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Adultery बड़े घरों की बहू बेटियों की करतूत

राज- हाँ में मेरी जान और कौन होगा?

नेहा- तुम यहां क्या कर रहे हो?

राज. अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने आया हूँ।

नेहा- तुम पागल हो क्या? अगर किसी ने देख लिया ना तो पता है ना क्या होगा?

राज- "उसकी नौबत नहीं आएगी.." ऐसा बोलकर राज दरवाजा बंद कर देता है।

नेहा- ये क्या कर रहे हो? दरवाज़ा क्यों बंद किया?

राज- "जानेमन तुझसे मस्ती। सबके सामने तो कर नहीं सकता ना..."

नेहा शर्मा जाती है- "मुझे नहीं करनी तुम्हारे साथ मस्ती समझे तुम। तुम निकलो इधर से.."

राज- क्यों अपने बायफ्रेंड को नाराज़ करने पर तुली हई है।

नेहा- तुम यहाँ से प्लीज जाओ।

राज- मैं नहीं जानेवाला, और मुझे ये भी पता है के तेरा पति आज रात नहीं आने वाला।

नेहा हैरान थी की राज को कैसे पता इस बारे में, तो पूछा- "क्या। तुमको कैसे पता?"

-

राज तू वो सब छोड़ मेरी जान। हम दोनों के तो मजे हैं ना।

नेहा- "देखो मुझे कोई मजे नहीं करने। तुम बस जाओ.."

राज नेहा की करीब जाकर- "मैं जाऊं क्या?"

नेहा राज के करीब आने से अजीब महसूस कर रही थी, कहा- "हो तुम जाओ.."

राज अब अपने दोनों हाथ नेहा की कमर के आस-पास डालता है। जिससे नेहा मदहोश हो जाती है। राज के हाथ का अहसास उसे पागल बना रहा था।

राज-अब जाऊं?

नेहा बड़े ही मदहोश अंदाज में बोलती है- "जाओ....

राज नेहा को बेड तक ले जाता है और बेड पर धकेल देता है।

नेहा बेड पर गिरती हैं, और राज को देखती हैं।

राज- मेरी जान आज मौका भी है और दस्तूर भी। मजा आएगा आज रात तेरे साथ।

नेहा राज की तरफ भौचक देख रही थी। राज अपनी शर्ट निकालने लगता है। जिसे देखकर नेहा शर्मा जाती है। उसे पता था की राज क्या करना चाहता है: शर्ट निकलते ही राज की बालों भरी गंदी दिखने वाली छाती सामने आ जाती है। नेहा लेटी हुई ये सब देख रही थी। राज अब अपनी पेंट उतारने लगता है। जिसे देखकर नेहा अपना चेहरा दूसरी तरफ कर लेती है। राज पैंट निकालकर अपनी बड़ी सी अंडरवेर में आ जाता है। अब राज बेड पर चढ़ जाता है।

राज- "मेरी बुलबुल आज खूब मजा करेंगे. और वो नेहा के ऊपर आ जाता हैं।

नेहा- राज प्लीज़... ऐसा मत करो।

राज- क्यों क्या हुआ मेरी जान?

नेहा- मैं शादीशुदा हूँ।

राज- क्यों शादीशुदा औरतें चुदवाती नहीं क्या। और तू तो मुझसे कई बार चुदवा चुकी हैं।

-

नेहा- चुप रहो बेशरंऽम कहीं के।

राज अब नेहा के दोनों हाथ बेड से सटा देता है, और उसके ऊपर आ जाता है। राज झुक कर नेहा के गले को चूमने लगता है।

नेहा- "अहह.. राज..."

राज नेहा के गले को बेतहाशा चूम रहा था। जिससे नेहा की सिसकारियां वहाँ सेक्सी माहौल बना रही थी। एक काले बूढ़े और जवान औरत के बीच हाट दृश्य चल रहा था। राज का चूमना उसको पागल बना रहा था। नेहा खुद पर से कंट्रोल खो रही थी। अब राज गले को चूमते हए थोड़ा नीचे आता है, और उसका पल्लू हटाता है। बलाउज़ के ऊपर से नेहा की चूचियां मस्त लग रही थीं। राज के हाथ नेहा की चुचियों पर पहुँच जाते हैं, और

वो मसलने लगते हैं।

नेहा- "अहह.."

राज चूचियां मसलते हुए निपल दबाता है।

नेहा को एक बार के लिए दर्द होता है- "हाय कमीने दर्द होता है। छोड़ मुझे.."

राज- थोड़ा सह ले मेरी जान। आगे मजे ही मजे हैं।
 
नेहा स्माइल करती है। राज निपल को दो-तीन बार दबाकर अब अपना मुँह उधर लगाता है। राज अपना मुँह नेहा की चूचियों पर दबा रहा था। नेहा को राज की हरकतें अलग मजा दे रही थी।

राज. "मेरी जान तुझे तेरे ही रूम में तेरे ही बेड़ पर चोदने का अलग ही मजा आएगा.."

नेहा- "कमीने ऐसी बातें मत करो प्लीज... अहह.."

राज अब औड़ा नीचे जाता है। नेहा की नंगी गोरी नाभि जैसे कांप रही थी। अब राज अपनी जबान नेहा के पेट पर फेरता है।

नेहा- "अहह... उम्म्म्म

... अहह.."

नेहा के चेहरा के भाव चेंज हो चुके थे। वो अब राज की हरकतों को एंजाय कर रही थी। उसके हाथ अब राज के सिर पर घूमने लगते हैं। मजे में वो राज को अपने पेट पर दबा रही थी। राज अपने हाथ ऊपर लेजाकर नेहा की चूचियां दचाता है।

नेहा- "अहह... अहह.."

राज थोड़ी देर बाद नेहा की साड़ी निकाल देता है। अब नेहा ब्लाउज़ और पेटीकोट में थी। नेहा बहुत सेक्सी लग रही थी इस हालत में। एक बड़े घर की बहू ऐसी हालत में एक गंदे काले बुड्ढे ड्राइवर के सामने। राज अब नेहा का पेटीकोट नीचे से थोड़ा ऊपर करके उसके गोरे पैर को चूमता है, फिर दूसरे पैर को। ऐसा राज करे जा रहा था। कभी एक पैर को तो कभी दूसरे को। नेहा के गोरे पैर जो बिल्कुल चिकले हैं उसको यह काला बूढ़ा अपने गंदे काले होंठों से चम रहा था। ये सारी हरकतों से नेहा की चत आलरेडी गीली हो चकी थी, और उसके हाथ राज के सिर को सहला रहे थे।

राज अब नेहा का एक पैर उठाकर उसके अंगूठे को मुँह में लेकर चूसने लगता है। नेहा को उसके पति ने भी ऐसा नहीं किया था। उसको भी मजा आ रहा था।

नेहा- हाय क्या कर रहे हो?

राज- मेरी गर्लफ्रेंड को प्यार कर रहा हैं।

नेहा शर्मा जाती है। ऐसे करते हुए राज दोनों पैरों की सब उंगलियां मुँह में लेकर चूसता है। अब वो नेहा का पेटीकोट और ऊपर करता है। नेहा की गोरी जांधे दिख रही थी। राज वहाँ भी चमने लग जाता है।

नेहा- "आह्ह... राज..."

राज का लौड़ा उसकी अंडरवेर में खड़ा हो चुका था। और उसको तकलीफ दे रहा था। राज जांघ चूमते हुए अब नेहा का पेटीकोट नीचे कर देता है। अब नेहा नीचे से एक पटी में औ। उसका गोरा बदल मस्त लग रहा था सिर्फ एक पटी से ढका हुआ और ऊपर सिर्फ ब्लाउज में। राज नेहा की पेंटी के ऊपर से एक बार चूत को चूमता है।

नेहा- "आह्ह... उम्म्म्म

आहह .."

राज की नेहा की पटी का गीलापन साफ महसूस होता है अपने काले होंठों पर, और कहता है- "क्या बात है जानेमन... तेरी चूत तो पहले से ही गीली हैं.."

नेहा शर्म से लाल हो जाती है। राज अब पैटी के ऊपर से चूमते हुए अपने हाथ ऊपर लेजाकर नेहा के ब्लाउज़ के बटन खोल देता है। उसके दोनों पल्ले अलग करके बी ब्रा के ऊपर से चूचियां मसलने लगता है।

नेहा की सिसकारियां निकल रही थी- "उम्म्म्म

... अहह...

इस वक्त इस घर की खूबसूरत बह एक काले बूढ़े के साथ इस आलीशान बेड पर एंजाय कर रही थी। सब कुछ भलेकर की वो एक बड़े घर की बहू है। लेकिन राज के लिए तो बस मजे थे। वो अब ऑड़ा ऊपर आकर नेहा को उठता है और पीछे से उसकी ब्रा का हक निकाल देता हैं। और ब्रा फेंक देता है बेड के साइड में। अब नेहा ऊपर से बिल्कुल नंगी भी। उसकी गोरी बड़ी-बड़ी चूचियां जंगी से राज के सामने। राज नेहा की चूचियों को देखकर टूट पड़ता है उसपर।

नेहा- आहह... राज धीरे...'

राज नेहा की एक चुची को मुँह में लेकर चसने लगता है, और निपल को अपने दाँत से कभी: दूसरी चुचियां को वो एक हाथ से मसल रहा था। राज नेहा के निपल ऐसे चूस रहा था जैसे कोई माँ का दूध चूस रहा हो। नेहा को भी अजीब सा मजा आ रहा था राज के ऐसा करने से। लेकिन उसे दर्द भी हो रहा था ऐसे राज के उसके निपल से दूध चूसने की कोशिश करने से।

नेहा- “आहह... दर्द हो रहा है, क्या कर रहे हो?"

राज- मेरी जान तेरी चूचियों से दूध पी रहा है। आजकल दूध बहुत महंगा हो गया है। तो मेरी गर्लफ्रेंड को ही चूचियों से दूध पियंगा तो पैसे भी बच जाएंगे।

नेहा शर्मा जाती है- "चुप रहो। क्या बोल रहे हो तुम.." और नेहा के चेहरे पर स्माइल भी।

राज- ओहहो... मैं तो भूल ही गया की तझे तो बचा ही नहीं है, तो दूध कैसे निकलगा?"

नेहा का चेहरा फिर से लाल था शर्म से।

राज त फिकर मत कर मेरी जाना तुझे में अपने बच्चे के मौं बनाऊँगा।

नेहा- बेशर्म चुप रहो।

राज हँसता है।

नेहा शर्म से पानी-पानी हो गई थी मौं बनाने वाली बात से। नेहा की गोरी चूचियों पर राज अपना काला मह खूब मजे से फेर रहा था।

नेहा- "हाय राज रुक जाओ अहाह.."

राज थोड़ी देर चूचियों से खेलने के बाद अब नीचे जाता हैं, और धीरे से नेहा की पेंटी नीचे करने लगता है। नेहा उसे रोकने की कोशिश करती है। उसके हाथ पेंटी को पकड़े हुए थे। लेकिन राज उसकी पेंटी नीचे कर देता है। नेहा दूसरी ओर मुँह किए हुई थी। राज अब नेहा की चूत को ऊपर से सूंघने लगता है।

राज- "अच्छी तरह से पक गई है तेरी चूत मेरी जान।

नेहा राज की तरफ देख ही नहीं रही थी। उसकी हालत बुरी थी राज की बातों से। राज अब नेहा की गुलाबी चूत फा एक बार अपनी जीभ फेरता है।

नेहा- "अहह.." और नेहा की जोर की सिसकारी निकलती है।

राज की जुबान का अहसास नेहा की गोली चूत पर उसके लिए करेंट का काम कर रहा था। नेहा बेडशीट को कसकर पकड़ती है। उसक जिम एकड़ रहा था राज के ऐसा करने से।

नेहा- "अहह.."

राज अब नेहा की गुलाबी चत के आस-पास चाटने लगता हैं। नेहा की चूत का रस जो बह रहा था, राज उसे भी चाट रहा था। नेहा की आँखें आनंद में बंद हो चुकी थी। वो पूरी नंगी पड़ी हुई थी उसी के बेड़ में एक काले बटे के साथ। राज अब् नेहा की चत की दोनों फांके अलग करता है और अपनी जुबान अंदर डालता है और चाटने लगता है। नेहा अपनी आँख खोलकर राज को ऐसा करते हुए देखने लगती है।

नेहा- “आहह.. उम्म्म्म ... राज..” कहकर वो अपने हाथ अब कटीम के सिर पर रखकर उसे अपनी चूत पर दबाने लगती है। नेहा की चत लगातार पानी छोड़ रही थी और राज उसे चाटता जा रहा था। नेहा की सिसकारियां रूम में गज रही थी- “आहह... उम्म्म्म ... अहह... उम्म्म्म ... अहह... ओमम्म... अहह... उम्म्म्म ..."

राज थोड़ी देर ऐसे ही उसकी चूत चाट रहा था।

नेहा कंट्रोल से बाहर हो रही थी- "अहह... राज मैं झड़ने वाल्ल्ली है आह्ह..."

राज- मेरे मुँह पर ही झड़ जा मेरी जान।

नेहा- नहीं तुम्म हटो वहाँ से।

राज- जैसा तू कहे मेरी जान।

नेहा की चूत राज वहाँ से हटते ही बहुत सारा पानी छोड़ती है।

राज- बहुत पानी छोड़ दिया मेरी जान तुमनें।

नेहा शर्मा जाती है, और कहती है- "सब तुमने किया है। कमौनी कहीं के..."

राज- अब मेरी गर्लफ्रेंड का खयाल तो रखना पड़ेगा ना।

नेहा फिर से स्माइल करती हैं।

राज- अब तेरा हो गया जा। अब मेरी बारी।

हा- कैसी बारी?

राज अपनी अंडरके नीचे करता है, और उसका काला मोटा लौड़ा बाहर आ जाता है। नेहा झट से दूसरी तरफ देखती है।

राज- देख मेरी जान। तेरे लिए कैसे तरस रहा है मेरा लण्ड।

नेहा इधर नहीं देख रही थी।

राज अब बेड में आता है और लेट जाता है, और कहता है- "आ जा... चूस मेरा लण्ड...

नेहा- मुझसे नहीं होगा।

राज. ऐसा मत कर मेरी जाना उतना भी मुश्किल नहीं है।

नेहा कुछ नहीं बोलती।

राज अपना लण्ड ऊपर-नीचे करते हुए- "चल मेरी जान शुरू हो जा.."

नेहा- नहीं वो बहुत गंदा है।

राज- उतना गंदा भी नहीं है मेरी जान।

नेहा- मुझसे नहीं होगा। तुम उससे पी करते हो।

राज- पी... ये क्या होता है?

नेहा को समझ में नहीं आ रहा था की वो राज को कैसे समझाए? वो राज के सामने पेशाब शब्द इस्तेमाल नहीं करना चाहती भी।

राज. बोल ना.. मी क्या होता है?

नेहा झिझकते हुए- "पेशाब.."

राज- ओहो... वो तो तू भी अपनी चूत से करती है ना।

नेहा शर्मा जाती है।

राज. आजा मेरी जान।
 
नेहा एक बार धीरे से राज के काले लण्ड की तरफ देखती है। राज के काली झांटों भरे हए लण्ड को, जो एकदम गंदा लग रहा था। नेहा को लण्ड देखते हुये अजीब लग रहा था। हालांकी वो ये गंदा लण्ड अपनी मासूम चूत में ले चुकी थी लेकिन लण्ड चूसना अलग बात भी।

नेहा- प्लीज... राज मुझसे नहीं होगा।

राज- तू आ इधर, मैं तेरी मदद करता है।

नेहा झिझकते हुए राज के पास जाती है बेड पर। राज लेटा हुआ था। नेहा पूरी नंगी अब राज की कमर के पास जाती है।

राज- चल अपना मुँह खोला

नेहा धीरे से अपना मुँह खोलती है।

राज- अपना मुँह ला मेरे लण्ड के पास।

नेहा धीरे से बेमन से अपना खूबसूरत चेहरा राज के काले लण्ड के पास ले जाती हैं। नजदीक जाते ही उसको पेशाब की बदबू आती हैं। जैसे उसने काफी हफ्तों से उसे साफ ना किया हो।

नेहा- छी... बहुत गंदा है।

राज. इतना भी गंदा नहीं है मेरी जान।

नेहा- "क्या गंदा नहीं है? देखो कितनी गंदी बदबू आ रही है इससे.." और नेहा राज का काला लण्ड देखकर अजीब सा मुँह बना रहीं ।

राज. चस ना मेरी जान।

नेहा- राज बहुत गंदा है ये। मुझे उल्टी मी आ रही है इसके करीब जाते हो।

राज. एक बार कोशिश तो कर।

नेहा राज की तरफ एक बार घूरकर देखती हैं। फिर धीरे से लण्ड की तरफ अपना मुँह ले जाती है। उससे सहा नहीं जा रहा था लेकिन फिर भी वो इस बार वैसे ही रहती है।

राज- चलो अब अपना मुँह लगाओ इसपर।

नेहा बेमन से अपने लाल होंठ धीरे से उसका काले लण्ड पर रखती हैं। अब उसका गंदे काले टोपे पर नेहा के लाल होठ थे। नेहा हटाना चाहती थी अपने होंठ लोकल वो नहीं हटाती।

राज- चल अब मुँह में ले इसे।

नेहा राज को गुस्से से देखती हैं. और कहती है- "में ट्राई कर रही हूँ ना.. हर बात मुझे मत बोलो.."

राज- ठीक है मेरी जान। जो करना है कर।

नेहा अब धीरे से अपना मुँह खोलते हुए टोपा मुँह में ले लेती है। बहुत ही गंदा टेस्ट आ रहा था उसे। लेकिन वो अब अपने मुँह में और राज का लण्ड लेने लगती है। उसके गंदे लण्ड पर अपना मुँह और घुसाने लगती है। राज का लण्ड बड़ा होने की वजह से नेहा के मुँह में पूरा लण्ड नहीं जा रहा था। लण्ड अंदर लेने के बाद अब नेहा उसपर धीरे-धीरे जुबान लगती हैं और अपना मुँह उसपर ऊपर-नीचे करने लगती है। उसके मुँह में एक जमकीन सा टेस्ट आ रहा था। ऊपर से उसके लण्ड के आस-पास सफेद काली घनी झांटें।

नेहा का मुँह अपने लण्ड पर होने से राज तो जैसे सातवें आसमान पर था। उसने कभी नहीं सोचा था की उसका ये काला लण्ड कभी एक बड़े घर की खूबसूरत बहू चूसेगी।

राज- “आहह... मजा आ रहा है मेरी जान ऐसी ही चसती रह..."

थोड़ी देर में नेहा थोड़ा नार्मल हो जाती है और अच्छी तरह से उसका लण्ड चूसने लगती हैं। अब वो उसमकाले लण्ड पर अच्छी तरह से अपनी जीभ फेर रही थी। अपने लण्ड पर नेहा की जुबान राज को बहुत मजा दे रही थी। नेहा के लाल कोमल होठ राज के काले गंदे लण्ड पर ऊपर-नीचे हो रहे थे। राज को इन सबसे कंट्रोल नहीं हो रहा था अब।

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राज. अहह... कक्क जा मेरी जान... अब झड़वाएगी क्या इतने जल्दी?

नेहा रुक जाती है और अपना मुँह हटा लेती है उसके लण्ड से। राज अब बेड से उतारकर नेहा को बेड में लिटाकर खुद उसके ऊपर आ जाता है, उसकी टाँगों के बीच। अब वो अपना काला लण्ड नेहा की गुलाबी चूत पर रखता है।

नेहा- "ओहह.."

राज- मेरी जान अब तेरे और मेरे दोनों के मजे की बारी।

नेहा शर्मा जाती है। अब काम नेहा के ऊपर थोड़ा झुकते हुए अपने लण्ड का दबाव नेहा की चूत पर डालता है।

नेहा- अहह... राज धौरे।

राज. धीरे ही तो कर रहा हूँ।

नेहा- क्या धीरे कर रहा है। पिछली बार जोर से किया था तुमने।

राज- वो तो मेरी बुलबुल को पिछली बार की चुदाई का सब कुछ याद है।

नेहा का चेहरा शर्म से लाल हो जाता है।

राज अब धीरे-धीरे करते हए आधे से ज्यादा लण्ड अंदर डालता है।

नेहा- “आहह... राज दर्द हो रहा है। अहह.."

राज- थोड़ा से ले मेरी जान।

थोड़ी देर नेहा के जामल होने तक राज हल्के-हल्के धक्के लगता है। नेहा नार्मल होते ही वो एक जोर से धक्का लगाता है। उसका लण्ड अब काफी हद तक पूरा जा चुका था अंदर।

नेहा- मम्मी अहह... राज बाहर निकालो अहह.. दर्द हो रहा है।

राज झक कर उसके गले को चूमने लगता है, और कहता है- "शांत हो जा मेरी जान बस हो गया..."

नेहा- "अहह... अहह.."

राज भी नेहा के नार्मल होने तक सकता है। नेहा के नार्मल होते ही राज हल्के-हल्के धक्के लगाने लगता है।

नेहा- "अहह... आह्ह.. आह्ह... हाय आहह.."

राज का काला बड़ा लण्ड नेहा की गुलाबी चूत में अंदर-बाहर हो रहा था अब्बा राज नेहा के पैर अपने कंधों पर रखता है और फिर उसके उसपर झक कर धक्के लगाने लगता है।

नेहा- "अहह... अहह... राज अहह... अहह..." और नेहा को तो ऐसा लग रहा था जैसे कोई लोहे की रोड़ उसकी चूत में अंदर-बाहर हो रही हो- "अहह... अहह... अहह..."

राज का तगड़ा लण्ड नेहा की चूत की गहराईयो का नाप रहा था।

नेहा- "राज दर्द हो रहा है। अहह..."

राज. थोड़ी देर और ... मजा आएगा तुझे भी।

नेहा- "उम्म्म... अहह... अहह .."

राज अब धक्के आड़े तेज लगने लगता है। टप-टप टप-टप टप-टप।

नेहा- “आहह... आइ

आइ

आहह.."
 
इस पोजीशन में राज नेहा को 10 मिनट चोदता है। अब राज सक कर नेहा को डागी स देता है, और उसके पीछे जाकर अपना लण्ड उसकी चूत पर सेट करता है और एक धक्का मारता है।

नेहा- "अहह.."

राज इस बार रुके बिना धक्के लगाने लगता है। इस बार नेहा को भी दर्द नहीं हो रहा था।

नेहा- अहह... उम्म्म्म... हाय ओम्म्म ."

सामने से व्यू मस्त था। नेहा की चूचियां लटकी हुई इधर-उधर मचल रही थी राज के हर धक्के के साथ।

राज- क्या चूत है तेरी अहह... मजा आ जाता हैं मारने में।

नेहा आगे से बेड शीट को पकड़े हुई थी। उसकी जुल्फें धक्कों के साथ इधर-उधर हो रही औं, उसके खूबसूरत चेहया । बहुत ही सेक्सी लग रही थी उस वक्त नेहा। राज नेहा की गाण्ड को दबा रहा था उसको चोदते हुए।

नेहा- "अहह... अहह... हाय अहह.. हाय आहह.."

ऐसे ही 5 मिनट चोदने के बाद राज नेहा की पीठ के ऊपर निटाल होकर गिर जाता है। थोड़ी देर बाद वो बेड में लेट जाता है और नेहा को खुद के ऊपर खींच लेता है। नेहा के दोनों पैर राज की कमर के इधर-उधर थे। अब राज नेहा की आँखों में देखते हुए पीछे से अपना लौड़ा पकड़कर नेहा की गाण्ड के छेद पर सेट करता है।

नेहा अपनी गाण्ड के छेद पर लण्ड के अहसास से डर जाती है, और कहती है- "क्या कर रहे हो?"

राज- जानेमन आज तेरी गाण्ड मारना चाहता हूँ।

नेहा- छी... कमीने कहीं के। मुझे नहीं करवाना वहाँ।

राज- करने दे मेरी जान। तुझे बहुत मजा आएगा।

नेहा- नहीं नहीं बहुत दर्द होगा। तुम्हारा वो बहुत बड़ा है।

राज- क्या बड़ा है मेरी जान?

नेहा शर्माती हैं, और कहती हैं- "मुझे नहीं पता."

राज- बता ना मेरी जान।

नेहा- वो.. वो... लण्ड.."

राज- लण्ड क्या?

नेहा- वो तुम्हारा लण्ड कहुत बड़ा है।

राज- एक बार ले ले मेरी जान। तुझे मजा आएगा।

नेहा- नहीं नहीं मुझे बहुत दर्द होगा।

राज- "कुछ नहीं होगा। एक बार ले ले." औं ऐसा बोलकर राज नेहा की गाण्ड पर अपने लौड़े से भीड़ा दबाव डालता है नीचे से।

नेहा- प्लीज़... राज मत करो। मैं मर जाऊँगी।

राज- क्यों ऐसी बातें कर रही है मेरी बुलबुल। कुछ नहीं होगा तुझे।

नेहा- नहीं तुम बस मत करो।

राज- क्यों फिकर करती है मेरी जान। तेरी गाण्ड का खयाल मेरा लण्ड रखेगा।

नेहा राज की पकड़ से निकलने की कोशिश करती हैं। लेकिन राज उसे छोड़ने वाला नहीं था। अब राज अपना बड़ा काला लण्ड नेहा की गाण्ड में घुसाने लगता है। नेहा की गाण्ड उसके पति ने भी नहीं मारी थी। ऐसे में नेहा को दर्द होना लाजमी था। लण्ड के दबाव से ही नेहा को दर्द होने लगा था।

नेहा- "अहह... राज मुझसे नहीं होगा प्लाज़्ज़.."

राज थोड़ा और दबाव डालता है। इस बार उसके लण्ड की टोपी अंदर घुस जाती है। उससे ही नेहा को बहुत तेज दर्द होता है।

नेहा- आह्ह... मर गई दर्द हो रहा है।

राज अब थोड़ा रुकता है। राज नेहा की सामने लटकी हुई चूचियों को एक बार चूमता है। नेहा के चेहरे पर दर्द का अहसास था। उसे पशीला आया हुआ था। नेहा एक बार राज को देखती है।

नेहा- प्लीज.. राज नहीं।

राज- जानेमन थोड़ा दर्द सह ले।

नेहा चुप रहती है अब्बा

राज अब नीचे से एक धक्का लगता है, तो उसका लौड़ा औड़ा अंदर जाता है।

नेहा- "अहह.. राज उम्म्म... नेहा को बहुत दर्द हो रहा था। उसकी गाण्ड जैसे कोई चौर रहा हो “आहह ... राज प्लीज... अहह.."

राज एक बार रुक कर एक जोरदार धक्का लगाता हैं। इस बार राज का बड़ा काला लण्ड आधे से ज्यादा अंदर चला जाता हैं नेहा की गाण्ड में।

नेहा- "अहह... मम्मी

मर गईई अहह.."

राज अब रुकता है। वैसे ही नेहा की गाण्ड में अपना काला बड़ा लौड़ा डाले रहा

नेहा राज से चिपक जाती है। उसकी चूचियां राज की छाती से दबी हुई थी, और उसकी गाण्ड में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था।

राज- शांत हो जा मेरी जान। बस हो गया। अब फिकर मत कर। मेरा लण्ड तेरी गाण्ड में जा चुका है।

नेहा- आह्ह... राज प्लीज़... निकालो इसे। में मर जाऊँगी.. और नेहा की आँखों से आँसू निकल रहे थे।

राज ने नेहा के चेहरे को पकड़ कर कहा- "कुछ नहीं होगा मेरी जान... अस बोड़ी देर और। फिर तू एंजाय करेंगी।

और में मेरी गर्लफ्रेंड को कुछ भी नहीं होने दूंगा.."

नेहा- मुझे अपनी गर्लफ्रेंड बोलते हो, और मुझे इतना दर्द दे रहे हो... मालूम है तुमको कितना दर्द होता है?"

राज- "मैंने कहा जा थोड़ी देर मेरी जान... और नेहा को अब थोड़ा शांत देखकर राज नीचे से अपना लण्ड बाहर निकालकर फिर से धक्का लगाता है।

नेहा- अहह... मेरी गाण्ड... क्यों मारने पर तुले हुए हो मुझे?

" कहकर राज धीरे-धीरे अपना लौड़ा नेहा

राज- "तझे तो नहीं लेकिन तेरी गाण्ड जरूर मारने पर तुला है।

नेहा की गाण्ड में अंदर-बाहर करने लगता है।

नेहा- "अहह.."

राज- "वैसे मेरी जान... ऐसा लगता है की तेरी गाण्ड तेरे पति ने नहीं मारी। बोल?"

नेहा कुछ नहीं बोलती।

राज- "बोल." ऐसा कहते हुए वो एक जोर से धक्का लगाता है।

नेहा- "हाय नहींईई.."

राज- "वही तो.. किसी काम का नहीं है तेरा पति। मेरे लिए अच्छा है की तेरी कुँवारी गाण्ड मुझे मिल गई."

नेहा- देखो तुम मेरे पति के बारे में कुछ मत बोलो.."

राज ऐसा बोलने पर जोर से दो-तीन धक्के लगाता है।

नेहा- "हाय मर गई धीरे

आहह.. अहह.."

राज- पति के बारे में कुछ बुरा नहीं सुन सकती, लेकिन अपने बायफ्रेंड को नाराज़ कर सकती है हाँ ?" और जोर-जोर से नेहा की गाण्ड मेंरने लगता है- टप-टप टप-टप टप टप।

नेहा- “आहह... राज रुको अहह... दर्द हो रहा है अहह.."

लेकिन राज धक्के लगाए जा रहा था।
 
राज- पति के बारे में कुछ बुरा नहीं सुन सकती, लेकिन अपने बायफ्रेंड को नाराज़ कर सकती है हाँ ?" और जोर-जोर से नेहा की गाण्ड मारने लगता है- टप-टप टप-टप टप टप।

नेहा- “आहह... राज रुको अहह... दर्द हो रहा है अहह.."

लेकिन राज धक्के लगाए जा रहा था।

नेहा को बहुत तकलीफ हो रही थी राज के तेज धक्कों से- "मर गई अहह... कमौजे धीरे नहीं कर सकता?"

राज के काले बड़े लण्ड में बहुत दर्द हो रहा था उसकी। उस रूम में नेहा की चौखों और राज के धक्कों की आवाजें आ रही थी। नेहा की आँखों में आँसू आ जाते हैं। उसके लिए ये दर्द सहना बहुत मुश्किल हो रहा था। जिसे देख राज की थोड़ा रहम आता है उसपर। और धक्के थोड़ा धीरे कर देता है।

राज- रो मत मेरी जान... बस हो गया। अब दर्द नहीं होगा तुझे।

नेहा- कितना दर्द होता है पता है तुमको? लेकिन तुमको उसकी परवाह कहाँ है?

राज- अच्छा ठीक है मेरी जान... फिर से वैसे नहीं होगा।

राज नीचे से धक्के लगाता हुआ नेहा के खूबसूरत चेहरे को देखता है।

नेहा की जुल्फे झल रही थी इधर-उधर। जिसे वो बार-बार ठीक कर रही थी। ऐसा करते हुए वो और भी सेक्सी लग रही थी। नेहा राज को अपनी तरफ देखते हुए देखकर बोली- "क्या देख रहे हो?"

राज- मेरी जान बहुत खूबसूरत लग रही है तू।

नेहा के चेहरे पर अब स्माइल आ जाती है, और कहती है- "मुझे दर्द में डालकर खूबसूरत बोल रहे हो। ...

राज- मेरी जान ये दर्द हमारे प्यार के लिए ज़रूरी हैं।

नेहा- चुप रहो।

राज- "मेरी जान... एक बात बोलनी थी तुझसे.." राज धक्के लगाते हुए कहा।

नेहा- कैसी बात?

राज- जैसे तु मेरी गर्लफ्रेंड बन गई हैं। वैसे जय रिया मालकिन को अपनी बनाना चाहता है। तू उसकी थोड़ी मदद कर देना।

नेहा- “आहह... क्या? पागल हो क्या तुम? मैं वैसा नहीं होने देंगी। वो मेरी छोटी बहन की तरह है। तुम दोनों बूढो का दिमाग खराब हो गया है क्या?"

राज. बहन जैसी है। बहन तो नहीं है ना? कर दे ना मदद उसकी।

नेहा- नहीं मैं नहीं करने वाली। देखो राज वो बहुत अच्छी है प्लीज... उसके साथ तो ऐसा ना होने दो।

राज. पहले तू भी तो अच्छी थी ना। अब देख तू मुझसे कैसे चुदवा रही है।

नेहा शर्मा जाती है।

राज- कर दे ना मदद उसकी। बेचारा तड़प रहा है रिया मालकिन के लिए।

नेहा- नहीं राज में नहीं करने वाली।

राज अब उसकी तेज-तेज चोदने लगता हैं।

नेहा- "अहह... दर्द हो रहा हैं अह."

राज- बोल करेंगी मदद?

नेहा- "अहह.. नहीं अहह..

राज लगातार उसको वैसे चोदते रहता है।

नेहा- अहह... प्लीज... धीरेऽऽ राज... दर्द हो रहा है।

राज- मेरी जान मदद कर दे उसकी।

नेहा- "अहह... राज अहह.." और राज की रफ्तार बढ़ता देख कर नेहा को कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था। वो बोली- "ठीक्क है.. कर दूंगी मदद अहह..."

राज जिसे सुनकर अपनी स्पीड धीरे कर देता है। उसके चेहरे पर एक कमीनी स्माइल आ जाती है- "ये हईला बात...

नेहा- कमीजे कहीं के अपनी बात मनवा ली जा..."

राज- क्या करूं मेरी बलबुल? तू सीधी तरह से मानती भी नहीं है।

ऐसे 5 मिनट और चुदाई के बाद राज रूक जाता है। नेहा भी थकी हुई राज के कप्पर निटाल हो जाती है। उसकी आज राज ने बहुत बुरी तरह से चुदाई की थी। ऐसी चुदाई उसकी कभी नहीं हुई थी। लॉकन उसको एक अजीब सा संतोष भी मिल रहा था राज से, जो उसका पति नहीं दे पाता। नेहा पड़ी हुई थी राज की छाती पर। उसकी गोरी गोरी चूचियां दबी पड़े भी राज की बालों वाले सीने से। उसके खूबसूरत चेहरे पर एक चमक आ गई थी, और वो अपनी सौंसों पर काबू पाने की कोशिश कर रही थी।
 
राज थोड़ी देर बाद- "उठ मेरी जान."

नेहा- "हहह.." और वो अपना चेहरा ऊपर करके राज को देखती हैं।

राज- इतने में ही थक गई क्या मेरी बुलबुल?

नेहा मन में " कैसा आदमी है ये? इतनी उमर होने के बाद भी इतना सब कुछ करके भी अभी भी ताकत बची है इसमें। कमीना कहीं का..."

राज-उठना।

नेहा अब राज के ऊपर से उठने लगती है। नेहा आधा उठी थी की राज उसे कमर से पकड़कर घुमा देता है। अब नेहा की पीठ राज की तरफ औ। राज नेहा को अपने कमा लिटा लेता है। इस पोजीशन में राज की छाती से नेहा की पीठ चिपकी हुई थी, और नीचे राज का लौड़ा नेहा की गुलाबी चूत पर दस्तक दे रहा था।

नेहा- मैं बहुत थक गई हूँ प्लीज़... बस करो अभी।

राज- जानेमन सिर्फ इतने में थक गई तो कैसे चलेगा? अभी तो सारी रात पड़ी है।

नेहा- सारी रात? नहीं नहीं बिल्कुल नहीं। में तो मर ही जाउन्गि ।

राज हँसता हुआ- "ठीक है सारी रात नहीं करूँगा बस..."

नेहा थोड़ी राहत की सांस लेती है। वरना सारी रात राज उसकी क्या हालत कर सकता है वो जानती थी।

राज- मेरी जान तैयार है ना एक और राउंड के लिए।

नेहा बस चुप रहती है।

राज अब नेहा की चूत पर अपना लौड़ा ना टिकाते हुए उसकी गाण्ड के छेद पर लगाता है।

नेहा जिसे महसूस कर के- "राज प्लीज... वहीं नहीं। मुझे बहुत दर्द होता है.." नेहा जानती थी इस पोजीशन में उसको और दर्द होगा।

राज- बस एक बार मेरी जान। फिर नहीं करूँगा ।

नेहा- प्लीज़... नहीं, मुझसे नहीं होगा।

..

राज- "बस एक बार मेरी जान। तेरी गाण्ड मारने में बहुत मज़ा है." और राज अब अपने लण्ड से नेहा की गाण्ड में एक धक्का लगाता है तो उसका 25 प्रतिशत लण्ड अंदर चला जाता है।

नेहा- "अहह..." करके नेहा राज के ऊपर से उठने की कोशिश करती हैं।

लेकिन राज उसकी कमर को मजबूती से पकड़े हुए था। राज अब नीचे से एक और धक्का लगाता है। इस बार थोड़ा आसानी से उसका लण्ड अंदर चला जाता है। करीब 75 प्रतिशत लण्ड अंदर जा चका था।

नेहा- "अहह... मर गई अहह.."

राज अब उसकी चुदाई करने लगता है।

नेहा- "अह... अहह.."

राज- कितनी टाइट है तेरी गाण्ड मेरी जान।

नेहा इस वक्त उसके ही बेडरूम में उसके ही बेड पर एक ड्राइवर के साथ गाण्ड चुदवा रही थी। वो नेहा जो कभी राज को हाँ ना करती थी, आज वही राज उसकी गाण्ड मार रहा था।

नेहा की चीखें

नेहा- "अहह... अहह... अहह... अहह... अहह.. हुह्ह अहह .. उम्म्म..." और राज के धक्कों बढ़ रही थी..." ये दोनों बेखबर थे।

नीलू उधर खिड़की से इनकी चुदाई देख रही थी. "हाय रे राज ने मार डाला हमारी नेहा मालकिन को तो। क्या हालत कर रहा है मालकिन को.... और वो खिड़की पर खुद से ही बातें कर रही थी।

इधर राज के धक्के जारी थे। मार रहा था वो नेहा की गाण्ड। उसकी चूचियां उछल कूद मचा रही थीं ऊपर से। नेहा के लिए ऐसी पोजिशन्स बिल्कुल नई थी। राज एक बूढ़ा होने के बाद उसको नई-नई पोजीशन में चांद रहा था। वो पोर्न वीडियोस जो देखता था।

नेहा- "अहह... अहह.."

खिड़की में नेहा की गाण्ड में राज का लौड़ा अंदर-बाहर होते देख रही थी, और सोच रही थी- "अरे हमारी नाज़ुक नेहा मेमसाहब की गाण्ड फाड़ डालोगे क्या राज? आप रे... देखो तो कैसे चोद रहा है?"

राज ऐसे ही नेहा को और 10 मिनट चोदता है। अब राज भी थोड़ा थक चुका था। उससे ज्यादा नेहा थकी थी। उसकी कुँवारी गाण्ड जो राज ने मारी थी। नेहा वैसे ही पड़ी रहती हैं राज के ऊपर कुछ देर। थोड़ी देर बाद राज थोड़ा हिलता है तो नेहा के जिस्म में थोड़ी हरकत होती है और वो बेड में ही साइड में लेट जाती है।

राज- मेरी जान मजा आया ना?

नेहा बिल्कुल बेहाल पड़ी थी। उसकी जिंदगी की सबसे जोरदार चुदाई की भी आज राज ने।

नेहा चुप रहती है।

राज- मज़ा आया ना तुझे भी?

नेहा- कमिने कहाँ की। इतना जोर से भी कोई करता है क्या?

राज- माफ कर दे मेरी जान। कभी-कभी जोश में हो जाता है।

नेहा- क्या जोश में? कितना दर्द होता है। मालूम है तुमको?

राज अब नेहा के ऊपर आ जाता है।

नेहा राज को देखने लगती है।

राज- "मेरी जान माफ कर दे.." बोलकर वो नेहा के लाल होठों की तरफ बढ़ा देता है।

नेहा बस अपनी आँखें बंद कर लेती हैं।
 
राज- "मेरी जान माफ कर दे.." बोलकर वो नेहा के लाल होठों की तरफ बढ़ा देता है।

नेहा बस अपनी आँखें बंद कर लेती हैं।

राज के काले होंठ उन लाल होंठों को छूकर उनको चूसने लगता है। राज और नेहा दोनों नंगे थे। एक अजीब सा हाट इश्य बन गया था वहीं। राज नेहा की जीभ भी कभी-कभी अपने मुँह में लेकर चूस रहा था। इस बार नेहा भी उसका साथ अच्छे से दे रही थी। दोनों नंगे जिश्म एक दूसरे की बाहों में पड़े हुए किस कर रहे थे।

जौल- "हाय देखो तो कैसे लैला मजन आपस में प्यार कर रहे हैं। में चलती हैं इन दोनों को अकेला छोड़कर..."

और नीलू वहीं से चली जाती है।

यह दोनों 3 मिनट किस करने के बाद किस तोड़ते हैं। राज नेहा के खूबसूरत चेहरे पर बिखरी हुई जुल्फें हटाकर कहता है- "हो जाये एक बार और मेरी जान..."

नेहा हरानी से राज को देखते हुए की ये कैसा आदमी है। उमर होने के बाद भी अभी तक इतना स्टेमिना कैसे हैं इसके पास। नेहा बोली- “नहीं राज प्लीज... मुझसे नहीं होगा और.."

राज को भी नेहा पर अब तरस आ जाता है- "ठीक है मेरी जान। जैसा तू कहे.."

नेहा अब बेड से उतरती है और वाईटरोब से एक तौलिया और कुछ कपड़े निकालकर बाथरूम की तरफ जाने लगती हैं।

राज. कहा जा रही है।

नेहा- नहाने और कहाँ?

राज- मुझे भी नहाना है तुम्हारे साथ मेरी जान।

नेहा शर्मा जाती है। साथ में नहाने वाली बात से, और कहती है- "साथ में... नहीं नहीं कोई ज़रूरत नहीं है..." और वो स्माइल करती है।

राज- रहने देना मेरी जान।

नेहा- नहीं तुम जरूर कोई ना कोई गलत हरकत करोगे उधर भी।

राज- नहीं करूँगा । वैसे भी सब कुछ तो कर चुका हूँ।

नेहा के चेहरे पर स्माइल आ जाती है। राज भी बेड पर से उतरकर उधर जाने लगता है। नेहा बाथरूम में चली जाती है तब तक। अब राज भी अंदर आ जाता है। दोनों नंगे थे। नेहा को बहुत शर्म आ रही थी की उसकी आज एक गंदे काले बूढ़े के साथ नहाना पड़ेगा। लेकिन वो ये भी जानती थी के उसी बूढ़े ने आज उसको बो संतोष दिया है जो उसका पति कभी नहीं दे पाया था।
 
नेहा को समझ में नहीं आ रहा था की वो आखिरकार, एक अंजान आदमी के साथ नहाए कैसे? उसे बहुत शर्म आ रही थी। किसी जमाने में नेहा राज को हाँ टति थी और आज उसी राज ने उसको साथ में नहाने पर मजबूर किया था।

राज- "चल मेरी जान नहाते हैं। बाल्टी किधर है" राज ठहरा गाँव वाला। उसे तो बाल्टी से पानी लेकर नहाना ही पड़ता था।

नेहा को राज की बात से एक बार हंसी आती हैं। नेहा शावर ओन करती हैं।

राज- अरे ये तो बारिश जैसा हैं।

नेहा की फिर से हँसी छूट जाती है।

राज- हैंस क्यों रही है?

नेहा- "कुछ नहीं.." नेहा एक साइड में खड़ी थी।

राज अब शावर के नीचे आता है और नेहा को भी खींच लेता है, और कहता है- "आज मजा आएगा अपनी गर्लफ्रेंड के साथ नहाने में..."

नेहा के चेहरे पर स्माइल आ जाती है। पानी की बूंदे दोनों के नंगे जिश्म पर गिरने लगती हैं। नेहा के लिए ये बिल्कुल अलग था। वो कभी खुद के पति को नहाते हुए अंदर आने नहीं देती थी। लेकिन वो एक गंदे काले बूढ़े के साथ नहा रही थी, वो भी पूरी नंगी। दोनों आमने सामने खड़े थे। नंगे होने की वजह से नेहा के हाई निपल राज को अपनी छाती पर चुभ रहे थे। नेहा को बहुत शर्म आ रही थी। वो ठहरी एक खूबसूरत इस घर की बहू और वो इस वक्त एक बूढ़े के साथ नहा रही है। दोनों के बीच थोड़ा फासला था। जिसे देखकर राज अब नेहा की कमर में हाथ डालकर अपने से सटा लेता है। जिससे नेहा की चुचियां राज की छाती से दब जाती हैं।

राज. मेरी जान क्या मजा है यहाँ नहाने का, वो भी तेरे साथ।

नेहा कछ नहीं बोलती। राज के हाथ पीछे से उसकी गाण्ड पर चले जाते हैं। राज के हाथ नेहा की नंगी भीगी गाण्ड को अब ममल रहे । काफी हाट दृश्य था। यह खूबसूरत बहु काले बूढ़े के साथ पूरी नंगी बाभरकम में खड़ी थी। राज की तो बस रात चल रही थी। राज नेहा की गाण्ड को बहुत ही कामुक तरीके से दबा रहा था। जो अब नेहा को गरम करने लगा था। नेहा वैसे ही गरम हो रही थी अपनी चूचियां राज के छाती से दबे जाने से। और उसको तंग करने के लिए उसकी चूत पर राज का बड़ा काला लण्ड भी टकरा रहा था। राज अब नेहा के गले को भी चूमने लगता हैं। जिससे नेहा की सिसकारियां निकलने लगती हैं।

नेहा- हाय राज।

राज- क्या खुश्बुदार बदन है तेरा मेरी जान।

नेहा मुश्कुराती हैं। उसे अब थोड़ी शरारत सूझती हैं, और कहती है- "अपने इस शैतान को दूर करो ना। मुझे बहुत तंग कर रहा है... नेहा राज के लौड़े की तरफ देखते हुए बोलती है।

राज. वो ऐसे दूर नहीं होगा मेरी जान। उसे तेरी चूत चाहिए।

नेहा- उसे कहीं अभी नहीं मिलेगी।

राज. बो नहीं मानेगा मेरी जान। तेरी चूत को गर्माहट ही उसे ठंडा कर सकती है।

नेहा का चेहरा लाल हो जाता है- "छी... कितनी गंदी बातें करते हो तुम। शर्म नहीं आती?"

राज- अब अपनी गर्लफ्रेंड से कैसी शर्म मेरी जान।

नेहा भी मुश्कुराती है।

राज अब गले को छोड़कर नेहा की चूचियों पर अपना मुँह ले जाता है, और एक-एक करके उसकी चूचियां चूसता है। राज के ऐसा करते हुए नेहा की आँखें बंद हो रही थी। ऊपर से उसके हाथ भी नेहा की गाण्ड को मसल रहे थे। थोड़ी देर बाद राज नेहा को घुमा देता है, और उससे पीछे से चिपक जाता है। फिर उसकी चूचियां पकड़कर मसलने लगता है। इस पोजीशन में राज का काला लौड़ा नेहा को अपनी गाण्ड की दरार में चुभ रहा था। जो बेहा को अजीब अहसास दिला रहा था। दोनों के नंगे जिश्म शावर के नीचे भीग रहे थे। एक भी खूबसूरत बड़े घर की बहू और दूसरा एक काला बदसूरत बूढ़ा ड्राइवर।

नेहा को कुछ भी होश नहीं था की वो क्या कर रही है? वो भूल गई थी की वो एक पड़े लिखी खूबसूरत और एक शादीशुदा औरत है। लेकिन राज की हरकतें उसे पागल बना रही थी। ऐसा नहीं था की नेहा ने इन सबसे फाइट करने की कोशिश नहीं की। लेकिन कहते हैं ना हवस इंसान से कुछ भी करा सकती है। राज इधर नेहा की चूचियां दाते हुए अब उसकी नाभि पर हाथ फेरने लगता है।

नेहा- "अहह.."

राज के काले हाथ नेहा की गोरी बड़ी-बड़ी चूचियों को दबा रहे थे।

नेहा- "अहह.."

राज का काला लण्ड अब रोड़ की तरह खड़ा हो चुका था। जो नेहा को अपनी गाण्ड के छेद पर चुभ रहा था।

.

नेहा- "मुझे बहुत तंग कर रहा है तुम्हारा....... कहकर नेहा रुक जाती है।

राज- बोल क्या तंग कर रहा है मेरा?

नेहा स्माइल करते हुए- "मुझे नहीं पता.."

राज- बोल ना। क्या तंग कर रहा है तुझे?

नेहा- "वो तुम्हारा लन....... फिर से नेहा रुक जाती हैं।

राज- बोल।

नेहा- तुम्हारा लण्ड।

राज. वो मेरा लण्ड। तेरी जैसी माल को देखकर उसका तो बुरा हाल होना ही है। अब वो तेरी चूत मौंग रहा है।

नेहा- छी.... चुप रहो तुम् कितने गंदे हो तुम। औरत से कैसे बात करनी चाहिए तुमको पता ही नहीं है।

राज अब नेहा की चूत पर अपना एक हाथ ले जाता है।

नेहा- "उम्म्म्म "म्म्म्म अहह..." और नेहा की चूत पहले से ही पानी छोड़ रही थी।

...

राज की नेहा की चूत की गर्मी साफ महसूस होती है- "देख मेरी जान। तेरी चूत कैसे लगातार पानी छोड़ रही है। अब तो चुदाई जरूरी है मेरी जान..."

नेहा- नहीं नहीं यहीं नहीं। मुझे पता था तुम कोई ना कोई गलत हरकत करोगे। इसलिए अब तुम बाहर जाओ। मैं अकेली ही नहा लूँगी ।

राज. ऐसा क्यों कर रही है मेरी जान। बहुत मज़ा आएगा नहाते हुए चुदाई करने में।

नेहा- नहीं मुझे नहीं करने मजे। पहले ही मेरी हालत खराब कर चुके हो तुम... और क्या करने का इरादा हैं?

राज- इरादे तो बहुत हैं मेरी जान। लेकिन तू कुछ करने दे तब ना?

नेहा- इतना सब कुछ तो कर चुके हो और क्या बाकी हैं?

राज- बहुत कुछ मेरी जान। तू देखती जा।

अब राज पीछे से नेहा की गलाबी चूत पर अपना काला लण्ड लगाता है। पानी की ठंडक में जब नेहा को अपनी गरम चूत पर राज का पानी लगा हुआ काला लौड़ा महसूस होता है तो उसकी एक संतुष्टि भरी आह निकलती है

नेहा- "उम्म्म्म ... अहह और नेहा का बदन जैसे अकड़ जाता है। वो राज से पीछे हटने लगती है। उसका बदन अब राज के जिस्म से लिपटना चाह रहा था।

राज के लण्ड की गर्मी उसको बहुत ज्यादा आनंद दे रही थी। राज जानता था कि नेहा तड़प रही है। राज अब थोड़ा दबाव डालता है, तो चूत गीली होने की वजह से लण्ड आधा अंदर चला जाता है।

नेहा- अह...

तभी बाहर बेडरूम से नेहा के मोबाइल कर एक रिंग होती है। जिसे सुनकर नेहा अपने होश में वापस आती है।

नेहा- मेरा मोबाइल बज रहा है।

राज ने उसकी कमर पकड़ रखी थी।

नेहा- राज छोड़ो मुझे। किसी का काल आया है।

राज. रहने दे मेरी जान। इस वक्त अलग मत हो मुझसे।

नेहा अलग ना होने की बात से शर्मा जाती हैं, और कहती है- "राज प्लीज... छोड़ो किसी का काल है..."

राज अपना लण्ड अंदर घुसाने लगता है।

नेहा- अहह.. राज प्लीज़.. छोड़ो ना।

राज को कुछ सूझता है और वो नेहा को छोड़ देता है। नेहा को भी थोड़ी हैरानी होती है की राज तो इतना जिद्दी है, उसने कैसे उसकी इतनी आसानी से छोड़ दिया। नेहा के चेहरे पर स्माइल आ जाती है और भागकर ही बाथरूम से बाहर जाती है।

पानी की बूँदें उसके गोरे जिस्म पर थी, जिससे वो और भी हाट लग रही थी। बेड के पास जाकर वो अपना मोबाइल देखती है, तो उसपर उसके पति का काल था। नेहा थोड़ा टेन्शन में आ जाती है। क्योंकी वो इस वक्त राज जैसे घटिया बूढ़े के साथ उसी के बेडरूम में नंगी घूम रही है।

इधर राज बाथरसम के दरवाजे से नेहा को नंगी बेड के पास खड़ी देख रहा था। नेहा की गोरी गाण्ड उसकी तरफ थी। वो अपना लण्ड मसलते हुए देख रहा था नेहा की गाण्ड।

राज- "हाय्य मेरी बुलबुल। तेरी यही गाण्ड तो मुझे दीवाना बनाती है। इसी गाण्ड में दम कर के रखा है मेरे लण्ड को। लेकिन अब कोई फिकर नहीं है। क्योंकी अब त सिर्फ मेरी है। तेरी गाण्ड, तेरी चूत, तेरी चूचियां, तेरा परा जिश्म अब सिर्फ और सिर्फ मेरे नाम हैं..." ऐसा बोलकर राज के बदसूरत चेहरे पर एक कमीनी स्माइल आ जाती है।
 
इधर नेहा काल उठाती है- "हेलो..."

विशाल- नेहा क्या कर रही हो?

नेहा- ओह्ह... वो कुछ नहीं बस बेड पर लेटी हुई औ।

विशाल- अच्छा।

नेहा- तुम पार्टी में नहीं गये क्या?

विशाल- पार्टी में ही हैं। थोड़ा टाइम मिला तो सांचा तुमसे बात कर लें।

नेहा- अच्छा जी... तो याद आ रही है आपको मेरी।

विशाल- याद तो आ रही है तुम्हारी।

नेहा मन में- "काश विशाल तुम मेरी याद के साथ मेरा खयाल भी रखते। तुमको नहीं पता की यहां यह बूढ़ा तुम्हारी बीवी की क्या हालत कर रहा है। यह V तुम्हारी बीबी को अपनी गर्लफ्रेंड तक बना चुका है। पता नहीं आगे क्या-क्या करेगा ये तुम्हारी बीवी के साथ? विशाल कहीं ये तुम्हारी बीवी को भगा ना ले जाए।

नेहा- बस बस अब आप पार्टी एंजाय कीजिये।

विशाल- चलो ठीक है।

नेहा- बाइ।

विशाल- "बाइ.." फिर दोनों काल खतम करते हैं। नेहा वहाँ पर खड़ी थी।

राज तभी बाथरूम से- "मेरी जान हो गया क्या बात करके अपने पति से। अब अपने इस बायफ्रेंड का भी कुछ खयाल करो..."

नेहा मुड़कर राज को देखती है। उसके चेहरे पर स्माइल आ जाती हैं। लेकिन वो वहाँ पर खड़ी रहती है।

राज- जल्दी आ मेरी जान।

नेहा शरारती भाव के साथ- "में नहीं आने वाली.." ऐसा बोलकर बो स्माइल करती है।

नेहा अब बहुत खुलकर राज से बात कर रही थी। क्योंकी वो नंगी ही राज से बात कर रही थी। खुद को छुपाने की जरा भी कोशिश नहीं कर रही थी।

राज- अनार त अंदर नहीं आई तो मैं उधर आ जाऊँगा। सोच ले?

नेहा- नहीं नहीं इधर मत आजा। फर्श गीला हो जायगा।

राज- तो इधर आ जल्दी।

नेहा कुछ देर रुक कर उधर जाने लगती है। राज बाथरूम में खड़ा अपना लण्ड हिला रहा था। जिसे देखकर नेहा समझ रही थी की राज आगे क्या करने वाला है। नेहा दरवाजे के पास जाकर रुक जाती है। राज झट से उसका हाथ पकड़कर अंदर खींच लेता है। जोर की वजह से नेहा सीधा राज के सीने से जा लगती है। दोनों

एकदूसरे को देखने लगते हैं। राज की एँ अपनी तरफ हवस भरी नजरों से देखने से नेहा शर्म के मारे अपनी नजर झका लेती हैं।

राज- "हाय शर्मा रही हैं मेरी जान। अब हमसे क्या शर्माना?" ऐसा बोलकर राज नेहा को पलटकर झका देता हैं, और पीछे से अपना काला लण्ड उसकी चूत पर टिका देता है।

नेहा- "अहह...

दोनों शावर के नीचे थे। पानी अभी भी उनके ऊपर गिर रहा था। अब राज नेहा की कमर पकड़कर अपना लण्ड

अंदर घुसा देता है एक धक्के के साथ।

नेहा- "अहह...

आधा लण्ड अंदर आ। राज भी थोड़ा झक कर नेहा की गोरी पीठ को चूमता है। अब वो एक और धक्का लगाता है, तो उसका लण्ड और अंदर जाता है।

नेहा- "अहह... धीरे."

राज उसकी पीठ को चूमते हुए अब धक्के लगाने लगता है। पानी की वजह से टप-टप-टप की आवाजें आने लगती हैं। नेहा के झकने की वजह से उसकी बड़ी-बड़ी चूचियां मचल रही थी। ऊपर से उसके खूबसूरत चेहरे पर धक्कों के साथ बिखरे बाल। अफफ्फ... काफी हाट इश्य था। एक बड़े घर की बहू को पूरी तरह से इश्तेमाल कर रहा था ये बड़ा।

नेहा- "अहह..'

राज कभी-कभी झुक कर चूचियां भी दबा रहा था। नेहा को अब ज्यादा दर्द नहीं हो रहा था। कीम का उसको में चूमना आदि सब अच्छा लग रहा था। थोड़ी देर की चुदाई के बाद राज रुक कर नेहा को पलटा देता है। अब दोनों आमने सामने थे। वो अब नेहा की एक टांग उठाकर अपना लण्ड उसकी गुलाबी चूत पर टिकाकर धक्के लगाने लगता है।

नेहा- "अहह... और इस बार नेहा के सबसरत चेहरे पर सेक्सी भाव राज देख सकता था। नेहा की आँखें आधी बंद और सिसकारियां। वो बस राज की जोरदार चुदाई एंजाय कर रही थी।

राज अब नेहा का चेहरा पकड़कर उसकी नजरें खुद की नजरों से मिलते हर- "मेरी जान तेरी चूत की जो गर्मी हैं जा मेरे लण्ड को बहुत पसंद है.."

नेहा शर्माकर नीचे देखने लगती हैं।

राज- ऐसी गर्मी किसी और चूत में नहीं।

नेहा इस बात पर ऊपर देखती है, और कहती है- "नेहा- किसी और की चूत? और किसके साथ चल रहा है तुम्हारा?" और नेहा इस बार सीरियस होकर बोलती है।

राज को भी पता था की नेहा पहले ही दो-तीन औरतों से जेलस महसूस कर चुकी हैं उसके लिए।

राज- कोई नहीं है मेरी जान। ऐसे ही बोला मैंने।

नेहा- तुमने अभी तो कहा ना किसी और में नहीं?

राज- वो तो ऐसे ही बोला मैंने।

नेहा चुप हो जाती है।

राज नेहा की टांग उठकर चोद रहा था। अब राज आगे झुक कर उसकी चूचियां मुंह लेकर चूसने लगता है।

नेहा- "उम्म्म्म

... अहह... वो उम्म अहह.. ओहह.."

राज के धक्के इस बार थोड़े तेज थे। 5 मिनट की इसी तरह चुदाई के बाद राज रूक जाता है, और वहीं बाभरकम की टाइल्स पर लेट जाता है- "मेरी जान... अब पानी बंद कर दे, और आ जा मेरे ऊपर "

नेहा वहीं पर खड़ी राज को लेटा हुआ देख रही थी। उसकी नजर राज के लौड़े पर जाती है, जो अभी भी खड़ा था। गंदा सा लग रहा था। अभी-अभी वो उसी की चूत में जाकर बाहर आया था।

राज- जल्दी कर ना।

नेहा अब शावर बंद कर देती है। राज उसको अपने ऊपर खींच लेता है। नेहा का चेहरा राज की ओर था। अब राज नीचे से अपना लण्ड नेहा की चूत में घुसाता है और चुदाई शुरू कर देता है।

नेहा- "अह.. अहह... हो आह्ह... अहह.."

राज नीचे से अपनी काली जांघे ऊपर-नीचे कर रहा था। नेहा बस पड़ी हई भी उसके ऊपर। राज एक बार के लिए नेहा के मासूम से खूबसूरत चेहरे को देखता है। चुदाई की संतुष्टि उसके चेहरे से साफ झलक रही थी। राज से रहा नहीं जाता है और वो नेहा के चेहरे को पकड़ लेता है। अपना चेहरा पकड़ने से नेहा उसकी तरफ देखती है। दोनों की नजरें आपस में मिल जाती हैं।
 
राज अपने काले होंठ उसकी तरफ बढ़ाता है। नेहा इस बार अपने हाथसे राज के चेहरे को पकड़ लेती है और वो भी अपने लाल होंठ उसकी तरफ बढ़ाती है। दोनों के तरसते होंठ मिलने में ज्यादा देरी नहीं लगती है। होंठ मिलते ही दोनों पागलों की तरह एकदूसरे को किस करने लगते हैं। नीचे से राज के धक्के जारी थे।

नेहा- "उम्म्म्म ... उम्म्मह... उम्म्म्म

..." और किस की वजह से नेहा की आवाज उसके मुँह में ही रह रही थी।

राज के हाथ पीछे से नेहा की गाण्ड को मसल रहे थे।

नेहा- "उम्म्म्म ... अहम्म्म्म ..."

चुदाई हो ही रही थी की बाहर दरवाजे पर नाक होती है। जिसे सुनकर राज रुक जाता है। नेहा भी डर जाती है अब। इरे भी क्यों ना? वो इस बड़े घर की बहु होकर एक बूढ़े के साथ इस वक्त चुद रही है। नेहा के दिमाग में अलग-अलग खयाल आने लगते हैं। दोनों किस तोड़ चुके थे।

नेहा- "इस वक़्त कौन आया होगा? कहाँ विशाल वापस तो नहीं आ गये.. और नेहा की पशीने छूटने लगते हैं डर के मारे।

***** ****

दोनों को नहीं पता था की आखीर कार, इस वक़्त कौन बाहर खड़ा है? नेहा की तो हालत बुरी थी क्योंकी वो अगर नंगी हालत में एक बटे के साथ पकड़ी गई तो उसकी शादी टूटना तो पक्का था। यही सब बरे खयालात उसके दिमाग में आ रहे थे।

नेहा- ओह नहीं... अब में क्या करें?

राज भी थोड़ा टेन्शन में था की कहीं उसका पति तो नहीं आ गया। लेकिन वो खुद को थोड़ा रिलेक्स करके कहता है- "मेरी जान जा जाकर दरवाजा खोल दे। लेकिन उसको यही अंदर मत आने देना.."

नेहा भी कुछ सोचकर बाहर चली जाती है। फिर वह एक तौलिया लपेट लेटी है खुद पर, और दरवाजा की तरफ चल देती है। दरवाजा खोलते हुए उसके हाथ कांप रहे । आखीर कार, बो दरवाजा खोल हा देती है। सामने खड़ी सख्स को देखकर वो थोड़ी सी राहत की सांस लेती है। सामने रिया खड़ी थी जो कुछ परेशान लग रही थी।

नेहा- क्या हुआ रिया? इतनी ग़ात का?

रिया- "दीदी वो मम्मीजी के भाई की तबीयत खराब हो गई है। तो सब लोग जा रहे हैं। आप आ रही हो ना?"

नेहा को समझ नहीं आ रहा था के वो क्या करें? नेहा बोली- "रिया, वो मैं अभी नहीं सकती। मेरी तबीयत कुछ ठीक नहीं है.." और नेहा झठ भूल रही थी क्योंकी राज बाथरुम में आ।

रिया- ठीक है दीदी। मैं मम्मीजी को बोल देती हैं। हम कल आएंगे शायद।

नेहा- ठीक है।

रिया फिर जाने लगती है।

नेहा झट से अंदर जाती है। उसे बाथरूम के दरवाजा पर राज नंगा नजर आता है। नेहा शर्म के मारे अपनी नजर नीचे कर लेती हैं।

राज. कौन था?

नेहा- वो... वो रिया थी।

राज- क्या हुआ उसको?

फिर नेहा पूरी कहानी बताती है उसको।

राज- ओहो... इसका मतलब चान्स अच्छा है। तू एक काम कर, उस रिया को रोक ले जाने से।

नेहा- लेकिन क्यों?

राज. तुझे याद है ना। तूने कहा था की तू जय की मदद करेगी रिया को पटाने में।

नेहा- प्लीज़... राज रिया बहुत अच्छी लड़की है। तुम उसकी जिंदगी ५ बर्बाद मत करो।

राज- ये अच्छी बचछी का पुराण बंद कर और जाकर जल्दी उसे रोक।

नेहा समझ नहीं पा रही थी की वो क्या करे? क्या वो अपनी बहन जैसी रिया को उस गंदे जय के हवाले कर दे। लेकिन नेहा पर राज का कंट्रोल काम कर जाता है। फिर भीड़ी देर बाद वो बाईरोब से एक नाइटी निकालकर जल्दी से बाहर चली जाती है।

राज इधर गम में सोचता है- "अब आएगा मजा इन दोनों बहुओ के साथ। हम दोनों ऐसे ऐसे मजे करेंगे की कोई सोच भी नहीं सकता.."
 
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