S
StoryPublisher
Guest
नेहा अब राज के ऊपर आ जाती है, और उसके सफेद बालों से भारी हुई छाती पर अपने कामल गोरे हाथ रखती हैं। नीचे उसकी चूत पर राज का काला लौड़ा दस्तक दे रहा था। उसके लण्ड के अहसास से ही नेहा पागल सी हो रही थी। वो अब धीरे से उसका लण्ड पकड़ती है और उसके ऊपर झुकते हुए अपनी तड़पती हुई चूत पर सेट. करती हैं, और उसपर दबाव डालने लगती है।
राज उसको और तड़पाने के मूड में आ। राज अपना लौड़ा उसकी चूत पर से हटाता है। जिसे महसूस करके नेहा राज की तरफ गुस्से से देखती है। लेकिन राज उसे अपने दाँत दिखाकर स्माइल करता है।
नेहा की हवस अब सिर पर चढ़ चुकी थी। वो अब किसी भी हालत में राज का काला लौड़ा अपनी चूत में लेना चाहती थी। निराशा में वो अब कहती है- "कमीने कही के... क्यों इतना तरसा रहे हो मुझे? बूढ़े तुमको समझ में नहीं आता जो में कह रही हूँ बार-बार। अपनी गर्लफ्रेंड को कोई इतना सताता है क्या?"
राज को मज़ा आ रहा था नेहा की निराशा देखकर। नेहा अपने गुस्से में अब थोड़ा झुक कर राज के हाथ बेड़ से टिका देती हैं और अपनी चूत उसके बड़े काले लौड़े पर सेट करती है, औरर अपनी चूत में अंदर लेने लगती है। लण्ड ऑड़ा चूत में जाते ही उसकी चूत को शांति मिलती है।
नेहा- "अहह... वो पूरी नंगी राज के बूढ़े शरीर पर थी। अब नेहा हल्के-हल्के राज के काले लण्ड पर ऊपर-नीचे होने लगती है- "अहह... अहह... राज को मजा आ रहा था , नेहा की हवस देखकर उसके लण्ड के लिए। नेहा उसके लण्ड पर ऊपर-नीचे हो रही थी।
बहुत हाट दृश्य चल रहा था। एक खूबसूरत जवान औरत एक बदसूरत काले बूढ़े से पागलों की तरह चुदवा रही थी। नेहा ऐसे ही 5 मिनट चुदने के बाद थोड़ा थक जाती है, तो सकती है। वो वैसे ही रुकी हुई थी की तभी उसको पीछे कोई आहट होती है। उसे महसूस होता है की पीछे कोई खड़ा है। नेहा ये नहीं देखती की राज के चेहरे पर एक कमीनी स्माइल आ जाती हैं।
*****
कड़ी_38
नेहा को पसीना आने लगता है डर के मारे की वो पकड़ी गई है एक गंदे बदसूरत बुड्ढे से चुदते हुए। वो भी ऐसे टाइम पर जब वो खुद पागलों की तरह राज के काले लौड़े पर अपनी चूत ऊपर-नीचे कर रही थी। नेहा को पीछे देखने तक हर लग रहा था। वो बस अपनी आँखें बंद कर लेती हैं। वो इस शर्मनाक सिंचयेशन का सामना नहीं करना चाहती थी। करती भी कैसे? क्योंकी वो इस वक्त एक काले गंदे बटे से चुदवा रही थी जैसे वो उसकी पत्नी हो। इतने बड़े घर की खूबसूरत जवान बहू होने का उसको जरा भी खयाल नहीं था ।
कुछ 10 सेसेंड के बाद कुछ ऐसा होता है जिससे नेहा की आँखें बड़ी हो जाती हैं। वो एकदम डर जाती है। एकदम चकित हो जाती है। ऐसी चीज जिसको उसने अपने सबसे बुरे सपने में भी नहीं सोचा था। नेहा को अपनी गाण्ड के छेद पर किसी का लण्ड महसूस होता है। वो डर के मारे कुछ नहीं बोल पा रही थी।
लेकिन अगले ही पल जब राज नीचे से एक धक्का लगाता है तो वो राज की तरफ देखती है। राज उसकी तरफ देखकर अपने पीले दाँत बाहर निकालकर स्माइल कर रहा था। वो कुछ बोलने ही वाली थी के पीछे खड़े आदमी के हाथ उसकी कमर पर आ जाते हैं, और उसके लौड़े का दबाव उसकी गाण्ड पर बढ़ जाता है। वा आदमी अपना लण्ड नेहा की गाण्ड पर घिसने लगता है।
नेहा की चूत में पहले से ही राज का लण्ड था और अब ऊपर से कोई उसकी गाण्ड पर अपना लौड़ा लगाए हुए था। उतने में ही राज फिर से एक धक्का नीचे से लगाता है। नेहा राज की तरफ हैरानी से देखती है। लेकिन राज उसकी फिकर किए बिना अब नेहा को चोदने लगता है। नेहा को समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या करे? वो कुछ सोच पाती तब तक पीछे खड़ा आदमी अपना लौड़ा उसकी गाण्ड के छेद में डालने लगता है। नेहा को इसपर दर्द होने लगता है।
नेहा- अहह... छोड़ो मुझे कमीने... कौन हो तुम्म?
नेहा उतना बोल ही रही थी के वो आदमी एक जोरदार धक्के के साथ अपना लौड़ा उसकी गाण्ड में घुसा देता है। तकरीबन आधा लण्ड अंदर चला जाता है।
नेहा- "अहह.. मर गई मैं अहह.." और नेहा की गाण्ड का छेद उस आदमी के बड़े लण्ड से स्ट्रेच हो रहा था। नेहा दर्द में अब कराहने लगती है।
वो आदमी अब नेहा की पीठ पर अपने हाथ फेरते हुए नेहा को शांत करने की कोशिश कर रहा था। लेकिन नेहा दर्द के मारे कराह रही थी। नेहा की आँखों से आंसू आने लगते हैं। जिसे देखकर राज उसके चेहरे को पकड़ता है और अपने होंठ चिपका देता है उसके लाल होंठों पर।
पीछे खड़ा आदमी भी अब धीरे-धीरे धक्के लगाने लगता है। नेहा की गाण्ड और चूत में दो बड़े-बड़े लण्ड थे वो
भी दो गंदे से बदसूरत बूढ़ों के। अब दोनों एक साथ चोदने लगते हैं नेहा को।
नेहा- "अहह... इह्ह अहह... अहह... अहह."
थोड़ी देर बाद राज किस तोड़ता है। लेकिन नेहा फिर भी दर्द से कराह रही थी। उसका दर्द कम ही नहीं हो रहा था। राज और वो आदमी बखूबी जानते भी इसकी वजह। नेहा पहली बार ऐसे दो लण्ड एक साथ ले रही थी इसलिए। दोनों के लण्ड थोड़ी देर में एक लय में अंदर-बाहर होने लगते हैं। ऐसे होने से नेहा का दर्द थोड़ा कम हो जाता है, और उसकी चीखें सिसकारियों में बदल जाती हैं।
नेहा- "अहह... अहह... हाय अहह... ही हाँ आहह... आश आहह... आहह... ओहह... अहह.."
पीछे खड़ा आदमी नेहा की गाण्ड मारते हुए थोड़ा झुक कर उसकी चूचियां पकड़कर मसलने लगता है, और नीचे से राज बस अपना लौड़ा नेहा की चूत में अंदर-बाहर कर रहा था। बहुत अजीब सिचुयेशन थी नेहा के लिए। उसकी दो-दो लण्ड से चुदाई हो रहीं औ, लेकिन उसे खुद पता नहीं था कि पीछे से कौन उसकी चुदाई कर रहा है।
नेहा- "अहह... अहह... ही हो अहह.."
राज की नेहा को ऐसा देखकर मजा आ रहा था। इन दोनों को भी अब मजा आ रहा था ऐसे नेहा की चुदाई करने में। नेहा के खूबसूरत चेहरे पर दर्द के अहसास के साथ-साथ अब संतोष का अहसास भी था। पीछे खड़ा आदमी अब नेहा के दोनों हाथ पकड़कर पीछे करता है, और तेज-तेज धक्के लगाने लगता है।
नेहा- "अहह... अहह... अहह.. धीरे: अहह... अहह.. अहह... आह्ह.. मर गई अहह.."
पीछे खड़े आदमी का बड़ा लण्ड नेहा को अपनी गाण्ड में इतना तेज अंदर-बाहर होने से उसे बहुत दर्द हो रहा था।
नेहा- "अहह... अहह... आह्ह... ओहह अहह.."
भले ही नेहा को दर्द हो रहा था, लेकिन उसकी इतने दिनों की प्यास बुझ रही थी। सोचिये की एक बड़े घर की खूबसूरत जवान बहू को दो गंदे बदसूरत लो-क्लास बूढ़े अपने बड़े काले लण्ड से चोद रहे हों।
दोनों ऐसे ही नेहा को 10 मिनट और चोदते हैं। आखिरी वक्त पर पीछे खड़ा आदमी नेहा की गाण्ड में झड़ जाता है। उसके काले लण्ड का रस नेहा की गाण्ड से बहने लगता है। वो आदमी रुकने के बाद नेहा की गाण्ड से अपना लौड़ा बाहर निकालता है। लेकिन नेहा वैसे ही पड़ी हुई थी राज के ऊपर थक कर। राज का लण्ड अभी भी नेहा की चूत में था। नेहा की चूचियां राज की छाती से दबी पड़ी थीं।
नेहा धक गई थी . दो-दो लण्ड से चुदने के बाद।
राज पड़े-बड़े नेहा की पीठ सहलाने लगता है, जिससे नेहा को भी अच्छा लग रहा था। तभी पीछे खड़ा आदमी नेहा की गाण्ड को सहलाता है। जिसके अहसास से ही नेहा झट से बेड पर बैठ जाती है। और जैसे ही उस आदमी की शकल देखती है तो हैरान रह जाती है। वो और कोई नहीं जय था.." ।
नेहा- "तुम्म.." और नेहा अपने मुँह पर हाथ रख लेती है। फिर वो राज की तरफ देखती है।
राज भी उसे देखने लगता है।
नेहा- "क्यों किया ऐसा मेरे साथ राज? मैंने तुम पर इतना भरोसा किया और तुमने मेरे साथ यह सब?" और नेहा की आँखों से आँस आने लगते हैं।
राज अब नेहा की तरफ आकर उसके कंधे पर हाथ रखकर- "माफ कर दे मेरी जान... में बस तुझे सरप्राइज देना चाहता था.."
नेहा- ऐसा कोई सरप्राइज देता है क्या?
राज नेहा को गले लगाते हुए- "माफ कर दे जान." और नेहा राज के कंधे पर सिर रखता है।
उधर जय पीछे खड़ा अपना लौड़ा हिला रहा था। राज जय की तरफ देखकर स्माइल करता है। उन दोनों
का प्लान कामयाब जो हुआ था।
राज- एक और राउंड हो जाये मेरी जान?
नेहा झट से राज को देखते हुए- “नहीं नहीं और नह... कितना दर्द होता है तुमको पता है क्या?"
राज- "कुछ नहीं होता मेरी बुलबुल..." इतना बोलकर राज नेहा को पीछे घुमाता है।
नेहा की पीठ अब राज की तरफ और फ्रंट साइइ जय की तरफ भी। राज उसको पोजीशन पर लाता है। और नीचे से अपना लौड़ा उसकी गाण्ड के छेद पर सेट करता है। नेहा को बहुत शर्म आ रही थी , जय के सामने नंगी होने से, वो भी राज की बाहों में। वो जय से नजर नहीं मिला पा रही थी। हालांकी नेहा जानती थी की यह दोनों बड़े एक नम्बर के ठरकी हैं। वो भी एक बड़े खानदान की लड़की है। उसमें उतने मैनर तो थे।
राज उसको और तड़पाने के मूड में आ। राज अपना लौड़ा उसकी चूत पर से हटाता है। जिसे महसूस करके नेहा राज की तरफ गुस्से से देखती है। लेकिन राज उसे अपने दाँत दिखाकर स्माइल करता है।
नेहा की हवस अब सिर पर चढ़ चुकी थी। वो अब किसी भी हालत में राज का काला लौड़ा अपनी चूत में लेना चाहती थी। निराशा में वो अब कहती है- "कमीने कही के... क्यों इतना तरसा रहे हो मुझे? बूढ़े तुमको समझ में नहीं आता जो में कह रही हूँ बार-बार। अपनी गर्लफ्रेंड को कोई इतना सताता है क्या?"
राज को मज़ा आ रहा था नेहा की निराशा देखकर। नेहा अपने गुस्से में अब थोड़ा झुक कर राज के हाथ बेड़ से टिका देती हैं और अपनी चूत उसके बड़े काले लौड़े पर सेट करती है, औरर अपनी चूत में अंदर लेने लगती है। लण्ड ऑड़ा चूत में जाते ही उसकी चूत को शांति मिलती है।
नेहा- "अहह... वो पूरी नंगी राज के बूढ़े शरीर पर थी। अब नेहा हल्के-हल्के राज के काले लण्ड पर ऊपर-नीचे होने लगती है- "अहह... अहह... राज को मजा आ रहा था , नेहा की हवस देखकर उसके लण्ड के लिए। नेहा उसके लण्ड पर ऊपर-नीचे हो रही थी।
बहुत हाट दृश्य चल रहा था। एक खूबसूरत जवान औरत एक बदसूरत काले बूढ़े से पागलों की तरह चुदवा रही थी। नेहा ऐसे ही 5 मिनट चुदने के बाद थोड़ा थक जाती है, तो सकती है। वो वैसे ही रुकी हुई थी की तभी उसको पीछे कोई आहट होती है। उसे महसूस होता है की पीछे कोई खड़ा है। नेहा ये नहीं देखती की राज के चेहरे पर एक कमीनी स्माइल आ जाती हैं।
*****
कड़ी_38
नेहा को पसीना आने लगता है डर के मारे की वो पकड़ी गई है एक गंदे बदसूरत बुड्ढे से चुदते हुए। वो भी ऐसे टाइम पर जब वो खुद पागलों की तरह राज के काले लौड़े पर अपनी चूत ऊपर-नीचे कर रही थी। नेहा को पीछे देखने तक हर लग रहा था। वो बस अपनी आँखें बंद कर लेती हैं। वो इस शर्मनाक सिंचयेशन का सामना नहीं करना चाहती थी। करती भी कैसे? क्योंकी वो इस वक्त एक काले गंदे बटे से चुदवा रही थी जैसे वो उसकी पत्नी हो। इतने बड़े घर की खूबसूरत जवान बहू होने का उसको जरा भी खयाल नहीं था ।
कुछ 10 सेसेंड के बाद कुछ ऐसा होता है जिससे नेहा की आँखें बड़ी हो जाती हैं। वो एकदम डर जाती है। एकदम चकित हो जाती है। ऐसी चीज जिसको उसने अपने सबसे बुरे सपने में भी नहीं सोचा था। नेहा को अपनी गाण्ड के छेद पर किसी का लण्ड महसूस होता है। वो डर के मारे कुछ नहीं बोल पा रही थी।
लेकिन अगले ही पल जब राज नीचे से एक धक्का लगाता है तो वो राज की तरफ देखती है। राज उसकी तरफ देखकर अपने पीले दाँत बाहर निकालकर स्माइल कर रहा था। वो कुछ बोलने ही वाली थी के पीछे खड़े आदमी के हाथ उसकी कमर पर आ जाते हैं, और उसके लौड़े का दबाव उसकी गाण्ड पर बढ़ जाता है। वा आदमी अपना लण्ड नेहा की गाण्ड पर घिसने लगता है।
नेहा की चूत में पहले से ही राज का लण्ड था और अब ऊपर से कोई उसकी गाण्ड पर अपना लौड़ा लगाए हुए था। उतने में ही राज फिर से एक धक्का नीचे से लगाता है। नेहा राज की तरफ हैरानी से देखती है। लेकिन राज उसकी फिकर किए बिना अब नेहा को चोदने लगता है। नेहा को समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या करे? वो कुछ सोच पाती तब तक पीछे खड़ा आदमी अपना लौड़ा उसकी गाण्ड के छेद में डालने लगता है। नेहा को इसपर दर्द होने लगता है।
नेहा- अहह... छोड़ो मुझे कमीने... कौन हो तुम्म?
नेहा उतना बोल ही रही थी के वो आदमी एक जोरदार धक्के के साथ अपना लौड़ा उसकी गाण्ड में घुसा देता है। तकरीबन आधा लण्ड अंदर चला जाता है।
नेहा- "अहह.. मर गई मैं अहह.." और नेहा की गाण्ड का छेद उस आदमी के बड़े लण्ड से स्ट्रेच हो रहा था। नेहा दर्द में अब कराहने लगती है।
वो आदमी अब नेहा की पीठ पर अपने हाथ फेरते हुए नेहा को शांत करने की कोशिश कर रहा था। लेकिन नेहा दर्द के मारे कराह रही थी। नेहा की आँखों से आंसू आने लगते हैं। जिसे देखकर राज उसके चेहरे को पकड़ता है और अपने होंठ चिपका देता है उसके लाल होंठों पर।
पीछे खड़ा आदमी भी अब धीरे-धीरे धक्के लगाने लगता है। नेहा की गाण्ड और चूत में दो बड़े-बड़े लण्ड थे वो
भी दो गंदे से बदसूरत बूढ़ों के। अब दोनों एक साथ चोदने लगते हैं नेहा को।
नेहा- "अहह... इह्ह अहह... अहह... अहह."
थोड़ी देर बाद राज किस तोड़ता है। लेकिन नेहा फिर भी दर्द से कराह रही थी। उसका दर्द कम ही नहीं हो रहा था। राज और वो आदमी बखूबी जानते भी इसकी वजह। नेहा पहली बार ऐसे दो लण्ड एक साथ ले रही थी इसलिए। दोनों के लण्ड थोड़ी देर में एक लय में अंदर-बाहर होने लगते हैं। ऐसे होने से नेहा का दर्द थोड़ा कम हो जाता है, और उसकी चीखें सिसकारियों में बदल जाती हैं।
नेहा- "अहह... अहह... हाय अहह... ही हाँ आहह... आश आहह... आहह... ओहह... अहह.."
पीछे खड़ा आदमी नेहा की गाण्ड मारते हुए थोड़ा झुक कर उसकी चूचियां पकड़कर मसलने लगता है, और नीचे से राज बस अपना लौड़ा नेहा की चूत में अंदर-बाहर कर रहा था। बहुत अजीब सिचुयेशन थी नेहा के लिए। उसकी दो-दो लण्ड से चुदाई हो रहीं औ, लेकिन उसे खुद पता नहीं था कि पीछे से कौन उसकी चुदाई कर रहा है।
नेहा- "अहह... अहह... ही हो अहह.."
राज की नेहा को ऐसा देखकर मजा आ रहा था। इन दोनों को भी अब मजा आ रहा था ऐसे नेहा की चुदाई करने में। नेहा के खूबसूरत चेहरे पर दर्द के अहसास के साथ-साथ अब संतोष का अहसास भी था। पीछे खड़ा आदमी अब नेहा के दोनों हाथ पकड़कर पीछे करता है, और तेज-तेज धक्के लगाने लगता है।
नेहा- "अहह... अहह... अहह.. धीरे: अहह... अहह.. अहह... आह्ह.. मर गई अहह.."
पीछे खड़े आदमी का बड़ा लण्ड नेहा को अपनी गाण्ड में इतना तेज अंदर-बाहर होने से उसे बहुत दर्द हो रहा था।
नेहा- "अहह... अहह... आह्ह... ओहह अहह.."
भले ही नेहा को दर्द हो रहा था, लेकिन उसकी इतने दिनों की प्यास बुझ रही थी। सोचिये की एक बड़े घर की खूबसूरत जवान बहू को दो गंदे बदसूरत लो-क्लास बूढ़े अपने बड़े काले लण्ड से चोद रहे हों।
दोनों ऐसे ही नेहा को 10 मिनट और चोदते हैं। आखिरी वक्त पर पीछे खड़ा आदमी नेहा की गाण्ड में झड़ जाता है। उसके काले लण्ड का रस नेहा की गाण्ड से बहने लगता है। वो आदमी रुकने के बाद नेहा की गाण्ड से अपना लौड़ा बाहर निकालता है। लेकिन नेहा वैसे ही पड़ी हुई थी राज के ऊपर थक कर। राज का लण्ड अभी भी नेहा की चूत में था। नेहा की चूचियां राज की छाती से दबी पड़ी थीं।
नेहा धक गई थी . दो-दो लण्ड से चुदने के बाद।
राज पड़े-बड़े नेहा की पीठ सहलाने लगता है, जिससे नेहा को भी अच्छा लग रहा था। तभी पीछे खड़ा आदमी नेहा की गाण्ड को सहलाता है। जिसके अहसास से ही नेहा झट से बेड पर बैठ जाती है। और जैसे ही उस आदमी की शकल देखती है तो हैरान रह जाती है। वो और कोई नहीं जय था.." ।
नेहा- "तुम्म.." और नेहा अपने मुँह पर हाथ रख लेती है। फिर वो राज की तरफ देखती है।
राज भी उसे देखने लगता है।
नेहा- "क्यों किया ऐसा मेरे साथ राज? मैंने तुम पर इतना भरोसा किया और तुमने मेरे साथ यह सब?" और नेहा की आँखों से आँस आने लगते हैं।
राज अब नेहा की तरफ आकर उसके कंधे पर हाथ रखकर- "माफ कर दे मेरी जान... में बस तुझे सरप्राइज देना चाहता था.."
नेहा- ऐसा कोई सरप्राइज देता है क्या?
राज नेहा को गले लगाते हुए- "माफ कर दे जान." और नेहा राज के कंधे पर सिर रखता है।
उधर जय पीछे खड़ा अपना लौड़ा हिला रहा था। राज जय की तरफ देखकर स्माइल करता है। उन दोनों
का प्लान कामयाब जो हुआ था।
राज- एक और राउंड हो जाये मेरी जान?
नेहा झट से राज को देखते हुए- “नहीं नहीं और नह... कितना दर्द होता है तुमको पता है क्या?"
राज- "कुछ नहीं होता मेरी बुलबुल..." इतना बोलकर राज नेहा को पीछे घुमाता है।
नेहा की पीठ अब राज की तरफ और फ्रंट साइइ जय की तरफ भी। राज उसको पोजीशन पर लाता है। और नीचे से अपना लौड़ा उसकी गाण्ड के छेद पर सेट करता है। नेहा को बहुत शर्म आ रही थी , जय के सामने नंगी होने से, वो भी राज की बाहों में। वो जय से नजर नहीं मिला पा रही थी। हालांकी नेहा जानती थी की यह दोनों बड़े एक नम्बर के ठरकी हैं। वो भी एक बड़े खानदान की लड़की है। उसमें उतने मैनर तो थे।