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वतन तेरे हम लाडले complete

यह सब बातें सुनकर एक पल के लिए मेजर राज के माथे पर पसीने आए, मगर उसने बहुत जल्दी खुद पर नियंत्रण किया और अपने दिमाग़ के तनाव को बहाल करते हुए बोला पाकिस्तानी साजिश कभी सफल नहीं होगी, हम अपनी जान पर खेलकर इस साजिश को असफल बनाएंगे। फिर मेजर राज ने पूछा यह भारत जाने वाली बात जो लोकाटी ने कही क्या यह सही है ??

राफिया ने कहा कि हां रात को रहस्य उगलवाने के लिए उससे प्यार का इज़हार किया था और कहा था कि मैं तुमसे शादी करना चाहती हूँ और इंडिया देखना चाहती हूँ तो वह बुड्ढा ठरकी पागल हो गया है और मुझे साथ ले जाने के लिए उसने सभी प्रबंध कर लिए हैं। आज शाम उसकी स्पेशल फ्लाइट है। मगर मैं नहीं जाउन्गी उसके साथ मैं यहीं से गायब हो जाउन्गी इस पर मेजर राज ने समीरा को कहा कि नहीं तुम जाओ उसके साथ। उसको तुम पर भरोसा है और जो हालात बन रहे हैं पल पल की खबर मुझ तक पहुँचनी चाहिए। उसके लिए एक विश्वसनीय साथी का होना ज़रूरी है जो लोकाटी के साथ रहे। वैसे भी वह तुम्हारे शरीर का दीवाना हो गया है तो उसका फायदा उठाओ, उसके साथ इंडिया जाओ, मैं भी 2 दिन में इंडिया आ जाउन्गा और फिर इस लोकाटी की व्यवस्था करते हैं मिलकर . समीरा ने इमरान को देखा और बोली चलो ठीक है तुम कहते हो तो चली जाती हूँ, लेकिन अमजद भाई बुरा न मान जाए कि उनसे पूछे बिना इंडिया चली गई। मेजर राज ने कहा उसकी चिंता तुम मत करो, वह समझदार व्यक्ति है बल्कि उसको खुशी होगी कि तुम हमारे वतन के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रही हो, वह समझ जाएगा। तुम बस आज शाम लोकाटी के साथ इंडिया जाओ और मुझे पल पल की खबर दो

इस दौरान मेजर राज उस जगह पहुंच चुका था जहां वाटर स्कूटर उपलब्ध थे। राज ने एक स्कूटर हायर किया और लाइफ जैकेट लेकर समीरा को दी मगर उसने पहनने से इनकार कर दिया और बोली उसकी जरूरत नहीं हम ऐसे ही वाटर स्कूटर एंजाय करेंगे। राज ने समीरा को फिर लाइफ जैकेट पहनने के लिए कहा, लेकिन उसने मना कर दिया और बोली में ये पहली बार नहीं कर रही मुझे उसका अनुभव है तुम चिंता ना करो। यह कह कर वह वाटर स्कूटर के पास चली गई, मेजर राज भी वाटर स्कूटर के पास गया और उस पर बैठने लगा तो समीरा ने उसको मना कर दिया और बोली तुम मेरे पीछे बैठो स्कूटर मैं चलाउन्गि मेजर राज ने उसे हैरानी से देखा और बोला क्या तुम्हें यकीन है कि तुम यह कर सकती हो? समीरा ने इठलाते हुए राज की ओर देखा और बोली अब तुम समीरा की क्षमताओं से परिचित नहीं। इस पर राज ने मुस्कुराते हुए कहा नहीं तुम्हारा कौशल तो रात अपनी आँखों से देख चुका हूँ, यह कहते हुए राज की नजरें समीरा के मम्मों पर थीं जो उसके बदन पर मौजूद ब्रा मे से बहुत सुंदर क्लिवेज बना रहे थे। राज की दृष्टि से समीरा भी समझ गई थी कि राज क्या बात कर रहा है लेकिन उसने बुरा मानने की बजाय राज को कहा देख लो तो तुम्हें कितने काम की जानकारी भी तो दी हैं ना अपने कौशल की बदौलत

समीरा अब वाटर स्कूटर पर बैठ चुकी थी जबकि मेजर राज उसके पीछे बैठकर अपने हाथ उसकी टांगों पर रख चुका था। समीरा के पैरों पर हाथ रखते ही मेजर राज को एक झटका लगा था, समीरा की जांघे रूई की तरह नरम और मुलायम थीं और उनकी गर्मी से राज के हाथ जलने लगे थे। स्कूटर स्टार्ट था और पानी वहाँ इतना था कि समीरा उसको बा आसानी दौड़ देकर कुछ गहरे पानी में ले गई और एक ओर तेजी से स्कूटर की गति बढ़ाने लगी। उसने मेजर राज का एक हाथ अपनी टांग से उठा कर अपनी पीठ पर रख लिया था और पीछे मुंह करके राज को बोली कि संभलकर बैठो कहीं गिर ही ना जाना। यह कह कर समीरा ने स्कूटर की गति में वृद्धि कर दिया था। राज ने भी समीरा को कसर कर पकड़ लिया था और उसका हाथ समीरा के मम्मों से थोड़ा नीचे पेट और सीने के मिलान पर था और राज पहले की तुलना में समीरा के और पास होकर बैठ गया था, उसकी नज़रों के सामने समीरा की नग्न कमर थी जिस पर सिर्फ ब्रा की डोरी थी जिसको समीरा ने कमर पर बांध रखा था जबकि नीचे चूतड़ों तक जहां समीरा की सेक्सी कमर राज के दिल में हलचल पैदा कर रही थी। समीरा एक विशेषज्ञ ड्राइवर की तरह वाटर स्कूटर चला रही थी, राज को अंदाज़ा हो गया था कि उसने वाटर स्कूटर की ट्रेनिंग ले रखी है

मेजर राज अब समीरा के साथ जुड़कर बैठा था क्योंकि स्कूटर की गति बहुत अधिक थी और वह पानी में उछलता हुआ झटके खाता आगे की ओर बढ़ रहा था जबकि समीरा भी स्कूटर पानी में उछालने के लिए तरंगों का सहारा ले रही थी। समीरा का स्कूटर वहां पर मौजूद अन्य लोगों की तुलना में अधिक गहरे पानी में था क्योंकि वह इस काम में माहिर थी ... और उसकी गति भी बाकी लोगों से अधिक थी। मेजर राज काफी देर से समीरा के पेट पर अपना हाथ रखकर बैठा था जिसकी वजह से उसकी हाफ़ पेंट में लंड ने सिर उठाना शुरू कर दिया था और अब उसका लंड समीरा की कमर के साथ टच कर रहा था, लेकिन वह अब तक पूरे जोबन पर नहीं था ... मगर समीरा अपनी कमर पर एक सख्त चीज़ को महसूस कर रही थी और वह जानती थी कि यह राज का लंड है जो समीरा की नग्न कमर और सेक्सी बदन की वजह से खड़ा हो रहा है। समीरा ने अब एक लंबा मोड़ काटा और वाटर स्कूटर को वापसी के लिए मोड़ने लगी। ये मोड़ तेज गति से काटा गया था और काफी खतरनाक था, एक पल के लिए मेजर राज को लगा कि स्कूटर अपना संतुलन खो देगा और दोनो पानी में गिर जाएंगे जिसकी वजह से मेजर राज समीरा के और भी करीब हो गया और उसको कस कर पकड़ लिया था मगर समीरा ने काफ़ी कौशल के साथ मोड़ काट लिया था और वह अब वापसी पर जा रही थी। मगर मेजर राज का लंड अब फुल जोबन पर आ चुका था और समीरा की कमर में छेद करके उसमें घुसने की कोशिश कर रहा था। मेजर के मन में कहीं न कहीं यह विचार था कि पता नहीं समीरा क्या सोचेगी उसके बारे में और वह अपने लंड को बिठाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन ऐसा संभव नहीं था कि एक सेक्सी लड़की से कोई आदमी इतना चिपट कर बैठे और उसका लंड सिर न उठाए। अब समीरा की सहनशक्ति भी जवाद दे रही थी, राज की बॉडी देख कर उसका नाज़ुक दिल किया था उसकी बाहों में सिमटने, और इससे पहले जब डांस क्लब में समीरा मेजर राज की गोद में बैठी थी और उसको अपने चूतड़ों के नीचे राज के शक्तिशाली लंड का अहसास लगा था तब से उसकी इच्छा थी ऐसे मस्त लंड की सवारी करने के लिए, और अब तो वही लंड काफी देर से उसकी पीठ से लगा हुआ था

 
समीरा के लिए अब मुश्किल हो रहा था अपने ऊपर नियंत्रण करना और उसकी शर्म भी समाप्त हो चुकी थी राज से वो कल रात ही तो इमरान की आँखों के सामने लोकाटी के लंड की सवारी कर रही थी। अंततः समीरा के सब्र का पैमाना भर गया तो उसने वाटर स्कूटर चलाते चलाते थोड़ा खड़ी होकर अपने चूतड़ ऊपर उठाए और पीछे होकर फिर से इस तरह बैठ गयी कि मेजर राज का लंड अब समीरा की गाण्ड के नीचे था। राज के लिए समीरा की ये हरकत आश्चर्यजनक नहीं थी क्योंकि वह भी महसूस कर रहा था कि समीरा का शरीर लगातार गर्म हो रहा था और वो थोड़ी थोड़ी देर बाद अपनी कमर को पीछे धकेल कर अपनी ओर से अप्रत्यक्ष तरीके के साथ लंड के साथ रगड़ती थी, मगर राज उसकी उत्सुकता को समझ रहा था और अब जो समीरा ने अपनी गाण्ड उठा कर राज के लंड पर रख दी थी तो राज ने भी अपना एक हाथ समीरा की थाई पर फेरना शुरू कर दिया था और उसका हाथ जो पेट पर था वह थोड़ा ऊपर सरक गया था और समीरा के मम्मों के नीचे से छूने लगा था

समीरा अभी भी कौशल के साथ वाटर स्कूटर चला रही थी और उसकी कोशिश थी कि वो दूसरे लोगों से दूर रहकर ही चला रहे थे और अब वह धीरे धीरे अपनी गाण्ड को राज के लंड के ऊपर रगड़ रही थी जिससे राज को विश्वास हो गया था कि समीरा की चूत राज के लंड के लिए बेताब है लेकिन समीरा को चोदने के लिए मौका कैसे बनाया जाए, जबकि रफिया भी साथ है उसकी समझ मे नहीं आ रही थी। वह खुद भी समीरा की चूत में अपना लंड फंसाने के लिए बेताब था और अब तो समीरा ने अपनी गाण्ड खुद से राज के लंड पर रख कर उसको खुला निमंत्रण दे डाली थी कि मुझे चोद दो .... लेकिन कैसे ??? ये राज को समझ नहीं आ रही थी जबकि उसके पास अब समय भी कम था कुछ ही घंटे बाद उसे लोकाटी के साथ इंडिया रवाना होना था। ऐसे में असंभव था उसे समीरा को चोदने का कोई मौका मिले। इसलिए उसने उसी को सही माना कि जब तक स्कूटर पर हैं समीरा के मम्मों को ही मज़ा ले लिया जाए। यह सोच कर राज ने बिना हिचक अपना हाथ जो पहले समीरा के मम्मों के नीचे हल्का सा छू रहा था वह उठाकर समीरा के मम्मे पर रख दिया और उसे जोर से दबा दिया। मेजर राज की इस हरकत से समीरा के मुंह से एक सिसकी निकली और साथ ही उसने अपनी गाण्ड को जोर से राज के लंड के और भी करीब कर दिया। अब राज ने अपना दूसरा हाथ जो समीरा की थायज़ को सहला रहा था उठा कर उसकी चूत के साथ ले आया और उसकी टांग पर धीरे धीरे मालिश करने लगा। समीरा ने स्कूटर की गति अभी बहुत धीमी कर दी थी क्योंकि अब उसका सारा ध्यान सैक्स की ओर था

समीरा लगातार अपनी गाण्ड को राज के लंड पर मसल रही थी जबकि राज अपने एक हाथ से समीरा के मम्मे को जोर से दबा रहा था और साथ ही समीरा की गर्दन पर अपने होठों से प्यार कर रहा था जिससे समीरा की बेताबी बढ़ रही था। और उसका शरीर जलने लगा था। उस पर सितम राज का हाथ जो समीरा की चूत के बिल्कुल साथ उसकी टांग के भीतरी भाग की मालिश कर रहा था अब धीरे धीरे सरकता हुआ समीरा की चूत पर आ चुका था। समीरा की सिसकियों में काफी हद तक उन्माद बढ़ चुका था और उसकी चूत गीली हो रही थी जबकि राज का लंड भी समीरा की गाण्ड पर अपना दबाव बढ़ा रहा था। वाटर स्कूटर जब पानी पर उछलता और हवा में हल्का सा ऊंचा होता तो संतुलन बनाए रखने के लिए समीरा स्कूटर से थोड़ा ऊपर उठती और वापस राज के लंड अपनी गाण्ड रख देती। दोनों इस स्थिति को बहुत अधिक एंजाय कर रहे थे।अब फिर से समीरा ने वाटर स्कूटर मोड़ा और अब की बार राज ने अपने दोनों हाथ समीरा के 36 आकार के गोल और कसे हुए मम्मों पर रख कर उन्हें जोर से पकड़ लिया, जबकि समीरा ने भी अपनी गाण्ड राज के लंड पर जमा दी थी। वाटर स्कूटर का रुख दूसरी ओर मोड़ने के बाद एक बार फिर समीरा ने मेजर राज के लंड पर वाटर स्कूटर के हचकोलों के साथ उछलना शुरू कर दिया और मेजर राज का एक हाथ फिर से समीरा की चूत को सहलाने लगा, जबकि दूसरे हाथ से वह लगातार समीरा के मम्मों को दबा कर मजे ले रहा था

कुछ देर इसी तरह मज़े लेने के बाद अब समीरा मेजर राज लंड उठी और आगे होकर बैठ गई, आगे होकर समीरा ने मेजर राज को कहा वह भी थोड़ा आगे हो, इस दौरान समीरा ने वाटर स्कूटर की गति बहुत धीमी कर दी थी । जब मेजर राज एक बार फिर अपने लंड को समीरा कमर से लगा कर बैठ गया और अपना हाथ समीरा की चूत पर रख दिया तो समीरा ने उसका हाथ पकड़ कर वहां से हटा दिया और बोली कि अब तुम पीछे बैठ कर वाटर स्कूटर का हैंडल नियंत्रण करो। राज ने कहा अब क्या हो गया? ड्राइव अभी तुम्ही करो .

मगर समीरा ने जोर देकर कहा कि अब मेजर राज वाटर स्कूटर को नियंत्रण करे तो मेजर राज ने न चाहते हुए भी अपना हाथ समीरा के मम्मों से हटाया और दोनों हाथों से वाटर स्कूटर का हैंडल पकड़ लिया, फिर समीरा जो वाटर स्कूटर पर राज के आगे बैठी थी अपनी जगह पर खड़ी हो गई। खड़ी होकर समीरा ने अपने दोनों हाथ खोलकर हवा में लहराए, उसके बाल अब हवा में उड़ रहे थे और वह मुंह ऊपर करके ठंडी हवा का मज़ा ले रही थी। मगर राज का चेहरा अब समीरा की गाण्ड के ठीक सामने था जिस पर समीरा ने एक छोटा सा रूमाल बांध रखा था। मेजर राज थोड़ी थोड़ी देर के बाद अपना चेहरा साइड पर कर के सामने देख रहा था कि कोई और स्कूटर तो नहीं आ रहा और उसके बाद फिर से अपना चेहरा समीरा की गाण्ड के ऐन बीच में ले आता। अब वह सोच ही रहा था कि समीरा की गाण्ड से छेड़छाड़ की जाए कि समीरा ने अपने दोनों हाथों से अपना रूमाल खोला और वह भी एक हाथ में पकड़ कर हवा में लहराने लगी। रूमाल खोला तो समीरा के गोरे गोरे मांस से भरे हुए चूतड़ मेजर राज आमंत्रित करने लगे। समीरा के चूतड़ों की लाईन काफी गहरी मालूम हो रही थी क्योंकि उसकी बॉडी के हिसाब से उसके चूतड़ों का आकार काफी बड़ा था जिससे उसकी गाण्ड बाहर निकली हुई थी। मगर राज समीरा के चूतड़ों की लाइन के अंदर नहीं देख सकता था क्योंकि समीरा ने पैन्टी भी पहन रखी थी जो समीरा की गाण्ड की रेखा के साथ उसके चूतड़ों के कुछ हिस्से को भी छुपा रही थी

समीरा जो अपने दोनों हाथ हवा में फैला ठंडी हवाओं का मज़ा ले रही थी अचानक उसको अपने चूतड़ों पर कुछ गीला गीला महसूस हुआ। ये मेजर राज की ज़ुबान थी जो अब समीरा के भरे हुए चूतड़ों को चूस रही थी समीरा ने भी उसे मना नहीं किया क्योंकि वो पहले से ही गर्म हो रही थी और यहाँ कोई विशेष देखने वाला व्यक्ति भी मौजूद नहीं था, अगर कोई होता भी तो ऐसी परेशानी वाली बात नहीं थी क्योंकि यहां पर जितने भी जोड़े आते हैं चाहे शादीशुदा हों या अविवाहित उनकी उद्देश्य समुद्र तट को एंजाय करने के बजाय चुदाई का ही होता है। समीरा ने अब अपने चूतड़ थोड़ा झुक कर पीछे की ओर निकाल दिए थे ताकि मेजर राज उनको अच्छी तरह चाट सके, मेजर राज भी कुछ पल चेहरा साइड से हटा कर सामने देखने के बाद अब फिर से समीरा के भरे हुए चूतड़ों को अपनी जीभ से चाट रहा था, उसकी कोशिश थी कि समीरा के चूतड़ों का मांस मुँह में लेकर उसको खा जाए, इसी कोशिश में राज के दांत के निशान समीरा के चूतड़ों पर पड़ते जा रहे थे। और समीरा की चूत अब ऐसे गीली थी जैसे कुछ ही देर में वह अपना पानी छोड़ने वाली हो

अब समीरा ने एकदम से राज का सिर पकड़ कर पीछे किया फिर से बैठ गया, वह अपना रूमाल जो उसने पैन्टी के ऊपर से बांध रखा था समुद्र के पानी में फेंक चुकी थी। लेकिन अब की बार समीरा के बैठने का अंदाज कुछ निराला था। वह अपने घुटने स्कूटर पर रखकर इस तरह बैठ गई कि उसके पैर पीछे की ओर फ़ोल्ड हो गये और उसने स्कूटर का हैंडल भी खुद संभाल लिया, वो अब डॉगी स्टाइल में स्कूटर पर बैठी थी और उसकी गाण्ड अब मेजर राज के बिल्कुल सामने थी जिसको वह दिल खोलकर चाट सकता था। जैसे ही समीरा ने स्कूटर का नियंत्रण संभाला और डागी स्टाइल मे स्कूटर पर बैठी, मेजर राज ने अपने हाथों से समीरा के चूतड़ों को पकड़ कर जोर से दबा दिया और उन पर जोर से काट लिया।जिससे समीरा की एक सिसकी निकली। फिर मेजर राज ने समीरा की पैन्टी को अपने हाथों से पकड़ा और एक ही झटके में नीचे कर दिया।समीरा की गाण्ड अब मेजर राज के सामने थी,

 
उसकी गाण्ड का छेद समीरा के चूतड़ों की लाइन में छिपा हुआ था मांस से भरे हुए चूतड़ आपस में मिले हुए थे जिसकी वजह से उसकी गाण्ड का छेद नजर नहीं आ रहा था, लेकिन मेजर राज ने उसके चूतड़ों को अपने दोनों हाथों से पकड़ कर खोल दिया और अपने हाथ की 2 उंगलियों गाण्ड की लाइन में फेरने लगा। इस दौरान उसकी उंगली समीरा की गाण्ड के छेद को छू गई जिससे समीरा की सिसकियाँ निकलने लगी और मेजर राज ने मौके का फायदा उठाते हुए अपना मुंह समीरा की गाण्ड में इस तरह रखा की उसका नाक और जीभ गाण्ड लाइन में गुम हो चुके थे। मेजर राज की ज़ुबान अब समीरा की गाण्ड के छेद में थी और वह वाटर स्कूटर उस क्षेत्र से दूर ले चुकी थी जहां बाकी के लोग स्कूटर चला रहे थे। मेजर राज समीरा को चूतड़ों से पकड़ कर लगातार उसकी गाण्ड चाट रहा था। समीरा की गाण्ड का स्वाद मेजर राज को बहुत अच्छा लग रहा था वह अधिक से अधिक प्रयास कर रहा था कि अपनी ज़ुबान समीरा की गाण्ड के छेद में फंसा सके। मगर उसकी गाण्ड का छेद बहुत तंग था, राज समझ गया था कि समीरा की गाण्ड अभी कुंवारी है किसी ने इसमें लंड डालने की हिम्मत नहीं की। शायद यही वजह थी कि उसको समीरा की गाण्ड चाटने में बहुत मज़ा आ रहा था। जैसे-जैसे राज की ज़ुबान समीरा की गाण्ड की मालिश कर रही थी समीरा की मस्ती में वृद्धि होती जा रही थी। अब समीरा के शरीर में सुई चुभने लगी थीं और उसे लग रहा था कि उसकी चूत में आग ही आग है। कुछ देर और इसी तरह वाटर स्कूटर पर डॉगी बनकर गांड चटवाने के बाद समीरा के शरीर में झटके लगे और उसकी चूत ने ढेर सारा पानी छोड़ दिया जिससे वाटर स्कूटर की जगह जहां समीरा पहले बैठी थी गीली हो गई थी

समीरा कुछ देर इसी स्थिति में अपनी चूत से पानी निकलने का इंतजार करती रही, जब उसकी चूत ने सारा पानी निकाल दिया तो उसने गहरी साँस ली और राज ने भी उसकी गाण्ड से मुँह हटा कर उसकी पैन्टी पुनः ऊपर कर दी। समीरा भी फिर से वाटर स्कूटर पर सीधी होकर बैठ गई और स्कूटर का रुख फिर से वापसी की ओर मोड़ दिया। लेकिन अब की बार वह राज के लंड पर बैठना नहीं भूली थी क्योंकि वह जानती थी कि उसने अपनी गर्मी समाप्त कर ली मगर राज के लंड में अब गर्मी मौजूद है जो उसने निकालनी है। राज के लंड पर बैठकर समीरा ने पहले की तुलना में अधिक तेजी से उसके लंड पर अपनी गाण्ड को मसलना शुरू कर दिया था और वाटर स्कूटर की गति भी धीमी रखी थी ताकि वापस आने से पहले पहले वह राज के लंड पानी निकलवा सके।

राज को भी मज़ा आ रहा था उसने समीरा को कमर से पकड़ रखा था और खुद भी कोशिश कर रहा था कि अपना लंड उसकी गाण्ड में ज्यादा तेजी से मसल सके, मगर इतनी जल्दी उसके लंड पानी निकलना संभव नहीं था।अब कल रात ही तो उसने राफिया की जी भर कर चुदाई की थी तो कैसे संभव था कि इतनी जल्दी उसका लंड पानी छोड़ जाए। समीरा की सभी कोशिशों के बावजूद राज के लंड से पानी नहीं निकला ... मंजिल के करीब पहुंचने से पहले समीरा ने मुड़ कर राज को देखा और बोली तुम हुए नहीं फारिग अभी ??? मेजर राज ने मुस्कुरा कर समीरा से कहा यह इतनी जल्दी नहीं होगा। बस अब तुम वाटर स्कूटर वापस ले चलो, राफिया इंतजार कर रही होगी, उसे शक न हो जाए अब वापस चलते हैं। तुम आज लोकाटी के साथ इंडिया जाओ, मैं भी कुछ दिनों तक इंडिया लौटने की व्यवस्था कर लूंगा, तब वहाँ मेरी पानी निकासी तुम पर उधार रहेगी .

राज की बात सुनकर समीरा ने खुश होते हुए कहा कि यह बेहतर है ..... मगर ...... राज बोला मगर क्या? समीरा ने बुरा सा मुंह बनाते हुए कहा तब तक लोकाटी पता नहीं मेरे साथ क्या क्या करेगा ??? राज ने एक जोरदार ठहाका मारा और बोला वही करेगा जो इस समय में करना चाह रहा हूँ और वह क्या का सकता है तुम्हारे साथ ?? समीरा ने घबराते हुए कहा नहीं मेरा मतलब है अगर उसे पता लग गया मेरे बारे में कि मैं तुम्हारे लिए काम कर रही हूँ तो ?? राज ने आश्वस्त स्वर में कहा मुझे तुम्हारी बुद्धि पर पूरा विश्वास हो तुम ऐसा कोई काम नहीं करोगी जिससे उसे तुम पर शक हो। इतनी देर में समीरा और राज वापस उसबिंदु पर पहुंच चुके थे जहां से उन्होंने वाटर स्कूटर लिया था। कुछ ही दूर राफिया और लोकाटी भी मौजूद थे जो न जाने किस बारे में बात कर रहे थे। राज ने समीरा को स्कूटर से उतरने में मदद की और दोनों राफिया की ओर जाने लगे। राफिया की नज़र समीरा पर पड़ी तो एक पल के लिए वह सटपटा गई, उसकी नजरें राफिया के नीचे यानी उसकी चूत पर थीं जहां यह केवल एक पैन्टी दिख रही थी जबकि जाते हुए पैन्टी के ऊपर से उसने एक रूमाल भी बांध रखा था । राफिया सारा माजरा समझ गई थी और दिल ही दिल में समीरा को बुरा भला कह रही थी। मगर मरती क्या न करती उसको ये बात व्यक्त किए बिना खुश दिली से समीरा और राज को वेलकम कहना पड़ा। लोकाटी ने समीरा को पैन्टी में देखा तो उसने आगे बढ़कर समीरा को गले लगाया और उसके चूतड़ पकड़ कर दबाते हुए बोला डार्लिंग तुम तो बहुत सेक्सी लग रही हो मुझे डर है यहीं तुम मेरे लंड का पानी निकाल दोगी यह बात लोकाटी ने धीरे से की थी। समीरा ने भी धीरे से जवाब दिया चिंता नहीं करो, भारत पहुंचते ही तुम्हारे लंड की सवारी करके अपना पानी निकल्वाउन्गी .

लोकाटी समीरा की यह बात सुनकर खुश हो गया और बोला चलो फिर हम चलते हैं अभी चलने की तैयारी भी करनी है। समीरा ने पूछा कब तक निकलना है इधर से तो लोकाटी ने कहा बस 4 बजे तक यहां से हेलीकाप्टर पर निकलेंगे जो हमें एयरपोर्ट पहुंचा देगा और वहां से फिर हमारी फ्लाइट होगी 5 बजे। समीरा ने कहा अभी तो बहुत समय है, तुम ऐसा करो वापस जाकर अपनी तैयारी करो मैं कुछ समय राफिया के साथ गुजार लूँ, मुझे तैयार होने में अधिक समय नहीं लगेगा। लोकाटी ने कहा चलो जैसे तुम्हारी इच्छा। लेकिन कोशिश करना जल्दी होटल पहुंचने की ताकि हम समय पर वहाँ से निकल सकें। समीरा ने कहा तुम चिंता नही करो डार्लिंग में पहुंच जाउन्गी

लोकाटी के वहां से जाने के बाद अब राज के एक तरफ राफिया थी तो दूसरी ओर अपनी सारी अदाओं के साथ और सेक्सी शरीर के साथ समीरा थी और इमरान यानी राज अपने आप को दुनिया का भाग्यशाली आदमी समझने की कल्पना कर रहा था। कुछ देर इधर उधर टहलने के बाद इमरान ने अंजलि और राफिया से वॉलीबॉल खेलने की फरमाइश की तो दोनों तुरंत राजी हो गईं, सामने ही कुछ लड़के और लड़कियाँ वॉलीबॉल खेल रहे थे, ये तीनों भी उनके पास गए और अपनी इच्छा व्यक्त की, समीरा को देखते ही वहां मौजूद लोगों ने तुरंत हामी भर ली और फिर से एक टीम बना ली। अब राज के साथ राफिया के अलावा और 2 लड़कियां थीं जो पहले वाले समूह के साथ थीं और 2 ही लड़के थे। तो टोटल 6 लोगों की टीम बन गई थी।इसी तरह दूसरी ओर समीरा के साथ 2 और उसकी की तरह गर्म गर्म सेक्सी लड़कियाँ मौजूद थीं और 3 लड़के थे जिनका ध्यान अब खेल से ज्यादा समीरा के सुंदर शरीर की ओर था। मगर उसे इस बात की कोई परवाह नहीं थी। 20, 24 मिनट तक वॉलीबॉल का यह खेल जारी रहा उसके बाद अंजलि ने इमरान से कहा कि वह थक चुकी है। तो इमरान ने कहा चलो फिर बस करते हैं, राफिया भी थक गई थी उसने भी खेल खत्म करने में ही भलाई जानी। बाकी साथियों से अनुमति लेकर इमरान राफिया और अंजलि खेल से अलग हो गए और पहले वाला समूह फिर से खेल में व्यस्त हो गया

राफिया ने इमरान से कहा चलो हट पर वापस चलते हैं बहुत थक गई हूँ थोड़ा रेस्ट करना है। इमरान ने कहा चलो चलते हैं फिर वापस। अंजलि भी उनके साथ चलने लगी, जबकि राफिया को अंजलि का इमरान के साथ फ्री होना बुरा लग रहा था मगर फिर भी वह अंजलि के साथ सामान्य तरीके से बातचीत कर रही थी। कुछ ही देर बाद तीनों अपने हट में पहुँच चुके थे, कमरे में घुसते ही इमरान सामने पड़े सोफे पर ढह गया जबकि राफिया भी उसके साथ ही बैठ गई और अपना वजन इमरान पर डाल दिया, जबकि अंजलि दूसरे सोफे पर आराम से बैठ गई। राफिया कुछ ज्यादा ही थकी हुई लग रही थी। तीनों के शरीर पर रेत भी थी, राफिया ने सोचा क्यों न ठंडे पानी से नहा लिया जाए, शरीर भी साफ हो जाएगा और थकान भी दूर होगी। यह सोच कर राफिया अपनी जगह से उठी और कमरे में मौजूद अटैच बाथरूम का दरवाजा खोलकर अंदर चली गई और इमरान को कह गई जानू अभी अब फ्रेश होकर आती हूँ

बाथरूम में जाते हुए राफिया के दिल में ख्याल आया कि पीछे कहीं अंजलि फिर से इमरान के गले ना पड़ जाए, तब उसकी हालत भी ऐसी ही थी कि उसे देखकर इमरान का दिल भी खराब हो सकता था, लेकिन इस समय राफिया को सख्त जरूरत महसूस हो रही थी और उसने मन में सोचा कि बस कुछ ही देर लगाएगी बाथरूम में ताकि अंजलि को और समय न मिल सके इमरान के साथ बैठने का। राफिया ने बाथरूम में जाकर बाथरूम का दरवाजा बंद किया और पहले अपना ब्रा उतारा। फिर उसने अपनी हाफ़ पेंट बटन और ज़िप खोल कर वो भी उतार दी और उसके बाद अपनी छोटी सी पैन्टी उतार कर नंगे होकर शॉवर खोला और शावर के नीचे खड़ी हो गई। जैसे ही ठंडा पानी राफिया के शरीर पर पड़ा उसको राहत मिल गई, राफिया ने मुंह ऊपर किया और अपने चेहरे पर हाथ रखकर चेहरे को हौले हौले मसलने लगी। राफिया के लंबे बाल उसकी कमर तक जा रहे थे और पानी बालों से निकल कर उसकी कमर से होता हुआ चूतड़ों को गीला कर रहा था। राफिया को अभी कुछ मिनट ही हुए थे कि बाथरूम के दरवाजे पर दस्तक हुई। राफिया ने अपनी बंद आंखें खोलीं और बोली कौन ??

बाथरूम के दरवाजे के दूसरी ओर से आवाज आई राफिया इफ यू डांट माइंड मे आइ कम इन प्लीज़? दरअसल मुझे देर हो रही है लोकाटी साहब मेरा वेट कर रहे होंगे में भी बाथ लेकर वापस होटल जाउन्गी .... अंजलि की बात अभी पूरी नहीं हुई थी राफिया ने दरवाजा खोला क्योंकि वह तो चाहती थी कि अंजलि को वहाँ से तो उसको इमरान के साथ हसीन क्षण बिताने का मौका मिल रहाहै। मगर वो इस बात से अनजान थी कि अंजलि के मन में इस समय कुछ और ही चल रहा है। राफिया ने दरवाजा खोला तो अंजलि तुरंत ही अंदर चली गई और पीछे इमरान कमरे में अकेला बैठा आहें भरने लगा। उसका बस नहीं चल रहा था कि वह भी फौरन उठे और बाथरूम में जाकर दोनों सेक्सी लड़कियों के साथ शॉवर ले।मगर ...... उसमें ऐसा करने की हिम्मत नहीं थी
 
sexi munda wrote: ↑ 22 Jul 2017 20:18
भाई जान मस्त अपडेट है अगले अपडेट का इंतजार रहेगा
 
अंजलि ने बाथरूम में जाते ही अपने ब्रा और पैन्टी उतार कर एक साइड पर फेंके और राफिया ने साइड पर होकर अंजलि को शॉवर के नीचे खड़ा होने की जगह दी। खुद वह साइड पर गई ताकि अंजलि शॉवर लेकर यहां से जल्दी जा सके। अंजलि भी ठंडे पानी के नीचे खड़ी हुई तो उसको आराम मिल गया मगर उसकी चूत शांत होने का नाम नहीं ले रही थी। अंजलि ने कुछ देर शॉवर के नीचे खड़ी होकर अपने सिर और शरीर पर पानी डाला और फिर अपनी आँखें खोलकर राफिया को घूरने लगी। अंजलि ने राफिया को उसके सिर से पांव तक गौर से देखा और फिर इसे एक स्माइल दी।राफिया ने हैरान होकर अंजलि से पूछा क्या हुआ? तुम ऐसे क्यों घूर रही हो?

अंजलि बोली तुम्हारा सुंदर शरीर देख रही हूँ, बहुत सुंदर हो तुम।

राफिया अपनी तारीफ सुन कर थोड़ी सी शरमाई और अंजलि को देखते हुए बोली तुम भी कुछ कम नहीं है।

अंजलि ने राफिया को कहा तुम्हारे बूब्स बहुत सुंदर हैं। यह कह कर अंजलि थोड़ा आगे बढ़ी और राफिया का हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींचा। अब राफिया थोड़ा घबराई और बोली यह क्या कर रही हो ?? अंजलि ने कहा चिंता मत करो कुछ नहीं कर रही। तुम साइड पर जो खड़ी हो तुम भी नहा लो। बल्कि मैं तुम्हारी कमर में साबुन लगा देती हूँ, मेरी कमर पर तुम लगा देना ताकि समुद्री रेत अच्छी तरह साफ हो सके।

राफिया ना चाहते हुए भी शावर के नीचे आ गई जहां अब अंजलि और राफिया के शरीर आपस में मिल रहे थे और दोनों एक दूसरे के शरीर से गर्मी निकलती महसूस हो रही थी। अंजलि घूमकर राफिया के पीछे आ गई और हौले हौले अपने हाथ राफिया की कमर पर फेरने लगी। उसका हाथ फेरने का अंदाज ऐसा था जैसे कोई लड़का लड़की के साथ सेक्स करते हुए नरमी से उसकी कमर सहलाता है। फिर अंजलि ने पास पड़ा साबुन उठाया और राफिया की गर्दन से लेकर उसकी कमर तक साबुन को धीरे धीरे फेरा।

फिर साबुन साइड मे रखकर अंजलि अपने हाथों से राफिया की कमर की मालिश करने लगी। राफिया इसी दुविधा में थी कि अंजलि को यह सब करने से मना करे या नहीं, मगर वह कोई फैसला नहीं कर पा रही थी। और अंजलि लगातार राफिया की कमर पर मालिश किए जा रही थी। उसका मालिश करने का तरीका ऐसा था कि राफिया को मज़ा भी आ रहा था और उसकी गर्मी भी बढ़ रही थी। अंजलि ने राफिया की कमर के ऊपरी भाग पर जहां कंधों की हड्डी निकली होती है, वहाँ अपने हाथों की उंगलियों से धीरे धीरे ऊपर नीचे मालिश किया, उसके बाद वह नीचे होती गई और राफिया की बल खाती ब्लाउज के बीच में आकर वहां अपने हाथ फेरने लगी। फिर वहां से आगे नीचे आई और राफिया के 34 इंच के बड़े बड़े चूतड़ों पर भी अपना हाथ फेरा। इससे पहले कि राफिया अंजलि को ऐसा करने से मना करती वह खुद ही वापस ऊपर की तरफ आ गई। और फिर से कमर पर मालिश करने लगी। फिर अंजलि ने फिर से साबुन उठाया और राफिया के सामने जा कर उसके बदन पर साबुन फेरने लगी। गले से कुछ नीचे छाती पर साबुन रखकर अंजलि ने अपना हाथ घुमाना शुरू किया और और नीचे लाते हुए राफिया के 36 इंच सुडौल और कसे हुए मम्मों पर साबुन फेरने लगी। इस दौरान अंजलि ने मुस्कुराते हुए राफिया को देखा और बोली रात को इमरान तो तुम्हारे तुम्हारे मम्मों पर मर मिटा होगा ??

अंजलि की बात सुनकर राफिया थोड़ा नर्वस हो गई, उसे समझ नहीं आ रही थी कि क्या करे मगर उसने हंसने की कोशिश की और बोली हां इमरान तो मर मिटा था इन पर . इस दौरान अंजलि का हाथ राफिया के मम्मों से नीचे आकर उसके पेट पर साबुन मसलने में व्यस्त था। पेट पर साबुन लगाने के बाद अंजलि ने साबुन फिर से साइड में रख दिया और राफिया के शरीर पर फिर से हाथ फेर कर मालिश करने लगी। लेकिन अब की बार अंजलि कमर की बजाय राफिया के सीने पर हाथ फेर रही थी और उसके हाथ राफिया के मम्मों पर गोल गोल घूम रहे थे, राफिया को अब इस खेल में मजा आने लगा था, अब वह अंजलि को रोकने के बारे में सोच नहीं रही थी और चाह रही थी कि जैसे चल रहा है चलता रहे ये काम।

अंजलि अब हौले हौले राफिया के मम्मों को दबा रही थी। वह अपने हाथों से राफिया का पूरा मम्मा पकड़ कर उसको थोड़ा मसलती और फिर अपनी मुट्ठी बंद करके उसको हौले से दबा देती जिससे राफिया की एक सिसकी निकलती। फिर अंजलि ने अपनी एक उंगली और अंगूठे को मिलाकर राफिया का एक निप्पल पकड़ लिया और उसको हौले हौले दबाने लगी जिससे राफिया की चूत गीली होना शुरू हो गई थी। और वह आंखें बंद किए अंजलि की हरकतों के मजे ले रही थी। अंजलि ने भी राफिया की तड़प को महसूस कर लिया था और यही वो चाहती थी। इमरान का लंड लेने के लिए राफिया आराम चाहिए था और अंजलि अपने इस उद्देश्य में काफी हद तक सफल हो चुकी थी। मगर अभी लोहा पूरी तरह गर्म नहीं हुआ था। अब राफिया को और गर्म करना था ताकि वह इमरान के लंड से अंजलि की चुदाई पर भी राजी हो सके। यह सोच कर अंजलि ने अब राफिया के मम्मों को जोर से दबाना शुरू कर दिया था और अपनी एक टांग ऊपर उठाकर राफिया के पैर के आसपास लपेट ली थी और पांव से राफिया की टांग को रगड़ रही थी। राफिया बिना हरकत किए अंजलि को यह सब करने दे रही थी

फिर अंजलि ने राफिया के मम्मों को दबाना बंद किया और फिर राफिया के पीछे जा कर खड़ी हो गई और कमर पर कुछ देर मालिश करने के बाद बैठ कर राफिया के चूतड़ों को भी मसलने लगी। चूतड़ों को मसलते मसलते अंजलि ने राफिया के चूतड़ों को पकड़ कर थोड़ा खोला और उसके अंदर भी अपना हाथ फेरने लगी। अब की बार राफिया ने काँपती हुई आवाज़ में कहा, यह क्या कर रही हो ??? प्लीज़ ऐसे मत करो .. मगर अंजलि कहाँ रुकने वाली थी वह बोली तुम्हारे पीछे भी कुछ रेत लगी हुई है वह साफ कर रहा हूँ अच्छी तरह से। यह कह कर उसने राफिया की गाण्ड के छेद में अपनी उंगली फेरना शुरू कर दी और राफिया ने अब अपने दोनों हाथ दीवार के साथ लगा दिए और अपनी गाण्ड को थोड़ी बाहर निकाल दिया ताकि अंजलि अच्छी तरह उसकी गाण्ड के छेद को छेड़ सके। उसके साथ साथ अब राफिया ने सिसकियाँ लेना शुरू कर दी थीं और अंजलि इस अवसर का लाभ उठाते हुए राफिया को और गर्म करना चाहती थी। कुछ देर तक वह इसी तरह राफिया की गाण्ड से छेड़छाड़ करती रही फिर वह अपनी जगह से खड़ी हो गई और राफिया को शॉवर के नीचे ले आई,

शॉवर के नीचे लाकर अंजलि ने राफिया के बदन पर हाथ फेरना शुरू किया और उसके बदन से साबुन साफ करने लगी। साथ ही उसने अपने नरम और नाजुक होंठ राफिया के गुलाब की पंखुड़ियों जैसे होंठों पर रख दिए और उनको चूसने लगी। राफिया जो अब काफी गर्म हो चुकी थी और उसकी चूत चिकनी पानी छोड़ रही थी उसने भी अंजलि को त्वरित प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया और उसके होंठों को अपने होंठों में लेकर चूसने लगी। अब पहली बार राफिया ने खुलकर इस समलैंगिक सेक्स को एंजाय करना शुरू किया था। उसके हाथ पहली बार अंजलि के बदन को छू कर उन्हें प्यार कर रहे थे। होंठ चूसते हुए राफिया ने अंजलि की एक टांग उठा कर अपनी कमर के आसपास लपेट ली थी और उसके चूतड़ों अपने हाथों से दबाने लगी थी

अंजलि भी अब सेक्स की आग में जलती हुई राफिया के लबों को चूस रही थी और अपनी जीभ उसके मुँह में प्रवेश कर राफिया की ज़ुबान के साथ खेल रही थी। अंजलि का एक हाथ रफिया के मम्मे पर था जिसको वह जोर से दबा रही थी और कभी कभी उसके निप्पल को अपनी उंगलियों और अंगूठे से पकड़ कर हौले से मसल देती तो राफिया की एक सिसकी निकलती। कुछ देर तक अंजलि राफिया के होंठ चूसती रही फिर उसने राफिया के होंठों को छोड़ा और थोड़ा नीचे झुक कर राफिया की सुराही दार लंबी गर्दन पर अपने दांत गढ़ा दिए, और उसको अपने होठों से चूसने लगी। अंजलि कभी राफिया की गर्दन पर सामने की ओर अपने होठों से प्यार करती तो कभी गर्दन की साइड पर अपने दांत गढ़ा कर बेहद क्रूर तरीके से उसकी गर्दन पर प्यार करती।

राफिया इस हमले के लिए तैयार नहीं थी, अंजलि के इस हमले ने राफिया को पागल कर दिया था उसकी सिसकियाँ अब बाथरूम में गूंजने लगी थीं और उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह मिलने वाले आनंद को कैसे व्यक्त करे। मगर अंजलि यहां रुकने वाली नहीं थी, गर्दन से नीचे आकर अब अंजलि राफिया के मम्मों को चूस रही थी। राफिया के 36 आकार के गोल और सुडौल कसे हुए मम्मों पर अंजलि की ज़ुबान ऐसी चल रही थी जैसे कोई बच्चा कौन आइसक्रीम को कोण से अपनी जीभ से चूस्ता है। राफिया के मम्मों को चूसने के साथ अंजलि का एक हाथ राफिया के एक चूतड़ पर जाकर उसके 34 इंच के बड़े और मांस से भरे हुए चूतड़ों को भी दबा रही थी

राफिया की सिसकियों में लगातार वृद्धि हो रही थी और बाहर बैठा इमरान भी उसकी सिसकियों को एंजाय कर रहा था। कुछ कुछ इमरान को समझ लग गई थी कि आगे क्या होने वाला है, मगर वह इस बारे में अंतिम राय कायम करने में असमर्थ था। बाथरूम की चारदीवारी कांच की थी मगर ब्लाइंड कांच की वजह से बाहर बैठे इमरान को अंदर मौजूद 2 नग्न और सेक्सी लड़कियों का शरीर तो नज़र नहीं आ रहा था मगर उनकी काली छाया नुमा अक्स ज़रूर नज़र आ रहे थे और उसको पता था कि दोनों लड़कियों अंदर सेक्स के मज़े ले रही हैं। और उस पर राफिया की सिसकियाँ इमरान के कानों में रस घोल रही थीं इमरान को काफी उम्मीद थी कि कुछ ही देर के बाद इमरान इन दोनों लड़कियों की टाइट चूत में अपने लंड के धक्के लगाएगा और बारी बारी दोनों की चुदाई करके उनकी चूतों का पानी निकलवाएगा है। मगर तब उसकी उम्मीदों पर पानी फिर गया जब अंदर से राफिया की सिसकियाँ आना बंद हो चुकी थीं और वो दोनों अब एक दूसरे से अलग हो चुकी थीं। अंजलि अब शावर के नीचे अकेली खड़ी अपने गीले बदन पर पानी डाल रही थी जबकि दूसरी ओर राफिया स्तब्ध खड़ी अंजलि को नहाते हुए देख रही थी

 


नहाते हुए अंजलि बार बार अपने होंठ काट रही थी और राफिया की ओर भूखी नज़रों से देख रही थी, जबकि राफिया की उंगलियां उसकी चूत पर गोल गोल घूम रही थीं। बाहर बैठे इमरान को इस बात का अंदाजा नहीं था कि राफिया की उंगलियां उसकी चूत पर हैं और वहाँ गर्मी बढ़ती जा रही है, वह तो समझ रहा था कि अंदर का शो खत्म हो गया और अब वह नहा धो कर बाहर निकल आएंगी। मगर अंजलि के मन में कुछ और ही था। अपने शरीर पर अच्छी तरह से पानी डालने के बाद वह बाथरूम के बाहर आई और राफिया को कहा अब वह भी कुछ देर शॉवर ले कर अपने शरीर को ठंडा कर ले ताकि अंजलि समय पर यहां से निकल सके और लोकाटी के होटल के कमरे में जाकर इंडिया जाने की तैयारी कर सके। राफिया अभी और सेक्स जारी रखना चाहती थी मगर अंजलि के यूं साइड पर हट जाने के बाद वह कुछ भी कह नहीं पाई। जबकि पहली बार एक लड़की के बदन पर प्यार करके बहुत मज़ा आया था और अंजलि के हाथों और ज़ुबान नेराफिया के शरीर पर अपने प्यार के निशान डाल कर राफिया को एक नई दुनिया की सैर करवाई थी और राफिया अभी इस खेल को जारी रखना चाहती थी मगर उसकी उम्मीदों पर भी पानी फिर गया जब अंजलि ने उसके शरीर से खेलना छोड़ दिया। तीव्र इच्छा के बावजूद राफिया अंजलि से अपनी इस इच्छा को व्यक्त नहीं कर पाई और चुपचाप शॉवर के नीचे खड़ी होकर अपने बदन पर पानी डालने लगी मगर यह ठंडा ठंडा पानी उसकी चूत को शांत करने की बजाय और गर्म कर रहा था

अंजलि को अब अपना बदन सुखाने के लिए एक टावल की जरूरत थी जोकि बाथरूम में मौजूद नहीं था, अंजलि ने बाथरूम का हल्का सा दरवाजा खोला और इमरान को आवाज देकर टावल पकड़ाने को कहा। इमरान ने टूटे हुए दिल के साथ खड़े होकर साथ वाली अलमारी से टावल निकाला और अंजलि के हाथ में पकड़ा दिया जो बाथरूम के दरवाजे से बाहर निकला हुआ था। इमरान मात्र अंजलि का हाथ ही देख पाया था। जबकि अंजलि का बदन ब्लाइंड कांच के दरवाजे से काले साए के रूप में दिख रहा था जिससे अंजलि का सीना और बूब्स भी स्पष्ट थे, इमरान का एक पल दिल किया कि वह दरवाजा धकेल कर अंदर दाखिल हो जाय और राफिया और अंजलि की दोनों चूतों को शांत कर दे मगर फिर कुछ सोचकर उसने ऐसी मूर्खतापूर्ण हरकत करने से परहेज किया और अंजलि के हाथ में टावल पकड़ा दिया

जैसे ही इमरान ने अंजलि के हाथ में टावल पकड़ाया और वापसी के लिए मुड़ने लगा टावल अंजलि के हाथ से गिर गया। इमरान को लगा कि टावल नीचे गिरा है ताकि वह वापस मुड़ा तो टावल उठाकर वापस अंजलि को पकड़ा सके, मगर वापस मुड़ने पर उसकी हैरानी की इंतिहा नहीं रही जब उसने देखा कि अंजलि थोड़ा दरवाजा और खोलकर आगे झुककर टावल उठाने की कोशिश कर रही थी, नीचे झुकी हुई अंजलि के 36 आकार के मम्मे हवा में लटक कर इमरान को आमंत्रित कर रहे थे। अंजलि के गोरे गोरे लटकते हुए मम्मे देखकर इमरान पर वासना हावी हो गई,

अंजलि ने जब यह महसूस किया कि इमरान उसके सामने खड़ा उसी को घूर रहा है वह भी टावल को भूलकर एकदम सीधी खड़ी हो गई मगर वापस अंदर नहीं गई। और फिर तुरंत ही अंजलि ने सबसे पहले अपने दोनों हाथ अपने सीने पर मौजूद उभारों पर रख कर उनको छिपाने की कोशिश की, फिर उसे अपनी चूत का भी ख्याल आया जोकि इमरान के लंड को अपनी ओर खींच रही थी। चूत का ख्याल आते ही अंजलि ने अपना एक हाथ अपने मम्मे से हटाया और दूसरे हाथ को फैलाकर अपने दोनों मम्मों पर रख कर मम्मों को छुपा लिया और अपना दूसरा हाथ अपनी चूत पर रख कर उसको छिपाने की कोशिश करने लगी, मगर वह अपनी जगह से हिली नहीं और वापस अंदर नहीं गई। राफिया इससे बेखबर आंखें बंद किए शॉवर के नीचे खड़ी अपने चेहरे पर ठंडा ठंडा पानी गिरा रही थी

इमरान भी अपनी जगह स्तब्ध खड़ा अंजलि के गोरे बदन पर नज़रें गाढ़े हुए था, मगर इमरान का लंड उसके छोटे से शॉर्ट्स में खड़ा हो चुका था और अंडरवेअर न होने की वजह से अच्छा खासा उभार बनाकर तम्बू का रूप ले चुका था। अंजलि की नजरें भी अब इमरान के शॉर्ट्स के उभार पर थी जिसे इमरान ने भी महसूस कर लिया था। अंजलि बिना आंखें झपकाए इमरान के लंड के उभार को देख रही थी और फिर अंजलि ने अपनी जीभ बाहर निकाली और अपने होठों पर फेरने लगी। वह अब तक अपने हाथ से अपने मम्मे छिपाए खड़ी थी और अपनी चूत को दूसरे हाथ से छिपा रखा था। मगर उसका ज़ुबान निकालकर अपने होंठों पर फेरना इमरान को स्पष्ट संकेत था कि उसकी चूत इमरान के लंबे और मोटे लंड के लिए बेताब है।

इमरान ने हिम्मत की और कुछ कदम अंजलि की ओर आगे बढ़ा, इमरान को अपनी ओर आता देख कर अंजलि ने भी फाइनल राउंड खेलने की ठानी और अपने बूब्स से हाथ हटा कर एक कदम इमरान की ओर बढ़ी और अपना एक हाथ इमरान के लंड पर रख दिया। इससे पहले इमरान भी अपने हाथ अंजलि के पहाड़ जैसे गीले मम्मों पर रखता अंजलि ने इमरान के लंड को पकड़ कर अपनी ओर खींचा और वापस कदम बाथरूम की ओर बढ़ाने लगी। इमरान भी बिना चूं चा के अंजलि के साथ ही बाथरूम में घुस आया

क़दमों की आहट महसूस कर राफिया ने अपनी आंखें खोलकर अंजलि को देखा तो उस पर भी वासना का नशा सवार हो गया, अंजलि इमरान को उसके लंड से पकड़कर बाथरूम में ला चुकी थी और धीरे धीरे राफिया की ओर बढ़ रही थी। इस दृश्य को देखकर राफिया ने भी अपने दोनों हाथों से अपने मम्मे छुपा लिए मगर फिर चूत का ख्याल आने पर अपनी चूत को भी एक हाथ से छुपाया और दूसरे हाथ से अपने दोनों बूब्स को छिपाने की कोशिश करने लगी, और काँपती हुई आवाज़ में बोली अ ... अंजलि .... यह यह क ... ज ... क्या कर रहही हो ???

अंजलि ने वासना भरी नजरों से राफिया की तरफ देखा और बोली मैं तो तुम्हारी गर्मी नहीं समाप्त कर सकती और न तुम मेरी गर्मी खत्म करके मुझे ठंडा कर सकती हो, लेकिन इमरान के शॉर्ट्स में यह जो चीज़ है यह हम दोनों की गर्मी को हटा सकती है। तो क्यों न इसका लाभ उठाया जाए।यह कह कर अंजलि इमरान को लंड से पकड़कर खींचती शॉवर तक ला चुकी थी। इमरान को करीब पाकर राफिया कुछ दूर हट कर खड़ी हो गई थी। उसके भ्रम व गुमान में भी नहीं था कि अंजलि इस हद तक जा सकती है। जबकि उसकी चूत में भी आग लगी हुई थी मगर उसके लिए यह बात स्वीकार्य नहीं थी कि वह किसी और लड़की के साथ उसके प्रेमी से चुदाई करवाए। इसलिए वह अभी तक क्रोध और शर्म की मिलीजुली स्थिति में साइड पर खड़ी हाँफ़ रही थी जबकि अंजलि इमरान को शॉवर के नीचे खड़ा करके उसके बदन पर हाथ फेर कर उसको मालिश दे रही थी ताकि पानी से उसके बदन की थकान भी दूर हो

 


राफिया फटी फटी आँखों से अंजलि की ओर इमरान को देख रही थी, अंजलि इमरान के साथ जुड़कर खड़ी थी और अपना एक हाथ इमरान की कमर पर जबकि दूसरा हाथ इमरान की छाती पर फेर रही थी जबकि अपने पैर ऊपर उठाया अपनी थाईज़ को इमरान के खड़े लंड के साथ रगड़ रही थी। जब इमरान का सीना पूरा गीला हो गया और रेत और पसीने के प्रभाव समाप्त हो गए तो अंजलि ने अपनी ज़ुबान निकालकर इमरान के सीने पर फेरना शुरू कर दी, अंजलि इमरान के साथ लगकर खड़ी थी एक हाथ पीछे कमर पर जबकि दूसरा हाथ सीने में और पैर ऊपर उठाकर इमरान के लंड से खेल रही थी और ज़ुबान इमरान के सीने मौजूद छोटे मगर सख्त निपल्स पर थी। इमरान भी अपने लंड पर अंजलि के पैर और निपल्स पर अंजलि की ज़ुबान को महसूस कर गर्म हो रहा था और वह अब जल्द से जल्द अंजलि की चूत में अपना लंड डाल देना चाहता था।पहले से ही वाटर स्कूटर पर अंजलि ने इमरान के लंड को खूब परेशान किया था और अभी भी काफी देर से वह बाथरूम के शीशे की दीवार से अंजलि और राफिया का सेक्स देखकर अपना लंड दबा रहा था। अब अंजलि और राफिया दोनों बिल्कुल नंगी उसके सामने खड़ी थीं, राफिया को तो वह कल रात खूब चोद चुका था अब उसका लंड अंजलि की चिकनी चूत के लिए तड़प रहा था

राफिया अब तक अपने आप को इस स्थिति के लिए तैयार नहीं कर पाई थी वह महज स्तब्ध खड़ी हैरानगी और बेचैनि की मिलीजुली स्थिति में अंजलि को इमरान के बदन से लिपटा देख रही थी। अब इमरान ने भी उसे प्रेरित किया और राफिया की तरफ हाथ बढ़ाकर उसको हाथ से पकड़ कर अपने पास कर लिया। इमरान ने राफिया को हाथ से पकड़ कर खींचा तो उसका हाथ उसके मम्मों से हट गया, इमरान ने राफिया को खींच कर अपना एक हाथ तुरंत उसके मम्मों पर रख दिया और दूसरा हाथ उसकी कमर के चारों ओर लिपटा कर उसके चूतड़ों तक ले गया। राफिया ने अपने आप को छुड़ाने की हल्की सी कोशिश की मगर फिर उसकी चूत ने मौजूदा हालात से समझौता करने का सुझाव दिया जिसे राफिया सहर्ष अपनाया अब बाथरूम में राफिया की सिसकियाँ एक बार फिर शुरू हो चुकी थीं। इमरान अपने हाथ से न केवल राफिया के मम्मों को दबा रहा था बल्कि राफिया की तरफ झुक कर उसके निपल्स को भी अपने मुँह में लेकर चूस रहा था जिससे राफिया की चूत जो पहले की तुलना में ठंडी हो चुकी थी फिर से गर्म होना शुरू हो गई थी और राफिया भी अब अपने एक हाथ से इमरान के लंड को पकड़ कर मसलने लगी थी। उसकी सिसकियाँ धीरे धीरे बढ़ती जा रही थी

अंजलि जो इमरान के लंड को अपनी चूत में अंदर बाहर होता देखना चाहती थी उसकी कोशिश सफल हो चुकी थी, राफिया भी अब चुदाई के लिए तैयार थी और इमरान को तैयार करना तो कोई समस्या ही नहीं थी वह तो शायद खुद भी इस बात के लिए तैयार था बस अंजलि से एक संकेत चाहिए था जो उसको मिल चुका था। स्थिति पूरी तरह से अनुकूल देख अब अंजलि अधिक देर नहीं करना चाहती थी, उसने नीचे बैठ कर इमरान की शॉर्ट्स उतार दी और जैसे ही इमरान का 8 इंच लंबा और मोटा लंड सांप की तरह फुंफ़कार्ता हुआ अंजलि के सामने सीना तान कर खड़ा हो गया तो अंजलि एक पल के लिए तो अपनी आंखें झपकाना ही भूल गई थी .

उसने जैसा सोचा था इमरान का लंड उससे भी बढ़कर मोटा और लंबा था।और उसके लंड की दृढ़ता लंड पर दिखने वाली नसों से स्पष्ट हो रही थी। अंजलि ने बिना समय बर्बाद किए इमरान के लंड को अपने हाथ में पकड़ कर एक बार जोर से दबा कर उसकी सख्ती का अंदाजा लगाया तो उसके मन में लड्डू फूटने लगे। उसको ऐसा ही जानदार लंड चाहिए था, लोकाटी के लंड से चुदवा कर उसने अपनी चूत को शांत तो किया था मगर जो चुदाई अंजलि की जवान और टाइट चूत चाहती थी वह उसको नहीं मिल सकी थी। इमरान के लंड से उसे पूरी उम्मीद थी और उसका लंड हाथ में पकड़ा तो चूत ने अंजलि को संदेश दिया कि हाँ यही लंड है जो मुझे अपने अंदर जल्दी चाहिए

अंजलि ने अपने हाथ से इमरान के लंड की मुठ मारना शुरू किया और जब इमरान के लंड की टोपी पर वीर्य की बूँदें चमकने लगी तो अंजलि ने अपनी जीभ बाहर निकाली और अपनी जीभ की नोक से वीर्य की इन बूंदों को चाट कर साफ़ कर दिया और फिर इमरान का मोटा लंड अपने मुँह में लेकर उसको चूसने लगी। अंजलि ने इमरान के लंड की चुसाइ शुरू की तो इमरान सोच में पड़ गया कि राफिया से अच्छी चुसाइ करती है या अंजलि ???

रात जो राफिया ने इमरान के लंड की चुसाइ की थी इमरान को उससे बहुत मज़ा आया था और उसका मानना था कि राफिया से अच्छी चुसाइ और कोई नहीं लगा सकता उसके लंड की ... मगर अब वह तय नहीं कर पा रहा था कि किसकी चुसाइ ने अधिक मजे दिए थे फिर उसने यही सोचा जिसका भी हो ज़्यादा मज़ा आज तो जीवन में पहली बार 2, 2 जवान चूतें उसके लंड से चुदने के लिए तैयार हैं लंड चुसवाना भूल जा और चुदाई का सोच। दोनों चूतों को ऐसे चोदना है कि फिर उन्हें किसी और का लंड ऐसा मज़ा न दे। हर चुदाई में उन्हें इमरान का लोड़ा याद आना चाहिए

अंजलि ने राफिया को भी हाथ से पकड़ कर अपनी तरफ खींचा तो वह भी अंजलि को लंड की चुसाइ करता देख कर उसके साथ ही बैठ गई और इमरान के वीर्य से भरे हुए आंडों को मुंह में लेकर चूसने लगी। इमरान के आंडों और लंड के आसपास काफी हल्के हल्के पतले बाल थे जिसकी वजह से इमरान को मज़ा आता जब राफिया उसके आंदो को चुस्ती और लंड के आसपास अपनी ज़ुबान फिराती . राफिया ने अंजलि के मुँह से इमरान के लंड को निकाला और उस पर एक साइड से ज़ुबान फेरने लगी, अंजलि भी लंड की दूसरी साइड पर अपनी जीभ फेरने लगी और दोनों मिलकर इमरान के लंड को चूसने लग गईं। कभी अंजलि इमरान के लंड को मुंह में डाल कर उसको 3, 4 बार अंदर बाहर करती तो कभी राफिया इमरान के लंड मुंह में लेकर शरप शरप कर के चुसाइ लगाती

दोनों के चुसाइ लगाने के तरीके से इमरान को बहुत मज़ा आने लगा था और उसको अपने लंड में पानी भरता महसूस होने लगा। अंजलि अब इमरान के लंड की लगातार चुसाइ लगा रही थी, वह कोशिश कर रही थी कि इमरान का पूरा लंड अपने मुंह में ले ले मगर ऐसा संभव नहीं था, 8 इंच का लंड मुंह में लेना अंजलि के बस की बात नहीं थी। आधे से कुछ अधिक लंड अंजलि के मुँह में जाता तो उसकी सांस रुकने लगती मजबूरन वह लंड को टोपी तक बाहर निकालती और उस पर अपनी जीभ फेरती और फिर से लंड अपने मुंह में अन्दर बाहर करने लग जाती। जबकि राफिया अब इमरान के आंडों को अपने हाथ में पकड़ कर उन पर ज़ुबान फेर रही थी कभी वह आँड मुंह में लेकर चूसने लगती और कभी इमरान के पैरों के नीचे होकर आंडों के पीछे मौजूद लाइन में अपनी ज़ुबान फेरती .
 
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