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मैं और मेरा परिवार

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815 ए

कल का दिन अजीब था.

बहुत कुछ अजीब हुआ ,

मिसेज़ पवार मिसेज़ दूबे के साथ ग्रूप सेक्स

रिया को रुलाना

बुआ और चाची का राजेश को देख कर खुश होना

नेहा बुआ की आँखों मे आसू देखना

बड़ी चाची का नेहा बुआ के बारे मे बताना

छोटी चाची ने जो नेहा बुआ की कहानी बताई , फिर सच को झूठ कहा

चाची और मेरा ड्रामा

चाची की बातों से उनके दर्द का पता चला

फिर रानी को मनाना और उस से प्यारी प्यारी बाते करना

कोमल की अजीब अजीब बाते सुनना

और फाइनली , राजेश के साथ मिलकर मिसेज़ पवार और मिसेज़ दूबे की चुदाई की उसके बारे मे सोच कर रात भर जागना

मैं अभी अभी सोया था कि छोटी चाची मुझे जगाने आ गयी

चाची को मुझे उठाने मे मेहनत करनी पड़ी

मैं आलस दिखाते हुए उठ गया ,

और चाची मुझे छत पर ले गयी

आज छोटी चाची और मैं ही थे छत पर क्यू कि मुझे उठने मे देर हुई थी

छत पे जाते छोटी चाची ने कसरत लेने की जगह छत पर मेरे पास बैठ गयी

अवी- क्या हुआ चाची , आज आप कसरत करने को नही बोल रही है

सी चाची-तुझे क्या हुआ है

अवी- मुझे तो कुछ नही हुआ है

सी चाची-रात के बारे मे सोचता रहा इसी लिए रात मे देर से सोया और आज उठ नही रहा था

अवी- वो तो देर रात तक बात करने से देर से सोया था

सी चाची-रानी से इतनी लंबी बात की

अवी- हाँ , रानी रुत गयी थी , उसका कॉल नही उठाया था ना ,

सी चाची-तो क्या कहा रानी ने

अवी- रानी को मना लिया , फिर रात भर बाते करते रहे

सी चाची-पर रानी गुस्सा हुई क्यू थी , रानी सिर्फ़ कॉल ना उठाने पे गुस्सा होने वालो ने से नही है

अवी- आक्च्युयली , रानी ने मुझे और रिया को बाइक पर घूमते हुए देख लिया था ,तो उसे लगा रिया के साथ हूँ मैं जिस से फोन नही उठाया

सी चाची-तो तूने क्या कहा रानी से

अवी- उसको सच बता दिया , साथ मे एक झूठी कहानी बताई ,

सी चाची-स्मार्ट हो तुम

अवी- रानी ने पूछा है तो सच बताना ही था

सी चाची-तो रात मे उसके बारे मे तूने सोचा

अवी- उसमे ग़लती हम दोनो की थी , उसी के बारे मे सोचता रहता तो हममे दूरिया पैदा होगी जो मैं कभी होने नही दूँगा

सी चाची-मैं भी कल की बात को भूल गयी हूँ

अवी- फिर आप कसरत क्यू नही ले रही मेरी

सी चाची-वो मैं ...... आज छुट्टी लेते है

अवी- छुट्टी क्यू

सी चाची-मुझे तुमसे बात करनी है

अवी- किस बारे मे बात करनी है

सी चाची-राजेश और तुमने जो किया उसके बारे मे

अवी- मुझे भी उसी के बारे मे आपसे पूछना था

सी चाची-क्या पूछना था पूछो

अवी- आप क्या बात करना चाहती थी

सी चाची-मैं ही शुरू करती हूँ , राजेश का प्राब्लम सोल्व करके तूने अच्छा किया पर

अवी- पर क्या

सी चाची-तूने बताया कि राजेश भी तेरी तरह लड़कियो को सिड्यूस करना जानता है तो उसे उसका ईस्तमाल करने देना चाहिए था , ऐसे उसके सामने खाना परोसना मुझे अच्छा नही लगा ,

अवी- मुझे भी अच्छा नही लगा , पर वो सब हो जाने के बाद मैं ने उस पे सोचा

सी चाची-देख अवी , सब तुझे प्यार करते है , कोई तुझे मना नही करेगा किसी चीज़ के लिए , पर उसका मतलब ये नही है कि तू उनके साथ कुछ भी करेगा

अवी- जी

सी चाची-राजेश की सेट्टिंग उसके साथ क्यूँ सेक्स करती है ये मुझे नही पता , पर तुझे सब प्यार करते हैं , ये तुझे भी पता है

अवी- जी

सी चाची-तूने बताया था कि करीम और पंकज अनु के साथ सेक्स करना चाहते थे पर तूने करने नही दिया

अवी- कैसे करने देता , वो मुझे प्यार करती थी

सी चाची-फिर तूने मिसेज़ दूबे और मिसेज़ पवार को क्यों शेयर किया राजेश के साथ

अवी- पर आपने सेल्सगर्ल के समय भी कुछ नही कहा था जब मैं ने रणजीतसिंघ के साथ शेयर किया

सी चाची-उस वक्त मुझे पता था कि ये उसी वक्त ख़तम हो जाएगा , तू दुबारा ऐसा नही करेगा

अवी- क्या तब भी मैं ने ग़लत किया था

सी चाची-वो बोल नही सकते , क्यू कि जब भी सेलेज़्गर्ल के साथ तुमने ट्राइ किया तो तुम्हें लॉस हुआ , सबको लॉस हुआ , सिर्फ़ रणजीतसिंघ को फ़ायदा हुआ जो तुम उसके फ्रेंड बने , वरना तुम खुद देख लो हर बार तुम उसके साथ सेक्स करने जाते तो कर नही पाते , वो तुम्हारी किस्मत मे नही थी , उसकी किस्मत रणजीतसिंघ थी , और तुम उसकी मदद कर रहे हो , उसको पर्मनॅंट जॉब दिलाया , घर लेने के लिए पैसे दिए , शॉप ओपन करने को मदद की और अब भी मदद कर रहे हो

अवी- जी , उसकी मदद मैं करता ही रहूँगा

सी चाची-उस सेल्सगर्ल के वक्त मैं ने कुछ नही कहा क्यू कि मुझे पता था कि तुम दुबारा ऐसा नही करोगे , और तुम ने शीला सविता शोभा को रणजीतसिंघ के साथ शेयर नही किया भले रणजीतसिंघ करता था

अवी- उसका तो सवाल ही पैदा नही होता था

सी चाची-वही तो

अवी- फिर इस बार आप मुझे ऐसा करने से रोक क्यूँ रही है

सी चाची-क्यू कि तूने राजेश के साथ मिलके जिस तरह मिसेज़ पवार मिसेज़ दूबे के साथ सेक्स किया , मज़ा , मस्ती की उस से लग रहा है कि तुम फिर से ऐसा करोगे

अवी- हाँ , राजेश ने कहा कि मैं उसके स्कूल जाउ

सी चाची-जाओ उसके स्कूल मे , मैं रोकूंगी नही,

अवी- पर आपने तो कहा कि किसी को शेयर ना करू , मतलब ग्रूप सेक्स ना करूँ

सी चाची-मेरा मतलब है , राजेश के स्कूल मे जाओ , राजेश की पॅप्युलॅरिटी की वजह से उसके पास लड़किया आती है , पर तेरे पास तेरा प्यार पाने आती है , तू उनको प्यार करना सिखाता है , उनकी बेरंगी ज़िंदगी मे रंगो की पिचकरी से रंग भर देता है ,

अवी- मैं थोड़ा थोड़ा समझ रहा हूँ

सी चाची-मोना देख , उसके पास क्या कमी है लड़को की , फिर भी तेरे पास आती है , सारा ज़ोया देख , तेरे एक इशारो पे यहाँ भागती हुई आ जाएगी, नर्स माला , पंकज की मामी , ठकुराइन , कामिनी , पायल , शीला , सविता , अगेर तुम चाहो तो रेशमा भी आ जाएगी , क्यू कि तूने उनको प्यार ही प्यार दिया है

अवी- इनको तो मैं ने सिड्यूस भी किया है

सी चाची-इनको प्यार क्या होता है वो बताया है तूने

अवी- सिंपल लॅंग्वेज मे

सी चाची-तू इनके लिए सब कुछ है

अवी- वो तो मैं हूँ ही

सी चाची-मिसेज़ दूबे और मिसेज़ पवार , मिसेज़ वर्मा , अनु , करीम की गर्लफ्रेंड , पंकज की गर्लफ्रेंड , भी तेरे प्यार को भुला नही पाई है

अवी- वो तो आज भी तय्यार रहती है

सी चाची-क्यू कि सब तुझे प्यार करती है

अवी- तो मैं राजेश के साथ इनको शेयर नही करूँगा

सी चाची-मैं यही कहना चाहती हूँ , तू अपनी ज़िंदगी जी , और राजेश को उसकी लाइफ जीने दो

अवी- हम भाई है

सी चाची-तो क्या हुआ , तू अपनी ज़िंदगी जी और राजेश को उसकी मर्ज़ी से जीने दे

अवी-वो क्यू
 
सी चाची-क्यू कि राजेश मे भी तेरी परियो को देख कर जलने लगेगा , तू उस से 2 कदम आगे है ये राजेश समझ गया है , भले ये बात वो बोलेगा नही पर अंदर ही अंदर वो जलता रहेगा , तुम दोनो एक जैसे हो ऐसे मे राजेश के अंदर अगर ये बात बस गयी कि वो तुमसे बेटर बने तो ये उसके लिए अच्छा नही होगा

अवी- ऐसा हो सकता है

सी चाची- मे बी क्यू की तुम दोनो मे फरक ही कितना है , बहुत कम , ऐसे मे राजेश ने कंपेरिषन किए तो ये सब के लिए ठीक नही होगा

अवी- हाँ उसको मिसेज़ दूबे और रिया बहुत पसंद आई थी, उसने कहा कि वो उसे चाहिए

सी चाची-वो तुझ से आगे निकलने की कॉसिश कर सकता है , इस लिए वो किसी भी हद तक जा सकता है , जो हम सब के लिए ठीक नही होगा

अवी- ये तो

सी चाची-वो तेरी तरह प्यार करने वाली लड़कियो के लिए कुछ भी कर बैठेगा , उसको जितनी की आदत है तो वो तुझसे जीतने के लिए कुछ भी करेगा , ऐसा हो सकता है , मैं ग़लत भी हो सकती हूँ , पर ये बात तू भी जानता है कि राजेश की जीतने की आदत है , मैं नही चाहती कि तुम दोनो भाइयो मे रेस ना हो ,

अवी- ऐसा होगा

सी चाची-चान्स ज़्यादा है क्यू कि जब दो लोग सेम क्वालिटी के मिलते है कॉंपिटेशन अपने आप सुरू होता है , हमे पता भी नही चलता और हम बहुत आगे निकल जाते है

अवी- ये भी हो सकता

सी चाची-वो इस चक्कर मे अपनी ज़िंदगी खराब कर देगा , क्या पता किसी लफडे मे फस जाए

अवी- ये तो मैं ने सोचो ही नही

सी चाची-नीता वापस रोने लग जाएगी , तू क्या नीता को रोता हुआ देखना चाहेगा

अवी- नही

सी चाची-तो राजेश को उसके मर्ज़ी से जीने दे , तू अपनी ज़िंदगी जी और राजेश को उसकी ज़िंदगी जीने दे ,

अवी- जी ,

सी चाची-और देखो राजेश के बारे मे तुम ने जो मुझे बताया उस से लग रहा है कि राजेश ने किसी को सिड्यूस नही किया है , सब उसके पास आई है

अवी- वो तो है

सी चाची-उसकी पॅप्युलॅरिटी के वजह से सब उसके पास आई , प्रिंसीपल की बेटी ने प्रिंसीपल को सेक्स की गोली दी ,

अवी- हाँ

सी चाची-तो वो सब अपनी प्यास बुझाने आई है , राजेश की पॅप्युलॅरिटी कम हुई तो वो उसके पास आएगी भी नही , उनकी प्यास बुझाते वो राजेश से दूर च्चली जाएगी

अवी- हाँ , प्रिन्सिपल की बेटी , प्रिन्सिपल , टीचर और स्टूडेंट सब उसके पास आए थे

सी चाची-प्यार करने की फीलिंग पैदा करनी पड़ती है , अपनी तरफ प्यार से अट्रॅक्ट करना पड़ता है, उनकी भावनाओं को समझना पड़ता है , उनकी फीलिंग को फील करना पड़ता है फिर उनसे प्यार किया जाता है जो तू करता है पर राजेश नही करता है

अवी- आप ठीक कह रही हो

सी चाची-राजेश को उसकी तरह जीने दो , तुम अपनी परियो को उसे मत दो

अवी- पर आपने कहा कि मैं उसके स्कूल मे जा सका हूँ

सी चाची-राजेश तुम्हें दिखाने के लिए बुला रहा है कि वो भी तुम से एक कदम आगे है , जैसे तुम ने राजेश को अपनी दुनिया दिखाई है वैसे राजेश भी दिखाना चाहता है कि वो कुछ कम नही , देखा यही से कंपेरिषन कर रहा है राजेश

अवी- आप सही कह रही है , मैं ने इतना नही सोचा

सी चाची- सोचा कर , और मदद चाहिए तो मैं हूँ

अवी- तो क्या मुझे जाना चाहिए राजेश के स्कूल मे

सी चाची-हाँ , जाओ , वरना उसे बुरा लगेगा , तुमने खुद की लंका दिखाई है तो वो भी दिखाए बिना चैन से नही रहेगा ,और राजेश के स्कूल जाकर राजेश की तारीफ करना ताकि वो खुश हो जाए और तुमसे कॅंप्टेशन ना करे , राजेश की इतनी तारीफ करना कि उसे लगे वो तुमसे 2 कदम आगे है , पर राजेश के स्कूल मे जाकर तुम उसकी सेट्टिंग के साथ सेक्स करना और एक दूसरी लड़की को खुद सिड्यूस करना तुम्हें फरक पता चल जाएगा ,

अवी- जी समझ गया कि मुझे क्या करना है

सी चाची-देख राजेश को खुश करने के लिए तूने एक बार मस्ती की ये काफ़ी है पर बार बार मत करना ,

अवी- नही करूँगा

सी चाची-पर हाँ उस पे नज़र भी रखना , ये बताते रहना कि बड़ा कौन है , ताकि वो ग़लत रास्ते पे ना जाए , उसको फ्रेंड बना लेना , क्यू कि जब वो स्कूल या कॉलेज से बाहर निकलेगा तो उसके लिए बहुत खराब समय होगा, तब तुम्हें राजेश की मदद करनी होगी

अवी- जी

सी चाची-उसको कंट्रोल मे रखना , जैसे रणजीतसिंघ को नचाया था तुमने

अवी- जी

सी चाची-तो बता अब क्या करेगा

अवी- मेरे और लीना के बारे मे राजेश को कुछ नही बताउन्गा

सी चाची-नेक्स्ट

अवी- उसे बताता रहूँगा कि बाप कौन है , पर साथ मे ये भी बताउन्गा कि वो मुझे बेस्ट है

सी चाची-नेक्स्ट

अवी- उसको प्यार से हॅंडल करूँगा ताकि सब कंट्रोल मे रहे

सी चाची-नेक्स्ट

अवी- ज़्यादा से ज़्यादा कॉसिश करूँगा कि हम फिर से मिलके सेक्स ना करे ,

सी चाची-बंद कर नही सकता , कम करने की कॉसिश करना , सही जवाब दिया तुमने , पर याद रखना तू अब अपनी परियो से राजेश को नही मिलाओगे

अवी- नही मिलाउन्गा

सी चाची-और

अवी- उस दिन मैं ने राजेश को ज़्यादा इंपॉर्टेन्स दिया

सी चाची- ये अच्छा किया

अवी- अब मिसेज़ पवार और मिसेज़ दूबे से मिलूँगा

सी चाची-किस लिए

अवी- उनके साथ ग़लत किया मैं ने

सी चाची-बोलता जा

अवी- माफी माँगूंगा

सी चाची-और

अवी- फ़ैसला उनको करने दूँगा कि राजेश के साथ रीलेशन रखना है या नही

सी चाची-ये समझदारी वाला आन्सर था वरना तेरी जगह कोई और होता तो कहता वो मेरी है

अवी- रिया का कुछ बोल नही सकते

सी चाची-इसी लिए तो रिया का नाम नही लिया मैं ने

अवी- शरत उसने लगाई

सी चाची-रिया से बात करना , पर सिंपल तरीके से बात करना

अवी- जी

सी चाची-और सब वैसे चलने देना जैसे चल रहा है ,राजेश के साथ फ्रेंड की तरह रहना , उसे कुछ पता मत चलने देना कि तू क्या सोच रहा है , पर उसको साथ लेकर चलना ,

अवी- जी चाची

सी चाची-चल अब फ्रेश हो जा

अवी- चाची

सी चाची-हाँ

अवी- आइ लव यू

सी चाची-तेरी एक बात मुझे अच्छी लगती है कि तू अपनी ग़लती स्वीकार करता है , और दुबारा वैसी मिस्टेक नही करते हो

अवी- आप से सीखा है

सी चाची-मेरा एक्लव्य है तू

अवी- दक्षिणा मे क्या चाहिए

सी चाची-प्यार

अवी- वो तो आपको करता रहूँगा

सी चाची-चल नीचे दीदी ने नाश्ता बना लिया होगा

चाची ना होती तो मेरा क्या होता

चाची भी रात भर वही सोचती रही कि मैं ने मिसेज़ पवार और मिसेज़ दूबे के साथ क्या किया

चाची ने हमेशा की तरह मुझे गाइड किया

राजेश और मुझ मे क्या फरक है वो बताया

मेरे पास छोटी चाची है और उसके पास नही है

आज का दिन हर दिन की तरह नॉर्मल सुरू हुआ.पर चाची ने एक नया लेक्चर दिया

कुछ भी हो ,चाची मेरा पूरा ख़याल रख रही है.
 
815 बी

छोटी चाची से बात करके अच्छा लगा

चाची मेरी हर परेशानी का हल बताती है

अब बस मिसेज़ पवार और मिसेज़ दूबे से माफी माँगनी है

कसरत करने के बाद मैं नहाने चला गया और चाची हॉल मे बैठ कर हिसाब किताब कर रही थी.

मैं फ्रेश होकर चाची के पास आ गया.

बड़ी चाची पैसे गिन रही थी

मैं ने बड़ी चाची के पीछे जाकर चुपके से उनके हाथ से पैसे ले लिए

ब चाची-अवी ये कैसी हरकत की तुमने

अवी-ये पैसे मुझे चाहिए

ब चाची-पैसे चाहिए तो मुझे बोलना चाहिए या ऐसे खुद लेना चाहिए

अवी-मैं तो मस्ती करने के लिए ऐसा किया

ब चाची-तुम ऐसे छोटे बच्चो जैसे हरकते कर रहा है. और कल तो कह रहा था कि तू बड़ा हो गया है

अवी-आपके लिए तो मैं हमेशा आपका छोटा बच्चा रहूँगा.

ब चाची-वो तो तू हमेशा रहेगा.मेरा प्यारा बेटा

अवी-चाची ये पैसे मुझे चाहिए

ब चाची-किस लिए

मैं ने बड़ी चाची को अपना मोबाइल दिखाया

ब चाची-ये क्या हुआ

अवी-कल गिर गया था.

ब चाची-तो

अवी-नया लेने का सोच रहा था.

ब चाची-ये ठीक नही हो सकता

अवी-हो सकता है पर

ब चाची-ऐसे चेहरा मत बना ,खरीद ले

म चाची-दीदी मुझे भी चाहिए एक मोबाइल

ब चाची-तुझे किस लिए चाहिए

म चाची-मीना के पास है. तो मुझे भी चाहिए

ब चाची-वो हम सब इस्तेमाल करते है.

म चाची-नीता नेहा ,पूजा दीदी के पास भी है.सिर्फ़ मेरे पास नही है

ब चाची-पर तू करेगी क्या मोबाइल का

म चाची-आजकल सबके पास होता है

ब चाची-तो तुझे मोबाइल चाहिए

म चाची-हाँ

ब चाची-अवी सीमा के लिए एक मोबाइल लाना

म चाची-अच्छा वाला जिसमे गाने और वीडियो भी हो

ब चाची-तुझे समझ मे आएगा अवी जैसा मोबाइल

सी चाची-मेरा वाला ले लो दीदी .

म चाची-मुझे नही चाहिए तेरा मोबाइल. तू अपना मोबाइल मुझे दे रही है और खुद नया लेना चाहती है.मुझे पता है

ब चाची-अवी सीमा के लिए नया वाला देना

म चाची-तेरे जैसा नही पर वीडियो दिखने चाहिए ,और गाने भी हो

अवी-ले लूँगा.

सी चाची-अवी तेरा वाला मोबाइल रिपेर करके मुझे देना ,

ब चाची-तेरे पास हैना

सी चाची-वो आप रख लो, आपको भी तो चाहिए

ब चाची-मुझे नही चाहिए ,और तुझे क्यू अवी का मोबाइल चाहिए

सी चाची-अवी नया मोबाइल ले रहा है तो ये पुराना मोबाइल पड़ा रहेगा तो मैं इस्तेमाल कर लूँगी. और वैसे भी अवी ने मुझे मोबाइल इस्तेमाल करना सिखाया है

ब चाची-करो जो करना है. मुझे नही चाहिए मोबाइल

चाचा-मुझे देना वो मोबाइल ,मैं रख लूँगा.

ब चाची-आप, मैं नाश्ता लेकर आती हूँ

चाचा-मीना वो मोबाइल मुझे देना. मुझे भी मोबाइल की ज़रूरत है

अवी-हो गया सब फाइनल, अब मैं जाउ

म चाची-अवी मेरे लिए अच्छा वाला लाना और वीडियो भी डाल कर लाना

चलो अच्छा है कि छोटी चाची को मेरा वाला मोबाइल मिलेगा.

मैं पैसे लेकर कोमल के घर आ गया.

कोमल तय्यार होके मेरा इंतज़ार कर रही थी.

अवी-चले

कोमल-हाँ, पर तुम मुझे लेने आओगे ना

अवी-नही, मुझे नीता बुआ के घर रुकना है.

कोमल-फिर मैं वापस कैसे आउन्गि

अवी-आज रानी के घर रुकना .कल मैं लेने आ जाउन्गा.

कोमल-ये तो बढ़िया रहेगा.मैं माँ को बता कर आती हूँ

कोमल नेहा बुआ की पर्मिशन लेने चली गयी.

नेहा बुआ को इस से कोई अतराज़ नही था.

नेहा बुआ के हाँ करते ही कोमल खुश होकर मेरी बाइक पर बैठ कर हवा मे उड़ने लगी.

कोमल को लेकर मैं शहर आ गया.

कोमल-इधर कहाँ जा रहे हो ,रानी का घर उधर है

अवी-मुझे शॉपिंग करनी है.

कोमल-क्या लेना है

अवी-मोबाइल लेना है.

कोमल-पर मेरे क्लासस

अवी-तुम रानी को फोन करके शॉप मे बुला लो फिर वही से क्लास मे चली जाना

कोमल-लो रानी का ही कॉल आ गया.

रानी-हेलो कोमल

कोमल-हां बोल ,कैसे कॉल किया

रानी-तू घर मत आ मैं घर पे नही हूँ

कोमल-कहाँ है तू

रानी-मार्केट मे

कोमल-हम भी मार्केट मे पहुँच गये, तू बता कहाँ है

रानी-मैं तो ,अवी साथ मे है

कोमल-हाँ. उसे मोबाइल लेना है

रानी-मैं भी वही पर हूँ.आ जाओ,

उनकी बात ख़तम हो गयी.

कोमल-अवी, रानी यही पर है

अवी-वो यहाँ क्या कर रही है.

कोमल-मुझे क्या पता, मिल कर बात करते है

ये रानी यहाँ क्या कर रही है.

काì वो मेरे लिए मोबाइल तो नही लाने आई है.

हम शॉप मे आ गये .रानी उसी शॉप मे थी.

रानी-हाई

कोमल-हाई को मार गोली तू यहाँ क्या कर रही

रानी-मेरा मोबाइल खराब हो गया था उसे ठीक करा रही थी

कोमल-हो गया ठीक

रानी-हाँ, पर तुम यहाँ क्या कर रही हो.

कोमल-वो अवी को मोबाइल लेना था.

रानी-क्या हुआ अवी के मोबाइल को

अवी-स्क्रीन खराब हो गयी. कल गिर गया था.

रानी-ध्यान रखा करो

अवी-अब तो पक्का ध्यान रखना होगा

रानी-चलो हम चलते है क्लास जाना है.

कोमल-अवी तुम मोबाइल ले लो ,हम चलते

अवी-ठीक है. मैं कल लेने आ जाउन्गा.

रानी-तुम यहीं रुक रही हो

कोमल-हाँ

रानी-फिर तो मज़ा आ जाएगा. चलो

रानी कोमल के साथ चली गयी. पर जाते हुए रानी ने चुपके से किस दिया.

मुझे तो लगा था कि रानी यहाँ मेरे लिए मोबाइल गिफ्ट देने के लिए आई है

शायद मुझे मोबाइल देगी क्यूँ कि उसकी वजह से मोबाइल टूटा था ऐसा उसको बताया था

कोई बात नही मैं अपने लिए मोबाइल लेता हूँ

मैं ने मोबाइल सेलेक्ट कर लिए .और मैं बिल पे करने वाला था कि शॉप वाले ने एक गिफ्ट मुझे दिया.

अवी-ये गिफ्ट किसका है

शॉपवाला-आपके साथ जो मेडम थी उन्होने आपको देने को कहा था.

रानी ने कहा होगा

मैं ने गिफ्ट ओपन किया उसमे मोबाइल था.और एक लेटर था जिसमे लिखा था

"आइ लव यू अवी "

ये रानी भी ना ,उसे लगा उसकी वजह से मोबाइल टूट गया है.

मेरा शक सही साबित हुआ , रानी यहाँ मेरे लिए मोबाइल लेने आई थी

मुझे समझ जाना चाहिए था

मैं ने चाची के मोबाइल का बिल पे करके रानी को फोन किया.

अवी-हेलो

रानी-हाँ

अवी-कोमल है वहाँ पर

रानी-हाँ

अवी-ये सब क्या है.

रानी-तुम देख लो

अवी-तुम मेरे हाथ से मार खाने वाली हो ,

रानी-हाँ

अवी-वैसे चाय्स अच्छा है तुम्हारी , मैं ने भी वही सेलेक्ट किया था.

रानी-हाँ

अवी-आइ लव यू टू

रानी-ह्म्म्म्म

अवी-बाद मे बात करेंगे ,थॅंक्स फॉर गिफ्ट

रानी-बाइ

ये रानी भी ना ,

थॅंक्स भगवान ,जो रानी को मेरी किस्मत मे लिखा.

रानी का ये गिफ्ट की मैं संभाल कर रहूँगा
 
815 सी

रानी ने मुझे मोबाइल गिफ्ट दिया

रानी ऐसा कुछ करेगी इसकी उम्मीद तो थी मुझे

रानी के इस गिफ्ट से उसको प्यार करने का दिल कर रहा था

कोमल ना होती तो अभी रानी के पास जाकर उसको गले लगा कर प्यार करता

शाम मे रानी से बात करूँगा

पहले तो गुस्सा करूँगा कि उसने गिफ्ट क्यू दिया फिर उसे एक स्वीट सा किस दूँगा

अभी तो रानी कोमल के साथ बिज़ी होगी

मैं मोबाइल लेकर मिसेज़ दुबे के घर आ गया

मुझे मिसेज़ दूबे से बात करनी थी

कल जो हुआ

कल जो किया मैं ने

उसके बारे मे बात करनी थी मिसेज़ दूबे से

मिसेज़ पवार तो इस वक्त ऑफीस मे होगी

मिसेज़ पवार से बाद मे बात कर लूँगा पहले मिसेज़ दूबे से बात करता हूँ

मिसेज़ दूबे तो घर पे होगी , डोर मिसेज़ दूबे ने खोल दिया

कल इतना कुछ होने के बाद आज इतनी जल्दी मैं उनको मिलने आउन्गा ये कभी मिसेज़ दुबे ने सोचा नही होगा

मुझे सामने देखते मिसेज़ दूबे खुश हो गयी

मिसेज़ दूबे- अवी , तुम ,

अवी-आपको किसी और का इंतज़ार था

मिसेज़ दूबे- नही , पर तुम इतनी जल्दी मिलने आओगे इसकी उम्मीद नही थी

अवी-मैं तो ऐसा ही हूँ , आपकी याद आई और मैं चला आया

मिसेज़ दूबे- क्या बात है , आज कल कुछ ज़्यादा ही फिदा हो मुझपे

अवी-अब क्या सारी बाते यही पर करेंगे खड़े खड़े

मिसेज़ दुबे- आओ अंदर

और मिसेज़ दूबे मुझे अंदर ले गयी

मिसेज़ दुबे- क्या पियोगे

अवी-आपके होंटो का रस

मिसेज़ दूबे- वो तो मिल जाएगा पर उसके अलावा क्या पीना चाहोगे

अवी-कॉफी

मिसेज़ दूबे-कॉफी बोल कर तुमने मेरा काम आसान कर दिया ,कॉफी तो तय्यार है

अवी-तो ले आइए

और मिसेज़ दूबे कॉफी लेकर आ गयी

मिसेज़ दूबे- ये लो कॉफी

अवी-तीन कप , कोई और भी घर मे

मिसेज़ दूबे- मिसेज़ पवार , मिसेज़ पवार बाहर आ जाइए , देखो कौन आया है

अवी-मिसेज़ पवार यहाँ है

और मिसेज़ पवार मिसेज़ दूबे के बेडरूम से बाहर आ गयी

मिसेज़ पवार- क्या है ,

मिसेज़ पवार की नज़र मुझपे पड़ी तो उनके चेहरे पे खुशी झलकने लगी

मिसेज़ पवार- अवी तुम , तुम 100 साल ज़िओगे

अवी-मेरी बात कर रही थी

मिसेज़ पवार- हाँ , हम तुम्हारे बारे मे सोच रही थी और तुम आ गये

अवी-क्या बात हो रही थी

मिसेज़ दूबे- कुछ नही , ऐसे ही इधर उधर की बाते कर रही थी

अवी-इधर उधर की बाते बता दो

मिसेज़ पवार- बता देंगे , तुम बताओ हमारी इतनी जल्दी याद कैसे आ गयी

अवी-शहर आया था , तो सोचा आप से मिल लूँ

मिसेज़ पवार - मिसेज़ दूबे से मिलने आए हो , मुझ से नही

अवी-आया हूँ दोनो से मिलने , मुझे लगा कि आप ऑफीस मे होगी तो मिसेज़ दूबे के घर आ गया

मिसेज़ पवार- मैं मज़ाक कर रही थी ,

अवी-पर आप यहाँ क्या कर रही है

मिसेज़ पवार - आज फिर च्छुटी ली है , 2 दिन की थकान निकाल रही हूँ

अवी-मिसेज़ दूबे के घर पे

मिसेज़ पवार- हम दोनो एक ही नाव मे सवार है तो सोचा यही आराम कर लूँ , मिसेज़ दूबे को कंपनी मिल जाएगी और हम तुम्हारी बाते भी कर लेंगे , हैना मिसेज़ दूबे ,

मिसेज़ दूबे- मंज़िल एक हो तो साथ सफ़र करना चाहिए , और हमारी मंज़िल तो तुम हो

अवी-अच्छा हुआ आप भी यही मिल गयी , आप दोनो से बात करनी थी मुझे

मिसेज़ पवार- किस बारे मे

अवी-किसी के बारे मे नही

मिसेज़ दूबे- अच्छा जोक करते हो , कॉफी कैसे बनी है ये तो बताया ही नही

अवी-आपकी तरह हॉट और टेस्टी है

मिसेज़ पवार- मेरे हाथ की कॉफी पीने कब आओगे

अवी-अब तो यही पर मज़ा करेंगे , और मिसेज़ दूबे के घर पे कॉफी पिया करेंगे

मिसेज़ दूबे- कॉफी तो हो गयी चले बेडरूम मे

अवी-आज सिर्फ़ बात करने आया हूँ

मिसेज़ पवार- तो क्या हुआ , बेडरूम मे आराम से बात करते है

अवी-नही , मुझे घर भी जाना है , पर आप से मिलना ज़रूरी था

मिसेज़ दूबे- क्या बात है , हमसे कोई भूल हो गयी

अवी-हाँ , बहुत बड़ी ग़लती की आपने

मिसेज़ पवार- उस दिन मैं गुस्सा हो गयी , तुम्हें बुरा लगा

अवी-आपके गुस्सा होने से मैं खुश था

मिसेज़ दूबे- फिर राजेश ने कुछ कहा

अवी-वो तो आपके साथ सेक्स करके खुश है

मिसेज़ पवार- तो बात क्या है

अवी-मैं आप दोनो से गुस्सा हूँ

मिसेज़ दूबे- बताओ ना बात क्या है , मेरी तो हार्ट बीट बढ़ रही है

अवी-आप दोनो से मुझे ऐसी उम्मीद नही थी

मिसेज़ पवार- क्या हुआ , हम तो राजेश के साथ भी सेक्स करने की तय्यार हो गयी है

अवी-इसी बात से मैं नाराज़ हूँ

मिसेज़ दूबे- क्या मतलब , मैं कुछ समझी नही

अवी-आप राजेश के साथ करने को तय्यार क्यूँ हुई

मिसेज़ पवार-तुम ही ने तो

मिसेज़ दूबे- वो तुम्हारा भाई हैना , तुम भी तो यही चाहते थे

अवी-मान कयच भी बोलूँगा तो आप कर लोंगी

मिसेज़ पवार- हाँ ,

मिसेज़ दूबे- तुम से तो प्यार करते रहने का दिल करता है ऐसे मे हम मना कैसे करते

मिसेज़ पवार- तुम इतने दिनो बाद मिले थे , मैं तो चिट्ठि देखते वैसे आने वाली थी

मिसेज़ दूबे- मैं तो अपने पति को क्या बताऊ जिस से तुम्हारे साथ प्यार करने वापस आ सकूँ यही सोच रही थी

मिसेज़ पवार- मुझे तो मिसेज़ दूबे पे बहुत गुस्सा आया था जब शेयर करनी की बात आई , तुम्हें कैसे शेयर कर सकती हूँ

मिसेज़ दूबे- गुस्सा मुझे भी आया था , पर तुम खुश तो हम खुश हैना मिसेज़ पवार

मिसेज़ पवार- हाँ , तुम खुश तो मैं खुश

अवी-आप ने मेरे लिए ये सब किया था

मिसेज़ दूबे- हाँ

अवी-राजेश मेरा फ्रेंड होता तो

मिसेज़ पवार- तब भी कर लेते , क्यू कि तुम भी तो प्यार करने वाले थे

अवी-अगर मैं नही करता तो

मिसेज़ दूबे- फिर भी करते क्यू कि तुम्हारे लिए इतना तो कर ही सकती है

अवी-ये सब करके आपने अच्छा नही किया

मिसेज़ पवार- इसका क्या मतलब है
 
अवी-मैं कुछ भी कहूँ तो आप कर लेगी ये मुझे अच्छा नही लगा

मिसेज़ दूबे- मतलब तुम्हें हमारा राजेश के साथ करना अच्छा नही लगा

अवी-कैसे अच्छा लगता

मिसेज़ पवार- पर तुमने ही तो कहा था कि राजेश के साथ करने को

अवी-तब मुझे समझ नही आ रहा था कि मैं क्या कर रहा हूँ

मिसेज़ दूबे- व्हाट

अवी-वो मेरा भाई है , मैं उस्दिन सिर्फ़ उसके बारे मे सोच रहा था

मिसेज़ पवार- तो

अवी-उसके लिए मैं ने आपको कहा कि उसके साथ प्यार करो

मिसेज़ दूबे- मतलब तुम ये नही चाहते थे

अवी-चाहता था , पर अब उस बारे मे सोचता हूँ तो खुद पे गुस्सा आ रहा है

मिसेज़ पवार- इसका मतलब है कि हमसे ग़लती हो गयी

मिसेज़ दूबे- हमे समझ जाना चाहिए था , हमे मना करना चाहिए था

अवी-मना कर देती तो अच्छा होता , उस दिन आप पे गुस्सा आता पर आज खुश होता

मिसेज़ पवार- हमे तो लगा था कि तुम उस से खुश होंगे

अवी-खुश तो था , पर अब खुश नही हूँ

मिसेज़ दूबे- तब एक इशारा करते तो हम मना करके वापस चले जाते

अवी-तब मुझे कुछ समझ ही नही आ रहा था , तब मैं अँधा हो गया था

मिसेज़ पवार- अंधे तो हम भी हो गये थे जो हमे सिर्फ़ तुम दिख रहे थे

अवी-आपको राजेश के साथ करना नही था

मिसेज़ दूबे- हमे तो तुम्हें प्यार करना था

अवी-सारी ग़लती मेरी है , मुझे माफ़ कर देना

मिसेज़ पवार- अब माफी माँग कर क्या होगा

अवी-तो मुझे सज़ा दे दो

मिसेज़ दूबे- हम तुम्हें सज़ा कैसे दे सकती है

अवी-मैं ने तुम्हारी फीलिंग को समझा ही नही

मिसेज़ पवार- हमारी फीलिंग को तुम अच्छे से समझते हो तभी तो हमे इतना प्यार करते हो

अवी-मैं उस दिन के लिए माफी माँगता हूँ , मुझे माफ़ कर देना

मिसेज़ दूबे- यही तुम्हारी बात हमे अच्छी लगती है , तुम्हारी जगह कोई होता तो कभी माफी नही माँगता

मिसेज़ पवार- उस बात के हो जाने पे फिर से उसके बारे मे सोच कर , हमसे माफी माँग कर तुमने , हमे माफ़ कर दिया हमारी ग़लती के लिए

मिसेज़ दूबे- तुम्हें माफ़ कर तो देंगे हम पर

अवी-पर क्या

मिसेज़ पवार- पर तुमने ग़लती की है

अवी-तो मुझे सज़ा दो

मिसेज़ दुबे- सोच लो

अवी-सोच लिया

मिसेज़ पवार- हमे ऐसे ही प्यार करते रहना होगा

अवी-इतनी प्यारी सज़ा मत दो

मिसेज़ दूबे- तुम्हें उस से डेंजर सज़ा हम तो नही दे सकती

अवी-सज़ा मैं भुगत लूँगा

मिसेज़ पवार- फिर तो हम भी उस दिन को भूल जाएँगे

अवी-हाँ भूल जाना उस दिन को ,

मिसेज़ दूबे- पर

अवी-पर क्या

मिसेज़ दूबे - कुछ नही

अवी-मैं कभी दुबारा ऐसा करने को कहूँगा तो डाइरेक्ट मना कर देना

मिसेज़ दूबे- अब तो थप्पड़ मार देंगे

अवी-थप्पड़ मुझे याद दिला देगा कि मैं क्या कर रहा हूँ

मिसेज़ पवार- अब जाने दो , उस बात को याद करके आज क्यू खराब करना , जो हो गया सो हो गया

मिसेज़ दूबे- सही कहा , अब उसे बदल तो नही सकते पर अच्छा लगा कि तुम हमारी फीलिंग को समझते हो

मिसेज़ पवार- अच्छा लगा कि तुम्हारा दिल मे हमारे लिए रेस्पेक्ट है

मिसेज़ दूबे- तुम हमे कितना प्यार करते हो वो पता चल गया

अवी-मैं उस दिन के लिए शर्मिंदा हूँ

मिसेज़ पवार- उस दिन को भूल जाते है

अवी-ऐसा मैं दुबारा कभी नही करूँगा

मिसेज़ दूबे- हम भी होने नही देंगे अब

अवी-तुम भी रोकना और मैं भी ऐसा कुछ नही करूँगा

मिसेज़ पवार- पर अपनी सज़ा याद रखना

अवी-बिल्कुल , आप दोनो को प्यार करता रहूँगा

मिसेज़ दूबे- पर कुछ भी हो उस दिन एक नया अनुभव मिला , ग्रूप सेक्स मे मज़ा आया था

मिसेज़ पवार- मज़ा बहुत आया था , पर अकेला अवी भी उतना मज़ा दे सकता है

अवी-आप दोनो के लिए मैं अकेला काफ़ी हूँ

मिसेज़ दूबे- फिर हो जाओ सुरू

अवी-आज नही , पर जल्दी मिलेंगे और थ्रीसम करेंगे

मिसेज़ पवार- मैं मिसेज़ दूबे और तुम

अवी-हाँ

मिसेज़ दूबे- पर राजेश को तो हम पसंद आ गयी हैं

मिसेज़ पवार- हमने तो उसको प्रॉमिस किया है फिर मिलने का

अवी-तो क्या हुआ , उसको मैं समझा दूँगा

मिसेज़ दूबे- पर वो यहाँ आएगा और कुछ गड़बड़ कर दी तो

अवी-नही करेंगा , मैं उसको समझा दूँगा

मिसेज़ पवार- पर हमारे ना करने की वजह क्या बताओगे

अवी-कुछ भी बहाना बना दूँगा पर आप भी उस से दूर रहना

मिसेज़ दूबे- हम तो तुम्हारे करीब रहना चाहते है

अवी-राजेश तो यहाँ घर2 मे आएगा पर आप दूर रहना

मिसेज़ पवार- मेरा तो प्राब्लम नही होगा क्यू कि मैं दूर रहती हूँ और ऑफीस मे होती हूँ दिन मे

मिसेज़ दूबे- मैं मनेज कर लूँगी , बस तुम उसको समझा देना अच्छे से

अवी-मैं कुछ ना कुछ बहाना बता दूँगा

मिसेज़ पवार- कुछ तो सोचा होगा , हमे फिर से अपने छेद खुले करके घूमना नही है

अवी-मिल गया आइडिया

मिसेज़ दूबे- क्या

अवी-मैं राजेश को बता दूँगा कि हमारे ग्रूप सेक्स से आपकी फट गयी थी ,फिर आपके पति को शक हुआ , शक होने की वजह से आप रिस्क नही लेना चाहती है इस लिए आप अब सेक्स नही करेगी मेरे साथ और उसके साथ

मिसेज़ पवार- सिर्फ़ उसके साथ

अवी-ऐसा राजेश को बताउन्गा , मैं तो करता रहूँगा ना

मिसेज़ दुबे- ये ठीक रहेगा

अवी-आप दोनो अब खुश हो ना

मिसेज़ पवार- हाँ , वैसे भी रोज रोज राजेश के साथ करते तो मज़ा नही आता , रोज रोज करने से पकड़े जा सकते है ,तुम ऐसे महीनो के बाद मिलते हो और जो प्यार करते हो पूरी प्यास बुझा देते हो

अवी-लेकिन इस बार हम जल्दी मिलेगे

मिसेज़ दूबे- अब जब भी करेंगे हम तीनो साथ मे करेंगे

मिसेज़ पवार- इस राजेश की वजह से एक बात अच्छी हुई कि मिसेज़ दूबे मेरी सहेली बन गयी ,

मिसेज़ दूबे- अब हम मिलके तुम्हारा इंतजार करेगी जिस से समय का पता नही चलेगा

अवी-मैं ज़्यादा इंतज़ार नही कराउन्गा

मिसेज़ पवार- अवी थॅंक्स , मुझे तो डर था कि राजेश का उतावलापन देख , उसके इस उतावले पन से गड़बड़ होने के चान्स थे

अवी-अब वो आप से दूर रहेगा , मुश्किल होगा उसको समझाना पर मैं मेनेज कर लूँगा

मिसेज़ दूबे- ये तो हो गया पर आज हमे क्या मिलेगा

अवी-एक स्वीट किस

मिसेज़ पवार- तो किस के लिए भी इंतज़ार कराओगे

और मैं ने दोनो को अपने बाहों मे लेकर किस किया

किस तब तक करता रहा जब तक दोनो ने मुझे रोका नही

मेरे प्यार करने से मिसेज़ पवार और मिसेज़ दूबे दोनो नॉर्मल हो गयी

पर मैं उनको प्यार करता रहा

दोनो को प्यार करके मैं वहाँ से निकल गया

मुझे तो उनसे कैसे बात करूँ , किसी तरह बात करूँगा

यही सोच रहा था

जिस से जितना हो सका खुद को स्ट्रॉंग रख कर उनसे माफी माँग ली

उनके माफ़ करते ही , उनकी प्यारी सज़ा पा कर मैं अपने रास्ते चला गया

राजेश को समझाना था कि वो मिसेज़ दूबे और मिसेज़ पवार से दूर रहे
 
815 डी

मिसेज़ दूबे और मिसेज़ पवार से कल के लिए माफी माँग ली

जैसा सोचा था वैसा ही हुआ था

मिसेज़ दूबे और मिसेज़ पवार मेरे लिए राजेश के साथ सेक्स करने को तय्यार हुई थी

अब उनको भी अच्छा लग रहा होगा , मेरे माफी माँगने से वो दोनो खुश हो गयी

चलो सब ठीक हो गया

दोनो ने सज़ा ऐसी सेलेक्ट की जिस से दोनो सब कुछ भूल गयी

पर अच्छा ये हुआ कि दोनो फ्रेंड बन गयी , अब प्यार करने मे और मज़ा आएगा

बस अब राजेश को बताना है कि उसे क्या करना है

पर पहले रिया से बात करता हूँ

मिसेज़ पवार और मिसेज़ दूबे और रिया की बात अलग है

मुझे लगता है रिया राजेश को लाइक करने लगी है

उसको भी एक बाय्फ्रेंड की ज़रूरत है

जब तक उसकी शादी नही होगी वो राजेश के साथ एंजाय करने का सोच सकती है

क्यू कि रिया को पता है की मैं उसे टाइम नही दूँगा

और वैसे भी वो शर्त हार चुकी है तो वो राजेश को छोड़ेगी नही

क्यू की शर्त उसी ने लगाई थी , उसने ही जोरदार चुदाई चाहिए थी

फिर भी रिया से बात करूँगा

मिसेज़ दूबे से मिलने के बाद मैं रिया के कोर्स वाली जगह चला गया

पहले तो मैं ने रानी के क्लास की तरफ देखा

रानी क्लास मे थी , उनके क्लास के बाहर कोई नही था

मैं रिया के आने का इंतज़ार करने लगा

रिया समय से पहले आ गयी

अवी- रिया

अपना नाम सुनते उसने मेरी तरफ देखा

मुझे देखते मेरे पास आ गयी

रिया-तुम यहाँ क्या कर रहे हो

अवी- तुम से मिलने आया हूँ

रिया-आज फिर चलने को बोलने वाले हो तो मेरा जवाब होगा नही , आज कुछ बहुत इम्पोर्टेंट काम है

अवी- मैं सिर्फ़ बात करने आया था

रिया-बात करने , किस बारे मे

अवी- उस्दिन जो हुआ उसी बारे मे बात करनी थी

रिया-क्या बात करनी है

अवी- कॉफी पीते हुए बात करते है

रिया-यही बात कर लो , जल्दी निपट जाएगी बात

अवी- उस्दिन के बारे मे तुम क्या कहना चाहोगी

रिया-मैं समझी नही

अवी- तुमने उस दिन , कैसे बोलू

रिया-बोल दो जो बोलना है

अवी- तुम राजेश के साथ खुश हो

रिया-हाँ

अवी- तुम्हें तो मेरे साथ करना था , तो राजेश के साथ करने को कहा तुम्हें बुरा लगा था

रिया-थोड़ा लगा था , उसी की वजह से तो जाने का सोच रही थी पर तुम दोनो के हथियार देखते ही रुक गयी

अवी- तुम खुशी थी ना कि मैं ने राजेश को इन्वाइट किया था

रिया-मुझे तो राजेश के साथ बहुत मज़ा आया

अवी- पर तुम्हें तो उसने रुलाया था

रिया-शर्त ही ऐसी थी कि राजेश को वैसा करना पड़ा , लेकिन मुझे मज़ा बहुत आया उस दिन पर

अवी- पर क्या

रिया-उस बात का गम है कि रात भर सेक्स करने को नही मिला , कितना मज़ा किया उस आंटी ने , काश वहाँ मैं भी होती तो

अवी- मतलब तुम्हें और करना है वैसा

रिया-हाँ , बहुत मज़ा आया है , ऐसा करने को कभी मिलता नही ,

अवी- तो तुम अब राजेश के साथ एंजाय कंटिन्यू करोगी

रिया-हाँ ,तुम तो मिलोगे ही नही , राजेश अच्छा है , उसके साथ मज़ा आता है

अवी- और मेरे साथ

रिया-मुझे तो राजेश पसंद आ गया है

अवी- मतलब तुम्हें कोई शिकवा नही है कि मैं ने राजेश के साथ शेयर किया

रिया-राजेश के आने से तो मैं खुश हूँ ,

अवी- (रिया से इसी जवाब की उम्मीद थी) तो राजेश के साथ

रिया-मैं उसके साथ करती रहूंगी , उसको मैं पसंद हूँ मुझे वो पसंद है , तुम दूर रहो

अवी- ठीक है , पर पकड़े मत जाना

रिया-उसका इंतज़ाम मैं कर लूँगी ,और कुछ बात करनी है

अवी- नही , बस इतना ही पूछना था , मुझे लगा राजेश के साथ शेयर करने से तुम गुस्सा हो गयी होगी

रिया-कुछ भी , ऐसा कुछ नही होता मेरे साथ , अगर तुम दोनो फिर ना मिलने की बात करते तो गुस्सा आता है , अच्छा है राजेश को मैं अच्छी लगती हूँ

अवी- अब जाओ क्लास मे , मैं चलता हूँ

रिया-अवी , थॅंक्स ,राजेश से मिलने के लिए

अवी- वेलकम डियर

रिया से इसी जवाब की उम्मीद थी

रिया का प्राब्लम भी ख़तम हुआ

बस राजेश से बात कर लेता हूँ

राजेश को एक बार क्लियर कर दूं तो वो अपनी ज़िंदगी जिएगा और मैं अपनी

पर मेरी नज़र उसपे रहेगी

रिया से मिलने के बाद मैं गाओं आ गया

मिसेज़ दूबे मिसेज़ पवार और रिया से माफी मागने के बाद मैं घर चला गया.

अब अच्छा लग रहा था

ऐसा लग रहा था कि सर से बड़ा बोझ कम हो गया है

रात ने मैं सो नही पाया था रात भर यही सोचता रहा कि मैं ने जो किया वो ठीक किया कि नही

मैं ने जो ग़लती की उसकी माफी माँग ली , जो हुआ वो बदल तो नही सकते पर उनको अच्छा लगा कि मैं ने उनसे माफी माँगी और उनकी सज़ा भी स्वीकार की

रिया को तो राजेश के साथ कंटिन्यू रीलेशन रखना है

पर अब मैं इन सब से दूर रहूँगा

राजेश को उसकी मर्ज़ी से जीने दूँगा

मेरा इंटर फियर उसको डिस्ट्रब कर सकता है

मैं ने राजेश को बदल तो दिया है अब वो खुद एंजाय करेगा गाओं मे

मैं गाओं मे आते ही पहले घर चला गया

चाची को उनका मोबाइल दे दिया

सीमा चाची मोबाइल देख कर खुश हो गयी. पर छोटी चाभी का मोबाइल कल मिलेगा.

बड़ी चाची ने मुझे बताया कि नीता बुआ ने मुझे बुलाया है

मैं मसेज मिलते ही नीता बुआ के घर चला गया

मुझे नीता बुआ से नेहा बुआ के बारे मे जो पूछना था

और राजेश से बात भी करनी थी

मैं नीता बुआ के घर आ गया
 
राजेश मुझे बाहर ही मिल गया

वो अपने पापा की बाइक साफ कर रहा था अब वो गाओं मे रहेगा तो शहर जाने को बाइक तो लगेगी

मैं राजेश के पास आ गया

राजेश - भैया आप

अवी- क्या चल रहा है

राजेश - बाइक क्लीन कर रहा हूँ , अब शहर जाने को कुछ चाहिए ना , शहर मे मस्ती जो करनी है

अवी- (अवी आराम से , कोई जल्दबाज़ी मत करना ) बता 2 दिन मज़ा आया कि नही

राजेश - हाँ , आपकी माल तो एक दम हॉट थी , मैं तो फिदा हो गया उनपे

अवी- रिया पे

राजेश - नही , मिसेज़ दूबे पे

अवी- मिसेज़ दूबे से दूर रहना

राजेश - क्यू ?

अवी- अब तुझे कैसे बताऊ

राजेश - क्या हुआ भैया , आंटी ने मना किया क्या

अवी- मिसेज़ दूबे पागल नही है जो तुम्हें मना करेगी

राजेश - तो बात क्या है , आपको पसंद नही कि मैं आपकी सेट्टिंग के साथ सेक्स करूँगा

अवी- धीरे बोल.कोई सुन लेगा

राजेश - सॉरी

अवी- ऐसी बात नही , अबी मैं शहर गया था एक काम से तो घूमते घूमते घर 2 पे गया था

राजेश - तो

अवी- सोचा मिसेज़ दूबे से मिल लूँ ,

राजेश - बात क्या है

अवी- जैसे मैं घर 2 गया तो मुझे मिसेज़ दूबे के घर से झगड़े की आवाज़ आने लगी

राजेश - झगड़ा

अवी- हाँ , थोड़ी देर आवाज़ आते रही फिर मिस्टर दूबे बाहर चले गये ,

राजेश - आपको मिलना चाहिए था मिसेज़ दूबे से

अवी- मैं मिला था , मैं मिस्टर दूबे के जाते ही मिसेज़ दूबे के घर चला गया , पता है मुझे देख कर मिसेज़ दूबे ने क्या कहा

राजेश - मेरी बात की होगी

अवी- उस ने कहा कि दुबारा यहाँ मत आना

राजेश - व्हाट

अवी-मैं भी ऐसे ही शॉक्ड हो गया था

राजेश - पर मिसेज़ दूबे ने ऐसा क्यूँ कहा

अवी- मैं ने पूछा मिसेज़ दूबे से

राजेश - क्या कहा

अवी- उसने कहा कि पहले हम जब करते थे तो एक बार करते थे जिस से सब नॉर्मल होता था

राजेश - आगे बताइए

अवी- पर उस दिन हम दोनो ने उनके छेद खोल कर रख दिए ,

राजेश - वो हॉट ही इतनी है

अवी- हाँ , पर तुम्हें पता हैना कि हमसे चुदाई करके मिसेज़ दूबे शादी मे गयी थी ,

राजेश - हाँ

अवी- वहाँ पर मिस्टर दूबे मिसेज़ दूबे को देखते ही पागल हो गये , और उनको एक कमरे मे ले गये और प्यार करने लगे , हमने रात भर चुदाई करके मिसेज़ दूबे के छेद खोल दिए थे जिस से मिस्टर दूबे को शक हो गया

राजेश - ये तो मुसीबत हो गयी

अवी- मिसेज़ दूबे बुरी तरह से फस गयी

राजेश - और क्या कहा मिसेज़ दुबे ने

अवी- उन्हो ने मिस्टर दूबे से माफी माँग ली और दुबारा ऐसा ना करने का प्रॉमिस किया और मुझ से रिस्ता तोड़ दिया

राजेश - मेरी वजह से आपको मिसेज़ दूबे से दूर होना पड़ा

अवी- मिसेज़ दूबे नही मिली तो कोई बात नही दूसरी मिल जाएगी पर ये अच्छा हुआ कि उनकी मॅरेज लाइफ डिस्ट्रब नही हुई

राजेश - हाँ , , ये अच्छा हुआ

अवी- तू खुद को गुनहगार मत समझ , ये सब तो एक दिन होना ही था

राजेश - मिसेज़ दूबे की याद आएगी

अवी- मुझे भी

राजेश - कोई बात नही , मिसेज़ पवार तो है

अवी- वो भी नही है

राजेश - क्यूँ ?,

अवी- मिस्टर दूबे मिस्टर पवार से बात की और उनको पता चला कि दोनो रात मे साथ थी तो मिसेज़ पवार भी फस गयी

राजेश - डबल लॉस हो गया

अवी- हाँ , पर वो सेफ है , पर दोनो ने मेरे साथ रिस्ता तोड़ दिया

राजेश - जाने दीजिए , मैं आपके लिए ढूँढ कर दूँगा ऐसी आंटी , और साथ मे चुदाई करेंगे

अवी- नही , साथ मे नही करेगे क्यूँ कि ऐसा करने से ये सब हुआ ,

राजेश - पर साथ मे करने से मज़ा आता है

अवी- रोज रोज करेंगे तो मज़ा ख़तम हो जाता है

राजेश - कभी कभी करेंगे

अवी- ठीक है , पर कभी कभी

राजेश - रिया ने भी मना किया क्या

अवी- मैं उस से भी मिला क्यू कि तूने उसे रुलाया था ना

राजेश - क्या कहाँ रिया ने

अवी- वो तेरे साथ मस्ती करने को तय्यार है

राजेश - एक तो अच्छी बात सुनने को मिली

अवी- मिसेज़ दूबे और मिसेज़ पवार से दूर रहना , घर 2 जाएगा तो देखना भी मत वरना गड़बड़ हो जाएगी

राजेश - कुछ दिन उधर जाउन्गा भी नही , रिया के साथ यही मज़ा करूँगा

अवी- तू सोचा कि मज़े कैसे करने है मैं बुआ से मिल लेता हूँ

राजेश को समझाने के बाद मैं नीता बुआ के पास चला गया
 
राजेश से बात करने के बाद मैं अंदर चला गया.

घर मे नीता बुआ लीना के साथ बैठ कर टीवी देख रही थी.

मैं उनके पास जाकर बैठ गया

नीता बुआ-तू अब तक कहाँ था

अवी-कोमल को शहर छोड़ने गया था ,वहाँ से आते आपका मेसेज जैसे मिला यहाँ आ गया .

नीता बुआ-अब तू यही रहेगा.

अवी-मैं तो यही रुक जाउन्गा ,वैसे भी आपके हाथो का खाना खाए हुए बहुत दिन हो गये है

नीता बुआ-आज तुझे पेट भरके खाना खिलाउन्गी.

अवी-मैं ने सुबह से कुछ नही खाया है.क्यू कि आपके हाथ का खाना जो खाना था.

नीता बुआ-पहले क्यू नही बताया ,मैं अबी खाना गरम करके लाती हूँ

नीता बुआ किचन मे चली गयी मेरे लिए खाना लाने

राजेश बाहर बाइक ठीक कर रहा था.

हॉल मे लीना और मैं बैठ कर टीवी देखने लगे

और अचानक लीना ने मुझे किस किया .

मैं तो लीना के इस तरह किस करने से शॉक्ड हो गया.

लीना मुझे देख कर हँसने लगी

लीना-क्या हुआ भैया. ऐसे शॉक्ड क्यूँ हुए

अवी-ये क्या था. बुआ ने देख लिया तो

लीना-ये थॅंक्स था. राजेश भैया को मुझसे मिलाने के लिए

अवी-थॅंक्स कहने का ये कौन सा तरीका है

लीना-कविता और मेरा तरीका है.

अवी-तो क्या सबको ऐसे थॅंक्स कहती हो

लीना-सबको नही सिर्फ़ आपको

अवी-तुम्हारा थॅंक्स कहना मुझे पसंद आया.वैसे तू खुश हैना

लीना-हाँ, राजेश भैया के बदलने से और बदले हुए रूप से खुश हूँ,

अवी-अब तो वो तुम्हें टाइम देता है ना

लीना-हाँ, कल माँ भैया और मैं बहुत देर तक बाते करते रहे.

अवी-क्या बाते की

लीना-भैया ने बताया कि वो स्कूल मे कैसे रहते है.और आपकी बहुत तारीफ कर रहे थे

अवी-तो इस लिए किस किया ,

लीना-आप मेरे बेस्ट भैया हो इस लिए किस मिला है

अवी-और क्या क्या मिलने वाला है.

लीना-आप रुकोगे तो बहुत कुछ मिलेगा.

अवी-मैं तो आज यही रुकने वाला हूँ

लीना-फिर तो आपको बहुत कुछ मिलेगा.

अवी-बुआ का क्या

लीना-माँ को आप संभाल लो

अवी-तुम अपना प्रॉमिस तोड़ रही हो, हम सिर्फ़ बर्तडे पे करने वाले थे

लीना-आपका बर्तडे नही आता उसका क्या

अवी-उसकी पार्टी मैं अपने मर्ज़ी से दूँगा

लीना-आज करते हैना

अवी-बिल्कुल नही, रिस्क नही ले सकते

लीना-ठीक है. पर मैं किस तो कर सकती हूँ

अवी-हाँ कर सकती हो पर ध्यान से

और फिर से लीना ने मुझे किस किया और राजेश को खाना खाने के लिए बुलाने चली गयी

राजेश के आते ही हम ने मिलकर खाना खाना सुरू किया.

नीता बुआ ने हम तीनो को अपने हाथ से खाना खिलाया.

नीता बुआ के हाथ का वो एक नीवाला सब से स्वादिष्ट था.

बाकी नीवाले तो फीके लग रहे थे.

बाते करते हुए ,हसी मज़ाक करते हुए ,प्यार करते हुए ,फॅमिली के साथ खाना खाने की बात ही अलग होती है.

पूरी फॅमिली प्यार से जहाँ रहती है उसे जन्नत कहते है.

खाना खाने के बाद हम बाते करते हुए टाइम पास करने लगे

लीना-भैया क्या हम कुछ करते हुए बाते कर सकते है जिस से हमे डबल मज़ा आए

राजेश-गेम खेलते है.

लीना-फिर तो मज़ा आ जाएगा. पर क्या खेलेंगे

राजेश-कार्ड्स खेलते है

लीना-बोरिंग, माँ को उसमे हराना मुश्किल है.

अवी-करम खेलते है

लीना-फिर तो माँ को भी खेलना होगा.

नीता बुआ-करम मुझे अच्छे से खेलना नही आता है

राजेश-माँ हम ग्रूप मे खेलेंगे

लीना-कौन किसके ग्रूप मे होगा.

अवी-राजेश और मैं , तुम और नीता बुआ ,

लीना-फिर तो हम हार जाएँगे, राजेश भैया और आप तो अच्छा खेलते है

नीता बुआ-मैं और राजेश ,तुम और अवी. ठीक है

लीना -मैं भी यही कहना चाहती थी.चलो जगह बनाते है

मैं ने और राजेश ने करम को टेबल पे रख कर 2 साइड मे सोफा और 2 चेयर लगा दिया.

लीना-स्टार्ट करते है.

राजेश-माँ हमे जीतना होगा.

लीना-भूल जाओ, जीतेंगे तो है. मेरे साथ अवी भैया है

नीता बुआ-कोई भी जीते , लीना तुम सुरू करो

और हम ने करम खेलना सुरू किया.
 
लीना और मैं एक ग्रूप मे थे .जिसमे मैं अच्छे से खेल सकता था और लीना एवरेज प्लेयर थी.

उनके ग्रूप मे राजेश चॅंप था तो नीता बुआ को ठीकठाक खेलना आता था.

लीना ने गेम स्टार्ट किया.

गेम सुरू होते ही राजेश पहले क्वीन के पीछे लग गया.

लीना-भैया ये क्या आप तो सुरू से क्वीन के पीछे लग गये

राजेश-मैं ऐसे खेलता हूँ, पहले क़्वीन क्लियर करके खेलता हूँ

लीना-अवी भैया आप राजेश भैया को क्वीन डालने मत देना

अवी-तू आराम से खेल ,मैं हूँ ना ,रानी तो मेरी है

और क्वीन को मैं ने पॉकेट मे डाल कर गेम जीत लिया

कभी हम तो कभी उनका ग्रूप जीत जाता.

हमारे जीतते लीना खुश होकर राजेश को चिडाने लगती.

राजेश भी कुछ कम नही था वो अपना गेम आराम से जीत लेता. उसके पास स्टाइकर आते ही वो अपने हाथ से जल्दी जाने नही देता.

वही नीता बुआ ड्यू करने से राजेश को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती.

वही हम दोनो ,लीना और मैं फटाफट पॉकेट पे पॉकेट करने लगे.

गेम बड़े मज़ेदार मोड़ पे आ रहा था.

जब ऑपोसिट वाला टक्कर वाला हो तो गेम लंबा चलता है.

बीच मे हम ने एक ब्रेक लिया .और नीता बुआ ने हम सबके लिए शरबत लाया.

ब्रेक के बाद फिर से हम करम खेलने लगे.

देखते देखते ग़मे इंट्रेस्टिंग मोड़ पर आ गया.

ये गेम डिसाइड करने वाला था कि कौन ये गेम जीतेगा.

उनके पॉइंट 28 और हमारे 27 हो चुके थे.

स्टाइकर नीता बुआ के हाथ मे था.

इस सेट मे ना मैं क्वीन डाल सका और ना राजेश ,जिस से गेम इंट्रेस्टिंग पॉइंट पे आकर रुका था.

क्वीन नीता बुआ ने डाल दी थी, बस कवर करना था.

कवर आसानी से होने वाला था.

लीना अपने नाख़ून खा रही थी.

अगर कवर हो गया तो हम हारने वाले थे.

लीना भगवान से दुआ कर रही थी कि नीता बुआ कवर ना कर सके

लीना मेरी तरफ देख कर कुछ करने को कह रही थी.

नीता बुआ टारगेट सेट कर रही थी.

नीता बुआ स्टाइकर छोड़ने वाली थी कि मैं ने उनके जाँघो पर हाथ रख कर दबा दिया.

मेरा हाथ उनके जाँघो को टच होते उनके बदन मे एक लहर दौड़ गयी.

नीता बुआ का हाथ कापने लगा. और स्टाइकर उनके हाथ से छूट गया और टारगेट मिस हो गया.

और स्टाइकर पॉकेट मे चला गया

उनको फाउल हो गया

लीना तो इतनी खुश हुई कि उसे लगा हम जीत गये.

जीत ही गये समझो.

पर लीना ने गड़बड़ की तो स्टाइकर जाएगा राजेश के हाथ मे अगर उसके हाथ मे गया तो समझो गेम ख़तम ,

पर लीना कोई गड़बड़ नही करेगी.

लीना ने आराम से क्वीन डाल दी और कवर करने के लिए तय्यार हो गयी.

मेरा हाथ अभी तक बुआ की जाँघो पर था.

बुआ ने कुछ नही कहा. यहाँ तक की मेरा हाथ भी नही हटाया ,बस एक बार मेरी तरफ देखा.

मैं ने उनको एक स्माइल दी और लीना ने कवर कर दिया ,हम जीत गये.

गेम जीतते ही मैं ने अपना हाथ हटा दिया.

लीना तो गेम जीतते ही नाचने लगी

लीना-हम जीत गये ,हम जीत गये

राजेश-क्या माँ ,इतना अच्छा चान्स था आपने मिस किया.

नीता बुआ-वो मैं

अवी-बुआ वो देखो लीना कितनी खुश हो रही है.

लीना-राजेश भैया हार गये. मैं ने चॅंपियन को हराया है.याआ हू

राजेश-वन ऑन वन खेल फिर देख कौन जीत ता है.

लीना-कुछ भी हो पर अभी तो मैं जीत गयी. माँ मैं ने भैया को हरा दिया. चेम्पियन को हरा दिया.

लीना-अवी भैया हम जीत गये. आप ने मुझे जिता दिया.

अवी-राजेश कभी कभी दूसरो की खुशी के लिए हारना पड़ता है.देखो लीना कितनी खुश है.

राजेश-लेकिन माँ ने वो मिस नही किया होता तो

अवी-बुआ ने वो जानबूझ कर मिस किया क्यू कि उनको लीना के चेहरे पे खुशी देखनी थी.

बुआ ने मेरी तरफ देखा.बुआ समझ गयी कि मैं ने उनकी जाँघो को मसला क्यू था

नीता बुआ-राजेश कभी कभी हारने से भी जीतने जैसी खुशी मिलती है.

राजेश-हमारी नयी चॅंपियन लीना

लीना ने अपनी गर्दन उची की. जिसे देख कर हम हँसने लगे

लीना-माँ मैं कविता को बता कर आती हूँ ,मैं ने राजेश भैया को हराया है

नीता बुआ-जा ,और सबको बताना कि नयी चॅंपियन तू है.

लीना चॅंपियन नाम सुनते उछल पड़ी.

नीता बुआ-अपना इनाम लेती जाना. फ़्रीज़ मे चॉक्लेट है.

लीना-चॉकलेट, मैं दो लूँगी. एक मेरा और एक भैया पर खाउन्गी दोनो मैं

अवी-कविता को भी देना

और लीना अपनी जीत की कहानी बताने के लिए कविता की तरफ चली गयी

और हम बैठ कर बाते करने लगे.
 
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लीना के जाते हम बैठ कर बाते करने लगे.

थोड़ी देर बाद राजेश बाथरूम मे चला गया .और रह गये मैं और नीता बुआ

नीता बुआ-अवी

अवी-आपके कुछ पूछने से पहले मैं बता देता हूँ. वो सब लीना के लिए किया.

नीता बुआ-मैं तो पूछ रही थी कि रात के खाने मे क्या खायोगे

अवी-आपको बुरा नही लगा

नीता बुआ-तुम मे ऐसा कुछ किया ही नही कि मुझे बुरा लगे

अवी-तो मैं ये समझु आपको अच्छा लगा.

नीता बुआ-तू बदमाश होता जा रहा है

अवी-तो आप सुधार दीजिए

नीता बुआ-तू ऐसा ही अच्छा है.

अवी-मुझे तो लगता है मुझ मे कुछ कमी है.

नीता बुआ-मुझे तो नही लगता ,वैसे तुझे ऐसा क्यू लगता है.

अवी-मुझमे कमी ना होती तो नेहा बुआ मेरे साथ ऐसी नही रहती.

नीता बुआ-नेहा. नेहा तो तुझे हमसे ज़्यादा प्यार करती है

अवी-(हर कोई यही आन्सर देता है)ऐसा आपको क्यूँ लगता है.

नीता बुआ-मुझे पता है.

अवी-बताइए ना ,

नीता बुआ- एक किस्सा बताती हूँ उसके बाद कुछ नही बताउन्गी.

अवी-ठीक है बताइए

नीता बुआ-तू जब छोटा था ना तो तू बीमार पड़ गया था. तेरी हालत बहुत खराब थी , तेरा ठंड से बुरा हाल हो गया था , तब नेहा और सुमन दिन रात तेरे पास बैठी रहती थी,तेरी सेवा कर रही थी , तेरे ठीक होने के लिए क्या क्या नही किया नेहा ने ,तेरा ख़याल रखती थी. तुझे बीमार देख कर उनकी आँखों मे आसू आ जाते.नेहा और सुमन ने तो 2 दिन तक खाना भी नही खाया था,

अवी-ऐसा कुछ मुझे तो याद नही है.

नीता बुआ-तू छोटा था.

अवी-नेहा बुआ ने सच मे ऐसा किया था

नीता बुआ-तो क्या मैं झूठ बोल रही हूँ.

अवी-फिर तो मुझे बीमार पड़ के देखना होगा.

नीता बुआ-मार खाएगा अगर ऐसा सोचा भी तो

अवी-फिर ये बताइए नेहा बुआ मेरे साथ ऐसा क्यू रहती है.

नीता बुआ-कहा ना सिर्फ़ एक बात बताउन्गी,

अवी-आपको ज़्यादा परेशान नही करता ,वैसे आप कितना प्यार करती है मुझे

नीता बुआ-तू तो मेरा बेटा है.

अवी-बेटा तो मैं आप सबका हूँ.

नीता बुआ-तुझे एक और बात बताती हूँ

अवी-आप बात बदल रही है

नीता बुआ-मैं ना तेरा नाम राजेश रखने वाली थी.

अवी-मेरा नाम राजेश,फिर क्यू नही रखा

नीता बुआ-क्यू कि,

अवी-हाँ बोलिए

नीता बुआ-मैं ना तुझे राजेश लीना से ज़्यादा प्यार करती हूँ

अवी-आप फिर बात बदल रही है.

नीता बुआ-तू पूजा दीदी से पूछ लेना

अवी-वो मुझे कुछ नही बताती.

नीता बुआ-(मैं कहाँ फस गयी. अगर पूजा दीदी को पता चला कि मैं ने अवी को ये सब बताया है तो मैं गयी काम से, पूजा दीदी बहुत गुस्सा करेगी.) सब ने अपने अपने नाम दिए थे तो मैं ने भी तुम्हारा नाम सजेशन किया था.

अवी-आपने राजेश सजेशन किया था तो अवी नाम किस की पसंद का था

नीता बुआ-(कुछ सोच नीता वरना ,अवी तुझसे एक एक करके सब कुछ पूछ लेगा.) सब ने एक एक चिट्ठी बनाई थी. अब मुझे क्या पता किसने अवी नाम डाला था. और पिताजी ने कहा था कि नाम आने पर कोई ये नही कहेगा कि ये नाम उसने डाला था.

अवी-जाने दीजिए मैं बड़ा हो जाउन्गा तो चाची मुझे बता देगी. उनको लगता है कि मैं ये सब जान ने के लिए छोटा हूँ..

नीता बुआ-(जान बच गयी, अच्छा हुआ मेरे झूठ को सच मान लिया.) तू छोटा होते हुए बड़े बड़े काम करता है

अवी-वो सब तो लीना और आपके लिए किया. आप खुश रहे यही चाहता था मैं

नीता बुआ-मुझसे इतना प्यार करते हो

अवी-आपका बेटा हूँ.आप ही ने तो कहा.

नीता बुआ-मेरा प्यारा बेटा है तू,

अवी-तो मैं आपको प्यार कर सकता हूँ

नीता बुआ-हाँ, ये भी कोई पूछने की बात है.

मैं नीता बुआ से बात कर रहा था कि राजेश आगया

और मुझे अपने साथ अपने कमरे ले गया.

आज नीता बुआ बता रही थी. क्या ज़रूरत थी ये बोलने कि चाची बता देगी.

नेहा बुआ के लिए मुझे वही जवाब दिया नीता बुआ ने जो चाची देती है.नेहा बुआ मुझे प्यार करती है.

नेहा बुआ के बारे मे जान ना मुश्किल है ,कही ना कही से पता लगा कर रहूँगा.

काम मुश्किल है ,पर मुझे अपने अतीत के बारे मे जानना है. एक तो मुझे ज़्यादा कुछ याद नही है और कोई बताता भी नही.

राजेश मुझे अपने कमरे मे ले गया.

अवी-तेरा कमरा देखता हूँ तो लगता कि यहा 10 12 लोग रहते होंगे

राजेश-ऐसा क्यू लगता है आपको

अवी-इतनी सारी किताबें ,ट्रोपी , सेरेफिकेट ,ये किसी एक नही हो सकते

राजेश-सबको ऐसा लगता है

अवी-तू इतना सब कैसे कर लेता है. पढ़ाई स्पोर्ट एक साथ

राजेश-बचपन से आदत लग गयी.

अवी-अब इन सर्टीफिकेट को निकाल दे और फोटो लगाना सुरू कर.

राजेश-वही करनेका सोच रहा हूँ

अवी-देख मैं ने रिस्क लिया है. अगर तेरी पढ़ाई को कुछ हुआ तो बुआ मुझपे गुस्सा करेगी

राजेश-आप बेफिकर रहिए 'मैं पहले भी पढ़ाई के साथ मस्ती कर चुका हूँ

अवी-वो ठीक है. बता क्या बात जो बुआ के पास से बुलाया है.

राजेश-भैया उस लड़की के बारे मे बात करनी थी

अवी-किस लड़की की बात कर रहे हो

राजेश-जिसने मेरे बारे मे आपको बताया था .उस की

अवी-कहा था ना कि पहले तू ढूँढ कर दिखा अगर नही हुआ तो मैं खुद बता दूँगा.

राजेश-उसके पास मेरी डायरी है इस लिए पूछ रहा था

अवी-ज़्यादा टेन्षन मत ले ,मैं कुछ करता हूँ

राजेश-मैं ढूँढ लूँगा. बस एक हिंट चाहिए थी

अवी-हिंट

राजेश-मैं ने कुछ लड़कियो को सेलेक्ट किया है बस आपको इतना बोलना है कि वो उनमे है या नही.

अवी-दिखा

राजेश ने मुझे 5 लड़कियो के फोटो दिखाई जो उसकी क्लासमेट है.

अवी-हाँ, इन 5 लड़कियो मे वो है

राजेश-जल्दी मैं उसका पता लगा लूँगा.

अवी-और क्या करेगा

राजेश-वो मिलने के बाद सोचूँगा.

अवी-और बता अब क्या सोचा है. फ्यूचर प्लान क्या है

राजेश-फ्यूचर तो ब्राइट हो गया आपकी वजह से

अवी-एक बात बता तुम ड्रिंक या सिग्गरेट पीता है

राजेश-नही. और कभी पीऊंगा भी नही.

अवी-अच्छी बात है. चल चेस खेलते है.

राजेश-आपको आता है खेलना.

अवी-इसी लिए कहता हूँ घर रहा कर.हमे क्या पसंद है क्या नही तुझे कुछ पता नही है , लीना की पसंद क्या है ये भी पता नही होगा तुझे

राजेश-अब से इन बातों पे ज़्यादा ध्यान दूँगा , चलो खेलते है चेस

चेस खेलते हुए हम बाते करने लगे.

कविता और लीना भी राजेश के कमरे मे आ गयी.

उनके आते ही चेस को पॅक कर लुडो खेलने के लिए निकाल लिया.

उसके सिवा हमारे पास कुछ खेलने को था ही नही

लुडो देखते ही कविता ने मूह टेडा कर दिया ,फिर तो एक ही खेल बच गया.

कार्ड्स, कार्ड खेलने लगे.

राजेश और मैं ,लीना और कविता का ग्रूप बन गया था.

हमारे सामने कविता और लीना हार रही थी

इस तरह हारने से लीना ने नीता बुआ को आवाज़ दी.

लीना-माँ

नीता बुआ-क्या हुआ.

लीना-हम हार रहे है.

राजेश-लीना ये चीटिंग है. माँ को क्यू बुला रही हो

अवी-बुलाने दो तभी मज़ा आएगा.

नीता बुआ कार्ड्स खेलने मे एक्सपर्ट थी.नीता बुआ के आते ही लीना का ग्रूप स्ट्रॉंग हो गया.

अब खेलने मे मज़ा आ रहा था. कभी वो जीतते तो कभी हम जीत जाते

लीना ने धीरे से मेरे कान मे कुछ कहा.

लीना-भैया हम और सिर्फ़ आप खेल रहे होते तो पोकर खेलते जिसमे हारने पे कपड़े निकालते है

लीना की बात सुनते ही मैं ने उसे चुप रहने को कहा.

और हम ऐसे खेलते हुए हसी मज़ाक करने लगे.

नीता बुआ हम सब को साथ देख कर खुश हो गयी.

खेलते हुए अचानक नीता बुआ मेरे पास आ गयी और मेरे माथे पर किस किया.

अवी-क्या हुआ बुआ

नीता बुआ-कुछ नही ,तुम सबको साथ देख कर अच्छा लग रहा है.ऐसे साथ रहा करो,

राजेश-अब से हम ऐसे साथ मे रहेंगे.
 
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