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रोहित- “भाई क्या कर रहा हे”?
उसे देख के मैंने बोला सुबह सुबह यहाँ और पता किसने बताय”?
तभी राहुल बोला “और कोण में हूँ ना सब बताने के लिये”.
रजत- “आओ नाश्ता करो”.
राहुल- “रोहित बोल रहा था आज कॉलेज का पता करना है, तो में उसे ले आया”.
रजत- “काया भी रेडी है तीनो चलते हे”.
राहुल- “अब तो नई गाड़ी ले ली है, तो में चलता हूँ कोई प्रॉबलम हो तो कॉल कर
देना”.
राहुल नाश्ता करके चला गया. हम तीनो भी नाश्ता कर के कॉलेज का
पता करने चल पडे.
हम तीनो राहुल के बताये हुये कॉलेज पहुचे वह का माहोल तो सब
से अलग था.
रोहित- “भाई यह तो सब देखो कैसे कैसे कपडे पहन के घूम रहे है”
रजत- “यार यहाँ सब ऐसे ही है”
रोहित- “बहुत सुन्दर सुंदर लड़किया है, कोई पट जाये तो मज़ा आ जाये”.
रजत- “साले चुप कर काया हमारे साथ है”.
हम प्रिन्सीपल के ऑफिस में गये. प्रिंसिपल ने बताया अभी एडमिशन शुरू है तो फॉर्म लेकर भर दो”. हमने फॉर्म लिए. काया डॉक्टर
बनना चाहती थी तो उसे अलग डिपार्टमेंट में भेज दिया. हम दोनों एमबीए का फॉर्म लेकर भरने लगे. हमने फॉर्म भर दिया काया नज़र नहि आ रही थी.
हम उसे ढूँढने लगे. तभी लड़कियो की भीड़ में हमे वो नज़र आई. काया उनको लेकर हमारे पास आई.
काया- “ये मेरी क्लास मेट हे”.
रजत- “चलो अच्छा है”.
काया ने गर्ल्स को बताया ये मेरे भाई है. गर्ल्स हमें देख रही थी. एक बोली “तुम्हारा भाई बहुत हैंडसम है”.
काया- “भाई किसका है”
मैं बोला “चलो काया अब घर चलते है”.
काया- “नहि भाई आज में अपनी फ्रेंड्स को अपना होटल दिखाना चाहती हूँ”.
रोहित- “चलो भाई इस बहाने मैं भी होटल देख लुँगा, उस दिन सही से देखा नहि था”. हम बाहर आये और सब गर्ल्स कार में बैठ गई. हम होटल की तरफ चल पड़े एक लड़की बोली.
“मुझे विश्वास नहि होता तुम उस होटल के मालिक हो”.
रोहित- “चलो सब पता चल जायेगा”.
हम होटल पहुचे गये.
गर्ल्स- “इस होटल में सिटी में सब से ज्यादा महँगा खाना मिलता है”.
रजत- “डोन्ट वरी तुम लोगो से कोई पैसा नहि लेगा”.
हम होटल के गेट पे पहुचे तो दरबान से सैलूट मारा. लड़कियो के आगे अच्छा रोब पड़ रहा था. हमे देख होटल का स्टाफ़ आ गया. मैंनेजर- “सर आप”?
रजत- “मेरे फ्रेंड्स को लंच करना था तो यही ले आया”.
मैंनेजर ने वेटर को बुलाया और ऑर्डर लेने को बोला. वेटर ने उनको मैनु दिया. सब
लोगो ने हलका फूलका खाना ऑर्डर किया. तभी मेरी नज़र एक स्टाफ़ पे पड़ी मैंने उसे बुलाया. मैंने उसके बैच पे उसका नाम पढा रुचिका लिखा था.
रजत- “रुचिका कोई प्रॉबलम हे क्या”?
रुचिका- “नहि बॉस”.
रजत- “फिर उदास क्यों हो”?
रुचिका रोने लगी. काया उठ के उसके पास गई और बोली “चुप हो जाओ क्या हुआ भाई को बताओ भाई तुम्हारी हेल्प करेंगे”.
रुचिका- “मेरे हस्बैंड का लिवर ख़राब हो गया है, ओपरेशन करवाना है मेरे पास उतने पैसे नहि है”.
मैंने मैंनेजर को बुलाया. और पूछा “तुमने इसकी हेल्प करने की सोची क्यों नही? और मुझे बताया भी नहि”?
मैंनेजर- “सर अब हम क्या कर सकते है, हम तो बस १० -२० हज़ार की मदद कर सकते है”
रजत- “रुचिका तुमको कितने रुपयो की जरूरत है”?
रुचिका- “सर ७०००० डॉक्टर बोला है”.
रजत- “मैनेजर इसको पैसे दे दो और थोड़ा थोड़ा करके देती रहेगी ये”.
मैनेजर- “सर आप मालिक हो जैसा बोलेंगे कर दूंगा”.
रजत- “रुचिका जाओ रूपये ले लो और ओपरेशन जल्दी करवा लेना”.
रुचिका मैंनेजर के साथ चलि गई. वेटर हमारा ऑर्डर ले आया.
सब ने भर पेट् खाया. लड़किया बोली “सच में इस होटल के खाने का जवाब नहि”.
रजत- “में इस होटल को कुछ ही दिनों में और भी बढ़िया बना दूँगा बस कुछ आइडिया चाहिये जिसके लिए में दूसरे होटल वालो से मिलना चाहता हूँ, तभी हम अच्छे दोस्त बन सकेंगे, और बिजनेस को आगे बड़ा सकेंगे”. काया- “ये आईडिया बढ़िया है”.
मैंने मैनजर को पूछा “तुम लोगो ने आईडिया सोच लिये”?
मैंनेजर-“जी सर”.
उसे देख के मैंने बोला सुबह सुबह यहाँ और पता किसने बताय”?
तभी राहुल बोला “और कोण में हूँ ना सब बताने के लिये”.
रजत- “आओ नाश्ता करो”.
राहुल- “रोहित बोल रहा था आज कॉलेज का पता करना है, तो में उसे ले आया”.
रजत- “काया भी रेडी है तीनो चलते हे”.
राहुल- “अब तो नई गाड़ी ले ली है, तो में चलता हूँ कोई प्रॉबलम हो तो कॉल कर
देना”.
राहुल नाश्ता करके चला गया. हम तीनो भी नाश्ता कर के कॉलेज का
पता करने चल पडे.
हम तीनो राहुल के बताये हुये कॉलेज पहुचे वह का माहोल तो सब
से अलग था.
रोहित- “भाई यह तो सब देखो कैसे कैसे कपडे पहन के घूम रहे है”
रजत- “यार यहाँ सब ऐसे ही है”
रोहित- “बहुत सुन्दर सुंदर लड़किया है, कोई पट जाये तो मज़ा आ जाये”.
रजत- “साले चुप कर काया हमारे साथ है”.
हम प्रिन्सीपल के ऑफिस में गये. प्रिंसिपल ने बताया अभी एडमिशन शुरू है तो फॉर्म लेकर भर दो”. हमने फॉर्म लिए. काया डॉक्टर
बनना चाहती थी तो उसे अलग डिपार्टमेंट में भेज दिया. हम दोनों एमबीए का फॉर्म लेकर भरने लगे. हमने फॉर्म भर दिया काया नज़र नहि आ रही थी.
हम उसे ढूँढने लगे. तभी लड़कियो की भीड़ में हमे वो नज़र आई. काया उनको लेकर हमारे पास आई.
काया- “ये मेरी क्लास मेट हे”.
रजत- “चलो अच्छा है”.
काया ने गर्ल्स को बताया ये मेरे भाई है. गर्ल्स हमें देख रही थी. एक बोली “तुम्हारा भाई बहुत हैंडसम है”.
काया- “भाई किसका है”
मैं बोला “चलो काया अब घर चलते है”.
काया- “नहि भाई आज में अपनी फ्रेंड्स को अपना होटल दिखाना चाहती हूँ”.
रोहित- “चलो भाई इस बहाने मैं भी होटल देख लुँगा, उस दिन सही से देखा नहि था”. हम बाहर आये और सब गर्ल्स कार में बैठ गई. हम होटल की तरफ चल पड़े एक लड़की बोली.
“मुझे विश्वास नहि होता तुम उस होटल के मालिक हो”.
रोहित- “चलो सब पता चल जायेगा”.
हम होटल पहुचे गये.
गर्ल्स- “इस होटल में सिटी में सब से ज्यादा महँगा खाना मिलता है”.
रजत- “डोन्ट वरी तुम लोगो से कोई पैसा नहि लेगा”.
हम होटल के गेट पे पहुचे तो दरबान से सैलूट मारा. लड़कियो के आगे अच्छा रोब पड़ रहा था. हमे देख होटल का स्टाफ़ आ गया. मैंनेजर- “सर आप”?
रजत- “मेरे फ्रेंड्स को लंच करना था तो यही ले आया”.
मैंनेजर ने वेटर को बुलाया और ऑर्डर लेने को बोला. वेटर ने उनको मैनु दिया. सब
लोगो ने हलका फूलका खाना ऑर्डर किया. तभी मेरी नज़र एक स्टाफ़ पे पड़ी मैंने उसे बुलाया. मैंने उसके बैच पे उसका नाम पढा रुचिका लिखा था.
रजत- “रुचिका कोई प्रॉबलम हे क्या”?
रुचिका- “नहि बॉस”.
रजत- “फिर उदास क्यों हो”?
रुचिका रोने लगी. काया उठ के उसके पास गई और बोली “चुप हो जाओ क्या हुआ भाई को बताओ भाई तुम्हारी हेल्प करेंगे”.
रुचिका- “मेरे हस्बैंड का लिवर ख़राब हो गया है, ओपरेशन करवाना है मेरे पास उतने पैसे नहि है”.
मैंने मैंनेजर को बुलाया. और पूछा “तुमने इसकी हेल्प करने की सोची क्यों नही? और मुझे बताया भी नहि”?
मैंनेजर- “सर अब हम क्या कर सकते है, हम तो बस १० -२० हज़ार की मदद कर सकते है”
रजत- “रुचिका तुमको कितने रुपयो की जरूरत है”?
रुचिका- “सर ७०००० डॉक्टर बोला है”.
रजत- “मैनेजर इसको पैसे दे दो और थोड़ा थोड़ा करके देती रहेगी ये”.
मैनेजर- “सर आप मालिक हो जैसा बोलेंगे कर दूंगा”.
रजत- “रुचिका जाओ रूपये ले लो और ओपरेशन जल्दी करवा लेना”.
रुचिका मैंनेजर के साथ चलि गई. वेटर हमारा ऑर्डर ले आया.
सब ने भर पेट् खाया. लड़किया बोली “सच में इस होटल के खाने का जवाब नहि”.
रजत- “में इस होटल को कुछ ही दिनों में और भी बढ़िया बना दूँगा बस कुछ आइडिया चाहिये जिसके लिए में दूसरे होटल वालो से मिलना चाहता हूँ, तभी हम अच्छे दोस्त बन सकेंगे, और बिजनेस को आगे बड़ा सकेंगे”. काया- “ये आईडिया बढ़िया है”.
मैंने मैनजर को पूछा “तुम लोगो ने आईडिया सोच लिये”?
मैंनेजर-“जी सर”.