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अपडेट 108
थोड़ी देर बाद रजत और काजल कॉलेज पहुच जाते हे .काजल जल्दी से कार से उतर के चलि जाती हे . रजत मन में बोलता हे सली ने थैंक्स यु भी नहि बोली .कैसा जमाना आ गया हे आज कल . रजत अपनी सोच में डुबा हुआ था और रूपा उसके सामने खड़ी उसे घुर रही होती हे . जब रजत रूपा पर ध्यान नहि देता तो रूपा बोलती हे बहुत बिजी हो किसी के खयालो में . अचानक से रूपा का ध्यान आते ही रजत हडबडा जाता हे और बोलता हे “नहि ऐसी कोई बात नहि जान” .
फिर मन में सोचता हे क्या बताऊ तुझे मेरी छमिया तेरी मैडम का गदराया बदन देख के मेरा लंड मेरे से लड़ाई कर रहा हे इसे कैसे समझाउ की उसकी चुत इतनी आसानी से नहि मिलेगी .रूपा रजत का तना हुआ लंड देख के बोलती हे . “क्या बात हे आज आप का पप्पू इतना तूफ़ान मचा रहा हे” . रजत को समझ नहि आता हे . रजत पूछता हे ये पप्पू साला कोण हे नई अडमिनिशन लिया हे क्या” . रजत की बात सुन कर रूपा हॅसने लगती हे .
रूपा रजत के लंड को पेण्ट के ऊपर से पकड़ कर बोलती हे “अडमिनिशन तो पुरानी ही हे बस नॉटी बहुत हे, जब देखि खड़ा हो जाता हे” रजत रूपा को कार के अंदर खीच लेता हे और शिशे चढ़ा देता हे .रूपा भी रजत की जीब खोल कर लंड को सहलाने लगती थी .रजत रूपा की चुचिओ को दबाता हे और बोलता हे जल्दी से पप्पू को शांत करो वरना कोई आ जायेगा . रूपा लंड को चुस्ने लगती हे . रजत के फ़ोन पर रोहित का फ़ोन आता हे . रोहित पूछता हे “क्यों भाई कहा हो” .रजत बोलता हे “साले तेरी बहन को लंड चुस्वा रहा हूँ वेट कर आता “ .रोहित बोलता हे “तो में क्लास में जा रहा हूँ जब चुस्वा लेना आ जाना दोनों हसने लगते हे” .रूपा रजत का लंड चुस कर झडा देती हे .रजत का सारा पाणी पी जाती हे .रजत पूछता हे “पेट् भट गया तुम्हारा” . रूपा बोलती हे “बहुत दिनों बाद भरा हे तुम्हारे पास तो आब टाइम ही नहि मेरे लिए” .रजत बोलता हे “जान फ़िक्र मत करो जलद ही तुम्हारी खुजलि मिटा दूंगा” . रूपा अपने कपडे ठीक कर के कार से बाहर आ जाती हे .
रजत बोलता हे “तुम क्लास में चलो मैं ससुर जी से मिल कर आता हु” .रूपा बोलती हे “क्यों कोई खास काम हे” . रजत बोलता हे “नहि बहुत दिन हो गए मिला नहि तो सोचा आज मिल लु” रजत प्रिंसिपल के ऑफिस में पहुचता हे . प्रिंसिपल रजत को देख के खुश हो जाता हे और बोलता हे “आओ बेटा आओ बहुत दिनों बाद याद आई मेरी” . रजत बोलता हे “सर ऐसी कोई बात नहि” . प्रिंसिपल बोलता हे “आओ बैठो” . रजत बैठ जाता हे और बोलता हे “सर आप से कुछ पूछना था”.
प्रिन्सिपल बोलता हे “बेझिझक पुछो” . रजत बोलता हे “सर ये काजल मैम जो हे ये कोण हे? और नई टीचर की क्यों जरुरत पड़ी”. प्रिंसिपल “बस इतनी सी बात, वो बात ये हे की काजल बस दो मंथ के लिए आई हे,हमारी पहले वाली टीचर के घर में शादी हे तो वो बिजी रहेंगी इस लिए दो मंथ की छुट्टी ली हे, और अपनी जगह इनको भेजा हे” .रजत बोलता है “ओके सर चलता हूँ क्लास का टाइम हो गया हे” .रजत कॉलेज में सब से पूछताछ करता हे उसे पता चलता हे काजल उसके बारे में पूछताछ कर रही थी .
रजत क्लास अड्डेंड करता हे .फिर छुट्टी के वक़्त रोहित को घर जाने को बोलता हे काजल वही खड़ी थी जहाँ रोज मिलती थी रजत उसे फिर लिफ्ट के लिए पूछता हे .कजल मान जाती हे रजत कार उसके घर की तरफ मोड़ देता हे . रस्ते में पूछता है “मैम कल में आप के घर के पास से गुज़रा कुछ पुलिस वाले खड़े थे, और एक तो आप के घर के अंदर से निकला, कोई प्रॉब्लम हे क्या”? रजत की बात सुन कर काजल घबरा जाती हे .रजत उसकी घबराहट पकड़ लेता हे .काजल बोलती हे “ ऐसे ही पूछताछ करने आये थे, कुछ दिन पहले यहाँ चोरी हुई थी” .रजत जानता था एरिया में कोई चोरी नहि हुई उसका झूठ पकड़ा गया था रजत बोलता है “इटस ओके मैम वेसे आज बहुत सुन्दर लग रही हो” .
रजत की बात सुन कर काजल शर्मा जाती हे और बोलती हे “तुमको लड़कियों के साथ फ्लर्ट करना चाहिए मेरे साथ नहि” . रजत बोलता हे “क्या करू मैम आप जैसी ही मुझे पसंद आती हे, लड़कीओ में वो बात नहि होती”. काजल पूछती हे “कोण सी बात”? रजत बोलता हे “रहने दिजिये आप बुरा मान जोओगी” . काजल बोलती हे “बताओ नहि मानती बुरा” . रजत बोलता हे “गर्ल्स के वो छोटे होते हे मज़ा नहि आता आप जैसी औरतो के बड़े होते हे खूब मज़ा आता हे” .कजल पूछती हे “क्या बड़े होते हे साफ साफ बताओ” रजत बोलता हे “आप की चूचिया” .
काजल शर्मा जाती हे .रजत बोलता हे “आप की चूचिया बहुत मस्त हे” .काजल बोलती हे “शर्म करो में तुम्हारी टीचर हूँ” रजत बोलता हे “टीचर तो हे पर कॉलेज में यहाँ मुझे कोण सा स्टडी करनी हे” .. काजल पूछती हे “सच बताओ कितनी लड़कीओ के साथ चक्कर हे” .रजत बोलता हे “बस एक रूपा अपने प्रिंसिपल की बेटी” . काजल बोलती हे “उसके साथ किया हे कभी” . रजत बोलता हे “नहि मैम,बस ऊपर ऊपर से किया हे” . काजल बोलती हे देखने से तो नहि लगता”.रजत काजल का हाथ पकड़ के सहलाने लगता हे .
काजल शर्मा के ऑंखे निचे कर लेती हे . रजत दिल मे बोलता हे साली तुझे चोदने के बाद बताऊँगा में किस टाइप का लड़का हु.
रजत काजल का हाथ सहलाता हे . काजल अपना हाथ छुडाने की कोशिश करती हे. रजत काजल का हाथ छोड़ने को राजी नहि होता. .
थोड़ी देर बाद रजत और काजल कॉलेज पहुच जाते हे .काजल जल्दी से कार से उतर के चलि जाती हे . रजत मन में बोलता हे सली ने थैंक्स यु भी नहि बोली .कैसा जमाना आ गया हे आज कल . रजत अपनी सोच में डुबा हुआ था और रूपा उसके सामने खड़ी उसे घुर रही होती हे . जब रजत रूपा पर ध्यान नहि देता तो रूपा बोलती हे बहुत बिजी हो किसी के खयालो में . अचानक से रूपा का ध्यान आते ही रजत हडबडा जाता हे और बोलता हे “नहि ऐसी कोई बात नहि जान” .
फिर मन में सोचता हे क्या बताऊ तुझे मेरी छमिया तेरी मैडम का गदराया बदन देख के मेरा लंड मेरे से लड़ाई कर रहा हे इसे कैसे समझाउ की उसकी चुत इतनी आसानी से नहि मिलेगी .रूपा रजत का तना हुआ लंड देख के बोलती हे . “क्या बात हे आज आप का पप्पू इतना तूफ़ान मचा रहा हे” . रजत को समझ नहि आता हे . रजत पूछता हे ये पप्पू साला कोण हे नई अडमिनिशन लिया हे क्या” . रजत की बात सुन कर रूपा हॅसने लगती हे .
रूपा रजत के लंड को पेण्ट के ऊपर से पकड़ कर बोलती हे “अडमिनिशन तो पुरानी ही हे बस नॉटी बहुत हे, जब देखि खड़ा हो जाता हे” रजत रूपा को कार के अंदर खीच लेता हे और शिशे चढ़ा देता हे .रूपा भी रजत की जीब खोल कर लंड को सहलाने लगती थी .रजत रूपा की चुचिओ को दबाता हे और बोलता हे जल्दी से पप्पू को शांत करो वरना कोई आ जायेगा . रूपा लंड को चुस्ने लगती हे . रजत के फ़ोन पर रोहित का फ़ोन आता हे . रोहित पूछता हे “क्यों भाई कहा हो” .रजत बोलता हे “साले तेरी बहन को लंड चुस्वा रहा हूँ वेट कर आता “ .रोहित बोलता हे “तो में क्लास में जा रहा हूँ जब चुस्वा लेना आ जाना दोनों हसने लगते हे” .रूपा रजत का लंड चुस कर झडा देती हे .रजत का सारा पाणी पी जाती हे .रजत पूछता हे “पेट् भट गया तुम्हारा” . रूपा बोलती हे “बहुत दिनों बाद भरा हे तुम्हारे पास तो आब टाइम ही नहि मेरे लिए” .रजत बोलता हे “जान फ़िक्र मत करो जलद ही तुम्हारी खुजलि मिटा दूंगा” . रूपा अपने कपडे ठीक कर के कार से बाहर आ जाती हे .
रजत बोलता हे “तुम क्लास में चलो मैं ससुर जी से मिल कर आता हु” .रूपा बोलती हे “क्यों कोई खास काम हे” . रजत बोलता हे “नहि बहुत दिन हो गए मिला नहि तो सोचा आज मिल लु” रजत प्रिंसिपल के ऑफिस में पहुचता हे . प्रिंसिपल रजत को देख के खुश हो जाता हे और बोलता हे “आओ बेटा आओ बहुत दिनों बाद याद आई मेरी” . रजत बोलता हे “सर ऐसी कोई बात नहि” . प्रिंसिपल बोलता हे “आओ बैठो” . रजत बैठ जाता हे और बोलता हे “सर आप से कुछ पूछना था”.
प्रिन्सिपल बोलता हे “बेझिझक पुछो” . रजत बोलता हे “सर ये काजल मैम जो हे ये कोण हे? और नई टीचर की क्यों जरुरत पड़ी”. प्रिंसिपल “बस इतनी सी बात, वो बात ये हे की काजल बस दो मंथ के लिए आई हे,हमारी पहले वाली टीचर के घर में शादी हे तो वो बिजी रहेंगी इस लिए दो मंथ की छुट्टी ली हे, और अपनी जगह इनको भेजा हे” .रजत बोलता है “ओके सर चलता हूँ क्लास का टाइम हो गया हे” .रजत कॉलेज में सब से पूछताछ करता हे उसे पता चलता हे काजल उसके बारे में पूछताछ कर रही थी .
रजत क्लास अड्डेंड करता हे .फिर छुट्टी के वक़्त रोहित को घर जाने को बोलता हे काजल वही खड़ी थी जहाँ रोज मिलती थी रजत उसे फिर लिफ्ट के लिए पूछता हे .कजल मान जाती हे रजत कार उसके घर की तरफ मोड़ देता हे . रस्ते में पूछता है “मैम कल में आप के घर के पास से गुज़रा कुछ पुलिस वाले खड़े थे, और एक तो आप के घर के अंदर से निकला, कोई प्रॉब्लम हे क्या”? रजत की बात सुन कर काजल घबरा जाती हे .रजत उसकी घबराहट पकड़ लेता हे .काजल बोलती हे “ ऐसे ही पूछताछ करने आये थे, कुछ दिन पहले यहाँ चोरी हुई थी” .रजत जानता था एरिया में कोई चोरी नहि हुई उसका झूठ पकड़ा गया था रजत बोलता है “इटस ओके मैम वेसे आज बहुत सुन्दर लग रही हो” .
रजत की बात सुन कर काजल शर्मा जाती हे और बोलती हे “तुमको लड़कियों के साथ फ्लर्ट करना चाहिए मेरे साथ नहि” . रजत बोलता हे “क्या करू मैम आप जैसी ही मुझे पसंद आती हे, लड़कीओ में वो बात नहि होती”. काजल पूछती हे “कोण सी बात”? रजत बोलता हे “रहने दिजिये आप बुरा मान जोओगी” . काजल बोलती हे “बताओ नहि मानती बुरा” . रजत बोलता हे “गर्ल्स के वो छोटे होते हे मज़ा नहि आता आप जैसी औरतो के बड़े होते हे खूब मज़ा आता हे” .कजल पूछती हे “क्या बड़े होते हे साफ साफ बताओ” रजत बोलता हे “आप की चूचिया” .
काजल शर्मा जाती हे .रजत बोलता हे “आप की चूचिया बहुत मस्त हे” .काजल बोलती हे “शर्म करो में तुम्हारी टीचर हूँ” रजत बोलता हे “टीचर तो हे पर कॉलेज में यहाँ मुझे कोण सा स्टडी करनी हे” .. काजल पूछती हे “सच बताओ कितनी लड़कीओ के साथ चक्कर हे” .रजत बोलता हे “बस एक रूपा अपने प्रिंसिपल की बेटी” . काजल बोलती हे “उसके साथ किया हे कभी” . रजत बोलता हे “नहि मैम,बस ऊपर ऊपर से किया हे” . काजल बोलती हे देखने से तो नहि लगता”.रजत काजल का हाथ पकड़ के सहलाने लगता हे .
काजल शर्मा के ऑंखे निचे कर लेती हे . रजत दिल मे बोलता हे साली तुझे चोदने के बाद बताऊँगा में किस टाइप का लड़का हु.
रजत काजल का हाथ सहलाता हे . काजल अपना हाथ छुडाने की कोशिश करती हे. रजत काजल का हाथ छोड़ने को राजी नहि होता. .