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मैं और मेरा परिवार

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फ्लॅशबॅक 1004

शालिनी नेहा से बात करके पुरानी बाते याद करने लगी

कैसे कुमार ने उसके साथ बदतमीज़ी की और उसने थप्पड़ मारा था

पर जयसिंघ के सामने कोई सबूत नही दे पाई शालिनी पर उसको यकीन था कि कुमार ने जानबूझ कर वैसा किया था

पर उसके बाद आज तक कुमार उसके पास भी नही आया

और तो और शालिनी से राखी भी बन्धवा ली

शालिनी को लगा कि कुमार सुधर गया है

जयसिंघ जब से नेहा के लिए कुमार का रिश्ता लाया तो ये बात शालिनी को अच्छी नही लगी

शालिनी ये शादी नही होने देने वाली थी

पर नेहा के हाँ करते ही शालिनी क्या करती

शालिनी तो उस रात जयसिंघ से बात करने वाली थी पर उस से पहले नेहा ने हाँ कहा और सगाई हो गयी

पर आज नेहा ने कुमार के बारे में जो बाते बताई उसे सुनकर शालिनी ने फ़ैसला किया कि अब कुछ भी हो जाए ये शादी नही होने देगी

नेहा की ज़िंदगी बर्बाद नही होने देगी

शालिनी ने सोच लिया कि उसे क्या करना है

, शालिनी अपने कमरे से निकलते ही पूजा के कमरे मे चली गयी.

पूजा सीतल को दूध पिला रही थी.

पूजा-भाभी आप आइए

शालिनी-पूजा तेरे दूध मे तो काफ़ी दूध है.

पूजा-हाँ, सीतल के पीने के बाद भी काफ़ी रह जाता है. तो स्वेता को पिला देती हूँ.

शालिनी-अपने पति को पिलाया कर.

पूजा-वो कभी कभी पीते हैं ,आपके भी तो बड़े हो गये

शालिनी-तुझ से छोटे है,

पूजा-भैया को बोलू बड़ा करने को

शालिनी-नही रहने दे, इतने ही अच्छे लगते है

पूजा-सीतल का हो गया,

शालिनी-स्वेता को पिलाना ,सीतल सो गयी ना.

पूजा-हा

अचानक शालिनी .ने अपना मूड चेंज किया

शालिनी-मुझे तुमसे ऐसी उम्मीद नही थी.

पूजा-मैं ने क्या किया. और अचानक आपको क्या हुआ

शालिनी-तूने इतनी बड़ी बात मुझसे छुपाई कैसे

पूजा-मैं ने कुछ भी तो नही छुपाया

शालिनी-नेहा और सुरेश के प्यार के बारे में तुम्हें पता था ना

पूजा-आपको किस ने ...मेरा मतलब था कि दोनो मे कुछ नही था

शालिनी-वो मैं देखूँगी. पहले बता मुझसे ये बात क्यूँ छुपाई.

पूजा-वो कुछ था ही नही तो क्या बताती. नेहा ने कुमार को हाँ कहा तो सुरेश चला गया

शालिनी-एक बार मुझसे बात तो करती ,

पूजा-अब जाने दीजिए. नेहा की शादी होने वाली है अब ये बात करके कुछ नही होगा.

शालिनी-बहुत कुछ होगा.मुझे सुरेश से मिलना है.

पूजा-सुरेश से ,पर क्यूँ

शालिनी-तू मिलवा रही है या मैं खुद मिलने जाउ शहर मे.

पूजा-मिल कर करना क्या है.अब बिना वजह बात बिगड़ जाएगी.

शालिनी-तूने सुरेश के बारे में ना बता कर पहले बात बिगाड़ दी है.अब मुझे मिलवाने का कुछ कर ,और आज ही मिलना है.

पूजा-मैं स्वेता के पापा से बात करके देखती हूँ

शालिनी-देखती हूँ नही. शाम तक मेरी मुलाकात होनी चाहिए ,

पूजा-आप बता देती तो ...मैं करवाती हूँ मुलाकात

और पूजा खड़ी होकर रमेश के पास जाने लगी.

शालिनी-रुक

पूजा-क्या हुआ

शालिनी-अपने कपड़े तो ठीक कर. पीछे से साड़ी अंदर घुसी हुई है.

पूजा ने साड़ी ठीक की

पूजा रमेश के पास चली गयी.

पूजा-सुनिए

रमेश-क्या है.

पूजा-भाभी सुरेश से मिलना चाहती है. उनको नेहा और सुरेश के बारे में सब पता चल गया .पता नही कैसे

रमेश-वो सुरेश से बात करके क्या करेगी.

पूजा-पता नही .पर मुझ पे बहुत गुस्सा है

रमेश-3 दिन बाद शादी है ,अब सुरेश से मिल कर करना क्या चाहती है. तुम्हारी भाभी पागल हो गयी है. कुमार उनकी पसंद का है ऐसे मे सुरेश से क्या बात करना चाहती है

पूजा-मुझे नही पता, बस आज शाम तक मिलना चाहती है

रमेश-सुरेश फिर यहाँ आएगा तो वो नेहा और सुरेश के लिए अच्छा नही होगा.

पूजा-मेरे लिए एक बार बुला लो ना ,देखते है भाभी क्या बात करना चाहती है

रमेश-कुछ ऐसा वैसा कुछ हुआ तो मुझे दूर रखना

पूजा-मैं सारा इल्ज़ाम खुद पर लूँगी. बस सुरेश को बुला लो .आज पहली बार भाभी ने मुझ से गुस्से मे बात की.

रमेश-ऐसा है तो ज़रूर कुछ तो बात होगी. मैं लेकर आता हूँ ,पर मुलाकात मंदिर मे होगी.

पूजा-मैं भाभी के साथ आ जाउन्गी.

रमेश को लग रहा है कि कुछ तो है ,वरना शादी से पहले सुरेश को क्यूँ बुलाती.

रमेश ने बड़ी मेहनत से सुरेश को मना लिया और अपने साथ मंदिर लेके आ गया.

शालिनी ने अवी को दूध पिला कर सुला दिया और नीता को ध्यान रखने को बोल कर पूजा के साथ मंदिर चली गयी.

रमेश सुरेश और जतिन मंदिर मे इंतज़ार कर रहे थे.

शालिनी ने आते ही सीधे मुद्दे की बात करना ठीक समझा

शालिनी-तुम सुरेश हो

सुरेश-हाँ
 
शालिनी-नेहा सच मे पागल है(सुरेश जैसे लड़के को मना किया, कितना हंडसॅम है नेहा और सुरेश की जोड़ी लाखों मे एक होती )

सुरेश-क्या कहा.

शालिनी-तुम नेहा से शादी करना चाहते थे

सुरेश-हाँ, पर नेहा ने मना किया.

शालिनी-कब किया

सुरेश-उसने कुमार से शादी करने को हाँ कहा.

शालिनी-तो तुम्हें कब ना कहा नेहा ने

पूजा अपनी भाभी की तरफ देखती रह गयी.

सुरेश-उसने हाँ भी तो नही कहा

शालिनी-पर उसने तुम्हारी रिंग अब तक पहन कर रखी है.

सुरेश-उसे फेकना चाहिए. वैसे भी ग़लती मेरह थी लेफ्ट हॅंड की जगह राइट हाथ मे पहना दी.

शालिनी-(ये भी ईडियट है) तुम ने सही हाथ मे पहनाई थी. सगाई के लिए नेहा को रिंग निकालनी पड़ी पर उसने निकालने की जगह दूसरे हाथ मे पहन ली

सुरेश-अब इस बात का क्या फ़ायदा ,उसकी तो शादी होने वाली है.

शालिनी-ये नही पुछोगे किस के साथ

पूजा-भाभी ये सब क्या है

शालिनी-तुम चुप रहो ,सब तुम्हारी ग़लती है ,मुझे पहले बता देती तो ये सब नही होता.

पूजा ने अपना सर नीचे किया.

शालिनी-पूछो किस के साथ है

सुरेश-कुमार के साथ.

शालिनी-मैं ने जवाब नही पूछा.तुम्हें सवाल पूछने को कहा

सुरेश-किस के साथ.

शालिनी-तुम्हारे साथ होने वाली है. नेहा वेड सुरेश

पूजा ये सुनकर गिरते गिरते बच गयी. रमेश ने पूजा को पकड़ लिया.

पूजा-भाभी ये क्या है.

शालिनी-तो दूल्हे राजा शादी के दिन समय पर पहुँच जाना

सुरेश-रमेश ये भाभी क्या बोल रही है

शालिनी-मुझसे बात करो,

सुरेश-आपको पता है आप क्या कह रही है.

शालिनी-हाँ, तुम बताओ नेहा से शादी करना चाहते हो

सुरेश-हाँ

शालिनी-तो शादी के दिन यहा आ जाना, नेहा से तुम्हारी शादी हो जाएगी , मैं करवा दूँगी तुम्हारी शादी

सुरेश-इस तरह के मज़ाक मुझे पसंद नही है.

शालिनी-मैं भी मज़ाक नही करती

रमेश-ये होगा कैसे

शालिनी-ये सही सवाल है. इसका जवाब शादी वाले दिन मिलेगा.

सुरेश-मुझे कुछ समझ नही आ रहा है.

शालिनी-तुम्हारी शादी नेहा से होगी, उसी दिन जब नेहा की शादी रखी गयी है.समय पर आना वरना नेहा से शादी नही कर पायोगे.

पूजा-भाभी आपने भंग पी रखी है क्या

शालिनी-तू चल मेरे साथ ,भाईसाब आप को दूल्हे को लेकर आना होगा.

रमेश-भाभी आप बेफिकर रहिए मैं दूल्हे को समय पे लेकर आउन्गा.

रमेश सुरेश के गले लग गया.

रमेश-शादी मुबारक हो

पूजा-ये हो क्या रहा है,आप सुरेश को मुबारक बाद क्यूँ दे रहे है

शालिनी-तू चल मेरे साथ, नेहा को सुरेश के नाम की मेहन्दी लगानी है.

रमेश के सिवा बाकी सब अपना मूह खुला करके शालिनी की तरफ देखने लगे

शालिनी-भैसाब मैं चलती हूँ,आपको दूल्हे की तरफ से आना होगा.

जतिन- मेरी भी बात करना

रमेश- तू रुक एक मिनिट

शालिनी- तुम जतिन हो

जतिन- हा भाभी और मुझे

शालिनी- तुम्हें नीता पसंद होंगी

जतिन- हाँ , मैं उसको बहुत प्यार करता हूँ पर वो

शालिनी- तुम थोड़ा रूको , अभी तो नेहा की शादी की टेन्षन है मुझे

पूजा- भाभी मुझे तो बताइए कि आप कर क्या रही हो

शालिनी- तू भी रुक , भाईसाब आप सुरेश को लेकर आना मंडप मे

रमेश-भाभिजी आप बेफिकर रहिए सुरेश समय पर पहुँच जाएगा.

शालिनी पूजा को अपने साथ घर ले जाने लगी.

पूजा-भाभी मुझे कुछ समझ नही आ रहा आप कर क्या रही है.

शालिनी-तुम क्या चाहती है, नेहा की शादी किस से हो

पूजा-मैं तो चाहती हूँ की नेहा सुरेश से शादी करे.क्यूँ की दोनो प्यार करते है एक दूसरे से

शालिनी-मैं वही कर रही हूँ. अगर तू पहले बता देती तो इतनी गड़बड़ नही होती. आराम से नेहा की सुरेश से शादी करवाती

पूजा-अब आप क्या कर रही है

शालिनी-तेरा सपना पूरा कर रही हूँ, नेहा और सुरेश की शादी करवा रही हूँ .तू बस मेरा साथ देना

पूजा-नेहा की खुशी के लिए कुछ भी कर सकती हूँ.

शालिनी-तो नेहा की शादी सुरेश से हो जाएगी.

अपनी भाभी की बात सुनकर 3 हफ्ते के बाद पहली बार पूजा खुश हुई.

घर आते शालिनी और पूजा शादी की तय्यारी मे लग गयी.
 
फ्लश बॅक 1005

नेहा को अपने भाभी पे पूरा विश्वास था ,

नेहा को अब ज़्यादा फिकर नही थी ,बस उसको कुमार को एक थप्पड़ मारना था

नेहा को ये काम आसान लग तो रहा था पर जैसे जैसे समय बीत रहा था उसकी हिम्मत कम हो रही थी.

शालिनी नेहा की हिम्मत बढ़ाने का काम कर रही थी.

जैसा शालिनी पूजा को कहती वैसे पूजा काम कर रही थी.

नीता को इस बारे में कुछ पता नही था.वो नेहा की शादी की तय्यारी मे लगी हुई थी.

पिताजी नेहा की शादी मे कोई कसर नही छोड़ना चाहते थे.

ठाकुरजी पिताजी की पूरी मदद कर रहे थे.

जयसिंघ भी नेहा की शादी धूम धड़ाके के साथ कर रहा था

ऐसे मे पिताजी ने समधन को ठाकुरजी की हवेली दिखा दी.

माँ भी अपनी बेटी की शादी मे जी जान लगा रही थी.

छोटू शादी की वजह से अपनी मर्ज़ी का मालिक था.

छोटू इसका पूरा फ़ायदा उठा रहा था.अपने दोस्तो के साथ मिलकर एंजाय कर रहा था.

और वो दिन भी आ गया जिसका सबको इंतज़ार था.

आज नेहा की शादी है.

सब खुश थे, पर हर किसी के खुशी का रीज़न अलग था.

जयसिंघ खुश था कि उसकी बहन की शादी उसके दोस्त के साथ हो रही है.

पिताजी माँ और नीता खुश थी कि नेहा की शादी कुमार से हो रही है.

नेहा खुश थी कि उसकी शादी सुरेश से होगी.

ऐसे मे सब अपनी ही धुन मे थे. इधर कोई आवाज़ आती तो उधर कोई आवाज़ आती.

मेरा टवल कहाँ है,

मेहमान आए कि नही,

नाश्ता तय्यार हुआ कि नही.

पंडितजी ने जो समान की लिस्ट दी वो कहाँ है,

चेर अब तक लगाई क्यूँ नही,

ये बीच मे बकेट किसने रखी.

मेरा ड्रेस किस ने लिया,

मेरी चप्पल कौन पहन कर गया.

पिताजी को पूजा की शादी मे इतना काम नही करना पड़ा जितना नेहा की शादी मे करना पड़ा.

रिश्ता जो बड़े घर मे हुआ था. ऐसे मे पिताजी कोई ऐसी जगा नही छोड़ना चाहते थे कि दूल्हे की तरफ से शिकायत हो

मेहमान आ चुके थे .गाँव वाले भी नेहा को आशीर्वाद देने आ गये

रमेश खुद सुरेश और जतिन को लाने शहर गया था.

रमेश कोई रिस्क नही लेना चाहता था ,रमेश सुरेश को लेकर शादी मे आ गया.

सुरेश नॉर्मल ड्रेस मे आया था ,उसे कुछ समझ नही आ रहा था.

रमेश को भाभी पे विश्वास था कि वो नेहा की शादी सुरेश से करवा देगी.

पर एक तरफ सुरेश मंडप मे आ गया तो कुमार भी बॅंड बाजे के साथ मंडप मे आ रहा था.

कुमार को देख कर रमेश को 50 50 चान्सस लग रहे थे.

भाभी ने तो कहा था कि शादी सुरेश से होगी पर यहाँ तो कुमार भी आ गया है

आख़िर शालिनी करना क्या चाहती है वो किसी को पता नही था

पर शालिनी जो करेगी वो सब के बारे में सोच कर करेगी

जयसिंघ ने अपनी तरफ से पूरी खातिरदारी का इंतज़ाम किया था.

दूल्हे के आते ही माँ ने उसकी आरती उतार कर मंडप मे ले गयी.

पिताजी अपने नये समधन समधी का स्वागत करने लगे.

ठाकुरजी के साथ होने से पिताजी का रुतबा बढ़ गया था. जिस से कोई कह नही सकता था कि दुल्हन छोटे घर से है.

दूल्हे की फॅमिली के लिए शहर जैसा इंतज़ाम जयसिंघ ने करवा दिया.

इंतज़ाम देख कर दूल्हे वाले खुश हो गये

पंडितजी शादी करवाने की सामग्री देख रहे थे.

मंडप मे 2 दूल्हे आ चुके थे. बस इंतज़ार था दुल्हन का ,

नेहा को शादी के जोड़े मे देखने के लिए औरतों ने लाइन लगा कर रखी थी.

नेहा को शालिनी और पूजा ने तय्यार किया था.

नेहा को ऐसा सजाया गया जिस से कोई भी देखे तो ऐसा कहे कि वो जन्नत की अप्सरा को देख रहा हो

नेहा शादी के लाल जोड़े मे देख कर शालिनी ने बिना वक्त गवाए उसे काला टीका लगा दिया.किसी की नज़र ना लगे

पूजा ने नीता को भी वैसे ही तय्यार किया ,नीता भी नेहा की परछाई दिख रही थी.

पंडितजी ने दुल्हन को बुलाने को कहा.

पिताजी ने पूजा को आवाज़ दी.

शालिनी पूजा और नीता, नेहा को लेकर मंडप मे आ गयी.

नेहा को एक झलक देखने के लिए मेहमान भागदौड़ कर रहे थे.

नेहा का चेहरा पल्लू से ढका हुआ था.

शालिनी ने नेहा को दूल्हे के पास बैठा दिया.

पिताजी अपनी गुड़िया को दुल्हन के रूप मे देख कर आँख मे पानी आ गया.

नेहा के दूल्हे के बाजू मे बैठा देख कर रमेश भाभी की तरफ देखने लगा.

शालिनी ने रमेश को रुक ने को कहा

सुरेश बड़ी मुश्किल से वहाँ खड़ा रह कर नेहा की शादी देख रहा था

पंडितजी मन्त्र पढ़ रहे थे.

नेहा की धड़कने तेज चल रही थी.

नेहा ने अपनी भाभी की तरफ देखा .शालिनी ने नेहा को इशारा किया.

पर नेहा डर के वजह से वैसे बैठी रही.

शालिनी को गुस्सा आने लगा. वो बार बार नेहा को इशारा कर रही थी.

पता नही किस बात का इशारा कर रही थी शालिनी

नेहा की धड़कने तेज चली थी

जैसे जैसे मंत्र पढ़ रहे थे वैसे वैसे सुरेश का कलेजा जल रहा था

मंडप मे सबकी नज़र नेहा पर थी.

नेहा की हिम्मत जवाब दे रही थी.

शालिनी गुस्सा होकर मंडप से जाने लगी.

भाभी को जाता हुआ देख कर नेहा को खुद पे गुस्सा आ रहा था.

अगर आज नेहा ने हिम्मत नही दिखाई तो उसके साथ नीता और बाकी सबकी ज़िंदगी बर्बाद हो जाएगी

नेहा ने एक बार नीता की तरफ देखा ,नीता का हँसता हुए चेहरा देख कर , अचानक नेहा के सामने वो सीन आया जिसमे कुमार नीता की

इज़्ज़त उतार रहा है , नीता चिल्ला रही है नेहा बचाओ मुझे ,

नेहा के सामने ये सीन आते ही नेहा खड़ी हो गयी.

पंडितजी ने मन्त्र पढ़ने बंद कर दिए.

नेहा के खड़े होते ही कुमार भी खड़ा हो गया.

नेहा ऐसे अचानक बीच मे खड़ी क्यूँ हुई

पिताजी नेहा से पूछने वाले थे कि नेहा ने एक जोरदार थप्पड़ कुमार के मूह पे मारा

थप्पड़ की आवाज़ सुनते ही शालिनी जाते हुए रुक गयी और पलट कर देखा तो कुमार का शहरा नीचे गिरा हुआ था उसके गाल पे नेहा की 5 उंगलिया साफ दिख रही थी.

शालिनी ने जल्दी अपनी पोज़िशन ले ली.

दुल्हन का इस तरह दूल्हे को थप्पड़ मारने से मंडप मे जमा सभी मेहमान शॉक्ड हो गये.

जो मेहमान चेयर पे बैठ थे वो थप्पड़ की आवाज़ सुनकर खड़े हो गये.

दूल्हे वाले तो एक दूसरे का चेहरा देखते रह गये

मंडप मे एक सन्नाटा छाया हुआ था जैसे कि यहाँ किसी की डेत हुई हो.

किसी को कुछ समझ मे नही आ रहा था कि ये हुआ क्या है

सब अच्छे से चल रहा था ऐसे मे नेहा को क्या हुआ जो दूल्हे को इस तरह थप्पड़ मार दिया.

पूजा कभी नेहा को तो कभी अपनी शालिनी भाभी को देख रही थी.

रमेश और सुरेश दोनो हॅंग हो चुके थे. रमेश ने इसकी उम्मीद नही की थी.

जयसिंघ ने आगे आकर कुमार को सहारा दिया.

कुमार को गुस्सा आया नेहा के थप्पड़ मारने से

कुमार ने थप्पड़ खा कर संभलते ही नेहा को थप्पड़ मारने के लिए हाथ उठा लिया.

कुमार का थप्पड़ नेहा को लगने से पहले पिताजी ने कुमार का हाथ पकड़ लिया.

ये काम शालिनी को करना था पर पिताजी ने अब तक नेहा पे हाथ नही उठाया था ऐसे मे कुमार का थप्पड़ कैसे लगने देते.नेहा को

कुमार का हाथ बीच मे पकड़ कर पिताजी ने कुमार के गाल पर एक जोरदार थप्पड़ मारा.

दूल्हे को इस तरह थप्पड़ पे थप्पड़ पड़ने से सबकी सासे रुक गयी.
 
फ्लशनकक 1006

पिताजी-तुम्हारी हिम्मत कैसे हुए नेहा पे हाथ उठाने की.

नेहा पे हाथ उठा कर कुमार ने ग़लती कर ली.

भले ही शुरुआत नेहा ने की हो पर कुमार ने सोचा भी कैसे नेहा पे हाथ उठाने का

योगेंद्रसिंघ को गुस्सा आते ही गाँव वाले समझ गये कि अब दूल्हे की लाश ही यहाँ से बाहर जाएगी.

पिताजी को गुस्से मे देख कर ठाकुरजी आगे आ गये और पिताजी को पकड़ लिया.

ठाकुरजी के पिताजी को रोकने से भी पिताजी रुक नही रहे थे. रमेश आगे आ गया और अपने ससुर को पकड़ लिया.

जयसिंघ ने कुमार को पकड़ कर सहारा दिया.

जयसिंघ-तुम ठीक हो ना

कुमार-ये ठीक नही हुआ. जयसिंघ

जयसिंघ-पिताजी ये सब क्या है. आप नेहा से पूछने की जगह कुमार को मार रहे है.

पिताजी-इसको जान से मार दूँगा अगर नेहा को हाथ भी लगाया तो

जयसिंघ-कुमार की क्या ग़लती थी. नेहा उसकी पत्नी है

पिताजी-है नही, अभी तक शादी नही हुई. वो अभी तक मेरी बेटी है. योगेंद्रा सिंग की बेटी है वो ,योगेंद्रसिंघ की

पिताजी एक शेर की तरह गुर्रा रहे थे.

गाँव वालो की तो हालत पतली हो गयी थी

ऐसे मे कुमार का क्या हुआ होगा ये उसे ही पता होगा

जयसिंघ-अपनी बेटी से पूछिए उसने ऐसा क्यूँ किया

पिताजी-मेरी बेटी जो करती है बिना वजह नही करती ,

कुमार-मैं यहाँ एक मिनिट नही रुकुंगा. तुम समझते क्या हो ,नेहा जैसी हज़ारो लाइन मे खड़ी है मेरे लिए

ठाकुरजी-हमारी नेहा जैसी, जा ढूँढ ला , अगर और यहा रुका तो जान से हाथ दो बैठेगा.

कुमार -जयसिंघ तुम से ऐसी उम्मीद नही थी. शादी करनी नही थी तो इतना नाटक क्यूँ किया

जयसिंघ-तू रुक मेरे होते हुए कोई तुझे हाथ नही लगा सकता.

कुमार समझ गया था कि वो नेहा को जैसे इस्तेमाल करना चाहता है वो नामुमकिन है.

जयसिंघ-नेहा तेरी मर्ज़ी से शादी हो रही थी फिर ये सब नाटक किस लिए कर रही हो,

नेहा ने सोचा नही था कि बात इस तरह बिगड़ जाएगी.

पर शालिनी को इसके बारे में पता था.

जयसिंघ- ज़ोर से नेहाआ मैं तुम से कुछ पूछ रहा हूँ,

पिताजी-चिल्लाओ मत जयसिंघ, भूलो मत वो तुम्हारी बहन है

जयसिंघ और पिताजी मे हो रहे झगड़े को माँ बस रोते हुए देख रही थी

वो किस की तरफ से बोलेगी

एक तरफ बेटा दूसरी तरफ पति

पर शालिनी को पता था कि उसको क्या करना है

शालिनी नेहा के पीछे जाकर खड़ी हो गयी.

नेहा की हिम्मत बन कर खड़ी हो गयी.

शालिनी-बोलो नेहा, डरो मत ,मैं हूँ यहाँ पर

पिताजी बहू की बात सुनकर थोड़े शॉक्ड हुए ,

मतलब बहू को पता है कि नेहा ने ऐसा क्यूँ किया

इसका मतलब ये हुआ की नेहा ने कुछ ग़लत नही किया

पिताजी को शालिनी पे जयसिंघ से ज़्यादा विश्वास था

शालिनी ग़लत नही करेगी

नेहा-कुमार की पहले भी शादी हो चुकी है. पहली पत्नी को कुमार की वजह से स्यूयिसाइड करना पड़ा ,

नेहा ने शादी के मंडप मे न्यूक्लियर बॉम्ब फोड़ दिया.

इस तरह वर्ल्ड मे 3 जगह न्यूक्लियर बॉम्ब फोड़ा गया. हिरोसिमा , नागासाकी ,और नेहा खेए शादी के मंडप मे

नेहा की बात सुनकर सब का मूह खुला का खुला रह गया.

कुमार सोचने लगा कि इसे कैसे पता चला.

कही उस दिन नेहा ने उनकी बाते तो नही सुन ली थी

अब तो कुमार के पसीने निकलने लगे

अजीत ने तो भीड़ मे खुद को छुपा लिया था

कुमार को अब इतना पता था कि यहा ज़्यादा देर रुका तो उसकी लाश यहाँ से जाएगी

कुमार ने यहाँ से निकल जाना ठीक समझा.

कुमार-ये झूठ है, जयसिंघ तुम तो मुझे जानते हो

नेहा-मैं ने खुद कुमार को अजीत से बात करते हुए सुना है.

कुमार समझ गया कि नेहा ने आगे कुछ बोला तो उसकी यहाँ से लाश जाएगी.

मतलब नेहा को उसके नीता को कपड़े बदलते हुए देखने की बात भी पता है

अजीत ने भी नेहा को कपड़े बदलते हुए देखा है

ऐसे मे अगर नेहा ने सच बता दिया तो वो गया काम से

थप्पड़ मारा भी नही तो जयसिंघ के पिताजी ने उसकी हालत खराब कर दी ,

अगर उनको पता चला कि उस्दिन क्या हुआ तो कुमार ये सोच कर ही डर गया

जयसिंघ-नेहा इतना बड़ा झूठ बोल कर तुझे क्या मिला.कुमार को मैं अच्छे से जानता हूँ ,उसकी कोई शादी नही हुई है.

कुमार के माता पिता भी आगे आए

कुमार के पिताजी- ये झूठ है , मेरे बेटे की शादी नही हुई है , अगर होती तो हमे पता होता

कुमार की माँ- कुमार तो 10 सालो से जयसिंघ के साथ है ऐसे मे जयसिंघ को पूछो कि कुमार ने कब शादी की है

जयसिंघ- कुमार की शादी होती तो मुझे पता चल जाता , ये सब झूठ है

नेहा-मुझे तो आप बचपन से जानते तो ,मुझसे ज़्यादा अपने दोस्त पे विश्वास है आपको

जयसिंघ इस पे क्या बोलता

जयसिंघ-क्या सबूत है तुम्हारे पास

कुमार की माँ- हाँ , क्या सबूत है तुम्हारे पास

शालिनी ने नेहा को बोलते रहने को कहा

नेहा- भैया आपको मेरी बात पे विश्वास नही है , क्या मैं ऐसा झूठ बोल सकती हूँ

कुमार की माँ- बिना सबूत के ये साबित होता है कि तू झूठी है

कुमार के पिताजी- अब हम भी ये शादी नही करना चाहते है , चलो यहाँ से

कुमार-इतने अपमान के बाद मैं यहाँ एक मिनिट नही रुक सकता.

अजीत-चलो कुमार ,जयसिंघ ने हमे यहाँ बेइज्जत करने बुलाया था.एक दोस्त ने अपने गाँव के सामने अपने दोस्त को नंगा किया है

नेहा-बताऊ किसने किसको नंगा किया है.

नेहा की बात से तो अजीत और कुमार को यमराज दिखने लगा था

कुमार-अब बहुत हो गया.

और कुमार अपने मेहमान के साथ मंडप से बाहर जाने लगे.

जयसिंघ कुमार को रोक ने की पूरी कोशिश कर रहा था पर कुमार को पता था कि वो एक मिनिट भी यहाँ रुका तो उसके लिए बहुत बुरा होगा ये उसे पता था

जयसिंघ के रोकने के बाद भी कुमार नही रुका ,और कुमार मंडप से अपने मेहमानो के साथ चला गया.

जयसिंघ उनको मनाने के लिए उनके साथ चला गया.

नेहा-पिताजी मैं ने

पिताजी-तू मेरी बेटी है, योगेंद्रसिंघ की बेटी ,तू ग़लत कर ही नही सकती.

गाँव वाले भी एक साथ बोले ,दूल्हे मे खोट थी, दूल्हे मे खोट थी.

गाँव वालो का सपोर्ट था नेहा के साथ

पिताजी का विश्वास था नेहा के साथ

शालिनी की.हिम्मत थी नेहा के साथ

शालिनी-नेहा तूने जो किया वो सही किया ,तेरे भैया से ज़्यादा अच्छे से जानती हू मैं कुमार को ,वो तेरे लायक नही था.

पिताजी ने रोते हुए नेहा को गले लगा लिया.

माजी-नेहा तूने ये क्या किया.

पिताजी-नेहा ने सही किया ,वो शादी शुदा था, ये बात उसने छुपा कर रखी ये ग़लत था.

माँ-आप समझ नही रहे , नेहा से अब कौन शादी करेगा.भरे मंडप से दूल्हा चला गया है. कौन शादी करेगा नेहा से

शालिनी-माजी हमारी नेहा के लिए एक ढूंढ़ेंगे तो हज़ार मिलेंगे

माजी-तुझे दुनिया के बारे में क्या पता है.तुझसे ज़्यादा दुनिया देखी है मैं ने

पिताजी-तुम चुप रहो, नेहा के लिए दामाद जी जैसा लड़का ढूँढ कर लाउन्गा.

माजी-कोई नही करेगा अब शादी नेहा से ,मेरी नेहा से शादी.

और माँ वही बैठ कर रोने लगी.

शालिनी-माजी ,आप हिम्मत हार जाएगी तो कैसे चलेगा

माजी-बेटी को ऐसे घर मे रख कर मुझपे क्या गुजर रही है ये तुम्हें पता नही ..

शालिनी-नेहा के साथ पूरा गाँव खड़ा है, बस आप हिम्मत खो रही है.

माजी-गाँव वाले, वो आज हाँ मे हाँ मिलाते है कल बाते बनाएँगे

शालिनी-माजी आप ऐसा मत बोलिए

माजी-तो कहा कहूँ, अगर गाँव वाले साथ है तो कोई सामने आकर नेहा का हाथ थाम ले

शालिनी इसी बात का इंतज़ार कर रही थी

शालिनी-सुना आप लोगो ने ,है कोई जो नेहा का हाथ थाम ने को तय्यार

पिताजी अपनी बहू को देखते ही रह गये.

शालिनी कर क्या रही है ये पिताजी समझ नही पा रहे थे

पर उनको अपनी बेटी और बहू पे फिरा विश्वास था

शालिनी की बात सुनकर सबने अपना सर नीचे कर लिए

माजी-देखा, ये है तुम्हारे गाँव वाले

शालिनी-गाँव मे कोई मर्द नही है जो नेहा से शादी कर सके,

और शालिनी ने रमेश की तरफ देखा

रमेश सुरेश को आगे आने के लिए बोलने वाला था कि एक आवज़ सुनाई दी

"मैं करूँगा नेहा से शादी"

सब उस आवाज़ की दिशा की तरफ देखने लगे.

ये आवाज़ सुरेश के मूह से निकली थी.

सुरेश-मैं करूँगा नेहा से शादी.

यही तो शालिनी चाहती थी

( शालिनी को मूवी देखना बहुत पसंद था फ़िल्मो जैसा ही कुछ किया , )

नेहा की शादी आज ही हो सुरेश के साथ

और गाँव वालो को ऐसा ना लगे कि नेहा सुरेश से प्यार करती है बस एक हिम्मत वाले लड़के से शादी हुई ये सब को पता चले

सुरेश के शादी के लिए आगे आते ही सब बाते करने लगे कि ये कौन है

शालिनी सुरेश के पास चली गयी. और उसका हाथ पकड़ कर पिताजी के सामने लाई.

शालिनी-तुम करोगे नेहा से शादी

सुरेश-हाँ

शालिनी-तुम नेहा को खुश रखोगे

सुरेश-अपनी खुशी भी नेहा को दूँगा.

शालिनी-नेहा की आँख से पानी आया तो

सुरेश-समझ जाना कि नेहा मेरी लाश पे रो रही है

शालिनी फुल टू मूवी की तरह सीन क्रिएट कर रही थी

मूवी मे वही दिखाया जाता है जो रियल लाइफ मे होता है , पर बाद मे हम इसको उल्टा कन्सिडर करते है ,मूवी जैसा ड्रामा रियल लाइफ मे हो रहा है ये बोलने लग जाते है

शालिनी-देखिए पिताजी दूल्हा मिल गया. बस आपके हाँ करने की देर है.

पिताजी और माँ सुरेश के तरफ देखने लगे.

ठाकुरजी-योगेन्द्र हाँ कर दो , लड़के मे दम है,हमारी बेटी को खुश रहेगा.

रमेश-पिताजी आप सुरेश को जानते हो, मेरे छोटे भाई जैसा है.वो नेहा को खुश रखेगा

पूजा- मैं सुरेश को जानती हूँ , वो अच्छा लड़का है

माँ ने रोना बंद किया .माँ को लगा नही था कि इतने जल्दी कोई मिल जाएगा .

उनको तो डर था कि अब नेहा से कौन शादी करेगा

पर माँ की टेन्षन शालिनी ने ख़तम कर दी

शालिनी ने पिताजी को विश्वास दिलाया कि सुरेश नेहा के लिए सही रहेगा.

पिताजी ने नेहा की तरफ देखा .

नेहा क्या चाहती है ये पिताजी जानना चाहते थे

नेहा ने अपने पलकें झुका कर अपनी सहमति दी

पिताजी ने अपनी पत्नी की तरफ देखा ,माँ के रोना बंद करने से माँ की सहमति मिली.

पिताजी ने मंडप मे पड़ा हुआ शहरा उठा लिया और सुरेश के सर पे पहना दिया.

सुरेश ने शहरा पहनते पिताजी के पैर छु कर आशीर्वाद लिया.

पिताजी ने अपनी बहू की तरफ देखा और सुरेश को आशीर्वाद दिया.
 
फ्लश बॅक 1007

नेहा और सुरेश की शादी सुरू हो गयी.

पंडितजी मन्त्र पढ़ने लगे.

लोगो मे बाते करनी बंद हो गयी.

पिताजी ने शालिनी की वजह से हाँ कर दी

शालिनी उनकी बेटी और बहू दोनो थी

शालिनी जो करेगी वो घर के लिए फॅमिली के लिए अच्छा ही होगा

माँ तो खुश हो गयी

उनको तो डर था कि अगर मंडप से दूल्हा ऐसे जाएगा तो नेहा से शादी कौन करेगा , पर जैसे सुरेश ने हाँ कहा तो माँ की सारी टेन्षन ख़तम हो गयी ,

और सुरेश को सब अच्छे से जानते है पूजा के देवेर के रूप मे

रमेश की शादी मे जान पहचान हो गयी थी

तभी तो नेहा और सुरेश के दिल मिलने सुरू हो गये थे

सुरेश जैसा लड़का मिलते ही माँ और पिताजी को परेशानी नही थी बस एक बार शालिनी बहू से बात हो जाए तो सब ठीक होगा

लेकिन माँ जैसी टेन्षन जयसिंघ को भी थी

जयसिंघ सालो से कुमार के साथ था उसने तो कभी देखा ही नही कि कुमार की शादी हुई है

शायद कही भाग कर या छुप कर शादी की हो , अगेर ऐसा है तो जयसिंघ क्या करता इसमे उसको तो मालूम ही नही था ,

पर जयसिंघ को बस एक टेन्षन सता रही थी कि नेहा का दूल्हा भरी शादी से उठ कर चला गया तो नेहा की ज़िंदगी खराब हो जाएगी

कोई नेहा से शादी नही करेगा

ऐसे मे जयसिंघ नेहा की ज़िंदगी खराब कैसे होने देता

जयसिंघ कुमार को मनाने गया कि वो सब से बात करेगा पर नेहा को ऐसे छोड़ कर मत जाओ

जयसिंघ अपनी तरफ से पूरी कॉसिश कर रहा था कि नेहा की शादी हो जाए

और कुमार के तो 2 रूप थे , एक अच्छा रूप जो जयसिंघ के सामने था और दूसरा रूप जो अजीत को पता था

कुमार हमेश जयसिंघ के सामने अच्छा रहता था क्यूँ कि जयसिंघ क्या है कितना ज़रूरी है कुमार के लिए ये उसको पता था , इसी लिए कुमार

जयसिंघ के सामने साधु बनकर रहता था

पर उस साधु के पीछे के शैतान को जयसिंघ देख नही पाया

तभी तो शालिनी के थप्पड़ मारने के बाद जयसिंघ ग़लत ना समझ ले इस लिए कुमार ने शालिनी से रखी बँधवा ली

पर इधर नेहा की सुरेश से शादी हो रही थी

पर जब ये जयसिंघ को पता चलेगा तो उसको कैसा लगेगा

अगेर जयसिंघ को पता चला कि नेहा और सुरेश एक दूसरे से प्यार करते है तो जयसिंघ समझेगा कि ये जानबूझ कर किया गया है

पर अभी तो शादी हो रही है

नेहा और नीता कभी एक दूसरे से दूर नही रह सकती

नेहा के बिना जीना नीता ने सीखा ही नही

नेहा के बिना नीता का वजूद ही नही है

नेहा की शादी हो और नीता की ना हो ये कैसे हो सकता है

जहाँ नेहा रहेगी वही नीता रहेगी

अभी इतने दिनो से नीता बड़ी मुश्किल से नेहा के जाने के दर्द को बर्दास्त कर रही थी

पर नेहा की शादी देख कर उसकी तो जान जा रही थी

ऐसे मे नीता ने भी शादी करने का फ़ैसला किया

जतिन तो उसको प्यार करता ही है

और नीता को भी शादी के बाद प्यार हो जाएगा जतिन से

पर बड़ी बात ये है कि सुरेश और जतिन भाई जैसे थे

जतिन तो सुरेश को अपना बड़ा भाई मानता है

ये बात नीता को पता चलते ही उसने कुछ सोच लिया

कुमार के साथ ऐसा नही था , पर जतिन सुरेश को भाई मानता है , नीता को भी नेहा के साथ रहने को मिलेगा

नीता को किसी से तो शादी करनी होंगी और जतिन तो अच्छी जॉब पर है दोनो जीजा जी का छोटा भाई जैसा है , दिखने मे अच्छा है बस

अनाथ है , तो क्या हुआ अब नयी फॅमिली बन जाएगी

और फिर शुरू हुआ नीता का ड्रामा

ऐसा ड्रामा कि सबको उसकी शादी जतिन से करनी ही पड़ी

नीता ने जतिन से बात ली थी और पूछा कि ब्रेसलेट क्यूँ दिया था तो जतिन ने हिम्मत करके हाँ बोल दिया , और अपने प्यार का इज़हार कर दिया

फिर क्या था नीता ने नेहा की शादी रोक दी

शादी होंगी तो नेहा नीता की एक साथ होंगी वरना वो शादी नही होने देगी

पहले ड्रामा हुआ कम था जो नीता भी सुरू हो गयी

पर नीता ने किसी की नही सुनी

सब एक एक करके नीता की तरफ से बोलने लगे

फाइनली फॅमिली वाले गाँव वालो के कहने पे माँ ने भी इजाज़त दे दी

और सुरू हो गयी उनकी भी शादी

नेहा नीता दोनो खुश थे

शालिनी भी नेहा नीता की शादी से खुश थी.

पर नेहा की शादी से शालिनी को यहाँ से जाना होगा. जयसिंघ उसे यहाँ गाँव मे रहने नही देगा.

शालिनी को ये बात पता थी. जयसिंघ को नाराज़ करने का यही मतलब था. की उसका गाँव को अलविदा कहने का समय आ गया है.

नेहा नीता की शादी होते ही वो कल यहाँ से चली जाएगी.

जयसिंघ शालिनी को यहाँ रहने नही देगा. पूजा भी जल्दी चली जाएगी.

ऐसे मे घर मे छोटू माँ और पिताजी रह जाएँगे.

ये कल की बात है. आज तो शालिनी ने अपनी 2 ननंद की शादी करवा दी. और पूजा भी यही चाहती थी

माँ शालिनी को देख कर यही सोच रही होगी कि उन्होने कोई अच्छा काम किया होगा तभी शालिनी जैसी बहू मिली है.

पिताजी ने अपनी बहू की तरफ देख कर शादी को हाँ कहा है.उनको शालिनी से बहुत कुछ पूछना था पर ये समय ठीक नही था.

नेहा नीता की शादी हो गयी.

शालिनी ने अपने गले मे जो 2 मंगलसूत्र था ,एक शादी मे जयसिंघ ने पहनाया था ,और दूसरा खरीदा हुआ था. दूसरा वाला मंगलसूत्र सुरेश को दिया .और सुरेश ने नेहा को पहना दिया.

पूजा ने भी अपना एक मंगलसूत्र निकाल कर जतिन को दिया था .जतिन ने नीता को पहना दिया.

और नेहा की शादी सुरेश से और नीता की शादी जतिन से हो गयी.
 
फ्लॅशबॅक 1008

नेहा और नीता की शादी हो गयी.दोनो ने माँ और पिताजी का आशीर्वाद लिया.

नेहा की शादी होते ही जयसिंघ गुस्से मे मंडप मे आ गया.

जयसिंघ कुमार को शादी के लिए मनाने गया था पर बात नही बनी

कैसे बनती कुमार को पता था कि अगेर दुबारा गाँव मे पैर रखा तो उसकी लाश जाएगी यहाँ से

अगेर नेहा की शादी टूट गयी तो उसके साथ कौन शादी करेगा यही सोच रहा था जयसिंघ

पर मंडप मे वापस आकर जयसिंघ को झटका लगा

नेहा और नीता की शादी देख कर जयसिंघ को बहुत गुस्सा आ रहा था. पर अच्छा भी लगा कि नेहा की शादी हो रही है

जयसिंघ के आते ही नेहा अपने भैया का आशीर्वाद लेने गयी पर जयसिंघ ने उसे इग्नोर किया .और नीता को आशीर्वाद दिया.

और पता नही बाद मे जयसिंघ कहाँ गायब हो गया

नेहा को बुरा लगा पर शालिनी ने उसे समझा दिया कि वो सब ठीक कर देगी.

शादी होते ही मेहमानो को खाना खिलाया गया.

मेहमानो ने नेहा नीता को ढेर सारा प्यार दिया .और अच्छे फ्यूचर के लिए आशीर्वाद दिया.

फिर शाम होते ही सब अपने अपने घर चले गये, मेहमानो के सोने का इंतज़ाम स्कूल मे किया था.

शादी होते ही अब सुहागरात की बारी थी. नेहा के लिए उसका कमरा सजाया गया और नीता के लिए शालिनी का कमरा सजाया गया. शालिनी और पूजा ने दोनो कमरे को अच्छे से सज़ा दिया.

शालिनी अपनी सास के कमरे मे सोने वाली थी. और पिताजी छोटू के साथ हॉल मे, बाकी रिश्तेदार के लिए स्कूल मे इंतज़ाम किया था.

नेहा अपने बिस्तर पर सुरेश का इंतज़ार कर रही थी.सुरेश अपने घर होता तो थोड़ा रुक कर जाता पर यहाँ वो थोड़ी देर रमेश के साथ बाते करके नेहा के पास चला गया.

नेहा अपना चेहरा घूँघट मे छुपा कर बैठी थी. सुरेश नेहा के पास चला गया.

और धीरे से नेहा का घूँघट निकाल दिया.

सुरेश-नेहा तुम पूनम का चाँद दिख रही हो,

नेहा-इतनी भी कुछ अच्छी नही लग रही है.

सुरेश-तुम्हें क्या पता , आसमान का चाँद ज़मीन पर तुम्हारे रूप मे आकर मेरा हो गया है.

नेहा-अच्छा,

सुरेश-हाँ, आज माँ पिताजी यहाँ होते तो कितना अच्छा होता.

नेहा-वो मुझे अपना लेंगे ना

सुरेश-हाँ, उनको तुम्हारे बारे में सब बता दिया है.

नेहा-और कौन है घर मे

सुरेश-वो तुम खुद देख लेना ,मुझे पहले चाँद को प्यार करने दो.

नेहा-मैं कपड़े चेंज करू, ये कुछ भारी है .और डिज़ाइन ज़्यादा है

सुरेश-तुम क्यूँ चेंज करती हो, मैं हूँ ना ,मैं तुम्हारे कपड़े चेंज करके देता हूँ.

नेहा-आप भी ना

और नेहा शर्मा कर सुरेश के गले लग गयी.

सुरेश-चाँद तो मेरी बाहों मे आ गया

नेहा-हमेशा अपनी बाहों मे रखना

और सुरेश ने नेहा की ज्वेलरी निकाल कर टेबल पर रख दिया.

नेहा को बेड पर लिटा दिया और नेहा के गले लग गया.

नेहा अपनी भाभी को सुरेश से मिलाने के लिए थॅंक्स कहने लगी.

सुरेश ने नेहा को पहला किस उसके सर पे किया और नेहा की धड़कने तेज चलनी सुरू हो गयी.

सुरेश ने दूसरा किस नेहा के होंटो पे किया.

नेहा के नरम नरम रेड होंटो से अपने होंठ मिला कर सुरेश के अंदर एक नशा ने इंटर किया ,उस नशा का नाम नेहा था.

नेहा के नरम नरम होंटो को सुरेश बड़े प्यार से चूस रहा था.

नेहा का ये पहला किस था. जिस से वो सुरेश जैसा कॉपी करने लगी.

सुरेश जिस तरह प्यार से नेहा के होंटो को चूस रहा था उस से नेहा को सुरेश को प्यार करना अच्छा लग रहा था.

नेहा अनाड़ी थी पर सुरेश उसे किस भी कर रहा था और सिखा भी रहा था.

नेहा अच्छे स्टूडेंट की तरह अपने गुरु को किस मे रेस्पॉन्स दे कर प्यार के बदले प्यार देने लगी.

सुरेश ने किस करते हुए नेहा के कपड़े निकालना सुरू किया.

नेहा तो किस करने मे इतनी खो गयी की उसको पता नही चला कि उसकी साड़ी और ब्लाउस के हुक निकल चुके है.

ब्लाउस के हुक निकलते ही सुरेश गर्दन पे किस करते हुए नेहा के दूध पर आ गया.

नेहा के दूध की तरह सफेद दूध को देख कर ब्रा से बाहर निकाल कर अपने मूह मे ले लिया.

अपने दूध पर सुरेश की जीभ को महसूस करते ही नेहा पे मस्ती छाने लगी.

सुरेश ने नेहा के टाइट दूध को मसल्ते हुए पर प्यार से चूसना सुरू किया.

सुरेश ने एक दूध को चूस कर उसमे दूध भरना सुरू किया.

सुरेश ने दूसरे दूध को चूसने से पहले उसका ब्लाउज और ब्रा निकाल कर फेक दी

नेहा पे सुसेश के प्यार की मस्ती छाइ हुई थी जिस से उसकी शरम घूमने चली गयी थी.

सुरेश ने फिर से दूध चूसना सुरू किया.

सुरेश के हाथ अपने दूध पर जिस तरह चल रहे थे उस से नेहा की आँख बंद हो रही थी.

सुरेश ने काफ़ी देर तक दूध को चूस कर उनको मसल कर नेहा को अपने प्यार मे डुबाता जा रहा था.

दूध को चूसने के बाद सुरेश नेहा के पैर के पास चला गया.

और नेहा के पेटिकोट को धीरे धीरे उपर करते हुए पैर पे किस करने लगा.

सुरेश धीरे धीरे उपर जाते हुए पैर पे किस करने लगा.

नेहा के बदन नेउसका साथ छोड़ कर सुरेश के इशारों पे नाचना सुरू किया.

सुरेश किस करते हुए उपर जा रहा था और साथ मे पेटिकोट को भी उपर ले जाने लगा.

पेटिकोट को जांघों तक उपर जाने मे ज़्यादा समय नही लगा. पर इस बीच नेहा प्यार की मस्ती मे पूरह तरह से खो गयी.

नेहा की गोरी जाँघो को देखते सुरेश ने जाँघो पर किस करना सुरू किया.

जाँघो पर अपनी जीभ घुमा कर नेहा को हवा मे उड़ाने लगा.

जाँघो पे किस करके सुरेश ने पेटिकोट का नाडा खोल दिया .और नेहा के बदन ने सुरेश को मदद करते हुए पेटिकोट निकाल दिया.

पेटीकोत निकालते ही सुरेश के सामने नेहा रेड पेंटी मे अपनी आँख बंद करके लेटी हुई थी.

नेहा को सिर्फ़ पेंटी मे देख कर सुरेश की आँख पैंटी की तरह सेक्स के नशे मे लाल हो गयी

सुरेश पैंटी के अंदर जो उसका खजाना था जिस पे उसका राज चलने वाला था उसको देखने के लिए सुरेश से इंतज़ार नही हो रहा था.

सुरेश ने अपने मूह को पैंटी के पास ले जाते हुए चूत के रस की स्मेल सुरेश के दिमाग़ मे चली गयी. और सुरेश उसकी स्मेल को सूंघ कर पागल होता जा रहा था.

सुरेश से रहा नही गया और सुरेश ने नेहा की रेड पैंटी निकाल दी. पैंटी निकालने मे कोई परेशानी नही हुई. क्यू की नेहा का बदन सुरेश का हो गया था.

नेहा की चूत सुरेश के सामने आ गयी. नेहा ने शादी के लिए चूत के बाल साफ किए थे.

नेहा की चिकनी चूत देख कर सुरेश के मूह मे पानी आ गया .

नेहा की चूत देख कर ऐसा लग रहा था कि जिसका उसको इंतज़ार था वो उसे मिल रहा था.

नेहा की कुवारि चूत पे अपने नाम का पार्मानॅंट स्टंप लगाने को सुरेश तय्यार था.

सुरेश ने नेहा की चूत पर किस किया .सुरेश के होंठ अपनी चूत पे महसूस करके नेहा के बदन मे ब्लड फास्ट बहने लगा

एक किस से सुरेश रुकने वाला नही था . सुरेश ने चूत पर किस की बारिश कर दी.

नेहा का ये पहला अनुभव था. पहली बार किस करना .पहली बार अपने दूध चूसवाना ,किसी के सामने नंगा होना, अब अपनी चूत चूसवाना

\ ,नेहा ज़्यादा देर इतनी खुशी बर्दास्त नही कर पाएगी.

सुरेश कभी चूत पर किस करता तो कभी अपनी जीभ से चूत को चाट लेता.

फिर सुरेश अपनी जीभ से नेहा की चूत को चाटने लगा. नेहा की चूत के कुवारे पानी के टेस्ट से सुरेश मज़े मे ज़ाने लगा.

सुरेश ने अपनी उंगली से चूत को खोल कर अपनी जीभ को चूत के अंदर डाल दिया और अपनी जीभ से नेहा की चूत मारने लगा.

थोड़ी देर चूत चाटने के बाद नेहा की चूत से पानी निकल गया.

नेहा इतनी मस्त हो गयी कि उसने अपना पानी सुरेश के मूह पे डाल दिया.

अपना पानी निकाल कर नेहा ने अपनी आँख खोल दी.

सुरेश अपने कपड़े निकालने लगा. नेहा सुरेश का शरीर देख कर खुश हो गयी.

सुरेश पूरा नंगा हो गया .और अपने लंड को नेहा के हाथ मे दिया .

नेहा ने अपना हाथ पीछे ले लिया .और सुरेश नेहा के पैरो के बीच मे आ गया

और अपने लंड पे थूक लगा कर लंड को नेहा की चूत पे रख दिया.

लंड को चूत पे टच होते नेहा ने आँख बंद कर दी.

और सुरेश ने लंड पे ज़ोर डाला , इतना ज़ोर डाला कि लंड का टोपा चूत के अंदर चला गया.

सुरेश का टोपा चूत मे जाते ही नेहा को दर्द हुआ. पर उसने सुना था कि पहली बार दर्द होता है.

सुरेश ने नेहा को अपनी बनाने वाला एक जोरदार झटका मार कर लंड अंदर डाल दिया.

नेहा की सील टूट गयी.

नेहा का दर्द से बुरा हाल हो रहा था.

वो चीखना चाहती थी पर पूजा दीदी ने कहा कि चीखना मत ,

दर्द की वजह से नेहा की आँख मे पानी आ गया.

सुरेश ने नेहा के दूध दबाना सुरू किया ,पर इस से कोई फ़ायदा नही हो रहा था.

सुरेश नेहा को बता रहा था कि पहली बार दर्द होता है बाद मे नही होगा.

नेहा सुरेश की बात को समझते हुए अपने दर्द को बर्दास्त करने लगी.

सुरेश ने आख़िरी झटका मार कर पूरा लंड अंदर डाल दिया .और सुरेश पूरी तरह से नेहा के उपर आ कर अपने हाथ दूध पे रख दिया

नेहा को अब ज़्यादा दर्द हो रहा था उसकी चूत से खून निकल रहा था.

पहली बार इतना तो होता ही है. सुरेश नेहा को किस करके उसका दर्द अपने अंदर ले रहा था.

सुरेश के प्यार को याद करके नेहा अपने दर्द को भूल गयी.

नेहा ने सुरेश के लंड को स्वीकार कर लिया.

नेहा की चूत की चाबी सुरेश का लंड बन गया .

चूत और लंड का रिस्ता पक्का होते ही दोनो सेक्स के नशे मे डूब कर चुदाई मज़ा लेने को तय्यार हो गये.

नेहा का दर्द कम होने तक सुरेश ने थोड़ी देर अपने लंड को इसी तरह चूत मे रहने दिया.

नेहा के शांत होते ही सुरेश ने किस करना बंद कर दिया. और लंड को हल्का सा बाहर निकाल कर अंदर डाल दिया.

ऐसा करते ही नेहा के मूह से आहह निकल गयी.

सुरेश ने नेहा को एक और बार किस किया और नेहा के होंठो को आज़ाद कर दिया

फिर सुरेश आधा लंड बाहर निकाल कर अंदर डालने लगा. फिर से आधा लंड बाहर निकाल कर अंदर डाल दिया. फिर पूरा लंड बाहर

निकाल कर अंदर डाल दिया.

ऐसा करने से नेहा की चूत लंड के हिसाब से खुल कर बंद होने लगी.

फिर सुरेश ने धीरे धीरे धक्के मारना सुरू किया.

पूजा ने नेहा को बता दिया था कि उसे सुहागरात मे क्या करना है.

नेहा अपनी दीदी की बाते याद करके सुरेश का साथ देने लगी.

सुरेश के धक्को से नेहा को मज़ा आ रहा था.

इसी तरह धीरे धीरे लंड अंदर बाहर करने से नेहा लंड को अच्छे से फील कर रही थी.

नेहा को अब ज़िंदगी भर इस लंड को अपने अंदर रखना था

लंड को कैसे खुश करना है ये टिप्स पूजा ने नेहा को दे दिए थे.

फिर सुरेश ने लंड को चूत के अंदर रख कर अपनी कमर हिला कर नेहा की चुदाई करने लगा.

सुरेश धक्के मारने की जगह अपनी कमर हिला कर नेहा को प्यार करते हुए चुदाई कर रहा था.

नेहा को इसका पूरा मज़ा आ रहा था.नेहा खुशी मे शीष्कारी ले रही थी.

सुरेश ने बीच मे हल्के हल्के धक्के लगाना सुरू किया.पूरे धक्के सुरेश धीरे धीरे लगाने लगा.

आज प्यारी वाली चुदाई कल से धक्को के साथ चुदाई करेगा.

नेहा ने सुरेश के धक्को से पानी निकाल दिया था फिर भी सुरेश नेहा की चुदाई करता गया.

पानी निकालने से सुरेश के धक्के मारते नेहा ज़ोर से धक्का मारने को कहती.

पूजा दीदी ने जो कहा था. नेहा का रेस्पॉन्स मिलते ही सुरेश नेहा की चूत मे धक्के मारने लगा.

इसी तरह प्यार से भरपूर चुदाई करने के बाद सुरेश ने अपना वीर्य पहली बार नेहा की चूत मे डाल दिया.

नेहा सुरेश का गरम गरम वीर्य अपनी चूत मे महसूस करके अपना पानी छोड़ कर सुरेश के लंड को नहला दिया.

सुरेश अपना वीर्य नेहा की चूत मे डाल कर नेहा के उपर गिर गया.

दोनो एक दूसरे से ऐसा चिपक गया जैसे दोनो एक ही हो

थोड़ी देर बाद सुरेश नेहा के उपर से अलग हुआ .

सुरेश का ऐसा प्यार देख कर नेहा के आँख मे खुशी के आसू आ गये.

नेहा ने सुरेश को गले लगा लिया.

और दोनो ऐसे एक दूरसे के गले लग कर सो गये.
 
फ्लश बॅक 1009

नीता अपने कमरे मे जतिन का इंतज़ार कर रही थी.

जतिन इस अचानक हुई शादी से खुद को मेंटली प्रिपेर कर रहा था. रमेश ने जतिन को समझा कर नीता के पास भेज दिया.

जतिन कमरे मे आते ही नीता जो बेड पर लेटी हुई ती उठ कर बैठ गयी.

नीता-कितनी देर कर दी, कब से तुम्हारा इंतज़ार कर रही हूँ,

जतिन-सॉरी वो रमेश ने रोक लिया था.

नीता-पहला दिन है इस लिए माफ़ कर रही हूँ ,

जतिन नीता के इस तरह बात करने से थोड़ा डर गया.

नीता-अब खड़े क्यूँ हो मेरे पास बैठो

जतिन-मैं तुम्हारा पति हूँ ,कोई अपने पति से ऐसे बात करता है.

नीता-मैं सोच रही थी हम फ्रेंड की तरह रहेंगे.

और नीता ने अपना सर नीचे कर लिया.जैसे अब रोने वाली हो

जतिन-पहले क्यूँ नही बताया, सॉरी देखो मैं अपने कान पकड़ रहा हूँ, तुम जैसा कहोगी वैसे हम रहेंगे

नीता-पक्का

जतिन-तुम्हारी कसम

नीता-बेटे का नाम राजेश रखोगे.

जतिन-क्या?

नीता-मुझे राजेश खन्ना बहुत पसंद है.

जतिन-जैसा तुम चाहोगी वैसा ही होगा.

नीता-मुझ पे कभी गुस्सा नही करोगे.

जतिन-कभी भी नही करूँगा. तुम्हारे सिवा मेरा है ही कौन

नीता-चलो अब सो जाते है ,मैं थक गयी हूँ.

जतिन-हमारी आज सुहागरात है

नीता-मैं इसके लिए अभी तय्यार नही हूँ, तुम समझ रहे हो ना.

जतिन-समझ सकता हूँ, तुम जब कहोगी तब सुहागरात मनाएँगे.

और जतिन ने नीता के सर पे किस किया और बेड पर लेट गया.

नीता ने अपनी ज्वेलरी निकाल ली .और साड़ी को निकाल कर ऐसे ही जतिन के बाजू मे लेट गयी.

नीता-तुम गुस्सा तो नही हो ना.

जतिन-नही ,इस अचानक हुए शादी से मैं भी खुद को कुछ टाइम देना चाहता हूँ

नीता-तुम बहुत अच्छे हो, क्या मैं तुम्हारे उपर पैर रख कर सो सकती हूँ.वो क्या है ना इसकी मुझे आदत है

जतिन-तुम्हें पूछने की ज़रूरत नही है, तुम मेरी पत्नी हो ,मुझ पे तुम्हारा पूरा हक है.

नीता ने जातीं के उपर के एक पैर रख दिया और जतिन के करीब आ गयी

नीता-जतिन , पहली बार कितना दर्द होता है

जतिन-मैं कैसे बता सकता हूँ ,मैं ने आजतक किसी लड़की से बात नही की ,तुम पहली लड़की हो जो मुझे अच्छी लगी हो.

नीता-पता करे,

जतिन-तुम ने टाइम माँगा था ना

नीता-वो मैं देख रही थी कि तुम मेरी बात मानते हो कि नही.

और नीता जतिन के उपर आ गयी.और जतिन के गले लग गयी.

नीता-जतिन मुझे प्यार करो ना,

जतिन इसी इंतज़ार मे था ,नीता की मर्ज़ी के बिना वो कुछ करना नही चाहता था. अब नीता के हाँ करते जतिन अपनी पत्नी को प्यार करने लगा.

जतिन ने नीता को नीचे और खुद उसके उपर आ गया.

जतिन-नीता मैं ने जैसे मूवी मे देखा है वैसा करूँगा. अगर कुछ बुरा लगे तो रोक देना

नीता ने सिर्फ़ हाँ मे गर्दन घुमा दी.

जतिन ने नीता के होंटो पे अपने होंठ मिला दिए.

जतिन जैसे करीब आ रहा था वैसे नीता अपनी आँख बंद कर रही थी.

जतिन और नीता दोनो का ये पहला किस था .दोनो अपने पहले किस मे छुपे हुए प्यार को फील करने लगे.

जतिन ने नीता को खुश रखने का प्रॉमिस किया था. ऐसे मे जिस तरह जतिन नीता को किस कर रहा था उस से नीता तन मन से खुश हो गयी.

उसे जतिन से शादी करके कोई ग़लती नही की ये जतिन के किस करने से पता चल रहा था.

जतिन ने कोई जल्द बाज़ी नही और नीता के गुलाबी होंटो का रस पीना सुरू किया.

नीता पहले तो जतिन के किस को फील करने लगी. और बाद मे जतिन के प्यार मे खो कर जतिन का साथ देने लगी.

नीता के किस मे साथ मिलते ही जतिन मस्ती मे आकर नीता के नशीले होंटो का रस पान करने लगा.

जतिन ने प्यार से नीता के होंटो का रस धीरे धीरे पूरा पी लिया.

नीता भी जतिन को अपने होंटो का रस पिला कर अपने पत्नी होने का फ़र्ज़ पूरा कर रही थी.

किस करने के बाद दोनो एक दूसरे की तरफ देख लंबी लंबी सासे ले रहे थे.

दोनो के धड़कने तेज चल रही थी.

जतिन ने अपनी शर्ट निकाल दी .और नीता के तरफ देखने लगा.

नीता ने जतिन को धक्का दे कर अपने उपर से हटा दिया .और ब्लाउस निकाल कर जतिन की तरफ देखने लगी.

जतिन नीता के ऐसा करने से जोश मे आ गया , बनियान और ब्रा ज़मीन पर गिर गयी.

नीता के दूध देखते जतिन उस पे टूट पड़ा, नीता ने भी जतिन पे हमला बोल दिया

दोनो एक दूसरे के बदन पर हाथ घुमा कर किस करने लगे.

कोई नीता का ये रूप देखता तो यकीन नही करता की ये हमारी नीता है.

दोनो फुल मूड मे आ चुके थे .नीता आज अपना बच्पना पीछे रख कर औरत बनने को तय्यार हो चुकी थी.

जतिन नीता को मायूस करने के मूड मे नही था ,वो दूध को मसल रहा था पर बड़े प्यार से.

नीता के बदन के साथ खेल रहा था बिना नीता को दर्द दिए.

नीता के मीठे मीठे दूध को चूस रहा था बिना उनको काटे

जतिन के दूध चूसने से नीता मदहोश होकर जतिन के बालो मे हाथ घूमने लगी.

जतिन ने नीता को पूरी तरह से अपने प्यार मे डूबा दिया था.

जतिन ने जी भर के नीता के दूध को चूस लिया.

फिर जतिन खड़ा होकर अपनी पैंट निकालने लगा.नीता भी खड़ी होकर अपना पेटिकोट निकालने लगी.

हमारी नीता को शरम किसे कहते है ये पता नही था

पूजा दीदी ने कहा था कि जतिन जैसा करे वैसा करना. और नीता वैसे ही कर रही थी.

नीता आज खुद अपने कपड़े निकाल रही थी ,पर क्या पता आगे जाकर शरम के बारे में पता चलते क्या होगा.

जतिन ने अंडरवेर निकालने कर वापस पहन ली ,नीता ने भी वैसा ही किया.

जतिन-तुम ये क्या कर रही हो

नीता-दीदी ने कहा था कि जतिन जैसा करे वैसा करना, मैं वही कर रही हूँ.

जतिन को नीता की बात सुनकर उस पर प्यार आ गया.

जतिन ने नीता को बेड पर लिटा दिया और नीता की पैंटी धीरे से निकाल दी.

जतिन के पैंटी निकालने से नीता को अपने नंगेपन का अहसास हुआ ,वो गुस्से से जतिन की तरफ देखने लगी.

जतिन ने जल्दी अपनी अंडरवेर निकाल दी ,जिस से नीता खुश हुई.

जतिन-तुम्हें शरम नही आ रही ,मेरे सामने बिना कपड़ो के होने के बाद

नीता-दीदी ने कहा कि

जतिन-समझ गया ,तुम्हारे ऐसे भोलेपन पे दिल आ गया.

जतिन ने नीता के टाँगो को फैला दिया और नीता की गुलाबी चिकनी चूत को देखने लगा.

नीता-ऐसे मत देखो ,वरना मैं कपड़े पहन लूँगी. दीदी ने कहा कि आज बिना कपड़ो के सोना ,तुम ऐसे देखोगे तो मैं कपड़े पहन लूँगी.

जतिन ने अपने कान पकड़ कर माफी माँग ली .नीता की चूत को चूसने को तय्यार हो गया.

नीता-(दीदी का नाम काम आ गया.)

और जतिन पहली बार नीता की चूत चूसने वाला था.

जतिन ने नीता के जाँघो को फैला दिया और पिल्लो को नीता की गंद के नीचे रख दिया.

पिल्लो रखने से नीता की चूत और गंद जतिन के सामने आ गये .

जतिन ने बिना देर किए अपनी जीभ से नीता की चूत को चाटने लगा.

जतिन के ऐसा करते ही नीता को गुदगुदी होने लगी. नीता ने अपनी हसी कंट्रोल करते हुए जतिन को उसका काम करने दिया.

नीता को पता था कि जतिन क्या करने वाला है ,नीता अपने भोलेपन का बखूबी फ़ायदा उठा लेती थी.

जतिन की जीब से नीता की आँख अपने आप बंद हुई और जब वापस खुली तो खुद को जतिन के साथ जन्नत मे पाया.

जतिन ने चूत पे किस करके नीता को जन्नत से वापस लाया .

फिर से जतिन ने नीता की चूत को चूस कर उसे जन्नत भेज दिया.

ये खेल खेलने मे दोनो को बड़ा मज़ा आ रहा था

जतिन आराम से नीता की मस्त कुवारि चिकनी चूत को चाट ने लगा.

नीता मस्ती मे आकर शीष्कारियाँ लेने लगी .

नीता कब से अपने साथी के इंतज़ार मे थी. जतिन को देखते ही उसने बिना वक्त गवाए शादी कर ली.

जतिन जिस तरह नीता की चूत चूस रहा था ,उस से नीता के हाथ अपने आप जतिन के सर पर चले गये.जतिन के बालो को सहलाते हुए मस्ती मे खोती जाने लगी

नीता का पहला अनुभव था जिस से वो जतिन के जीभ को ज़्यादा देर बर्दास्त नही कर पाई.

नीता की चूत का कुँवारा पानी जतिन ने अपनी जीभ से चाट लिया. जतिन नीता का पानी पीकर खुद को किस्मतवाला समझने लगा.

नीता के पानी को जतिन ने बड़े चाव से पूरा का पूरा चाट लिया.नीता को जतिन का ऐसा करना अच्छा लगा.

नीता ने अपनी चूत पे हाथ रख कर जतिन की तरफ देखा.

जतिन अपनी जीभ से गालो पे लगा हुआ पानी चाट रहा था. नीता अपने पति को ऐसा करते हुए देख कर शरमा गयी पर उसने खुद पे काबू

रखा.

जतिन ने नीता की तरफ देखा तो नीता ने चूत से अपना हाथ हटा दिया.

जतिन देर ना करते हुए नीता के उपर आ गया और लंड पर थूक लगा कर अपना लंड नीता की चूत पर सेट किया.

नीता ने अपनी आँख बंद की ,जतिन ने नीता के होंटो पे एक किस किया और एक झटका मारा और लंड का टोपा नीता की चूत मे डाल दिया.

नीता अपनी आँख खोल कर जतिन को ये दिखाना नही चाहती थी कि उसको दर्द हो रहा है.

जतिन ने फिर से नीता के होंटो पे किस करके नीता की सील तोड़ने वाला झटका मारा.

और नीता जतिन की हो गयी.

सील टूट ते ही नीता की आँखो से पानी आ गया.

नीता ने अपने होंटो को कस के दबाए रखा ,और जतिन की पीठ मे अपने नाख़ून घुसा दिए.

नीता को रोता हुआ देख कर जतिन की आँख से पानी आ गया .जतिन के आसू नीता के चेहरे पे पड़ते ही नीता ने अपनी आँख खोली.

जतिन-दर्द हो रहा है

नीता-नही

जतिन-झूठ मत बोलो

नीता-तुम रोना बंद करो,

जतिन-तुम्हारी आँख मे पानी देख कर मेरी आँखो मे पानी आ गया.

जतिन की बात सुनकर नीता ने जतिन को कस्के गले लगा लिया जिस से जतिन का लंड पूरा अंदर चला गया .

और नीता ने खुद जतिन को किस करना सुरू किया

नीता के ऐसा करने से जतिन को बचपन से जिस प्यार की ज़रूरत थी वो नीता के रूप मे मिल गया.

जतिन ने नीता को किस करना सुरू किया ,नीता अपने दर्द को कंट्रोल करते हुए जतिन को प्यार करने लगी.

जतिन ने नीता मे जो देखा था वो उसे मिल गया .नीता उसकी अधूरी दुनिया को पूरी करेगी. नीता उसको कभी प्यार की कमी महसूस नही होने देगी.

दोनो किस करने मे पूरी तरह से खो गये. उनकी आँखो से आसू निकलना बंद हुए.

दोनो ने एक दूसरे के दर्द को शेयर करके अपने प्यार की शुरुआत कर दी.

जतिन नीता के साथ प्यार से भरपूर ऐसी फॅमिली बसाने के सपने देखने लगा.

नीता का दर्द जतिन ने पी लिया और धीरे धीरे नीता की चुदाई करने लगा.

जतिन धीरे धीरे अपना लंड अंदर बाहर कर रहा था जिस से नीता को ज़्यादा दर्द ना हो

जतिन उसको कभी दर्द नही देगा ये नीता को पता था इसी लिए नीता ने खुद जतिन का हॉंसला बढ़ा रही थी.

जतिन ने अपनी कमर धीरे धीरे हिला कर नीता को प्यार करना सुरू किया.

जतिन के प्यार मे नीता पूरी मदहोश हो गयी. और मस्ती मे शीष्कारिया लेने लगी ताकि जतिन को उसके दर्द का पता ना चले

नीता की शीष्कारी सुन कर जतिन ने अपनी गति बढ़ा कर अपना लंड नीता की चूत मे आगे पीछे करने लगा.

नीता की चूत को जतिन का लंड बहुत पसंद आया जिस से नीता की चूत ने अपना पानी छोड़ कर लंड का राजभिषेक किया.

नीता का पानी निकलने के बाद भी जतिन ने आराम से चुदाई करना चालू रखा.

नीता जतिन को ज़ोर से धक्के मारने को कहने लगी.

जतिन ने नीता की बात मान ने का प्रॉमिस किया था. जतिन ज़ोर से धक्के मारने लगा.

जतिन ज़ोर से धक्के मारने से खुश था ये देख कर नीता ने शीष्कारी लेते हुए जतिन का जोश बढ़ाना सुरू किया.

नीता मज़े मे आह आह करने लगी. पूरे कमरे मे नीता की सुहागरात की चुदाई से ठप ठप की आवाज़ गूंजने लगी.

नीता को जतिन के धक्को से बेहोत मज़ा आ रहा था.

नीता ने जैसे जीवन साथी की कल्पना की उसे जतिन मे वो सब दिख रहा था.

जतिन को भी नीता से जो उम्मीद थी वो पूरी हो गयी.

और जतिन लगातार नीता की चुदाई करता गया.

नीता शीष्कारी लेते हुए जतिन की चुदाई की तारीफ कर रही थी.

नीता ने एक और बार पानी निकाल दिया .और जतिन भी अपना वीर्य निकालने वाला था.

और जतिन ने आख़िरी धक्के के साथ अपना वीर्य नीता की चूत मे डाल दिया.

नीता ने अपने पति का प्यार अपने अंदर खुशी खुशी स्वीकार किया

जतिन अपना वीर्य नीता की चूत मे डाल कर उसके उपर गिर गया.

नीता ने जतिन को अपने गले लगा कर वीर्य को चूत के अंदर तक ले लिया.
 
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