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लाइफ हो तो ऐसी complete

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रजत और रोहित देखते हे कोमल नंगी लेट कर अपनी बुर में उंगली कर रही हे और पास में बैठ कर ख़ुशी कोमल की चुचिओ को दबा रही हे .

खुशी-“आंटी आप अंकल से खुश नहीं हो क्या”?

कमल-“बेटी वो मंथ में एक या दो बार करते हे” .

खुशी –“आप हमेशा उंगली ही करती हो की किसी और के साथ भी किया हे”?

कमल-“क्या बात कर रही हे ऐसा कुछ नहीं करती में” .

रजत एक बार तो डर गया कही कोमल उसके रिस्ते के बारे में ख़ुशी को न बता दे .खुशी को एक परछाई नज़र आती है .खुशी घबरा जाती हे .कोमल को बोलती हे की “कोई बाहर हे” .कोमल जैसे ही डोर के पास जाती हे एक दम चौक जाती हे .रोहित और रजत दोनों उसके नंगे बदन को देख रहे थे .कोमल शर्मा के अन्दर चलि जाती हे रजत और रहित एक दूसरे को देखते हे .

रोहित-“यार ये सब हमे नहीं देखना चाहिए था”

रजत-“यही मोका हे चुदाई का फिर कभी नहीं मिलेगा सोच ले” .

रोहित-“पर यार क्या मानेंगी माँ और खुशी”?.

रजत –“उसकी फिकर छोड़ और अन्दर चलते हे और टूट पड़ते हे” .

रोहित की आँखों में चमक आ जाती हे .दोनो रूम में घुसते हे .खुशी और कोमल कपडे पहन चुकी थी और एक साइड में बैठी थी .

रोहित-“माँ डरने की जरुरत नहीं हे” .

कोमल-“बेटा तुम अन्दर कैसे आये”?

रजत-“डोर खुला था तो आ गए”.

कोमल ख़ुशी की तरफ देखति हे ख़ुशी जल्दी में डोर बंद करना भूल जाती हे .

रजत ख़ुशी के पास जा कर बैठ जाता हे .रोहित कोमल के पास बैठ कर उसकी जांघो को सहलाता हे .रजत ख़ुशी की गांड को सहलाता हे .

कोमल-“बेटा ये आप दोनों क्या कर रहे हो” .

रजत-“आंटी जो आप कर रही थी”.

रोहित-“माँ मेरा भी दिल करता हे, पर कोई देती नही”.

कोमल –“बेटा ये गलत हे आप जाओ यहाँ से” .

रजत कोमल को आँख मारते हुए .”ऑन्टी पता किसी को चलेगा तो गलत हे, “वो सामने वाला पडोसी रोज अपनी बहन चोदता हे किसी को पता हे” .

रोहित अपनी माँ की चुचिओ को दबाने लगता हे .रजत भी ख़ुशी को चूमने लगता हे .खुशी रजत के होठों को चुस्ती हे रजत उसके मुह में जीभ देता हे ख़ुशी काफी देर चुस्ती रहती हे .रोहित अपनी माँ के होठ चुसते चुसते जोर जोर से चुचिआ दबाने लगता हे .

कोमल –“उउउउम्मम्मा बेटा धीरे से दबाओ”.

रजत ख़ुशी के कपडे उतारने लगता हे .रोहित भी अपनी माँ को नंगा कर देता है

रजत ख़ुशी को लिटा कर उसकी बुर चाटने लगता हे .रोहित कोमल को लंड चुसने को बोलता हे कोमल मना कर देती हे .रोहित को बहुत गुसा आता हे वो कोमल के बाल पकड़ कर लंड कोमल के मुह पर रगडता हे .कोमल बाल छुडाने की कोशिश करती हे पर नहीं छुडा पाति हार कर रोहित का लंड मुह में लेती हे . रजत ख़ुशी की बुर चाटते हुए निप्पल को खीचता हे ख़ुशी की सिसकिया नकलती हे .रोहित भी कोमल के मुह में जोर से लंड पेल देता हे .जो कोमल के गले के अन्दर जा टकराता हे .

रजत ख़ुशी के ऊपर 69 कि पोजिशन में लेट जाता हे ख़ुशी समझ जाती हे रजत क्या चाहता हे .इधर रोहित भी अपनी माँ की बुर में उंगलिया पेलता हे .रजत कोमल की तरफ देख कर मुस्कराता हे .रोहित बोलता हे “यार में माँ की गांड ही मारूँगा” .रजत पूछता हे “क्यु”?.रोहित बोलता हे “यार जिस जगह से निकला हूँ वहि कैसे घुसाउंगा” .ओर दोनों हॅसने लगते हे .कोमल धीरे धीरे लंड चुस्ती हे . रोहित भी मजे से चुसवाता हे .रजत ख़ुशी के पैर मोड़ कर उसकी बुर को जोर जोर से चूसता हे और ख़ुशी के मुह में लंड दाल दाल के चोदता हे .

रोहित कोमल को बेड पर बैठा देता हे और उसकी टाँगे खोल कर बुर चूसता हे कोमल बोलती हे “बेटा और जोर से चुसो,

“उउउउम्मम्मम्माआआअस

बेटा आससससस ब्ब्ब्बाःहूंउत्तत्तत

न्मममममममाआवाज्ज्ज्जाआँ आआ

ररररराहहहआ ही खा जा अपनी माँ की बुर मादरचोद” .रोहित अपनी माँ के बदले तेवर देख के हेरान रेह जाता हे .कोमल “क्या देख रहा हे मादरचोद”? .

रोहित-“साली रंडी तेरी बुर बहुत चुदासी हे, कितनी गरम हो गई हे” .

कोमल –“साले भड़वे अपनी माँ की फिर ठण्डा क्यों नहीं करता”? .

रोहित-“कुत्तिया रंडी आज तेरी गर्मी ठण्डी कर के रहूँगा”.

रजत ख़ुशी की बुर में उंगली दाल दाल के चूसता रहता हे ख़ुशी भी रजत का बड़ा और मोटा लंड मुह में लेकर चुस्ती रहती हे ख़ुशी खुश थी की रजत जैसे लंड से चुदने वाली हे .रोहित अपनी माँ को लेता कर बोलता हे “हम भी रजत जैसे चुस और चुस्वा रहा हे, “वेसे ही चूसेंगे और चुसवाएंगे” .कोमल राजी हो जाती हे .चारो 69 की पोजीशन में चुसते हे एक दूसरे के लंड बुर को .३० मिनट की चुसवाई के बाद कोमल और खुशि झड जाती हे .रोहित और रजत पाणी को गिरने नहीं देते फ़टाफ़ट चाटने लगते हे और सारा बुर का पाणी पी जाते हे .रोहित रजत को बोलता हे “मेरी माँ का पाणी बहुत टेष्टि हे” .रजत बोलता हे “कुवारी चुत के पाणी का मुकाबला कोई नहीं कर सकता”.कोमल और ख़ुशी उनकी बाते सुन कर शरमा जाती हे .रजत और रोहित खड़े हो जाते हे .ओर कोमल और ख़ुशी उनके सामने आ कर बैठ जाती हे .रोहित और रजत उन दोनों के मुह को चोदने लगते हे रजत ख़ुशी के बाल को पकड़ कर जोर जोर से चोदता हे रोहित आराम से खड़ा रहता हे और कोमल उसके लंड को पकड़ कर जोर जोर से चुस्ती हे .रोहित झड जाता हे कोमल उसका लंड चुस्ती रहती हे लंड ढीला हो जाता हे कोमल फिर भी चुस्ती रहती हे अखिरी बून्द भी पी जाती हे .ठोड़ी देर बाद रजत बोलता हे “ख़ुशी में झड़ने वाला हूँ क्या तुम मेरा पाणी पीओगी” .खुशी “हा रजत में प्यासी हूँ कब से, “प्यास बुझा दो अब मेरी”. और रजत झड जाता हे खुशु का मुह पाणी से भर जाता हे .उसके लाख कोशिश करने पर भी वह जल्दी जल्दी पाणी नही पी पाती और पाणी मुह से निकल कर चुचिओ पर गिरने लगता हे .खुशी सारा पाणी पी जाती हे कोमल ख़ुशी की चुचिओ पर गिरे पाणी को चाटने लगती हे ..चारो सुस्त पड़ जाते हे तभी डोर बेल बजती हे चारो घबरा जाते हे कोण आया हे अब

सभी कपडे पहन लेते हे .रजत और रोहित का तो बुरा हाल हो जाता हे खड़े लंड पर उनको धोखा मिल रहा था .

रोहित-“कोण साला अपनी बहन चुदवाने अब आ गया” .

रजत-“जाकर देखो किसकी माँ चुद गई जो आ गया” .

कोमल-“तुम दोनों अपने रूम में जाओ में देखति हु”.

कोमल दरवाजा खोलती है सामने कोमल का पति रवि खड़ा था .
 
अपडेट 41

रवि को देख कोमल को ख़ुशी नहीं होती.

रवि-“हाय मेरी जान केसी हो”.

कोमल –“मुस्कुराते हुए आप बिना बताये कैसे आ गये”?

रवि-“क्यों जान अब घर भी बता कर आउंगा क्या”?.

कोमल-“हकलाती हुई ननननननहहहहयई ऐसी बात नहीं आप अक्सर फोन कर देते हो” .

रवि-“अब अन्दर भी आने दो की बाहर से ही चला जाउ”.

कोमल-“आइये न थक गए हो कॉफी लाती हूँ”.

रवि-“हमारे साहब जादे कहा हे”?

कोमल-“अपने रूम में स्टडी कर रहा हे” .

तभी रजत रोहित और ख़ुशी आते हे .अपने बाप को देख कर रवि आज खुश नहीं था .वो चाहता था आज रात वो अपनी माँ और बहन को खूब चोदे पर रवि के रहते मुमकीन नहीं था .

रवि-“और बेटा स्टडी केसी चल रही हे”?

रोहित –“अच्छी डैड”

रवि-“रजत और ख़ुशी तुम दोनों की”?

रजत और ख़ुशी एक साथ बोलते हे “हमारी भी अच्छी चल रही हे” .

रवि-“स्टडी में मज़ा तो आता हे न तुम सब को”?.

खुशी-“बहुत मज़ा आता हे” और दिल में सोचती हे आज की स्टडी में तो और भी मज़ा आ गया .थोड़ी देर इधर उधर की बात करके रजत घर जाने की इजाजत मागता हे .

कोमल-“बेटा खाना खा के जाना” .

रजत-“आंटी माँ वेट कर रही होंगीं” .

कोमल-“ठीक हे जाओ कल स्टडी के लिए आ जाना टाइम पर” .ओर रजत को आँख मारती हे रजत थोड़ा रवि के रहने से घबरा जाता हे .रोहित रजत को बाहर छोडने जाता हे .रजत बाइक उठाता हे और घर की तरफ चल पडता हे .

रास्ते में कुछ लोग उसे रोकते हे .रजत उनको नहीं जानता था .वो सब अँधा धुंद रजत को पीटने लगते हे हॉकी से उसे मारते हे ६लडक़ो ने रजत पर हमला किया रजत बहादुरी से लड़ा पर उनसे जीत न पाया वो लड़के रजत को अधमरा छोड़ कर चले जाते हे .

माया मीना और काया बैठ के टीवी देख रही होती हे तभी फ़ोन बजता हे .काया फ़ोन उठाती हे .

अजनबी –“हैलो”

काया-“हैलो कोण”?

अजनबी-“में होस्पिटल से बोल रहा हूँ”

काया-“आप को किस से बात करनी हे”? .

अजनबी – “मुझे मीना जी से बात करनी हे”.

काया-“बोलिये क्या बात हे में उनकी बेटी हु”

अजनबी-“देखिये शायद आप के भाई का ऑक्सीडेंट हुआ हे आप लोग जल्दी सिटी होस्पिटल आ जाइये”.

काया सुन के चिल्लाती हे “कककककययय्यआआआ” और बेहोश हो जाती हे .

मीना और माया उसकी चीख सुन कर दौड़ी आती हे काया को बेहोश पा कर फ़ोन उठाती हे .

मीना –“हैलो कोण बोल रहा हे”?.

अजनबी –“देखिये आप के लड़के का अक्सेन्डेन्ट हुआ हे आप लोग जल्दी आइये सिटी हॉस्पीटल”.मीना रोने लगती है और बोलती हे नहीं ये नहीं हो सकता .ओर फ़ोन कट जाता हे .मिना को रोती देख माया पूछती हे .

माया-“माँ क्या हुआ”

मीना-“हमे होस्पिटल जाना होगा”

माया –“क्यों क्या हुआ”?

मीना –“रररराज्ज्जात्तत्त को”

माया –“क्या हुआ रजत को माया का दिल बैठा जाता हे” .

मीना –“बेटी तेरे भाई का एक्क्सिडेंट हुआ हे” .

माया-“क्या .ओर माया जोर से रोने लगती हे” .

मीना काया को होश में लाती हे और बोलती हे बेटा हमे चलना चाहिए .पता नहीं कैसा होगा तुम्हारा भाई”?.

काया- “मेरे भाई को कुछ नहीं हो सकता में उसे कुछ नहीं होने दूंगी”.मीना कार निकालती है तीनो होस्पिटल पहुँचते हे .वहा राहुल और नेहा भी मौजूद थी .मीना राहुल से पूछती हे .”क्या हुआ रजत को”?

राहुल –“लगता तो ये हे किसी ने गाड़ी से उड़ा दिया हे’ “पर डॉक्टर चेक अप कर रहे हे अभी बताएँगे क्या हुआ”.

माया –“कैसा हे मेरा भाई”?

राहुल –“में भी अभी आया डॉक्टर ने फ़ोन करके बताया,. “मे तो नेहा के साथ डिनर पर गया था,. “तो नेहा को साथ लेकर देखने आ गया कोण हे”? .

काया-“डॉक्टर कहा हे”?.

तभी डॉक्टर आता हे काया उसे पकड़ लेती हे

काया-“मेरा भाई केसा हे”?.

डोक्टर-“अभी चेकउप चल रहा हे”.

काया-“इतनी देर से चेकउप ही कर रहे हो उसे दवा दो उसे दर्द हो रहा हे”.

डॉटर-“देखिये बिना जाँच के हम कैसे दवा दे सकते हे” .

काया-“मेरे भाई को कुछ हुआ तो अच्छा नहीं होगा” और काया डॉक्टर का गला दबाने लगती हे राहुल छुडाने की कोशिश करता हे पर काया की पकड़ से डॉक्टर का दम घुटने लगता हे

राहुल-“काया क्या कर रही हो छोडो डॉक्टर को” .

काया-“इसे संमझा दो मेरे भाई को कुछ हुआ तो इसे में जान से मार दूंगी” .काया की ऑंखे लाल हो गई थी .काया का ये रूप देख के डॉक्टर के पसीने छूट गए .काया डॉक्टर को छोड़ देती हे .

डॉक्टर- “देखो बेटा उसे बहुत चोट लगी है, “में अपनी पूरी कोशिश करूँगा उसे कुछ ना हो, .प्लीज् आप शान्ति रखो”

माया-“काया तुझे ये क्या हो गया था”? .

काया-“अगर मेरा भाई ना रहा तो कोई नहीं रहेगा, “सबको मार दूंगी जिसने भी उसकी ये हालत की हे उसे नहीं छोडूंगी”.

राहुल-“काया फ़िक्र मत करो में उसे जरूर सजा दिलवाउंगा”.

काया-माया-और मीणा एक दूसरे को पकड़ कर रोती हे नेहा उनको शांत रहने को बोलती हे .डॉक्टर बताता हे की रजत की बॉडी पर मार के निशाणं हे जैसे किसी ने इसको पीटा है.

काया ये सुन कर आग बबुली हो जाती हे और बोलती हे .”जीसने भी मेरे भाई को हात लगाया हे, “उसे ऐसी मौत दूंगी की मौत को भी खौफ आ जायेगा”.

राहुल उसकी बातो से हेरान था १६साल की लड़की और इतना घुस्सा और इतना प्यार .

तभी डॉक्टर बाहर आता हे और बोलता हे आप का बेटा खतरे से बाहर हे .ओर इंस्पेक्टर साहब आप सुबह बयान ले सकते हो अभी मैंने नींद की दवा दी हे ताकि आराम कर सके.राहुल नेहा को बोलता हे “तुम मीना जी और काया को लेकर घर चलि जाओ, “होस्पिटल में फैमिली का एक ही मेंबर रुक सकता हे” .

काया-“में नहीं जाउंगी” .

माया-“काया जिद मत कर कल सुबह आ जाना, “अब तो भाई ठीक हे”.

काया-“आप जाओ में भाई को छोड़ कर कही नहीं जा रही”

मीना-“बेटा तुम रात को जाग नही पाओगी”.रजत को किसी चिज़ की जरुरत पड़ी तो तुमको कौन जगायेगा”?.

काया-“मुझे कैसे नींद आ सकती हे, “जब मेरा भाई हॉस्पटल में हे” “मॉम आप और दी जाओ”

सब काया के जिद के आगे हार मान जाते हे .राहुल काया को रजत के पास बैठने को बोल कर बाहर चला जाता हे .काया रजत के बगल में लेट जाती हे रजत के दोनों हाथो और पैरो में प्लास्टर लगा हुआ था .काया से सब देख के रोने लगती हे .काया डिसाईड करती है अपने भाई को मारने वालो को छोड़ेगी नहि.
 
अपडेट 42

रात को एक बजे राहुल आता हे .काया राहुल को बोलती हे आप थोड़ी देर भाई के पास बेठो में बाथरूम हो कर आती हु .राहुल बोलता हे जल्दी आ जाना .काया चलि जाती हे .राहुल को पता लगता हे ये रजत और रोहित के घर के बिच हुआ हे वो एरिया हाईवे तो हे नहीं जिस से कोई गाड़ी वाला ठोंक दे जरूर किसी ने दुष्मनी निकाली हे .राहुल फ़ोन करता हे .

राहुल-“हैलो में राहुल बोल रहा हु”

खबरी-“जी साहब बोलिये कैसे याद किया”?.

राहुल-“देख मेरे पहचान के लड़के को किसी ने मारने की कोशिश की हे, “लड़का बच तो गया हे जल्दी पता लगा कोण लोग थे”?.

खबरी- “साहब ये हादसा कोण से एरिया में हुआ हे”?.

राहुल-“देख अर्जुन नगर के पास हुआ हे, “जल्दी कल सुबह तक पता लगा के बता कोण थे वो लोग”? .

खबरी- “जी आप फ़िक्र न करो में अभी पता लगाता हूँ किन लोगो का काम हे”?

काया को गए तीन घंटे हो गए थे .सुबह के चार बज रहे थे .तभि काया आ जाती हे .राहुल पूछता हे .

राहुल- “काया कहा रह गई थी”?

काया-“वो में डॉक्टर के पास भाई के इलाज के बारे में बात करने लगी थी”

राहुल –“ओके तुम बेठो रजत के पास, “में घर जा कर रेडी हो कर आता हूँ”.काया आराम से अपने भाई को गले लगा कर लेट जाती हे .काया रजत के चेहरे को प्यार से चूमती हे उसके बालो को सहलाती हे .

सुबह साथ बजे मीना और माया आ जाती हे काया को अपने भाई से लिपटे देख कर दोनों का मन भारी हो जाता हे .दोनो काया के पास जाती हे और बोलती हे काया जाओ फ्रेश हो जाओ हम बैठते हे .काया- “माँ मुझे जरुरत नहीं फ्रेश होने की, “जब तक भाई होश में नहीं आता में कही नहीं जाउंगी”

मीना –“बेटा अब तो सब ठीक हो रहा हे जाओ जिद मत करो”

काया रजत से चिपकी रहती हे .डक्टर आता हे और बोलता हे “मरीज़ को हवा भी आने दो क्यों बेचारे की तकलीफ बड़ा रहे हो” .काया घुस्से से डॉक्टर को देखति हे डॉक्टर काया को देखते चुप हो जाता हे .काया बोलती हे “चुप चाप आपना काम करो ज्यादा मत बोला करो”

डॉक्टर रजत को इंजेक्शन देता हे और बोलता हे “थोड़ी देर में ये होश में आ जायेगा” .रजत बीस मिनट बाद होश में आ जाता हे .अपनी माँ और बहनो को रोते देख उसके भी आंसू निकल आते हे .दर्द की वजह से रजत बोल नहीं पाता है उसकी आँखों से आसुओ की झड़ी बरस पड़ती हे .मीना रजत के आंसू पोछती हे .

माया-“बोलो भी किन कमीनो ने तुम्हारा ये हाल किया हे”?

रजत-“गर्दन ना में हिला देता हे”? .

काया-“दी आप क्यों भाई को परेशान कर रही हो”? .”जब ठीक हो जायेंगे तब पूछ लेना” .

तभी राहुल आता है “मीना जी केसा है रजत”? .मीना बोलती हे “अभी तो ठीक हे पर दर्द की वजह से बोल नहीं पा रहा” .तभी राहुल को एक फोन आता हे .

राहुल फ़ोन अटेंड करता हे “हैलो”

कॉन्स्टेबल-“सर में वैशाली नगर से बोल रहा हूँ, “यहा एक लड़के का मर्डर हुआ हे, “आप जरा आ जाओ और देख लो”

राहुल – “वही रुको अभी आया”

राहुल मर्डर स्पॉट पर पहुचता हे .कॉन्स्टेबल बताता हे किसी ने इस लड़के को कांटों की तार में फ़ेक दिया हे जिसमे करन्ट था .लड़के की बॉडी बुरी तरह जल गई हे .राहुल बोलता हे “लाश को निकालो पता लगाओ कोण है”? दो कांस्टेबल लाश को तारो में से बाहर निकलते हे .उसके कपडे वाल्ट सब बुरी तरह जल चुके थे .कोंस्टेबले वाल्ट से उसकी आयडी कार्ड निकालता हे.

“सर इसका नाम रणजीत हे” .राहुल ओके एड्रैस देखो .कोंस्टेबले उसे बताता हे ये एड्रेस तो एमएलए साहब के घर का हे कही ये उनका लड़का तो नहि.राहुल बोलता हे अच्छी तरह चेक कर लो कही कोई ग़लती तो नहीं हुई हे .कॉन्स्टेबल बोलता हे में उनके घर जा कर चेक कर लु .राहुल बोलता हे लाश होस्पिटल भेजो और तुम जा कर चेक करके मुझे बताना .”मैं होस्पिटल जा रहा हूँ मेरा एक जान पहचान वाला भरती हे होस्पिटल में” .

राहुल होस्पिटल पहुचता हे. रजत को मिलने रोहित की पूरी फॅमिली आई हुई थी सब रजत का हाल चाल पूछ रहे थे .माया काया भी रजत को घेरे हुए बैठी थी .राहुल रजत से पूछता हे “कैसे हुआ ये सब कोण थे वो लोग”? “जिन्होंने हमला किया तुम पर, “बताओ में उन सालो की टाँगे तोड़ दूंगा”?

रजत- “मुझे नहीं पता कोण थे”?

रोहित –“यार हैरानी होती हे तू पिट गया”?

रजत-“में क्या करता सालो ने अचानक हमला किया”?

राहुल-“किसी को पहचान सकते हो कोण थे वो”?

रजत-“नहीं अँधेरा था तो साफ दिखाइ नहीं दिया कोण थे”?

राहुल –“कोई बात नहीं मैंने अपने खबरी को बोला हे उन लोगो को ढूँढने”

काया-“आप लोग क्यों भाई को परेशान कर रहे हो जब ठीक हो जायेंगे, “तो बता देंगे किन कमीनो का काम हे”?

डॉक्टर-“प्लीज् आप सब इनको आराम करने दो” .

डॉक्टर रजत का चेकउप करता हे और बोलता हे रजत के पैरो में लगी चोट की वजह से कुछ दिन चल नहीं पायेगा फिर भी कोशिश करना चलने की जल्दी आराम मिल जाएगा.

माया-“आप फ़िक्र मत करो, हम अपने भाई का ख्याल रख सकते हे, आप बताओ हम भाई कप घर कब ले जा सकते है”.डॉक्टर बताता हे अब इनको आराम ही करना हे तो ये घर पर भी कर सकते हे.काया और माया खुश हो जाती है और एक साथ बोलती हे “सच हम भाई को ले जा सकते हे” .डॉक्टर “हा ले जा सकते हो बस कुछ फ़ॉर्मेल्टी पूरी करनी हे तो उसे पूरी कर दो”.मीना डॉक्टर के साथ चलि जाती हे पेपर वर्क के लिए .

राहुल को फ़ोन आता हे .कॉन्स्टेबल बताता हे वो लाश और आईडी एमएलए के लड़के की हे जो कल रात से घर नहीं आया है मेने उनको बता दिया हे हमे एक लाश मिली हे और शक हे की वो आप का बेटा हे वो हॉस्पीटल गए हे पहचान के लिए .राहुल बोलता हे एरिया को अच्छी तरह चेक करो कोई न कोई सबूत मिलेगा .
 
अपडेट 43

काया एम्बुलेंस बुला लेती हे और रजत को सब लेकर घर की तरफ चल पड़ते हे .राहुल भी अपने काम में लग जाता हे कॉस्टेबल बताता हे लड़के की बॉडी के पास हमे एक लड़की की पेन्टी मिली हे शायद वो कातिल की हो .या फिर किसी और की भी हो सकती हे .

राहुल ओके तुम पेपर वर्क पूरा करके बॉडी उनको दे दो.तभी राहुल को उसके ऑफिस का फ़ोन आता है .

एसीपी –“राहुल क्या”? हो रहा हे १५दिन में ३मर्डर हो गए और कातिल का पता नहीं”?.

राहुल-“सर मेरी पूरी कोशिश हे उसे पकडने की पर कातिल बहुत चालाक हे कोई सबुत नहीं छोड़ रहा पहले मर्डर में दोनों लड़को को भूखे कुतो को खिला दिया .ओर अब शॉट सरकिट से मारा हे कातिल कोई भी हाथियार यूज़ नहीं कर रहा .

एस पी –“राहुल बड़े बड़े घरो के बच्चो का मर्डर हुआ हे आम बात नही मुझ पर बहुत प्रेशर हे ऊपर से प्लीज् जल्दी प्रोग्रेस करो”

राहुत-“सर में उस कातिल को पकड़ के रहुंगा”.फोने कट जाता हे राहुल बडबडाता हे “सब अपने ऑफिस में बैठे बैठे फरमाइश कर देते हे कातिल क्या चौक पर बैठा हे जो जा कर पकड़ लु और हाजिर कर दू मादरचोदो के आगे”

काया माया रजत को घर लेकर पहुच जाती हे मीना भी अपनी कार से घर पहुच जाती हे .रजत को मीना के रूम में ले जाया जाता हे .रजत माँ मुझे बाथ रूम करना हे .मीना तो बेटा यही कर ले .मॉम यहाँ कहा करू मीना बोलती हे बचपन मैं तो तू बेड पर ही कर देता था अब भी कर दे में बाद में चेंज कर दूंगी .रजत बोला मुझे इन कपड़ो से बद्बू आ रही हे.मीना रजत के पास बैठ कर उसके कपडे उतारने लगती हे .रजत के हाथो में और पैरो में प्लास्टर लगा होने की वजह से कपडे निकालने में दिक्कत होती हे मीना रजत को नंगा कर देती हे और रजत मूतने लगता हे सीधा मीना की चुचिओ पर मूत गिरने लगता हे मीना भिग जाती हे .

मीना –“बेटा ये क्या किया तुमने गिला कर दिया मुझे”

रजत-“माँ आप ने ही तो कहा यही कर लु तो कर लिया” .

मीना –“नॉटी हो गया हे तू”

रजत-“ह्म्म्मम्म्”

काया रजत के लिए सूप लाती हे रजत को नंगा देख कर उसके पैर लडखडा जाते हे. मीना जल्दी से सूप पकड़ लेती हे .ओर काया सीधा रजत के लंड पर गिरती हे रजत का लंड काया के मुह में घुस जाता है

मीना-“क्या कर रही हे अभी ठीक भी नहीं हुआ और तू शुरू हो गयी”

काया-“माँ क्या करू भाई का लंड देख कर मुह में पाणी आ गया”

मीना-“ठीक होने दे मेरे बेटे को अपनी लार मत टपका”

काया –“रजत का लंड चुसते हुए माँ बहुत मीठा हे”

मीना –“काया को हटाते हुए मीठा तो हे पर पहला हक मेरा हे, “अब तू जा और माया के साथ खाना बना” काया मुह बनाते हुए चलि जाती हे .मीना रजत के सामने कपडे बदलने लगती हे .

रजत-“माँ भूख लगी हे कुछ खाने को हे तो दो”

मीना कपडे पेहन कर बाहर चलि जाती हे .रजत के चादर ओढ़ कर लेटा रहता हे.

तभी रूपा आती हे रजत उसे देख घबरा जाता हे एक तो वो नंगा लेटा हे दूसरा वो खुद को इस हालत से बचा भी नहीं सकता था .

रूपा-“कैसे हो रजत”?

रजत-“अब ठीक हु”

रूपा-“कोण थे वो लोग जिन लोगो ने हमला किया”?

रजत- “पता नहि”

रूपा रजत का खड़ा लंड देख लेती है और बोलती हे “खुद पर कण्ट्रोल नहीं रख पाते क्या”?

रजत-“कुछ समझ नहीं पाया”

रूपा इशारे से समझाती हे .

रजत शर्मिंदा हो जाता हे .

रूपा रजत को ऐसे देख उसके होठो पर चूमने लगती हे.

रजत इस चुम्बन से चौक जाता हे .थोड़ी देर चूमने के बाद रूपा स्माइल करके चलि जाती हे.मीना आती हे और बोलती हे “टाइम हे खाना बनाने में तो बेटा वेट कर लो रजत बोलता हे माँ बहुत भूख लगी हे .मीना बोलती हे “दूध पियेगा”? .रजत हा में सर हिला देता हे .मीना अपना ब्लाउज खोल देती हे रजत के मुह के पास अपनी चुचि ले जा कर बोलती हे पी अब. रजत बोलता हे इनमे दूध नहीं हे मुझे पता हे .मुझे भूख लगी हे दूध दे दो ना .मीना बोलती हे पहले मैं. अपनी डॉक्टर दोस्त से बात की थी उसने एक इंजेक्शन दिया था जिस से वीक में दूध आने लगता हे .

तू होस्पिटल में था वरना दो दिन पहले ही पीला देती .रजत ये सुन कर खुश हो जाता हे.मीना रजत का सर पकड़ कर दूध पर लगा देती हे आज मीना की चुचिओ बहुत बड़ी और भरी भरी लग रही थी.रजत ने चुसना शुरू किया .मीना की चुचिओ से दूध की गंगा बहने लगती हे जिसे पी कर रजत की आत्मा तृप्त हो जाती हे और रजत को दूध पिला कर मीना को बहुत सुकून मिलता है रजत अपनी माँ को अपने पास ही सोने को बोलता हे .

मीना रजत को बोलती हे में तो तुम्हरे साथ ही सोउंगी पहले डिनर तो कर ले .उधर राहुल परेशान उसे कोई सुरग नहीं मिल रहा था .राहुल पर एमएलए ओर एसीपी दोनों भड़क कर गए थे .तभी खबरि आ कर बताता हे कल रात के मर्डर का एक विटनेस हे पर उसने मर्डर करने वाले की सूरत नहीं देखि.राहुल उसे बुला कर लाओ जो भी इन्फॉर्मिशन मिलेगी कुछ तो हेल्प मिलेगी .

राहुल को कोई खास इंफोरमेशन तो नहीं मिली इतना ही पता चला कोई लड़की थीराहुल सोच में पड़ जाता हे क्या ये सीरियल किलिंग हे या फेर आपसी दुश्मनी
 
अपडेट 44

टी वी में न्यूज़ देख कर रूपा बोलती हे “आच्छा हुआ कमीनो को कोई मार दे रहा हे”.काया बोलती हे “अब जो बचा हे वो भी जल्द ही मरेगा” .काया राहुल को फ़ोन करती हे.

राहुल-“हैलो काया”

काया-“राहुल जी मेरे भाई पर हमला करने वालो का पता चला”?

राहुल-“देखो काया अभी मर्डर केस में फसा हूँ जैसे ही पता चलेगा में बता दूंगा” .

काया को गुस्सा आ जाता हे.काया राहुल से पूछती हे “कहा हो आप”?

राहुल-“अभी में एसीपी के ऑफिस में हु”.

काया फ़ोन काट देती हे और रूपा को लेकर एसीपी के ऑफिस पहुच जाती हे एसीपी और राहुल आपस में बाते कर रहे होते हे.

काया-“तुम पुलिस वाले अपने आप को समझते क्या हो”?

एस पी –“हु आर यु” तुम्हे अन्दर किसने आने दिया”?

काया को और गुसा आ जाता हे. .”साले चुप बैठ वरना तेरी इज्जत का जनाजा निकाल दूंगी” .

राहुल-“काया ये सब क्या हे”?

काया-“तुम दोनों कान खोल कर सुन लो अगर मेरे भाई पर हमला करने वाले न पकडे गए तुम दोनों के घर और ऑफिस को बम लगा कर उड़ा दूंगी”

एसीपी-“राहुल ये कोण पागल लड़की हे”?

काया का घुस्सा सातवे आसमान पर पहुच जाता हे काया एसीपी के ऑफिस का सामान तोड़ने लगती हे .राहुल उसे रोकने आता हे .रूपा राहुल की गन निकल लेती हे .

काया –“तुम दोनों सब काम छोड़ कर मेरे भाई के दुश्मनो को ढूँढो .ओर ज्यादा स्मार्ट बनने की कोशिश की तो तुम दोनों को छोडूँगी नहीं”

एसीपी- “बेटा अभी हम पर प्रेशर हे एमएलए का उसके बेटे का मर्डर हुआ हे”

काया-“कोण साला एमएलए बुलाओ उसे अभी बताती हूँ .ज्यादा उसको भी चर्बी चढ़ गई हे . रूपा डोर बंद करके दोनों को गन पॉइंट पर बैठने को बोलती हे .

एसीपी फ़ोन लगाता हे “हैलो सर थोड़ी देर के लिए आप ऑफिस आ सकते हे? मर्डर के बारे में बात करनी हे”

एमएलए-“ठीक हे आ रहा हु”

बीस मिनट बाद डोर नॉक होता हे रूपा डोर खोल देती हे.एमएलए अंदर आता हे और पूछता हे क्यों बुलाया एसीपी बोलता हे मेने नहीं इस लड़की ने बुलाया है.

एमएलए काया को देखता हे और पूछता हे तुम हो कोण और क्यों बुलाया .काया बोलती हे “चुप चाप बैठ और मेरी बाते कान खोल के सुन, “डरा नहीं”. एमएलए उसे डाँटता हे “अभी बच्ची हे बच्ची की तरह रह, वरना काट के फिकवा दूंगा” एमएलए ने रूपा के हाथ की गन नहीं देखि थी .काया घुस्से में रूपा के हाथ से गन ले लेती हे और एमएलए के मुह में डाल देती हे .

काया-“साले तूने क्या मुझे सीधी साधी लड़की समझ रखा हे मेरा देमाग ख़राब हुआ तो यही टपका दूंगी एमएलए के पसीने छूट जाते हे .काया उसका कोलर पकड़ कर उसे पूछती हे “साले कुत्ते की औलाद तूने क्या पुलिस को अपना नोकर समझ रखा हे, जेसा कहेगा वैसा करेंगी, .मेरी बात सुन मेरे भाई को पिट्ने वाले जब तक मुझे नहीं मिल जाते चुप चाप बैठा रह, .ओर जियादा अपनी पावर का रॉब दिखाय तो अभी बेटा मरा हे कल तुझे में मार दूंगी” ..ये बात सुन कर चारो लोग शॉक हो जाते हे .

राहुल-“काया में दूंढ तो रहा हूँ कोई सुराग मिले तो पता चले किसने मारा”?.

काया-“राहुल जी आप चुप रहिये जब तक मेरे भाई का खून निकालने वालो का खून नहीं देखति मुझे चैन नहीं आएगा” . एसीपी और एमएलए की हवा टाइट हो गई थी काया राहुल को गन पकडाती हे और बोलती हे मेरी बातो को मजाक में मत लेना .जो काम बोला हे करो”

एसीपी;-“राहुल ये बैंडिट क्वीन कोण थी”?

राहुल-“सर मेरी जान पहचान वाले हे”

एसीपी-“छोटी सी उम्र और इतना गुस्सा”?

राहुल-“सर एक ही भाई हे और घर में तीन लेडीज हे जो उसे अपनी जान से ज्यादा चाहती हे .हमे उसकी बातो को मान लेना चाहिए”

एसीपी-“छोडो जो काम दिया हे वो करो”

तभी काया आ जाती हे .एसीपी का कोलर पकड़ कर बोलती हे तू मेरा रेप करने की कोशिश कर रहा था ना .एसीपी ये सुन कर डर जाता हे .काया अपने कपडे फाड् देती हे राहुल उसे रोकने आता हे रूपा उसे पकड लेती हे .एसीपी काया के पैर पकड़ लेता हे .ये सब तमाशा देख कर एमएलए की पेण्ट गिल्ली हो जाती हे .

काया एसीपी को पकड़ लेती हे . रूपा विडियो बना लेती हे .रूपा अगर दो दिन में हमारा काम नहीं हुआ तो तिसरे दिन ये वीडियो प्रेस और नेट पर डाल दूंगी .एसीपी रोने लगता हे राहुल डोर बंद कर देता हे .एसीपी काया की हर शर्त मान जाता हे एमएलए भी बोल देता हे पहले इनका काम कर दो फिर मेरे बेटे के मर्डर केस को सोल्व कर लेना

काया और रूपा एसीपी के ऑफिस से निकलते हे .दोनो के चहेरे चमक रहे थे किसी की आँखों में प्यार की जीत थी तो किसी की चाहत की दोनों घर की तरह निकल पड़ते हे रस्ते में कोई बात नहीं करते घर पहुच कर रूपा बोलती हे

रूपा-“काया मुझे नहीं पता था तू इतनी ग़ुस्से वाली हे घर में तो बोलती नहीं हे कुछ”. .

काया –“में अपने भाई से बहुत प्यार करती हूँ और उसे नुक्सान पहुँचाने वालो को में क्या छोड़ दु”?

रूपा-“काया जो हमने किया क्या सही था”?.

काया;-“तुम डरो मत कुछ होगा तो में हूँ ना” .

रूपा-“माया दीदी या आंटी को पता चला तो वो डाटेंगी मुझे और तुमको” .

रूपा-“नहीं डाटेंगी वो जानती हे मैंने ये सब क्यों किया”?
 
अपडेट 45

दोनो घर के अंदर जाती हे .माया .पूछती है ”कहा से आ रहे हो”?...

काया-“बस मार्कीट तक घुमने गए थे” .

माया-“झूठ क्यों बोल रही हे राहुल जी ने तेरी सारी करतूत बता दी”

काया-“उस राहुल को में बाद में फिर देख लुंगी मेरी चुगलिया करता है .साले को एक काम दिया वो तो उस से होता नहि”

माया-“शटअप तेरी जुबान को क्या हुआ जो तू ऎसे गालिया दे रही हे”.

काया-“दी मुझे बहुत गुस्सा आ रहा हे अगर दो दिन में उन लोगो ने मेरे भाई को मारने वालो को नहीं पकड़ा तो पूरी पोलिस सिस्टम की बैंड बजा दूंगी”

माया;-“क्यों रे में जानती हूँ तू रजत को बहुत प्यार करती हे हम भी करते हे हम भी चाहते हे मुजरीम पकडे जाये पर ये तरीका सही नहि”

काया-“सीधी जुबान से ही बोला था साले को एमएलए के बेटे के कातिल को पकडना था, अब अगर मेरा काम नहीं किया, तो एमएलए और एसीपी और राहुल की नोकरी छुडवा दूंगी” .

माया-“तूने बहुत गलत किया जानती हे ना वो रोहित के मोसा जी हे, उनको पता लगेगा तो बुरा लगेगा”

काया –“लगने दो”

माया-“तू कुछ दिन शांत रह जब तक रजत ठीक नही हो जाता, .वेसे भी माँ शॉप पर गई हे उसके पास बैठ कोई चिज़ की जरुरत उसे पड़ सकती हे .मे घर के काम कर रही हु”

काया और रूपा रजत के रूम में चलि जाती हे .माया अपने काम में लग जाती हे .रजत नंगा ही चादर ओढ कर सो रहा होता हे. .काया रजत के पास जा कर बैठ जाती हे रूपा भी दूसरी साइड जा कर बैठ जाती हे .काया रजत के सर पर हाथ फेरती हे .रजत नींद से जाग जाता हे .

काया-“भाई कैसा फील हो रहा हे अब”

रजत –“अब ठीक हूँ माँ को बोला ये प्लास्टर हटा दो पर माँ बोलती हे अभी रहने दो एक विक”

काया-“भाई आप को इसकी वजह से आच्छा नहीं लग रहा तो में काट देती हूँ”

रजत-“हा काया काट दे अब तो ठीक हो गया हूँ चार दिन से बेड पर पड़ा हूँ .मुझे बाहर घुमना हे ले चल न थोड़ी देर के लिए”

काया-“भाई आप को अपने हाथो और पैरो पर जोर नहीं देना चहिये”

रजत;-“में थोड़ी देर के लिए बाहर जाना चाहता हूँ”

काया –“ओके चलो ऐसे ही में ले चलति हूँ अपनी एक्टिवा पर .डॉक्टर के पास हो कर आते हे”

रूपा की नज़रे सिर्फ एक तरफ ही थी जो काया और रजत ने भी नोट कर ली .

काया-“रूपा क्या देख रही हो”?

रूपा हड़बड़ा जाती हे और बोलती हे “कुछ नहि”

काया –“इतना मत देख नजर लग जायेगी”

रूपा शरमा जाती हे

रजत बोलता हे “मुझे कपडे कोण पहनायेगा”?

काया -बोलती हे “क्या जरुरत हे पहनाने की मेने आप के लिए एक गाउन ख़रीदा था जो आज काम आयेगा”

रजत-“तो क्या में सिर्फ गाउन में जाउँगा बाहर”?

काया रूपा को बाहर जाने का इशारा करती हे और रजत को गाउन लेकर देती हे .ओर बोलती हे “भाई बाकि कपडे पहना उंगी तो दर्द होगा, तुम अईसे ही चलो अपनी शॉप से वापसी में नई कपडे और गारमेंट्स ले लेंगे”.

रजत-“हां ये ठीक हे माँ भी आज शॉप गई हे कोई शॉप में हेरा फेरी कर रहा हे, हर रोज कस्टमर की कम्प्लेट आ रही हे”

काया-“भाई मुझे माँ ने क्यों नहीं बताया”? “जल्दी पेहनो हम डॉक्टर के पास चलते हे”.

रजत गाउन पेहेन लेता हे .काया माया को बुलाती हे

माया-“क्या हुआ”?

काया-“भाई को बाहर एक्टिवा पर बैठा दो उठा के साथ में मेरे”

माया-“कहा जा रही हो लेकर’? “अभी ठीक नहीं हुआ है”

काया – “डॉक्टर के पास और भाई बोर हो गया हे लेते लेते इस बहाने घूम भी लेगा”.

माया-“हा ठीक कहा” .दोनो बहने रजत को उठा के बाहर ले जाती हे रूपा भी आ जाती हे . तीनो मिल कर रजत को एक्टिवा पर बैठा देती हे काया एक्टिवा स्टार्ट कर लेती हे और रजत को बोलती हे मेरे से चिपक कर बेठो भाई नहीं तो गिर जाओगे” .रजत चिपक कर बैठ जाता हे.

काया और रजत होस्पिटल पहुँचते हे .काया दो वार्ड बॉय को बुलाती हे और रजत को डॉक्टर के पास लेकर जाती हे .डक्टर चेकउप करता हैऔर बोलता हे आप तो बहुत जल्दी जल्दी ठीक हो रहे है

रजत-“सब आप की दवा का करिश्मा हे”.

डोक्टर-“नहीं भाई ये तो आप की बहनो का प्यार हे जो आप को बचा लिया हमें तो उम्मीद नहीं थी आप बचोगे भी”

काया-“डॉक्टर जी भाई का प्लास्टर अब तो हटा दो”

डॉक्टर-“हा हटा देता हूँ अब इसकी जरुरत भी नहीं है” और डॉक्टर प्लास्टर काटने लगता हे .रजत से पूछता हे “वेसे आप का ये हाल किया किसने”?

रजत-“पता नहीं कोण थे”? अन्धेरे में वार किया”

डॉक्टर-“आप की किसी के साथ लड़ाई हुई हे क्या”?

रजत;-“नहीं सर में तो किसी से ज्यादा बोलता भी नहीं अपने काम से काम रखता हूँ”

डॉक्टर-“फिर शायद आप को ग़लती से मारा उन लोगो ने शायद किसी और को मारने आये थे”

रजत-“मुझे भी ऐसा ही लग रहा हे”

काया-“बाते मत करो काम जल्दी ख़तम करो हमे शॉपिंग को जाना हे”

डॉक्टर-“प्लीज् आप घुस्सा मत किया करो पिछली बार आपने मेरी गर्दन ही तोड़ दी होती”

रजत“कुछ समझ नहीं आता तो पूछता हे “मतलब”

काया डॉक्टर को घुरति हे .

डॉक्टर-“कुछ नहीं बस आप भाई बहन के प्यार की बात कर रहा था’

रजत को फिर भी कुछ समझ नहीं आता .

डॉक्टर प्लास्टर काट देता हे रजत अपने आप को हल्का मेहसुस करता हे .काया रजत को सहारा दे कर उठाती हे .डॉक्टर को थैंक्स बोल कर वो शॉप की तरफ निकल पड़ते हे .
 
अपडेट 46

काया रजत शॉप पर पहुँचते हे .शोप पर काया को कोई नहीं जानता था .रजत आता जाता था तो सब को पता था रजत मालिक हे शॉप का .रजत शॉप के अंदर से एक लड़के को अवाज देता हे .वो लडका रजत को सहारा दे कर शॉप में ले जाता हे .काया पार्किंग में एक्टिवा खड़ी करने चलि जाती हे .रजत की माँ रजत को अकेले शॉप पर देख कर घुस्सा हो जाती हे और बोलती हे “तुमको रेस्ट करने को बोला था ना” .रजत बोलता हे “माँ अब में ठीक हु’ “और घर में लेटे लेटे कैसे ठीक हो जाउँगा, थोड़ा बाहर घूमूँगा तो जल्दी ठीक हो जाउँगा” .रजत की माँ रजत को सोफ़े पर लेटा देती हे .

तभी काया आती हे .काया अपनी माँ के बोलने से पहले ही उनके कानो में कुछ कहती हे .फिर रजत की माँ एक लड़की को बुलाती हे और बोलती हे “इनको ले जाओ और जो चाहिए दिलवा दो, कोई शीकायत न आये इस बार” .लडकी काया को साथ लेकर चलि जाती हे और पूछती हे “मेम क्या लेंगी आप” .

काया-“पहले तो गर्ल्स के कुछ अंडर गारमेंट्स दिखा दो” .

सेल्सगर्ल लड़की काया को लेडीज गारमेंट्स दीखाती हे

काया दो तीन सेट पसंद कर लेती हे और पैक करने को बोलती हे

सेल्स गर्ल्स-“और कुछ भी लोगी मैम”

काया –“हा जेंट्स के कपडे भी लेने हे” .

सेल्सगर्ल –“रामु मेम को जेंट्स के गारमेंट्स दिखा देना, तब तक में इन कपड़ो को पैक कर लेती हूँ” .रामु काया को अजीब नज़र से देखता हे .काया उसे बोलती हे “क्या देख रहे हो चलो अब”.रामु काया को टीशर्ट और जीन्स दीखाता हे काया कपडे पसंद करके बोलती हे .”मुझे वाशरूम जाना हे किधर हे” रामु उंगली के इशारे से बता देता हे .

काया जाने लगती हे अपना पर्स वहि छोड़ देती हैऔर वाशरूम चलि जाती हे .जब काया वाशरूम में घूसने लगती हे तो देखति हे रामु उसके पर्स को घूर रहा हे फिर काया को देख कर अपना काम करने लगता हे .काया १५ मिनट बाद बाहर आती हे .काउंटर पर रामु की जगह कोई और खड़ा था .काया अपना पर्स चेक करती हे और माँ को अवाज देती हे.

मीना –“क्या हुआ बेटी”?

काया-“माँ वो लड़का कहा गया जो मुझे गारमेंट्स दिखा रहा था”?

मीना –“यही होगा या निचे गोदाम में गया होगा, क्या हुआ बतओ”?

काया-“माँ उसे अभी बुलाओ”.

मीना एक लड़के को उसे बुलाने को भेजति हे अभी रामु सिडिया उत्तर ही रहा था.लडक़ा उसे बुलाता हे रामु बोलता हे “तुम चलो में आता हूँ”लडक़ा उसको बोलता हे “तू साथ चल मेरे मैडम ने अभी बुलाय हे, और साथ लेकर आने को बोला हे” .रामु निचे उतरने लगता हे .लडक़ा उसका हाथ पकड़ लेता हे और बोलता हे “चुप चाप चल वरना मैडम यही आ जाएँगी” रामु हाथ छुडाने की कोशिश करता हे पर छुडा नहीं पाता हे .

रामु बोलता हे “यार दो मिनट का काम हे कर लेने दे फिर आता हूँ”.लडक़ा उसका हाथ पकड़ कर खीचता हे और सिडियो से ऊपर ले आता हे.

लडका रामु को मैडम के पास ले जाता हे .काया उसे गोर से देखति हे और बोलती हे “माँ ये वहि लड़का हे जिसने मेरे पर्स से छेड छाड की और पैसे निकाले” .

मीना –“क्या”?

रामु-“नहीं मैडम मेने कुछ नहीं किया” .

काया-“सच बोल वरना तुझे मुझसे कोई नहीं बचा पायेगा” .

रामु-“मैडम जी क्या बात कर रही हे में चोर नहीं हु”

काया घुस्से से लाल होने लगती हे और बोलती हे “साले मेने तुझे पैसे निकालते हुए देखा हे” .

रामु –“नहीं मैडम मैंने नहीं चुराया कुछ भी”

काया पास में पड़ी रॉड उठा कर रामु की टांगो पर जोर से मारती हे.रामु जोर से चिल्लाता हे मीना काया को रोकने आगे बढ़ती हे पर काया अपनी माँ को वहि रुकने को बोलती हे और रामु की तलाशी लेती हे रामु की पॉकेट से १५००० रुपये निकलते है जो उसने काया की पर्स में से चुराये थे .काया रामु पर लातो और रॉड से मारने लगती हे .रामु को काफी चोट लग जाती हे रजत आ कर काया को रोकता हे .

रजत-“काया बस कर क्या जान लेगी इसकी”? .

काया-“हां साले ने बहुत बुकसान किया हे हमारा”.

रजत-“छोड़ इसे पुलिस देख लेगी” .

काया पुलिस का नाम सुन कर काया राहुल को फ़ोन लगाती हे .

काया –“हैलो राहुल जी” .

राहुल-“काया मुझे थोड़ा और टाइम दो अभी कुछ पता नहीं चला हे” .

काया-“मैंने आप को उस काम के लिए याद नहीं किया, आप हमारी शॉप पर आ जाइये” .

राहुल-“क्यों क्या हुआ”? .

काया-“बस काम हे एक आप के लिए आप आ जाओ”.

राहुल-“ओके”.

सारे शॉप के लोग काया की हरकत से डर जाते हे काया सब को बोलती हे “फिर से कभी शॉप में किसी तरह की गडबडी हुई तो अभी इसे तो कम मारा हे, “बाकि तुम लोग समझ ही चुके हो”.

राहुल आ जाता हे काया रामु को राहुल के हवाले करते हुए बोलती हे “साला चोर है हमारी शॉप के कस्टूमर के सामान चुराता था, “इसे ले जाओ और पुछो बाकि का सामान कहा रखा हे” .राहुल अपने कॉन्सटेबल को रामु को हवालत में ड़ालने को बोलता हे .कोंस्टेबल रामु को लेकर चले जाते हे .राहुल जाने लगता हे काया रोकती है .

काया-“हैलो मेने आप को जाने को नहीं कहा” .

राहुल के मन का डर उसके चेहरे से झलक पडता हे .राहुल मुड कर काया के पास जाता हे और बोलता हे “बस एक दिन और दे दो फिर सब बता दूंगा” .

काया-“दो दिन ले लो, “और जल्दी रिजल्ट दो मुझे अब सबर नहीं हो रहा” .
 
अपडेट 47

राहुल का फ़ोन बजता हे. राहुल-“हैलो”

खबारी-“सर कुछ लफंगों को बात करते सुना हे, “हफ्ते पहले किसी लड़के को पिट्ने पर बीस हजार रुपये किसी ने दिए हे” .

राहुल –“उन लड़को पर नजर रखो” .

खबारी –“सर मैंने उन लड़को के अड्डो और घर का पता लगा लीया हे अभी वो सब हनुमान टेम्पले के पास हे .आप आ जाइये”

राहुल –“वही रुक तू में आता हूँ उन पर नजर रख भाग न जाये” .

खबरी –“ओके सर”

राहुल काया को बोलता है

राहुल –“काया जी लगता हे आप के भाई से मार पिट करने वाले मिल गए हे”?

काया-“कोण हे वो सब”?

राहुल –“अभी पक्का नहीं हे उन लड़को ने ही पीटा हे” .

काया-“तो जाइये और उनको पकड़िये टाइम वेस्ट क्यों कर रहे हे” .

राहुल काया के बदलते तेवर देख कर राहुल शॉप से बाहर निकल जाता हे .

काया भाई कुछ कपडे सिलेक्ट किये हे उनको पहन लो

रजत कपडे लेकर चेंजिंग रूम में ले जाता है

रजत कपडे पहन कर निकलता है .काया बोलती हे भाई आप बहुत आच्छे लग रहे हो .मीना काया और रजत के लिए कॉफी मँगवाती हे दोनी कॉफी पिते है. काया मीना को बोलती हे शॉप में सीसी टीवी कैमरे लगा लो .जिस से फिर कभी ऐसी दिक्कत नहीं होगी. रजत भी काया की बात से सहमत होता हे .रजत बोलता हे मोम आप कहो तो मेरा एक दोस्त हे उसे बुला लु .मीना हा बेटा बुला लो रजत अपने दोस्त को फ़ोन करता हे.ओर बोलता हे की तुम कल मेरी शॉप पर पांच सीसी टीवी कैमरे लगा देना.उसका दोस्त बोलता हे ओके में लगा दूंगा .कल आ कर शॉप का एड्रेस मेसेज कर देना .

राहुल हनुमान टेम्पले के पास पहुचता हे वह तीन लड़के बैठे थे खबरि इशारे से बता देता हे यही लड़के हे .राहुल अपने कॉन्सटेबले के साथ जा कर उनको पकड़ लेता हे .तीनो को पकड़ कर थाणे ले जाता हे .

राहुल-“तुम तीनो का नाम क्या हे”? .

लडके –“विकी रॉकी राजु

राहुल –“क्या करते हो तुम तीनो”? .

लडके –“साहिब कुछ नहीं”

राहुल-“तुम लोगो ने हफ्ते पहले उस लड़के को क्यों मारा था”? .

राजु-“साहिब कोण सा लड़का”?

विक्की-“साहिब हमने किसी को नहीं मारा”

राहुल-“तेज़ अवाज में ज्यादा बनने की जरुरत नहीं चुप चाप बता तो वरना चमड़ी उधेड़ कर उगलवा लुँगा” .

रॉकी-“साहिब हुमे उस काम के पैसे मिले थे” .

राहुल-“किसने दिए थे”

रॉकी-“मेरी माँ के साथ के लड़के ने”.

राहुल कोण हे वो

विक्की –“साहिब वो बड़े लोग हे हमे मत फसाओ”

राजु-“साहिब वो तो बच जायेगा हम गरीब मरे जायेंगे” .

राहुल;-“नाम क्या हे उसका”? .

रॉकी-“साहिब मनचंदा”

राहुल-“कोण मनचंदा”?

रॉकी –“साहिब जिनकी बहुत सारी कम्पनिया हे और जो कॉन्ट्रेक्टर भी हे” .

राहुल-“ओह उसके लड़के ने क्यों मारने को बोला तुमको”.

राकय-“साहिब वो बोला था की वो लड़का इसको मारना चाहता हे” .

राहुल –“कांस्टेबल इनको अंदर बंद करो और साथ चलो इनके साथी को पकड़ कर लाते है” .

राहुल काया को कॉल करता हे.

काया-“हैल्लो राहुल जी कुछ बोला उन लोगो ने की में आउ” .

राहुल;-“काया जी आप की जरुरत नहीं सब उगलवा लिया मैंने” .

काया-“किसने मरा था मेरे भाई को”?

राहुल –“बड़े बाप की बिगडी औलाद हे मनचंदा कंपनी के मालिक का लड़का” .

काया –“ओह उस हराम खोर को पकड़ा आप ने” .

राहुल-“उसी को जा रहा हूँ पकडने ताकि आप भी खुश हो जाये” .

काया-“जाइये पकड़ कर अन्दर कीजिये” .

राहुल कॉल काट देता हे और अपने साथियो के साथ निकल पडता है.

राहुल मंनचंदा विला में पहुचता हे .किशोर मनचंदा उसे आने का कारण पूछते हे.राहुल बताता हे “आप के बेटे पर तो हाफ मर्डर का केस दर्ज हे मुझे उसे अन्दर करना ही होगा”

किशोर मनचंदा –“मेरे लड़के पर केस किसने किया”? “आप मुझे जानते हो न मेरा लड़का कोई आवारा नहीं जो हर छोटी बात पर मार पिट करे”.

राहुल-“सर आप हमे अपना काम करने दिजिये” .

किशोर-“वेट किशोर डीजीपी को कॉल करता हे .

डीजीपी-“हैलो सर कैसे याद किया”?

किशोर-“आप का एक इंस्पेक्टर मेरे बेटे को पकडने आया हे” .

डीजीपी –“सर आप उस से मेरी बात करवाओ”.

किशोर फ़ोन राहुल को पकड़ा देता हे “हैलो”.

डीजीपी-“ये क्या हो रहा हे एक इज्जत दार आदमी के घर पुलिस लेकर गए हो, .पागल हो गए हो क्या, चुप चाप वहा से निकलो”.

राहुल-“सर पर उसने एक लडके को बुरी तरह मरा पीटा हे .उसकी फॅमिली से प्रेशर बहुत आ रहा हे” .

डीजीपी –“वो कोई मिनिस्टर की औलाद हे जो तुम उनकी बात मान रहे हो, “जो कहा हे करो” .

राहुल –“जी सर”

राहुल फ़ोन काट कर किशोर को दे देता हे .ओर काया को कॉल लगाता हे .काया फ़ोन उठाती हे राहुल के साथ जो हुआ वो सब बता देता हे .

काया-“आप वहि रुको में दस मिनट में आती हु”.

काया एक्टिवा निकालती हे .ओर सीधा मनचंदा के घर पहुच जाती हे .
 
अपडेट 48

काया एक्टिवा निकालती हे .ओर सीधा मनचंदा के घर पहुच जाती हे .

काया-“कोण हे वो हरामी की औलाद”? .

किशोर-“तमीज़ से बोल लड़की”.

काया-“साले आवाज निचे कर वरना हलक से जुबान खीच लुंगी”.

किशोर –“इन्स्पेटर इसे ले जाओ यहाँ से” .

काया-“साले ये सब मुझे टच भी नहीं कर सकते तुम अपने उसी बाप को बुला जिसे तूने फ़ोन किया था” .

किशोर –“लड़की अपनी लिमिट में रह वरना यही गाड दूंगा किसी को पता भी नहीं चलेगा” .

काया पास में पड़े फ्रुट काटने वाले चाकू को उठा लेती हे और किशोर के गले पर रख देती हे .

किशोर –“ऐ लड़की पागल हो गई हे क्या”? .

काया –“साले फ़ोन कर डीजीपी को उस हरामी को मैं अभी सबक सिखाउंगी” .

राहुल एसीपी को फ़ोन करके सब बता देता हे .एसीपी बोलता हे “यार किसी तरह शांत कर उसे वरना बहुत बड़ा बवाल हो जायेगा”? .

काया अपने फ़ोन से किसी को मेसेज करती हे .

किशोर डीजीपी को कॉल करके आने को बोलता हे .ठोड़ी देर में डीजीपी आ जाता हे .काया राहुल को पास बुलाती हे राहुल डरा डरा उसके पास जाता हे .काया फिर से चालाकी से उस की गन निकाल कर धक्का दे देती हे .

डीजीपी-“कौन है ये लड़की? और तुम्हारी गन उसके पास कैसे”? राहुल सारी बात बता देता हे.

डीजीपी-“बेटी क्या कर रही हो गन निचे रखो और अपनी प्रॉब्लम बताओ” .

काया-“हरामी में तेरी बेटी नहीं संमझा” .

डीजीपी काया की बात सुन कर ग़ुस्से में आ जाता हे और बोलता हे “लडकी चुप चाप गन निचे कर वरना यही इनकाउंटर कर दूंगा” .

काया-“साले तू मेरा क्या इनकाउंटर करेगा में ही तुम दोनों को यही सुला दूंगी, “साले रिश्वत खाता हे हरामी” .

डीजीपी –“जुबान सभाल लड़की” .

काया गन डीजीपी की तरफ करके “साले अब तू हाथ ऊपर कर, “और इन्स्पेटर इसकी गन मेरी तरफ फेक” .

डीजीपी हाथ ऊपर कर लेता हे .काया पूछती हे “जब ये इन्स्पेटर इसके लड़के को पकडने आया तो तूने क्यों मना किया”? .

डीजीपी –“ये एक इज़तदार आदमी हे” .

काया-“तो साले क्या हमारी इज्जत नहीं, “तुम बहुत इज्जतदार हो ना चल पेण्ट उतार .डीजीपी ये बात सुन कर शॉक रह जाता हे .काया बोलती हे इन्स्पेटर तुम सब इसे नंगा करो वरना सब को यही सुला दूंगी .

कोंस्टेबल और इन्स्पेटर डरते हुए डीजीपी को पकड़ लेते हे डीजीपी उनको मना करता हे .पर वो बोलते हे सर जान चलि गई तो पेण्ट पहन कर क्या कर लोगे. सभी मिल कर डीजीपीको नंगा कर देते हे डीजीपी अंडरवियर में खड़ा रहता है

काया-“साले बहुत भोक रहा था देख तुझे सारा जमाना अब इस हालत में देखेगा” .

डीजीपी-“ऐसा मत करो”.

काया-“फिर बता तूने क्यों राहुल को मना किया इस हरामी के लड़के को गिरफ्तार करने से”? .

डीजीपी कुछ नहीं बोलता .

काया –“राहुल जी अपना काम कीजिये और इसके लड़के को पकड़ कर यही लेकर आओ” .

राहुल-”ओके”

डीजीपी और किशोर खड़े रहते हे .काया डीजीपी को कपडे पहनने को बोलती हे .कुच देर बाद काया को माया को कॉल आता हे .

माया-“काया कहा हो तुम”?

काया-“दी एक जरुरी काम कर रही हूँ थोड़ी देर बाद आ जाउंगी”.

माया-“रजत घर में अकेला हे मुझे बाहर जाना हे उसे अकेला कैसे छोड़ू”? .

काया-“दी आप थोड़ी देर वेट कर लो में आती ह”

माया-“काया वेसे क्या कर रही हो”? .

काया-“दी भाई को पिट्ने वाले लड़के की पिटाई करने वाली हु,.”राहुल जी उसे पकडने गए हे” .

माया- “वेसे वो लड़का हे कोन”?

काया-“मनचंदा इंडस्ट्री के मालिक का लड़का” .

माया-“ओके तू जल्दी आ”

राहुल कॉलेज से लड़के को उठा लेता हे और उसके घर ले जाता हे लड़का पूछता हे “कहा ले जा रहे हो”?.राहुल- “बेटा कुछ देर में पता चल जायेगा”? .

उधर घर पर माया रजत के पास बैठी टीवी देख रही होती हे .माया रजत कुछ चाहिए तो नहि”?.

रजत-“हा मुझे किस चाहिए” .

माया-“अभी तो नहीं मिलेगी जब ठीक हो जाओगे तो सरप्राइज दूंगी तुमको, “जिसे देख कर तुम खुश हो जाओगे” .

रजत-“क्या हे वो सरप्राइज”?

माया –“बस हे” .

रजत अपना लंड मसलते हुए मेरा बहुत मन कर रहा हे .प्लीज् एक बार करने दो ना” .

माया रजत का लंड पेण्ट के ऊपर से मसलते हुए “चाहे तो मुह में कर लो मेरी एमसी का दिन चल रहा हे” .

रजत-“तो गांड ही दे दो मुह में मज़ा नहीं आता”

माया –“नहीं भाई मुझे बाहर जाना हे और तुम बहुत बुरी तरह मेरी गांड मारोगे फिर में बाहर भी नहीं जा पाउँगी”.माया रजत का लंड बाहर निकाल के चुसने लगती हे .रजत भी माया के चेहरे को पकड़ कर लंड घुसाने लगता हे .ठोड़ी देर बाद मीना आ जाती हे वो देखति हे माया मज़े से रजत का लंड चुस रही हे .मीना वहि खड़ी रहती हे माया रजत का लंड चुस्ती रहती हे.रजत झड़ने वाला होता हे .माया भी जोर जोर से चुस्ती हे .रजत झड जाता हे माया सारा पाणी पी जाती हे रजत भी हल्का हो जाता हे .

मीना –“क्या बात हे मेरे बेटे को ठीक भी नहीं होने देगी तु”.

माया-“माँ मेरा कसुर नहीं सब कसुर रजत का हे यही जिद कर रहा था”

मीना –“क्यों बेटा इतनी भी क्या जल्दी हे ठीक हो जाओ फिर हम चारो बाहर चलेंगे घुमने के लिए”.

रजत-“वाओ माँ आप सच बोल रही हो”? .

मीना- “यस बेटा आप सब डिसाईड करो को किधर जाना हे? ओके” .

रजत-“ओके”
 
अपडेट 49

राहुल मनचंदा विला पहुचता हे.वहा का माहोल गरम था काफी बहस बाजी हो रही थी काया के साथ तीन तीन मर्द बहस में जीत नहीं पा रहे थे राहुल और लड़के को देख कर काया बोलती हे “क्यों भाई इतनी देर क्यों हो गई दिदार देणे में तुम्हारा ही इंतज़ार हे मुझे” .सुमित मनचंदा ऐसे किसी लड़की को गन लेकर खड़े देख कर सोच में पड़ जाता हे ये बला है कोण?

काया-“आओ तुम भी आओ तुम्हारा बाप और उनके दोस्त भी यही हे” .

सुमित-“हम्म”

काया-“तो तुम हो जिसने अन्धेरे का फायदा उठा कर मेरे भाई को पीटवाया, “वो तो बच गया तुम्हारे साथ क्या सलूक करु”?.

राहुल-“काया में इसे सजा दिलवाउंगा तुम फ़िक्र मत करो”.

काया-“सजा न हुई तो तुम चारो को जो सजा में दूंगी उसे सोच भी नहीं पाओगे,. “की ऐसी सजा भी होती हे”

किशोर-“सुमित तुमने इसके भाई को जान से मारने की कोशिश क्यों की”?.

सुमित-“डैड क्या करता हम दोस्तों की वजह से उसकी गर्ल फ्रेंड का ऑक्सीडेंट हुआ था हमे डर था कही वो हम लोगो को न मारे”?.

किशोर-“जब इतना सब हुआ था तो मुझे क्यों नहीं बताया”?.

सुमित-“डैड मुझे डर था आप मुझे घर से न निकल दे”.

काया-“अब अपना भरत मिलाप बंद करो” “इसको गिरफ्तार करके ले जाओ” .

काया का धयान हट जाता हे और डीजीपी चालाकी से गन छीन लेता हे और काया को धक्का दे देता हे काया गिर जाती हे उसके सर पर चोट लग जाती हे .

डीजीपी –“अब सुमित नहीं तू जेल जायेगी और जेल में तेरी वो दशा करूँगा तू भी याद करेगी तूने तो मुझे आधा नंगा किया था में तुझे पूरा नंगा करूँगा” .

काया-“मादरचोद तूने आच्छा नहीं किया अब तुझे में छोडूँगी नहि”?

डीजीपी और एसीपी “अब तू क्या कर लेगी? “तेरे साथ तो हम जेल में अपनी राते रंगीन करेंगे” .राहुल को छोड़ कर सब हॅसने लगते हे .

काया-“तुम लोगो ने मेरे साथ चालाकी कर ली पर में जानती थी ऐसा हो सकता हे” “तो पूरी तेयारी में आई हूँ, .”मेरी दोस्त तुम लोगो की वीडियो बना रही हे और कैमरा ये रहा मेरी शर्ट में” .

डीजीपी और एसीपी के पसीने छूट जाते हे काया बोलती हे हरामजादो बहुत हास रहे थे अब सब लोग तुम पर हसेंगे .मुझे तो तुम लोग छू भी नहीं सकते”.

डीजीपी आगे बढ़ता हे और काया को पकडने लगता हे एक जोर दार आवाज आती हे और डीजीपी निचे गिर जाता हे .

राहुल इधर उधर देखता हे .ये क्या हुआ डीजीपी के सीने में गोली लगी थी .धाये धाये दो शॉट और हुए .एसीपी और सुमित भी ढेर हो गए .

राहुल गोली चलाने वाले को ढुंढने लगता हे .काया भी डर जाती हे आखिर गोली मारी किसने .गोली चलाने वाला किसी को नज़र नहीं आया राहुल फिर मानचंदा दोनों शॉक थे आखिर किसने गोली चलाई .

राहुल काया को होस्पिटल जाने को कहता हे किशोर अपने लड़के की मौत पर जोर जोर से चिल्लाने और रोने लगता हे .राहुल होस्पिटल से अम्बुलेंस मंगा लेता हे .तीनो डेड बॉडी को होस्पिटल पोस्टमाटम के लिए भेज देता हे .काया रूपा को निकल जाने को कहती हे रूपा जल्दी से वहा से निकल जाती हे .सारे रास्ते काया सोचती रहती हे आखिर किसने गोली चलाई .काया घर पहुचती हे .

रजत काया से पूछता हे क्या हुआ और ये खून क्यों निकल रहा हे पर काया के होश उडे थे .आज पहली बार उसने मर्डर होते देखा था .मर्डर हुआ पर मर्डरर को किसी ने नहीं देखा .काया को सोच में डुबा देख कर रजत पूछता हे “क्या हुआ”? .काया सारी बात बता देती हे की राहुल का फ़ोन आया की वो वह गई वह पर हुई बाते और मर्डर

रजत-“चलो एक बचा था वो भी मारा गया” .”पर गोली चलाने वाले को किसी ने देखा नहीं”? .

काया-“नहीं भाई गोली चलि पर गोली चलाने वाला नज़र नहीं आया”?.

रजत-“तुम सोचना छोड़ो और ठंडा पाणी पी कर आराम करो”

तभी माया आ जाती हे काफी थकि थकि नज़र आती हे.

काया-“दी आप कहा गई थी”?

माया –“बस एक फ्रेंड को मिलने गई थी तुझे क्या हुआ ये चोट कैसे लगी”?

काया-“कुछ नहीं दी बस गिर गई”

माया-“धयान रख काया अपना”

माया अपने रूम में चलि जाती ह

रजत-“काया तुमको पता हे माँ हमे बाहर घुमाने ले जा रही हे

काया-“सच भैया कहा ले जा रही हे”? .

रजत-“माँ ने बोला हे हम लोग डिसाइड कर ले कहा जाना हे”

काया-“भाई आप ही बताओ कहा चलना है”.

रजत-“सोचने दो कल बताऊँगा” .तभी रजत का कॉल आता हे .

रजत-“हैलो रोहित”

रोहित-“केसा हे भाई”?

रजत-“अभी तो ठीक हूँ साले एक बार मिलने भी नहीं आया” .

रोहित-“यार माँ ने जान ले रखी हे कही जाने ही नहीं देती” .

रजत-“तो मज़े हो रहे हे अकेले अकेले”

रोहित-“हा भाई पर”.

रजत-“पर क्या”?

रोहित-“यार ख़ुशी नहीं दे रही उसे तो पहले तुझ से ही चुदवाना हे, .”आगर ठीक हो गया हे तो मेरी मदद कर दे, “ख़ुशी को चोदने का बहुत मन कर रहा हे”.

रजत-“अभी तो ठीक हूँ बोल तो आज शम को आउ तेरे घर, “तेरे पिता कहा है”?

रोहित-“वो तो फिर १५ दिन के टूर पर गए हुए हे” .

रजत-“चल में अभी आया माँ और ख़ुशी रेडी कर” .

रोहित- “ओके भाई”
 
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