S
StoryPublisher
Guest
फ्लॅशबॅक 856
शालिनी की बात ही अलग थी
प्यार का दूसरा नाम थी शालिनी
किसी को भी बड़े प्यार से समझाती है
शालिनी की सोच और समझदारी की गाँव मिसाल देते है
शालिनी के पिताजी तो अपनी लाडली पे अपनी जान कुर्बान करते थे
शालिनी की माँ बस शालिनी की शादी करवाना चाहती है
पर शालिनी को अपने राजकुमार का इंतज़ार था
शालिनी को ऐसे जीवन साथी की तलाश मे थी जो उसको इतना प्यार दे कि वो सब कुछ भूल जाए , यहाँ तक कि वो कौन है वो भी भूल जाए
शालिनी अपनी भाभी को अपनी फ्रेंड अपनी बहन मानती थी
दोनो की बहुत बनती थी
शालिनी की भाभी को तो अपने बच्चों की टेन्षन नही थी
क्यू कि उनके बच्चों का ध्यान शालिनी रखती थी , शालिनी फिर तो समझ लो की टेन्षन लेने की बात नही है
शालिनी पढ़ाई मे भी काफ़ी तेज़ थी
बी.ए किया था उसने
उसको तो ऑफर आया था टीचर बनके का पर शालिनी को अपने गाँव से दूर जाने का मन नही हो रहा था तो उसने ऑफर ठुकरा दिया
शालिनी को तो शादी से पहले पूरा समय अपने फॅमिली को देना था
और शादी के बाद अपने ससुराल को पूरा समय देना चाहती थी
अब तो शालिनी खुशी ख़ुसी जीना चाहती थी
और जी भी रही थी
अपने पिताजी के साथ मूवी देखने जा रही है
मोंटू सोनू तो अपनी बुआ के साथ ही रहते थे
शालिनी को आज मूवी देखने का दिल किया तो पिताजी उसको शहर लेके जा रहे थे
शहर आते ही शालिनी मूवी का मज़ा लेने लगी
शालिनी के पिताजी- शालिनी
शालिनी - पिताजी मूवी देखने दीजिए
शालिनी के पिताजी- शालिनी मुझे तुमसे कुछ पूछना था
शालिनी - जी
शालिनी के पिताजी- तुमने शादी का क्या सोचा है
शालिनी - पिताजी आप भी शुरू हो गये
शालिनी के पिताजी- बेटा तुम्हारी उमर बढ़ रही है
शालिनी - तो क्या हुआ पिताजी , अभी तक मुझे पसंद आए ऐसा लड़का आप तो लेकर नही आए
शालिनी के पिताजी- तूने सबको रिजेक्ट रखने का फ़ैसला जो किया है
शालिनी - पिछली बार जिस लड़के को लाए थे वो तो एक नंबर का ठरकी था, वो तो भाभी पे बुरी नज़र डाल रहा था ,आप ऐसे लड़के देख रहे है
शालिनी के पिताजी- ग़लती से उसको बुला लिया था
शालिनी - आप ढूँढते रहिए अगर पसंद आया तो शादी कर लुगी
शालिनी के पिताजी- तू बता ना तुझे कैसा लड़का चाहिए मैं वैसा लड़का लेकर आउगा
शालिनी - मुझे तो ऐसा लड़का चाहिए जिसके कुछ सपने हो और कुछ सपने हम.मिलके देखे , और मैं उसके साथ मिलके वो सपने पूरे करू ,
शालिनी के पिताजी- मेरी तो कुछ समझ मे नही आया
शालिनी - मुझे तो जेंटेल्मन लड़का चाहिए ,
शालिनी के पिताजी- शहर वाला लड़का चाहिए पहले क्यू नही बताया
शालिनी -मुझे तो ऐसा लड़का चाहिए जिसका दिल गाँव की मीट्टी से बना हो
शालिनी के पिताजी- ये क्या था
शालिनी - मुझे तो ऐसा ही लड़का चाहिए
शालिनी के पिताजी- अच्छे से बताना
शालिनी - वो मुझसे ज़्यादा पड़ा लिखा हो , जेंटलमेन हो , और दिल का अच्छा हो
शालिनी के पिताजी- और कुछ
शालिनी - और हाँ , मुझे ऐसे लड़के से शादी करनी है जिसकी बड़ी फेमिली हो हमारे जैसी फॅमिली हो , एक ननद एक देवर भी चाहिए वरना मैं तो भोर हो जाउन्गि अपने ससुराल मे
शालिनी के पिताजी- तुझे लड़का मिल गया इतना काफ़ी हैना फिर ये बाकी के क्या चक्कर है
शालिनी - पिताजी देखिए ना , भाभी को मेरी जैसी ननद मिली है तो वो कितनी खुश है , मुझे भी ऐसी ही ननद चाहिए जो मेरी फ्रेंड बन कर रहे ,
शालिनी के पिताजी- तूने तो मुझे मुसीबत मे फसा दिया है
शालिनी - आपने पूछा और मैं ने बता दिया
शालिनी के पिताजी- ये भी बता दे सास ससुर चाहिए कि नही
शालिनी - मुझे नही चाहिए सास ससुर
शालिनी के पिताजी- इसके लिए तो तूने मना कर दिया
शालिनी - मुझे माँ और पिताजी चाहिए
शालिनी के पिताजी- मतलब तुझे शादी नही करनी है
शालिनी - ऐसा मैं ने कब कहा
शालिनी के पिताजी- फिर तेरी सारी इच्छा पूरी होगी ऐसा लड़का मिलना मुश्किल है
शालिनी - पर नामुमकिन नही है
शालिनी के पिताजी- पर ऐसा लड़का कहाँ मिलेगा
शालिनी - माँ ने कहा था कि भगवान सब के लिए एक जीवन साथी बनाता है मेरे लिए भी किसी ना किसी को बनाया होगा
शालिनी के पिताजी- वो तो ऐसे ही कहाँ होगा
शालिनी - ऐसी ही कैसे , ऐसा होता है , बस आप मेरे जीवन साथी को ढूँढ लीजिए
शालिनी के पिताजी- अब तो ढूँढना होगा
शालिनी - और हाँ 3 साल मे नही मिला तो फिर आप जिस से कहेंगे उस से शादी कर लुगी
शालिनी के पिताजी- ऐसे कैसे किसी से भी शादी करेगी ,, अब तो तेरे लिए तेरा मनपसंद लड़का ढूँढ कर रहूँगा
शालिनी - सच
शालिनी के पिताजी- मेरी बेटी के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ
शालिनी - फिर क्या है लग जाइए काम पे
शालिनी के पिताजी- भगवान का नाम लेकर लग जाता हूँ काम पे
शालिनी - माँ को मत बताना
शालिनी के पिताजी- तुम्हारी माँ को तो अच्छा लगेगा ये सुनकर की तुमने अपने राजकुमार के बारे मे बताया है
शालिनी - अगर माँ को पता चल गया तो मैं माँ को कल्लू पहलवान के नाम से परेशान कैसे करूगी
शालिनी के पिताजी- तू क्यूँ अपनी माँ के पीछे पड़ी है
शालिनी - मुझे मज़ा आता है
शालिनी के पिताजी- वो तो ठीक है पर तेरी माँ कल्लू पहलवान के नाम से नफ़रत करने लगी है
शालिनी - कुछ नही होता , माँ को भी पता है मैं बस चिड़ा रही हूँ
शालिनी के पिताजी- जैसा तू ठीक समझे , मैं आज से लड़का ढूँढने मे लग जाता हू
शालिनी - जी
शालिनी के पिताजी- वैसे तुम्हारी भाभी का भाई कैसा रहेगा ,
शालिनी- क्या कहा
शालिनी के पिताजी-बता ना तेरे भाभी का भाई कैसा है
शालिनी - भाभी का भाई , मुझे नही पता
शालिनी के पिताजी- देख दिखने मे जेंटलमेन है , तेरी भाभी तेरी ननद बनेगी
शालिनी - हाँ ,है तो अच्छा
शालिनी के पिताजी- और उसकी फॅमिली हमारी जैसी है
शालिनी - पर उसका दिल कैसा है उसके सपने क्या है ये मुझे नही पता
शालिनी के पिताजी- वो भी देख लेंगे तू हाँ तो कर मैं जल्दी उसे ही बुला लूँगा
शालिनी - देख लेंगे , पर फाइनल मैं करूगी
शालिनी के पिताजी- हाँ हाँ, तेरी मर्ज़ी के बिना तेरे भाई की शादी नही की थी तो तेरी कैसे करूँगा
शालिनी - बुला लीजिए
शालिनी के पिताजी- ये सुनकर तेरी भाभी और तेरी माँ खुश हो जाएगी
शालिनी - मतलब आप ने पहले ही बात की है
शालिनी के पिताजी- हाँ , पर सोचा कि पिछले वाले लड़के की तरह गड़बड़ ना हो इस लिए तेरी पसंद पूछ ली
शालिनी - ठीक है बुला लीजिए
शालिनी के पिताजी- तेरी माँ तेरे इस फ़ैसले खुश होगी
शालिनी - अब मूवी देखु
शालिनी के पिताजी- ऐसा क्या है मूवी मे
शालिनी - देखो ना पिताजी हीरो एक गाँव से शहर जाता है और अपनी मेहनत से कितना बड़ा आदमी बन गया है ,
शालिनी के पिताजी- देखना तेरे लिए भी ऐसा ही राजकुमार आएगा
शालिनी - फिर तो मैं उसी से शादी कर लूँ
और शालिनी मूवी देखने लगी
शालिनी ने अपने पिताजी को अपने जीवन साथी कैसा चाहिए वो बता दी
पिताजी खुश थे अब वो शालिनी के लिए जीवन साथी ढूँढ सकते है
शालिनी की भी शादी हो जाएगी
मोंटू सोनू तो पॉपकॉर्न खाते हुए मूवी देख रहे थे
शालिनी अपनी दुनिया मे खुश थी
उसके लिए जन्नत उसका घर था उसका गाँव था
इधर जयसिंघ के पिताजी ठाकुर के साथ लड़की ढूँढने मे लगे हुए थे
कभी इस गाँव मे तो कभी उस गाँव मे
लड़किया देख देख कर ठाकुरजी थक गये थे
पर पिताजी को उनके पसंद की लड़की नही.मिली
15 दिन तो कब के गुजर गये
पर पिताजी इस बार खुश खबरी घर लेकर जाएँगे ऐसा सोच लिया था
ठाकुर अपने दोस्त का पूरा साथ दे रहे थे
पिताजी ऐसे ही लड़की को ढूँढते हुए सिटी की तरफ जा रहे थे
वही जहाँ शालिनी अपने पिताजी के साथ मूवी देखने आई थी
शालिनी की बात ही अलग थी
प्यार का दूसरा नाम थी शालिनी
किसी को भी बड़े प्यार से समझाती है
शालिनी की सोच और समझदारी की गाँव मिसाल देते है
शालिनी के पिताजी तो अपनी लाडली पे अपनी जान कुर्बान करते थे
शालिनी की माँ बस शालिनी की शादी करवाना चाहती है
पर शालिनी को अपने राजकुमार का इंतज़ार था
शालिनी को ऐसे जीवन साथी की तलाश मे थी जो उसको इतना प्यार दे कि वो सब कुछ भूल जाए , यहाँ तक कि वो कौन है वो भी भूल जाए
शालिनी अपनी भाभी को अपनी फ्रेंड अपनी बहन मानती थी
दोनो की बहुत बनती थी
शालिनी की भाभी को तो अपने बच्चों की टेन्षन नही थी
क्यू कि उनके बच्चों का ध्यान शालिनी रखती थी , शालिनी फिर तो समझ लो की टेन्षन लेने की बात नही है
शालिनी पढ़ाई मे भी काफ़ी तेज़ थी
बी.ए किया था उसने
उसको तो ऑफर आया था टीचर बनके का पर शालिनी को अपने गाँव से दूर जाने का मन नही हो रहा था तो उसने ऑफर ठुकरा दिया
शालिनी को तो शादी से पहले पूरा समय अपने फॅमिली को देना था
और शादी के बाद अपने ससुराल को पूरा समय देना चाहती थी
अब तो शालिनी खुशी ख़ुसी जीना चाहती थी
और जी भी रही थी
अपने पिताजी के साथ मूवी देखने जा रही है
मोंटू सोनू तो अपनी बुआ के साथ ही रहते थे
शालिनी को आज मूवी देखने का दिल किया तो पिताजी उसको शहर लेके जा रहे थे
शहर आते ही शालिनी मूवी का मज़ा लेने लगी
शालिनी के पिताजी- शालिनी
शालिनी - पिताजी मूवी देखने दीजिए
शालिनी के पिताजी- शालिनी मुझे तुमसे कुछ पूछना था
शालिनी - जी
शालिनी के पिताजी- तुमने शादी का क्या सोचा है
शालिनी - पिताजी आप भी शुरू हो गये
शालिनी के पिताजी- बेटा तुम्हारी उमर बढ़ रही है
शालिनी - तो क्या हुआ पिताजी , अभी तक मुझे पसंद आए ऐसा लड़का आप तो लेकर नही आए
शालिनी के पिताजी- तूने सबको रिजेक्ट रखने का फ़ैसला जो किया है
शालिनी - पिछली बार जिस लड़के को लाए थे वो तो एक नंबर का ठरकी था, वो तो भाभी पे बुरी नज़र डाल रहा था ,आप ऐसे लड़के देख रहे है
शालिनी के पिताजी- ग़लती से उसको बुला लिया था
शालिनी - आप ढूँढते रहिए अगर पसंद आया तो शादी कर लुगी
शालिनी के पिताजी- तू बता ना तुझे कैसा लड़का चाहिए मैं वैसा लड़का लेकर आउगा
शालिनी - मुझे तो ऐसा लड़का चाहिए जिसके कुछ सपने हो और कुछ सपने हम.मिलके देखे , और मैं उसके साथ मिलके वो सपने पूरे करू ,
शालिनी के पिताजी- मेरी तो कुछ समझ मे नही आया
शालिनी - मुझे तो जेंटेल्मन लड़का चाहिए ,
शालिनी के पिताजी- शहर वाला लड़का चाहिए पहले क्यू नही बताया
शालिनी -मुझे तो ऐसा लड़का चाहिए जिसका दिल गाँव की मीट्टी से बना हो
शालिनी के पिताजी- ये क्या था
शालिनी - मुझे तो ऐसा ही लड़का चाहिए
शालिनी के पिताजी- अच्छे से बताना
शालिनी - वो मुझसे ज़्यादा पड़ा लिखा हो , जेंटलमेन हो , और दिल का अच्छा हो
शालिनी के पिताजी- और कुछ
शालिनी - और हाँ , मुझे ऐसे लड़के से शादी करनी है जिसकी बड़ी फेमिली हो हमारे जैसी फॅमिली हो , एक ननद एक देवर भी चाहिए वरना मैं तो भोर हो जाउन्गि अपने ससुराल मे
शालिनी के पिताजी- तुझे लड़का मिल गया इतना काफ़ी हैना फिर ये बाकी के क्या चक्कर है
शालिनी - पिताजी देखिए ना , भाभी को मेरी जैसी ननद मिली है तो वो कितनी खुश है , मुझे भी ऐसी ही ननद चाहिए जो मेरी फ्रेंड बन कर रहे ,
शालिनी के पिताजी- तूने तो मुझे मुसीबत मे फसा दिया है
शालिनी - आपने पूछा और मैं ने बता दिया
शालिनी के पिताजी- ये भी बता दे सास ससुर चाहिए कि नही
शालिनी - मुझे नही चाहिए सास ससुर
शालिनी के पिताजी- इसके लिए तो तूने मना कर दिया
शालिनी - मुझे माँ और पिताजी चाहिए
शालिनी के पिताजी- मतलब तुझे शादी नही करनी है
शालिनी - ऐसा मैं ने कब कहा
शालिनी के पिताजी- फिर तेरी सारी इच्छा पूरी होगी ऐसा लड़का मिलना मुश्किल है
शालिनी - पर नामुमकिन नही है
शालिनी के पिताजी- पर ऐसा लड़का कहाँ मिलेगा
शालिनी - माँ ने कहा था कि भगवान सब के लिए एक जीवन साथी बनाता है मेरे लिए भी किसी ना किसी को बनाया होगा
शालिनी के पिताजी- वो तो ऐसे ही कहाँ होगा
शालिनी - ऐसी ही कैसे , ऐसा होता है , बस आप मेरे जीवन साथी को ढूँढ लीजिए
शालिनी के पिताजी- अब तो ढूँढना होगा
शालिनी - और हाँ 3 साल मे नही मिला तो फिर आप जिस से कहेंगे उस से शादी कर लुगी
शालिनी के पिताजी- ऐसे कैसे किसी से भी शादी करेगी ,, अब तो तेरे लिए तेरा मनपसंद लड़का ढूँढ कर रहूँगा
शालिनी - सच
शालिनी के पिताजी- मेरी बेटी के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ
शालिनी - फिर क्या है लग जाइए काम पे
शालिनी के पिताजी- भगवान का नाम लेकर लग जाता हूँ काम पे
शालिनी - माँ को मत बताना
शालिनी के पिताजी- तुम्हारी माँ को तो अच्छा लगेगा ये सुनकर की तुमने अपने राजकुमार के बारे मे बताया है
शालिनी - अगर माँ को पता चल गया तो मैं माँ को कल्लू पहलवान के नाम से परेशान कैसे करूगी
शालिनी के पिताजी- तू क्यूँ अपनी माँ के पीछे पड़ी है
शालिनी - मुझे मज़ा आता है
शालिनी के पिताजी- वो तो ठीक है पर तेरी माँ कल्लू पहलवान के नाम से नफ़रत करने लगी है
शालिनी - कुछ नही होता , माँ को भी पता है मैं बस चिड़ा रही हूँ
शालिनी के पिताजी- जैसा तू ठीक समझे , मैं आज से लड़का ढूँढने मे लग जाता हू
शालिनी - जी
शालिनी के पिताजी- वैसे तुम्हारी भाभी का भाई कैसा रहेगा ,
शालिनी- क्या कहा
शालिनी के पिताजी-बता ना तेरे भाभी का भाई कैसा है
शालिनी - भाभी का भाई , मुझे नही पता
शालिनी के पिताजी- देख दिखने मे जेंटलमेन है , तेरी भाभी तेरी ननद बनेगी
शालिनी - हाँ ,है तो अच्छा
शालिनी के पिताजी- और उसकी फॅमिली हमारी जैसी है
शालिनी - पर उसका दिल कैसा है उसके सपने क्या है ये मुझे नही पता
शालिनी के पिताजी- वो भी देख लेंगे तू हाँ तो कर मैं जल्दी उसे ही बुला लूँगा
शालिनी - देख लेंगे , पर फाइनल मैं करूगी
शालिनी के पिताजी- हाँ हाँ, तेरी मर्ज़ी के बिना तेरे भाई की शादी नही की थी तो तेरी कैसे करूँगा
शालिनी - बुला लीजिए
शालिनी के पिताजी- ये सुनकर तेरी भाभी और तेरी माँ खुश हो जाएगी
शालिनी - मतलब आप ने पहले ही बात की है
शालिनी के पिताजी- हाँ , पर सोचा कि पिछले वाले लड़के की तरह गड़बड़ ना हो इस लिए तेरी पसंद पूछ ली
शालिनी - ठीक है बुला लीजिए
शालिनी के पिताजी- तेरी माँ तेरे इस फ़ैसले खुश होगी
शालिनी - अब मूवी देखु
शालिनी के पिताजी- ऐसा क्या है मूवी मे
शालिनी - देखो ना पिताजी हीरो एक गाँव से शहर जाता है और अपनी मेहनत से कितना बड़ा आदमी बन गया है ,
शालिनी के पिताजी- देखना तेरे लिए भी ऐसा ही राजकुमार आएगा
शालिनी - फिर तो मैं उसी से शादी कर लूँ
और शालिनी मूवी देखने लगी
शालिनी ने अपने पिताजी को अपने जीवन साथी कैसा चाहिए वो बता दी
पिताजी खुश थे अब वो शालिनी के लिए जीवन साथी ढूँढ सकते है
शालिनी की भी शादी हो जाएगी
मोंटू सोनू तो पॉपकॉर्न खाते हुए मूवी देख रहे थे
शालिनी अपनी दुनिया मे खुश थी
उसके लिए जन्नत उसका घर था उसका गाँव था
इधर जयसिंघ के पिताजी ठाकुर के साथ लड़की ढूँढने मे लगे हुए थे
कभी इस गाँव मे तो कभी उस गाँव मे
लड़किया देख देख कर ठाकुरजी थक गये थे
पर पिताजी को उनके पसंद की लड़की नही.मिली
15 दिन तो कब के गुजर गये
पर पिताजी इस बार खुश खबरी घर लेकर जाएँगे ऐसा सोच लिया था
ठाकुर अपने दोस्त का पूरा साथ दे रहे थे
पिताजी ऐसे ही लड़की को ढूँढते हुए सिटी की तरफ जा रहे थे
वही जहाँ शालिनी अपने पिताजी के साथ मूवी देखने आई थी