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मैं और मेरा परिवार

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797

पंकज के घर से निकल कर पहले मैं शॉप मे जाकर माउत फ्रेशनेर ले लिया.

बीयर की स्मेल मेरे घर जाने तक चली जाएगी.

अगर रानी यहाँ होती तो उसके घर चला जाता. पर रानी अपनी मम्मी के साथ घूमने गयी थी.

रानी पूरा समय अपनी मम्मी के साथ बिताना चाहती थी जिस की वजह से मैं ने उसको कॉल करने से मना किया था.

रानी फिर भी मुझे एक मेसेज कर देती.

रानी को आने मे और 3 दिन बाकी थे , और मिसेज़ वर्मा ने सनडे को बुलाया है, तब तक घर मे आराम करता हूँ.

आराम करते हुए पढ़ाई भी कर लेता हूँ, और थोड़ा टाइम कोमल के लिए निकाल लूँगा.

रानी के जाने की वजह से कोमल भी बोर हो रही है.

मैं घर जाते ही सीधा अपने कमरे मे चला गया.

विद्या मेरे लिए पानी लेकर आ गयी.

विद्या-पानी पी लो ,

अवी-थॅंक्स, कितना ध्यान रखती हो मेरा

विद्या-तुम्हारा ध्यान रखने के लिए तो हूँ यहाँ पर,

विद्या को एक किस करके पानी लाने का इनाम दिया .और मैं सो गया.

फिर शाम मे बच्चो के साथ खेलने के बाद मैं पढ़ाई करने लगा.

सी चाची-अवी

अवी-जी चाची

सी चाची-अभी तो एग्ज़ॅम हुई है .और पढ़ाई कर रहे हो

अवी-चाची कुछ मत पूछिए ,मुझे पढ़ाई करने दो

सी चाची-कक्षा हुआ

अवी-चाची आपको तो पता है कि मेरा ये साल कैसा गया है. अगर 12थ क्लास मे पढ़ाई नही की तो पूरा फ्यूचर खराब हो जाएगा.

सी चाची-इतना टेन्षन क्यूँ ले रहा है

अवी-चाची अभी से पढ़ाई करूँगा तो आगे जाकर आसानी होगी. और आगे किसी काम मे बिज़ी हो गया तो गयी भैंस पानी मे

सी चाची-ये सही सोचा तूने. कर पढ़ाई ,पर ज़्यादा टेन्षन मत लेना.

अवी-थोड़ी पढ़ाई करके रखता हूँ जिस से आगे जाकर ज़्यादा प्राब्लम ना हो.

सी चाची-कसरत पढ़ाई और आराम ,करने का प्लान बनाया है तूने

अवी-हाँ

सी चाची-अच्छा है.

रात मे थोड़ी बहुत पढ़ाई करने के बाद मैं सो गया.

सुबह उतना जो था कसरत करने के लिए.

दोपेहर मे मिसेज़ वर्मा की चुदाई करने से रात मे नींद अच्छी आई.

सुबह उठ कर कसरत करने के बाद मैं रणजीतसिंघ को मिलने के लिए हवेली चला गया.

रणजीतसिंघ ने मुझे एक काम से बुलाया था.

जिस कंपनी मे मुझे 50%पार्ट्नरशिप दी थी उसका प्रॉफिट मुझे देने के लिए बुलाया था.

हवेली मे मेरे आते सब के चेहरे पे खुशी झलकने लगी.

खास करके पायल के चेहरे पे,

मैं ने पहले रणजीतसिंघ को अपना अकाउंट नंबर दे दिया.

रणजीतसिंघ ने कहा कि 2 3 दिन मे मेरा हिस्सा मुझे मिल जाएगा.

रणजीतसिंघ और ठाकुरजी से बाते करने के बाद पायल मुझे अपने कमरे मे ले गयी.

ठाकुरजी और ठकुराइन को इस पे कुछ भी ऐतराज़ नही था . वो मुझे और पायल को भाई बहन की तरह देख रहे थे

पायल के कमरे मे जाते ही पायल मे अपने कपड़े निकालने सुरू किए

मैं पायल को देखता रह गया. पायल पूरी नंगी होकर मेरे उपर बैठ गयी.

और बिना कुछ कहे मेरे लंड को जीन्स से बाहर निकाल कर अपनी चूत मे ले लिया.

और खड़े खड़े चुदाई करने लगी.

अपना और मेरा पानी निकलने तक लंड पर उछलती रही

मेरा वीर्य अपनी चूत मे लेते ही वो बोलने लगी.

पायल-इतने दिन कहाँ थे

अवी-एग्ज़ॅम था मेरा

पायल-एग्ज़ॅम होने के बाद आज मिलने आए हो

अवी-तुम भी तो कॉल कर सकती थी

पायल-मैं तुम्हारा इंतज़ार कर रही थी.

अवी-अब आ गया ना

पायल-कार सीखना कब सुरू करना है

अवी-हफ्ते मे एक बार ,

पायल-बस एक बार

अवी-रोज रोज मिलना ठीक नही होगा. समझा करो

पायल-समझ गयी.

अवी-मेरे कॉल का इंतज़ार करना.

पायल-जल्दी कॉल करना .

अवी-इस हफ्ते का हो गया. अब नेक्स्ट हफ्ते मे करेंगे

पायल-अभी हुआ कहाँ है. एक और बार करते है

अवी-थोड़ी देर और रुका तो सबको शक होगा .अब उठो ,और कपड़े पहनो

पायल ने कपड़े पहन लिए और गेट खोल कर थोड़ी देर मुझे कंप्यूटर के बारे मे बताने लगी.

ठकुराइन हमे देखने के लिए पायल के कमरे मे आ गयी. हमे कंप्यूटर ईस्तमाल करते हुए देख कर रिलॅक्स हो गयी.

ठकुराइन के आते ही मैं नीचे चला गया.और रणजीतसिंघ के साथ बाते करने के बाद घर चला गया.

सम्मर मे आम के बगीचे मे जाने का मन हो रहा था.

मेले के बाद खेतो मे गया ही नही था.

आम के बगीचे की ठंडी हुआ का मज़ा लेने के लिए मैं ने शाम मे बगीचे मे जाने का सोच लिया.

चाची को मेरे खेतो मे जाने से कोई अतराज़ नही था.

शाम मे नींबू शरबत पीकर मैं आम के बगीचे मे जाने के लिए तय्यार हो गया.

मैं घर से बाहर निकला था कि कोमल मेरे सामने आकर खड़ी हो गयी.

कोमल के कुछ पूछने से पहले मैं ने उसे बता दिया कि मैं खेत मे जा रहा हूँ

अवी-अच्छा हुआ तुम यही आ गयी .मैं तुम्हारे पास आ रहा था.

कोमल- मेरे पास किस लिए

अवी-मैं खेत मे घूमने जा रहा था तो सोचा तुम्हे ले चालू अपने साथ .चलॉगी.

कोमल- खेत मे ,आम के बगीचे मे ,हाँ चलो

अवी-बुआ से पूछ लो

कोमल- माँ को बता कर आई हूँ की विद्या से मिलने जा रही हूँ

अवी-विद्या से मिलने आई हो,पर किस लिए

कोमल- विद्या ने कहा की वो मुझे मेडिकल के बारे मे कुछ बाते सिखाना चाहती है.

अवी-फिर तो तुम विद्या के पास जाओ

कोमल- नही. विद्या से कल सीख लूँगी ,चलो अब

अवी-तुम्हारी तबीयत ठीक हैना

कोमल- हाँ, ऐसा क्यू पूछ रहे हो

अवी-तुम पढ़ाई को मना कर रही हो और ऐसा बहुत कम बार हुआ है.

कोमल-पढ़ाई तो होती रहेगी. पढ़ाई से ज़्यादा इम्पोर्टेंट लाइफ को एंजाय करना होता है

कोमल की नयी ,समझदारी की बाते सुनकर मैं खुश हो गया.

और इसी खुशी के साथ हँसते हुए बाते करते हुए हम खेत मे आ गये

खेत मे मैं सीधा कोमल को घर3 मे लेकर नही जा सकता था.क्या पता चाचा क्या कर रहे होंगे.

खेत मे आते मैं कोमल को आम के बगीचे मे ले गया.

बगीचे मे कमला काकी मुझे देख कर खुश हो गयी. पर कोमल के देख कर उनका चेहरा उतर गया.

अवी-चलो कोमल बगीचे मे घूमते है.

कोमल-इतनी गरमी मे यहाँ ठंडी हुआ चल रही है.

अवी-ये बगीचे और जंगल की वजह से हो रहा है.

कोमल- जंगल ,तुम कभी इस जंगल मे गये हो

अवी-हाँ एक बार गया था. वो देखो पका हुआ आम

कोमल-आम ,दिखा क्या रहे हो तोडो ना

अवी-वो बहुत उपर है

कोमल- मुझे वो आम खाना है.

अवी-कोई और ढूंढते है

कोमल-मुझे वही चाहिए

अवी-तुम भी ना,

और मैं पेड़ पर चढ़ने लगा.

कोमल- आराम से चढ़ना

अवी-डिस्ट्रब मत करो ,मुझे पता है

कोमल- संभाल के

अवी-डरा मत

कोमल-रहने दो ,वो काफ़ी उपर है. तुम्हे चोट लग जाएगी

अवी-तुम्हे वो आम पसंद है ना ,तुम्हे मिल जाएगा

बड़ी मुश्किल से मैं ने वो आम तोड़ लिया.

अवी-लो तुम्हारा आम

कोमल-रहने देते

अवी-मत खाओ ,मैं खा लेता हूँ.

कोमल ने मेरे हाथ से आम छीन लिया.

कोमल- आधा आधा खाएँगे

अवी-मुझे दो मैं उसको चूसने लायक बनाता हूँ.

कोमल-मैं कर लूँगी.

कोमल आम को मसल्ने लगी .और मैं हमारे लिए बैठ ने के लिए जगह बनाने लगा.

जगह बनते ही कोमल के साथ मैं पेड़ के नीचे बैठ गया

कोमल- यहाँ आकर कितनी शांति मिलती है

अवी-उस झरने की तरह यहाँ भी मन शांत हो रहा है

कोमल- उस झरने पे हम फिर कब जाएँगे

अवी-जल्दी जाएँगे

कोमल- वो झरना ,वो जंगल मुझे आज भी मेरे आँखो के सामने दिखता है

और कोमल ने आधा आम खा कर मुझे दिया.

मैं ने सिर्फ़ एक बाइट लिया और कोमल को वो आम वापस कर दिया.

अवी-तुम्हे पता है .इस जंगल मे एक तालाब है.

कोमल- तुम्हे कैसे पता

अवी-मैं जंगल मे गया हूँ

कोमल- कैसा है वो तालाब उस झरने की तरह है

अवी-उतना कुछ खास नही है पर अच्छा है.

कोमल- मुझे दिखाओगे

अवी-दिखा तो दूँगा पर तालाब देख कर मुझे नहाने के मन होता है. और मैं ने बनियान नही पहनी है.

कोमल- बनियान, मैं समझी नही.

अवी-तुम कैसे नहाओगी तालाब मे ,तुम्हे तो मेरी बनियान चाहिए ना ,

कोमल को वो झरने का सीन याद आ गया .जब मैं ने उसको अपने करीब लाकर उसे ब्रा पैंटी मे कर दिया था.

और उसकी खूबसूरती मैं खो रहा था.

अवी-क्या हुआ कहाँ खो गयी.

कोमल- तुम बहुत गंदे हो

अवी-मैं ने क्या किया

कोमल- उस दिन झरने मे तुम ने

अवी-क्या किया मैं ने

कोमल- कुछ नही

अवी-बोलो भी.

कोमल- मैं एक्सट्रा कपड़े लेकर आउन्गि तब दिखाना तालाब

अवी-फिर तो रहने दो,

कोमल-तुम बहुत गंदे हो,

अवी-और तुम बहुत खूबसूरत हो,

अपनी तारीफ सुनकर कोमल शरमा गयी.

अवी-तुम शरमाती हो ना तो और भी हसीन लगती हो

कोमल के गाल शरम के मारे लाल हो गये

अवी-तुम्हारी गाल की लाली को देख कर सूरज भी लाल हो गया,

इतना ना शरमाओ वरना सूरज तुम्हे देख कर शरमा कर छुप जाएगा.

कोमल से अब बर्दास्त नही हो रहा था. कोमल मुझसे आँखे नही मिला पा रही थी.

जिस से कोमल ने अपना चेहरा मेरी बाहों मे छुपा दिया.

और मेरे चेस्ट पे मुक्का मारने लगी.

अवी-क्या हुआ. मुझे मार क्यूँ रही हो.

कोमल-तुम

अवी-मैं

कोमल- मुझे आम खाना है. (कोमल ने बात बदल दी)

अवी-आम ,चलो ढूँढते है.तुम दिखाना मैं तोड़ दूँगा.

कोमल-चलो

कोमल के साथ मैं बगीचे मे पके हुए आम ढूँढने लगा.

कोमल मुझे पेड़ पर पका हुआ आम दिखाती और मैं तोड़ देता.

कभी इस पेड़ पे तो कभी दूसरे पेड़ पर मुझे चढ़ा देती.

और मुझे मंकी मंकी बोल कर छिडाने लगती.

कोमल को मुझे छिडाने मे मज़ा आ रहा था.

पता नही पर क्यूँ ,मुझे कोमल के चेहरे पे खुशी देख कर सुकून मिलता है. एक अलग आनंद प्राप्त होता है

कोमल की कोमलता के सामने सब कुछ कुर्बान

कोमल है ही इतनी प्यारी की फॅमिली मे सब उसको इतना प्यार करते हैं. कभी कोई उसे डाँट ता नही है.

कोमल ने मुझे आम के बगीचे के ज़्यादातर पेड़ पर चढ़ा ही दिया.

एक बार तो पका हुआ आम ना होने के बाद भी मुझे पेड़ पर चढ़ा दिया .और हँसने लगी.

कोमल- वो उस पेड़ पे एक आम है

अवी- कहाँ है मुझे नही दिख रहा

कोमल- तुम पेड़ पे जाओ मैं दिखाती हूँ

अवी- कोई शरारत तो नही कर रही

कोमल- तुम्हे शरारत की पड़ी है मुझे आम खाना है

और मैं पेड़ पे चढ़ गया

अवी- कहाँ है आम

कोमल- थोड़ा और उपर

मैं और उपर चला गया

अवी- कहाँ है पका हुआ आम

कोमल- उल्लू बनाया , वहाँ कोई पका हुआ आम नही है

अवी- कोमल

कोमल-तुम तो उल्लू बन गये

और कोमल मुझ पे हँसने लगी

10 12 साल के बच्चे की तरह मुझे उल्लू बना कर हँस रही थी.

मैं भी उसके साथ हँस कर खुद के उल्लू बन ने का मज़ा लेने लगा.

पेड़ से नीचे उतर कर मैं कोमल के पीछे भागने लगा.

कोमल मोरनी की तरह बगीचे मे नाचते हुए भाग रही थी.

कोमल को इस तरह लाइफ को एंजाय करते हुए देख कर मैं ने ये हसीन पल केमरे मे क़ैद कर लिए.

कोमल एक आज़ाद पंछी की तरह खुद को आज़ाद महसूस कर रही थी.

बगीचे को अपना घर समझ कर बिना किसी फिकर के घूम रही थी.

जब वो थक गयी तो मैं उसे अपने पीठ पर लेकर बगीचा घूमने लगा.

कोमल- अवी तुम तक जाओगे ,

अवी-तुम्हारा वेट ही क्या है.

कोमल- वो पहलवान रहने दो ,तुम भी पेड़ पर छाड़ कर थक गये होगे.

अवी-पहले मंकी ,फिर उल्लू बना दिया. अब गधा भी बनने दो

कोमल- गधा फिर कभी बन जाना. मुझे नीचे उतारो ,मुझे आम खाने है

अवी-कोई बहाना नही चलेगा.

कोमल- अवी मैं इतनी भी नही थकि हूँ ,

मैं ने कोमल को अपने पीठ से नीचे उतर दिया.

अवी-आ गये हम खेत मे वापस

कोमल- तुम ने मेरी बात नही मानी.

अवी-बाते बाद मे करेंगे पहले पानी पीते है .मैं तो थक गया .कितनी मोटी हो तुम

कोमल- क्या है.

अवी-कितनी मोटी हो तुम, मेरी पीठ दर्द कर रही है

कोमल- मोटी ,रूको अभी दिखाती हूँ

और कोमल मेरे पीछे पीछे भागने लगी. और मैं उसे इसी तरह घर3 ले आया.

चाचा को देखते ही कोमल रुक गयी .और चुप चाप जाकर मेरे लिए पानी लेकर आ गयी.

पानी पीने के बाद हम आम खाते हुएचाचा के साथ बाते करने लगे.

फिर मैं कुछ आम चाची केलिए औरकॉमल बुआ के लिए लेकर घर आ गयी.

इस सेशन का पहला आम खा कर चाची खुश हो गयी.

 
798

ऐसे ही 2 दिन मैं ने गुज़ार दिए

सुबह कसरत करना. फिर चाची के साथ बाते करना, बच्चो के साथ खेलना उनको प्यार करना.

शाम मे कोमल के साथ खेत मे जाना ,उसके साथ हसी मज़ाक करना. रात मे पढ़ाई करने सो जाना.

फिर वो दिन आ गया .

आज रानी अपनी मम्मी के साथ वापस आ रही थी.

रानी ने सुबह मुझे मसाज करके बताया कि वो शाम तक पहोच जाएँगे.

रानी का ये अच्छा था जो वो अपनी मम्मी के साथ कुछ समय प्यार के साथ एंजाय करती है.

आंटी भी अपने काम को अलग रख कर पूरा समय रानी के लिए निकालती थी.

वैसे तो रानी 1 महीने के लिए अपनी मम्मी के साथ घूमने जाती थी ,पर क्लासस की वजह से सिर्फ़ 1 हफ्ते के लिए घूमने गयी थी और दूसरी वजह मैं था ,मुझसे इतने दिन दूर कैसे रहती ,

रानी आ रही थी. क्यू ना रेलवे स्टेशन पे जाकर रानी को पिकप कर लूँ.

रानी को मुझे देख कर डबल खुशी होगी.

मैं चाची को बता रानी को मिलने के लिए चला गया.

शॉप से रानी के लिए एक गिफ्ट लेने के बाद मैं रेलवे स्टेशन पे चला गया

मेरे आते ही ट्रेन भी आ गयी.पासेंगेर ट्रेन से निकलने लगे .और मुझे जिसका इंतज़ार था वो भी ट्रेन से बाहर आ गयी.

रानी के ट्रेन से उतरते उसकी नज़र मुझपे पड़ी. मुझे देखते रानी ने बॅग वही रख दिया और भाग कर मेरे गले लग गयी.

उसके गले लगने से,उसने जिस तरह मुझे कस के गले लगाया .उस से पता चल गया कि रानी ने मुझे कितना मिस किया.

रानी ने मुझे ऐसे लगे लगाया कि कभी मुझसे दूर होना ही नही चाहती हो.

आंटी रानी का बॅग लेकर हमारे पास आ गयी.

रानी की मम्मी-रानी ,हम रेलवे स्टेशन पे है. कुछ तो ख़याल रखो

आंटी की बात सुनते मैं ने रानी को खुद से अलग किया.

रानी की मम्मी-रानी, घर जाकर अपना प्यार दिखाना ,सब यहाँ तुम्हे देख रहे है

अवी-आंटी कैसा रहा टूर

रानी की मम्मी-तुम आते तो अच्छा रहता

अवी-क्यूँ?

रानी की मम्मी-वो सब घर जाकर बताउन्गी. चलो यहाँ से

मैं ने रानी का बॅग उठा लिया और हम स्टेशन से बाहर आ गये. रानी चुप चाप मेरे पीछे पीछे आ रही थी.

टॅक्सी लेकर हम घर आ गये .घर आते ही रानी ने अपनी मम्मी की तरफ देखा.

रानी की मम्मी-अब क्या देख रही हो ,मिल लो अवी से

रानी ने मुझे गले लगा लिया.

रानी- तुम्हे मैं ने बहुत मिस किया.

अवी-मैं ने भी, तभी तो स्टेशन तक लेने आ गया.

रानी-आज के बाद मैं कही नही जाउन्गी

अवी-मत जाना, अब बताओ कैसा रहा टूर

रानी- अच्छा था पर तुम्हारे बिना मज़ा नही आया.

रानी की मम्मी-जब देखो तब तुम्हारा नाम ले रही थी. अवी यहाँ होता तो हम ये करते,अवी होता तो वो करते, मुझे तो भूल ही गयी थी ,

अवी-रानी ये अच्छी बात नही है , मम्मी का टाइम मम्मी के लिए देना चाहिए

रानी- मैं तो......

अवी-ये ग़लत है. हम बाकी समय तो रहते हैना साथ मे फिर आंटी के साथ कुछ दिन मिलते है वो उनको मिलने चाहिए कि नही.

रानी-तुम सही कह रहे हो

अवी-तो सॉरी बोलो आंटी को

रानी की मम्मी-इसकी कोई ज़रूरत नही है. बस रानी को बात समझ मे आ गयी इतना काफ़ी है.

रानी- सॉरी मम्मी

रानी की मम्मी-मेरी प्यारी बेटी के मूह से सॉरी वर्ड अच्छा नही लगता.

अवी-अब बताओ क्या क्या किया

रानी- पहले हम

रानी को आंटी ने रोक दिया.

रानी मम्मी-रानी पहले फ्रेश हो जाओ,फिर आराम से बात करना

रानी- बाद मे हो जाउन्गी.

अवी-मैं यही पर हूँ. जाओ फ्रेश हो जाओ ,

रानी-जाना मत

अवी-नही जाउन्गा.

रानी ने बॅग से अपने कपड़े निकाल दिए और भाग कर बाथरूम मे चली गयी.

अवी-आंटी कैसा रहा टूर

रानी की मम्मी- अच्छा था. और तुम ने स्टेशन मे आकर बहुत अच्छा बना दिया.

अवी-रानी के लिए आना ही था. उसे मुझे देख कर सबसे ज़्यादा खुशी हुई है.

रानी की मम्मी- हाँ, रानी तुम्हारे आने से खुद को रोक नही पाई.

अवी-आपको बुरा नही लगा ,रानी का इस तरह मेरे गले लगना.

रानी की मम्मी- मैं तो खुश हूँ तुम दोनो का प्यार देख कर.

अवी-अच्छा है कि आपकी लव मॅरेज हुई जिस से आपको कोई अतराज़ नही था

रानी की मम्मी- ऐसा नही है. तुम मे इतनी खूबिया हैकि कौन ना करेगा. और तुम्हारे नेचर के बारे मे मुझे अच्छे से पता है. और रही बात लव मॅरेज की तो मैं अपने माता पिता की तरह मना करके ग़लत नही करना चाहती.

अवी-ये लीजिए ,मैं ने खाना पार्सल करके लाया था.

रानी की मम्मी- इसकी क्या ज़रूरत थी.

आंटी खाना लेकर किचन मे चली गयी और मैं रानी के कमरे मे चला गया.

मेरे और रानी के कमरे मे आने का टाइम सेम था,रानी भी बाथरूम से बाहर आ गयी.

रानी सिर्फ़ टवल मे बाहर आ गयी. रानी को टवल मे देखते ही मैं ने सीटी बजा दी.

रानी- तुम यहाँ ,

और रानी वापस बाथरूम मे जाने के लिए पलटी थी कि

अवी-फ़्रीज़

रानी वही पर रुक गयी. और स्टॅच्यू बन गयी.

अब तो रानी गयी काम से .

एक तो वो टवल मे है और दूसरी तरफ वो स्टॅच्यू बन गयी है.

मैं शैतानी हँसी के साथ रानी के पास जाने लगा

रानी सोच रही होंगी अब तो वो गयी काम से

शिकार खुद शिकारी के हाथ मे आ गया

मैं रानी के सामने जाकर खड़ा हो गया .और रानी के गीले बदन को देखने लगा.

रानी मेरी तरफ देख रही थी मेरी हसी से उसे अंदाज़ा जो गया कि उसका शिकार होने वाला है

मैं तो रानी के खूबसूरत बदन को देखता रह गया

कितने दिनो बाद दर्शन हुए है , आज तो पूरा दर्शन कर लूँगा

रानी के बदन पर वॉटर के ड्रॉप देख कर मेरे मूह मे पानी आ गया.

रानी के गीले बाल उसके चेहरे पे आ गये थे. उन बालो से गिरता हुया पानी रानी के बदन को गीला कर रहा था.

रानी का एक पैर उपर उठा हुआ था ,भागने वाली पोज़िशन मे

मैं रानी के पीछे चला गया .और उसके उपर उठे हुए पैर को अपने हाथो मे पकड़ कर उसपे किस किया.

किस करने से रानी के बदन मे प्यार की लहर दौड़ गयी पर वो खुद को कंट्रोल करते हुए स्टॅच्यू बनी रही.

मैं उसके पैरो पे किस करते हुए उपर जाने लगा तो उसके पैर कापने लगे.

मैं उसके गीले बदन पे किस करके और गीला करने लगा

एक पैर पे खड़े रहने से रानी को प्राब्लम हो रही थी. और उसके पैर कापने से वो अपना कंट्रोल खोती जा रही थी,

मैं ने उसके पैरो पे किस करना बंद किया .और खड़ा होकर उसके सामने आ गया.

रानी का दिल जोरो से धड़क रहा था

.

अब मैं क्या करूँगा इस बात से उसके पसीने निकल रहे होंगे पर गीले बदन से मैं उसके डर को पहचान नही पा रहा था

वॉटर के के ड्रॉप रानी के होंठो पर अपना का कब्जा कर रहे थे

मैं ने रानी के नशीले होंठो को , उसके गीले होंठो को अपने होंठो से मिला दिया

मैं ने उसके हाथो पे किस किया ,रानी आँखे तिर्छि करके मुझे देखने लगी.

मैं रानी के हाथो पर किस करते हुए उसके गर्दन के पास आ गया.

रानी को मेरा प्यार करना अच्छा लग रहा था .जिस से वो स्टॅच्यू बन कर खड़ी थी.

वरना वो भाग कर बाथरूम मे चली जाती

या फिर रानी चैक कर रही होगी कि मैं क्या करता हूँ, सिचुयेशन का अड्वॅंटेज लेता हूँ कि नही ये देखने के लिए स्टॅच्यू बनी हुई थी

मेरे रानी की गर्दन पे किस करने से उसके बदन मे गुदगुदी होने लगी.

रानी ने अपना सर थोड़ा हिला दिया .पर मैं रुका नही , और उसके गर्दन पे हर जगह किस करने लगा.

उसके बदन पे जितने पानी के ड्रॉप थे उनको पीने लगा

रानी के बदन को छुते ही वो पानी अमृत बन गया था

फिर भी रानी अनफ्ररीज़ नही हुई. वैसी खड़ी रह कर मुझे प्यार करने दे रही थी.

उसकी साँसे और धड़कने तेज चल रही थी.

उसके पैर काप रहे थे फिर भी वो अनफ्ररीज़ नही हुई

रानी के होंठ मेरे होंठो से मिलना चाहते थे पर इस मिलन के लिए अभी टाइम था

गर्दन पर किस करने के बाद मैं ने अपना हाथ टवल पे रख दिया.

टवल पे हाथ रखते ही रानी की धड़कने और तेज हो गयी. और उसकी आँखे बड़ी हो गयी.

रानी ने मुझे रोकने की कोशिस नही की , बल्कि अपनी आँखे बंद की ताकि मैं उसे प्यार कर सकूँ

कितने दिन हो गये रानी की खूबसूरती को बिना कपड़ो के देखे हुए

आज मिले हुए गोल्डन चान्स को खो नही सकता.

मैं ने टवल को खोल दिया .टवल नीचे गिर गया ,टवल ने रानी का बदन का साथ छोड़ दिया.

रानी की खूबसूरती मेरी आँखो मे क़ैद हो गयी

रानी बिना टवल के मेरे सामने खड़ी थी. पर ये क्या रानी ने ब्रा और पैंटी पहन रखी है

ये चीटिंग है , मुझे लगा उसने अभी तक अपने बदन को टवल से पोछा नही होगा , जो पानी के ड्रॉप रानी के बदन पे थे वो उसके बालो से गिर रहे थे

ये तो चीटिंग है. पर कोई बात नही, रानी को ब्रा पैंटी मे देखना ,ये मेरे लिए एक ख्वाब जैसा था

रानी का खूबसूरत ,नशीला बदन सिर्फ़ 2 कपड़ो मे देख कर मेरे दिल मे पटाखे फूटने लगे.

मेरी आँखे तो इस के सिवा कुछ और देखना नही चाहती थी ,

रानी ने अपनी फिगर को अच्छे से मेनटेन करके रखा था.

मैं रानी को गोल गोल घूमकर उसे देखने लगा.

रानी शरमा रही थी. पर वो वैसी ही स्टॅच्यू बन कर खड़ी थी.

रानी ने मुझे रोका नही टोका नही अपने बदन को छुपाया नही ,

उसे मेरा प्यार करना पसंद ना आए ये हो ही नही सकता ,पर वो देखना चाहती थी कि मुझे उसका प्रोमिस जो उसकी मम्मी ने दिया था याद है कि नही.

वो मुझे रोकेगी तो नही पर मुझे उसका प्रॉमिस टूटने नही देना होगा.

मैं ने रानी के बूब्स को ब्रा के उपर से किस किया.

मेरे किस करते रानी ने अपनी आँखे फिर से बंद की, वो बस इतना हो कर सकती थी

क्यू की रानी फ़्रीज़ ही चुकी थी

रानी आँखे बंद करके क्या सोच रही होगी ये मुझे पता था.

उसे लग रहा होगा कि एक तो मैं ब्रा खोलूँगा या फिर नीचे किस करूँगा

या फिर उसकी नाभि पे किस करके प्यार करता जाउन्गा

पर मैं इतने मे ही खुश था

रानी की खूबसूरती को देख कर मेरे दिल को सुकून मिला

मैं ने बेड पर रखी हुई टीशर्ट उठा ली और रानी को पहनाने लगा.

टीशर्ट पहनाने से रानी ने आँखे खोल दी और मुझे देखती रह गयी.

मैं ने रानी को टीशर्ट पहना दी. और बेड पर से उसकी सलवार उठा ली.

और मैं रानी की कमर के सामने बैठ गया.

और रानी की आँखो मे देखने के बाद मैं ने रानी की प्यारी पैंटी मे छुपी हुई मेरी जान को किस किया.

इस किस से रानी को मेरा प्यार मिल गया.

ऐसा प्यार जिसमे सिर्फ़ प्यार नही , एक विश्वास था. रेस्पेक्ट थी,

रानी को मुझसे जो चाहिए था वो सब कुछ एक किस ने उसे दे दिया.

रानी को किस करने के बाद मैं ने उसे सलवार पहना दी.

फिर भी रानी वैसी ही खड़ी थी. स्टॅच्यू बन कर.

मैं ने उसे फ़्रीज़ किया था, अब मेरे प्यार की गर्मी उसे अनफ्ररीज़ कर देगी.

मैं अपने होंठ रानी के होंठो के पास ले गया.

और रानी को अपने प्यार की गरमी देने लगा.

रानी के होंठो का रस पीते हुए अपनी गरम सासो से उसे पिघलाने लगा.

रानी मेरे प्यार की गर्मी मे पिघल गयी. और मुझे किस करने मे साथ देने लगी.

रानी को किस करते हुए मेरी नज़र गेट की तरफ गयी.

गेट के पास आंटी खड़ी होकर हमे देख रही थी. आंटी की आँखो मे खुशी के आसू थे.

आंटी को जो मुझसे उम्मीद थी उस पे मैं सही साबित हुआ.

आंटी ने हमे डिस्ट्रब नही किया और कमरे से बाहर चली गयी.

मैं ने रानी को लंबा किस किया .जिस से रानी खुश हो गयी.

रानी-अवी

अवी-कुछ मत कहो ,मुझे तुम्हारी धड़कने सुन ने दो

मैं रानी के गले लग कर उसकी धड़कनो मे छुपा हुआ प्यार फील करने लगा.

अवी-रानी

रानी- अवी आइ लव यू

अवी-लव यू टू

रानी-तुम ने इतना अच्छा मोका गवाँ दिया.

अवी-मुझे जितना प्यार करना था कर लिया.

रानी- कुछ भी तो नही किया

अवी-बाथरूम जाकर अपनी पैंटी चेंज कर लेना

रानी- क्या?

और रानी ने मुझे धक्का दे दिया.

रानी- तुम्हे तो मैं बाद मे देख लूँगी.

अवी-मैं ने तो तुम्हे देख भी लिया है. अगर चाहो मैं खुद को दिखा सकता हूँ.

रानी- मुझे नही देखना

अवी-देख लो ,

रानी-नही देखना है

अवी-क्यू डर रही हो ,फिर से गीली ना हो जाओ

रानी- तुम ,जाओ मैं तुम से बात नही करूँगी.

अवी-मत करो, बस प्यार करते रहना.

रानी-वो भी...

रानी की बात पूरी होने से पहले मैं ने उसे किस करके मूह बंद कर दिया.

अवी-ऐसा मज़ाक मे भी मत कहना.

रानी-इतना प्यार करते हो.

अवी-फिर से करके दिखाऊ

रानी- नही, और दुबारा फ़्रीज़ करोगे तो बता देना ,मैं पहले नही नहाउन्गी

अवी-क्यूँ?

रानी- क्यूँ कि मुझे फिर से नहाना होगा.

इस का मतलब मैं जानता था

और रानी टवल लेकर फिर से बाथरूम मे चली गयी.

और मैं आंटी के पास जाकर उनको भरोसा दिलाया कि हम शादी से पहले कुछ नही करेंगे.

फिर रानी के फ्रेश होते हम ने खाना खा लिया. और रानी मुझे अपने टूर की बाते बताने लगी.

रानी जिस तरह बता रही थी उस से मुझे बस सुनते रहने का मन हो रहा था.

पर समय ही नही होता मेरे पास.

रानी की प्यारी प्यारी बाते सुन ने के बाद मैं घर चला गया.

 
799

रानी के आने से कोमल भी उस से मिलना चाहती थी

मंडे से उनके क्लासस सुरू होने वाले थे. जिस से कोमल रानी से मिलने जाना चाहती थी.

कोमल को कुछ करना हो और मैं पूरा ना करू ये हो नही सकता.

मैं ने कोमल को तय्यार रहने को कहा.

वैसे भी मुझे आज मिसेज़ वर्मा से मिलना था.

कोमल को रानी के पास छोड़ कर मैं मिसेज़ वर्मा के पास जा सकता हूँ.

मैं ने छोटी चाची को बता दिया कि मैं मिसेज़ वर्मा से मिलने जा रहा हूँ.

सी चाची- अचानक मिसेज़ वर्मा से मिलने क्यूँ जा रहे हो

अवी-वो पंकज के मार्क बढ़ाने

सी चाची- ये अच्छी बात नही है. 36 मार्क अगर मेहनत से मिलते है वो 99 मार्क से ज़्यादा खुशी देते है

अवी-मैं अपने लिए नही माँग रहा हूँ.

सी चाची-किसी के लिए भी हो ,ये ग़लत है,अगर पंकज को इतना डर था तो पढ़ाई क्यू नही की उसने

अवी-वो पढ़ाई करके आराम से पास हो जाता. पर

सी चाची- पर क्या

अवी-उसकी ऐसी हालत मेरी वजह से हुई है. जो वो फैल हो सकता है.

सी चाची- तुम्हारी वजह से

अवी-आपको सब बता देता हूँ

और मैं ने छोटी चाची को मेले से लेके एग्ज़ॅम तक सब बता दिया.

सी चाची- तो ये बात है.

अवी-क्या करू मैं ,आप ही बताइए.

सी चाची- तूने उनके अच्छे के लिए ब्रेकप करवाया ,पर उसका असर एग्ज़ॅम पर हुआ. अगर वो फैल होते है तो तेरी वजह से होगे

अवी-ग़लती मेरी है. मुझे क्या करना चाहिए

सी चाची- जा मिल ले मिसेज़ वर्मा से

अवी-उनको पास करवा दूं

सी चाची-करवा दो, पर तुम कभी अपने लिए ऐसा मत करना. तुम्हे 36 मार्क मिलेतो मुझे उतनी ही खुशी होगी जितनी 99 मार्क मिलने पे , क्यू कि वो तुम्हारे मेहनत से मिल होगे. पर अगर मार्क बढ़ाए होगे तो मुझे बहुत बुरा लगेगा.

अवी-मैं अपने लिए कभी ऐसा नही करूँगा.

सी चाची- मुझे तुझ पर खुद से ज़्यादा भरोसा है. जा मिल ले मिसेज़ वर्मा से ,मैं यहाँ संभाल लूँगी.

चाची की इजाज़त मिलते ही मैं कोमल को लेकर रानी के घर आ गया.

रानी और कोमल ने एक दूसरे को देखते ही ऐसे मिली जैसे वो फ्रेंड नही बहनें हो

कोमल-तू तो मुझे भूल ही गयी. एक भी कॉल नही किया

रानी-मम्मी ने मना किया था. मम्मी के साथ एंजाय करना चाहती थी जिस की वजह से कॉल नही किया.

कोमल-कॉल तो कर सकती थी ना ,

रानी-सॉरी ,

कोमल-ठीक है. बता वहाँ क्या क्या किया था.

अवी-कोमल तुम आराम से रानी के साथ बाते करो ,मैं पंकज के घर जाकर आता हूँ

कोमल-तुम हमेशा ऐसा करते हो, मुझे अकेला छोड़ कर भाग जाते हो

अवी-मैं इस लिए कह रहा था कि तुम दोनो फ्रीली बाते कर सको. वो कहते हैना लड़कियो की गॉसिप

रानी-लड़कियो की गॉसिप , अवी कह तो सही रहा है

कोमल-कब तक आओगे

अवी-तुम्हारे कॉल करते ही 20 मिनट मे आ जाउन्गा.

रानी और कोमल को बाते करने मे मेरी वजह से परेशानी ना हो इस लिए पंकज के घर जाने का बहाना करके चला गया.

पंकज को कॉल करके उसका रोल नंबर माँग लिया.

फोन पर पंकज और उसकी गर्लफ्रेंड की शीष्कारियो की आवाज़ आ रही थी.

लगता है सच मे हनीमून मना रहे है

उनको हनी मून मनाने देता हूँ और मैं मिसेज़ वर्मा के साथ एंजाय करता हूँ

मिसेज़ वर्मा ने अपने पति और बच्चो को उनके दादाजी के पास भेज दिया.

मतलब आज मिसेज़ वर्मा पूरी कसर निकालने के मूड मे है.

मिसेज़ वर्मा के घर जाकर मैं ने गेट पर नोक किया

ये क्या गेट एक लड़की ने खोला .

मिसेज़ वर्मा ने कहा था कि उनके बच्चे गाओं गये है.

फिर ये कौन है. ये तो काफ़ी बड़ी है. ये मिसेज़ वर्मा की बेटी नही हो सकती.

मिसेज़ वर्मा 32 की है और ये लड़की 18 की लग रही है. ये मिसेज़ वर्मा की बेटी नही हो सकती.

लड़की-किस से मिलना है

अवी-वर्मा मेडम से

मिसेज़ वर्मा-कौन है

लड़की-आपका स्टूडेंट लग रहा है.

मिसेज़ वर्मा-नाम पूछ लो

लड़की-तुम्हारा नाम क्या है

अवी-अवी

लड़की-उसका नाम अवी है.

मेरा नाम सुनते मिसेज़ वर्मा अपने बेडरूम से बाहर आ गयी.

मिसेज़ वर्मा-अवी आओ,अंदर आ जाओ

मैं अंदर आकर सोफे पर बैठ गया.

मिसेज़ वर्मा ने नाइटी ड्रेस पहन रखा था. उनके शरीर पर आयिल लगा हुआ था.

लगता है मिसेज़ वर्मा मालिश करवा रही थी

मिसेज़ वर्मा- तुम तो जल्दी आ गये

मैं ने जवाब नही दिया .और इशारा करके उस लड़की के बारे मे पूछा.

मिसेज़ वर्मा-पहले तुम दोनो की पहचान करवा देती हूँ. अवी ये मेरे नेबर मे रहती है. मेरी खास स्टूडेंट है.करीना है

अवी-हेलो

करीना- हाई

मिसेज़ वर्मा- इतनी जल्दी कैसे आ गये

अवी-फ्रेंड्स से मिलने आया था. वो घर पे नही मिला तो यही आ गया.

मिसेज़ वर्मा- अच्छा किया जल्दी आ गया. हमे ज़्यादा समय मिलेगा

अवी-आप के बदन पे आयिल लगा हुआ है.

मिसेज़ वर्मा- मैं मालिश करवा रही थी ,

अवी-आप मालिश करवा लो ,बाद मे बात करते है.

मिसेज़ वर्मा- मालिश हो गयी. बस नहा लेती हूँ

अवी-इसका काम हो गया होगा तो अपने घर भेज दीजिए.

मिसेज़ वर्मा- ये मेरी खास स्टूडेंट है

अवी-तो

मिसेज़ वर्मा- तो ये वर्जिन है

वर्जिन नाम सुनते वो शरमा गयी.

अवी-मतलब

मिसेज़ वर्मा- तुम इसके साथ बाते करो ,मैं नहा कर आती हूँ.

अवी-आराम से नहा लेना ,तब तक मैं आपकी स्टूडेंट की नालेज चेक करता हूँ कि उसे आपने क्या सिखाया है.

मिसेज़ वर्मा- कर लो ,पर प्रॅक्टिकल पहले टीचर करेंगी फिर स्टूडेंट

अवी-जैसा आप कहेंगी वैसा ही होगा.

मिसेज़ वर्मा-टी शरबत कुछ बना लूँ

अवी-शरबत तो आपका पीऊंगा

मिसेज़ वर्मा- पी लेना ,आज शरबत की कमी नही होगी.

अवी-मैं भी खाली पेट आया हूँ. पूरा शरबत पी कर जाउन्गा.

मिसेज़ वर्मा- तुम से जीतना मुश्किल है. मैं नहा कर आती हूँ

मिसेज़ वर्मा बाथरूम मे चली गयी.

मिसेज़ वर्मा ने तो बढ़िया काम कर दिया.

मेरे लिए एक वर्जिन का इंतज़ाम कर दिया.

चलो पहले पहचान तो बढ़ा लेते है.

ये है कौन है ,कहाँ रहती ,किस क्लास मे है, मिसेज़ वर्मा ने क्या सिखाया है.देख तो लूँ

 
800

मैं उस लड़की के पास बैठ गया.

उस लड़की ने मेरी तरफ देखा और स्माइल की

अवी-हाई, मेरा नाम अवी है.

करीना- मेडम ने बताया

अवी-और क्या बताया

करीना- तुम प्यार करने मे एक्सपर्ट हो

अवी-तो एक्सपर्ट चाहिए तुम्हे

करीना- मुझे तो कोई और चाहिए था. पर वो नही मिलेगा.

अवी-कौन चाहिए था.

करीना- वो अलग बात है.

अवी-मेडम की खास स्टूडेंट हो तुम

करीना- मेडम तो ऐसे ही कहती रहती है

अवी-तुम उनको मेडम कहती हो. मिसेज़ वर्मा मे तो कहा तुम उनकी नेबर हो ,आंटी कहना चाहिए तुम्हे

करीना-मुझे उनको मेडम कहना अच्छा लगता है,उनसे बहुत कुछ सीखा है

अवी-तो कब से स्टूडेंट बनी हो तुम

करीना-बचपन से. पहले ट्यूशन के लिए आती थी ,

अवी-और अब

करीना- अब मेडम से लाइफ जीने के लेसन सीखने आती हूँ

अवी-तुम तो काफ़ी छोटी हो इस लेशन के लिए

करीना- मैं 18 साल की हूँ

अवी-लगता तो नही

करीना- मेडम से पूछ लो

अवी-किस क्लास मे हो

करीना- अबी 10 थ की एग्ज़ॅम दी है.

अवी-फिर तो तुम छोटी हो,वैसे पहले तुम्हे यहाँ कभी देखा नही

करीना-मैं यहाँ नही पड़ती.नवोद्या मे पढ़ती हूँ. मेडम की वजह से मैं नवोद्या स्कूल मे सेलेक्ट हुई हूँ.

अवी-(नवोद्या मे तो राजेश भी है.वो भी 10 थ क्लास की एग्ज़ॅम दे चुका है. इस से पूछता हूँ राजेश के बारे मे,पता तो चले राजेश को अपना स्कूल इतना पसंद क्यू है जो घर ना आने के बहाने सोचता रहता है)

करीना- क्या हुआ, कहाँ खो गये

अवी-तुम नवोद्या मे पढ़ती हो

करीना- हाँ

अवी-(अगर कहूँगा कि मैं राजेश का भाई हूँ तो शायद खुल के बताएँगी नही.) वहाँ तो मेरे फ्रेंड का भाई भी पढ़ता है.

करीना- क्या नाम है. किस क्लास मे है

अवी-उसने भी 10 क्लास की एग्ज़ॅम दी है. राजेश नाम है उसका.

करीना- मेरे क्लास मे तीन राजेश है

अवी-मेरे फ्रेंड ने कहा कि उसका भाई हमेशा 1स्ट आता है.

करीना-तो उस राजेश के बारे मे पूछ रहे हो.

अवी-मेरा फ्रेंड अपने भाई की बहुत तारीफ करता है. मुझे तो लगता है वो झूठ कहता है.

करीना- उस राजेश के बारे मे कुछ पूछो ही मत

अवी-मुझे लगा ही था कि मेरा फ्रेंड झूठ बोल रहा है

करीना- मैं ने कहा था कि मुझे किसी और के साथ करना था

अवी-हाँ,

करीना- मुझे राजेश के साथ पहला सेक्स करना था.

अवी-(राजेश ,हमारा राजेश) राजेश के साथ, मैं उस राजेश की बात कर रहा हूँ जो पास के गाओं मे रहता है. जहाँ मेला लगा हुआ था.

करीना- मैं भी उसी राजेश की बात कर रही हूँ.

अवी-(राजेश के साथ ये सेक्स करना चाहती है ,अब तो पता लगाना ही होगा कि राजेश स्कूल मे करता क्या है) राजेश इतना खास तो नही लगता जो तुम उसके साथ पहला सेक्स करना चाहती हो.

करीना- अब तुम्हे क्या बताऊ, जाने दो

अवी-बता दो ,मेरा फ्रेंड कहता है उसका भाई पढ़ाई मे अव्वल है.हमेशा 1स्ट आता है.

करीना- सही कहता है तुम्हारा फ्रेंड. राजेश का पढ़ाई मे मुकाबला हमारे स्कूल मे कोई नही कर सकता.

अवी-अगर वो पढ़ाई मे इतना टॅलेंट है तो स्पोर्ट मे ज़ीरो होगा.

करीना- स्पोर्ट ,इनडोर हो या आउटडोर वो चॅंपियन है स्कूल का

अवी-मैं नही मानता(राजेश जब भी घर आता है तो एक बॅग मे सिर्फ़ ट्रोपी र्सर्टेफिकेट्स होते है)

करीना- तुम्हारे फ्रेंड ने अपने भाई राजेश के बारे मे जो बताया वो सच है. पढ़ाई मे अव्वल, स्पोर्ट मे चॅंपियन और

अवी-और क्या

करीना- एक नंबर का लड़कीबाज़ है

अवी-कुछ भी. मैं ने देखा है उसे ,लालू लगता है वो

करीना-स्कूल मे हीरो की तरह रहता है ,पर मेले मे जब मैं ने उसको देखा तो मुझे अपनी आँखो पे विश्वास नही हुआ. मेले मे ऐसा लग रहा था कि जैसे मैं किसी और को देख रही हूँ. सिंपल से कपड़े, चंपू जैसे हेर स्टाइल,लड़की के पास आते दूर हट जाना.

अवी-(तो राजेश ड्युयल लाइफ जी रहा है. स्कूल मे हीरो और घर मे नीता बुआ के वजह से सिंपल रहता है. तभी वो स्कूल जाने की जल्दी मे रहता है. ) ऐसा क्यूँ करता होगा वो

करीना- शायद अपने माता पिता के सामने सिंपल रहना चाहता होगा.

अवी-ऐसा ही होगा.पढ़ाई मे अव्वल स्पोर्ट मे चॅंपियन तो इसके पीछे लड़कियो की लाइन लगती होगी.

करीना-सब लड़कियो के दिल मे रहता है वो

अवी-क्या बात कर रही हो.

करीना-राजेश इस बात का पूरा फ़ायदा उठाता है.

अवी-क्या मतलब

करीना-वो किसी भी लड़की के साथ सीरीयस नही होता ,बस मस्ती करके खुश होता है

अवी-फिर तो लड़कियो के हाथो से मार खाई होगी.

करीना-वो लड़की पागल ही होगी जो राजेश को मारने की सोचेगी.

अवी-फिर तो वो हर रात नयी लड़कियो के साथ सोता होगा.

करीना-वो फ्री, सात ,सुन ही सेक्स करता है. बाकी दिन पढ़ाई करता है.

अवी-(राजेश सेक्स के साथ पढ़ाई भी करता है) मान गये उसे, पर वो अबी तक स्कूल से वापस नही आया.कह रहा था कि कोई कॅंप है.

करीना- कॅंप होता तो मैं नही रुकती स्कूल मे

अवी-(बुआ ने तो यही कहा है,कि राजेश कॅंप की वजह से स्कूल मे रुका है ) फिर वो स्कूल मे क्यू रुका है.

करीना- सोचने दो, अब समझी

अवी-क्या समझी .मुझे भी बताओ

करीना- वो प्रिन्सिपल मेडम के हाउस पे रुका होगा.

अवी-वहाँ क्यूँ रुका होगा.

करीना- राजेश पे लड़कियो के साथ टीचर भी फिदा है.

अवी-क्या?

करीना- वो टीचर के साथ भी सेक्स करता है. हमारी साइन्स टीचर तो उसकी दीवानी है. और

अवी-और क्या,

करीना- राजेश प्रिन्सिपल मेडम के साथ भी सेक्स करता है. वो भी प्रिन्सिपल मेडम की बेटी के साथ मिल कर सेक्स करता है. प्रिन्सिपल मेडम और उनकी बेटियाँ.

अवी-माँ और बेटी दोनो के साथ.मैं नही मानता

करीना- यही सच है.

अवी-तुम्हे कैसे पता चला

करीना- मेरी रूममेट के साथ 1 महीने तक सेक्स किया था राजेश ने. राजेश ने उसको बता दिया .और उसी से मुझे पता लग गया.

अवी-(राजेश तो मेरे जैसा है) फिर तुम कैसे वर्जिन रह गयी.

करीना- राजेश स्पोर्ट और अलग अलग कॉंपिटेशन मे भाग लेता रहता है जिस से वो स्कूल मे बहुत कम रहता है. पर जहाँ जाता है वहाँ भी खूब मस्ती करता होगा.

अवी-तो कितनो के साथ राजेश ने सेक्स किया होगा.

करीना- हमारे क्लास मे 25 लड़किया है. उनमे से 15 रह गयी है. और कुछ जूनियर भी है पर मुझे उनके बारे मे पता नही है.

अवी-(राजेश तो मॅक्फो निकाला) अब समझा ,वो पढ़ाई मे अव्वल कैसे आता है. प्रिन्सिपल मेडम उसके मार्क बढ़ाती होगी.

करीना- मुझे नही लगता

अवी-क्यूँ?

करीना- अगर ऐसा होता तो वो दूसरे स्कूल मे जाकर कॉंपिटेशन कैसे जीत सकता था. हर बार 1स्ट या 2न्ड प्राइज़ लेकर आता है.

अवी-(ये भी सही है.राजेश को तो हमारे फॅमिली का कलेक्टर आइएएस ऑफीसर मानते है.नीता बुआ को पूरा विश्वास है कि वो आइएएस ऑफीसर बनेगा) तो ऐसा है राजेश

करीना- हाँ, खास मेरा पहला सेक्स राजेश के साथ होता

अवी-मैं करवा सकता हूँ

करीना- कैसे

अवी-तुम्हारे पास उसके स्कूल की फोटो है.

करीना- उसकी फोटो तो हर लड़की के मोबाइल मे होती है. ब्लूटूथ ऑन करो मैं सेंड करती हूँ

उसने मुझे राजेश की फोटो सेंड कर दी.

राजेश की फोटो देख कर मैं उसे पहचान नही पाया

अवी-ये तो हीरो निकला.

करीना- तुम मेरे और राजेश के बारे मे कुछ कह रहे थे.

अवी-तुम्हे मेरा नाम पता है

करीना- हाँ, अवी है तुम्हारा नाम

अवी-दिमाग़ पे ज़ोर डालो और सोचो ये नाम तुम ने कहा सुना था.

करीना- अवी ,आयुयी ,अवी. मेले मे सुना था.

अवी-क्या सुना था

करीना- अवी मेले का काम ,एक मिनिट तुम

अवी-सही सोच रही हो,मैं राजेश का बड़ा भाई हूँ.

करीना- क्या ?

अवी-राजेश मेरे बुआ का बेटा है.

करीना-व्हाट दा फक

मिसेज़ वर्मा-क्या हुआ

वो मेरे पास से उठ कर मिसेज़ वर्मा के पीछे चुप गयी.

मुए राजेश के बारे मे जो जान ना था वो जान लिया.

नीता बुआ की परेशानी हाल कर दूँगा.

 
800ए

वो मिसेज़ वर्मा के पीछे चुप गयी.

मिसेज़ वर्मा-क्या हुआ ,ऐसे चुप क्यूँ रही हो,अवी क्या किया तुम ने ,

अवी-मैं ने कुछ नही किया

मिसेज़ वर्मा-तुम ने अपना हथियार दिखा कर डरा दिया होगा

अवी-अगर दिखाया होता तो वो मेरे बाहों मे होती

मिसेज़ वर्मा-फिर वो मेरे पीछे क्यूँ छुप रही है

अवी-उसकी को पूछ लीजिए

मिसेज़ वर्मा-क्या हुआ

करीना- आपको मैं ने एक लड़के के बारे मे बताया था ना

मिसेज़ वर्मा-तेरा ड्रीम बॉय राजेश

करीना- हाँ

मिसेज़ वर्मा-तो क्या हुआ.

करीना- वो इसका भाई है.

मिसेज़ वर्मा-अवी राजेश का भाई है

अवी-हाँ

मिसेज़ वर्मा-तो प्राब्लम क्या है.

करीना- अवी ने चालाकी से मुझसे राजेश के बारे मे सब पता कर लिया.

मिसेज़ वर्मा-इसमे डरने की क्या बात है.

करीना- राजेश के बारे मे इसे कुछ पता नही था. राजेश ने इस से छुपा कर रखा था. अगर राजेश को पता चला कि मैं ने उसके बारे मे अवी को बताया है तो मेरी जान लेगा राजेश

मिसेज़ वर्मा-कुछ नही होगा .तू डर मत,

अवी-तुम्हारा नाम नही आएगा. टेन्षन मत लो .

मिसेज़ वर्मा-लो हो गयी प्राब्लम सॉल्व .

करीना- पर

अवी-तुम डरो मत ,राजेश तुम्हे कुछ नही कहेगा.

मिसेज़ वर्मा-चलो बेडरूम मे चलते है.

करीना- मुझे नही करना है

अवी-तुम्हारी वर्जिनिटी राजेश तोड़ेगा.अब खुश

करीना- सच

अवी-हाँ,

मिसेज़ वर्मा-तुम कुछ नही करोगे

अवी-मैं इसकी गंद मारूँगा.

मिसेज़ वर्मा-ये तो बढ़िया रहेगा. एक भाई गंद खोलेगा .और दूसरा भाई चूत खोलेगा.

करीना-राजेश मेरे साथ सेक्स करेगा.

अवी-हाँ, पर पहले मैं तुम्हारी गंद मारूँगा, और तुम्हारे स्कूल मे राजेश तुम्हारी चूत मारेगा.

मिसेज़ वर्मा-बातें बहुत हो गयी. चलो अब

और मिसेज़ वर्मा अपनी करीना का हाथ पकड़ कर बेडरूम मे ले गयी.

मैं उन दोनो की गंद को देखते हुए अपना लंड मसल्ते हुए बेडरूम मे चला गया.

बेडरूम मे जाते मैं ने मिसेज़ वर्मा को दबोच लिया.

मिसेज़ वर्मा के कपड़े किस करते हुए निकाल दिया. मिसेज़ वर्मा की स्टूडेंट पहले देख कर सीखना चाहती थी.

मैं ने मिसेज़ वर्मा की जमकर चूत मारी .जिसे देख कर वो गरम हो गयी.

मिसेज़ वर्मा की चूत मारने के बाद मैं ने उनकी स्टूडेंट करीना की गंद मारने का सोचा.

एक चुदाई से लंड मुरझा गया था. जिस की वजह से उस के साथ ज़्यादा देर तक ओरल सेक्स कर सका.

जितना ओरल सेक्स करने को मिलता है उतना चुदाई मे ज़्यादा मज़ा आता है.

उसने अपनी चूत का अच्छे से ध्यान नही रखा था.पर गंद सेक्सी थी.

मुझे गंद मिली और मेरे छोटे भाई को चूत मिलेगी.

मैं ने बिना तेल के सिर्फ़ थूक लगा कर उसकी गंद मे लंड डालना सुरू किया.

टोपा जाते ही उसकी जोरदार चीख निकल गयी. पर मिसेज़ वर्मा ने उसकी चीख को अपनी चूत मे लिया.

मिसेज़ वर्मा ने अपनी चूत उसको चूसने को दी और मैं ने झटका मार दिया.

जैसे जैसे लंड अंदर जा रहा था वैसे वैसे करीना की चीख निकल रही थी.लंड गंद मे जाने के दर्द की वजह से उसने मिसेज़ वर्मा की चूत पे काटना सुरू किया .जिस से मिसेज़ वर्मा की चीख निकल गयी.

मेरा लंड उस लड़की को पसंद आ गया.

उसकी चीखे इस बात का सबूत था.

मैं ने उसकी गंद मारने का पूरा मज़ा लेना सुरू किया.

मिसेज़ वर्मा भी अपनी स्टूडेंट को पूरा मज़ा देने की कॉसिश कर रही थी.

मेरा लंड अपनी गंद मे महसूस करके वो खुश हो गयी.

2 भाई के लंड से 2 छेद खोलने वाली थी.

मैं ने उसे ओरल सेक्स और गंद मरवाने का पूरा मज़ा दिया.

ऐसी गंद मारी कि वो 2 दिन तक ठीक से चल नही पाएगी.

गंद मरवाने के बाद वो बेड पर ऐसी गिरी जैसे उसमे जान ही ना हो.

उसके गंद से लंड निकालने पर भी आवाज़ हुई .और डालते समय भी हुई थी.

गंद का छेद ऐसा खुल गया था कि उसे नॉर्मल होने मे महीनो लग जाएँगे.

वो मेरे लंड के धक्को से खुश हो गयी. औरदुबारा मिलने का बोल कर सो गयी.

मिसेज़ वर्मा-थोड़ी देर आराम कर लो ,फिर मेरी गंद मारना है.

अवी- आराम नही ,जिसके लिए आया था वो काम करते है

मिसेज़ वर्मा-रूको कंप्यूटर सुरू कर ने दो

मिसेज़ वर्मा ने कंप्यूटर सुरू किया.

अवी- पेपर चेक हो गये

मिसेज़ वर्मा-मेरे सब्जेक्ट के कर लिए ,बाकी सब्जेक्ट की लिस्ट आनी बाकी है.

अवी- ये लीजिए रोल नंबर

मिसेज़ वर्मा नंबर चेक करने लगी.

मिसेज़ वर्मा-मेरे सब्जेक्ट मे इतने कम मार्क

अवी- कितने मिले है

मिसेज़ वर्मा-एक को 15 मिले है और दूसरे को 16 मार्क ,दोनो फैल हो गये है.

अवी- पास कर दो

मिसेज़ वर्मा-20मार्क कम है. मैं इतने मार्क कैसे बढ़ाऊ

अवी- नंबर उल्टे रख दीजिए 15 के 51 और 16 के 61

मिसेज़ वर्मा-तुम पागल हो ,इतने मार्क नही बढ़ा सकती.

अवी- मार्क बढ़ा कहाँ रही है ,ग़लती से मिस्टेक हो गयी. अगर कुछ हुआ तो बोल देना मिस्टेक से 15 की जगह 51 लिख दिया .कोई शक नही करेगा. सबको लगेगा टाइपिंग करते समय मिस्टेक हो गयी.

मिसेज़ वर्मा-ये हो सकता.

अवी- तो कर दीजिए .और बाकी सब्जेक्ट का कर देना

मिसेज़ वर्मा-लिस्ट आते ही कर दूँगी.वैसे ये दोनो वही हैना जिसको मैं कॉलेज मे पकड़ा था

अवी- हाँ

मिसेज़ वर्मा-तुम्हारे फ्रेंड है

अवी- हाँ

मिसेज़ वर्मा-वो दोनो लकी है जो तुम्हारे जैसा फ्रेंड मिला है.

अवी- आप भी लकी है जो आपको मेरा लंड मिला है

मिसेज़ वर्मा-वो तो है. पर तुम मुझसे बहुत काम करवाते हो

अवी- इनाम भी तो देता हूँ

मिसेज़ वर्मा-मैं तुम्हे इनाम देती हूँ पिछली बार सहेली दी थी इस बार अपनी स्टूडेंट दी

अवी-थॅंक्स

मिसेज़ वर्मा-थॅंक्स से काम नही चलेगा. एक और बार चूत मे लंड डालो

अवी- चला गया समझो

मिसेज़ वर्मा की फिर से चूत गंद के साथ मार कर उनको खुश किया.

मिसेज़ वर्मा के घर आकर मुझे फ़ायदा होता है.

पिछली बार मिसेज़ वर्मा के साथ साथ उनकी सहेली और सेलेज़्गर्ल मिल गयी.

इस बार मिसेज़ वर्मा के साथ उनकी स्टूडेंट. और राजेश के बारे मे पता चला.

राजेश को आने दो ऐसी खबर लूँगा कि हीरोपन्ती करना भूल जाएगा.

 


800ब

मिसेज़ वर्मा से मिलने के बाद मैं ने पंकज की गर्लफ्रेंड को कॉल किया.

पंकज की गर्लफ्रेंड-हेलो अवी

अवी- याद तो हूँ मैं ,मुझे लगा तुम भूल गयी होगी.

पंकज की गर्लफ्रेंड-तुम्हे क्यू भूलूंगी मैं ,

अवी-फिर कॉल तो करती ,ये पूछने के लिए कि तुम पास होगी कि नही

पंकज की गर्लफ्रेंड-करने वाली थी पर पंकज मुझे छोड़ ही नही रहा है.

अवी-सुनो ,तुम दोनो की सेट्टिंग कर दी है. तुम पास हो

पंकज की गर्लफ्रेंड-सच

अवी- हाँ, अब एंजाय करो

पंकज की गर्लफ्रेंड-थॅंक्स

पंकज की गर्लफ्रेंड से बात करने के बाद मैं रानी के घर चला गया.

रानी और कोमल अभी तक बाते कर रही थी.

मेरे आने के बाद भी उनकी बाते चल रही थी.

3 3 कप टी के रखे हुए थे उनके पास ,लगता है काफ़ी लंबी बाते चली.

मेरे आने के बाद भी वो रुकी नही.

उनकी गॉसिप ख़तम होने का नाम नही ले रही थी.

अवी- अब बस भी कर दो

रानी-अबी तो बाते सुरू की है

अवी- तुम पागल हो गयी हो. शाम के 5.00 बज रहे है

रानी-मेरा मतलब था कि अभी पढ़ाई की बाते सुरू की

अवी- ये भगवान

कोमल-अवी बस 1 घंटा और

अवी-ठीक है. तुम बाते करो मैं सुनता हूँ

फिर से दोनो ने बाते करनी सुरू की.

उनकी बाते इतनी पकाऊ थी कि मुझे नींद आ गयी.

कभी किसी लड़कियो की बाते ना सुनो ,वरना बहुत पछताओगे.

मेरे सोने के बाद भी उनकी बाते ख़तम नही हुई.

आंटी की डाँट खाने के बाद उनका मूह बंद हुआ.

और आंटी ने मुझे नींद से जगाया.

रानी की मम्मी-अवी उठो

अवी-हो गयी बाते ख़तम

,आंटी आप

रानी की मम्मी-तुम सो क्यूँ गये थे

अवी- इनकी बाते सुन के नींद आ गयी.

रानी की मम्मी-तुम दोनो अब बाते ख़तम करो ,अवी मैं तुम्हारे लिए टी बनाती हूँ

अवी-जी .आंटी

आंटी के जाते ही रानी और कोमल ने फिर से बाते करनी सुरू की.

रानी-कल से क्लासस सुरू हो रहे है.

कोमल-कितने बजे है

रानी-10 से 5 बजे तक

कोमल- फिर तो पहले मैं तुम्हारे घर आउन्गि.

रानी-आना ही होगा.

कोमल-अवी तुम कुछ देने वाले हो.

अवी-तुम क्या चाहती हो.

कोमल- मुझे कुछ भी चलेगा.

अवी-तुम स्कूटी इस्तेमाल करना

कोमल- ठीक है. पर तुमने क्या करने का सोचा है.

अवी-करना क्या है .घर पे रह कर पढ़ाई करूँगा.

आंटी टी लेकर आ गयी.

रानी की मम्मी-तुम दोनो अभी तक उठी नही. चलो उठो

फाइनली कोमल और रानी की बाते ख़तम हुई.

आंटी की टी ने उनका मूह बंद कर दिया.

टी पीने के बाद मैं कोमल को लेकर घर की तरह निकल पड़ा.

अवी-कोमल

कोमल- हाँ

अवी-तुम अकेली जा पाओगी.

कोमल- हाँ क्यू नही.

अवी-मैं छोड़ दूं

कोमल- मैं चली जाउन्गी.

अवी-पक्का

कोमल- हाँ

अवी-अगर कभी कुछ प्राब्लम हुई तो मुझे कॉल करना.

कोमल- तुम्हे फोन तो करना ही होगा ना. अब चलो जल्दी

और मैं कोमल को लेकर घर आ गया

घर आते ही हम अपने अपने काम मे लग गये.

छोटी चाची ने मेरे घर आते पूरे दिन का हिसाब किताब लिया.

सी चाची-कैसा रहा आज का दिन

अवी-हमेशा की तरह 1स्ट क्लास,

सी चाची-मुझे भी बता क्या किया आज

अवी-आज मिसेज़ वर्मा की दमदार चुदाई की

सी चाची-अच्छे से बता क्या किया

अवी-पहले कोमल को रानी के घर ड्रॉप किया .फिर मैं मिसेज़ वर्मा के घर कबड्डी खेलने चला गया.

सी चाची-मिसेज़ वर्मा की सहेली आई थी.

अवी-नही, पर मिसेज़ वर्मा ने एक वर्जिन लड़की का इंतज़ाम किया था.

सी चाची-वर्जिन, मिसेज़ वर्मा तो बहुत दिल दार है

अवी-हाँ, उनकी स्टूडेंट को अपनी पहली चुदाई करनी थी तो

सी चाची-मिसेज़ वर्मा ने तुझ से करवाई.तेरे तो मज़े थे आज,वर्जिन लड़की मिली.

अवी-मिली तो सही पर मैं ने सिर्फ़ उसकी गंद मारी

सी चाची-क्यूँ?

अवी-उसकी चूत किसी और के लिए बचा कर रखी.

सी चाची-किसके लिए तूने वर्जिन चूत छोड़ दी.

अवी-वो बाद मे बताउन्गा.

सी चाची-बता ना

अवी-अबी नही. कुछ दिन आपको रुकना होगा.

सी चाची-ठीक है रुक जाती हूँ. वैसे मिसेज़ वर्मा ने तेरा काम कर दिया

अवी-हां कर दिया,पंकज और उसकी गर्लफ्रेंड पास हो जाएगी.

सी चाची-उनका तो हो गया तेरा क्या ,छुट्टियों मे क्या करने वाला है

अवी-करना क्या है. पढ़ाई करूँगा और मस्ती करूँगा.

सी चाची-किस के साथ मस्ती करेगा

अवी-पायल और जो मिलेगी उसके साथ मस्ती करूँगा.

सी चाची-करते जा पर मुझे बताया कर

अवी-आपको बताए बिना मेरी मस्ती पूरी नही होती.

सी चाची-मेरे बिना मस्ती कर भी नही सकता

अवी-आप तो मेरी सौल हो

सी चाची-थोड़ा आराम कर मुझे खाना बनाना है.

अवी-चाची चिकन तंदूरी बनाना

सी चाची-अभी तो 2 मुर्गी को हलाल कर के आया है.

अवी-आज नोन वेज खाने का मन हो रहा है

सी चाची-बना दूँगी.

चाची ने मेरे लिए टेस्टी चिकन तंदूरी बना दो

चाची के हाथ का नोन वेज खाते ही पेट मे कुछ खाने के लिए जगह नही बची.

और पेट भर खाना खाने के बाद नींद अच्छी आती है.

नेक्स्ट डे से कोमल स्कूटी लेकर शहर जाने लगी क्लासस करने के लिए

नेहा बुआ को कोमल का अकेले जाना पसंद नही था पर कोमल ने उनको समझा दिया.

कविता और लीना अपने लॅपटॉप पे नयी नयी बाते सीख रही थी.

राज तो दिन भर खेलने मे बिता रहा था.

विद्या बच्चो का ख़याल रखने के साथ किताबें पढ़ रही थी जो उसने खरीदी थी.

और कोमल के साथ अपनी नॉलेज शेयर कर रही थी.

छोटी चाची रोजाना मेरी कसरत ले रही थी.

साथ मे योगा करके खुद को मेन्टेन रख रही थी

सुबह सुबह पूरी फॅमिली के साथ समय बिताने से मेरा दिन अच्छा जा रहा था.

चाचा भी सुबह खेत पर देर से जाने लगे .

चाचा को बच्चो केसाथ खेलते हुए देख कर अच्छा लग रहा था.

पूरी फॅमिली को साथ मे देख कर किसे अच्छा नही लगेगा.

पंकज भी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ एंजाय कर रहा था. और करीम अपने गर्लफ्रेंड के साथ एंजाय कर रहा था.

मैं सुबह कसरत ,फिर आराम ,उसके बाद खेत का चक्कर लगा कर मैं पढ़ाई करने लगा.

बस इंतज़ार कर रहा था राजेश के आने का.

 
801

कोमल रोज क्लासस के लिए शहर जाने लगी.रानी के घर से दोनो क्लासस को जाती.

कभी कभी कोमल पढ़ाई के लिए रानी के घर रुक जाती.

तो कभी लेट होने पर रानी को अपने साथ गाओं लेकर आ जाती.

पर कोमल इतनी बिज़ी होने के बाद भी मुझसे मिलने ज़रूरी आती थी. और अपने स्टाइल मे मेरे साथ बातें करती थी. और मुझे क्लासस मे जो पढ़ाया वो शॉर्ट मे समझा देती.

सॅटर्डे को रानी कोमल के साथ गाओं आ जाती. और दोनो विद्या का दिमाग़ खाने लग जाती. विद्या ने उनको कुछ मेडिकल रिलेटेड बातें बताई.

इसी बीच राजेश गाओं आ गया. राजेश के आने से लीना खुश हो गयी. उसका भाई जो आया था.

राजेश के आते ही लीना उसके साथ रहेगी जिस की वजह से मैं ने कुछ दिन रुकने का सोचा.

नीता बुआ राजेश के आने के बाद थोड़ी परेशान दिखने लगी.

पता नही क्या बात है पर मुझे जानना होगा.

मुझे राजेश से बात करनी होगी.

राजेश को आए हुए 2 दिन हो गये ,इतने दिन काफ़ी है उसे आराम करने के लिए.

मैं सुबह कसरत करके नीता बुआ के घर जाने का तय्यार हो गया.

ब चाची-अवी कहाँ जा रहे हो.

अवी-बुआ के घर जा कर आता हूँ

ब चाची-मेरा एक काम करेगा.

अवी-ये भी कोई पूछने की बात है.क्या करना है मुझे

ब चाची-नीता को बुला लाएगा.

अवी-नीता बुआ के घर ही जा रहा हूँ मैं , मैं उनको बता दूँगा कि आपने उनको याद किया है.

ब चाची-अब जा ,

अवी-वैसे बुआ से कोई ज़रूरी काम है.

ब चाची-नही ,बस ऐसे ही ,बहुत दिन हो गये नीता से बात किए हुए

अवी-मुझे नही लगता इतना ही काम होगा.

ब चाची-तू बड़ा हो जाएगा तो ये सब तुझे करना होगा.

अवी-क्या करना होगा मुझे

ब चाची-फॅमिली की ज़िम्मेदारी तुझे उतनी होगी. अब जा ,बुला नीता को और तेरी पूजा बुआ को भी बुला लाना.

अवी-नेहा बुआ को नही बुलाऊ

ब चाची-नीता को बुलाया है तो नेहा अपने आप आ जाएगी. नीता नेहा के बिना नही आएँगी. समझा

अवी-जी ,वैसे चाची मैं बड़ा हो गया हूँ

ब चाची-तू बड़ा होगा तो पहले मुझे पता चलेगा ,समझा ,अभी तू छोटा है.

अवी-आपको कब पता चलेगा.

ब चाची-कभी ना कभी पता चल जाएगा , तू बातें बहुत करता है. और काम कम करता है

अवी-अभी बुला कर लाता हूँ बुआ को

मैं नीता बुआ के घर की तरफ निकल पड़ा.

मेरी तरह बड़ी चाची ने भी नीता बुआ की परेशानी को देख लिया होगा.

तभी चाची ने पूजा बुआ और नीता बुआ को बुलाने कहा है.

मैं ने अपने फॅमिली मे एक बात नोट की है कि चाची और बुआ मिल कर प्राब्लम सॉल्व करती है.

चाची को परेशानी होती है तो बुआ उसका सल्यूशन निकालती है. और बुआ परेशान होती है तो चाची सब संभालती है.

शायद दादाजी के बीमार पड़ने के बाद चाची और बुआ ने घर की ज़िम्मेदारी उठा ली होगी.

चाचा के पास इतना दिमाग़ नही है जो फॅमिली को संभाल सके

मेले के वक्त बुआ और चाची घंटो बातें करती रहती थी. पता नही क्या बातें करती थी.

मुझे तो कोई कुछ बताता ही नही, सब मुझे छोटा समझते है.

मैं अपने फॅमिली के बारे मे सोचते हुए नीता बुआ के घर आ गया.

लीना घर से बाहर आ रही थी. उसके हाथ मे लॅपटॉप था.

लीना जल्दी मे दिख रही थी. शायद कविता से मिलने जा रही होगी.

अवी-लीना इतनी जल्दी मे कहाँ जा रही हो

लीना-कविता केपास ,मैं आप से बाद मे बात करती हूँ

अवी-रूको, क्या बात है जो मुझसे मिले बिना जा रही हो

लीना-भैया आपने आन्यूयल बजेट पढ़ा है.

अवी-बजेट तो छोटी चाची मेनेज करती है

लीना-मैं कंट्री के आन्यूयल बजेट की बात कर रही हूँ. एक्साइस ड्यूटीस कितनी कम कर दी है.

अवी-तुम पागल तो नही हो गयी. ये क्या बोल रही हो.

लीना-भैया ये एकनॉमिक्स है.

अवी-तुझे कब से एकनॉमिक्स मे दिलचस्पी होने लगी. एकनॉमिक्स कोई पढ़ने की चीज़ थोड़ी होती है ,कितना बोरिंग होता है.

लीना-भैया मुझे एमबीए करना है ,और उसके लिए एकनॉमिक्स ज़रूरी है. और इतना भी बुरा नही होता एकनॉमिक्स

अवी-तुझे एमबीए करना है ये अच्छी बात है पर इसके लिए टाइम है.

लीना-भैया दुनिया फास्ट बदल रही है. कितना कुछ है दुनिया मे जिस के बारे मे पता नही है हमे

अवी-मेरी माँ, तेरे खेलने के दिन है. दुनिया के बारे मे सोचने की नही है.

लीना-आप नही समझेंगे.

अवी-लगता है लॅपटॉप दे कर मैं ने ग़लती कर दी

लीना-लॅपटॉप से तो कितना कुछ पता चला है दुनिया के बारे मे

अवी-बता क्या पता चला है

लीना-आन्यूयल बजेट के बारे मे पता चला है.

अवी-बजेट तो फेब मे था ना

लीना-तब लॅपटॉप कहाँ था मेरे पास, आपने छुपा कर रखा था. अब लॅपटॉप आया तो पढ़ रही हूँ.

अवी-पढ़ना अछा होता है. पर जिस आगे मे जो पढ़ना चाहिए वही पढ़ा करो

लीना-बस थोड़ा नॉलेज ले रही हूँ.

अवी-ठीक है. पर अपने छोटे दिमाग़ मे ज़्यादा ज़ोर मत डालना

लीना-अब जाउ

अवी-हा जा ,औरकविता को बताना जो मैं ने कहा है.

लीना-बता दूँगी

और लीना लॅपटॉप लेकर कविता के पास चली गयी.

ये दोनो भी ना , कुछ भी करती रहती है. इनके दिमाग़ मे पता नही ऐसे आइडिया कैसे आते है.

मुझे तो लग था कि लॅपटॉप मिलते सेक्स के बारे मे पढ़ेंगी. बीएफ देखेंगी .पर बजेट

बजेट , एकनॉमिक्स,अपने छोटे दिमाग़ से पता नही क्या क्या सोचत रहती है.

ये दोनो पक्का साइंटिस्ट बनेंगी.

बजेट

,

बजेट के बारे मे पढ़ना अच्छा होता है पर उसकी एक एज होती है.

जल्दी उनका एकनॉमिक्स का भूत उतर जाएगा.

मैं यहाँ नीता बुआ से मिलने आया था और कहाँ एकनॉमिक्स के चक्कर मे फस गया.

लीना के जाते ही मैं अंदर चला गया.

राजेश अपने कमरे मे होगा. वो बाहर निकलता ही नही.

नीता बुआ कहाँ होगी. किचन मे होगी.

मैं नीता बुआ को ढूँढते हुए किचन मे आ गया.

नीता बुआ किचन मे खड़ी रह कर कुछ सोच रही थी.

मैं नीता बुआ के पास जाकर खड़ा हो गया.

मेरे आने के बाद भी नीता बुआ अपने ख़यालो से बाहर नही निकली.

नीता बुआ खिड़की से बाहर देख कर कुछ सोच रही थी.

नीता बुआ को पहेली बार इतनी गहरी सोच मे डूबा हुआ देखा है.

बड़ी चाची ने इसी लिए नीता बुआ को बुलाया है

मैं ने अपने हाथ को हल्के से उनके हाथो पे घुमा कर गुदगुदी करने लगा.

पर नीता बुआ की तरफ से कोई रिएक्सन नही मिला.

गॅस पे रखा हुआ दूध के पतीले से दूध नीचे गिर रहा था फिर भी नीता बुआ अपने ख़यालो से बाहर नही निकली

ऐसे मे मैं ने नीता बुआ की हथेली पे चिमती काट ली

चिमती काट ते ही नीता बुआ होश मे आ गयी.

नीता बुआ-ऊच

अवी-बुआ

नीता बुआ-तुम कब आए

अवी-बुआ दूध

नीता बुआ-दूध ,

नीता बुआ-ज़ोर से दूध

नीता बुआ ने पतीले की तरफ देखा ,पतीले से दूध नीचे गिर रहा था.

बुआ ने गॅस ऑफ की .

नीता बुआ-सारा दूध नीचे गिर गया.

अवी-अब टी पीने नही मिलेगी

नीता बुआ-टी जितना दूध बचा है. वैसे तुम कब आए

अवी-काफ़ी देर हो गयी.आप दिन मे खड़े खड़े सो रही थी.

नीता बुआ-वो मैं ... तू टीवी देख मैं टी बनाती हूँ

और नीता बुआ मुझे हॉल मे भेज कर टी बनाने लगी.

टी पीते हुए बात करूँगा. जिस से बातों मे थोड़ी मिठास आएगी.

 
802

बुआ मेरे लिए टी लेकर आ गयी.

अवी-बुआ आप टी नही पिएंगी

नीता बुआ-मैं बाद मे पी लूँगी.

अवी-कभी कभी तो आता हूँ और उसमे भी ,मुझे नही पीनी टी

नीता बुआ-मैं अपने लिए लेकर आती हूँ. अब खुश

अवी-हाँ

नीता बुआ अपने लिए टी लेकर मेरे पास आकर बैठ गयी.

अवी-बुआ राजेश कहाँ है.

नीता बुआ-अपने कमरे है

अवी-वो नही पियेगा टी

नीता बुआ-वो कमरे से बाहर ही नही निकलता, जब उसका मन होता है तब चाहिए उसे टी

अवी-ये क्या बात हुई.

नीता बुआ-वो यहाँ भी अपने हॉस्टिल जैसा रहना चाहता है.

अवी-बुलाइये उसे ,मैं बात करता हूँ

नीता बुआ-नही रहने दो ,फिर गुस्सा हो जाएगा.

अवी-फिर से क्या मतलब

नीता बुआ-कुछ नही

अवी-बुआ बात क्या है.

नीता बुआ-कुछ भी तो नही

अवी-कुछ तो बात ज़रूर है. वरना मेरे इतने आवाज़ देने के बाद भी आप ने जवाब नही दिया था.

नीता बुआ-वो तो रात मे नींद नही आई थी इसलिए दिन मे

अवी-मुझे जाना चाहिए यहाँ से ,

नीता बुआ-क्या हुआ

अवी-मैं आपको अपनी माँ जैसा मानता हूँ पर आप मुझे अपना बेटा मानती नही.

नीता बुआ ने थप्पड़ मेरे गाल पे मारा

नीता बुआ-ऐसा सोचना भी मत,

अवी-फिर बताइए ना बात क्या है.

नीता बुआ-तुझे बता कर परेशान नही करना चाहती.

अवी-अपनी माँ को परेशान देख कर मुझे क्या अच्छा लगेगा.

नीता बुआ-तू समझता क्यू नही.

अवी-राजेश की वजह से आप परेशान हो ना

राजेश का नाम सुनते नीता बुआ चुप हो गयी.

अवी-मैं राजेश से पूछता हूँ ,एक थप्पड़ खाएगा तो बोलने लग जाएगा.

नीता बुआ-राजेश से कुछ मत पूछना ,मैं बताती हूँ.

अवी-सब कुछ बताना होगा.

नीता बुआ-तुम्हे बताया था ना कि राजेश कॅंप की वजह से कुछ दिन स्कूल मे रुकेगा.

अवी-हाँ

नीता बुआ-उसके स्कूल मे कोई कॅंप नही था.

अवी-क्या? कॅंप नही था .फिर राजेश कहाँ गया था.और आपको कैसे पता चला

नीता बुआ-मैं उसको फोन करके पूछना चाहती कि वो कब तक आएगा पर उसका फोन स्विच ऑफ था. तो मैं ने स्कूल मे फोन लगाया. स्कूल के क्लर्क ने बताया की स्कूल मे कोई कॅंप नही है. सभी बच्चे घर जा चुके है.

अवी-फिर क्या किया आपने

नीता बुआ-मैं राजेश को फोन करती गयी. दूसरे दिन उसको फोन लग गया. और मैं ने अभी के अभी घर आने को कहा.

अवी-फिर आपने उस से इसके बारे मे पूछा.

नीता बुआ-फोन पर पूछना ठीक नही था तो मैं ने उसे घर बुला कर पूछा .तो उल्टा वो मुझ पे गुस्सा हो गया.

अवी-क्या कहा उसने

नीता बुआ-कहने लगा कि स्कूल मे फोन क्यू किया, आपको मुझ पे विश्वास नही है.और भी बहुत कुछ कहा. और अपनी सारी ट्रोपी फेक दी

अवी-इतना कुछ हुआ और आपने मुझे बताया नही.

नीता बुआ-कैसे बताती. मैं खुद राजेश की वजह से परेशान थी. पता नही कहाँ गया था.

अवी-मुझे बता देती तो इतना कुछ नही होता.

नीता बुआ-तुझे बताती तो तू क्या करता

अवी-उसका बड़ा भाई हूँ ,कुछ ना कुछ तो ज़रूर करता

नीता बुआ-तेरा भाई है.पर मैं भी उसकी माँ हूँ.मुझे कुछ नही बताया तो तुझे कैसे बताएगा

अवी-बुआ जमाना बदल गया है

नीता बुआ-क्या मतलब

अवी-माता पिता से ज़्यादा अपने दोस्त की बात मानते है लड़के

नीता बुआ-क्या मतलब

अवी-जो आप नही पूछ सकती वो मैं राजेश से पूछ सकता हूँ

नीता बुआ-अगर लीना के पापा यहाँ होते तो वो राजेश से बात कर लेते

अवी-अंकल नही है तो क्या हुआ मैं हूँ ना. आपका बड़ा बेटा है यहाँ पे

नीता बुआ-तू उस तरह राजेश से बात नही कर पाएगा जिस तरह लीना के पापा करेंगे

अवी-बुआ मैं आपका बेटा हूँ ,राजेश के लिए मेरी भी कुछ ज़िम्मेदारी बनती है .

नीता बुआ-तुझे उसके पास भेजा तो वो और ज़्यादा गुस्सा हो जाएगा.

अवी-नही होगा. मुझे उस से बात करने की इजाज़त दीजिए ,

नीता बुआ-पर

अवी-पर को मारिए गोली.राजेश को मैं एक फ्रेंड की तरह हॅंडल करूँगा.

नीता बुआ-फ्रेंड

अवी-राजेश को फ्रेंड बनके उससे सारी बातें निकाल लूँगा.

नीता बुआ-अगर बात बिगड़ गयी तो

अवी-मैं हूँ ना.

नीता बुआ-फिर हो सके तो ये भी पता करना कि वो घर मे रुकता क्यूँ नही.

अवी-वो मैं ने पता कर लिया है.

नीता बुआ-तुम्हे पता है. मुझे बता दो

अवी-बता दूँगा, पहले राजेश से मिलने दीजिए

नीता बुआ-वो अपने कमरे है.

अवी-जिसके लिए मैं यहाँ आया था वो आपको बताना तो भूल गया

नीता बुआ-क्या भूल गये

अवी-आपको चाची ने बुलाया है.

नीता बुआ-सुमन ने बुलाया है

अवी-हाँ

नीता बुआ-मुझे परेशान देख कर, ये लीना अपना मूह बंद रखती नही. और क्या कहा.

अवी-आते हुआ पूजा बुआ और नेहा बुआ को साथ लाने को कहा है

नीता बुआ-लीना आज मेरे हाथ से मार खाएगी.

अवी-क्या हुआ.

नीता बुआ-कुछ नही. तुम राजेश से मिल लो ,मैं सुमन से मिलके आती हूँ

अवी-बात क्या है. चाची ने आपको क्यूँ बुलाया

नीता बुआ-ऐसे ही. तुझे राजेश से मिलना था ना ,जा मिल ले

और नीता बुआ सॅंडल पहन कर बाहर चली गयी.

नीता बुआ चली गयी .

अछा हुआ बुआ चली गयी. अब राजेश से आराम से बात कर सकता हूँ.

 


803

मैं ने घर को अंदर से लॉक किया और राजेश के कमरे मे चला गया.

राजेश अपने कमरे मे बेड पर लेट कर छत की तरफ देख रहा था.

राजेश कुछ सोच रहा था .

राजेश के गाल पर रोने के निशान थे.

शायद नीता बुआ पे गुस्सा करके बात तो ख़तम कर दी पर बुआ से इस तरह बात करने से उसका बहुत बुरा लगा होगा.

राजेश को खुद पे गुस्सा आ रहा होगा.

राजेश अपनी माँ से बहुत प्यार करता है. इसी लिए तो वो यहाँ सिंपल तरीके से रहता है .ताकि बुआ खुश रहे

वैसे राजेश पढ़ाई मे अव्वल है ,स्पोर्ट मे चॅंपियन है .ऐसे मे उसके मस्ती करने से किसी को बुरा नही लगेगा चाहिए

वो अपनी पढ़ाई को बिना नुकसान पहुँचाए मस्ती करता है तो किसी को क्या प्राब्लम होगी.

वैसे ग़लती मेरी भी है मुझे अपने भाई पे ध्यान रखना चाहिए था.

उसके साथ बातें करके अपना फ्रेंड बनाना चाहिए था.

अबी देर नही हुई है. नीता बुआ को राजेश के बारे मे ज़्यादा पता नही चला है. अगर मैं ने कुछ किया नही तो नीता बुआ राजेश के बारे मे पता लगा लेंगी.

मैं राजेश की हालत को समझ सकता हूँ. उसे खुद पे गुस्सा करना लाज़मी था.

मैं राजेश के पास जाकर बैठ गया.

अवी-राजेश ,कब आया स्कूल से बताया भी नही.

राजेश ने मेरी तरफ देखा. मुझे देखते ही राजेश उठ कर बैठ गया.

और मेरे गले लग कर रोने लगा.

राजेश को अपना दर्द शेयर करने के लिए कोई चाहिए था.

उसके पापा यहाँ होते तो वो उनसे बात करता . पर पापा के ना होने से वो खुद घुट घुट कर अंदर ही अंदर रो रहा था.

मेरे आते ही उसे अपना दर्द बाँटने के लिए एक सहारा मिल गया.

राजेश छोटे बच्चे की तरह रो रहा था.

अवी-क्या हुआ राजेश, ऐसे रो क्यूँ रहे हो

राजेश-भैया

अवी-क्या हुआ ,बुआ ने कुछ कहा

राजेश-नही.

अवी-फिर ऐसे रो क्यूँ रहे हो

राजेश-मैं खुद पे रो रहा हूँ.

अवी-खुद पे गुस्सा आ रहा है.

राजेश-हाँ

अवी-ऐसा क्या हुआ

राजेश-मुझसे बहुत बड़ी ग़लती हो गयी.

अवी-क्या हुआ ,ठीक से बता

राजेश-भैया मैं ने माँ को गुस्से मे बुरा भला कहा

अवी-ऐसा क्या होगा गया था जो तुझे ऐसा करना पड़ा.

राजेश-मैं ने माँ को ऐसा कैसे बोल दिया,

अवी-हुआ क्या है.

राजेश-माँ ने एक सवाल ही तो पूछा था ,मुझे उनपे इतना गुस्सा करने की क्या ज़रूरत थी.मैं अच्छा बेटा नही बन पाया

अवी-(दुनिया का आठवाँ अजूबा) पानी पी , और खुद को शांत कर

मैं ने राजेश को पानी पिलाया और उसका रोना बंद किया.

अवी-अब बता क्या हुआ.

राजेश-मैं ने माँ से गुस्से मे जो ज़ुबान पे आया वो बोल दिया.

अवी-ऐसा क्या पूछा था बुआ ने जो तुम्हे गुस्सा आ या

राजेश-आपको मैं क्या बताऊ,

अवी-जो हुआ है वो बता

राजेश-मैं आपको नही बता सकता ,आप गुस्सा करोगे

अवी-मैं ने तुझे पहले कहा था कि तू मुझे अपना फ्रेंड समझ ,तू जो बताएगा वो एक फ्रेंड को बता रहा हूँ ये समझ

राजेश-फ्रेंड

अवी-क्या हम फ्रेंड नही बन सकते

राजेश-आप किसी को बताना मत

अवी-नही बताउन्गा .अब बता

राजेश-वो मैं ने माँ से झूठ कहा था कि मैं कॅंप मे जा रहा हूँ.

अवी-झूठ कहा था अगेर तू कॅंप मे नही गया था तो फिर कहाँ गया था.

राजेश-अपने दोस्तो के साथ टूर पे गया था.

अवी-(झूठ ,ये ऐसे नही बताएगा) बुआ को सच क्यूँ नही बताया

राजेश-मुझे लगा माँ को मेरा घूमने जाना बुरा लगेगा .इस लिए झूठ कहा ,और माँ ने स्कूल मे फोन करके पता लगा लिया कि मैं ने कॅंप के बारे मे झूठ कहा है

अवी-बोलता जा

राजेश-इसी बात पे माँ के साथ बहस हुई .और मैं ने गुस्से मे माँ को कुछ भी बोल दिया.

अवी-देख तूने बुआ को सच बताना चाहिए था.उनको तेरे झूठ बोलने से बहुत बुरा लगा होगा.

राजेश-मैं अच्छा बेटा नही बन पाया.

अवी-तेरे जैसा बेटा हर कोई चाहेगा.

राजेश-मैं ने माँ के साथ ऐसा किया फिर भी आप ऐसा कह रहे हो.

अवी-हाँ, तू पढ़ाई मे अव्वल है, स्पोर्ट मे चॅंपियन है, ट्रोपी रखने के लिए जगह कम है. ऐसे मे थोड़ी मस्ती करेगा तो बुआ रोकेंगी थोड़ी.तू टूर पे जाना चाहता है तो बुआ मना थोड़े करती.

राजेश-पर माँ चाहती थी कि मैं यहाँ रहूं .पूरी छुट्टियाँ

अवी-अगर तू बुआ को मना लेता तो बुआ मान जाती.

राजेश-(टूर की बात नही थी,बात कुछ और थी मैं आपको कैसे बताऊ ) वो जाने दीजिए ,अब बताइए मुझे क्या करना चाहिए

अवी-बुआ से माफी माँग ले .और बता दे कि तू टूर पे गया था दोस्तो के साथ

राजेश-माफी माँगने से माँ मुझे माफ़ कर देंगी.

अवी-हाँ, बुआ को तो तेरे ऐसे घुट घुट के रोने से और ज़्यादा बुरा लग रहा है.

राजेश-मैं माँ को बता दूँगा कि मैं फ्रेंड के साथ टूर पे गया था. और उनसे दुबारा झूठ नही बोलूँगा.

अवी-ये हुई ना बात ,ये तो हुए बुआ को बताने वाली बात ,अब मुझे बता कहाँ था तू

राजेश-बताया ना टूर पे गया था.

अवी-प्रिन्सिपल मेडम और उनकी बेटियो के साथ था ना तू

राजेश शॉक्ड हो गया.

प्रिन्सिपल मेडम के बारे मे सुनकर राजेश आँखे फाड़ कर मेरी तरफ देखने लगा.

अवी-इनके साथ बेडरूम के टूर पे गया था ना

राजेश-आप ये क्या बोल रहे हो.

अवी-ये नही थे तो साइन्स की मेडम के साथ गये थे.

राजेश मेरी तरफ घूर के देखने लगा.

अवी-बच्चू ,तेरा बाद भाई हूँ,तुम्हारे बारे मे इतनी तो खबर रख ही सकता हूँ

राजेश-आपको किसने बताया.

अवी-पहले ये बता ये सच है कि नही

राजेश-ये बात मेरे फ्रेंड को भी पता नही फिर आपको किसने बताया.

अवी-मतलब ये सच है

राजेश-ये सब झूठ है.

अवी-झूठ है.फिर ये हीरो कौन है.

मैं ने उसे उसकी फोटो अपने मोबाइल से दिखा दी

फोटो देखते ही राजेश की बोलती बंद हुई.

अवी-ये टट्टू मुझे भी बनवाना है. कहाँ से बनाया था.

राजेश-कौन सा टट्टू

अवी-मोबाइल मे जो है उसकी बात कर रहा हूँ

राजेश-मोबाइल मे ,कहाँ

राजेश ने फोटो देखते हुए मोबाइल से फोटो डेलीट भी कर दिए

अवी-मेरे लॅपटॉप मे बॅकप है. तेरा बड़ा भाई हूँ ये क्यूँ भूल जाता है.

राजेश-ये फोटो कहाँ से मिली

अवी-वो छोड़ ,आज तो फ्री है . फ्री सॅट और सुन कोई कुछ खास करता हैना

राजेश अपने सिर पे हाथ रख कर सोचने लगा.

अवी-नयी कहानी नही सुननी. मुझे सच जानना है.

राजेश-भैया

अवी-हाँ बोलो

राजेश-माँ को इसके बारे मे पता है.

अवी-नही. पर तूने अब झूठ कहा तो मैं बुआ को बता दूँगा.

राजेश कुछ सोचने लगा.

राजेश ऐसे नही बताएगा.

मुझे अपना राज़ बताना होगा ,तभी राजेश पोपट की तरह बोलना सुरू करेगा.

अवी-देख आज से हम फ्रेंड बनते है

राजेश ने अपना सर हाँ मे हिलाया.

अवी-तू मुझे सच बताएगा नही ये मैं जानता हूँ

राजेश मेरी बात गोर से सुन रहा था

अवी-मैं तुझे एक वीडियो दिखाता हूँ

राजेश वीडियो का नाम सुनते ही डर गया .उसे लग रहा था कि ये उसका वीडियो है

अवी-डर मत तेरा वीडियो नही है.

मैं ने रणजीतसिंघ की सेक्रेटरी के साथ जो चुदाई की वो वीडियो प्ले करके राजेश के हाथ मे मोबाइल दिया.

राजेश ने मोबाइल के स्क्रीन की तरफ देखा. उस मे अंजानी लेडी को देख कर रिलॅक्स हो गया .ये वीडियो उसका नही था.

फिर वीडियो मे मुझे देखते राजेश हैरान हो गया.

राजेश कभी मुझे तो कभी मोबाइल को देख रहा था.

राजेश ने सोचा नही था कि मैं ऐसा कर सकता हूँ.

राजेश बिना पलके झुकाए मेरा वीडियो देख रहा था.

राजेश को विश्वास नही हो रहा था कि मैं ऐसा भी कर सकता हूँ.

वो मुझे सिंपल सा लड़का समझता था .जो गाओं मे रह कर सिंपल लाइफ जीता है.

पर मेरी सिंपल लाइफ कैसी है ये देखते ही राजेश हॅंग हो गया.

वो तो एक स्टॅच्यू बन कर मेरी वीडियो देख कर पता नही क्या क्या सोचने लगा

फिर मैं ने मोबाइल लेकर वीडियो डेलीट किया. और राजेश के रिएक्सन का इंतज़ार करने लगा.

राजेश को समझ नही आ रहा था की वो कहाँ से शुरुआत करे.

 


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राजेश को समझ नही आ रहा था कि वो बात कैसे सुरू करे

अवी-कैसी लगी मूवी

राजेश-ये आप ,कैसे हो सकता है.

अवी-क्यू मैं सेक्स नही कर सकता

राजेश-मेरा मतलब था कि मैं आपको सिंपल समझता था.पर आप तो

अवी- क्या आप तो

राजेश- आप तो मेरे गुरु निकले

अवी- क्यू झटका लगा

राजेश- ये नकली वीडियो है

अवी- पता है ये कौन है रणजीतसिंघ की सेक्रेटरी अब बोल

राजेश- मैं क्या बोलू , अब बोलने के लिए कुछ बचा नही है

अवी-एक वीडियो देखने से तेरा ये हाल हो रहा है.अगर सब वीडियो दिखाउन्गा तो तुझे हार्ट अटॅक आ जाएगा.

राजेश-मतलब और भी लड़कियो के साथ सेट्टिंग है आपकी.

अवी-तुझे क्या लगा गाओं मे रह कर ये सब नही कर सकते

राजेश-कर सकते है. पर वो तो काफ़ी मॉडर्न है.

अवी-मैं ने शहर और गाओं दोनो जगह सेट्टिंग करके रखी है. औरत हो या वर्जिन, टीचर हो या स्टूडेंट ,सब के साथ सेट्टिंग करके रखी है.

राजेश-पर आप तो ज़्यादातर समय फॅमिली के साथ रहते है. फिर ये सब करने को टाइम कब मिला.

अवी-फॅमिली के साथ रह कर भी एंजाय किया जा सकता है. पर तेरी समझ मे ये बात नही आती.

राजेश ने अपनी आँखे नीचे कर ली.

राजेश- पर ये आपने किया कैसे , इतने लोगो के बोते हुए , कविता लीना तो आपके साथ रहती है फिर टाइम कैसे मिला

अवी- टाइम निकालना पड़ता है, फॅमिली के साथ रह कर उनको खुशी दी , और थोड़ा टाइम निकाल कर खुद एंजाय किया , जो तुझे करना नही आता

राजेश इस पे क्या बोलता

अवी-मैं एक लाइफ जी कर फॅमिली के साथ रहता हूँ और एंजाय भी करता हूँ. तू 2 लाइफ जीता है. स्कूल मे एंजाय तो करता है पर फॅमिली के प्यार से दूर रहता है.

राजेश-ऐसा नही है.मैं 2 लाइफ इसलिए जीता हूँ की माँ को मेरे एंजाय्मेंट के बारे मे पता ना चले, उनको पता चला तो बुरा लगेंगा

अवी-तू इतना स्मार्ट है. इतना भी मेनेज नही कर सकता

राजेश-मैं डरता हूँ कि माँ को पता चला तो

अवी-डरता तो मैं भी हूँ पैर भी मॅनेज करता हूँ ना

राजेश-ये आप कर रहे हो वो डेंजर है.

अवी-डेंजर सब कुछ होता है. उसे सेफ बनाना पड़ता है.

राजेश-मैं 2 लाइफ से खुश हूँ

अवी-तभी तो आज बुआ को पता चलते चलते रह गया.और छोटी सी बात इतनी बड़ी बन गयी, और एक दिन बुआ अचानक तेरे स्कूल आ गयी तो क्या करेगा , तेरी फोटो आ गयी न्यूज़ पेपर मे तो

राजेश-वो तो

अवी-तू डरता हैना की बुआ को पता चला तो बुरा होगा. इसी लिए घर मे रुकता नही .

राजेश-हाँ, मुझे सेक्स करने की आदत लगी है. बिना सेक्स किए 3 महीने कैसे रह सकता हूँ. मुझे घर काटने को दौड़ता है .इस लिए मैं स्कूल जल्दी जाना चाहता हूँ.

अवी-तू यहा गाओं मे सेट्टिंग क्यू नही करता

राजेश-माँ को पता लगने का डर मुझे गाओं मे सेट्टिंग करने से रोकता है.

अवी-अगर मैं बुआ को संभाल लूँ तो

राजेश-कैसे

अवी-मैं बुआ को संभाल सकता हूँ. अगर कुछ गड़बड़ हुई तो मुझे बताना मैं मॅनेज कर लूँगा.

राजेश-फिर भी डेंजर है.

अवी-मैं 99% गारंटी दूं तो

राजेश-पर गाओं की लड़किया इतनी जल्दी हाथ नही आएँगी.

अवी-तेरे स्कूल मे 70% गाओं और 30% सिटी का कोटा होता है

राजेश-भैया मुझसे नही होगा

अवी-जैसा तू स्कूल मे मेनेज करता है वैसा यहाँ कर, तेरे गाँव मे रहने से बुआ खुश हो जाएगी जिस से वो उस बात पे ध्यान देंगी ही नही

राजेश-पर यहाँ जगह कहाँ है.

अवी-मैं हूँ ना ,सब हो जाएगा.तू हाँ कर ,

राजेश-लीना का भी रिस्क है.

अवी-लीना की टेन्षन तू मत ले. वैसे भी तेरे यहाँ रहने से लीना बहुत खुश होगी.और बुआ भी. उनकी खुशी तेरे यहाँ रहने पे है , क्या तू उनको खुश नही देखना चाहता , तू यहाँ रह और मस्ती भी कर

राजेश-मुझे क्या करना होगा.

अवी- ये हुई ना बात , अपनी छुट्टियो मे घर पे मेरहा कर बस इतना ही करना है और फॅमिली के साथ ज़्यादा समय बिताया कर

राजेश- और क्या करना होगा

अवी-मेरा फ्रेंड बन ना होगा.और झूठ नही बोलना होगा.

राजेश-आपको फ्रेंड बनाना मेरे लिए बेस्ट रहेगा, हम फ्रेंड बन गये समझो

अवी-तू हॉलिडे बुआ के साथ बिताएगा.

राजेश-मैं ज़्यादा से ज़्यादा समय फॅमिली को दूँगा.पर

अवी-बोल

राजेश-अगर बोर हो गया तो

अवी-तेरे स्कूल के फ्रेंड इसी डिर्ट्रिक्ट के है. उनसे स्कूल की सेट्टिंग यहाँ भी कर सकते हो. अगर कभी मन हुआ तो शहर जाकर मस्ती करके वापस आ जाना

राजेश-माँ नही मानेंगी.

अवी-गधे, तू कुछ घंटो के लिए शहर जाएगा तो बुआ को क्या ऐतराज होगा.

राजेश-ठीक है.

अवी-स्कूल टाइम फ्रेंड के लिए और फॅमिली टाइम फॅमिली के लिए

राजेश-समझ गया.

अवी-2 लाइफ जीना बंद करेगा

राजेश-मैं चंपू जैसा स्कूल मे नही रह सकता.

अवी-गधे, हीरो जैसा यहाँ रह सकता हैना

राजेश-माँ को अच्छा नही लगेगा

अवी-ज़्यादा हेरोपंति मत करना. मेरे जैसा तो रह सकता हैना,

राजेश-कुछ सोच कर ठीक है. पर माँ ने कुछ कहा तो आपका नाम बताउन्गा.

अवी-बता देना. अगर कुछ भी हुआ तो मेरा नाम बताना

राजेश-और क्या करना होगा.

अवी-लीना को ज़्यादा से ज़्यादा टाइम देना होगा. उसे तुम्हारी बहुत याद आती है.

राजेश-मुझे भी उसकी याद आती है. ये भी हो जाएगा.

अवी-तो आज से हम फ्रेंड

राजेश-बेस्ट फ्रेंड, वैसे आपको ये बताया किसने

अवी- थी तेरी एक दीवानी

राजेश-उसका नाम क्या है

अवी-तेरी क्लासमेट थी.

राजेश-नाम क्या है.

अवी-उसे कुछ मत कहना मत वो पहले डरी हुई है ,जब उसे पता चला कि मैं तेरा भाई हूँ

राजेश-कुछ नही कहूँगा,उसे इनाम दूँगा,हमे फ्रेंड बनाने का

अवी-वो खुद तुज़े इनाम देना चाहती है.तेरे से अपनी वर्जिनिटी तोड़ना चाहती है

राजेश-आपने तोड़ दी होगी

अवी-उसने मुझे तेरे बारे मे बताया जिस से मैं ने उसे प्रोमिस किया कि उसकी वर्जिनिटी तू तोड़ेगा

राजेश-आपने कुछ नही किया

अवी- किया ना, उसकी गंद मारी.

राजेश-अब नाम भी बता दो

अवी-कल मिलवा दूँगा. फिर तू खुद पूछ लेना.

राजेश-पहली सेट्टिंग आपको करवा के देनी होंगी

अवी-कहा था ना ,तू यहाँ भी मज़े कर सकता है.

राजेश-माँ कहाँ गयी है

अवी-बुआ मेरे घर गयी है.

राजेश-माँ से पहले माफी माँग लूँगा.

अवी-उनको कहना कि दोस्त के साथ टूर पे गया था.

राजेश-भैया इतना भी ईडियट मत समझिए,

अवी-पता है कितना स्मार्ट है तू, क्लास की10लड़कियो की चुदाई कर चुके हो

राजेश-ये भी पता चल गया है

अवी-ये सोच उस लड़की को इतना कैसे पता चला होगा.किसी को इतनी बातें नही बताई जाती , उसने आज मुझे बताया कल किसी और को बताया तो

राजेश- मैं ने किसी को कुछ नही बताया

अवी- पर उसने तो कहा कि उसकी रूममेट को तूने बताया था और उसे उसने बताया

राजेश- मैं किसी को भी कुछ नही बताता ,

अवी- फिर उसे पता कैसे चला ,, ये बहुत रिस्की है

राजेश-मेरी डायरी गायब हो गयी है.

अवी-डायरी

राजेश-उसमे थोड़ा बहुत लिख कर रखा था

अवी-उस लड़की के हाथ लगी होगी. तभी उसे इतना पता है. उस से जल्दी मिलना होगा.

राजेश-हाँ, वरना पूरी पोल खोल देंगी.

अवी-और हाँ डायरी मत लिखा कर

राजेश-डायरी मिलते ही जला दूँगा.

अवी-जला देना .और उसे इतना खुश करना कि वो ये बात किसी को ना कहे

राजेश-वो तो करना ही होगा.

अवी-अब अपने बारे मे बता

राजेश-सब कुछ तो पता है

अवी-तेरे मूह से सुनना चाहता हूँ

राजेश-पूरी स्टोरी बता दूं

अवी-हाँ, कुछ मत छुपाना .

राजेश-मैं आपको कैसे बताऊ

अवी-तू जो करता है वही मैं करता हूँ

राजेश-पर

अवी-तू तेरी स्टोरी बता मैं मेरी बताता हूँ

राजेश-कहाँ से सुरू करू

अवी-तूने सेक्स करना कब सुरू किया था.

राजेश-2 साल हो गये

अवी-मुझे भी 2साल होगे

राजेश-मैं ने पहला सेक्स प्रिन्सिपल की बेटी के साथ किया था.

अवी-मैं ने मेडम के साथ

राजेश-मेरी वाली वर्जिन थी

अवी-मेरी वाली ने मुझे बहुत कुछ सिखाया.

राजेश-उसके बाद उसकी माँ को, मतलब प्रिन्सिपल मेडम के साथ सेक्स किया.

अवी-मेरी पहली वर्जिन ,मेरा पहला प्यार थी (माला)

राजेश-आपकी गर्लफ्रेंड है

अवी-वो गर्लफ्रेंड बनी ही नही

राजेश-फिर सेक्स कैसे किया

अवी-उसने फॅमिली प्राब्लम बता कर मेरा प्रपोज़ल ठुकरा दिया.पर मुझे अपनी लाइफ की एक रात प्यार करने को दे दी

राजेश-ये सब तो होता रहता है.

अवी-तेरी कोई गर्लफ्रेंड है

राजेश-एक लड़की मुझे बहुत पसंद है. उसी के साथ मैं शादी करूँगा.

अवी-तेरी क्लासमेट है

राजेश-नही, जूनियर है.

अवी-अच्छा हुआ जूनियर है. मैं तो डर रहा था कहीं जिस के साथ मैं ने सेक्स किया वो लड़की तेरी गर्लफ्रेंड तो नही.

राजेश-मेरी गर्लफ्रेंड ऐसा नही कर सकती .वो मुझसे बहुत प्यार करती है.

अवी-मुझसे मिलाना ज़रूर ,मैं भी तो देखु तेरी गर्लफ्रेंड को

राजेश-आप मेरे स्कूल मे आना ,मिलवा दूँगा.

अवी-मैं ने सुना है तेरी दूसरी स्कूल मे भी सेट्टिंग है

राजेश-हाँ है. वो कहानी टी पीते हुए बताता हूँ

अवी-तू फ्रेश हो जा .मैं टी बनाता हूँ

राजेश फ्रेश होने चला गया और मैं किचन मे टी गरम करने चला गया.

 
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