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शिद्दत -1- 2

चोपड़ा राजवीर के पास आकर धीरे से कान मे कहता है," सर,रानी जी के बारे मे इनफार्मेशन पता चली है,आपसे अभी बात करनी है,मैंने प्रिया को इसीलिए यहाँ से भेज दिया क्योंकि उसके सामने आपको एक तरफ ले जाता तो उसे शक होता,इसीलिए ये सब करना पड़ा सर,हम एक काम करते हैं होटल के किसी कमरे मे चल कर बात करते हैं" !!

"गुड,very smart move चोपड़ा,चलो " राजवीर कहता है !!

राजवीर और चोपड़ा उसी होटल के एक कमरे मे आते हैं और फिर चोपड़ा राजवीर को वो सारी बातें बताता है जो , इशिका ने उसे बताई थी जिसे सुनकर राजवीर भी चोंक जाता है और वो चोपड़ा से कहता है," मैं भी चलूंगा कल सुबह तुम्हारे साथ शिमला,प्रिया को कोई बहाना बना के मुंबई भेज देंगे,क्योंकि उसे ये बिल्कुल पता नही चलना चाहिए,हो सकता है इन सब मे भी प्रिया का हाथ हो तो हमें सावधानी बरतना चाहिए," !

"ठीक है सर,हम कल सुबह ही शिमला के लिए निकलेंगे,अब चलें..? " चोपड़ा राजवीर से कहता है और दोनों रूम के बाहर आ जाते हैं !!

तभी उसी रूम के वाशरूम से प्रिया निकलती है और कहती है ," इसीलिए कहते हैं कि जो होता है अच्छे के लिए होता है,अगर बाहर वाला वाशरूम बन्द न होता तो मैं कभी यहाँ आती ही नही और मुझे ये सच्चाई कभी पता ही नही चलती की असली प्रिया ज़िंदा बच गयी,पर कोई बात नही,अब नही बच पाएगी,प्रिया मैं आ रही हूँ,ऊपर यमराज तुम्हारा wait कर रहे हैं, हा हा हा हा हा हा ......"!!!!
 
रूम से बाहर आकर कुछ देर बाद प्रिया राजवीर के पास जाती है और उससे कहती है," सर,मुझे अभी जयपुर के लिए निकलना होगा,मेरी आंटी की तबियत ठीक नही है,अभी कॉल आया था,तो मुझे अभी निकलना होगा" !

, "ओह्ह,क्या हुआ उन्हें...?" राजवीर ने पूछा !

"वो तो वहाँ जाकर ही पता चलेगा न सर,अब मैं जाऊं,मुझे निकलना है" प्रिया ने राजवीर से पूछा !!

"हाँ ठीक है प्रिया तुम निकलो" राजवीर ने प्रिया से कहा !!

प्रिया पार्टी छोड़कर चली जाती है,राजवीर चोपड़ा से कहता है," चोपड़ा पता नही क्यों मुझे ऐसा लगता है कि वो जो लड़की कोमा मे है उसका और इस प्रिया का कोई कनेक्शन तो ज़रूर है क्योंकि दोनों की शक्ल मिलती है,और अगर मैं सही हूँ तो प्रिया अभी जयपुर नही जा रही है" !!

" अगर जयपुर नही जा रही है तो कहाँ जा रही है...? " चोपड़ा ने राजवीर से पूछा !!

" वो अभी शिमला जा रही है," राजवीर ने चोपड़ा से कहा !!

जब चोपड़ा ने ये सुना तो वो चोंक गया और उसने राजवीर से पूछा ," सर ये आप कैसे कह सकते हैं...? "

तब राजवीर ने चोपड़ा के सवाल का जवाब देते हुए कहा," ये मैं ऐसे कह सकता हूँ कि,प्रिया ने हम दोनों की बातें सुन ली , थी चोपड़ा,तुमने तो पूरी कोशिश की थी कि उसे कुछ पता न चले पर शायद उसकी किस्मत अच्छी थी जो वो भी उस रूम मे थी " !!

" ये क्या कह रहे हैं सर,उस रूम मे हम दोनों के सिवा कोई नही था " चोपड़ा ने राजवीर से कहा !!

" चोपड़ा,मैंने तुमसे पहले भी कहा था कि मैं ऐसे ही राजू से राजवीर सिंघानियां नही बना हुँ,मुझे उस रूम मे घुसते से ही पता लग गया था कि प्रिया भी वहीँ है,मैं अपनी आंख,कान और नाक हमेशा खुली रखता हूँ,प्रिया होटल से मेरे साथ ही कार मे आयी थी,और उसने जो परफ्यूम लगाया हुआ था वो मैं पहचानता हुँ,मुझे रूम मे घुसते से ही उसकी खुशबू आ गयी थी क्योंकि वो हमारे आने के कुछ ही मिनट पहले रूम मे आयी थी,और जब हम बात कर रहे थे तो वो उसी रूम के वाशरूम मे थी,क्योंकि उस वाशरूम की लाइट ऑन थी,और उसने हमारी सारी बातें सुन ली थी,और ये सब मैं ऐसे ही नही कह रहा हूँ,मैंने अपना शक दूर करने के लिए CCTV फुटेज देखी survilience रूम मे जाकर,जो कैमरा रूम के बाहर लगा हुआ था,उसमे मैंने देखा कि हमारे आने के 1 मिनट पहले प्रिया रूम मे आयी थी,क्योंकि बाहर का वाशरूम बन्द था और हमारे रूम से निकलने के 2 मिनट बाद वो निकली वहाँ से निकली " राजवीर ने चोपड़ा से कहा !!

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" excellent सर,मान गया आपको,तभी आप इतनी ऊचांई पर पहुँचे हैं,पर अगर आपको पता चल गया था कि प्रिया रूम मे है तो फिर आपने मुझे इशारा क्यों नही किया,हम कहीं और चलकर बात कर सकते थे" चोपड़ा ने राजवीर से पूछा !!

" यही तो मैं नही चाहता था " राजवीर ने चोपड़ा से कहा !!

"मतलब सर,मैं समझा नही " चोपड़ा ने पूछा !!

"मतलब ये की मैं चाहता था कि प्रिया सब सुने ताकि वो कोई गलती करे और हम उसे रंगेहाथों पकड़े" राजवीर ने चोपड़ा से कहा !!

"पर सर,अब तो प्रिया को भी ये पता लग गया कि हमें उस पर शक है,और वो तो शिमला के लिए रात मे ही निकल गयी और हम सुबह जाएंगे तो फिर हम उसे कैसे रंगे हाथ पकड़ेंगे " चोपड़ा ने राजवीर से पूछा !!

" रिलैक्स चोपड़ा रिलैक्स,शिमला तो जाएंगे पर तुम नही सिर्फ मैं " राजवीर ने चोपड़ा से कहा !!

, "क्यों ,सर,मैं क्यों नही " चोपड़ा ने पूछा !!

" चोपड़ा अभी अभी तुम्हारी सगाई हुई है,तुम्हें बहुत काम होंगे,तुम यहीं रहो मैं मैनेज कर लूंगा" राजवीर चोपड़ा से कहता है !!

" नही सर,मैं भी चलूंगा आपके साथ,जहाँ तक मेरी सगाई की बात है,वो हो चुकी है और अब मेरा कोई काम नही है यहाँ तो मैं चल सकता हूँ आपके साथ,और जब शुरू से मैं आपकी इस काम मे हेल्प कर रहा हूँ तो आगे भी करूँगा जब तक मैं आपको आपकी रानी से नही मिलवा देता,और आपसे वादा करता हूँ कि मैं ही आपको आपकी रानी से मिलवाऊंगा सर,क्योंकि आपके जैसा निर्मल प्रेम मैंने आजतक नही देखा" चोपड़ा ने राजवीर से कहा !!

"ठीक है,तुम चल देना मेरे साथ,अब मैं होटल जा रहा हूँ,वहीं से एयरपोर्ट निकल जाऊंगा,तुम 1 hrs मे मुझसे वहीं मिलो" राजवीर ने चोपड़ा से कहा !!

"ठीक है सर,मैं आपसे मिलता हुँ एयरपोर्ट पर" चोपड़ा ने राजवीर से कहा !!

राजवीर पार्टी से निकल जाता है और फिर चोपड़ा उसके बाद , इशिका के पास जाकर कहता है," ईशु,मुझे अभी सर के साथ निकलना है शिमला के लिए " !!

"क्यों,अचानक क्या हुआ..?" इशिका ने चोपड़ा से पूछा !!

तब चोपड़ा ने इशिका को रूम वाली सारी बात बताई जिसे सुनकर इशिका कहती है," क्या बोल रहे हो तुम अनिरुद्ध,अगर प्रिया को सब पता लग गया है और वो शिमला गयी है तो उस लड़की की भी जान को खतरा हो सकता है,"!!

"घबराओ मत ईशु,उसे कुछ नही होगा,मैं और राजवीर सर जा रहे हैं वहाँ,तुम्हें बताता रहुँगा मे सब " चोपड़ा इशिका से कहता है !!

"अनिरुद्ध मुझे कुछ समझ नही आ रहा है,प्रिया का उस लड़की से क्या रिश्ता है,और तुम्हारे राजवीर सर का इन सब से क्या कनेक्शन है,और ये सब बात तुम मुझे नही बता रहे हो ...." इशिका चोपड़ा से कहती है !!

" ईशु,ईशु,ईशु....प्लीज अभी मुझे जाने दो मैं कल वापस आकर तुम्हें सब बताऊंगा,मैंने प्रॉमिस किया था तुमसे तो मैं उसे पूरा करूँगा पर तुम भी ये बात किसी को मत , बताना,क्योंकि ये सर की बहुत ही confidential बात है,और वैसे भी तुम कल शाम को मुंबई आ ही रही हो अपने मम्मी पापा के साथ तो मैं वहीं मिलूंगा तुम्हें और सब बता दूंगा," चोपड़ा ने इशिका से कहा !!

" ठीक है जाओ,और जल्दी आना,और हॉस्पिटल के स्टाफ से जो भी हेल्प लगे मुझे बताना मैं करवा दूंगी,और मैं कल मुंबई आ रही हूँ 3 दिन के लिए,मुझे वहाँ घूमना है " इशिका ने बोला !!

" हाँ हाँ बिल्कुल घुमा दूंगा,पर पहले यहाँ से तो जाऊं,ठीक है मैं निकलता हुँ,तुम प्लीज घरवालो को संभाल लेना" चोपड़ा इशिका से कहता है !!

"ठीक है मैं सम्भाल लुंगी तुम जाओ,पर एक बात याद रखना की उस लड़की को कुछ नही होना चाहिए,उस लड़की से भले ही मेरा कोई रिश्ता न हो,भले ही वो मुझे जानती न हो पर पता नही क्यों उसका चेहरा मझे कुछ याद दिलाता है,उसे कुछ नही होना चाहिए" इशिका चोपड़ा से कहती है !!

" कुछ नही होगा उसे ईशु,मैं वादा करता हूँ,मुझे राजवीर सर पर पूरा भरोसा है,उन्होंने अब तक इन सब की तैयारी भी कर ली होगी " चोपड़ा इशिका से कहता है !!

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उसके बाद चोपड़ा अपना सामान लेकर एयरपोर्ट के लिए निकल जाता है और उधर राजवीर भी एयरपोर्ट के लिए निकल जाता है और दोनों एयरपोर्ट पर मिलते हैं,और उन्हें पता लगता है कि मौसम खराब होने की वजह से सारी शिमला की फ्लाइट कैंसिल हो गयी है और अब कल सुबह ही अगली फ्लाइट है,ये सुनकर दोनो परेशान हो जाते हैं और चोपड़ा राजवीर से कहता है ," अब क्या करें सर,हम तो अभी शिमला जा नही सकते और प्रिया तो हमसे पहले ही निकल गयी है,अगर वो हमसे पहले पहुँच गयी तो" !!

"वो नही पहुँचेगी हमसे पहले,क्योंकि लास्ट फ्लाइट 7 बजे निकली है शिमला के लिए उसके बाद कि सारी फ्लाइट्स कैंसिल है,7 बजे वो मेरे साथ पार्टी मे थी तुम्हारी इंगेजमेंट की,और अभी 11 बज रहे हैं,वो ज़रूर by road निकली होगी और हमे भी by road ही जाना होगा,तुम कार hire करो,हमे अभी निकलना होगा " राजवीर ने चोपड़ा से कहा !!

"ok सर,पर दिल्ली से शिमला का रास्ता 350 km का है,हमें रात भर लग जायेगी,हम सुबह शिमला पहुचेंगे" चोपड़ा ने राजवीर से कहा !!

, " तभी तो कह रहा हूँ जल्दी से चलो,हमे अभी निकलना है " राजवीर चोपड़ा से कहता है,और चोपड़ा गाड़ी का इंतज़ाम करता है और दोनों कार से दिल्ली से शिमला के लिए निकल जाते हैं !!

उधर प्रिया भी कार से दिल्ली से शिमला के लिए निकल जाती है पर वो इन दोनों से 1 hrs पहले ही निकल चुकी है,और प्रिया को ये भी पता है कि फ्लाइट कैंसिल होने की वजह से राजवीर भी कार से ही जायेगा,पर उसे ये नही पता था कि राजवीर को सब पता चल गया है,वो तो अभी तक यही समझ रही थी कि राजवीर को प्रिया के बारे मे कुछ नही पता है ! प्रिया जल्द से जल्द शिमला पहुँचकर असली प्रिया को मार देना चाहती थी !! रात भर का सफ़र तय करने के बाद आखिरकार प्रिया राजवीर और चोपड़ा से पहले हॉस्पिटल पहुँच जाती है !!

सुबह 5 बजे शिमला के सिटी हॉस्पिटल मे प्रिया पहुँच जाती है और वो बुरका पहन कर हॉस्पिटल मे जाती है ताकि उसे कोई पहचान न ले,क्योंकि असली प्रिया और इस प्रिया की शक्ल एक ही है,वो उस वार्ड के बाहर पहुँच जाती है जहाँ असली प्रिया कोमा मे पड़ी हुई है ! इतनी सुबह हॉस्पिटल मे ज्यादा भीड़ भी नही रहती और ज्यादा कोई पूछता भी नही था,प्रिया के लिए अच्छा मौका था असली प्रिया को रास्ते से , हटाने का,वो वार्ड मे घुस जाती है जहाँ असली प्रिया कोमा मे लेटी हुई है,प्रिया देखती है कि उसकी आँखें खुली हुई है और वो लाइफ सपोर्ट सिस्टम की मदद से जिंदा है ,वो उसकी आँखों के सामने आती है,और कहती है कि ," वाह रे प्रिया तेरी किस्मत,तू दूसरी बार मरने के लिए मेरे सामने आ गयी,गलती तेरी नही है तेरे इस चेहरे की है जो अब मेरा हो चुका है,और अब तेरा ,ज़िंदा रहना मेरे लिए अच्छा नही हैं,तो अब तुझे मरना पड़ेगा और इस बार मैं कोई गलती नही करूँगी,"

रिया लाइफ सपोर्ट सिस्टम का बटन ऑफ करने जाती है तभी.......
 
जैसे ही रिया लाइफ सपोर्ट सिस्टम का बटन off करने के लिए बढ़ती है,तभी अचानक एक हाथ आकर उसका हाथ पकड़ लेता है,रिया चोंक जाती और वो पलट कर देखती है तो उसके होश उड़ जाते हैं,वो हाथ डिटेक्टिव समीर का रहता है ओर उसके साथ पुलिस की पूरी टीम रहती है,और वो रिया को रंगे हाथों पकड़ लेता है,रिया को इस बात का ज़रा भी अंदाज़ा नही था कि ये कैसे हुआ,उसकी कुछ समझ नही आ रहा था कि ये किसने किया और कैसे,वो बार बार पुलिस से कह रही थी कि उसे छोड़ दे पर पुलिस ने उसकी एक न मानी , और रिया को पुलिस रिमांड पर थाने भेज दिया गया ! जैसे ही पुलिस ने रिया को पकड़ा की तभी कोमा मे लेटी हुई असली प्रिया 2 साल बाद अपनी नींद से जागी और ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी,वो रिया की तरफ देख कर ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी,ये देख कर डॉक्टर्स आ गए और प्रिया को संभालने लगे,और सभी लोगों को बाहर जाने को कहा !

ICU के बाहर सभी डॉक्टर्स का wait कर रहे थे और तभी कुछ देर बाद वहाँ डॉक्टर्स आते हैं और कहते हैं कि उस लड़की को होश आया गया है,शायद उसे इस लड़की को देखकर कुछ याद आया हो जो इसे उस हादसे की याद दिला गया हो और आज पूरे 2 साल बाद वो कोमा की नींद से जागी है और उसने अपना नाम प्रिया शर्मा बताया है,ये सुनकर पुलिस चोंक जाती है की दोनो का नाम प्रिया शर्मा कैसे और तभी समीर कहता है," आप सभी को मैं बताता हूँ पूरी बात,मैंने इस केस पर काम किया है और मैं ही इस रिया और प्रिया की पहेली को समझने के लिए अमेरिका तक गया था,बस आप एक बार Mr राजवीर को यहाँ आने दीजिये मैं सब क्लियर कर दूंगा !!

उधर राजवीर और चोपड़ा की गाड़ी शिमला पहुँचती है और वो हॉस्पिटल पहुँचते हैं,इधर पूरी पुलिस की टीम और समीर राजवीर का wait कर रहे हैं तभी राजवीर आता है और ये , देख कर चोपड़ा को ये समझ नही आता कि ये सब हुआ कैसे,और तब राजवीर आता है और फिर इंस्पेक्टर विक्रम सिंह जो कि इशिका की दोस्त रश्मि के पापा हैं वो आकर राजवीर से कहते हैं," Thnks,Mr राजवीर,अगर आप टाइम पर कॉल करके हमे इनफार्मेशन नही देते तो आज हम इस लड़की की जान नही बचा पाते " ! ये सुनकर चोपड़ा राजवीर की तरफ देखता है,जैसे वो जानना चाहता है कि ये सब राजवीर ने कब किया और फिर राजवीर इंस्पेक्टर की बात का जवाब देते हुए कहता है कि," इंस्पेक्टर आप नही जानते कि आपने इस लड़की की जान बचाकर कितना बड़ा काम किया है मेरे लिए",और फिर राजवीर चोपड़ा से कहता है कि," तुम यही सोच रहे हो न चोपड़ा की ये सब हुआ कैसे,तो जब हम रात को एयरपोर्ट पहुँचे और हमने देखा कि सारी फ्लाइट कैंसिल हो गयी है तो मैंने तुम्हें कार लेने भेज था,तभी मेरे पास समीर का कॉल आया था और उसने मुझे बताया कि वो आज शाम को ही अमेरिका से आया है और शिमला जा रहा है,क्योंकि उसे कुछ सुराग मिला है प्रिया के बारे मे,तभी मैंने ये कोमा वाली लड़की की बात उसे बताई और उसके सामने सारी तस्वीर साफ हो गयी,साथ ही मैंने तुरन्त यहाँ के कमिश्नर से बात करके उस लड़की के लिए security की बात की और उन्हें बताया कि उसकी जान को खतरा है,और उस पर हमला होने वाला है,कमिश्नर मान गए और उन्होंने सिक्योरिटी बढ़ा दी हॉस्पिटल मे,और मैंने समीर , को भी पुलिस की मदद के लिए भेज दिया," !!

ये सुनकर एक बार फिर चोपड़ा राजवीर की समझदारी का कायल हो गया ,और फिर जब राजवीर को पता चला कि इस इंसिडेंट से वो लड़की कोमा से बाहर आ गयी है तो राजवीर ने उससे मिलने की इच्छा जताई पर उसे डॉक्टर्स ने wait करने को कहा क्योंकि वो अभी सदमे की वजह से बेहोश है और पुलिस ने कहा कि सबसे पहले पुलिस उस लड़की का बयान दर्ज करेगी और फिर बाद मे ही कोई भी उससे मिल सकता है !

इंस्पेक्टर की बात सुनकर चोपड़ा राजवीर से आकर कहता है," सर,आपने तो कहा था कि ये केस बिल्कुल confidential रहेगा फिर अब तो आपने खुद पुलिस को खबर कर दी तो फिर अब तो सबको पता चल जाएगी आपकी और रानी की प्रेम कहानी," !!

तब राजवीर चोपड़ा से कहता है," चोपड़ा अगर हम इस बात को कितनी भी छुपाने की कोशिश करते पर फिर भी ये बात प्रिया के पकड़े जाने पर खुल ही जाती,रानी की जान से बढ़कर कुछ नही है मेरे लिए,मैं उससे मिलना चाहता हुँ जल्द से जल्द,इसीलिए मैंने समीर को भी कह दिया था कि जो भी पता चले हम पुलिस को बता देंगे !!"

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उसके बाद समीर आता है और राजवीर से कहता है," सर,एक बात बतानी थी आपको" !

"हाँ बोलो समीर," राजवीर कहता है !!

"सर,आपने जो मुझे काम दिया था वो मैंने पूरा कर दिया है,आपने मुझे रिया और प्रिया के बारे मे पता करने का काम दिया था,और मैंने पूरी छानबीन की,इस केस को सॉल्व करने के लिए अमेरिका तक गया और अब शिमला मे आकर ये केस सॉल्व हुआ है,सर रिया और प्रिया एक ही लड़की है" समीर राजवीर से कहता है !!

समीर की ये बातें सुनकर राजवीर और चोपड़ा दोनोँ चोंक जाते हैं और राजवीर समीर से कहता है ," ये तुम क्या बोल रहे हो समीर..? ये कैसे हो सकता है,रिया तो अलग है और प्रिया की शक्ल रानी से मिलती है "!

तब समीर कहता है," सर जब आपने मुझे ये काम दिया था रिया और प्रिया का पता लगाने का,तब मझे आपने रिया और प्रिया दोनो की फ़ोटो दिखाई थी,प्रिया की फ़ोटो देखकर मैं उसे पहचान गया था,की ये वही लड़की प्रिया है जो 2 साल पहले शिमला मे अपनी सहेली प्रिया को ढूंढने आयी थी जो , किडनैप हो गयी थी,और उस समय मैं इंस्पेक्टर था और उसी केस पर काम कर रहा था,उस समय रिया का कुछ पता नही चला था और बाद मे वो एक मिसिंग केस बन के रह गया,तो मैंने सोचा क्यों न रिया का पता लगाया जाए क्योंकि प्रिया ने तो अपने लिए कोई सबूत नही छोड़े थे,मैं रिया का पता लगाने लग गया और मुझे पता लगा कि वो अपने कॉलेज से स्कोलरशिप लेकर US मे जाकर जॉब करने लगी थी,मैंने उसकी तस्वीरें इकठ्ठा की और मुझे अमेरिका जाकर पता लगा की जिस कंपनी मे रिया जॉब करती थी वो 2001 मे WTC हादसे मे तबाह हो गयी और वो उस हादसे मे मारी गयी,मैं भी मान गया था कि वो मारी गयी है,पर अचानक मेरे हाथ एक तस्वीर लगी जो कि एक बिजनेसमैन राहुल की शादी की थी,जो अमेरिका की सबसे चर्चित इंडियन वेडिंग्स मे से एक थी,और उसमें राहुल जिस लड़की से शादी कर रहा था वो रिया थी पर उसका नाम प्रिया शर्मा था,मैंने उसके बारे मे छानबीन शुरू कर दी और मुझे पता लगा कि रिया अपनी याददाश्त खो चुकी थी उस हादसे के बाद और इस राहुल ने उसे संभाला था और 2 साल बाद उससे शादी कर ली थी,और उसका नाम भी बदल दिया था,उसके बाद दोनों को एक लड़का हुआ था जिसका नाम अंश था,कुछ जिसे कुछ बीमारी थी जिसकी वजह से राहुल अपने बिज़नेस पे ध्यान नही दे पाया और उसका बिज़नेस ठप हो गया ! उसके बाद रिया और राहुल अपने बच्चे को लेकर इंडिया आ गए और , कुछ साल बाद राहुल ने सुसाइड कर लिया और रिया अकेली हो गई,फिर एक दिन रिया इस असली प्रिया से मिली और उसकी सहेली बन गयी,दोनो का नाम same था प्रिया शर्मा,कुछ महीनों बाद पता नही रिया को क्या हुआ उसने एक डॉक्टर से अपनी प्लास्टिक सर्जरी करवाई दिल्ली मे और यहाँ शिमला मे प्रिया को किडनैपिंग का बहाना बना के बुलाया,जबकि कोई किडनेपिंग हुई नही थी,ये सब रिया की चाल थी,उसने प्रिया का चेहरा अपना लिया और प्रिया को मारकर यहाँ शिमला मे फेंक दिया,पर उसने सब ये क्यों किया ये मुझे समझ नही आया सर " !!

"ये मुझे पता है समीर की उसने ऐसा क्यों किया,वक़्त आने पर तुम्हें भी पता चल जाएगा" राजवीर समीर से कहता है !!

उसके बाद डॉक्टर्स आकर कहते हैं कि उस लड़की को होश आया गया है प्रिया को और फिर इंस्पेक्टर विक्रम उसका बयान लेने अंदर जाते हैं ,कुछ देर बाद इंस्पेक्टर विक्रम लड़की का बयान लेकर बाहर आते हैं और राजवीर से कहते हैं कि ," मिस प्रिया के बयान के अनुसार जो प्रिया शर्मा है उसी ने इनपर जानलेवा हमला किया था और उन्हें पहाड़ से नीचे फेंक दिया था,और उस लड़की का असली नाम रिया है,और उसने ये सब आपकी दौलत को पाने के लिए किया था,पर किस्मत से ये बच गयीं,अब आप उनसे मिल सकते , हैं"!!

इंस्पेक्टर की बात सुनकर राजवीर प्रिया से मिलने अंदर जाता है और चोपड़ा इधर इशिका को फ़ोन करके बताता है कि उस लड़की का नाम प्रिया है और इस दूसरी प्रिया ने उस पर जानलेवा हमला किया और अब वो पुलिस कस्टडी मे है,ये सारी बातें सुनकर इशिका चोपड़ा से पूछती है," अब कैसी है प्रिया,उसे कुछ हुआ तो नही" और फिर चोपड़ा कहता है," घबराओ मत इशिका उसे कुछ नही हुआ है,वो ठीक है,और मैं अभी थोड़ी देर मे तुम्हारी बात करवाता हूँ उससे,अभी मैं फोन रखता हुँ" !!

राजवीर प्रिया से मिलने आता है और प्रिया को देखकर लगता है जैसे रानी आ गयी हो,पर 2 साल कोमा मे रहकर वो थोड़ी कमजोर हो गयी थी और फिर नर्स प्रिया से राजवीर का इंट्रोडक्शन करवाती है और प्रिया कहती है," इन्हें कौन नही जानता,इंडिया के इतने बड़े बिजनेसमैन है ये,नर्स आप बाहर जाइये मुझे इनसे अकेले मैं कुछ बात करनी है" ये सुनकर नर्स बाहर चली जाती है और फिर प्रिया राजवीर से कहती है," सर,मुझे आपकी और रानी जी की पूरी कहानी पता है,उस प्रिया ने मुझे मारने के पहले सब बताया था पर ये सारी बात मैंने पुलिस को नही बताई,क्योंकि मुझे लगा कि ये बात मुझे आपसे करनी चाहिए,और मुझे नर्स ने बताया कि , आपकी वजह से ही आज मेरी जान बची है,तो इसके लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद,मैं आपका ये अहसान कभी नही भूलूंगी,पर अगर आपको ये लगता है कि मैं आपकी रानी का दूसरा जन्म हूँ तो मुझे नही पता कि ये सच है या झुठ,पर प्लीज आप मुझसे ऐसी कोई उम्मीद मत रखना,और हो सके तो मुझे माफ़ कर देना !!

ये सुनकर राजवीर प्रिया से कहता है," देखो प्रिया भले ही तुम कह रही हो कि तुम रानी हो या नही ये तुम्हें नही पता,पर ये भी तो सिर्फ इत्तेफ़ाक़ नही हो सकता न कि जिस दिन रानी की मौत हुई ठीक उसके एक साल बाद उसी दिन तुम पैदा हुई,ये मैं भी नही जानता की तुम रानी हो या नही पर अगर तुम रानी हो तो तुम्हें एक दिन सब याद आ जायेगा इसके लिए तुम्हें मुंबई चलकर रहना होगा सिंघानियां हाउस मे"

राजवीर की बात सुनकर प्रिया कहती है," ये क्या बोल रहे हैं आप सर,मैं आपके साथ कैसे रह सकती हुँ,लोग क्या कहेंगे "!!

"उसकी फिक्र तुम मत करो,रिया ने जो भी किया तुम्हारे साथ वो मुझे पता है और किसी को नही,अभी दुनिया के लिए तुम प्रिया शर्मा हो जो कि मेरी कंपनी की employee है,और तुम मेरी कंपनी मे जॉब करती हो,तो तुमसे कोई सवाल नही , होंगे,रिया ने तुम्हारी पहचान छीनी थी,मैं सिर्फ तुम्हें वही पहचान वापस दे रहा हूँ,तुम आज शाम को मुंबई चल रही हो हमारे साथ,तुम रानी हो या नही ये वक़्त रहते तुम्हें और मुझे दोनो को पता लग जायेगा " राजवीर ने प्रिया को कहा और प्रिया भी थोड़ी देर सोचने के बाद मान गयी !!

तभी चोपड़ा अंदर आता है और राजवीर प्रिया को चोपड़ा से introduce करवाता है और चोपड़ा से कहता है कि," अब असली प्रिया हमारे साथ मुंबई चलेगी पर उसके पहले तुम्हें इस असली प्रिया को रिया की सारी डिटेल्स बतानी पड़ेगी ताकि किसी को शक न हो कि ये वो प्रिया नही है" !

राजवीर की बातें सुनकर चोपड़ा सोच मे पड़ जाता है और वो राजवीर से कहता है कि ," सर जब सबकुछ क्लियर हो गया है तो फिर हम ये क्यों कर रहे हैं"!!

"प्रिया को जब तक ये याद नही आता कि वो रानी है तब तक उसे इस नकली प्रिया की ज़िंदगी जिनी पड़ेगी,मैं नही चाहता कि ये बात किसी को पता चले,इसीलिए ये करना पड़ रहा है" राजवीर चोपड़ा से कहता है !!

तभी प्रिया पूछती है," मुझे यहाँ हॉस्पिटल कौन लाया था,क्योंकि जब रिया ने मुझे मारा था तब मैं खाई मे गिर गयी , थी और उसके बाद मुझे कुछ याद नहीं है" !!

तब चोपड़ा कहता है," तुम्हें मेरी मंगेतर Dr इशिका ने बचाया था और वो ही तुम्हारा इलाज कर रही है 2 सालों से,उसका ही विश्वास था कि तुम्हें एक दिन होश ज़रूर आएगा और आज उसका विश्वास जीत गया "!!

प्रिया ने ये सुना तो वो बहुत खुश हुई और चोपड़ा से कहा," वो कहाँ है,मुझे ऊनसे मिलना है " !

"वो अभी तो दिल्ली मे है पर आज शाम को वो मुंबई आ रही है कुछ दिनों के लिए,वहीं मिल लेना तुम ऊनसे,हाँ पर मैं अभी तुम्हारी बात जरूर करवा सकता हुँ फ़ोन पर" चोपड़ा ने प्रिया से कहा !!

" हाँ ठीक है आप मेरी बात ही करवा दीजिये" प्रिया चोपड़ा से कहती है ! चोपड़ा प्रिया की बात इशिका से करवाता है फ़ोन पर और इशिका भी प्रिया से बात करके बहुत खुश हो जाती है और इशिका भी प्रिया से मिलने के लिए excited रहती है,और फिर राजवीर बाहर आकर पुलिस इंस्पेक्टर से कहता है कि उसे रिया से मिलना है और वो उससे मिलने पुलिस स्टेशन के लिए निकल जाता है,चोपड़ा भी उसके साथ रहता है और पुलिस स्टेशन पहुँच कर राजवीर रिया के सामने , आ जाता है और फिर.........!!!!!!
 
, रिया राजवीर के सामने आते ही उससे नज़रें चुराने लगती है और फिर राजवीर रिया से कहता है," आखिर तुमने ऐसा क्यों किया रिया..? "

रिया राजवीर के मुँह से अपना नाम सुनकर चोंक जाती है और आश्चर्य से उसकी तरफ देखती है और कहती है," तुम्हें कैसे पता चला "

"प्रिया ने अपना बयान पुलिस को दे दिया है कि तुमने प्रिया को मारने की कोशिश की थी,अब तुम्हारा बचना मुमकिन नही है रिया,पर मैं ये जानना चाहता हुँ की तुमने ऐसा क्यों किया" राजवीर ने रिया से पूछा !!

"तो क्या करती मैं राजवीर,तुम्हारे प्यार ने मुझे ये सब करने पर मजबूर किया है,मेरे बच्चे की मजबूरी,उसकी बीमारी ने मुझे ये सब करने पर मजबूर किया है,रानी की मौत के बाद मैं चाहती थी कि हम शादी कर लें पर तुम्हारे ऊपर से तो रानी का भूत ही नही उतर रहा था,पर फिर भी मैंने अपने आप को संभाल लिया था कि अचानक मेरे माँ बाप ने मेरा साथ छोड़ दिया,उस हादसे ने मुझे तोड़ दिया था.......…....... और इसीलिए मैंने सोचा कि अब मैं रानी बनकर तुम्हारे सामने आऊँगी,और आगे तुम्हें सब पता है" रिया ने रोते हुए राजवीर को सारी कहानी बता दी !!

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"रिया प्यार क्या होता है वो तुम्हें तब भी पता नही था,और आज भी पता नही है,रानी ने प्यार के लिए और मुझे पाने के लिए अपनी जान दे दी,पर तुमने मुझे पाने के लिए किसी की जान लेनी चाही,रिया किसी की मौत से प्यार का महल नही खड़ा किया जाता,प्यार का मतलब सिर्फ देना होता है,तुमने सिर्फ छीनना चाहा और इसीलिए तुम आज यहाँ हो,और जिस बच्चे के लिए तुमने ये सब किया,अब उसका क्या होगा कभी ये सोचा है" राजवीर ने रिया से कहा !!

" अब मुझे जेल हो जाएगी,मेरे बच्चे का क्या होगा राजवीर,तुम जानते नही हो वो abnormal है,उसका मेरे सिया कोई नही है दुनिया मे,उसकी दादी भी कब तक साथ दे पाएगी उसका" रिया बड़बड़ाते हुए बोल रही थी !!

"रिया,भले ही तुम मुझे पाने के लिए किसी भी हद तक गयी हो और तूमने प्रिया के साथ जो भी कुछ किया उसकी सज़ा तो कानून तुम्हें देगा ही पर इन सब मे तुम्हारे बच्चे की कोई गलती नही है,ये सब तुमने अपने बच्चे के भविष्य को सुधारने के लिए किया है ना,मैं तुम्हें मेरी रानी को मारने के लिए कभी माफ नही कर सकता पर आज ये वादा करता हुँ की तुम्हारे जेल जाने के बाद तुम्हारे बच्चे की ज़िम्मेदारी ये राजवीर सिंघानियां उठाएगा,उसके इलाज मे जो भी खर्च होगा वो मैं , करूँगा,उसे एक नार्मल लाइफ दूंगा,क्योंकि तुमने जो किया उसकी सज़ा तुम्हें कानून देगा पर इन सब मे उस बच्चे की कोई गलती नही है" राजवीर रिया से कहता है !!

राजवीर की बात सुनकर रिया फुट फुट कर रोने लगती है और सोचती है कि जिस राजवीर को पाने के लिए वो इंसान से हैवान बन गयी थी आज वही राजवीर उसके बच्चे को नया जीवन देने जा रहा है और फिर वो राजवीर से कहती है," मुझे माफ़ कर दो राजवीर,प्लीज हो सके तो मुझे माफ़ कर देना,मैं तुम्हारे प्यार मे अंधी हो गयी थी और ये भूल गयी कि प्यार पाया जाता है,छीना नही जाता,मैंने तुम्हारे साथ इतना बुरा किया फ़िर भी तुम मेरे बच्चे का इलाज करवाओगी,तुम इंसान के रूप मे भगवान हो राजू,मेरे बच्चे का ख्याल रखना,मैं अपने सारे गुनाह कबूल कर लुंगी पुलिस के सामने,और मुबारक हो तुम्हें तुम्हारी रानी मिल गयी,तुम्हारे प्यार मे वो शिद्दत थी जो रानी को वापस आना पड़ा "!!

और फिर राजवीर वहाँ से चला जाता है,और फिर शाम को राजवीर,प्रिया और चोपड़ा मुंबई के लिये निकल जाते हैं ! इधर इशिका भी अपनी फैमिली के साथ मुंबई आ जाती है,राजवीर प्रिया को कहता है," प्रिया तुम अभी अभी कोमा से बाहर आई हो,मैं चाहता हूँ कि तुम कुछ दिन के लिए सिंघानियां हाउस चलो,अभी तुम कमजोर हो और तुम्हारी , देखभाल करने वाला भी कोई नही है,सिंघानियां हाउस मे रहोगी तो तुम्हारी देखभाल भी हो जाएगी,मेरी माँ भी है वहाँ और फिर वहाँ रहकर हो सकता है तुम्हें कुछ याद जाए " !!

राजवीर की बातें सुनकर प्रिया पहले तो मना कर देती है पर ज्यादा जोर देने पर वो तैयार हो जाती है,और सभी सिंघानियां हाउस पहुँच जाते हैं,राजवीर,प्रिया और चोपड़ा सिंघानियां हाउस पहुँचते है और राजवीर की माँ सरिता देवी प्रिया का स्वागत करती है क्योंकि राजवीर ने उन्हें पहले ही फ़ोन करके सारी सच्चाई बता दी है,इसीलिए सरिता देवी प्रिया का स्वागत करती है !!

तभी चोपड़ा को इशिका का कॉल आता है," कहाँ हो तुम अनिरुद्ध..? मैं मुंबई आ गयी हुँ,हम होटल ब्लू मून मे रुके हैं,तुम कब आ रहे हो मुझसे मिलने..? और आज तो तुमको अपने राजवीर सर की स्टोरी भी सुनानी है मुझे,तुमने प्रॉमिस किया था " !!

"हाँ,हाँ मैंने प्रॉमिस किया था ईशु पर,मैं आता हूँ तुमसे मिलने हम वहीं बात करते हैं " चोपड़ा इशिका से कहता है,और फिर चोपड़ा सिंघानियां हाउस से निकल कर इशिका से मिलने होटल पहुँच जाता है,वहाँ पर इशिका अपने मम्मी पापा के साथ मुंबई घूमने आयी है,मम्मी पापा अलग रूम मे थे और , इशिका अलग,चोपड़ा इशिका से मिलने आ जाता है और फिर इशिका चोपड़ा से कहती है," फ्लाइट की थकान की वजह से मम्मी पापा सो गए हैं,तुम ऊनसे बाद मे मिल लेना,पर तुम ये बताओ कि प्रिया कैसी है..? "

"प्रिया बढ़िया है,अभी उसे सर के घर पर ही रखा है," चोपड़ा इशिका से कहता है !!

"क्यों ,वहाँ क्यों है वो,और तुम अभी मुझे बताओगे की ये क्या माजरा है,तुम्हारे बॉस का क्या रिश्ता है प्रिया से ..? " इशिका चोपड़ा से पूछता है !!

चोपड़ा इशिका की बातें सुनता है और इशिका से कहता है," देखो इशिका ,मैंने सर को वादा किया था कि ये बात सिर्फ उनके और मेरे बीच रहगी,पर तुम कह रही हो तो मैं सारी कहानी तो नही पर थोड़ा बहुत बता सकता हूँ तुम्हें,अगर सुनना है तो बोलो "!!

"हाँ ठीक है तुम बताओ तो सही" इशिका ने चोपड़ा से कहा !!

तब चोपड़ा कहता है," अब जो कहानी मैं तुम्हे सुनाने जा रहा हूँ वो कहानी है Mr राजवीर सिंघानियां की प्रेम , कहानी,राजवीर सर अपने जवानी के दिनों मैं एक लड़की से बहुत प्यार करते थे,उस समय सर गरीब थे और वो लड़की अमीर उस लड़की का नाम रानी था वो भी सर से बेइंतहां प्यार करती थी,पर एक दिन वक़्त ने ऐसी करवट बदली की सर उस लड़की के सौतेले भाई निकले,हुआ यूं कि रानी और सर के पिता एक ही थे,पर सर की माँ अलग थी,हालात की वजह से सर गरीबी मे पले बड़े थे,और जब सर को पता चला कि रानी उनकी बहन है तो सर इस प्यार को भूलना चाहते थे क्योंकि उनकी नज़र मे ये पाप था,पर रानी इसे भूल नही पा रही थी,और उसने एक दिन आत्महत्या कर ली,पर सर ने उसकी याद मे आजतक शादी नही की और उसका इंतज़ार करने लगे उन्हें लगता था कि उनकी रानी फिर जन्म लेकर आएगी" !

"what,राजवीर सर पुनर्जन्म पे विश्वास रखते हैं,ये कैसे पॉसिबल है अनिरुद्ध,और इन सब का उस लड़की से क्या संभंध है,i mean प्रिया से" इशिका ने चोपड़ा से कहा !!

"पूरी कहानी तो सुनो,ये लड़की वही लड़की रानी का दूसरा जन्म है,इस जन्म मे ये प्रिया बनकर आयी है,यही सूरत थी रानी की जो इस जन्म मे प्रिया बनकर आयी है,पर उसे अभी पिछले जन्म का कुछ भी याद नही है ! " चोपड़ा ने इशिका से कहा !!

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"अगर ये प्रिया है,तो फिर वो कौन थी जो हमारी सगाई मैं आयी थी " इशिका ने चोपड़ा से पूछा !!

और फिर चोपड़ा ने इशिका से कहा," वो रिया थी,रिया भी राजवीर सर से एक तरफा प्यार करती थी,और रानी की सहेली भी थी.................."!! और फिर चोपड़ा ने रिया की सारी कहानी भी इशिका को बता दी !!

ये सब सुनकर इशिका दंग रह गयी और चोपड़ा से कहने लगी," i dont believe this,ऐसा भी हो सकता है क्या"

तब चोपड़ा इशिका को कहता है," मैं भी पहले ये सब नही मानता था पर ये सब मैंने खुद देखा है,तो अब मैं भी मानने लगा हूँ,और सर के प्यार मे वो शिद्दत है कि उन्हें उनका प्यार वापस मिल गया "!!

पूरी कहानी सुनने के बाद इशिका चोपड़ा से कहती है,"अनिरुद्ध राजवीर सर को देख कर लगता नही है कि वो इतने रोमांटिक हो सकते हैं,पर पता नही क्यों मुझे ऐसा क्यों लगता है कि मैंने ये कहानी कहीं सुनी या देखी है" !!

"क्या बात कर रही हो इशिका,ये कहानी राजवीर सर की , है,उनकी फैमिली के अलावा सिर्फ मुझे पता है,और इसपे कोई फ़िल्म भी नही बनी तो ये तुमने कहाँ सुनली " चोपड़ा ने इशिका से कहा !!

"पता नही क्यों पर मुझे ऐसा लगा " इशिका ने चोपड़ा से कहा !!

और फिर चोपड़ा इशिका से कहता है," अब तुम आराम कर लो,मैं निकलता हूँ,मम्मी पापा से कल मिल लूंगा और तुम्हें सिंघानियां हॉउस ले जाकर प्रिया से भी मिलवा दूंगा !!

"ठीक है " इशिका चोपड़ा से कहती है और चोपड़ा वहाँ से निकल जाता है !!

अगले दिन चोपड़ा इशिका को सिंघानियां हॉउस ले जाता है और जैसे ही इशिका सिंघानियां हॉउस आती है उसे ऐसा लगता है जैसे वो पहले भी यहाँ आ चुकी है,वहाँ की हर चीज़ उसे कुछ याद दिलाने की कोशिश करती है,वो वहाँ जाती है और प्रिया से मिलती है और प्रिया उससे कहती है," मैं आपका अहसान ज़िन्दगी भर नही भूल सकती,उस दिन अगर आप मुझे हॉस्पिटल नही ले जाती तो मैं आज ज़िंदा नही होती" !!

, "ऐसा नही है,मारना और बचाना तो ऊपर वाले के हाथ मे होता है हम तो बस माध्यम होते हैं,मैंने तो सिर्फ अपने डॉक्टर होने का फर्ज निभाया है" इशिका प्रिया से कहती है !!

चोपड़ा इशिका को सारा सिंघानियां हॉउस दिखाता है,और राजवीर और उसकी माँ से भी मिलवाता है,एक बार फिर राजवीर को देखकर इशिका खो सी जाती है,न जाने क्यों राजवीर के साथ उसे अलग अहसास होता है,ये असहास उसे चोपड़ा के साथ कभी नही हुआ,पता नही क्यों वो राजवीर की तरफ आकर्षित हुए जा रही थी,पर फिर उसने अपने आप को सम्भाला और अपनी भावनाओं पे नियंत्रण किया और फिर चोपड़ा के साथ वहाँ से निकल गयी !!

समय बीतता गया और एक महीना बीत गया और इशिका भी मुंबई घूमकर वापस दिल्ली जा चुकी थी,प्रिया भी अपने काम मे लग गयी थी,राजवीर इसी इंतज़ार मे था कि प्रिया को सब याद आ जाये पर उसे कुछ याद नही आ रहा था!!

और फिर एक दिन चोपड़ा को इशिका का कॉल आता है और वो चोपड़ा से कहती है," अनिरुद्ध मुझे तुमसे एक बात कहनी है,ये बात मैं कई दिनों से तुम्हें कहना चाह रही थी,पर अब मुझे ये कहना ही पड़ रहा है" !

, "क्या बात है इशिका,बोलो" चोपड़ा ने इशिका से कहा !!

और फिर इशिका ने चोपड़ा से जो कहा उसकी उम्मीद चोपड़ा ने कभी नही की थी,और ये सुनकर वो बिल्कुल दंग रह गया,इशिका ने चोपड़ा से कहा," मैं ही रानी हूँ अनिरुध"!!
 
इशिका की ये बात सुनकर अनिरुद्ध एक दम से चोंक गया और वो इशिका से पूछने लगा," ये क्या कह रही हो तुम इशिका..?"

"मैं सच कह रही हुँ अनिरुद्ध,मुझे सब याद आ गया है" इशिका ने अनिरुद्ध से कहा !!

, "क्या याद आ गया है,ये कैसे हो सकता है इशिका,तुम्हारी सूरत अलग है,रानी का दूसरा जन्म प्रिया है,रानी बिल्कुल वैसी दिखती थी,तो तुम रानी कैसे हो सकती हो" अनिरुद्ध ने कहा !!

"अब भगवान ने मुझे इस जन्म मे दूसरी सूरत के साथ भेज दिया तो इसमें मेरी क्या गलती है,मैंने तुम्हें एक बात नही बताई थी,जो अब मैं बताती हुँ" इशिका ने चोपड़ा से कहा !!

"क्या बात नही बताई थी..?" चोपड़ा इशिका से पूछता है !!

"मैंने तुम्हें उस दिन फ़ोन किया था कि मुझे तुमसे कुछ कहना है,और फिर मैंने कहा था कि मैं तो मज़ाक कर रही थी,वो मैं सचमुच तुम्हें कुछ बताने वाली थी,पर फिर मैंने बहाना बना दिया की मैं मज़ाक कर रही थी,उस दिन मुझे सच मे तुम्हें ये सब बता देना चाहिए था " इशिका ने चोपड़ा से कहा !!

"क्या बताना है तुम्हें इशिका,बताओ" चोपड़ा ने इशिका से पूछा !!

" तो सुनो,मुझे तुम्हें ये बताना है कि मुझे बचपन से जब से मैं पैदा हुई हूँ तब से ही एक सपना बार बार आता है,सब कुछ धुंधला दिखाई देता है पर किसी का चेहरा नही दिखाई देता , है,उस सपने मे मुझे एक लड़की और एक लड़का दिखाई देता है,दोनो एक बहुत बड़े किले पर खड़े हैं और अचानक लड़की का पैर फिसलता है और वो किले से नीचे गिर जाती है,और तभी लड़का उसे बचाने के लिए नीचे कूदता है,और फिर वो लड़की को बचाता है,और फिर खुद किले से नीचे गिर जाता है,लड़की ज़ोर ज़ोर से राजू राजू चिल्लाती है,उसके बाद मुझे फिर से वो लड़की किले की दीवार पर दिखती है और उसके हाथ मे एक ज़हर की शीशी है,वो उस ज़हर को पी कर किले पर से कूद जाती है,ये कहकर की मैं फिर आऊँगी,यही सपना मुझे बचपन से ही आता रहता है,मेरे परिवार को ये बात पता है,पर मैंने आजतक किसी और को ये बात नही बताई थी,अब तुम्हें बता रही हुँ,मैंने ये बात तुम्हें इसीलिए नही बताई थी क्योंकि जब तुम मुझे देखने आए थे तो तुम्हे लगा था कि मैं एक मॉडर्न लड़की हूँ,एक डॉक्टर हूँ,पर यही मेरे जीवन का सबसे बड़ा सत्य है" इशिका ने चोपड़ा से कहा !!

"पर इस सपने से कहाँ साबित होता है कि तुम ही रानी हो" चोपड़ा ने इशिका से पूछा !!

"अभी मेरी बात पूरी नही हुई है अनिरुद्ध,मुझे पता था तुम यही सवाल करोगे और इसका जवाब मुझे अभी कुछ दिन पहले ही मिला है,जब मैं अभी 15 दिन पहले जोधपुर गयी , थी अपनी फैमिली के साथ तो वहाँ हम होटल रानी पैलेस मे रुके थे,वही होटल जो राजवीर सिंघानियां का है,उस होटल मे जाकर जैसे मुझे लगा कि मैंने ये जगह कहिं देखी है,उस होटल का एक एक कोना मानो जैसे मुझे जाना पहचाना सा लगा,मुझे बार बार यही लग रहा था कि मैं यहाँ पहले भी आ चुकी हूँ पर मुझे याद नहीं आ रहा था,जबकि मैं अपनी लाइफ मे जोधपुर कभी भी नही गयी हूँ,उसके बाद जब मैं जोधपुर मे मेहरानगढ़ किले पर गयी तो वहाँ जाकर भी मुझे लगा कि जैसे मैं यहाँ पहले भी आ चुकी हुँ,और फिर अचानक मे एक जगह पर आ गयी जो कि बिल्कुल मेरे सपने जैसी थी,वही किला,वही दीवार और फिर अचानक मुझे मेरे रात वाले सपने दिन के ख्यालों मे बदलते दिखे और जो चेहरे मुझे सपने मे धुंधले दिखते थे वो मुझे साफ नजर आने लगे,अब मुझे सब ऐसा लग रहा था कि जैसे मेरे सामने ही हो रहा हो,दीवार पे जो लड़की खड़ी हुई दिखती थी मुझे वो प्रिया की शक्ल की लड़की थी,जो पिछले जन्म मे रानी थी और फिर मुझे राजवीर सर दिखे,जो अपनी जवानी मे थोड़े अलग दिखते थे,दुबले पतले,वो बिल्कुल वैसे दिख रहे थे जैसे उस दिन सिंघानियां हॉउस मे मैंने उनकी फोटो देखी थी,वो रानी को बोल रहे थे कि रानी ऐसा मत करो,पर रानी ने उनकी एक बात भी नही मानी और उसने एक शीशी निकाली और ज़हर पी लिया और फिर किले की दीवार से कूद गई,और राजवीर जो कि उस वक़्त राजू था उसे बचा नही पाया,ये सब , देखकर मुझे एक दम से चक्कर आ गए और मैं वहीं गिर पड़ी,फिर मुझे मम्मी पापा ने होटल मे लाया और जब कुछ देर बाद मुझे होश आया तो मुझे अपने पिछले जन्म की सारी बातें याद आ गयी थी,मैं रानी हूँ और ये रानी पैलेस मुझे मेरे पिता ने गिफ्ट के तौर पे दिया था,बदकिस्मती से राजू पिछले जन्म मे मेरा भाई निकला था,पर हम एक दूसरे से प्यार भी करते थे,तो मैंने खुदखुशी कर ली थी और राजू से कहा था कि मैं फिर आउंगी,अब मुझे समझ आया कि क्यों मैं राजवीर की तरफ इतनी आकर्षित हो रही थी हमारी सगाई मे,और क्यों मुझे प्रिया का चेहरा अपना सा लगता था,क्योंकि पिछले जन्म मे वो चेहरा मेरा था,मुझे सब याद आ गया अनिरुद्ध,मुझे सब याद आ गया" इशिका ने अनिरुद्ध से कहा !!

चोपड़ा ने जैसे ही ये बात सुनी तो उसे मानो चक्कर से आ गए और वो जैसे तैसे अपने आप को संभाल कर सोचने लगा कि," रानी की मौत कैसे हुई थी ये बात तो सिर्फ राजवीर सर और मुझे ही पता है,फिर इशिका कह रही है कि उसे पता है कि रानी की मौत कैसे हुई,मतलब यही असली रानी है,इशिका को तो मैंने बहुत थोड़ा सा बताया था रानी के बारे मे,पर इसने तो मुझे बिल्कुल राजवीर सर जैसा बताया,राजवीर सर और इशिका की कहानी बिल्कुल मिलती जुलती है,मतलब इशिका ही रानी है " !!

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उधर फ़ोन पर चोपड़ा की तरफ से कोई रेस्पॉन्स न आने पर इशिका फिर से चोपड़ा से कहती है," हेलो,हेलो,अनिरुद्ध तुम सुन रहे हो न"

अचानक से चोपड़ा अपने ख़यालो से बाहर आता है और इशिका की आवाज़ सुनकर उसका रिप्लाई करता है," हाँ हाँ ईशु,मैं सुन रहा हूँ,मतलब तुम्हें लगता है कि तुम रानी हो" !!

" व्हाट डु यु मीन बाय लगता है अनिरुद्ध,मैं ही रानी हूँ,और ये बात मैं राजू को बताऊंगी,और इसीलिए मैं कल मुंबई आ रही हूँ" इशिका ने चोपड़ा से कहा !!

" तुम मुंबई क्यों,आ रही हो,और ये क्या कह रही हो कि तुम राजवीर सर को सब बताओगी,कोई भरोसा नही करेगा ईशु,क्योंकि रानी का असली चेहरा प्रिया के पास है,राजवीर सर ये कभी नही मानेंगे और तमाशा बन जायेगा,तुम मेरी मंगेतर हो,ये सब जानते हैं,और कुछ दिनों मे हमारी शादी होने वाली है,प्लीज ऐसा मत करो" चोपड़ा ने इशिका को समझाते हुए कहा !!

" देखो अनिरुद्ध,मैं जानती हुँ की हमारी सगाई हो चुकी है,पर मैं राजवीर की अमानत हूँ,इस जन्म से नही पिछले जन्म , से,तो अब हम इस रिश्ते को आगे नही ले जा सकते,हमे इस रिश्ते को तोड़ना होगा,मैं कल वहाँ आ रही हुँ और ये साबित कर दूंगी की मैं ही रानी हूँ,क्योंकि जिस इंसान ने मेरा 22 सालों तक इंतज़ार किया,अब मैं उसे और इंतज़ार नही करवा सकती " इशिका ने चोपड़ा से कहा !!

"नही नही ईशु प्लीज ऐसा मत करो प्लीज" अनिरुद्ध इशिका से विनती करता है !!

" मुझे माफ़ कर देना अनिरुद्ध" कहकर इशिका फ़ोन काट देती है और अपना मोबाइल swiched off कर देती है !!

इशिका के फ़ोन काटने पर अनिरुद्ध परेशान हो जाता है उसे कुछ समझ नही आता कि वो क्या करे और फिर अचानक वो अपने आप से कहता है कि ,"अब मुझे ही कुछ करना होगा ये सब रोकने के लिए " !!

पूरी रात इशिका का फ़ोन बन्द रहता है और अगली सुबह वो मुंबई आ जाती है,और मुंबई आकर वो चोपड़ा को कॉल करती है,और कहती है कि वो मुंबई आ गयी है,उसे राजवीर से मिलना है और चोपड़ा उससे जो कहता है वो सुनकर उसके पैरों के नीचे से ज़मीन खसक जाती है,चोपड़ा उसे बताता है कि," राजवीर सर हॉस्पिटल मे है,और ज़िन्दगी और , मौत के बीच झूल रहे हैं" !!
 
इशिका ये सुनकर बिल्कुल सुन्न रह जाती है,उसे पता ही नही चलता कि ये क्या हो गया और कैसे हो गया और वो थोड़ी , देर के लिए कुछ नही बोलती और फ़िर उधर से चोपड़ा की आवाज़ आती है," hello ,hello, इशिका मुझे सुन रही हो " और चोपड़ा की आवाज़ सुनकर इशिका कुछ देर बाद कहती है," ये क...क....क्या कह रहे हो अनिरुद्ध तुम...? ये कैसे हुआ" !

फिर चोपड़ा कहता है," सब बताऊंगा पहले तुम यहाँ हॉस्पिटल मे आ जाओ,मैं तुम्हे location भेजता हूँ " !

"ठ...ठ..ठीक है,तुम भेजो मैं आती हुँ अभी," इशिका लड़खड़ाई आवाज़ मे चोपड़ा को कहती है,और कुछ देर बाद चोपड़ा इशिका को मैसेज भेजता है और इशिका Cab लेकर हॉस्पिटल के लिए निकल जाती है ! रास्ते भर इशिका यही सोचती है,और इसी चिंता मे रहती है कि बस राजवीर को कुछ न हो,जैसे 23 साल पहले जोधपुर मे वो मौत के मुँह से वापस लौटा था आज भी उसे लौटना ही पड़ेगा ! यही सोचते सोचते वो हॉस्पिटल पहुँच गयी जहाँ नीचे ही चोपड़ा इशिका का इंतज़ार कर रहा था,जैसे ही इशिका कार से उतरती है,चोपड़ा वहीं उसे रोक लेता है और इशिका से कहता है," देखो इशिका प्लीज रुक जाओ,अभी तुम किसी को ये मत बताना की तुम रानी हो,प्लीज मेरी बात मान जाओ "!!

ये सुनकर इशिका गुस्से मे चोपड़ा से कहा," अनिरुद्ध,तुम , फिर से शुरू हो गए,तुम समझ क्यों नही हो रहे हो मैं रानी हूँ और ये बात मुझे राजवीर को बतानी ही है,और मैं उसी के लिए जन्म लेकर वापस आयी हूँ "! इतना कहकर वो राजवीर से मिलने के लिए निकलती है और तभी चोपड़ा इशिका से कहता है," जाओ इशिका जाओ,अगर तुम राजवीर सर की जान नही बचाना चाहती तो जाओ और सब कुछ बता दो उन्हें,पर ये याद रखना की अभी वो ज़िन्दगी और मौत के बीच झूल रहे हैं,और अगर उन्हें होश आ भी गया तो एक झटका उन्हें मौत के मुँह मे ले सकता है,और तुम ही रानी हो ये राजवीर सर के लिए किसी झटके से कम नही है " !!

चोपड़ा की बात सुनकर इशिका रुक जाती है और 2 मिनट ठंडे दिमाग से सोचती है और चोपड़ा से कहती है," ठीक है ,मैं अभी राजवीर से नही कहूँगी की मैं रानी हूँ,पर तुम ये बताओ कि ये सब हुआ कैसे..? "

तब चोपड़ा इशिका को बताता है," बताता हुँ की ये सब कैसे हुआ,जब कल हमारी बात हुई थी और तुमने कहा था कि तुम ही रानी हो तो मुझे बिल्कुल भी अच्छा नही लगा था,मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नही थी कि जिससे मेरी शादी होने वाली है वो ही राजवीर सर की रानी निकलेगी,मैं तुमसे प्यार करता हूँ इशिका और अपने प्यार को ऐसे कैसे जाने देता,और मैं ये हर मुमकिन कोशिश करता कि तुम राजवीर सर से न मिलो , पर फिर राजवीर सर ने मेरे लिए वो किया जो शायद आज के ज़माने मे कोई अपना भी नही करता" इतना कहकर चोपड़ा चुप हो जाता है !!

इशिका ये सुनकर चोपड़ा से कहती है," ऐसा क्या किया राजवीर ने तुम्हारे लिए" !!

फिर चोपड़ा ने कहा," मेरी वजह से ही उनकी ये हालात हुई है,मेरी जान बचाने के लिए ही राजवीर सर की जान आज खतरे मे है,उन्होंने मेरी जान बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी " !!

ये सुनकर इशिका ने चोपड़ा से कहा," क्या हुआ था अनिरुद्ध मुझे सब बताओ" !!

तब चोपड़ा ने इशिका को बताया," जब मैं तुमसे कल फ़ोन पर बात कर रहा था और मुझे ये सच्चाई पता चली की तुम ही रानी हो,तो मुझे समझ नही आ रहा था कि मैं क्या करूँ और यही बात सोचते सोचते मैं फ़ोन पर बात करते करते ऑफिस बिल्डिंग से बाहर आ गया और वहीँ पर तुमसे बात करने लगा ,और तभी पीछे से राजवीर सर आ गए और कहने लगे कि मुंबई की बारिश का कोई भरोसा नही है और आंधी तूफान भी शुरू हो गया है,अब हमें निकलना चाहिए और हम , निकलने लगे कि तभी राजवीर सर ने देखा कि आंधी की वजह से बिल्डिंग के ऊपर लगा इलेक्ट्रिक होर्डिंग्स नीचे गिर गया और मैं बिल्कुल उसी होर्डिंग्स से नीचे था,राजवीर सर ने ये देख लिया और उन्होंने मुझे बचाने के लिए मुझे धक्का दे दिया जिससे मैं दूर जा गिरा और वो पूरा होर्डिंग्स राजवीर सर के ऊपर गिर गया और ये देखकर मैं ज़ोर से चिल्लाया और आसपास के कई लोग और कंपनी की सिक्योरिटी भी आ गयी और फिर होर्डिंग्स को हटाया गया,जैसे ही होर्डिंग्स को हटाया तो नीचे राजवीर सर लहू लोहान पड़े हुए थे,उनके सिर से खून लगातार बह रहा था,हमने ज़रा भी देर न करते हुए तुरंत उन्हें तुरंत हॉस्पिटल मे एडमिट करवाया,उस वक़्त मुझे एहसास हुआ कि मैं कितना गलत सोच रहा था,मैं ऐसा सोच भी कैसे सकता था,की मैं राजवीर सर के प्यार को पा लूंगा,उस वक़्त मुझे एहसास हुआ कि मैं कितना गलत सोच रहा था,जो इंसान अपने प्यार के लिए इतना इंतज़ार कर सकता है उस इंसान का प्यार मैं कैसे छीन सकता हूँ,उस वक़्त मैंने सोच लिया था कि अब मैं खुद राजवीर सर को बताऊंगा की तुम ही रानी हो और तुम दोनों को मिलाऊंगा और यही सोच कर मैं कल रात से ही तुम्हें फ़ोन लगाने की कोशिश कर रहा था कि तुम्हें बता सकूँ की राजवीर सर का एक्सीडेंट हुआ है,और फिर सुबह तुमने ही मुझे कॉल किया,और अब मैंने ये सोचा है कि मैं भी तुम्हारा साथ दूंगा राजवीर सर को ये बताने मे की तुम ही रानी हो, पर अभी ये , बात नही बता सकते हैं क्योंकि उनकी जान को खतरा हो सकता है,और अभी जब तक राजवीर सर को होश नही आ जाता तब तक ये बताना मुश्किल है,और उनके होश मे आने के बाद भी हम कब इस सच्चाई को बता पाएंगे हमे नही पता !"

इशिका ने चोपड़ा की बात सुनी और वहीं पर खड़ी खड़ी रोने लगी और उसकी आँखों से आँसू की झड़ी लग गयी और फिर चोपड़ा ने इशिका के पास आकर कहा," रो मत इशिका प्लीज चुप हो जाओ,सब ठीक हो जाएगा,जब तक राजवीर सर को होश नही आ जाता और वो पूरी तरह से ठीक नही हो जाते,हम ये सच्चाई सिर्फ अपने तक ही रखेंगे ये प्रॉमिस करो" !

" ठीक है,प्रॉमिस," इशिका ने चोपड़ा से प्रॉमिस करते हुए कहा !!

" एक बात और बताओ इशिका,तुमने ये बात किस किस को बताई है कि तुम रानी हो," चोपड़ा ने इशिका से पूछा !!

"अभी तक सिर्फ तुम्हें ही बताया है,क्योंकि मम्मी पापा को भी ये बात नही बताई मैंने अभी तक" इशिका ने चोपड़ा से कहा !!

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"ठीक है इशिका,अब हम ऊपर चलते हैं पर तुम अभी सिर्फ मेरी मंगेतर की हैसियत से चल रही हो और मैं सबसे यही कहूंगा कि तुम मुंबई मुझसे मिलने आयी थी और तुम्हें राजवीर सर के बारे मे पता चला और तुम यहाँ आ गयी उनको देखने" चोपड़ा ने इशिका को समझाते हुए कहा !!

" ठीक है,चलो" इशिका ने कहा !!

इशिका और चोपड़ा दोनों हॉस्पिटल मे ऊपर की और चले जाते हैं और ICU के बाहर पहुँच जाते हैं जहाँ पर,राजवीर की माताजी,प्रिया और उसका स्टाफ मौजूद रहता है ! इशिका को देखते ही प्रिया उसके पास आ जाती है ओर दोनों की आंख मे आँसू हैं,और इशिका अपने आप को जैसे तैसे सम्भालते हुए प्रिया से कहती है," सब ठीक हो जायेगा " !!

कुछ देर बाद डॉक्टर्स बाहर आते हैं और सबसे कहते हैं कि हमने राजवीर की सर्जरी कर दी है,उसके सर पर बहुत गहरी चोट लगी हुई थी,इसीलिए हमने सर्जरी की है और अभी 48 घण्टे बहुत क्रिटिकल हैं,अगर इन 48 घण्टों मे उन्हें होश नही आया तो उनका बचना मुश्किल है,ये सुनकर सब घबरा जाते हैं,और सब राजवीर के लिए दुआ करने लग जाते हैं,इशिका अपने आँसू नही रोक पाती तो वो अकेले मे जाकर रोने , लगती है,चोपड़ा भी उसके पीछे पीछे आ जाता है और इशिका से कहता है," अपने आप पर काबू रखो इशिका प्लीज,हमे ये राजवीर सर के लिए करना ही पड़ेगा,अगर तुम ही हिम्मत हार जाओगी तो कैसे काम चलेगा" !!

"हाँ अनिरुद्ध ,कुछ भी हो जाये मुझे हिम्मत नही हारनी है,मैं राजवीर के लिए कुछ भी कर सकती हुँ,मैं उसके लिए एक जन्म का फासला तय करके आयी हूँ तो उसे भी मेरे लिए वापस आना ही पड़ेगा" कहकर इशिका खुद को सम्भालते हुए वहाँ से चली जाती है !!

48 घंटे बीत जाते हैं और अब सब ICU के बाहर डॉक्टर्स का wait कर रहे होते हैं,तभी डॉक्टर्स बाहर आकर सबसे बोलते हैं की ," एक अच्छी खबर है और एक बुरी" !

सब घबरा जाते हैं और चोपड़ा डॉक्टर से पूछता है," क्या मतलब है सर,प्लीज आप बताइए राजवीर सर कैसे हैं..?"

तब डॉक्टर बोलते हैं," Mr राजवीर को होश तो आ गया है,पर " और इतना कहकर रुक जाते हैं !!

"पर,का क्या मतलब है डॉक्टर प्लीज पूरी बात बताईये," चोपड़ा ने डॉक्टर से कहा !!

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तब डॉक्टर बोलते हैं," Mr राजवीर को होश तो आ गया है,और उनकी जान भी बच गयी है,और वो अब खतरे से भी बाहर हैं ,पर उनकी याददाश्त चली गयी है,उनको अपनी पिछली ज़िन्दगी याद नही है और उनको ये भी नही याद है कि वो कौन है और उनका नाम क्या है" !!
 
ये बात सुनकर सरिता देवी,प्रिया,चोपड़ा और इशिका सब सुन्न हो जाते हैं,किसी को समझ नही आता है कि ये क्या हो गया है,और इशिका की हालत और खराब हो जाती है और उसके आँसू निकलने से पहले वो वहाँ से निकल जाती है और हॉस्पिटल में ही अकेले मैं जाकर रोने लगती है ! उधर चोपड़ा , ये बात सुनकर परेशान हो जाता है और डॉक्टर से बोलता है," सर ये क्या कह रहे हैं आप,वो राजवीर सिंघानियां है,उनकी याददाश्त वापस आना बहुत ज़रूरी है,ऐसा कुछ नही हो सकता कि उनकी याददाश्त वापस आ जाये "!!

"बिल्कुल हो सकता है,मैं ऐसा नही कह रहा हूँ कि उनकी याददाश्त वापस नही आएगी,उनकी याददाश्त वापस आ सकती है पर उसमे कितना टाइम लगेगा ये अभी नही कहा जा सकता,क्योंकि हो सकता है उनकी याददाश्त बहुत जल्दी आ जाये ये हो सकता है कि सालों लग जाये,पर अगर उनकी लाइफ की कुछ पुरानी घटनाएं उनके सामने दोहराई जाएं तो उनकी याददाश्त जल्दी ही वापस आ जायेगी,पर अभी कुछ दिन उन्हें आराम की ज़रूरत है" डॉक्टर्स ने चोपड़ा को बोला !!

"ठीक है डॉक्टर,क्या हम सर से मिल सकते हैं" चोपड़ा ने डॉक्टर से पूछा !!

"हाँ हाँ बिल्कुल आप मिल सकते हैं" डॉक्टर्स ने चोपड़ा से कहा !!

सरिता देवी और चोपड़ा अंदर राजवीर से मिलने जाते हैं और राजवीर उन्हें देखता है,और फिर धीरे से उठने की कोशिश , करता है और फिर कहता है," आप कौन हैं,और यहाँ क्यों आये हैं !!

ये सुनकर सरिता देवी रोने लगती है और ये देखकर फिर राजवीर पूछता है," ये माताजी क्यों रो रही हैं" !!

ये सब देखकर चोपड़ा राजवीर से कहता है," सर ये आपको क्या हो गया है,आप राजवीर सिंघानियां है,इंडिया के सबसे बड़े बिजनेसमैन और ये आपकी माताजी है सरिता देवी जी,और मैं आपका सेक्रेटरी हूँ अनिरुद्ध चोपड़ा,आपको कुछ भी याद नही है क्या" ये सुनकर राजवीर चोंक जाता है और चोपड़ा से कहता है कि ," ये क्या बोल रहे हो तुम,मैं इतना बड़ा आदमी हूँ मुझे कुछ याद क्यों नही आ रहा,ये क्या हो रहा है मेरे साथ," तब चोपड़ा राजवीर से कहता है," dont worry सर,आपको धीरे धीरे सब याद आ जायेगा,आप अभी अपने दिमाग पर ज़ोर मत डालिये,अभी आप आराम कीजिये हम बाद मे बात करते हैं" इतना कहकर चोपड़ा सरिता देवी को वहाँ से लेकर बाहर आ जाता है !!

कुछ देर बाद वो इशिका के पास आता है और उससे कहता है," मैं तुम्हें कब से ढूँढ रहा हूँ,तुम यहाँ हो,मैं अभी राजवीर सर से ही मिल कर आ रहा हूँ," ये सुनकर इशिका चोपड़ा से कहती है ," कैसे हैं राजवीर,वो ठीक तो है ना !!

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तब चोपड़ा कहता है," सर तो ठीक है,उनकी जान बच गयी है,पर उनकी याददाश्त चली गयी है,उनको अपना नाम तक याद नही हैं,"!!

ये सुनकर इशिका और रोने लगती है और चोपड़ा से कहती है," आखिर क्या चाहता है ये भगवान,जिस इंसान ने मुझसे मिलने के लिए इतने साल इंतज़ार किया उस इंसान के साथ भगवान ने क्या के दिया,आज जब मैं राजवीर से मिल कर सब बताने ही वाली थी और आज उसका इंतज़ार खत्म हो जाता तो उसकी याददाश्त चली गयी,क्या चाहता है भगवान,की हम कभी न मिलें ! एक तो भगवान ने मेरा चेहरा भी बदल दिया है,पर मैं साबित कर के ही रहूंगी की मैं ही रानी हूँ और उसके लिए मुझे सिंघानियां हॉउस मे रहना होगा"!

"ये क्या कह रही हो तुम इशिका,सबको पता है कि तुम मेरी मंगेतर हो,तो फिर तुम सिंघानियां हॉउस मे कैसे रह सकती हो," चोपड़ा ने इशिका से पूछा !!

"मुझे पता है अनिरुद्ध की मैं तुम्हारी मंगेतर हूँ दुनिया की नज़रों मे पर इससे पहले मैं एक डॉक्टर भी हुँ,तुम एक काम करो,अभी एक दो दिनों मे राजवीर को यहाँ से डिस्चार्ज दे देंगे उसके बाद तुम उसे सिंघानियां हॉउस ले जाओगे,पर तुम , राजवीर की माँ को इस बात के लिए मनाओगे की राजवीर की देखभाल के लिये इशिका कुछ दिन यहाँ रहना चाहती है,और वो एक डॉक्टर है तो उसकी याददाश्त लाने मे मदद कर सकती है,तुम्हें कुछ भी करके सिंघानियां हॉउस मे मेरी एंट्री करवानी है अनिरुद्ध,देखो किस्मत का खेल,इसे खेल कहो या किस्मत का मज़ाक,आज तुमसे मैं अपने ही घर मे जाने के लिए इतनी मिन्नतें कर रही हुँ" इशिका ने चोपड़ा से कहा !!

चोपड़ा ने पूरी बात सुनी और इशिका से कहा," ये क्या कह रही हो इशिका,तुम रानी हो ये मुझे पता है,पर राजवीर सर को तो यकीन दिलाना पड़ेगा न,और मैंने राजवीर सर से और तुमसे ये वादा किया है कि मैं तुम दोनों को मिलवाऊंगा ज़रूर,उसके लिए मुझे कुछ भी करना पड़े तो मैं करूँगा,मैं बात करता हूँ,माँ जी से तुम्हारे लिये,तुम चिंता मत करो " !!

कुछ देर बाद हॉस्पिटल मे डॉक्टर रमन कुमार आते हैं जिन्होंने राजवीर की सर्जरी की थी,और वो राजवीर की फैमिली को बुलवाते हैं,राजवीर की फैमिली से सरिता देवी और चोपड़ा ऊनसे मिलने जाते हैं और फिर डॉक्टर रमन चोपड़ा से कहते हैं," देखिए Mr अनिरुद्ध,मैंने ही Mr राजवीर की सर्जरी की है और उनका केस मे ही हैंडल कर रहा हूँ,आप उन्हें 2 दिन बाद अपने घर ले सकते हैं,हालांकि , वो शुरू मे मना करेंगे पर आप उन्हें insist कीजियेगा अपने साथ चलने के लिए क्योंकि जितना वो अपने पुराने माहौल मे रहेंगे उतनी जल्दी ही उनकी याददाश्त वापस आएगी,मैं भी उन्हें समझाने की कोशिश करूंगा कि वो आपके साथ चलने को तैयार हो जायें,और अगर कुछ दिक्कत हो तो मैं उनके लिए एक पर्सनल डॉक्टर भी appoint कर सकता हुँ," !!

ये सुनकर चोपड़ा ने तुरंत डॉक्टर रमन से कहा," सर अगर आप कहे तो मैं अपनी मंगेतर को यहाँ बुलवा सकता हूँ,वो भी एक डॉक्टर है और वो राजवीर सर का अच्छे से ध्यान रख सकती हैं,उन्हें कोई ऐतराज नही हैं,अगर माताजी को ऐतराज़ न हो तो मैं बुलाऊं इशिका को" चोपड़ा ने सरिता देवी की तरफ देखते हुए कहा !!

"मुझे कोई ऐतराज नही है बेटा,पर इशिका से पूछा तुमने..?" सरिता देवी !!

"जी माँ जी ,मैंने पूछ लिया है और वो तैयार भी है इस काम के लिये,डॉक्टर अगर आप कहें तो उन्हें अंदर बुलाऊं" चोपड़ा ने डॉक्टर से पूछा !!

" ya ya sure,आप बुलाइए उन्हें मैं उन्हें Mr राजवीर की सारी केस हिस्ट्री समझा देता हूँ,आप बाहर wait कीजिये , और उन्हें अंदर भेज दीजिये" डॉक्टर रमन ने चोपड़ा से कहा !!

" जी सर,मैं अभी उन्हें भेजता हूँ" चोपड़ा डॉक्टर से कहता हुआ,सरिता देवी को लेकर बाहर आ जाता है और फिर बाहर खड़ी इशिका से कहता है," तुम्हें डॉक्टर अंदर बुला रहे हैं,राजवीर सर के बारे मे बात करने के लिए,मैंने तुम्हारी बात कर ली है,अब तुम सिंघानियां हाउस चल रही हो" !!

ये बात सुनकर इशिका को थोड़ी तस्सली होती है और वो डॉक्टर रमन से मिलने केबिन मे जाती है,जहाँ डॉक्टर रमन उसे राजवीर के केस की सारी हिस्ट्री बताते हैं और आगे के ट्रीटमेंट के बारे मे भी बताते हैं और कहते हैं," डॉक्टर इशिका मैं आपसे उम्र मे और एक्सपीरिएंस मे दोनो मे बड़ा हूँ,आपको ज्यादा कुछ सिखाऊंगा तो नही बस इतना कहूँगा की Mr राजवीर का आप ठीक से ध्यान रखना,क्योंकि एक गलती उनको ब्रेन हेमरेज की स्टेज पे ला सकती हैं,उनकी फैमिली को मैंने ये बात नही बताई नही तो वो परेशान हो जाते,पर आपको बता रहा हूँ,उन्हें किसी भी तरह का सदमा मत दीजिएगा atleast तब तक जब तक उनकी चोट ठीक न हो जाये,और आगे क्या करना है,ये आप मुझसे बेहतर जानती हैं,अब आप जाइये 1-2 दिनों मे हम Mr राजवीर को यहाँ से डिस्चार्ज कर देंगे,फिर आप लोग उन्हें घर ले जा , सकते हैं " !!

और फिर इशिका बाहर आती है और चोपड़ा को बोलती है ," थैंक यु अनिरुद्ध,मेरा साथ देने के लिए,तुम मेरे लिए बहुत कर रहे हो,और मैं तुम्हारी लाइफ से जाने वाली हूँ ये जानकर भी तुम इतना कर रहे हो,आज तुमने मुझे राजवीर की ड्यूटी दिलवा दी,किस मुँह से शुक्रिया करूँ तुम्हारा"!!

"देखो इशिका,ये मैं क्यों कर रहा हूँ किसीलिये कर रहा हूँ,ये मैं भी जानता हूँ और तुम भी,बस मैं तो दो प्यार करने वालों को मिलवाने की कोशिश कर रहा हूँ,क्योंकि राजवीर सर के प्यार के सामने मेरा प्यार कुछ नही है इशिका" ये बोलते बोलते चोपड़ा की आँखें नम हो जाती हैं और वो वहाँ से निकल जाता है !!

इधर डॉक्टर रमन,राजवीर के पास आते हैं और कहते हैं," राजवीर जैसा तूने मुझे करने के लिए कहा था वैसा ही मैंने किया है,तेरे घर वालो को यकीन हो गया है कि तेरी याददाश्त चली गयी है और तेरी हालात बहुत गंभीर है,क्या एक्टिंग करता है यार तू,तुझे तो बॉलीवुड मे होना चाहिए था और तेरी कहानी पर तो फ़िल्म बननी चाहिए,पर मुझे एक बात समझ नही आई,तूने ये सब किया क्यों.....??? "
 
तब राजवीर ने कहा," बताता हूँ,बताता हूँ,सब बताता हूँ,वो क्या है कि तू मेरा बचपन का दोस्त है,और तूने ही रानी ही मौत के बाद उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाई थी,तुझे मेरे और , रानी के बारे मे सबकुछ पता है,तुने बहुत मदद की है भाई मेरी तो तेरी थोड़ी मदद और चाहिए और मैं असली रानी तक पहुँच जाऊंगा,"

"असली रानी मतलब,रानी तो मर गयी थी न,फिर ये दूसरी रानी कहाँ से आ गयी..?" रमन ने राजवीर से पूछा !!

तब राजवीर ने उसे रिया,प्रिया और रानी की सारी कहानी सुनाई की कैसे रिया प्रिया बनकर उसकी जिंदगी मे आयी और रानी की जगह लेना चाहती थी,पर सही समय पर उसका राज़ खुल गया और असली प्रिया जो कि हु ब हु रानी की शक्ल की है वो यहाँ आ गयी,और ये सारी कहानी सुनकर रमन भी चोंक गया और राजवीर से कहने लगा," तेरी कहानी तो सच मे बहुत चोंकाने वाली है यार,मेरी तरफ से जो भी हेल्प चाहिए तुझे,मैं बिल्कुल करूँगा क्योंकि आज मैं जो कुछ भी हुँ तेरे पापा Mr बलदेव सिंघानिया की वजह से हुँ,अगर वो मुझे स्कालरशिप नही देते,तो आज मेरा डॉक्टर बनने का सपना कभी पूरा नही होता,उनके जो ट्रस्ट के स्कूल और कॉलेज चलते हैं,मैं भी वहीँ से पढ़ पढ़ के यहाँ तक पहुँचा हुँ,और फिर तेरे भी बहुत अहसान है मुझ पर,तूने ही मेरा हॉस्पिटल खोलने मे मेरी मदद की थी,तेरे लिए तो जान भी दे दूं तो कम है मेरे लिए "!!

, राजवीर ने रमन की बात सुनी और रमन से कहा," ऐसा कुछ नही है यार,जो भी करता है वो ऊपर वाला करता है,हम तो बस उसके बन्दे हैं,बस माध्यम मात्र हैं,मैंने कुछ नही किया है,तू काबिल था इसीलिए यहाँ तक पहुँचा "!!

फिर रमन राजवीर को बोलता है," अच्छा एक बात बता,ये एक्सीडेंट भी तेरी प्लानिंग का हिस्सा था क्या...?"

"अरे नही,ये एक्सीडेंट तो चोपड़ा को बचाने मे हुआ है,वो अभी जवान खून है,कुछ दिनों मे शादी होने वाली है उसकी,उसे कुछ हो जाता तो उसके घरवालों का क्या होता,वो उसके माता पिता की इकलौती संतान है,इसीलिए उसे बचाने के लिए मेरे साथ ये एक्सीडेंट हुआ,और जब सर्जरी के बाद मैंने तुझे देखा तो मुझे ये प्लान सुझा की अगर असली रानी का पता लगाना है तो मेरा ये नाटक करना ज़रूरी है,और मुझे पता था कि तू मेरा साथ ज़रूर देगा,इसीलिए मैंने तेरे साथ मिलकर ये प्लानिंग की है" राजवीर ने रमन से कहा !!

फिर रमन ने राजवीर से कहा," मुझे अब भी एक बात समझ नही आई कि तू ये नाटक किये बिना भी असली रानी का पता लगा सकता था पर तूने ये नाटक किया,क्यों...?"

, राजवीर रमन की बात सुनकर थोड़ी देर चुप रहा और फिर थोड़ा मुस्कराकर बोला," मतलब तुझे सबकुछ जानना है,तो ठीक है,तो ऐसा है रमन,की लोग समझते हैं कि मैं एक प्यार मे पागल मजनूं हूँ,हर काम दिल से करता हूँ,दिमाग का यूज़ कम करता हूँ,तो जो भी लोग ये समझते हैं,उनको एक साथ खत्म करने का सबसे अच्छा मौका मुझे किस्मत ने दिया है और मैं उसे भुनाना चाहता था,और किस्मत ने मुझे ये मौका दे भी दिया" !!

तब रमन ने राजवीर से पूछा ," मैं समझा नही तू क्या कहना चाहता है,"

तब राजवीर कहता है," रमन मैं एक बिजनेसमैन हूँ,और एक तीर से 2 निशाने लगाने का मुझे मौका मिला है,एक तो मैं इस खेल से असली रानी तक भी पहुँच जाऊँगा और मेरे बिज़नेस मे भी मैं करोड़ों का प्रॉफिट कमा लूंगा,हुआ यूं था कि जिस दिन मेरा एक्सीडेंट हुआ था उसके कुछ दिन पहले ही मुझे ये खबर मिली थी कि मेरी कंपनी की सीक्रेट इनफार्मेशन बाहर लीक हो रही है जिसका फायदा मेरी राइवल कंपनी उठाना चाहती थी,मैं एक बहुत बड़ी डील पर काम कर रहा था और वो डील मुझे मिल गयी है इस बात की खबर मुझे और कंपनी के कुछ ही लोगों को पता थी,पर ये बात मैं प्रॉपर तरीके से प्रेस कांफ्रेंस करके बताने वाला था मीडिया को,और मुझे पता , चला कि मेरी राइवल कंपनी ने मेरी कंपनी के शेयर बहुत सारे नामों से खरीद लिए हैं,और इस डील की खबर मीडिया में आने के बाद उनके भाव आसमान छू जाएंगे और वो भाव बढ़ने के बाद शेयर बेच कर निकल जाएंगे जिससे मेरी कंपनी को बहुत बड़ा नुकसान होगा और वो डील भी शायद हमारे हाथ से निकल जाए,मैं ये सब नही होने देना चाहता था और यही सोच सोच कर मैं उस दिन चोपड़ा को ढूंढते ढूंढते उसके पास आ रहा था कि अचानक मैंने देखा कि उसके ऊपर वो इलेक्ट्रॉनिक होर्डिंग गिर जाएगा तो मैंने उसे धक्का देकर वहाँ से हटा दिया और फिर तुमने मेरी सर्जरी की,होश मे आने के बाद भी मुझे इस बात का ख्याल था कि मुझे बहुत नुकसान होने वाला है,तभी मेरे दिमाग मे एक प्लान आया और जब मुझे पता चला कि तुमने मेरी सर्जरी की है तो मैं तुमसे मिला और ये प्लान बनाया,मैं एक तीर से 2 निशाने लगाना चाहता था,एक तो मैं असली रानी तक पहुँचना चाहता था और दूसरा मेरे राइवल मेरी दूसरी कंपनी को एक झटके मैं बन्द करने का मौका मेरे दिमाग मे आया,जब इस डील की खबर लीक हुई तो मतलब मेरे कंपनी के शेयर आसमान छू जाते,पर मेरे लिए बहुत अच्छी बात थी कि मेरा एक्सीडेंट शुक्रवार को हुआ,आज संडे है और ये बात अभी तक बिज़नेस सर्किल मे फैल चुकी है कि मेरी याददाश्त चली गयी है,और अब जब कल सोमवार को शेयर बाजार खुलेगा तो इस खबर का असर य होगा कि मेरी कंपनी के शेयर तेज़ी से नीचे आएंगे,और जो , ये नई डील वाली खबर है ये भी उसे नीचे आने से नही रोक सकती"!!

" पर इससे तो तेरा करोड़ों का नुकसान हो जाएगा यार," रमन ने राजवीर से कहा!!

"रमन,मेरे दोस्त,मैं दिल से कुछ ज्यादा ही सोचता हूँ,पर इसका मतलब ये नही है कि दिमाग का यूज़ करना बंद कर दिया है,कल जब मार्केट खुलेगा तो मैं अपनी कंपनी के सारे शेयर बेच दूंगा,और फिर मेरे याददाश्त जाने की खबर से कंपनी के शेयर को और नुकसान होगा,और जितने शेयर मेरी राइवल कंपनी ने इस उम्मीद मे खरीदे हैं कि उन्हें प्रॉफिट होगा,तो वो उनकी ज़िंदगी का सबसे बड़ा लॉस होगा,वो सब बर्बाद हो जाएंगे,क्योंकि मैं कल शेयर बेच दूंगा और जब वो नीचे आ जाएंगे तो उन्हें फिर खरीद लूंगा,मेरा ज्यादा नुकसान नही होगा,पर उन सब के दीवाले निकल जाएंगे,और कुछ दिन बाद जब मैं ये announce करूँगा की मेरी याददाश्त वापस आ गयी है तो फिर मेरे शेयर्स बढ़ जाएंगे,अब रही बात असली रानी का पता लगाने की तो वो मैं सिंघनिया हॉउस जाकर पता कर ही लूंगा धीरे धीरे,क्योंकि मैं दूध का जला हूँ तो छांछ भी फूंक फूंक कर पियूँगा,तू ये बता मेरी देखभाल के लिए कोई डॉक्टर रहेगा क्या साथ," राजवीर ने रमन से पूछा !!

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"हाँ वो चोपड़ा की मंगेतर है ना,डॉक्टर इशिका वो रहेगी तेरी देखभाल के लिए वहाँ,पर मानना पड़ेगा तेरी प्लानिंग को,तूने सही प्लान बनाया है," रमन ने राजवीर से कहा !!

" इस प्लान की खबर तू चोपड़ा को नही देगा क्या,उसे तो सब बता रखा है तूने शुरू से अभी तक" रमन ने राजवीर से पूछा !!

"नही यार,चोपड़ा को इन सब से दूर रखना चाहता हूँ,उसे मैं बताऊंगा ज़रूर,पर वक़्त आने पर,अभी तू एक काम कर,बाहर जा और चोपड़ा को बोल की मुझे घर ले जाने की तैयारी करे" राजवीर ने रमन से कहा !!

"ठीक है,बोलता हुँ," इतना कहकर रमन वहाँ से निकल जाता है और बाहर आकर चोपड़ा से कहता है," Mr चोपड़ा आप डिस्चार्ज की formallity पूरी कर दीजिए,और राजवीर को उसके घर ले जाइए" !!

"ठीक है डॉक्टर,आईये बताईये क्या करना है,"इतना कहकर चोपड़ा रमन के साथ डिस्चार्ज फॉर्मेलिटी पूरी करता है !!

कुछ देर बाद राजवीर को सिंघानियां हॉउस लाया जाता , है,राजवीर सबके सामने ऐसा जताता है कि जैसे वो यहाँ पहली बार आया है,और उसे कुछ याद नही है !!

पूरे घरवाले यही कोशिश करते रहते हैं कि राजवीर को सब याद आ जाये,पर उनकी सारी कोशिश नाकाम रहती है,राजवीर अभी अपना राज़ नही खोलना चाहता था,इशिका उसकी देखभाल मे लग जाती है,समय बीतता जाता है और राजवीर अभी भी याददाश्त जाने का नाटक करता रहता है,पर इशिका जो उसकी देखभाल कर रही होती है उसे राजवीर से अपना प्यार याद आ जाता है,और यही असहास राजवीर को भी धीरे धीरे होने लगता है,राजवीर को जो अहसास इशिका के साथ होता है वो उसे प्रिया के साथ कभी नही हुआ,पर राजवीर इसे समझ नही पा रहा था,वो इसी इंतज़ार मे था कि कब प्रिया को सबकुछ याद आ जाये,राजवीर की याददाश्त को गए 10 दिन हो गए थे और एक दिन अचानक चोपड़ा सिंघानियां हॉउस आकर सरिता देवी से कहता है," माँ जी,सर की याददाश्त जल्दी आ जाना बहुत ज़रूरी है,नही तो करोड़ों का नुकसान हो जाएगा"!!

"क्या मतलब..?" सरिता देवी ने चोपड़ा से पूछा !!

"मुझे आज ही पता चला है कि हमारी कंपनी की हालत ठीक नही है,सर की याददाश्त जाने की खबर से हमारे सारे , इन्वेस्टर्स ने कंपनी से अपने हाथ खींच लिए हैं,शेयर लगातार गिरते जा रहे हैं,अगर कुछ दिन ऐसा ही चला तो कंपनी बन्द करने की नौबत आ जायेगी" चोपड़ा ने सरिता देवी से कहा !!

"है भगवान,ये क्या कह रहे हो बेटा तुम,हम तो कोशिश मे ही लगे हुए हैं कि राजवीर को सब जल्दी याद आ जाये" सरिता देवी ने चोपड़ा से कहा!!

राजवीर इन दोनों की बातें सुन रहा था और उसको भी अपनी कंपनी की फिक्र थी,तब उसने सोचा कि मैं अपने फायदे के लिए अपने employees को भूखा नही मरने दूंगा,रानी का पता मे कर लूंगा पर अभी मुझे ये नाटक खत्म करना होगा,तभी चोपड़ा को एक फ़ोन आता है ऑफिस से और उसे पता लगता है कि जब ये खबर आई थी कि राजवीर सर की मेमोरी चली गयी है उसी उसके बाद राजवीर सर के एकाउंट से करोड़ो के शेयर बेचे गए थे,अगर ये राजवीर सर ने नही किया तो किसने किया और अगर ये राजवीर सर ने किया है तो कैसे किया और क्यों...? यही सारे सवाल चोपड़ा के मन मे जाग रहे थे कि अचानक चोपड़ा के लिए राजवीर का बुलावा आ जाता है और वो उससे मिलने उसके कमरे मे जाता है और राजवीर से कहता है ," सर,मुझे अभी अभी पता चला है कि..." चोपड़ा की बात खत्म होने से पहले ही , राजवीर बोल पड़ता है," की मैंने अपनी कंपनी के सारे शेयर उसी दिन बेच दिए जिस दिन मेरी याददाश्त गयी थी,"!!

चोपड़ा ने जैसे ही ये सुना तो वो दंग रह गया और राजवीर से पूछने लगा," सर,मतलब आपकी याददाश्त..."!!

"हाँ,मेरी याददाश्त कभी गयी ही नही थी,ये सब एक नाटक था" राजवीर ने चोपड़ा से कहा !!

"पर आपने ये सब किया क्यों...?" चोपड़ा ने पूछा!!

और फिर राजवीर ने चोपड़ा को सब बताया कि उसने डॉक्टर रमन के साथ मिलकर ये नाटक किया था,क्योंकि इससे बिज़नेस भी बच जाता और असली रानी का भी पता चल जाता,और फिर राजवीर चोपड़ा से कहता है," अब टाइम आ गया है मेरी याददाश्त वापस लाने का,क्योंकी जितने के शेयर मेरे दुश्मनों की कंपनी ने मेरी कंपनी के खरीदे थे इस उम्मीद मे की वो बढ़ेंगे उन का तो अब तक दिवाला निकल गया होगा,अब तुम ये खबर मार्केट मे अभी पहुँचा दो की मेरी याददाश्त वापस आ गयी है,जिससे शेयर की प्राइस बढ़ जाएगी,और मैंने बहुत कम भाव मे करोड़ो के शेयर्स पहले ही ले रखें हैं तो अब हमारा कोई नुकसान नही होगा " !!

, ये सब सुनकर चोपड़ा एक बार फिर राजवीर सिंघानियां के दिमाग का कायल हो गया और उसने राजवीर से कहा ," मान गया सर आपको,और आपका एक अहसान मेरे ऊपर हमेशा रहेगा की आपने मेरी जान बचाई है,मैं ज़िन्दगी भर आपका अहसान मानूंगा "!!

"ऐसी कोई बात नही है चोपड़ा,मैंने जो किया इंसानियत के नाते किया,बस इस खेल मे एक ही मलाल रह गया कि असली रानी का पता नही चल पाया,अगर प्रिया को भी सबकुछ याद आ जाता तो अच्छा होता" राजवीर ने चोपड़ा से कहा !!

तब चोपड़ा ने राजवीर से कहा," सर,मुझे पता है असली रानी कौन है..? प्रिया न ही असली रानी है और न ही उसका दूसरा जन्म"!!

"क्या बोल रहे हो चोपड़ा..? तुम्हें कैसे पता कि असली रानी कौन है,और तुमने मुझे अभी तक ये बात क्यों नही बताई" राजवीर ने चोपड़ा से कहा !!

"सर ये बात मुझे आपके एक्सीडेंट वाले दिन ही पता चली थी,उसके बाद आपकी याददाश्त चली गयी,i mean आपने नाटक किया,और डॉक्टर्स ने कह दिया था कि आपको किसी , भी तरह का shock नही देना है,इसीलिए मैं चुप रहा," चोपड़ा राजवीर से बोलता है !!

"तो अब तो बता सकते हो कि असली रानी कहाँ है,और कौन है..?" राजवीर ने चोपड़ा से कहा !!

और फिर चोपड़ा ने इशिका की सारी सच्चाई राजवीर को बता दी जिसे सुनकर राजवीर बिल्कुल चोंक सा गया और चोपड़ा से बोला," ये कैसे हो सकता है चोपड़ा,रानी बिल्कुल प्रिया जैसी दिखती थी पर इशिका बिल्कुल अलग दिखती है,और इशिका को ये किसने बताया कि उसकी मौत कैसे हुई थी,"!!

"सर,ये बात उसने खुद मुझसे कही थी,मैंने उसे कुछ नही बताया था,और अगर आपको उससे कुछ सवाल करने हैं जो सिर्फ आप और रानी ही जानती थी तो आप उससे कर सकते हैं,और प्लीज सर,अपने दिल मे ये ख्याल कभी मत लाइएगा की इशिका मेरी अमानत है,वो इशिका इस जन्म मे है,पर उसकी आत्मा रानी की है,और वो 2 जन्मों का सफर तय करके यहाँ आयी है सिर्फ आपके लिए,बस भगवान ने उसे सूरत दूसरी दे दी है,आपकी ही है इशिका,और मेरी फिक्र मत कीजिये,मुझे तो बहुत मिल जाएगी पर आपका प्यार आपको मिलना चाहिए" चोपड़ा ने राजवीर से कहा !!

उसके बाद राजवीर ठंडे दिमाग से सोचने लगता है अपने मन मे," ये कैसे हो सकता है,ये नही हो सकता है,और अगर ये सच है तो फिर इशिका ही रानी है,और अगर वो ही रानी है तो इसका मतलब उसे सब याद होगा जो हमारे बीच हुआ था,उससे ये सब जानने के लिए उससे मिलना पड़ेगा,और यही सही है कि इशिका ही रानी है तो मैं उसे कहीं नही जाने दूंगा,"!! अपने मन मे ये सब सोचने के बाद राजवीर चोपड़ा से कहता है कि वो इशिका को अंदर भेज दे,मुझे उससे अकेले मे कुछ सवाल करने हैं जिससे मैं ये जान सकूँ की वो ही रानी है,चोपड़ा वैसा ही करता है और ये खबर सब जगह आग की तरह फैल जाती है कि राजवीर सिंघानियां की याददाश्त वापस आ गयी और कुछ देर बाद इशिका राजवीर से मिलने उसके रूम मे आती है और फिर राजवीर इशिका से कुछ सवाल करता है जो सिर्फ राजवीर और इशिका को ही मालूम थे !!

कुछ देर बाद राजवीर और इशिका रूम से बाहर आते हैं और राजवीर अपनी माँ को बुला कर कहता है ," माँ आज मेरा इंतज़ार खत्म हुआ,इशिका ही असली रानी है,और जो बातें सिर्फ रानी और मुझे ही पता थी वो सब बातें इशिका को पता है और इससे यही साबित होता है कि यही असली रानी है" ये सुनकर सरिता देवी भी बहुत खुश हुई और प्रिया भी ये , सुनकर खुश हुई!!

कुछ दिन मे सबकुछ नार्मल हो गया,चोपड़ा ने अपने घरवालों को समझा दिया था कि इशिका राजवीर की अमानत है और उन्हें राजवीर की सारी कहानी भी बता दी थी,जिससे वो मान गए और चोपड़ा और इशिका की इंगेजमेंट टूट गयी और राजवीर ने इशिका के साथ इंगेजमेंट कर ली,हालांकि मीडिया में ये खबर बहुत उड़ी पर राजवीर ने सब मैनेज कर लिया,उधर राजवीर ने रिया के बच्चे अंश की भी जिम्मेदारी ले ली थी और उसकी बीमारी का इलाज भी करवाया,रिया को जेल हो गयी और राजवीर और इशिका अपनी लाइफ मे बिजी हो गए !!

एक दिन रात को जब इशिका अपने फ्लैट पर सो रही थी तो अचानक उसे एक फ़ोन आता है और वो फ़ोन उठा कर बोलती है," बोलो रणवीर" !!

उधर से रणवीर नाम के शख्स की आवाज़ आती है," काम हो गया..?" !!

"हो तो गया है पर अधूरा,अभी राजवीर को सिर्फ ये यकीन हुआ है कि मैं ही रानी हुँ,अभी उसने अपना गुनाह कबूल नही किया है जो उसने रानी के साथ किया था,जल्दी ही वो खुद , अपना गुनाह कबूल करेगा कि उसने उस रानी का बलात्कार किया था जो उससे बेपनाह प्यार करती थी" इशिका ने रणवीर से कहा !!

"ठीक है,जो करना है जल्दी करो,और प्लान के मुताबिक ही होना चाहिए" कहकर रणवीर फ़ोन रख देता है !!

************** समाप्त ***************
 
शिद्दत - 2 - सफ़र का अंत

भाग - 1

नमस्कार पाठकों,सबसे पहले तो आप सभी पाठकों से क्षमा चाहता हुँ की मैंने आपको इतना इंतज़ार करवाया शिद्दत - 2 के लिए,पर वो कहते हैं ना कि कुछ अच्छा होने के लिए इंतज़ार करना पड़े तो वो सही है,इसी बात को ध्यान मे रखते हुए मैंने कोशिश की है कि आपको एक सही और अच्छी कहानी पढ़ने को मिले और ये भी आशा करता हूँ कि आप सभी को अपने सारे सवालों के जवाब इस सीजन मे मिल जाये जो आपके दिमाग मे रह गए थे,शिद्दत 2 कैसी है वो तो आप सभी की प्रतिक्रिया से पता चल ही जायेगा पर मेरी इतने दिनों से यही कोशिश थी कि आपके सामने अगर शिद्दत 2 मे कोई कहानी लानी है तो वो शिद्दत के पहले सीजन से ज्यादा दमदार होनी चाहिए,वैसे कहानी वही है बस उसमे थोड़ा और तड़का लगने वाला है,और यही तड़के कहानी को आगे बढ़ाएंगे और उसे और दिलचस्प बनाएंगे !! जिन भी पाठकों ने मेरी कहानी "शिद्दत - सफ़र प्यार का" नही पढ़ी है उनसे मेरा विनम्र निवेदन है कि वो पहले उसे पढ़ लें क्योंकि "शिद्दत -2" पहली कहानी से संबंधित है,और उससे जुड़ी हुई है,सारे पात्र पहली कहानी के ही हैं और कुछ नए पात्र भी आगे कहानी मे जुड़ेंगे,और सारी घटनाएं पहली कहानी से जुड़ी हैं तो निवेदन रहेगा कि पहले कहानी पढ़ लें अन्यथा उसे समझने के लिए आपको दोबारा उसे पढ़ना पड़ेगा,और जिन पाठकों ने पहली कहानी पढ़ ली है उन्हें समझने मे कोई परेशानी नही होगी,अब आप सभी का ज्यादा वक्त न लेते हुए मैं कहानी पर आता हुँ !!

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दिनांक : 10 जनवरी 1996

समय : शाम 4 बजे

जगह : मेहरानगढ़ फोर्ट, जोधपुर

रानी मेहरानगढ़ फोर्ट मे रानी अपनी पुरानी यादों मे खोई रहती है,उसे सालभर पहले की अपनी सारी यादें याद आती हैं जो उसने राजू के साथ बिताई थी,उसे राजू के साथ बिताए अपने सारे पल बारी बारी से याद आते जाते हैं,पर फिर उसे याद आता है कि अब इन सब बातों का कोई मतलब नही है क्योंकि राजू अब वो नही है जो पहले था,राजू के बारे मे अब ऐसा सोचना भी उसके लिए पाप है क्योंकि अब राजू और रानी का रिश्ता बदल गया है,राजू अब रानी का भाई बन चुका है,पर रानी का दिल ये मानने के लिए कभी तैयार नही हो रहा था,वो बार बार अपनी किस्मत को कोस रही थी,तभी वहाँ किसी के आने की दस्तक होती है और जैसे ही रानी पलट कर देखती है तो वहाँ राजू को देखकर खुश हो जाती है,और राजू से पूछती है -

" तुम इतनी जल्दी कैसे आ गए,तुमने तो कहा था ना कि 5 बजे आऊंगा" - रानी

" अरे हाँ,वो मेरा काम जल्दी खत्म हो गया तो मैं आ गया,तुम्हें अच्छा नही लगा क्या मेरा यूँ आना..?" - राजू

" अरे नही,ऐसी बात नही है,वो तुम आजकल काम मे इतने बिजी रहते हो कि हमारी बात ही कहाँ हो पाती है,और अब वैसा रिश्ता ही नही रहा है हमारा" - रानी

" किसने कहा कि हमारा रिश्ता खत्म हो गया है,हम अपने रिश्ते को आगे भी बढ़ा सकते हैं,ज़रूरी नही की किसी को पता ही चले,हम दुनिया की नज़रों से छिपकर भी अपने रिश्ते को आगे बढ़ा सकते हैं ना" राजू ने रानी से कहा,और ये कहते हुए राजू के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान बिखर गई,जो प्यार भरी बिल्कुल भी नही थी !!

राजू के मुँह से ये बातें सुनकर रानी को कुछ अजीब लगा क्योंकि इस रिश्ते को यहीं खत्म करने के लिए और सबकुछ भूल जाने के लिए राजू ने ही रानी को बोला था पर आज राजू कुछ बदला बदला सा लग रहा था,उसकी बातें सुनकर रानी ने राजू से पूछा ," क्या मतलब है तुम्हारा राजू,मैं कुछ समझी नही " !!

तब राजू ने रानी की बात सुनकर बोला," मेरा मतलब है,की हम एक दूसरे के हो जाते हैं आज,आज सबकुछ भूल जाओ और सिर्फ ये याद रखो की तुम एक लड़की हो और मैं एक लड़का और हम दोनों को वही करना चाहिए जो एक लड़का और लड़की को अपनी जवानी मे करना चाहिए,आओ आज हम सबकुछ भूलकर एक दूसरे मे खो जाएं,और ये बात हम किसी को नही बताएंगे और किसी को पता नही चलेगी ये बात" ये बात बोलते हुए राजू के चेहरे पर एक अजीब सी खलनायक वाली मुस्कान आ जाती है और उसकी नज़रों मे रानी के लिए हवस साफ दिखाई दे रही थी !!

राजू के मुँह से ऐसी बात सुनने की कल्पना भी रानी ने नही की थी और उसके मुँह से ये सब सुनकर रानी एकदम से चोंक जाती है और वो ये सोचने लगती है कि क्या ये वही राजू है जिससे उसने प्यार किया था,शायद दौलत के लालच ने राजू की सच्चाई रानी के सामने लाकर रख दी थी और वो राजू से कहती है," ये क्या बकवास कर रहे हो राजू तुम,तुम्हें पता भी है तुम क्या कह रहे हो,कल तक मैं इस रिश्ते को आगे बढ़ाने का बोलती थी तो तुम कहते थे कि ये पाप है और आज खुद कह रहे हो कि हम ये पाप करें,क्या हो गया है तुम्हें"!!

राजू ने रानी की बातें सुनी और उन्हें अनसुना करके रानी की तरफ बढ़ा और उसका हाथ पकड़कर उसे अपनी तरफ खींचा और अपनी बाहों मे जबरजस्ती जकड़ने लगा और रानी से कहने लगा," ये क्या कह रही हो रानी,कोनसे ज़माने मे जी रही हो तुम,अरे किसी को कुछ पता नही चलेगा कि हमारे बीच रिश्ता क्या है,अब ज्यादा नाटक मत करो,मुझसे रहा नही जा रहा है,जब से तुम्हें देखा है बस तुम्हें पाना चाहता हुँ,तुमसे प्यार करना चाहता हुँ और मैं तुम्हें पाने की राह पर चल भी पड़ा था कि एन वक़्त पर मेरे बाप की गलती मेरे सामने आ गयी और किस्मत ने मुझे तुम्हारा भाई बना दिया,पर मुझे तो तुम्हें पाना था ही,और वो मैं पा कर ही रहुँगा,इसीलिए जब तुमने मेरे साथ यहाँ जोधपुर आने की बात कही तो मैंने मना नही किया,सोचा कि यहाँ तुम्हें सब सच बताकर तुम्हें पा लूंगा,चलो अब देर मत करो,हमे शाम की फ्लाइट पकड़नी है,चलो हम एक दूसरे के हो जाते हैं" इतना कहते हुए राजू जबरदस्ती रानी को बाहों मे भरने लगता है और रानी अपने आप को राजू से छुड़वाने की नाकाम कोशिश करती है और फिर बड़ी मुश्किल से वो अपने आपको छुड़वा कर फिर राजू को एक ज़ोरदार थप्पड़ मारती है और उससे कहती है," मुझे यकीन नही हो रहा है कि तुम वही राजू हो जिससे मैंने प्यार किया था,तुम ऐसे निकलोगे मैं कभी सपने मे भी नही सोच सकती थी राजू,तो इसका मतलब वो प्यार जो तुमने मुझे किया था वो सब झूठ था,तुम मुझसे नही मेरे शरीर से प्यार करते थे और इसे ही पाना चाहते थे,और मैं तुम्हें बिना कुछ सोचे सिर्फ प्यार करने लगी थी,पर आज मुझे इस बात का अहसास हो गया है कि तुमने मुझसे कभी प्यार किया ही नहीं,तुम्हें सिर्फ मेरा जिस्म चाहिए था,पर अब वो भी तुम्हें नही मिलेगा,और तुम्हारी ये सच्चाई मैं खुद पापा को बताऊंगी," इतना कहते हुए रानी वहाँ से जाने लगती है और तभी रानी के पीछे से उसपे एक ज़ोरदार वार होता है और वो बेहोश होकर गिर जाती है,ये वार और कोई नही राजू ही करता है और वो रानी को उठाकर किले की एक सुनसान जगह पर ले जाता है और वहाँ अपनी हवस पूरी करने की तैयारी करता है,उसके पहले ही धीरे धीरे रानी को होश आने लगता है पर राजू उसे अपने चंगुल से छूटने नही देता और रानी पर हावी होने लगता है,रानी समझ जाती है कि राजू अब वो राजू नही रहा जो था,और वो अपने आप को छुड़वाने की नाकाम कोशिश करती है और राजू से कहती है," राजू ये क्या कर रहे हो तुम,ये पाप है,भगवान के लिए मुझे जाने दो,मैं ये सब नही कर सकती,ये पाप नही कर सकती,तुम्हें अपने मम्मी पापा की कसम,मुझे जाने दो,प्लीज भगवान के लिए मुझे छोड़ दो " !!

राजू ने रानी की एक बात भी नही सुनी और अपनी हवस पूरी करने के लिए आगे बढ़ा और रानी की लाख मिन्नतों के बाद भी वो नही रुका और उसने अपनी हवस पूरी कर ली और रानी भी तड़पती रही पर उसने एक बात भी नही मानी उसकी और राजू ने रानी और उसके बीच के प्यार को एक पल मे खत्म कर दिया,उसने रानी के सम्मान को तार तार कर दिया था और ये सब होने के बाद वो रानी से कहने लगा," अब जो हुआ सो हुआ रानी,और मैंने तुम्हें पा ही लिया,अब हम दोनों की बेहतरी इसी मे है कि ये बात तुम किसी को नही बताओ और चुपचाप मेरी बात मानती रहो" !!

इधर रानी का रो रो कर बुरा हाल था और जिस इंसान से वो सबसे ज्यादा प्यार करती थी आज उसी इंसान से वो सबसे ज्यादा नफरत करने लगी थी और राजू की ये बात सुनकर रानी राजू से कहती है," तुम क्या समझते हो राजू,की ये सब करके तुम बच जाओगे,मैं तुम्हे इसकी सज़ा दिलवाऊंगी,मैं तुम्हें जेल भिजवाऊंगी,और तुम सोच भी नही सकते कि तुम्हारी क्या हालत हो जाएगी,मैं तुम्हे कभी माफ नह करूँगी राजू" !!

रानी की ये बातें सुनकर राजू को गुस्सा आ जाता है और वो रानी को एक जोरदार थप्पड़ मार देता है और उसे घसीटते हुए बाहर ले आता है और किले की दीवार पर लाकर खड़ा कर देता है और उससे कहता है," अब तेरा ज़िंदा रहना मेरे लिये खतरा बन जाएगा,अब तेरा मरना ही मेरे लिए जीना है,"और ये बोलके वो उसे ज़हर पिला देता है जो वो पहले से ही अपने पास रखकर लाता है और उसे वहीं किले की दीवार से नीचे फेंक देता है और रानी किले की दीवार से नीचे गिर जाती है और तभी किले मे से राजू की आवाज़ आती है....रानी...!!!

समय : वर्तमान समय जनवरी 2019

ये सब इशिका अपने सपने मे देखती है और राजू की आवाज़ से इशिका अपनी नींद टूटती है और वो घबरा कर उठ जाती है,और उठने के बाद वो पूरी तरह से पसीने से नहा ली थी,वो बहुत घबरा रही थी और फिर वो अपने आप से कहती है ," तुम क्या समझते हो राजू की मेरी इज़्ज़त के साथ खिलवाड़ करके तुम साफ बच निकलोगे,ये गलतफहमी है तुम्हारी,मैं तुम्हारा असली चेहरा दुनिया के सामने लाऊंगी Mr राजवीर सिंघानियां,रानी आ चुकी है अब इशिका का जन्म लेकर" !!

क्रमशः.....
 
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