंडरवेर निकालते ही मेरा लंड रेशमा के मूह के सामने आ गया. ऐसा आया कि जैसे रेशमा के सामने कोई स्नेक आया हो.

रेशमा ने मेरे लंड को एक बार देखा और मेरी तरहफ़ देख कर स्माइल की.

उसकी स्माइल बता रही थी कि उसे इसी की तलाश थी.

और मेरे लंड को पसंद करने के एक्सपेस्षन दिए .कुँवरसिंघ के काले लंड के सामने मेरा लंड रेशमा को पसंद आया.

रेशमा कुछ देर लंड को देखती रही .क्यू कि ये उसे सिर्फ़ आज के लिए प्यार करने को मिला है.

रेशमा ने लंड की एक फोटो अपने दिल मे छुपा कर रख दी.

और रेशमा ने लंड के टोपे पे किस किया और मेरे तरहफ़ देख कर अपनी आँखो की चमक दिखाने लगी.

मैं ने रेशमा को आगे बढ़ने को कहा.

रेशमा ने लंड पे जीभ से टच किया,रेशमा के जीभ के टच से मेरे मूह से आह निकल गयी

रेशमा मेरे मूह की आवाज़ सुनकर खुश होकर लंड को अपनी जीभ से चाटने लगी.

उसके जीभ की ठंडक से मेरे लंड को आराम मिलने लगा.

हवेली की सारी औरतो को लंड चूसने मे मज़ा नही आया. अपनी किस्मत का लंड देख कर वो चूसना भूल गयी. पर मेरा लंड देखते उनको उनका सपना पूरा होता हुआ नज़र आ गया.

मेरे लंड को देखते उनके मूह मे पानी आ जाता .और वो मेरे लंड पे ऐसे टूट पड़ती कि वो सालोसे भूकी हो.

बाकियो की तरह रेशमा भी मेरेलुँद को प्यार कर रही थी.

फिर रेशमा ने लंड के टोपे को मूह मे भर लिया

मेरे लंड का टोपा रेशमा के मूह मे देख कर ऐसा लगा जैसे मेरा लंड रेशमा के लिए बना हो

और इसी के साथ मेरे लंड को हवेली की हर औरत ने प्यार करने का पुन्य काम किया.

सबने ऐसा प्यार किया कि मेरा लंड उनको दुबारा मिलने का प्रॉमिस कर दिया.

रेशमा के साथ क्या होगा वो प्यार करने के बाद पता चलेंगा

रेशमा बड़े प्यार से मेरे लंड को चूस रही थी.

लंड को एक 2 बार मूह मे लेकर बाहर निकाल कर गीला करने लगी.

लंड गीला करने के बाद रेशमा लंड चूसने लगी

रेशमा के लंड चूसने से मेरे मूह से आवाज़े निकलने लगी.

अया आआआः आआआः की आवाज़े करने लगा

मेरा आवाज़ सुनते रेशमा ने मुझे आवाज़ ना करने को कहा.

मैं समझ गया .उसका बेटा सो रहा है. मेरे चुप होते ही रेशमा ने लंड चूसना शुरू किया और जितना हो सकता था उतना लंड मूह मे भर लिया और उसे लॉलीपोप की तरह चूसने लगी

रेशमा के ऐसा करने से मैं रेशमा के रेशमी बालो पे हाथ घुमाने लगा.

हाथ घूमाते हुए रेशमा के सिर को पकड़ कर लंड पर आगे पीछे करने लगा जैसे रेशमा के मूह को ही चोद रहा हूँ

मेरे ऐसा करने से रेशमा ने कोई विरोध नही किया और मेरे गंद को पकड़ कर सहारा लिया और खुद अपने मूह को तेज़ी से आगे पीछे करने लगी.

रेशमा तो मुझे पूरा खुश कर रही थी.

रेशमा के मूह से गू गू गून की आवाज़े आ रही थी और फिर लंड चूसवाने का मज़ा लेने के बाद मैं ने रेशमा के सिर को छोड़ा

रेशमा ने लंड को अपने मूह से बाहर निकाला .मेरा लंड रेशमा के थूक से चमक रहा था

रेशमा ने लंड बाहर निकलते ही उस पे किस करना शुरू किया.

रेशमा लंड को प्यार कर रही थी ,यहाँ तक कि आंडो को चूस रही थी.

इतना हम दोनो के लिए काफ़ी था.

हवेली की औरते लंड चूस मे इतना खो जाती है कि रोका ना गया तो मेरा वीर्य निकाल दे

रेशमा ने मेरे लंड को चूस कर अपने प्यार से लंड को खुश कर दिया.

अब लंड और चूत का खेल शुरू होने वाला था.

मैं ने रेशमा को बेड पर लिटा दिया .और उसको एक किस किया.

अवी-तुम तैयार हो

रेशमा-हाँ,

रेशमा की मंज़ूरी मिलते मैं ने अपना लंड रेशमा की चूत से मिलना शुरू किया.

मैं ने अपने लंड का टोपा रेशमा की चूत पर रख दिया.

मेरा लंड गरम लोहे की तरह हो गया था और रेशमा की चूत गरम भट्टी की तरह थी.

लंड चूत से मिलते ही ऐसा लगा जैसे कोई 2 जलते हुई चीज़े एक हो रही हो.

मैं ने रेशमा के एक पैर को उपर कर लिया और रेशमा के बूब्स को हाथ मे पकड़ लिया.

दूसरे हाथ से लंड को पकड़े रखा और एक झटका मारा

मेरे लंड रेशमा की पिंकी मे आधा चला गया.

बाहर से भले ही रेशमा की चूत ढीली थी पर अंदर से टाइट लग रही थी.

रेशमा को मेरे आधे लंड से ज़्यादा दर्द नही हुआ.

इतना दर्द रेशमा बर्दास्त कर सकती थी.

मैं ने आधा लंड रेशमा की पिंकी मे डालने के बाद मैं बूब्स को दबाने वाला था कि रेशमा के बेटे की याद आ गयी.

मैं ने बूब्स को छोड़ दिया और लंड पे प्रेशर बढ़ाने लगा.

मेरे ऐसा करते थोड़ा लंड अंदर चला गया.

रेशमा ने अपने होंठो को दबा कर रखा.

मेरा लंड रेशमा की पिंकी मे पूरा जाने को बेताब था.

मैं ने लंड को थोड़ा बाहर निकाल कर एक जोरदार झटका मारा

मैं ने अपना पूरा लंड रेशमा की पिंकी मे डाल दिया.

लंड रेशमा की पिंकी को चीरता हुआ अंदर घुस गया

इसी के साथ हवेली की लास्ट चूत पे मेरे लंड ने अपना स्टंप लगा दिया.

हवेली की पुरानी से लेके नयी चूत मे मेरा लंड जाकर अपना नाम लिख कर आ गया.

सालो से चुदि हुई ठकुराइन की चूत हो या पायल की कुँवारी चूत हो .मेरे लंड ने सबको खुश किया.

ठकुराइन ,उसकी 2 बहू.और उस्कीप्यारी बेटी को मैं ने अपना दीवाना बना दिया.

हवेली की औरतें मेरी दीवानी है तो पूरी हवेली मेरी हो गयी.

मेरा लंड इस हवेली का राजा बन गया .जिसकी 4 चूत गुलाम है.

हवेली की 4 चूत मे रेशमा की पिंकी को अपना दीवाना बनाना मुश्किल था.

पर छोटी चाची के सामने कोई चीज़ मुश्किल नही होती.

छोटी चाची ने मुझे रेशमा की पिंकी दिलवा दी.

मेरा लंड रेशमा की पिंकी मे जाकर अपने जीत का जशन मनाने लगा.

पर मेरे लंड की ताक़त के सामने रेशमा की पिंकी ज़ख्मी हो गयी.

मेरा लंड चीरता हुआ रेशमा की पिंकी मे गया था जिस सेरेशमा को दर्द हुआ.

इस बार रेशमा की दबी हुई चीख निकल गयी. आआआआआआ मर गयी

रेशमा ने अपने हाथ से अपना मूह बंद किया.ताकि उसका बेटा उठे ना.

ये सेक्स का नशा भी अजीब होता है

हम से क्या क्या करवाता है.

शुरुआत होती है एक जोरदार झटके से जो दर्द देता है.

ऐसा दर्द मिलता है की उसको लगता है वो मर रही है.

इट मेक्स सम पीपल अनाउन्स देयर ओन ओबिटुवरी: आ यू आर किल्लिंग मी! आइ'म डेड! आइ'म फिनिश्ड! यू'ल्ल किल मी!

ऐसा दर्द देता है सेक्स कि रेशमा मुझे किल्लर बोल रही थी.

ऐसे मे मुझे उसका दर्द कम करना होगा. मैं रेशमा का दर्द कैसे दूर करू .बूब्स को दबा नही सकता था ऐसे मे किस करके रेशमा को राहत दे सकता हूँ.

मैं ने रेशमा को किस करना शुरू किया. रेशमा को किस करने से थोड़ी राहत मिली.वरना वो कब तक मूह बंद रखती.

रेशमा को किस करने से उसकी आवाज़ बंद हुई और उसको मज़ा आने लगा.

थोड़ी देर किस करने के बाद रेशमा ने मुझे धक्के मारने को कहा.

जैसे सेक्स का नशा रेशमा को भीख माँगने को कह रहा हूँ.

मुझे रिक्वेस्ट कर रही थी कि मैं उसे उसके हिस्से का प्यार दूं

अदर्स बिकम रेस्पेक्टफुल: गिव इट टू मी प्लीज़.. प्लीज़ ... एम्म... प्लीज़ आइ'म बेगिंग...

मैं तो दयावान था .मैं ने रेशमा को उसका प्यार देना शुरू किया.

मैं रेशमा के उपर से उठ गया .और लंड को रेशमा के चूत मे गये हुए देखता रहा.

रेशमा की चूत ने मेरे लंड को कस के पकड़ लिया. ऐसा लगा जैसे मेरा लंड उसकी चूत के लिए पर्फेक्ट हो.

मैं ने धीरे से लंड को चूत से बाहर निकाल लिया और बड़े प्यार से फिर से अंदर डालने लगा.

मेरा प्यार देख कर रेशमा की आँखो मे खुशी के आसू आ गये.

उसके खुशी के आसू को एक म्यूज़िक मिला .और रेशमा मुझे एक सुंदर सा म्यूज़िक सुनाने लगी.

इट गिव्स सम पीपल देयर फर्स्ट

म्यूज़िकल लेसन: एम्म्म .आआहह ऊवू...आअहह

मैं ने रेशमा की पिंकी मे ऐसे ही धीरे धीरे लंड पूरा बाहर निकाल कर अंदर डालने लगा.

इस तरह लंड रेशमा के पिंकी को अच्छे से फील करने लगा.

हर बार लंड अंदर जाकर रेशमा के पिंकी के दर्शन करता .

रेशमा इस पे एक भगवान को याद करने लगी

सेक्स ने नशे ने रेशमा को रिलिजियस बना दिया.

इट मेक्स सम पीपल रिलिजियस: ओह गॉड! ओह माइ गॉड! यस! गॉड!

सेक्स का नशा होता ही ऐसा है कि हमे क्या से क्या बना देता है.

यही देख लो रेशमा मेरे प्यार करने से अपनी कमर हिलाने लगी.

जैसे मेरे साथ रेस लगा रही हो.

मैं धक्के मार रहा था और रेशमा कमर हिला रही थी.

इस सेक्स के ग़मे मे कौन जीतता है और हारता है ऐसा नॅचुरल गेम स्टार्ट हो गया था.

हम सेक्स पार्टनर से कॉंपिटिटर बन गये थे.

मेक्स सम पीपल नॅचुरल कॉंपिटिटर्स: फ्फ़ाआस्ट! फास्टररर! यॅ फास्टररर!

इसी मे तो मज़ा आता है.

सेक्स का नशा ही कुछ ऐसा होता है.

रेशमा का साथ मिलते ही मैं धक्के मारता गया.

शुरुआत धीरे धीरे धक्के मारने से की थी. पर कॉंपिटेशन स्टार्ट होते धक्को की गति बढ़ा दी.

ऐसा करने से रेशमा धीरे धीरे हवा मे उड़ने लगी और पानी निकालते ही बेड पर गिर जाती.फिर हवा मे उडाने लग जाता और पानी निकाल कर ज़मीन पर लाता.

यही तरीका रेशमा के लिए सही साबित हो रहा था.

मेरा लंड जिस तरह रेशमा की पिंकी को मे फिट हो गया उस से पता चल गया कि कुँवरसिंघ से मेरा लंड ज़्यादा मोटा और लंबा है

मैं रेशमा की चूत मे धीरे धीरे धक्के मारने लगा.और धीरे धीरे अपनी गति बढ़ाने लगा.

रेशमा मेरे धक्को को दिल से एंजाय करना चाहती थी.

खुल के शीष्कारी लेना चाहती थी पर अपने बेटे की वजह से रेशमा ऐसा नही कर पा रही थी.फिर भी धीमी आवाज़ मे मुझसे भीख माँगने लगी.

सेक्स के नशे ने हवेली की बहू को भीख माँगने पे मज़बूर किया.

मुझे ना रुकने को बोल रही थी. भगवान का वास्ता दे रही थी.

मेक्स सम पीपल बिकम बेगर्स: यॅ प्लीज़ डॉन'ट स्टॉप! प्लीज़ आइ बेग इन गॉड'स नेम गिव इट टू मी!

मैं तो रुकने वाला था ही नही. पर सेक्स का नशा रेशमा से क्या क्या करवा रहा था.

इसे सेक्स का नशा कहना ग़लत होगा .ये मेरे प्यार का नशा था

मेरे प्यार मे रेशमा खुद को भूल गयी थी उसे याद था कि उसे मैं प्यार करता रहूं.

लेकिन कुछ भी हो रेशमा जिस तरह अपनी गंद हिला रही थी उस से पता चल गया कि वो मेरे धक्को को एंजाय कर रही है.

रेशमा के एंजाय करने से मैं ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा

रेशमा की थोड़ी ढीली थोड़ी कसी हुई पिंकी मे लंड पुतछ पुतछ की आवाज़ करके इन आउट हो रहा था

रेशमा की दबी हुई शिसकारियाँ मुझे सुनाई दे रही थी

मुझे अपना प्यारा न्यौछावर कर रही थी.

रेशमा के मूह से ऐसी बाते निकल रही थी कि वो मुझे अपने प्यार का इज़हार कर रही हो.

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रेशमा की बाते मेरा जोश बढ़ा रही थी और मैं उसका पानी निकाल रहा था

बेटे के सामने माँ को चोदने का मज़ा भी मिल रहा था .ये बात दिमाग़ मे आते मैं ज़ोर दार धक्के मारने लगा.

मेरे जोरदार धक्को से मेरे शरीर ने रेशमा के नाज़ुक बदन को बेदर्दी से रौंदना शुरू कर दिया

मैं धक्को से रेशमा बहाल हो रही थी पर मैने रेशमा को बुरी तरह से चोदना शुरू किया.

इसके बाद भी रेशमा मुझे अपनी पिंकी को डिसट्राय करने को बोल रही थी.

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मुझे क्या था .मैं तो पिंकी को फाड़ता जा रहा था.

ऐसी चुदाई से रेशमा वो भी 6 7 महीने के बाद मिलने पर काफ़ी खुश थी.

उसकी पिंकी ने तो मेरे लंड को खुशी मे नहलाना शुरू किया.

मे बी कुँवरसिंघ मुझसे अच्छी चुदाई करता होगा. पर आज रेशमा मेरी चुदाई से खुश दिख रही थी.

रेशमा मेरे धक्को से हल्की आवाज़ मे आआहए भर रही थी

रेशमा मेरे धक्को से अपनी पिंकी के उपर सहलाने लगी.

मैं फिर से रेशमा के उपर आ गया.और रेशमा के होंठो से अपने होंठ से लगा दिए

मेरे प्यार करने से रेशमा के बदन मे मस्ती का नशा भर चुका था

रेशमा पानी पे पानी छोड़ रही थी.

रेशमा हर बार पानी निकाल कर ठंडी पड़ जाती और मेरे धक्को से फिर से मस्ती मे आ जाती.

रेशमा मेरे जोश को देख कर हैरान रह गयी. मैं थकने या रुकने का नाम नही ले रहा था

रेशमा इस लंबी चुदाई से थक गयी थी . पर मेरा जोश देख कर रेशमा भी जोश मे आ जाती.

रेशमा की पिंकी मे अलग अलग पोज़िशन मे धक्के मारने लगा.

हर पोज़िशन मे रेशमा के उपर मैं होता था. सॉरी ,रेशमा की पिंकी मे मेरा लंड होता.

रेशमा का कोटा पूरा हो रहा था और मेरा वीर्य निकलने को तैयार था.

इस बार हम दोनो अपनी टंकी खाली करने को तैयार थे.

रेशमा इस बार ज़्यादा जोश मे आ गयी क्यूँ कि मैं ने धक्को की गति फुल कर दी.

रेशमा ने मेरे हाथो को कस के पकड़ लिया. रेशमा के नाख़ून मुझे चुभ रहे थे.

इस दर्द से ज़्यादा ज़रूरी मेरा वीर्य निकलना था.

और मैं ने आख़िरी धक्के से साथ अपना माल रेशमा की पिंकी मे छोड़ दिया.

मेरे बाद रेशमा ने भी अपना पानी छोड़ दिया.

मेरा वीर्य रेशमा की पिंकी के अंदर जाना चाहता था और रेशमा का पानी चूत से बाहर निकलना चाहता था.

रेशमा का पानी मेरे वीर्य को बाहर निकालने वाला था. पर मेरा वीर्य ऐसे कैसे बाहर निकल जाता.

फिर एक समझोता हुआ. रेशमा का पानी और मेरे वीर्य ने एक अग्रीमेंट किया.

आधा वीर्य रेशमा के पानी के साथ बाहर निकल गया और बाकी वीर्य रेशमा की पिंकी मे रह गया.

इस पीस्फुल समझोते के चलते रेशमा की पिंकी और मेरा लंड दोनो खुश हो गये.

इस लंबे वॉर के बाद एक पीस्फुल समझोता होने के बाद हमे आराम की ज़रूरत थी.

मैं रेशमा के उपर से अलग हो गया और रेशमा के बाजू मे लेट गया.

रेशमा ने अपनी पिंकी को हाथ लगा कर देखा और पिंकी को ठंडा देख कर मेरे चेस्ट पर सर रख कर आराम करने लगी.

 


756

रेशमा अपना पानी मुझे पिला कर खुश थी. मेरे रुकते ही रेशमा ने अपने मूह पर रखा हुआ हाथ हटा दिया.

मैं रेशमा के उपर आकर उसे किस किया.

अवी-अब तुम्हारी बारी है

रेशमा-तुम्हारा जवाब नही, मैं तुम्हें निराश नही करूँगी.

मैं खड़ा हो गया और रेशमा मेरे सामने घुटनो के बल बैठ कर मेरे लंड को अंडरवेर के उपर से अपने हाथ मे ले लिया.

मेरे लंड के उभर को देख कर रेशमा के आँखो मे हल्की चमक आ गयी.

वैसे कुँवरसिंघ और मेरे लंड मे ज़्यादा फरक नही था

लेकिन देखने मे मेरा लंड सबको पसंद आ जाए ऐसा था.

रणजीतसिंघ जैसा कुँवरसिंघ का लंड फिर काला होगा.

इस बात का बेनेफिट मुझे होगा.

रेशमा मुझे ना नही कहेंगी ये उसने कहा था इस लिए वो मेरा लंड चूसने को तैयार हुई.

वरना उसने कुँवरसिंघ को लंड को देख कर कभी लंड चूसा नही होगा.

लेकिन अंडरवेर नीचे जाने दो रेशमा खुशी से मेरा लंड चूसेगी.

रेशमा को अंडरवेर मे टेंट देख कर मेरा लंड पसंद आ गया था.

और रेशमा को देख कर मेरा लंड अपने विकराल रूप मे आ गया था.

सब रेशमा के हाथ मे था जिस से उसने लंड देखने के लिए एक झटके मे अंडरवेअर निकाल दी.

अंडरवेर निकालते ही मेरा लंड रेशमा के मूह के सामने आ गया. ऐसा आया कि जैसे रेशमा के सामने कोई स्नेक आया हो.

रेशमा ने मेरे लंड को एक बार देखा और मेरी तरहफ़ देख कर स्माइल की.

उसकी स्माइल बता रही थी कि उसे इसी की तलाश थी.

और मेरे लंड को पसंद करने के एक्सपेस्षन दिए .कुँवरसिंघ के काले लंड के सामने मेरा लंड रेशमा को पसंद आया.

रेशमा कुछ देर लंड को देखती रही .क्यू कि ये उसे सिर्फ़ आज के लिए प्यार करने को मिला है.

रेशमा ने लंड की एक फोटो अपने दिल मे छुपा कर रख दी.

और रेशमा ने लंड के टोपे पे किस किया और मेरे तरहफ़ देख कर अपनी आँखो की चमक दिखाने लगी.

मैं ने रेशमा को आगे बढ़ने को कहा.

रेशमा ने लंड पे जीभ से टच किया,रेशमा के जीभ के टच से मेरे मूह से आह निकल गयी

रेशमा मेरे मूह की आवाज़ सुनकर खुश होकर लंड को अपनी जीभ से चाटने लगी.

उसके जीभ की ठंडक से मेरे लंड को आराम मिलने लगा.

हवेली की सारी औरतो को लंड चूसने मे मज़ा नही आया. अपनी किस्मत का लंड देख कर वो चूसना भूल गयी. पर मेरा लंड देखते उनको उनका सपना पूरा होता हुआ नज़र आ गया.

मेरे लंड को देखते उनके मूह मे पानी आ जाता .और वो मेरे लंड पे ऐसे टूट पड़ती कि वो सालोसे भूकी हो.

बाकियो की तरह रेशमा भी मेरेलुँद को प्यार कर रही थी.

फिर रेशमा ने लंड के टोपे को मूह मे भर लिया

मेरे लंड का टोपा रेशमा के मूह मे देख कर ऐसा लगा जैसे मेरा लंड रेशमा के लिए बना हो

और इसी के साथ मेरे लंड को हवेली की हर औरत ने प्यार करने का पुन्य काम किया.

सबने ऐसा प्यार किया कि मेरा लंड उनको दुबारा मिलने का प्रॉमिस कर दिया.

रेशमा के साथ क्या होगा वो प्यार करने के बाद पता चलेंगा

रेशमा बड़े प्यार से मेरे लंड को चूस रही थी.

लंड को एक 2 बार मूह मे लेकर बाहर निकाल कर गीला करने लगी.

लंड गीला करने के बाद रेशमा लंड चूसने लगी

रेशमा के लंड चूसने से मेरे मूह से आवाज़े निकलने लगी.

अया आआआः आआआः की आवाज़े करने लगा

मेरा आवाज़ सुनते रेशमा ने मुझे आवाज़ ना करने को कहा.

मैं समझ गया .उसका बेटा सो रहा है. मेरे चुप होते ही रेशमा ने लंड चूसना शुरू किया और जितना हो सकता था उतना लंड मूह मे भर लिया और उसे लॉलीपोप की तरह चूसने लगी

रेशमा के ऐसा करने से मैं रेशमा के रेशमी बालो पे हाथ घुमाने लगा.

हाथ घूमाते हुए रेशमा के सिर को पकड़ कर लंड पर आगे पीछे करने लगा जैसे रेशमा के मूह को ही चोद रहा हूँ

मेरे ऐसा करने से रेशमा ने कोई विरोध नही किया और मेरे गंद को पकड़ कर सहारा लिया और खुद अपने मूह को तेज़ी से आगे पीछे करने लगी.

रेशमा तो मुझे पूरा खुश कर रही थी.

रेशमा के मूह से गू गू गून की आवाज़े आ रही थी और फिर लंड चूसवाने का मज़ा लेने के बाद मैं ने रेशमा के सिर को छोड़ा

रेशमा ने लंड को अपने मूह से बाहर निकाला .मेरा लंड रेशमा के थूक से चमक रहा था

रेशमा ने लंड बाहर निकलते ही उस पे किस करना शुरू किया.

रेशमा लंड को प्यार कर रही थी ,यहाँ तक कि आंडो को चूस रही थी.

इतना हम दोनो के लिए काफ़ी था.

हवेली की औरते लंड चूस मे इतना खो जाती है कि रोका ना गया तो मेरा वीर्य निकाल दे

रेशमा ने मेरे लंड को चूस कर अपने प्यार से लंड को खुश कर दिया.

अब लंड और चूत का खेल शुरू होने वाला था.

मैं ने रेशमा को बेड पर लिटा दिया .और उसको एक किस किया.

अवी-तुम तैयार हो

रेशमा-हाँ,

रेशमा की मंज़ूरी मिलते मैं ने अपना लंड रेशमा की चूत से मिलना शुरू किया.

मैं ने अपने लंड का टोपा रेशमा की चूत पर रख दिया.

मेरा लंड गरम लोहे की तरह हो गया था और रेशमा की चूत गरम भट्टी की तरह थी.

लंड चूत से मिलते ही ऐसा लगा जैसे कोई 2 जलते हुई चीज़े एक हो रही हो.

मैं ने रेशमा के एक पैर को उपर कर लिया और रेशमा के बूब्स को हाथ मे पकड़ लिया.

दूसरे हाथ से लंड को पकड़े रखा और एक झटका मारा

मेरे लंड रेशमा की पिंकी मे आधा चला गया.

बाहर से भले ही रेशमा की चूत ढीली थी पर अंदर से टाइट लग रही थी.

रेशमा को मेरे आधे लंड से ज़्यादा दर्द नही हुआ.

इतना दर्द रेशमा बर्दास्त कर सकती थी.

मैं ने आधा लंड रेशमा की पिंकी मे डालने के बाद मैं बूब्स को दबाने वाला था कि रेशमा के बेटे की याद आ गयी.

मैं ने बूब्स को छोड़ दिया और लंड पे प्रेशर बढ़ाने लगा.

मेरे ऐसा करते थोड़ा लंड अंदर चला गया.

रेशमा ने अपने होंठो को दबा कर रखा.

मेरा लंड रेशमा की पिंकी मे पूरा जाने को बेताब था.

मैं ने लंड को थोड़ा बाहर निकाल कर एक जोरदार झटका मारा

मैं ने अपना पूरा लंड रेशमा की पिंकी मे डाल दिया.

लंड रेशमा की पिंकी को चीरता हुआ अंदर घुस गया

इसी के साथ हवेली की लास्ट चूत पे मेरे लंड ने अपना स्टंप लगा दिया.

हवेली की पुरानी से लेके नयी चूत मे मेरा लंड जाकर अपना नाम लिख कर आ गया.

सालो से चुदि हुई ठकुराइन की चूत हो या पायल की कुँवारी चूत हो .मेरे लंड ने सबको खुश किया.

ठकुराइन ,उसकी 2 बहू.और उस्कीप्यारी बेटी को मैं ने अपना दीवाना बना दिया.

हवेली की औरतें मेरी दीवानी है तो पूरी हवेली मेरी हो गयी.

मेरा लंड इस हवेली का राजा बन गया .जिसकी 4 चूत गुलाम है.

हवेली की 4 चूत मे रेशमा की पिंकी को अपना दीवाना बनाना मुश्किल था.

पर छोटी चाची के सामने कोई चीज़ मुश्किल नही होती.

छोटी चाची ने मुझे रेशमा की पिंकी दिलवा दी.

मेरा लंड रेशमा की पिंकी मे जाकर अपने जीत का जशन मनाने लगा.

पर मेरे लंड की ताक़त के सामने रेशमा की पिंकी ज़ख्मी हो गयी.

मेरा लंड चीरता हुआ रेशमा की पिंकी मे गया था जिस सेरेशमा को दर्द हुआ.

इस बार रेशमा की दबी हुई चीख निकल गयी. आआआआआआ मर गयी

रेशमा ने अपने हाथ से अपना मूह बंद किया.ताकि उसका बेटा उठे ना.

ये सेक्स का नशा भी अजीब होता है

हम से क्या क्या करवाता है.

शुरुआत होती है एक जोरदार झटके से जो दर्द देता है.

ऐसा दर्द मिलता है की उसको लगता है वो मर रही है.

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ऐसा दर्द देता है सेक्स कि रेशमा मुझे किल्लर बोल रही थी.

ऐसे मे मुझे उसका दर्द कम करना होगा. मैं रेशमा का दर्द कैसे दूर करू .बूब्स को दबा नही सकता था ऐसे मे किस करके रेशमा को राहत दे सकता हूँ.

मैं ने रेशमा को किस करना शुरू किया. रेशमा को किस करने से थोड़ी राहत मिली.वरना वो कब तक मूह बंद रखती.

रेशमा को किस करने से उसकी आवाज़ बंद हुई और उसको मज़ा आने लगा.

थोड़ी देर किस करने के बाद रेशमा ने मुझे धक्के मारने को कहा.

जैसे सेक्स का नशा रेशमा को भीख माँगने को कह रहा हूँ.

मुझे रिक्वेस्ट कर रही थी कि मैं उसे उसके हिस्से का प्यार दूं

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मैं तो दयावान था .मैं ने रेशमा को उसका प्यार देना शुरू किया.

मैं रेशमा के उपर से उठ गया .और लंड को रेशमा के चूत मे गये हुए देखता रहा.

रेशमा की चूत ने मेरे लंड को कस के पकड़ लिया. ऐसा लगा जैसे मेरा लंड उसकी चूत के लिए पर्फेक्ट हो.

मैं ने धीरे से लंड को चूत से बाहर निकाल लिया और बड़े प्यार से फिर से अंदर डालने लगा.

मेरा प्यार देख कर रेशमा की आँखो मे खुशी के आसू आ गये.

उसके खुशी के आसू को एक म्यूज़िक मिला .और रेशमा मुझे एक सुंदर सा म्यूज़िक सुनाने लगी.

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म्यूज़िकल लेसन: एम्म्म .आआहह ऊवू...आअहह

मैं ने रेशमा की पिंकी मे ऐसे ही धीरे धीरे लंड पूरा बाहर निकाल कर अंदर डालने लगा.

इस तरह लंड रेशमा के पिंकी को अच्छे से फील करने लगा.

हर बार लंड अंदर जाकर रेशमा के पिंकी के दर्शन करता .

रेशमा इस पे एक भगवान को याद करने लगी

सेक्स ने नशे ने रेशमा को रिलिजियस बना दिया.

इट मेक्स सम पीपल रिलिजियस: ओह गॉड! ओह माइ गॉड! यस! गॉड!

सेक्स का नशा होता ही ऐसा है कि हमे क्या से क्या बना देता है.

यही देख लो रेशमा मेरे प्यार करने से अपनी कमर हिलाने लगी.

जैसे मेरे साथ रेस लगा रही हो.

मैं धक्के मार रहा था और रेशमा कमर हिला रही थी.

इस सेक्स के ग़मे मे कौन जीतता है और हारता है ऐसा नॅचुरल गेम स्टार्ट हो गया था.

हम सेक्स पार्टनर से कॉंपिटिटर बन गये थे.

मेक्स सम पीपल नॅचुरल कॉंपिटिटर्स: फ्फ़ाआस्ट! फास्टररर! यॅ फास्टररर!

इसी मे तो मज़ा आता है.

सेक्स का नशा ही कुछ ऐसा होता है.

रेशमा का साथ मिलते ही मैं धक्के मारता गया.

शुरुआत धीरे धीरे धक्के मारने से की थी. पर कॉंपिटेशन स्टार्ट होते धक्को की गति बढ़ा दी.

ऐसा करने से रेशमा धीरे धीरे हवा मे उड़ने लगी और पानी निकालते ही बेड पर गिर जाती.फिर हवा मे उडाने लग जाता और पानी निकाल कर ज़मीन पर लाता.

यही तरीका रेशमा के लिए सही साबित हो रहा था.

मेरा लंड जिस तरह रेशमा की पिंकी को मे फिट हो गया उस से पता चल गया कि कुँवरसिंघ से मेरा लंड ज़्यादा मोटा और लंबा है

मैं रेशमा की चूत मे धीरे धीरे धक्के मारने लगा.और धीरे धीरे अपनी गति बढ़ाने लगा.

रेशमा मेरे धक्को को दिल से एंजाय करना चाहती थी.

खुल के शीष्कारी लेना चाहती थी पर अपने बेटे की वजह से रेशमा ऐसा नही कर पा रही थी.फिर भी धीमी आवाज़ मे मुझसे भीख माँगने लगी.

सेक्स के नशे ने हवेली की बहू को भीख माँगने पे मज़बूर किया.

मुझे ना रुकने को बोल रही थी. भगवान का वास्ता दे रही थी.

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मैं तो रुकने वाला था ही नही. पर सेक्स का नशा रेशमा से क्या क्या करवा रहा था.

इसे सेक्स का नशा कहना ग़लत होगा .ये मेरे प्यार का नशा था

मेरे प्यार मे रेशमा खुद को भूल गयी थी उसे याद था कि उसे मैं प्यार करता रहूं.

लेकिन कुछ भी हो रेशमा जिस तरह अपनी गंद हिला रही थी उस से पता चल गया कि वो मेरे धक्को को एंजाय कर रही है.

रेशमा के एंजाय करने से मैं ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा

रेशमा की थोड़ी ढीली थोड़ी कसी हुई पिंकी मे लंड पुतछ पुतछ की आवाज़ करके इन आउट हो रहा था

रेशमा की दबी हुई शिसकारियाँ मुझे सुनाई दे रही थी

मुझे अपना प्यारा न्यौछावर कर रही थी.

रेशमा के मूह से ऐसी बाते निकल रही थी कि वो मुझे अपने प्यार का इज़हार कर रही हो.

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मैं धक्को से रेशमा बहाल हो रही थी पर मैने रेशमा को बुरी तरह से चोदना शुरू किया.

इसके बाद भी रेशमा मुझे अपनी पिंकी को डिसट्राय करने को बोल रही थी.

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मुझे क्या था .मैं तो पिंकी को फाड़ता जा रहा था.

ऐसी चुदाई से रेशमा वो भी 6 7 महीने के बाद मिलने पर काफ़ी खुश थी.

उसकी पिंकी ने तो मेरे लंड को खुशी मे नहलाना शुरू किया.

मे बी कुँवरसिंघ मुझसे अच्छी चुदाई करता होगा. पर आज रेशमा मेरी चुदाई से खुश दिख रही थी.

रेशमा मेरे धक्को से हल्की आवाज़ मे आआहए भर रही थी

रेशमा मेरे धक्को से अपनी पिंकी के उपर सहलाने लगी.

मैं फिर से रेशमा के उपर आ गया.और रेशमा के होंठो से अपने होंठ से लगा दिए

मेरे प्यार करने से रेशमा के बदन मे मस्ती का नशा भर चुका था

रेशमा पानी पे पानी छोड़ रही थी.

रेशमा हर बार पानी निकाल कर ठंडी पड़ जाती और मेरे धक्को से फिर से मस्ती मे आ जाती.

रेशमा मेरे जोश को देख कर हैरान रह गयी. मैं थकने या रुकने का नाम नही ले रहा था

रेशमा इस लंबी चुदाई से थक गयी थी . पर मेरा जोश देख कर रेशमा भी जोश मे आ जाती.

रेशमा की पिंकी मे अलग अलग पोज़िशन मे धक्के मारने लगा.

हर पोज़िशन मे रेशमा के उपर मैं होता था. सॉरी ,रेशमा की पिंकी मे मेरा लंड होता.

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इस बार हम दोनो अपनी टंकी खाली करने को तैयार थे.

रेशमा इस बार ज़्यादा जोश मे आ गयी क्यूँ कि मैं ने धक्को की गति फुल कर दी.

रेशमा ने मेरे हाथो को कस के पकड़ लिया. रेशमा के नाख़ून मुझे चुभ रहे थे.

इस दर्द से ज़्यादा ज़रूरी मेरा वीर्य निकलना था.

और मैं ने आख़िरी धक्के से साथ अपना माल रेशमा की पिंकी मे छोड़ दिया.

मेरे बाद रेशमा ने भी अपना पानी छोड़ दिया.

मेरा वीर्य रेशमा की पिंकी के अंदर जाना चाहता था और रेशमा का पानी चूत से बाहर निकलना चाहता था.

रेशमा का पानी मेरे वीर्य को बाहर निकालने वाला था. पर मेरा वीर्य ऐसे कैसे बाहर निकल जाता.

फिर एक समझोता हुआ. रेशमा का पानी और मेरे वीर्य ने एक अग्रीमेंट किया.

आधा वीर्य रेशमा के पानी के साथ बाहर निकल गया और बाकी वीर्य रेशमा की पिंकी मे रह गया.

इस पीस्फुल समझोते के चलते रेशमा की पिंकी और मेरा लंड दोनो खुश हो गये.

इस लंबे वॉर के बाद एक पीस्फुल समझोता होने के बाद हमे आराम की ज़रूरत थी.

मैं रेशमा के उपर से अलग हो गया और रेशमा के बाजू मे लेट गया.

रेशमा ने अपनी पिंकी को हाथ लगा कर देखा और पिंकी को ठंडा देख कर मेरे चेस्ट पर सर रख कर आराम करने लगी.

 


757

रेशमा की जोरदार चुदाई करने के बाद हम नॉर्मल होने लगे.

रेशमा मेरे प्यार करने से खुश हो गयी. और वो मेरे चेस्ट पे सर रख लेट गयी.

अवी-रेशमा ,मेरा प्यार करना कैसा लगा.

रेशमा-कुंवर के सामने थोड़ा कम था.

और रेशमा ने मुझे किस किया.

मुझे पता था कि रेशमा ने ऐसा क्यूँ कहा. कुँवरसिंघ कैसे भी क्यूँ ना हो रेशमा का पति है.वो मुझे अच्छा बोल के पूरी ज़िंदगी कुँवरसिंघ के साथ कैसे बिताती.

वो अपने दिमाग़ मे कुँवरसिंघ की चुदाई अच्छी है ये पॉज़िटिव थिंकिंग पैदा करके रखना चाहती थी.

और मुझे किस करके ये बता दिया कि वो झूठ बोल रही है.

मैं भी रेशमा के साथ थोड़ा मज़ाक करने के मूड मे था.

अवी-मैं ने इतना बुरा किया

रेशमा-मैं ऐसा तो नही कहा

अवी-पर इसका तो यही मतलब था.मैं तो सोच रहा था कि अब तुम्हारी गंद मारूँगा पर तुम्हें पसंद ही नही आया तो मैं क्या कर सकता हूँ .अब मुझे चले जाना चाहिए

रेशमा-तुम कही नही जा रहे हो .मैं अभी फ्रेश होकर आती हूँ, तब तक तुम मेरे बेटे का ध्यान रखो, और तुम्हें जो करना है वो किया बिना जाने नही दूँगा.

अवी-तुम्हें तो पसंद नही है मेरा करना

रेशमा-मुझे कुछ नही सुनना है. मैं फ्रेश होकर आती हूँ

और रेशमा अपनी चूत पर हाथ रख कर बाथरूम मे चली गयी.

मैं रेशमा को जाते हुए उसकी गंद देखने लगा.

रेशमा फ्रेश होने चली गयी. और मैं ने कमरे मे रखे हुए पानी से लंड साफ किया.

और रेशमा के बेटे को देखने लगा. रेशमा का बेटा आराम से सो रहा था और इधर उसकी माँ की चुदाई हो रही थी.

एक बेटे के सामने उसकी माँ की चुदाई सुनने मे जोश बढ़ा देता था. पर वही बेटा बड़ा होता तो मेरी गर्दन काट देता.

कुँवरसिंघ तो सुधर गया पर पता नही उसका बेटा कैसा बनेंगा बड़ा होके.

उसमे कुँवरसिंघ का खून है लेकिन रेशमा अपने अच्छे संस्कारो से मे बी उसे अच्छा बना दे.

ये तो बाद की बात है रेशमा हवेली मे सबसे अलग सोच की है, उस से मैं काफ़ी प्रभावित हुआ हूँ. ना पैसो का ललच ना ठकुराइन बनने की इच्छा ,उसे बस एक प्यार करने वाली फॅमिली चाहिए, इस लिए वो अपनी नयी दुनिया नयी जगह पे बसने को तैयार हुई.

पता नही कुँवरसिंघ जैसे सैतान को रेशमा जैसी देवी कैसे मिल गयी.

मैं तो रेशमा के बारे मे सोच रहा था कि रेशमा फ्रेश होकर आ गयी .और अपने हाथ मे तेल की बॉटल ले आई.

रेशमा-तुम फ्रेश हो जाओ.

रेशमा का ऑर्डर था तो मैं बाथरूम मे चला गया .और फ्रेश होकर अपना लंड सॉफ करके आ गया.

रेशमा ने बेड की जगा सोफे पर जगह बना ली. अपने बेटे से दूर ताकि चीखे सुनकर उसका बेटा उठे ना

रेशमा ने अपने मूह पर कपड़ा बाँध रखा था. ताकि गंद मारते हुए दर्द से उसके चीखे ना निकले.

साथ मे रेशमा अपनी गंद पर तेल लगा रही थी.

मेरी इच्छा पूरी करने के लिए रेशमा क्या क्या कर रही है.और अपने बेटे को कोई परेशानी ना हो इसका भी ध्यान रखा रेशमा ने

रेशमा से मुझे बात ही नही करनी चाहिए थी. बिना वजह उस से एक दिन की गर्लफ्रेंड बनने को कहा.

मुझे खुद पे गुस्सा आ रहा था. क्या ज़रूरत थी रेशमा से कहने की एक दिन के लिए प्यार करने दो. मुझे क्या कोई कमी थी विद्या है मेरे पास फिर भी मैं ने

पर अब मैं ने रेशमा से प्यार नही किया तो वो खुद को गुनहगार समझेंगी कि उसने मेरी एक इच्छा पूरी नही की.

एक अजीब सी कशमकश मे फस गया था

ना करूँ तो रेशमा ज़िंदगी भर खुद को गुनहगार समझेगी और किया तो मुझे अच्छा नही लगेंगा.

क्या करू, छोटी चाची कोई तो रास्ता दिखा दो.

रेशमा से बात भी नही कर सकता ,

जो होना है वो हो जाने देता हूँ. रेशमा के सर से बोझ तो हल्का हो जाएगा कि उसने मेरे अहसान चुका दिए है.

रेशमा अपने सर से बोझ उतार कर अपनी ज़िंदगी कुँवरसिंघ के साथ प्यार से जी पाएगी

मेरा क्या है मैं अपने पापो का पश्चाताप कैसे ना कैसे कर लूँगा.

इन पापो का भुगतान मुझे एक ना एक दिन करना होगा. पता नही कितना दर्द मिलेगा मुझे या मेरे अपनो को दर्द मिलेगा मेरे पापो की वजह से ,

ऐसे पॉज़िटिव नेगेटिव ख़याल मेरे दिमाग़ मे हर बार आते रहते है.

जिनसे मेरा दिमाग़ हर बार लड़ता रहता है. और मेरी आदत जो मेडम मुझे लगा कर गयी थी वो अपनी मनमानी करती रहती है.

मेरे लंड पे इसका कोई असर नही हो रहा था उसे तो कुँवारी गंद दिख रही थी.

इसी लिए लोग कहते है सेक्स और प्यार पे किसी का ज़ोर नही चलता .उनको जितना रोकोगे उतना भयानक रूप लेके हमारी ज़िंदगी मे तूफान लाते है.

अभी तो इस कमरे मे तूफान आएगा.

रेशमा की कुँवारी गंद तो मारने मे मज़ा तो आएगा. और रेशमा की ऐसी तैयारी देख कर लंड झटके मारने लगा.

मैं रेशमा के पास जाकर बैठ कर गया .और रेशमा को एक किस किया.कपड़े के उपर से किस किया

अवी-ये सब क्या है

रेशमा ने कुछ बोलने की जगह. मेरे हाथ मे तेल की बॉटल दी और लंड पर तेल लगाने को कहा.

रेशमा अपनी गंद मे उंगली डाल कर गंद का छेद खोल रही थी.

मैं भी अपने लंड पर तेल लगाने लगा.

लोग आग लगाने के लिए तेल डालते है. और मैं हमारी अंदर की आग को शांत करने को तेल लगा रहा हूँ

दोनो आग मे कितना फरक होता है. एक जलने से दर्द होता है और दूसरी बदन की आग बुझने से सुकून मिलता है

बदन की आग मे हर कोई जलना चाहता है .आज रेशमा मेरे साथ जलने को तैयार हुई थी.

रेशमा को ज़्यादा दर्द देने के मूड मे नही था. जिस से मैं ने अपने लंड को अच्छे से चिकना किया.

हम दोनो अपने काम मे लगे हुए थे. रेशमा ने अपनी गंद चिकनी कर ली और मैं ने अपने लंड को तेल से नहला दिया.

मेरा लंड तेल लगते ही चमकने लगा .जिस से देख कर रेशमा खुद को रोक नही पाई और मेरे लंड को अपने हाथो मे पकड़ के सहलाने लगी.

रेशना ने नरम हाथो मे मेरा सख़्त लंड आते रेशमा के बदन मे 440 का झटका लगा.

ये तो शुरुआत है

मेरे झटके पड़ेंगे तब ये 440 के झटके को रेशमा भूल जाएगी.

रेशमा ने मेरे लंड को अपने हाथो से सहलाने के बाद के बाद घोड़ी बन गयी. और अपना मूह सोफे पर रखे हुए पिल्लो मे रख दिया.

मैं रेशमा के पीछे आ गया .और रेशमा की गंद को देखने लगा.

रेशमा के गोरे गोरे चूतड़ पर एक थप्पड़ मारा. जिस से रेशमा के बदन मे हलचल होने लगी.

मैं ने लंड को उसके चूतड़ पर मारना शुरू किया.जिस से रेशमा को अच्छा लगने लगा.

दोनो चूतड़ पर कभी थप्पड़ तो कभी लंड मारने लगा .जिस से रेशमा को मज़ा आने लगा.

रेशमा की गंद कामिनी और ठकुराइन की तरह फूली हुई नही थी क्यू कि इस पे अभी तक मेहनत नही की थी.

पहली बार मैं मेहनत करने वाला हूँ.

मैं लंड को दोनो चूतड़ के दरार मे फसा कर रगड़ने लगा.इस से रेशमा गरम होने लगी.

रेशमा को इस से मज़ा आने लगा ,क्यू कि लंड चूत और गंद दोनो से रगड़ रहा था.

रेशमा को मज़ा देने के बाद मैं रेशमा को दर्द देने के लिए तैयार हो गया.

लंड को रेशमा के गंद के छेद पर राक दिया ,लंड को अपनी गंद पर फील करते रेशमा का बदन कापने लगा.

मेरे लंड की गर्मी अपने गंद के छेद पे महसूस करते रेशमा को गुदगुदी हो ने लगी.

लंड की मोटाई और लंबाई का अहसास गंद को कराने का समय आ गया था.

लंड का टोपा गंद के छेद मे जाने को तैयार था.

पर इतनी भी जल्दी क्या है. पहले ग्रीन सिंगल तो मिल जाए.

लंड को अंदर ना डालने से रेशमा पलट गयी. और मेरी तरफ देख कर अंदर डालने को कहा.

ट्रेन को सिंगल मिलते पहला झटका मारने का समय आ गया था .

रेशमा की पतली कमर को एक हाथ से पकड़ कर लंड ज़्यादा तेल से फिसल ना जाए इस लिए एक हाथ से लंड को पकड़ कर रखा.

रेशमा ने अपने गंद को ढीला छोड़ दिया ,और मैने ने पहला झटका मार कर लंड का टोपा रेशमा की गंद मे फिट हो गया.

लंड के टोपे को गंद ने कस के पकड़ लिया .ऐसा लग रहा था कि टोपा कहीं गायब हो गया हो.

टोपा अंदर जाते रेशमा ने गंद टाइट कर ली. जिस से टोपा गंद मे फस गया.

रेशमा को अपनी गंद पे जलन होने लगी.

ऐसा मीठा दर्द रेशमा खाने को तैयार थी.

मैं ने दूसरा झटका मारने की जगह ज़ोर लगा कर टोपा बाहर निकाल लिया.

पुतछ की आवाज़ करके लंड रेशमा की गंद से बाहर आ गया.जैसे की बॉटल का ढक्कन निकलता है वैसे लंड निकल गया.

लंड बाहर निकलते ही गंद का छेद बंद होने लगा था कि तेल की बॉटल का मूह गंद मे डाल दिया .

और तेल को रेशमा की गंद मे अंदर तक पिचकारी मारने लगा.

ऐसा करते रेशमा ने अपनी गंद ढीली कर दी. तेल गंद के अंदर तक जाने लगा. क्यू कि बॉटल पर मैं प्रेशर दे रहा था

फिर बॉटल की जगह वापस लंड रेशमा की गंद पर लगा दिया. और फिर से शुरुआत करने लगा

मेरे ऐसा करने से रेशमा को ज़्यादा दर्द नही हॉंगा .और उसकी चीखे नही निकलेंगी.

रेशमा का जो मैं ख़याल रख रहा था वो रेशमा को पसंद आया.

पार्टनर के खुशी का ध्यान रखना भी ज़रूरी होता है.

पहला झटका धीरे से मारने के साथ ही टोपा गंद मे फिसल कर अंदर चला गया.

मे बी इस बार रेशमा को ज़्यादा दर्द नही हुआ होगा.

रेशमा ने अपना मूह पर कपड़ा बाँध रखा था और पूरा चेहरा पिल्लो मे दबा रखा था.

ना रेशमा का चेहरा देख सकता था और ना रेशमा की चीखे सुन पा रहा था.

टोपा अंदर जाते ही मैं ने दोनो हाथ से कमर पकड़ कर दूसरा झटका मारा.

इस बार लंड ऐसी जगह गया था वहाँ अब तक कोई नही गया था.

आधा लंड रेशमा की कुँवारी गंद मे चला गया.

लंड अंदर जाते रेशमा ने गंद टाइट कर के ढीली कर दी. टाइट इस लिए की ताकि मैं और अंदर ना जा सकूँ .और ढीली इस लिए कि ताकि वो अपना दर्द कम कर सके.

रेशमा को आज पूरा सुख मिलने वाला था.

गंद मे लंड पर्फेक्ट फिट हो चुका था. लंड पर गंद ने अपना दबाव बनाए रखा था.

रेशमा अपना एक हाथ नीचे से अपनी चूत पर ले जाके सहलाने लगी.

रेशमा की चीख मुझे सुनाई नही दी. पर उसके बदन मे हो रही हलचल हुई वो मुझे बता रही थी उसको दर्द हो रहा है.

मैं अपने हाथ को उसके पेट पर घुमाने लगा ताकि उसका दर्द थोड़ा कम हो सके.

अभी तो आधा लंड अंदर गया था जिस से उसको ज़्यादा दर्द नही हो रहा था.

वहाँ तक मैं ने तेल डाल रखा था

रेशमा अपनी चूत को लगातार सहला रही थी.

उसके ऐसे सहलाने से लग रहा था कि उसका पानी निकल जाएगा.

पहले तो रेशमा ने दर्द कम करने के लिए चूत सहला रही थी. पर अब वो अच्छा लगने से पानी निकालना चाहती थी.

ये बात मेरे दिमाग़ मे आते ही मैं ने ये मोका सही समझा.

रेशमा लगातार अपनी चूत सहला रही थी जैसे कि उसका पानी निकालने वाला हो.

वो ऐसे मोड़ पे थी जहाँ पर चूत सहलाना रोक नही सकती थी

इसी का फ़ायदा उठा कर मैं ने एक झटके मे पूरा लंड अंदर डालने वाला स्ट्रोक लगाया.

लंड गंद को चीरता हुआ अंदर चला गया.

गंद की चोदने से रेशमा के बदन मे दर्द होने लगा.

रेशमा के मूह से दबी हुई चीख सुनाई दी.

मे बी रेशमा की आँखो से पानी निकल रहा हो

मेरे लंड मे भी दर्द होने लगा. गंद बहोत टाइट थी.

मेरा ऐसा हाल था तो रेशमा का क्या हाल हो रहा होगा.

रेशमा ने दर्द के वजह से अपनी चूत को सहलाना बंद करके अपने हाथ से दबा दिया था.

ऐसे तो रेशमा को बहोत दर्द होगा.

मुझे कुछ तो करना होगा. मैं ने रेशमा का हाथ उसके चूत से हटा दिया और अपनी 2 उंगली उसकी चूत मे डाल कर ज़ोर से अंदर बाहर करने लगा.

रेशमा ने सोफे को कस के पकड़ रखा था. पर वो ज़्यादा चीख नही रही थी.

रेशमा ऐसी हालत मे थी जहाँ पर उसे दर्द हो रहा था और चूत का पानी ना निकलने से बेचैनी हो रही थी.

जितनी जल्दी पानी निकल जाएगा उतने जल्दी उसका दर्द कम होगा.

रेशमा का पानी निकलने का नाम नही ले रहा था.

ऐसे मे मैं ने अपनी उंगली अंदर बाहर करने की गति बढ़ा दी. और रेशमा का पानी निकालने लगा.

पानी निकलते ही रेशमा का बदन हल्का हो गया और लंड को रेशमा की गंद मे हिलाने को मदद हुई.

गंद मे लंड हिलने से रेशमा की गंद मे सुकून के साथ दर्द होने लगा.

मैं थोड़ा उपर हो गया जिस से अंदर थोड़ा बाहर निकलते ही तेल डाल कर फिर अंदर कर लिया.

रेशमा को मेरे ऐसा करने से थोड़ा दर्द हुआ पर ये तो होना ही था.

मैं ने धीरे धीरे अपना आधा लंड बाहर निकाला और तेल लंड पर डाल कर फिर अंदर पुश किया.

फिर से लंड को थोड़ा ज़्यादा बाहर निकाल कर तेल के साथ अंदर पेल दिया.

लंड बाहर निकलते समय रेशमा गंद ढीली कर देती जिस से लंड बाहर निकल जाता और उसके टाइट करने से पहले लंड अंदर डाल देता

रेशमा की गंद मे थोड़ी देर दर्द होगा पर फिर मज़ा आएगा

रेशमा की मदमस्त गंद को मारने मे मुझे मज़ा आएगा इस मे कोई डाउट नही था.

रेशमा की गंद मे लंड पूरा बाहर निकाल कर अंदर डालने लगा जिस से गंद मे लंड के लिए अच्छी ख़ासी जगह बन गयी.

रेशमा का दर्द भी कम हो गया था. रेशमा ने अपने हाथ ढीले छोड़ दिए.

मेरे बार बार लंड बाहर निकाल कर अंदर डालने से रेशमा का बदन कभी ढीला तो कभी टाइट हो जाता.

रेशमा को मेरे ऐसे धीरे धीरे गंद मे जगह बनाना अच्छा लगने लगा

रेशमा को अपनी गंद चुदाई मे मज़ा मिले इसकी पूरी कोशिस कर रहा था

रेशमा का दर्द कम हुआ ऐसा मुझे फील होते मैं मे गंद मारना शुरू किया.

गंद मारना शुरू होते ही रेशमा ने गंद ढीली छोड़ दी और मेरा साथ देने लगी.

मैं थोड़ी देर धीरे धीरे गंद मे लंड पेलने लगा

गंद मे मेरे हल्के हल्के धक्के से रेशमा को ज़्यादा मज़ा मिलने लगा.

ऐसा मज़ा वो भी मुझसे पा कर रेशमा खुश थी.

रेशमा की गंद मेरे लंड का हर धक्के के साथ वेलकम कर रही थी.

हँसते हुए गंद मेरे लंड के धक्के लेने लगी.

धक्के धीरे धीरे मार रहा था पर मज़ा कहीं ज़्यादा था

मज़ा दोनो तरफ से मज़ा मिल रहा था.रेशमा अपनी गंद हिला कर मज़ा लेने लगी और मैं धक्के मार कर मज़ा लेने लगा.

रेशमा मस्ती मे झूम रही थी और मैं खड़े खड़े आगे पीछे होकर डॅन्स करने लगा.

रेशमा के गंद पीछे करके धक्का खाने से मैं ने अपनी गति बढ़ा दी.

मेरी धक्को की गति बढ़ने से रेशमा अपनी गंद और पीछे करके धक्के खाने का मज़ा लेने लगी.

रेशमा के पीछे होने से मेरा धक्का जोरदार लग कर उसके चूतड़ हिलने लग जाते

मेरे धक्को से रेशमा के चूतड़ लाल हो गये थे.

अभी तो मेरा वीर्य निकलने मे टाइम था.

मैं रेशमा की कमर को पकड़ के धक्के मारने लगा.

इस तरह मेरे धक्के गंद की धज्जियाँ उड़ाने लगे.

मैं हर धक्के के साथ लंड को और अंदर तक डालने की कोशिस करता गया.

मेरे धक्को से कमरे मे एक नया म्यूज़िक गूँज ने लगा.

हमारी चुदाई का म्यूज़िक सुन कर रेशमा का बेटा चैन से सो रहा था.

मैं लगातार म्यूज़िक का वॉल्यूम बढ़ा रहा था.और रेशमा मेरे म्यूज़िक पे अपने तबले जैसे चूतड़ मुझसे बजवाये जा रही थी.

रेशमा की गंद मे कब से एक पोज़िशन मे धक्के मार रहा था

मुझे लग रहा था कि हमे पोज़िशन चेंज करनी चाहिए

अवी-रेशमा पोज़िशन चेंज करे ,या यही ठीक है.

रेशमा ने अंगूठा दिखा कर लगे रहने को कहा

फिर क्या था मैं रेशमा की गंद पे अपने लंड का स्टंप लगाने लगा.

हवेली की आख़िरी औरत थी जिस के साथ मैं चुदाई कर रहा था.

पहले ठकुराइन ,फिर पायल, उसके बाद कामिनी ,और अब रेशमा सभी पे मैं ने अपने लंड का स्टंप लगा दिया था

सिर्फ़ पायल ऐसी थी जिस की गंद मारना अभी बाकी थी.

टाइम मिला तो,अगले सनडे को पायल की गंद मार लूँगा.

हवेली की सभी औरतो को अपने लंड का स्वाद चखा कर मैं खुश था

हवेली की औरते मेरे लंड के नीचे तो पूरी हवेली मेरी मुट्ठी मे ,मतलब पूरा गाओं मेरा.

मैं वापस रेशमा की गंद मारने पे ध्यान देने लगा.

रेशमा की कातिलाना गंद मारने मे मज़ा आ गया.

क्या गंद है, दुबारा मिले जाए तो मज़ा आ जाएगा.

पर रेशमा मुझे दुबारा चान्स नही देगी.

आज ही इस गंद का पूरा मज़ा ले रहा था.

रेशमा की गंद मे मेरा लंड पूरी ताक़त लगा कर अंदर बाहर हो रहा था.

रेशमा ने भी अपनी गंद को मेरे लंड की मेहमान नवाज़ी करने को कहा था.

ऐसे मे रेशमा की गंद मारने मे डबल मज़ा आ रहा था.

रेशमा की गंद ने जो मेरे लंड का ख़याल रखा उसके सामने मेरा लंड अपना कंट्रोल खो बैठा

लंड ने रेशमा की गंद की मेहमान नवाज़ी का तोहफा अपना अनमोल वीर्य पिला कर दिया.

मैं ने अपना वीर्य रेशमा की गंद मे डाल दिया.

वीर्य की गर्माहट को फील करते ही रेशमा ठंडी हो गयी.

रेशमा ने पूरी चुदाई मे जो कंट्रोल कर के रखा था .अपनी शीष्कारिया पे कंट्रोल रखा था.

जिस से मैं ने अपना वीर्य गंद मे डालते ही लंड बाहर निकाल लिया.

लंड बाहर निकलते ही रेशमा ने बदन को बिखरने दिया.

रेशमा वैसे ही वहाँ पर लेट गयी.

मैं भी सोफे पर बैठ कर गया.

रेशमा रिलॅक्स हो ने लगी.

मैं ने रेशमा की तरफ देखा उसके आँखो से निकला हुआ आसू सुख गया था.

पिल्लो गीला हो गया था.

रेशमा ने अपने मूह पर रखा हुआ कपड़ा निकाल दिया.

ये क्या 2 कपड़े लगा कर रखे थे.

रेशमा ने अपना प्रॉमिस पूरा किया.

कपड़ा निकालते ही रेशमा ने लंबी सास ली .और मेरी तरफ देख कर स्माइल की .और सोफे पर सर रख कर अपनी आँखे बंद की.

रेशमा नॉर्मल हो रही थी और मैं भी नॉर्मल हो रहा था

 


758

रेशमा अपनी पहली गंद चुदाई मे थक गयी थी.

उसकी हिम्मत देख कर मैं दंग रह गया. उसने पूरी चुदाई मे आवाज़ ना निकले इसका पूरा ध्यान रखा.

अपना प्रॉमिस पूरा करके मुझे खुश किया और अपने बेटे की नींद भी खराब नही होने दी.

रेशमा वैसे सोफे पर सर रख के आँखे बंद करके नॉर्मल होने लगी

मैं भी रेशमा की गंद मार कर थक गया था.

मैं सोफे पर बैठ कर कर नॉर्मल होने लगा.

थोड़ी देर हम ऐसे नॉर्मल होते रहे.

ये क्या रेशमा तो नॉर्मल होते हुए सो गयी.

इतनी दमदार चुदाई के बाद ,इतनी हिम्मत जुटाने के बाद वो थक कर सो गयी.

मैं ने रेशमा को अपनी गोद मे उठाया और बेड पर सुला दिया.

रेशमा तक कर चैन से सोने लगी.

मैं बाथरूम मे जाकर फ्रेश हो गया.और सोफे पर बैठ कर कर आराम करने लगा.

तभी मुझे कुँवरसिंघ के कमरे की याद आई जहाँ पर मोना का टेप मिला था

मुझे ये तो पता था कि चाबी कहाँ है. चाबी उसी जगह पर थी जहाँ पिछली बार मिली थी.

मैं कुँवरसिंघ के दूसरे कमरे मे चला गया .और अपने काम की चीज़े ढूँढने लगा.

मोना के टेप की तरह दूसरे टेप भी मिल गयी.

टेप पर बहोत पुरानी डेट लिखी थी.

मैं एक एक कर के कंप्यूटर पर टेप लगा कर देखने लगा. कुछ काम की चीज़े नही थी. जो थी वो भी कुछ खास की नही थी फिर भी अपने मोबाइल मे कॉपी कर ली.

क्या पता कभी काम मे आ जाए. लेकिन काम मे आने के चान्स ना के बराबर थे.

मैं वापस रेशमा के पास आ गया.

रेशमा आराम से सो रही थी. उसकी गंद पे लगा हुआ मेरा वीर्य सूख गया था.

मैं अब थोड़ा आराम करने वाला था कि रेशमा का बेटा उठ गया.

रेशमा तो सो रही है. उसे उठाना ठीक नही होगा .

मैं रेशमा के बेटे के साथ सोफे पर आ गया.

और रेशमा के बेटे के साथ खेलने लगा.

रेशमा को आराम की सख़्त ज़रूरत थी जिस से मैं ने उसे आराम करने दिया.

कुछ घंटो बाद रेशमा को सोते हुए अपने बेटे की याद आई होगी.

रेशमा हडबड कर उठ गयी.

उसने खुद को बेड पर लेटा हुआ पाया. और अपने बेटे पर नज़र डाली तो वो वहाँ पर नही था.

रेशमा घबरा गयी पर मेरे ख़याल दिमाग़ मे आते उसने मेरी तरफ देखा.

मुझे अपने बेटे के साथ खेलता हुआ देख कर रिलॅक्स हो गयी.मुझे इस तरह अपने बेटे के साथ देख कर रेशमा खुश हो गयी.

रेशमा लंगड़ा कर मेरे पास आ गयी

रेशमा-युवराज कब उठा

अवी-काफ़ी समय हो गया.

रेशमा-मुझे उठाया क्यू नही

अवी-तुम्हें आराम की ज़रूरत थी. ऐसे मे तुम्हें कैसे उठाता

रेशमा-युवराज ने परेशान तो नही किया.

अवी-किया भी तो क्या हुआ ,उसकी माँ ने मुझे इतनी खुशी दी उसके लिए इतना तो कर ही सकता हूँ.

रेशमा-तुम बहुत अच्छे हो

अवी-अपने बेटे को सम्भालो ,मैं चलता हूँ

रेशमा-रूको थोड़ी देर मैं नहा कर आती हूँ

रेशमा नहाने के लिए चली गयी.

रेशमा नहा कर नंगी बाहर आई.

एक बार मेरी तरफ देखा फिर अलमारी से ब्लू ब्रा पैंटी निकाल ली.

और मेरे सामने ब्लू ब्रा पैंटी पहनने लगी.

अवी-तुम्हारे पास ब्लू कलर था.

रेशमा-हां, लेकिन उस्दिन के बाद से सिर्फ़ पिंक कलर पहनती थी

अवी-क्यूँ?

रेशमा-पता नही. शायद तुम्हारी बातों का असर था

अवी-फिर अब क्यू ब्लू कलर पहन रही हो.

रेशमा-तुम ने देख लिया ना पिंक कलर मे,

अवी-अगर ना देखता तो

रेशमा-शायद पिंक कलर पहनती रहती

अवी-चलो अच्छा हुआ ,मैं ने जल्दी देख लिया .वरना बाकी के कलर मुझपे गुस्सा होते कि इतने हॉट बदन पे उनको पहना ना जाता.

रेशमा-हॉट और मैं.अब तो ठंडी कर दिया तुम ने

रेशमा ने ब्रा पैंटी मे अपने बेटे को उठा कर बेड पर रख दिया .और मेरे हाथ पकड़ बेड पर ले गयी.

और मुझे बेड पर लिटा कर मेरे गले लग कर लेट गयी.

अवी-रेशमा ये क्या है.

रेशमा-कुछ नही अपने बाय्फ्रेंड की बाहों मे आकारी बार लेटना चाहती हूँ

अवी-तो मेरी गर्लफ्रेंड को मेरे साथ मज़ा आया

रेशमा-हाँ, पर अब दर्द हो रहा है

अवी-कहाँ दर्द हो रहा है

रेशमा-3 जगह पे

अवी-चूत गंद और

रेशमा-और दिल मे

अवी-कही तुम्हें मुझसे प्यार तो नही हो गया.

रेशमा-पता नही. पर इस दिन को मैं हमेशा याद रखूँगी

अवी-मैं भी,

रेशमा-अवी

अवी-हाँ

रेशमा-क्या हम दुबारा ऐसा करने वाले है

अवी-तुम क्या कहती हो.

रेशमा-मुझे नही पता कि मैं क्या कहूँ

अवी-इस दिन को यहीं तक रखना सही होगा. इस दिन को ऐसे याद करके जीने मे खुशी मिलेगी. वरना तुम्हारी फॅमिली टूट जाएगी.

रेशमा-मुझे तुम से इसी जवाब की उम्मीद थी. अगर तुम्हारी जगह कोई और होता तो ...

अवी-जिस मे सबकी खुशी होती है वही करना चाहिए.तुम कुँवरसिंघ का साथ देना उसको तुम्हारे सहारे की ज़रूरत है.

रेशमा-मैने तो उनके लिए हवेली ,ठकुराइन बना तक छोड़ दिया. उनके साथ मैं लाठी की तरह रहूंगी. जो उनको सहारा देती रहेंगी.

अवी-मुझे तुम से यही उम्मीद थी. और तुम्हारी जैसी गर्लफ्रेंड पाकर मैं खुश हूँ.

रेशमा-मैं भी. तुम मेरे पहले और आख़िरी बाय्फ्रेंड हो

अवी-और कल से हम फ्रेंड रहेंगे

रेशमा-फ्रेंड,

अवी-सिर्फ़ फ्रेंड रहेंगे

रेशमा-थॅंक्स, मुझे एक ऐसे फ्रेंड की ज़रूरत थी. जो मुझे समझे और मेरे मदद करे

अवी-अब तो तुम्हारी मदद करता रहूँगा.वैसे तुम ब्लू कलर मे भी खूबसूरत दिखती हो

रेशमा-और किस कलर मे

अवी-सच कहूँ तो बिना कलर के ज़्यादा अच्छी दिखती हो

रेशमा-निकाल दूं

अवी-नही. निकाल दिए तो फिर प्यार करना पड़ेगा.

रेशमा-तो करो ना.रोका किस ने है

अवी-तुम थक चुकी हो. अगर एक बार और किया तो तुम सोती रहोगी. फिर तुम्हारे बेटे का क्या होगा.

रेशमा-तुम हमेशा दूसरो के बारे मे सोचते हो

अवी-सोचना पड़ता है

रेशमा-अच्छी आदत है.और कुछ बताओ अपने बारे मे

अवी-क्या?

रेशमा-अपने बारे मे अपनी गर्लफ्रेंड के बारे मे

अवी-मेरी गर्लफ्रेंड तो तुम हो.

रेशमा-मेरा मतलब था कि कॉलेज मे तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड होगी ना

अवी-मैं सिंगल हूँ, और ऐसा ही ठीक हूँ.तुम अपने बारे मे बताओ,

रेशमा-मेरे बारे मे, यहाँ के बारे मे पता है .और मेरे मायके के बारे मे

और रेशमा अपनी फॅमिली के बारे मे बताने लगी.

अवी-तुम्हारी फॅमिली बहोत बड़ी है

रेशमा-हाँ, पर एक दूसरे से बहोत प्यार करते है

अवी-चलो अब मैं चलता हूँ

रेशमा-इतनी जल्दी क्या है

अवी-ठाकुर ठकुराइन आ जाएँगे तो गड़बड़ हो जाएगी.

रेशमा-उनको तो तुम्हारे आने के बारे मे पता चल जाएगा.

अवी-फिर तो तुम्हें प्राब्लम होगी.

रेशमा-हाँ पर मैं कुछ सोच लूँगी

अवी-रूको मैं कुछ करता हूँ. तुम्हारे पति को फोन करता हूँ

फिर मैं ने कुँवरसिंघ को फोन करके अपने हवेली आने की बात बताई.और रेशमा के हाथो की टी पीने के बात बताई. वो मेरे हवेली आने से खुश हुआ.

फिर ठकुराइन को फोन करके बता दिया कि मैं हवेली आ कर गया था. और पायल को भी मसाज किया कि एक काम के वजह से हवेली आया था.

अवी-लो हो गयी तुम्हारी प्रॉब्लम सॉल्व

रेशमा-तुम स्मार्ट हो. तुम्हारे दिमाग़ के सामने सब प्राब्लम ठंडे हो जाते है.

अवी-थोड़ी मस्ती करते है फिर मैं चला जाउन्गा.

रेशमा-मस्ती

अवी-किस,और सकिंग करता हूँ

रेशमा-मैं भी करूँगी

अवी-तुम नही सिर्फ़ मैं करूँगा. अगर मेरा खड़ा हो गया तो तुम्हारा बॅंड बजाना पड़ेगा

फिर मैं रेशमा को किस करने लगा .और उसकी चूत चूस कर एक बार उसका पानी निकाल दिया.

फिर रेशमा को अलविदा करके अपने घर की तरफ निकल पड़ा.

यहीं से मेला ख़तम हो गया.

मेले मे जो मिला उसका पूरा मज़ा लिया .

अब मेला ख़तम तो उसके साथ वो रिश्ते ख़तम तो नही कह सकता पर दूर रहूँगा.

फिर से वापस अपने कॉलेज और अपनी फॅमिली के साथ खुशी की दिन बिताउन्गा.

हवेली से कुछ महीने के लिए अलविदा. क्या पता कुछ सालो के लिए अलविदा हो

मेले मे जो मस्ती की उसको याद करने की जगह आगे क्या होने वाला है उसके बारे मे सोचना शुरू करना होगा.

पायल के साथ मिलते रहना होगा. हर सनडे मिलता रहूँगा

और पायल से कार चलना सीखता जाउन्गा.

छोटी चाची को रेशमा के बारे मे बताने के लिए उनके कमरे मे गया तो वहाँ बड़ी चाची सो रही थी.

मैं दूसरे कमरे मे गया तो वहाँ छोटी चाची मिल गयी.

अवी-चाची आप यहाँ.

सी चाची-हाँ ,अब तुम्हारे चाचा सुमन दीदी के साथ रहेंगे. फिर सीमा दीदी के साथ.

अवी-रुटीन

सी चाची-हाँ ,अब बता क्या हुआ

मैं ने घर आकर छोटी चाची रेशमा की चुदाई के बारे मे बता दिया.

छोटी चाची खुश हो गयी. और मेरे सर पे किस किया.

चाचा बड़ी चाची के साथ रहने से ज़्यादा खुश रहते थे.

चाचा खेत से जल्दी घर आ जाते जिस से वो बड़ी चाची के साथ ज़्यादा समय बिता सके.

चाचा को मैं आज तक समझ नही पाया.

बड़ी चाची खुश है तो मैं क्यूँ ज़्यादा सोचु. उनकी खुशी मेरे लिए ज़्यादा प्यारी थी.

और पढ़ाई करने मे लग गया. मुझे डर था कि मैं कही फैल ना हो जाउ

 


759

मेले की आख़िरी चुदाई रेशमा की करके मज़ा आ गया.

मेले मे कितनी वर्जिन चूत मिली पर जो वर्जिन गंद मिली ख़ासकर के सविता और रेशमा की वो हमेशा याद रहेंगी.

मेले मे जो किया वो मेले के ख़तम होते भूल जाना ठीक था सिर्फ़ अपनी फॅमिली और रानी के साथ बिताए हुए पल को याद रखने का फ़ैसला किया.

सिर्फ़ पायल ऐसी है जिसे मेले के बाद कॉंटॅक्ट रख रहा था

पायल को अगले सनडे मिल कर बता दूँगा कि हम सनडे टू सनडे मिलते रहेंगे.

पायल से कार पे कमॅंड भी अच्छी हो जाएगी. और पायल की चुदाई भी कर लूँगा ,और गंद भी मार लूँगा.

रेशमा की चुदाई के बाद मैं वापस पढ़ाई पे ध्यान देने लगा.

कोमल पढ़ाई मे मेरी मदद कर रही थी.और मैं ने भी चुदाई को हॉलिडे करने का सोचा और पढ़ाई करने लगा.

मेले के बाद इस तरह मुझे पढ़ाई करते हुए देख कर चाची खुश थी.

ब चाची-अवी पढ़ाई कैसे चल रही है.

अवी-अच्छी चल रही है

ब चाची-2 महीने तो तूने पढ़ाई की ही नही.

अवी-हाँ ,वो मेले मे टाइम ही नही मिला पर अब मुझे उसकी भरपाई करनी होगी

ब चाची-ज़्यादा टेन्षन मत लेना ,अपना ख़याल रखते हुए पढ़ाई करना.

अवी-जी चाची.

ब चाची-और अब तुमने हवेली जाना बंद किया है?.

अवी-हाँ, मेला ख़तम तो हवेली जाना बंद , वैसे भी पढ़ाई के चलते हवेली जा भी नही सकता

ब चाची-जाना भी मत,ठाकुर से ज़्यादा घुलना मिलना अच्छा नही होता.

अवी-आपको पसंद नही है तो मैं हवेली जाउन्गा भी नही.

ब चाची-मेरा वो मतलब नही था पर थोड़ा दूर रहना

अवी-जी चाची

ब चाची-कर पढ़ाई , और आराम भी करना.

अवी-जी

बड़ी चाची को हवेली जाना पसंद नही तो मैं जाउन्गा भी नही. वैसे भी हवेली मे सब अपने काम मे लग गये है.ऐसे मे मैं भी अपने काम मे लग गया.

कोमल और रानी भी पढ़ाई करने मे ज़्यादा ध्यान देने लगी.वो दोनो टॅलेंटेड है ऐसे मे उनको ज़्यादा प्राब्लम नही होगा.पर मुझे कमबॅक करने मे बहोत मेहनत करनी होगी.

कोमल के साथ कॉलेज जाना ,पढ़ाई करना ,इस बीच दिन निकल रहे थे.

इस बीच एक दिन पूजा बुआ ने मुझे अपने घर बुलाया .

सॅटर्डे होने से मैं दोपेहर मे पूजा बुआ से मिलने चला गया.

राज पढ़ाई कर रहा था और पूजा बुआ अपने कमरे मे आराम कर रही थी.

मेरे आते ही राज ने पढ़ाई करनी बंद की और मेरे साथ बाते करने लगा.

मैं ने थोड़ी देर राज से बात की और पढ़ाई करने को कहा .और पूजा बुआ के कमरे मे चला गया

पूजा बुआ सो रही थी.उनकी नाइटी हमेशा की तरह उपर हो गयी थी.

सोते हुए पूजा बुआ को सपने देखते चूत के साथ खेलना अच्छा लगता होगा

मैं पूजा बुआ के पास चला गया .और नाइटी मे हाथ डाल कर चूत को सहलाने लगा.

चूत सहलाने से पूजा बुआ उठ गयी .और मुझे अपने पास देख कर वैसे लेटी रही.

पूजा बुआ-अवी, चूस कर पानी निकाल दो, ऐसे सहलाने से कुछ नही होगा.

अवी-आप भी ना. सिर्फ़ चूसूंगा ,और कुछ नही करूँगा.

पूजा बुआ-मेरा प्यारा बेटा

मैं पूजा बुआ की नाइटी मे घुस गया.

और उनकी चूत को चूस कर पानी निकालने लगा.

पूजा बुआ अपनी चूत चूस्वा कर खुश हो रही थी.

पूजा बुआ की गरम चूत ने मेरी जीभ के सामने हार मान ली. और चूत से पानी निकल गया.

पूजा बुआ का पानी पीकर मैं भी खुश हो गया.

अवी-बुआ आपने मुझे बुलाया था.

पूजा बुआ-हाँ, तूने आते मुझे इतना मज़ा दिया कि मैं भूल गयी.

अवी-अब बताइए

पूजा बुआ-वो राकेश की बहन को बुला रही हूँ कल

अवी-राकेश की बहन

पूजा बुआ-तेरे लिए बुला रही हूँ. तू उसके साथ मज़ा कर लेना

अवी-जाने दीजिए. मुझे उसमे इंटेरेस्ट नही है

पूजा बुआ-क्यूँ?

अवी-क्यूँ कि राकेश की बहन से मज़ा करने की बजाए आपके साथ करना ज़्यादा पसंद करूँगा

पूजा बुआ-मैं तो हूँ ही ,उसके साथ भी कर ले

अवी-नही. जितना मज़ा उसके साथ करके आएगा उस से ज़्यादा मज़ा आप के साथ आता है.उसको मज़ा देने की जगह आपको खुश रखना मेरा पहली पसंद होंगी.

पूजा बुआ-लेकिन

अवी-जाने दीजिए,उसकी जगह आपके साथ करूँगा ,

पूजा बुआ-ठीक है, उसे बुलाया है तो बाते करके भेज दूँगी. और

अवी-और कोई अच्छा दिन देख कर आपके साथ करूँगा.

पूजा बुआ-मैं तो तुम्हारे लिए हमेशा तैयार हूँ.

अवी-चलिए मैं चलता हूँ

पूजा बुआ-ऐसे कैसे ,टी पी कर जाना .और मुझे तुम्हें एक इम्पोर्टेंट बात बतानी है.

अवी-क्या?

पूजा बुआ-बताती हूँ पहले टी पीते है

पूजा बुआ फ्रेश होने चली गयी. और मैं राज से उसकी पढ़ाई के बारे मे पूछने लगा.

राज जोरो सोरो से पढ़ाई कर रहा था. कविता और लीना भी एग्ज़ॅम की तैयारी कर रही थी.

एंजाय करने के बाद यही करना पड़ता है. पढ़ाई के पीछे हाथ धो कर लगना पड़ता है

पूजा बुआ टी बना कर ले आई. हम ने मिल कर टी पी और राज को पढ़ाई करने दिया ,और मैं बुआ के साथ हॉल मे आ गया.

अवी-आप कुछ बताने वाली थी

पूजा बुआ-हाँ, ज्योति दीदी के बारे मे

अवी-मैं सुन रहा हूँ

पूजा बुआ-मुझे लग रहा है कि ज्योति दीदी ने मेले मे कुछ तो गड़बड़ की है.

अवी-कैसी गड़बड़

पूजा बुआ-उनके पास मैं ने नोटो की गड्डी ,5 लाख रुपये कॅश देखे थे.

अवी-(चाचा ने दिए होगे) आपको पता है कहाँ से आए होगे ज्योति बुआ के पास

पूजा बुआ-पक्का तो पता नही पर सरपंच के साथ बात करते हुए देखा था.

अवी-(सरपंच चाचा का दोस्त है. मंगला काकी के साथ भी दोनो ने चुदाई की है)कब

पूजा बुआ-उस दिन हम शॉपिंग करने गये थे ना तब देखा था.

अवी-और आप अब बता रही है

पूजा बुआ-मुझे लगा कि ऐसे बात कर रहे होगे. पर जाते समय उनके बॅग मे पैसे देख कर शक हुआ पर तब तक देर हो गयी थी.

अवी-जाने दीजिए,अब कुछ नही कर सकते उनको मज़ा करने दीजिए,हम भी तो मज़ा कर रहे है

पूजा बुआ-तुम्हें कोई फरक नही पड़ रहा है

अवी-नही(अब उस बात पे दिमाग़ लगाना ठीक नही होगा.)

पूजा बुआ-फिर तुम ने ज्योति दीदी पे नज़र रखने को क्यूँ कहा.

अवी-ऐसे ही. मुझे भी वही शक था. जाने दीजिए आगे हम उनको ऐसा करने नही देंगे

पूजा बुआ-वो कैसे

अवी-उनको यहाँ आने नही देंगे

पूजा बुआ-ज्योति दीदी तो सम्मर मे स्वेता के साथ आने वाली है.

अवी-उनको मना कर देना.

पूजा बुआ-ठीक है ,लेकिन फिर भी आ गयी तो

अवी-तो हम मिल कर उनको संभाल लेंगे

पूजा बुआ-मैं तो हमेशा तुम्हारे साथ रहूंगी.ज्योति दीदी बहोत लालची औरत है. उनसे तो मैं परेशान हूँ. राज के पापा को बहला कर पैसे निकाल लेती है .ज्योति दीदी अपने मगरमच्छ के आसू दिखा कर राज के पापा से पैसे निकालना जानती है.

अवी-वो मैं उनको देखते समझ गया था और कहिए क्या चल रहा है

पूजा बुआ-कुछ नही. अगले साल स्वेता और सीतल की शादी करनी है तो सोच रही हूँ अभी से तैयारी मे लग जाउ.

अवी-इतनी जल्दी

पूजा बुआ-हाँ, पता नही कब सगाई होगी. वो कभी भी रख सकते है. बड़े लोग है, हमे तो तैयार रहना होगा

अवी-वो मुझ पे छोड़ दीजिए ,स्वेता दीदी और सीतल दीदी की शादी मे करवाउन्गा.

पूजा बुआ-तू नही कर पाएगा. तेरे पास इतने पैसे नही है.

अवी-मेरे पास क्या है वो आपको नही पता ,बस शादी तो मैं ही करवाउन्गा.

पूजा बुआ-वो बड़े लोग है.कुछ उन्च नीच हो गयी तो प्राब्लम होंगी.

अवी-तो क्या हुआ ,हम भी कुछ कम नही है. शादी का खर्च मैं करूँगा.

पूजा बुआ-इतने पैसे है तेरे पास

अवी-हाँ, मैं आपको दूँगा आप खर्च करना.पर किसी को पता नही चलना चाहिए कि मैं ने दिए है

पूजा बुआ-क्यूँ?

अवी-सब मेरे पीछे पड़ेंगे कि इतने पैसे कहाँ से आए है

पूजा बुआ-हाँ, तेरे पास इतने पैसे कहाँ से आए.

अवी-कुबेर का खजाना हाथ लगा है. बस आपको शादी मे खर्च करना होगा ,

पूजा बुआ-ठीक है, तेरी बहनें है मैं नही रोकूंगी. पर कुछ खर्च मैं करूँगी (इस के पास इतने पैसे आए कहाँ से ,सुमन से पुच्छू ,नही सुमन तो छोटी बात को बड़ी बना देगी. शायद मेले मे जो काम किया होगा उसी मे से कुछ पैसे बचा कर अपने पास रखे होंगे. यही होगा. सब कह रहे थे कि मेले मे इस बार लोगो ने बहोत दान दिया है. ये बात किसी को पता चली तो ,अवी सही कह रहा है कि किसी को पता नही चलना चाहिए. अवी कितना प्यार करता है अपनी बहनों से )

अवी-डन

पूजा बुआ-और बता पढ़ाई कैसी चल रही है.

अवी-पढ़ाई, मुझे जाना होगा. कोमल पढ़ाई के लिए मेरा इंतज़ार कर रही होगी.

पूजा बुआ-आते रहना मुझसे मिलने के लिए

अवी-जी,

फिर मैं कोमल के साथ पढ़ाई करने के लिए उसके घर चला गया.

नेहा बुआ आज कल मुझसे नर्मी से बात कर रही थी.

मेले ने नेहा बुआ को तो बदल दिया.

कोमल के साथ पढ़ाई करने के बाद मैं घर जाकर पढ़ाई करके सो गया..

 


760

आज सनडे है.

पिछले सनडे को रेशमा की चुदाई करने के बाद मैं ने पायल को प्रॉमिस किया था कि इस सनडे उसको मिलूँगा.

सनडे होने से मैं 2 घंटे पायल के लिए निकाल सकता था.

पर चाची का क्या करूँ ,कुछ ना कुछ सोचना होगा. मैं सोच रहा था कि पायल का कॉल आ गया.

पायल-अवी

अवी-तुम 100 साल जियोगि. अभी तुम्हारे बारे मे सोच रहा था

पायल-तुम्हारे बिना 100 साल जी कर मैं क्या करूँगी.

अवी-ऐसे क्यूँ बोल रही हो

पायल-तुम ने आज के लिए क्या कहा था.

अवी-आज हम मिलने वाले थे

पायल-तो अभी तक कॉल क्यूँ नही किया.

अवी-मैं ने किया या तुम ने किया एक ही बात है

पायल-एक बात नही है.

अवी-तो क्या सिर्फ़ मैं कॉल करूँ ,तुम नही कर सकती. जाने दो

पायल-सॉरी ,

अवी-ठीक है. तो दोपेहर मे मिलते है

पायल-कहाँ पर

अवी-शहर मे मेरे कॉलेज के पास आ जाना, वही से कही चलेंगे ,

पायल-3.00पीएम बजे कैसे रहेंगा.

अवी-ठीक रहेंगा.

पायल-बाइ लव यू

अवी-बाइ

पायल तो बुला लिया अब चाची को मनाना होगा.

मैं छोटी चाची के पास चला गया.

अवी-चाची क्या कर रही हो

सी चाची-कुछ नही. तुम्हारे बारे मे सोच रही थी.

अवी-मेरे बारे मे

सी चाची-हां, तू कितनी अच्छी चुदाई करता है. वो वीडियो फिर से देखने का मन हो रहा है.

अवी-फिर से ,तो रोका किसने है.

सी चाची-मैं देख लूँ ,

अवी-हाँ, पर चुपके से

सी चाची-आज एक साथ पूरे देख लूँगी.

अवी-आप मेरे कमरे मे देख लेना ,मैं बाहर जा रहा हूँ

सी चाची-तू कहाँ जा रहा है.

अवी-शहर मे जा कर आता हूँ. पायल से मिल लेता हूँ

सी चाची-तभी मुझे वीडियो देखने को मना नही किया. तुझे बाहर जाने को मेरी मदद चाहिए

अवी-हाँ, पायल की एक बार करके आ जाउन्गा.

सी चाची-कुछ सोचती हूँ. पर पायल का वीडियो लाना होगा.

अवी-वीडियो बनाना ठीक नही होगा

सी चाची-हम मिस यूज़ कहाँ कर रहे है. बस एक बार देखूँगी.फिर डेलीट करना

अवी-हम कार मे करेंगे वहाँ मुश्किल होगा

सी चाची-कार मे फिर तो मुझे देखना है. मुझे कुछ नही सुन ना है तू मुझे वीडियो दिखाएगा ,और फिर डेलीट कर लेना

अवी-देखता हूँ

सी चाची-मेरे लिए ,बस एक बार ,सुनने से अच्छा देखने मे मज़ा आता है

अवी-आपके लिए,फिर तो कुछ करना होगा.

सी चाची-कब जाना है

अवी-3.00पीम बजे मिलना है.

सी चाची-फिर तो बहोत समय बाकी है. जा तू पढ़ाई कर मैं देखती हूँ

अवी-पहले अपनेबेटे के साथ तो खेल लूँ

फिर मैं अपने बेटे अमित के साथ खेलने लगा.

अमित ,सुमित और परी के साथ खेलते हुए समय का पता नही चलता ,

तीनो मे परी सब से ज़्यादा क्यूट थी.

मैं अपने भाई बहनों को प्यार कर रहा था ये देख कर बड़ी चाची खुश हो गयी.

ब चाची-अपने भाइयो के साथ खेल रहे हो

अवी-हाँ, देखिए ना सुमित कितनी मस्ती करता है. बार बार अमित के उपर हाथ डाल देता है

ब चाची-अभी तो वो छोटे है, बड़े होने दे फिर देखना कितनी मस्ती करेंगे.

म चाची-हाँ, सब तो अवी को देखना होगा. उसके भाई बहन है.

अवी-मैं ने तो इनके लिए बहोत सोच रखा है

म चाची-हमे बता

अवी-नही. ये हमारे बीच की बात है. आप को नही बता सकता

ब चाची-मुझे तो बता सकता है.

अवी-आपको भी नही.

सी चाची-मुझे तो ज़रूर बताएगा.

अवी-नही. मेरे भाई बहनों की बाते आपको क्यू बताउन्गा. ये हमारा सीक्रेट है

सी चाची-मत बता ,वैसे तू सब से ज़्यादा प्यार किसे करता है

अवी-सबकी को ,पर परी बहोत क्यूट है.

म चाची-और

अवी-मुझे जाना है ,एक काम याद आ गया.

ब चाची-बीच मे जाने की बात कहाँ से आ गयी.

अवी-मुझे करीम से नोट्स लेना है

सी चाची-ठीक है, जाना है तो जा ना ,इसमे एक्सप्लेन करने की क्या बात है

ब चाची-मीना ,अवी बता कर जाना अच्छी बात होती है.

अवी-मुझे पता है ,मैं बिना बताए कहीं जाता नही

म चाची-लो कुछ भी बता दो और कहीं और चले जाओ

ब चाची-हमारा अवी ऐसा नही है.

अवी-मैं करीम के घर से नोट्स लाने जा रहा हूँ

सी चाची-जल्दी जा और जल्दी आजा

अवी-मैं आराम से जाउन्गा और आराम से आउन्गा .

ब चाची-हां, बाइक धीरे चलाया कर, ये मीना की बात पे ध्यान मत दिया कर

अवी-जी चाची

चाची की इजाज़त लेकर मैं शहर जाने की तैयारी करने लगा.

अवी-विद्या तुम ,बैठो

विद्या-मैं चलूं शहर

अवी-तुम्हें कुछ काम है

विद्या-नही बस ऐसे ही.

अवी-मैं एक काम से जा रहूं , कल तुम्हें लेकर जाउन्गा.

विद्या-कल तो तुम्हारा कॉलेज रहेंगा.

अवी-मेरे कॉलेज चलना. तुम्हें अच्छा लगेगा.

विद्या-और चाची

अवी-मैं बोल दूँगा कि तुम्हें बोर हो रहा है तो कॉलेज घुमा कर लाउन्गा.

विद्या-ठीक है.पर मैं वहाँ क्या करूँगी.

अवी-तुम कुछ मत करना. कॉलेज मे घूमना ,और मैं हूँ साथ मे मस्ती करेंगे

विद्या-फिर तो मज़ा आएगा मैं कल की तैयारी करती हूँ.

अवी-करो

विद्या-अवी एक बात पुछु

अवी-हाँ

विद्या-तुम ने कहा था कि तुम्हारी गर्लफ्रेंड का नाम रानी है

अवी-(मैं ने ग़लती से इसको बता दिया था) मैं ने ऐसा कहा था

विद्या-हाँ

अवी-तुम्हें बता रहा हूँ किसी को बताना मत

विद्या-नही बताउन्गी.

अवी-वो रानी हैना ,मुझे अच्छी लगती है. पर अब तक प्रपोज़ नही किया.

विद्या-तभी मैं सोचु कि .तुम्हारी बहनों को इसके बारे मे कुछ पता क्यूँ नही था. मैं ने स्वेता दीदी से पूछा था उन्हो ने बताया कि तुम सिंगल हो.

अवी-(विद्या ने स्वेता दीदी को पूछा था .तभी स्वेता दीदी मेरे पीछे पड़ गयी थी रानी को गर्लफ्रेंड बनाने के लिए) किसी को इसके बारे मे पता नही है.

विद्या-वो मैं मेले के समय समझ गयी थी. इसी लिए चुप थी

अवी-और किसी को बताना मत

विद्या-मैं मदद करूँ रानी को पटाने मे

अवी-नही ,तुम रानी से इस बारे मे बात मत करना .और किसी और से भी नही.मैं खुद कुछ करूँगा

विद्या-ठीक है. पर एक बात है, तुम्हारी और रानी की जोड़ी अच्छी लगेगी.

अवी-थॅंक्स ,

विद्या को कल कॉलेज घुमा कर लाउन्गा.

लेकिन अभी पायल से मिलने जाता हूँ .वो मेरा इंतज़ार कर रही होगी

 


761

मैं पायल से मिलने चला गया. पायल समय से पहले आकर मेरा इंतज़ार कर रही थी.

मैं ने अपनी बाइक को कॉलेज के सामने लॉक कर दिया और पायल की कार मे जाकर बैठ कर गया.

अवी-तुम तो जल्दी आ गयी

पायल-और तुम समय पर आ गये.

अवी-चलो यहाँ से

पायल-कहाँ पर.

अवी-हाइवे की तरफ चलो वही पर सुम्सान रोड देख लेंगे

पायल कार को हाइवे की तरफ ले जाने लगी.और मैं पायल को देखने लगा.

पायल ने सलवार कमीज़ पहन रखी थी.

पहली चुदाई के बाद पायल मे छोटे मोटे चेंजस आ गये थे.उसका बदन अटार्क्टिव लग रहा था. चेहरे पे चमक थी.

पायल-ऐसे क्या देख रहे हो

अवी-तुम बहोत खूबसूरत दिख रही हो. पहले से भी ज़्यादा हॉट और सेक्सी लग रही हो

पायल-थॅंक्स, ये सब उस्दिन की वजह से हुआ है.

अवी-हाँ, तुम्हारा बदन फिट हो गया है

पायल-जो नही हुआ वो तुम आज कर देना.

अवी-वही तो करने आया हूँ

पायल-हाइवे तो आ गया.

अवी-(कुँवरसिंघ के दोस्तो के फार्महाउस की तरफ ,जंगल का रास्ता ठीक रहेंगा. उसके दोस्तो का केस क्लोस्ड हो गया है)आगे एक राइट टर्न आएगा वही पर कार ले लो

मेरे इतना कहते ही पायल ने कार रोक ली .और पीछे की सीट पर चली गयी.

अवी-क्या हुआ.

पायल-कार सिखाने वाले कपड़े पहन लेती हूँ

अवी-कार सिखाने वाले कपड़े, मैं समझा नही

पायल-समझ जाओगे,रूको तो सही

अवी-तुम कपड़े बदल लो मैं बाहर रुकता हूँ

पायल-अब तुम क्यूँ बाहर जा रहे हो ,तुम तो सब देख चुके हो.

अवी-तुम्हें प्राब्लम नही है तो मैं रुक जाता हूँ

पायल-ध्यान रखना कोई कार के पास नही आए

और पायल अपने कपड़े निकालने लगी.

क्यूँ ना पायल का वीडियो बना लूँ. मैं ने मोबाइल निकाल लिया और वीडियो बनाने लगा

पायल अपने कमीज़ निकाल चुकी थी.

अवी-पायल इधर देखो

पायल ने मेरी तरफ देखा .मेरे हाथ मे मोबाइल देख कर अपने बूब्स को कमीज़ से छुपा लिया.

पायल-ये क्या कर रहे हो

अवी-तुम्हारा वीडियो बना रहा हूँ

पायल-मोबाइल बंद करो

अवी-नही. मुझे घर पे देखने के लिए कुछ चाहिए

पायल-ये रिस्की है.

अवी-मुझ पे विश्वास रको

पायल-तुम्हें विश्वास है तभी तो यहाँ हूँ. पर ये वीडियो ,ठीक है किसी को दिखाना मत,

अवी-मैं ऐसा क्यू करूँगा.

और पायल ने सलवार भी निकाल दी. फिर ब्रा भी निकाल कर टीशर्ट पहन ली.

और पैंटी के उपर स्कर्ट पहन लिया.

पायल-ये है कार सिखाने वाला ड्रेस .

अवी-तुम तो मेरा बुरा हाल कर दोगि.

पायल-अब बंद करो वीडियो

मैं ने वीडियो सेव किया और ड्राइविंग सीट पर बैठ कर गया.

और पायल मेरी गोद मे आकर बैठ कर गयी.

अवी-मुझे कार चलाने दो

पायल-तो रोका किस ने है

अवी-तुम ऐसे गोद मे बैठी क्यूँ हो

पायल-तो तुम्हें सिखाउन्गी कैसे

अवी-मुझे कार चलानी आती है .

पायल-मेडम मैं हूँ ,मेरे पास करने के बिना तुम्हें कार चलानी कैसे आ सकती है.

अवी-उठो अभी दिखाता हूँ

पायल-जो दिखाना है ऐसे दिखाओ ,मैं सिर्फ़ बैठी रहूंगी. अब चलो

पायल मेरी गोद मे बैठ कर गयी. और मैं धीरे धीरे कार चलाने लगा.

पायल बस बैठी थी और कार मैं चला रहा था.

पायल के ऐसा बैठने से मैं धीरे धीरे कार चलाने लगा.

पायल-तुम तो अच्छी कार चलाते हो

अवी-वही तो ,अब तुम्हें यहाँ बैठ ने की ज़रूरत नही है.

पायल-मेडम मैं हूँ. मुझे पता है क्या करना ज़रूरी है .तुम कार चलाने पे ध्यान दो

अवी-यस मेडम

हाइवे पे कार अच्छी चला रहा था. जैसे टर्न आया वैसे बार बार गियर चेंज करना पड़ रहा था.

रास्ता कच्चा था जिस से गियर चेंज करना पायल को गोद मे बैठा कर मुश्किल था .और मुश्किल का सामना करना मुझे आता है

मैं आराम से कार चलाने लगा.

सुंसान रोड चालू होते पायल ने विंडो ओपन की और अपनी मस्ती करना शुरू की.

पायल ने अपनी छोटी स्कर्ट को उपर करके और छोटी कर दी.

पायल के मेरी गोद मे बैठ कर थे ही.मेरा लंड खड़ा हो चुका था.

पायल के हिलने से मेरा लंड उसकी गंद मे चुभ रहा था

पायल को मेरा लंड चूत मे चाहिए था जिस से वो मेरे लंड पे बैठ कर कर अपनी चूत रगड़ने लगी.

पायल इतना कुछ कर रही थी पर मैं कुछ नही कर रहा था.

मैं अपने कार चलाने पे ध्यान दे रहा था.

पायल के इतना कुछ करने के बाद भी मैं ने पायल की इस हरकतों का मज़ा लेने के सिवा कुछ नही किया.

पायल अपनी कोशिस करती गयी. मैं कार को उसी जगह ले आया जहाँ पर ठकुराइन को पहली बार बुलाया था ,और ठकुराइन ने अपनी कार यही रखी थी.

रणजीतसिंघ ने सब कुछ ठिकाने लगा दिया था जिस से ये जगह सेफ थी.

कार रोकते ही पायल ने मुझे गुस्सा से देखा

अवी-क्या हुआ

पायल-तुम कुछ क्यूँ नही कर रहे थे.

अवी-कैसे करता ,मैं ने प्रॉमिस किया है कि कार चलाते हुए कुछ नही करूँगा.

पायल-वो प्रॉमिस को अब भूल जाओ

अवी-नही भूल नही सकता ,उसी प्रॉमिस की वजह से तुम मिली हो

पायल-मिल गयी ना. तो मज़ा करो ना

अवी-कार चलाते हुए कुछ नही करूँगा ,प्रॉमिस

पायल-मतलब आज कुछ नही करोगे,

अवी-करूँगा ना, पर ड्राइविंग सीट पे नही. क्यू कि प्रॉमिस ड्राइविंग सीट का था.

पायल-चलो अच्छा है, पूरी कार का नही किया.

अवी-किया होता तो भी मज़ा करता, देखो हम जंगल मे है

पायल-जंगल मे मॅंगल

अवी-पहले कार मे फिर जंगल मे

पायल-दोनो एक साथ करते है, डोर ओपन करेंगे

अवी-हाँ, वैसे भी यहाँ कोई आता नही है

पायल-तो शुरू करे

अवी-ड्राइविंग सीट

पायल-तुम और तुम्हारे प्रॉमिस ,चलो पिछली सीट पर

अवी-चलो

 


762

पायल मेरे गोद से उठ कर पिछली सीट पर चली गयी.

मैं भी पायल के पीछे पीछे उसके पास जाकर बैठ कर गया.

मेरे आते पायल ने मुझ पे हमला बोल दिया.

पायल मुझे किस करने लगी. थोड़ा रुक तो जाती पर उसको रोकना अब मुश्किल हो रहा था.

पायल 1 महीने से इसका इंतज़ार कर रही थी.

इस 1 महीने मे पायल ने अपने अंदर एक आग को कंट्रोल करके रखा था.जो मुझे किस करके उसमे जलन तो तैयार हो गयी.

पायल के गुलाबी होंठो मे 1महीने मे बहोत रस जमा करके रखा था.उस रस को पीना मैं ने शुरू किया

पायल भी मेरे होंठो को चूस रही थी. चूसने के साथ मेरे होंठो को काट रही थी.

ये तो ज़ख्मी शेरनी की तरह मुझपे हमला कर रही है.

लगता है 1 महीने मे पायल ने मेरे सपने देख देख कर खुद को कंट्रोल मे रखा था.

ठकुराइन की बेटी थी गरम तो होगी.

पायल पे अब मेरा जादू चल गया था वो मेरे प्यार के बिना कैसे रह सकती थी.

उसके अंदर जो खुजली हो रही है उसका इंजेक्षन मेरे पास था

पायल मेरे लंड को एनर्जी देने के लिए किस कर रही थी.

मेरे होंठो को चूसने के साथ कट कर रही थी.

पायल के काट ने से मैं भी जोश मे आकर पायल को किस करने लग जाता.

मेरा जोश पायल के जोश के सामने कम था ,पर इतना जोश काफ़ी था पायल की आग को शांत करने के लिए.

पायल मेरे होंठो को चूसने के साथ मेरी जीभ को चूसने लगी.

उसके ऐसा करने से मैं उसके चूसने के बाद उसके निचले होंठ को चूस कर रस पीने लगा.

पायल तो मुझ पे एक बेकाबू हथनी की तरह टूट पड़ी थी.

पायल नाम की हथनी को कंट्रोल करने के लिए मेरा डंडा काफ़ी था.

पायल ने किस करते हुए अपनी टीशर्ट निकाल दी और फिर से मुझे किस करने लगी.

मैं पायल को निराश नही कर रहा था .उसका पूरा साथ देते हुए उसको नशीले होंठो को चूसने लगा.

पायल जैसी हॉट लड़की को किस करके उसके नशीले बदन का नशा पीना शुरू कर दिया था.

इस खेल को पायल ने अपने हाथो रखा था जिस से मेरे हाथ फ्री थे.

मेरे हाथ फ्री ये हो ही नही सकता. मैं ने पायल के बूब्स को सहलाना शुरू किया.

बूब्स पर मेरे हाथ महसूस करके पायल का जोश और बढ़ गया और मेरे होंठो को पागलो की तरह चूसने लगी.

मैं उसके होंठो को चूस्ते हुए बूब्स दबाने लगा.

लेकिन इस मज़े को हम ने सास लेने के लिए रोक दिया .

पायल अपनी सासो को कंट्रोल करने लगी.उसके बूब्स उपर नीचे हिलने लगे

अवी-ये क्या था

पायल-1 महीने की तड़फ़ थी.

अवी-अब मेरी बारी है.

पायल-तो शुरू हो जाओ

मैं पायल को लेकर ड्राइविंग के बाजू वाली सीट पर आ गया .और सीट को आराम करने वाले मोड़ पर रख कर पायल को उस पे लिटा दिया .

और मैं पायल के उपर आ गया और उसके बूब्स को अपने हाथो मे पकड़ लिया.

पायल मेरे हमले का इंतज़ार करने लगी.

मैं ने पायल के निपल को दातों मे पकड़ कर काट खाया.

पायल के मूह से चीख निकल गयी. ऊऊककचह

पायल-अवी ये मुझे बहोत परेशान करते है. कहते है अवी कहाँ है अवी कहाँ है.

अवी-आज इनको अच्छा सबक सिखाउन्गा.

और मैं पायल के निपल को काटने लगा .पायल इसका मज़ा लेने लगी.

दर्द देने के बाद मल्लम लगाने मे मैं एक्सपर्ट था.

निपल को काटने के बाद मैं अपनी जीभ से निपल का दर्द कम करने लगा.

मेरे ऐसा करते पायल अपनी आँखे बंद करके मज़ा लेने लगी.

मैं एक बूब्स को चूसने लगा और दूसरे बूब्स के निपल को अपनी उंगली से सहलाने लगा.

उंगली पे थूक लगा कर सहलाने से निपल टाइट हो गयी.और दूसरे निपल पे मेरे जीभ का कब्जा था.

बूब्स को चूस कर और दबा कर बूब्स का साइज़ बढ़ाने लगा.

ये काम मुझे मिला था और वो काम मैं दिल लगा कर करने लगा.

पायल शीष्कारी लेते हुए मेरा साथ दे रही थी.

अब दूसरे बूब्स को चूसनेका समय आ गया था.

इस बूब्स को दबा कर चूसने लायक बनाया था जिस से निपल को चूसने मे मज़ा आने लगा.

दोनो माँ बेटी के बूब्स कमाल के थे .दोनो के बूब्स को चूस कर मैं खुश था.

मैं दूसरे बूब्स को लाल कर रहा था और पायल पहले बूब्स को सहला रही थी.

बूब्स का मज़ा मैं ले चुका था और पायल भी मज़ा ले चुकी थी.

बूब्स को लाल करने के बाद मैं ने पायल को किस किया

पायल-तुम्हारा जवाब नही.

अवी-तुम्हारा भी

पायल-इनको अच्छा सबक सिखाया है.

अवी-तुम ही ने तो कहा था

पायल-शादी के बाद मेरा पति इसको देखेगा तो क्या कहेगा.

अवी-यही कि मुझे कितनी हॉट सेक्सी बीवी मिली है

पायल-और

अवी-कहेगा कि बदन हो तो पायल जैसा हो . पूरा भरा हुआ

पायल-और ये कहने के बाद मेरी जान लेगा

अवी-उसे मैं ऐसा करने नही दूँगा

पायल-क्या करोगे

अवी-उसके कहूँगा कि पायल प्यार करने की चीज़ है. जान लेने की नही

पायल-वो मान जाएगा

अवी-तुम्हारी खूबसूरती देख कर मान ना पड़ेगा.

पायल-तो मुझे खूबसूरत बनाने वाली क्रीम खाने दो

अवी-चूस लो

मैं पायल की जगह पर लेट गया और पायल ड्राइविंग सीट पर बैठ कर गयी.

पायल ने खुद मेरा लंड जीन्स से बाहर निकाल लिया

पायल-मेरे पति का लंड ऐसा ना हो यही दुआ करूँगी

अवी-क्यूँ ,हर कोई यही चाहती है की उसके पति का लंड मेरे जैसा हो

पायल-वो ख़ुदग़र्ज़ है

अवी-कैसे

पायल-मेरे पति का लंड तुम्हारे जैसा ना हुआ तो मैं तुम्हें प्यार करने यहाँ आ सकती हूँ ना.

अवी-तुम ग्रेट हो

और पायल ने मेरे लंड को अपने हाथ मे पकड़ कर सहलाना शुरू किया

पायल के नाज़ुक हाथ लंड को टच होते लंड कड़क हो गया.

पायल ने लंड को पकड़ कर एक हाथ अपनी चूत पर रखा. और सोचने लगी कि इतना बड़ा उसकी चूत मे गया कैसे

जैसा अंदर गया है वैसा ही मूह मे जाएगा.

जैसे ठकुराइन की चूत फाडी थी वैसे ही पायल की चूत फाड़ुँगा.

जैसे ठकुराइन को प्यार किया वैसे पायल को प्यार करूँगा.

पायल को मैं प्यार करता रहूँगा क्यूँ कि वो मुझे कार चलाने मे पास कभी नही करेगी.

पायल से तो मैं ज़िंदगी बार कार चलाना सीखता रहूँगा.क्यू कि मेरे लंड को पायल की सवारी करने को मिलेगी.

पायल तो मेरे प्यार मे इतनी डूब गयी कि ऐसे खुले मे मेरे लंड को सहला रही थी.

थोड़ी देर सहलाने के बाद पायल ने लंड पर किस करना शुरू किया.

किस करके लंड को अपने होंठो की तरह गुलाबी बनाने लगी.

पूरे लंड पर किस की बारिश की ,जिस से लंड खुश होकर अपना सर उठा कर खड़ा हो गया.

लंड का टोपा गुलाबी सा होने के बाद पायल ने अपना मूह खोल दिया

मूह खोलते लंड मूह मे गया या मूह ने लंड को अंदर लिया पता नही चला.

लंड पायल के मूह मे जाते खुश हो गया

पायल ने एक बार पूरा लंड मूह मे लिया फिर बाहर निकाल कर फिर से चूसने लगी.

आधा लंड अपने मूह मे रख कर चूसने लगी.

मैं अपना मोबाइल निकाल कर उसका वीडियो बनाने लगा.

पायल ने एक बार मेरी तरफ देखा और लंड के सामने मुझे कुछ नही कहा.

पायल ने मुझे कुछ कहने से ज़्यादा लंड चूसना ठीक समझा.

लंड के सामने उसे कुछ दिखाई नही दे रहा था.

वो तो मेरे लंड को कच्चा खा जाएगी.

अगर उसको किसी ने डिस्ट्रब किया लंड चूस्ते हुए तो उसकी जान ले लेगी पायल

मैं ने पायल को पकड़ कर रखा ताकि पायल आराम से लंड चूस सके और उसका चेहरा मुझे दिखाई दे

पायल अलग अलग करतब दिखाते हुए लंड चूस रही थी.

कभी मेरे लंड को चाट कर मुझे मज़ा देती तो कभी लंड पर किस करके मज़ा देती, तो कभी लंड को चूस लेती

अवी-पायल आंडो को चूसो

पायल ने लंड को अपने मूह से बाहर निकाला और आंडो को चूसने लगी.

लेकिन पायल ने लंड को अपने हाथ मे पकड़ा रखा.

उसे डर था कहीं उसका प्यारा लंड कोई छीन ना ले

पायल के आंडो को चूसने मे मुझे मज़ा आने लगा.

थोड़ी देर बाद पायल ने वापस लंड चूसना शुरू किया .और तब तक चूस्ति रही जब तक उसका मूह मे दर्द नही हुआ

फिर पायल ने मुझे किस करके लंड चूसना बंद किया.

पायल-तुम्हारा लंड ,मैं लकी हूँ

अवी-तुम्हारी चूत भी कमाल की है

पायल-अभी देखी कहाँ है.

अवी-देखूँगा भी और चूसूंगा भी.

पायल-तो जगह चेंज करे

पायल वापस मेरी जगह पर लेट गयी और मैं पायल की जगह पर आ गया.

अवी-ये लो वीडियो रेकॉर्ड करो

पायल-मैं नही करूँगी.मुझे शरम आती है.

अवी-मैं किसी को नही दिखाउन्गा.

पायल-ठीक है.

पायल वीडियो बनाने लगी और मैं ने उसकी स्कर्ट निकाल दी.

पायल की पैंटी गीली हो चुकी थी.उसकी गीली पैंटी को निकाल कर सूंघने लगा

पायल-ऐसा मत करो ,मुझे शरम आ रही है.

अवी-तुम्हारी पैंटी तो गीली हो गयी. और स्मेल तो मुझे मदहोश कर रही है

पायल-ऐसा मत करो.

अवी-तो क्या करूँ

पायल-जिसकी स्मेल है उसे प्यार करो.

मैं ने पायल की पैंटी को अपने लंड पर लपेट लिया.

मेरे ऐसा करने से पायल शरमा गयी

फिर मैं पायल की चूत को देखने लगा.

ये तो बढ़िया हालत मे है

पिछली बार जो मैं ने इसका हाल किया था उसके बाद लगा नही था कि मैं इसको ऐसे देख पाउन्गा.

ना कोई चोट के निशान ,ना फटने के निशान थे.

ऐसा लग रहा था कि छूट को अभी तक किसीने टच नही किया हो.

ठकुराइन और पायल की चूत एक जैसी है.

चुदाई करो फिर भी वापस अपनी ओर्जिनल शेप मे आ जाती है.

ऐसी चूत मेरी गुलाम ,क्या कहूँ ,मेरे तो मज़े ही मज़े होंगे

 
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पायल की चूत को वापस अपनी ओरिजिनल रूप मे देख कर अच्छा लगा.

पायल मुझे मोबाइल से अपनी चूत को घूरता हुआ देख कर शरमा गयी.

पायल-तुम बिना टच किए मेरी जान ले लोगे.

अवी-जान का मैं क्या करूँ. मुझे जो चाहिए वो मेरे सामने है.

पायल-तो प्यार करो ना

मैं ने पायल की चूत को अपने उंगली मे पकड़ कर खोल दिया.

अंदर से पायल की चूत ठीक हो गयी थी. पहले की तरह ,सिर्फ़ सील टूट चुकी थी.

मैं ने पायल की चूत पर किस करके खेल शुरू कर दिया

पायल की चूत जिस पे मेरा स्टंप लगा था उसको चूसना शुरू किया.

पायल की चूत 1 महीने मे वापस टाइट हो चुकी थी. जिस से मुझे चुदाई मे मज़ा आएगा.

चूत पर किस करते पायल मस्ती मे आने लगी. मेरे किस करने से शीष्कारी लेने लगी.

अभी ये हाल है तो चूसने के बाद क्या होगा. चलो ये भी देख लेते है

मैं ने अपनी जीभ पायल की रस भरी चूत मे डाल दी.और दाने के साथ खेलने लगा.

मेरे ऐसा करते पायल शीष्कारी लेने लगी.और मेरे सर पे हाथ घुमाने लगी.

पायल की चूत मे मेरी नन्ही जीभ ने भूकंप लाया.

मेरी जीभ लगातार पायल की चूत मे खलबली मचा रही थी.

पायल की चूत की स्मेल से मैं भी नशे मे घूमने लगा.

नशे मे चूर होकर मैं पायल की चूत को खाने लगा.

चूत पर काट कर पायल को दर्द देने लगा.

अवईीई ख़ाा जाओवुउ ,कुजलीइी सीई मुझीए परेशन्णन्न् कारटिीई हाीइ

पायल के कहने पर मैं जोश मे आ गया .और पायल की चूत पर टूट पड़ा.

ऐसे खुले मे ,कार मे , पायल मेरी जीभ को ज़्यादा देर बर्दास्त नही कर पाई और शीष्कारी लेते हुए मेरे मूह झड गयी.

पायल का टेस्टी पानी पीकर मैं चुदाई करने को तैयार हो गया.

पायल-अवी बर्दास्त नही हो रहा ,अब डाल दो

अवी-कार मे

पायल-डाल दो, नयी कार खरीद लूँगी.

मैं ने अपना जीन्स और अंडरवेर निकाल दिया .और पायल के उपर आ गया.

पायल के हाथ से मोबाइल लेकर एक अच्छी जगह पर सेट कर लिया.

पायल के उपर आने से मेला लंड पायल की चूत से रगड़ने लगा

जगह कम होने से मुझे इतने मे सब कुछ करना था.

मैं ने लंड को पायल की चूत मे सेट किया और एक झटका मारा ताकि कम जगह की वजह से लंड फिसल ना जाए.

पायल पहले झटके के लिए तैयार नही थी. और मैं भी पहले झटके को कंट्रोल नही कर पाया.

और आधा लंड पायल की चूत मे चला गया.

पायल के मूह से चीख निकलने गयी..

आआहह मार डॅलायया ,तूमम्म्म ने मुझीई मररररर डॅलॅयाआया.माआआ

मैं पायल के सर पे हाथ घुमा कर उसको शांत करने लगा.

पायल चिल्ला रही थी. जंगल मे उसका चिल्लाना जंगल की शांति खराब कर रहा था.

मैं ने पायल को किस करके उसका मूह बंद किया

पायल का मूह बंद होते ही वो चीखने की जगह मुझे किस करने लगी.

कम जगह की वजह से ये सब हो रहा था वरना पायल की अच्छे से चुदाई करता

पायल जिस तरह मुझे किस कर रही उस से लग रहा था कि वो नाटक कर रही थी. पर उसके दर्द की दवा मेरा प्यार था.

किस करने से पायल अपना दर्द भूल गयी उसको वापस दर्द देने का समय आ गया था.

मैं ने लंड को अंदर पुश करना शुरू किया .

मेरे ऐसा करने से पायल को दर्द होने लगा.

पायल मेरे होंठो को काटने लगी.

पर मैं रुका नही बल्कि एक झटका मार कर पूरा लंड पायल की चूत मे डाल दिया

पायल ने दर्द के वजह से मेरे होंठो को काट लिया और अपने नाख़ून मेरी पीठ मे गाढ दिए

मैं ने पायल को कस के गले लगा लिया जिस से पायल लंड को अच्छे से फील करने लगी.

पायल का दर्द थोड़ी देर चलने वाला था.उसके बाद उसे मज़ा आएगा.

और साथ मे मुझे भी. पायल को जंगल के बीच कार मे चुदाई करने का पूरा मज़ा लेने वाला था.

पायल का दर्द जितनी जल्दी ख़तम होगा उतना अच्छा था.

पायल भी चुदाई का मज़ा लेना चाहती थी .इस लिए पायल ने मुझे धक्के मारने की इजाज़त दी.

पर यहाँ ठीक से धक्के नही मार सकता था पर जो था उसमे भी मज़ा लेना मुझे आता था

मैं धक्के की जगह लंड को पुश करके चुदाई करने लगा.

ऐसा करने से पायल को ज़्यादा दर्द नही हो रहा था.

मैं भी अपनी कमर हिला कर लंड को पुश करके पायल की चूत मारने लगा.

पायल जल्दी शीष्कारी लेते हुए मेरा साथ देने लगी.

इस कार की चुदाई मे लंड पायल चूत पुश करने का अलग ही मज़ा मिल रहा था

पायल की शीष्कारिया और पन्छियो की आवाज़ मुझे चुदाई करने मे मदद कर रही थी.

जंगल मे खुले आसमान के नीचे सेक्स करने का मज़ा अलग होता है.

एक डर ,एक अजीब सा अहसास ,पन्छियो का मधुर आवाज़ मे गाना उस पे लंड का चूत मे जाने से निकल रहा पुतछ पुतछ का आवाज़ ,

ये सभी बाते दिमाग़ मे आते ही ज़्यादा एग्ज़ाइट होकर धक्के मारना.

हर तरफ सन्नाटा फैला हुआ है उस मे हम चुदाई के म्यूज़िक पे नाच रहे थे.

इन बातों को सोच कर लंड चूत मे पुश करने से लग रहा था कि लंबे पर ताक़त से भरपूर शॉट लगा रहे थे.

पायल ने मेरे शर्ट को पकड़ रखा था जिस से लंड पुश करने मे आसानी हो रही थी.

इस मे बिना धक्को के भी पायल की चूत से पानी निकल गया.

पानी निकलते हम दोनो थोड़ी देर के लिए रुक गये.

पायल-अवी पोज़िशन चेंज करे

मैं पायल से उपर से अलग हो गया और कार से बाहर आ गया.

पायल अपनी गीली चूत पे हाथ रख कर कार से बाहर आ गयी.

मैं पायल को पिछली सीट पर पेट के बल लेटने को कहा. और अपने पैर ज़मीन पर रखने को कहा.

ऐसा करने से पायल की चूत और गंद मेरे सामने आ गयी.

पायल की गंद मारने का मन हो रहा था .पर गंद मारने से पहले पायल की चूत तो अच्छे से मार लूँ.

पायल की गंद को ठकुराइन जैसा बना दिया तो पायल की खूबसूरती के लोग दीवाने हो जाएँगे.

पायल के गोरे चूतड़ पे लाल निशान लगाने का मन हो रहा था

अपना स्ट्म्प लगाने का दिल कर रहा था.

मैं ने पायल के चूतड़ पे थप्पड़ मार कर अपने दातों से काट लिया

चूत पे काटने से पायल की दर्द भरी चीख निकल गयी.

पायल की चीख सुनकर जंगली जानवर को पता लगा कि शेर हिरण का शिकार कर रहा है.

मैं ने अपने दातों के निशान पायल के चूतड़ पर कर दिए.

पायल ने मेरी तरफ गुस्से से देखा पर उसकी नज़र लंड पे जाते ही उसका गुस्सा ख़तम हुआ और मेरा लंड गुस्से मे उबल्लने लगा.

मैं पायल के पास खड़ा हो गया और पीछे से लंड पायल की चूत मे पेल दिया

चूत मे लंड जाते ही चूतड़ पे हो रहा दर्द पायल भूल गयी.

पायल तो अब मेरे लंड के लिए जिएगी. उसको मेरा लंड जो इतना पसंद आया था.

मैं पायल की चूत को खुश करने मे लग गया.

मैं कार से बाहर था और पायल आधी अंदर आधी बाहर थी पर मेरा लंड पूरा पायल की चूत मे था.

पायल चूत मे लंड लेकर धक्के खाने को तैयार हो गयी.

मैं ने पायल की चूत मे धक्के मारना शुरू किया ,

धक्के मारते ही पायल ने शीष्कारी लेनी शुरू की.

पायल की शीष्कारिया सुनकर जंगल मे जानवर भी सेक्स करने मे लग गये होंगे.

पायल अपनी शीष्कारियों से सबको बता रही थी कि जंगल मे नया राजा आया है. सब अपनी बचा के रखना. आज मैं इस शेर के हाथ मे लगी हूँ कही कल शेर तुम्हारा शिकार ना कर दे

पायल की ऐसी चीखे सुनकर पूरा जंगल डर के मारे काप रहा था

पेड़ो की पतियो को हवा हिला रही थी या पायल की चीखो से काप रही थी ये बताना मुश्किल था.

तो ईज़ी क्या था. पायल की चूत मारना.

पायल की चूत मे धक्के मारने से पायल के बदन के साथ कार भी हिल रही थी.

मैं ने यही पर पायल की माँ की चुदाई की थी और आज पायल की कर रहा था.

पायल की चूत मे अब अच्छे से धक्के मार रहा था.

पीछे से मेरी गंद पे जंगल की नटखट हवा गुदगुदी करती जिस से मैं अनकंट्रोल धक्के पायल की चूत मे मार ने लगा.

धक्के अनकंट्रोल होने से पायल को कम ज़्यादा मज़ा मिल रहा था पर उसकी शीष्कारिया लगातार निकल रही थी.

कार भी हमारी चुदाई की आवाज़ से डॅन्स कर रही थी.

पायल की चूत मेरे धक्को से खुल कर बंद हो जाती.

पायल को अब पोज़िशन चेंज करने की ज़रूरत थी.

मैं रुक गया और पायल को उठा कर कार बोनेट पर बैठा दिया.

कार का सामने का भाग स्लोप वाला था जिस से पायल नीचे सरकने लगी.

मुझे एक आइडिया आया.

मैं ने पायल को उपर बैठा दिया जिस से पायल धीरे फिसलने लगी.

मैं ने अपना लंड सही पोज़िशन मे रख कर पायल के नीचे आनेका इंतज़ार करने लगे.ताकि लंड चूत मे चला जाए

मैं पोज़िशन लेके पायल के नीचे आने का इंतज़ार कर रहा था.

मेरे इस तरह करने से पायल को मज़ा आने लगा .पायल ने जानबूझ कर लंड को चूत मे नही जाने दिया .

पायल-हा हा हा ,रॉंग निशाना

मैं ने पायल को वापस उपर बैठा दिया और लंड को सही पोज़िशन रख दिया.

इस बार पायल फिसलते हुए मेरे लंड के पास आ गयी.

और आधा लंड पायल की चूत मे चला गया .

पायल फिसल रही थी जिस से पूरा लंड पायल की चूत मे चला गया.

पायल का नीचे की तरफ वेट था .वो गिरने वाली थी कि मैं उसके बीच मे था और मेरा लंड पायल की चूत मे था.

पायल का वेट मेरे लंड पे था .मैं पायल की चूत मे धक्के मारने लगा.

मैं ने पायल के पैरो को पकड़ रखा था ताकि पायल का ज़्यादा वेट मेरे लंड पर ना पड़े ,

मैं पायल की चूत मे धक्के मारने लगा. और ग्रॅविटी की वजह से पायल फिसलना चाह रही थी जिस से चूत मे धक्के जोरदार लग रहे थे.

इस तरह मेरे धक्के और ग्रॅविटी की वजह से पायल को मज़ा आने लगा.और पायल शीष्कारी लेने लगी.

पायल ने ऐसी खुले मे वो भी इस तरह कोही उसकी चुदाई करेगा ये पायल ने सपने मे भी नही सोचा होगा.

पायल सब कुछ भूल कर बस चुदाई का मज़ा ले रही थी

पायल को कोई फरक नही पड़ रहा था कि वो जंगल मे नंगी अपने कार पे बैठ कर कर चुदाई कर रही है.

उसे किसी बात का डर नही था कि कोई उसे नंगी देखे

मैं ने पायल को क्या से क्या बना दिया.

पायल की चूत का भोसड़ा बना रहा था.

पायल को अपने लंड पर नचा रहा था.

पायल मेरे धक्को को बर्दास्त नही कर पा रही थी

फिसलने के वजह से वो मेरे धक्को को बर्दास्त नही कर पाई.

पायल ने पानी छोड़ दिया

फिर भी मैं पायल की चूत मारने लगा.

पायल मुझसे चिपक गयी ताकि ग्रॅविटी का असर कम हो

मेरे चिपक ने के बाद भी धक्के वैसे पड़ रहे थे जैसे पहले पड़ रहे थे.

पायल मेरी चुदाई से जन्नत घूम कर आ गयी.

पायल ने मेरे कंधो पे हाथ डाल कर अपने पैर से मेरे कमर को पकड़ लिया

पायल को मैं उठा लिया और वैसे कुछ शॉट मारे

पायल को अपनी गोद मे उठा कर चोदने लगा.

पायल के साथ इस तरह जंगल मे चुदाई करना मज़ेदार लग रहा था

थोड़ी देर पायल को अपने गोद मे उठा कर चुदाई करता रहा.

फिर पायल को वैसे उठाकर पिछली सीट पर ले गया.

पिछली बार वो उल्टी थी. इस बार उसकी गंद सीट पर थी.

मैं पायल को यहाँ इस लिए लेकर आया कि मेरा वीर्य निकलने वाला था

मैं रुक नही सकता था. पायल तो अच्छी पोज़िशन मे लाना था फिर भी मैं धक्के मारने लगा.

पायल की चूत मे जलन होने लगी.

इस जलन के वजह से मैं रुक जाउ ये हाल नही था उसे मेरा वीर्य ठंडा कर सकता है.

और 5 6 जोरदार धक्को के साथ मैं ने पायल की चूत मे वीर्य डाल दिया.

वीर्य निकलते समय मैं ने पायल को वापस उठा लिया. और खड़े खड़े उसकी चूत मे वीर्य भरने लगा.

वीर्य उसकी चूत मे डालने के बाद हमारा खड़ा रहना ठीक नही था.

मैं पायल को उठा कर कार की दूसरी तरफ से ड्राइवर के बाजू वाली सी पर लेट गया.

मेरा लंड पायल की चूत मे था जिस से पायल मेरे उपर लेट गयी.

और हम सीट पर लेट कर हाँफने लगे.

 
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