S
StoryPublisher
Guest
मैंने लाल कलर की खूबसूरत सारी पहनी थी , जो मैंने कॉलेज की फंक्शन्स के लिए घर से लेकर आयी थी . वह डिज़ाइनर सारी थी और थोड़ी ट्रांसपेरेंट जिससे मेरा स्लीवलेस बैकलेस ब्लाउज साफ़ दिखता था . मैंने सारी एकदम नीचे लो वैस्ट पहनी थी . मेरी कमर के काफी नीचे और मेरी चूत से थोड़ा ऊपर . मैंने मेरे झाटें साफ़ राखी थी नहीं तो इस सारी के ऊपर सब को मेरी झाटें जरूर दिख जाती. सारी के ऊपर मेरी नाभि और पेट खुला था. खैर झाटों से मैं बच गयी पर अपनी गांड की दोनों कूल्हों की चिर को छुपा ना सकी. मैंने सिर्फ पेटीकोट पहना था और अंदर कोई पैंटी नहीं पहनी थी. मैंने मेरे लिप्स पर लाल रंग की लिपस्टिक लगा राखी थी, आँखों मैं मस्कारा और एक बड़ी लाल रंग की बिंदी भी लगा ली थी . मैंने अपने बाल खुले रखे थे और अपने बालों मैं एक बड़ा सा मोगरे का गजरा भी लगा लिया था , जो मैंने पहले ही कॉलेज के मंदिर के बाहर खरीद लिया था . मुझे पता था की यह सब मेहनत बेकार जाने वाली हैं क्यूंकि ५ मिनट मैंअनीश मुझे नंगा कर देगा ..पर वह ५ मिनिट भी बेशुमार कीमती थे. मेरे इस रंग रूप को देखकर अनीश मदहोश हो गया और उसका खड़ा लंड मेरी गांड पर चिपक गया . अनीशने मुझे खींच कर बाँहों मैं ले लिए और मुझे जोर जोर से किस करने लगा , मेरे ओंठों को चूसने लगा .उसने मेरे खुली गांड की दरार पर हाथ फेरा और मेरी गांड हाथों से दबा के मसल दी . वह बार बार मेरे बालों को और मेरे गजरे सूंघता और अपनी उंगलितों से गजरे पर लगे मोगरे के फूलों को तोड़ मरोड़ देता . मेरा स्लीवलेस और बैकलेस ब्लाउज़ उसे पागल कर रहा था .. वह मेरी बगल और पीठ को चुम रहा था और चाट रहा था . मैंने उसका टी शर्ट निकल दिया और उसकी बरमूडा भी ..वह अब मेरे सात बिलकुल नंगा था . क्या सन था - मैं बिलकुल एक दुल्हन की तरह कपडे मैं थी और वह पूरा नंगा होकर मुझे प्यार कर रहा था . उसे मेरे कपडे निकालने मैं कोई जल्दी नहीं थी . अनीश बोला - मेरी जान तुम इस कपड़ों मैं जन्नत की पारी लग रही हो , कोई भी मर्द आज तुम्हे प्यार करने से नहीं रोक पाता ..वह मेरे पीठ पर किस करते करते निचे कमर तक गया और फिर मेरी गांड की दरार को चाटने लगा ... उसने मेरी पेटीकोट और सारी और भी नीचे सारखा दी.. ताकि मेरी गांड की दरार को और भी नीचे चाट सके .. वह मेरी गांड को चाट रहा था, काट भी रहा था .. फिर उसने मुझे बेड पर सुला दिया .. और मेरी सारी और पेटीकोट खोल कर अपना सर अंदर डाल दिया ... वह मेरी जंघे चाट रहा था , काट रहा था .. मेरे जांघें फैला कर मेरी चूत के अजु बाजु काट रहा था , चाट रहा था और चूमी ले रहा था . उसने सर बाहर निकल लिया और मेरे ब्लाउज़ को नीचे खींच लिया .. मैंने कोई ब्रा नहीं पहनी थी .. वह मेरे दोनों आम पकड़ कर चूसने लगा .. मेरी निप्पल्स चूसने लगा और काटने लगा .. फिर एक झटके मैं उसने मरा ब्लाउज़ निकाल दिया और सारी भी पेटटीकट के सात नीचे खिसका कर निकाल दी .. अब मैं मेरे अनीश की बाँहों मैं पूरी नंगी थी और उससे चुदने का इंतजार करने लगी .. मेरी चूत गीली हो गे थी .. वो अनीश के लण्ड का स्वागत करने के लिए ख़ुशी से पानी बहा रही थी. अनीश का मुसलदार लण्ड मेरे चूत के दाणे को रगड़ रहा था . अनीश ने भी ना आव देखा ना ताव .. उसके लण्ड के सुपडे को मेरी चूत की मुँह पर सटा दिया और एक जोरदार धक्का लगा दिया .. मैं जोर से दर्द से करहा उठी .. उह माँ .. उसका लण्ड अभी आधा ही गया था . राज के बाद ६ महीने के बाद सेक्स कर रही थी, इन ६ महीनो मैं मेरी चूत बिना लण्ड के टाइट हो गयी थी , अनीश ने कहा सब्र करो डार्लिंग .. शरू मैं दर्द होगा..फिर मजा आएगा ..वह मेरे होंठ चूसने लगा और दूसरे हातों से मेरे मम्मे दबाने लगा . मैं फिर से उत्तेजित हो गयी और अनीश की गांड अपने दोनों हाथों से पकड़ कर खुद के ऊपर खींच लिया . अनीश आह कर के कसमसा गया .. उसका पूरा लण्ड मेरी टाइट चूत मैं प्रवेश कर गया था ..अनीश बोला ..मेरी जान ..तेरी चूत कितनी टाइट और कसी हुई हैं.. लगता हैं मेरा लण्ड अपने भट्टी की आग में जला देगी. मैंने कहा- नहीं मेरे राजा देखो अभी इस भट्टी से में कैसे तेरे लण्ड को सकून देती हूँ . मेरी चूत बहुत गीली थी और अपना पानी बहाकर उसके लण्ड का प्रवेश का इंतजार कर रही थी. अनीश का लण्ड एक बड़े केले जैसे था और मेरे दाणे से भी रगड़ रहा था . इसके कारन मेरी चूत बहुत गरम हो गयी और उत्तेजित भी.. अनीशका लंड मुझे हर जगह अंदर से छू रहा था और मैं बेबस हो गयी थी . अनीश मेरे पैर ओर भी ऊपर कर दिये और मेरी छाती पर चिपका दिये.. जिससे मेरी चूत और भी खुल गयी और उसका लण्ड आसानी से पूरा अंदर चला गया .. मैं फिर से कन्हा उठी .. हाई मेरे राजा .. मiर डालोगे क्या .. अनीशने बड़ी कमीनी नजरों से मुस्कराते कहा .. नहीं रानी मैं तुझे मरने नहीं दूंगा .. सूत सहित तेरा प्यार वापस लौटाऊंगा .. मेरा ही तीर मेरे ऊपर उलट आया था अब.मैंने भी उसको पकड़ के चूमना शुरू किया और उसकी गर्दन पर जोर से चूमकर / चूस कर एक बड़ा निशान बना दिए .. अनीश इससे और भी ज्यादा उत्तेजित हो गया और मुझे जोर जोर से चोदने लगा .. मेरी चूत का बांध अब टूट गया और मैं जोर से ाआअह कर के झड़ गयी .. मेरी चूत से बहुत सारा पानी निकल गया .. जिससे अनीशके लंड को और भी आसानी हो गयी .. अनीश अभी भी नहीं झाड़ा था. वो कुछ देर रुक गया और मेरी निप्पल्स को प्यार से चूसने लगा . मैं भी शांत हो गयी थी ..पर मेरे हाथ अनीश के सर पर उसके बालों को सहला रहे थे , उसके पीठ पर घूम रहे थे और उसकी गांड भी सहला रहे थे . बड़ा ही प्यारा, कोमल और सेंसुअल सिन था . अनीश ने धीरे से मेरी जीभ चूसना शुरू किया और फिर मुझे भी उसकी गीली जीभ चूसने दी .. उसकी गीली जीभ चूसने मैं बाद मजा आ रहा था .. मुझे लग रहा था की जैसे मैं उसकी जीभ नहीं , उसका लण्ड चूस रही हूँ , और उसका दूसरा लण्ड मेरी चूत मैं फुफकार रहा था .. हमारे बीच में बड़ा ही संवेदलशील और कामुक सम्भोग हो रहा था. मैं अब फिर से गरम हो गयी और उत्तेजित भी . अनीश मुझे अपने लण्ड से धीरे धीरे धक्के देकर चोद रहा था . उसके टट्टे मेरी चूत के नीचे टकरा रहे थे . उसके लण्ड के धक्के कभी रुके नहीं थे .. एक स्पोर्टमैन होने की वजह से गजब का स्टैमिना और कण्ट्रोल था .. उसका कण्ट्रोल तभी छूटता जब मैं उसका पूरा लण्ड अपने गले तक मुँह मैं लेती.