• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

लाइफ हो तो ऐसी complete

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date
अपडेट 80

दूसरा लड़का भी आ गया और रजत को पकड़ लिया .

पहले लड़के ने रजत को एक घूसा मार दिया ये देख कर चारो लड़कियो को बहुत घुस्सा आ गया .

अनु ने पहले लड़के के बालो को पकड़ कर कर पीछे से खीचा लड़का निचे गिर गया .

रूपा ने पास में पड़ी लकडियो के ढेर से मोटी सी लकडी उठा कर दूसरे लड़के के सर पर दे मारी चारो लड़किया लड़को को पिट्ने लगी .

लडक़ो की चिखे सुन कर विपीन और केशव आ गए .

केशव बोलता हे “ये क्या हो रहा हे” .

रजत चेअर पर बैठता हुआ बोलता हे “इनकी धुलाई हो रही हे अंदर बहुत कचरा भरा पड़ा हे” .

विपिन लड़कीओ को हटाता हे .

ओर लड़को को खड़ा करते हुए बोलता हे

“यहा क्या कर रहे थे, तुमको किसने बोला यहाँ ऊपर आने को”

लड़के कुछ नहीं बोले विपिन ने दोनों को चाटे लगाए और निचे जाने को बोला दोनों की खूब पिटाई हो चुकी थी .

दोनो वहा से चले गए विपिन बोला

“बेटा माफ् करना गाव के लड़के हे इनकी तरफ से में माफ़ी माँगता हु”

रजत बोलता हे “मोसा जी भूल जाओ जो हो गया सो हो गया, आप क्यों माफ़ी मांग रहे हो, उनकी करनी की सजा उनको मिल गई” .

विपिन और केशव फिर से निचे चले गये रजत गिलास में दारु डालते हुए बोलता हे “आओ मेरी झासी की रानियो, .

थोड़ा गला गिला कर लो” .

रूपा और अनु ने एक ही घुट में गिलास खाली कर लिया .

माया बोली “धीरे पियो इतना भी क्या घुस्सा” .

माया रजत के सीने पर हाथ से सहलाते हुए पूछती हे “जोर से लगी थी क्या”

रजत बोलता हे “नहीं दीदी इतना तो चलता हे” .

पांचो बैठ कर दरू पिने लगते हे मीना और सिमा भी आ जाती हे और पूछती हे “क्या हुआ तुम लोगो का किसी से झगड़ा हुआ हे क्या”? .

माया बोलती हे “माँ कुछ खास नहीं हुआ, दो बत्तमीज़ लड़के थे, उनको हमने सुधार दिया” .

सिमा बोलती हे “बेटी वो बहुत बिगडे लड़के हे, थोड़ा संभल कर रहा करो” रूपा बोलती हे “इन लोगो से ज्यादा बिगडे लड़के देखे हे” रजत एक पैग अपनी माँ को पकडाता मीना पी जाती हे .

सीमा देख कर चौक जाती है और सिमा बोलती हे “दीदी आप भी पिती हो”.

मिना बोलती हे “कभी कभी पिती हूँ”

सिमा बोलती हे “बेटा खाना निचे खाओगे की ऊपर ही भेज दु”.

रजत बोलता हे “मोसी यही भेज दो,हम सब ऊपर ही खाएँगे”

सिमा सब का खाना ऊपर लगा देती हे सब डिनर करने लगते हे दारू के नशे की वजह से सबको बहुत नींद आ रही थी सीमा सब के सोने का इन्तजाम कर देती हे.

रजत माया और रूपा एक रूम में मालती केशव एक रूम में और अनु मीना रेणु एक रूम में सो जाते हे .

काफी रात हो चुकी थी सब थक चुके थे गिरते ही सो गये .

सुबह एक शोर से सब की नींद खुलती हे कोई चीख चीख के बात कर रहा था .

रजत सब बाहर आते हे एक आदमी विपीन को धमका रहा था .मीना ने पूछा “क्या बात हे, और ये इतना चीख चीख के क्यों बात कर रहा हे” .

वो आदमी बोला “वो लड़का और लडकिया कहा हे, जिन्होंने मेरे बच्चो को मारने की हिम्मत की” .

रजत स्माइल करते हुए बाहर आया और बोला

“कोण हे जो कुते की तरह सुबह सुबह भोक रहा हे”

अदमी ये सुन कर और गुसे में आ गया और बोला

“अच्छा तो तू वो हरामि हे जिस ने मेरे बच्चों को मारा हे”

गाली सुन कर रजत का खून खोल गया .

रजत ने बोला “सूअर के जने गन्दी नाली के कीडे जुबान संभाल वरना हलक में हाथ दाल कर खीच लुँगा”.

बात बिगडती चलि जा रही थी विपीन उस आदमी से माफ़ी मांग रहा था .

वो आदमी रजत का कॉलर पकड़ लेता हे तभी वहा काया की कार आ कर रुकति हे .

काया ने जीन्स और टीशर्ट पहन रखी थी जैसे ही काया देखति हे रजत का कॉलर कोई पकड़ के खड़ा हे वो आग बबुला हो जाती हे कार से एक हेरोइन की तरह निकलती हे और सीधा अदमी के पास जा कर खड़ी हो जाती हे .

ओर चिख कर बोलती हे “कुते तेरी इतनी हिमत तू मेरे भाई का कॉलर पकडा” .

तभी एक आदमी काया को पकडने लगता हे .

काया उस आदमी की टांगों के बिच ऐसी किक मारती हे की उसकी चीखे निकाल जाती हे वो आदमी बैठ जाता हे .

आदमी बोलता हे “ये लड़की हट जा वरना तेरा भी बुरा हॉल कर दूंगा साली” अब बात बढ चुकी थी विपिन और सिमा नहीं सभांल सकते थे .

मोर्चा बच्चों ने संभल लिया अनु रेणु रूपा माया अंदर से चाकु और लाठियां उठा कर बाहर आई और बोली

“सालो तुम सब की मर्दानगी न निकाल दी तो हमारा नाम बदल देना केशव को भी गुसा आ जाता हे रजत का मामा भी आदमी को पकड़ लेता हे .

काया अनु के हाथ से चाक़ू ले लेती हे .

सब डर जाते हे मीना काया को बोलती हे “बेटी चाक़ू फेक दो” .

काया बोलती हे “इस हरामि कुते ने मेरे भाई का कॉलर पकड़ा था, अब में इसके हाथ ही काट दूंगी” .

रजत काया को ऐसा करने से रोकता हे आदमी के साथ आये सब आदमी भाग गए .

काया बोलती हे “साले तुझे लगा हम शहरी हे तू जो बोलेगा हम सुन लेंगे तेरी तो ऐसी हालत करेंगे न तू जी पायेगा और न मर पायेगा” .

रजत का मामा बोलता हे “राजकुमारी अब माफ् भी कर दो इसे”

रेखा भी काया को मनाती हे .

काया बोलती हे “तू अब में तुझे कुत्ता ही बना कर रखूँगी और जो छुडाने आएगा उसको भी कुत्ता ही बना कर रखूँगी” .

काया पास में पड़ी रस्सी .

आदमी के गले में बांध देती हे..विपिन बोलता हे

“बेटी ये क्या कर रही हो” .

काया बोलती हे “चुप चाप अंदर चले जाओ, और जिसने भी इसे खोला या ईसने भगने की कोशिश भी की, तो जान से मार दूंगी” .

काया उस आदमी के गले में रस्सी बांध कर अंदर ले जाती हे .

रजत बोलता हे “बस कर काया”.

रेखा भी बोलती हे “राजकुमारी शादी का घर हे क्यों बवाल करवा रही हे” .

काया बोलती हे “सब को पता होना चाहिए काया के भाई को हाथ लगाने का क्या नतीजा होता हे” .

काया सब को शादी की तैयारी करने को बोलती हे और आदमी को एक चेअर पर बैठने को बोलती हे मारे शर्म के आदमी कुछ बोल नहीं पाता .
 
अपडेट 81

थोड़ी देर बाद पुलिस आ जाती हे इंस्पेक्टर के साथ आदमी के लड़के थे .इंस्पेक्टेटर अपनी ऊची अवाज में बोलता हे किसने ये सब किया हे एक शरीफ आदमी को ऐसे बेइज्जत किसने किया

.सब डर जाते हे .लड़के रजत की तरफ उंगली कर देते हे .

इंस्पेटकर रजत की तरफ बढ़ता हे .

जेसे ही रजत को पकडने जाता हे काया सामने आ जाती हे और इंपेक्टर का हाथ काया के सिनो पर पड़ जाता हे काया एक जोर दार चांटा इस्पेक्टर को मारती हे .

इंस्पेक्टर निचे धुल चाटने लगता हे उसे समझ नहीं आता ये हुआ क्या काया इंपेक्टर का कोलर पकड़ कर दो तीन और चांटे मारती हे .

इंस्पेक्टर के कॉन्सटेबल काया को पकडने आते हे .

काया शेरनी की तरह चीख कर बोलती हे कोई अपनी जगह से हिला तो जान से मार दूंगी .

कोंस्टेबल लोगो की हवा निकल जाती हे .

इंस्पेक्टर को काया बोलती हे कुत्ते तेरी हिमत कैसे हुई मेरे ऊपर हाथ ड़ालने की .इंस्पेक्टर बोलता हे में आप को नहीं में तो उस लड़के को पकडने जा रहा था आप पता नहीं कहा से आ गई .

काया बोलती हे साले तू उस पर हाथ डालेगा तो भी मुझ पर ही डालेगा वो मेरी जान हे.

तभी पीछे से राहुल की अवाज आती हे काया ये क्या कर रही हो .

काया राहुल को देख कर बोलती हे “आओ तुम्हारी ही कमी थी, ओर तुम यहाँ क्या कर रहे हो, जरा बताओ हम लोगो की जासुसी पुलिस वालो ने करने को बोला हे क्या”? राहुल बोलता हे

“नहीं में तो केस के सिल सिले में आया था,

घर गया था तो पता चला तुम सब यहाँ आये हो, तो मिलने आ गया, और रूपा को घर लेकर जाना हे, प्रिंसपल सर उसे याद बहुत करते हे, उनको फ़िक्र होती हे” .काया बोलती हे “ठीक हे ठीक हे अब सफाई तुम नहीं ये साला देगा” .

राहुल इंस्पेक्टर से पूछता हे “क्या बात हे”? इंपेक्टर राहुल को सब बाते बता देता हे राहुल उसे जाने की सलाह देता हे राहुल इंस्पेक्टर को बताता हे

“तूने गलत जगह पन्गा ले रहा हे, ये फॅमिली बहुत अजीब और खतरनाक हे, जिस ने भी पंगा लिया वो जान से चला गया, में गवाह हूँ उसका, पर कुछ कर नहीं सकता हु” .इंस्पेक्टर जाने लगता हे .

काया उसे पीछे से पकड़ लेती हे और बोलती हे “कहा जा रहा हे मैंने तुझे जाने को बोला नहीं, चुप चाप उस कुत्ते के साथ बैठ जा, अब तो तेरे बड़े ऑफिसर यहाँ आयेंगे तब तू जायेगा” .

इंस्पेक्टर बोलता हे “ये लड़की अपनी हद में रह वरना यही इंकॉउंटर कर दूंगा” .काया बोलती हे “हिजडे कभी मक्खी मारी हे जो मेरा इंकॉउंटर करेगा” .

इंस्सपेक्टर जाने लगता हे काया उसका हाथ पकड़ लेती हे और बोलती हे “सोच ले तूने मेरा रेप करने की कोशिश की हे,

और ये सब भी यही गावहि दे तो तू जेल में, तेरी सारी अकड धरी की धरी रह जाएगी”.

इंस्पेक्टर बोलता हे “मेरी माँ माफ् कर दे जो में इन सालो की बातो में आ कर यहाँ अपनी माँ बहन करवाने आ गया”..

राहुल और रजत काया को शांत करते हे .

केशव और विपिन इन्स्पेटर और उस आदमी को छोड़ देते हे और बोलते “भागो यहाँ से और नजर मत आना” .

माहोल गरम सब की नजर काया पर थी सब काया की बहादुरी की दाद देते हे .

राहुल बोलता है “रजत मुझे रूपा को लेकर जाना होगा” .

रजत बोलता हे “एक दिन यही रुक जाओ, शादी के बाद ले जाना” .

विपीन भी कहता हे “इंस्पेक्टर साहब आप भी बरात में चलो” .

राहुल बोलता हे में वहा क्या करूँगा? ओके आप चाहते हो तो में यही रुक जाता हु, ताकि कोई और प्रॉब्लम न हो” .

सब लोग बारात में जाने की तेयारी करते हे .

दोपहर में बारात रवाना होनि थी सब पहले ही घर के बवाल की वजह से किसी से मिल भी नहीं पाए थे .

विपिन अपने बेटे अंश से सब को मिलवाता हे .

अंश काया को बोलता हे “तुझ जेसी मेरी बहन भी होती तो में तो पुरे एरिया का डॉन बन जाता” .सब हॅसने लग जाते हे .

काया बोलती हे “आप भी मेरे भाई हो आप को भी कोई हाथ लगायेगा तो हाथ तोड़ दूंगी” .

रेखा बोलती हे “राजकुमारी अब घुस्सा थूको तो तैयार हो जाओ बारात में नहीं जोओगी क्या” .

आंश और ममता बोलते हे चलो ना .

अंश बोलता हे वहा शादी में सब मुझे परेशान करेंगे तो कोई तो होना चाहिए बचाने वाला” .सब फिर हॅसने लगते हे .

काया और सब तैयार होने चले जाते हे.
 
अपडेट 82

सब रेडी होते हे .रजत भी शेरवानी पहन कर दूल्हा लगता हे मीना बोलती हे “रजत बोलो तो तुम्हारे लिए भी लड़की देख लु अब तो बड़े हो गए हो” रजत बोलता हे “माँ अभी तो बच्चा हूँ में” रेखा बोलती हे है “दीदी अभी तो दूध पीता बच्चा है” रजत को फिर से रेखा की बड़ी बड़ी चूचिया याद आ जाती हे

सब लोग हॅसने लगते हे.

विपिन बोलता हे “ये लडकिया कहा रह गई लेट हो रहे हे” .

रजत बोलता हे “मोसा जी ये लड़किया बहुत टाइम लेगी .

आप देखते जाइये”.

तभी अनु और रेणु बाहर आती हे दोनों ने ग्रीन कलर का लेहंगा चोली पेहन रखा था .दोनो बहुत अच्छी दिख रही थी .

रजत बोलता हे “क्यों हरी झंडी दे रही हो अभी तो गाड़ी भरी भी नहीं” .

सब हॅसने लगते हे .

अनु बोलती हे “भाई आप बहुत बूरे हो तारीफ करते हो तो भी बुरा लगता हे”

रजत बोलता हे “मेरी बहनो में तो तारीफ ही करता हूँ बुरी खुद लग जाती हे”

रजत बोलता हे “अब ये चारो कहा रह गई हे” ममता भी रेड लेहंगा चोली पेहन कर आती हे .

वो भी बहुत हॉट लग रही थी रजत उसे देख कर बोलता हे “लगता हे आज सतरँगी कम्पटीशियन हे, सब रंग बिरंगा ही पहन कर आ रही हे, दो ने हरी झंडी दिखाइ, तो ईसने लाल झण्डी दिखा दी, आगे देखो क्या होता हे” ..तभी रूपा आती हे ब्लैक एंड वाइट जिन्स और टॉप में एक दम बम लग रही थी जिन्स एक दम चिपकी हुई और टॉप एक दम टाइट उसकी चुची के निप्पल साफ पता चल रहे थे.

रजत रूपा के कान में बोलता हे “पहले तो कभी ऐसी ड्रेस नही पहनी, कही किसी के साथ भागने का प्रोग्राम तो नहीं” .

रूपा रजत को मारती हुई बोलती हे “आप बहुत कमीने हो तारीफ नहीं कर सकते तो कम से कम चिड़ाओ तो मत” .रजत रूपा को बोलता हे “जान आज बहुत सेक्सी लग रही हो निचे देखो, मेरा तो पप्पू भी खड़ा हो गया तुमको देख के” रूपा रजत के लंड को देखति हे सच में एक दम सीधा शेरवानी में नजर आ रहा था .

विपिन बोलता हे “सब आ गए पर हमारी घर की रोनक अभी नहीं आई” .रेखा बोलती हे “भाई साहब राजकुमारी हे वो हमारी तो टाइम तो लेगी ही” .तभी माया निकलती हे पिंक साड़ी में .पिंक ब्लाऊज वो भी बैक लेस वाला हाफ बाजू .एक दम पिंकी लगती हे .रजत बोलता हे “दीदी आप तो आज किसी न किसी की जान जरूर लोगी” .

मीना बोलती हे “चुप कर नजर मत लगा मेरी बेटी को” .माया बोलती हे “भाई मरने दो दो चार को वेसे भी अबादी बहुत बढ़ गई हे” सब जोर जोर से हस् रहे होते हे .अचानक काया की इंट्री से सब चुप हो जाते है

काया ने व्हाइट कलर का गाउन पहन रखा था एक दम फिल्म स्टार लग रही थी .सब काया को घुरते रहते हे .माया बोलती हे “काया तू तो बहुत अच्छी लग रही हे, ये ड्रेस तुझ पर बहुत जंच रही हे, मां ने ले कर दी हे क्या”? .काया बोलती हे “नहीं ये मेरी स्वीट माँ ने मुझे दी हे” .

विपिन बोलता हे “चार बज गए हे सब आ गए हे तो चले” .केशव शादी का सामान बस में रखता हे .विपिन बारातियो को बस में बैठने को बोलता हे .रजत पूछता हे “मोसा जी हम किस से जायेंगे”? .

विपिन बोलता हे “बेटा घर वाले मार्सल से चलेंगे दो मार्सल हे एक में तुम बच्चे हो लो, और एक में बड़े हो जायेंगे, अंश की गाड़ी में उसकी माँ जाएँगी साथ में” .रजत बोलता हे “ठीक हे मोसा जी”. ममता ड्राइवर के साथ वाली सिट पर बैठ जाती हे .

अनु और रेणु पीछे वाली सीट पर बैठ जाती हे और रजत काया माया बिच वाली सीट पर बैठ जाती हे .सब घर से निकलने को तैयार थे .रजत राहुल को बोलता हे “आप जरा ध्यान दीजिएगा” .राहुल बोलता हे “बेफिक्र हो कर जाओ मेरे होते हुए कुछ नहीं होगा” यहसब रवाना हो जाते हे .दुल्हन के घर की तरफ़ .सफर लम्बा था चार घण्टो का .

लम्बा सफर लोगो की जिन्दगिया बदल देता है ये गाव का सफर धीरे धीरे रजत की फॅमिली को उनके लोगो के करीब ला रहा था गाडी में काया माया रजत से चिपक कर बैठी रहती हे .

रजत के दोनों कन्धो पर काया माया सर रख के बैठी रेहती हे .रजत के दोनों हाथ अनु और रेनू की गोद में था अनु और रेनु रजत के हाथो में हाथ दाल कर सहलाती हे .

आखीर सब लोग अपनी मंजिल के करीब पहुचने वाले होते हे .

विपिन की गाड़ी रूकती हे .सब गाडिया रुक जाती हे ..

रजत पूछता हे “क्या हुआ मौसा जी रुक क्यों गये”? .विपिन बोलता हे बेटा कुछ लेना हो तो अभी ले लो ठण्डा गरम” .

रजत बोलता हे “मोसा जी यहाँ वो नहीं मिलेगी जो हमे चाहिए” .विपिन बोलता हे बेटा इस मार्कीट में हर चीज मिलति हे शहर की तरह” .

रजत बोलता हे “आप ही ले लो हमे तो अभी कुछ नहीं चहिये”.

थोड़ि देर बाद गाडिया फिर शुरू हो जाती हे .

ओर कुछ ही देर में बारात शादी के घर पहुच जाती हे .सब लोग निचे उत्तरने लगते हे रजत का मामा आता हे और बोलता हे “बच्चों तुम दुल्हे के साथ रहो” .

अनु बोलती हे मामा जी आप फ़िक्र मत करो .हम सब संभाल लेंगे” .

सब लड़किया अंश को घेर लेती हे घर वाले अंश के साथ इतनी खूबसूरत लड़किया देख कर हेरान थे .

अंश की सालिया बोलती हे जिजु आप के साथ ये सब कोण हे .ममता बोलती हे ये मेंरी बहने हे .
 
शाजिया जी कमेंट करने के लिए आपका बहोत धन्यवाद मैं अपडेट जल्दी जल्दी देने का प्रयास करूंगा और सिर्फ mr & mis patel यह कहानी अपने अंत की और बढ़ रही है आप सब दोस्तो का तहे दिल से धन्यवाद

..........सलिल
 
आप सब दोस्तो का बहुत बहुत धन्यवाद जो आपने इस कहानी को इतना पसंद किया आशा करता हु की आगे भी आपका प्यार मिलता रहेगा

..........सलिल
 
अपडेट 83

अंश की सालिया आरती उतारने लगती हे तभी रजत आगे आता हे और बोलता हे “पहले मेरी आरती उतारो”.

अंश की सालिया बोलती हे “आप कोण”? .

रजत बोलता हे “आप का जीजा” .

सब हॅसने लगती हे .अंश की साली बोलती हे आप की तो ऐसी आरती उतारेंगे की याद करोगे हमे .

अंश के सास ससुर भी अंश की आरती उतारते हे सब लोग घर के अंदर चल पड़ते हे .

खाने पिने की अच्छी आरेंजमेंट थी.

हर तरफ डांस का माहोल था .

रजत अपने भाई और बहनो के साथ बैठा हुआ था तभी विपीन बोलता हे “बेटा थोड़ा संभल के अंश के जुते चोरी हुए तो तुम्हारी और हमारी बहुत बेइज्जती होगी” .

काया बोलती हे “मोसा जी कोण हमारे भाई के जुते चोरी करेगा”? .

रजत का मामा बोलता हे “राजकुमारी ये एक रिवाज हे जिस में सलिया अपने होने वाले जीजा के जुते चूराती हे और फिर उनके बदले में पैसे माँगती हे .

माया बोलती हे “जैसे हम आप के हे कोण? में था ना मामु .

विपिन बोलता हे “हा बेटी अब जूतो का ख्याल रखना” .

रजत तुरंत एक प्लान बनता हे और अंश को घेर लेते हे .

रजत अंश के पीछे खड़ा हो जाता हे .

अनु और रेनू रजत के साथ .ममता और रूपा अंश के साथ और माया काया अंश के आगे .

एक मजबूत किला बना देते हे जिसको तोडना किसी के बस में न था .

अंश की सालियो को कोई मोका नहीं मिल रहा था .

अंश की सालिया अंश के पैर धोने आती हे और जैसे ही जुते उठाने लगती हे काया हाथ पकड़ लेती हे और बोलती हे इनको ले जाना इतना आसान नहीं

आंश की सालिया जुते छोड़ कर भाग जाती हे.

विपिन अंश को शादी के प्रोग्राम के लिए ले जाता हे जूतो को अनु और रेनू संभाल लेती हे बाकि सब उनके साथ चले जाते है..

रजत को शादी का माहोल बहुत पसंद आ रहा था और सब से ज्यादा अंश की साली पसंद आ रही थी .

अनु बोलती हे “दीदी देखो भाई उस लड़की को लाइन मार रहा हे” .

रेनू बोलती हे “अरे बेवक़ूफ़ वो लड़की ही हमारे भाई को लाइन मार रही हे, हमारे भाई जैसा गबरू जवान कोई हे क्या यहाँ” .

आंश की शादी होने लगती हे सब लोग फुलो की बारिश करते हे अनु और रेनू जूतो को लेकर परेशान थी रजत बोलता हे “रख दो कही छुपा कर और शादी के मज़े लो”.

अनु जूतो को एक सोफे के निचे रख देती हे .

अंश की साली जूतो को उठा लेती हे रजत देख लेता हे रजत उसके पीछे पीछे जाता हे अंश की साली अपने रूम में जा कर जुते छुपाती हे .

रजत आ जाता हे और बोलता हे “इतनी भी क्या जल्दी हे छुपाने की” .

अंश की साली रजत को अपने रूम में देख कर शर्मा जाती हे .

रजत उसकी कलाई पकड़ लेता हे .

अंश की साली बोलती हे “हाथ छोडिये कोई देख लेगा” .

रजत बोलता हे “सभी शादी में बिजी हे यहाँ कोई नहीं आएगा” और अंश की साली की कमर में हाथ दाल देता हे .

अंश की साली थोड़ी सहम और थोड़ी सिमट जाती हे .रजत उसके हाथो पर अपने हाथ सहलाता हे .

उसकी गांड पर अपना लंड रगडता हे .

कोइ विरोध न देख कर रजत अपना हाथ धीरे धीते उसकी चुचिओ की तरफ ले जाता हे .

आंश की साली बोलती हे “ऐसा मत कीजिये कोई आ जायेगा” .

रजत बोलता हे कोई नहीं आयेगा” और चुचिओ को पकड़ लेता हे .

अंश की साली की सिसकि निकल जाती हे .

अंश की साली की चुचिआ बहुत ठोस थी .

एक दम कड़क .रजत उनको सहलाता रहता हे .

रजत अंश की साली के लिप्स को चुस्ने लगता हे खड़े खड़े .फिर धीरे धीरे उसे लिटाने लगता हे .

उसकी चुचिओ को कपड़ो के ऊपर से मसलता हे दबाता हे और लिप्स गालो गले माथे को चूमता रहता हे .

अंश की साली एक दम गरम हो जाती हे उसकी सासे तेज़ तेज़ चल्ने लगती हे .

दील की धड़कन बढ़ जाती हे .उत्तेजित आहे मुह से निकलती हे .

अंश की साली भी रजत को चूमने लगती हे .

रजत अंश की साली की चोली खोल देता हे .

ओर निकालने लगता हे .

चोली निकाल कर ब्रा के ऊपर से चुचिओ को चूसता हे चुचिओ के आस पास चाटता हे .

रजत अंश की साली को चुमता हुआ निचे आता हे उसकी नाभि को चूमने लगता हे .

अंश की साली मस्त मस्त और कामुक आवाजे निकालने लगती हे .

रजत अंश की साली की नाभि में अपनी जीभ घूसा देता हे .

नाभि को अच्छी तरह चाटता हे उसकी गहराई नापता हे .

साथ साथ रजत अंश की साली की गांड को जोर जोर से मसलता हे .

आंश की साली रजत की शेरवानी निकाल देती हे रजत अब पाजामे में था .

अंश की साली रजत के सिनो को चूमती हे निप्पल को चुस्ती हे दोनों अप्पस में मगन हो जाते हे .

रजत अंश की साली का लेहंगा भी उतार देता हे .

ओर पैरो को चूमने लगता हे पैरो की उँगलियों को मुह में दाल कर चूसता हे .पैरो के तलवो को चाट ता हे .

अंश की साली को बहुत मज़ा आ रहा था .

वो रजत के पाजामे के ऊपर से लंड को सहलाती हे पैरो से.

रजत अंश की साली की टांगो को खोल कर पेन्टी के ऊपर से उसकी चुत को मुह में भर लेता हे अंश की साली की सिसकि छूट जाती हे रजत अंश की साली की पेन्टी को टिट करके चुत को चाटता रहता हे चुत गीली हो चुकी थी नमकिन सा स्वाद आ रहा होता हे .

रजत पेन्टी उतार देता हे
 
अपडेट 84

आंश की साली भी बैठ जाती हे.

वह रजत का पैजामा निचे करती हे जैसे ही पाजामा निचे होता हे स्प्रिंग की तरह रजत का लंड उछलता हे.

अंश की साली देखति रहती हे.

अंश की साली रजत की निकर भी उतार देती हे और लंड को घुरने लगती हे लम्बा मोटा टाइट लंड उसने पहले भी देखा था पर रजत जैसा लंड नहीं देखा था ..अंश की साली रजत के लंड को पकड़ लेती हे और हाथो से सहलाती हे .

रजत उसे देखता रहता हे और बोलता है “मुह में ले लो क्यों देख रही हो”.

रजत की बात सुन कर वो मुह में ले लेती हे लंड मोटा होने की वजह से मुह में मुस्किल से जाता हे.

अंश की साली रजत के टोपे को मुह में लेकर लोलीपोप की तरह चुस्ती हे .

लंड को ऊपर निचे करती रहती हे .रजत उसे खड़ा करता हे और उसकी ब्रा खोल देता हे.

अंश की साली अपने हाथ चुचिओ पर रख लेती हे रजत उसका हाथ हटा देता हे .

रजत उसके निप्पल को उँगलियों से पकड़ कर खीचता हे .अंश की साली रजत की आँखों में देखति रहती हे रजत उसकी आँखों को चूमने लगता हे चुचिओ को पूरी मुठी में भर लेता हे और जोर से दबाता हे

अंश की साली रजत के लिप्स को चूमने लगती हे रजत भी उसे जोर जोर से चुस्ने लगता हे .रजत उसके मुह में अपनी जीभ घूसा देता हे अंश की साली रजत के सलावा को चुस्ने लगती हे .

अंश की साली भी वैसा ही करती हे रजत भी चूसता हे रजत और अंश की साली नंगे खड़े एक दूसरे को चुसते रह्ते हे .

रजत अंश की साली को लिटा देता हे और उसकी चुचिओ को मुह में दाल कर चूसता रहता हे .अंश की साली रजत को अपने ऊपर खीच लेती हे और टांगो के बिच जकड लेती हे रजत का लंड अंश की साली की गिली चुत पर रगडता रहता हे .अंश की साली बोलती हे अब मत तडपाओ अब चोद दो मुझे .में और बर्दाश नहीं कर पाउंगी .रजत उसकी टांगे खोल कर लंड चुत पर लगाता हे.ओर रगडने लगता हे .

आंश की साली बोलती हे डालो अब देर मत करो रजत उसकी चुत फैलाता हे और लंड उस पर रख के जोर से धक्का मारता हे .अंश की साली की आहे निकल जाती हे “ओह… मा… मार...डाला.

रजत उसकी चुचिओ को दबाते हुए लिप्स चूसता रहता हे .

अभी रजत का सुपाडा ही उसकी चुत में घूसा था .

रजत दूसरा झटका मारता हे .

लंद चुत गिली होने की वजह से अंदर चला जाता हे पर एक जगह जा कर रुक जाता हे रजत समझ जाता हे ये इसके कुँवारे पण की मोहर हे .

रजत की साली अपनी चीख को दबा कर रखती हे .

रजत लंड थोड़ा बाहर निकालता हे और जोर से धक्का मारता हे लंड सिल तोड़ता हुआ सीधा गर्भ से जा तकराता हे पर अभी भी रजत का पूरा लंड अंदर नहीं गया था अभी भी दो इंच बाकि था .

अंश की साली दहल जाती हे इस वार से .वो बोलती हे “धीरे करो मार ही डालोगे क्या?.

उसके आंसू देख कर रजत उसे सहलाते हुए बोलता है “नहीं जान तुमको मार कैसे सकता हु”.

दोनो एक दूसरे को चूमने चाटने लगते हे .

जब अंश की साली को दर्द कम होने लगता हे रजत धीरे धीरे धक्के मारता हे .

हर धक्के पर अंश की साली उफ्फ्फ ओह करती रहती हे .

बूर टाइट बहुत थी इस लिए रजत का लंड भी कसा कसा अंदर जाता हे .

रजत अंश की साली के पैरो को कन्धो पर रख के जोर जोर से धक्के मारता हे .

अंश की साली भी अब उसका साथ देती हे.

रजत उसे उठा कर खुद निचे लेट जाता हे और अंश की साली ऊपर आ जाती हे रजत अपना लंड उसकी चुत के पास ले जा कर बोलता हे “बैठ जाओ अब”.

अंश की साली धीरे धीरे बैठने लगती हे.

आंश की साली बैठ जाती हे लंड अब आराम से चुत में आने जाने लगता हे अंश की साली धीरे धीरे ऊपर निचे बैठती रहती हे .

रजत उसकी चुचिओ को पकड़ कर खिंचता और मसलता रहता हे .

ठोड़ी देर ऐसे ही चुदाई के बाद दोनों थक जाते हे रजत उसे डौगी स्टाइल में आने को बोलता हे .

अंश की साली फटा फट डौगी बन जाती हे .रजत उसकी कमर पकड़ कर लंड अंदर घुसा देता हे और धक्के मारता हे अंश की साली भी जवाबी धक्के मारती रहती हे .

रजत को शरारत सूझती हे रजत अपनी ऊँगली मुह में लेता हे और चूसता हे फिर अंश की साली की गांड पर थुक देता हे. अंश की साली को कुछ भी समझ नहीं आता रजत अपनी ऊँगली गांड में घूसा देता हे दर्द से फिर वो करहने लगती हे रजत उसे चोदता गांड में उंगली ड़ालता रहता हे .

अंश की साली दो बार झड जाती हे .

रजत भी झड़ने वाला हो जाता हे .

रजत का जैसे ही पाणी निकलने वाला होता हे ओ लंड बाहर निकालता हे और सीधा अंश की साली के चेहरे पर पिचकारियां मारने लगता हे सारा चेहता वीर्य से भिग जाता हे अंश की साली वीर्य को चाटने लगती हे रजत बेड पर बैठ कर सुस्ताने लगता हे अंश की साली रजत का सारा वीर्य चाट जाती हे फिर लंड को चुस्ती हुई बोलती हे अब बहुत नॉटी हो आखिर अपनी मनमानी कर ही ली .

रजत उसे अपने सीने से लगाते हुए बोलता हे तुम चीज ही हो मनमानी करने वाली और उसकी चुत को सहलाने लगता है

अंश की साली कपडे पेहन लेती हे .रजत भी अपने कपडपहनता हे और निचे आ जाता हे .

रजत खुद को काफी तरोताजा मेहसुस करता हे काया पूछती हे भाई कहा गए थे

रजत बोलता हे कही नहीं बाहर खड़ा था ताजि हवा ले रहा था.

 
अपडेट 85

अंश के फरे शुरू हो जाते हे .

अंश की साली भी भीड़ में आ कर खड़ी हो जाती हे रजत उसके पीछे जा कर खड़ा हो जाता हे .

आंश की साली बोलती हे

“क्या बात हे अभी भी मन नहीं भरा” .

रजत उसकी गांड को मसलते हुए कहता हे मन भर जाता तो आदमी कभी लड़कीओ की तरफ न देखता” .

काया रजत को घुर कर देखति हे रजत स्माइल कर देता हे .

अंश की साली बोलती हे

“आप तो चले जाओगे वरणा तो में आप की और खातिर दारी करती”

रजत बोलता हे “अब तो हम मेहमान हे आते जाते रहेंगे”.

रजत उसकी गांड को सहलाता रहता हे शादी हो चुकी अब बारी खाने की .

घर वाले बारातियो को खाने के लिए बुलाने आते हे ..

सब लोग खाना खाने के लिए चले जाते हे रजत और उसकी बहने भी अंश के साथ खाना खाने जाती हे .

खाना बहुत बढ़िया था काया बोलती हे

“भाई में आप की प्लेट में खाउंगी” माया भी जिद करने लगती हे .

रजत बोलता हे “ओके जो जो खाना हे भर लो एक ही प्लेट में” .

माया काया थोड़ा चावल और चिकन दाल लेती हे रजत सलाद और थोड़ी सी स्नैक्स दाल लेता हे तीनो भाई बहने टेबैल पर बैठ जाते हे .

ममता रूपा और अंश भी अपनी प्लेट ले कर आ जाते हे काया रजत को बोलती हे

“हाथ मत गंदे करो में खिला दूंगी तुमको”.

माया एक निवाला रजत के मुह की तरफ ले जाती हे .

रजत बोलता हे “दीदी में खा लुँगा आप लोग खाओ” और रजत उस निवाले को माया के मुह में दाल देता हे.

काया भी रजत को खिलाति हे .

ओर तीनो भाई बहने एक दूसरे को खिलाते हे रजत को मिर्चा लग जाती हे . काया फटा फट पाणी रजत को पिलाती हे माया भाग कर जाती हे और मीठा लाती हे .

ओर बोलती हे “भाई ये खा लो कुछ राहत मिलेगी” .

रजत आधा रसगुल्ला खाता हे .ओर आधा माया काया को खिला देता हे .

आंश भाई बहनो का प्यार देख कर बोलता हे रजत भाई तुम लकी हो .

रजत पूछता हे “क्यु”? अंश बोलता हे “इतना प्यार और खयाल रखने वाली बहने जो हे तुम्हारे पास्स”.

रजत बोलता हे “वो तो आप के पास भी हे” .

अंश बोलता हे “ये तो मेरी कोई बात नहीं सुनती, कभी पाणी नहीं ले कर देती, और एक तुम्हारी बहने हे जो तुम कुछ बोलते भी नहीं सब कुछ ला कर दे रही हे” .

काया और माया रजत के गले लगती हुई बोलती हे

“भाई हमारी जान हे इसको क्या जरुरत हे काम करने की, हमारे होते हुए इसे कोई दिक्कत भी नहीं होनि चाहिए” .

सब हसि मज़ाक़ के साथ खाना खाते हे ..

खाना खाने के बाद बिदाई की घडी आ जाती हे ..

सब बिदाई की तेयारी करते हे .

रजत माया काया और बाकिओ को लेकर कार की तरफ बढ़ता हे.

ममता बोलती हे “में भाई और भाभी के साथ ही आउंगी अब” .रजत बोलता हे “ओके जाओ फिर” .

विपिन बोलता हे “बेटा लाओ अंश के जुते” .

रजत अनु रेनू को बोलता हे अनु बोलती हे “भाई चोरी हो गये मैने तो यही छिपा कर रखे थे” .

रजत बोलता हे “कोई बात नहीं” .

विपिन बोलता हे “तो अंश की सालियो लाओ जुते” .

अंश की साली बोलती हे “पहले ५००१रूपये दो”.

रजत बोलता हे

“रहने दो भाई मेरे जुटे पहनो और चलो क्या जरुरत हे ५००१ रूपये खर्च करने की विपिन बोलता हे “बेटी कुछ कम करो”.

अंश की साली का चहेरा लटक जाता हे रजत बोलता हे

“देखो न तुम्हारी न हमारी मोसा जी २००१रूपये दे दो” .

मोसा तुरंत २५००रूप्ये दे देते हे वो खुश हो कर जुते ला देती हे अनु बोलती हे “मोसा जी आप ने ५०० का घटा करवा दिया” .

विपिन बोलता हे

“बेटी कल को अपनी बहनों की शादी में ये घाटा पूरा कर लेना” सब हॅसने लग जाती हे .लडकी की बिदाई होने लगती है अंश और उसकी दुल्हन सब के पैर छू कर अशीर्वाद लेते हे और अपनी कार में बैठ जाते हे साथ में ममता और उसकी माँ भी बैठ जाती हे .

रजत अपनी बहनो की कार में बैठता हे .

तभी अंश की साली आती हे

“आप को तो बहुत जल्दी हे यहाँ से भागने की

” रजत बोलता हे “ऐसी बात नहीं अब तो आना जाना लगा ही रहेगा आप के घर” .

अंश की साली बोलती हे “ये लो मेरा नंबर कभी याद आये तो कॉल कर लेना” .

रजत नंबर अपनी जेब में रख लेता हे .

अंश की साली सब से नजर बचा कर रजत को किस करती हे ओर घर में चलि जाती हे .

रजत भी कार में बैठ जाता हे सब घर की तरफ निकल पड़ते हे .

आधि रात हो चुकी थी माया काया रजत को पकड़ कर सो जाती हे .

रजत भी उनको गले लगा कर सो जाता हे रूपा अनु रेनू भी सो जाती हे .

सुबह ५बजे सब घर पहुच जाते हे .

मीना और रेखा दुल्हन की आरती और स्वागत करती हे .

रजत अपनी बहनो के साथ रुम में चला जाता हे फ्रेश होने के लिए थोड़ी देर बाद तीनो निचे आ जाते हे.

राहुल बोलता हे “रजत मुझे निकलना चाहिए रूपा भी रेडी हे” .

रजत रूपा से मिलकर उसे बोलता हे फ़िक्र मत करो बस दो दिन और में वहा आ रहा हूँ” .

रूपा बोलती हे जल्दी आना आई मिस यु डीअर” .

रजत रूपा के माथे पर किस करता हे और उसे राहुल की कार में बीठा देता हे ..

रूपा राहुल के साथ चलि जाती हे रजत वहि खड़ा उसे जाता हुआ देखता हे

 
बहुत ही लाजवाब अपडेट है दोस्त

अपने साइलेंट पाठकों के लिए दुआ कि वो जल्दी से ठीक होकर कमेंट करने लग जाएँ और हमारा ये परिवार ( आरएसएस) आदर्श परिवार बन जाए

आपका दोस्त
 


अपडेट 86

रेखा बोलती हे “राजकुमारी हमे भी चलना चाहिए” .

रजत बोलता हे मामि आप हमारे साथ हमारे घर चलोगी

क्यों की हम बस और दो दिन रहेंगे तो साथ में घूम फिर लेंगे और फिर आप के घर जा कर जरुरी सामान ले आयेंगे क्यों की आप को भी हमारे साथ चलना हे”

रजत का मामा बोलता हे

“बेटा तुम घर चलो अपनी मामि को लेकर में कुछ जरुरी काम निपटा कर आता हु”.

मीना बोलती हे “भाई क्या काम हे जो जा रहे हो”.

रजत का मामा बोलता हे बहना “में नोकरो को काम बता कर आता हूँ”.

ओर सामान भी लेता आउंगा” काया बोलती हे

“तो मामु आप जल्दी जाओ”.

रजत का मामा भी बिदाइ लेकर निकल जाता हे.

घर में दुल्हन की मुह दिखाइ की रसम निभाईं जा रही थी सब ओरते और मर्द दुल्हन का चेहरा देख कर उसे शगुन के रूप में रूपये और तोहफे देते हे .

सीमा रजत और उसकी बहनो को बोलती हे

“बेटा तुम भी अपनी भाभी को देख लो पर शगुन देना पड़ेगा”.

काया बोलती हे “हम से अच्छा शगुन कोई नहीं दे सकता”.

भाई बहने मिलकर दुल्हन की सूरत देखते हे दुल्हन बहुत खूबसूरत थी..सीमा बोलती हे “अब शगुन दो” .

रजत अपनी बहनो की तरफ देखता हे और एक स्माइल के साथ आंख मारता हे और दुल्हन को सारे भाई बहने दुल्हन के गालो पर किस करते हे सब देखते रह जाते हे .

सीमा बोलती हे “ये क्या बेशर्मी हे बच्चों” .

माया बोलती हे “मोसी ये हमारा गिफ्ट हे ऐसा कोई गिफ्ट दे सकता हे तो दे कर दिखाये” .

सारे रस्म धीरे धीरे ख़तम होने लगते हे .

मीना भी अपनी बहन से बोलती हे “अब हमे भी जाना चाहिए अब तो शादी भी हो गई” .

विपिन बोलता “कुछ दिन और रह्ते साथ तो कितना अच्छा होता” .

अंश भी रुकने को बोलता हे .

मीना बोलती हे “भाई साहब आना जाना अब लगा रहेगा,

बच्चों को यहाँ का माहोल दिखलाने लाइ थी इन लोगो को यहाँ माहौल अच्छा लग रहा हे फिर कभी आयेंगे तो जरूर रुकेंगे” .

रजत भी बोलता हे “हमे बहुत दिन हो गए आये हम यहाँ, एक दिन और हे, कुछ जरुरी काम निपटाने हे” .

विपिन और सिमा उनकी बात मान जाते हे सब अपनी गाड़ी में बैठ जाते हे .

ओर घर की तरफ रवाना हो जाते हे .

घर पहुच कर सब आराम करते हे .

शाम को डिनर के वक़्त रेखा बोलती हे दीदी राजकुमारी कहा हे .

मीना बोलती हे सो रही होगी ऊपर जाओ उठा दो.

रेखा काया को जगाने आती हे .

जेसे ही वो रूम मे घुसती हे देखति हे काया रजत से चिपकी हुई हे और रजत का हाथ काया की गांड पर रखा था .

रेखा देखकर हेरान होती हे .

रेखा पास जा कर काया को रजत से अलग करती हुई उठाती हे .

रेखा काया से पूछती हे बेटी ये क्या हे कोई ऐसे भी सोता हे क्या ? .

कायाबोलती हे “माँ हम भाई बहने तो ऐसे ही सोते हे एक दूसरे के साथ चिपक के”.

रेखा रजत का खड़ा लंड घुरति हुई बोलती हे “बेटी अब तुम बड़ी हो गई हो”

काया बोलती हे “माँ आप फ़िक्र क्यों करती हो हम सब एक दूसरे को खूब प्यार करते हे,ओर हमे ऐसा ही रेहना पसंद हे” .

रेखा बोलती हे “चलो कोई बात नहीं डिनर तैयार है रजत को उठा दो, खाना खा ले फिर सो जाये” काया रजत को जगा देती है

रजत फ्रेश हो कर निचे आता हे ..

मीना बोलती हे की “हम सब परसो को घर जा रहे हे तो कल जितना घुमना फिरना हे घूम लेना” मीना बताती हे “यहाँ के मेलो में बहुत रोनक रेहती हे, तो सब तैयार रहना मेला देखने को” .

रजत बोलता हे “माँ मेले में कुछ देखने लायक चीज भी हे या बस ऐसे ही बड़ाई कर रही हो”.

रेखा बोलती हे “बेटा यहाँ के मेलो को एक बार देख लोगो तो शहर की पार्टिया भूल जाओगे”

केशव बोलता हे “भाभी कल के लिए मैंने दो गाड़ीयो का अरेंजमेंट कर लिया है” .

मीना केशव को बोलती हे “हम सब बैल गाड़ी में बैठ कर जायेंगे, तो कार रहने दो, कोण सा दूर हे यही ५ की.मि. तो जाना हे” .

माया बोलती हे “माँ बैल गाड़ी में मज़ा आयेगा आज तक हम नहीं बैठे उस में, बस बुक में पिक्चर ही देखि हे”

सब खाना खाने लगते हे .

रजत बोलता हे “माँ कुछ भी कहो चाची खाना मस्त बनाती हे, मन ही नहीं भरता जितना चाहे खा लो” .

मालती बोलती हे “बस अब और तारीफ के पुल मत बांदना” .

रजत बोलता हे “चाची मेरा तो दिल करता हे आप के इन हाथो को चूम लु”.

माया बोलती हे “चाची देखो भाई आप के साथ फ्लर्ट कर रहा हे”

मालती बोलती हे “जानती हूँ तू बड़ा हो गया हे, अब खाना खा ले और कुछ चाहिए होगा, तो बता देना वो भी मिल जायेगा” ..सब हसि मजाक चलता रहता हे .

सब डिनर खा लेते हे .रेखा मीना के रूम में चलि जाती हे .

रजत भी काया माया के साथ चला जाता हे शादी की थकन अभी भी उत्तरी नहीं थी इस लिए गिरते ही सब सो गए

 
Back
Top