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मैं और मेरा परिवार

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809ब

मिसेज़ पवार राजेश का लंड चूस रही थी.

मैं ने टवल लपेट लिया और डोर खोलने चला.

जिस ने भी बेल बजाई उस पे बहुत गुस्सा आ रहा था.

मिसेज़ पवार की चूत मे लंड डालते हुए रुकना पड़ा था

मैं ने डोर खोल दिया. डोर के सामने मिसेज़ दूबे खड़ी थी.

मिसेज़ दूबे को देखते ही मैं खुश हो गया.

मिसेज़ दूबे के आने से चुदाई के खेल मे मज़ा आ जाएगा.

मिसेज़ पवार और मिसेज़ दूबे की एक साथ ग्रूप चुदाई हो सकती है.

थ्रीसम की जगह ग्रूप चुदाई मे मज़ा आ जाएगा.

मिसेज़ दूबे को देखते ही मेरा गुस्सा गायब हो गया

मिसेज़ दूबे को देख कर राजेश मिसेज़ पवार को भूल जाएगा.

राजेश की तो लॉटरी लग गयी.

मिसेज़ दूबे-कहाँ खो गये

अवी-आपकी खूबसूरती मे

मिसेज़ दूबे-मैं और खूबसूरत

अवी-और नही तो क्या ,सुबह आपने देखा नही कैसे घूर के देख रहा था.

मिसेज़ दूबे-सुबह ,अगर मेरा हज़्बेंड नही होता तो तुम मुझ पे टूट पड़ते

अवी-आप है ही इतनी हॉट

मिसेज़ दूबे-वैसे सुबह तुम्हारे साथ कौन था.

अवी-वो मेरा छोटा भाई है,राजेश

मिसेज़ दूबे-बहुत घूर रहा था मुझे

अवी-उसे आप पसंद आ गयी .वो दिन भर आपकी बात कर रहा था.

मिसेज़ दूबे-इतनी पसंद आई.फिर तो मिलना पड़ेगा.

अवी-मिल के क्या करेंगी

मिसेज़ दूबे-मिलने तो दो फिर देख लेना

अवी-मेरा भाई मेरे जैसा है.

मिसेज़ दूबे-वो तो मैं देख कर बताउन्गी

अवी-वो भी आपको देखना चाहता है. वैसे आप सुबह कहाँ गयी थी.

मिसेज़ दूबे-कल मेरे हज़्बेंड के फ्रेंड की बेटी की शादी है. वही गयी थी.

अवी-फिर वापस कैसे आई. और आपके हज़्बेंड

मिसेज़ दूबे-वो वही रुक गये .और मैं बहाना बना कर आ गयी.

अवी-बहाना क्यूँ बनाया

मिसेज़ दूबे-तुम्हारे दर्शन जो हुए थे. अगर तुम थोड़ा लेट आते तो मैं वापस नही आती

अवी-आपको यकीन था कि मैं आपको मिलूँगा .अगर मैं चला जाता तो

मिसेज़ दुबे-मुझे लग रहा था कि तुम मेरे लिए आए हो

अवी-आपने सही सोचा ,मैं आपके लिए आया था. मेरे भाई को आपसे मिलना था.

मिसेज़ दूबे-तुम्हारे भाई को थॅंक्स कहना होगा ,उसकी वजह से तुम ने मुझे याद तो किया.

अवी-थॅंक्स से काम नही चलेगा.

मिसेज़ दूबे-मेरा थॅंक्स कहना तो तुम्हे पता है.

अवी-फिर तो मेरा यहा आना सफल होगा.

मिसेज़ दूबे-पूरा सफल कर दूँगी. वैसे प्लान क्या है

अवी-पूरी रात का प्लान है

मिसेज़ दूबे-फिर तो अच्छा हुआ मैं वापस आ गयी. रात भर मज़ा करेंगे

अवी-और मेरा भाई उसका क्या

मिसेज़ दूबे-उसे तो थॅंक्स कहूँगी.

अवी-(मिसेज़ दूबे तो खुद मान गयी) ये हाथ मे क्या है

मिसेज़ दूबे-तुम्हारे लिए खाना लाई

अवी-कितने लोगो का

मिसेज़ दूबे-3 ,तुम्हारे ,तुम्हारे भाई और मेरे लिए

अवी-आपको मिला के हम 5 है.

मिसेज़ दूबे-5 , और कौन है

अवी-आपको मुझे देख कर क्या लगता है.

मिसेज़ दूबे-तुम नंगे क्यूँ हो

अवी-सोचिए

मिसेज़ दूबे-किसके साथ हो ,किसी की चुदाई कर रहे हो

अवी-करने तो आपकी आया था पर आप मिली ही नही.

मिसेज़ दूबे-मुझे थोड़ा भी इशारा करते तो मैं अपने हज़्बेंड को मना कर देती.

अवी-आपके हज़्बेंड के होते हुए रिस्क नही लेना चाहता था

मिसेज़ दूबे-फिर किसे बुलाया

अवी-बुलाया अपनी गर्लफ्रेंड को. मेरा भाई रुकने को तय्यार नही था.

मिसेज़ दूबे-और तुम

अवी-मुझे विश्वास था की आप ज़रूर आएँगी. तभी रात मे रुकने का फ़ैसला किया.

मिसेज़ दूबे-सच

अवी-हाँ, कितने दिन हो गये आप से प्यार किए हुए. ऐसे थोड़े ही चला जाता.

मिसेज़ दूबे-यही तो वजह थी जो मैं वापस आ गयी.

अवी-आप को वापस आने के बदले प्यार ही प्यार मिलेगा.

मिसेज़ दूबे-प्यार करने के लिए अंदर तो आने दो

अवी-ऐसे नही. अंदर जो है वो

मिसेज़ दूबे-उसे ऐसी टक्कर दूँगी कि मेरे सामने टिक नही पाएगी.

अवी-वो 18साल की और आप

मिसेज़ दूबे-मुझे कम मत समझना ,जो मैं कर सकती हूँ वो वो लड़की नही कर सकती

अवी-फिर तो देखना होगा

मिसेज़ दूबे-अंदर आने दो

अवी-वो खाना मुझे दीजिए

मिसेज़ दूबे-लो

अवी-और 2 लोगो का खाना लाना होगा. तभी एंट्री मिलेंगी.

मिसेज़ दूबे-घर पे है लेकर आती हूँ

अवी-खाने मे है क्या .

मिसेज़ दूबे-नोन वेग जो तुम्हे पसंद है

अवी-जाइए जल्दी. और जल्दी आइए

मिसेज़ दूबे-रोटी बनाने मे टाइम लगेगा.

अवी-वो आप देख लीजिए क्या करना है.

मिसेज़ दूबे-20 मिनिट मे वापस आउन्गि .

अवी-अगर देर हुई तो आने नही दूँगा.

मिसेज़ दूबे हँसने लगी. और वैसे वापस चली गयी.

मैं खाना लेकर अंदर आ गया.

मिसेज़ पवार-कौन था

अवी-खाने का इंतज़ाम हो गया.

मिसेज़ पवार-किसने दिया

अवी-है एक मददगार

मिसेज़ पवार-पर मेरा तो काम खराब किया

अवी-अब पूरा करते है

मिसेज़ पवार-करो ना रुके क्यू हो

अवी-गंद मारूँगा

मिसेज़ पवार-तुम्हे कभी रोका है क्या , डाल दो

अवी-बन जाइए कुत्ति.

मिसेज़ पवार कुत्ति बन गयी

अवी-राजेश तुम क्या करेंगे

राजेश-जैसा रिया के साथ किया था वैसा करते है. आप गंद मार लो .फिर

और हँसने लगा.

मैं भी राजेश के साथ हँसने लगा.

मिसेज़ पवार-हंस क्यू रहे हो

अवी-आपको जल्दी पता चलेगा

और मैं ने मिसेज़ पवार की गंद पर तेल लगा कर अपने लंड को भी चिकना बना दिया.

लंड को चिकना करते ही मैं ने मिसेज़ पवार की गंद पर थप्पड़ मार कर लंड गंद पर सेट किया

राजेश मिसेज़ पवार के नीचे लेट गया और मिसेज़ पवार के बूब्स जो लटक रहे थे उनको चूसना सुरू किया.

मैं ने मिसेज़ पवार की कमर को पकड़ कर एक जोरदार झटका मार कर आधा लंड गंद मे डाल दिया.

झटका पड़ते ही मिसेज़ पवार ने अपना मूह बंद कर दिया और झटके से हिलते हुए बूब्स को राजेश मज़े मे चूसने लगा.

लटकते हुए बूब्स को चूसने मे अलग मज़ा आता है और वो हिलते हुए होगे तो मज़ा ज़्यादा आता है

मैं ने राजेश को और मज़ा देने के लिए मिसेज़ पवार की गंद मे दूसरा जोरदार झटका मारा जिस से पूरा लंड अंदर चला गया .

मेरे झटके से मिसेज़ पवार की चीख निकल गयी

आआआहह......

...मा.आआआआ...

......माररर्र्र्र्ररर......

....डॅलॅयाआयीययाया.....

......अवीीईओिईईिओ....

..तुउुुुुुुुुउउ.......

....असलिइीईईईईईईई........

....मार्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड..........हाईईईईईईईईईई..........चूदीईईईईईईईईई.......

......हुईईईईईईईई......

.आआआआअहह....

....चीखह...

....निकााआाअल्ल्ल....

....देतीईईई.......

...हूऊऊऊ....

....माआआअ.....

..,मररर्र्र्र्र्र्ररर...

......गाइिईईईईईई.......

...आआआआआअहह.........

मिसेज़ पवार की चीख सुनते ही राजेश को पता चल गया कि उसे क्या करना है

राजेश ने बूब्स को दबाते हुए चूसना सुरू किया

और मैं ने मिसेज़ पवार की चूत को सहलाना सुरू किया

मिसेज़ पवार को हमारा ऐसा करना अच्छा लगने लगा.

इसका नतीज़ा ये हुआ कि मिसेज़ पवार जल्दी अपना दर्द भूल गयी

मिसेज़ पवार की चीखे रुकते ही मैं ने चूत को सहलाना बंद किया और लंड को बाहर निकाल कर अंदर पेल दिया.

मिसेज़ पवार की शीष्कारी निकल गयी

मैं ने 5 6 शॉट ऐसे ही मारे ,ताकि गंद का छेद खुल जाए

गंद ने मेरे लंड का स्वागत करते ही मैं ने धक्के मारना सुरू किया.

मेरे धक्के सुरू होते राजेश ने मिसेज़ पवार का दर्द कम करने का काम बंद किया और खुद मज़े करने लगा.

राजेश बूब्स को इस तरह चूस रहा था कि उनमे से दूध निकाल ले

मैं चुदाई अपने तरीके से करने पे ज़्यादा ध्यान देता हूँ.

मैं ने बिना कमर को पकड़े हुए धक्के मारना सुरू किया.

ताकि मिसेज़ पवार का बदन हिल जाए और साथ मे बूब्स भी हिले ,

हिलाते हुए लटकते हुए बूब्स चूसने मे राजेश को पूर मज़ा आने लगा.

मैं भी मिसेज़ पवार की गंद मारने का पूरा मज़ा ले रहा था.

कभी आराम से धक्के मारता तो कभी अचानक अपनी स्पीड बढ़ा देता.

मिसेज़ पवार मेरे धक्को से राजेश के धक्को को ज़्यादा एंजाय कर रही थी.

राजेश को अभी बहुत कुछ सीखना था.

मेरे साथ रह कर राजेश सबकुछ सीख लेगा.

मैं ने खुद मज़ा लेते हुए मिसेज़ पवार और राजेशको भी मज़ा दे रहा था

मिसेज़ पवार फुल मस्ती मे आकर हम भाइयो की ताक़त का मज़ा ले रही थी

मिसेज़ दूबे के आने के बाद मिसेज़ पवार की चुदाई करने मे ज़्यादा मज़ा आएगा.

दोनो एक दूसरे को जलाने के लिए चुदाई करेंगी

अपनी लिमिट क्रॉस करके चुदाई करेंगी दोनो

मैं तो मिसेज़ पवार की टाइट गंद मार रहा था.और राजेश ने बूब्स चूसना बंद किया.

मैं समझ गया कि राजेश को मिसेज़ पवार की चुदाई करनी है.

मैं रुक गया .

मेरे रुकते ही राजेश ने लंड पर कॉंडम लगा दिया.

राजेश-अब साथ मे करते है

अवी-तुम सोफे पर बैठ जाओ

राजेश सोफे पर बैठ गया

मिसेज़ पवार-करना क्या वाले हो

अवी-आप बैठ जाओ लंड पे

मिसेज़ पवार राजेश के लंड पर बैठ गयी

मिसेज़ पवार-समझी.डीपी करना चाहते हो

अवी-स्मार्ट हो

मिसेज़ पवार-आराम से करना

मिसेज़ पवार की इजाज़त मिलते ही मैं ने मिसेज़ पवार की गंद पर लंड सेट किया किफिर से बेल बज गयी

मिसेज़ पवार हँसने लगी

मिसेज़ पवार-जब भी डालने जाते हो तो ये बेल बज जाती है

अवी-तुम सुरू करो मैं देख के आता हूँ. बाकी का खाना आया होगा.

मिसेज़ पवार और राजेश ने चुदाई सुरू रखी क्यू कि मैं ने पहले उसको बाहर से वापस भेज दिया

था

मैं ने डोर खोला ,कौन हो सकता है. मिसेज़ दूबे थी.

मैं ने मिसेज़ दूबे को अंदर ले आया.

मिसेज़ दूबे को पता था कि अंदर चुदाई चल रही थी .

मिसेज़ दूबे को मिसेज़ पवार का चेहरा नही दिखा.

राजेश की चुदाई को मिसेज़ दूबे देखने लगी

मेरे आते ही मिसेज़ पवार ने पलट कर देखा.

मिसेज़ दूबे को मेरे साथ देख कर मिसेज़ पवार शॉक्ड हो गयी

मिसेज़ दूबे को इस तरह सामने देख कर, खुद को चुदाई करने की हालत मे ,मिसेज़ पवार स्टॅच्यू बन गयी.

मिसेज़ दूबे को पता था कि मैं मिसेज़ पवार की चुदाई करता हूँ

मिसेज़ पवार को डर लग रहा था ,वो ऐसी हालत मे मिसेज़ दूबे के सामने थी जो उसने कभी सोचा नही था.

 


809सी

मिसेज़ पवार को तो कुछ समझ नही आ रहा था.

वो अब मिसेज़ दूबे को क्या जवाब देंगी

मिसेज़ दूबे रिलॅक्स थी. वो मिसेज़ पवार का ये रूप पहले भी देख चुकी थी.

मिसेज़ पवार को मेरे साथ मिसेज़ दूबे पहले भी देख चुकी है

पर मिसेज़ पवार को ये पता नही था कि उनकी तरह मैं मिसेज़ दूबे की चुदाई भी करता हूँ

मिसेज़ दूबे-क्या हो रहा यहाँ पर , मिसेज़ पवार ये क्या हो रहा है

मिसेज़ दूबे मज़ाक करने के मूड मे थी.

मिसेज़ पवार-मिसेज़ दूबे आप,

मिसेज़ दूबे-ये हो क्या रहा है

मिसेज़ पवार-वो मैं

मिसेज़ दूबे-क्या मैं, ये बच्चो के साथ ,तुम्हे शरम नही आती

मिसेज़ पवार ने अपना मूह नीचे कर लिया

मिसेज़ दूबे-कितनी बेशरम हो .अभी तक उठी नही.

मिसेज़ पवार राजेश के लंड से उठ गयी.

मिसेज़ दूबे-मिसेज़ पवार तुमसे मुझे ये उम्मीद नही थी.

मिसेज़ पवार-प्लीज़ किसी को मत बताना ,वरना मैं बर्बाद हो जाउन्गी.

मिसेज़ दूबे-तुम्हे ऐसा करने की क्या ज़रूरत थी.

मिसेज़ पवार-मैं बहक गयी थी

मिसेज़ दूबे-तुम क्या छोटी बच्ची हो जो किसी ने बहला दिया

मिसेज़ पवार-आप को तो पता है मेरा पति कैसा है

मिसेज़ दूबे-तो क्या बच्चो के साथ करोगी.

मिसेज़ पवार-वूऊओ.......

मिसेज़ पवार को तो कुछ समझ नही आ रहा था कि क्या करे

मिसेज़ दूबे तो फुल मज़ा ले रही थी

मिसेज़ दूबे-देखु क्या है इन बच्चो मे जो तुम बहक गयी

मिसेज़ दूबे राजेश के पास गयी और राजेश के लंड को देखने लगी.

मिसेज़ दूबे ने राजेश के लंड का कॉंडम निकाला और लंड को देखने लगी

मिसेज़ दूबे-ये तो बच्चे है

मिसेज़ पवार-ग़लती हो गयी

मिसेज़ दूबे-कैसी ग़लती ,ऐसी

और मिसेज़ दूबे ने राजेश का लंड मूह मे ले लिया.

मिसेज़ पवार मिसेज़ दूबे की हरकत को देखती रह गयी.

मिसेज़ दूबे-अवी तुम्हारा भाई का लंड तो टेस्टी है. मैं तो आज खा जाउन्गी, मिसेज़ पवार को कुछ नही दूँगी

और मिसेज़ दूबे हँसने लगी.

मिसेज़ दूबे के साथ मैं भी हँसने लगा और मेरे साथ राजेश भी हँसने लगा.

मिसेज़ पवार हमारी तरफ देखती रह गयी.

मिसेज़ पवार को कुछ समझ मे नही आ रहा था.

मिसेज़ पवार मेरी तरफ देखने लगी.

मैं मिसेज़ दूबे के पास चला गया.

और उनकी साड़ी को पकड़ कर खीच कर निकालने लगा.

मिसेज़ दूबे ने गोल गोल घूम कर अपनी साड़ी निकाल दी.और मेरी बाहों मे गिर गयी

मैं ने मिसेज़ दूबे को पकड़ कर एक जोरदार किस करके सोफे पे गिरा दिया

मिसेज़ दूबे-मैं मज़ाक कर रही थी

अवी-मैं मिसेज़ दूबे के साथ भी चुदाई कर चुका हूँ

मिसेज़ पवार को तो जोरदार झटका लगा

वो समझ गयी कि मिसेज़ दूबे उनके साथ मज़ाक कर रही थी

मिसेज़ पवार-साली छिनाल, मेरा मज़ाक बनाती है रुक

मिसेज़ दूबे-क्यू डरा दिया ना

मिसेज़ पवार-तू साली, मुझे लेक्चर दे रही है. खुद यहाँ चुदवाने आई. रंडी ,पता नही कहाँ कहाँ मूह मारती है.

मिसेज़ दूबे-बहुत हो रहा है

मिसेज़ पवार-सबकी चुगली करती है. और यहाँ बच्चो के साथ रंडी बन कर चुदवाने आती हो,

मिसेज़ दूबे-तू किस लिए आई थी.तू तो मुझसे पहले चुदवा रही थी

मिसेज़ पवार-हाँ चुदवा रही थी ,तेरी तरह नही जो दूसरो की चुगली करती है और पीठ पीछे चुदवाती रहती है.

मिसेज़ दूबे-तेरी वजह से मैं इस मे पड़ी हूँ

मिसेज़ पवार-मुझपे झूठे आरोप मत लगा .

मिसेज़ दूबे-पिछली बार यहीं चुदाई की थी ना ,मैं ने चुपके से देखा था.

मिसेज़ पवार-की थी तो तुझे क्या

मिसेज़ दूबे-तेरी चुदाई के बाद मैं गरम हो गयी और अवी ने उसके बाद मेरी चुदाई की

मिसेज़ पवार-अवी क्या ये सच है.

मिसेज़ दूबे-मैं बताती हूँ. तू जैसी वैसी मैं ,

मिसेज़ पवार-तेरी जैसी नही हूँ. जो दूसरे घर की बातें इधर उधर बताती हो .और खुद रंडी बनती हो.

मिसेज़ दूबे-मैं ने उस्दिन के बाद ऐसा करना बंद किया.तेरे बारे मे किसी को नही बताया

मिसेज़ पवार-जा बताना ,मैं भी बताउन्गी कि तू कितनी बड़ी रंडी है

मिसेज़ दूबे-हाँ हूँ रंडी. चल अब जाने दे, साथ मे चुदाई करते है,2 लंड है ,एक तेरा एक मेरा

मिसेज़ पवार-मुझे नही करना तेरे साथ

मिसेज़ दूबे-मत कर ,मैं तो ऐसे लंड अपने अंदर रख कर सो जाउन्गी.

मिसेज़ पवार-सो जा ,मेरा दिमाग़ मत खा

अवी-हो गया .आप दोनो का.

मिसेज़ दूबे-हाँ

अवी-पहले एक चुदाई करते है फिर खाना खाएँगे

मिसेज़ पवार-मुझे नही करना .इसके साथ

मिसेज़ दूबे-मत कर. मुझे क्या

और मिसेज़ दूबे ने अपना ब्लाउस और पेटिकोट निकाल कर फेक दिया.

मिसेज़ दूबे को ब्रा पैंटी मे देखते ही राजेश खड़ा होकर उनके गले लग गया

राजेश-आपको खा जाने का दिल कर रहा है

मिसेज़ दूबे-तो खा जा

मैं ने मिसेज़ दूबे को पीछे से पकड़ लिया.

हम दोनो के लंड चूत और गंद पर महसूस करके मिसेज़ दूबे मस्ती मे आने लगी

मिसेज़ पवार चुप चाप बैठ कर हमे देख रही थी.वो अभी तक नंगी थी.

राजेश ने कमर के उपर हमला बोला और मैं ने नीचे हमला बोल दिया.

राजेश ने ब्रा फाड़ दी और और मैं ने पैंटी को निकाल दिया.

राजेश ने मिसेज़ दूबे को किस करना सुरू किया और मैं ने मिसेज़ दूबे की चूत पे किस करना साथ किया.

राजेश मिसेज़ दुबे के होंठो को चूस ने लगा और मैं चूत के होंठो को चूसने लगा.

राजेश होंठो का रस पीने लगा और मैं चूत को चूस कर रस निकालने लगा.

मिसेज़ दूबे के नशीले होंठो को चूस्कर राजेश खुश था तो ,

मिसेज़ दूबे की फूली हुई चूत को चूस कर चाट कर ,जीभ से चोद कर मैं खुश था.

मिसेज़ दूबे डबल खुश थी.

राजेश मिसेज़ दूबे के बूब्स दबा रहा था और मैं मिसेज़ दूबे के चूतड़ दबा रहा था.

राजेश मिसेज़ दूबे के बूब्स को चूस ने लगा तो मैं ने मिसेज़ दूबे के चूतड़ पे थप्पड़ मारना सुरू किया

मिसेज़ दूबे हम दोनो भाई के प्यार करने से जन्नत मे चली गयी थी

मिसेज़ दूबे ने ऐसा मज़ा कभी नही लिया था जिस से वो हम दोनो भाई का पूरा साथ दे रही थी.

मिसेज़ पवार हमारी मस्ती को देख रही थी.

रिया बेडरूम से हमारा वीडियो बना रही थी.

ये रिया पता नही क्यू वीडियो बना रही थी.

उसे बाद मे देखूँगा.

राजेश तो अपनी मस्ती मे खोया हुआ था.

मिसेज़ दूबे इस चुदाई को पूरी तरह से एंजाय करना चाहती थी

मिसेज़ पवार को पता नही क्या हुआ कि वो हमारा साथ नही दे रही थी.

हमारा खेल देख कर अपनी चूत मे उंगली कर रही थी पर हमारे पास नही आ रही थी.

मिसेज़ पवार जाएगी कहाँ. जाना होता तो अब तक चली जाती.

राजेश और मैं मिसेज़ दूबे के बदन को पूरी तरह से मसल कर एंजाय कर रहे थे.

मिसेज़ दूबे शीष्कारी लेते हुए हमारा साथ दे रही थी.

राजेश उपर नीचे आ रहा था और मैं नीचे से उपर जा रहा था.

राजेश ने मिसेज़ दूबे की गीली चूत को चूसने मे खो गया .उसके लिए मैं ने चूत को गीली करके रखा था.

और मैं बूब्स को चूस्ते हुए मसल्ते हुए मज़ा ले रहा था.

मिसेज़ दूबे ने खुद मुझे उपर करके किस करने लगी.

आज तो बहुत मज़ा आ रहा था.

पहले रिया के साथ मज़ेदार चुदाई की.

फिर मिसेज़ पवार की दमदार चुदाई की .

और अब मिसेज़ दूबे के साथ ओरल सेक्स कर रहा था.

हमारी प्यार भरी मस्ती मे तीनो को मज़ा आ रहा था.

इस मज़े मे मिसेज़ दूबे ने अपना कंट्रोल खो दिया और झड गयी.

इस बार चूत का पानी राजेश को मिला.

 


809 डी

मिसेज़ दूबे का पानी राजेश ने पी लिया .

अब हमारी बारी थी मिसेज़ दूबे को अपना वीर्य पिलाने की

अवी-राजेश हो जा शुरू

राजेश-भैया आप करो , हमेशा मैं ने किया अब आप करो

अवी-तेरे लिए पार्टी है. तू पहले चूत मार मैं गंद मारूगा. और फिर

राजेश समझ गया कि मैं क्या बोल रहा हूँ ,राजेश अपने लंड पर कॉंडम लगा कर तैयार हो गया.

मिसेज़ दूबे भी नया लंड लेने को तैयार हो गयी

मिसेज़ दूबे ने अपने पैरो को फैला दिया ,चूत के होंठ खुलते राजेश ने अपना लंड मिसेज़ दूबे की चूत पर सेट किया.

पहले मिसेज़ दूबे को चिल्लाने दो फिर मैं अपना लंड मिसेज़ दूबे से चुसवाउन्गा.

राजेश को मिसेज़ दूबे कुछ ज़्यादा ही पसंद आ गयी थी.

उनकी फूली हुई चूत पे लंड रखते ही राजेश एग्ज़ाइट हो गया.

राजेश पे मिसेज़ दूबे का जादू चलते ही एक झटके मे पूरा लंड अंदर पेल दिया.

मिसेज़ दूबे की चूत को चीरता हुआ राजेश का लंड अंदर चला गया.

राजेश ने अपनी पूरी ताक़त एक झटके पे लगा दी ताकि मिसेज़ दूबे उसकी गुलाम हो जाए

मिसेज़ दूबे को राजेश की ताक़त ने चिल्लाने पे मज़बूर कर दिया.

आआआहह....... ..मररर्र्र्ररर...... ....दलाआाआअ.... .....रीईईई.... .....अवईीईईईईईईईईईई..... .....तेरईईईईईईईईईईईईई..... भाईईईईईईईईईईईईई...... ...नीईई.......

माआआआआ..... ...मैंन्नननननणणन्.. .....तूऊऊऊओ..... ..ईसीईईईई..... ....बचामाआआआ..... ...आआआअहह......... .....समझज़ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज... ...रहियीईईईईईईई...... .....आआआआअहह... ....ईईईई... ...तूऊऊओ.... ..बचामाआआआ... ....पैदाााआअ...... ..करणाआआआआआ.. .....चाहटाआआआआ..... ..हाईईईईईईई........

मिसेजसस्सस्स पंवार्रर्र्र्र्ररर...... .नीईई...... कैसीईईई...... ...लिय्ाआआआ... .....होड़ाााआआअ... ....स्मूसलल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल कूऊऊऊऊओ...........

मिसेज़ पंवार मिसेज़ दूबे की हालत देख कर खुश हो गयी

मिसेज़ पंवार को और खुश करने के लिए मैं उनके पास जाकर चूत को चूसने लगा

मिसेज़ पंवार मिसेज़ दूबे को दर्द से चीखते हुए देख कर मुझे अपनी चूत चूसने दी.

मिसेज़ पंवार को अपना पानी निकालना था जिस से उसने गुस्सा कंट्रोल करते हुए मुझे चूत मे उंगली करने दी.

उधर राजेश अपनी ताक़त मिसेज़ दूबे को दिखाने लगा.

राजेश मिसेज़ दूबे की चूत को अपना गुलाम बनाके रखना चाहता था. उसे आंटी पसंद जो इतनी थी

मिसेज़ दूबे राजेश को थोड़ी देर रुकने को कह रही थी पर राजेश रुकने वालो मे से नही था.

राजेश मेरी तरह चुदाई नही करता था.

मैं पहले धीरे धक्के मारता था फिर स्पीड पकड़ा था.

राजेश शुरू से स्पीड पकड़ता था जिस से पहले तो मज़ा मिलता था पर बाद मे राजेश के थकने से मज़ा कम हो जाता था.

पर मिसेज़ दूबे के नशे की वजह से राजेश को दोष नही दे सकते

सकते

चुदाई के वक्त रोक टोक करने से मूड ऑफ होता है,फिर चुदाई का मज़ा ख़तम होता है.

मिसेज़ दूबे समझ गयी कि रोक ने से कुछ नही होगा. राजेश के धक्के को मज़ा लेने मे समझदारी होगी.

मिसेज़ दूबे ने चिल्लाने की जगह शिसकारी लेनी शुरू की

कोमीईई.. .....ओं... ....राजेशह... ...फुक्ककककककककक.. ....मीईई.. ...हर्दर्र्र्र्र्र्ररर... ......हरीर्रर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्ररर........माक्ीईई.....मीईई. ....युओर्र्र्र्र्र्र्र्ररर ....वहोरीईई.... .....कोमीईए..... ...ओन्णन्न्...... .रेजेशह.......

मिसेज़ दूबे को जोरदार धक्के चाहिए

राजेश ने वो भी देने शुरू किए.

राजेश मिसेज़ दूबे को अपनी रंडी बनाने लगा.

राजेश कुछ भी करे. मिसेज़ दूबे 2 मिनट के लिए उसकी तारीफ करेगी पर मेरा लंड देखते ही नंगी मेरे पास भाग कर आएगी.

इधर मैं ने मिसेज़ पंवार की चूत को चूस कर उसकी शीष्कारी निकालनी शुरू की.

मिसेज़ पंवार मिसेज़ दूबे का ओरल सेक्स देख कर गरम हो चुकी थी.

जिस से मिसेज़ पंवार का पानी जल्दी निकल गया.

पानी निकलते ही मिसेज़ पंवार मुझसे दूर हो गयी.

अवी-क्या हुआ

मिसेज़ पंवार-अपनी रंडी की पास जाओ मुझे नही करना

अवी-तुम भी तो मेरी रंडी हो.

मिसेज़ पंवार-मैं किसी की रंडी नही हूँ

अवी-ये गुस्सा थूक दो,वो मज़ाक कर रही थी

मिसेज़ पंवार-अब मुझे नही करना

अवी-मत करो

और मैं मिसेज़ दूबे के पास चला गया.

मिसेज़ दूबे राजेश के धक्को के मज़े ले रही थी .उनके मज़े डबल करने के लिए मैं ने अपना लंड मिसेज़ दूबे के मूह मे डाल दिया

अब तो मिसेज़ दूबे की खुशी का कोई ठिकाना नही था. मेरा लंड मिलते वो मज़े मे चूसने लगी.

मिसेज़ पंवार ना कहेगी तो उसी का लॉस था यहाँ छेद की कमी नही थी.

राजेश ने मेरे आने से पहले मिसेज़ दूबे का पानी निकाल दिया था.

उसके बाद भी वो रुका नही बल्कि धक्के मारता गया.

मेरे आते मिसेज़ दूबे ज़्यादा एग्ज़ाइट हो गयी .

एक लंड चूत मे और एक मूह मे किसे मज़ा नही आएगा

और लंड तगड़े और जवान हो तो मज़ा 100 गुना बढ़ जाता है.

राजेश मिसेज़ दूबे के बूब्स को मसल्ते हुए धक्के मार रहा था.

और मैं मिसेज़ के गले तक अपना लंड डालने लगा.

मिसेज़ दूबे को ऐसा लगा कि उनका पानी फिर से निकलने वाला है .तो मुझे लंड बाहर निकालने को कहा

मैं ने लंड बाहर निकाला और कॉंडम पे तेल लगा कर तैयार हो गया.

राजेश समझ गया कि उसकी बारी ख़तम होने वाली है.

राजेश का वीर्य निकलने वाला था पर मैं ने उसने रुकने को कहा ताकि उसका लंड और थोड़ी देर खड़ा रहे.और हम मिलकर मिसेज़ दूबे को अपना वीर्य पिला सके

मिसेज़ दूबे का फिर से पानी निकाल कर राजेश ने चुदाई करनी बंद की और सोफे पर जाकर लेट गया.

मिसेज़ दूबे इतनी दमदार चुदाई के बाद रुकना चाहती थी पर मैं ने उनको घोड़ी बना दिया.

2 लंड होने का ड्रॉ बॅक, एक थक जाता है तो दूसरा तैयार हो जाता है जिस से आराम करने नही मिलता.

" आराम हराम होता है"

मैं ने मिसेज़ दूबे की मोटी गंद पर थप्पड़ मारकर बता दिया कि मैं गंद मारने वाला हूँ

मिसेज़ दूबे मिसेज़ पंवार की तरह पागल नही थी जो मना करके पंगा मोल ले

मिसेज़ दूबे ने अपनी गंद को ढीला छोड़ दिया ताकि मैं लंड आराम से डाल सकूँ

मैं ने थोड़ा तेल मिसेज़ दूबे गांद पे डाल कर पहला झटका आधे लंड केलिए मारा.

आड़ा लंड मिसेज़ दूबे की गंद को चीरता हुआ अंदर गया और मिसेज़ दूबे की गंद मे जलन शुरू हो गयी.

मिसेज़ दूबे की चीख तभी निकलेगी जब पूरा लंड अंदर जाएगा.

राजेश अपने लंड को आराम दे कर वीर्य निकालने मे टाइम लगाना चाहता था. इस लिए उसने मिसेज़ दूबे को लंड चूसने नही दिया.

मिसेज़ दूबे ने गंद की जलन को कम करने के लिए चूत सहलाना शुरू किया.

इस से कुछ नही होगा ,क्यूँ कि मैं दूसरा झटकमारने को तैयार था.

मिसेज़ दूबे ने इस बार गंद ढीली नही रखी ,वो कुछ देर रुकना चाहती थी.

गंद टाइट करने से मेरा झटका जोरदार लग गया जिस से मिसेज़ दूबे की चीख निकल गयी.

और मिसेज़ पंवार की हसी निकल गयी.

अवईीईईईिओ.... ....तेरााआआ.... ...लुंद्द्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड.. ......चीककककककककककक..... .....आआआआआ... ....माआआआआ... ....गंद्द्द्द्द्द्द्दद्ड... .....फत्त्तटटतत्त..... ...गाइिईईईईईई.. .....अवईीईईईईईईईईई....... ......तुउउउउउउउउउउउउ... .....दर्द्द्द्द्द्द्दद्ड.... ...हूऊऊऊओ.. .....राहामाआआअ.. .......हाईईईईईईईई...........

राजसेहह...... .तेरााआआ..... ...भाईईईईईईईईईई.... .....जैसाआआआ....... ....शादीसूडाााअ. .....कीईईईई.... ..चीककककककककककक... ....निकाअल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल.. .....दएटााआ.. ......हाईईईईईई.. ....माआआआअ......

मिसेज़ दूबे की मोटी गंद के छोटे छेद मे मेरा गरम रोड डाल कर मैं उसके तबले को बजाने लगा

दोनो चूतड़ पर थप्पड़ मार कर जितना सग़ीत निकालने लगा.

मिसेज़ दूबे को नचाने के लिए बिट तो चाहिए ना.

मैं ने सग़ीत मे बीत प्रोड्यूस करना शुरू किया.

पुतछ पुतछ का संगीत शुरू कर दिया.

मैने धक्के मारना शुरू किया

मिसेज़ दूबे की कसी हुई गंद मे धक्के मारना कुवारि लड़की की चुदाई जैसा मज़ा देता है.

कितने प्लान फैल हो गये थे तब जाके मिसेज़ दूबे मिली ,ऐसे मे मिसेज़ दूबे की चुदाई से पूरी मेहनत वसूल कर रहा था.

मिसेज़ दूबे का बदन मसल कर अपनी मेहनत का फल मैं ने गंद मारकर वसूल किया था.

मिसेज़ दूबे मेरे लंड की दीवानी हो गयी थी.

और मैं धक्के मार कर मिसेज़ दूबे को पूरा मज़ा देने लगा.

आज मैं ने गंद ज़्यादा मारी है. चूत राजेश के लिए छोड़ दी.

राजेश भी गंद मारता है पर उसे चूत ज़्यादा पसंद है.

मिसेज़ दूबे मेरे लंड से जो दर्द मिलता है उसे मज़ा समझ कर एंजाय करती थी.

मैं काफ़ी देर से अलग अलग पोज़िशन मे अलग गियर मे गंदमार रहा था

मुझे लग रहा था कि मेरा होने वाला है.

मैं ने राजेश को इशारा किया.

मेरा भाई बात को जल्दी समझ जाता है.

राजेश मे अपना लंड मिसेज़ दूबे को चूसने को दिया.

मिसेज़ दूबे को चाहिए क्या लंड

वो उसे मिल गया.

मैं पीछे से धक्का मार कर राजेश का लंड मिसेज़ दूबे की गले तक उतरने लगा.

मेरा धक्का मिसेज़ दूबे को आगे पुश करता जिस से राजेश का लंड अंदर तक जाने लगा.

राजेश ज़्यादा देर रुक नही सकता था.

राजेश मिसेज़ दूबे के बालो को पकड़ कर मूह को चोदने लगा.

मैं समझ गया कि राजेश का होने वाला है.

मेरा भी होने वाला था.

मैं ने गंद से लंड निकाल कर मिसेज़ दुबे के मूह के पास किया

राजेश ने मिसेज़ दुबे के मूह से लंड बाहर निकाल कर मेरे साथ लंड हिलाने लगा.

मिसेज़ दूबे के मूह मे हम दोनो की पिचकारी एक साथ चली गयी.

मिसेज़ दूबे के मूह मे पिचकारी की दार जाते मिसेज़ पंवार गुस्से से देखने लगी.

इस वीर्य पे आधा हक उसका भी था.

पर मिल रहा था मिसेज़ दूबे को

हम अपना वीर्य निकाल कर सोफे पर बैठ गये.

 


809 ए

मिसेज़ दूबे ने हमारा वीर्य पिया नही बल्कि वैसे मूह मे रख कर मिसेज़ पंवार के पास गयी.

और मिसेज़ पंवार के चेहरे को पकड़ कर किस करके वीर्य मिसेज़ पंवार को पिलाने लगी.

हमारा वीर्य था इस लिए मिसेज़ पंवार मिसेज़ दूबे को किस करने मे रेस्पॉन्स देने लगी

किस करते हुए मिसेज़ दूबे मिसेज़ पंवार के उपर गिरती चली गयी.

मिसेज़ पंवार का तो किस मे छुपे हुए वीर्य पे ध्यान था.

मिसेज़ दूबे मिसेज़ पंवार के उपर आ गयी. और एक दूसरे के होंठो को चूसने लगी

मिसेज़ दूबे अपना बदन मिसेज़ पंवार के बदन से रगड़ने लगी.

मिसेज़ पंवार को इस मे मज़ा आने लगा.

राजेश और मैं उनकी मस्ती को देखते रहे

मिसेज़ दूबे और मिसेज़ पंवार ने हमारा वीर्य आपस मे शेयर कर के पी लिया.

मिसेज़ दूबे-कैसा था

मिसेज़ पंवार-इसी के लिए तो यहाँ आई थी.

मिसेज़ दुबे-मैं भी यहाँ अपने हसबेंड को छोड़ कर आई.

मिसेज़ पंवार-तू एक नंबर की रंडी है.

मिसेज़ दूबे-मैं रंडी हूँ तो तू क्या है

मिसेज़ पंवार-मैं तुझ से कम रंडी हूँ

मिसेज़ दूबे-पर है तो रंडी ना

मिसेज़ पंवार-साली छिनाल है तू , मेरे हिस्से का वीर्य पी गयी.

मिसेज़ दूबे-तूने खुद मना किया था.

मिसेज़ पंवार-तूने मेरा मज़ा खराब कर दिया था

मिसेज़ दूबे-मैं मज़ाक कर रही थी.

मिसेज़ पंवार-मज़ाक करने की ज़रूरत क्या थी. सीधा बोल देती तू भी चुदने आई थी.

मिसेज़ दूबे-मैं तेरा डरा हुआ चेहरा देखना चाहती थी.

मिसेज़ पंवार-देख लिया तो उठ मेरे उपर से

मिसेज़ दूबे-नही उठुँगी

मिसेज़ पंवार-अब मेरे साथ करना चाहती है. रंडी

मिसेज़ दूबे-कुछ भी बोल ,मुझे तो तेरे उपर सोना है

मिसेज़ पंवार-मुझे मारना चाहती.

मिसेज़ दुबे-मारना होता तो वीर्य क्यू पिलाती

मिसेज़ पंवार-नही पिलाती तो तेरी जान ले लेती. वो मेरे हिस्से का वीर्य था.

मिसेज़ दूबे-तू तो मुझसे बड़ी रंडी है. जो वीर्य के लिए जान लेना चाहती हो

मिसेज़ पंवार-हूँ रंडी. अब उठ मेरे उपर से

मिसेज़ दूबे-रहने दे अच्छा लग रहा है तेरी चूत बहुत गरम है

मिसेज़ पंवार-मुझे चूत नही लंड चाहिए,

मिसेज़ दूबे-यहाँ 2 2 दमदार लंड है.

मिसेज़ पंवार-तो

मिसेज़ दूबे-हमारी 2 चूत ,इनके 2 लंड क्या बोलती है

मिसेज़ पंवार-मुझे नही करना.

मिसेज़ दूबे-फिर मैं नही उठुँगी

मिसेज़ पंवार-तेरा वेट ज़्यादा है. मेरे बूब्स मे दर्द हो रहा है.

मिसेज़ दूबे-तो बोल ,हमारी 2 गंद इनके 2 लंड

मिसेज़ पंवार-तू मरवा मुझे क्यू बोल रही है.

मिसेज़ दूबे-मेरी वजह से तू मना कर रही है इस लिए बोल रही हूँ

मिसेज़ पंवार-तुझे 2 लंड मिल रहे तो कर ना ,मुझे लेकर तेरा लॉस होगा.

मिसेज़ दूबे-लॉस नही मज़ा आएगा.

मिसेज़ पंवार-वो कैसे

मिसेज़ दूबे-ग्रूप सेक्स वो भी 2 तगड़े लंड के साथ

मिसेज़ पंवार-मेरा मूड ऑफ है

मिसेज़ दूबे-बता कैसे अच्छा होगा

मिसेज़ पंवार-मुझे नही पता

मिसेज़ दूबे-मैं चली जाउ

मिसेज़ पंवार-एक बार और किस कर ,

मिसेज़ दूबे-ऐसी बोल ना मेरी बिल्लो रानी. तो हमारे 2 मूह इनके 2 लंड

मिसेज़ पंवार-अब पूरा कहा.

मिसेज़ दूबे-2 चूत, 2 गंद ,2 मूह, और इनके 2 लंड ,

मिसेज़ पंवार-पहले किस कर

मिसेज़ दूबे ने मिसेज़ पंवार को किस करके खुश किया.

मिसेज़ पंवार-तेरे वीर्य पाइलेट मेरा गुस्सा ख़तम हो गया था.

मिसेज़ दूबे-तो इतना भाव क्यूँ खा रही थी

मिसेज़ पंवार-तू 2 2 लंड खा सकती है तो मैं भाव क्यू ना खाऊ

मिसेज़ दूबे-अब सब बराबर

मिसेज़ पंवार-ऐसे नही. कभी अकेला मज़ा नही लेगी जब भी इस घर का लॉक खुलते ही मुझे बुलाना होगा.

मिसेज़ दूबे-आज के बाद हम मिलकर करते जाएँगे .

अवी- हो गयी बातें

मिसेज़ पंवार-हाँ

मिसेज़ दूबे-अब एक ग्रूप चुदाई करते है

आयुयी-ठीक है

राजेश-भैया रात भर करेंगे

अवी-रात भर करेंगे पर पहले एक ग्रूप चुदाई करके खाना खाएगा .फिर थोड़ा आराम करके करेंगे

राजेश-आप आराम करना मैं तो मज़ा करूँगा.

अवी-सब तुम्हारे लिए है,जो करना है कर लेना.

राजेश-थॅंक यू भैया.

मिसेज़ पंवार-उठो ,लंड खड़े भी करने है

मिसेज़ दूबे-तू अवी का कर मैं राजेश का करती हूँ

मिसेज़ पंवार-साथ मे दोनो के करते है कभी अवी तो कभी राजेश

मिसेज़ दूबे- रंडी नंबर 1 है तू

मिसेज़ पंवार-तू छीनाल नंबर 1 है

मिसेज़ दूबे और मिसेज़ पंवार हँसने लगी.

दोनो हँसते हुए हमारे पास आ गयी.

 
809 फ

मिसेज़ दूबे ने मिसेज़ पंवार को मना लिया.

मिसेज़ पंवार के हिस्से का वीर्य उनको दे कर मिसेज़ दूबे ने उनको मना लिया.

अच्छा हुआ मिसेज़ पंवार मान गयी .अब चुदाई मे असली मज़ा आएगा

ग्रूप चुदाई का मज़ा लेने वाला था मैं

ऐसी ग्रूप चुदाई जिसमे 2 लंड अपनी ताक़त दिखाने को फनफना रहे है

ऐसी दो औरतो की चुदाई होगी जो लंबी रेस की घोड़ी है.

अपने तीनो छेद मे जवान लंड को लेने के लिए हमेशा तैयार रहने वाली है

ऐसी ग्रूप चुदाई जिस मे हर एक मेंबर मज़ा लुटवाने और लूटने को तैयार था.

अब तो असली पार्टी शुरू होगी.

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे अपनी गंद को मटकाते हुए हमारे पास आ गयी.

और हमारे सामने गोल घूम कर अपनी गंद बूब्स और चूत को दिखाने लगी.

जब एक हाउसवाइफ के अंदर की रंडी जाग जाती तो तूफान आ जाता है.

उस तूफान से टक्कराने को हमारे लंड तैयार करने ज़रूरी थी.

और जो तूफान लाएगी वो ही लंड खड़ा करेगी

मिसेज़ पंवार मेरे लंड के सामने बैठ गयी और मिसेज़ दूबे राजेश के लंड के सामने बैठ गयी.

हम दोनो के लंड मुरझा गये थे .उनमे पहले जान डालनी होगी.

मिसेज़ पंवार ने मेरे लंड को हाथ मे पकड़ कर सहलाना शुरू किया

तो मिसेज़ दूबे ने राजेश के लंड को डायरेक्ट मूह मे ले लिया.और चूसने लगी.

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे ने अपना काम शुरू कर दिया था.

लंड को खड़ा करके के लिए अपना रंडीपना दिखाना शुरू करते ही हमारे लंड मे जान आनी शुरू हो गयी.

मिसेज़ पंवार ने मिसेज़ दूबे का देख कर मेरे लंड को अपने मूह मे ले लिया.और चूस कर खड़ा करने लगी.

मैं ने राजेश को थोड़ी देर बैठ रहने को कहा ताकि हम एनर्जी जमा कर सके, हम जूस पीने लगे तो वो हमारे लबो को चूसने लगी

टेबल पे रखे हुए आपल उठा कर हमने खाने शुरू किए.

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे को आपल नही हमारे केले खाने मे इंटरेस्ट था

हम सुबह से ज़्यादा चुदाई कर चुके थे जिस से लंड जल्दी खड़े नही होंगे

पर इनका रंडीपना देख कर हमारे लंड मे जान आने लगी.

दोनो अपना अपना स्किल दिखा कर लंड खड़ा करना चाहती थी. देखते है कौन जीतता है.

मिसेज़ दूबे ने राजेश के लंड को अपने बूब्स मे पकड़ कर मसल कर खड़ा करना शुरू किया तो

मिसेज़ पंवार ने मेरे लंड के साथ आंडो को चूस कर मुझे एग्ज़ाइट करना शुरू किया.

राजेश मुझसे एक चुदाई ज़्यादा कर चुका था जिस से मिसेज़ पंवार जीत गयी. मेरा लंड खड़ा हो गया.

लंड खड़ा होते मैं ने मिसेज़ पंवार को उल्टा करके बैठ बैठ 69 पोज़ीशन मे ले लिया.

लंड खड़ा होते ही हमारी चुदाई शुरू हो गयी. मैं ने मिसेज़ पंवार की चूत को चूसना शुरू किया

उधर मिसेज़ दूबे ने भी राजेश के लंड को खड़ा किया .

मिसेज़ दूबे का वेट ज़्यादा होने से राजेश ने सिंपल तरीके से लेट कर 69 पोज़िशन मे मिसेज़ दूबे को को खुश करना शुरू किया.

हम दोनो भाई अपनी अपनी हिस्से की चूत को खाने लगे

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे अपने अपने केले को चूस कर चिकना करने लगी.

रिया बेडरूम से हमारा वीडियो बना कर अपनी चूत सहला रही थी.

मिसेज़ पंवार के चूतड़ को पूरा फैला कर चूत चूसने का मज़ा आ रहा था. मिसेज़ पंवार भी उल्टी लटक कर लंड को चाट रही थी.

राजेश सिंपल पोज़िशन मे था पर अपने जोश से मिसेज़ दूबे को इतना मज़ा देने लगा कि मिसेज़ दूबे फुल एंजाय करने लगी.

चूसने मे ज़्यादा समय बर्बाद नही करूँगा ,

क्यू कि हमे चुदाई मे बहुत कुछ करना था.

हम ने चूसने का प्रोग्राम ख़तम किया .

मैं गोली खाने का सोच रहा था ताकि चुदाई लंबी चले पर राजेश के गोली खाना ठीक नही रहेगा. वैसे भी हम पहले चुदाई कर चुके है जिस से वीर्य जल्दी निकलने का सवाल पैदा नही होता.

मैं और राजेश लंड खड़े करके सोफे पर बैठ गये .

मिसेज़ पंवार मेरे सामने खड़ी हो गयी और मिसेज़ दूबे राजेश के सामने

और हमारे लंड पर कॉंडम लगा कर गीला किया.

दोनो एक साथ हमारी गोद मे बैठ गयी.

एक बार मे पूरा लंड लेकर हमारी गोद मे बैठ गयी.

ये है हाउस वाइफ के अंडर की रंडी

दोनो की एक साथ चीख निकल गयी.

अवईीईईईईईई........

राजएसस्स्स्स्शह.......

मैंन्नणणन् टूऊओ गाइिईईई......

मिसेज़ पंवार्रर्र्र्र्ररर मैंन्नननणणन्....भीईीईईईईईईईई.......

मिसेज़ दुबेय्य्य्य्य्य्य्य्य्य........ईईई.. ....लंड्डड्ड.... ....हाईईईईईईई. .....य्ाआआअ. .....लोहीईईई... ..क्ीईई... ..रॉड्ड्ड... ....जबब्ब्ब्बबब.. ....भीईीईईईईई.... ..लूऊऊऊओ..... ..चीककककककक.. ....निकलल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लटीीईईईई... ..हाईईईईईईई......

मिसेजपानवार्रर्र्ररर....... ...ईईई.. ....लुंद्द्द्द्द्दद्ड.. .....जानंनननणणन्... ....निकालल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल.. ...देतीईई.. .....हाईईईईई..... .फिररर्र्र्ररर.... .भीईीईईई.. ....हमम्म्मममम.. ...अपणीईीईईईई.. ...माआआआअ.... ....चुदनीईईई.. ...आटीयईईईईईईईई..... ...हाईईईईईईईईई

दोनो की चीख सुनते ही मैं ने और राजेश ने एक एक झटका नीचे से मार कर उनके जख्म पे नमक डाल दिया.

ये दोनो भी कुछ कम नही थी.

एक नंबर की रंडी बन गयी थी.

इधर चीख रही थी फिर भी लंड पर उछल रही थी.मुझे लगता था कि दोनो रुकेगी पर दोनो को अपना रंडी पना जो दिखाना था

ये अच्छा हुआ जो दोनो खुद उछल कर चुदाई कर रही है जिस से हम अपनी एनर्जी डीपी मे इस्तेमाल कर सकते है.

मिसेज़ पंवार के उछलने से उनके बूब्स मेरे मूह के सामने आ रहे थे.

राजेश ने तो मिसेज़ दूबे के बूब्स को चूसना भी शुरू किया था.

मिसेज़ दूबे अपना भारी भरखम बदन को राजेश जे लंड पे उछाल रही थी.

मैं ने भी मिसेज़ पंवार के बूब्स को चूस्ते हुए उनको उछलने मे मदद करनी शुरू की.

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे हमे खुश कर रही थी. अपनी खुश्बू से अपने अड्डा से अपने नशीली खूबसूरती से अपने रंडी पन से

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे हमारे लंड पे कभी उछलने लगती तो कभी अपनी कमर को गोल गोल घुमा कर हमे किस करती

अगर और 2 लंड होते तो भी मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे चुदाई करने को मना नही करती.

पूरे कमरे मे पुतछ पुतछ की आवाज़ आ रही थी ,कमरे मे वीर्य और उनके पानी की खुसबू फैल गयी थी.

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे अपना पानी निकालने तक हमारे लंड पे उछलती रही.

हमे कुछ नही करना पड़ा .अपना अपना पानी निकालते ही दोनो ने हमारे लंड बाहर निकाले और खड़ी हो गयी.

अब दोनो ने अपने पार्टनर चेंज किए

मिसेज़ दूबे मेरे सामने आ गयी और मिसेज़ पंवार राजेश के सामने चली गयी.

ये करना क्या चाहते है.

मिसेज़ दूबे ने मेरे लंड पे लगा हुआ मिसेज़ पंवार का पानी चाट कर कॉंडम निकाल कर फेक दिया.

मिसेज़ पंवार ने भी वही किया ,मिसेज़ दूबे का पानी चाट कर राजेश के लंड का कॉंडम निकाल कर फेक दिया

दोनो ने नया कॉंडम लिया और हमारे लंड पर चढ़ा कर उसपे तेल लगा दिया.

तो अपनी गंद मरवाना चाहती है.

तेल लगाते ही मिसेज़ डूबे अपनी गंद को मेरे लंड का रास्ता दिखा कर एक झटके मे बैठ गयी.

मिसेज़ पंवार ने राजेश के साथ वही किया. अपनी गंद मे पूरा लंड एक झटके मे लेकर बैठ गयी.

मिसेज़ डुबेयययययययययी..... ....मररर्र्ररर.... ...गाइिईईईईई.... ..मैंन्ननणणन्.. ....दोनूऊऊओ. ...भाईईईईईईईई.. ..एकज़ैसीईईई..... ..हाईईईईईईईई.....

सहियीईईईई...... कहामाआ.... .मिसेज़ पंवार्रर्र्र्र्ररर... ...तूमम्म्ममममम.... .नीईई... ...दोनूऊऊऊओ.... ..लुंद्द्द्द्दद्ड .....कमााअलल्ल्ल्ल्ल.... ..क्ीईई.... ...हाईईईईईई........

दोनो अपनी गंद मे लंड लेकर चिल्लाने लगी.

पार्टनर चेंज करना छेद चेंज करना मुझे और राजेश को पसंद आया

पर ये क्या दोनो गंद मे लंड लेने के बाद उछलने की जगह बैठ रही.

समझा एनर्जी जमा कर रही है. अब हमे झटके मारने होगे

राजेश को तो कुछ बताना नही पड़ता , वो तो शुरू भी हो गया.

मैं ने भी नीचे से गंद मे धक्के मारना शुरू किया.

चूत मारते हुए बूब्स चूस रहे थे

गंद मारते हुए मिसेज़ दूबे और मिसेज़ पंवार मुझे और राजेश को किस कर रही थी.

ये बढ़िया था. पूरा मज़ा आ रहा चुदाई का,

पार्टनर चेंज, छेद चेंज ,उनके लिए लंड चेंज,गेम उनकी जगह हम खेलने लगे.

मैं और राजेश उनको दिखाने लगे कि हम क्या चीज़ है.

हमारे धक्के गंद मे लेते दोनो का बदन हिलने लगा.

रिया जो हमारी चुदाई देख रही थी उसको लग रहा होगा कि हम ने किसी रंडी को बुलाया होगा.

हम मज़ा ही ऐसा कर रहे थे.

कोई भी देखेगा तो मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे को रंडी कहेगा.

गंद को हम पूरी तरह से खोलने लगे ताकि डीपी के समय मज़ा ज़्यादा आ सके

जितनी देर चूत मारी थी उतनी देर गंद मार कर 2न्ड राउंड ख़तम किया.

गंद मारते मेरा लंड मिसेज़ पंवार के मूह और चूत,मिसेज़ दूबे के मूह और गंद मे जाकर आ गया.

अब जो 2 छेद बाकी थे उनकी बाकी थी.

मिसेज़ पंवार की गंद बाकी है और मिसेज़ दूबे की चूत बाकी है.

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे ने हमारा लंड अपनी अपनी गंद से बाहर निकाला और खड़े होकर कॉंडम निकाल कर फेक दिया.

अच्छा हुआ राजेश ने पूरा बॉक्स खरीद लिया.

मुझे लगा पार्टनर बदलने का समय आ गया.

पर ऐसा नही हुआ ,मिसेज़ दूबे ने मेरे लंड को चूस कर कॉंडम लगा दिया और मिसेज़ पंवार ने राजेश के लंड को चूस कर तैयार कर लिया.

मिसेज़ दूबे मेरे लंड पे चूत रख कर धीरे धीरे बैठ गयी ,पर मिसेज़ पंवार एक झटके मे राजेश के लंड को अपने अंदर ले लिया.

ऐसा इस लिए हुआ क्यू कि मेरा लंड लंबा था.

इस बार चीख नही निकली ,जिस से डायरेक्ट उछल कूद करना मिसेज़ दूबे और मिसेज़ पंवारने शुरू किया.

इस बार सिर्फ़ छेद चेंज हुए .पार्टनर वही रहेंगे

चूत मे लंड लेकर उछलना आसान था गंद मे लंड लेने से

इस बार मैं और राजेश ने ब्रेक लिया ,मिसेज़ दूबे और मिसेज़ पंवार ने गेम अपने हाथ मे लिया.

ऐसा करने से हमारी ,हम सब की एनर्जी का इस्तेमाल ठीक से होगा. और मज़ा सबको आएगा.

मिसेज़ दूबे की उछलने की स्पीड कम हो गयी थी पर मिसेज़ पंवार का वेट कम होने से वो अपनी नॉर्मल स्पीड मे थी.

कोई बात नही ऐसा तो होगा ही

राजेश को मिसेज़ पंवार मिली ,उसको मज़ा चाहिए

मैं मिसेज़ दूबे से काम चला सकता हूँ

मिसेज़ दूबे को मेरे लंड का पूरा मज़ा लेना था जिस से वो बड़ी मेहनत करके उछल कर लंड को अपनी चूत के दर्शन करवा रही थी.

मिसेज़ दूबे कम पड़ कर मिसेज़ पंवार के सामने शर्मिंदा नही होना चाहती थी.

ऐसे मे मैं ने नीचे से झटके मार कर मिसेज़ दूबे का जोश बढ़ा दिया.

लेकिन ऐसा कब तक चलेगा उनका पानी निकालने तक

इस लिए मैं ने और राजेश ने उनको घोड़ी बना कर चूत मारना शुरू किया

दोनो की चूत मे लंड पिस्टन की तरह अंदर बाहर होने लगा

कमरे मे पुतछ पुतछ की आवाज़ गूँज रही थी

रिया हमारा वीडियो लेकर अपना पानी निकाल रही थी.

मिसेज़ दूबे और मिसेज़ पंवार की चुदाई करते हुए अभी इंटर्वल होने वाला था.

मैं ने मिसेज़ दूबे का पानी निकाला और राजेश ने मिसेज़ पंवार का पानी निकाल कर इंटर्वल कर दिया.

इंटर्वल के बाद पिक्चर का 2न्ड पार्ट चलेगा.

जिसमे इंपोटेंट पार्ट डीपी है.

पूरी पिक्चर का प्रोड्यूसर और डायरेक्टर मैं हूँ

पिक्चर का हीरो अवी और राजेश

पिक्चर की हेरोयिन मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे

और कॅमरा वुमन रिया

के साथ हम जल्दी मिलेंगे अपडेट नंबर 809जी मे तब पॉपकॉर्न लेकर आ जाओ ,जिनको बाथरूम जाना है वो जाकर आ सकते , मिलते है इंटर्वल के बाद

 
809 जी

अब मिसेज़ पंवार की गंद मे मेरा लंड जाना बाकी था.

और राजेश को मिसेज़ दूबे के गंद मारनी थी.

हम ने मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे को खड़ा करके एक दूसरे के गले मिलने को कहा.

उनके गले मिलते ही मैं मिसेज़ पंवार के पीछे चला गया और राजेश मिसेज़ दूबे के पीछे से चिपक गया.

हम दोनो के बीच मे मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे फस गयी.

मैं ने मिसेज़ पंवार के लेफ्ट पैर को उपर करके अपना लंड उसकी गंद पे सेट किया

राजेश ने भी मिसेज़ दूबे का लेफ्ट पैर उठा कर अपने लंड को मिसेज़ दूबे गंद पे रगड़ने लगा.

मैं ने राजेश को इशारा किया और हम ने एक साथ जोरदार झटका मार कर पूरा लंड गंद मे अंदर तक डाल दिया.

दोनो के पीछे से झटके लगे उनके बूब्स एक दूसरे के बूब्स से टकरा कर चकना चूर हो गये

उनको लगा नही था कि धक्का इतना ज़ोर दार होगा कि उनके चूत के होंठ के दूसरे को किस करने लगेंगे

मेरा फोर्स मिसेज़ पंवार की गंद मे लगा ,राजेश का फोर्स मिसेज़ दूबे की गंद मे लगा.

दोनो फोर्स एक दूसरे से टकराते एक एनर्जी प्रोड्यूस हो गयी.

दो स्ट्रॉंग फोर्स एक दूसरे से टकराते मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे की गंद से लेकर चूत तक, पैरो से लेकर सर तक पूरी तरह से हिल गयी.

उनकी चूत तो आपस मे टकरा कर एक दूसरे मे समा गयी.

मैं ने एक हाथ से मिसेज़ दूबे की कमर को पकड़ा और राजेश ने मिसेज़ पंवार की ताकि धक्के जोरदार लगे.

उनकी गंद को ये झटका हमेशा याद रहेगा. दोनो तरफ से झटका लगने जैसा था.

झटका मारते ही हम ने धक्के मारना शुरू किया.

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे हमारे बीच मे से निकलना चाहती थी .

मिसेज़ पंवार-अवईीईिओ. ....रुक्ककककक... ..जाओववववव..... ..अजिबब्बबबबग.... साआआ... ..लगगज्गीरल्फर्ीएंदगज्ग.. .....राहामआआअ... ..हाईईईईई....

मिसेज़ दूबे-अवईीू.... ...एककककककक.... .मोनुटीईईईई.. ....क्ीईईई.... .लिइईई... ...रुक्कूऊव....

हम कहाँ रुकने वाले थे.हम तो अब इसका भरपूर मज़ा लेने वाले थे.

अवी और राजेश नाम मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे हमेश याद रखेंगी

जब भी उनको दर्द होगा या लंड लेगी हमे ,इस रात को हमेशा याद रखेगी.

हम अपना पूरा जोश पूरी एनर्जी लगा कर धक्के मारने लगे.

उनको लग रहा था कि धक्के दोनो तरफ से लग रहे है.

राजेश और मेरे धक्को से वाइब्रेशन हो रहा था जिस से उनका बदन वाइब्रट हो रहा था.

क्या था ये मुझे नही पता ,पर इसकी वजह से एक अलग मज़ा मिल रहा था.

हमारे धक्को से वाइब्रेशन हो रहा था जिस से मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दुबे के पैर काप रहे थे

दोनो एक एक पैर पे खड़ी थी जो थर थर काप रहे थे.

मुझे 4 नही सिर्फ़ 2 बूब्स नज़र आ रहे थे.

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे के बूब्स एक दूसरे से ऐसे चिपक गये थे कि क्या बताऊ.

वो अभी तक रुकने को कह रहे थे.

अवईीईईईईई.... ...रुकूऊऊऊ..... .....दर्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड... ....हूऊऊऊ.. ....राहामआआअ......

अवी-मज़ा नही रहा

मिसेज़ दूबे-आआआआआअ........ राहामाआ... ...हाईईईईई.. ...पर्र्र्र्र्ररर... ....हमम्म्मममम ..........गिर्र्र्ररर.......... जाएँगीईए..,.......

अवी-हम है ना आप बस एंजाय करो

उनकी चूत हमारे धक्को से एक दूसरे से रगड़ रही थी.

मिसेज़ पंवार की पीठ मेरी तरफ थी और मिसेज़ दूबे का मूह मेरी तरफ था.

मैं ने मिसेज़ दूबे का मूह बंद करके उनको किस करने लगा.

मेरा देख कर राजेश मिसेज़ दूबे की गंद मे धक्के मार कर मिसेज़ पंवार को किस करने लगा.

धक्के दूसरे की गंद मे मारो और किस किसी और करो ,ऐसा मज़ा आज तक नही लिया था.

राजेश तो कितना खुश था वो उसके धक्को से पता चल रहा था.

राजेश को पता चल गया कि मैं गाओं मे रह कर कितना मज़ा करता हूँ ,कैसे मज़ा करता हूँ

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे को और मज़ा और थोड़ी राहत देने के लिए हम ने पैर चेंज किए

मैं ने मिसेज़ पंवार का राइट पैर उपर किया और राजेश ने भी वैसा किया.

उनके पैर मे जो दर्द हो रहा था वो पैर चेंज करने से कम हो गया .

पर हम ने धक्के मारने बंद नही किए

ना ही हम ने छेद चेंज किए

क्यू कि उनकी चूत आपस मे रगड़ कर पानी छोड़ रही थी उनको लंड की ज़रूरत नही थी.

मिसेज़ पंवार मेरे धक्को को अपनी गंद मे और राजेश के धक्के को अपने बदन मे फील करने लगी

वीर्य वर्षा मिसेज़ दूबे के लिए

हम ने अपने धक्को से दोनो को ऐसे चिपका दिया था कि मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे के बीच मे से हवा भी नही जा सकती

उनके गंद का छेद हमारे धक्को से इतना खुल जाएगा कि वो अब आराम से लंड ले पाएगी

उनके रंडी बनने से ये चुदाई मज़े दार हो रही थी.

बहुत देर हो गयी इस पोज़िशन मे चुदाई करके

उनकी गंद मार कर पूरा मज़ा ले लिया

मैं ने राजेश को रुकने को कहा और हम दोनो उनसे दूर हो गये

हमारे रुकने के बाद वो दोनो वैसे चिपकी रही .

ऐसा लग रहा था उनको फेविकोल से चिपका दिया हो.

मैं ने उनको अलग करने के लिए खिछा तो उनके पसीने से सच मुच वो चिपक सी गयी थी.

उनको अलग करते हुए हमे पता चल गया कि कैसे धक्के मारे है हम ने

उनके अलग होते मैं उनके बूब्स को देखा तो वो लाल हो चुके थे .

मिसेज़ पंवार के बूब्स पर तो मिसेज़ दूबे के निपल का निशान बन गया था.

मिसेज़ दूबे के बूब्स पर तो पूरा मिसेज़ पंवार का बूब्स का निशान दिख रहा था ,मतलब एक गोल लाल निशान दिख रहा था.

दोनो ने पहले खुद को देखा फिर एक दूसरे को देखा ,और एक दूसरे के बूब्स देख कर हँसने लगी

मुझे तो लगा दोनो गुस्सा करेगी

पर एक दूसरे की हालत देख कर हंस रही थी

अवी-मज़ा आया

मिसेज़ पंवार-ऐसा करना कहाँ से सीखा.

मिसेज़ दूबे-कहीं से भी क्यू ना सीखा हो, मुझे तो बहुत मज़ा आया ,दर्द हुआ पर ऐसा मज़ा कोई और नही दे सकता

राजेश-पर हमारा वीर्य निकालना नही है

मिसेज़ पंवार-मैं निकालने के लिए तो यहाँ हूँ

मिसेज़ दूबे-तुम करो मुझे थोड़ा आराम चाहिए

अवी-अभी डबल पेनेट्राइयन करेंगे. एक आराम करो दूसरी तैयार रहो

मिसेज़ पंवार-डीपी , बहुत दर्द होगा

मिसेज़ डूबे-हो जाने दो आज, इस रात मे सब कुछ करते है. जिस से ये रात को हमेशा याद करेंगे

राजेश-बहुत मज़ा आता है

मिसेज़ पंवार-ठीक है पर आराम से और तेल लगा कर

अवी-गंद तेल ,चूत थूक

राजेश-मैं गंद मारता हूँ आप चूत मारो

हम ने नये कॉंडम पहन लिए. आज पूरे कॉंडम इस्तेमाल करके रहेंगे.

राजेश ने अपने लंड पर तेल लगाया और मैं ने थूक लगा कर सोफे पर बैठ गया.

मिसेज़ पंवार ने पानी पिया और मेरे लंड पे चूत रख कर धीरे से बैठ गयी

मेरा लंड अंदर जाते ही मैं ने मिसेज़ पंवार को अपने उपर झुका दिया और राजेश ने मिसेज़ पंवार के गंद पर लंड सेट करके रगड़ना शुरू किया.

अभी जोरदार चुदाई हुई थी जिस से मैं ने राजेश को धीरे धीरे करने को कहा.

बड़े प्यार से राजेश मिसेज़ पंवार की गंद मे लंड डालने लगा.

मेरे लंड ने मिसेज़ पंवार की गंद को अच्छे से खोल दिया था जिस से राजेश को ज़्यादा परेशानी नही हुई .आराम से लंड अंदर चला गया.

2 लंड अपने अंदर लेते मिसेज़ पंवार के माथे पे दर्द की लकीर दिख रही थी.

आआअहह...... ..अवईीईईईईईई....... ..थोदाआआआ..... .दर्द्द्द्द्द्दद्ड.... ..हूऊपप्प्प.... .....राहामआआआ... ...हाईईईईईईईई... .....मिसेज़ डुबेययययययययी..... ...ईईई.... ..मज़ेदार्र्र्र्र्ररर हाईईईईईईई.......

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे की जोरदार चुदाई की थी जिस से हम ने धीरे धीरे डीपी करने का फ़ैसला किया.

पहले राजेश ने धक्के मारना शुरू किया ,मैं कुछ देर ऐसे लंड चूत मे डाले हुए रहना चाहता था.

मेरे ऐसा करने से मिसेज़ पंवार को ज़्यादा दर्द नही हुआ.

मिसेज़ पंवार ने राजेश के पहले धक्के से मज़ा लेना शुरू किया.

ऐसा मज़ा जिसके सामने अब तक की चुदाई कुछ भी नही थी

थोड़ी देर पहले मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे हमारे बीच मे फसि हुई थी.

अब अकेली मिसेज़ पंवार को हम ने अपने बीच मे फसा कर रखा.

राजेश के रुकते मैं ने चूत मे धक्के मारना शुरू जिया.

राजेश रुक कर मिसेज़ पंवार को सहारा दे रहा था.

जैसे मिसेज़ पंवार डीपी को एंजाय करने लगी.

वैसे हम ने एक साथ धक्के मार कर मज़ा लेना शुरू किया.

मिसेज़ पंवार के साथ स्टेप बाइ स्टेप करने से उनको सिर्फ़ मज़ा मिला .दर्द का नामो निशान नही था.

मिसेज़ पंवार को मस्ती करते हुए देख कर मिसेज़ दूबे को गर्मी चढ़ने लगी.

मैं ने राजेश को इशारा करके जगह चेंज करने को कहा.

राजेश ने मिसेज़ पंवार को उठा कर पलट दिया. मिसेज़ पंवार का मूह राजेश ने अपनी तरफ किया जिस से मेरा लंड नये कॉंडम के साथ मिसेज़ पंवार की गंद मे गया और मिसेज़ पंवार की चूत राजेश के नाम रही.

फिर हुआ चिल्लाने का प्रोग्राम शुरू

मैं ने और राजेश ने मिसेज़ पंवार को अपने बीच मे फसा कर धक्को की गति बढ़ा दी

राजेश को चूत मिलते उसके गति बढ़ा कर धक्के मारना शुरू किया.

मिसेज़ पंवार का पता चलने लगा कि डीपी होता क्या .

मिसेज़ पंवार को दर्द के साथ मज़ा मिलने लगा.

कभी मैं धक्के मारकर दर्द देने लगा तो राजेश धक्के मारकर मिसेज़ पंवार को मज़ा देने काग़ा.

राजेश की गति बढ़ते उसके धक्को से दर्द और मेरे धक्को से सुकून मिलने लगा.

मिसेज़ पंवार इस दर्द और मज़े वालो धक्को से समझ नही पा रही थी कि उसे हमे रोकना चाहिए या नही.

मिसेज़ पंवार के कन्फ्यूषन का फ़ायदा उठाते हुए मैं ने राजेश ने डीपी को पूरा एंजाय किया

मिसेज़ पंवार की आयेज से और पीछे से दोनो तरफ से आचे से सिखाई हो गयी.

मिसेज़ पंवार का पानी निकाल कर हम ने उनको छोड़ दिया.

हमारी कॅमरा विमन ने अपना कॅमरा मिसेज़ दूबे पे फोकस किया .

नेक्स्ट हेरोरिन का नंबर आ गया.

मिसेज़ दूबे के साथ भी मिसेज़ पंवार की तरह दोनो छेद को ब्लॉक कर दिया

मिसेज़ दूबे ने अपनी चुदाई को मिसेज़ पंवार से भी ज़्यादा एंजाय किया

और इस ग्रूप चुदाई का एंड उनको अपना वीर्य पिला कर किया

 
810

मिसेज़ दूबे और मिसेज़ पंवार की ग्रूप चुदाई करने मे बहुत मज़ा आया

कभी सोचा नही था कि मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे के साथ चुदाई मे इतना मज़ा आएगा.

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे तो 18 साल की जवान लड़की को मात देगी इतना जोश था उन मे

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे ने अपने 3 3 छेद हमारे लंड को दे कर चुदाई को रंगीन बनाया.

कभी मैं मिसेज़ पंवार की चूत मारता तो ,राजेश मिसेज़ दूबे की चूत मार रहा होता.

कभी राजेश मिसेज़ पंवार की गंद मारता तो मैं मिसेज़ दूबे की गंद को खोल देता.

मैं ने मिसेज़ पंवार के तीनो छेद मे लंड डाला तो राजेश ने मिसेज़ दूबे के तीनो छेद मे अपने लंड से अपना नाम लिखा.

कभी मिसेज़ पंवार की चूत मे मेरा लंड तो राजेश का लंड मिसेज़ पंवार की गंद मे होता

मेरा लंड मिसेज़ दूबे की गंद मे होता तो राजेश अपना लंड मिसेज़ दूबे की चूत मे डाल देता.

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे उछल उछल कर चुदाई करवा रही थी.

रिया की चूत और गंद मे जलन हो रही थी.

ये जलन मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे की चुदाई देख कर नही हो रही थी , बल्कि राजेश ने रिया की चुदाई ही ऐसी की थी उसे जलन हो रही थी.

रिया ने सब रेकॉर्ड किया.

मिसेज़ पंवार के साथ थ्रीसम ,

मिसेज़ दूबे के साथ थ्रीसम

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे की रंगीन बातें

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे के साथ हमारी ग्रूप चुदाई

रिया ने सब कुछ रेकॉर्ड किया था.

रिया ने क्यू किआ ये नही पता ,पर ये डेंजर था.

चुदाई होते ही मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे एक साथ बाथरूम मे चली गयी जो बेडरूम मे था.

उनके आते ही रिया ने सोने का नाटक किया .

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे ने रिया की तरफ देखा और स्माइल करके बाथरूम मे घुस गयी

राजेश सोफे पर लेट गया.

हॉल मे एक बेड होना चाहिए था.

मैं स्टोर रूम जो बेडरूम जितना बड़ा था वहाँ जाकर देखना चाहता था कि एक एक्सट्रा बेड है कि नही.क्यूँ कि सोने की प्राब्लम होसकती थी.

बेड एक था और हम 5 ,

जब मैं रेंट पे रहता था तो यहाँ मकान मालिक का समान था. अब देखता हूँ कुछ रखा है कि नही.

मैं ने स्टोर रूम खोला तो ,ये क्या ,ये भी बेडरूम बना दिया.

रणजीतसिंघ ने किया होगा. अच्छा हुआ बेडरूम बना दिया.

अब तो प्राब्लम सॉल्व हो गयी.

मैं ने राजेश को उठा कर उसे बेडरूम मे भेज दिया.

अवी-तुम यहाँ सोना

राजेश-मैं नही सोने वाला ,आज

अवी-जो करना है यहाँ करना .मैं उस बेडरूम मे सोउंगा.

राजेश-दोनो आंटी मेरे साथ रहेगी

अवी-तेरे लिए है वो ,जा फ्रेश हो जा ,खाना खाना है

राजेश-रिया ,वो तो सो रही है

अवी-उसे मैं उठा देता हूँ

राजेश फ्रेश होने चला गया और मैं रिया के पास चला गया

रिया सोने का नाटक कर रही थी,

मैं रिया के पास जाकर लेट गया.

अवी-ये नाटक बंद करो, मुझे पता है तू जाग रही हो

रिया ने आँखे कॉल दी

रिया-ये आंटी कौन है.

अवी-मेरी फ्रेंड की मम्मी है

रिया-इनको क्यूँ बुलाया

अवी-तुम और नही कर सकती इस लिए बुलाया

रिया-मैं कर सकती हूँ

अवी-रहने दो ,फट कर हाथ मे आएगी

रिया-तुम्हारे भाई ने किया ,वरना मैं रात तक कर सकती थी.

अवी-शर्त तुम ने लगाई

रिया-जाने दो, अब क्या करना है

अवी-तुम आराम करो हम मस्ती करेंगे

रिया-मुझे भी करना है

अवी-कल से राजेश के साथ तुम अकेली रहोगी

रिया-पर कल तो मुझे कोर्स को जाने होगा.

अवी-गाओं मे राजेश का ध्यान तुम्हे रखना होगा

रिया-और तुम

अवी-मैं कभी कभी आउगा.

रिया-ठीक है. वैसे राजेश के साथ करने के बाद मैं तुम्हारे साथ करने की हालत मे नही रह सकती.

अवी-तो तुम गाओं मे राजेश का ध्यान रखना

रिया-पूरा ध्यान रखुगी.

अवी-चलो अब उठो

रिया-क्यूँ

अवी-खाना खा लो

रिया-बहुत भूख लगी

अवी-फ्रेश हो जाओ ,फिर हॉल मे आना( मैं ने रेकॉर्डिंग की कोई बात नही की ,देखता हूँ रिया खुद बताती है कि नही)

और मैं उठने वाला था कि रिया ने रोक लिया.

रिया-ये देखो मैं ने तुम्हारी चुदाई रेकॉर्ड की है

अवी-वीडियो बनाया पर क्यूँ

रिया-मैं तुम्हारी चुदाई की आवाज़ सुन कह उठ गयी. और तुम को चुदाई करते हुए देखने लगी.

अवी-वीडियो क्यूँ बनाया

रिया-मैं वहाँ तुम्हारे पास आकर गड़बड़ नही करना चाहती थी इसलिए दूर से देखने लगी.

अवी-पर वीडियो क्यूँ बनाया

रिया-दूर से दिख नही रहा तो वीडियो बना कर ज़ूम करके देखने लगी.

अवी-मज़ा आया देखने मे

रिया-हाँ

अवी-दो मोबाइल

मैं ने उसके मोबाइल से वीडियो कॉपी कर के अपने मोबाइल पे लिए

और उसके मोबाइल से वीडियो डेलीट किए. फिर मेमोरी कार्ड के साथ फोन मेमोरी फॉर्मॅट करके उसका मोबाइल उसे दे दिया.

रिया ने कुछ नही कहा

अवी-वीडियो रिस्की रहते है.

और मैं हॉल मे आकर फ्रेश होने चला

सब के फ्रेश होते ही हम सब डाइनिंग टेबल पर बैठ कर खाना खाने लगे.

रिया हमे बिना कपड़ो के देख कर वो भी नगी हमारे पास आई.

रिया ने मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे को देखा और सोचने लगी

क्या ये दोनो वही है जो अभी कुछ देर पहले रंडी की तरह चुदाई कर रही थी.

मिसेज़ पंवार-ये कौन है

अवी-राजेश की गर्लफ्रेंड

रिया और राजेश मेरी तरफ देखने लगे

मिसेज़ पंवार-क्या नाम है

अवी-रिया

मिसेज़ दूबे-तुमने इसके साथ भी किया

अवी-हाँ, आप दोनो के आने से पहले

मिसेज़ पंवार-अपने भाई के गर्लफ्रेंड के साथ किया.

मिसेज़ दूबे-राजेश ने कुछ नही कहा

अवी-राजेश ने मेरी गर्लफ्रेंड के साथ किया.

मिसेज़ पंवार-कहाँ है तुम्हारी गर्लफ्रेंड

अवी-कमरे मे जाकर मिरर देख लो ,दिख जाएगी

राजेश-भैया आपकी दोनो गर्लफ्रेंड के साथ मज़ा आया.

मिसेज़ दूबे-थॅंक्स हमे गर्लफ्रेंड कहने के लिए

रिया-आप कौन है. कहीं आप

अवी-ऐसा मत सोचना ,मेरी खास फ्रेंड की मम्मी है. मैं ने आँखे मारकर चुप रहने का कहा

रिया-पर ये तो कितनी बिंदास चुदाई कर रही थी

मिसेज़ पंवार-तुम अभी बच्ची हो

रिया-आपके आने से पहली 2 लंड मेरे अंदर थे वो भी एक साथ

मिसेज़ दूबे-तुम अभी सीख रही हो, तुम जब हमारी एज की होगी तो ऐसे बिंदास चुदाई करोगी

रिया-अवी जैसा मिलना चाहिए तो ज़रूर करूँगी

मिसेज़ पंवार-ये तुम ने सही कहा. अवी जैसा मर्द मिलना चाहिए

मिसेज़ दूबे-वैसे तुम हमारे साथ चुदाई करने क्यूँ नही आई.

मिसेज़ पंवार-तुम्हे आना चाहिए था ,तुम कुछ सीख लेती

अवी-राजेश ने इसकी फाड़ डाली जिस से ये कुछ दिन नही पाएगी

मिसेज़ पंवार-क्यूँ फाडी बिचारी की

राजेश-हमारी शर्त लगी थी कि मैं इसको रुला सकता हूँ कि नही

मिसेज़ पंवार-रुला दिया

राजेश-हाँ

मिसेज़ दूबे-एक मिनट ये तुम्हारी गर्लफ्रेंड है तो इसे तुम्हारे बारे मे पता होगा .फिर शर्त कैसे लगाई.

मिसेज़ पंवार-ये वर्जिन होती तो शर्त नही लगती. फिर ये तुम्हारी गर्लफ्रेंड होने के बाद शर्त कैसे लगाती

अवी-शर्त से पहले ये मेरी गर्लफ्रेंड थी

मिसेज़ पंवार-और शर्त के बाद

राजेश-मेरी हो गयी.

मिसेज़ दूबे-मैं समझी नही

अवी-शर्त ये थी कि अगर राजेश ने रिया को रुलाया तो वो उसकी गर्लफ्रेंड बन जाएगी .

मिसेज़ पंवार-तुम ने छोड़ दिया इसको

अवी-हाँ, अब मैं नयी गर्लफ्रेंड बनाउन्गा.

मिसेज़ पंवार-और हम

अवी-आप तो रहेगी ना ,आप कहाँ जाएगी

मिसेज़ दूबे-बातें बाद मे करते है. पहले खाना खा लो

राजेश-मुझे तो आपको खाना है

मिसेज़ दूबे-मुझे खाने के लिए एनर्जी चाहिए ,

मिसेज़ पंवार-सकती जमा करो ,फिर हमको खाना लेना

अवी-राजेश खा लो ,फिर आराम से करना,पूरी रात है हमारे पास

राजेश-इस बार रिया को मिला लेंगे

रिया-नही.मैं नही कर पाउन्गा. हम कल करेंगे

अवी-ठीक है. चलो खाना खाते है.

बातें करने के बाद हम खाना खाने लगे.

मिसेज़ दूबे ने खाना टेस्टी बनाया था.

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे ने ज़्यादा खाना नही खाया.

पर मैं ने और राजेश पेट भर के खाना खा लिया.

खाना खाने के बाद तीनो टीवी देखने लगी.

और मैं राजेश को लेकर पान खाने चला गया.

 
810 ए

खाना खाने के बाद हमने थोड़ी देर बातें की

रिया तो खाना खाते सो गयी.

बातें करते हुए हम नेक्स्ट चुदाई के लिए तैयार हो गये.

फिर से शुरू हो गया हमारे ग्रूप चुदाई का सिलसिला

फिर से हम ने मिलकर चुदाई करके बहुत एंजाय किया.

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे ऐसी चुदाई से पूरी तरह से खुश हो गयी.

इतनी खुश की वो फिर से चुदाई करने के कहने लगी.

इतना काफ़ी था पर राजेश तो एक पैर पे खड़ा हो गया फिर से चुदाई करने को

मैं ने उनको जो करना है करने को कहा और रिया के पास आकर सो गया.

राजेश मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे की कमर मे हाथ डाल कर दूसरे बेडरूम मे चला गया

राजेश ने पता नही कितनी देर तक चुदाई की, मैं तो आराम से सो गया.

सुबह बाकी सब देर से उठे.

मुझे सुबह जल्दी उठने की आदत थी जिस से मैं सुबह अपने समय पर उठ गया

रिया भी जल्दी उठ गयी. रिया ने रात भर आराम किया

रिया से रात मे कंट्रोल नही हुआ तो वो हमारे लंड पर बैठ गयी थी. और अपना पानी निकाल कर वापस सो गयी.

मैं उठ कर फ्रेश हो गया.

बाकी सबको उठने मे टाइम लगेगा.

मैं मार्केट मे जाकर नाश्ता गरम गरम टी पार्सल करके ले आया

मेरे आने तक रिया उठ चुकी थी.रिया फ्रेश होने चली गयी

मैं हाल मे बैठ कर घर का हाल देखने लगा.

हॉल मे हर तरफ कपड़े पड़े हुए थे.

जगह जगह कॉंडम पड़े थे.

इसको सबके उठने के बाद साफ करूँगा.

मैं ने नाश्ता कर लिया और राजेश के उठने का इंतज़ार करने लगा.

पता नही राजेश कितनी देर कर चुदाई करता रहा .

मैं तो खाना खाने के बाद एक बार चुदाई करके सो गया था.

मैं ने राजेश के कमरे मे जाकर देखा तो तीनो एक दूसरे के उपर सो रहे हे.

किसका हाथ किसके उपर था. किसका पैर कहाँ था ये बताना मुश्किल था.

मिसेज़ दूबे पे मूह पर कॉंडम पड़ा हुआ था.

मिसेज़ पंवार का आधा बदन राजेश के उपर था.

राजेश के हाथ मे मिसेज़ दूबे का बूब्स तो दूसरा हाथ मिसेज़ पंवार की गंद पर था.

बिस्तेर तो बेड से गिरने की कगार पे था. पिल्लो तो बेड से नीचे गिरे हुए थे

एक पिल्लो मिसेज़ पंवार की जाँघो के बीच फसा हुआ था.

टेबल लॅंप गिर गया था. मिसेज़ दूबे का हाथ बेड के नीचे हिल रहा था.

यहाँ तो भूकंप आया था.

रात भर राजेश ने जम्प कर चुदाई की मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे की

फिर भी सुबह की वजह से राजेश का लंड खड़ा था.

मैं ने मिसेज़ दूबे और मिसेज़ पंवार को जगाया.

दोनो बड़ी मुश्किल से उठ पाई.

उनकी आँखे खुलने का नाम नही ले रही थी.

अगड़ाई लेते ही दोनो की हड़िया टूटने की आवाज़ आई.

उनका बदन अकड़ गया था.

उनसे खड़ा भी नही हुआ जा रहा था.

दोनो शराबी की तरह इधर उधर लूड़क रही थी.

उनके बदन पर वीर्य और उनके पानी के दाग दिख रहे थे.

मैं दोनो को सहारा दे कर बाथरूम मे ले गया

दोनो के उपर एक एक बकेट पानी डाल कर उनको होश मे लाया.

पानी गिरते ही दोनो होश मे आ गयी.

मिसेज़ पंवार-ये क्या किया

अवी-आपका नशा उतार रहा हूँ

मिसेज़ दूबे-पानी डालके

अवी-इस से बढ़िया रास्ता नही था मेरे पास

मिसेज़ पंवार-हमे क्यू उठाया, रात भर खेल खेलने के बाद इतनी जल्दी क्यूँ उठाया

अवी-जल्दी कहाँ 10 बज रहे है.

मिसेज़ दूबे-क्या 10 बज रहे है.

अवी-हाँ

मिसेज़ पंवार-मैं तो गयी काम से

अवी-क्या हुआ

मिसेज़ पंवार-मैं अपने पति को क्या कहूँगी. वो तो अब तक आ चुके होगे.

अवी-कुछ सोच लेना

मिसेज़ दूबे-वो सोचना है वो बाद मे सोचना,पहले फ्रेश होते है. मुझे 12 बजे से पहले शादी मे जाना है.

अवी-नहला तो दिया मैं ने

मिसेज़ दूबे-आधा घंटा नहाना होगा. रात का हॅंगओवर उतारने के लिए

अवी-नहा लो ,मैं राजेश को उठाता हूँ

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे नहाने लगी और मैं राजेश को उठाने लगा.

अवी-राजेश उठो सुबह हो गयी

राजेश- भैया मुझे सोने दो

अवी-अबे उठ ,

राजेश-भैया रात को देर से सोया हूँ ,सोने दो ना

अवी-आधा घंटा उस से ज़्यादा नही

और राजेश फिर से सो गया मैं हॉल मे आकर रिया के साथ बातें करने लगे.

 
810 ब

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे फ्रेश हो गयी.

फ्रेश होते ही मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे अपने असली रूप मे आ गयी.

रंडी से वापस हाउस वाइफ बन गयी.

उन दोनो की खुसबू सूंघ कर राजेश भी उठ गया.

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे के पीछे पीछे हॉल मे आ गया.

और आते दोनो के गले लग गया.

मिसेज़ पंवार-क्या कर रहे ,हमने नहा लिया है.

राजेश-आपकी खुश्बू से पता चल गया

मिसेज़ दूबे-छोड़ो ,क्या कर रहे हो

राजेश-आप को छोड़ने का मन नही हो रहा.

मिसेज़ पंवार-रात भर इतना प्यार करने के बाद मन नही भरा

राजेश-आप से मन भर नही सकता.

मिसेज़ दूबे-कंट्रोल रखो ,

राजेश-वही तो नही रख पा रहा हूँ

मिसेज़ पंवार-रखना सीख लो ,वरना सब के लिए मुश्किल होगी.

राजेश-घर2के अंदर कैसी मुश्किल

मिसेज़ दूबे-हमे अब जाना है,

राजेश-इतनी क्या जल्दी है. आज रुक जाइए

मिसेज़ पंवार-रोज रोज रुकेंगे तो फस सकते है. मैं तो अभी भी फसि हूँ

राजेश-क्या हुआ

मिसेज़ पंवार-मेरा पति घर आ चुका होगा. उसे मैं क्या कहूँगी. कहाँ थी पूछा तो क्या बताउन्गी

राजेश-कुछ भी बहाना बोल देना

मिसेज़ पंवार ने अपनी बॅग से मोबाइल निकाला जिस मे 7 मिस्ड कॉल थे उसके पति के .

मिसेज़ पंवार-इतने सारे मिस्ड कॉल मैं तो गयी,

मिसेज़ दूबे-दिखा मुझे मोबाइल

मिसेज़ दूबे ने मोबाइल लिया और मिस्टर पंवार को कॉल किया.

मिसेज़ पंवार-ये क्या कर रही हो

मिसेज़ दूबे-चुप , हेलो मिस्टर पंवार

मिस्टर पंवार-कौन बोल रहा है. मेरी बीवी कहाँ है

मिसेज़ दूबे-मैं मिसेज़ दूबे बोल रही हूँ. आप की बीवी मेरे साथ.

मिस्टर पंवार-नमस्ते वो वहाँ क्या कर रही है.

मिसेज़ दूबे-जी वो मैं कल अपने घर पे अकेली थी तो आपकी बीवी को सोने के लिए बुला लिया. आज कल चोरिया ज़्यादा हो रही है इस लिए सोचा कि कोई साथ होगा तो अच्छा होता है.

मिस्टर पंवार-ये तो ठीक है पर वो अब तक आई क्यूँ नही.

मिसेज़ दूबे-वो आने वाली थी कि मैं ने रोक लिया. वो मुझे एक शादी मे जाना था तो आपकी बीवी को साथ मे ले चलूं,इसी बहाने उसका मन लगा रहेगा वरना घर मे अकेली रहती है. आपको बुरा तो नही लगा ना

मिस्टर पंवार-शाम तक मेरी बीवी नही आई तो बुरा लगेगा. आप शादी होते ही उसे भेज देना ,

मिसेज़ दूबे-भेज दूँगी.

और फोन कट हो गया.

मिसेज़ पंवार-ये क्या किया

मिसेज़ दूबे-तुम्हारी प्राब्लम सॉल्व हुई. अब तुम मेरे साथ शादी मे चलोगि

राजेश-शादी मे जाने की क्या ज़रूरत है. यही सुहागरात मनाते है

मिसेज़ पंवार-जाना होगा. वरना अगर मिस्टर दूबे को मेरे पति ने पूछ लिया तो.

राजेश-एक राउंड करके चली जाना

मिसेज़ डूबे-फिर कभी करेंगे ,अब तो पहचान हो गयी हमे तो मिलते रहना होगा.

राजेश-भैया

अवी-राजेश उनको जाना है. फिर कभी कर लेना. मिसेज़ दूबे यही सामने रहती है. मिसेज़ पंवार उसी लाइन मे लास्ट घर है उनका.

मिसेज़ पंवार-मेरे कपड़े तो पूरे कमरे मे बिखरे है

मिसेज़ दूबे-मेरे भी वैसे है.

अवी-तुम अपने कपड़े जमा करके पहन लो ,राजेश कॉंडम उठाना शुरू करो मेरे साथ पूरे घर मे फैला रखे है.

राजेश-जी भैया. वैसे पूरे इस्तेमाल कर लिए हमने

अवी-हाँ, एक छेद मे एक बार के लिए एक कॉंडम इस्तेमाल किया. रिया तुम बेडरूम के जमा करो

रिया बेडरूम मे चली गयी और हम हॉल को साफ करने लगे

मिसेज़ पंवार-मेरी पैंटी कहाँ

राजेश-बिना पैंटी की अच्छी लगती है आप

मिसेज़ दूबे-ये तो इधर पड़ी थी, अवी तुम्हारे सामने मेरी पैंटी है फेकना इधर

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे ने पैंटी पहन ली और अपने कपड़े ढूँढने लगी.

उनके पैंटी पहने से राजेश उदास हो गया.

मिसेज़ पंवार और मिसेज़ दूबे के बदन पर जैसे जैसे कपड़े चढ़ रहे थे वैसे वैसे राजेश उदास हो रहा था.

कपड़े पहनते ही दोनो हल्का सा मेकप करने लगी जो मिसेज़ पंवार की बॅग मे था.

हम ने पूरे कॉंडम जमा किए और प्लास्टिक मे डाल कर मिसेज़ दूबे को दिए

अवी-ये लीजिए

मिसेज़ दूबे-इसका मैं क्या करूँ

अवी-इसे देख कर हमे याद करिए या फिर जाते हुए डस्टबिन मे फेक देना

मिसेज़ पंवार-तुम्हे तो दिल मे रखूँगी इसको डस्टबिन मे फेकना ठीक रहेगा.

फिर मैं ने सबको नाश्ता दिया .राजेश को छोड़ कर राजेश का फ्रेश होना बाकी था.

सब ने फास्ट फास्ट मे नाश्ता किया

राजेश-इतनी जल्दी क्या है.एक राउंड तो कर लीजिए

मिसेज़ दूबे-ये ऐसे नही मानेगा

मिसेज़ दूबे और मिसेज़ पंवार ने राजेश को एक एक किस किया

मिसेज़ दूबे-अब खुश

राजेश-हाँ, फिर कब मिलेंगे

मिसेज़ पंवार-रोज रोज करेंगे तो मज़ा नही आएगा

मिसेज़ दूबे-आराम से मिलेंगे ,मैं सामने रहती हूँ. जब भी आओगे तो आवाज़ देना ,पर ध्यान से

राजेश-जल्दी मिलेंगे

मिसेज़ पंवार-मैं भी यही रहती हूँ. मुझे भूलना मत

राजेश-आपको कैसे भूल सकता हूँ

मिसेज़ दूबे-बाइ अवी, बाइ राजेश

मिसेज़ पंवार-बाइ

और मिसेज़ पंवार मिसेज़ दूबे के साथ चली .अब रह गयी रिया

अवी-रिया तुम्हे जाना नही है.

रिया-जाना तो था पर

अवी-पर क्या

रिया-मुझे 10 बजे सिलाई कोर्स को जाना था

अवी-अब तो 11 बज रहे है

रिया-अब तो ब्यूटी पार्लर कोर्स को जाना होगा 12 बजे

राजेश-रिया तुम भी जा रही हो

रिया-12 बजे जाउन्गी. 1 घंटा बाकी है

अवी-वैसे रिया तो गाओं मे रहेगी तू कभी भी मिल सकता है.

राजेश-ये तो मेरी गुलाम है

रिया-गुलाम ,मैं किसी की गुलाम नही हूँ.

अवी-तुम शर्त हार चुकी हो.

रिया-वो तो मज़ाक था ना

राजेश-अब पलटो मत

रिया-अवी

अवी-देखो रिया ,तुम गुलाम नही हो ,वो शर्त मज़ाक था. पर तुम राजेश केसाथ एंजाय तो कर ही सकती हो

रिया-तुम्हारा क्या

अवी-मैं भी रहूँगा ही. पर राजेश जब कहे कर लेना. इतना तो तुम करना होगा.

रिया-ठीक है. करेंगे कहाँ

अवी-गाओं मे जैसे हम करते थे वैसे. तबेले मे तुम्हारे माँ के खेत मे जाने के बाद

रिया-मेरे कोर्स रहते है

अवी-कितने बजे तक रहते है

रिया-2 बजे तक

अवी-तो बस आने तक बस स्टॉप पे रहने की जगह यहाँ आकर एंजाय करना

राजेश-मैं तुम्हे गाओं ड्रॉप करूँगा

अवी-ऐसा मत करना. तुम को किसी ने एक बाइक पर देखा तो गड़बड़ हो जाएगी,

राजेश-मैं गाओं के पास छोड़ने की बात कर रहा हूँ

अवी-वहाँ से तो पैदल जाना होगा ना ,रिया के लिए बस ठीक है.

रिया-मैं बस से जा सकती हूँ. अब चलो मेरे पास 1 घंटा बाकी है. और हाँ आराम से करना

अवी-तेल लगा लेना .

रिया-तुम नही करोगे

अवी-तुम 2 लंड लेने तक ठीक नही हुई हो .

रिया-चलो राजेश

राजेश रिया को लेकर बेडरूम मे चला गया और मैं स्नॅक्स लाने बाहर चला गया.

 
810 सी

मेरे आने तक रिया और राजेश ने एक राउंड कर लिया

रिया तैयार होके मेरा इंतज़ार कर रही थी ,और राजेश वापस सो गया था

रिया-कितनी देर कर दी तुम ने

अवी-हो गया तुम्हारा

रिया-हाँ, चलो मुझे ड्रॉप करदो

अवी-राजेश कहाँ है

रिया-वो वापस सो गया है.चलो मुझे देर हो रही है.

अवी-छोड़ देता हूँ पहले अपना मोबाइल दो

रिया-सब कुछ तो डेलीट कर चुके वो अब क्या करने वाले हो

अवी-मेरे मोबाइल की बॅटरी ख़तम हो गयी है,एक कॉल करना है

रिया-लो

मैं ने रिया के मोबाइल से चाची को कॉल किया ,ऐसा करने से चाची को देर से कॉल करने की वजह बता सकता था और रिया का फोन फिर चेक कर सकता था.

अवी-हेलो चाची

सी चाची-अवी कहाँ हो

ब चाची-अवी कहाँ हो तुम

अवी-चाची मैं फ्रेंड के घर पे हूँ

ब चाची-सुबह से फोन क्यूँ नही किया. और कब आने वाला है.

अवी-चाची मोबाइल की बॅटरी ख़तम हो गयी थी. ये फ्रेंड के मोबाइल से बात कर रहा हूँ

ब चाची-तू है कहाँ. और खाना खाया कि नही

अवी-खाना खा लिया है. शाम तक आ जाउन्गा.

ब चाची-मुझे पता है नही खाया होगा. और तू इतना लापरवाह कैसे हो गया. एक फोन नही कर सकता था सुबह उठ कर

अवी-यहाँ आप नही थी ना तो मैं देर तक सोता रहा किसी ने जगाया नही.जिस से सुबह फोन नही किया

ब चाची-ठीक है. पर दुबारा ऐसा मत करना. अब जल्दी राजेश को लेकर आ

अवी-शाम तक आ जाउन्गा.आप नीता बुआ घर मे आ जाना.

ब चाची-आ जाउन्गी. अपना ख़याल रखना

अवी-जी

बड़ी चाची के साथ बात करके बता दिया कि मैं शाम तक आ जाउन्गा. उसी समय मैं ने रिया का फोन फिर चेक किया क्या हैना रिस्क नही ले सकते

फोन मे कुछ नही था.

रिया-हो गया होगा तो चले

अवी-हाँ चलो

मैं रिया को उसके कोर्स की जगह पर छोड़ने चला गया.

राजेश आराम कर रहा था. मैं रिया को छोड़ कर आ गया उस के बाद भी राजेश सो रहा था.

सोने दो कल से काफ़ी चुदाई कर चुका है

राजेश को आराम की ज़रूरत है.

कम से कम कपड़े तो पहन कर सोता .ऐसे नगा सो गया.

मुझे भी नींद आ रही है.मैं भी सो गया ,

2 3 घंटे की एक छोटी नींद लेने के बाद राजेश और मैं एक साथ उठ गये

अवी-उठ गये छोटे मिया

राजेश-बड़ी अच्छी नींद आ गयी.

अवी-इतनी चुदाई करेगा तो नींद तो आएगी ना

राजेश-आपने आंटी इतनी सेक्सी लाई कि मैं कंट्रोल नही रख पाया

अवी-कंट्रोल रखा कर ,

राजेश-भैया सब कंट्रोल मे था बस उनको दिख रहा था कि वो कितनी हॉट है,मेरे लट्तू होते वो जवान हो गयी.

अवी-मुझे लग ही रहा था कि तू ड्रामा कर रहा है

राजेश-पर कुछ भी हो, थी कमाल की चीज़ ,पूरा मज़ा आ गया.

अवी-कैसी भी हो मज़ा लेना आना चाहिए

राजेश-आप बढ़िया चुदाई करते हो. आप से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा

अवी-सीख लेना ,चल फ्रेश हो जाओ

राजेश-हो जाउन्गा पर अब क्या प्लान है

अवी-तुम जैसे स्कूल मे रहते हो वैसे बन जाओ

राजेश-बन जाउन्गा ,

अवी-और गाओं मे रख कर एंजाय करना शुरू कर दो

राजेश-वो तो कल से कर दिया. गाओं मे रिया शहर मे आंटी

अवी-अपनी सेट्टिंग भी कर लेना

राजेश-वो तो कर लूँगा वैसे आपने बताया नही वो कौन थी जिसने मेरे बारे मे आपको बताया

अवी-तू खुद पता लगा ले ,मैं भी तो देखु तू कितना स्मार्ट है

राजेश-वो तो लगा लूँगा .और उसकी चुदाई हम साथ मे करेंगे

अवी-पहले पता लगा लो ,बाकी बाद मे देखेंगे

राजेश-वैसे भैया आपको मेरी एक बात माननी होगी

अवी-क्या?

राजेश-आपने मुझे इतना मज़ा करवाया ,मैं भी आपको मज़ा करवाना चाहता हूँ

अवी-मैं ने इसके लिए थोड़े किया था. तुझे बताने के लिए किया कि गाओं मे भी मज़ा कर सकते है.

राजेश-कुछ भी हो , आपको मैं मज़ा करवाकर रहूँगा

अवी-कैसे

राजेश-आपको मेरे स्कूल आना होगा ,ना मत कहना

अवी-ठीक है आ जाउन्गा. अब खुश

राजेश-हाँ, आप मेरे स्कूल आना हम मिलकर कल जैसा मज़ा करेंगे,

अवी-तुझे कल बहुत मज़ा आना ना

राजेश-हाँ, आज तक ऐसा मज़ा कभी किया नही. पर और ऐसा मज़ा करना चाहता हूँ,बस आप मेरे स्कूल आना

अवी-आ जाउन्गा. मिलकर मज़ा करेंगे ,मैं भी देखना चाहता हूँ तेरे स्कूल मे ऐसा क्या है जो तू गाओं आना नही चाहता था

राजेश-आकर खुद देख लेना

अवी-जा अब फ्रेश हो जा ,हमे शॉपिंग करके घर भी जाना है.

राजेश-अभी फ्रेश होता हूँ.

राजेश फ्रेश होने चला गया

राजेश ने अपने स्कूल आने का इन्विटेशन दिया है.

ये तो मेरे लिए अच्छा हो गया.

राजेश के स्कूल मे वर्जिन लड़किया भी मिलेगी और कमसिन कलियाँ भी

राजेश के साथ मिलकर चुदाई करने से हम दोनो को फ़ायदा होगा.

चलो अच्छा है , मेरा भाई गाओं मे रहेगा और हम मज़े भी कर सकते है.

पर एक प्राब्लम हो गयी

इस घर2 की चाबी मैं ने राजेश को भी दी है.

अगर मैं यहाँ कविता और लीना के साथ आया और तभी राजेश आ गया तो

राजेश यहाँ रहेगा तो मुझे ध्यान रख कर यहाँ किसी को लाना होगा.

राजेश के स्कूल जाते मैं किसी को भी यहाँ ला सकता हूँ

बस कुछ दिन ध्यान रखना होगा.

कुछ खास के लिए ध्यान रखना होगा ,बाकियो के साथ देख लिया तो भी प्राब्लम नही होगी

या फिर एक रेंट पर घर ले लूँ

अगर ज़्यादा ज़रूरत पड़ी तो लूँगा ,तब तक चल जाएगा.

राजेश और मैं इस घर2 का इस्तेमाल कर सकते हैं

वैसे राजेश शहर मे कोई लड़की पटाएगा तो मुझे ज़रूर बुलाएगा.

 
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