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अपडेट 116
रजत रेखा की गांड फैला कर लंड घूसा देता हे रेखा उछल जाती हे और लंड फिर से बाहर आ जाता हे .रेखा बोलती हे मुझे नहि गांड मरवाणी और उठ कर जाने लगती हे .रजत रेखा को पकड़ के जमीन पर लिटा देता हे और उसके हाथ जोर से पकड़ के मरोड़ देता हे .रजत बोलता हे ऐसे तो जाने नहि दूंगा जब तक गांड न मार लु .रेखा बोलती हे “छोडो रजत दर्द हो रहा हे” .रजत अपना लंड गांड में घुसाने लगता हे जैसे जैसे लंड का दबाव गांड पर पडता हे रेखा की चीखे निकलती हे .ऊईमा ममआ छोड़ दो रजत बेटा बहुत दर्द हो रहा हे रेखा गिड़गिड़ाती हे पर रजत नहि मानता .रजत रेखा की गांड मारता रहता हे .थोड़ी देर बाद दर्द कम हो जाता हे .पर रेखा गुमसुम सी लेटी रेहती हे .रजत को उसकी चुप्पी बर्दाश्त नही होती रजत बोलता हे सॉरी जान कुछ तो बोलो अब दर्द भी तो तुमको नहि हो रहा रेखा चुप रहती हे रजत रेखा की गांड से लंड निकाल के उसको सोफे पर लेकर जाता हे.
रेखा की ऑंखे नम थी .रजत रेखा की बुर को सेहलाता हुआ बोलता हे .”कुछ तो बोलो” रेखा बोलती हे “तुम बहुत जालिम हो इतना दर्द दिया और काम भी पूरा नहि किया” .रजत रेखा की बात सुन कर चौक जाता हे .रेखा बोलती हे “थोड़ी देर के लिए बहुत गुसा आया था, पर अब बहुत प्यार आ रहा हे, चलो अपना काम पूरा करो सिल तो तोड़ दी अब गांड की खुजलि मिटा दो” .रजत रेखा को अपने लंड पर बैठाता हे .रेखा धीरे धीरे ऊपर निचे होती रहती हे .थोड़ी देर बाद रजत रेखा को घोड़ी बना कर गांड मारने लगता हे .रजत कभी गांड मारता कभी चुत .रजत और रेखा की चुदाई काफी देर चलि दोनों कई बार झड चुके थे .रजत रेखा को बोलता हे मेरे साथ साथ मामु के साथ भी चुदाई कर लेना वरना हो गई गड़बड़ तो क्या जवाब दोगी .रेखा बोलती हे तुम्हारे मामु से भी चुद्वाती हूँ रोज सुबह .रजत रेखा नंगे ही बैठे रह्ते हे .रजत बोलता हे आप घर में रहो मुझे काम हे कुछ तो में खाने तक आ जाउँगा, थोड़ी देर में माँ और मामु भी आ जायेंगे,काया माया तो आई नहि पता नहि क्या काम में फस गई हे .ओर रात में मेरे रूम में आ जाना .रेखा बोलती हे अब क्या रोज रोज चोदोगे”?
रजत बोलता हे “रोज चोदूँगा तभी मेरे बच्चे की माँ बनोगी” .रेखा शर्मा जाती हे रजत रेखा के निप्पल को चूसता हुआ बोलता हे “मेरा बच्चा भी ऐसे ही तुम्हारा दूध पीयेगा और में भी” .रेखा बोलती हे “अगर तूम पिओगे तो ख़तम ही कर दोगे तो वो क्या पीयेगा तुमको नहि मिलेगा पिने को” .रजत बोलता हे “ये क्या बात हुई, पहला हक तो मानता हूं बच्चे का हे, चलो कोई बात नहि बेटा दूध पीयेगा तो बाप बुर का रस पीयेगा” .दोनो हसने लगते हे .रजत और रेखा कपडे पहन लेते हे रजत अपनी बाइक उठाता हे आज कई मंथ बाद उसे अपनी प्यारी बाइक याद आई .रजत बाइक स्टार्ट करके माया के पार्लर पहुचता हे .रजत देखता हे पार्लर तो बंद हे .शायद घर चलि गई होगी दोनों .रजत फ़ोन लगाता हे और माया से पूछता हे कहा हो .माया बोलती हे भाई पार्लर पर अभी काम हे तो अभी टाइम लगेगा .रजत सोचता हे उसकी बहने उस से क्यों झूठ बोल रही हे पार्लर तो बंद हे कही दोनों अंदर तो नहि .रजत पीछे का डोर अनलॉक करता हे और अंदर जाता हे अंदर कोई नहि था .फिर भी अपनी तसली के लिए हर रूम को चेक करता हे .
पार्लर पर कोई नहि था .रजत फिर से कॉल लगता हे इस बार काया को फ़ोन करता हे .रजत पूछता हे काया कहा हो .काया बोलती हे भाई पार्लर में .रजत बोलता हे झूठ मत बोलो में पार्लर के अंदर हूँ .तुम दोनों मुझसे झूठ बोल रही हो आखिर क्यों .अब तुम दोनों मुझसे बाते भी छुपाने लगी हो. नहि बताना तो मत बताओ पर मुझसे बात मत करना .इतना कह के रजत फोन काट देता हे .रजत घुस्से में रोहित के घर पहुचता हे ..रोहित पूछता हे क्यों भाई इतना घुस्सा क्यों आया हुआ हे चलो अंदर आओ और बताओ माजारा क्या हे”?
रजत रेखा की गांड फैला कर लंड घूसा देता हे रेखा उछल जाती हे और लंड फिर से बाहर आ जाता हे .रेखा बोलती हे मुझे नहि गांड मरवाणी और उठ कर जाने लगती हे .रजत रेखा को पकड़ के जमीन पर लिटा देता हे और उसके हाथ जोर से पकड़ के मरोड़ देता हे .रजत बोलता हे ऐसे तो जाने नहि दूंगा जब तक गांड न मार लु .रेखा बोलती हे “छोडो रजत दर्द हो रहा हे” .रजत अपना लंड गांड में घुसाने लगता हे जैसे जैसे लंड का दबाव गांड पर पडता हे रेखा की चीखे निकलती हे .ऊईमा ममआ छोड़ दो रजत बेटा बहुत दर्द हो रहा हे रेखा गिड़गिड़ाती हे पर रजत नहि मानता .रजत रेखा की गांड मारता रहता हे .थोड़ी देर बाद दर्द कम हो जाता हे .पर रेखा गुमसुम सी लेटी रेहती हे .रजत को उसकी चुप्पी बर्दाश्त नही होती रजत बोलता हे सॉरी जान कुछ तो बोलो अब दर्द भी तो तुमको नहि हो रहा रेखा चुप रहती हे रजत रेखा की गांड से लंड निकाल के उसको सोफे पर लेकर जाता हे.
रेखा की ऑंखे नम थी .रजत रेखा की बुर को सेहलाता हुआ बोलता हे .”कुछ तो बोलो” रेखा बोलती हे “तुम बहुत जालिम हो इतना दर्द दिया और काम भी पूरा नहि किया” .रजत रेखा की बात सुन कर चौक जाता हे .रेखा बोलती हे “थोड़ी देर के लिए बहुत गुसा आया था, पर अब बहुत प्यार आ रहा हे, चलो अपना काम पूरा करो सिल तो तोड़ दी अब गांड की खुजलि मिटा दो” .रजत रेखा को अपने लंड पर बैठाता हे .रेखा धीरे धीरे ऊपर निचे होती रहती हे .थोड़ी देर बाद रजत रेखा को घोड़ी बना कर गांड मारने लगता हे .रजत कभी गांड मारता कभी चुत .रजत और रेखा की चुदाई काफी देर चलि दोनों कई बार झड चुके थे .रजत रेखा को बोलता हे मेरे साथ साथ मामु के साथ भी चुदाई कर लेना वरना हो गई गड़बड़ तो क्या जवाब दोगी .रेखा बोलती हे तुम्हारे मामु से भी चुद्वाती हूँ रोज सुबह .रजत रेखा नंगे ही बैठे रह्ते हे .रजत बोलता हे आप घर में रहो मुझे काम हे कुछ तो में खाने तक आ जाउँगा, थोड़ी देर में माँ और मामु भी आ जायेंगे,काया माया तो आई नहि पता नहि क्या काम में फस गई हे .ओर रात में मेरे रूम में आ जाना .रेखा बोलती हे अब क्या रोज रोज चोदोगे”?
रजत बोलता हे “रोज चोदूँगा तभी मेरे बच्चे की माँ बनोगी” .रेखा शर्मा जाती हे रजत रेखा के निप्पल को चूसता हुआ बोलता हे “मेरा बच्चा भी ऐसे ही तुम्हारा दूध पीयेगा और में भी” .रेखा बोलती हे “अगर तूम पिओगे तो ख़तम ही कर दोगे तो वो क्या पीयेगा तुमको नहि मिलेगा पिने को” .रजत बोलता हे “ये क्या बात हुई, पहला हक तो मानता हूं बच्चे का हे, चलो कोई बात नहि बेटा दूध पीयेगा तो बाप बुर का रस पीयेगा” .दोनो हसने लगते हे .रजत और रेखा कपडे पहन लेते हे रजत अपनी बाइक उठाता हे आज कई मंथ बाद उसे अपनी प्यारी बाइक याद आई .रजत बाइक स्टार्ट करके माया के पार्लर पहुचता हे .रजत देखता हे पार्लर तो बंद हे .शायद घर चलि गई होगी दोनों .रजत फ़ोन लगाता हे और माया से पूछता हे कहा हो .माया बोलती हे भाई पार्लर पर अभी काम हे तो अभी टाइम लगेगा .रजत सोचता हे उसकी बहने उस से क्यों झूठ बोल रही हे पार्लर तो बंद हे कही दोनों अंदर तो नहि .रजत पीछे का डोर अनलॉक करता हे और अंदर जाता हे अंदर कोई नहि था .फिर भी अपनी तसली के लिए हर रूम को चेक करता हे .
पार्लर पर कोई नहि था .रजत फिर से कॉल लगता हे इस बार काया को फ़ोन करता हे .रजत पूछता हे काया कहा हो .काया बोलती हे भाई पार्लर में .रजत बोलता हे झूठ मत बोलो में पार्लर के अंदर हूँ .तुम दोनों मुझसे झूठ बोल रही हो आखिर क्यों .अब तुम दोनों मुझसे बाते भी छुपाने लगी हो. नहि बताना तो मत बताओ पर मुझसे बात मत करना .इतना कह के रजत फोन काट देता हे .रजत घुस्से में रोहित के घर पहुचता हे ..रोहित पूछता हे क्यों भाई इतना घुस्सा क्यों आया हुआ हे चलो अंदर आओ और बताओ माजारा क्या हे”?