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रजत और रोहित देखते हे कोमल नंगी लेट कर अपनी बुर में उंगली कर रही हे और पास में बैठ कर ख़ुशी कोमल की चुचिओ को दबा रही हे .
खुशी-“आंटी आप अंकल से खुश नहीं हो क्या”?
कमल-“बेटी वो मंथ में एक या दो बार करते हे” .
खुशी –“आप हमेशा उंगली ही करती हो की किसी और के साथ भी किया हे”?
कमल-“क्या बात कर रही हे ऐसा कुछ नहीं करती में” .
रजत एक बार तो डर गया कही कोमल उसके रिस्ते के बारे में ख़ुशी को न बता दे .खुशी को एक परछाई नज़र आती है .खुशी घबरा जाती हे .कोमल को बोलती हे की “कोई बाहर हे” .कोमल जैसे ही डोर के पास जाती हे एक दम चौक जाती हे .रोहित और रजत दोनों उसके नंगे बदन को देख रहे थे .कोमल शर्मा के अन्दर चलि जाती हे रजत और रहित एक दूसरे को देखते हे .
रोहित-“यार ये सब हमे नहीं देखना चाहिए था”
रजत-“यही मोका हे चुदाई का फिर कभी नहीं मिलेगा सोच ले” .
रोहित-“पर यार क्या मानेंगी माँ और खुशी”?.
रजत –“उसकी फिकर छोड़ और अन्दर चलते हे और टूट पड़ते हे” .
रोहित की आँखों में चमक आ जाती हे .दोनो रूम में घुसते हे .खुशी और कोमल कपडे पहन चुकी थी और एक साइड में बैठी थी .
रोहित-“माँ डरने की जरुरत नहीं हे” .
कोमल-“बेटा तुम अन्दर कैसे आये”?
रजत-“डोर खुला था तो आ गए”.
कोमल ख़ुशी की तरफ देखति हे ख़ुशी जल्दी में डोर बंद करना भूल जाती हे .
रजत ख़ुशी के पास जा कर बैठ जाता हे .रोहित कोमल के पास बैठ कर उसकी जांघो को सहलाता हे .रजत ख़ुशी की गांड को सहलाता हे .
कोमल-“बेटा ये आप दोनों क्या कर रहे हो” .
रजत-“आंटी जो आप कर रही थी”.
रोहित-“माँ मेरा भी दिल करता हे, पर कोई देती नही”.
कोमल –“बेटा ये गलत हे आप जाओ यहाँ से” .
रजत कोमल को आँख मारते हुए .”ऑन्टी पता किसी को चलेगा तो गलत हे, “वो सामने वाला पडोसी रोज अपनी बहन चोदता हे किसी को पता हे” .
रोहित अपनी माँ की चुचिओ को दबाने लगता हे .रजत भी ख़ुशी को चूमने लगता हे .खुशी रजत के होठों को चुस्ती हे रजत उसके मुह में जीभ देता हे ख़ुशी काफी देर चुस्ती रहती हे .रोहित अपनी माँ के होठ चुसते चुसते जोर जोर से चुचिआ दबाने लगता हे .
कोमल –“उउउउम्मम्मा बेटा धीरे से दबाओ”.
रजत ख़ुशी के कपडे उतारने लगता हे .रोहित भी अपनी माँ को नंगा कर देता है
रजत ख़ुशी को लिटा कर उसकी बुर चाटने लगता हे .रोहित कोमल को लंड चुसने को बोलता हे कोमल मना कर देती हे .रोहित को बहुत गुसा आता हे वो कोमल के बाल पकड़ कर लंड कोमल के मुह पर रगडता हे .कोमल बाल छुडाने की कोशिश करती हे पर नहीं छुडा पाति हार कर रोहित का लंड मुह में लेती हे . रजत ख़ुशी की बुर चाटते हुए निप्पल को खीचता हे ख़ुशी की सिसकिया नकलती हे .रोहित भी कोमल के मुह में जोर से लंड पेल देता हे .जो कोमल के गले के अन्दर जा टकराता हे .
रजत ख़ुशी के ऊपर 69 कि पोजिशन में लेट जाता हे ख़ुशी समझ जाती हे रजत क्या चाहता हे .इधर रोहित भी अपनी माँ की बुर में उंगलिया पेलता हे .रजत कोमल की तरफ देख कर मुस्कराता हे .रोहित बोलता हे “यार में माँ की गांड ही मारूँगा” .रजत पूछता हे “क्यु”?.रोहित बोलता हे “यार जिस जगह से निकला हूँ वहि कैसे घुसाउंगा” .ओर दोनों हॅसने लगते हे .कोमल धीरे धीरे लंड चुस्ती हे . रोहित भी मजे से चुसवाता हे .रजत ख़ुशी के पैर मोड़ कर उसकी बुर को जोर जोर से चूसता हे और ख़ुशी के मुह में लंड दाल दाल के चोदता हे .
रोहित कोमल को बेड पर बैठा देता हे और उसकी टाँगे खोल कर बुर चूसता हे कोमल बोलती हे “बेटा और जोर से चुसो,
“उउउउम्मम्मम्माआआअस
बेटा आससससस ब्ब्ब्बाःहूंउत्तत्तत
न्मममममममाआवाज्ज्ज्जाआँ आआ
ररररराहहहआ ही खा जा अपनी माँ की बुर मादरचोद” .रोहित अपनी माँ के बदले तेवर देख के हेरान रेह जाता हे .कोमल “क्या देख रहा हे मादरचोद”? .
रोहित-“साली रंडी तेरी बुर बहुत चुदासी हे, कितनी गरम हो गई हे” .
कोमल –“साले भड़वे अपनी माँ की फिर ठण्डा क्यों नहीं करता”? .
रोहित-“कुत्तिया रंडी आज तेरी गर्मी ठण्डी कर के रहूँगा”.
रजत ख़ुशी की बुर में उंगली दाल दाल के चूसता रहता हे ख़ुशी भी रजत का बड़ा और मोटा लंड मुह में लेकर चुस्ती रहती हे ख़ुशी खुश थी की रजत जैसे लंड से चुदने वाली हे .रोहित अपनी माँ को लेता कर बोलता हे “हम भी रजत जैसे चुस और चुस्वा रहा हे, “वेसे ही चूसेंगे और चुसवाएंगे” .कोमल राजी हो जाती हे .चारो 69 की पोजीशन में चुसते हे एक दूसरे के लंड बुर को .३० मिनट की चुसवाई के बाद कोमल और खुशि झड जाती हे .रोहित और रजत पाणी को गिरने नहीं देते फ़टाफ़ट चाटने लगते हे और सारा बुर का पाणी पी जाते हे .रोहित रजत को बोलता हे “मेरी माँ का पाणी बहुत टेष्टि हे” .रजत बोलता हे “कुवारी चुत के पाणी का मुकाबला कोई नहीं कर सकता”.कोमल और ख़ुशी उनकी बाते सुन कर शरमा जाती हे .रजत और रोहित खड़े हो जाते हे .ओर कोमल और ख़ुशी उनके सामने आ कर बैठ जाती हे .रोहित और रजत उन दोनों के मुह को चोदने लगते हे रजत ख़ुशी के बाल को पकड़ कर जोर जोर से चोदता हे रोहित आराम से खड़ा रहता हे और कोमल उसके लंड को पकड़ कर जोर जोर से चुस्ती हे .रोहित झड जाता हे कोमल उसका लंड चुस्ती रहती हे लंड ढीला हो जाता हे कोमल फिर भी चुस्ती रहती हे अखिरी बून्द भी पी जाती हे .ठोड़ी देर बाद रजत बोलता हे “ख़ुशी में झड़ने वाला हूँ क्या तुम मेरा पाणी पीओगी” .खुशी “हा रजत में प्यासी हूँ कब से, “प्यास बुझा दो अब मेरी”. और रजत झड जाता हे खुशु का मुह पाणी से भर जाता हे .उसके लाख कोशिश करने पर भी वह जल्दी जल्दी पाणी नही पी पाती और पाणी मुह से निकल कर चुचिओ पर गिरने लगता हे .खुशी सारा पाणी पी जाती हे कोमल ख़ुशी की चुचिओ पर गिरे पाणी को चाटने लगती हे ..चारो सुस्त पड़ जाते हे तभी डोर बेल बजती हे चारो घबरा जाते हे कोण आया हे अब
सभी कपडे पहन लेते हे .रजत और रोहित का तो बुरा हाल हो जाता हे खड़े लंड पर उनको धोखा मिल रहा था .
रोहित-“कोण साला अपनी बहन चुदवाने अब आ गया” .
रजत-“जाकर देखो किसकी माँ चुद गई जो आ गया” .
कोमल-“तुम दोनों अपने रूम में जाओ में देखति हु”.
कोमल दरवाजा खोलती है सामने कोमल का पति रवि खड़ा था .
खुशी-“आंटी आप अंकल से खुश नहीं हो क्या”?
कमल-“बेटी वो मंथ में एक या दो बार करते हे” .
खुशी –“आप हमेशा उंगली ही करती हो की किसी और के साथ भी किया हे”?
कमल-“क्या बात कर रही हे ऐसा कुछ नहीं करती में” .
रजत एक बार तो डर गया कही कोमल उसके रिस्ते के बारे में ख़ुशी को न बता दे .खुशी को एक परछाई नज़र आती है .खुशी घबरा जाती हे .कोमल को बोलती हे की “कोई बाहर हे” .कोमल जैसे ही डोर के पास जाती हे एक दम चौक जाती हे .रोहित और रजत दोनों उसके नंगे बदन को देख रहे थे .कोमल शर्मा के अन्दर चलि जाती हे रजत और रहित एक दूसरे को देखते हे .
रोहित-“यार ये सब हमे नहीं देखना चाहिए था”
रजत-“यही मोका हे चुदाई का फिर कभी नहीं मिलेगा सोच ले” .
रोहित-“पर यार क्या मानेंगी माँ और खुशी”?.
रजत –“उसकी फिकर छोड़ और अन्दर चलते हे और टूट पड़ते हे” .
रोहित की आँखों में चमक आ जाती हे .दोनो रूम में घुसते हे .खुशी और कोमल कपडे पहन चुकी थी और एक साइड में बैठी थी .
रोहित-“माँ डरने की जरुरत नहीं हे” .
कोमल-“बेटा तुम अन्दर कैसे आये”?
रजत-“डोर खुला था तो आ गए”.
कोमल ख़ुशी की तरफ देखति हे ख़ुशी जल्दी में डोर बंद करना भूल जाती हे .
रजत ख़ुशी के पास जा कर बैठ जाता हे .रोहित कोमल के पास बैठ कर उसकी जांघो को सहलाता हे .रजत ख़ुशी की गांड को सहलाता हे .
कोमल-“बेटा ये आप दोनों क्या कर रहे हो” .
रजत-“आंटी जो आप कर रही थी”.
रोहित-“माँ मेरा भी दिल करता हे, पर कोई देती नही”.
कोमल –“बेटा ये गलत हे आप जाओ यहाँ से” .
रजत कोमल को आँख मारते हुए .”ऑन्टी पता किसी को चलेगा तो गलत हे, “वो सामने वाला पडोसी रोज अपनी बहन चोदता हे किसी को पता हे” .
रोहित अपनी माँ की चुचिओ को दबाने लगता हे .रजत भी ख़ुशी को चूमने लगता हे .खुशी रजत के होठों को चुस्ती हे रजत उसके मुह में जीभ देता हे ख़ुशी काफी देर चुस्ती रहती हे .रोहित अपनी माँ के होठ चुसते चुसते जोर जोर से चुचिआ दबाने लगता हे .
कोमल –“उउउउम्मम्मा बेटा धीरे से दबाओ”.
रजत ख़ुशी के कपडे उतारने लगता हे .रोहित भी अपनी माँ को नंगा कर देता है
रजत ख़ुशी को लिटा कर उसकी बुर चाटने लगता हे .रोहित कोमल को लंड चुसने को बोलता हे कोमल मना कर देती हे .रोहित को बहुत गुसा आता हे वो कोमल के बाल पकड़ कर लंड कोमल के मुह पर रगडता हे .कोमल बाल छुडाने की कोशिश करती हे पर नहीं छुडा पाति हार कर रोहित का लंड मुह में लेती हे . रजत ख़ुशी की बुर चाटते हुए निप्पल को खीचता हे ख़ुशी की सिसकिया नकलती हे .रोहित भी कोमल के मुह में जोर से लंड पेल देता हे .जो कोमल के गले के अन्दर जा टकराता हे .
रजत ख़ुशी के ऊपर 69 कि पोजिशन में लेट जाता हे ख़ुशी समझ जाती हे रजत क्या चाहता हे .इधर रोहित भी अपनी माँ की बुर में उंगलिया पेलता हे .रजत कोमल की तरफ देख कर मुस्कराता हे .रोहित बोलता हे “यार में माँ की गांड ही मारूँगा” .रजत पूछता हे “क्यु”?.रोहित बोलता हे “यार जिस जगह से निकला हूँ वहि कैसे घुसाउंगा” .ओर दोनों हॅसने लगते हे .कोमल धीरे धीरे लंड चुस्ती हे . रोहित भी मजे से चुसवाता हे .रजत ख़ुशी के पैर मोड़ कर उसकी बुर को जोर जोर से चूसता हे और ख़ुशी के मुह में लंड दाल दाल के चोदता हे .
रोहित कोमल को बेड पर बैठा देता हे और उसकी टाँगे खोल कर बुर चूसता हे कोमल बोलती हे “बेटा और जोर से चुसो,
“उउउउम्मम्मम्माआआअस
बेटा आससससस ब्ब्ब्बाःहूंउत्तत्तत
न्मममममममाआवाज्ज्ज्जाआँ आआ
ररररराहहहआ ही खा जा अपनी माँ की बुर मादरचोद” .रोहित अपनी माँ के बदले तेवर देख के हेरान रेह जाता हे .कोमल “क्या देख रहा हे मादरचोद”? .
रोहित-“साली रंडी तेरी बुर बहुत चुदासी हे, कितनी गरम हो गई हे” .
कोमल –“साले भड़वे अपनी माँ की फिर ठण्डा क्यों नहीं करता”? .
रोहित-“कुत्तिया रंडी आज तेरी गर्मी ठण्डी कर के रहूँगा”.
रजत ख़ुशी की बुर में उंगली दाल दाल के चूसता रहता हे ख़ुशी भी रजत का बड़ा और मोटा लंड मुह में लेकर चुस्ती रहती हे ख़ुशी खुश थी की रजत जैसे लंड से चुदने वाली हे .रोहित अपनी माँ को लेता कर बोलता हे “हम भी रजत जैसे चुस और चुस्वा रहा हे, “वेसे ही चूसेंगे और चुसवाएंगे” .कोमल राजी हो जाती हे .चारो 69 की पोजीशन में चुसते हे एक दूसरे के लंड बुर को .३० मिनट की चुसवाई के बाद कोमल और खुशि झड जाती हे .रोहित और रजत पाणी को गिरने नहीं देते फ़टाफ़ट चाटने लगते हे और सारा बुर का पाणी पी जाते हे .रोहित रजत को बोलता हे “मेरी माँ का पाणी बहुत टेष्टि हे” .रजत बोलता हे “कुवारी चुत के पाणी का मुकाबला कोई नहीं कर सकता”.कोमल और ख़ुशी उनकी बाते सुन कर शरमा जाती हे .रजत और रोहित खड़े हो जाते हे .ओर कोमल और ख़ुशी उनके सामने आ कर बैठ जाती हे .रोहित और रजत उन दोनों के मुह को चोदने लगते हे रजत ख़ुशी के बाल को पकड़ कर जोर जोर से चोदता हे रोहित आराम से खड़ा रहता हे और कोमल उसके लंड को पकड़ कर जोर जोर से चुस्ती हे .रोहित झड जाता हे कोमल उसका लंड चुस्ती रहती हे लंड ढीला हो जाता हे कोमल फिर भी चुस्ती रहती हे अखिरी बून्द भी पी जाती हे .ठोड़ी देर बाद रजत बोलता हे “ख़ुशी में झड़ने वाला हूँ क्या तुम मेरा पाणी पीओगी” .खुशी “हा रजत में प्यासी हूँ कब से, “प्यास बुझा दो अब मेरी”. और रजत झड जाता हे खुशु का मुह पाणी से भर जाता हे .उसके लाख कोशिश करने पर भी वह जल्दी जल्दी पाणी नही पी पाती और पाणी मुह से निकल कर चुचिओ पर गिरने लगता हे .खुशी सारा पाणी पी जाती हे कोमल ख़ुशी की चुचिओ पर गिरे पाणी को चाटने लगती हे ..चारो सुस्त पड़ जाते हे तभी डोर बेल बजती हे चारो घबरा जाते हे कोण आया हे अब
सभी कपडे पहन लेते हे .रजत और रोहित का तो बुरा हाल हो जाता हे खड़े लंड पर उनको धोखा मिल रहा था .
रोहित-“कोण साला अपनी बहन चुदवाने अब आ गया” .
रजत-“जाकर देखो किसकी माँ चुद गई जो आ गया” .
कोमल-“तुम दोनों अपने रूम में जाओ में देखति हु”.
कोमल दरवाजा खोलती है सामने कोमल का पति रवि खड़ा था .