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मैं और मेरा परिवार

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चॅप्टर 946फ

कविता और लीना के बारे मे पता चलते ही बुआ गुस्सा हो गयी

पर कोमल और मैने सब संभाल लिया

कोमल ने मेरा पूरा साथ दिया

कोमल की वजह से नेहा बुआ ने ज़्यादा ड्रामा नही किया

कविता और लीना के दूसरे कॉलेज मे अड्मिशन लेने के फ़ायदे बता कर बुआ का मूड अच्छा कर दिया

इम्पोर्टेंट बात थी लड़को से दूर रहना जिस पे बुआ को हमारा आइडिया अच्छा लगा

कोमल ने मेरी मदद करके कविता और लीना से अपनी फ्रेंडशिप मज़बूत की

कविता और लीना अपने कॉलेज के बारे मे बुआ को बताने लगी

कविता- माँ हमारा कॉलेज बेस्ट है ,

नेहा बुआ- अच्छा

लीना - हाँ , मस्ती के साथ पढ़ाई भी करते है

नीता बुआ- तुम खुश हो ना

लीना - हाँ

नेहा बुआ- तुम्हारा कॉलेज देखने आना पड़ेगा

कविता- वो आना ही पड़ेगा

नीता बुआ-क्या मतलब

लीना-दिसंबर के 1स्ट हफ्ते मे गॅदरिंग है कॉलेज मे

नीता बुआ- ये तो अच्छा रहेगा , हम ज़रूर आएँगे कॉलेज मे

कविता - पक्का आएँगी ना

नेहा बुआ-हाँ , पर तुम इतना ज़ोर क्यूँ दे रही हो

कविता- आप एक बार कॉलेज देख लेगी तो हम टेन्षन फ्री हो जाएगी

नीता बुआ-प्रॉमिस करते है हम ज़रूर आएँगे

लीना - आप भी प्रॉमिस करो

नेहा बुआ- हम गॅदरिंग मे आएँगे

दोनो खुशी मे उछल पड़ी

नीता बुआ- क्या हुआ उतनी खुश क्यूँ हो गयी

कोमल- नाश्ता आ गया

कविता - पहले नाश्ता करते है

और हम कोमल के हाथो से नाश्ता किया

कोमल का टेस्टी टेस्टी नाश्ता करके दिल खुश हो गया

नीता बुआ- अब तुम दोनो क्या खिचड़ी पका रही हो

अवी-( अब क्या ड्रामा है ,मैं भी देखु बात क्या है )

कविता- गॅदरिंग 3 दिन चलेगी

नेहा बुआ- तीन दिन , इसकी पर्मिशन तो हम दे सकते है , पर हम सिर्फ़ पहले दिन आएँगे

नीता बुआ-क्यूँ कि स्वेता की सगाई मे हम.बिज़ी हो जाएँगे

कविता - पहले दिन, ठीक है

कोमल- हमे तो कुछ नही बताया गॅदरिंग का

लीना - हमे आज ही पता चला है

नीता बुआ- मुझे कुछ गड़बड़ लग रही है

लीना- कोई गड़बड़ नही है

कोमल- टाइम क्या है

लीना- 1.00पीयेम बजे से 10.00पीयेम बजे तक

नेहा बुआ- बिल्कुल नही रात मे तुम बाहर नही रह सकती

कविता - आपने प्रॉमिस किया है

अवी-(मेरी बहन है बहुत स्मार्ट )

नीता बुआ-तुम बहुत चालाक हो पर उसकी पर्मिज़न नही मिलेगी

लीना बुआ-10 बजे की बात है

नीता बुआ-10 से 11 बज जाते है , और रात मे तुम गाँव कैसे आओगी

कॉंस्ल- रात मे बिल्कुल ही नही

अवी-(देखु तो कविता और लीना ने क्या सोचा है इस्पे )

कविता- आप ग़लत समझ रही है , हम रात मे गाँव वापस नही आएँगे

नेहा बुआ- तो ,

लीना-हम वही शहर मे रुकेंगे

नीता बुआ- अपनी सहेली के यहाँ

कविता - वहाँ आप पर्मिशन नही देगी

नेहा बुआ- रानी के यहाँ

लीना- उनको रात मे परेशान नही कर सकते है

कोमल - तो

कविता- भैया के फ्रेंड का रूम है हमारे कॉलेज के पास वही रुकेंगे , भैया के साथ

अवी-( मुझे तो ये सुनकर जोरदार झटका लगा ,मैं ने ऐसा कब कहा , और वो तो मैं ने इनके लिए रेंट पे लिया था घर उसको मेरे फ्रेंड का घर बोल रही है )

नीता बुआ-अवी ये क्या चक्कर है

कविता- रात मे हम भैया के साथ उनके फ्रेंड ले घर पे रुकेंगी , उनका फ्रेंड यहाँ नही रहता , भैया के साथ हम सेफ रहेगी

नीता बुआ- तुम क्या सब सोच कर बोलती हो

नेहा बुआ- हम वो घर देखेंगे

कविता- भैया रहेंगे हमारे साथ गॅदरिंग के तीन दिन , फिर भी आप शक कर रही है

फिर से झटका लगा , मैं ने कब कहा कि इनके साथ रहूँगा

नीता बुआ- अवी क्या ये सच है

कविता ने हाँ करने का इशारा किया

अवी- जी , गॅदरिंग रात मे है तो मैं ने अपने फ्रेंड को पूछ लिया , मैं इनके साथ 24 घंटे रहूँगा

कोमल- ये कौन सा फ्रेंड है

अवी-हमारा सीनियर था , वो अब ग्रड्यूशन करने गया है

कोमल- पर कविता ने तो कहा कि उनको आज ही पता चला गॅदरिंग के बारे मे और तुमने कब बात की

कविता- दीदी आज डेट फिक्स हुई है पता तो हमे दीवाली से पहले था तभी हमने भैया से कहा था , और हम भी कॉर्दीनेटर है तो हमारा रहना ज़रूरी है

कितनी सफाई के साथ झूठ बोलती है , मुझे फसा दिया , तीन दिन इनके साथ , मेरी पढ़ाई का क्या होगा , बुआ के सामने हाँ कहा अब मना भी नही कर पाउन्गा

क्या बढ़िया गेम खेलती है मेरी बहनें , सबको को एक झूठ से मना लिया

नीता बुआ-अवी तू इनके साथ रहेगा

अवी-हाँ

कोमल - वहाँ लड़को को इजाज़त मिलेगी

लीना- दीदी गॅदरिंग मे फॅमिली की एंट्री होती है , ये तो भैया है

नीता बुआ-नेहा तुम क्या कहती हो

नेहा बुआ- सोचने दो

कविता - माँ , गॅदरिंग एक बार होती है , भैया होंगे हमारे साथ , आपको भी होगी पहले दिन

नेहा बुआ- ठीक है ,पर अवी साथ रहेगा और हर घंटे फोन करना होगा

कविता- लव यू माँ

नीता बुआ- पर हम दोपेहर मे आएँगे

लीना- जी

कोमल- मैं भी आउन्गि

अवी-तुम सिर्फ़ पहले दिन आना क्यूँ कि तूने पढ़ाई करनी है , ( दोनो ने कुछ सोचा होगा तभी मैं उनका साथ दे रहा हूँ )

कोमल- तुम्हारी पढ़ाई

अवी- मैं सुबह कर लूँगा

नेहा बुआ- पर्मिशन ग्रॅंटेड

नीता बुआ- 3 दिन खूब मस्ती करना

दोनो ने मुझे आँखो से इशारा करके थॅंक्स कहा

कविता- एक और बात थी

नेहा बुआ- क्या

कविता- हमने ब्यूटी क्लास लगा लिए है ,

नीता बुआ- क्यूँ , पहले पढ़ाई करो

लीना - दोनो साथ मे होता है , उसी लिए वहाँ अड्मिशन लिया है

कविता- हमे घर काम के साथ सिलाई , मेक अप , आना चाहिए ना

नेहा बुआ- ये तो समझदार हो गयी

नीता बुआ-इसकी भी इजाज़त दे रही हूँ ,

कोमल- दोनो पढ़ाई के साथ मस्ती भी कर रही है

कविता - दीदी सब आपकी वजह से हो पाया है

कोमल- तुम खुश तो मैं खुश

नेहा बुआ- बेटियाँ खुश तो हम खुश

अवी-अच्छा बुआ मैं चलता हूँ

कविता - भैया को हम छोड़ आते है

और दोनो मेरे साथ बाहर आ गयी

अवी- ये क्या नाटक है

कविता-भैया इजाज़त कैसे मिलती

अवी- मुझे क्यूँ फसाया

लीना- समझा करो रात मे हम बाहर कैसे रहते बाहर

अवी- मेरी पढ़ाई

लीना - हमसे ज़्यादा ज़रूरी पढ़ाई है

अवी- सेनटी होकर मुझे ब्लॅकमेल करती हो

कविता- भैया ये लास्ट टाइम ,प्लीज़

अवी- ठीक है ,सिर्फ़ तीन दिन , और सुबह मैं पढ़ाई करूँगा

कविता- थॅंक यू भैया

अवी- ये ब्यूटी क्लास का क्या चक्कर है

लीना- कुछ नही भैया, वो हमारे क्लास ऑफ होते है तो हम ब्यूटी क्लास मे जाकर टाइमपास करते थे , फिर धीरे धीरे हम भी सीखने लगे , और जब स्वेता दीदी की शादी की बात आई तो हमने ओफीशियली जाय्न कर लिया

अवी- ठीक है , जाओ एंजाय करो

और मैं ने उनको प्रॉमिस कर दिया

दोनो खुश हो गयी

फिर मैं अपने घर आ गया

छोटी चाची और बड़ी चाची बहुत देर से मेरा इंतज़ार कर रही थी

मेरे घर आते ही चाची मुझपे टूट पड़ी .

सी चाची- कहाँ थे तुम कब से तुम्हारा इंतज़ार कर रहे थे

अवी-चाची आराम से बैठ ने तो दो

ब चाची- अवी अपनी बुआ के यहाँ था

अवी- जी ,

सी चाची- एक फोन कर देते

अवी-चाची आपको बताया था ना कि कविता और लीना का अड्मिशन दूसरे कॉलेज मे किया वही बता रहा था बुआ को , बुआ को सब समझा दिया

सी चाची- बुआ मान गयी

अवी-हाँ , वो खुश है

ब चाची- ये क्या बात कर रहा है

सी चाची- दीदी मैं बाद मे आपको बता दूँगी कि अवी अपनी बहनों के लिए क्या क्या करता है , खुद गालियाँ ख़ाता है पर अपनी बहनों को खुश रखता है

म चाची- ये अच्छी बात है , पर बात क्या है

अवी-कुछ नही , ये देखिए 78% मिले है

सी चाची- 78% अच्छा कमबॅक किया है

ब चाची- अच्छे मार्क मिले है

अवी-हाँ पर अगली बार फाइनल एग्ज़ॅम मे 85+% लाउन्गा

सी चाची- मेहनत करने वालो को सफलता मिलती है

ब चाची- ज़्यादा पढ़ाई के पीछे मत भागना थोड़ा आराम करता जा

अवी-जी चाची( आज सोचा था कि आराम करूँगा पर कविता ने फिर मेरा स्क्रु टाइट कर दिया) जी

सी चाची- तू थोड़ी देर आराम कर मैं तेरे लिए स्पेशल खाना बनाउन्गी

ब चाची- मैं तेरे पसंदीदा परान्ठे बनाता हूँ

अवी-मैं तो पेट भरके खाउन्गा

चाची खुश हो गयी मेरे मार्क देख कर

चाची के हाथ से खाने से पता चल गया कि वो कितनी खुश है

पिछली बार मैं रिज़ल्ट की वजह से परेशान हो गया था

पर इस बार रिज़ल्ट अच्छा आने से चाची खुश थी

और मैं भी अपने पर्फॉर्मेन्स से खुश था

फिर ऐसे ही दिन पढ़ाई मे निकलते गये

दिसंबर महीना आगया

सगाई की तारीख पास आने लगी

कविता लीना अपनी गॅदरिंग की तैयारी मे बिज़ी थी

और मैं उनके लिए तीन दिन निकलने मे बिज़ी था

और मैं उनको गॅदरिंग मे मदद करने लगा

और उनके लिए हसीन गॅदरिंग बना दी

वो खुश थी बुआ खुश थी कोमल खुश थी तो मैं भी खुश था

और उनकी गॅदरिंग के बाद मैं इंतज़ार कर रहा था राज के पापा के आने का

वो आएँगे तो मैं तैयारी मे लग सकता हूँ

उनके हिसाब से तैयारी होगी
 
चॅप्टर 947

दिसंबर महीना स्टार्ट होते ही सब ठंड से बचने के लिए जल्दी सोने लगे

पर मैं रात भर जाग कर पढ़ाई करता रहा

चाचा अभी तक अच्छे बने हुए थे

पर छोटी चाची उनको माफ़ नही कर रही थी

चाचा छोटी चाची की हर एक बात का पालन कर रहे थे

पूरी प्रॉपर्टी हम चार भाई बहन के नाम कर दी

मेरा हिस्सा ज़्यादा था

छोटी चाची खुद हिसाब देख रही थी उनको हिसाब किताब समझने ने टाइम तो लगेगा

बड़ी चाची चाचा के घर पे रहने और बच्चों से प्यार करने से खुश थी

सीमा चाची तो जो मिले उसमे खुश थी

पर विद्या तो मौका ढूँढ रही थी , पर चाचा जब से हॉल मे सो रहे थे तब से उसकी खुजली मिटने का नाम नही ले रही थी

मुझे भी उसकी बेचैनी का पता चला पर रात मे सेक्स करना रिस्की था

इसी बीच एक दिन चाची के पूजा बुआ के घर जाने पे मैं ने मौका देख लिया और चोका मार दिया

विद्या खुश हो गयी और पूजा बुआ की मदद कर ने मे लग गयी

सगाई का दिन पास आ रहा था

कोमल मैं और रानी अपनी पढ़ाई मे लगे हुए थे

हमे जल्दी अपनी पढ़ाई ख़तम करके सगाई के कामो ने लगना था

उनके लिए तो टाइम था पर मेरा काम तो रोज चल रहा था

एक एक चीज़ के लिए शहर जाना पड़ता ,

ऐसा लग रहा था पूजा बुआ शादी की शॉपिंग भी अभी कर रही हो

घंटों चाची और बुआ बैठ कर बातें करती

उनको तो टॉपिक मिल गया था बातें करने का

इस बीच राज के पापा के आने की खबर मुझे मिल गयी

{{{{{{ राज के पापा- रमेश अंकल }}}}}}

रमेश अंकल के आते ही मैं तो फस जाउन्गा

क्यूँ कि रमेश अंकल बाहर रहने से यहाँ के बारे मे पता ना होने से मुझे उनकी मदद करनी पड़ेगी

पूजा बुआ- अवी तू शहर जा , राज के पापा आज आ रहे है

अवी- वो तो सीधा शहर 2 आएँगे , तो वो वहाँ रुकेंगे नही

पूजा बुआ-वो वहाँ कल ही आए है , कल वहाँ रुक कर आज यहाँ आ रहे है

अवी- अंकल वहाँ से निकले कि नही

पूजा बुआ- निकल चुके है तुम जाओ उनको लेने , उनके पास समान ज़्यादा है

अवी- जी अभी निकलता हूँ

और मैं राज को लेकर रमेश अंकल को लाने चला गया

राज- भैया मैं ने पापा से नया कॅमरा लाने को कहा था

अवी- तेरे पास तो है ना

राज- नया वाला और ज़्यादा पिक्सल वाला

अवी- फोटोग्राफर बनना है

राज- पता नही , पर सगाई के फोटो अच्छे आने चाहिए ना

अवी- लो बस आ गयी

रमेश अंकल के बस से उतरते ही राज उनके गले लग गया

रमेश अंकल- समान तो निकालने दो

अवी- मैं निकाल लेता हूँ

और मैं ने बॅग निकाल लिए

रमेश अंकल- राज दिन भर क्या गले लग कर रहना है

राज- मेरा कैमरा

रमेश अंकल- लाया हूँ , घर चल पहले

अवी- इतने बॅग्स थे ना

रमेश अंकल - तुम अवी हो ना , पहचान मे नही आए बहुत बदल गये हो

मैं ने रमेश अंकल के पैर छु लिए

रमेश अंकल- राज कुछ सीखो अपने बड़े भाई से ,

राज ने भी पैर छु कर आशीर्वाद लिया

रमेश अंकल- अवी तुम तो जवान हो गये हो , कसरत करते हो

अवी- हाँ , थोड़ी बहुत कसरत कर लेता हूँ

रमेश अंकल- कसरत करना अच्छी बात है , राज तुम भी कर लिया करो

राज- समय आने पे कर लूँगा

रमेश अंकल- टॅक्सी से जाना होगा

अवी- आपके बॅग ज़्यादा है , राज और आप टॅक्सी से आइए मैं बाइक लेके पीछे पीछे आता हूँ

रमेश अंकल- चलो फिर

और मैं रमेश अंकल को लेकर घर आ गया

घर पे पूजा बुआ नेहा बुआ और नीता बुआ बातें कर रही थी

हमारे आते ही पूजा बुआ के चेहरे पे चमक आ गयी

रमेश अंकल को देखते ही पूजा बुआ उठ कर उनके गले लग गयी

पूजा बुआ ने नेहा बुआ की परवाह किए बिना रमेश अंकल को गले लगा लिया

अब समझा मैं , पूजा बुआ रमेश अंकल के बिना कैसे रहती होगी

उनके लिए एक दिन एक साल के बराबर था

पूजा बुआ काफ़ी देर तक अंकल के गले लगी हुई थी

रमेश अंकल- अब क्या दिन भर यही खड़े रखने का इरादा है

पूजा बुआ- आपको क्या पता है , मेरी यहाँ क्या हालत हो जाती है आपके बिना , हर दिन आपकी याद आती है

रमेश अंकल के आते ही पोज़ा बुआ ने शिकायत करनी शुरू की

रमेश अंकल- मेरा भी यही हाल होता है पर क्या करे बच्चो के लिए दूर रहना पड़ता है

पूजा बुआ- अब आप कहीं नही जाएँगे

रमेश अंकल- अब तो तुम्हारे पास ही रहूँगा ,

पूजा बुआ- पक्का वादा

रमेश अंकल- वादा करता हूँ , अब तो छोड़ो , बच्चे देख रहे है

नेहा बुआ -जीजाजी हमने अपनी आँख बंद की है

नीता बुआ -आप लगे रहो

रमेश अंकल- मेरी साली साहिबा भी यही है

नेहा बुआ -हम तो आपका स्वागत करने के लिए यहाँ बैठे है

नीता बुआ- और आप हो की दीदी के पल्लू मे छिपे हो

रमेश अंकल- नीता , तू भी ना , तू तो जानती है अपनी दीदी को

नेहा बुआ -पता है अब तो कुछ दिन हमे यहाँ आने भी नही देगी , और खुद घर से बाहर नही निकलेगी

नीता बुआ- पर हम यहाँ से जाएँगे नही , जीजाजी से गिफ्ट लेकर जाएँगे वरना ऐसे ही खड़े रहो

पूजा बुआ- नीता तू फिर शुरू हो गयी

नीता बुआ- मैं आपसे नही , अपने जीजाजी से बात कर रही हूँ , ये जीजा साली की बात है दीदी आप तो दूर ही रहो

नेहा बुआ- हम आधी घरवाली है ,हैं ना जीजाजी

रमेश अंकल- आधी क्या पूरी बना देते है

पूजा बुआ- क्या कहा ,

नेहा बुआ -लो दीदी तो गुस्सा भी हो गयी ,

नीता बुआ- कोई बात नही , जीजाजी तो दीदी से ज़्यादा हमे प्यार करते है

पूजा बुआ- भाग यहाँ से वरना मार खाएगी

नीता बुआ- मार तो अब आप खाइए

नेहा बुआ- बेडरूम.मे

और दोनो बुआ हँसने लगी

ये थी बचपन वाली नेहा बुआ और नीता बुआ

पूजा बुआ- तुम्हारे पति आएँगे तब देखूँगी तुम दोनो को

नेहा बुआ- तब तक हमारे आधे घर वाले को देख लो दीदी बेडरूम मे जाकर

नीता बुआ- जीजाजी , दीदी ने नया बेड लिया है ताकि कमर दर्द ना करे

फिर से बुआ हँसने लगी

इनकी बातें सुनकर मुझे भी हसी आ रही थी

राज तो बॅग ओपन करने मे बिज़ी हहा

रमेश अंकल- नया बेड , अच्छा किया , पिछले वाले बेड पे आवाज़ बहुत निकल रही थी

पूजा बुआ -आप भी इनकी तरह मेरा मज़ाक उड़ा रहे है

रमेश अंकल- साली ऐसी हो तो मुझे उनके रंग मे मिलना तो पड़ेगा

नेहा बुआ -क्या खूब कहा जीजाजी आपने

रमेश अंकल- तो साली साहिबा चले बेडरूम मे

नेहा बुआ -मैं

नीता बुआ- या मैं

बुआ का जवाब सुनते ही मैं हॅंग हो गया

पर ये साली जीजाजी के बीच का मज़ाक था

रमेश अंकल- देखो इसे कहते है साली , एक झटके मे तैयार हुई और तुम हो यहाँ गले लगी हो

पूजा बुआ -अंदर चलो सब बताती हूँ

नेहा बुआ -दीदी हमे भी बता दो कुछ

नीता बुआ- हमे भी टिप्स दे दो , हमारे काम आ जाएगी

पूजा बुआ-तुम दोनो मुझे तंग करना बंद करो

रमेश अंकल- तुम्हारी दीदी को तंग सिर्फ़ मैं करूँगा समझी

और सब हँसने लगे

नेहा बुआ -जीजाजी ने कहा वरना हम तो आज यही रुकने वाले थे

नीता बुआ- रुक तो जाते पर रात भर जो आवाज़ आएगी उस से मुझे तो नींद नही आएगी

नेहा बुआ-दीदी तो रात भर सोएंगी नही

रमेश अंकल- तुम दोनो ज़्यादा तंग मत करो वरना मुझे सोफे पर सोना होगा

नेहा बुआ -दीदी ने बाहर निकाला तो हम हैं ना

पूजा बुआ- बड़ी आई मैं हूँ ना कहने वाली , भाग यहाँ से

रमेश अंकल- उनको क्यूँ भगा रही हो , ऐसी बातों मे मज़ा आता है

नेहा बुआ -जीजाजी लगता है दीदी आपको कोई और मज़ा देने वाली है

पूजा बुआ- मेरी माँ ,अब बस भी करो

नीता बुआ- जीजाजी जब तक गिफ्ट नही देंगे अपनी साली को हम चुप नही रहेंगे

रमेश अंकल- तुम दोनो बिल्कुल ही नही बदली , जब भी मैं आता हूँ गिफ्ट के बिना जान

छोड़ती नही

पूजा बुआ- इनको गिफ्ट दे दो जल्दी

नेहा बुआ- जल्दी , क्या बात है कंट्रोल नही हो रहा

पूजा बुआ- कल मिल फिर बताती हूँ तुझे

नीता बुआ- एक दिन , मुझे लगा कि एक हफ्ते तक आप बिज़ी रहेगी

रमेश अंकल- जान से मारने का इरादा है

नेहा बुआ -दीदी तो कह रही थी कि आपको कच्चा खा जाएगी

पूजा बुआ-मैं ने ऐसा कब कहा

नीता बुआ- सुबह से तो कह रही थी राज के पापा आएँगे तो ये करेंगी वो करेंगी

पूजा बुआ- चुप कुछ भी बोलती हो

रमेश अंकल- मुझे बताओ क्या कहा था पूजा ने

नेहा बुआ -दीदी के राज़ ऐसे कैसे बता दे आपको

रमेश अंकल- क्या चाहिए

नेहा बुआ -हमे जो देने को बोला गया था वो दे दो

नीता बुआ- जल्दी वरना हम यही बिस्तर लगा देंगे

रमेश अंकल- वो ब्लू बॅग मे तुम दोनो का समान है

नेहा बुआ -पूरा हमारा है

रमेश अंकल- कोमल के पापा और जतिन (राजेश के पापा ) ने इतना ही भेजा है

नेहा बुआ -ये बहुत है

रमेश अंकल- और हां कुछ वीडियो और फोटो है उनके , देख लेना

नेहा बुआ -वो तो देख लेंगे

रमेश अंकल- और सबके लिए एक एक गिफ्ट है

नेहा बुआ -वो हम देख लेंगे

नीता बुआ- पर आपकी तरफ से क्या मिलेगा ये तो हमारे हज़्बेंड ने भेजा है

रमेश अंकल- मुझे लगा उसी से काम चल जाएगा

नेहा बुआ -जीजाजी हम आपकी साली है , साली को गिफ्ट देख कर है आप दीदी से मिल पाएँगे

पूजा बुआ- नेहा अब बहुत हो गया और तंग मत करो

रमेश अंकल- वो साली है उनका पूरा हक है ,

नीता बुआ -हमारे गिफ्ट कहाँ है

रमेश अंकल ने एक बॅग ओपन किया और 2 साड़ी निकाल कर अपनी सालियों को दी

रमेश अंकल- ये मेरी तरफ से अपनी प्यारी सालियो को

नेहा बुआ -वाउ ये तो बहुत संदर है

नीता बुआ- गिफ्ट पसंद आया ,

पूजा बुआ- अब भागो यहाँ से

नेहा बुआ -जा रहे है ,

नीता बुआ- दीदी शाम को राज को मैं अपने यहाँ सुला दूँगी

नेहा बुआ- कोई डिस्ट्रब नही होगा

रमेश अंकल- देखो कितनी समझदार है मेरी साली

पूजा बुआ- बहनें किसकी है

नेहा बुआ -हम जा रहे है , चलो नीता

नीता बुआ - जीजाजी इस बॅग के लिए थॅंक्स

रमेश अंकल- वेलकम साली साहिबा

नेहा बुआ और नीता बुआ अपना बॅग लेकर चली गयी

पूजा बुआ- अच्छा हुआ चली गयी

रमेश अंकल- तुम्हारी बहनें है

पूजा बुआ -आज के लिए सब कुछ भूल जाना चाहती हूँ

अवी- बुआ

पूजा बुआ- तुम यही हो , मुझे लगा तुम कब के चले गये होंगे

रमेश अंकल- पूजा अवी तो बड़ा हो गया है

पूजा बुआ -हाँ , और ज़िम्मेदार भी , रोहन की फॅमिली की अच्छी मेहमान नवाज़ी की अवी ने

रमेश अंकल- अवी मैं तुम्हारे लिए टी शर्ट लाया था पर लगता है वो राजेश को देनी होगी , तुम्हें छोटी हो जाएगी

अवी - कोई बात नही

रमेश अंकल- मैं तुम्हें कल लेकर दूँगा

अवी-मेरे पास है

पूहा बुआ- अवी ले लो प्यार से दे रहे

अवी-जी

रमेश अंकल- तो अवी कल से थोड़ा टाइम निकाल कर रखना

अवी-टाइम निकाल लिया है

रमेश अंकल- तुम्हें मेरे साथ रहना है ,

अवी-आप बेफिकर रहिए मैं आपकी पूरी मदद करूँगा

रमेश अंकल- तो कल मिलते है, प्लान करेंगे क्या क्या करना है

अवी-जी , मैं कल सुबह आ जाउन्गा

पूजा बुआ- दोपेहर मे

रमेश अंकल- पूजा तुम भी ना

पूजा बुआ- दोपेहर मे

रमेश अंकल- ओके , अवी कल नही परसो मिलेंगे , अब खुश

पूजा बुआ- बहुत खुश

और मैं अपने घर आ गया

बुआ अब अंकल के साथ कब्बड़ी खेलेंगी

राज तो नीता बुआ के घर सोएगा

तो पूजा बुआ पलंग तोड़ मस्ती करेंगी

रमेश अंकल का नेचर अच्छा है , अच्छी बातें होती है अंकल और बुआ मे

उनकी बातें बस मज़ाक तक सीमित रहती है

अब देखते है कितना काम करना होगा मुझे
 
चॅप्टर 947 ए

राज के पापा आते पूजा बुआ कुछ दिनो के लिए बिज़ी हो गयी

पूजा बुआ ने पूरी कसर निकालनी शुरू की

राज तो अपने गिफ्ट के साथ लगा हुआ था

पर पूजा बुआ बेड तोड़ने की पूरी कॉसिश मे लगी थी

और मैं अपनी पढ़ाई को कवर करने मे लगा हुआ था

चाची भी मेरी पूरी मदद करते हुए रात मे मेरे लिए टी बना देती

पूजा बुआ ने 2 दिन बाद राज के पापा को आज़ाद कर दिया

चाचा राज के पापा से मिलने चले गये

रमेश अंकल और चाचा काफ़ी देर तक बातें करते रहे

रमेश अंकल को भी सगाई गाँव मे करनी थी

इस लिए चाचा उनको बता रहे थे कि क्या करना चाहिए

रमेश अंकल ने बता दिया कि वो क्या चाहते है ,

पूजा बुआ ने 70% शॉपिंग कर ली थी

सगाई के लिए टाइम था जिस से धीरे धीरे काम चल रहा था

नेहा बुआ और नीता बुआ , अपने जीजाजी के साथ मस्ती भरी बातें करने लगी

पूजा बुआ ने मुझे बुला लिया ,

रमेश अंकल मुझसे मिलना चाहते थे

मैं चाची को बता कर राज के घर आ गया

रमेश अंकल- अवी बैठो

चाचा वही पर बैठे थे

अवी-आपने मुझे बुलाया

रमेश अंकल- पूजा तुम्हारी बहुत तारीफ कर रही थी

अवी-किस लिए

रमेश अंकल- तुमने मेले का काम जो इतने अच्छे से किया है , मैं काम की वजह से आ नही पाया पर पूजा ने मुझे सब बता दिया

अवी-सबकी मदद की वजह मेला अच्छे से एंजाय किया

रमेश अंकल- और तुमने जो पूजा का ध्यान रखा उनको टूर पे ले गये , ये अच्छा किया

अवी-स्वेता दीदी को थोड़ा एंजाय करना था , फिर शादी के बाद वो कहाँ घूमेंगी

रमेश अंकल- ये सही कहा , स्वेता को मैं ने भी कहा था कि शादी तक वो जो करना चाहती है उसकी आज़ादी उसे मिल जाएगी ,

अवी-आप स्वेता दीदी से मिलके आए है

रमेश अंकल- हाँ , वो भी तुम्हारी तारीफ कर रही थी

चाचा- जीजाजी अवी क़ाबिले तारीफ है

रमेश अंकल- वो तो है,

पूजा बुआ- शॉपिंग मे अवी ने बहुत मदद की

रमेश अंकल- अब मेरी मदद करना

अवी-जी

रमेश अंकल- तुम मेरे साथ रहना ताकि हम सगाई का काम कर सके

अवी-मैं तो तैयार हूँ कहिए क्या करना है

रमेश अंकल- सगाई तो घर से करेंगे , तीनो घर के आगन को मिला के

अवी-ये तो अच्छा रहेगा

रमेश अंकल- तो यहाँ काम तुम्हारे चाचा देख लेंगे

चाचा- जीजाजी आप बेफिकर रहिए मैं यहाँ सब देख लूँगा

अवी-और हम

रमेश अंकल- पहले तो मुझे रोहन की फॅमिली से मिलना है

अवी-आपको मिलना चाहिए , आमने सामने बात अच्छे से हो जाएगी

रमेश अंकल- तो हम कल चलेंगे

पूजा बुआ- मैं भी चलूंगी

अवी-बुआ आप भी चलेंगी तो टॅक्सी से जाना होगा

रमेश अंकल- तुम भी चलना , एक बार पूरी फॅमिली साथ मे मिल लेते है और बात भी कर लेंगे

अवी-स्वेता दीदी और सीतल दीदी भी

रमेश अंकल- हाँ , और तुम भी चलोगे

अवी-जी

पूजा बुआ- उनको बताना होगा ना

रमेश अंकल- रोहन के पापा ने ही इन्वाइट किया है

पूजा बुआ- कब किया

रमेश अंकल- मैं शहर2 मे था ना तभी बात हुई थी

पूजा बुआ- हम कब जाएँगे

रमेश अंकल- कल , और ज्योति को लेकर आएँगे

ज्योति बुआ का नाम निकलते ही चाचा पूजा बुआ का चेहरा पीला पड़ गया

पूजा बुआ- ज्योति दीदी को तो आराम करने को कहा है डॉक्टर ने

रमेश अंकल- पहले ये बताओ तुमने ये बात मुझसे क्यूँ छुपाई

पूजा बुआ- कौन सी बात

चाचा के पैर डर की वजह से कापने लगा

रमेश अंकल- ज्योति के आसिडेंट की बात मुझसे क्यूँ छुपाई

पूजा बुआ- आप को कैसे बताती , आप तो सब कुछ छोड़ कर यहाँ आ जाते

रमेश अंकल- तुम्हें बताना चाहिए था

पूजा बुआ- ग़लती हो गयी

रमेश अंकल- दुबारा ऐसा मत करना

पूजा बुआ- नही होगी ,

रमेश अंकल- वैसे पूनम ने बताया कि तुम वही रुकी थी जब तक ज्योति को घर नही लाया गया

पूजा बुआ- उनको कुछ हो जाता तो आप मुझे माफ़ नही करते ,

रमेश अंकल- तुम ने सब ठीक किया ये सुनकर अच्छा लगा था

पूजा बुआ- जी

चाचा रिलॅक्स हो गये

अच्छा है किसी को कुछ पता नही है

छाछ- जीजाजी मैं काम मे लग जाता हूँ

रमेश अंकल- हाँ , तुम यहाँ का देख लो , अवी हम कल सुबह जाएँगे

अवी-मैं कार बुक कर देता हूँ

रमेश अंकल- कर दो , हम रात मे वापस आएँगे

पूजा बुआ- अवी एक मिनिट मेरी मदद करना एक समान निकालना है

अबी - जी बुआ

और मैं बुआ के साथ अंदर के कमरे मे चला गया

पूजा बुआ - देखा अवी तुमने

अवी-क्या

पूजा बुआ - कैसे अपनी बहन की फिकर है

अवी-वो दिख रहा है

पूजा बुआ - अगर ज्योति का सच पता चला तो मेरी तो ज़िंदगी खराब हो जाएगी

अवी-आप बेफिकर रहिए , हम सब हॅंडल कर लूँगा , उनको सच कभी पता नही चलेगा

पूजा बुआ - यही दुआ कर सकते है

अवी-आप टेन्षन मत लो मैं साथ आ रहा हूँ ना

पूजा बुआ - तू ना ज्योति को देखना

अवी-मैं तो आपको देखूँगा

पूजा बुआ - क्या कहा

अवी-आप को अंकल ने फिट कर दिया 2 दिन मे

पूजा बुआ - चल भाग यहाँ से कुछ भी बोलता है

अवी-अंकल आए तो मेरी छुट्टी

पूजा बुआ - अब तो पर्मानेंट छुट्टी मिलेगी तुम्हें ,क्यूँ कि वो अब यही रहेंगे

अवी-फिर तो आप रोज सुहागरात मनाएँगी

पूजा बुआ - ये भी कोई पूछने की बात है

अवी-तो आप कल की तैयारी कीजिए

और मैं अपने काम मे लग गया

कल के लिए कार बुक की

सुबह जल्दी निकलना था

चाची की पर्मिशन तो अब जल्दी मिल जाती है

कोमल और रानी मेरे हिस्से की पढ़ाई कर रही थी

चाचा भी काफ़ी सुधर गये थे

वो खुद काम कर रहे थे ,

मैं ने सारा इंतज़ाम कर लिया और

सुबह होते ही हम रोहन की फॅमिली से मिलने के लिए चले गये

राज रमेश अंकल पूजा बुआ और मैं कार मे बैठ कर शहर2 की तरफ जाने लगे

स्वेता दीदी को बता दिया था कि हम आ रहे है

स्वेता दीदी भी तैयारी करके हमारा इंतजार कर रही थी

पहले तो हमे ज्योति बुआ से मिलना होगा

इस बात से पूजा बुआ थोड़ी टेंशन मे थी

उनका टेन्षन तो कैसे भी करके कम करना होगा

लो हम पूनम दीदी के घर पहुँच गये

पूनम दीदी के घर आते ही मेरी नज़र रीया और ज़ीया के घर की तरफ गयी

उनके घर पे लॉक लगा था शायद कहीं बाहर गये हो

हमारे आते ही स्वेता दीदी और सीतल दीदी ने हमारा स्वागत किया

स्वेता दीदी -पापा ,

रमेश अंकल - मेरी प्यारी बेटी , तुम तो डॉल लग रही हो

सीतल दीदी- पापा मैं

रमेश अंकल- तुम तो परी लग रही हो

राज- और मैं

पूजा बुआ- तू तो मेरा राजकुमार है ,

रमेश अंकल - पूनम कहाँ है

स्वेता दीदी- वो सो रही है उनके सर मे दर्द है

रमेश अंकल - डॉक्टर के पास गये थे

स्वेता दीदी - नही पर थोड़ी देर मे जाने वाले थे

रमेश अंकल और पूजा बुआ पहले पूनम दीदी के पास गयी

रमेश अंकल- बेटी क्या हुआ

पूनम दीदी- मामा जी आप

रमेश अंकल-लेटी रहो , पूनम को मेडिसिन दी

स्वेता दीदी - जी पापा

रमेश अंकल- चलो तुम्हें डॉक्टर के पास ले चलता हूँ

अवी- अंकल हमे रोहन के घर जाने मे देर होगी वो इंतज़ार कर रहे होंगे

पूजा बुआ- वो गुस्सा हो जाएँगे

रमेश अंकल- तुम क्या चाहती हो मैं पूनम को ऐसा छोड़ कर चला जाउ

पूजा बुआ- मैं तो

पूनम दीदी-मामा जी मैं ठीक हूँ , आप रोहन के घर जाइए

रमेश अंकल-तुम चुप रहो , तुम्हारे पापा कहाँ है

स्वेता दीदी- अंकल तो अभी तक आए ही नही

रमेश अंकल- फोन नही किया

पूनम दीदी -वो फील्ड पे गये है , वो शाम मे आएँगे

रनेश अंकल-हम यही रुकेंगे

पूजा बुआ- और रोहन के घर वाले

रमेश अंकल- उनको फोन कर देते है कि आज आ नही पाएँगे

ज्योति के लिए रमेश अंकल का प्यार कुछ ज़्यादा ही है

पूजा बुआ - जैसे आप ठीक समझे

रमेश अंकल - ज्योति कहाँ है

स्वेता दीदी - वो अपने कमरे मे सो रही है ,

रमेश अंकल- उनके बॅंडेज निकाली कि नही

स्वेता दीदी - नही ,

पूजा बुआ रोहन के घर ना जाने से अपसेट हो गयी

पूजा बुआ मेरी तरफ देख रही थी

अवी- अंकल मैं कुछ कहूँ

रमेश अंकल - हाँ कहो

अवी-आप रोहन के घर जाइए मैं यहाँ पूनम दीदी के पास रुकता हूँ

रमेश अंकल- नही , मैं पूनम को अकेला नही छोड़ सकता

पूनम दीदी - मामा जी अवी हैं ना वो मुझे डॉक्टर के पास ले जाएगा

रमेश अंकल- और यहाँ कौन रहेगा ज्योति को देखनेके लिए

स्वेता दीदी - बुआ तो सोती रहती है

रमेश अंकल - पर

पूजा बुआ- अवी यहाँ संभाल लेगा

पूनम दीदी - मामा जी आप रोहन के घर जाइए

रमेश अंकल - डॉक्टर के पास से आते ही मुझे फोन करना

अवी- मैं कर लूँगा

रमेश अंकल - अवी पूनम का ध्यान रखना

अवी- जी

.रमेश अंकल -ज्योति से मिलके जाते है

पूजा बुआ खुश हो गयी

और अंकल ज्योति बुआ से कुछ देर बात करके रोहन के घर जाने लगे

मैं पूनम दीदी के साथ घर पे रुक गया

मुझे पूनम दीदी से बात भी करनी थी

ये अच्छा मौका मिल गया

अब पूनम दीदी से बात कर पाउन्गा

पूजा बुआ अपनी पूरी फॅमिली के साथ रोहन के घर चली गयी
 
चॅप्टर 947 ब

पूजा बुआ और रमेश अंकल सबको लेकर रोहन के घर चले गये

रमेश अंकल कुछ बात करना चाहते थे रोहन के पापा से

लेकिन मेरे लिए पूनम दीदी के घर रुकना अच्छा ही हुआ

पूनम दीदी से बात करने को मिलेगा

पिछली बार जब पूनम दीदी की तबीयत ठीक नही थी तो मुझे उनके साथ सेक्स करने को मिला

इस बार फिर से तबीयत खराब होने से ,देखते है क्यूँ सर दर्द कर रहा है पूनम दीदी का

पूजा बुआ के जाते ही मैं ज्योति बुआ के कमरे मे चला गया

ज्योति बुआ फोन पे बात कर रही थी

मैं ने उनको अकेला छोड़ दिया और पूनम दीदी के कमरे की तरफ जाने लगा

मैं डोर के पास पहुँचा तो अंदर से रोने की आवाज़ आ रही थी

पूनम दीदी रो रही है

अभी तो ठीक थी

अचानक क्या हो गया

ऐसे रोने क्यूँ लगी है

मैं उनके कमरे से थोड़ी दूर गया और आवाज़ देते हुए कमरे की तरफ जाने लगा

अवी- गुनगुना रहे है भवरे खिल रही है कली कली

मेरी आवाज़ सुनते ही पूनम दीदी ने रोना बंद किया और बेड पे लेट गयी

अवी- दीदी आप अभी तक सो रही है

पूनम दीदी - मेरा सर दर्द कर रहा है

अवी- मैं यहाँ रुकु इस लिए ये नाटक किया ना

पूनम दीदी - नाटक , नाटक नही है

अवी- सच मे सर दर्द कर रहा है

पूनम दीदी - हाँ

अवी- तो मैं दबा दूं

पूनम दीदी - नही रहने दो

अवी- बाम कहाँ है

पूनम दीदी - मैं ने कहा रहने दो

अवी- लो मिल गया

पूनम दीदी - तुम रहने दो मैं बाद मे लगा लूँगी

अवी- ये आपके लिए नही है मेरे लिए है बाम

पूनम दीदी - तुम्हारे लिए

अवी- आपकी बातें सुनकर मुझे सर दर्द होगा इस लिए पहले ही लगा रहा हूँ

पूनम दीदी - मैं समझी नही

अवी- पिछली बार मैं ने आपकी मदद की थी ना तो इस बार इतना क्या सोच रही है , बोलना शुरू कर दो

पूनम दीदी -क्या कह रहे हो मेरी समझ मे नही आ रहा है

अवी- ज्योति बुआ ने आप को झूठी कहानी सुनाई

पूनम दीदी - किस बारे मे बात कर रहे हो

अवी- सोच लो दीदी , मुझे नही बताओगि तो ज़िंदगी भर कमरे के अंदर चुपके चुपके रोते रहना होगा

मेरी बात सुनते ही पूनम दीदी समझ गयी कि मुझे सब पता चल गया है

मेरी बात सुनते ही पूनम दीदी ने रोना शुरू कर दिया और मेरे गले लग गयी

पूनम दीदी - तू ही मुझे समझता है , बाकियो को मेरा दर्द दिखा ही नही

अवी- मैं आपका भाई हूँ , मुझे आपकी हर बात पता होती है

पूनम दीदी - मेरा दर्द सिर्फ़ तुम समझ सकते हो

अवी- और ख़तम भी कर सकता हूँ

पूनम दीदी - तुम मुझे आज़ाद कर दो , मैं पागल हो जाउन्गी

अवी- पहले आप रोना बंद करो

पूनम दीदी - कैसे करूँ ,

अवी- देखो पहले मुझे बता दो कि हुआ क्या है

पूनम दीदी - मेरी माँ चालाक लोमड़ी है

अवी- मैं ने आपको पहले ही कहा था

पूनम दीदी - मैं ही पागल हूँ

अवी- महा पागल हो आप

पूनम दीदी - ना तुम्हारी बात मानी और ना पूजा बुआ की

अवी- ग़लती सब से होती है

पूनम दीदी - मामी कितना कह रही थी कि माँ पे विश्वास मत करना

अवी- और आपने माफ़ किया

पूनम दीदी - यही मेरी ग़लती है

अवी- क्या ग़लती की मुझे बता दो

पूनम दीदी - तुम्हें कैसे बताऊ

अवी- बता दो वरना मैं उंगली टेडी कर दूँगा क्यूँ कि मैं आपको रोता हुआ नही देख सकता

पूनम दीदी - तू मुझे रोता हुआ नही देख सकता और मेरी माँ मुझे रुला रही है

अवी- आप ऐसे नही मनोगी

और मैं ने पूनम दीदी की गंद पे चिमती काट ली

पूनम दीदी दर्द से चिल्लाने लगी

पूनम दीदी - अवी दर्द हो रहा है

अवी- तो बताएँगी सच

पूनम दीदी - बता दूँगी ,

और मैं ने पूनम दीदी को छोड़ दिया

पूनम दीदी - अभी भी दर्द हो रहा है

अवी- इतने से डर गयी , जब आपकी आस मारूँगा तब क्या होगा आपका

पूनम दीदी - भूल जाओ

अवी- बस क्या दीदी

पूनम दीदी - तुम मेरा दर्द कम करने आए हो या बढ़ाने

अवी- आप बताएँगी तभी मैं आपका दर्द कम कर सकता हूँ

पूनम दीदी - तुमने जैसा कहा था मेरी माँ वैसी ही निकली

अवी- क्या हुआ था

पूनम दीदी - माँ ने मुझे झूठी कहानी बताई जिसको मैं सच मान बैठी

अवी- क्या बताया ज्योति बुआ ने

पूनम दीदी - क्या नही कहा वो पूछो ,

अवी- बताती हैं या चिमती काट लूँ

पूनम दीदी - माँ ने झूठ ऐसे बताया कि मुझे सच लगने लगा और पूजा बुआ की बात को नज़र अंदाज़ किया

अवी- घुमा फिरा कर मत बोलो

पूनम दीदी - कहाँ से शुरू करू

अवी- जब यहाँ आई थी तब से

पूनम दीदी - मैं माँ के आक्सिडेंट की बात सुनते ही पूजा मामी के साथ यहाँ आ गयी

आक्सिडेंट का नाम सुनते ही मुझे सन्नी की याद आ गयी , उसका भी आक्सिडेंट हुआ था

इसी बात का माँ ने फ़ायदा उठाया , उनको लगा कि आक्सिडेंट का नाम सुनते ही मैं कमज़ोर पड़ जाउन्गी

अवी- ये मैं ने पूजा बुआ को बताया था

पूनम दीदी - पूजा मामी की बात पे मैं ने ध्यान नही दिया

अवी- आगे क्या हुआ

पूनम दीदी - माँ की हालत देखते ही मैं तो टूट ही गयी , कैसी भी क्यूँ ना हो थी , और है तो मेरी माँ ही ना

अवी- आक्सिडेंट सिंपल हुआ था

पूनम दीदी - हाँ , पर माँ की हालत देख कर लग नही रहा था कि आक्सिडेंट सिंपल है

अवी- बॅंडेज ज़्यादा लगा ली होगी

पूनम दीदी - पैर की चोट असली थी पर बाकी के एक्सरे मुझे नही दिखाए गये

अवी- डॉक्टर को पैसे दिए होंगे

पूनम दीदी - सही कहा , मुझे बाद मे पता चला

अवी- तो इतने से आपने अपनी माँ को माफ़ किया

पूनम दीदी - नही , माँ ने एक कहानी बताई जिस को मैं सच समझ बैठी

अवी- क्या बताया

पूनम दीदी - पहले तो माँ ने मुझे तुमसे दूर किया फिर पूजा मामी से , और अकेले मे मुझे अपनी कहानी बताने लगी

अवी- क्या बताया बुआ ने

पूनम दीदी - मुझे अकेले मे बुला लिया , और दर्द का नाटक करते हुए कहानी बताने लगी

अवी- बताया क्या

पूनम दीदी - माँ की सहेली के बारे मे तुम्हें बताया था ना वो माँ को ब्लॅकमेल कर रही है ऐसा बताया मुझे

अवी- ब्लॅकमेल , पूरी बात बताओ

पूनम दीदी - मैं माँ पे गुस्सा थी , मेरा गुस्सा कम करने के लिए माँ ने पहले आक्सिडेंट का नाटक किया फिर , कहा कि उनकी सहेली उनको ब्लॅकमेल कर रही है

अवी- पर आपने तो उनकी रेकॉर्डिंग सुनी थी

पूनम दीदी -हाँ , पर पहले मेरी बात तो सुनो , माँ ने मुझे एक फोटो दिखाई जिसमे माँ बेहोश थी और एक आदमी उनकी चुदाई कर रहा था

वो आदमी माँ की सहेली का पति है

वो फोटो देख कर मुझे ज़्यादा झटका नही लगा पर माँ की बातों से ज़्यादा झटका लगा

माँ ने कहा कि उनकी सहेली के पति ने उनके साथ ज़बरदस्ती की और ये फोटो निकाल कर मुझे ब्लॅकमेल किया , और मुझसे पैसे माँगने लगा

अवी- आपने मान लिया

पूनम दीदी - तो क्या करती , माँ ने कहा कि उनको पैसे देने के लिए वो ये सब कर रही थी

मैं ने बताया कि मुझे पता है ये आप कब से रही.है

इस्पे माँ ने अपनी कहानी घुमा दी

माँ ने कहा कि वो पहले भी ब्लॅकमेल कर रहे थे और वो धंधा करके पैसे देने लगी उनको ,

मैं ने कहा कि पैसे देने की जगह कंप्लेंट करते

तो माँ ने कहा कि वो कंप्लेंट करती तो बदनाम होती

फिर ग़लती से मैं ने कहा कि फिर से क्यूँ शुरू किया

फिर से , मतलब मुझे बहुत कुछ पता है ये माँ जान गयी

माँ ने कहा कि सन्नी की डेत के बाद मैं ने उनको मना कर दिया

तब उनके पैसे की लिमिट पूरी हो गयी थी , पर कुछ सालों बाद मेरी सहेली वापस आ गयी और मुझे फिर से ब्लॅकमेल करने लगी

मैने ने कहा कि मैं ने आपकी बात सुनी थी मुझे तो ब्लॅकमेल वाली बात सुनाई नही दी

माँ ने कहा कि वो ब्लॅकमेल वर्ड ईस्तमाल नही करती थी , उनको डर था पकड़े जाने का

अवी- तो आपने क्या कहा

पूनम दीदी - मैं ने कहा कि ये फोटो नकली है , ऐसा आप जानबूझ कर करती थी

इस्पे माँ ने कहा कि ये पहली बार की फोटो है जिसमे वो बेहोश थी , तब धोके से उनको फसाया है

सच मे माँ बेहोश थी तो मैं ने यकीन कर लिया ,

ऐसा बहुत से लोगो के साथ होता मुझे लगा माँ सच कह रही है पर समझ मे नही आ रहा था

मैं ने कहा कि आपको ब्लॅकमेल किया जा रहा था तो आप अपनी सहेली को कुछ कमीशन के हिसाब से क्यूँ पैसे दे रहे थे

माँ ने कहा कि वो उसकी चुदाई के पैसे थे और बाकी पैसे ब्लॅकमेल करके बनाती है

फिर भी यकीन नही था

तो माँ ने कहा ही ये ही सच है , उनकी सहेली उनको ब्लॅकमेल कर रही थी , और उनको पैसे देने के लिए माँ को ये सब करना पड़ा ,

फिर माँ ने कहा कि वो मुझे यही बताना चाहती थी घर2 मे पर मैं ने उनकी बात नही सुनी

और इसी सदमे मे माँ स्यूयिसाइड कर रही थी पर बच गयी

अवी- आपने मान लिया

पूनम दीदी - तो क्या करती माँ बहुत अजीब तरीके से बता रही थी कि सब मान ना पड़ा

अवी- तो ज्योति बुआ को उनकी सहेली ब्लॅकमेल कर रही थी

पूनम दीदी - हाँ

अवी- और आपने मान लिया ,

पूनम दीदी - हाँ

अवी- पूजा बुआ के कहने पर भी

पूनम दीदी - हाँ

अवी- रिकॉर्डिंग आपके सामने थी फिर भी

पूनम दीदी - तब मुझे सच लग रहा था

अवी- और सच कब पता चला

पूनम दीदी - अभी कुछ दिन पहले

अवी- वो कैसे पता चला

पूनम दीदी - माँ ने कहा की वो फाइनल सेटल्मेंट कर रही है अपनी सहेली से

अवी- फाइनल सेटल्मेंट

पूनम दीदी - वो अपनी सहेली को 15 लाख दे कर अपनी फोटो ले लेगी

अवी- ये नया ड्रामा था

पूनम दीदी - हाँ , मेरे सामने पैसे दिए ताकि मैं सच समझ लूँ

अवी- पैसे देने के बाद क्या हुआ

पूनम दीदी - होना क्या था , सब ठीक हो गया , माँ बच गयी ऐसा लग रहा था

अवी- लग रहा था से क्या मतलब

पूनम दीदी - पर ये सब एक ड्रामा था

अवी- आपको कैसे पता चला

पूनम दीदी - मैं ने कॉल रेकॉर्डर इंस्ताल किया माँ के मोबाइल मे

अवी- स्मार्ट हो

पूनम दीदी - ये सब तुमसे सीखा है

अवी- तो रेकॉर्डिंग से क्या पता चला

पूनम दीदी - रेकॉर्डिंग क्यूँ करनी पड़ी ये पूछो

अवी- क्यूँ पड़ी

पूनम दीदी - पूजा मामी ने कहा था कि आँख खुली रखना

अवी- तो क्या पता चला आँखे खुली रख कर

मैं एक दिन कमरे मे बैठी थी कि मेरे हाथ माँ की ब्लॅकमेल वाली फोटो थी

पूनम दीदी - एक फोटो मेरे पास रह गयी थी

अवी-तो

पूनम दीदी - मैं उस फोटो को ध्यान से देखने लगी

अवी- तो क्या पता चला

पूनम दीदी - उस फोटो के पीछे शॉप का नाम था , और उस शॉप वाले को मैं जानती थी वो मेरे क्लासमेट की शॉप थी , अभी अभी उसने ओपन की

पर माँ ने कहा सालो से उनको ब्लॅकमेल किया जा रहा है

तो मैं चेक करने के लिए फोटो शॉप पे गयी

वहाँ मेरे फ्रेंड को फोटो दिखाई तो उसने जो कहा उसे सुनकर मैं शॉक्ड हो गयी

अवी- क्या कहा उसने

पूनम दीदी - उसने कहा कि ये फोटो 1 महीने पहले की है , एक दिन सुबह सुबह एक औरत आई और 1000 रुपये दे कर ये फोटो प्रिंट करके ले गयी

फोटो के 1000

मैं ने कहा कि वो उस औरत को पहचानता है

.उसने कहा कि ये फोटो वाली औरत आई थी

ये बात सुनते ही मैं हॅंग हो गयी

फिर उसने डेट बताई वो वही डेट थी जब माँ का आक्सिडेंट हुआ

अवी- तो ऐसे पकड़ा बुआ को

पूनम दीदी - हाँ

अवी- आगे बताओ
 
चॅप्टर 947 सी

पूनम दीदी मुझे ज्योति बुआ ने बताई हुई कहानी बताने लगी

ज्योटु बुआ ने आक्सिडेंट का नाटक इस लिया किया ताकि पूनम दीदी को सन्नी की याद आ जाए

फिर अपनी सहेली के साथ मिलके ब्लॅकमेल की झूठी कहानी बताई

ज्योति बुआ ने एक एक करके पूनम दीदी की बातों को जवाब दिया

ज्योति बुआ ने ऐसा जवाब दिया कि पूनम दीदी सोचने पे मज़बूर हो गयी

छोटे आक्सिडेंट को बड़ा बना दिया डॉक्टर को पैसे दे कर

सब कुछ पर्फेक्ट प्लान किया था ज्योति बुआ ने

पर एक ग़लती हो गयी वो ऐसी शॉप मे फोटो निकालने गयी जहाँ पे पूनम दीदी की पहचान थी

वो फोटो की शॉप अभी अभी स्टार्ट हुई थी और ज्योति बुआ तो सालो से ब्लॅकमेल हो रही थी

ऐसे मे पूनम दीदी को थोड़ा शक हुआ

और अपना शक क्लियर करने शॉप पे जाते ही पूनम दीदी को जो बात पता चली उसे सुनकर वो हॅंग हो गयी

मतलब ज्योति बुआ ने पूनम दीदी से झूठ कहा

अवी- तो आपका शक सही साबित हुआ

पूनम दीदी-उस शॉप वाले की बात सुनते ही मैं तो हॅंग हो गयी

अवी- फिर आपने क्या किया

पूनम दीदी-पूरा सच क्या है ये जाने की कॉसिश की

अवी- कैसे

पूनम दीदी-मैं ने उसी शॉप वालो को पूछा कि फोन की बात कैसे सुनी जाती है

तो शॉप वाले ने कहा कि कॉल रेकॉर्डर इनस्टॉल करना , जो कॉल करने को मोबाइल ईस्तमाल करते है उनको सॉफ्टवेर आड किया है उसके बारे मे पता ही नही लगता

अवी- तो आपने कॉल रेकॉर्डर इनस्टॉल किया

पूनम दीदी-हाँ, मैं सच जानना चाहती थी , क्या सच मे माँ को ब्लॅकमेल किया जा रहा है

अवी- तो आपको आपके काम की बात कैसे पता चलती

पूनम दीदी-मैं ने माँ से बात की , शॉप से आते ही मैं माँ के कमरे मे गयी

पूनम दीदी-माँ , अब कैसा लग रहा है

ज्योति बुआ- अब तोड़ा दर्द कम है पर एक जगह बैठ बैठ बोर हो रही हूँ

और बाते करते हुए मैं ने माँ के मोबाइल मे सॉफ्टवेर इनस्टॉल करना स्टार्ट किया

पूनम दीदी-माँ मैं क्या कह रही थी

ज्योति बुआ- हाँ बोलो

पूनम दीदी - हम आपकी सहेली की कंप्लेंट करते है पोलीस स्टेशन मे

पोलीस का नाम सुनते ही माँ का चेहरा पीला पड़ गया

ज्योति बुआ- कंप्लेंट करने से मैं बदनाम.हो जाउन्गी

मैं देखना चाहती थी कि माँ करती क्या है

पूनम दीदी-पर कंप्लेंट नही की तो वो फिर से ब्लॅकमेल करेंगी

ज्योति बुआ- हम कर भी क्या सकते थे

मुझे माँ और उनकी सहेली की बात सुननी थी जिस से मैं उनको डरा कर अपनी सहेली से बात करने पे मज़बूर करने लगी

पूनम दीदी-क्यूँ ना हम फाइनल सेटल्मेंट करते है

ज्योति बुआ - मैं समझी नही

पूनम दीदी-ये रोज रोज के ब्लॅकमेल करने से अच्छा है , उनको जितना पैसा चाहिए ये पूछ कर फोटो ले लेंगे

ज्योति बुआ-( इसके सामने सेटल्मेंट की तो मेरा झूठ सच हो जाएगा ) तुम ठीक कह रही हो, मैं बात करती हूँ उस से

पूनम दीदी-जल्दी बात करना , वरना हम कंप्लेंट कर देंगे

ज्योति बुआ- मैं आज ही फोन कर लूँगी , तुम सही कह रही हो ये यही ख़तम करते है

पूनम दीदी - आप आराम करो मैं बाहर जाके आती हूँ

ज्योति बुआ- ठीक है

और मैं अपने कमरे मे जाकर इंतज़ार करने लगी

माँ को लगा कि मेरे सामने डील करेंगी तो उनका झूठ सच हो जाएगा

माँ ने अपनी सहेली से बात की

माँ ने कहा कि उनकी सहेली ने फोटो के बदले 15 लाख माँगे है

पूनम दीदी-15लाख ये तो ज़्यादा है

ज्योई बुआ- उसने कहा कि 15 लाख मिल जाएँगे तो वो फिर ब्लॅकमेल नही करेगी

पूनम दीदी-हम कहाँ से लाएँगे इतने पैसे , मामा जी से माँग ले

ज्योति बुआ- उनको कुछ मत बताना , मेरे पास कुछ पैसे है

पूनम दीदी-आपके पास कहाँ से आ गये इतने पैसे

ज्योति बुआ- वो मैं ने गाँव से

पूनम दीदी-समझ गयी , वो कब आ रही है पैसे लेने

ज्योति बुआ-कल शाम को, मैं तुम्हें चेक देती हूँ तुम पैसे निकाल कर लाओ

माँ तो सच मे पैसे दे रही है ये सोच कर मुझे लगा माँ को सच मे ब्लॅकमेल किया जा रहा है

तो मैं ने रेकॉर्डिंग सुनने की जगह बॅंक से पैसे निकाल कर उनकी सहेली को दिए और फोटो ले लिए

सब मेरे सामने हुआ तो माँ रिलॅक्स हो गयी

मुझे सब सच जैसा लग रहा था पैसे देना फोटो लेना

पर उसके दूसरे दिन माँ के सोते ही उनका मोबाइल बजने लगा जो उनकी सहेली का स्मस था ,

अब उनकी सहेली ने स्मस क्यूँ आया

मैं ने फोन उठाया तो देखा स्मस मे लिखा था कि 13 लाख वापस तुम्हारे अकाउंट मे डाल दिए है

ये क्या नया ड्रामा था

उसने किसके अकाउंट मे पैसे डाले और माँ को क्यूँ स्मस किया

मुझे फिर शक होने लगा

मैं ने रेकॉर्डिंग स्टार्ट की

ज्योति बुआ -हेलो

ज्योति बुआ की सहेली-हेलो कैसे कॉल किया

ज्योति बुआ -एक मुशिबत और है

ज्योति बुआ की सहेली-अब क्या हुआ

ज्योति बुआ -मेरी बेटी कह रही है कि फाइनल सेटल्मेंट करके फोटो निकाल लेते है वरना पोलीस के पास जाएँगे

ज्योति बुआ की सहेली-बीच मे पोलीस कहाँ से आ गयी

ज्योति बुआ -तुम डरो मत

ज्योति बुआ की सहेली-देख मुझे फालतू के लफडे मे मत डाल

ज्योति बुआ -मेरी आख़िरी बार मदद कर दे

ज्योति बुआ की सहेली-पिछली बार तो सब संभाल लिया था पर इस बार पोलीस आई तो मैं सच बोल दूँगी

ज्योति बुआ -तूने जो आइडिया दिया उस से मैं बच गयी

ज्योति बुआ की सहेली-तुमने अच्छा किया जो गाँव से सीधा मेरे पास आई , और हमने प्लान बनाया

ज्योति बुआ -तेरे पति ने मेरी मदद करके मुझपे उपकार किए है ,

ज्योति बुआ की सहेली-कुछ उपकार नही , मेरा पति तेरी चुदाई करना चाहता है ,

ज्योति बुआ -अभी पासिबल नही है कुछ दिन रुक जाओ

ज्योति बुआ की सहेली-वो नही रुकेगा , तेरे साथ नंगी फोटो निकाल कर वो तुझे चोदना चाहता है

ज्योति बुआ -वो सब ड्रामा था वो फोटो तो मेरी बेटी को झूठ बताने के लिए लिए थे तेरा पति क्या सच मे करना चाहता है

ज्योति बुआ की सहेली-करने दे

ज्योति बुआ -पर अभी नही , वैसे वो है कहाँ

ज्योति बुआ की सहेली-वो अपने भाई के घर छुपा है , तेरा आक्सिडेंट जो किया उसने

ज्योति बुआ -तेरे पति को कहा था कि छोटा आक्सिडेंट करना पर उसने सच मे मेरा पैर तोड़ दिया

ज्योति बुआ की सहेली-तो रियल जैसा लगना चाहिए ना

ज्योति बुआ -क्या रियल , डॉक्टर ने 1 लाख लिए झूठ बोलने के लिए

ज्योति बुआ की सहेली-और मुझे तो तूने कुछ नही दिया , इतना अच्छा आइडिया दिया मैं ने

ज्योति बुआ -तेरे आइडिया से मैं बच गयी , पर तुझे एक और काम करना होगा

ज्योति बुआ की सहेली-क्या

ज्योति बुआ -तू कल फोटो लेकर मेरे घर आएगी , फोटो के बदले मेरी बेटी तुम्हें 15 लाख देगी

ज्योति बुआ की सहेली-15 लाख , मेरी तो निकल पड़ी

ज्योति बुआ -ये नाटक है तुझे पैसे वापस देने होंगे

ज्योति बुआ की सहेली-कुछ तो इनाम देगी ना

ज्योति बुआ -2 लाख तू रखना और बाकी के वापस मेरे अकाउंट मे डाल देना

ज्योति बुआ की सहेली-2 लाख , तेरा काम हो गया समझो , रियल जैसी आक्टिंग करूँगी तेरी बेटी के सामने

ज्योति बुआ -इस बार संभाल लेना

ज्योति बुआ की सहेली-मैं तो संभाल लूँगी पर मेरे पति को तू चाहिए

ज्योति बुआ -1 हफ़्ता क्या 1 महीना तेरे पति की गुलाम बन जाउन्गी

ज्योति बुआ की सहेली-सबको ज़्यादा दे रही है और मुझे 2 लाख

ज्योति बुआ -वो पैसे मेरी बेटी की शादी के लिए रखे है , समझा कर , 13लाख वापस अकाउंट मे डाल देना , मेरे ठीक होते ही मैं अपने पूरे साल के पैसे तुम्हें दूँगी , अपनी चूत फाड़ कर तुझे पैसे दूँगी

ज्योति बुआ की सहेली-पक्का

ज्योति बुआ -तू ही आदमी को लाना

ज्योति बुआ की सहेली-तेरा काम हो जाएगा

ये रेकॉर्डिंग सुनते मेरे पैरो के नीचे से ज़मीन खिसक गयी

माँ ने फिर मुझसे झूठ कहा

मेरी भावनाओ वो के साथ खेला

सन्नी के आक्सिड्न्ट का फ़ायदा उठाया

आक्सिडेंट का झूठा खेल खेला

मैं ने पूजा मामी की बात नही मानी

पूजा मामी कितना कह रही थी कि माँ झूठ कह रह होगी

पर मैं मेरी लोमड़ी माँ की चाल को समझ नही पाई

माँ को मैं ने माफ़ किया था

ये मेरी ग़लती है

माँ कभी नही सुधर सकती

मैं हार गयी थी

अब मैं किसके पास जाउ ,

ना तुम्हारे पास आ सकती थी और ना पूजा मामी के पास

मुझे खुद पे गुस्सा आ रहा था

माँ ने कितनी चालाकी के साथ प्लान बनाया

उनको तो इस बात का डर भी नही है कि उनकी बेटी ने उनको रंगे हाथ पकड़ा था

वो तो फिर से रंडी बनने को तैयार हो गयी

मेरी शादी के लिए पैसे जमा कर रही है

मैं टूट गयी थी

मैं तो स्यूयिसाइड करने का सोच रही थी कि स्वेता ने मुझे रोक लिया

अवी- क्या आप स्यूयिसाइड कर रही थी

पूनम दीदी- हाँ

अवी-आप क्यूँ मरना चाहती थी मरना तो ज्योति बुआ को चाहिए

पूनम दीदी- वो क्यू मरेंगी , जिनको गिल्टी फील होती है वही मरने का सोचते है मेरी माँ तो रंडी है

अवी-तो स्वेता दीदी ने आपको रोका

पूनम दीदी- हाँ

अवी-तो उनको क्या बताया

पूनम दीदी- मैं इतनी टूट चुकी थी कि स्वेता को सब कुछ बता दिया

अवी-सब कुछ से क्या मतलब

पूनम दीदी- उस रूम सीक्रेट से लेके आक्सिडेंट तक सब कुछ

अवी-ये क्या किया

पूनम दीदी- मैं क्या करती तब मैं होशो आवाज़ मे नही थी

अवी-आपने हमारे सेक्स के बारे मे बताया

पूनम दीदी- हाँ

अवी-स्वेता दीदी ने क्या कहा

पूनम दीदी- सेक्स पे तो कुछ नही कहा , पर तुमने जो मदद की मेरी उस से स्वेता को अच्छा लगा

अवी-और क्या बताया दीदी को

पूनम दीदी- कहा ना सब कुछ

अवी-चाचा के बारे मे

पूनम दीदी- हाँ , और ये भी कहा कि तुम ने ये बात किसी को बताने से मना किया

अवी-आपने मुझे फसा दिया

पूनम दीदी- स्वेता कुछ नही कहेंगी , वो समझदार है

अवी-आपको नही पता ,

पूनम दीदी- स्वेता ने कुछ भी बुरा नही कहा तुम्हारे बारे मे कि तुमने ऐसा क्यूँ किया

अवी-(बच गया मैं ) पर दीदी ने क्या कहा

पूनम दीदी- स्वेता ने कहा कि वो सगाई के बाद मेरी मदद करेंगी

अवी-क्या करेंगी

पूनम दीदी- वो हम मिलके सोचेंगे बस इतना ही कहा

अवी-उसके बाद दुबारा इस टॉपिक पे बात हुई

पूनम दीदी- नही , पर स्वेता ने कहा कि मामा जी को पता मत चलने देना नॉर्मल रहना

अवी-सही कहा दीदी ने , अगर रमेश अंकल को पता चलता तो वो स्यूयिसाइड कर लेते

पूनम दीदी- स्वेता काफ़ी समझदार है वो तुम्हें भी कुछ नही कहेंगी

अवी-देखते है मेरा क्या होता है

पूनम दीदी- मैं बात करूँगी स्वेता से और कहूँगी कि ये सब मेरी वजह से हुआ था

अवी-अब तो आप कुछ मत कहना और आपका प्राब्लम तो मैं सॉल्व कर दूँगा स्वेता दीदी को टेन्षन लेने की ज़रूरत नही है

पूनम दीदी- तुम क्या करोगे

अवी-हम कुछ सोच लेंगे

पूनम दीदी- हम

अवी-आप और मैं , इस ज्योति बुआ का चॅप्टर ख़तम करेंगे

पूनम दीदी- कैसे

अवी-टी पीते हुए कुछ सोचते है

पूनम दीदी- मैं बना कर लाती हूँ

अवी-आपका सर दर्द

पूनम दीदी- सब नाटक था , तुम रूको मैं टी लेकर आती हूँ

अवी-कड़क टी चाहिए

और पूनम दीदी के जातेही मैं सोचने लगा कि क्या करना चाहिए

पूनम दीदी को टेन्षन फ्री करता हूँ
 
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