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मैं और मेरा परिवार

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थोड़ी देर खेलने के बाद नीता बुआ रात का खाना बनाने चली गयी.

और हम भाई बहन बैठ कर बातें करने लगे.

राज को पता चला कि हम खेल रहे है तो वो भी हमसे मिलने आ गया.

राज के आते ही धमाल मस्ती सुरू हो गयी.

राज कभी ये खेलने को बोलता तो कभी दूसरा गेम खेलने को बोल देता.

नीता बुआ ने लीना को खाना बनाने के लिए आवाज़ दी ,

लीना और कविता के जाते ,हम तीनो राज मैं और राजेश मिलकर मूवी देखने लगे.

छोटी चाची मुझे देखने के लिए आ गयी.मुझे अपने भाइयो के साथ देख कर उनको अच्छा लगा.

छोटी चाची को मैं ने फोन करके बुलाया था ,एक काम था चाची से

चाची मेरा दिया हुआ काम करके घर चली गयी.
 
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नीता बुआ ने हम सब के लिए खाना बनाया

नेहा बुआ और पूजा बुआ भी आ गयी हम सब के साथ खाना खाने के लिए.

चाची भी आ जाती पर चाचा शहर गये हुए थे वो देर से आने वाले थे उनके लिए चाची को घर पे रुकना पड़ेगा.

हम सब भाई बहन मिलकर खाना खाने लगे.

हम सब को साथ मे देख बुआ के चेहरे पे खुशी झलक रही थी

पूजा बुआ नेहा बुआ भी खुश थी. वो भी हम प्यार से खाना खिला रही थी.

हम बाते करते हुए हसी मज़ाक करते खाना खा रहे थे.

खाना खाने के बाद मैं सबको लेकर छत पर चला गया.

छत पर ठंडी ठंडी हवा मे हम भाई बहन हसी मज़ाक करने लगे.

फिर बुआ का खाना खा कर होते ही हमें नीचे बुला लिया.

पूजा बुआ राज को लेकर चली गयी तो नेहा बुआ कविता को लेकर चली गयी.

उनके जाते नीता बुआ ने सोने की तैयारी करने लगी.

मैं राजेश के साथ सोने वाला था. लीना अपने कमरे मे और नीता बुआ अपने कमरे मे सोने वाली थी.

नीता बुआ सोने से पहले सबके लिए दूध लाने किचन मे चली गयी.

मैं भी उनके पीछे किचन मे चला गया.

नीता बुआ ग्लास मे दूध डाल रही थी.

अवी-बुआ ये ग्लास राजेश और लीना का है.

नीता बुआ-हाँ ,क्यू पूछ रहे हो

अवी-उनको अच्छी नींद लाने के लिए कुछ है मेरे पास,

नीता बुआ-क्या ,

मैं ने अपनी जेब से नींद की मेडिसिन निकाल कर एक एक गोली ग्लास मे डाल दी

नीता बुआ मेरी तरफ देखती रह गयी.

अवी-ये राजेश और लीना के लिए है. ताकि उनको अच्छी नींद आ जाए

नीता बुआ शॉक्ड हो गयी

मैं क्या कर रहा हूँ वो समझने की कॉसिश कर रही थी

वो कुछ बोलना चाहती थी उनके लिप्स काँप रहे थे कुछ बोलने के लिए .पर उनके मूह से कुछ नही निकला.

मैं दूध का ट्रे लेकर हॉल मे चला गया और नीता बुआ मुझे जाते गुए देखती रह गयी.

मैं ने राजेश और लीना को दूध पिला दिया. दूध पीते उनको नींद आनी सुरू हो गयी.

बुआ हॉल मे आकर मेरी तरफ देख रही थी.

उनको राजेश और लीना के आँखों मे नींद दिख रही थी.

राजेश-भैया आज बहुत थक गया हूँ

लीना-मुझे भी ऐसा लग रहा है.

अवी-चलो सो जाते है.बाकी बाते कल करेंगे

राजेश-हाँ ,मुझे भी ऐसा लग रहा है. अब सो जाना चाहिए

लीना-माँ, गुड नाइट ,

और लीना लड़खड़ाते हुए अपने कमरे मे जाने लगी.

नीता बुआ ने उसको सहारा दे कर कमरे मे ले जाकर सुला दिया.

मैं ने भी राजेश को उसके कमरे मे सुला दिया.

दोनो के सोते ही नीता बुआ ने लाइट ऑफ कर दी .और गेट बंद करके अपने कमरे मे जाकर लेट गयी

मैं राजेश के पास लेट कर सोचने लगा कि मैं बुआ के पास जाउ कि नही.

बुआ पता नही क्या सोच रही थी. उनके आँखों से नींद गायब हो चुकी थी.

मैं क्या करने वाला हूँ ये सोच कर उनका बदन काँप रहा था.

उनका दिल ज़ोर ज़ोर से धड़क रहा था .उनके दिमाग़ मे अलग अलग ख़याल आ रहे थे.

नीता बुआ करवट बदल बदल कर सोने की खोसिश कर रही थी.

वो डोर की तरफ देख रही थी कि मैं अब तक आया क्यूँ नही.

अगर मुझे प्यार करना है तो मैं अभी तक आया क्यूँ नही.

राजेश और लीना तो सो गये फिर मैं किस बात का इंतज़ार कर रहा था.

इसी सोच मे नीता बुआ को नींद नही आ रही थी.

मैं सोच रहा था कि बुआ के पास जाउ कि नही

उनको प्यार करूँ कि नही.वो मुझे प्यार करने देगी.

उनको तो पता चल गया है कि मैं क्या करने वाला हूँ . वो क्या सोच रही होगी.

क्या बुआ ने अपने कमरे का डोर बंद किया होगा. क्या बुआ सो गयी होगी.

मैं यही सोच रहा था कि मुझे जाना चाहिए कि नही.

मैं सोच रहा था कि मुझे राजेश के कमरे के डोर के पास एक परछाई दिखी

शायद बुआ मुझे देखने आई होगी.

उनको पता था कि मैं ने उनको प्यार करने वाला हूँ

इसी लिए मेरे देर होने से खुद देखने आई होगी.

बुआ सोच रही होगी कि मैं उनके पास क्यूँ नही आ रहा अगर मुझे उनको प्यार करना है तो ,

उधर नीता बुआ अपने बिस्तर से अपने सवाल का जवाब लेने मेरे पास आ रही थी.

अगर मुझ को उनको प्यार करना है उसी के लिए राजेश और लीना को नींद की गोली खिलाई है तो मैं अब तक उनके पास आया क्यूँ नही

मैं उनको पूछने क्यूँ नही आया अब तक ,

मैं उनके मर्ज़ी के बिना कुछ नही करूँगा ये उनको पता था.

बुआ को मेरी फिकर होने लगी कि मैं कर क्या रहा हूँ

बुआ उठ कर मुझे देखने के लिए तो आ गयी पर उनके कदम कमरे के पास आ कर रुक गये.

उनको लगा होगा कि उनको मेरे पास जाना ठीक नही होगा.

अगर वो मेरे पास आ गयी तो मैं उनके बारे मे क्या सोचूँगा.

यही सोच कर बुआ अपने कमरे मे वापस चली गयी.

बुआ इतनी सोच मे डूबी थी कि उन्होने अब तक नाइटी भी नही पहनी थी. साड़ी पहन कर सो रही थी.

अपने बेड पर लेट कर नीता बुआ छत की तरफ देखने लगी.

टेबल लॅंप को ऑन ऑफ करके फॅन की तरफ देख रही थी

मैं ने बुआ की परछाई देख ली थी.

बुआ की परछाई देखते मैं ने बुआ के पास जाने का फ़ैसला कर लिया.

मैं ने राजेश को सोने दिया कमरे बाहर आकर राजेश औरलीना के कमरे को बाहर से बंद किया.

और नीता बुआ के कमरे की तरफ जाने लगा कि उनके कमरे से लाइट ऑन ऑफ होते हुए देख कर समझ गया कि बुआ कुछ सोच रही है

मैं ने उनके कमरे मे जाने से पहले एक ग्लास नीचे गिरा दिया ताकि उनको पता चले कि मैं आ रहा हूँ.

मेरे आने की आवाज़ सुनते नीता बुआ ने लाइट पर्मनॅंट ऑफ कर दी

और मेरे कमरे मे आने का इंतज़ार आँखों को बंद करके करने लगी

मैं ने बुआ के कमरे का डोर खोला ,वो ओपन था.

मैं बुआ के कमरे मे आ गया

बुआ मेरी तरफ पीठ करके लेटी थी.

उनका चेहरा खिड़की तरफ था.

बुआ के कमरे मे मेरे आते ही एक अजीब सी शांति फैल गयी

मुझे इस शांति मे बुआ की धड़कने सुनाई दे रही थी.

मैं ने बुआ को आवाज़ दी

अवी-बुआ ,बुआ

बुआ ने कोई आवाज़ नही दी.

बुआ वैसे ही लेट कर मेरे कुछ करने का इंतज़ार करने लगी.

मैं बुआ के पास बेड पर लेट गया.

बेड पर लेट ते ही बुआ के बदन मे कुछ हलचल हुई.

मैं बेड पर लेट कर पीछे से बुआ से चिपक गया.

बुआ की धड़कने और तेज चलने लगी.

मैं ने बुआ को पीछे से गले लगाते उनके उपर हाथ डाल कर उनके पेट पर रख दिया.

मेरा हाथ उनके पेट पर टच होते ही बुआ ने एक लंबी सास ली.

उनका बदन जो काप रहा था वो मेरे टच करते ही रिलॅक्स हो गया.

पर बुआ ने मेरी तरफ नही देखा ,बल्कि मेरे हाथ पे अपना हाथ रख कर अपनी आँखों बंद की.

मैं बुआ से गले लग कर कुछ देर उनके धड़कने को सुन ने लगा.
 
818 ए

मैं ने बुआ के गले लगते ही उनके गर्दन पे किस किया.

मेरे किस करते ही बुआ ने मेरे हाथ को दबा दिया.जो उनके पेट पर था

मैं ने अपनी जीभ से बुआ के कान को सहलाने लगा.

ऐसा करते ही बुआ ने अपनी गर्दन हिला कर मुझे रोकना चाहा

पर मैं उनके कान को अपनी जीभ से सहलाने के साथ किस करके गुदगुदी करने लगा.

नीता बुआ मुझे रोक रही थी या उनको गुदगुदी होने से वो अपनी गर्दन मोड़ रही थी.

मैं ने अपने हाथ को बुआ के पेट पर सहलाना सुरू किया.

ऐसा करते ही बुआ के बदन मे गुदगुदी की वजह से अजीब सा अहसास होने लगा.

मैं बुआ के पेट पर हाथ घूमाते हुए उनकी नाभिके साथ खेलने लगा.

नाभि मे उंगली जाते बुआ ने मेरे हाथ से अपनी पकड़ ढीली कर दी.

और मुझे नाभि को सहलाने मे मदद करने लगी.

नीता बुआ की नाभि पूजा बुआ की नाभि से छोटी थी पर मदमस्त करने के लिए काफ़ी थी.

बुआ अपनी आँखों बंद करके मुझे उनके बदन के साथ खेलने दे रही थी

नीता बुआ की नाभि से उंगली निकाल कर मैं अपने हाथ को नीचे ले जाने लगा.

मेरे हाथ को नीचे ले जाते ही बुआ ने वापस मेरे हाथ को दबा दिया.और नीचे जाने से रोक लिया

अवी-बुआ

नीता बुआ ने कोई जवाब नही दिया.

बुआ का जवाब ना मिलने से मैं ने अपना हाथ खिच लिया .और बुआ से अलग हो गया.

मुझे खुद से दूर होते ही नीता बुआ ने आँखे खोल दी.

और मेरे हाथ को पकड़ कर अपने पेट पर रख कर सहलाने लगी.

बुआ के ऐसा करने से मैं वापस उनसे चिपक गया.और उनके कान पे पास जाकर उनसे बात करने लगा.

अवी-बुआ

नीता बुआ-ह्म्म्म

अवी-बुआ

नीता बुआ-अवी,हम ठीक नही कर रहे

अवी-क्या हुआ

नीता बुआ-लीना के पापा

अवी-बुआ मैं बस अपने हिस्से का प्यार करना चाहता हूँ.

नीता बुआ-तेरा पूरा हक है मुझपे पर

अवी-पर क्या

नीता बुआ-लीना के पापा

अवी-मुझे पता है आप लीना के पापा को बहुत प्यार करती है. वो आपके लिए सब कुछ है.

नीता बुआ-तू भी मेरे लिए सब कुछ है.

अवी-तो फिर प्यार करूँ

नीता बुआ-मुझे डर लग रहा है

अवी-किस बात का

नीता बुआ-राजेश और लीना का

अवी-वो सो रहे है

नीता बुआ-बाद में पता चला तो

अवी-बुआ बाद में कैसे पता चलेगा.

नीता बुआ-ऐसी बात छुपी नही रहती है.

अवी-हम ने पिछली बार भी तो किया था.

नीता बुआ-पिछली बार, तुम ने तो कहा था कि एक दिन का पाप करते है

अवी-उसके बाद मैने कभी आपको प्यार करने को कहा.

नीता बुआ-नही. पर आज

अवी-आज हम एक रात वाला पाप करेंगे

नीता बुआ-क्या?

अवी-बुआ आपकी एक रात मुझे दे दीजिए

नीता बुआ-मेरा तो हर दिन तुझे दे सकती हूँ

अवी-मुझे बस आज की रात चाहिए , आज मुझे प्यार करने दीजिए

नीता बुआ-बस आज की रात

अवी-हाँ, मैं आपको प्यार करना चाहता हूँ.

नीता बुआ-फिर कभी नही करेगा.

अवी-आप जब कहेगी तब करूँगा.

नीता बुआ-मैं क्यूँ कहूँगी

अवी-क्यू कि आप मुझे प्यार करती है.

नीता बुआ-तू मेरा बेटा है ,

अवी-आज एक बेटे को अपनी माँ को प्यार करने दीजिए ,

नीता बुआ-ये पाप है

अवी-एक रात का पाप करने दीजिए ,

नीता बुआ-तू मुझे पापी बना रहा है.

अवी-मैं आपको मेरा बना रहा हूँ

नीता बुआ-मुझे अपना बना कर क्या करेगा.

अवी-प्यार करूँगा.

नीता बुआ-प्यार

अवी-मैं आपको मेरी बनाना चाहता हूँ.

नीता बुआ-मैं लीना के पापा की हूँ.

अवी-तो क्या हुआ. अपने दिल मे मेरे लिए एक छोटी सी जगह दे दीजिए

नीता बुआ-तू पूरा दिल लेगा तो भी मैं तुझे रोकूंगी नही.

अवी-आपका दिल मुझे नही चाहिए वो लीना के पापा का है. मुझे बस उसमे एक छोटी से जगह चाहिए

नीता बुआ-ऐसे जगह नही दी जाती ,

अवी-पूजा बुआ ने तो दी है.

नीता बुआ-दीदी ने

अवी-हाँ, पूजा बुआ ने अपने दिल मे मेरी लिए छोटी सी जगह बना दी है.

नीता बुआ-तू पूजा दीदी से अब भी प्यार करता है .

अवी-हाँ, मेले मे भी किया था.

नीता बुआ-मेले मे

अवी-हम सब ने होली खेली थी उसके बाद

नीता बुआ-दीदी ने बताया नही.

अवी-ऐसी बाते बताई नही जाती.

नीता बुआ-तो फिर

अवी-उसको फील करना पड़ता है

नीता बुआ-दीदी तुम्हारे प्यार से खुश होती है

अवी-हाँ, पूजा बुआ ने कहा कि राज के पापा आने तक मैं उनके दिल मे रह सकता हूँ.

नीता बुआ-जीजाजी के आने के बाद

अवी-राज के पापा के आने के बाद पूजा बुआ का दिल उनका और मैं उनके दिल के छोटी सी जगह जो मेरे लिए बनाई है वहाँ रहूँगा.

नीता बुआ-दीदी ने ऐसा कहा.

अवी-हाँ,

नीता बुआ-पर दीदी तो जीजाजी से बहुत प्यार करती है.

अवी-पूजा बुआ कहती है उनको मुझ मे राज के पापा दिखते है, मुझसे प्यार करके उनको लगता है कि राज के पापा प्यार कर रहे है.

नीता बुआ-दीदी ने सच कहा. तुम्हारे प्यार ही करते हमे अपने प्यार की याद आती है.

अवी-क्या?

नीता बुआ-तू ने पिछली बार मुझे प्यार किया तो ऐसा लगा जैसे लीना के पापा प्यार कर रहे है

अवी-वही तो मैं कह रहा हूँ कि मुझे अपने दिल मे छोटी सी जगह दे दीजिए

नीता बुआ-तुम मेरे दिल मे अपना घर बनाना चाहता है

अवी-हाँ ऐसा घर जिसमे प्यार हो.

नीता बुआ-प्यार ज़्यादा हो गया तो घर टूट सकता है. और साथ मे लीना के पापा का घर भी टूट जाएगा.

अवी-ऐसा मैं कभी होने नही दूँगा.

नीता बुआ-ऐसा हो सकता है.

अवी-पूजा बुआ को भी इसी का डर था पर इसका सल्यूशन बुआ ने बता दिया

नीता बुआ-क्या?

अवी-वही की उनके दिल का राजकुमार आने तक मैं उनके दिल मे रह सकता हूँ.

नीता बुआ-दीदी ने ऐसा कहा.

अवी-हाँ, बुआ ने कहा की महीने मे एक बार उनको प्यार करने आ जाउ. ऐसा करने से उनको मेरा प्यार भी मिलेगा और मेरे प्यार की आदत भी नही लगेगी.राज के पापा के आते मैं दूर हो जाउन्गा

नीता बुआ-तुम्हें क्या लगता है मुझे क्या करना चाहिए

अवी-हम एक रात वाला पाप कर सकते

नीता बुआ-अगर तुम ने फिर से करने की ज़िद की तो

अवी-पिछली बार के बाद मैं आज प्यार करने को कह रहा हूँ,

नीता बुआ-मुझे पता है ,तुम ने एक बार भी मुझे प्यार करने को नही कहा उस दिन के बाद

अवी-पर आज कह रहा हूँ

नीता बुआ-पर आज क्यूँ

अवी-आप आज खुश है. आपकी खुशी को अपने प्यार से डबल करना चाहता हूँ.

नीता बुआ-कर दो

अवी-मैं आपको प्यार करूँ

नीता बुआ-हाँ,

अवी-आप मुझे अपने दिल मे जगह दोगि.

नीता बुआ-हाँ,

अवी-एक प्रेमी वाली,

नीता बुआ-तुम मेरे दिल मे अपने प्यार का घर बना सकते हो पर

अवी-पर क्या

नीता बुआ-उनमे लीना और राजेश को भी थोड़ा प्यार देना होगा.

अवी-आप उनकी टेन्षन मत लो मैं दोनो का पूरा ख़याल रखूँगा.

नीता बुआ-वादा करो

अवी-आपकी कसम

नीता बुआ-कर लो ,मुझे प्यार, बना लो मेरे दिल मे जगह.

अवी-आप को भी मुझे प्यार करना होगा.

नीता बुआ-तू पहले कर फिर मैं करूँगी.

अवी-साथ मे करते है

नीता बुआ-साथ मे ,ठीक है

अवी-आइ लव यू बुआ

नीता बुआ-आइ लव यू टू
 
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बुआ के हां करते ही मैं ने उनको सीधा लिटा दिया और मैं उनके उपर आ गया.

और बुआ ने होंटो पर एक छोटा सा किस किया.

ये छोटा किस हम दोनो को प्यार के समुन्द्र मे डूबने के लिए काफ़ी था.

अवी-बुआ आप बहुत टेस्टी हो ,आपको खाने का मन हो रहा है.

नीता बुआ-ऐसा कहोगे तो तुम मेरे हाथ से मार खाओगे

अवी-नही कहूँगा ,पर लाइट तो ऑन करने दो

नीता बुआ-मुझे शरम आती है.

अवी-पिछली बार भी आपकी खूबसूरती को देखने को नही मिला. इस बार देखने दो ना

नीता बुआ-ठीक है ,जो करना करो, आज मैं तुम्हारी हूँ.

मैं ने लाइट ऑन किया और बुआ के सुंदर मुखड़े को देखने लगा.

अवी-बुआ आपके होंठ कितने रसीले है.

नीता बुआ-ऐसा मत कहो, कहा ना तुम्हें जो करना है करो

मैं ने बुआ ने रसीले ,गुलाभी, होंटो से प्यार का रस पीने के लिए अपने होंटो को उनसे मिला दिए

बुआ ,बुआ ,का कोई जवाब नही. होंठ इतने भी रसीले होते है ये मुझे आज पता चला.

बुआ के होंटो मे जादू है. ऐसा जादू जो प्यार करने वालो को अपना दीवाना बना दे

बुआ के नरम नरम होंटो को टच करते ही चूसना सुरू किए बिना रह नही सका.

बुआ भी अपने बेटे को अपने होंठो का रस पिलाने लगी.

बुआ उनके होंटो को प्यार करने मे मेरा पूरा साथ दे रही थी.

नीता बुआ मुझे किस कर रही थी और मैं उनको किस कर रहा था.

बुआ के दोनो होंठो को बारी बारी से चूसने लगा.

बुआ भी कभी अपना निचला होंठ मुझे चूसने के लिए देती तो कभी उपर का होंठ मेरे होंटो के बीच लाती.

मैं बुआ को किस करते हुए अपने शरीर को उनके नाज़ुक बदन से रगड़ने लगा.

बुआ भी अपने पैरो को इस तरह रगड़ रही थी कि उनकी चूत से मेरा लंड टच हो

मैं ने होंटो को चूसने के साथ उनको काट कर खाना भी सुरू किया.

बुआ के होंटो को काटते ही बुआ मुझे कस के पकड़ लेती जिस से मेरा लंड बुआ की चूत से अच्छे से मिल लेता.

बुआ अपने होंटो को मुझसे चूसवाने के साथ मेरे होंटो से ऐसे मिलवा देती कि उनके मूह खोलते ही उनके होंटो के साथ मेरे होन्ट भी खुल जाते.

हमारे होन्ट एक दूसरे से मिल कर ओ शेप बनाते हमारी जीभ कबड्डी खेलने लग जाती.

इसी खेल मे कभी बुआ की जीभ मेरे मूह मे एंट्री करके कबड्डी खेलती तो कभी मेरी जीभ उनके एरिया मे एंटर होती.

इस खेल से हमारे बदन गरमी से तपने लगे.

हमारे बदन मे इतनी गरमी पैदा हो गयी कि हमे किस करना बंद करना पड़ा.

किस करना बंद होते ही हम सासे लेने लगे. पर प्यार इतना हम पे हावी हो गया कि हम सासलेते हुए बीच बीच मे छोटा छोटा किस करने लगे.

बुआ इस मे आगे थी , बुआ को मेरा प्यार करना पसंद आ गया जैसा पूजा बुआ को आया था,

जैसे पूजा बुआ को प्यार करके मुझे आनंद का अहसास होता वैसे नीता बुआ को प्यार करके हो रहा था.

मेरी बुआ ,मेरी चाची, मेरी बहन प्यार का दूसरा नाम थी. उनको प्यार करने से मेरी आत्मा को सुकून मिलता था

बुआ को किस करने के बाद मैं ने अपनी टीशर्ट निकाल कर अपना पहलवान शरीर बुआ को दिखा दिया.

मेरा शरीर देखते बुआ की आँखों मे चमक आ गयी.

मैं ने बुआ को एक और किस करके उनके पैरो के पास चला गया.

और बुआ के सुंदर बदन को प्यार करना सुरू किया.

बुआ की साड़ी को पेटीकोट के साथ उपर ले जाते हुए उनके पैरो पे किस करने लगा.

बुआ मेरे ऐसा करते अपनी जाँघो को एक दूसरे से रगड़ने लगी अपनी हाथो से बेडशीट को पकड़ लिया.

मैं धीरे धीरे पैरो पे किस करते हुए उनके जाँघो तक आ गया.

जाँघो पर किस करने के लिए साड़ी को थोड़ा उपर किया कि बुआ की रेड पैंटी की झलक देखने को मिल गयी.

पैंटी पे कुछ दाग के निशान दिख रहे थे. इन दागों को और ज़्यादा बढ़ाना होगा.

मैं ने बुआ के जाँघो पर किस करके वापस उपर आ गया.

और साड़ी का पल्लू हटा कर बुआ के क्लीवेज देखने लगा.

क्लीवेज़ मेरी आँखों को इतना सुकून पहुँचा रहा है तो ब्लाउस के अंदर छुपे हुए बूब्स देख कर मैं अँधा हो जाउन्गा. क्यू कि इसके बाद कुछ देखने की इच्छा नही होगी.

मैं बुआ की तरफ देखते हुए अपने दोनो हाथो को उपर उठा कर बुआ के बूब्स पर ले आया.

बुआ के बूब्स को ब्लाउज के उपर से दबाते बुआ की शीष्कारी निकल गयी.

अभी ये हाल है तो बूब्स चूसने पर क्या होगा.

बुआ के सुंदर पके हुए आम को देखने के लिए मैं ने उनके ब्लाउस के हुक निकाल दिए

ये क्या ,बुआ के बूब्स और मेरे बीच मे ब्रा कहाँ से आ गयी.

मैं ने ब्रा को उपर करके बुआ के बूब्स के दर्शन कर लिए

बुआ के गोरे बूब्स ,ब्राउन निपल ,टाइट निपल ,देख मेरे मूह मे पानी आ गया.

अवी-बुआ मैं आपके पके हुए आम का खा जाउ

नीता बुआ-तुम्हें कहा ना ,जो करना है करो. खा जाओ, आज ये तुम्हारे है.

बुआ को इस तरह सत्ताने मे बड़ा मज़ा आ रहा था.

बुआ के किस बूब्स मे ज़्यादा प्यार होगा ,

लेफ्ट या राइट

आज पता करके रहूँगा.लेफ्ट से शुरुआत करते है.

मैं ने लेफ्ट बूब्स के निपल पे एक प्यारा सा किस किया ,

और बुआ के मूह से शीष्कारी निकल गयी.

अवईीईईईईईईईईईईईईईईईईईई

बुआ के निपल तो जादुई है ,प्यार मैं ने किया और नशा बुआ को छाने लगा.

निपल को किस करने से काम नही चलेगा

बुआ के निपल को प्यार से चूसना पड़ेगा. और मैं ने ऐसा ही प्यार से बूब्स चूसना स्टार्ट किया.

बुआ के बूब्स को निप्पल के साथ मूह मे लेकर चूसने लगा.

और दूसरे बूब्स के निपल को उंगली मे पकड़ कर मरोड़ ने लगा.

एक साथ दोनो निपल के साथ खेलने से बुआ पूरी मस्ती मे आने लगी

आआआहह.........अवईीईईईईईईईईई........तूमम्म्ममममममीईईरी.......मुझीईईईईवए.........ईईईई......क्य्ाआआआआ......

..कार्रर्र्र्र्ररर.......दियाआआआआआ.......अवईीईईईईईईईई.......आईसीईईई.....प्यरर्र्र्र्र्ररर.......करूऊऊऊओ......अपणीईीईईईई.......

बुआााआअ.....कूऊव

बुआ की प्यार वाली शीष्कारी मुझे उनको प्यार करने का जोश बढ़ा रही थी

उसी का एक्सपीरियेन्स का इस्तेमाल करके बुआ के बूब्स को चूसने लगा.

बुआ के बूब्स मे जो प्यार भरा था उनको पीकर मैं खुद को भाग्यवान समझने लगा.

बुआ मेरे बालो मे हाथ घुमा कर अपने बूब्स चूस्वा रही थी.

पूजा बुआ हो या नीता बुआ ,उनको प्यार करने के लिए मैं हज़ारो वर्जिन लड़की को कुर्बान कर दूं

क्यूँ कि बुआ को प्यार करने से मेरी आत्मा को सुकून मिलता है .

बुआ के एक बूब्स को प्यार करके दूसरे बूब्स को चूस कर बुआ को मज़ा देने लगा

.

बुआ के बूब्स को चूस रहा था काटने का मन नही हो रहा था. अगर मैं ने अपना नाम लिख दिया तो लीना के पापा का क्या होगा.

मैं धीरे धीरे बड़े प्यार से बुआ को एग्ज़ाइट करके बूब्स चूस रहा था.

जिसे हम प्यार करते है उसके साथ प्यार से करने का मन करता है. उनको चोट लगी तो मेरे दिल को दर्द होता है.

बुआ ने अपने बूब्स का दूध पिला कर मुझे और स्ट्रॉंग बना दिया.

बूब्स को चूसने के साथ ही मैं वापस बुआ की जाँघो के बीच आ गया.

बुआ ने मेरे लिए अपने पैर फैला दिए ताकि अपने बेटे को परेशानी ना हो

मैं ने बुआ की पैंटी को गोर से देखा तो उनपे दाग नही पूरी गीली हो चुकी थी.

मैं ने बुआ की गीली पैंटी पे किस करके बुआ को बता दिया कि उनको क्या करना है और मैं क्या करने वाला हूँ

बुआ ने अपनी कमर उपर करके मुझे उनकी पैंटी निकालने मे मदद की.

पैंटी निकालते ही मैं उसको हाथ मे लेकर सूंघने लगा.

मुझे इस तरह अपनी पैंटी को सूँघता हुआ देख कर शरमा कर अपनी आँखे बंद की.

मैं ने बुआ की पैंटी को साइड मे किया और बुआ की प्यारी चूत को देखने लगा.

पिछली बार मैं इसको देख नही पाया था.

बुआ की चूत चिकनी थी. लगता है मेरे घर मे बाल किसी को पसंद नही है.

पूजा बुआ की चूत की तरह फूली हुई नही थी ,पूजा बुआ कुछ ज़्यादा चुदाई करती है.

नीता बुआ की चूत छोटी थी. उसके होंठ अभी तक अच्छी हालत मे थे. गुलाबी पन भी बरकरार था.

बुआ ने अपनी चूत को अच्छे से मेनटेन करके रखा था.

अवी-बुआ मैं

नीता बुआ-चुप कर वरना सच मे मार खाएगा.

मैं बुआ की बात सुनकर हँसते हुए उनकी चूत की महक को सूंघ कर मेरा दिमाग़ उसके नशे मे झूम ने लगा.

अब और बर्दास्त नही हो रहा है.

और मैं ने उनकी गीली चूत पे किस करके अपने होंटो को गीला किया.

किस करते ही मैं ने अपनी उंगली से उनकी चूत को खोल दिया

और अपनी जीभ को उनकी चूत मे डाल दिया.

जीभ का टच होते ही बुआ की जाँघो ने मेरे सर को पकड़ लिया.

बुआ कुछ भी कर लें मैं उनका पानी पीकर रहूँगा.

मेरी जीभ अपना काम अच्छे से जानती है. अगर चूत घर की हो तो मेरी जीभ कुछ ज़्यादा ही खुश होकर प्यार करने लग जाती है.

बुआ तो मेरी जीभ के वजह से गाना सुरू कर दिया

अवईीईईईईईईईईई..... .आआआहह... ....तुउुुुुुुउउ,..... .......नीईईई... ....कहाआआआआआअ... ...सीईईई सिखााआअ ईईईई सब्बब्ब्बबब.. ...आआअहह..... .ऊऊऊओह......

बुआ की शीष्कारी बता रही थी कि मैं अपना काम अच्छे से कर रहा हूँ

मेरी जीभ बुआ की चूत मे अंदर तक जाकर रस निकाल रही थी.

ऐसा भी कह सकते है कि मैं बुआ की चूत को चोद रहा हूँ

बुआ को मेरी जीभ से इतना मज़ा मिल रहा था तो मेरा लंड कितना मज़ा देगा.

मैं चूत को चाटने के साथ दाने को अपनी जीभ से च्छेड़ने लगा.

अपनी जीभ से इतना हल्का टच उनके दाने पर करने लगा कि बुआ अपने सर को इधर उधर घुमाने लगी.

बुआ पूरी तरह से मस्ती मे झूमने लगी.

मैं कभी उंगली तो कभी जीभ से बुआ की चूत को चोदने लगा.

बुआ मेरे प्यार को और ज़्यादा देर बर्दास्त नही कर पाएगी.

ये बात उनके कमर उपर करने से पता चल रही थी

बुआ अपनी चूत को मेरे मूह पे मारने लगी.

जिस ने मेरी जीभ अच्छे से बुआ की चूत को चोदने लगी.

बुआ का मेरे प्यार मे अपना कंट्रोल खो गयी.

अवईीईईईईईई मैंन्ननननणणन् गइईईई

और बुआ मेरे मूह पे अपना अनमोल पानी छोड़ने लगी.

इतना अनमोल पानी मैं वेस्ट कैसे जाने देता.

मैं बुआ की चूत के पानी का एक एक ड्रॉप पीने लगा.

बुआ भी मुझे अपना पानी पिलाने लगी. अपनी जांघों से मेरे सर को पकड़ कर अपना पानी पिलाने लगी.

बुआ का टेस्टी अनमोल पानी पीकर मैं ने उनके प्यार को स्वीकार किया
 
819 ए

बुआ मुझे पानी पिलाते ही जन्नत से ज़मीन पर आ गयी.

बुआ इतने दिनो के बाद इस तरह हल्की हुई होगी.

बुआ का पानी बहुत सारा निकला था जिस से मेरी प्यास बुझ गयी .

पर मेरे लंड की प्यास बुझनी बाकी थी.

मैं अपने गालों पर लगा हुआ बुआ का पानी जीभ से चाटने लगा.

ये देख कर बुआ शरम से पानी पानी हो गयी उनका पानी जो मैं इस तरह चाट रहा था

अवी-बुआ आप बहुत टेस्टी हो. और आपका पानी तो अमृत है अमृत

बुआ ने मुझे थप्पड़ दिखा कर डरा दिया.

नीता बुआ-तू मार खाए बिना चुप नही रहेगा. अपनी बुआ को सत्ताने मे तुझे मज़ा आ रहा है.

अवी-आप की तारीफ कर रहा हूँ ,आप है इतनी लाजवाब कि मैं खुद को रोक नही पा रहा था.

और मैं ने बुआ के होंटो को चूम लिया और उनको उठा कर उनकी ब्रा और ब्लाउस निकाल दिया.

फिर मैं ने बुआ की साड़ी और पेटिकोट भी निकाल कर बुआ की असली खूबसूरती के दर्शन कर लिए.

बुआ का खूबसूरत बदन बिना कपड़ो के देखना ,एक ख्वाब जैसा लग रहा था.

सर से लेके पैरो तक बुआ का बदन संगेमरमर जैसा था, नीता बुआ के बदन पर एक भी दाग नही था.

नीता बुआ और नेहा बुआ जुड़वा है

नीता बुआ इतनी खूबसूरत है तो नेहा बुआ कितनी खूबसूरत होगी

नेहा बुआ अपने चेहरे पे थोड़ी भी स्माइल लाई तो उनकी खूबसूरती मे कोई भी खो जाए

शायद नेहा बुआ को अपनी खूबसूरती पसंद ना हो

इसी लिए इस तरह रहती है कि उनकी खूबसूरती छुपी रहे

वो कहते हैना की खूबसूरती औरतों की दुश्मन होती है ,

देखते है नेहा बुआ का दुश्मस्न कौन है

पर कुछ भी हो नीता बुआ भी कुछ कम नही है

मेरी तीनो बुआ एक से बढ़कर एक है

पर तीनो मे एक कामन चीज़ है ,वो मैं हूँ , तीनो मुझे अपनी जान से ज़्यादा प्यार करती है , छोटी चाची ऐसा कहती है

पूजा बुआ की खूबसूरती कुछ कम थी नीता बुआ से ,

नीता बुआ का पूरा बदन रोशनदान से आती हुई चाँद की रोशनी मे चमक रहा था. दूध सा सफेद बदन ,

मैं तो बुआ के खूबसूरत बदन को घूरता रह गया.

अवी-बुआ आपको भगवान ने फ़ुर्सत से बनाया होगा. आप जैसी दूसरी इस दुनिया मे कोई नही हो सकती.

नीता बुआ-तू ,मुझे शरम से मार डालना चाहता है.

अवी-सच बुआ ,आप बहुत खूबसूरत हो,आप लाखों मे एक होगी.

नीता बुआ-नही. लाखों मे 2 हूँ. नेहा और मैं जुड़वा बहनें है ये भूल मत, नेहा मुझे से ज़्यादा खूबसूरत है

अवी-कुछ भी हो आज आपको पा कर दिल को सुकून मिल गया

नीता बुआ-बहुत बाते करता है तू

अवी-बातों के साथ काम भी करता हूँ

और मैं ने अपने कपड़े निकाल दिए और मेरे लंड को बुआ के सुंदर बदन के दर्शन करवा दिए.

मेरा लंड तो बुआ को देखते ही उनको प्यार करने के लिए झटके मारने लगा.

बुआ इतनी जल्दी मेरे लंड को प्यार नही करेगी. और मेरा लंड भी पहले अपनी मनपसंद चीज़ को प्यार करना चाहता है.

मेरे नंगे होते ही बुआ ने अपनी आँखों बंद कर ली और मैं उनके उपर आगया.

और बुआ का हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रखा.

बुआ को अपने हाथ मे एक गरम रोड फील होते ही उनके बदन मे एक लहर दौड़ गयी. और बुआ ने अपना हाथ पीछे ले लिया.

बुआ को पता चल गया कि उनका बेटा कितना बड़ा हो गया है.

बुआ ने पिछली बार मेरे लंड को फील किया था इस बार उनको प्यार करने दूँगा.

पहले मैं तो कर लूँ बुआ को प्यार.

मैं ने अपने लंड को थूक लगा कर बुआ की चूत पर रगड़ने लगा.

चूत पर लंड की गर्माहट का अहसास होते बुआ का बदन मे रोमांच पैदा हुआ.

बुआ और मेरा मिलन पहले भी हो चुका था

दोनो को एक दूसरे की पहचान थी

लंड और चूत का किस होते , दोनो पिछले मिलन को याद करने लगे

वो बारिश का मौसम , और ये दोनो इतने गरम थे कि उनका मिलन यादगार बन गया था

बुआ को उस रात मे जो प्यार किया उसके याद करते मेरा लंड झटके मारने को बेताब हो गया था

वही हाल बुआ का भी हो रहा होगा

तभी तो उनकी कमर उपर होकर मेरे लंड को किस करने की कॉसिश कर रही थी

बुआ की आँखों बंद थी पर उनकी धड़कने तेज चल रही थी.

अवी-बुआ मैं आपके दिल मे जगह बनाने जा रहा हूँ

बुआ ने कुछ नही कहा बस हल्के से प्यार से मेरे गाल पर थप्पड़ मार कर इजाज़त दे दी.

मैं ने लंड को बुआ की चूत के मूह पर सेट किया .चूत के होंठ खुल कर मेरे लंड को चूसने लगे.

बुआ अपनी सासे रोक कर मेरे पहले झटके का इंतज़ार कर रही थी.

मैं ने बुआ का इंतज़ार ख़तम किया ,और हल्का सा पुश करके बुआ को डरा दिया.

लंड अंदर नही डाला पर लंड अंदर जाने के खुशी मे बुआ को हार्ट अटॅक आते आते रह गया.

बुआ ने मुझे कुछ नही कहा और फिर से अपनी सासे रोक कर मेरे लंड को अपने अंदर लेने का इंतज़ार करने लगी.

मैं ने बुआ के दिल मे अपना घर बनाने के लिए पहली नीव रख दी.

मैं ने पहला झटका मारकर टोपे के साथ थोड़ा लंड बुआ के अंदर डाल दिया.

मेरे लंड को अपने अंदर महसूस करते बुआ ने अपनी आँखों मज़बूबी से बंद की और अपने होंठ को भींच लिया ताकि उनकी खुशी मुझे सुनाई ना दे

बुआ का बदन खुद को मेरे लंड की हिसाब से अड्जस्ट करने लगा. बुआ अपनी कमर को उपर करने लगी.

मतलब बुआ मुझे और अंदर फील करना चाहती है.

मैं ने दूसरा झटका मार कर आधे से ज़्यादा लंड अंदर डाल दिया.

बुआकी चूत की दीवारों पे अपना नाम लिखते हुए मेरा लंड अंदर चला गया.

बुआ इसी का इंतज़ार कर रही थी

बुआ की चूत मे मेरा लंड अंदर जाते ऐसे गले लगाया कि वो इसका कब से इंतज़ार कर रही हो

मेरे लंड पर बुआ के प्यार का दबाव साफ महसूस हो रहा था.

बुआ ने मेरे दूसरे झटके के साथ अपने हाथो से मेरे हाथो को कस के पकड़ लिया.

उनके हाथो की पकड़ बता रही थी कि उनको कितना दर्द हो रहा है.

पर बुआ ने शरम के कारण अपने मूह से आवाज़ नही निकलने दी.

बुआ के चेहरे पे दर्द की लकीर साफ दिख रही थी.

बुआ को दर्द मे देख कर मुझे अच्छा नही लग रहा था
 
बुआ को मैं प्यार देना चाहता था दर्द नही

अवी-बुआ आपको दर्द हो रहा है

नीता बुआ ने ना मे गर्दन घुमा दी

अवी-आप झूठ बोल रही हो ,मैं निकाल रहा हूँ

मैं लंड को धीरे से बाहर निकालने लगा कि नीता बुआ ने मेरी पीठ को अपने हाथ से पकड़ लिया

और बुआ ने कस्के मुझे अपने गले लगा लिया.

बुआ के ऐसा करते मेरा लंड बाहर निकालने की जगह पूरा अंदर चला गया.

बुआ ने ये क्या किया.बुआ ऐसा करेगी मैं ने कभी सोचा नही था.

बुआ के ऐसा करने से उनकी चीख निकल गयी.

आआअहह.... .....अवईीईईईईईईईई............ई ईईईईईईई... ..लॉवीईईई.. ..ौउुुुुुुुुुुउउ..... ..अपणीईीईईईईईई बुआााआअ ........कूऊऊऊप.. ...प्यरर्र्र्र्र्र्ररर... ..करूऊऊऊऊऊ... ....बनाआआआअ... ...लूऊऊऊऊओ... ....मुझीईईई..... .....अपनााआआअ

बुआ की बात सुनते मैं ने उनको गले लगा कर अपने लंड को वैसे उनके अंदर राका

बुआ की चूत मेरे लंड को प्यार करने लगी.

और बुआ मुझे प्यार करने लगी

मैं ने बुआ के होंटो को चूसना सुरू किया ताकि बुआ को मेरा प्यार मिल सके.

मैं बुआ के होंटो को चूस्ते हुए उनको प्यार करने लगा.

बुआ भी मेरे लंड को अपने अंदर फील करके डबल जोश से मुझे किस कर रही थी

उनके किस करने से पता चल रहा था कि उनको मेरा प्यार करना कितना पसंद आया

जैसे पूजा बुआ को पसंद आया वैसे नीता बुआ को मेरा प्यार करना पसंद आ गया.

अवी-बुआ

नीता बुआ-ह्म्म्म

अवी-मैं प्यार करूँ ,

नीता बुआ-तुम नही सुधरोगे

अवी-नही. मैं ऐसा ही अच्छा हूँ

नीता बुआ ने इसका जवाब अपनी कमर हिला कर दिया

बुआ की कमर हिलते ही मैं ने भी अपने कमर हिला कर अपने लंड के लिए चूत मे जगह बनाने लगा .साथ ही मेरे लिए बुआ के दिल मे जगह बनाने लगा.

बुआ के साथ मेरी कमर एक रिदम मे ही रही थी जिस से हमारे प्यार का बंदन मज़बूत होने लगा

अभी तक धक्के मारने मैं ने सुरू नही किए क्यूँ कि मुझे इस तरह कमर हिलाने मे मज़ा आ रहा था.

बुआ की चूत ,मेरे घर की चूत ने मेरे लंड के लिए जगह बना दी.

बुआ अपनी आँखों खोल कर मेरे आँखों मे देखते हुए अपनी कमर हिलाने लगी.

हम दोनो एक दूसरे की आँखों मे छुपा हुआ प्यार डेक कर एक दूसरे को प्यार करने लगे

अवी-बुआ ,मेरे नाम की शीष्कारी लो ना

नीता बुआ-मुझे शरम आती है

अवी-पहले आपकी शरम ख़तम करता हूँ

नीता बुआ-कर दो जिस से हम खुल कर प्यार कर सके.

और मैं ने बुआ की चूत मे धीरे धीरे धक्के मारना सुरू किया.

बुआ इसी के इंतज़ार मे थी बुआ ने मेरे धक्के मारते ही अपनी आँखों बंद की और मेरे प्यार को फील करने लगी.

बुआ की चूत बटर जैसी थी जिसमे मेरा लंड फिसल कर अंदर जा रहा था.

बुआ और चाची को प्यार करने मेरे अंतर आत्मा को आनंद देती थी.

बुआ और चाची ने पता नही क्या बात थी जो मुझे उनको प्यार करते रहने का दिल करता

चाची ने तो मुझे अपनी समस्या बता कर प्यार करने से रोक दिया पर बुआ मुझे अपनी प्यार की नदी का पानी पीने दे रही थी.

मैं बुआ की चुदाई नही कर रहा था उनको प्यार कर रहा था.

ऐसा प्यार जिसमे मेरा लंड उनकी चूत का दीवाना हो गया.

बुआ की चूत ने कहा की ज़ोर से धक्के मारो तो मैं ज़ोर से धक्के मारने लग जाता.

बुआ कहती लंबे झटके मारो तो वैसे धक्के मारता

बुआ कहती लंड को अंदर रख कर मुझे फील करने दो तो वैसा करने लग जाता.

इसी का फल ये हुआ कि बुआ ने मेरे लंड को अपना अनमोल पानी पिला दिया.

बुआ का पानी पीते ही मेरा लंड खुशी मे बुआ की चूत मे नाचने लगा.

बुआ का पानी निकलते ही मैं ने बुआ को उल्टा लिटा दिया .

बुआ का पानी पीते मेरा लंड खुशी मे बुआ की चूत मे नाचने लगा.

बुआ का पानी निकलते ही मैं ने बुआ को उल्टा लिटा दिया .

बुआ के पलट ने से उनकी गंद मेरे सामने आ गयी.

आज मैं इसको प्यार करके रहूँगा पर पहले चूत को तो प्यार कर लूँ

मैं ने पीछे से बुआ की चूत मे लंड पेल दिया

और मैं उनके उपर आकर धक्के मारने लगा.

बुआ को घोड़ी बना सकता था पर इतनी जल्दी करने से बुआ साथ नही देगी.

इस लिए मैं बुआ को घोड़ी बनाने के पहले इस तरह धक्के मार कर प्यार करना चाहता था.

बुआ ने अपने पैरो को वी शेप मे फैला दिया मैं उनकी चूत मे धक्के मारने लगा.

बुआ मेरे धक्को से अपने मूह को पिल्लो मे छुपा कर लेटी हुई थी.

बुआ का पूरा बदन मेरे धक्के से हिलने लगा

बुआ मेरे धक्को से मस्ती मे अपने सर को हिलाने लगी

मेरा वेट उपर से मेरे धक्के बुआ को दर्द होने लगा.

मैं ने बुआ की कमर को पकड़ कर उपर किया ,जिस से उनकी गंद भी उपर हो गयी.

मैं ने धक्के मारते हुए बुआ को घोड़ी बना दिया.

बुआ सोचती रही कि मैं ने उनको घोड़ी कब बना दिया.

पर इस पोज़ीशन मे आकर बुआ को डबल मज़ा मिलने लगा.

मैं बुआ की कमर को पकड़ कर धक्के मारने लगा

मेरे धक्को से बुआके चूतड़ भी हिलने लग जाते

बुआ मेरे प्यार की गरमी मे पिघल कर पानी पे पानी छोड़ रही थी.

बुआ मेरे धक्को से फिर से झड गयी.

बुआ का प्यार मुझे भी अपपना वीर्य निकालने पे मज़बूर करने लगा

मैं ने बुआ को वापस मिसनरी पोज़िशन मे लाकर चुदाई करना सुरू कर दिया.

बुआ मेरे धक्को से हवा मे उड़ रही थी.

बुआ मुझे धक्के मारते हुए देख कर अपनी गंद उपर करने लगी.

मेरे धक्को की स्पीड बढ़ते ही बुआ मेरा सारा पानी पीने को तैयार हो गयी.

बुआ की चूत अपना पानी खाली करके मेरा वीर्य अपने अंदर लेना चाहती थी

बुआ की चूत ने मेरे लंड को इतना प्यार दिखाया कि मेरा लंड जल्दी पिघल गया.

मेरा लंड बुआ की चूत को अपने वीर्य से भरने लगा.

मेरा प्यार मैं बुआ की चूत को देने लगा.

बुआ ने अपने अंदर मेरा गरम वीर्य महसूस करते ही मुझे कस के गले लगाया ताकि मेरा वीर्य अंदर तक जाए.

मैं अपना वीर्य बुआ की चूत मे डाल कर निढाल हो गया.
 
820

बुआ के साथ प्यार करने के बाद मैं उनके उपर लेट गया

बुआ ने भी मेरे वीर्य को अपने अंदर लेकर मुझे अपने बाहों ले लिया

हम कुछ देर ऐसे एक दूसरे के गले लग कर लेटे रहे.

हमारी साँसे धीरे धीरे नॉर्मल हो रही थी और धड़कने एक दूसरे के धड़कनों से मिल कर एक हो रही थी.

अवी-बुआ

नीता बुआ-हाँ

अवी-आप बहुत खूबसूरत हो.

नीता बुआ-तू उस खूबसूरती को लूटने वाला भँवरा है

अवी-बुआ ऐसा लग रहा है कि मैं ऐसे आपको प्यार करता रहूं.

नीता बुआ-मुझे भी लग रहा है कि तुझे प्यार करने दूं

अवी-आज मैं आपको जी भर के प्यार करना चाहता हूँ.

नीता बुआ-कर तो लिया

अवी-पूरी रात आपको प्यार करना चाहता हूँ.

नीता बुआ-पूरी रात

अवी-आप मना मत करना.

नीता बुआ-आज की रात तेरी है

अवी-बुआ आप बहुत अच्छी है

नीता बुआ-पर

अवी-पर क्या

नीता बुआ-मुझे सताएगा नही.

अवी-फिर आपको भी मेरा पूरा साथ देना होगा.

नीता बुआ-दे तो रही हूँ

अवी-ऐसे नही

नीता बुआ-फिर कैसे

अवी-जैसे आप लीना के पापा का साथ देती है

नीता बुआ-तेरी डिमॅंड बढ़ रही है

अवी-बस आज रात के लिए

नीता बुआ-ठीक है, आज रात के लिए तुम लीना के पापा बन सकते हो

अवी-तो लीना की माँ ,क्या कहती हो एक और राउंड हो जाए

नीता बुआ-तू तो बड़ा फास्ट है.

अवी-बोलिए ना बुआ ,हो जाए एक और राउंड

नीता बुआ-मुझे बाथरूम से आने दे

अवी-जल्दी आना होगा.

नीता बुआ-थोड़ा टाइम लगेगा. फ्रेश होने से तुझे अच्छा लगेगा.

अवी-ठीक है जाइए

नीता बुआ-पहले मेरे उपर से उठ जा

अवी-आपके अंदर से निकालने का दिल नही हो रहा

नीता बुआ-अपने दिल को बता कि अभी निकालेगा तो दुबारा प्यार करने मिलेगा.

अवी-बुआ आप बहुत खूबसूरत हो,जन्नत की परी जैसी खूबसूरत

नीता बुआ-अब उठ ,मुझे जल्दी बाथरूम जाना है.

मैं बुआ के उपर से अलग हो गया .

बुआ अपनी चूत पर हाथ रख कर खड़ी हो गयी.

बुआ के खड़ी होते ही मैं उनके बदन को घूर्ने लगा. उनको अपनी आँखों मे क़ैद करने लगा.

बुआ ने अपने बदन को छुपाने की कोशिस नही की और बाथरूम मे चली गयी.

बुआ के जाते ही मैं बुआ के सपने देखने लगा.

बुआ को प्यार करने से कितना अच्छा महसूष हो रहा है.

जैसे मेरा सपना पूरा हो गया ऐसा लग रहा है

बुआ के साथ एक रात वाला प्यार करना कितना अच्छा लगता है.

बुआ के प्यार ने मुझे इतनी खुशी दी कि ऐसा लगने लगा कि इस रात की कभी सुबह ना हो

मैं बुआ के बारे मे सोच रहा था कि मेरी नज़र उनकी पैंटी पे गयी

मैं ने बुआ की पैंटी उठा कर सूंघ कर बुआ की चूत की खुसबु मे डूब गया.

बुआ की खुसबू इतनी मनमोहक थी कि उसको सूंघ कर मैं उनके ख़यालो मे खो गया

मुझे तो पता ही नही चला कि कब से मैं बुआ की पैंटी को सूंघ रहा था.

वो तो बुआ की आवाज़ सुनकर मैं होश मे आ गया.

नीता बुआ-अवी ये क्या कर रहे हो

अवी-क्या ,क्या हुआ

नीता बुआ-तुम मेरी पैंटी के साथ क्या कर रहे हो

अवी-आपकी खुश्बू को सूंघ रहा था. मुझे तो दीवाना बना दिया

नीता बुआ-दो इधर,

अवी-नही दूँगा.

नीता बुआ-मैं तुम्हारे सामने हूँ और तुम पैंटी के पीछे पड़े हो दो इधर

नीता बुआ ने अपनी पैंटी मेरे हाथ से छीन ली और मेरी बाहों मे आकर लेट गयी.

अवी-बुआ ये नाइटी क्यू पहन ली.

नीता बुआ-इतना भी बेशरम मत बना मुझे

अवी-कोई बात नही उसे निकाल दूँगा.

नीता बुआ-निकाल लेना ,जा फ्रेश हो जा

अवी-फ्रेश होने मे मैं टाइम वेस्ट नही करना चाहता

नीता बुआ-अभी भी आधी रात बाकी है तुम्हारे पास

अवी-मैं तो सोच रहा था कि इस रात की कभी सुबह ना हो

नीता बुआ-इतना प्यार करना चाहते हो मुझे

अवी-आपको प्यार करते रहने का दिल कर रहा है

नीता बुआ-अपने दिल को काबू मे रखो

अवी-आज वो बेकाबू होना चाहता है

नीता बुआ-कल मत होने देना

अवी-तो आप लगाम लगा दो

नीता बुआ-मेरे पास लगाम कहाँ है

अवी-अपने प्यार की लगाम लगा दो

नीता बुआ-मुझ से नही होगा.

अवी-बुआ आपकी ये रात आपने मेरे नाम की है.

नीता बुआ-अवी मुझसे नही होगा.

अवी-मेरे लिए,प्लीज़ बुआ

नीता बुआ-बोल क्या करूँ

अवी-जैसा आप लीना के पापा के साथ करती हो वैसा

नीता बुआ-ये नही होगा. तेरे साथ नही कर पाउन्गी

अवी-वैसे आप लीना के पापा के साथ क्या क्या करती है वो तो बता सकती है

नीता बुआ-वही जो थोड़ी देर पहले हम ने किया

अवी-हम ने नही मैं ने किया

नीता बुआ-एक ही बात है

अवी-ये तो लीना के पापा करते होंगे आप क्या करती है.

नीता बुआ-नही बता सकती

अवी-बुआ

नीता बुआ-तू ये मासूम चेहरा बना कर मुझे नही फसा सकता

अवी-मेरी प्यारी बुआ

नीता बुआ-मैं नही बताउन्गी

अवी-क्यूँ?

नीता बुआ-बताया तो तुम मुझे वैसा करने को कहोगे

अवी-बताइए ना ,मेरे प्यार के लिए

नीता बुआ-उनका वो मैं चूस कर खड़ा करती हूँ

अवी-वो क्या

नीता बुआ-इस से ज़्यादा नही होगा मुझसे

अवी-ठीक है. पर आप को देख कर तो खड़ा हो जाना चाहिए

नीता बुआ-मैं दूसरी बार की बात कर रही हूँ

अवी-पहली बार क्या होता

नीता बुआ-वही जो हमने थोड़ी देर पहले किया है

अवी-तो दूसरी बार क्या करते है.

नीता बुआ-वो पीछे से करते है

अवी-मतलब आपने पीछे से किया है.

नीता बुआ-तो क्या पूजा दीदी ने नही किया था.

अवी-नही. उनके साथ पहली बार मैं ने किया

नीता बुआ-जीजाजी तो काफ़ी रोमॅंटिक किसम के है

अवी-उनका रोमॅन्स पीछे तक नही गया

नीता बुआ-फिर भी दीदी कितनी गरम रहती है

अवी-राज के पापा ने उनको गरम बना दिया है.

नीता बुआ-पता है हमे, जीजाजी के आते ही बेडरूम से बाहर नही निकलती थी. हम से तो मिलना तो दूर की बात होती है वो तो राज स्वेता और सीतल से भी नही मिलती

अवी-बताया था पूजा बुआ ने कि वो पूरे साल की गर्मी राज के पापा के आते ही निकालने लगती है. किसी की परवाह नही करती.

नीता बुआ-तुम्हें क्या बताऊ ,दीदी और जीजाजी ने प्रपोज़ ही ऐसा किया था कि पिताजी को देख कर झटका लगा था.

अवी-क्या किया था

नीता बुआ-जीजाजी पिताजी के सामने दीदी को कमरे मे ले गये थे.

अवी-शादी के बाद

नीता बुआ-पहली मुलाकात की बात कर रही हूँ

अवी-फिर तो दादाजी को गुस्सा आया होगा

नीता बुआ-हाँ, वो तो गन लेकर खड़े थे जीजाजी को मारने के लिए

अवी-फिर क्या हुआ

नीता बुआ-जीजाजी के कमरे से बाहर आते ,दीदी उनको पकड़ कर वापस कमरे मे ले गयी. और पिताजी के हाथ से गन नीचे गिर गयी.

अवी-फिर

नीता बुआ-फिर क्या था ,दीदी और जीजाजी एक साथ कमरे से बाहर आए और दीदी ने पिताजी को कहा कि उनकी शादी होगी तो जीजाजी से

अवी-दादाजी मान गये

नीता बुआ-पिताजी दीदी से बहुत प्यार करते थे. दीदी को जीजाजी पसंद थे तो पिताजी ने उनकी शादी तय कर दी

अवी-तभी पूजा बुआ राज के पापा से इतना प्यार करती है.

नीता बुआ-दीदी तो उनके बिना बड़ी मुश्किल से रहती है,

अवी-पता है मुझे

नीता बुआ-अच्छा हुआ कि तू दीदी को थोड़ा प्यार दे रहा है ,दीदी राज के पापा की कमी को कुछ हद तक तुम से पूरी कर सकती है

अवी-और

नीता बुआ-और, मैं भी ना ,कहाँ की बात कहा ले जा रही हूँ

अवी-बताइए ना

नीता बुआ-तू कह रहा था कि मैं तुझे प्यार करूँ

अवी-आप बात बदल रही है

नीता बुआ-तुझे मेरी कसम दुबारा मुझसे कुछ नही पूछेगा.

अवी-बुआ

नीता बुआ-मेरी कसम खा.

अवी-आपकी कसम

नीता बुआ-(ये अवी अपनी चालाकी से मुझसे बाते कितनी आसानी से निकाल रहा है. अगर दीदी या सुमन को पता चला तो मुझ पे गुस्सा करेगी) तूने मुझे प्यार किया ना

अवी-हाँ

नीता बुआ-अब मैं करूँगी.

अवी-कैसे

नीता बुआ-जैसे लीना के पापा को करती हूँ. अब खुश हो जा

अवी-(नीता बुआ से बाते जानना आसान है पर बुआ ने कसम दे कर मुश्किल मे डाल दिया) बिना किसी शरम के

नीता बुआ-शरम क्या होती है

अवी-आप का यही अंदाज़ मुझे पसंद है

नीता बुआ-मुझे तू पसंद है

अवी-मुझे आप

नीता बुआ-तो

अवी-तो क्या

नीता बुआ-2न्ड राउंड

अवी-पीछे से

नीता बुआ-तुझे मना नही करूँगी पर तेल लगा कर करना

अवी-लीना के पापा ने किया हैना

नीता बुआ-हम बार बार थोड़े ही करते है

अवी-आराम से करूँगा,शुरू हो जाइए

नीता बुआ-हो जाऊ सुरू

अवी-हाँ

नीता बुआ-सुरू तो हो गयी.

अवी-कहाँ

नीता बुआ-अपना बदन तुम्हारे शरीर से रगड़ रही हूँ

अवी-मैं कुछ नही करूँगा

नीता बुआ-तुम लेट जाओ ,मैं तुम्हें प्यार करती हूँ

अवी-आप

नीता बुआ-पता है मैं बहुत खूबसूरत हूँ

और हम दोनो हँसने लगे
 
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नीता बुआ मुझे पिछली बाते बताते बताते चुप हो गयी

नीता बुआ से बाते निकालना आसान था पर बुआ ने कसम दे कर जो एक रास्ता दिख रहा था उसे भी बंद कर दिया

नीता बुआ को डर था कि कहीं वो सब बाते बता तो नही देगी. इसी लिए बुआ ने कसम दे कर खुदको सेफ किया.

जाने दो कोई ना कोई रास्ता ढूँढ लूँगा.

स्वेता दीदी से पूछ कर देखूँगा ,शायद उनको कुछ पता होगा.

वो तो बाद की बात है. अभी रात जवान है.

रात के अंधेरे मे हमे प्यार की रोशनी फैलानी है

अब नीता बुआ मुझे प्यार करेगी

बुआ ने मुझे बेड पर लिटा दिया

और अपनी नाइटी को निकाल कर मेरे उपर आ गयी

और मैं जैसे उनके उपर आकर किस किया था वैसे बुआ मेरे उपर आकर मेरे होंटो के पास अपने होन्ट लेकर आ गयी

और खुद के होंटो पर अपनी जीभ घुमा कर मुझे सिड्यूस करने लगी.

बुआ का ये नया रूप देख कर मैं समझ गया कि बुआ मुझे दिल से प्यार करना चाहती है

बुआ ने अपनी जीभ को बाहर निकाल कर मेरे होंटो पर घुमानी सुरू की

मेरे घर की सारी औरतें एक से बढ़ कर एक है

सब देखने से नॉर्मल लगती है पर उनके अंदर एक जानवर छुपा हुआ है.

जब वो प्यार करना सुरू करती है तो उनके प्यार को संभालना मुश्किल होता है.

प्यार का दूसरा नाम मेरी चाची और बुआ है

बुआ अपने अंदाज़ मे मेरे होंटो को चूसने लगी.

एक सॉफ्ट टच के साथ हम किस कर रहे थे

बुआ का प्यार करना मुझसे भी अच्छा था. पूजा बुआ को भी मात दे रही थी नीता बुआ.

नीता बुआ अपने होंटो को मुझसे चूस्वा रही थी. अपने प्यार का रस मुझे पिला रही थी.

मैं ने बुआ की गंद पर हाथ रख कर उनके होंटो को चूसना सुरू किया.

बुआ की नरम नरम चूतड़ को दबाते हुए मैं बुआ की जीभ को सक करने लगा.

बुआ मेरे बालो मे हाथ घुमा कर मुझे वाइल्ड किस करना सुरू किया

बुआ के बूब्स मेरी चेस्ट मे दब रहे थे ,मैं उनके चूतड़ को दबा रहा था. बुआ मेरे होंटो को चूस रही थी.

हम ये सब कर रहे थे तो उधर मेरा लंड बुआ की चूत को किस कर रहा था.

बुआ ने इस किस मे अपना पूरा प्यार दाँव पे लगा दिया.

बुआ मुझे अपने प्यार की छाँव मे लेना चाहती थी

बुआ का प्यार पा कर मैं जन्नत मे चला गया. आज तक मैं सबको जन्नत मे ले जाता था पर आज बुआ ने मुझे जन्नत मे ले गयी .

बुआ का ये किस मुझे ज़िंदगी भर याद रहेगा.

इस किस से मैं बुआ के प्यार को फील कर रहा था.

हमारे हार्ट जैसे एक हो गये ऐसा लग रहा था.

बुआ ने मुझे किस करके सबसे बेस्ट गिफ्ट दिया. ऐसा गिफ्ट जो मेरे आत्मा को च्छू गया.

किस करने के बाद बुआ मेरे चेस्ट पे किस करने लगी.

टिक उसी तरह जिस तरह मैं उनके बूब्स पे किस कर रहा था.

बुआ मेरे चेस्ट पे हर जगह किस करके मुझे मस्ती का मतलब बताने लगी

आज तक मैं दूसरो को बता रहा था आज बुआ ने मुझे इसका मतलब अपने अंदाज़ मे बताया.

बुआ ऐसे किस करते हुए मेरे लंड के पास आ गयी.

बुआ के प्यार से मेरा लंड सेमी हार्ड हो गया था.

नीता बुआ-अवी तुम्हारा ये मुझे बहुत पसंद आया ,

अवी-लीना के पापा से ज़्यादा पसंद आया

नीता बुआ-तुम्हारा अगर पहले देख लेती तो तुम्हें 1स्ट नंबर देती पर लीना के पापा को 1स्ट और तुम्हें 2न्ड ,नाराज़ मत होना

अवी-नही होऊँगा. मुझे पता है ,मेरी बुआ के दिल मे क्या है

और बुआ मेरे लंड को अपने हाथो मे पकड़ कर इधर उधर करके देखने लगी

और लंड की सुंदरता देख कर बुआ उसको सहलाने लगी.

लंड को देखते हुए एक स्वेट्स सा किस लंड पे किया

इस तरह सहलाने लगी उनके हाथो मे जाकर लंड को जन्नत मिल गयी हो

बुआ एक हाथ से लंड को सहलाने लगी तो दूसरे हाथ से मेरे आंडो को सहलाने लगी.

डबल हमले से मेरा जोश बढ़ने लगा.

इस आग मे बुआ ने तेल डाल कर और भड़का दिया.

बुआ ने मेरे लंड को चाट कर उस पे जो मेरा वीर्य सुख गया था उसे साफ किया

बुआ ज़्यादा से ज़्यादा अपनी जीभ को मेरे टोपे पे घुमाती रही ताकि मेरा लंड खड़ा हो जाए

बुआ भी ऐसा कर सकती है ,बुआ की जीभ ने मेरे लंड की ताक़त वापस लौटा दी

बुआ के हाथो से मेरा लंड अपना सर बाहर निकालने लगा.

बुआ के हाथ मे मेरा लंड समा नही रहा था.

मेरे लंड का विकराल रूप देख कर खुशी से लड्डू फूटने लगे उनके दिल मे

बुआ ने मेरे लंड को देखते हुए अपना मूह ओपन किया

और मेरी तरफ देखते हुए लंड को धीरे धीरे अपने मूह मे लेने लगी.

बुआ के मूह मे लंड जाते हुए देखना सबसे अच्छा पल था मेरी लाइफ का

बुआ ने मेरे लंड को आधा अपने मूह मे लिया और आधे लंड को सहलाने लगी.

लंड को बुआ के नाज़ुक हाथो से सहलाना ,बुआ का लंड को चूसना ,एक सपने जैसा लग रहा था

बुआ मेरा सपना पूरा कर रही थी

बुआ बड़े प्यार से मेरे लंड को चूस रही थी

उनके नरम नरम होंठ बीच बीच मे मेरे लंड को किस कर रही थी.

बुआ लीना के पापा के साथ अपनी लाइफ बहुत एंजाय करती है.

बुआ ने अपने घर को अपने दम पे बनाया है ,ना उनकी सास थी ना उनके ससुर थे. जो किया वो बुआ और अंकल ने मिलकर किया.

चाची ने बताया था कि बुआ बचपन मे बहुत शरारती थी.

पर शादी होते नीता बुआ तीनो बुआ से ज़्यादा समझदार हो गयी.

नीता बुआ और लीना के पापा की स्टोरी क्या है ये मैं चाची से पूछ कर रहूँगा.

पर पहले बुआ का प्यार करना बढ़ता जा रहा था.

बुआ मेरे लंड के साथ मेरे आंडो को भी चूस रही थी

जिस से मैं बुआ के प्यार मे डूबता गया.

बुआ बड़ी कातिल अदा के साथ लंड पर जीभ घुमा रही थी.

बुआ का ये नया रूप देख कर मुझे अपनी आँखों पे विश्वास नही हो रहा था कि ये मेरी बुआ है.

बुआ को इस से कोई फरक नही पड़ रहा था वो अपने प्यार से मुझे खुश कर रही थी.

फिर बुआ लंड को चूस्ति हुई मेरे पेट पर बैठ गयी

और 69 पोज़िशन मे आकर मुझे सर्प्राइज़्ड कर दिया

बुआ खुद मुझे अपनी चूत चूसने को कहने लगी.

मैं बुआ की बात ना मानु ये हो नही सकता.

मैं बुआ की प्यारी सी चूत जिसे देख कर ऐसा नही लग रहा था कि अभी मैं ने चुदाई की है.

पूरी तरह से फ्रेश लग रही थी

मैं ने बुआ का ये तोहफा कबुल किया.

बुआ मेरे लंड पे अपना प्यार बरसाने लगी तो मैं उनकी चूत को चूस कर उनको अपना प्यार देने लगा.

हम एक दूसरे को प्यार करने मे पूरी तरह खो गये थे

मेरा तो ठीक है पर बुआ भी पूरी तरह मेरे प्यार मे डूब गयी.

मैं भी बुआ का पूरा साथ दे रहा था ताकि बुआ का जोश कम ना हो

नीता बुआ ने प्यार करने मे पूजा बुआ को पीछे छोड़ दिया.

मैं तो दोनो बुआ को बराबर प्यार कर रहा था पर नीता बुआ खुद की पहचान भूल करमुझे प्यार कर रही थी.

मैं तो बुआ का पानी निकलने तक चूत चूस सकता था

पर पता नही बूआको क्या हुआ कि बुआ ने लंड चूसना बंद किया.

और मेरे उपर से अलग हो कर मुझे किस करके मेरी तरफ देखने लगी.
 
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नीता बुआ के प्यार से मेरा दिल खुश हो गया.

नीता बुआ ने अपना पानी निकलने से पहले चूसना बंद किया

नीता बुआ ने मेरी तरफ देख कर स्माइल की और मेरे उपर बैठने लगी.

अवी-बुआ पीछे से

नीता बुआ-एक बार आगे से फिर तुम्हें जो करना है करना

अवी-लव यू बुआ

तो इस लिए नीता बुआ ने अपना पानी निकाले बिना चूसना बंद किया

बुआ मेरे लंड को अपनी चूत पर सेट कर धीरे धीरे उस पे बैठ ने लगी.

बुआ का कोई जवाब नही. बुआ मुझे पूरा मज़ा देने के मूड मे आ गयी थी.

बुआ मेरे लंड पर आराम से बैठ गयी.

मेरे लंड को अपने अंदर लेकर बुआ ने मेरे उपर झुक कर मुझे किस किया.

किस करने के साथ ही बुआ ने मेरे चेहरे पे हर जगह चूम ना सुरू कर दिया.

बुआ करना क्या चाहती है ,मैं समझ नही पा रहा था. उनके प्यार करने से मुझे मज़ा आ रहा था.

बुआ ने मुझे किस करने के बाद लंड पर उछलना सुरू किया.

बुआ अपने बूब्स को पकड़ कर लंड पर उछलने लगी. उनके बूब्स जो डॅन्स करना चाहते थे उनको बुआ ने पकड़े रखा

मैं ने बुआ से रिक्वेस्ट की ,तो बुआ बूब्स को छोड़ कर मज़ा लेने लगी.

मैं बुआ के बूब्स को देख कर नीचे से झटके मार कर बुआ का साथ देने लगा,

बुआ मेरे धक्के से जोश मे आकर मेरे लंड को अपने अंदर लेने लगी.

बुआ का ये नया रूप देख कर ऐसा लग रहा था कि मैं एक नयी चूत मार रहा हूँ

बुआ भी मेरे लंड की दीवानी बन कर उसे प्यार कर रही थी

बुआ ने मुझपे कुछ ज़्यादा ही प्यार बरसाया जिसका नतीजा ये हुआ कि बुआ का पानी निकल गया.

बुआ मेरा नाम लेकर झड गयी. और मेरी चेष्ट पर हाथ रख कर हाँफने लगी.

मैं ने बुआ के सर पे हाथ घुमा कर उनको बताया कि अभी बहुत कुछ बाकी है.

बुआ ने नॉर्मल होते ही मेरे उपर से उठ कर टेबल पे रखा हुआ तेल मेरे हाथ मे दे कर बेड पर लेट गयी.

बुआ कुछ देर आराम करना चाहती थी जिस से मैं ने उनको आराम करने दिया और अपने लंड पर तेल लगाने लगा.

बुआ थोड़ा तेल अपने हाथ मे लेकर अपनी गंद पर लगाने लगी ताकि प्यार करने मे हमे मज़ा आए

मैं ने अपने लंड को अच्छे से चिकना किया ताकि मेरे बुआ को दर्द ना हो .

बुआ भी मेरे लिए मेरी खुशी के लिए खुद को तैयार करने लगी.

मैं ने लंड को चिकना करके बुआ को घोड़ी बना दिया.

बुआ के घोड़ी बनते ही मुझे उनके चूतड़ देख कर उनपे थप्पड़ मारने का मन हो रहा था पर बुआ को थप्पड़ कैसे मारू

मेरे मन की बात बुआ ने जान ली और मेरे हाथ को पकड़ कर अपने चूतड़ पर थप्पड़ मारने लगी.

प्यार करते समय अपने प्रेमी के दिल की बात जान लेने से पता चलता है कि हम दो नही एक है.

मुझे बुआ के इस बात पे प्यार आ गया .मैं ने थप्पड़ मारना बंद किया और उनके चूतड़ पर किस करके मलम लगाया

बुआ के चूतड़ पे किस करने के बाद मैं बुआ के चूतड़ को फैला कर बुआ के गंद का छेद देखने लगा.

मेरे देखते बुआ की गंद का छेद शरमा कर खुल कर बंद हो रहा था

मैं उंगली से गंद के छेद को छु कर कुरादने लगा .ऐसा करते बुआ को गुदगुदी होने लगी.

बुआ अपने चूतड़ को बंद करने की कोशिस करने लगी.

मुझे बुआ के साथ ऐसे छेड़छाड़ करने मे मज़ा आ रहा था.

बुआ मेरे इस हरकतों से मस्ती मे आने लगी

बुआ के मस्ती मे आते ही मैं बुआ के ठीक पिछे आ गया.

और बुआ के गंद छेद पर अपने लंड की टोपी को रखा

एक हाथ से लंड पकड़े रखा और दूसरे हाथ से बुआ की कमर को पकड़ लिया

बुआ समझ गयी कि मैं क्या करने वाला हू.

बुआ ने अपनी गंद को ढीला छोड़ दिया ताकि दर्द कम हो

मैं ने धीरे धीरे अपने लंड को बुआ के गांद मे घुसा ने लगा.

भले ही बुआ अपनी गंद मरवा चुकी थी पर मेरा लंड उनकी गंद मे जाने वाला था.

बुआ को दर्द तो होना ही था पर बुआ ने थोड़ा दर्द बर्दास्त कर सकती है.

मेरे लंड का टोपा आराम से बुआ की गंद मे चला गया.

टोपा गया है तो लंड भी चला जाएगा बस थोड़ा धीरज रखना होगा.

बुआ मेरे टोपा अपनी गंद मे महसूस करके अपने चूतड़ को बंद करने की कोशिश करने लगी.

मैं ने बुआ के चूतड़ को फैला दिया ताकि बुआ को ज़्यादा दर्द ना हो

और फिर से बुआ की कमर पकड़ कर एक झटका दिया.

ये धक्का मेरे आधे लंड को बुआ की गंद मे डालने के लिए काफ़ी था.

मेरा लंड लीना के पापा से मोटा था इस बात का पता मुझे था जिस से मेरा लंड गंद मे जाते हुए बुआ को दर्द होने लगा.

बुआ ने अपनी चीखी नही निकलने दी बल्कि दर्द से अपना सर इधर उधर करने लगी.
 
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