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“हाईईईईईईईईईईईईईईई आप वाकई ही आज मुझे चोदने आई हाईईईईईिन अम्मिईीईईईईई” रज़िया बीबी के मुँह से ये इलफ़ाज़ सुन कर ज़ाहिद की खुशी की कोई इंतहा ना रही. और उस का लंड खुशी के मारे ज़ोर ज़ोर से झटके मारने लगा.
“हाआँ ये वाकई ही सच है बेटा” कहते हुए रज़िया बीबी ने अपने बेटे के मोटे खड़े हुए लंड को अपने हाथ में पकड़ा. और ज़ाहिद के लंड को अपने हाथों में लेकर सहलाने लगी.
ज़ाहिद के लंड को सहलाते सहलाते रज़िया बीबी अपने मुँह को अपने बेटे के सख़्त लंड के नज़दीक ले आई.
ज्यों ही ज़ाहिद का लंड और रज़िया बीबी का मुँह एक दूसरे के नज़दीक हुए.
तो ज़ाहिद के लंड की टोपी के सुराख से निकलनी वाली पिशाब की मखसोस बू (स्मेल) रज़िया बीबी की नाक में घुस गई.
“हाईईईईईईईईईईईईई शाज़िया और नीलोफर को ज़ाहिद का लंड मज़े मज़े से चूस्ता देख कर में तो समझी थी, कि शायद लंड में कोई बू नही होती, मगर यहाँ तो मामला इस के विपरीत है, नहियीईईईईईईईई में शायद अपने बेटे का लंड सक ना कर पाऊ” ये सोच जेहन में आते ही एक लम्हे के लिए रज़िया बीबी की हिम्मत जवाब देने लगी.
“हीईीईईईईईईईई में तो आज अपने बेटे को खुद चोद कर ज़ाहिद को ये बताना चाहती थी. कि उस की बूढ़ी अम्मी की चूत में तो, उस की जवान बहन की चूत से ज़्यादा गर्मी मौजूद है, मगर में तो पहले ही मामले में नाकाम हो कर हार मानने लगी हूऊऊऊऊओन” ज्यों ही रज़िया बीबी ने ज़ाहिद की लंड चुसाइ से पीछे हटने का सोचा. तो दूसरे ही लम्हे रज़िया बीबी के दिल में ये बात आई.
चन्द लम्हे के लिए रज़िया बीबी की चूत और उस दिल-ओ-दिमाग़ में एक हल्की सी जंग हुई.
मगर आख़िर मे अपनी चूत के आगे हार मानते हुए रज़िया बीबी ने अपने जवान बेटे के तगड़े लंड की निहायत मोटी टोपी के लिए अपना मुँह पूरा खोल दिया.
ज्यों ही रज़िया बीबी का मुँह खुला. तो ज़ाहिद के बड़े लंड की मोटी टोपी उस की अम्मी की गरम ज़ुबान से पहली बार टच हुई.
“ओह” ज़ाहिद का सख़्त लंड की फूली हुई टोपी रज़िया बीबी की गरम ज़ुबान से ज्यों ही छुई. तो दोनो माँ बेटे के मुँह से एक साथ सिसकारी निकल गई.
ज़ाहिद तो अपनी ज़िंदगी में कई दफ़ा नीलोफर और शाज़िया से अपने लंड को चूसा चुका था.
लेकिन रज़िया बीबी की पूरी ज़िंदगी में ये पहला मोका था. जब वो किसी मर्द के लंड को यूँ अपने पाक मुँह के साथ प्यार कर रही थी. और ये मर्द भी कोई आम मर्द नही बल्कि उस का अपना सगा बेटा ज़ाहिद था.
जिस का लंड अपने मुँह में ले कर चाटने के लिए रज़िया बीबी ने आख़िर अपने दिल को राज़ी कर लिया था.
ज़ाहिद के लंड की बू से डरी हुई रज़िया बीबी तो ये समझ रही थी. कि उसे यक़ीनन अपने बेटे ज़ाहिद के लंड का कोई स्वाद नही आएगा.
मगर ज़ाहिद के लंड की टोपी को पहली बार अपनी ज़ुबान के साथ छूते ही रज़िया बीबी को अपने बेटे के लंड का नमकीन ज़ायक़ा ना सिर्फ़ अच्छा लगा.
बल्कि रज़िया बीबी को ज़ाहिद के लंड की टोपी पर अपनी ज़ुबान घुमाते हुए एक अजीब सा सरूर भी मिला.
“हाआँ ये वाकई ही सच है बेटा” कहते हुए रज़िया बीबी ने अपने बेटे के मोटे खड़े हुए लंड को अपने हाथ में पकड़ा. और ज़ाहिद के लंड को अपने हाथों में लेकर सहलाने लगी.
ज़ाहिद के लंड को सहलाते सहलाते रज़िया बीबी अपने मुँह को अपने बेटे के सख़्त लंड के नज़दीक ले आई.
ज्यों ही ज़ाहिद का लंड और रज़िया बीबी का मुँह एक दूसरे के नज़दीक हुए.
तो ज़ाहिद के लंड की टोपी के सुराख से निकलनी वाली पिशाब की मखसोस बू (स्मेल) रज़िया बीबी की नाक में घुस गई.
“हाईईईईईईईईईईईईई शाज़िया और नीलोफर को ज़ाहिद का लंड मज़े मज़े से चूस्ता देख कर में तो समझी थी, कि शायद लंड में कोई बू नही होती, मगर यहाँ तो मामला इस के विपरीत है, नहियीईईईईईईईई में शायद अपने बेटे का लंड सक ना कर पाऊ” ये सोच जेहन में आते ही एक लम्हे के लिए रज़िया बीबी की हिम्मत जवाब देने लगी.
“हीईीईईईईईईईई में तो आज अपने बेटे को खुद चोद कर ज़ाहिद को ये बताना चाहती थी. कि उस की बूढ़ी अम्मी की चूत में तो, उस की जवान बहन की चूत से ज़्यादा गर्मी मौजूद है, मगर में तो पहले ही मामले में नाकाम हो कर हार मानने लगी हूऊऊऊऊओन” ज्यों ही रज़िया बीबी ने ज़ाहिद की लंड चुसाइ से पीछे हटने का सोचा. तो दूसरे ही लम्हे रज़िया बीबी के दिल में ये बात आई.
चन्द लम्हे के लिए रज़िया बीबी की चूत और उस दिल-ओ-दिमाग़ में एक हल्की सी जंग हुई.
मगर आख़िर मे अपनी चूत के आगे हार मानते हुए रज़िया बीबी ने अपने जवान बेटे के तगड़े लंड की निहायत मोटी टोपी के लिए अपना मुँह पूरा खोल दिया.
ज्यों ही रज़िया बीबी का मुँह खुला. तो ज़ाहिद के बड़े लंड की मोटी टोपी उस की अम्मी की गरम ज़ुबान से पहली बार टच हुई.
“ओह” ज़ाहिद का सख़्त लंड की फूली हुई टोपी रज़िया बीबी की गरम ज़ुबान से ज्यों ही छुई. तो दोनो माँ बेटे के मुँह से एक साथ सिसकारी निकल गई.
ज़ाहिद तो अपनी ज़िंदगी में कई दफ़ा नीलोफर और शाज़िया से अपने लंड को चूसा चुका था.
लेकिन रज़िया बीबी की पूरी ज़िंदगी में ये पहला मोका था. जब वो किसी मर्द के लंड को यूँ अपने पाक मुँह के साथ प्यार कर रही थी. और ये मर्द भी कोई आम मर्द नही बल्कि उस का अपना सगा बेटा ज़ाहिद था.
जिस का लंड अपने मुँह में ले कर चाटने के लिए रज़िया बीबी ने आख़िर अपने दिल को राज़ी कर लिया था.
ज़ाहिद के लंड की बू से डरी हुई रज़िया बीबी तो ये समझ रही थी. कि उसे यक़ीनन अपने बेटे ज़ाहिद के लंड का कोई स्वाद नही आएगा.
मगर ज़ाहिद के लंड की टोपी को पहली बार अपनी ज़ुबान के साथ छूते ही रज़िया बीबी को अपने बेटे के लंड का नमकीन ज़ायक़ा ना सिर्फ़ अच्छा लगा.
बल्कि रज़िया बीबी को ज़ाहिद के लंड की टोपी पर अपनी ज़ुबान घुमाते हुए एक अजीब सा सरूर भी मिला.