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फ्लॅशबॅक 1057
छोटी चाची 4
नेहा ने पिताजी की बात मान ली
नेहा बड़ी मुश्किल से अवी के सामने आ गयी
नेहा ने जैसे अवी की हालत देखी उसकी आँखो से आसू आ गये
पिताजी जो कह रहे थे वो सच था ,शालिनी भाभी को कैसा लग रहा होगा अवी की हालत देख कर
नेहा को खुद पे बहुत गुस्सा आया
और नेहा ने कसम ली कि वो अवी को ठीक करके शालिनी भाभी की आत्मा को सुकून पहुँचा देगी
नेहा भी सुमन के साथ मिलके अवी का ख़याल रखने लगी
अवी को कुछ आयुर्वैदिक मेडिसिन स्टार्ट की थी
कुछ आयुरवैदिक तेल से अवी की मालिश सुरू कर दी सुमन और नेहा ने
नेहा तो जैसे कोमल और कविता को भूल ही गयी उसे सिर्फ़ अवी दिखाई देने लगा
नेहा का साथ मिलने से सुमन का विश्वास पक्का हो गया
सुमन आयुर्वैदिक के साथ पूजा पाठ भी कर रही थी
रोज सुबह उठ कर मंदिर जाकर अवी के लिए पूजा करती
अवी के पास दोनो मे से कोई ना कोई एक ज़रूर रहता
जैसे नेहा और सुमन ने डिसाइड किया हो कि कब कौन अवी का ख़याल रखेगी
सुमन और नेहा का प्यार देख कर पिताजी अवी के अच्छे होने का इंतज़ार कर रही थी
सीमा मीना नीता पूजा दोनो की मदद करती
सुमन और नेहा जो बोलती वो सब बाकी सब करते
पिताजी सबको साथ देख कर खुश थे
शालिनी और जयसिंघ के बेटे ने बिना कुछ किए सबको साथ लाया है अगर वो ठीक हो गया तो अवी सबको प्यार से बाँध कर रहेगा
कविता कोमल भी अब नीता के घर खेलने की जगह अपने दादाजी के पास आकर खेलती
सुबह का सूरज निकलते ही सब अवी के पास आ जाती
नेहा अपने भैया की नफ़रत को भूलती जा रही थी
नीता ने भी अब कोमल को तंग करना बंद कर दिया पर इस से कोमल खुश नही हुई , कोमल को अंदर ही अंदर अच्छा लगता
सब इसी का इंतज़ार था कि अवी कब ठीक होता है
उधर छोटू ने खेत का काम अच्छे से संभाल लिया था
छोटू फिर भी इस सोच मे डूबा रहता कि मीना को भी बच्चा नही हुआ
पर सुमन सीमा और मीना तो जैसे अवी को अपना बेटा मान लिया था
वो तीनो इसी मे खुश थी
पर छोटू मीना से बच्चा ना मिलने से 4 शादी करने का सोच रहा था , पर जब से अवी इस घर मे आ गया उसने 4 शादी के बारे में सोचा तो
नही पर बच्चे की उम्मीद अभी तक छोड़ी नही थी
पिताजी को उनका पोता मिलते ही छोटू ने बच्चे की उम्मीद छोड़ दी
छोटू ने पिताजी के लिए तीसरी शादी की थी
पिताजी इस बारे में छोटू को कुछ नही कहते थे
पिताजी ये नही चाहते थे कि अब किसी वजह से कुछ प्राब्लम आ जाए इस घर मे
कुछ सालो मे बहुत कुछ झेला है सब ने
छोटू की माँ , जयसिंघ और शालिनी जैसे तीन झटके काफ़ी थे सबके लिए
अगर अब एक और झटका मिला तो नेहा का प्यार पर से विश्वास उठ जाएगा
कितनी मुश्किल से नेहा ने खुद को संभाला है
ऐसे मे एक ग़लत कदम नेहा को वापस पहली वाली नेहा बना सकती है , जो सिर्फ़ नफ़रत करने पे विश्वास रखती थी
छोटू ने 6 महीने मे खेतो मे जो काम किया उसका रिज़ल्ट आ गया था
हर साल के मुक़ाबले इस साल ज़्यादा फसले निकली थी
पिताजी फिर हिसाब देख कर खुश हुए
उनको विश्वास नही हो रहा था कि छोटू ने ये कैसे किया ,
पिताजी ने कितनी मेहनत की पर इतना प्रॉफिट कभी नही हुआ
पर छोटू ने 6 महीने मे 1 साल का प्रॉफिट जितनी कमाई की
पिताजी तो ये देख कर सोचने लगे कि छोटू को घर की ज़िम्मेदारी सोन्पी जा सकती है
पिताजी ने छोटू को कभी इस काबिल नही समझा था कि वो इतनी बड़ी ज़िम्मेदारी उठा सकता है
पर खेतो मे जो मेहनत की उसकी सफलता देख कर पिताजी छोटू से बात करने लगे
पिताजी- छोटू
छोटू- जी पिताजी
पिताजी- मेरे पास आकर बैठो
छोटू पिताजी के पास बैठ गया
पिताजी- कल मैं ने हिसाब किताब देखा है ,
छोटू- आप खुश हो मेरे काम से
पिताजी- खुश नही बहुत खुश हूँ , तूने तो कमाल कर दिया , मुझसे आगे निकल गया तू तो
छोटू- मैं ने पूरी मेहनत की ताकि आप खुश कर सकूँ
पिताजी- तेरे काम से तेरी लगन से मैं खुश हूँ , ऐसे काम किया कर ,
छोटू- जी पिताजी
पिताजी- मुझे पता ही नही था कि मेरा बेटा इतनी मेहनत कर सकता है
छोटू- आपका आशीर्वाद के बिना नही कर पाता
पिताजी- वैसे दीवान जी ने कहा कि तूने नॅचुरल फर्टैज़र की जगह मार्केट से दूसरा फेर्तिलाइजर ईस्तमाल किया
छोटू- हाँ , मैं ने सुना था कि मार्केट वाले फेर्तिलाइजर से फसले अच्छी बनती है
पिताजी- अच्छा सोचा तूने , तेरी मेहनत दिख रही है
छोटू- वैसे पिताजी इस कामयाबी का मैं अकेला हकदार नही हूँ
पिताजी- क्या मतलब
छोटू- मेहनत मेरी थी और दिमाग़ किसी और का था
पिताजी- मतलब तेरा आइडिया नही था मार्केट से फेर्तिलाइजर लेने का
छोटू- वो मीना ने कहा था कि मार्केट के फेर्तिलाइजर से ज़्यादा प्रॉफिट होगा
पिताजी- मीना ने , अपनी बहू ने कहा
छोटू- हाँ ,, वो बोल रही थी कि उसके गाँव मे एक बार कुछ लोग आए थे , सरकार की तरफ से , जो ज़मीन को टेस्ट कर रहे थे और बता रहे थे कि ज़मीन मे क्या कमी है , और फसले बढ़ाने के लिए क्या ज़रूरी है , वही बात मीना ने मुझे बताई और , कहा कि उसपे विश्वास रख कर
एक बार करके देख लो
पिताजी- मीना ने अच्छा सोचा
छोटू- हाँ , और आपने ही कहा था अपनी पत्नी पे विश्वास करना सीखो तो मीना ने विश्वास रखा और रिज़ल्ट आपके सामने है
पिताजी- मीना से बात करनी होंगी , पर तेरी मेहनत के बिना ये नही होता
छोटी चाची 4
नेहा ने पिताजी की बात मान ली
नेहा बड़ी मुश्किल से अवी के सामने आ गयी
नेहा ने जैसे अवी की हालत देखी उसकी आँखो से आसू आ गये
पिताजी जो कह रहे थे वो सच था ,शालिनी भाभी को कैसा लग रहा होगा अवी की हालत देख कर
नेहा को खुद पे बहुत गुस्सा आया
और नेहा ने कसम ली कि वो अवी को ठीक करके शालिनी भाभी की आत्मा को सुकून पहुँचा देगी
नेहा भी सुमन के साथ मिलके अवी का ख़याल रखने लगी
अवी को कुछ आयुर्वैदिक मेडिसिन स्टार्ट की थी
कुछ आयुरवैदिक तेल से अवी की मालिश सुरू कर दी सुमन और नेहा ने
नेहा तो जैसे कोमल और कविता को भूल ही गयी उसे सिर्फ़ अवी दिखाई देने लगा
नेहा का साथ मिलने से सुमन का विश्वास पक्का हो गया
सुमन आयुर्वैदिक के साथ पूजा पाठ भी कर रही थी
रोज सुबह उठ कर मंदिर जाकर अवी के लिए पूजा करती
अवी के पास दोनो मे से कोई ना कोई एक ज़रूर रहता
जैसे नेहा और सुमन ने डिसाइड किया हो कि कब कौन अवी का ख़याल रखेगी
सुमन और नेहा का प्यार देख कर पिताजी अवी के अच्छे होने का इंतज़ार कर रही थी
सीमा मीना नीता पूजा दोनो की मदद करती
सुमन और नेहा जो बोलती वो सब बाकी सब करते
पिताजी सबको साथ देख कर खुश थे
शालिनी और जयसिंघ के बेटे ने बिना कुछ किए सबको साथ लाया है अगर वो ठीक हो गया तो अवी सबको प्यार से बाँध कर रहेगा
कविता कोमल भी अब नीता के घर खेलने की जगह अपने दादाजी के पास आकर खेलती
सुबह का सूरज निकलते ही सब अवी के पास आ जाती
नेहा अपने भैया की नफ़रत को भूलती जा रही थी
नीता ने भी अब कोमल को तंग करना बंद कर दिया पर इस से कोमल खुश नही हुई , कोमल को अंदर ही अंदर अच्छा लगता
सब इसी का इंतज़ार था कि अवी कब ठीक होता है
उधर छोटू ने खेत का काम अच्छे से संभाल लिया था
छोटू फिर भी इस सोच मे डूबा रहता कि मीना को भी बच्चा नही हुआ
पर सुमन सीमा और मीना तो जैसे अवी को अपना बेटा मान लिया था
वो तीनो इसी मे खुश थी
पर छोटू मीना से बच्चा ना मिलने से 4 शादी करने का सोच रहा था , पर जब से अवी इस घर मे आ गया उसने 4 शादी के बारे में सोचा तो
नही पर बच्चे की उम्मीद अभी तक छोड़ी नही थी
पिताजी को उनका पोता मिलते ही छोटू ने बच्चे की उम्मीद छोड़ दी
छोटू ने पिताजी के लिए तीसरी शादी की थी
पिताजी इस बारे में छोटू को कुछ नही कहते थे
पिताजी ये नही चाहते थे कि अब किसी वजह से कुछ प्राब्लम आ जाए इस घर मे
कुछ सालो मे बहुत कुछ झेला है सब ने
छोटू की माँ , जयसिंघ और शालिनी जैसे तीन झटके काफ़ी थे सबके लिए
अगर अब एक और झटका मिला तो नेहा का प्यार पर से विश्वास उठ जाएगा
कितनी मुश्किल से नेहा ने खुद को संभाला है
ऐसे मे एक ग़लत कदम नेहा को वापस पहली वाली नेहा बना सकती है , जो सिर्फ़ नफ़रत करने पे विश्वास रखती थी
छोटू ने 6 महीने मे खेतो मे जो काम किया उसका रिज़ल्ट आ गया था
हर साल के मुक़ाबले इस साल ज़्यादा फसले निकली थी
पिताजी फिर हिसाब देख कर खुश हुए
उनको विश्वास नही हो रहा था कि छोटू ने ये कैसे किया ,
पिताजी ने कितनी मेहनत की पर इतना प्रॉफिट कभी नही हुआ
पर छोटू ने 6 महीने मे 1 साल का प्रॉफिट जितनी कमाई की
पिताजी तो ये देख कर सोचने लगे कि छोटू को घर की ज़िम्मेदारी सोन्पी जा सकती है
पिताजी ने छोटू को कभी इस काबिल नही समझा था कि वो इतनी बड़ी ज़िम्मेदारी उठा सकता है
पर खेतो मे जो मेहनत की उसकी सफलता देख कर पिताजी छोटू से बात करने लगे
पिताजी- छोटू
छोटू- जी पिताजी
पिताजी- मेरे पास आकर बैठो
छोटू पिताजी के पास बैठ गया
पिताजी- कल मैं ने हिसाब किताब देखा है ,
छोटू- आप खुश हो मेरे काम से
पिताजी- खुश नही बहुत खुश हूँ , तूने तो कमाल कर दिया , मुझसे आगे निकल गया तू तो
छोटू- मैं ने पूरी मेहनत की ताकि आप खुश कर सकूँ
पिताजी- तेरे काम से तेरी लगन से मैं खुश हूँ , ऐसे काम किया कर ,
छोटू- जी पिताजी
पिताजी- मुझे पता ही नही था कि मेरा बेटा इतनी मेहनत कर सकता है
छोटू- आपका आशीर्वाद के बिना नही कर पाता
पिताजी- वैसे दीवान जी ने कहा कि तूने नॅचुरल फर्टैज़र की जगह मार्केट से दूसरा फेर्तिलाइजर ईस्तमाल किया
छोटू- हाँ , मैं ने सुना था कि मार्केट वाले फेर्तिलाइजर से फसले अच्छी बनती है
पिताजी- अच्छा सोचा तूने , तेरी मेहनत दिख रही है
छोटू- वैसे पिताजी इस कामयाबी का मैं अकेला हकदार नही हूँ
पिताजी- क्या मतलब
छोटू- मेहनत मेरी थी और दिमाग़ किसी और का था
पिताजी- मतलब तेरा आइडिया नही था मार्केट से फेर्तिलाइजर लेने का
छोटू- वो मीना ने कहा था कि मार्केट के फेर्तिलाइजर से ज़्यादा प्रॉफिट होगा
पिताजी- मीना ने , अपनी बहू ने कहा
छोटू- हाँ ,, वो बोल रही थी कि उसके गाँव मे एक बार कुछ लोग आए थे , सरकार की तरफ से , जो ज़मीन को टेस्ट कर रहे थे और बता रहे थे कि ज़मीन मे क्या कमी है , और फसले बढ़ाने के लिए क्या ज़रूरी है , वही बात मीना ने मुझे बताई और , कहा कि उसपे विश्वास रख कर
एक बार करके देख लो
पिताजी- मीना ने अच्छा सोचा
छोटू- हाँ , और आपने ही कहा था अपनी पत्नी पे विश्वास करना सीखो तो मीना ने विश्वास रखा और रिज़ल्ट आपके सामने है
पिताजी- मीना से बात करनी होंगी , पर तेरी मेहनत के बिना ये नही होता