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अपडेट 80
दूसरा लड़का भी आ गया और रजत को पकड़ लिया .
पहले लड़के ने रजत को एक घूसा मार दिया ये देख कर चारो लड़कियो को बहुत घुस्सा आ गया .
अनु ने पहले लड़के के बालो को पकड़ कर कर पीछे से खीचा लड़का निचे गिर गया .
रूपा ने पास में पड़ी लकडियो के ढेर से मोटी सी लकडी उठा कर दूसरे लड़के के सर पर दे मारी चारो लड़किया लड़को को पिट्ने लगी .
लडक़ो की चिखे सुन कर विपीन और केशव आ गए .
केशव बोलता हे “ये क्या हो रहा हे” .
रजत चेअर पर बैठता हुआ बोलता हे “इनकी धुलाई हो रही हे अंदर बहुत कचरा भरा पड़ा हे” .
विपिन लड़कीओ को हटाता हे .
ओर लड़को को खड़ा करते हुए बोलता हे
“यहा क्या कर रहे थे, तुमको किसने बोला यहाँ ऊपर आने को”
लड़के कुछ नहीं बोले विपिन ने दोनों को चाटे लगाए और निचे जाने को बोला दोनों की खूब पिटाई हो चुकी थी .
दोनो वहा से चले गए विपिन बोला
“बेटा माफ् करना गाव के लड़के हे इनकी तरफ से में माफ़ी माँगता हु”
रजत बोलता हे “मोसा जी भूल जाओ जो हो गया सो हो गया, आप क्यों माफ़ी मांग रहे हो, उनकी करनी की सजा उनको मिल गई” .
विपिन और केशव फिर से निचे चले गये रजत गिलास में दारु डालते हुए बोलता हे “आओ मेरी झासी की रानियो, .
थोड़ा गला गिला कर लो” .
रूपा और अनु ने एक ही घुट में गिलास खाली कर लिया .
माया बोली “धीरे पियो इतना भी क्या घुस्सा” .
माया रजत के सीने पर हाथ से सहलाते हुए पूछती हे “जोर से लगी थी क्या”
रजत बोलता हे “नहीं दीदी इतना तो चलता हे” .
पांचो बैठ कर दरू पिने लगते हे मीना और सिमा भी आ जाती हे और पूछती हे “क्या हुआ तुम लोगो का किसी से झगड़ा हुआ हे क्या”? .
माया बोलती हे “माँ कुछ खास नहीं हुआ, दो बत्तमीज़ लड़के थे, उनको हमने सुधार दिया” .
सिमा बोलती हे “बेटी वो बहुत बिगडे लड़के हे, थोड़ा संभल कर रहा करो” रूपा बोलती हे “इन लोगो से ज्यादा बिगडे लड़के देखे हे” रजत एक पैग अपनी माँ को पकडाता मीना पी जाती हे .
सीमा देख कर चौक जाती है और सिमा बोलती हे “दीदी आप भी पिती हो”.
मिना बोलती हे “कभी कभी पिती हूँ”
सिमा बोलती हे “बेटा खाना निचे खाओगे की ऊपर ही भेज दु”.
रजत बोलता हे “मोसी यही भेज दो,हम सब ऊपर ही खाएँगे”
सिमा सब का खाना ऊपर लगा देती हे सब डिनर करने लगते हे दारू के नशे की वजह से सबको बहुत नींद आ रही थी सीमा सब के सोने का इन्तजाम कर देती हे.
रजत माया और रूपा एक रूम में मालती केशव एक रूम में और अनु मीना रेणु एक रूम में सो जाते हे .
काफी रात हो चुकी थी सब थक चुके थे गिरते ही सो गये .
सुबह एक शोर से सब की नींद खुलती हे कोई चीख चीख के बात कर रहा था .
रजत सब बाहर आते हे एक आदमी विपीन को धमका रहा था .मीना ने पूछा “क्या बात हे, और ये इतना चीख चीख के क्यों बात कर रहा हे” .
वो आदमी बोला “वो लड़का और लडकिया कहा हे, जिन्होंने मेरे बच्चो को मारने की हिम्मत की” .
रजत स्माइल करते हुए बाहर आया और बोला
“कोण हे जो कुते की तरह सुबह सुबह भोक रहा हे”
अदमी ये सुन कर और गुसे में आ गया और बोला
“अच्छा तो तू वो हरामि हे जिस ने मेरे बच्चों को मारा हे”
गाली सुन कर रजत का खून खोल गया .
रजत ने बोला “सूअर के जने गन्दी नाली के कीडे जुबान संभाल वरना हलक में हाथ दाल कर खीच लुँगा”.
बात बिगडती चलि जा रही थी विपीन उस आदमी से माफ़ी मांग रहा था .
वो आदमी रजत का कॉलर पकड़ लेता हे तभी वहा काया की कार आ कर रुकति हे .
काया ने जीन्स और टीशर्ट पहन रखी थी जैसे ही काया देखति हे रजत का कॉलर कोई पकड़ के खड़ा हे वो आग बबुला हो जाती हे कार से एक हेरोइन की तरह निकलती हे और सीधा अदमी के पास जा कर खड़ी हो जाती हे .
ओर चिख कर बोलती हे “कुते तेरी इतनी हिमत तू मेरे भाई का कॉलर पकडा” .
तभी एक आदमी काया को पकडने लगता हे .
काया उस आदमी की टांगों के बिच ऐसी किक मारती हे की उसकी चीखे निकाल जाती हे वो आदमी बैठ जाता हे .
आदमी बोलता हे “ये लड़की हट जा वरना तेरा भी बुरा हॉल कर दूंगा साली” अब बात बढ चुकी थी विपिन और सिमा नहीं सभांल सकते थे .
मोर्चा बच्चों ने संभल लिया अनु रेणु रूपा माया अंदर से चाकु और लाठियां उठा कर बाहर आई और बोली
“सालो तुम सब की मर्दानगी न निकाल दी तो हमारा नाम बदल देना केशव को भी गुसा आ जाता हे रजत का मामा भी आदमी को पकड़ लेता हे .
काया अनु के हाथ से चाक़ू ले लेती हे .
सब डर जाते हे मीना काया को बोलती हे “बेटी चाक़ू फेक दो” .
काया बोलती हे “इस हरामि कुते ने मेरे भाई का कॉलर पकड़ा था, अब में इसके हाथ ही काट दूंगी” .
रजत काया को ऐसा करने से रोकता हे आदमी के साथ आये सब आदमी भाग गए .
काया बोलती हे “साले तुझे लगा हम शहरी हे तू जो बोलेगा हम सुन लेंगे तेरी तो ऐसी हालत करेंगे न तू जी पायेगा और न मर पायेगा” .
रजत का मामा बोलता हे “राजकुमारी अब माफ् भी कर दो इसे”
रेखा भी काया को मनाती हे .
काया बोलती हे “तू अब में तुझे कुत्ता ही बना कर रखूँगी और जो छुडाने आएगा उसको भी कुत्ता ही बना कर रखूँगी” .
काया पास में पड़ी रस्सी .
आदमी के गले में बांध देती हे..विपिन बोलता हे
“बेटी ये क्या कर रही हो” .
काया बोलती हे “चुप चाप अंदर चले जाओ, और जिसने भी इसे खोला या ईसने भगने की कोशिश भी की, तो जान से मार दूंगी” .
काया उस आदमी के गले में रस्सी बांध कर अंदर ले जाती हे .
रजत बोलता हे “बस कर काया”.
रेखा भी बोलती हे “राजकुमारी शादी का घर हे क्यों बवाल करवा रही हे” .
काया बोलती हे “सब को पता होना चाहिए काया के भाई को हाथ लगाने का क्या नतीजा होता हे” .
काया सब को शादी की तैयारी करने को बोलती हे और आदमी को एक चेअर पर बैठने को बोलती हे मारे शर्म के आदमी कुछ बोल नहीं पाता .
दूसरा लड़का भी आ गया और रजत को पकड़ लिया .
पहले लड़के ने रजत को एक घूसा मार दिया ये देख कर चारो लड़कियो को बहुत घुस्सा आ गया .
अनु ने पहले लड़के के बालो को पकड़ कर कर पीछे से खीचा लड़का निचे गिर गया .
रूपा ने पास में पड़ी लकडियो के ढेर से मोटी सी लकडी उठा कर दूसरे लड़के के सर पर दे मारी चारो लड़किया लड़को को पिट्ने लगी .
लडक़ो की चिखे सुन कर विपीन और केशव आ गए .
केशव बोलता हे “ये क्या हो रहा हे” .
रजत चेअर पर बैठता हुआ बोलता हे “इनकी धुलाई हो रही हे अंदर बहुत कचरा भरा पड़ा हे” .
विपिन लड़कीओ को हटाता हे .
ओर लड़को को खड़ा करते हुए बोलता हे
“यहा क्या कर रहे थे, तुमको किसने बोला यहाँ ऊपर आने को”
लड़के कुछ नहीं बोले विपिन ने दोनों को चाटे लगाए और निचे जाने को बोला दोनों की खूब पिटाई हो चुकी थी .
दोनो वहा से चले गए विपिन बोला
“बेटा माफ् करना गाव के लड़के हे इनकी तरफ से में माफ़ी माँगता हु”
रजत बोलता हे “मोसा जी भूल जाओ जो हो गया सो हो गया, आप क्यों माफ़ी मांग रहे हो, उनकी करनी की सजा उनको मिल गई” .
विपिन और केशव फिर से निचे चले गये रजत गिलास में दारु डालते हुए बोलता हे “आओ मेरी झासी की रानियो, .
थोड़ा गला गिला कर लो” .
रूपा और अनु ने एक ही घुट में गिलास खाली कर लिया .
माया बोली “धीरे पियो इतना भी क्या घुस्सा” .
माया रजत के सीने पर हाथ से सहलाते हुए पूछती हे “जोर से लगी थी क्या”
रजत बोलता हे “नहीं दीदी इतना तो चलता हे” .
पांचो बैठ कर दरू पिने लगते हे मीना और सिमा भी आ जाती हे और पूछती हे “क्या हुआ तुम लोगो का किसी से झगड़ा हुआ हे क्या”? .
माया बोलती हे “माँ कुछ खास नहीं हुआ, दो बत्तमीज़ लड़के थे, उनको हमने सुधार दिया” .
सिमा बोलती हे “बेटी वो बहुत बिगडे लड़के हे, थोड़ा संभल कर रहा करो” रूपा बोलती हे “इन लोगो से ज्यादा बिगडे लड़के देखे हे” रजत एक पैग अपनी माँ को पकडाता मीना पी जाती हे .
सीमा देख कर चौक जाती है और सिमा बोलती हे “दीदी आप भी पिती हो”.
मिना बोलती हे “कभी कभी पिती हूँ”
सिमा बोलती हे “बेटा खाना निचे खाओगे की ऊपर ही भेज दु”.
रजत बोलता हे “मोसी यही भेज दो,हम सब ऊपर ही खाएँगे”
सिमा सब का खाना ऊपर लगा देती हे सब डिनर करने लगते हे दारू के नशे की वजह से सबको बहुत नींद आ रही थी सीमा सब के सोने का इन्तजाम कर देती हे.
रजत माया और रूपा एक रूम में मालती केशव एक रूम में और अनु मीना रेणु एक रूम में सो जाते हे .
काफी रात हो चुकी थी सब थक चुके थे गिरते ही सो गये .
सुबह एक शोर से सब की नींद खुलती हे कोई चीख चीख के बात कर रहा था .
रजत सब बाहर आते हे एक आदमी विपीन को धमका रहा था .मीना ने पूछा “क्या बात हे, और ये इतना चीख चीख के क्यों बात कर रहा हे” .
वो आदमी बोला “वो लड़का और लडकिया कहा हे, जिन्होंने मेरे बच्चो को मारने की हिम्मत की” .
रजत स्माइल करते हुए बाहर आया और बोला
“कोण हे जो कुते की तरह सुबह सुबह भोक रहा हे”
अदमी ये सुन कर और गुसे में आ गया और बोला
“अच्छा तो तू वो हरामि हे जिस ने मेरे बच्चों को मारा हे”
गाली सुन कर रजत का खून खोल गया .
रजत ने बोला “सूअर के जने गन्दी नाली के कीडे जुबान संभाल वरना हलक में हाथ दाल कर खीच लुँगा”.
बात बिगडती चलि जा रही थी विपीन उस आदमी से माफ़ी मांग रहा था .
वो आदमी रजत का कॉलर पकड़ लेता हे तभी वहा काया की कार आ कर रुकति हे .
काया ने जीन्स और टीशर्ट पहन रखी थी जैसे ही काया देखति हे रजत का कॉलर कोई पकड़ के खड़ा हे वो आग बबुला हो जाती हे कार से एक हेरोइन की तरह निकलती हे और सीधा अदमी के पास जा कर खड़ी हो जाती हे .
ओर चिख कर बोलती हे “कुते तेरी इतनी हिमत तू मेरे भाई का कॉलर पकडा” .
तभी एक आदमी काया को पकडने लगता हे .
काया उस आदमी की टांगों के बिच ऐसी किक मारती हे की उसकी चीखे निकाल जाती हे वो आदमी बैठ जाता हे .
आदमी बोलता हे “ये लड़की हट जा वरना तेरा भी बुरा हॉल कर दूंगा साली” अब बात बढ चुकी थी विपिन और सिमा नहीं सभांल सकते थे .
मोर्चा बच्चों ने संभल लिया अनु रेणु रूपा माया अंदर से चाकु और लाठियां उठा कर बाहर आई और बोली
“सालो तुम सब की मर्दानगी न निकाल दी तो हमारा नाम बदल देना केशव को भी गुसा आ जाता हे रजत का मामा भी आदमी को पकड़ लेता हे .
काया अनु के हाथ से चाक़ू ले लेती हे .
सब डर जाते हे मीना काया को बोलती हे “बेटी चाक़ू फेक दो” .
काया बोलती हे “इस हरामि कुते ने मेरे भाई का कॉलर पकड़ा था, अब में इसके हाथ ही काट दूंगी” .
रजत काया को ऐसा करने से रोकता हे आदमी के साथ आये सब आदमी भाग गए .
काया बोलती हे “साले तुझे लगा हम शहरी हे तू जो बोलेगा हम सुन लेंगे तेरी तो ऐसी हालत करेंगे न तू जी पायेगा और न मर पायेगा” .
रजत का मामा बोलता हे “राजकुमारी अब माफ् भी कर दो इसे”
रेखा भी काया को मनाती हे .
काया बोलती हे “तू अब में तुझे कुत्ता ही बना कर रखूँगी और जो छुडाने आएगा उसको भी कुत्ता ही बना कर रखूँगी” .
काया पास में पड़ी रस्सी .
आदमी के गले में बांध देती हे..विपिन बोलता हे
“बेटी ये क्या कर रही हो” .
काया बोलती हे “चुप चाप अंदर चले जाओ, और जिसने भी इसे खोला या ईसने भगने की कोशिश भी की, तो जान से मार दूंगी” .
काया उस आदमी के गले में रस्सी बांध कर अंदर ले जाती हे .
रजत बोलता हे “बस कर काया”.
रेखा भी बोलती हे “राजकुमारी शादी का घर हे क्यों बवाल करवा रही हे” .
काया बोलती हे “सब को पता होना चाहिए काया के भाई को हाथ लगाने का क्या नतीजा होता हे” .
काया सब को शादी की तैयारी करने को बोलती हे और आदमी को एक चेअर पर बैठने को बोलती हे मारे शर्म के आदमी कुछ बोल नहीं पाता .