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Guest
इन दोनो से दूर बैठी ज्योति यह सब देख रही थी, कुछ वक़्त तो उसे नॉर्मल लगा, लेकिन जैसे जैसे वक़्त निकलता रहा और सॉंग्स बदलने लगे, इन दोनो का ध्यान बिल्कुल भी एक दूसरे से नहीं हट रहा था.. दोनो किसी प्रेमी जोड़े की तरह खोए हुए थे, आस पास क्या हो रहा है उन्हे कोई होश नहीं था.. रिकी के एक हाथ में शीना का हाथ और उसका दूसरा हाथ शीना की कमर में और शीना का दूसरा हाथ रिकी के कंधे पे... रिकी को थोड़ी शरारत सूझी और धीरे धीरे वो शीना की कमर पे हाथ घुमाने लगा.. शीना का टॉप कुछ इस प्रकार था के पीछे से उसकी आधी चिकनी कमर बिल्कुल नंगी थी जिसका फ़ायदा उठाके उसे सहला रहा था और उसकी इस शरारत को शीना भी एंजाय कर रही थी.. शीना को यह सब अटेन्षन आख़िरकार मिल गया जिसका इंतेज़ार वो कब्से कर रही थी..
"ह्म्म्म्म, कुछ तो गड़बड़ है यहाँ... थॅंक यू स्नेहा भाभी, यहाँ रुकने का सजेशन दिया, अब मैं यहीं रुक के पता करूँगी कि आख़िर चल क्या रहा है इस घर में " ज्योति ने खुद से कहा और एक ब्लडी मार्टिनी ऑर्डर कर दी..
जैसे जैसे वक़्त बढ़ने लगा, डॅन्स फ्लोर पे भीड़ भी कम हो गयी और शीना और रिकी भी अब कुछ होश में आए..दोनो ने जब टेबल की तरफ देखा तो तो ज्योति वहीं बैठी अपनी ड्रिंक्स एंजाय कर रही थी.. शीना और रिकी ने एक दूसरे को देखा और एक एक करके ज्योति के पास गये, शायद दोनो को अजीब लग रहा था के इतनी देर से उन्होने ज्योति को अकेला छोड़ दिया था.. जब पहले शीना और 5 मिनिट बाद रिकी आके टेबल पे बैठा, तब ज्योति बोली
"आइए, आइए.. दा बेस्ट कपल टुनाइट..."
ज्योति की यह लाइन सुन के रिकी और शीना दोनो सकपका गये, दोनो जानते थे कि ज्योति को बुरा तो लगा होगा पर उन्होने ऐसा एक्सपेक्ट नहीं किया था.. इसलिए दोनो बस ज्योति को ही घूरे जा रहे थे...
"यूँ घूर क्यूँ रहे हैं, डॅन्स तो दोनो ऐसे कर रहे थे जैसे सही में कपल हो, जब डॅन्स करके ऐसा कुछ फील नहीं हुआ तो मेरे शब्दों से ऐसे भाव क्यूँ अब..." ज्योति गुस्सा या चिड़चिड़ी नही, पर सीधे मूह से अपनी बात कर रही थी... यह स्टाइल उसे जैसे राजवीर से प्राप्त की हुई हो, अपनी बात बिना किसी एक्सप्रेशन के कह देना, ताकि सामने वाला आपको जवाब देने से पहले सोच में पड़ जाए..
"अब चलें या और भी डॅन्स करना है आज..." ज्योति ने बड़े धीरज से कहा और अपना क्लच उठा के बाहर की तरफ आराम से चल दी.. उसके हाव भाव या शब्दों से या उसकी चाल से, कहीं से नहीं लग रहा था कि ज्योति ने यह सब गुस्से में कहा, इसलिए रिकी समझ नहीं पा रहा था कि वो उसे कहे क्या... ज्योति के पीछे पीछे शीना भी चल दी और कुछ वक़्त में रिकी भी बाहर आ गया.. क्लब से घर कुछ 20 मिनट की दूरी पे था, लेकिन वो 20 मिनट शीना और रिकी को काफ़ी लंबे लग रहे थे.. दोनो कुछ नहीं बोल रहे थे, बस खाली सड़क पे ही नज़रें जमाए हुए थे.. ज्योति अपनी मस्ती में गाने गा रही थी, कार में गाने सुन रही थी और दोनो को अब्ज़र्व भी कर रही थी.. देखते ही देखते घर भी आ गया और तीनो अंदर जाके अपने अपने कमरे की ओर बढ़ने लगे..
"मैने ऐसा तो क्या कहा, कि आप इस तरह बिहेव कर रहे हैं...जो देखा वोही कहा, उसमे बुरा लगने वाली कुछ बात नहीं थी...थॅंक्स फॉर दिस ईव एनीवेस.." ज्योति ने अपने कमरे की ओर बढ़ने से पहले रिकी और शीना से कहा..
"भाई, यह तो बुरा मान गयी.. शिट...." शीना ने झल्ला के कहा
"कोई बात नहीं, और हां... मैं सोच रहा था हम लोग कहीं घूमने चलें..." रिकी ने मुस्कुरा के कहा
"अभी तो घूम के आए यार हम" शीना का ध्यान अभी भी ज्योति की बातों पे था
"हम मतल्ब, सिर्फ़ तुम और मैं...." कहके रिकी ने उसे गुड नाइट किस दी और अपने कमरे की तरफ चला गया,कुछ ही सेकेंड्स में शीना भी वहाँ से चली गयी
उधर ज्योति ने थोड़ी ड्रिंक ज़्यादा कर ली थी इसलिए वो हल्के से सुरूर में थी, धीरे धीरे चलके ज्योति कमरे के पास पहुँची और जैसे ही दरवाज़ा ओपन किया, सामने का नज़ारा देख के उसकी आँखें खुली की खुली रह गयी, और उसके मूह से हल्की से चीख निकली
"ओह माइ गॉड ........."