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रानी को बाइ बोल कर मैं कोमल को लेकर गाओं की तरफ जाने लगा.
कोमल कुछ उदास लग रही थी. वो चुप चाप बैठी थी.
मैं ने कोमल को ऐसा चुप चाप पहली बार देखा. वो भी मेरी बाइक पे ,मैं ने बाइक रोक दी
बाइक रुकते कोमल होश मे आ गयी
अवी-कोमल क्या हुआ
कोमल-कुछ भी तो नही.
अवी-तुम्हारा चेहरा कुछ और बता रहा है. क्या हुआ
कोमल-कितनी जल्दी समय बीत जाता है.
अवी-क्या हुआ ,तुम ऐसे क्यू बोल रही हो
कोमल-कुछ नही. एग्ज़ॅम हो गये और नये साल के लिए बिज़ी भी हो गये
अवी-तुम चाहो तो कोचिंग मत जाना ,पर तुम्हें डॉक्टर बनना है.
कोमल-तुम्हारे लिए ही तो डॉक्टर बनना चाहती हूँ.
अवी-तो ज़्यादा मत सोचो ,तुम्हें ऐसा उदास देख कर मुझे अच्छा नही लगता
कोमल-देखो ना रानी भी घूमने जा रही है.और मैं वापस अपने कमरे मे बंद हो जाउन्गी
अवी-वही तो तुम्हें पसंद है. अपने कमरे मे बैठ कर कर किताबें पढ़ना.
कोमल-पहले था पर रानी ने मुझे बताया कि वो कितना एंजाय करती है .तब से मुझे भी एंजाय करना का दिल कर रहा है
अवी-तुम क्या चाहती हो
कोमल-मैं पंछी की तरह आसमान मे उड़ना चाहती हूँ ,मछली की तरह समंदर मे तैरना चाहती हूँ.
अवी-तो ये बात है, हम भी कही घूमने चलते है
कोमल-सच
अवी-हाँ, कल हम घूमने जाएँगे. सिर्फ़ हम दोनो
कोमल-लेकिन कहाँ जाएँगे
अवी-यही शहर मे घूमेंगे और मस्ती करेंगे
मेरे साथ घूमने जाने की बात से कोमल खुश हो गयी और मेरे गले लग गयी.
अवी-क्या कर रही हो, कहीं भी गले लग जाती हो कंट्रोल रखा करो, लोग क्या कहेंगे
कोमल-मैं लोगो से क्यूँ डरूँ
अवी-कोमल
कोमल-सॉरी नेक्स्ट टाइम ध्यान रखूँगी.
अवी-चले अब
कोमल-हाँ, लेकिन कल कितने बजे निकलेंगे ,कहाँ जाएँगे ,खाना साथ लेना होगा , कब आएँगे
अवी-ब्रेक मारो, कितने सवाल एक साथ पूछ रही हो
कोमल-प्लॅनिंग तो करनी होगी.
अवी-बिना प्लॅनिंग के घूमने जाएँगे. जहाँ लगा कि मस्ती कर सकते है वहाँ मस्ती करेंगे. होटेल दिखा तो खाना खाएँगे.डब्बा दिखा वहाँ पर खाना खाएँगे
कोमल-सुनने मे अच्छा लग रहा है.
अवी-कल ज़्यादा अच्छा लगेगा .बस नेहा बुआ से पर्मिशन लेना
कोमल-हाँ, माँ मुझे जाने नही देंगी. पहले कभी उनको छोड़ कर गयी नही ना
अवी-ये तो तुम्हें करना होगा.
कोमल-मैं माँ से बात कर लूँगी. लेकिन कविता घूमने जाने का नाम सुन कर हमारे साथ आई तो
अवी-कविता और लीना को मैं संभाल लूँगा.
कोमल-तो कल पक्का ना
अवी-हाँ, कुछ भी हो जाए हम कल घूमने जाएँगे.
कोमल कभी बाहर घूमने नही गयी थी. कभी जाती है तो नेहा बुआ साथ रहती थी.
रानी के घूमने जाने के नाम से कोमल को भी मस्ती करने का मन हो रहा था.
मैं कविता और लीना को घुमाने ले जाता तो कोमल का दिल भी करता था कि मेरे साथ चले
आज एग्ज़ॅम ख़तम हो जाने के बाद फिर से कोचिंग मे बिज़ी हो जाने से पहले कोमल को रिलॅक्स होने की ज़रूरत थी.
ऐसे मे कोमल के नाम मैं अपना एक दिन तो कर सकता हूँ.
कोमल का सब कुछ मैं था. वो मेरे सिवा कुछ नही करती है.
आज की कोमल जो है वो मेरे वजह से ऐसी बनी है.
ऐसे मे कोमल के खुशी के लिए मुझे इतना तो करना था.
कोमल को कल घुमा कर लाता हूँ. कुछ पल भी मेरे साथ रही तो वो खुश हो जाती है.
देखो घूमने जाने के नाम से कोमल का चेहरा पे एक रोनक आ गयी.
कोमल को कल का प्रॉमिस कर के मैं अपने घर चला गया.
घर मे आते ही चाची एग्ज़ॅम के बारे मे पूछने लगी.
ब चाची-अवी
अवी-जी चाची
ब चाची-एग्ज़ॅम कैसे गये
अवी-पेपर अच्छे गये .
ब चाची-अब क्या करने का सोचा है.
अवी-पढ़ाई करता रहूँगा .पता नही कब किसी काम मे बिज़ी हो जाउ
सी चाची-कुछ दिन आराम कर ले
अवी-नही, मुझे एंटरेस की पढ़ाई भी करनी है.
ब चाची-ठीक है. पर अपनी सेहत का ध्यान रखना
अवी-जी
म चाची-अवी एग्ज़ॅम ख़तम होने की खुशी मे फ्रेंड के साथ मस्ती नही कर रहा.
अवी-उनके एग्ज़ॅम अभी चल रहे है
ब चाची-सीमा, जा अवी के लिए खाना लेकर आ
अवी-चाची मैं आराम करना चाहता हूँ.
ब चाची-क्या हुआ तबीयत तो ठीक हैना
अवी-हाँ, थोड़ा थक गया हूँ.
ब चाची-इस लिए कह रही हूँ कि अपना ध्यान रखा कर, थोड़ी देर आराम कर ले
मैं अपने कमरे मे जाकर आराम करने लगा.
मेरे इस तरह आराम करने से छोटी चाची मेरे कमरे मे आ गयी.
सी चाची-अवी क्या हुआ
अवी-कुछ नही, थोड़ा सर दर्द कर रहा है.
सी चाची-मैं दबा देती हूँ.
मैं चाची की गोद मे सर रख लेट गया. चाची मेरे सर पर हाथ घुमाने लगी.
सी चाची-अवी तेरे पेपर खराब गये ना.
अवी-हाँ
सी चाची-इसमे टेन्षन लेने जैसी क्या बता है.वो तो खराब जाने वाले थे
अवी-क्या मतलब
सी चाची-तूने इतना काम जो किया है. ऐसे मे कम मार्क मिले तो भी कोई कुछ नही कहेगा.
अवी-मुझे लगता है बहोट कम मार्क मिलेंगे
सी चाची-पेपर मे मार्क लेके क्या करेगा .तूने सब के दिल मे जो जगह बना रखी है. सबको खुशिया दी है. उनके सामने ये पेपर कुछ भी नही. तू अपनी ज़िंदगी के पेपर मे 1स्ट आ रहा है ये ज़्यादा इम्पोर्टेंट है. पेपर मे मार्क तो कोई भी ले सकता है पर तूने जो किया वो कोई और नही कर सकता था.तुम टेन्षन मत ले ,मैं हूँ ना ,
अवी-आपने ही तो कहा था कि काम के साथ पढ़ाई भी करनी चाहिए जो मैं ने नही की
सी चाची-तूने क्या किया है मुझे सब पता है. तेरे जैसा बेटा पाकर मैं बहोत खुश हूँ. अब मुझे खुश देखना चाहता है तो टेन्षन लेना बंद करो, वरना मैं तुझसे बात नही करूँगी.
अवी-आपसे बात किए बिना मेरा दिन शुरू नही होता,
सी चाची-देख तू टेन्षन भुलाने के लिए कहीं घूमने चला जा ,या फिर दोस्तो के साथ पार्टी कर.
अवी-घूमने ,मैं बताना तो भूल गया. कल कोमल को लेकर बाहर जा रहा हूँ
सी चाची-ये तो अच्छी बात है. एग्ज़ॅम ख़तम होने की खुशी मना लो,कोमल के साथ जाकर तुम अच्छा कर रहे हो ,उसे भी रिलॅक्स होने की ज़रूरत है.
अवी-कल कोमल के नाम अपना दिन किया है
सी चाची-ठीक है, अब सो जा ,और उठने के बाद मुझे टेन्षन फ्री अवी चाहिए
अवी-ज़रूर मिलेगा.
मैं चाची के गोद मे सर रख कर लेट गया.
रानी को बाइ बोल कर मैं कोमल को लेकर गाओं की तरफ जाने लगा.
कोमल कुछ उदास लग रही थी. वो चुप चाप बैठी थी.
मैं ने कोमल को ऐसा चुप चाप पहली बार देखा. वो भी मेरी बाइक पे ,मैं ने बाइक रोक दी
बाइक रुकते कोमल होश मे आ गयी
अवी-कोमल क्या हुआ
कोमल-कुछ भी तो नही.
अवी-तुम्हारा चेहरा कुछ और बता रहा है. क्या हुआ
कोमल-कितनी जल्दी समय बीत जाता है.
अवी-क्या हुआ ,तुम ऐसे क्यू बोल रही हो
कोमल-कुछ नही. एग्ज़ॅम हो गये और नये साल के लिए बिज़ी भी हो गये
अवी-तुम चाहो तो कोचिंग मत जाना ,पर तुम्हें डॉक्टर बनना है.
कोमल-तुम्हारे लिए ही तो डॉक्टर बनना चाहती हूँ.
अवी-तो ज़्यादा मत सोचो ,तुम्हें ऐसा उदास देख कर मुझे अच्छा नही लगता
कोमल-देखो ना रानी भी घूमने जा रही है.और मैं वापस अपने कमरे मे बंद हो जाउन्गी
अवी-वही तो तुम्हें पसंद है. अपने कमरे मे बैठ कर कर किताबें पढ़ना.
कोमल-पहले था पर रानी ने मुझे बताया कि वो कितना एंजाय करती है .तब से मुझे भी एंजाय करना का दिल कर रहा है
अवी-तुम क्या चाहती हो
कोमल-मैं पंछी की तरह आसमान मे उड़ना चाहती हूँ ,मछली की तरह समंदर मे तैरना चाहती हूँ.
अवी-तो ये बात है, हम भी कही घूमने चलते है
कोमल-सच
अवी-हाँ, कल हम घूमने जाएँगे. सिर्फ़ हम दोनो
कोमल-लेकिन कहाँ जाएँगे
अवी-यही शहर मे घूमेंगे और मस्ती करेंगे
मेरे साथ घूमने जाने की बात से कोमल खुश हो गयी और मेरे गले लग गयी.
अवी-क्या कर रही हो, कहीं भी गले लग जाती हो कंट्रोल रखा करो, लोग क्या कहेंगे
कोमल-मैं लोगो से क्यूँ डरूँ
अवी-कोमल
कोमल-सॉरी नेक्स्ट टाइम ध्यान रखूँगी.
अवी-चले अब
कोमल-हाँ, लेकिन कल कितने बजे निकलेंगे ,कहाँ जाएँगे ,खाना साथ लेना होगा , कब आएँगे
अवी-ब्रेक मारो, कितने सवाल एक साथ पूछ रही हो
कोमल-प्लॅनिंग तो करनी होगी.
अवी-बिना प्लॅनिंग के घूमने जाएँगे. जहाँ लगा कि मस्ती कर सकते है वहाँ मस्ती करेंगे. होटेल दिखा तो खाना खाएँगे.डब्बा दिखा वहाँ पर खाना खाएँगे
कोमल-सुनने मे अच्छा लग रहा है.
अवी-कल ज़्यादा अच्छा लगेगा .बस नेहा बुआ से पर्मिशन लेना
कोमल-हाँ, माँ मुझे जाने नही देंगी. पहले कभी उनको छोड़ कर गयी नही ना
अवी-ये तो तुम्हें करना होगा.
कोमल-मैं माँ से बात कर लूँगी. लेकिन कविता घूमने जाने का नाम सुन कर हमारे साथ आई तो
अवी-कविता और लीना को मैं संभाल लूँगा.
कोमल-तो कल पक्का ना
अवी-हाँ, कुछ भी हो जाए हम कल घूमने जाएँगे.
कोमल कभी बाहर घूमने नही गयी थी. कभी जाती है तो नेहा बुआ साथ रहती थी.
रानी के घूमने जाने के नाम से कोमल को भी मस्ती करने का मन हो रहा था.
मैं कविता और लीना को घुमाने ले जाता तो कोमल का दिल भी करता था कि मेरे साथ चले
आज एग्ज़ॅम ख़तम हो जाने के बाद फिर से कोचिंग मे बिज़ी हो जाने से पहले कोमल को रिलॅक्स होने की ज़रूरत थी.
ऐसे मे कोमल के नाम मैं अपना एक दिन तो कर सकता हूँ.
कोमल का सब कुछ मैं था. वो मेरे सिवा कुछ नही करती है.
आज की कोमल जो है वो मेरे वजह से ऐसी बनी है.
ऐसे मे कोमल के खुशी के लिए मुझे इतना तो करना था.
कोमल को कल घुमा कर लाता हूँ. कुछ पल भी मेरे साथ रही तो वो खुश हो जाती है.
देखो घूमने जाने के नाम से कोमल का चेहरा पे एक रोनक आ गयी.
कोमल को कल का प्रॉमिस कर के मैं अपने घर चला गया.
घर मे आते ही चाची एग्ज़ॅम के बारे मे पूछने लगी.
ब चाची-अवी
अवी-जी चाची
ब चाची-एग्ज़ॅम कैसे गये
अवी-पेपर अच्छे गये .
ब चाची-अब क्या करने का सोचा है.
अवी-पढ़ाई करता रहूँगा .पता नही कब किसी काम मे बिज़ी हो जाउ
सी चाची-कुछ दिन आराम कर ले
अवी-नही, मुझे एंटरेस की पढ़ाई भी करनी है.
ब चाची-ठीक है. पर अपनी सेहत का ध्यान रखना
अवी-जी
म चाची-अवी एग्ज़ॅम ख़तम होने की खुशी मे फ्रेंड के साथ मस्ती नही कर रहा.
अवी-उनके एग्ज़ॅम अभी चल रहे है
ब चाची-सीमा, जा अवी के लिए खाना लेकर आ
अवी-चाची मैं आराम करना चाहता हूँ.
ब चाची-क्या हुआ तबीयत तो ठीक हैना
अवी-हाँ, थोड़ा थक गया हूँ.
ब चाची-इस लिए कह रही हूँ कि अपना ध्यान रखा कर, थोड़ी देर आराम कर ले
मैं अपने कमरे मे जाकर आराम करने लगा.
मेरे इस तरह आराम करने से छोटी चाची मेरे कमरे मे आ गयी.
सी चाची-अवी क्या हुआ
अवी-कुछ नही, थोड़ा सर दर्द कर रहा है.
सी चाची-मैं दबा देती हूँ.
मैं चाची की गोद मे सर रख लेट गया. चाची मेरे सर पर हाथ घुमाने लगी.
सी चाची-अवी तेरे पेपर खराब गये ना.
अवी-हाँ
सी चाची-इसमे टेन्षन लेने जैसी क्या बता है.वो तो खराब जाने वाले थे
अवी-क्या मतलब
सी चाची-तूने इतना काम जो किया है. ऐसे मे कम मार्क मिले तो भी कोई कुछ नही कहेगा.
अवी-मुझे लगता है बहोट कम मार्क मिलेंगे
सी चाची-पेपर मे मार्क लेके क्या करेगा .तूने सब के दिल मे जो जगह बना रखी है. सबको खुशिया दी है. उनके सामने ये पेपर कुछ भी नही. तू अपनी ज़िंदगी के पेपर मे 1स्ट आ रहा है ये ज़्यादा इम्पोर्टेंट है. पेपर मे मार्क तो कोई भी ले सकता है पर तूने जो किया वो कोई और नही कर सकता था.तुम टेन्षन मत ले ,मैं हूँ ना ,
अवी-आपने ही तो कहा था कि काम के साथ पढ़ाई भी करनी चाहिए जो मैं ने नही की
सी चाची-तूने क्या किया है मुझे सब पता है. तेरे जैसा बेटा पाकर मैं बहोत खुश हूँ. अब मुझे खुश देखना चाहता है तो टेन्षन लेना बंद करो, वरना मैं तुझसे बात नही करूँगी.
अवी-आपसे बात किए बिना मेरा दिन शुरू नही होता,
सी चाची-देख तू टेन्षन भुलाने के लिए कहीं घूमने चला जा ,या फिर दोस्तो के साथ पार्टी कर.
अवी-घूमने ,मैं बताना तो भूल गया. कल कोमल को लेकर बाहर जा रहा हूँ
सी चाची-ये तो अच्छी बात है. एग्ज़ॅम ख़तम होने की खुशी मना लो,कोमल के साथ जाकर तुम अच्छा कर रहे हो ,उसे भी रिलॅक्स होने की ज़रूरत है.
अवी-कल कोमल के नाम अपना दिन किया है
सी चाची-ठीक है, अब सो जा ,और उठने के बाद मुझे टेन्षन फ्री अवी चाहिए
अवी-ज़रूर मिलेगा.
मैं चाची के गोद मे सर रख कर लेट गया.