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Guest
शालु,,,,देवा तू तो बड़ा कमीना निकला। अपनी ही माँ के साथ मजे करता है…और तो और दिवाना भी बना लिया है तूने रत्ना को अपना…रत्ना यह सुन कर किसी नयी नवेली दुल्हन की तरह शर्मा जाती है।
उसे शरमाते देख देवा बोलता है,,,लगता तो कुछ ऐसा ही है शालु पर मेरे से ज्यादा मेरी माँ इसकी दीवानी हो गयी है…और उसने अपने लंड की तरफ इशारा करा जो अभी तक खड़ा हुआ था और शालु की तरफ पॉइंट कर रहा था…उसका लंड चमक रहा था।
शालु ने उसके लंड को जब देखा तो उसने सोचा…रत्ना बड़ी भाग्यवान है उसे ऐसा लंड मिला है जो हमेशा उसके आस पास ही रहने वाला है…इसकी तो अब पूरी जिंदगी में चुदाई पक्की ही है…शालू को रत्ना से जलन हो रही थी।
रत्ना देवा के मुँह से अपनी माँ को अपने लंड का दीवाना होने वाली बात सुनके बहुत ज्यादा शर्मा गयी थी और उसने अपने मुह को तकिये के नीचे छुपा लिया…रत्ना को ऐसा करते देख शालु और देवा हँसने लगे।
शालु: अरे रत्ना मेरी जान इतना तो मत शर्मा अब मेरे सामने…देवा बेटा सही ही बोल रहा है…आखिर मैने यह तेरा दिवानापन अपनी आँखों से ही देखा है…यह कहते हुए शालु देवा को एक आँख मारती है…देवा शालु को देखते हुए अपना लंड हाथ में पकड़ कर हिलाने लगता है जिसे देख कर शालु उसे इशारो में कहती है…अभी नही बेटा कुछ टाइम तुम अपनी नयी दुल्हन के साथ ही मजे करो…मैं बाद मे मजे दूंगी…शालू आँख मारती है…रत्ना अब उठ कर बैठ जाती है पर अपने ऊपर से चादर नहीं हटाती और शरमाति हुई नज़रो से देवा को अपने पास नंगा खड़ा देख कर और शर्मा जाती है और बोलती है,,,,कैसा बेशर्म जैसा खड़ा है कपडे तो पहन ले अपनी काकी के सामने…
शालु: अरे कोई बात नही रत्ना,,,मैं वैसे भी जा रही हूँ बस…बेकार में उसे कपडे मत पहना…क्युकी फिर से तो उतारना ही है आखिर मेरे जाते ही…
रत्ना शालु की बात सुन कर शरमाती हुई नज़रो से कहती है…शालू तू वैसे आयी क्यों थी? इस सवाल को सुनकर शालु बोलती है…अरे हाँ मै तो तुम लोगो को ऐसे देख कर ओह भूल ही गयी की मै किस काम से आयी थी…रत्ना जब याद आ जायेगा मै दोबारा आकर बता दूंगी की क्या काम था…तब तक तो मजे कर और बेफिक्र रह मै किसी को कुछ पता नहीं लगने दूंगी। मैं जानती हूँ की तूने कितना दर्द सहा है…तू बिलकुल फिकर मत कर और खुश रह…
उसे शरमाते देख देवा बोलता है,,,लगता तो कुछ ऐसा ही है शालु पर मेरे से ज्यादा मेरी माँ इसकी दीवानी हो गयी है…और उसने अपने लंड की तरफ इशारा करा जो अभी तक खड़ा हुआ था और शालु की तरफ पॉइंट कर रहा था…उसका लंड चमक रहा था।
शालु ने उसके लंड को जब देखा तो उसने सोचा…रत्ना बड़ी भाग्यवान है उसे ऐसा लंड मिला है जो हमेशा उसके आस पास ही रहने वाला है…इसकी तो अब पूरी जिंदगी में चुदाई पक्की ही है…शालू को रत्ना से जलन हो रही थी।
रत्ना देवा के मुँह से अपनी माँ को अपने लंड का दीवाना होने वाली बात सुनके बहुत ज्यादा शर्मा गयी थी और उसने अपने मुह को तकिये के नीचे छुपा लिया…रत्ना को ऐसा करते देख शालु और देवा हँसने लगे।
शालु: अरे रत्ना मेरी जान इतना तो मत शर्मा अब मेरे सामने…देवा बेटा सही ही बोल रहा है…आखिर मैने यह तेरा दिवानापन अपनी आँखों से ही देखा है…यह कहते हुए शालु देवा को एक आँख मारती है…देवा शालु को देखते हुए अपना लंड हाथ में पकड़ कर हिलाने लगता है जिसे देख कर शालु उसे इशारो में कहती है…अभी नही बेटा कुछ टाइम तुम अपनी नयी दुल्हन के साथ ही मजे करो…मैं बाद मे मजे दूंगी…शालू आँख मारती है…रत्ना अब उठ कर बैठ जाती है पर अपने ऊपर से चादर नहीं हटाती और शरमाति हुई नज़रो से देवा को अपने पास नंगा खड़ा देख कर और शर्मा जाती है और बोलती है,,,,कैसा बेशर्म जैसा खड़ा है कपडे तो पहन ले अपनी काकी के सामने…
शालु: अरे कोई बात नही रत्ना,,,मैं वैसे भी जा रही हूँ बस…बेकार में उसे कपडे मत पहना…क्युकी फिर से तो उतारना ही है आखिर मेरे जाते ही…
रत्ना शालु की बात सुन कर शरमाती हुई नज़रो से कहती है…शालू तू वैसे आयी क्यों थी? इस सवाल को सुनकर शालु बोलती है…अरे हाँ मै तो तुम लोगो को ऐसे देख कर ओह भूल ही गयी की मै किस काम से आयी थी…रत्ना जब याद आ जायेगा मै दोबारा आकर बता दूंगी की क्या काम था…तब तक तो मजे कर और बेफिक्र रह मै किसी को कुछ पता नहीं लगने दूंगी। मैं जानती हूँ की तूने कितना दर्द सहा है…तू बिलकुल फिकर मत कर और खुश रह…