• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

लाइफ हो तो ऐसी complete

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date
अपडेट 116

रजत रेखा की गांड फैला कर लंड घूसा देता हे रेखा उछल जाती हे और लंड फिर से बाहर आ जाता हे .रेखा बोलती हे मुझे नहि गांड मरवाणी और उठ कर जाने लगती हे .रजत रेखा को पकड़ के जमीन पर लिटा देता हे और उसके हाथ जोर से पकड़ के मरोड़ देता हे .रजत बोलता हे ऐसे तो जाने नहि दूंगा जब तक गांड न मार लु .रेखा बोलती हे “छोडो रजत दर्द हो रहा हे” .रजत अपना लंड गांड में घुसाने लगता हे जैसे जैसे लंड का दबाव गांड पर पडता हे रेखा की चीखे निकलती हे .ऊईमा ममआ छोड़ दो रजत बेटा बहुत दर्द हो रहा हे रेखा गिड़गिड़ाती हे पर रजत नहि मानता .रजत रेखा की गांड मारता रहता हे .थोड़ी देर बाद दर्द कम हो जाता हे .पर रेखा गुमसुम सी लेटी रेहती हे .रजत को उसकी चुप्पी बर्दाश्त नही होती रजत बोलता हे सॉरी जान कुछ तो बोलो अब दर्द भी तो तुमको नहि हो रहा रेखा चुप रहती हे रजत रेखा की गांड से लंड निकाल के उसको सोफे पर लेकर जाता हे.

रेखा की ऑंखे नम थी .रजत रेखा की बुर को सेहलाता हुआ बोलता हे .”कुछ तो बोलो” रेखा बोलती हे “तुम बहुत जालिम हो इतना दर्द दिया और काम भी पूरा नहि किया” .रजत रेखा की बात सुन कर चौक जाता हे .रेखा बोलती हे “थोड़ी देर के लिए बहुत गुसा आया था, पर अब बहुत प्यार आ रहा हे, चलो अपना काम पूरा करो सिल तो तोड़ दी अब गांड की खुजलि मिटा दो” .रजत रेखा को अपने लंड पर बैठाता हे .रेखा धीरे धीरे ऊपर निचे होती रहती हे .थोड़ी देर बाद रजत रेखा को घोड़ी बना कर गांड मारने लगता हे .रजत कभी गांड मारता कभी चुत .रजत और रेखा की चुदाई काफी देर चलि दोनों कई बार झड चुके थे .रजत रेखा को बोलता हे मेरे साथ साथ मामु के साथ भी चुदाई कर लेना वरना हो गई गड़बड़ तो क्या जवाब दोगी .रेखा बोलती हे तुम्हारे मामु से भी चुद्वाती हूँ रोज सुबह .रजत रेखा नंगे ही बैठे रह्ते हे .रजत बोलता हे आप घर में रहो मुझे काम हे कुछ तो में खाने तक आ जाउँगा, थोड़ी देर में माँ और मामु भी आ जायेंगे,काया माया तो आई नहि पता नहि क्या काम में फस गई हे .ओर रात में मेरे रूम में आ जाना .रेखा बोलती हे अब क्या रोज रोज चोदोगे”?

रजत बोलता हे “रोज चोदूँगा तभी मेरे बच्चे की माँ बनोगी” .रेखा शर्मा जाती हे रजत रेखा के निप्पल को चूसता हुआ बोलता हे “मेरा बच्चा भी ऐसे ही तुम्हारा दूध पीयेगा और में भी” .रेखा बोलती हे “अगर तूम पिओगे तो ख़तम ही कर दोगे तो वो क्या पीयेगा तुमको नहि मिलेगा पिने को” .रजत बोलता हे “ये क्या बात हुई, पहला हक तो मानता हूं बच्चे का हे, चलो कोई बात नहि बेटा दूध पीयेगा तो बाप बुर का रस पीयेगा” .दोनो हसने लगते हे .रजत और रेखा कपडे पहन लेते हे रजत अपनी बाइक उठाता हे आज कई मंथ बाद उसे अपनी प्यारी बाइक याद आई .रजत बाइक स्टार्ट करके माया के पार्लर पहुचता हे .रजत देखता हे पार्लर तो बंद हे .शायद घर चलि गई होगी दोनों .रजत फ़ोन लगाता हे और माया से पूछता हे कहा हो .माया बोलती हे भाई पार्लर पर अभी काम हे तो अभी टाइम लगेगा .रजत सोचता हे उसकी बहने उस से क्यों झूठ बोल रही हे पार्लर तो बंद हे कही दोनों अंदर तो नहि .रजत पीछे का डोर अनलॉक करता हे और अंदर जाता हे अंदर कोई नहि था .फिर भी अपनी तसली के लिए हर रूम को चेक करता हे .

पार्लर पर कोई नहि था .रजत फिर से कॉल लगता हे इस बार काया को फ़ोन करता हे .रजत पूछता हे काया कहा हो .काया बोलती हे भाई पार्लर में .रजत बोलता हे झूठ मत बोलो में पार्लर के अंदर हूँ .तुम दोनों मुझसे झूठ बोल रही हो आखिर क्यों .अब तुम दोनों मुझसे बाते भी छुपाने लगी हो. नहि बताना तो मत बताओ पर मुझसे बात मत करना .इतना कह के रजत फोन काट देता हे .रजत घुस्से में रोहित के घर पहुचता हे ..रोहित पूछता हे क्यों भाई इतना घुस्सा क्यों आया हुआ हे चलो अंदर आओ और बताओ माजारा क्या हे”?

 
810389169.gif

अपडेट 117

रजत बोलता हे क्या बताऊ यार अब तो मेरी बहने मुझसे बाते भी छुपाती हे बोल के गई हम दोनों पार्लर पर जा रही हे जब में वहा पंहुचा तो पार्लर बंद था . रोहित बोलता हे तो क्या हुआ भाई घर चलि गई होगी .रजत बोलता हे मैंने फ़ोन करके पूछा तो बोल रही थी पार्लर में हूँ मैंने चेक किया तो पार्लर खाली था फिर भी मुझसे दोनों यही बोल रही थी की पार्लर में हे .रोहित बोलता हे भाई बुरा न मानो तो एक बात कहु .रजत बोलता हे बोल यार .रोहित बोलता हे कही कोई लड़के का चक्कर तो नहि .रजत बोलता हेः यार हो सकता हे पर मुझसे छुपाने की क्या जरुरत .

तभी ख़ुशी आती हे और रजत की गोद में बैठ जाती हे .रजत पूछता हे कैसी हो ख़ुशी खुशी बोलती हे ठीक ही हूँ पर तुम्हारी कमी हे तुम तो आते नहि तुम्हारे पास तो इतनी बुर हे मेरे पास तुम्हारे जैसा लंड नहि जो रोज मेरी प्यास मिटाये.रजत बोलता हे क्यों रोहित तो हे ना .रोहित बोलता हे भाई मेरे बस की बात नहि ये तो दिन भर चुदाई करने को माँगती हे .रजत बोलता हे ख़ुशी इतनी चुदाई करेगा ये तो मर जायेगा कम से कम इसे भी आराम करने दो .ओर रोहित दिन में दो बार और रात में दो बार चोद दिया करो .रजत ख़ुशी की चुचिओ को मसलता हे .खुशी अपनी टीशर्ट उतार देती हे .रजत बोलता हे ख़ुशी दो लंड का मज़ा लोगी .खुशी बोलती हे जैसा करना हे कर लो में कभी मना की हूँ तुमको .रजत अपनी पेण्ट उतार देता हे .रोहित भी .रजत चुचिओ को चूसता हे रोहित गांड चाटने लगता हे .रजत बोलता हे भाई गांड मुझे मारने दे .खुशी भी बोलती हे भाई गांड रजत को मारने दो क्योंकि तुमसे गांड की सिल नहि टुटेगी और रजत ख़ुशी हसने लगते हे रोहित सोफ़े पर बैठ जाता हे ख़ुशी भी गरम हो चुकी थी तो जल्दी से रोहित के लंड पर बैठ गई ख़ुशी की बुर में रजत का लंड घुस जाता हे रजत किचन से तेल ले कर ख़ुशी की गांड पर लगाता हे और अपने लंड पर भी .रोहित तो धक्के पर धक्के मारता रहता हे .

रजत ख़ुशी की गांड में अपना लंड धीरे धेरे ड़ालता रहता हे ख़ुशी को दर्द और आनंद दोनों मिल रहा था रजत ख़ुशी के ऊपर झुक के गांड मारता हे .कुछ देर गांड टाइट होने की वजह से लंड कसा कसा जाता हे .थोड़ी देर बाद सब ठीक हो जाता हे तीनो पसीने से भिग जाते हे रजत गांड और रोहित बुर चोदता रहता हे .दोनो लड़के ख़ुशी को बुरी तरह मसलते हे ख़ुशी की गांड और बुर दोनों जगह से खून निकलने लगता हे..रजत और रोहित की चुदाई से ख़ुशी कई बार झड चुकी थी .दोनो लड़के एक साथ झड जाते हे .खुशी की गांड और बुर से लंड निकाल के दोनों बॉयज ख़ुशी के मुह में दाल देते हे ख़ुशी बारी बारी दोनों को चाटती हे .दोनो का लंड चाट के साफ करती हे फ़र्श पर ख़ुशी की बुर और गांड से वीर्य गिरता हे खून के छीटे भी फ़र्श पर नजर आते हे .रजत ख़ुशी को पूछता हे आर यु ओके ख़ुशी बोलती हे यस एम ओके प्लीज् मुझे मेरे रूम तक छोड़ आओ .रजत ख़ुशी को उठा के उसके रूम तक छोड़ आता हे .फिर रोहित से मिलकर काजल के घर की तरफ चल पडता हे .जैसे ही वो काजल के घर पहुचता हे उसे काया की एक्टिवा नजर आती हे .रजत सोचने लगता हे ये दोनों यहाँ .रजत काजल के घर के डोर को खड़खड़ाता हे डोर खुलता हे अंदर पुलिस वाले होते हे और काया माया सहमि हुई बैठी हुई हे रजत काजल को पूछता हे यहाँ क्या हो रहा हे और मेरी बहने डरी हुई क्यों हे .ओर ये साले पुलिस वाले यहाँ क्यों है.काया माया दौड़ कर रजत के सीने से लग जाती हे .काया बोलती हे इन लोगो ने दीदी को मारा और रेप करने की कोशिश की .रजत का घुस्सा सातवे आसमान पर पहुच जाता हे .रजत एक पुलिस वाले का रिवोल्वर लेता हे काजल को टारगेट बनाता हे काजल बोलती हे रजत शांत हो जाओ ऐसा कुछ नहि हुआ जैसा तुम्हारी बहन बोल रही हे .रजत काया को पूछता हे किस साले ने मेरी बहनको हाथ लगाया आज में उसको इस दुनिया से रिहा कर दूंगा .सब पुलिस वाले डर जाते हे और बोलते हे जैसा हमे बड़े ऑफिसर बोलते हे हम वहि करते हे हमारी कोई ग़लती नही हमे मत मारो .रजत बोलता हे तुम लोग भूल रहे हो मैंने पहले ही कहा था मेरी फैमिली की तरफ जो आंख उठा के देखेगा में उसकी जान ले लुँगा .रजत राहुल को फ़ोन करके बोलता हे उसके चार कॉन्सटेबल और एक इन्स्पेटर को मारने वाला हूँ अपने बड़े ओफ्फिसरो को बता दो उनकी जान बचा सकते हे तो बचा ले .

 
अपडेट 117

रजत ने आज तक मक्खी नहि मारी थी फिर आज उसे इतना घुस्से में देख के सब पुलिस वालो और उसकी बहनो की डर के मारे हालत ख़राब थी .

रजत काजल को बोलता हे में पहले से जानता था तुम पुलिस की एजेंट हो मेरी जासूसी कर रही थी तभी मैने तुम्हारे बारे में सब जानकारी ले ली थी पर तुमने मेरे बारे में गलत अन्दाजा लगाया में दिखने में हीरो हूँ पर एक नंबर का कमीना हु अभी तक जितने भी मर्डर हुये मैंने ही किये या करवाये हे रजत की बात सुन कर सब शॉक हो जाते हे .

पर तुम लोग मर भी जाओगे तो साबित नहि कर पाओगे .थोड़ी देर बाद और पुलिस आ जाती हे .

रजत बोलता हे आईजी साले को अंदर भेजो वरना उसके ६ ओफ्फिसर यही ढेर हो जायेंगे .

आईजी अन्दर आता हे रजत काया को उसकी पिस्टल लेने को बोलता हे काया पिस्तौल लेती हे और सब पर टारगेट लगा देती हे .

रजत और काया की पिस्टलों के टारगेट पर पुलिस वाले आ जाते हे .रजत बोलता हे तुम सब उन लड़को के कातिलो को ढूंढ रहे हो जिनका मर्डर हुआ था .तुम सब को बता दू उनमे से एक तो इस आईजी की पिस्तोल से मरा था और ये बात ये भी जानता हे .

रजत की बात सुन कर राहुल बोलता हे “क्यों ये सब किया तुमने” .

रजत बोलता हे जिन लड़को ने तीन लड़कियो का रेप किया उनको तुम लोगो ने छोड़ दिया .

जिन लड़को ने रूपा पर जानलेवा हमला किया उनका तुम सब कुछ नहि बिगाड पाये आखिर मुझे ही अपना काम करना पड़ा .

राहुल रजत से पूछता हे तुम तो फस्ट मर्डर के दिन बेड पर लेते थे में वहि था.

रजत बोलता हे जब काया बाहर तुमसे बात कर रही थी तब में होश में था .

काया के जाते ही तुम अंदर आये मुझे पता था काया जरूर उन लड़को से मिलेगी .जब तुम मुझसे मिल कर बाहर गए तभी में विंडो से बाहर निकल गया था में चल फिर सकता था बस डॉक्टर को भरोसा दिलाना पड़ा में चल नहि पा रहा हूँ .उसके बाद मैंने काया का पीछा किया काया उन लड़को से एक सुन्सान जगह मिली .

काया जब लड़को का वेट कर रही थी तब मैंने देखा उन लड़को में से एक आया हुआ हे वो भी अकेला .मोका देखा कर मैंने उसे दबोच लिया .

और उसका मुह बांध कर कांटो की तार में फेक दिया .

उसका गला तारो में फस गया वो मर गया .काया को देखा कुछ लोगो ने पर कातिल को नहि .

ओर ये बात तुम लोग कोर्ट में साबित नही कर सकते .

आईजी बोले “हम लोगो के सामने काबुल किया हे तुमने जुर्म तुमको तो फ़ासी की सजा दिलाऊँगा” .

रजत हॅसने लगा है है है है “क्यों आईजी बच्चों की तरह बात करता हे भारत के कानून में पुलिस वालो की गवाही नहि मानी जाती जब तक मोकायवार्दात पर पुलिस मुजरीम को ना पकडे .

ओर मेरे पास तो गवाह है में होस्पिटल में बेड पर था”.

राहुल बोलता हे “रजत में तुम्हारा दोस्त हूँ कम से कम मुझे तो बता दिया होता, आज इस तरह तुम्हारी बहने जलील तो नहि होती”.

रजत बोलता हे “जिन लोगो ने जलील किया उनपर में केस करूँगा,अपहरण धमकी और बलात्कार करने की कोशिश में, जिसकी वजह से ये आईजी जेल में, इसके साथ ये सब भी” .

काजल बोलती हे “प्लीज् ऐसा मत करो मैंने कुछ नहि किया” .

रजत बोलता हे “यही तो वजह हे तुमने कुछ क्यों नहि किया एक लड़की हो कर दूसरी को तकलीफ पहुचवाया,अब में तुम सब को नहि छोड़ूँगा.

राहुल बोलता हे दूसरा मर्डर कैसे किया ..

रजत मुस्कुराते हुए भाई मेरे बहुत जल्दी हे कत्ल के बारे में जानने की तो सुनो .

मैंने अपने कुछ लोगो से आवारा कुत्ते पकड़ने को बोला जो हट्टे कट्टे हो.ओर उन लोगो ने मुझे १० कुत्ते ला कर दिये.मैंने उनको एक रूम में बंद करके रखा जो की कई दिनों तक भूखे रखे .

फिर मैंने अपने कुछ लोगो को उन लडको को उठा के लाने को बोला जिसमे मेरी मदद इस शहर के आवारा लड़को ने किया

 
अपडेट 118

मैंने उन लड़को को उन कुत्तो के रूम में फिकवा दिया कुत्ते भूखे थे उन कुत्तो ने उन लड़को को काट काट के खा लिया .

जिसका भी कोई सबूत नहि मैंने ही उन लड़को का मर्डर किया .

रहि बात लास्ट मर्डर की जिसमे तुम्हारे दो ऑफिसर भी मरे थे .

मुझे पता था काया मुझसे बहुत प्यार करती हे और वो पता लगा के रहेगी आखिर उसके भाई को मारने वाला कोण हे .

मे हमेशा काया पे निगरानी रखता रहा .

जब मुझे कॉल आया रूपा का की सब काया के साथ बत्तमीज़ी कर रहे है मैंने तुरंत अपने प्लान पर काम करना शुरुकर दिया में सीधा आईजी के घर में घुस गया उसके घर पर कोई नहि था मुझे पता था की उस टाइम कोई नहि होता बिवी बच्चों को लेने स्कूल जाती हे .

मैंने घर की तलाशी ली मुझे पता हे हर पुलिस वाले को एक प्राइवेट गन भी दी जाती हे सेफ्टी के लिए मैंने उसे चुराया और सीधा वहा पंहुचा जहा काया थी .

जब मने देखा सब काया का मजाक उडा रहे हे तो घुस्से पर क़ाबू नहि कर पाया .ओर तीनो को गोली मार कर वहा से ग़ायब हो गया .

जब तुम सब साबित करते करते मर भी जाओ तो कुछ साबित नहि होने वाला .

मैंने डीईजी और ऑफिसर को कॉल कर दिया हे वो आते ही होंगे फिर तुम सब की वर्दी यही उत्तरेगी .

साथ में प्रेस भी आ रही हे .तुम अपनी खैर मनाओ मेरा कुछ नहि बिगाड सकते .

थोड़ि देर बाद प्रेस वाले आ गये .

रजत की नौटकी शुरू हो गई उसने जो स्टोरी बनाई उसे सुन कर सब पुलिस वालो की फट गई .

रजत का कहना था .

पोलिस वाले कई मंथ से उसको और उसके घर वालो को परेशान कर रहे थे .उसकी बहनो को छेडते थे .

उनके साथ अश्लील बाते करते थे .

प्रेस वालो ने पूछा पर क्यों .

रजत बोलता हे क्यों की ये निक्कमी पुलिस जब कोई केस नहि सुलझा पाति तो हम जैसे मासूम लोगो को ही सताती हे .

रजत उनको सारी कहानी बता देता हे .

पोलिस वाले बोलते हे ये झूठ हे हमने कुछ नहि किया .

रजत डी.जी.पी के सामने बोलता हे की में पुलिस वालो पर केस दर्ज करूँगा की मुझे मर्डर केस में फ़साने की साजिश की मेरी बहनो को परेशान और डराया धमकाया .

मेरी फॅमिली की इज्जत मिट्टी में मिलाने की कोशिश की इसमें इस पोलिस डिपार्टमेंट के बड़े अधिकारी भी शामिल हे में पुरे पुलिस डिपार्टमेंट पर मान हानी का दावा भी करूँगा ..

साथ में कोशिश करूँगा इस साजिष में शामिल सभी लोगो को जेल पंहुचा सकु .

रजत की बात सुन कर डी.जी.पी शॉकड हो जाता हे .

डी.जी.पी प्रेस को बोलता हे ये लड़का अभी घुस्से में हे कुछ भी बोले जा रहा हे .इसपे हमे शक था की ये कातिल हे और कुछ नहि .

डी.जी.पी की बात सुन कर बोलता हे “तुझे भी अदालत में देख लुँगा शक था तो मुझे बुलाता मेरी बहनो को क्यों बुलाया” .

प्रेस के पूछने पर डी.जी.पी बोलता हे “इसके बारे में मुझे कुछ नहि पता” .प्रेस अपनी रिपोर्ट लेकर चलि जाती हे .

डी.जी.पी रजत की रिपोर्ट लिख कर अपने पुलिस वालो को गिरफ्तार करता हे .

तभी रजत बोलता हे काजल मैडम को छोड़ दो उनका कोई कसुर नहि पोलिस वाले काजल को छोड़ देते हे ..

काजल रजत की तरह थैंक्स की नजरो से देखति हे .

रजत अपनी बहनो को लेकर घर चला जाता हे .पर जो काया माया रजत से प्यार करती थी आज उस से डर रही थी .रजत बोलता हे

“क्या हुआ”.

माया काया चुप चाप बाइक पर बैठी रहती हे.

रजत काया के घर पहुचता हे घर में सब मौजूद होते है.

मीना रजत से पूछती हे ये पुलिस वालो का क्या लफड़ा हे .

रजत बोलता हे कुछ नहि माँ उनको शक़ था की सब मर्डर मैंने किये हे पर अब शक़ दूर हो जायेंगे .डोंट वरि माँ ..

मीना सब के लिए डिनर लगाती हे .

काया माया चुप चाप खाना खा के अपने रूम में चलि जाती हे .

रजत भी खाना ख़तम करके माया के रूम में जाता हे माया अपने बेड पर बैठी होती हे .

रजत पूछता हे दी क्या हुआ .माया बोलती हे छोटे तूने ये सब क्यों किया कही तुझे कुछ हो जाता तो हम सब तो मर ही जाते .

तभी काया रूम में आती हे और रजत पे मुक्कों की बरसात कर देती हे .

 
अपडेट 119

रजत बोलता हे काया क्या कर रही हे लग जायेगी क्यों मार रही हे .

काया बिना बोले मारती रहती हे .

रजत सीधा खड़ा हो जाता हे .

काया रजत के सीने पर दस बारह मुक्के मारती हे और रोने लगती हे .

रजत काया को सीने से लगा लेता हे .

रजत पूछता हे क्या हुआ मेरी छोटी सी जान को क्यों रो रही हे अभी में हूँ ना

काया बोलती हे भाई वो कुत्ते अगर तुमको कुछ कर देते तो हम क्या करते .

हम तुमसे बहुत प्यार करते हे .

रजत काया के असू पोछता हुआ बोलता हे आरे राजकुमारी अभी वो पैदा नहि हुआ जो मेरी जान ले सके तू फ़िकर मत कर में सब को देख लुँगा .

माया बोलती हे भाई अब तुम कुछ नहि करोगे हम करेंगे जो करना हे तुम बस शांत रहो रजत माया काया के गालो पर किस करते हुए बोलता हे ओके मेरी रानियो .

अब मूड ठीक करो अपना .काया बोलती हे भाई छोडो कम से कम दी के सामने तो शर्म करो .

रजत बोलता हे क्यों तू भी मेरी बिवी ये भी मेरी बिवी तो शर्म कैसी चलो आज साथ सोते हे .

काया बोलती हे मुझे नहि सोना तुम दोनों में नहि .

रजत काया को पकड़ के लिटा देता हे और माया के सामने उसकी चुचिओ को मसल मसल के लिप्स चूसता हे .

माया बैठी सब देखति हे रजत माया को बोलता हे जल्दी से कपडे अपने उतारो .

माया रजत की बात मानते हुए अपने कपडे उतारने लगती हे .

रजत काया को नंगा कर देता हे और काया की बुर चुसने लगता हे .

माया रजत के लंड को मुह में लेकर चुस्ती हे .

माया रजत का लंड तेज़ी से मुह में लेने लगती हे और रजत काया की चुचिओ को जोर जोर से दबाता हे ..

काया रजत के बालो में हाथ फेरती रहती हे फिर रजत काया की दोनों टांगे फैला कर बुर चाटने लगता हे रजत बुर मे उंगलिया दाल के काया की बुर फैला फैला के बुर चाटता हे बुर में अपनी जीभ डाल के चोदता हे .

रजत माया के मुह से लंड निकाल के काया की बुर में घूसा देता हे .

काया एक बार में रजत का लंड नहि बर्दाश कर पाति और उसकी चीख निकल जाती हे .

माया काया की चुचिओ को सहलाते हुए लिप्स को चूमती हे रजत टांगो को पकड़ के जोर जोर से लंड पेलता है

काया कई दिनों की प्यासी थी जल्द ही उसका पाणी निकल जाता हे .

रजत माया की तरफ लपक लेता हे और बोलता हे दीदी गांड मारूँगा तुम्हारी .

माया बड़े प्यार से बोलती हे राजा भैइया पहले अपनी बहन की बुर की प्यास तो मिटा दो बहुत दिन हो गए तूमसे चुदे हुये फिर गांड की भी खुजलि मीटा देना रजत माया के ऊपर लेट जाता हे और जोर जोर से चुचिओ को दबाते हुए चूसता हे .

माया रजत के लंड को सहलाती हे .

काया एक बार चुद चुकी थी पर इन दोनों की चुदाई उसे उतेजित कर रही थी काया अपनी चुत में उंगलिया दाल के आगे पीछे करती रहती हे .

रजत का लंड माया की बुर पर रगड खाता रहता हे .

रजत अपनी बहन की चुचिओ को खूब मिस्ता हे निप्पल को अपने दातो से काटता हे माया से बर्दाश जब नहि होता तो माया बोलती हे भाई प्लीज धीरे काटो बहुत दर्द और जलन हो रही हे .

रजत अपनी बहन के दर्द को समझ जाता हे और बड़े प्यार से छोटे बच्चे की तरह चुचिओ को चूसता हे .

काया भी दोनों के पास आ जाती हे .

काया माया के मुह के पास अपनी बुर करती हे .

माया काया की गांड चाटती हे रजत माया की बुर में लंड धकेल देता हे .माया काया की गांड चाटती रहती हे .

ओर रजत काया की बुर चाटते हुए माया की बुर में धक्के लगाता रहता हे .

काया अपनी चुचिओ को जोर जोर से दबाते हुए गांड और बुर चटवाती रहती हे .

रजत माया की बुर को जोर जोर से चोदता हे माया काया की सिसकिया पुरे रूम में सुनाइ देती हे .

रजत माया की लगातार ठुकाई करता रहता हे थोड़ी देर ठुकाई करने के बाद माया भी झड जाती हे .

ओर काया भी दोनों झड़ने के बाद सुस्ताने लगती हे पर रजत का लंड कहा मानने वाला था वो तो माया की गांड में घुसना चाहता था .

माया रजत को वेट करने को बोलती हे .

रजत काया की तरफ देखता हे काया अपनी गांड हवा में उठा लेती हे रजत खुश हो जाता हे

 
अपडेट 120

रजत काया की गांड चाटता हे .

और माया से लंड चुसने को बोलता हे माया के पानी से लंड अभी भी भिगा था जगह जगह वीर्य लगा हुआ था .

माया बड़े प्यार से चाट चाट के लंड साफ करती हे रजत माया के बालो को पकड़ के लंड पूरा मुह में घूसा देता हे .

रजत माया की मुह को चोदने लगता हे थोड़ी देर बाद माया के मुह से लंड निकालता हे और काया की गांड में घूसा देता हे माया भी काया के मुह पर अपनी बुर रख देती हे .

रजत लंड अंदर घुसाता चला जाता हे काया माया की बुर चुसते चुसते काटने लगती हे .

काया माया की बुर जैसे ही काटती हे दोनों की चीखे गूंजती हे माया की बुर काटने से और काया की रजत के जोर दार हमले से रजत जोर जोर से गांड मारता हे हर धक्के पर काया माया की बुर को काटती हे .

रजत काया की गांड इतनी बुरी तरह चोदने लगता हे की गांड से खून निकलने लगता हे २० मिनट गांड मारने के बाद रजत काया की बुर चोदने लगता हे .

माया काया की चुचिओ को जोर जोर से दबाती हे और निप्पल को खिचती हे रजत काया को चोदता रहता हे काया झड कर गिर जाती हे रजत का लंड बुर से स्प्रिंग की तरह बाहर आता हे .

काया की गांड से खून निकल कर झांघो पर रिसने लगता हे .

रजत माया की टांगे पकड़ कर खीच लेता हे और माया को उल्टा करके गांड चाटने लगता हे रजत माया की चुचिओ को पकड़ कर मसलता हे .

थोड़ी देर गांड चाटने के बाद रजत माया को बोलता हे में बैठता हूँ तुम मेरे लंड पर बैठो .

माया बोलती हे में घोड़ी बन जाती हूँ मार लो गांड .

रजत बोलता हे नहि मुझे आज ऐसे ही गांड मारनी हे .

माया बोलती हे ऐसे में ज्यादा दर्द होगा .

रजत बोलता तो क्या हुआ मेरे लिए उतना नहि सह सकती .

माया बोलती है चुप पागल तेरे लिए तो में मर सकती हूँ तो ये दर्द क्या चीज हे जैसे मारनी हे गांड मार ले .

रजत बेड से उत्तर कर चेयर पर बैठ जाता हे और बोलता हे

“आओ दीदी”.माया बोलती हे

“आती हूँ बड़ी जल्दी रहती हे तूझे तो गांड मारने की”

रजत बोलता हे

“दीदी दोस्त लोग बोलते हे दस बुर और एक गांड एक बराबर हे और अगर गांड ही नहि मारी तो क्या मज़ा लिया चलो बाते कम करो गांड लंड पर रख के बैठ जाओ.

माया रजत के लंड पर बैठने लगती हे जैसे जैसे गांड में लंड जाता हे माया के चहेरे पर एक दर्द की तेज़ लहर उठती हे .

रजत देखता हे माया धीरे धीरे बैठ रही हे .

रजत माया के कंधे पकड़ कर जोर से धक्का मारता हे .

रजत का लंड माया की गांड चिरते हुए अंदर तक चला जाता हे.

माया दर्द से सिसकती हे रजत माया की चुचिओ को मसलता हे और माया लंड पर खुद ब खुद गांड मरवाती हे .

रजत माया की गांड मारता रहता हे फिर थोड़ी देर बैठे बैठे गांड मारने में उसे तकलीफ होती हे वो माया को कस के पकड़ लेता हे और बेड पर झुका देता हे और जोर जोर से खड़े खड़े गांड मारता हे माया भी जवाबी धक्का मारने लगती हे दोनों चुदाई के सुरुर में आ जाते हे रजत झटके के साथ लंड बाहर निकाल ता हे और बुर में घूसा देता हे और बुर चोदने लगता हे दोनों जम कर चुदाई करते और करवाते हे.

रजत माया की बुर चोदता रहता हे माया फिर से झड जाती हे रजत चोदता रहता हे क्यू की वो भी झड़ने वाला हो जाता हे रजत अपनी दोनों बहनो को बहुत प्यार से चोदता हे .

रजत जैसे ही झड़ने वाला होता हे रजत माया की बुर से लंड निकल लेता हे और काया माया के चहेरे पर पिचकारी मार देता हे दोनों बहने अपने भाई के वीर्य को चाट चाट के साफ करती हे .

रजत का लंड चुस चुस के साफ करती हे माया काया की चुचिओ पर भी वीर्य लगा हुआ था दोनों एक दूसरे की चुचिओ को दबा दबा के मसाज करती हे .

रजत बेड पर लेट जाता हे और सुस्ताने लगता हे .

दोनो बहने रजत की बाहो पर सर रख के आराम करती हे रजत दोनों को कस के अपने सीने से लगा लेता हे और सर को चूमने लगता हे .

तीनो थक चुके थे नंगे ही सो जाते हे .

 
अपडेट 120

रजत काया की गांड चाटता हे .और माया से लंड चुसने को बोलता हे माया के पानी से लंड अभी भी भिगा था जगह जगह वीर्य लगा हुआ था .माया बड़े प्यार से चाट चाट के लंड साफ करती हे रजत माया के बालो को पकड़ के लंड पूरा मुह में घूसा देता हे .रजत माया की मुह को चोदने लगता हे थोड़ी देर बाद माया के मुह से लंड निकालता हे और काया की गांड में घूसा देता हे माया भी काया के मुह पर अपनी बुर रख देती हे .रजत लंड अंदर घुसाता चला जाता हे काया माया की बुर चुसते चुसते काटने लगती हे .

काया माया की बुर जैसे ही काटती हे दोनों की चीखे गूंजती हे माया की बुर काटने से और काया की रजत के जोर दार हमले से रजत जोर जोर से गांड मारता हे हर धक्के पर काया माया की बुर को काटती हे .रजत काया की गांड इतनी बुरी तरह चोदने लगता हे की गांड से खून निकलने लगता हे २० मिनट गांड मारने के बाद रजत काया की बुर चोदने लगता हे .माया काया की चुचिओ को जोर जोर से दबाती हे और निप्पल को खिचती हे रजत काया को चोदता रहता हे काया झड कर गिर जाती हे रजत का लंड बुर से स्प्रिंग की तरह बाहर आता हे .काया की गांड से खून निकल कर झांघो पर रिसने लगता हे .

रजत माया की टांगे पकड़ कर खीच लेता हे और माया को उल्टा करके गांड चाटने लगता हे रजत माया की चुचिओ को पकड़ कर मसलता हे .थोड़ी देर गांड चाटने के बाद रजत माया को बोलता हे में बैठता हूँ तुम मेरे लंड पर बैठो .माया बोलती हे में घोड़ी बन जाती हूँ मार लो गांड .रजत बोलता हे नहि मुझे आज ऐसे ही गांड मारनी हे .माया बोलती हे ऐसे में ज्यादा दर्द होगा .रजत बोलता तो क्या हुआ मेरे लिए उतना नहि सह सकती .माया बोलती है चुप पागल तेरे लिए तो में मर सकती हूँ तो ये दर्द क्या चीज हे जैसे मारनी हे गांड मार ले .

रजत बेड से उत्तर कर चेयर पर बैठ जाता हे और बोलता हे “आओ दीदी”.माया बोलती हे “आती हूँ बड़ी जल्दी रहती हे तूझे तो गांड मारने की” रजत बोलता हे “दीदी दोस्त लोग बोलते हे दस बुर और एक गांड एक बराबर हे और अगर गांड ही नहि मारी तो क्या मज़ा लिया चलो बाते कम करो गांड लंड पर रख के बैठ जाओ.माया रजत के लंड पर बैठने लगती हे जैसे जैसे गांड में लंड जाता हे माया के चहेरे पर एक दर्द की तेज़ लहर उठती हे.रजत देखता हे माया धीरे धीरे बैठ रही हे.रजत माया के कंधे पकड़ कर जोर से धक्का मारता हे .रजत का लंड माया की गांड चिरते हुए अंदर तक चला जाता हे.

माया दर्द से सिसकती हे रजत माया की चुचिओ को मसलता हे और माया लंड पर खुद ब खुद गांड मरवाती हे .रजत माया की गांड मारता रहता हे फिर थोड़ी देर बैठे बैठे गांड मारने में उसे तकलीफ होती हे वो माया को कस के पकड़ लेता हे और बेड पर झुका देता हे और जोर जोर से खड़े खड़े गांड मारता हे माया भी जवाबी धक्का मारने लगती हे दोनों चुदाई के सुरुर में आ जाते हे रजत झटके के साथ लंड बाहर निकाल ता हे और बुर में घूसा देता हे और बुर चोदने लगता हे दोनों जम कर चुदाई करते और करवाते हे.

रजत माया की बुर चोदता रहता हे माया फिर से झड जाती हे रजत चोदता रहता हे क्यू की वो भी झड़ने वाला हो जाता हे रजत अपनी दोनों बहनो को बहुत प्यार से चोदता हे .रजत जैसे ही झड़ने वाला होता हे रजत माया की बुर से लंड निकल लेता हे और काया माया के चहेरे पर पिचकारी मार देता हे दोनों बहने अपने भाई के वीर्य को चाट चाट के साफ करती हे .रजत का लंड चुस चुस के साफ करती हे माया काया की चुचिओ पर भी वीर्य लगा हुआ था दोनों एक दूसरे की चुचिओ को दबा दबा के मसाज करती हे .रजत बेड पर लेट जाता हे और सुस्ताने लगता हे .

दोनो बहने रजत की बाहो पर सर रख के आराम करती हे रजत दोनों को कस के अपने सीने से लगा लेता हे और सर को चूमने लगता हे .तीनो थक चुके थे नंगे ही सो जाते हे .

 
अपडेट 121

सुबह मीना तीनो को जगाती हे मीना बोलती हे क्या बात हे तीनो बच्चे आज बहुत अच्छे लग रहे हे रजत उठ के अपनी माँ के लिप्स को चूम के गुड मॉर्निंग बोलता हे और बाथ रूम में चला जाता है

माया काया बेड पर लेटी रहती हे .मीना दोनों के सर पर प्यार से हाथ फेरती हे और बोलती हे बेटा अब उठ जाओ. माया अंगडाई लेती हुई उठ जाती हे मीना देखति हे उसकी बेटी की चुचिया उस से बड़ी बड़ी हो गई थी .मीना माया की चूचि को पकड़ के बोलती हे बेटा ये इतनी बड़ी बडी कब हो गई .माया भी मस्ती में बोलती हे आप के सपूत की ही कारस्तानी हे जब देखो दबाता और चूसता रहता हे .रजत बाथरूम से निकल के बाहर आता हे .माया बाथरूम में चलि जाती हे .रजत मीना के पास आ के उसकी लिप् चुस्ने लगता हे . रजत टॉवेल में होता हे उसका लंड खड़ा हो जाता हे.

रजत टॉवेल खोल देता हे . मीना रजत के लंड को पकड़ के सहलाती हे .रजत मीना के लिप्स चूसता रहता हे .साइड में काया लेटी रेहती हे .मीना रजत के लंड को जोर जोर से हिलाती हे .रजत मीना को लंड मुह में लेने का इशारा करता हे .मीना लंड के टोपे को किस करती हे .रजत खड़ा रहता हे मीना रजत के लंड के टोपे को चाटती हे .रजत मीना के सर को सहलाते हुए मुह में लंड दाल देता हे .तभी रजत की निगाह एक परछायी पर पड़ती हे . रजत सोचता हे हे कोण जो छुपकर के देख रहा हे .फिर रजत की निगाह विंडो पर पड़ती हे .रजत देखता हे वो रेखा की परछायी हे जो छूप के देख रही हे क्या हो रहा हे रूम में .

रजत अपनी माँ के मुह में धक्के मारता रहता हे .मीना भी बड़े मजे से लंड चुस्ती रहती हे. रेखा सब देखति रहती हे रजत अपनी स्पीड बड़ा देता हे कुछ ही पलो में रजत अपनी माँ के मुह में झड़ जाता हे मीना रजत के लंड को चुस के साफ करती हे.काया भी जग जाती हे .मीना रजत को जल्दी निचे आने को बोल के चलि जाती हे.रजत काया को उठने को बोल देता हे काया भी उठ के अपने रूम के बाथरूम में चलि जाती हे .एक घंटे बाद तीनो निचे उत्तरते हे .रजत की निगाहे रेखा को ढूंढ रही थी .रेखा किचन में खाना तैयार कर रही थी .रजत किचन में जा के अपनी मामि को बोलता हे मामि कुछ मिलेगा की नहि आज .

रेखा बोलती हे तुम बाहर वेट करो में नाश्ता अभी लेकर आती हूँ .रजत देखता हे किचन के अस्स पास कोई नहि हे तो किचन में घुस जाता हे .रेखा की चुचिओ को दबाते हुए बोलता हे .क्या आज नाराज हो .रेखा बोलती हे में क्यों नाराज होने वाली तुमसे.. रजत बोलता हे जो कुछ देखा तुमने रूम में उसके लिए .रेखा चौक जाती हे .नॉरमल होते हुए बोलती हे .हा पहले हुई थी पर फिर सोचा जैसे मेरे सात किया वेसे ही दीदी को भी तो किसी के साथ की जरुरत थी.सब तुमसे खुश हे बाहर ये सब करवाते तो बदनामी भी हो सकती थी.रेखा रजत के गालो पर किस करते हुए बोलती हे तुम्हारे लिए एक गुड न्यूज़ भी हे.

रजत बोलता हे क्या गुड न्यूज़ हे .रेखा बोलती हे तुम बाप बनने वाले हो .तुम्हरी मेहनत रंग लायी हे .इस बच्चे के तुम बाप हो इस लिए सब से पहले तुमको बताया .रजत बोलता हे तुमको कैसे पता बच्चा होने वाला हे .रेखा बोलती हे एक दम बुद्धू राम हो प्रेग्नेसी किट मंगवाई थी मैंने माया से .उससे पता चला .रजत रेखा के पेट् पर हाथ फेरता हुआ बोलता हे “मेरे छोटु का ध्यान रखना फिर अब से तुम, ओर ये बात अब सब को बता दो,मेरी ख़ुशी में सब को खुश कर दो, और आज स्पेशल मीठा बनाओ नाश्ते में” .

 
अपडेट 122

रेखा रजत के गालो को चूमती हे रजत भी रेखा के गालो को चूमता हे और किचन से बाहर आ जाता हे .सब लोग ब्रेक फस्ट का इन्त्ज़ार करते हे.रेखा मीना को बता देती हे मीना अपने भाई को बोलती हे भाई बाप बनने वाले हो आप,आज तो पार्टी होनि चाहिए इस खुशी में”.

माया काया रेखा को घेर लेती हे .ओर बोलती हे मामि अब तो हमारा एक और भाई आने वाला हे.अब खुद का ध्यान रखो जब तक वो इस दुनिया में न आ जाये .

रेखा का पति बहुत खुश होता हे और नाईट में पार्टी करने को बोल देता हे .

माया काया बोलती हे हम भी अपने फ्रेंड्स को बुलाएँगे खूब धूम मचाएंगे आज तो.

रजत बोलता हे “मामि मुह तो मीठा करवाओ”.

रेखा अंदर से गाजर का हलवा लाती हे .

रजत बोलता हे “वॉव मामि आप को कैसे पता ये मेरा फेवरेट हे” .

रेखा बोलती हे “आखिर हो तो हमारे बच्चे मुझे सब पता हे, किसे कोण सी डीश अच्छी लगती हे”.

रजत हल्वा लेकर खाने लगता हे माया काया बोलती हे पेटु हमे भी तो दे रजत बोलता हे

“खाने के बाद बचा तो दे दूंगा”.

माया काया मुह फुला के बैठ जाती हे.

रेखा अंदर जा के फिर प्लेट हलवा लाती हे .काया माया देख के खुश हो जाती हे .

रेखा सब को एक एक प्लेट हलवा देती हे .

ककाया बोलती हे देखा पेटु हमारे लिए भी बना हे हलवा .

सब हलवा खाते हुये हॅसने लगते हे .

तभी डोर बेल बजती हे.रेखा बोलती हे तुम सब हलवा खाओ में आती हूँ .

रेखा डोर खोलती हे बाहर एक पुलिस वाला खड़ा था रेखा बोलती हे “बोलिये किस से मिलना हे” .

पोलिस वाला बोलता हे “रजत हे घर में” .रेखा बोलती हे “वो ब्रेक फस्ट कर रहा हे बताओ क्या बात हे” पोलिस वाला बोलता हे “मुझे उनसे ही बात करनी हे”.

रेखा बोलती हे “वेट करो बता कर आती हूँ” .

रेखा रजत को बताती हे कोई पुलिस वाला मिलने आया हे.रजत रेखा को बोलता हे “आप बैठो में देखता हूँ” .

रजत देखता हे राहुल खड़ा वेट कर रहा हे रजत राहुल को बोलता हे

“आप बाहर क्यों खड़े हो” .

राहुल बोलता हे “जिस लेडी ने डोर खोला वो बोली यही वेट करू” .

रजत बोलता हे “आप को बोलना तो चाहिए आप फ्रेंड हो, वो मेरी मामि हे डोन्ट माइंड” .रजत राहुल को लेकर अंदर आता हे माया काया दोनों राहुल को देख कर पूछती हे

“ये अब क्यों आया हे यहाँ” रजत काया माया को कूल रहने को बोलता हे .रजत राहुल को बैठने को बोलता हे और रेखा को बोलता हे

“मेहमान आया हे इसे भी हलवा दो” .

राहुल बोलता सुबह सुबह हलवा वॉव आज का दिन तो बहुत अच्छा जायेगा

राहुल पूछता हे “पर किस ख़ुशी में हलवा खाया जा रहा हे” .

रजत बताता हे उसकी मामि बहुत सालो बाद माँ बनने वाली हे राहुल बोलता हे ये तो ख़ुशी की बात हे रजत बोलता हे

“हलवा खाओ नाइट में पार्टी भी हे फुल फैमिली आना आज घर” राहुल बोलता हे “क्यों नहि में तो जरूर आउंगा”.

राहुल रजत को धीरे से बोलता हे

“यार तुम केस वापस ले ले, आई जी और डि आई जी दोनों, लिखित में देणे को रेडी हे, की इस मर्डर केस से तेरा कोई लिंक नहि,ओर केस भी क्लोज कर देंगे” .

रजत बोलता हे “बॉस अभी हलवे का मज़ा लो ये सब बाते तो होती रहेंगी” .

सब अपनी अपनी प्लेट साफ कर देते हे रजत मीना को बोलता हे

“माँ में रोहित के घर जा रहा हूँ पार्टी के लिए बोल कर आता हु आंटी को”.

राहुल और रजत दोनों घर से निकल पड़ते हे रस्ते में रजत बोलता हे बॉस में अच्छी तरह जानता हूँ पुलिस वाले बहुत कमीने होते हे कसर तो निकाल के रहेंगे,इस लिए केस तब वापस लुँगा जब ये भी लिख कर देंगे .

मेरी फैमिली में से कोई भी अचानक या हाद्से में नहि मरेगा अगर मरेगा तो सारा दोष उन लोगो का.

मेरी फैमिली पर कोई मुसीबत नहि आयेगी,तभी केस वापस होगा आगे तुम्हारी मरजी मुझे यही उतार दो में चला जाउँगा” .

राहुल बोलता हे ठीक हे रजत में जा कर बता देता हूँ उनको .

पर उतर क्यों रहे हो में छोड़ देता हूँ ना .

रजत बोलता हे “मुझे अपने एक और दोस्त से मिलना हे जो यही पास में रहता हे आप जाओ”.

राहुल रजत को उतार देता हे. राहुल के जाते ही रजत रोहित को फोन करता हे.

रोहित:- “क्या है ब्रो”.

रहत:- “साले चौक पर खड़ा हूँ जल्दी आ बाइक ले के”.

रोहित जल्दी से बाइक उठा के रजत के दिए हुए एड्रेस पर पहुचता हे ..रजत खड़ा रोहित का वेट कर रहा होता हे .

रोहित रजत के पास पहुचता हे .

रजत रोहित को घर चलने को बोलता हे .

रोहित रजत को उसके घर ले जाने लगता हे

रजत रोहित को बोलता हे साले अपने घर ले चल अपने घर से तो में आ ही रहा हूँ .
 
अपडेट 123

रोहित बाइक मोड़ लेता हे और दोनों घर पहुँचते हे घर में कोमल नजर नहि आ रही होती हे रजत पूछता हे “आंटी कहा हे”? रोहित बोलता हे “जब गया तो यही थी शायद पडोस में गई हे” .रोहित ख़ुशी को बुलाता हे ख़ुशी रजत के गले लग के लिप्स पर किस देती हे .तभी पीछे से कोमल भी आ जाती हे रजत कोमल के गले लग कर उसकी चुचिओ को जोर से दबाता हे .कोमल रजत का जोर से गाल काट लेती हे .रजत के गालो पर निशान पड़ जाता हे रजत बोलता हे “ये आप ने क्या किया, गालो पर निशान पड़ गये, अब जो भी देखेगा छेड़ेगा मुझे”.

कोमल बोलती हे “ये मेरे प्यार की निशानी है, तुम्हारी निशानी मेरे पेट् में हे”.रजत चौक जाता हे .रजत बोलता हे “ये आप क्या कह रही हे अंकल को पता चला तो मेरी जान ही ले लेंगे” .कोमल बोलती हे “उनको मैंने बता दिया हे वो खुश भी हे उनकी दिली ख्वाहिश थी एक और बच्चा होता, जो आज पूरी हो गई” .रजत सुकून की सास लेता हे .रजत बोलता हे “पर उनको विश्वास तो हे न ये बच्चा उनका हे”?

कोमल बोलती हे उनको पता हे ये बच्चा उनका नहि पर फिर भी वो खुश हे, क्यों की वो खुद चाहते थे में किसी भी तरह एक बच्चा पैदा करू .सेक्स की भूक मुझ में हे यह उनको पता हे”.

इस लिए उन्होंने कई बार अपने फ्रेंड्स के साथ भी शेयर करने की बात की, पर मैंने मना कर दिया, और बोल दिया था में खुद इंतज़ाम कर लुंगी, आज पुरे १९ साल बाद ये दिन फिर से आया हे, .मे और वो बहुत खुश हे”.रजत बोलता हे “एक और ख़ुशी की बात हे मेरी मामि भी माँ बनने वाली हे और आज नाइट में पार्टी हे तुम सब को आना हे खाना पीना और मस्ती तीनो होगी आज” .रजत बोलता हे “नेहा को भी बोल देना वैसे मैंने राहुल को तो बोल ही दिया हे, फिर भी बोल देना, आज आना हे तुम सब को घर” .रजत कोमल को बोलता हे “अब तुम भी आराम किया करो मेरे बच्चे को खाने पिने की कमी नहि होनि चाहिए” .

रजत ख़ुशी को बोलता हे “अब तुम घर का काम संभाल लो मेरे बच्चे को तकलीफ नहि होनि चाहिए” ख़ुशी हा में सर हिला देती हे .रजत बोलता हे “वेसे अभी में जा रहा हूँ नाइट में फिर आउंगा तुम सब को लेने”.

रजत सारा दिन घुमता रहा और अपने फ्रेंड्स को पार्टी मे

इनवाइट करता रहा .रजत शाम को ८ पी एम घर पहुचता हे

पार्टी शुरू होने में अभी काफी वक़्त था . रजत. का घर

काफी अच्छा सजाया हुआ था. रजत अपने घर की बेल बजाता है

डोर ख़ुलते ही शॉक हो जाता हे .उसे उम्मीद नहि थी कि डोर

कोई और भी खोल सकता है. रजत की ऑंखे फैल जाती हे और मुह

खुला का खुला रह जाता हे .तभी रजत बोल पडता हे “अनु तुम” यहाँ कब आई? “और तुमने आने की खबर भी नहि दि”.

अनु बोलती हे “यही डोर पर ही सब पूछ लोगो अंदर भी आजाव”. रजत अन्दर जैसे ही जाता हे सामने मालती और केशव बैठे

नजर आते हे . रजत उनके पैर छूता हे और पूछता हे

“आप लोग ऐसे अचानक सब ठीक तो हे ना”?.मालती बोलती हे “बेटा सब ठीक हे हम तो भाभी की ख़ुशी में शारिक होने आये है”.केशव बोलता हे सुबह ही भाभी ने फोन पर बताया, इतने सालो बाद भाई साहब बाप बनने वाले हे, तो खुद को रोक नहि सका और आ गये मिलने”.

रजत अनु की तरफ देखता हे पहले से बदल गई थी .उसकी गांड और चुचिया भी बड़ी हो गई थी .रजत की निगाहे किसी और को भी ढुंड रही थी तभी लाल दुपट्टे और हरे रंग के सूट में रेणु आती हे रजत उसे देखता रह जाता हे.रेणु रजत से पूछती हे भाई कैसे हो”?

 
Back
Top