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मैं और मेरा परिवार

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चॅप्टर 947डी

पूनम दीदी की बात सुनकर मैं समझ गया कि ज्योति बुआ कितनी लोमड़ी टाइप की औरत है

लोमड़ी की तरह सोच कर पूनम दीदी को झूठी कहानी सुनाई

पर अच्छा है पूनम दीदी को सच पता चला वरना ज्योति बुआ फिर से नंगा नाच शुरू करती

सब कुछ अच्छे से प्लान किया था पर कुछ ना कुछ हमेशा मिस हो जाता है

ज्योति बुआ की छोटी ग़लती को पकड़ कर पूनम दीदी ने उनका झूठ ओपन किया

और अच्छा किया कि ज्योति बुआ से बात नही की वरना वो फिर से कुछ ना कुछ सोच लेती

पर पूनम दीदी ने स्वेता दीदी को सच बता कर मेरी वाट लगा दी

कोई बात नही मैं स्वेता दीदी को समझा दूँगा

स्वेता दीदी मेरी बात मान जाएगी , उनको मुझपे विश्वास है कि मैं कुछ ऐसा जानबूझ कर नही करूँगा

और स्वेता दीदी ने पूनम दीदी को समझा कर अच्छा किया , पूनम दीदी को सहारे की ज़रूरत थी जो स्वेता दीदी ने दी

पर स्वेता दीदी से पहले मुझे पूनम दीदी का प्राब्लम सॉल्व करना होगा

ज्योति बुआ से सामना करने का समय आ गया

पिछली बार मैं चाचा पे फोकस कर रहा था

पर इस बार ज्योति पे फोकस करके उनका खेल ख़तम कर दूँगा

बस पूनम दीदी की हिम्मत बढ़ानी होगी

पूनम दीदी की कैसे मदद करूँ

क्या किया जाए कि ताकि ज्योति बुआ को अपनी ग़लती पे पछतावा हो

उनके बेटे का सच बता दिया तो उनको जोरदार झटका लगेगा

ये सही रहेगा , पर कुछ और भी किया जाए तो कैसे रहेगा , सन्नी की बात से ज़्यादा असर हो जाएगा ज्योति बुआ पे

मैं सोच रहा था कि पूनम दीदी टी लेकर आ गयी

पूनम दीदी- अवी , गरम गरम टी हाज़िर है

अवी-आप से गरम नही होगी

और हम टी पीने लगे

अवी-दीदी आप बदल गयी हो

पूनम दीदी- मैं कहाँ बदल गयी

अवी-पहले से ज़्यादा हॉट हो गयी हो

पूनम दीदी- वो सब बाद मे पहले मेरी मदद करो

अवी-वही सोच रहा था

पूनम दीदी- तो क्या सोचा

अवी-इस बार ज्योति बुआ का सच बता कर आप रोई नही

पूनम दीदी- अब कहाँ से रोना आएगा , सब तो तुम्हारे सामने है , मेरी माँ पे अब मुझे रोना नही आता

अवी-ये अच्छा बात है आप मज़बूत दिल की होती जा रही है

पूनम दीदी- मेरी हिम्मत स्वेता ने बनाई है

अवी-स्वेता दीदी ने अच्छा किया , वरना आप फिर पूरा प्लान खराब कर देती

पूनम दीदी- फिर से , मैं समझी नही

अवी-पिछली बार आपने प्लान के हिसाब से कुछ नही किया , आप ज्योति बुआ को देख कर टूट गयी थी

पूनम दीदी- ऐसा सीन देखने से मैं अपना होश खो बैठी थी

अवी-और इसी का फ़ायदा उठा कर ज्योति बुआ ने आपको उल्लू बना दिया

पूनम दीदी- क्या मतलब

अवी-ज्योति बुआ को शहर2 आने का आपने मौका दिया ,और ज्योति बुआ ने एक अच्छा प्लान बना लिया

पूनम दीदी- तुम ठीक कह रहे हो ग़लती मेरी थी

अवी-आप पूजा बुआ के पास ले जाती तो पूजा बुआ सब संभाल लेती

पूनम दीदी- पूजा मामी भी यही कह रही थी , ग़लती मेरी है , मुझे पूजा बुआ के पास ले जाना चाहिए था

अवी-पूजा बुआ के पास ले जाते तो भी ज़्यादा फरक नही पड़ता

पूनम दीदी- क्यूँ ?

अवी-आपके थप्पड़ मारने और पूजा बुआ के थप्पड़ मारने मे फरक था

पूनम दीदी- मैं कैसे मार सकती थी

अवी-थप्पड़ ना मारने का रिज़ल्ट आपके सामने है

पूनम दीदी- तुम चाहते हो मैं अपनी माँ को थप्पड़ मारू

अवी-हा , आपका एक थप्पड़ ज्योति बुआ के दिमाग़ को ठिकाने लाएगा

पूनम दीदी- वो कैसे

अवी-बेटी के थप्पड़ से माँ पे बहुत बड़ा असर होता है

पूनम दीदी- ठीक है , मैं थप्पड़ मारने को तैयार हूँ

अवी-अब नही , उस दिन मारना चाहिए था

पूनम दीदी- तब मुझमे इतनी हिम्मत नही थी

अवी-और अब

पूनम दीदी- अब मैं कुछ भी करने को तैयार हूँ

अवी-कुछ भी

पूनम दीदी- तुम जो कहोगे वही करूँगी

अवी-आप फिर से एमोशनल हो जाओगी

पूनम दीदी- नही , इस बार जो तुम कहोगे वही करूँगी

अवी-मैं कुछ भी करने को बोल सकता हूँ

पूनम दीदी- मुझे तुम पे पूरा विश्वस है

अवी-देखो फिर पीछे मत हट जाना

पूनम दीदी- कितना भी डरा लो मैं पीछे नही हटूँगी

अवी-पर आप करना क्यूँ चाहती है

पूनम दीदी- सन्नी के लिए , मेरे लिए ,

अवी-तो आप ज्योति बुआ को सबक सिखाना चाहती हो

पूनम दीदी- एक बार सबक सिखाने के बाद ज़िंदगी भर बात नही करूँगी पर मैं अपना पूरा गुस्सा निकालना चाहती हूँ

अवी-ठीक है , तो कुछ सोचने दो

पूनम दीदी- तुमने कुछ सोचा नही

अवी-सोचने के लिए ब्लड सप्लाइ फास्ट

अवी-सोचने के लिए ब्लड सप्लाइ फास्ट होना चाहिए

पूनम दीदी-मैं समझी नही

अवी-आप मेरी गोद मे बैठो , तो मेरा दिमाग़ ज़्यादा तेज़ी से काम करना शुरू करेगा

पूनम दीदी- तुम बहुत नौटि हो

और पूनम दीदी मेरी गोद मे बैठ गयी

और मेरे शरीर मे ब्लड तेज़ी से भागने लगा

अवी-दीदी आपकी आस बहुत नरम है

पूनम दीदी- अवी पहले मेरी माँ के बारे मे सोचो

अवी- सोच लिया

मेरी बात सुनते ही पूनम दीदी खड़ी हो गयी

पूनम दीदी- क्या सोचा

अवी- आपके खड़े होते ही भूल गया

पूनम दीदी वापस मेरी गोद मे बैठ गयी

पूनम दीदी- अब बताओ क्या सोचा

अवी-आपने कभी आक्टिंग की है

पूनम दीदी- ये कैसा सवाल हो गया

अवी-बताओ क्या आपने आक्टिंग की

पूनम दीदी- हाँ , स्कूल मे ड्रामा मे पार्टिसिपेट किया था

अवी-1स्ट प्राइज़ मिला आपको

पूनम दीदी- 3 र्ड प्राइज़ मिला था

अवी-तो समझो हमारा काम हो गया

पूनम दीदी- तुम सीधे सीधे बताओ

अवी-आपको मेरे साथ आक्टिंग करनी होगी

पूनम दीदी- आक्टिंग , पर क्यूँ

अवी-ज्योति बुआ ने आपसे झूठ कहा ना हम भी उनको झूठ बोलेंगे

पूनम दीदी- झूठ से झूठ ओपन करोगे

अवी-हाँ

पूनम दीदी- मतलब मुझे भी ब्लॅकमेल करोगे

अवी-ब्लॅकमेल करने का प्लान भी अच्छा है पर उस से भी बढ़िया आइडिया है मेरे पास

पूनम दीदी- क्या ?

अवी-आप रंडी बन जाओ

पूनम दीदी- व्हाट ,

और पूनम दीदी खड़ी हो गयी

पूनम दीदी- क्या कहा तुमने

अवी-भूल गया

पूनम दीदी को वापस मेरी गोद मे बैठना पड़ा

पूनम दीदी- तुम मुझे रंडी बनाना चाहते हो

अवी-रंडी बन जाइए , या कहूँ मेरी रखैल बन जाओ

पूनम दीदी- तुम मेरी माँ को सबक सिखाने के बदले मुझे अपनी रखैल बनाना चाहते हो

अवी-आप ईडियट हो

पूनम दीदी- तुम पागल हो जो मुझे रंडी बनने को बोल रहे हो

अवी-मेरी पूरी बात तो सुन लो

पूनम दीदी- बोलो

अवी-आप को आक्टिंग करनी है मेरी रंडी बनने की

पूनम दीदी- आक्टिंग

अवी-हाँ , ज्योति बुआ रंडी है तो उनकी बेटी भी रंडी बन सकती है ये उनको बताना होगा

पूनम दीदी- तो ऐसा कहो ना , कि माँ के सामने नाटक करना है रंडी बनने का

अवी-मेरी रंडी बनने का नाटक करना होगा

पूनम दीदी- हो जाएगा , उनके जैसी मैं बन गयी इस तो उनको झटका लगेगा

अवी-गड़बड़ मत करना

पूनम दीदी- नही करूँगी ,

अवी-तो बुआ को बताते है कि उनके रंडी बनने से उनकी बेटी भी रंडी बन सकती है

पूनम दीदी- पर ये करने से उनको पछतावा होगा

अवी-हाँ , आपको मेरे साथ सेक्स करते हुए देख कर उनको पता चलेगा कि आपको कैसा लगा था जब आपने उनको 7 आदमी के साथ देखा था

पूनम दीदी- हमे सेक्स करना होगा

अवी-हाँ , तभी तो आप रंडी बनोगी बुआ के सामने

पूनम दीदी- ये मुझसे नही होगा

अवी-फिर मैं आपकी कोई मदद नही कर सकता

पूनम दीदी- बातों से भी तो माँ को बताया जा सकता है कि मैं भी रंडी बन गयी हूँ

अवी-ये तो वैसा होगा कि पूजा बुआ थप्पड़ मार रही है ,, और दिखाने से कुछ बताना नही पड़ेगा ,, अगर बातों से ज्योति बुआ पे वो असर नही पड़ेगा जो हमे चुदाई करते हुए देख कर पड़ेगा

पूनम दीदी- ये नही होगा मुझसे

अवी-ये ही करना होगा , वरना दूसरा रास्ता नही है

पूनम दीदी- माँ के सामने कैसे

अवी-वो लास्ट मे आएँगी , उनके देखते ही सेक्स करना बंद करेंगे

पूनम दीदी- बात एक ही है

अवी-तो आप ही कोई तरीका ढूँढ लेना मैं चला

पूनम दीदी- ठीक है , पर इस से काम नही बना तो

अवी-98% चान्स है कि काम हो जाएगा , अपनी बेटी को अपना जैसा काम करते हुए देख कर उनको बुरा लगेगा , उनको भी वही दर्द मिलेगा जो आपको मिला था

पूनम दीदी- उनपे कोई फरक नही पड़ा तो

अवी-क्या मतलब

पूनम दीदी- माँ ने सोचा कि हम मिलके धंधा करेंगी तो

अवी-ये 2 % चान्स था

पूनम दीदी- फिर तो हमारा प्लान खराब हो जाएगा

अवी-इसके लिए भी मैं ने सोचा है

पूनम दीदी- क्या सोचा है

अवी-हम सन्नी के कमरे मे सेक्स करेंगे

पूनम दीदी- सन्नी के कमरे मे , बिल्कुल नही

अवी-वही अच्छी जगह रहेगी , अगर बात बिगड़ गयी तो आप सन्नी का सच बता देना

पूनम दीदी- मैं सन्नी के कमरे मे नही कर पाउन्गी , सन्नी की आत्मा को बुरा लगेगा

अवी-हम सन्नी की आत्मा को शांति मिले इस लिए कर रहे है , सन्नी भी यही चाहता था कि ज्योति बुआ को बचाया जाए इस दलदल मे फस्ने से

पूनम दीदी- पर मैं भी दलदल मे फँस गयी ऐसा ही होगा ना

अवी-हमारा मकसद अच्छा है

पूनम दीदी- हम कहीं और करते है

अवी-कहीं और किया तो उसका इंपॅक्ट कम पड़ेगा बुआ पे

पूनम दीदी- पर वहाँ करना ज़रूरी है ?

अवी-हां , क्यूँ कि मैं चाहता हूँ कि आप सन्नी का सच बता दें ज्योति बुआ को ,

पूनम दीदी- वोभी बताना होगा

अवी-हाँ

पूनम दीदी- पर इस से क्या होगा

अवी-ज्योति बुआ को पता चलेगा कि उनके रंडी बनने से उनके बेटा और बेटी के साथ क्या हुआ है , उनको पछतावा होना चाहिए , ऐसा करने से वो दुबारा ग़लती से भी अपने दिमाग़ मे ये ख़याल नही लाएँगी कि उनको पैसे कमाने है

पूनम दीदी- पर ये ज़्यादा नही होगा

अवी-जितनी ज़्यादा चोट लगेंगी उतना ज़्यादा इंपॅक्ट देखने को मिलेगा

पूनम दीदी- प्लीज़ सन्नी के कमरे मे नही , सन्नी को याद करने के लिए वहाँ जाती हूँ , पर बाद मे मुझे वहाँ जाने पर रंडी की बातें याद आएँगी , प्लीज़ वहाँ नही

अवी-आपने तो मुश्किल मे डाल दिया

पूनम दीदी- अवी तुम जो कहोगे वो करूँगी पर सन्नी के कमरे मे नही

अवी-ठीक है पर आपको सन्नी का सच बताना होगा

पूनम दीदी- वो बता दूँगी , पर सन्नी के कमरे ने नही करेंगे

अवी-तो हम किचेन मे करेंगे

पूनम दीदी- किचेन मे क्यूँ

अवी-क्यूँ कि आपकी आवाज़ सुनकर ज्योति बुआ को हमारे पास आना पड़ेगा ना , यहाँ उपर कैसे आएँगी वो

पूनम दीदी- ये भी ठीक है , उनको तो दिखाने के लिए ऐसा कर रहे है

अवी-सही समझी , वो आपके चिल्लाने की आवाज़ सुनकर लंगड़ा कर आएँगी

पूनम दीदी- चलो , काम पे लगते है , मामा के आने से पहले हो जाना चाहिए

अवी-आप एक काम करो रमेश अंकल को कॉल करके बता दो कि आप डॉक्टर से मिलके आ गयी है ,और आप अब आराम कर रही हो , ताकि वो यहाँ जल्दी ना आए

पूनम दीदी- अभी फोन करती हूँ

अवी-मेरे जाने के बाद करना

पूनम दीदी- तुम कहाँ जा रहे हो

अवी-रंडी के लिए पैसे तो चाहिए ना ,बिना पैसो के रंडी कैसे बनेगी आप

पूनम दीदी- सही कहा सब रियल जैसा लगना चाहिए ,वो पैसे तो मैं अपनी माँ के मुँह पे मारूँगी

अवी-ये तो और बढ़िया होज़ायगा , मैं पैसे निकाल कर आता हूँ

और मैं एटीएम की तरफ जाने लगा , अपनी रंडी को पैसे देने के लिए
 
चॅप्टर 948

पूनम दीदी को मैं ने प्लान बता दिया कि उनको क्या करना चाहिए ताकि ज्योति बुआ को उनकी ग़लती का पश्चाताप हो

पूनम दीदी को अपनी माँ को इस हालत मे देख कर कैसा लगा होगा

वैसा ही दर्द अब ज्योति बुआ को मिलेगा जब वो पूनम को मेरे साथ देखेंगी

ज्योति बुआ जिस रास्ते पे चल रही थी उसी रास्ते पे पूनम दीदी को चलाने वाला हूँ मैं

ज्योति बुआ को पता चलेगा कि उनकी वजह से उनकी बेटी भी वही काम कर रही है जो वो कर रही थी

साथ मे मैं चाहता हूँ कि सन्नी के बारे मे ज्योति बुआ को सच पता चलना चाहिए

सन्नी के बारे मे पता चलते ही ज्योति बुआ को सही सज़ा मिलेगी साथ मे उनकी वजह से क्या हुआ वो पता चलेगा , फिर वो कभी पैसो के बारे मे सोचेंगी नही

अगर पहले उनको सच पता चलता तो बात इतनी आगे नही बढ़ती

मैं तो सन्नी का राज़ बताने वाला नही था पर जिस तरह पूनम दीदी के रंगे हाथ पकड़ने के बाद भी ज्योति बुआ को ज़्यादा फरक नही पड़ा और एक झूठी कहानी बना दी वैसे ही क्या पता मुझे और पूनम दीदी को देख कर फिर से रंडी बन जाए

उनके जैसे लोमड़ी दिमाग़ वाली को झटके दिए बिना अकल नही आती

पहला झटका होगा पूनम दीदी का रंडी बनना

दूसरा झटका होगा सन्नी का सच

ये दोनो झटके उनको तोड़ कर रख देंगे

मैं इस लिए सन्नी के रूम मे सेक्स करना चाहता था कि ज्योति बुआ को पूनम दीदी पे गुस्सा आए

पूनम दीदी का सन्नी के कमरे मे सेक्स करने से ज्योति बुआ को गुस्सा आएगा और फिर गुस्से ने सन्नी का सच निकल जाएगा पूनम दीदी के मुँह से ,

पर पूनम दीदी ने सन्नी के रूम मे जाने से मना किया , उनकी सेंटिमेंट जुड़ी है ,

पूनम दीदी के प्यार की कदर करता हूँ मैं ,

सन्नी का सच मुझे ज्योति बुआ को बताना होगा

हमारा नाटक रियल लगे इस लिए मैं पैसे निकालने चला गया

2 एटीम कार्ड से जितने हो सके उतने पैसे निकाल लिए

पूनम दीदी ने तब तक बाकी का इंतज़ाम कर दिया

रमेश अंकल को कॉल करके बता दिया कि वो डॉक्टर से मिल कर आ गयी

अब रमेश अंकल की टेन्षन नही रहेगी

मैं पैसे लेकर घर आ गया

पूनम दीदी- तुम आ गये

अवी-ये देखिए आपकी पहली कमाई

पूनम दीदी- ऐसा मत बोलो , मुझे अजीब सा लगता है

अवी-कुछ अजीब सा नही लगना चाहिए आपकी एक ग़लती पूरे प्लान पे पानी डाल देगी

पूनम दीदी- कॉसिश करूँगी

अवी-बिल्कुल नही पहले प्रॅक्टीस करते है

पूनम दीदी- तुम इतना सीरियस्ली क्यूँ ले रहे हो

अवी-पूजा बुआ के लिए , उनके चेहरे पे डर देखा है मैं ने

पूनम दीदी- पूजा मामी को क्या हुआ है

अवी-रमेश अंकल को सच पता चला तो उनकी फॅमिली टूट जाएगी , मैं उनको कुछ नही होने देख सकता

पूनम दीदी- और मुझे

अवी-पूजा बुआ आपको अपनी बेटी मानती है , तो आप भी उनकी फॅमिली हुई

पूनम दीदी- प्रेक्टिस करते है

अवी-उपर के कमरे मे करते है

और हम उपर आ गये

उपर आते ही मैं ने पूनम दीदी के गान्ड पे थप्पड़ मारा

अवी-जानेमन तुम्हारी गान्ड तो आग का गोला है

पूनम दीदी- ये क्या बोल रहे हो

अवी-आक्टिंग करो

पूनम दीदी- मैं क्या करूँ वो तो बताओ ,

अवी-मूवी मे देखा होगा वही करना है अपने अंदर की रंडी को बाहर निकालो

पूनम दीदी- पैसे लाए हो तो हाथ लगाना वरना हाथ तोड़ दूँगी तो हिलने के लाले पड़ जाएँगे

अवी-एक नंबर , ऐसे ही

पूनम दीदी- बोलो कितना लाए हो

अवी-पिछली बार जितना लिया था उतना ही दूँगा

पूनम दीदी- मतलब हम पहले भी कर चुके है ऐसा बोलना है

अवी-हाँ ,

पूनम दीदी- तुझे क्या मैं रास्ते की रंडी लग रही हूँ , जो 20000 लाया है

अवी-रास्ते की रंडी पे मैं थूकता भी नही

पूनम दीदी- मुझपे थूकने के 20000 लगते है

अवी-तेरे भाव बढ़ गये

पूनम दीदी- कड़क माल हूँ ,

अवी-पिछली बार तो 20000 मे तय हुआ था

पूनम दीदी- हिस्टरी नही पढ़ी क्या

अवी-कहाँ की हिस्टरी

पूनम दीदी- अंग्रेज़ो ने कैसा किया था , पहले पोकट मे चाय दी फिर लत लगा कर खरीदने को बोला

अवी-तो तू मुझे लत लगा रही है

पूनम दीदी- तुझे लत लग गयी है ,तभी तो मेरे पास भागता हुआ आया है

अवी-तेरी जैसी चूत आज तक नही मारी

पूनम दीदी- तो कीमत बढ़ा वरना हिलता फिर

अवी-40000 दूँगा

पूनम दीदी- उतने मे सिर्फ़ ओरल होगा

अवी-मैं तेरा भाई हूँ कुछ तो डिसकाउंट दे

पूनम दीदी- डिसकाउंट मे स्वेता दूं , एक पे एक फ्री

अवी-क्या कहा

पूनम दीदी- सॉरी मुँह से निकल गया

अवी-कोई बात नही , आक्टिंग है

पूनम दीदी- डिसकाउंट नही मिलता यहाँ पर

अवी-तेरा अकेला कस्टमर हूँ मैं

पूनम दीदी- ऐसा तुझे लगता है ,अभी घर से बाहर निकली तो लाइन लग जाएगी

अवी-एक दूसरी डील करते है

पूनम दीदी- क्या ?

अवी-80000 दूँगा पर तीनो छेद मेरे

पूनम दीदी- भिकारी समझ रखा है , 80000 मे तीन छेद दूँगी तुझे , उतने मे एक मिलेगा वो भी मेरी चूत

अवी-क्यूँ फोकट मे इतना भाव खा रही है

पूनम दीदी- फोकट का तू खाना चाहता है

अवी-मेरे पास 80000 ही है

पूनम दीदी- तेरे चाचा से माँग

अवी-चाचा से क्यूँ

पूनम दीदी- मेरी माँ तेरे चाचा की रखेल है

अवी-दोनो माँ बेटी रंडी हो

पूनम दीदी- जैसी माँ वैसी बेटी ,

अवी-भाव बढ़ाता हूँ पर साथ मे तेरी माँ चाहिए

पूनम दीदी- वो नही मिलेगी

अवी-क्यूँ ?

पूनम दीदी- वो अलग धंधा करती है और मैं अलग , उसको पता नही है कि मैं भी धंधा करती हूँ

अवी-बड़े नखरे करती है तू

पूनम दीदी- नखरे से तो भाव बढ़ता है

अवी-अब तो मुझे तेरी माँ भी चाहिए

पूनम दीदी- पहले मेरी तो बोली बोल

अवी-1लाख मे चूत और 1लाख मे गंद

पूनम दीदी- 1सी और 2 जी

अवी-2 मे गंद भूल जा

पूनम दीदी- अभी तक किसी का गया नही है , तेरा पहला होगा , जल्दी बोल , वरना मेरे क्लासमेट का फोन आ रहा है मेरे अनटच गंद के लिए

अवी-ठीक है पर साथ मे तेरी माँ भी चाहिए

पूनम दीदी- सोचने दे

अवी-ज़्यादा मत सोच मेरा खड़ा हो गया है

पूनम दीदी- बेहोश करके मिलेगी

अवी-चल जाएगी

पूनम दीदी- आराम से करना पहले उसकी टाँग टूटी है , पता नही तेरा लंड क्या क्या तोड़ देगा

अवी-तू अपनी देख, अपनी माँ की मुझे पे छोड़ दे

पूनम दीदी- चल पैसे निकाल

अवी-अभी 80000 रख बाकी बाद मे दूँगा

पूनम दीदी- अपनी बहन की शादी मे आया है जो उधार रखने को बोल रहा है

अवी-एटीएम से उतने ही निकले है

पूनम दीदी- ज़्यादा दिमाग़ मत खराब कर , अपनी अंगूठी रख गिरवी

अवी-छिनाल है तू

पूनम दीदी- तू बहन्चोद है जो मेरे पास आया है

अवी-पहली बार तो आराम से दिया था

पूनम दीदी- मेले की रात मे ठंड से बचने के लिए तेरा लिया था ,

अवी-तो ये बात है

पूनम दीदी- तुझे क्या लगा 20000मे तुझे मेरी जैसी कड़क मिल जाएगी

अवी-पूरा दम निकाल दिया था , पक्की रंडी है तू

पूनम दीदी- मेरी माँ से सीखा है

अवी-तेरी माँ तो 7 लंड लेती है एक साथ

पूनम दीदी- मेरा रेकॉर्ड 10 का होगा आगे जाकर

अवी-वो बड़ी होके 7 लेती है

पूनम दीदी- मुझे फाड़नी थोड़ी है पूरी ज़िंदगी निकालनी है चूत को बेच कर

अवी-और गंद नही बेचेगी

पूनम दीदी- जो गंद सूँघता हुआ आएगा उसे वो भी मिलेगी

अवी-तेरी गंद तो आज सुन्घुन्गा नही फाड़ डालूँगा

पूनम दीदी- दम है तुझ मे , अच्छे अच्छों का पानी निकाल दिया सिर्फ़ दिखा कर

अवी-मैं तो तेरी चीखे निकालूँगा

पूनम दीदी- रंडी की चीख निकली तो समझ लेना कि तू असली मर्द है

अवी-आज तुझे दिखा दूँगा

पूनम दीदी- तो दिखा ना कितना दम है

अवी-पहले दर्शन तो दिखा

पूनम दीदी- अब क्या अंदर डालने दूं , नाडा पकड़ कर खोल दे

अवी-लगता है गंद से पहले सलवार फाड़नी पड़ेगी

पूनम दीदी- सलवार फाड़ने के एक्सट्रा पैसे लूँगी

अवी-कितने

पूनम दीदी- गंद और सलवार का सेम दाम है

अवी-ये 200 की सलवार के 2 लाख लेगी

पूनम दीदी- उसी की वजह से गंद बची रहती है, उसके तो ज़्यादा लेने चाहिए

अवी-ये पोपट पंछी बहुत हो गयी है चल बेड पे

और मैं ने पूनम दीदी को बेड पे पटक दिया

पूनम दीदी- कमीने जान लेगा क्या

अवी-तेरी जान खरीदी है

पूनम दीदी- ज़्यादा उछल मत , 1 घंटे के है , 1 घंटे मे पानी नही निकाला तो लात मारके भगा दूँगी

अवी-पूरा पानी निकलने तक करूँगा

पूनम दीदी- अफ़ीम खा कर आता है , 1 घंटे से 1 सेकेंड ज़्यादा नही करने दूँगी

अवी-1 घंटे मे तेरी फाड़ दूँगा

और मैं पूनम दीदी के उपर आ गया

पूनम दीदी- क्या यहीं करने वाले हो

अवी-सॉरी

पूनम दीदी- रोकती नही तो तुम यही शुरू हो जाते

अवी-कॅरक्टर मे ज़्यादा घुस गया था

पूनम दीदी- इतने कि मेरे अंदर घुस जाते अगर रोकती नही तो

अवी-तो क्या होता पहले भी तो गया हूँ

पूनम दीदी- हम यहाँ मज़ा नही मेरी माँ को सबक सिखाने के लिए कर रहे है

अवी-सॉरी , ग़लती से हो गया

पूनम दीदी- कोई बात नही , तुम मज़ा लेना पर मैं सबक सिखाउन्गी

अवी-बिल्कुल

पूनम दीदी- तो

अवी-तो क्या

पूनम दीदी- तो

अवी-आक्टिंग अच्छी की आपने

पूनम दीदी- थॅंक्स

अवी-बेहन्चोद भी बोल दिया

पूनम दीदी- तुमने भी तो छिनाल कहा था

अवी-सोदेबाजी अच्छी करती हो

पूनम दीदी- सब्जी लेने जाती हूँ तो करना पड़ता है, वही से सीखा है ,10 रुपये की भिंडी 8 रुपये मे लेने की

अवी-भिंडी , बेन्गन नही लिया

पूनम दीदी- कभी ज़रूरत नही पड़ी

अवी-सॉरी , आप तो केला ईस्तमाल करती है

पूनम दीदी- तुम फिर शुरू हो गये

अवी-आपका काम होने पे मुझे एक केला देना होगा

पूनम दीदी- आज नही पर किसी और दिन दूँगी

अवी-आप पे केला उधार रहा

पूनम दीदी- तो प्रॅक्टीस हो गयी

अवी-हाँ

पूनम दीदी- तो चलें

अवी-कहाँ

पूनम दीदी- रियल मे करते है

अवी-बैठो , पहले प्लान सुन लो

पूनम दीदी- अब क्या बाकी है

अवी-बताता हूँ बैठो

पूनम दीदी बेड पर बैठ गयी

पूनम दीदी- क्या प्लान

अवी-भूल गया

पूनम दीदी- तुम शैतान हो

और पूनम दीदी मेरी गोद मे बैठ गयी

अवी-अब याद आ गया

पूनम दीदी- बताओ प्लान

अवी-तो सुनिए

और मैं पूनम दीदी को प्लान बताने लगा
 
चॅप्टर 948अ

पूनम दीदी को रंडी बनने को कहा पर प्रॅक्टीस ज़रूरी थी

और जिस तरह पूनम दीदी ने प्रॅक्टीस की उसे देख कर मैं शॉक्ड हो गया

रियल रंडी की तरह आक्टिंग की

ये ज़रूरी था इस से पूनम दीदी के अंदर के रंडी बाहर निकल गयी

पूनम दीदी- प्रॅक्टीस तो कर ली अब कौन सा प्लान है

अवी-आप ने तो कमाल कर दिया

पूनम दीदी- क्यू आक्टिंग अच्छी नही थी

अवी-बेस्ट थी , रियल मे आप रंडी लग रही थी

पूनम दीदी- तो चलो रियल मे करते है

अवी-ये प्रॅक्टीस सिर्फ़ आप के अंदर की रंडी को जगाने के लिए थी

पूनम दीदी- क्या मतलब

अवी-अगर आप ऐसे ज्योति बुआ के सामने बोलेगी तो वी समझ जाएगी कि हम नाटक कर रहे है

पूनम दीदी- तुमने तो कहा कि प्रॅक्टीस करना है

अवी-आप ने बहुत अच्छी आक्टिंग की , और ये प्रॅक्टीस से आपको कॉन्फिडेन्स आ गया , पर वहाँ नीचे हम नॉर्मल बात करेंगे

पूनम दीदी- नॉर्मल मतलब

अवी-जैसे रोज बात करते है और पैसे दे कर सेक्स कर लेंगे

पूनम दीदी- तो अभी जैसा बोला था वैसा नही बोलना है

अवी-नही , पर उसी की तरह सिंपल रोज जैसा बोलती है वैसा

पूनम दीदी- समझ गयी

अवी-एक टेक होगा , बीच मे रुकी तो प्लान खराब हो जाएगा

पूनम दीदी- प्रेक्टिस की हैं ना , सब संभाल लूँगी

अवी- प्लान बताऊ , डायलॉगे खुद बना लेंगे

पूनम दीदी- प्लान बता दो

अवी-पहले ज्योति बुआ के कमरे के पास जाकर उनको सुनाई दे ऐसे बोलना है कि वो सो गयी है , पर रिस्क ना हो इस लिए उनको नींद की गोली उनके जूस मे डाली है

पूनम दीदी- इस से तो माँ को पता चलेगा

अवी-वही तो मैं चाहता हूँ ,उनको जूस पीने का बोल कर किचन मे बर्तन धोने जा रही हूँ ऐसा कहना

पूनम दीदी- फिर

अवी-ज्योति बुआ सोचेंगी कि नींद की गोली क्यूँ दी है

पूनम दीदी- फिर

अवी-मैं आपकी चीख निकालूँगा , चीख सुनते ही ज्योति बुआ पूरी ताक़त लगा कर किचेन मे आ जाएगी

पूनम दीदी- और हमे सेक्स करते हुए देख लेगी

अवी-हाँ , पर असली ड्रामा शुरू होगा ,

पूनम दीदी- वो कैसे ,

अवी-हम चुदाई करते रहेंगे आप ज्योति बुआ से बात करना पैसो की , रंडी की

पूनम दीदी- ठीक है

अवी-तो चले

पूनम दीदी- हाँ ,

अवी-हिम्मत बनाए रखना

पूनम दीदी- तुम मदद करना

अवी-एक काम करते है , उस दिन खेत मे हमने बुआ को देखा तो उसी को देख कर आप रंडी बन गयी हो ऐसा आक्टिंग करेंगे

पूनम दीदी- ये ठीक रहेगा , माँ को देख कर रंडी बन गयी हूँ

अवी-तो चलो नीचे

और प्लान बताने के बाद हम नीचे आ गये

अवी-किचेन मे चलो

पूनम दीदी- जूस बनाने

और हम जूस बनाने लगे

अवी-मैं घर के डोर और खिड़की बंद कर देता हूँ

और मैं ने डोर को अच्छे से बंद किया

और वापस पूनम दीदी के पास आ गया

पूनम दीदी जूस बना रही थी और मैं उनके गंद पर हाथ घुमाने लगा

पूनम दीदी- ये क्या कर रहे हो

अवी-आपको गरम कर रहा हूँ

पूनम दीदी- इसकी क्या ज़रूरत है

अवी-मेरा लंड तो खड़ा होना चाहिए

पूनम दीदी- तुम भी ना

अवी-आपको रिलिटी दिखानी है

पूनम दीदी- करो जो करना है

अवी-आप ही कर दो

पूनम दीदी- क्या?

अवी-चूस कर खड़ा कर दो

पूनम दीदी- वो सब बाद मे

अवी-बाद मे कब , ज्योति बुआ ज़्यादा देर सोचेंगी नही , जब वो हमारी बात सुनेंगी

पूनम दीदी- तुम भी ना , खुद खड़ा करो , मेरी धड़कने तेज चल रही है

अवी-उसी के लिए कह रहा हूँ , आपका ध्यान दूसरी तरफ डाइवर्ट हो जाए

पूनम दीदी- या तुम्हें मज़ा करना है इस लिए कह रहे हो

अवी-जाने दो मैं खुद कर लूँगा

और मैं ने अपना लंड बाहर निकाला और हिलाने लगा

पूनम दीदी मेरे लंड की तरफ देखने लगी

पूनम दीदी- ये खड़ा क्यूँ नही हो रहा है

अवी-मैं करूँगा तो टाइम लगेगा पर आप करेंगी तो जल्दी हो जाएगा

पूनम दीदी- हटो फिर , कर देती हूँ खड़ा

और पूनम दीदी मेरे लंड के सामने बैठ गयी

और लंड को अपने मुँह मे ले लिया

पूनम दीदी के मुँह मे जाते ही मुझे आराम मिल गया

पूनम दीदी जल्दी से लंड खड़ा करने ने लग गयी

अवी-दीदी

पूनम दीदी- ह्म्म्म्ममम

अवी-आप अपनी सलवार और कमीज़ हॉल मे फेक देना

पूनम दीदी- उम्म्म्मममम

अवी-इस लिए की ज्योति बुआ को आपके कपड़े देख कर शक पक्का हो जाएगा

पूनम दीदी- ह्म्म्म्ममममममम

अवी-इस तरह फेकना कि किचेन की तरफ ज्योति बुआ का ध्यान जाए

पूनम दीदी- हमम्म्मममममममममम

अवी-और हा ,चीख ओरिजिनल निकले

पूनम दीदी- ह्म्म्म्मममममम

अवी-हो गया खड़ा

पूनम दीदी- टेस्टी था

अवी-खा तो नही लिया

पूनम दीदी- वेरी फन्नी

अवी-तो समझमे आया कि तुम्हें क्या करना है

पूनम दीदी- अवी मैं क्या कह रही थी

अवी-बोलो

पूनम दीदी- किचन बेडरूम से दूर है

अवी-हाँ

पूनम दीदी- तो तुम मेरी आस मार लेना

अवी-व्हाट

पूनम दीदी- तुम्हें मेरी गंद मारनी थी ना

अवी-हाँ , पर आज नही

पूनम दीदी- आज ही मार लो , गांद मरवाने से दर्द होगा और मेरी चीख निकल जाएगी

अवी-उस दर्द की वजह से आप कुछ बोल नही पाओगी

पूनम दीदी- मैं मनेज कर लूँगी

अवी-मुझे नही लगता कि ये सही टाइम है गंद मारने का

पूनम दीदी- मेरी तकलीफ़ दिखाना चाहती हूँ मैं अपनी माँ को

अवी-पर

पूनम दीदी- मैं कह रही हूँ ना ,और मुझसे कुछ ग़लती हुई तो तुम मेनेज करना

अवी-इस बार गड़बड़ हुई तो हम फस जाएँगे

पूनम दीदी- मैं पूरी तैयार हूँ

अवी-ठीक है जैसा आप कहे

जूस तैयार होते हम ज्योति बुआ के कमरे के पास चले गये

ज्योति बुआ जाग रही थी

अपने मोबाइल पे कुछ कर रही थी

मैं ने पूनम दीदी को आक्टिंग शुरू करने को कहा

अवी-पूनम रूको

पूनम दीदी- क्या है धीरे बोलो माँ सुन लेगी

मेरी आवाज़ ज्योति बुआ तक पहुँच गयी

ज्योति बुआ कुछ कहने वाली थी कि पूनम दीदी की बात सुन कर चुप होकर हमारी बात सुनने लगी

अवी-तुमने ज्योति बुआ के जूस मे कितनी नींद की गोलियाँ डाली है

नींद की गोलियों का नाम सुनते ही ज्योति बुआ सोच मे पड़ गयी

पूनम दीदी- एक डाली है , एक गोली से 5 6 घंटे माँ सोती रहेगी

अवी-पक्का सो जाएगी

पूनम दीदी- हाँ , उनके सोते ही हम शुरू जो जाएँगे

अवी-ये रिस्की नही होगा घर पे करना

पूनम दीदी- घर पे सिर्फ़ माँ है उनको नींद की गोली दे रही हूँ , तुम टेन्षन मत लो

अवी-कैसे ना लूँ पूरे पैसे दे रहा हूँ

पैसे का नाम सुनते ही ज्योति बुआ सोचने लगी कि बात क्या है

पूनम दीदी- पूरे कहाँ 80000 दे रहे हो

अवी-बाकी के पैसे जल्दी दे दूँगा

पूनम दीदी- मुझे जल्दी चाहिए

अवी-तुम आज खुश कर दो , पैसो की बारिश कर दूँगा

पूनम दीदी- सच

अवी-हाँ , बस जल्दी से अपनी माँ को सुला दो

पूनम दीदी- 2 मिनिट मे वो चैन से सो जाएगी

अवी-जल्दी आना

पूनम दीदी- अब तुम जाओ वरना माँ को शक होगा

अवी-वो भी तो वैसी ही है

पूनम दीदी- उनको ब्लॅकमेल किया जा रहा था

अवी-और तुम

पूनम दीदी- मुझे तो पैसे चाहिए , उस दिन खेतो मे माँ के पास पैसे देख कर समझ गयी कि ये जवानी पैसे कमाने के काम आ सकती है

अवी-पैसे और जवानी का मज़ा दोनो एक साथ मिल जाएँगे

पूनम दीदी- मैं माँ को जूस पिला के आती हूँ

और पूनम दीदी अंदर चली गयी

ज्योति बुआ ने सोने का नाटक किया

पूनम दीदी- माँ उठो , जूस पी लो

ज्योति बुआ- क्या है

पूनम दीदी- ये जूस पी लो , फिर आराम से सो जाना

ज्योति बुआ - रख दे मैं पी लूँगी

पूनम दीदी - याद से पीना

ज्योति बुआ - हाँ पी लूँगी वैसे ये अवी कहाँ है

पूनम दीदी- वो तो अभी 1 घंटे पहले रोहन के घर चला गया

पूनम दीदी ने झूठ कहा ये ज्योति बुआ को पता था

ज्योति बुआ- घर मे कौन है

पूनम दीदी -आप और मैं

ज्योति बुआ- ठीक है तू जा ,

पूनम दीदी - माँ जूस पी लेना , प्यार से बनाया है तब तक मैं बर्तन देती हूँ

ज्योति बुआ- हाँ पी लूँगी

और पूनम दीदी कमरे से बाहर आ गयी

और ज्योति बुआ सोचने लगी कि ये चल क्या रहा है

हम वापस ज्योति बुआ के कमरे के सामने बात करने लगे

पूनम दीदी- काम हो गया

अवी-ज्योति बुआ सो गयी

पूनम दीदी- हाँ सो जाएगी

अवी-ये लो पैसे पूरे 80000 है

पूनम दीदी- तुम रूम मे बैठो मैं बर्तन धो कर आती हूँ

अवी-आज तो तुम्हें धोने वाला हूँ

पूनम दीदी- बेडरूम मे चलते है

अवी-तेरी जैसी तंदूरी चिकन को किचेन मे पका कर खाउन्गा

पूनम दीदी- पैसे दिए है तो इंतज़ार क्यूँ कर रहे हो

और पूनम दीदी हँसते हुए अपने कपड़े निकाल कर हॉल मे डालने लगी

एक एक कपड़ा किचेन के रास्ते पे डाल दिया

और किचेन मे नंगी होकर आ गयी

पूनम दीदी को रंडी बनाने को मैं तैयार था

और ज्योति बुआ सोचने लगी कि ये चल क्या रहा है
 
चॅप्टर 948ब

ज्योति बुआ को सुनाई दें ऐसे बातें करके उनको सोचने पे मज़बूर किया

ज्योति बुआ सोच रही होगी कि हम करने क्या वाले है

इतने सारे पैसे पूनम दीदी को मैं क्यूँ दे रहा हूँ ये समझने मे ज्योति बुआ को ज़्यादा देर नही लगी

वो अपने ब्लॅकमेल की बात सुनकर समझ गयी कि पूनम दीदी क्या करना चाहती है

ज्योति बुआ ये सोच कर ही परेशान हो गयी

उपर से जूस मे नींद की गोली ये सुनकर ज्योति बुआ के पसीना निकलने लगा

वो देखने के लिए ज़रूर आएँगी कि हम करने क्या वाले है

वो अपने शक को झूठा साबित करना चाहती थी

मैं और पूनम दीदी प्लान के हिसाब से किचन मे चले गये

पूनम दीदी ने एक एक करके अपने सारे कपड़े निकाल लिए

और हॉल मे फेक कर मेरे साथ किचन मे आ गयी

मैं तो पूनम दीदी को नंगा देख कर उनकी खूबसूरती मे खो गया

पर पूनम दीदी होश मे थी

वो शरमा ने की जगह बिंदास होकर मेरे सामने नंगी खड़ी थी

पूनम दीदी - क्या हुआ ऐसे घूर क्या रहे हो

अवी-आप बहुत खूबसूरत हो

पूनम दीदी - मेरी खूबसूरती तुम्हें जितनी देखनी है वो सब बाद मे दिखा दूँगी, आज मुझे टेन्षन फ्री कर दो , मेरे घर को बर्बाद होने से बचा लो

अवी-ज्योति बुआ को यहाँ तक आने मे टाइम लगेगा

पूनम दीदी - उनको शक हो गया होगा

अवी-शक तो हो गया क्या पर आपकी चीख और शीष्कारी सुनकर ज़ोर लगा देगी यहाँ आने के लिए

पूनम दीदी - वही तो कह रही हूँ , जल्दी करो

अवी-आप जल्दी झुक जाइए

पूनम दीदी - ओरल सेक्स

अवी-उसके लिए टाइम नही है

पूनम दीदी - फिर तो मुझे बहुत दर्द होगा

अवी-चूत मे डालु ?

पूनम दीदी - मेरा दर्द भी दिखाना ज़रूरी है, तुम गंद ही मार लो

अवी-तो झुक जाइए

पूनम दीदी - थोडा आराम से

अवी-आप अपना काम करो मैं आराम से ही डालूँगा

और मैं ने अपना जीन्स और अंडरवेर नीचे किया

और अपने लंड पर मक्खन डाल दिया

पूनम दीदी - मक्खन लगा रहे हो

अवी-फिर भी दर्द होगा

पूनम दीदी - मैं तैयार हूँ , तुम डाल दो

और मैं ने अपनी 2 उंगली एक साथ पूनम दीदी के गंद मे डाली

2 उंगली से गंद को खोलना शुरू किया

थोड़ा मक्खन गंद मे डाल दिया

पूनम दीदी - अवी, दर्द हो रहा है

अवी-मक्खन से ज़्यादा दर्द नही होगा

और ये फास्ट तरीके से गंद मारना मैं ने पहले कभी नही किया था

मक्खन से गंद मारने मे आसानी होगी

देखते है पूनम दीदी को कितना दर्द होता है

सोचा था कि पूनम दीदी की गंद आराम से मारूँगा

पर बाद मे कभी मारने को मिलेगी ये बता नही सकता

आज जो होगा उसके बाद पूनम दीदी की सोच भी बदल सकती है

पूनम दीदी खुद अपनी मरवाना चाहती है तो मैं भी मार लेता हूँ

पूनम दीदी को कितना दर्द देना चाहिए ये मेरे हाथ मे था

ज्योति बुआ भी बेचैन हो रही होगी

मैं ने एक बार ज्योति बुआ के कमरे की तरफ देखा तो ज्योति बुआ अभी तक अपने कमरे मे थी

मैं ने ज्योति बुआ को उनके कमरे से बाहर निकालने का बंदोबस्त कर लिया

मैं ने पूनम दीदी की गंद पे अपना लंड सेट किया

मक्खन बहुत चिकना था

क्रीम से तो लंड आराम से सेट हो जाता है गंद पर

पर मक्खन की वजह से तो लंड मेरे हाथ से फिसल रहा था

गंद पे भी मक्खन लगा होने से मुझे पूनम दीदी की मदद लेनी पड़ी

पूनम दीदी को उनके चूतड़ फैलाने को कहा

चूतड़ फैलते ही मैं ने लंड को पूनम दीदी की गंद पे सेट किया

और पूनम दीदी को तैयार रहने को कहा ,

पहके झटके पे चिल्लाने से मना किया

और पहला झटका फूस हो गया

लंड मक्खन की वजह से फिसल गया

ऐसे वॉर खाली जाएँगे तो बहुत गुस्सा आता है

पर यहाँ गुस्से से काम नही चलेगा

मैं ने फिर से लंड सेट करके ऐसा झटका मारा कि मकान की वजह से लंड फिसलता हुआ आधा गंद की अंदर चला गया

मक्खन पे फिसलना किसे कहते है वो आज समझ मे आ गया

मक्खन लगाने से क्या होता है ये पूनम दीदी समझ गयी

लंड गंद मे जाते ही पूनम दीदी को दर्द तो हुआ पर मक्खन की वजह से ज़्यादा फ्रिक्षन नही हुआ

दर्द कम होने से पूनम दीदी ने अपनी चीख पे कंट्रोल कर लिया

पूनम दीदी ने अपनी चीख रोक ली

दर्द की वजह से गंद टाइट कर ली पूनम दीदी ने

गंद टाइट होते ही मक्खन गंद से बाहर आने लगा

दर्द जल्दी ख़तम हो इस लिए मक्खन लगाया वरना पूनम दीदी दर्द मे तड़फती रहती और प्लान फेल हो जाता

और यहाँ पैसे से काम हो रहा है तो जबर्जस्ति थोड़ी दिखानी है

चीख बस ज्योति बुआ तक जाए फिर बाकी का काम मक्खन कर देगा

और पूनम दीदी खुद के दर्द को पीने लगी

ज्योई बुआ अभी तक अपने रूम से बाहर नही आई

कहीं ज्योति बुआ ने सच मे जूस तो नही पी लिया

ऐसा नही हो सकता

पूनम दीदी की चीख सुनकर वो बाहर ज़रूर आएँगी

मैं मिरर मे देख रहा था , कि ज्योति बुआ कमरे से बाहर कब आएँगी

ज्योति बुआ तो अभी तक बाहर नही आई पर पूनम दीदी ने दूसरा झटका मारने को कहा

पूनम दीदी - अवी तुम और अंदर डाल दो ऐसे करना कि दर्द हो वरना काम.नही चलेगा

अवी-ठीक है , इस बार पूरी ताक़त लगा कर चिल्लाना

पूनम दीदी - तुम भी जोरदार धक्का मारना

अवी-आप बेफिकर रहिए आपको कम दर्द देते हुए जोरदार चीख निकालूँगा

और मैं ने लंड को बाहर किया

औ मैं ने टोपा तक लंड बाहर निकाला और जोरदार झटका मार कर पूरा लंड अंदर पेल दिया

पूरा लंड , मक्खन हो या तेल , दर्द तो होगा ही

लंड इस तरह अंदर गया कि पूनम दीदी की जोरदार चीख निकल गयी

पूनम दीदी - माàआआआआआआ आआआह्ह्ह्ह्ज्झ्ह्ह्ह्झ्ह्ह्ह्ह्ह ,माअरर्र्र्ररर दलाआआआआआ अवईीईईईईईईईईईईई मेरिइईईईईईईई फद्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड डालिइीईईईईईईईई तूमम्म्मममममम नीईईई म्साआआआआआआअ मररर्र्र्र्र्र्रर्ड गाइिईईईईईईई बाहर्र्र्र्र्र्ररर निकालूऊऊऊऊ तुम्हारीईईई ओआईसीईईईई वापस्सस्स्स्स्सस्स लूऊऊऊऊओ पर्र्र्र्र्र्ररर मुझीईई छोद्द्द्द्द्द्द्दद्ड डूऊऊऊऊऊ

माआआआआ आअहज्झहह मैंन्ननननणणन् तेरीईईईइऊओईईइ रनडिीईईईईईईईईईई नहियीईईईई हुउऊुुुुउउ आअहह मुझीईई नहियीईईईई पैसीईईईई माआआआआअ

पूनम दीदी की चीख ज्योति बुआ के कानों तक गयी

ज्योति बुआ के यहाँ आने तक मुझे चुदाई करते रहना था

मैं ने लंड बाहर निकाला और मक्खन डाल कर फिर से अंदर पेल दिया

पूनम दीदी - माआआआआ आआआहह माआआआआ ऊऊहह माआआआआआअ माआआआआआआ माआअरर्र्र्ररर गयीईइओ

पूनम दीदी माँ ज़्यादा बार बोल रही थी

पूनम दीदी की दर्द भरी चीख सुनकर ज्योति बुआ यहाँ आ जाए ये हमारा प्लान था

ज्योति बुआ के कमरे से कुछ गिरने की आवाज़ सुनाई दी

मतलब ज्योति बुआ बेड से नीचे उतर गयी

अवी-काम हो गया बुआ आ रही है

पूनम दीदी - तुम लगे रहो

अवी-आपका दर्द

पूनम दीदी - मक्खन से कम हो जाएगा

अवी-आप चिल्लाना शुरू रखो पर जैसे मैं इशारा करू शीष्कारिया लेना शुरू करना

पूनम दीदी - ठीक है

और मैं ने धक्के मारना शुरू किया

धक्के पड़ते ही पूनम दीदी का दर्द कम ज़्यादा होने लगा

पर उनकी चीखे एक समान निकल रही थी

मैं मिरर मे ज्योति बुआ के कमरे पे नज़र रख कर धक्के मार रहा था

पूनम दीदी चिल्ला रही थी अपनी माँ को याद कर रही थी

पूनम दीदी - मक़ााआआ माअरर्र्र्र्रर्ड डलूऊऊऊओगे क्य्ाआआआअ माआआआआअ फद्द्द्द्द्दद्ड डालिइीईईई तुमनीईईईवए बअव्हाववववववववववव धीरीईईव आआआआहह माआआआआअ मैन्न्न्न्न्न्न्न माररररर गयी

पहली बार ऐसी आर्टिफिशियल चीखे सुनकर धक्के मार रहा था

ज्योति बुआ फर्श पे घिसते हुए आ रही थी

प्लास्टर लगा होने से वो गिरते हुए हमारी तरफ आ रही होगी

उनके आने तक मैं अच्छे गंद मार सकता हूँ

मैं पूनम दीदी की चीखे निकालने मे मदद करने लगा

उनकी चीखे ऐसी निकलने लगी कि कभी कभी लग रहा था कि सच मे उनको दर्द ही रहा हो

पर उनका दर्द तो कब का ख़तम हो गया था

दर्द ख़तम होने के बाद भी पूनम दीदी चिल्ला रही थी

उनको लग रहा होगा कि मेरे लंड का मज़ा लिया जाए

पर इस बार वो अपना होश नही खोना चाहती थी

वो इस बार आर या पार करना चाहती है

और मैं पूनम दीदी का पूरा साथ देने लगा

अभी तो चीखे निकालना ज़रूरी था

एक बार ज्योति बुआ को कमरे से बाहर आने दो फिर मैं मज़ा लेना शुरू कर दूँगा

और मैं पूनम दीदी की गंद को खोलने मे लग गया

और पूनम दीदी चीख कर अपनी माँ को बुला रही थी

पूनम दीदी - माआआआअ माअरर्र्ररर गाइिईईईईईईई अवईीईईईईईईई मैंन्नननणणन् माररर्र्ररर गाइिईईईईईईईईईई

पूनम दीदी की आवाज़ सुनकर ज्योति बुआ कमरे से बाहर आ गयी

ज्योति बुआ के कमरे का डोर खोलते ही मैं ने पूनम दीदी को इशारा कर दिया कि अब शीष्कारिया लेने का टाइम आ गया है

मैं पूनम दीदी के चूतड़ पे थप्पड़ मारने लगा

पूनम दीदी - हिट मी हार्डएर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र

अवी-हार्डएर्र तो ये ले मेरी रांड़

और मैं चूतड़ पे थप्पड़ मारते हुए गंद मारने लगा

पूनम दीदी - मुझे अपनी रखैल बना लूऊऊऊ आआघह और्र्ररर ज़िर्र्ररर सीईए मार्रूऊऊ

अवी-तू तो मेरी रखेल हाईईईईई ये ले संभाल मेरे धक्को को

ज्योई बुआ हॉल मे आते ही पूनम दीदी के कपड़े देख कर शॉक्ड हो गयी

कपड़ो को ऐसे पड़ा हुआ देख कर ज्योति बुआ को जोरदार झटका लगा

फिर किचन से पूनम दीदी की शीष्कारिया सुनकर ज्योति बुआ को अपने कानो पे विश्वास नही हो रहा था

चीखे सुन लेती तो समझ जाती कि जबर्जस्ती कर रहा हूँ मैं

पर शीष्कारियाँ सुनकर ज्योति बुआ को जोरदार झटका लगा और ऐसा झटका कि ज्योति बुआ अपनी आँख से देखना चाहती है कि उनके कानों ने जो सुना वो सही सुना कि नही

ज्योति बुआ बड़ी मुश्किल से किचन की तरफ आने लगी

और मैं मज़े लेते हुए पूनम दीदी की गंद मारने लगा

पूनम दीदी प्लान के मुताबिक मज़े लेने लगी अपनी गंद मरवाने के

वैसे भी उनको मज़ा तो आ ही रहा होगा

गंद मैं मार रहा था

पूनम दीदी मुझे जोरदार धक्के मारने को कहने लगी

पूनम दीदी - मार ना साले और्र्रर जोर्र्र्रर सीई माअरर्ररे आअहह माज़्ज़ाआअ आअ रहााअ हाईईईई

अवी-जोर्र्र्रर से चाहिइईए

पूनम दीदी - अपने पैसे वासूल्ल्ल्ल्ल्ल कर साअले

अवी-पैसे तो तेरी फाड़ कर वसूल करूँगा

और मैं ने अपनी स्पीड बढ़ा दी

अवी-लीईए मेरिइईई जनीईमन्न्न्न्न्न्न्न

पूनम दीदी - मेरीईए रजाआाआअ तेरीईई रकैल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल बन्न्नणणन् गाइिईईईईई मैंन्नणणन् आज्ज्जज्ज तूऊ

अवी-तेरीईईई माआ भी रन्न्न्ँद्द्द्द्ड है औरर्र तुउुुुउउ भीईीईई रांद्द्द्द्दद्ड हाईईईईई

पूनम दीदी - मैईन्न्णणन् अपणीईीई माआ से बद्द्दीईइ रांद्दद्ड हुउऊउ

अवी-तेरीईईइ माआआ तो 7 लनड्ड्ड लेती है

पूनम दीदी - मैं भी लूँगी ,

अवी-पहले मेरा तो ले

पूनम दीदी - तेरा तो ले रही हूँ , आआहह जोतर्र्र्ररर से मारररर

अवी-छिनाल है तू , मेरे धक्को को आराम से खा रही है

पूनम दीदी - बहुत मज़ा आ रहा है

अवी-मतलब अगली बार पैसे नही लेगी

पूनम दीदी - नहियीईई ऑर तुम्हेनी मेराअ एकककक काअमम्म्म कर्नाआ होगाआ

अवी-तेरी गंद के लिए तो कुछ भी करूँगा बोल

पूनम दीदी - मुझे तुम्हारे चाचा से मिलवा दे

अवी-क्या करेगी मिल के

पूनम दीदी - उनके पास बहुत पैसे है मैं उनकी रंडी बनना चाहती हूँ मुझे पैसे चाहिए

अवी-मेरे चाचा की रंडी तो तेरी माँ है

पूनम दीदी - मेरी माँ ने सब छोड़ दिया

अवी-तो तुम कर रही है अब धंधा

पूनम दीदी - हाँ , मेरी माँ का धंधा मैं चला रही हूँ

अवी-ले मेरा डंडा

और मैं धक्के मारने लगा

पूनम दीदी सिषकारियाँ लेनी लगी

मैं तो अब मज़ा ले रहा था

पूनम दीदी भी थोड़ा बहुत मज़ा ले रही थी

पर ज्योति बुआ पागल हो रही थी

अपनी बेटी की बातें सुनकर उनको यकीन नही हो रहा था अपने कानो पे

ज्योति देखना चाहती थी कि ये उनकी बेटी ही हैं ना

ज्योति बुआ गिरते संभालते किचन तक आ गयी

ज्योति बुआ जैसे तैसे किचेन तक आ गयी मैं पूनम दीदी से दूर हो गया

और पूनम दीदी की गंद को अपने हाथो से मसलबे लगा

किचन मे आते ही सामने का नज़ारा देख कर ज्योति बुआ के आँसू निकल गये

पूनम दीदी को चुदाई करते हुए देख कर उनको अपनी आँखो पे विस्वास नही हो रहा था

ज्योति बुआ ने सपने मे नही सोचा था कि पूनम ऐसा करेंगी

पर जो था वो उनकी आँख के सामने था

ज्योति बुआ अपनी बेटी को रंडी के रूप मे देख रही थी

ज्योति बुआ के अंदर जितनी ताक़त थी उस ताक़त को जमा कर कर पूनम दीदी का नाम लेकर चीख पड़ी

ज्योई बुआ- पूऊनममम्ममममम

ज्योति बुआ की आवाज़ सुनते ही हमने पीछे मूड कर देखा

ज्योति बुआ को देख कर हमने शॉक्ड होने का नाटक किया

मैं ने तो अपना जीन्स उपर कर लिया

और पूनम दीदी से दूर हो गया

पूनम दीदी भी ज्योति बुआ की देख कर शॉक्ड ही गयी
 
चॅप्टर 948सी

ज्योइत बुआ हमारी चुदाई की आवाज़ सुनकर किचन मे आ गयी

ज्योति बुआ ने कभी सोचा नही था कि पूनम दीदी को इस हालत मे देखेंगी

पूनम दीदी को मेरे साथ चुदाई करते हुए देख कर ज्योति बुआ की आँखो मे पानी आ गया

साथ मे पूनम दीदी पे गुस्सा भी आ गया

ज्योति बुआ अगर अच्छी हालत मे होती तो अब तक हमे थप्पड़ मार दिया होता

ज्योत बुआ ने हमे चुदाई करते हुए देख कर पूनम दीदी का नाम गुस्सा से लिया ये बताने के लिए कि उनको उस बात से कितना गुस्सा आया है

ज्योति बुआ की आवाज़ सुनते ही हम रुक गये

हमने पीछे मूड कर देखा , पीछे ज्योति बुआ को देख कर मैं ने डरने का नाटक किया

मैं पूनम दीदी से अलग हो गया और अपना जीन्स उपर कर लिया

पूनम दीदी भी शॉक्ड हो गयी

पूनम दीदी ने पैंटी उपर कर ली

ज्योति बुआ की तरफ देखती रही

ज्योति बुआ को अपनी बेटी को रंडी के रूप मे देख कर कैसा लगा होगा ये बताना मुश्किल होगा

ज्योति बुआ की आँखे गुस्से से लाल हो गयी

वो ठीक होती तो मेरा खून कर देती

लेकिन एक बात का मैं ने ध्यान रखा था

ज्योति बुआ ने हमे नंगा देखा

पर जब ज्योति बुआ अंदर आ रही थी तभी मैं ने धक्के मारने बंद किए थे और लंड गंद से बाहर निकाल लिया था

बस दिखा रहा था कि चुदाई हो रही है

इस लिए मैं पूनम दीदी की गंद हाथो.से मसल्ने लगा

पूनम दीदी इतनी नीचे गिर सकती है ये ज्योति बुआ ने कभी सोचा नही था

वो यहाँ देखने आई थी कि जो वो सोच रही है वो झूठ हो

पर यहाँ तो उनकी उम्मीद से ज़्यादा उनको देखने को मिला

टेबल पे पैसो की गॅडी , पूनम दीदी नंगी , मैं पूनम.दीदी के पीछे खड़ा होकेर गंद मार रहा हूँ , पूनम दीदी मज़ा ले रही है

ज्योति बुआ मन ही मन मे सोच रही होगी कि ये सपना है पर ये हक़ीकत थी

ज्योति बुआ को देख कर पहले तो पूनम दीदी शॉक्ड हुई पर बाद मे नॉर्मल हुई

पूनम दीदी खड़ी होकर टेबल पे रखा हुआ पानी पीने लगी

जैसे उनको कोई फरक नही पड़ रहा था कि उनकी उनकी माँ ने रंगे हाथ पकड़ लिया हो

पूनम दीदी ऐसे बिहेव कर रही थी कि ये सब नॉर्मल हो उनके लिए

ज्योति बुआ- पूनम ये सब क्या है

पूनम दीदी -क्या हुआ माँ

ज्योति बुआ- तेरी हिम्मत कैसे हुई ये सब करने की

पूनम दीदी -मैं ने ऐसा क्या कर दिया जो आप इस तरह बात कर रही हो

ज्योति बुआ- क्या किया पूछ रही है , तेरी ज़ुबान काट दूँगी

पूनम दीदी -पहले बताओ तो सही क्या किया मैं ने

ज्योति बुआ ने उनके पास रखा हुआ ग्लास उठा कर पूनम दीदी की तरफ फेक दिया

पूनम दीदी को ग्लास लगने से पहले ही मैं ने उसको पकड़ लिया

पूनम दीदी -क्या हुआ माँ इतनी गुस्सा क्यूँ हो

ज्योति बुआ- गुस्सा , मैं इसकी जान ले लूँगी .

अवी- मैं ने क्या किया

पूनम दीदी -अवी ने कुछ भी तो नही किया

ज्योति बुआ- ये नंगा नाचने के बाद भी कुछ करना बाकी है

पूनम दीदी -इसकी बात कर रही है आप

ज्योति बुआ- तू इतनी बेशरम कैसे हो गयी ,

पूनम दीदी -मैं तो नंगी हूँ , अवी मेरे कपड़े देना

ज्योति बुआ- ये ड्रामा क्यूँ कर रही हो

पूनम दीदी -कैसा ड्रामा

ज्योति बुआ- मुझे तुमसे ये उम्मीद नही थी

पूनम दीदी -मैने क्या किया वो तो बताओ

ज्योति बुआ- अपनी माँ से पूछ रही है कि तूने क्या किया , खुद को मिरर मे देख

पूनम दीदी -मैं ने देख लिया है मिरर मे

ज्योति बुआ- बदतमीज़ी भी करना सीख गयी है तू

पूनम दीदी -आप का हो गया होगा तो आप जा सकती हो मुझे बहुत काम है

ज्योति बुआ- क्या कहा तूने

अवी- पूनम मेरे पैसे

पूनम दीदी -पैसे नही मिलेंगे जो कर रहे थे वो पूरा करो

अवी- तुम्हारी माँ

पूनम दीदी -उनकी टेन्षन तुम मत लो

अवी- वो तो मना कर रही है

पूनम दीदी -तुम्हें करना है कि नही

अवी- करना है पूरे पैसे दिए हैं

पूनम दीदी -तो शुरू हो जाओ अपने पैसे वसूल करो

ज्योति बुआ- पूनम तेरी इतनी हिम्मत , तुझे अपनी माँ की थोड़ी भी फिकर नही है

पूनम दीदी -अवी तुम शुरू हो जाओ

ज्योति बुआ- खबरदार जो तुम वहाँ से हिले तो तेरी जान ले लूँगी

अवी- पूनम मेरे पैसे वापस कर दो

पूनम दीदी -माँ तुम मेरी लाइफ मे टाँग डालना बंद करो

ज्योति बुआ- क्या कहा तूने

पूनम दीदी -अवी तुम शुरू जो जाओ

ज्योति बुआ- लंड काट दूँगी अगर पूनम को हाथ लगाया तो

अवी- पूनम ये सब क्या है , पूरे 3 लाख दिए है

पूनम दीदी -तुम्हें रोका किसने है , तुम अपना काम करो

ज्योति बुआ- पूनममम्मममम

पूनम दीदी -अवी तुम अपने पैसे वसूल करो

अवी- तुम्हारी माँ

पूनम दीदी - वो कुछ नही कहेंगी

ज्योति बुआ- पूनममम्मम

पूनम दीदी -क्या पूनम पूनम लगाके रखा है

ज्योति बुआ- मुझसे उँची आवाज़ मे बात करती हो

पूनम दीदी -आप मेरे काम मे टाँग डालना बंद करो

ज्योति बुआ- तेरा काम

पूनम दीदी -मैं ने नया धंधा शुरू किया है

ज्योति बुआ- तेरी हिम्मत कैसे हुई

पूनम दीदी -क्यूँ , आप से ही तो सीखा है

ज्योति बुआ- मुझसे

पूनम दीदी -आप भी धंधा करती हो मैं ने भी शुरू कर दिया

ज्योति बुआ- अपनी ज़ुबान संभाल के बोलो

पूनम दीदी -सच बोला तो मिर्च लग गयी

ज्योति बुआ- मैं कोई धंधा नही करती थी , और तुम्हें भी ये सब नही करने दूँगी

अवी- पूनम

पूनम दीदी -तुम्हें कहा ना तुम डाल दो अंदर

मैं ने ज्योति बुआ की तरफ देखा और वापस पूनम दीदी की गंद पर थप्पड़ मारा

ज्योति बुआ- मादर्चोद दूर हो जा मेरी बेटी से

अवी- मुझे गाली देती है देख तेरी बेटी की कैसे मारता हूँ

और मैं ने और थप्पड़ मारे

मेरे धक्को से पूनम दीदी की चीखे निकलने लगी

पूनम दीदी -माँ तुम चुप रहो ,उसे गुस्सा दिलाओगी तो मेरी फट जाएगी

ज्योति बुआ- रुक जाऊऊऊऊऊऊऊऊऊ

पूनम दीदी -अवी तुम्हें जो करना है करो

ज्योति बुआ- पूनम तुम ये क्यूँ कर रही हो

पूनम दीदी -इसमे क्या बुरा है , बहुत पैसे मिल रहे है ,

ज्योति बुआ- तुझे जितने पैसे चाहिए मैं दूँगी ,भगवान के लिए रुक जाओ

पूनम दीदी -अवी ने पैसे दिए है वो कैसे रुक सकता है

ज्योति बुआ- बेटी इस दलदल मे मत फन्सो

पूनम दीदी -पैसा देखो माँ , 3 लाख 1 घंटे के

ज्योति बुआ- खामोश रहो

पूनम दीदी -आप तो 1 लाख घंटा कमाती हो

ज्योति बुआ- वो सब मैं

पूनम दीदी -क्या मैं

ज्योति बुआ- वो मैं मज़बूरी मे कर रही थी

पूनम दीदी -ब्लॅकमेल

ज्योति बुआ- हाँ , मैं ब्लॅकमेल हो रही थी

पूनम दीदी -पर मैं तो आपको देख कर ये सब कर रही हूँ

ज्योति बुआ- बेटी ये सब रोक दो

पूनम दीदी -नही रोक सकती बहुत पैसा है
 
ज्योति बुआ- तुझे जितने पैसे चाहिए मैं दूँगी पर तुम ये सब मत करो

पूनम दीदी -वो आपके पैसे है , मैं अपने लिए खुद कमा सकती हूँ

ज्योति बुआ- मेरे पैसे भी तो तेरे है, तुझे ये सब करने की क्या ज़रूरत है

पूनम दीदी -मामा जी भी तो आपको पैसे देते थे फिर आपको वो सब करने की क्या ज़रूरत थी

ज्योति बुआ- वो तो मैं

पूनम दीदी -बोलिए

ज्योति बुआ- वो मुझे ब्लॅकमेल किया जा रहा था

पूनम दीदी -ब्लॅकमेल का नाटक अच्छा किया आपने

ज्योति बुआ- क्या मतलब है तुम्हारा नाटक से

पूनम दीदी -झूठा आक्सिडेंट करवा के सच छिपा दिया आपने , मुझे सच से कोई प्राब्लम.नही है

पूनम दीदी की बात सुनते ज्योति बुआ शॉक्ड ही गयी

पूनम दीदी -ब्लॅकमेल के 15 लाख मे से 13 लाख आपके अकाउंट मे वापस डाल दिए आपकी सहेली ने

ज्योति बुआ- तुम्हें कैसे पता

पूनम दीदी -झूठ ज़्यादा दिन छुप नही सकता एक दिन सच बाहर आ जाता है

ज्योति बुआ- मैं तो वो

पूनम दीदी -आप अपनी मर्ज़ी से अवी के चाचा के साथ चुदाई कर रही थी और मैं भी अपने मर्ज़ी से अवी के साथ कर रही हूँ

ज्योति बुआ- ये छोड़ दे मैं तुझे सब बता दूँगी

पूनम दीदी -फिर एक झूठी कहानी बता दोगी

ज्योति बुआ- पूनम मेरी बात तो सुनो

पूनम दीदी -अब क्या सुनूँ , सब कुछ मेरे सामने है , आप रंडी हैं और आप का देख कर मैं भी रंडी बन रही हूँ

ज्योति बुआ- पूनममम्ममममममममम

पूनम दीदी -चिल्लाइए मत , चीखना मुझे भी आता है

ज्योति बुआ- मुझे तू सज़ा देने के लिए ये सब कर रही है

पूनम दीदी -आपको सज़ा देने वाली मैं कौन होती हूँ

ज्योति बुआ- फिर तू ये सब क्यूँ कर रही है

पूनम दीदी -आप का धंधा आगे बढ़ा रही हूँ , हम मिलके पैसे कमाएँगे

ज्योति बुआ- ये तू क्या बोल रही है

पूनम दीदी -अब आपकी एज बढ़ गयी है आप के पास कस्टमर नही आएँगे तो आप उनको मेरे पास भेज देना

ज्योति बुआ- पूनम तू ये क्या बोल रही है

पूनम दीदी -आपको पैसे चाहिए ना मैं आपको इतने पैसे कमा कर दूँगी कि आप सोच भी नही सकती

ज्योति बुआ- मुझे पैसे नही तेरी खुशी चाहिए

पूनम दीदी -मेरी खुशी

ज्योति बुआ- वो सब मैं ने तेरे लिए किया

पूनम दीदी -फिर झूठ

ज्योति बुआ- तेरे लिए , तेरे फ्यूचर के लिए , तेरी शादी के लिए पैसे जमा कर रही थी

पूनम दीदी -मेरी शादी के लिए , मैं थूकती हूँ ऐसे पैसो पे

ज्योति बुआ- बेटी पैसा ही सबकुछ होता है इस दुनिया मे , मैं अपना जिस्म बेच कर तेरा फ्यूचर सेफ करना चाहती थी

पूनम दीदी -तालिया बजाने का दिल कर रहा है , अपने लालच को मेरी खुशियो का नाम मत दो

ज्योति बुआ- यही सच है मैं ने वो सब तेरे लिए किया है

पूनम दीदी -और अब मैं आपके लिए पैसे कमा रही हूँ

ज्योति बुआ- मुझे कुछ नही चाहिए , तू ये सब रोक ले

पूनम दीदी -क्यूँ रोकू ,आपको पैसे जो देने है , देखिए 3 लाख दिए हैं अवी ने

ज्योति बुआ- फेक उन पैसों को , मैं तुम्हें ऐसे देख नही सकती , ये सब देखने से पहले मैं मर जाना चाहूँगी

पूनम दीदी -और क्या मुझे आपको उस दिन उतने लोगो के साथ देख कर कैसा लगा होगा ये नही सोचा आपने

ज्योति बुआ- वो मैन्न्न्न्न

पूनम दीदी -उसके बाद आपने मेरी भावनाओं के साथ खेल कर झूठी कहानी बताई ब्लॅकमेल की

ज्योति बुआ- मैं डर गयी थी

पूनम दीदी -मुझे सच पता चलेगा तो कैसा लगेगा ये नही सोचा आपने

ज्योति बुआ- मैं सोचने समझने की शक्ति खो चुकी थी

पूनम दीदी -नकली फोटो बनाना याद रहा

ज्योति बुआ- मुझे माफ़ कर दे पर ये सब रोक दे

पूनम दीदी -आप तो इतने से रो रही है , और मैं रोज घुट घुट कर रोती रही उसका क्या

ज्योति बुआ- मुझे माफ़ कर दे

पूनम दीदी -आपकी वजह से पूजा मामी की बात पे विश्वास नही किया ,

ज्योति बुआ ने अपना सर नीचे किया

पूनम दीदी -आपने ये नही सोचा कि रमेश मामा को पता चलेगा तो उनका क्या होगा वो तो स्यूयिसाइड कर लेते

ज्योति बुआ- उनको कुछ मत बताना

पूनम दीदी -पूजा मामी के घर पे सरपंच को कोई देख लेता हो पूजा मामी का क्या होता ये नही सोचा

ज्योति बुआ- मुझे माफ़ कर दो

पूनम दीदी -मैं क्या माफ़ करूँ ,

ज्योति बुआ- मैं ने तेरे लिए ये सब किया ,

पूनम दीदी -अपने पाप को मेरा नाम मत दो ,

ज्योति बुआ- बेटी मैं ने ये सब पहले छोड़ दिया था पर तेरी शादी की चिंता की वजह से मैं फिर से उस रास्ते पे चलने लगी

पूनम दीदी -फिर झूठ , पूजा मामी ने बताया कि आपने पैसो के लिए क्या क्या किया है , पूजा मामी के घर पे चोरों को भेजा था ताकि इस घर को हासिल कर सको

ज्योति बुआ- वो मेरी सबसे बड़ी ग़लती थी

पूनम दीदी -कितने ग़लतियाँ करेंगी आप

ज्योति बुआ- मुझे एक मौका दो

मैं तो अपना काम कर रहा था

पूनम दीदी की गंद मसल रहा था

पूनम दीदी -मौका दुबारा नही मिलता , आपने तो इतनी ग़लतिया की है कि उनको माफ़ नही किया जा सकता

ज्योति बुआ- मैं यहाँ से दूर चली जाउन्गी पर तू ये सब बंद कर दे

पूनम दीदी -जैसी माँ वैसी बेटी

ज्योति बुआ- पूनम , मुझे मार डाल पर ऐसा मत बोल

और पूनम दीदी ने ज्योति बुआ के मुँह पे पैसे फेक कर मारे

पूनम दीदी -ये लो पैसे

ज्योति बुआ- मुझे जान से मार डाल पर ये सब बंद कर दे ,

पूनम दीदी -क्यूँ मुझे ऐसे देख कर दर्द हो रहा है , सोचो उस दिन मुझे कितना दर्द हुआ होगा , सच पता चलने पे ज़्यादा दर्द हुआ था

ज्योति बुआ- पूनम मेरे लिए नही अपने पापा के लिए ये सब बंद कर दे

पूनम दीदी -पापा के वजह से इस घर में हूँ वरना जिस दिन सन्नी हमे छोड़ कर गया था उसी दिन मैं घर छोड़ कर जाती

ज्योति बुआ- ऐसा मत बोलो

पूनम दीदी -सन्नी की वजह से मुझे कितना दर्द हुआ कितना रोई मैं ये आपको पता है

ज्योति बुआ- सन्नी के जाने का दर्द मुझे भी हुआ था

पूनम दीदी -आपको दर्द हुआ होता तो दुबारा ये सब नही करती

ज्योति बुआ- मुझे जितना भला बुरा कहना है कह दो पर ये सब बंद करो

पूनम दीदी -अभी तो शुरुआत की है , आगे तो मुझे करोड़पत्नी बनना है

ज्योति बुआ- सन्नी के लिए ये सब बंद कर दो

पूनम दीदी -सन्नी के लिए ,

ज्योति बुआ- सन्नी ये सब देख रहा होगा तो वो रो रहा होगा

पूनम दीदी -उसको आपने रुलाया है , आपकी वजह से वो हमे छोड़ कर गया है

ज्योति बुआ- मेरी वजह से

पूनम दीदी -वो आक्सिडेंट क्यूँ हुआ था पता है आपको , आपके वजह से हुआ था

ज्योति बुआ- ये क्या बक रही हो

पूनम दीदी -मैं बक रही हूँ , उस दिन मेहता अंकल के साथ कौन थी , आप

ज्योति बुआ- तुम्हें कैसे पता

पूनम दीदी -सन्नी ने बताया , आपने मारा है सन्नी को , आपकी वजह से मरा है सन्नी ,

और पूनम दीदी रोने लगी

मैं भी रुक गया

ज्योति बुआ को जोरदार झटका लगा

उनको यकीन नही हो रहा था पूनम की बातों पे

ज्योति बुआ को झटका लगा
 
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