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वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास ) complete

“हाईईईईईईईईईईईईईई आप ने ये खुशी की खबर सुना कर तो मेरे लंड को पागल कर दिया है,इसीलिए आज कुछ भी हो जाए, में एक दफ़ा तो आप की फुद्दि मार कर ही रहूं गा अम्मी जान”

ज़ाहिद भी अपनी अम्मी की ज़ुबान से ज़ुबान टच करते हुए अपने हाथ को अपनी अम्मी के मोटे फुद्दे पर लाया. और अपनी अम्मी के गुदाज लबों और चूत के मोटे दाने को अपने हाथ की उंगलियों से मसल्ते हुए बोला.

इस से पहले कि काम बिगड़ जाए. रज़िया बीबी ने एक आध दफ़ा अपने वजूद को ज़ाहिद की बाहों से छुड़ाने की कॉसिश की थी.

मगर रज़िया बीबी अपने बेटे के हाथों की मस्ती और उस के जवान जिस्म की गर्मी की बदोलत आहिस्ता आहिस्ता अपने होशो हवास खोने लगी थी.

इसीलिए जब ज़ाहिद के होंठो और हाथों की मस्तियाँ रज़िया बीबी के लिए ना काबले बर्दाश्त हो गईं. तो डॉक्टर की कही हुई सारी बातों को नज़र अंदाज करते हुए रज़िया बीबी चिल्ला उठी “आआओ और अपनी माँ के पेट में पालने वाले अपने बच्चे को मेरी चूत के रास्ते प्यार करो ज़ाहिद्द्द्द्द्द्दद्ड” ये बात कहते हुए रज़िया बीबी होटेल के बेड पर कमर के बल लेट गई.

“हाईईईईईईईईईईईईईईई में कितना ख़ुसनसीब हूँ कि ना सिर्फ़ अपनी सग़ी बहन बल्कि अपनी सग़ी अम्मी को भी अपने लंड से प्रेगनेंट कर चुका हूऊऊऊऊं” रज़िया बीबी के बिस्तर पर लेटते ही ज़ाहिद ने कहा.

और फिर अपनी अम्मी की लंबी टाँगों के दरमियाँ बिस्तर पर लेट कर ज़ाहिद ने अपनी अम्मी रज़िया बीबी की मोटी फुद्दि में अपना मुँह डाल दिया.

अपनी अम्मी की चूत को अपने मुँह में भरने के साथ ही ज़ाहिद ने अपने एक हाथ को आगे बढ़ा कर अपनी अम्मी का एक भारी मम्मा अपने हाथ में लिया. और रज़िया बीबी के निपल को अपने हाथ से रगड़ते हुए एक बार फिर अपनी अम्मी की गरम छूट को दीवाना वार अपनी ज़ुबान से चाटने में मसरूफ़ हो गया.

"हाई, बएटााआआआआआआआआ" ज़ाहिद का मुँह अपनी चूत पर पड़ते ही रज़िया बीबी एक बार फिर मचल उठी.

"उफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ अपनी अम्मी की फुद्दि को चूसो, हाईईईईईईईईईईई मेरी चूत के दाने को चातूऊऊऊऊओ, “हाई बेटा,शाबाश मेरे लाल,चूम लो मेरी चूत,चाट लो अपनी माँ की चूत,उफफफफफ्फ़ तुम्हारे मुँह की गर्मी से तो मेरी चूत खिल उठी है, चूसो और खााआआअ जाओ मेरी हमला फुद्दि को मेरी जनंननननननननणणन्”रज़िया बीबी अपने बेटे की गरम ज़ुबान के आगे हार मानते हुए इतनी गरम हो गई कि वो बिस्तर से अपनी गान्ड उपर उठा उठा कर ज़ाहिद के मुँह पर इतने ज़ोर ज़ोर से अपनी चूत मारने लगी.

जैसे ज़ाहिद अपनी अम्मी की गरम चूत को चाट नही रहा हो. बल्कि रज़िया बीबी अपनी गीली चूत से खुद अपने जवान बेटे के मुँह को चोद रही हो.

अपनी अम्मी के गरम जोशी के इस अंदाज़ को देख कर ज़ाहिद के लंड में गर्मी की शिद्दत लम्हा ब लम्हा बढ़ने लगी.

ज़ाहिद इस वक्त अपने होंठो और अपनी गरम ज़ुबान से रज़िया बीबी की चूत का सारा हिस्सा चाट रहा था.

अपनी अम्मी की चूत चाटने के दोरान ज़ाहिद कभी कभी अपनी अम्मी की गान्ड में भी अपनी ज़ुबान डालता. तो मज़े की शिद्दत से रज़िया बीबी का जिस्म बिस्तर से उछल उछल जाता था.

कुछ देर अपने बेटे से अपनी चूत चटवाने के बाद रज़िया बीबी से सबर ना हुआ और वो बोली.”बसस्स्स्सस्स अब डाल दो अपना लंड मेरी चूत में, और मेरी प्रेग्नेन्सी को मज़ीद पक्का कर दो बएटााआआआआअ”

अपनी अम्मी की बात सुन कर ज़ाहिद रज़िया बीबी की टाँगों के दरमियाँ अपने मोटे लंड को रगड़ते हुए रज़िया बीबी के उपर चढ़ गया.

और अपनी अम्मी के मुँह में अपना मुँह डाल कर अपने लंड को रज़िया बीबी की चूत के होंठो के दरमियाँ रगड़ने लगा.

ज्यों ही ज़ाहिद का मोटा लंड रज़िया बीबी की चूत के होंठो से छुआ. तो रज़िया बीबी ने अपने हाथ से ज़ाहिद के लंड को पकड़ कर अपने बेटे के मोटे लंड की टोपी को अपनी हमला फुद्दि में डाल दिया.

झटका लगते ही ज़ाहिद का लंड तेज़ी से यूँ उस की अम्मी की चूत की गहराई में फिसलता चला गया. जैसे मुर्री की पहाड़ी की चोटी से फैंका हुआ कोई पत्थर वादी की तह में तेज़ी से गिरता चला जाता है.

ज्यों ही रज़िया बीबी को अपने बेटे का लंड अपनी चूत के मोटे होंठो को खोल कर अंदर आता हुआ महसूस हुआ. तो मज़े के अहसास से रज़िया बीबी ने अपने निचले होंठ को अपने दाँतों में दबा लिया.

“हाईईईईईईईईईईईई चोद चोद कर मेरी चूत में जनम लेने वाले अपने इस बच्चे को बता दो, कि तुम ही उस के बाप हो ज़ाहिद” ज्यों ही ज़ाहिद ने अपना लंड अपनी अम्मी की चूत की गहराई में जड तक डाला. तो रज़िया बीबी ने अपना सिर तकिया के उपर से उठा कर अपने और ज़ाहिद के जिस्म के दरमियाँ देखा.

जहाँ उस के बेटे ज़ाहिद का लंड रज़िया बीबी की हमला चूत में ज़ोर दार तरीके से अंदर बाहर हो रहा था.

अपनी चूत और बेटे के लंड का ये हसीन मिलाप रज़िया बीबी को देखने में बहुत ही अच्छा लग रहा था. और अब वो भी अपनी गान्ड हवा में उछालते हुए अपनी तपती चूत अपने बेटे के मोटे लौडे पर मारने लगी थी.

अपनी अम्मी की ताल से ताल मिलाते हुए ज़ाहिद ने भी रज़िया बीबी की चूत में ज़ोर दार गुस्से मारना शुरू कर दिया.

जिस की वजह से ज़ाहिद का मोटा लंड अपनी अम्मी की उस बच्चे दानी में जा कर ठोकरे मारने लगा.

जहाँ से ना सिर्फ़ ज़ाहिद ने खुद जनम लिया था. बल्कि अब उस का अपना बच्चा उस की अम्मी की बच्चे दानी में परवरिश पाने लगा था.

ज़ाहिद गरम जोशी से अपना लंड ज़ोर ज़ोर से अपनी अम्मी की चूत में पेल रहा था.

उस का लंड अपनी अम्मी की चूत के रस से भीग चुका था और चमक रहा था.

फ़च फ़च की आवाज़ से कमरा गूंजने लगा और ज़ाहिद का लंड पिस्टन बन कर उस की अम्मी की चूत में आ जा रहा था.

”ओह, जो चूत अब्बू ने चोदि थी,उसी चूत को अब में खुद चोद रहा हूँ,अब मेरे अब्बू की बीवी मेरी भी बीवी बन चुकी है,मेरी अम्मी,मेरी रानी बीवी रज़िय्ाआआआआआआआ”ज़ाहिद अपनी अम्मी की फुद्दि में ज़ोर ज़ोर से झटके मारते हुए बोला.

 
“हां ज़ाहिद अब अपनी रज़िया के असली शोहर तो तुम ही हो, जिस का बच्चा मेरे पेट में है, मेरी चूत के असली मालिक, भर दो मेरी कोख को अपने बीज से, हाईईईईईई अगर हमारा होने वाला बच्चा, बेटा हुआ तो वो तुम्हारा भाई भी होगा और बेटा भी, और अगर बेटी हुई तो वो तुम्हारी बेटी भी होगी और बहन भी”ज्यों ही ज़ाहिद ने रज़िया बीबी को चोदते हुए अपने झटको की रफ़्तार तेज की. तो रज़िया के मुँह से सिसकियाँ फूट पड़ी .

ज़ाहिद के धक्कों की स्पीड इतनी तेज थी. कि बिस्तर पर कमर के बल लेटी रज़िया बीबी के भारी मम्मे रज़िया बीबी की छाती पर उछल उछल कर उथल फटल होने लगे थे.

कुछ देर अपनी अम्मी की गरम फुद्दि का मज़ा लेने के बाद ज़ाहिद ने एक बार फिर अपने लंड का लैस दार वीर्य अपनी अम्मी की मोटी फुद्दि में उडेल दिया.

ज्यों ही ज़ाहिद का गरम,लैस दार पानी रज़िया बीबी की फुद्दि के अंदर आया. तो अपने बेटे के थिक जूस को अपनी चूत में स्वागत करते हुए रज़िया बीबी ने अपनी बच्चे दानी का मुँह खोल दिया.

जिस वजह से ज़ाहिद के लंड का पानी, लंड से निकल निकल कर रज़िया बीबी की फुद्दि में तेज़ी से जज़ब होने लगा.

दोनो माँ बेटे को सफ़र की थकावट तो पहले ही थी. उपर से गरम और तेज चुदाई ने रही सही कसर निकाल दी थी.

इसीलिए ज्यों ही ज़ाहिद अपने लंड का पानी अपनी अम्मी की फुद्दि में छोड़ कर बिस्तर पर ढेर हुआ.तो दोनो माँ बेटा एक दूसरे के होंठो को चूमते चूमते थोड़ी देर बाद ही नीद में चले गये.

दूसरे दिन जब रज़िया बीबी की आँख खुली. तो रात भर की खुशी भरी चुदाई की वजह से रज़िया बीबी अपने भारी वजूद को अब बहुत हल्का फूलका महसूस कर रही थी.

कल शाम से “दुबारा” माँ बनने की खबर सुन कर रज़िया बीबी के अंग अंग में एक अजीब सी मस्ती छाई हुई थी. जिस का खुमार उस के सारे वजूद पर अभी तक बाकी था.

रज़िया बीबी ने पास सोए अपने होने वाले नये बच्चे के बाप ज़ाहिद की तरफ देखा.

तो उस की नज़र अपने जवान बेटे के उस मोटे लंड पर पड़ी. जिस लंड के पानी से बनने वाला बच्चा अब रज़िया बीबी की बच्चे दानी में पलने लगा था.

“हाईईईईईईईईईई ज़ाहिद तो ज़ाहिद, लगता है ज़ाहिद का लंड भी अपने बाप बनने की खुशी में मुस्करा रहा है” अपने साथ सोए हुए ज़ाहिद के चेहरे पर फेली मुस्कुराहट को देखते हुए ज्यों ही रज़िया बीबी की नज़र अपने बेटे मोटे लंड पर पड़ी. तो अपने शोहर बेटे के लंड का जायज़ा लेते हुए रज़िया बीबी के जेहन में ये ख्याल दौड़ गया.

रज़िया बीबी अपनी इस सोच पर खुद भी मुस्कुराने लगी. और फिर नहाने के इरादे से बिस्तर पर से उठ कर नंगी हालत में ही होटेल के बाथ रूम में चली गई.

बाथरूम में जाते साथ ही ज्यों ही रज़िया बीबी ने शवर खोला. तो पानी के शोर से ज़ाहिद की आँख भी खुल गई.

ज़ाहिद ने अपनी घड़ी पर टाइम देखा तो सुबह के 8 बजने वाले थे.

“लगता है अम्मी ने नहाना शुरू कर दिया है,चलो में भी उन के साथ ही शोवर ले लेता हूँ” बाथरूम से आती पानी की आवाज़ को सुन कर ज़ाहिद ने सोचा. और वो अपने ढीले लंड को हाथ से मसलता बाथरूम की तरफ चल पड़ा.

“तुम ने बचपन में मुझे बहुत दफ़ा नहलाया है, आज एक बार जवानी में भी नहला दो मुझे , मेरी जान” बाथरूम में जाते ही ज़ाहिद भी शवर के नीचे खड़ा हुआ. और अपनी अम्मी के भीगे मम्मो को अपने हाथ में ले कर मसलते हुए बोला.

“हाईईईईईई बचपन में तो मेने तुम्हें एक माँ की हैसियत से नहलाया था,आज में तुम्हें तुम्हारी बीवी की हैसियत से शवर दूँगी मेरे सरताज” रज़िया बीबी बिल्कुल नंगी हालत में ज़ाहिद की बाहों में मचलते हुए बोली.

दोनो माँ बेटा ने शवर के बरसते पानी के नीचे खड़े हो कर एक दूसरे के नंगे जिस्मो को साबुन लगाना शुरू कर दिया था.

साबुन लगाने के दोरान ज़ाहिद के हाथ कभी रज़िया बीबी भारी गान्ड पर और कभी अपनी अम्मी के मोटे मम्मो को मसल रहे थे.

जब कि दूसरी तरफ रज़िया बीबी के हाथ भी कभी ज़ाहिद की गान्ड की दीवारों, कभी उस के आंडो और कभी ज़ाहिद के मोटे लंड को साबुन लगाने में मसगूल थे.

बाथरूम के शावर तले एक दूसरे के पानी से भीगे बदन से खेलने के दोरान प्रेमियों का ये जोड़ा एक दूसरे के मुँह में मुँह डाले एक दूसरे के भीगे होंठो को चूस भी रहा था.

शावर से निकल कर ज़ाहिद और रज़िया बीबी कमरे में वापिस आई.और दोनो ने बारी बारी एक दूसरे के गीले जिस्म को तोलिये से अच्छी तरह सॉफ किया.

ज्यों ही रज़िया बीबी का टवल वाला हाथ ज़ाहिद के मोटे खड़े लंड पर आया. तो ज़ाहिद ने मचलते हुए कहा. “ओह रज़ियाअ, थोड़ी देर मेरा लंड चूसो उस के बाद में तुम्हारी फुद्दि मारूँगा मेरी जान,हाईईईईईईईईईई में अब तुम्हारी चूत को चोदे बिना नहीं रह सकता”

“ज़ाहिद्द्द्द्द्द्दद्ड बेटा, में तुम्हारी हर बात मानूगी, लेकिन अब कुछ महीने मुझे मज़ीद चोदने की ज़िद ना करो, क्यों कि अगर हमारे बच्चे को कुछ हो गया तो में ज़िंदा नही रह सकूँ गी मेरे राजा” रज़िया बीबी अपने नंगे हमला पेट पर हाथ फेरते हुए ज़ाहिद के सामने घुटनों के बल फर्श पर बैठी. और ज़ाहिद के मोटे लंड को अपने गरम मुँह में भरते हुए उस ने अपने शोहर से इलतजा की.

 


ज़ाहिद ने अपनी अम्मी की बात मान ली और रज़िया बीबी के मुँह में अपना लंबा लंड डाल कर उसे ऐसे चोदने लगा . जैसे वो रज़िया बीबी का मुँह नही बल्कि उस की तंग मोटी फुद्दि हो.

कुछ देर अपनी अम्मी से सुबह सुबह अपने लंड की चुसाइ लगवाने के बाद ज़ाहिद और रज़िया बीबी ने कमरे में ही एक साथ नाश्ता किया. और फिर अपनी इतफ़किया हनीमून मना कर निया शादी शुदा जोड़ा वापिस पिंडी चला आया.

रावलपिंडी पहुँच कर जैसे ही रज़िया बीबी अपने घर में दाखिल हुई. तो उस के दिल की धड़कन एक दम तेज हो गई.

रज़िया बीबी के दिल की ये हालत इसीलिए हुई थी. कि कल जब वो अपनी बेटी से मिल कर मुर्री के लिए रुखसत हुई थी.

तो उस वक्त तक रज़िया बीबी को इस बात की कतई कोई खबर नही थी. कि वो अपने ही सगे बेटे ज़ाहिद के नुतफे ( स्प्रेम ) को अपनी कोख में लिए फिर रही है.

मगर कल लेडी डॉक्टर से ये बात कॉनफर्म होने के बाद अब रज़िया बीबी ना सिर्फ़ ज़ाहिद की दूसरी बीवी की हैसियत में वापिस अपने घर में दाखिल हो रही थी.

बल्कि साथ ही साथ अपनी सोतन बेटी शाज़िया की तरह रज़िया बीबी भी अब ज़ाहिद के होने वाले बच्चे की माँ की हैसियत में आज अपने घर में वापिस आ रही थी.

इस उमर में अपने ही सगे बेटे के बच्चे की माँ बनने के अहसास ने रज़िया बीबी की तबीयत में खुशी की वो लहर दौड़ा दी थी.

जिस का इज़हार रज़िया बीबी की चल ढाल और उस के चेहरे पर पहली खुशी से बहुत वाइज़ा हो रहा था.

इसीलिए जैसे ही ज़ाहिद और रज़िया बीबी अपनी कार से उतर कर घर में दाखिल हुए.

तो रज़िया बीबी के चेहरे से छलकती हुई ये खुशी टीवी लाउन्ज के सोफे पर बैठी शाज़िया की आँखों से ओझल ना रह सकी.

“आज मेरी सोतन को बड़ी खुशियाँ चढ़ि हुई हैं,सब ख़ैरियत तो है ना छोटी बेगम” शाज़िया ने ने अपनी सोतन अम्मी और शोहर भाई का बहुत खुश दिली से इस्तिक्बाल करते हुए पूछा.

“हाईईईईईईईईईईई तुम्हारी तरह में भी ज़ाहिद के साथ अपना हनीमून मुर्री में मना कर आ रही हूँ,तो खुशी तो हो गी ना,बड़ी बेगम साहिबा” रज़िया बीबी ने शाज़िया की गरम जोशी का उसी अंदाज़ में जवाब देते हुए कहा. और इस के साथ ही ज़ाहिद और रज़िया बीबी शाज़िया के सामने वाले सोफे पर बैठ गये.

“उफफफफफफफ्फ़ हम दोनो माँ बेटी की केसी किस्मत है अम्मी,कि ना सिर्फ़ हमें अपने ही घर में अपना सुहाग मिला है, बल्कि हम दोनो माँ बेटी ने अपना हनीमून भी एक ही सिटी में मनाया हाईईईईईईईईईईई,मगर आप के चेहरे और चाल को देख कर मुझे लगता है कि कुछ और बात भी है, जिस की आप को बे इंतिहा खुशी है” शाज़िया ने अपनी अम्मी की बात का अज़वाब देते हुए अपनी अम्मी से सवाल किया.

“हां हनीमून के अलावा भी एक और बात ऐसी है ,कि जिस को सुन कर मेरा अंग अंग कल से झूम रहा है,और जब तुम सुनोगी तो तुम्हारी हालत भी शायद मेरे जेसी ही हो जाए शाज़िया”

शाज़िया के सवाल पर सोफे पर बैठी रज़िया बीबी ने अपनी टाँग पे टाँग रखी. और महनी खेज मुस्कुराहट को अपने होंठो पर सजाते हुए कहा.

“तो फिर पहेलियाँ बुझवाने की बजाय,जल्दी से बता दो ,मुझ से अब सबर नही हो रहा अम्मी जान” अपनी अम्मी के मुँह से ये बात सुन कर शाज़िया ने जल्दी से सोफे पर पहलू बदलते हुए कहा. और अपनी अम्मी के दुबारा बोलने का बेसबरी से इंतिज़ार करने लगी.

“हां तुम सही कहती हो,कि हम दोनो वाकई ही बहुत खुस किस्मत हैं, जिन्हे अपने ही घर के मर्द ने ना सिर्फ़ चोद कर अपनी बीवियाँ बना लिया है, बल्कि हमारे अपने सगे खून ने हम दोनो की बच्चे दानियों में अपने लंड का पानी छोड़ कर अपनी ही बहन और फिर अम्मी को भी गर्भवती कर दिया है” खुशी की ये खबर अपनी बेटी ,बहू और सोतन शाज़िया को सुनाते हुए रज़िया बीबी की चूत गरम होने लगी.

फिर रज़िया बीबी ने मुर्री में लेडी डॉक्टर से अपने चेक अप की सारी तफ़सील मसाला लगा कर अपनी बेटी शाज़िया के गोशे गुज़र कर दी.

शाज़िया को ये सारी बात बताने के दोरान खुद भी गरम हो जाने की वजह से रज़िया बीबी को अपनी फुद्दि में से पानी बैठा हुआ महसूस होने लगा.

इसीलिए रज़िया बीबी ने अपनी गुफ्तगू के दोरान ही अपने पैर फर्श से उठा कर सोफे पर रख लिए.

और ईलमा इक़बाल जैसा पोज़ बना कर मुस्कुराते हुए अपने समाने बैठी शाज़िया के रिक्षन का इंतिज़ार करने लगी.

रज़िया बीबी ने जेसे ही अपनी बात मुकम्मल की. तो अपनी अम्मी के मुँह से उन की प्रेगेरेंसी की सारी तफ़सील सुनते ही शाज़िया का एक हाथ खुद ब खुद उस के अपने हमला फुद्दे पर गया.

और अपनी चूत में लगी आग की गर्मी की बदोलत शाज़िया सोफे से तकरीबन एक फुट उछलते हुए चिल्ला पड़ी. “क्य्ाआआआआआआआआ मेरी तरह आप भी ज़ाहिद भाईईईईईईईईईई के बच्चे की माआआआआआअ बनने वाली हैं अम्म्म्मममममममिईीईईईईईईईईईई”.

 
अपनी अम्मी के मुँह से इस गरम खबर को सुनते ही शाज़िया के जिस्म-ओ-जान की भी वो ही हालत हो गई. जैसे ये खबर शाज़िया को सुनाते वक्त रज़िया बीबी की अपनी हुई थी.

“हां बेटी तुम्हारे भाई के लंड के जवान गाढ़े वीर्य ने मेरी बूढ़ी चूत में भी अपना चमत कार दिखा दिया है,और अब तुम्हारे साथ साथ में भी ज़ाहिद के बच्चे की माँ बनने वाली हूँ,बड़ी बेगम” रज़िया बीबी ने सोफे पर बैठे बैठे अपनी गरम फुद्दि को अपने हाथ से मसला. और अपने दोनो बच्चो ज़ाहिद और शाज़िया की तरफ प्यासी निगाहों से देखते हुए बोली.

“हाईईईईईईईईईईईई इतनी बड़ी खबर आप मुझे यूँ सूखे मुँह ही सुना रही हैं अम्मी जान” ये कहते हुए शाज़िया सोफे से उठी. और दूसरे ही लम्हे अपने कपड़े उतार कर ज़ाहिद और रज़िया बीबी के सामने नंगी हो गई.

“तुम बताओ किस चीज़ से अपना मुँह मीठा करना चाहती हो बेटी” रज़िया बीबी ने जब यूँ अपनी नज़रों के सामने अपनी सग़ी बेटी को बे लिबास होते देखा. तो रज़िया बीबी भी बे शर्मी से अपनी शलवार के उपर से अपनी गरम चूत को रगड़ते हुए बोली.

“अभी बताती हूँ, पहले आप जल्दी से अपने कपड़े उतार दो अम्मी” रज़िया बीबी की बात सुन कर शाज़िया ने कहा.

“क्यों,ख़ैरियत है ना मेरी बच्ची” रज़िया बीबी ने पूछा.

रज़िया बीबी अपनी बेटी की बात सुन कर समझ तो गई कि शाज़िया के इरादे क्या हैं. मगर वो जान बूझ कर शाज़िया को छेड़ने के मूड में थी.

लेकिन अपनी बेटी को छेड़ने के बावजूद साथ ही साथ रज़िया बीबी किसी कठ पुतली की तरह शाज़िया के इशारों पर नाचते हुए अपने कपड़े भी उतारने लगी थी.

“खुशी के इस मोके पर में अपनी सोतन के उस फुद्दे को चूस कर अपने मुँह मीठा करना चाहती हूँ, जहाँ मेरे जानू शोहर का वो बच्चा जनम ले रहा है, जो अब मेरा भाई भी हो गा, और मेरा भांजा भी, और में उस की बहन भी हूँ गी, और फूफी के साथ साथ उस की दूसरी अम्मी भी” ये कहते हुए शाज़िया नंगी हालत में चलती हुई रज़िया बीबी के नज़दीक आई.

और टीवी लाउन्ज के बिछे सोफे पर बिल्कुल नंगी हालत में नीम दराज़ स्टाइल में लेटी अपनी अम्मी की मोटी फुद्दि में अपना मुँह डाल कर अपनी सोतन वाल्दा का मोटा चुदा हुआ फुद्दा खाने लगी.

“हाईईईईईईईईईईईईई खााआआअ जऊऊऊ अपने ख़सम के लौडे से चुदे हुए मेरे फुद्दे को छोटी बेगम” ज्यों ही शाज़िया की गरम ज़ुबान रज़िया बीबी की मोटी फुददी के दाने से छुई. तो रज़िया बीबी ने अपने हाथों के ज़ोर से शाज़िया के सर को अपनी चूत पर दबाते हुए कहा.

अपनी अम्मी के मोटे फुद्दे को अपने गरम मुँह में भरते ही शाज़िया अब बड़े शौक और जोश से अपनी अम्मी की रस से भरी हुई चूत को चाटने लगी.

और अपनी अम्मी की फुद्दि में अपनी नोकेलि ज़ुबान को गुमाने के साथ ही साथ शाज़िया ने अपनी एक उंगली से रज़िया बीबी की चौड़ी गान्ड के छेद को भी कुरेदना शुरू कर दिया था.

अपनी अम्मी की भारी गान्ड में अपनी उंगली से छेड़ छाड़ करते करते शाज़िया आहिस्ता आहिस्ता अपना मुँह भी रज़िया बीबी की गान्ड के सुराख के नज़दीक ले आई. और फिर झुक कर अपनी अम्मी की गान्ड के छेद को अपनी ज़ुबान की नौक से चाटने लगी.

“आआआआआआआहह म्म्म्म मममममममम” ज्यों ही शाज़िया की लंबी ज़ुबान रज़िया बीबी की गान्ड के सुराख को अपनी नौक से खोलते हुए रज़िया बीबी की गान्ड के अंदर गुसी. तो मज़े से सिसकते हुए रज़िया बीबी चीखी.

शाज़िया की गरम ज़ुबान के हाथों मजबूर हो कर रज़िया बीबी के मुँह से फूटने वाली सिसकियाँ अब टीवी लाउन्ज के माहौल को रगीन बनाने लगीं थी.

इधर शाज़िया ने अपनी अम्मी की चूत और गान्ड के सुराख में अपनी गरम ज़ुबान से आग लगाना शुरू की.

तो दूसरी तरफ सोफे पर एक बुत्त (स्टॅच्यू) की मनिद बैठा ज़ाहिद अपनी अम्मी और बहन की इस गरम कारस्तानी को देखते देखते अपने होश-ओ-हवास खोने लगा था.

ज्यूँ ज्यूँ रज़िया बीबी की गरम सिसकियाँ ज़ाहिद के कनों में पड़ती गईं. त्यु त्यु ज़ाहिद का लंड उस की शलवार में उठ उठ कर बाहर जाने की ज़िद करने लगा.

जब ज़ाहिद के सबर का पैमाना लबरेज हुआ. तो अपनी बहन और अम्मी की तरह वो भी सोफे से उठ कर बे लिबास हो गया.

“क्या अम्मी का सारा जूस अकेली ही पी जाओ गी, या मुझे भी इस नमकीन पानी को चखने का मोका दो गी मेरी जान” ज़ाहिद ने अपने कपड़े फर्श पर फैंके.

और जल्दी से चलता हुआ दूसरे सोफे पर मस्ती में मसरूफ़ अपनी अम्मी और बहन शाज़िया के पहलू में आ गया.

 
ज़ाहिद ने आते ही अम्मी का फुद्दा खाती शाज़िया को परे हटिया. और अपनी अम्मी की खुली टाँगों के दरमियाँ बैठ कर शाज़िया की जगह अपनी अम्मी की मोटी फुद्दि में अपनी ज़ुबान फेरने लगा.

ज्यों ही ज़ाहिद ने फर्श पर बैठ कर अपनी अम्मी की गरम चूत को चाटना शुरू किया. तो शाज़िया सोफे पर नीम नंगे अंदाज़ में लेटी हुई अपनी अम्मी रज़िया बीबी के पहलू में जा बैठी.

“हाईईईईईईईईईईईईईईईई में इस दुनिया की खुश नसीब तरीन माँ हूँ,जिसे इतना प्यार करने वाली औलाद नसीब हुई है” ज्यों ही शाज़िया अपनी अम्मी के पहलू में बैठी.

तो ज़ाहिद के चाटने से मस्त होते हुए रज़िया बीबी ने शाज़िया के एक मोटे मम्मे को अपने मुँह में भरा.

और अपनी सोतन बेटी के बड़े मम्मे अपने मुँह में ले कर शाज़िया के भारी मम्मे को मज़े से सक करने लगी.

अब कमरे में हालत ये थी. कि रज़िया बीबी की टाँगों के दरमियाँ बैठा ज़ाहिद अपनी अम्मी के गरम फुद्दे को अपनी ज़ुबान से चोद कर रज़िया बीबी को नीचे से मज़ा दे रहा था.

जब कि इस दोरान रज़िया बीबी ज़ाहिद की ज़ुबान से मज़े लेते हुए, शाज़िया के मोटे मम्मे को चूस चूस, अपने बेटे ज़ाहिद के मुँह से हसल कारदा मज़े को अपने मुँह के रास्ते अपनी बेटी शाज़िया के जिस्म में मुन्तिकल कर रही थी.

“हाईईईईईईईईईईईईईई आप की बातों ने तो मेरी फुददी में एक आग सी भर दी है अम्मिईीईई” ज्यों ही रज़िया बीबी ने शाज़िया के मम्मे को अपने मुँह में डाला. तो अपनी अम्मी के सर के पीछे हाथ रख कर रज़िया बीबी के मुँह का दबाब अपने मम्मे पर बढ़ाते हुए शाज़िया सिसकारी.

“तो मेरे होते हुए तुम्हे फिकर की क्या बात है, तुम दोनो की मेहरबानी से में भी अब एक सेक्स एक्सपर्ट बन चुकी हूँ, ज़ाहिद नीचे से मेरी चूत की आग को ठंडा कर रहा है, तुम उपर से मेरे मुँह पर अपनी चूत रख दो, तो में चन्द ही मिनट में तुम्हारी फुद्दि की आग को ठंडा कर देती हूँ मेरी बच्ची” अपनी बेटी की बात सुन कर रज़िया बीबी ने शाज़िया के मोटे मम्मे को मुँह से निकाला. और अपनी बेटी की तरफ देखते हुए उस की बात का जवाब दिया.

“हां ये ठीक रहे गा, जैसे ज़ाहिद आप की फुद्दि को खा कर आप की गर्मी निकाल रहे हैं,वैसी आप भी मेरी चूत में अपनी ज़ुबान डाल कर इसे सकूँ पहुँचाए अम्मी जान” ये कहते हुए शाज़िया उठी.

और अपनी अम्मी के जिस्म के उपर चढ़ कर अपनी गरम फुद्दि को अपनी अम्मी के खाली मुँह पर रख दिया.

ज्यों ही शाज़िया की चूत रज़िया के खुले मुँह के उपर आई. तो सोफे पर लेटी रज़िया बीबी ने अपनी बेटी की पानी पानी होती फुद्दि को अपने मुँह में कबूल कर लिया.

शाज़िया की चूत को उस की अम्मी की बातों ने पहले ही काफ़ी गरमा दिया था.

इसीलिए रज़िया बीबी के होंठो ने जैसे ही अपनी बेटी शाज़िया की फुद्दि को छुआ. तो शाज़िया एक दम “हाईईईईईईईईईईईईईई में गैिईईईईईईईईईईईईई अम्मिईीईईईईईईईईईईईईईईई” चिल्लाते हुए अपनी फुद्दि का गरम और नमकीन पानी अपनी अम्मी के मुँह मे छोड़ते हुए फारिग हो गई.

शाज़िया की चूत का पानी एक झरना बन कर उस की गरम फुद्दि से तेज़ी के साथ खारिज होने लगा.

शाज़िया की चूत से बहते हुए पानी की रफ़्तार इतनी तेज थी. कि दूसरे ही लम्हे शाज़िया की चूत का वो पानी उस की फुद्दि की दीवारों से निकल कर सीधा सोफे पर उस की टाँगों के दरमियाँ लेटी उस की अम्मी के खुले मुँह में गिरा.

और फिर मुँह से होता हुए हलक के रास्ते रज़िया बीबी के हमला पेट में जा कर ज़ाहिद के बच्चे के पानी से अपना मिलाप करने लगा था.

शाज़िया के फारिग होने की आवाज़ ज्यों ही ज़ाहिद के कान में गूँजी. तो उस ने भी नीचे से अपनी अम्मी की चूत के दाने पर अपनी ज़ुबान को जोश से घुमाया. तो इस के साथ ही रज़िया बीबी की चूत ने भी अपना मुँह खोल दिया.

शाज़िया की तरह रज़िया बीबी की गरम फुद्दि से भी पानी बहता हुआ ज़ाहिद के मुँह में आया. और रज़िया बीबी की तरह ज़ाहिद भी अपनी अम्मी की चूत के नमकीन पानी को मज़े ले के अपने हलक में उतारने लगा.

अब रज़िया बीबी और शाज़िया तो अपनी अपनी चूत का पानी खारिज कर के बहुत पुरसकून हो चुकी थी.

मगर ज़ाहिद अपनी अम्मी और बहन के इस हसीन शो का नज़ारा देखने और फिर अपनी बीवी रज़िया बीबी की फुद्दि का स्वाद चखने के दोरान ज़ाहिद का लौडा अब फौलादी रूप में आ चुका था.

इसीलिए अपनी अम्मी रज़िया बीबी की टाँगों के दरमियाँ से उठ कर ज़ाहिद शाज़िया और रज़िया बीबी के साथ सोफे पर आन बैठा.

और अपनी दोनो गरम बीवियों के सामने अपने मोटे लंड पर हाथ मारते हुए बोला “तुम दोनो ने तो अपनी अपनी फुद्दि की आग बुझवा ली है, अब जल्दी से आ कर मेरे लंड को भी ठंडा कर दो मेरी रानियो”

ज़ाहिद की बात सुन कर रज़िया बीबी और शाज़िया मुस्करते हुए सोफे से उठिएं.

और फिर सोफे पर लेटे ज़ाहिद के राइट और लेफ्ट साइड में बैठ कर रज़िया बीबी और शाज़िया ने अपना मुँह खोला.

अपने अपने मुँह खोल कर दोनो माँ बेटी ने अपनी गरम ज़ुबान बाहर निकालीं. और अपनी लंबी ज़ुबानो से अपने खाविंद ज़ाहिद के मोटे लंड को दोनो साइड से सक करना शुरू कर दिया.

“देखो तो सही इस लंड को, आप की चूत का रस पी कर ज़ाहिद का लंड कुछ ही दिनो में कितना मोटा हो गया है अम्मी जान” ज़ाहिद के मोटे लंड के उपर अपनी ज़ुबान और हाथ एक साथ फेरते हुए शाज़िया ने अपनी अम्मी से कहा.

ज़ाहिद का लंड इतना मोटा था. कि उसे अपनी गिरफ़्त में लेते वक्त शाज़िया को अपने दोनो हाथों का इस्तेमाल करना पड़ रहा था.

मगर फिर भी ज़ाहिद का लौदा शाज़िया के हाथों में नही समा रहा था.

“हाईईईईईईईईईईईई इतना बड़ा लंड तो किसी औरत को बड़े नसीब से मिलता है, सच पूछो तो नीलोफर और तुम्हें ज़ाहिद के इस मोटे लंड से चुदवाते देख कर मुझे तुम दोनो से जलन होने लगी थी, मगर फिर तुम्हारी मेहरबानी से तुम्हारी तरह ज़ाहिद के इस मोटे लंड को अपनी चूत में लेने के बाद, अब में भी अपने आप को बहुत खुश नसीब समझती हूँ शाज़िया” रज़िया बीबी ने बड़े प्यार से ज़ाहिद के लंड की टोपी को अपने मुँह में भर कर सक करते हुए कहा.

अब दोनो माँ बेटी बहुत प्यार और जोश से ज़ाहिद के मोटे लंड को बारी बारी अपने गरम मुँह में लेती. और “शर्प शर्प” करते हुए ज़ाहिद के लंड का चुप्पा लगाने में मसरूफ़ हो गईं थी.

कुछ ही देर में ज़ाहिद ने भी अपनी अम्मी और बहन की गरम जोशी के आगे हथियार डाल दिए.

और“हाईईईईईईईईईई मेरे लंड का पानी निकलने लगा है मेरी जनंनननणणन्” कहते हुए ज़ाहिद ने अपने लंड को झटका दिया. तो ज़ाहिद के लंड के पानी ने लंड की टोपी से उबाल कर बाहर गिरना शुरू कर दिया.

जैसे ही ज़ाहिद के लंड का गरम वीर्य बाहर गिरा. तो रज़िया बीबी और शाज़िया ने अपने नये शोहर के लंड के नमकीन पानी को मज़े ले ले कर चाटना शुरू कर दिया.

रज़िया बीबी की तरह ज़ाहिद और शाज़िया को भी अपनी अम्मी के फिर से माँ बनने की खबर पर खुशी तो बहुत हुई थी.

मगर साथ ही साथ इन तीनो को इस बात की फिकर भी लग चुकी थी. कि ज्यूँ ज्यूँ रज़िया बीबी का पेट बच्चे की ग्रोत की वजह से बढ़ेगा .

त्यु त्यु मोहल्ले और उन के जानने वालों की ज़ुबान को रोकना मुश्किल ही नही बल्कि ना मुमकिन हो जाए गा.

इसीलिए शाज़िया से मेशवरे के बाद ज़ाहिद ने पोलीस की नौकरी से इस्तीफ़ा (रिज़ाइन) कर दिया. और अपनी दोनो बीवियों को साथ ले कर नीलोफर और जमशेद के पास मलेशिया चला आया.

कुआला लंपुर मॉलेसिया के एरपोर्ट के अराइवल लाउन्ज से बाहर निकल कर ज्यों ही ज़ाहिद वगेरा की मुलाकात जमशेद और नीलोफर से हुई.

तो नीलोफर का उभरा हुआ पेट देख कर सब को पता चल गया. कि ज़ाहिद की तरह जमशेद के लंड ने भी अपनी ही बहन नीलोफर की चूत में अपना काम दिखा दिया है.

 
इधर ज़ाहिद और जमशेद एक दूसरे के गले मिले. तो दूसरी तरफ शाज़िया ने अपनी उस सहेली को अपने गले से लगाया.

जिस सहेली ने आज से कई महीने पहले गुस्से मे आ कर ज़ाहिद से अल कौसेर होटेल दीना में की गई बे इज़्ज़ती का बदला लेने का सोचा था.

और अपने उसी गुस्से को परवान चढ़ाते हुए अंजाने में ज़ाहिद और शाज़िया के दिल और दिमाग़ में दोनो बहन भाई के जिस्मो के लिए जिन्सी आग को भड़का दिया था.

“हाईईईईईईईईई नीलोफर लगता है जमशेद का प्यार तुम्हारे पेट में पलने लगा है,मेरी बनो” नीलोफर के हमला पेट से अपना हमला पेट मिलाते हुए शाज़िया ने अपनी सहेली नीलोफर को अपनी बाहों में कसा. और बहुत प्यार से अपनी सहेली से बोली.

“हां,तुम्हारे भाई की तरह मेरे भाई ने भी मेरी खोख में अपने प्यार की निशानी को मुन्तिकल कर दिया है मेरी जान” नीलोफर ने भी शाज़िया से एक अरसे के बाद मिलने पर उसे जोश से अपनी बाहों में कसा. और शाज़िया की बात का उसी अंदाज़ में जवाब देते हुआ बोली.

“ज़ाहिद भाई की निशानी सिर्फ़ मेरे अंदर ही नही, बल्कि मेरे साथ साथ अब हमारी अम्मी की चूत में भी पल रही है निलो” शाज़िया ने नीलोफर की बात का जवाब देते हुए जमशेद और नीलोफर को इतला दी.

“किय्ाआआआआआआ आंटी आप भी ज़ाहिद से चुदवा चुकी हैंन्नननणणन्” शाज़िया के मुँह से ये धमाके दार खबर सुन कर नीलोफर ने शाज़िया को और जमशेद ने एक दम अपने आप से अलग किया.

तो रज़िया बीबी और ज़ाहिद की तरफ देखते हुए जमशेद और नीलोफर के मुँह से एक साथ ये इलफ़ाज़ निकल गये.

जमशेद और नीलोफर का हैरत भरा ये रियेक्शन देख कर ज़ाहिद और शाज़िया के मुँह पर एक शैतानी मुस्कराहट फैल गई.

मगर रज़िया बीबी को ना जाने क्यों इस वक्त जमशेद और नीलोफर का सामना करने में शरम सी महसूस होने लगी थी.

“ये वाकई है सच है आंटी” रज़िया बीबी को यूँ शरमाते देख कर नीलोफर आगे बढ़ी. और शाज़िया की अम्मी को अपने गले से लगाते हुए पूछने लगी.

“हां ये बात सच है कि शाज़िया की तरह, ना सिर्फ़ में भी अपने बेटे की बीवी बन चुकी हूँ,बल्कि अपनी बेटी शाज़िया के साथ साथ में खुद भी अपने ही बेटे ज़ाहिद के बच्चे की माँ बेनने वाली हूँ,और इस बात के लिए में तुम दोनो बहन भाई की बहुत अहसान मंद हूँ, क्यों कि तुम दोनो ही ख्वाहिश से हम दोनो माँ बेटी की सुखी ज़िंदगी में ना सिर्फ़ फिर से बहार आई है, बल्कि हम दोनो की बंजर फुद्दियो को अपने ही भाई और बेटे के मोटे लंड का गरम पानी नसीब हुआ है” ये बात कहते हुए रज़िया बीबी ने अपनी शरम का लबादा उतारा. और बहुत खुले अंदाज में नीलोफर का शुक्रिया अदा करते हुए नीलोफर को कस कर अपने गले से लगा लिया.

“तुम तो बहुत छुपे रुस्तम निकले,कि बहन चोद के साथ माँ चोद बनने का आज़ाज़ भी हासिल कर लिया है तुम ने ज़ाहिद “रज़िया बीबी के मुँह से ज़ाहिद से चुदवाने की बात सुन कर जमशेद का लौडा उस की पॅंट में खड़ा हुआ. और उस ने अपने दोस्त ज़ाहिद की कमर में प्यार से एक मुक्का मारते हुए कहा.

जमशेद की बात और हरकत पर ज़ाहिद ने मुस्कराते हुए जमशेद की गाड़ी में अपना समान रखा. और सब एक साथ कार में जमशेद के घर की तरफ रवाना हो गये.

घर के रास्ते में कार में बैठे हुए शाज़िया ने अम्मी और ज़ाहिद के दरमियाँ होने वाले सारे किसे की तफ़सील जमशेद और नीलोफर को सुना दी.

शाज़िया के मुँह से रज़िया बीबी और ज़ाहिद के जिन्सी ताल्लुक की डीटेल सुनते हुए नीलोफर की प्रेगेनेंट चूत और जमशेद का लंड भी गरम हो उठे .

“तुम्हारे हाथों रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद, मेने तो तुम को ज़लील करने की खातिर तुम्हें, तुम्हारी बहन शाज़िया के गरम बदन से रोशनाश करवाया था,मगर तुम तो बड़े खुस किस्मत हो कि बहन के साथ साथ अपनी अम्मी की चूत भी हासिल करने में कामयाब हो गये हो ज़ाहिद” शाज़िया के मुँह से सारी बात सुन कर नीलोफर ने ज़ाहिद को छेड़ते हुए कहा.

“वो एक पुरानी मिसल है ना. कि किसी क़ुबरे शक्स को किसी आदमी ने गुस्से में आ कर लात मारी, मगर उस लात के लगने की वजह से उस क़ुबरे शक्स का कुबरा पन ख़तम हो गया था, बिल्कुल उसी तरह तुम ने अपनी तरफ से तो नफ़रत में आ कर मेरा और शाज़िया का मिलाप करवाया था,मगर मुझे ये फ़ायदा हुआ कि मुझे अपने ही घर में एक नही दो दो फुद्दियाँ नसीब हो गई हैं मेरी जान” नीलोफर की बात के जवाब में ज़ाहिद हँसते हुए बोला. तो ज़ाहिद की बात सुन कर सब हँसने लग गये.

जमशेद और नीलोफर के घर में आ कर सब ने मिल कर खाना खाया. और फिर जमशेद ज़ाहिद को साथ ले कर उन का समान कार से निकालने लगा.

जमशेद ने ज़ाहिद और शाज़िया के लिए अपने घर के साथ ही एक घर रेंट पर लिया हुआ था. जहाँ ज़ाहिद, शाज़िया और रज़िया बीबी एक साथ रहने लगे.

जमशेद ने चूँके ज़ाहिद के दिए हुए हराम के पैसे से मलेशिया में आते ही अपना एक बिज्निस स्टार्ट कर लिया था. जिस वजह से ज़ाहिद को अब एक गैर मल में आ कर किसी किसम की परेशानी नही हुई.

ज़ाहिद भी जमशेद के साथ बिज्निस में उस का हाथ बटाने लगा. और इस अरसे में दोनो बहन भाई की जोड़ी एक दूसरे के साथ अच्छा वक्त गुजारने लगी.

डॉक्टर की हिदायत के मुतबलिक ज़ाहिद ने प्रेगनेन्सी के पहले चन्द महीनो में अपनी दोनो बिबीयों शाज़िया और रज़िया बीबी के साथ सेक्स से परहेज किया था.

इस दोरान जब भी ज़ाहिद गरम होता. तो शाज़िया या रज़िया बीबी ज़ाहिद की मूठ या चुसाइ लगा कर उस के जज़्बात को ठंडा कर देती थी.

जब कि इसी तरह ज़ाहिद भी अपनी बीवियों की फुद्ड़ियों को चाट चाट कर उन की गर्मी भी दूर करता रहा.

फिर प्रेगनेन्सी के चार पाँच महीने बाद लेडी डॉक्टर ने ज़ाहिद को चुदाई की इजाज़त तो दे दी.

मगर साथ ही साथ इहतियात से चुदाई करने का मसवरा भी दे दिया.

डॉक्टर की इजाज़त के बाद ज़ाहिद शाज़िया और रज़िया बीबी की चूत में अहतियात से अपना लंड डाल कर फिर से अपनी बहन और अम्मी की गरम चूत का मज़ा तो लेने लगा था.

मगर अपनी बहन और अम्मी को चोदते वक्त ज़ाहिद की अब भी पूरी कोशिश होती. कि वो रज़िया बीबी और शाज़िया को ज़ोर से ना चोदे.

इस चुदाई की वजह से ज़ाहिद के लंड का पानी तो चूत में निकलने ही लगा था.

मगर इस अहतियात की बदोलत ज़ाहिद को चुदाई का वो मज़ा नही मिल रहा था. जिस का वो आदि हो चुका था.

इसी तरह आहिस्ता आहिस्ता करते हुए,दिन,हफ्ते और फिर महीने गुज़रने लगे. और फिर वो दिन आ पहुँचा जिस दिन शाज़िया की डेलिवरी होनी थी.

हाला कि नीलोफर और शाज़िया की डेलिवरी डेट्स में चन्द दिन का फरक था.

मगर इस के बावजूद जिस दिन ज़ाहिद शाज़िया को साथ ले कर हॉस्पिटल जाने का तैयारी कर रहा था. ऐन उसी दिन नीलोफर की बच्चे दानी से भी उस की चूत पानी ब्रेक हो गया.

जमशेद ने जल्दी से आंब्युलेन्स को कॉल की और यूँ शाज़िया और नीलोफर साथ साथ एक ही आंब्युलेन्स में हॉस्पिटल पहुँच गईं.

 


हॉस्पिटल में आ कर शाज़िया और नीलोफर ने एक साथ एक ही दिन अपने अपने भाइयों के बच्चो को अपनी कोख से जनम दिया.

जमशेद और नीलोफर के लिए बेटा होने की खबर तो बहुत ही अच्छी थी. जिसे सुन कर जमशेद और नीलोफर दोनो बहन भाई के जिस्म-ओ-जान में खुशी की एक लहर दौड़ गई.

मगर नीलोफर और जमशेद से ज़्यादा हैरान कन और खुशी की खबर शाज़िया और ज़ाहिद की मुंतज़ीर थी.

शाज़िया और ज़ाहिद ने चूँकि अल्ट्रा साउंड के ज़रिए इस बात का पहले पता नही लगाया था. कि उन का होने वाला बच्चा, लड़का हो गा या लड़की.

इसी लिए डेलिवरी के बाद शाज़िया के यहाँ जब ट्विन बच्चो,एक लड़का और एक लड़की ने एक साथ जनम लिया.

तो शाज़िया,ज़ाहिद और रज़िया बीबी के साथ साथ नीलोफर और जमशेद की खुशी की कोई इंतिहा ना रही.

अपने जुड़वाँ बच्चो का सुन कर ज़ाहिद तो खुशी के आलम में झूम उठा. और ज्यों ही डेलिवरी रूम से हॉस्पिटल के कमरे में शाज़िया की वापसी हुई.

तो ज़ाहिद ने सब घर वालों को कमरे से बाहर निकाल कर अपनी बहन शाज़िया के चेहरे,होंठो और दूध बड़े मम्मो पर अपने होंठो से अपने प्यार की बरसात कर दी.

“ओह तुम ने मुझे इतनी बड़ी खुशी दी है, मुझे समझ नही आ रहा कि में किस मुँह से तुम्हारा शुक्रिया अदा करूँ माइ जान” ज़ाहिद ने जोशे जज़्बात में दीवाना वार अपनी बेगम बहन के जिस्म पर अपने गरम होन्ट रगड़ते हुए कहा.

“एक औरत उस वक्त तक मुकम्मल औरत नही बनती, जब तक वो बच्चा नही पेदा कर लेती,इसीलिए आप को नही.बल्कि मुझे आप का शूकर गुज़ार होना चाहिए, कि आप ने अपने लंड का बीज डाल कर, मुझे एक मुकम्मल औरत का दर्जा दिया है मेरे सरताज” अपने भाई शोहर के वलिहाना प्यार को पा कर शाज़िया भी खुशी से खिल उठी. और ज़ाहिद के गरम होंठो में अपनी लंबी ज़ुबान फेरती हुए बोली.

फिर एक दिन हॉस्पिटल में रहने के बाद और शाज़िया अपने अपने घर वापिस आ गईं.

शाज़िया ने घर आ कर देखा कि ज़ाहिद ने बच्चो के कमरे को टाय्स से पूरा भर दिया था.

अपने खाविंद भाई का अपने बच्चों से ये प्यार देख कर शाज़िया की फुद्दि में आग लग गई.

शाज़िया का दिल तो चाहा की अपनी शलवार खोल कर अपने भाई का मोटा लौडा अपनी फुद्दि में दिलवा ले.

मगर ताज़ा ताज़ा एक नही दो दो बच्चो को अपनी तंग चूत से बाहर निकालने की वजह से शाज़िया की चूत अभी इस हालत में नही थी. कि वो अभी अपने भाई ज़ाहिद के मोटे लंड को अपने अंदर ले सके.

इसीलिए ज़ाहिद की तरह शाज़िया के लिए भी अब सबर करने के सिवा को चारा नही था.

दिन गुज़रते गये और शाज़िया की तरह ज़ाहिद भी अब उस वक्त के इंतिज़ार में दिन अपनी उंगलियों पर गिन रहा था.

जब उस की बहन/बीवी शाज़िया चिली से नहा कर पाक सॉफ हो गी. और वो पहले की तरह एक बार फिर जोश और जज़्बे के साथ अपनी बहन शाज़िया की चूत को अपने मोटे लंड से चोद सके गा.

नीलोफर और शाज़िया की डेलिवरी के बाद रज़िया बीबी ने ना सिर्फ़ नीलोफर और शाज़िया के बच्चो की काफ़ी टेक केर की.

बल्कि साथ ही साथ ज़ाहिद के मना करने के बावजूद हर रोज़ उन सब के लिए अपने हाथ से खाना वगेरा भी पकाती रही.

रज़िया बीबी चूँकि ज़ाहिद और शाज़िया समेत इस से पहले भी 5 बच्चो की माँ बन चुकी थी.

इसीलिए शाज़िया और नीलोफर के मुक़ाबले में रज़िया बीबी माँ बनने के मामले में अब एक एक्सपर्ट का दर्जा रखती थी.

ये ही वजह थी.कि खुद प्रेगेनेंट होने के बावजूद रज़िया बीबी ने नीलोफर और अपनी बेटी शाज़िया की घर वापसी के बाद काफ़ी तामिर दारी की.

शाज़िया को माँ बनने अब एक महीने से कुछ ज़्यादा टाइम होने गया था. और इस दोरान उस के पेट पर लगने वाला डेलिवरी का कट भी ठीक हो चुका था.

“आज क्यों न ज़ाहिद के घर वापिस आने से पहले ही में गुसल (शवर) कर के पाक हो जाऊ,और काम से लोटने पर अपने जानू को सर्प्राइज़ दूं” अपने बिस्तर पर लेट कर अपने बच्चो को अपने भारी मोटे मम्मो से अपना दूध पिलाने के बाद शाज़िया ने अपनी गरम चूत पर हाथ रखते हुए सोचा.

ये सोच जेहन में आते ही शाज़िया ने अपनी अम्मी को आवाज़ दी “अम्मी आ कर मेरे हाथों और पैरों को थोड़ी मेहन्दी तो लगा दो प्लीज़”.

“क्यों ख़ैरियत तो है,आज मेहन्दी क्यों लगवा रही हो शाज़िया” रज़िया बीबी शाज़िया की आवाज़ पर उस के कमरे में आई. और हैरान हो कर अपनी बेटी की तरफ देखते हुआ पूछा.

“कोई खास बात नही, वैसे आज एक अरसे के बाद फिर से अपने आप को सवारने का शौक चढ़ गया है मुझे ” शाज़िया ने अपनी अम्मी को भी असल बात नही बताई.

और फिर उधर ही बैठ कर अपनी अम्मी से अपने हाथों और पैरो पर मेहन्दी लगवाने लगी.

 
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