अपडेट 104
रजत जोर जोर से धक्के मारता हे माया की बुर के पाणी से स्नेहा का चहेरा भिग जाता हे .
रजत लंड बाहर निकालता हे और स्नेहा के सामने कर देता हे स्नेहा भी बिना कोई सवाल किये लंड मुह में ले लेती हे .
रजत का लंड मोटा और लम्बा था उसने कभी मुह में लिया भी नहि था कुछ ही देर में स्नेहा लंड मुह से बाहर निकाल देती हे .
रजत माया को सीधे बेड पर लिटाता हे और उसकी बुर में लंड घूसा देता हे .
स्नेहा माया के मुह के ऊपर बैठ जाती हे .
माया भी उसकी बुर चूसने चाटने लगती हे .
रजत के धक्कों को माया भी संभल नहि पाती हे .
दर्द और सिसकियो से उसका बुरा हाल होने लगता हे रजत के पंजो से चूचिया भी दर्द करने लगती हे रजत जांघो को पकड़ कर धक्के पे धक्का मारता रहता हे .
उधर बुर चटवाने से स्नेहा का पाणी निकल जाता हे और बेड पर बैठ जाती हे रजत माया की लिप्स को चूसता हुआ चोदता रहता हे .
माया की चुदाई को अब एक घंटा होने वाला था इस बिच माया चार बार झड चुकी थी .रजत झड़ने का नाम नहि ले रहा था .
कुछ देर ऐसे ही पेला पेली करने के बाद रजत भी झड़ने वाला हो जाता हे .
जैसे ही झड़ने वाला होता हे माया और स्नेहा के बालो से पकड़ कर उनके चहेरे मुह पर पिचारिया मारने लगता हे दोनों भीग जाती हे रजत के वीर्य से .
रजत झड़ता रहता हे दोनों बारी बारी लंड चुस्ती हे और रजत बेड पर लेट जाता हे माया और स्नेहा एक दूसरे के चहेरे से रजत का वीर्य चाट कर साफ करने लगती हे .
स्नेहा बोलती हे "सच में तेरा बॉयफ्रेंड बहुत दमदार हे" .
माया बोलती हे "ये मेरा बॉयफ्रेंड जरूर हे पर ये मेरा भाई और फ्रेंड हे" .
स्नेहा सुन कर चौक जाती हे .
माया बोलती हे "हम दोनों बहने अपने भाई से चुद्वाती हे, क्यों की हम इससे प्यार करती हे, और वो भी हमे प्यार करता हे" .
स्नेहा बोलती हे "पर यार वो तेरा भाई हे" .
माया बोलती हे "तो क्या हुआ एक दमदार मर्द भी हे, नहि तो तेरी तरह प्यासी मर जाती में".
स्नेहा बोलती हे "तेरी माँ को पता चल गया तो" .
माया बोलती हे "डार्लिंग मेरे भाई ने माँ को भी पटा रखा हे कभी कभी उनको भी चोद देता हे, एक नंबर का ठरकी हे, जिस पर दिल आता हे चोद देता हे,
अभी तक न जाने कितनी कुवारी चुत का उध्घाटन कर चुका हे, अपने लंड से,
जो लड़की एक बार चुद्वाती हे वो तो इसकी रखेल भी बनने को तैयार हो जाती हे" .
स्नेहा बोलती हे "मुझे भी चुदवा दे अपने भाई से" .
माया बोलती हे "डेट तू बता चुदवा में दूंगी, अभी तो तू मेरे भाई का लंड देखि हे, उसकी चुदाई देखेंगी तो मेरे घर में आ कर चुदवायेगी मेरे भाई से" .
स्नेहा बोलती हे "वो तो में देख ही ली कितना दमदार हे तेरा भाई" .
रजत लेटा लेटा दोनों की बाते सुनता हे रजत स्नेहा के पास जा कर उसकी चुचिओ को दबाते हुए बोलता हे "इतने खूबसुरत बदन के सेवा का मोका कभी हमे भी दो" .
स्नेहा बोलती हे "ये खुबसुरती आप के लिए ही हे, जब बोलो सेवा का मोका दे दू"
रजत बोलता हे "अभी तो दो की चुदाई कर चुका हूँ, और अगर तुम्हारी भी करने लगा तो तुम्हारा बुरा हाल हो जायेगा, मोका देख कर में दी को बोल दूंगा वो तुमको बुला लेगी फिर ऐसी चुदाई करूँगा की जिंदगी भर याद करोगी" .
तिनो कपडे पहन लेते हे और बाते करने लगते है
रजत और माया बोलते है कि "स्नेहा तुम दो दिन बाद कॉल करना तब तुम्हे भी खुश कर देंगे" .
स्नेहा थैंक्स यु बोलती है .
ओर तीनो अपने अपने घर की तरफ निकल पड़ते हे रस्ते में रजत मैडीकल स्टोर से पेनकिलर लेता हे ..
माया बोलती हे "भाई थोड़ा घुमा भी दिया करो, मुझे भी अपनी कार में क्यों घर लेकर जा रहे हो" .
रजत कार को घुमा लेता हे .
रास्ते में उसे काजल के घर के थोड़ी दूर कुछ पुलिस वाले नजर आते हे .
रजत की कार को देख कर वो लोग अपना मुह घुमा लेते हे .रजत माया को बोलता हे "ये पुलिस वाले मुझे देख कर अपना मुह क्यों घुमा लिए" .
माया बोलती हे "भाई ऐसी कोई बात नहि" .
तभी रजत को काजल के घर के अंदर से एक इंस्पेक्टर निकालता नजर आता हे .
रजत अपनी कार उसके सामने से निकाल लेता हे.
रजत सोचता हे कुछ तो गड़बड़ घोटाला हो रहा हे काजल के घर में पास और अंदर पुलिस पता लगाना होगा .
रजत राहुल को फ़ोन लगता हे.
राहुल पूछता हे “क्या बात हे भाई बड़े दिनों बाद याद किया” ..
रजत बोलता हे “राहुल सर ये काजल को जानते हो”.
राहुल बोलता हे “कोण काजल भाई में किसी काजल को नहि जानता” .
रजत बोलता हे “मेरे कॉलेज में नई आई हे और टीचर हे शायद किसी पुलिस वाले के साथ चक्कर हे”.
राहुल बोलता हे “भाई फ़िक्र किस बातकी हे वो बताओ”.
रजत बोलता हे “कुछ नहि भाई ऐसे ही पूछा देखने में तो शरीफ लगती हे,.छोड़ो आप अपना काम करो बाई” बोल कर रजत फ़ोन काट देता हे..
माया पूछती हे “भाई क्यों टेंशन में हो”? .
रजत बोलता हे “शायद ये कोई पुलिस की एजेंट हे”.
माया बोलती हे “ऐसी कोई बात न हो अगर हो तो भी क्या फर्क पडता हे हमने कोण सा जुर्म किया हे” .
रजत बोलता हे “पुलिस वालो को शक हे की हम लोगो ने उन लड़को को मारा हे” .
माया बोलती हे “पुलिस वाले कभी साबित नहि कर पाएंगे चाहे सीबीआई हमारे पीछे लगा दे” .
माया रजत की टेंशन कम करने के लिए उसे कॉफी शॉप ले जाती हे .
दोनो शॉप में जाते हे .
माया दो कॉफी मंगाती हे तभी रानी आ जाती है और बोलती हे
"दो नहि तीन मंगवाओ" .
रजत बोलता हे “तुम यहाँ कैसे और रिद्धि कैसी हे”? .
रानी बोलती हे "भाभी ठीक हे बस तुमको याद कर रही थी,
वो अब इस सिटी में रहेंगी दो दिन बाद वो शिफ़्ट हो जाएँगी" .
रजत बोलता हे “ये तो अच्छी बात हे”
रानी बताती हे “और एक गुड न्यूज़ हे तुम्हारे लिए सिद्धि भी स्टडी के लिए यहाँ आ रही हे” ..
माया पूछती हे ये रिद्धि सिद्धि कोण हे”? .
रजत बताता हे “वो मौसी की ननद हे उनकी ही शादी में शिमला गया था”.
माया रजत के कान में बोलती हे “इन दोनों बहेनो का फ़ाटक भी तुमने ही खोला था क्या”?.
रजत स्माइल कर देता हे.
रानी रजत को बोलती हे “आज कल तो बिज़ी रह्ते हो कभी मिल भी लिया करो में भी इसे शहर में रहती हु”.
रजत बोलता हे “क्या करू इतनी हसीनायें हे किस किस को मिलु” .
रजत का मतलब रानी और माया दोनों समझ जाती हे .
रजत दोनों की झांघो सहला देता हे तबी वेटर कॉफी लेकर आ जाता हे .
तीनो कॉफी पिते हे और बाते करते हे .
रजत रानी से पूछता हे “कोई नया बॉयफ्रेंड बनाया की नहि”? .
रनी बोलती हे “अब बॉयफ्रेंड की क्या जरुरत हे तुम जैसा दोस्त जो मिल गया इस शहर में” .
रजत बोलता हे “सोच लो कही में पीछे पड़ गया तो क्या करोगी रानी बोलती हे तुम एक अच्छे इंसान और बहुत अच्छे दोस्त हो, पीछे पड़ भी गए तो मुझे कोई अतराज नहि”.
तीनो कॉफी ख़तम करते हे रानी बोलती हे
“ओके मुझे थोड़ा काम हे बाद में मिलेंगे” रानी चलि जाती हे जाते जाते रजत के गालो पर किस कर जाती हे .
माया बोलती है ”भाई कितनी गर्ल्स फसा रखी हे तुमने तुमको तो बुर और गांड की कमी नहि हे”
रजत बोलता हे “माय स्वीट सीस बुर और गांड बहुत मिल जाते हे, पर जो प्यार तुम तीनो से मिलता हे, वो नहि मिलने वाला किसी और से”