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लाइफ हो तो ऐसी complete

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अपडेट 108

थोड़ी देर बाद रजत और काजल कॉलेज पहुच जाते हे .काजल जल्दी से कार से उतर के चलि जाती हे . रजत मन में बोलता हे सली ने थैंक्स यु भी नहि बोली .कैसा जमाना आ गया हे आज कल . रजत अपनी सोच में डुबा हुआ था और रूपा उसके सामने खड़ी उसे घुर रही होती हे . जब रजत रूपा पर ध्यान नहि देता तो रूपा बोलती हे बहुत बिजी हो किसी के खयालो में . अचानक से रूपा का ध्यान आते ही रजत हडबडा जाता हे और बोलता हे “नहि ऐसी कोई बात नहि जान” .

फिर मन में सोचता हे क्या बताऊ तुझे मेरी छमिया तेरी मैडम का गदराया बदन देख के मेरा लंड मेरे से लड़ाई कर रहा हे इसे कैसे समझाउ की उसकी चुत इतनी आसानी से नहि मिलेगी .रूपा रजत का तना हुआ लंड देख के बोलती हे . “क्या बात हे आज आप का पप्पू इतना तूफ़ान मचा रहा हे” . रजत को समझ नहि आता हे . रजत पूछता हे ये पप्पू साला कोण हे नई अडमिनिशन लिया हे क्या” . रजत की बात सुन कर रूपा हॅसने लगती हे .

रूपा रजत के लंड को पेण्ट के ऊपर से पकड़ कर बोलती हे “अडमिनिशन तो पुरानी ही हे बस नॉटी बहुत हे, जब देखि खड़ा हो जाता हे” रजत रूपा को कार के अंदर खीच लेता हे और शिशे चढ़ा देता हे .रूपा भी रजत की जीब खोल कर लंड को सहलाने लगती थी .रजत रूपा की चुचिओ को दबाता हे और बोलता हे जल्दी से पप्पू को शांत करो वरना कोई आ जायेगा . रूपा लंड को चुस्ने लगती हे . रजत के फ़ोन पर रोहित का फ़ोन आता हे . रोहित पूछता हे “क्यों भाई कहा हो” .रजत बोलता हे “साले तेरी बहन को लंड चुस्वा रहा हूँ वेट कर आता “ .रोहित बोलता हे “तो में क्लास में जा रहा हूँ जब चुस्वा लेना आ जाना दोनों हसने लगते हे” .रूपा रजत का लंड चुस कर झडा देती हे .रजत का सारा पाणी पी जाती हे .रजत पूछता हे “पेट् भट गया तुम्हारा” . रूपा बोलती हे “बहुत दिनों बाद भरा हे तुम्हारे पास तो आब टाइम ही नहि मेरे लिए” .रजत बोलता हे “जान फ़िक्र मत करो जलद ही तुम्हारी खुजलि मिटा दूंगा” . रूपा अपने कपडे ठीक कर के कार से बाहर आ जाती हे .

रजत बोलता हे “तुम क्लास में चलो मैं ससुर जी से मिल कर आता हु” .रूपा बोलती हे “क्यों कोई खास काम हे” . रजत बोलता हे “नहि बहुत दिन हो गए मिला नहि तो सोचा आज मिल लु” रजत प्रिंसिपल के ऑफिस में पहुचता हे . प्रिंसिपल रजत को देख के खुश हो जाता हे और बोलता हे “आओ बेटा आओ बहुत दिनों बाद याद आई मेरी” . रजत बोलता हे “सर ऐसी कोई बात नहि” . प्रिंसिपल बोलता हे “आओ बैठो” . रजत बैठ जाता हे और बोलता हे “सर आप से कुछ पूछना था”.

प्रिन्सिपल बोलता हे “बेझिझक पुछो” . रजत बोलता हे “सर ये काजल मैम जो हे ये कोण हे? और नई टीचर की क्यों जरुरत पड़ी”. प्रिंसिपल “बस इतनी सी बात, वो बात ये हे की काजल बस दो मंथ के लिए आई हे,हमारी पहले वाली टीचर के घर में शादी हे तो वो बिजी रहेंगी इस लिए दो मंथ की छुट्टी ली हे, और अपनी जगह इनको भेजा हे” .रजत बोलता है “ओके सर चलता हूँ क्लास का टाइम हो गया हे” .रजत कॉलेज में सब से पूछताछ करता हे उसे पता चलता हे काजल उसके बारे में पूछताछ कर रही थी .

रजत क्लास अड्डेंड करता हे .फिर छुट्टी के वक़्त रोहित को घर जाने को बोलता हे काजल वही खड़ी थी जहाँ रोज मिलती थी रजत उसे फिर लिफ्ट के लिए पूछता हे .कजल मान जाती हे रजत कार उसके घर की तरफ मोड़ देता हे . रस्ते में पूछता है “मैम कल में आप के घर के पास से गुज़रा कुछ पुलिस वाले खड़े थे, और एक तो आप के घर के अंदर से निकला, कोई प्रॉब्लम हे क्या”? रजत की बात सुन कर काजल घबरा जाती हे .रजत उसकी घबराहट पकड़ लेता हे .काजल बोलती हे “ ऐसे ही पूछताछ करने आये थे, कुछ दिन पहले यहाँ चोरी हुई थी” .रजत जानता था एरिया में कोई चोरी नहि हुई उसका झूठ पकड़ा गया था रजत बोलता है “इटस ओके मैम वेसे आज बहुत सुन्दर लग रही हो” .

रजत की बात सुन कर काजल शर्मा जाती हे और बोलती हे “तुमको लड़कियों के साथ फ्लर्ट करना चाहिए मेरे साथ नहि” . रजत बोलता हे “क्या करू मैम आप जैसी ही मुझे पसंद आती हे, लड़कीओ में वो बात नहि होती”. काजल पूछती हे “कोण सी बात”? रजत बोलता हे “रहने दिजिये आप बुरा मान जोओगी” . काजल बोलती हे “बताओ नहि मानती बुरा” . रजत बोलता हे “गर्ल्स के वो छोटे होते हे मज़ा नहि आता आप जैसी औरतो के बड़े होते हे खूब मज़ा आता हे” .कजल पूछती हे “क्या बड़े होते हे साफ साफ बताओ” रजत बोलता हे “आप की चूचिया” .

काजल शर्मा जाती हे .रजत बोलता हे “आप की चूचिया बहुत मस्त हे” .काजल बोलती हे “शर्म करो में तुम्हारी टीचर हूँ” रजत बोलता हे “टीचर तो हे पर कॉलेज में यहाँ मुझे कोण सा स्टडी करनी हे” .. काजल पूछती हे “सच बताओ कितनी लड़कीओ के साथ चक्कर हे” .रजत बोलता हे “बस एक रूपा अपने प्रिंसिपल की बेटी” . काजल बोलती हे “उसके साथ किया हे कभी” . रजत बोलता हे “नहि मैम,बस ऊपर ऊपर से किया हे” . काजल बोलती हे देखने से तो नहि लगता”.रजत काजल का हाथ पकड़ के सहलाने लगता हे .

काजल शर्मा के ऑंखे निचे कर लेती हे . रजत दिल मे बोलता हे साली तुझे चोदने के बाद बताऊँगा में किस टाइप का लड़का हु.

रजत काजल का हाथ सहलाता हे . काजल अपना हाथ छुडाने की कोशिश करती हे. रजत काजल का हाथ छोड़ने को राजी नहि होता. .

 
अपडेट 109

काजल का घर आ जाता हे . रजत काजल को जाते हुए देखता हे . रजत वहि कार खड़ी करके सोचता हे .भोसड़ी वाली फिर थैंक्स कहना भूल गई . रजत कार स्टार्ट करता हे . तभी काजल की अवाज आती हे काजल रजत को बुला रहि थी. रजत कार से उतर के काजल के पास गया . काजल रजत का हाथ पकड़ कर अंदर लेजाती हे .

काजल रजत को बोलती हे कभी थैंक्स बोलने का भी मोका दिया करो हमेशा बाहर से चले जाते हो. काजल रजत को सोफे पर बिठाती है और बोलती है मैं दो मिनट में फ्रेश होकर आती हु और वह चली जाती है रजत उसके घर को देखता है जो अच्छे से सजाकर रखा था उतने में काजल नीला गाउन पहन कर आती है उसमें वह बला की हसीन और खूबसूरत दिख रही थी रजत उसको देखता ही रहता है वह शर्मा जाती है वह धीरे से पूछ ति है “चाय लोगे की कॉफी” रजत होश में आता है और कहता है .”कॉफी”

काजल कॉफी बनाने चलि जाती हे

वो मुड़ कर किचन की ओर चली गईं. कसम से दोस्तो, यही वह पल था.. जब सच में रजत की नीयत खराब हुई थी.

उनके थिरकते गुंदाज मांसल चूतड़ मानो रजत को बुलावा दे रहे थे. वो नीला गाउन चिपक कर काजल मैम के चूतड़ों की दरार में हल्का सा फंस गया था.

उस पर काजल मैम की चाल में जो मस्ती थी.. वो शब्दों में नहीं बताई जा सकती है. बस रजत तो उनके थिरकते चूतड़ों से नजर नहीं हटा पा रहा था.

‘लो कॉफी.. क्या सोच रहे हो?’ उन्होंने कप बढ़ाते हुए कहा.

काजल मैम रजत के बगल में आ कर बैठ गईं. रजत को अच्छा तो लगा.. पर थोड़ा अजीब भी लगा.रजत ने पूछा “आपकी बहन नही दिखाई दे रही” रजतने काजल मैम की आँखों में देखा.. उन्होंने नजर झुका लीं और बोलीं-‘मेरी बहन अपनी सहेली के यहा गई है रात में लोटेगी, देखो रजत, मेरे पति ने मुझ को दो साल पहले तलाक दे दिया था और तब से मैं सिंगल ही हूँ.अपनी बहन के साथ रहती हूं”

रजत अब तक समझ चुका था कि आगे वो क्या कहने वाली हैं.. पर फ़िर भी रजत चुपचाप रहा और उनके चेहरे को देखता रहा.‘देखो मुझ को गलत मत समझना.. मैंने आज तक किसी और मर्द को अपना जिस्म नहीं सौपा है; रजतने अपना हाथ काजल मैम के जांघ पर रख कर उन्हें सहलाने लगा

अब काजल मैम का एक हाथ रजत के हाथ पर था और दूसरा हाथ रजत की पीठ पर.. रजत के लंड में हलचल होने लगी थी.

रजत तो वैसे ही तैयार था.. पर अब देर करने का सवाल ही नहीं था.

रजतने उनकी ठोड़ी को अपनी उंगलियों से पकड़ कर अपने करीब खींचा और अपने होंठ काजल मैम के होंठों के करीब ले गया.

एक पल रजत की आँखों में देख कर काजल मैम ने अपनी बाँहें रजत के गले में डालते हुए अपने रसीले लाल होंठ रजत के होंठों पर रख दिए.

रजत के हाथ उन्मुक्त होकर.. अब काजल मैम के गदराए जिस्म पर फ़िसल रहे थे, कभी रजत उनके चूचों को दबा रहा था तो कभी उनके चूतड़ों को मसल रहा था.

लगभग 10 मिनट तक वह एक-दूसरे को चूमते-चाटते रहे, कभी काजल मैम रजत की गर्दन पर काट लेतीं.. तो रजत उनके कान होंठों में दबा कर चूसने लगता.

अब वो रजत की गोद में रजत की ओर मुँह करते हुए बैठ गईं. अगले ही पल रजत उनकी छाती पर अपने होंठ फ़िरा रहा था. रजतने उनके गाउन के बटन खोल दिए और ब्रा को ऊपर सरका कर काजल मैम के छत्तीस इंच के चूचों को अपने दोनों हाथों में भर लिए.

गोरे चूचों पर गुलाबी निप्पल देख कर रजत एकदम से दीवाना हो गया.रजत उनकी चूचियां मसलते हुए बारी-बारी से चूस रहा था, रजतने हल्के से एक निप्पल पर काटा.‘स्सिस्स्स्स.. आह जरा धीरे..’ काजल मैम ने सीत्कारते हुए कहा.

रजत पूरे जोश में उनके चूचे चूस रहा था. रजत एक चूचे को मुँह में भर के जैसे खाने की कोशिश कर रहा था.‘उम्म्ह… अहह… हय… याह… स्स्स्स्.. आह्ह्ह..’ काजल की सीत्कार पूरे रूम में गूँज रही थी.‘उफ़्फ़्फ़ रजत.. अब बस करो.. म्म्म्म्म्.. ऐसे ही झड़ा दोगे क्या..’ काजल मैम ने बड़े प्यार से कहा.

रजत रुक गया और फ़िर से उनके होंठ पर एक बार फिर से चूम लिया.काजल ने रजत को धकेलते हुए कहा- चलो ना.. बिस्तर पर चलते हैं.रजतने फ़िर से उनके होंठ चूम लिए- क्यों यहाँ क्यों नहीं?रजत तो काजल मैम को वहीं सोफ़े पर ही चोद देता.. पर उन्होंने कहा- अरे चलो न बाबा.. इतना भी क्या उतावला होना!

वो रजत का हाथ पकड़ कर बेडरूम में ले गईं और रजत को बिस्तर पर बिठा दिया.रजतने उनके बाल खोल दिए.. जो कि उनके हुस्न पर और भी जंच रहे थे.

काजल मैम रजत के सामने आ कर खड़ी हो गईं और उन्होंने अपना एक पाँव रजत के बगल पर चढ़ा दिया.. जैसे कह रही हों कि अब मेरे जिस्म के इस हिस्से से शुरू करो.उनकी जांघ मखमल की तरह मुलायम लग रही थी, रजतने हल्के से उनकी जांघ पर चूम लिया.‘आहहह..’ काजल मैम ने एक लम्बी साँस छोड़ी.

रजत काजल मैम की जांघ को चूमते हुए उनके चूतड़ों की तरफ़ हाथ ले गया. रजत रुक गया और काजल मैम की ओर देख कर पूछा- आपने चड्डी नहीं पहनी है ना?

वो मुसकुराते हुए बोलीं- खुद देख लो ना.

काजल मैम की जबरदस्त चुदास रजत को समझ में आ चुकी थी और अब बस उनकी चूत की बखिया उधेड़ने का जिम्मा रजत के लौड़े का था.

रजत खड़ा हो गया और रजतने काजल मैम का गाउन उतार दिया. जब रजतने वो दिलकश नजारा देखा.. तो रजत की आँखें चमक उठीं.

 
अपडेट 110

मैडम की पेन्टी में गीली बुर

काजल मैम ने थोंग.. यानि कि वो पेन्टी पहनी थी.. जिसमें चूतड़ों की तरफ़ बस एक पतली डोर होती है. काले रंग की डोरीनुमा पेंटी.. गोरे जिस्म पर मानो चार चाँद लगा रही थी. रजत घुटनों के बल बैठ गया और बुर के पास जाकर एक गहरी खुशबू ली.. जो उनकी गर्म बुर से आ रही थी. सिल्क की पेन्टी की दीवार भी काजल मैम की बुर की भीनी खुशबू को रोक नहीं पाई.

रजतने कहा- मैम आप तो बहुत ही सेक्सी हो.वो हँस कर बोलीं- रजत इस वक्त मैम नहीं हूँ सिर्फ काजल बोलो.. और अब बताओ कि मैं तुम्हें कितनी अच्छी लगी?

रजत उनकी थोंग पर दिख रहे गीले निशान को देख कर खुद को रोक नहीं पाया और ऊपर से ही काजल मैम की बुर पर चूमता हुआ बोला- एकदम मस्त माल..अब रजत भूल चुका था कि ये रजत की मैम हैं.

रजतने उनको मैम समझना छोड़ दिया था और अब रजत पूरी मस्ती में काजल की बुर पर अपनी जीभ फ़ेर रहा था. फ़िर रजतने काजल की पेन्टी उतार दी.

काजल की बुर कामरस से पूरी गीली थी, पेन्टी उतरते ही काजल की बुर से कामरस बहते हुए उनकी जांघों तक बहने लगा, रजत उंगली से वो रस ले कर काजल की बुर के दाने पर मलने लगा..काजल की बुर के गोरे होंठ अब कुछ लाल से हो गए थे और उनकी बुर का दाना सुर्ख लाल हो गया था.

मैडम की चिकनी बुर

रजतने दो उंगलियों से काजल की बुर को फ़ैलाया. सच कहते है दोस्तो, वैसी गुलाबी रंगत तो बस कुंवारी बुर में ही दिखती है.

रजतने अब काजल की दायीं जांघ कन्धे पर रखी और अपना सर काजल की जांघों के बीच घुसा कर एक हल्का सा चुम्बन काजल की बुर के दाने पर लिया.

‘स्स्स्स्स्..’ काजल की सीत्कार निकल गई, काजल ने रजत के सर को प्यार से अपने बुर की ओर खींचा.

रजतने अपनी जीभ बुर की फांक में घुसा दी और बुर को चूसने लगा, रजत को काजल का कामरस नमकीन और हल्का सा लगा. रजत लगातार बुर में अपनी जीभ घुसेड़ कर बुर का पानी पी रहा था, कभी रजत उंगली से फ़ैला कर बुर की फांक को चाट रहा था.. तो कभी बुर के होंठों पर काट लेता था.

रजत जोर-जोर से बुर के दाने को चूस रहा था, उनकी बुर से अब सफ़ेद झाग और कामरस अमृत सा बह रहा था.. जिसे रजत बड़े मजे ले-ले कर भोग रहा था.

काजल आँखें बन्द किए जोर-जोर से मादक आहें भर रही थी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’कुछ मिनट तक बुर चुसाने के बाद काजल ने रजत के सर को अपनी बुर पर भींच लिया.. जैसे रजत को खुद में समा लेगी.

रजतने जीभ को अन्तिम सीमा तक बुर में घुसा कर जैसे ही घुमाने की कोशिश की.. काजल के पैर थरथराने लगे और वो काँपते हुए रजत के मुँह पर झड़ने लगी. रजत काजल की बुर का पानी ‘चपर.. चपर..’ चाटने लगा.

‘आअह्ह्ह.. स्स्स्स.. मम्म्मी.. आह्ह्ह्ह.. इस्स्स..’ काजल के कामरस से रजत का सारा चेहरा भीग गया था और वो लगातार झड़ रही थी.झड़ते हुए काजल के चूतड़ बुरी तरह से थिरक रहे थे.. जैसे कोई नई चुदी हुई जवान लड़की पहली बार झड़ती है.

वो अब और खड़ी ना रह पाई और रजत की छाती पर गिरने लगी, रजतने काजल को तुरन्त सम्भाला और बेड पर लिटा दिया. वो बिस्तर पर बिखर गई जैसे बरसों बाद कोई चैन से सोता है.

रजतने अब फ़िर से काजल की बुर पर अपना मुँह लगा दिया और चाट-चाट के बुर को साफ़ करने लगा.

अब तक काजल कुछ होश में आ चुकी थी, वो रजत के सर पर बालों में उंगलियां फ़िरा रही थी और धीरे धीरे मुस्कुरा रही थी. रजत बुर के दाने को चुभलाते हुए उनको देख रहा था.

‘आप अपनी चूत शेव करती हैं मैम..?’ रजतने बुर पर जीभ फ़ेरते हुए पूछा.‘नहीं.. मैंने आज तुम्हारे लिए ही हेयर रिमूवर से सब साफ़ किया है.’ काजल शर्माते हुए बोली.रजत बोला मतलब आज आप मुझसे चुदवाने का सोच के आई थी मैम” काजल बोली ‘और मैंने कहा था न कि मुझ को अब मैम नहीं.. काजल बोलो..और हा मैं आज तुमसे किसी भी हाल में चुदवाना चाहती थी, अब बाते नही अपना काम चालू करो” रजत फ़िर से बुर को चाटने चूसने लगा.. वैसे तो रजत का लंड कब का पैन्ट फाड़ने पर उतारू था..

 


अपडेट 111

काजल के जिस्म पर तो अब रजत का राज था.. रजत अब काजल की बुर में उंगली डाल के दाने को बुरी तरह से चूस रहा था.काजल फ़िर जन्नत में थी ‘आह्ह.. इस्स.. या ओह ओह..’ अब काजल खुल कर चीख रही थी.

इस बार बस तीन मिनट में काजल झड़ गई, अब तो उसका जिस्म आग बन चुका था पर रजत भी आग में घी डालने के मूड में था, रजतने काजल के पैर मोड़ दिए और उसके चूतड़ों के नीचे तकिया लगा दिया.

अब रजत को काजल की गांड का गुलाबी छेद साफ़ दिख रहा था, रजतने जीभ निकाल कर काजल की गांड से ले कर बुर के दाने तक जोर से चाटा.काजल जैसे जल बिन मछली की तरह तड़प उठी ‘ओह्ह.. अब रहने दो रजत.. प्लीज रजत मैं मर जाऊँगी..’

रजतने उनकी बात को अनसुना कर दिया और जीभ को गांड के छेद पर लगा कर कुरेदने लगा.

‘आआहह.. इस्स्स्स..’ काजल ने आँखें बन्द कर लीं और जन्नत की सैर का मज़ा लेने लगी.

रजत अब काजल की गांड को चिदोर-चिदोर कर उंगली से फ़ैला-फ़ैला कर चाट रहा था और काजल बस मादक आवाजें निकाल रही थी ‘ऊऊफ़ स्स्स्स..प्लीज रजत..’

रजत गांड में अपनी जीभ डाल कर पूरा मुँह लगा कर जोर-जोर से गांड को चूस रहा था और काजल के चूतड़ों पर थप्पड़ भी लगा रहा था.

लगभग रजतने दस मिनट तक उसकी गांड को बेरहमी से चाटा और चूसा. काजल की हालत अब खराब हो चली थी.. अगर रजत ना रुकता तो वो फ़िर से शायद होश खो बैठती.

रजतने अपने कपड़े खोल दिए और काजल के चेहरे के पास बैठ गया. काजल की आँखें बन्द थीं. रजतने अपना लंड काजल के चेहरे पर रगड़ना शुरू किया तो उसने आँखें खोल दीं, पहले तो रजत को देख कर वो मुसकुराई फ़िर रजत का मोटा लंड देख चीख पड़ी- हे हे ये तो बहुत बड़ा है

रजतने कहा- ये अब बस आपका का है.. इसे प्यार करो.काजल ने बड़े चाव से रजत के लंड के सुपारे पर होंठ लगाए और धीरे-धीरे चूसने लगी.

रजत उसके बाल सहला रहा था और वो रजत के लंड को चूस रही थी. करीब तीन मिनट बाद रजत को लगा अब चोदना ठीक रहेगा.. वर्ना बिना चोदे ही झड़ जाऊँगा.

मैडम की बुर में लंड

रजत काजल के ऊपर आ गया और लंड को बुर के दाने पर रगड़ने लगा.. काजल मचल उठी.रजतने लंड को बुर के ऊपर सैट किया और एक हल्का धक्का मारा.

‘अह्ह्ह्ह्ह..’ जैसा रजतने सोचा था काजल दर्द से तड़प उठी. आखिर जो बुर दो साल से चुदी ना हो वो लगभग पूरी टाईट होगी ही.रजत काजल के होंठ चूसने लगा और हल्के हल्के लंड को अन्दर सरकाने लगा.

काजल का दर्द बढ़ रहा था.. पर उसे पूरा मज़ा भी आ रहा था, काजल के नाखून रजत के पीठ पर निशान छोड़ रहे थे.

अब रजत का लंड आधा बुर में जा चुका था तो रजतने लंड को थोड़ा बाहर निकाल कर एक बार में पूरा लंड काजल की बुर में पेल दिया.

‘आह आह नाहीहीही..’ काजल जोर से चीख पड़ी और रजत के पीठ पर उसके नाखून गड़ गए, लगभग बीस सेकन्ड के लिए काजल बेहोश हो गई, उसके पैर और हाथ बिस्तर पर फ़ैल गए.

रजतने उसकी एक चूची को मुँह में ले कर चूसना चालू कर दिया, काजल धीरे-धीरे होश में आने लगी थी, रजतने उसकी चूची पर हल्के-हल्के काटना शुरू किया.. तो वो फ़िर से मचलने लगी ‘इस्स्स्स.. अह्ह्ह..’

करीब दो मिनट में ही वो अब फ़िर से रजत को अपनी ओर खींचने लगी और नीचे से चूतड़ों को हिलाने लगी. रजतने भी अब हल्के-हल्के ठाप लगाने शुरू किए और काजल के मुँह में अपनी जीभ डाल दी.

काजल रजत की जीभ को बेतहाशा चूस रही थी और रजत लगातार ठाप लगाए जा रहा था, कमरे में ‘धप.. धप..’ की आवाज गूँज रही थी.

रजतने अब गति बढ़ा दी थी और काजल के चूचों को बेदर्दी से मसलते हुए जोर-जोर से काजल की बुर को मथ रहा था.‘अह्ह्ह्ह्ह्.. इस्स्स्स्स..’ काजल ऐसे हाँफ़ रही थी.. जैसे मीलों दौड़ कर आई हो, वो रजत के हर धक्के पर दोहरी हुई जा रही थी.

उसकी मादक सीत्कारों से रजत को लगने लगा कि अब माल गिरने वाला है, रजतने कहा- “ कहाँ निकालूँ?रजत की साँसें भी धौंकनी की तरह चल रही थीं.

‘आह्ह.. आज मेरी चुत भर दो रजत.. आह्ह्ह्ह..’ काजल ने फ़िर जिस्म को ऐंठते हुए कहा.

रजतने उसके दोनों घुटने उसकी छती पर सटा दिए और बड़ी बेरहमी से काजल की चूत की चटनी बनाने लगा.काजल की बुर सुर्ख लाल हो गई थी और रजत का लंड कामरस से भीगा हुआ चमक रहा था.

रजतने ताबड़तोड़ चुदाई शुरू कर दी. उसकी मजे में डूबी हुई ‘आहें..’ लगातार रजत को सुनाई पड़ रही थीं ‘इस्स्.. आह्ह्ह्ह... उम्म्म्म..’

काजल अपने पूरे शवाब पर थी और रजत भी उसकी चूत की बखिया उधेड़ने में लगा हुआ था. इस चुदाई की आग ने रजत को उसकी जवानी का शैदाई बना दिया था.

करीब बीस-पच्चीस धक्कों के बाद रजत झड़ने लगा.. पर रजतने धक्के लगाने चालू रखा.. क्योंकि काजल भी बस चन्द ठाप की मेहमान थी, काजल भी अगले पांच-दस ठाप में झड़ने लगी ‘हाअय्य.. .. उम्म्ह… अहह… हय… याह… रजत.. गई.. इस्स्स.. ओह्ह..’काजल बिना किसी शर्म के जोर से चिल्लाते हुए झड़ने लगी, अगर काजल के घर पर कोई होता.. तो ये चीख साफ़ सुन लेता.

 
अपडेट 112

रजतने लंड को बाहर नहीं निकाला और काजल के ऊपर ही लेट गया. काजल ने रजत को बड़े सुकून भरी नजर से देखा और रजत के होठ चूम लिए.रजतने कहा- कैसा लगा मेरा चोदना अब तो खुश हो?काजल ने मुँह बनाते हुए कहा- इतनी बेदर्दी से भी कोई करता है क्या.. .फ़िर वो खिलखिला कर हँस पड़ी, काजल के चेहरे पे एक सुकून था.

लगभग दस मिनट वह आपस में जीभ-लड़ाई यानि ‘फ़्रेन्च-किस’ करते रहे.‘अब उठो भी.. मुझे जोर की सूसू आई है..’ काजल ने रजत को हल्का धकेलते हुए कहा.उठ कर काजल बाथरूम में गई और रजत भी पीछे-पीछे चल पड़ा.

सभी अनुभवी दोस्त जानते होंगे कि औरत जब पूरी खुल जाती है.. तो फ़िर वो पूरी आपकी होती है.

काजल बोली- क्या हुआ.. तुम्हें भी सूसू आई है?रजतने कहा- नहीं, मुझे मूतते हुये तुम्हें देखना है.

वो अब रजत के वश में थी.. सो बस मुसकुराई और मूतने बैठ गई.

‘नहीं.. खड़े हो कर करो..’ रजतने थोड़ा रौब दिखाते हुए कहा.काजल बोली- नहीं यार.. सब पैरों पर छिटक जाएगा.. प्लीज ऐसे ही करने दो.

रजतने तो काजल को पूरा खोलने की ठान ली थी.. सो रजतने उसे पकड़ कर खड़ा कर दिया.वो बेचारी वैसे ही छरछरा के मूतने लगी, वो रजत की ओर शर्म से देख भी नहीं रही थी.

रजतने शावर चालू किया और काजल को लिए शावर के नीचे आ गया.उनके उबलते जिस्मों पर ठन्डा पानी पड़ रहा था और उन्ह को फ़िर से गर्म कर रहा था.

काजल फ़िर से रजत से लिपट कर रजत के होंठ चूसने लगी थी. रजत काजल के गद्देदार चूतड़ों को मसल रहा था और उसकी गांड को उंगली से कुरेद रहा था. काजल जान गई कि अब उसकी गांड की बारी है.

काजल ने कहा- आज जो चाहो कर लो रजत.. मैं अब तुम्हारी हूँ.

एक बार माल गिरने के बाद रजत किसी जल्दबाजी में नहीं था, रजतने काजल को पलट कर उसको दीवार पर लगा हैंडल पकड़ा कर झुका दिया.

पानी की फ़ुहार काजल की गोरी कमर से फ़िसलते हुए चूतड़ों से जांघों पर बह रही थी. बड़ा ही सेक्सी सीन था. रजत नीचे बैठ गया और दोनों हाथ से काजल के चूतड़ों मसलने लगा.

फ़िर रजतने चूतड़ों को चीर कर अपनी जीभ काजल की गांड पर रख दी, काजल फ़िर से मादक आवाजें निकालने लगी ‘आअह्ह.. इस्स्स.. आआअ..’

रजत काजल की गांड को उंगलियों से फ़ैला कर जीभ को गांड में घुसेड़ कर चूस रहा था. जैसे ही रजत जीभ को अन्दर ठेलता.. तो काजल गांड को और उभार लेती और रजत जीभ अन्दर तक डाल देता.काजल जोर-जोर से सीत्कारते हुए रजत की जीभ के मज़े ले रही थी.

अब रजतने एक उंगली को थूक से गीला करके अन्दर डालने की कोशिश की.. पर पानी की फ़ुहार चिकनाई ठहरने नहीं दे रही थी. रजतने पास रखी ऑलिव ऑयल की शीशी उठाई और खूब सारा तेल काजल के चूतड़ों में मलने लगा. काजल के चूतड़ अब और ज्यादा चमक रहे थे. रजतने एक उंगली को काजल की गांड में डाल दिया.‘ओह्ह्हा.. आह.. उफ़्फ़..’ काजल चीख उठी.

रजत जीभ से गांड के आस-पास चाटने लगा और उंगली को अन्दर-बाहर करने लगा. थोड़ी देर बाद काजल भी गांड हिला-हिला कर रजत की उंगली और जीभ के मजे लूटने लगी.

फ़िर रजतने दो उंगली काजल की गांड में डाल दीं, इस बार काजल चीखी नहीं.. बस एक ‘आअह्ह्ह..’ करके फ़िर से गांड हिलाने लगी.रजतने अपनी उंगली तेजी से चलानी शुरू कर दी और काजल की गांड को खोलने लगा.

‘स्स्स्स.. ओह्ह्ह.. उफ़्फ़्फ़..’ काजल पूरा खुल के मजे ले रही थी.. जैसे किसी ब्लू-फ़िल्म की अदाकारा लेती है.

करीब तीन-चार मिनट तक रजत काजल की गांड को उंगली से चोदता रहा. फ़िर रजत खड़ा हो गया और ढेर सारा तेल अपने लंड पर लगाया.. जो कि लोहे जैसा सख्त और गर्म हो चुका था.

रजतने अपना लंड काजल की गांड पर लगाया और हल्का सा दबाव डाला. चिकनाई के कारण रजत के लंड का सुपारा काजल की गांड में ‘फ़क्क’ से घुस गया.

गांड फ़ट गई

‘आआ.. आआआह.. माआमाँ..’ काजल चीखती हुई आगे को होकर लंड से बचना चाह रही थी.. पर रजतने जोर से काजल की कमर को पकड़ रखा था.

 


अपडेट 113

काजल की गांड फ़टी नहीं थी.. पर रजत का लंड बहुत मोटा है.. तो उसे दर्द तो होना ही था.कुछ पल रुक कर रजत काजल के कान मुँह में ले कर चूसने लगा और धीरे-धीरे अपने लंड को उसकी गांड में सरका रहा था.

‘हाय्य्य.. ऊफ़्फ़.. इस्स्स..’ काजल दर्द सहते हुए लंड अपनी गांड में ले रही थी.कुछ ही देर में पूरा लंड काजल की गांड के अन्दर था.

दोस्तो. गांड मारने का पहला नियम ही है कि गांड को पहले आराम दो और जब लंड अपनी जगह बना ले.. तो फ़िर ग़ान्ड मारना शुरू करो.खैर.. आप लोगों को ये बताने की जरूरत नहीं है.. आप तो राजशर्मा सेक्स स्टोरीज पढ़ते हैं, सब जानते हैं.

अब रजतने धीरे-धीरे अपनी कमर को चलाना शुरू किया और रजत लगातार एक हाथ से काजल के मम्मे दबाए जा रहा था और दूसरे हाथ से काजल की बुर सहला रहा था.

कुछ देर बाद काजल अपनी गांड हिला-हिला कर मेरा लंड बड़े मजे से ले रही थी. रजतने अब अपने धक्कों की रफ़्तार बढ़ा दी और काजल के लबों से आनन्द से भरी सीत्कार निकल पड़ी ‘हाआआअ.. ऊफ़्फ़्फ़.. जान.. इस्स्स..’

रजत की हर ठाप पर काजल के मांसल चूतड़ थिरक रहे थे और काजल तो जैसे आज सारे जमाने से बेखबर जोर-जोर से सीत्कार रही थी और अपनी जवानी लुटा रही थी ‘आह्ह्ह.. आआई लव यूऊ.. आअ.. स्स्स्स.. अह्ह्ह..’

रजतने अब अपने बेजोड़ बेरहम धक्के लगाने शुरू किए और काजल की आवाज बढ़ने लगी. बाथरूम में धप-धप छप-छप की आवाज गूँज रही थी.साथ ही काजल जोर-जोर से ‘आह्ह्ह.. आआह्ह्ह.. अम्मीई.. हाय.. उफ़्फ़..’ चीखे जा रही थी.

रजत अब चरम पर पहुँच रहा था, रजत अब काजल के चूतड़ों पर जोर-जोर से थप्पड़ लगा रहा था. चट-चट और बड़ी बेरहमी से काजल की गांड की नसें ढीली कर रहा था.करीब तीस मिनट के बाद रजतने ऐसे धक्के मारने शुरू किए कि काजल के पैर फ़र्श से उखड़े जा रहे थे.

अचानक काजल जोर से चीखी ‘आह्ह्ह्ह.. अह्ह्ह.. उ..फ़्फ़..’ और उसका बदन ढीला पड़ गया.

काजल की बुर भी गांड चुदाई से झड़ गई थी और काजल का जिस्म फ़ड़क रहा था. अगर रजत का लंड काजल की गांड में ना फंसा होता.. और रजतने उसे पकड़ा ना होता तो वो फ़र्श पर निश्चित ही गिर पड़ती.

रजतने काजल की गांड में जड़ तक लंड डाल कर उसे जोर से पकड़ लिया. काजल के पैर हवा में थे. रजत जोर-जोर से झड़ने लगा और अपना गर्मागर्म गाढ़ा माल काजल की गांड में डालने लगा.

करीब दो मिनट तक रजत झड़ता रहा. कुछ देर वैसे ही खड़े रहने के बाद रजतने काजल की गांड से लंड जैसे ही बाहर निकाला ‘फ़क्क..’ की मधुर आवाज हुई.. जैसे बियर की बोतल खुलने पे आवाज होती है.. और मेरा माल काजल की गांड से बहने लगा.

काजल कुछ बोल नहीं रही थी.. रजतने देखा तो वो लगभग बेहोश हो गई थी. रजतने उसे गोद में उठा कर बेडरूम में सुला दिया और काजल की गांड में मेरा लंड जो कि अभी भी आधा खड़ा था.. पूरा डाल कर उसके जिस्म को चूमने लगा.

फ़िर कुछ देर में काजल होश में आ गई, वो बोली- क्या हुआ था रजत?रजतने कहा- तुम होश खो बैठी थी जान..

वो मुझसे और चिपक गई, रजत उसके बगल में लेट गया और उसके नंगे जिस्म को सहलाते हुए उसके होंठ चूसने लगा.काजल बोली- आज तुमने मुझे बहुत खुशी दी है जानू. आज से मैं तुम्हारी रखैल हु.. आई लव यू रजत.वह दोनों अगले दस मिनट तक वैसे ही लेटे रहे.. एक-दूसरे को चूमते चाटते रहे.

काजल ठीक से चल भी नहीं पा रही थी.. सो रजत उसके घर पर तीन घंटे तक रुका रहा और काजल की चाल को चोद-चोद कर ठीक करता रहा.

वह दोनों नंगे ही घर में घूम-घूम कर चुदाई करते रहे. काजल ने नंगे ही खाना बनाया और नंगे ही रजत की गोद में बैठ कर रजत को खाना खिलाया.. और खुद भी खाया.

.. काजल अब रजत की दासी बन चुकी थी.रजत बोलता है अब मैं चलता हूं मेरी बहने मेरा वेट कर रही हे उनके स्कूल की छुट्टी हो गई होगी .

काजल बोलती हे ओके जाओ अब जब भी मोका मिलेगा में तुमको बुला लुँगी .रजत कपडे पेहन कर निकाल जाता हे .

 
अपडेट 114

काया और पायल वेट कर रही थी .पायल के आस पास लड़को की लाइन लगी थी जो उसे छेड रहे थे .काया सब लड़को से लड़ रही थी .रजत जैसे ही वहा पंहुचा उसने काया को सब से लड़ते हुए देख कर गाड़ी से बाहर आया और एक लड़के को पीछे से पकड़ लिया और दो घुसो में वो लड़का धुल चाटने लगता हे .

रजत को देख के सब भाग जाते हे .पायल बोलती हे थैंक्स भैया .काया बोलती हे भाई इसी ने पहले उस लड़के को छेडा था रजत बोलता हे “पायल ये क्या बचपना हे अब बच्ची नहि हो कोई उच्च नीच हो जाती तो” पायल बोलती हे “सॉरी भैया” रजत बोलता हे “ओके चलो घर छोड़ दू”प.पायल आगे की सिट पर बैठ जाता हे.. पायल अंदर बैठते ही रोने लगती है . काया बोलती हे “अब क्यों रो रही हे” रजत बोलता हे “चुप करो पायल” और पायल को अपने गले लगा लेता हे.पायल रजत को गले लगा लेती हे रजत पायल की पीथ को सहलाता हे .

काया चुप चाप बैठ जाती हे थोड़ी देर रोने के बाद पायल अलग होती हे .रजत उसे पिने के लिए पाणी देता हे और पूछता हे “क्या हुआ?.

पायल रोती हुई बोलती हे में डर गई थी.

रजत बोलता हे “मेरी बहन हो कर इतने से डर गई, मुझे शर्म से मर जाना चाहिये”.

पायल रजत का मुह बंद कर देती हे. और बोलती हे “मेरे भैया को १००साल की उम्र मिले मरे उनके दुश्मन”

रजत पायल के माथे पर चूमता हे और बोलता हे “डरा मत करो अब चेहरा साफ करो घर चले फिर”.

पायल अपना मुह साफ करती हे रजत कार स्टार्ट कर देता हे.रस्ते में सिद्धि का कॉल आता हे .रजत अजनबी नंबर देख के उठा लेता हे.

रजत बोलता हे “हैलो हु आर यु”?.

सिद्धि बोलती हे “इतनी जल्दी भूल गये,मैं सिद्धि बोल रही हूँ अभी तुम्हारी सिटी में हूँ तुम कहा हो”?.

रजत बोलता हे “में तो घर की तरफ जा रहा हु”. सिधि बोलती हे “अभी में रानी के रूम में हूँ आ कर मीलो” .रजत बोलता हे “ठीक हे आता हूँ में”.

रजत पायल को घर छोड़ देता हे.

काया पूछति है “किसका कॉल था?..

रजत बोलता हे “मौसी का”.

काया पूछती हे “कोण मौसी”?

रजत बोलता हे “सिद्धि मौसी आई हुई हे रानी के होटल में रुकि हे.कोइ काम है बुलाया हे”.

काया बोलती हे “में भी चालू मिल लुंगी” रजत बोलता हे “काया में मौसी को घर ही ले आउंगा”. दोनों घर पहुच जाते हे .

पुलिस हेडकॉर्टर:

पोलिस हेडकॉर्टर में सब पुलिस वालो की मीटिंग हो रही थी.बडे बड़े पुलिस अधिकारी आये थे.राहुल भी पहुचता हे डीजीपी सब से पूछता हे क्या प्रोग्रेस हे सीरियल मर्डर केस की .सब की बोलती बंद होती हे.तभी आई. जी बोलता हे “सर हमने बहुत कोशिश की मगर मर्डर कैसे हुआ पता हे, पर कातिल कोण हे हाथ नहि लग रहा,इस लिए हमे जिस पर शक़ हे उसके पीछे हमने अपना एक आदमी लगा रखा हे. पर अभी तक कोई खबर नहि मिली हे”

डीजीपी- “कोण हे उसे बुलाय जाये यहाँ पर”.

आई.जी बोलता हे “सर जब तक काम न हो जाये तब तक वह अंडर ग्राउंड रहे,ताकी किसी को पता न चले कोण हे वो”.

डी.जी.पी बोलता हे “ठीक हे पर अभी कैसे कोंटेक्ट कर सकते हे”.

आईजी “सर उसका एक नंबर हे मेरे पास उसी से कोंटेक्ट करता हूँ”.

डी.जी.पी- “तो उसे कॉल लगाओ में उस से ही पूछना चाहता हूँ, क्या प्रोग्रेस हे, तुम सब तो निक्कमे हो, इतने मंथ में एक कातिल नहि पकड़ पाये” .

आईजी कॉल लगाता हे सामने से एक आवाज आती हे “हैलो सर” . आईजी “हैलो तुमसे डीजीपी सर बात कतना चाहते हे”.

सामने वाला “ओके सर बात करवा दिजिये”.

डीजीपी “हैलो फस्ट तुम अपने केस की प्रोग्रेस बताओ मुझे, कोई उम्मीद हे इस केस में सफलता की”?.

सामने वाला “सर मैंने जाच पडताल की हे उसकी फॅमिली तो क्लेअर हे घर में चार लोग हे एक माँ दो बहने और एक वो खुद हमारा विक्टिम”.

डीजीपी बोलता हे “क्या लगता हे,उसने मर्डर किया हे या करवाया हे”.

सामने वाला “सर मुझे तो लगता हे. आईजी सर ने गलत आदमी के पीछे मुझे लगा रखा हे,विक्टिम एक सुशिल लड़का हे ज्यादा किसी से बोलता चलता नहि दोस्तो में अच्छी रीस्पेक्ट हे”

 
अपडेट 115

डीजीपी “ओके और कितने दिन लगेंगे”?

सामने वाला “सर मुझे तो लगता हे की हमे इसे छोड़ कर, किसी और कड़ी को जोड़ना चाहिए, ताकि केस सुलझ जाये” .

डीजीपी बोलता हे “तो ठीक हे तुम दो चार दिन और अच्छे से जांच कर लो फिर रिपोर्ट करना मुझे, आईजी को करनेकी जरुरत नहि”.

डीजीपी फ़ोन कट कर देता हे.

डीजीपी सब पुलिस इंस्पेक्टरो को बोलता हे केस की अच्छे से बारीकि से स्टडी करो और जल्द या तो केस बंद करो या फिर मुझे कातिल चाहिए .सब अपने अपने काम में लग जाते हे .

इधार रजत और काया घर पहुच जाते हे .

माया डोर खोलती हे .

रजत माया के गालो पर किस करता हे और अंदर चला जाता हे काया भी अंदर आ जाती हे.

रेखा सब बच्चों को लंच करने को बोलती है .

माया काया को बोलती हे “काया लंच कर लो और मेरे साथ पार्लर चलो कुछ काम हे हाथ मेरा बटा दो घर में भी बैठ कर क्या करोगी”

काया बोलती हे “ओके दी बस दस मिनट तो लगेंगे फिर चलती हूँ बहुत दिन हो गए मसाज करवाये”

माया बोलती हे मसाज क्या चाहे जो करवा लेना तुम्हारा ही पार्लर है .

सब लंच करते हे .

रजत की निगाहे रेखा पर टिकी हुई थी ओर रेखा माया काया से नजर बचा कर रजत को देखति हे और मुस्कुराती हे

थोड़ी देर बाद सब लंच ख़तम कर लेते हे रजत माया काया को बोलता हे

“में भी चलू” माया बोलती हे

“मामी घर में अकेली रह जाएँगी तुम यही रुको”.

रजत बोलता हे “ठीक हे पर कब तक आ जाओगी”.

माया बोलती हे “ज्यादा देर नहि लगेगी दो घंटो का ही काम हे” .

रजत बोलता हे ठीक हे

“दो घंटे ही तो हे”.

काया कपडे चैंज करके आ जाती हे माया काया बाहर चलि जाती हे .

रेखा बच्चों को बाहर तक छोड़ के आती हे .

जैसे ही रेखा डोर बंद करती हे रजत उसको पीछे से पकड़ लेता हे .

रेखा बोलती हे “छोडो भी अभी आ जाये कोई तो”.

रजत बोलता हे “जब आयेगा तब देख लुँगा अभी तो तुम्हारी गदराई जवानी का रस चुस लु और चुचिओ को दबाने लगता हे .

लिप्स को चूमता हे चाटता हे .

रेखा को दिवार से लगा कर उसका ब्लाउज खोल देता हे रेखा ने ब्रा नहि पहनी थी उसकी चुचिआ उछल कर बाहर आ जाती हे रजत उनको पकड़ कर चुसने लगता हे रेखा बोलती हे

“राजा बेटा को बहुत भूख लगी हे ले बेटा पि अपनी मामी की चुचिओ को,जोर जोर से दबा के चुस”

रजत भी जोर जोर से मसलता हे और चूसता हे .

थोड़ी देर बाद रजत अपने एक हाथ से रेखा की साड़ी और पेटीकोट भी खोल देता है रेखा ने पेन्टी नहि पहन रखी थी.

रजत रेखा की बुर को खूब मसलने लगता हे .

चुचुओ की चूसाई से रेखा की बुर गिली हो जाती हे रजत बुर को मुठी में पकड़ कर जोर जोर से दबाता हे .

रेखा की बुर का रस निचे गिरने लगता हे रजत चुचिओ को छोड़ कर रेखा की बुर को चुसने लगता है

रजत और रेखा अपनी मस्ती में खो जाते हे .

रजत रेखा को सोफ़े पर लिटा देता हे रेखा की बुर चाटने लगता हे .

रेखा अपनी चुचिओ को जोर जोर से दबाती हे ..

रजत रेखा की बुर को फैला फैला कर चाटता हे और उसमे उंगलिया डालता हे .

रेखा उछल उछल के उंगली बुर में लेती हे .

रजत बुरी तरह बुर में उंगलिया पेलता हे ..

रेखा झड जाती हे .

रजत बुर के पाणी को चाटता हे रजत खड़ा को के रेखा के लिप्स को चुस्ने लगता हे .

रेखा रजत के मुह पर लगे अपने वीर्य को चाटती हे .

दोनो खूब जोर जोर से एक दूसरे को चुसते हे .

रजत रेखा की चुचिओ को खूब मसलता हे .

चुचिओ पर रजत की उँगलियों के निशान पड़ गए थे और लाल भी हो गई थी.

रजत रेखा को सोफ़े पर घोड़ी बनाता हे और रेखा की गांड चाटता हे .

रेखा मना करती हे .

रजत बोलता हे “फ़िक्र मत करो जान बहुत कम दर्द और बहुत ज्यादा मज़ा आयेगा” .

रेखा बोलती हे “ऐसा मत करो बुर तो चोदने देती हूँ फिर गांड क्यु”?.

रजत बोलता हे तुम्हारी गांड बहुत मस्त हे और कुवारी भी आज में इसकी सिल तोडूँगा” .

रजत की बात सुन कर रेखा शर्मा जाती हे .

रेखा बोलती है “जब सिल ही तोड़नी हे तुमको, तो किसी कुवारी लड़की की क्यों नहि तोड़ देते, मेरी गांड को बक्श दो”

रजत बोलता हे “तुम कोण सा कुवारी से कम हो ऐसा कसा हुआ बदन आज कल कुवारी लड़कीओ में भी नहि मिलता” .

रजत रेखा की गांड के छेद को फ़ैलाता हे और उंगली पर थुक लगा कर दाल देता हे ...

"उउउउउम्मम्मम्माआआआ" रेखा की चीख नीकल जाती हे रजत रेखा की गांड में पूरी उंगली घूसा देता हे रेखा दर्द से तडपति हे रजत उंगली दाल के आगे पीछे करने लगता हे .

रेखा अपनी गांड सिकोड़ लेती हे जिस से उंगली गांड में दब जाती हे और कसी कसी अंदर बाहर आती जाती हे .

रजत बोलता हे “रुको अभी आया तब तुम्हारी गांड की गर्मी निकलता हूँ” .

रजत अपनी माँ के रूम में जाता हे और बॉडी लोशन लेकर आता हे.

रेखा की गांड में ट्यूब दाल के दबा देता हे सारा बॉडी लोशन गांड में भर जाता हे .

रजत उंगली ड़ालता हे .

रजत की उंगली आसानी से अंदर चलि जाती हे .

रजत अपने लंड पर लोशन लगाता हे .

रेखा डर रही थी अब क्या होगा

कहानी जारी रहेगी

 
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