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Guest
[SIZE=150%] प्रियम का रोना जारी रहा - चाची सचमुच में बहुत बड़ी गलती हो गयी, माफ़ कर दो, अपनी मरी माँ की कसम खाता हूँ अब ऐसा कभी नहीं करूगां |
प्रियम की माँ मरी नहीं थी उसे छोड़ कर चली गयी थी और ये बात सिर्फ चार लोग जानते थे, रोहित, रोहित की बहन, रोहित का जीजा और रीमा | अब रीमा का दिल पसीजने लगा | वो सीधी हो गयी और उसी पत्थर पर सीधी बैठ गयी | कुछ देर सोचती रही फिर अपनी जांघे फैला दी और अपनी चूत के ओंठ खोल दिए | असल में रोहित से चुदने के बाद रीमा को अपनी असली स्थिति का अहसास हुआ | उसे पता लग गया की उसके और प्रियम के रिश्ते की एक हद है और उसे उससे आगे न खुद बढ़ना है न उसे बढ़ने देना है | यही सब सोचकर उसने एक नए तरीके से प्रियम के साथ रिश्ता बनाने की सोची थी लेकिन उसकी बेवखूफी ने सब गड़बड़ कर दिया और रीमा का गुस्सा सातवे आसमान पर पंहुचा दिया | इसलिए पिछले तीन से ज्यादा घंटे से उसकी सजा भुगत रहा है और अब सजा भुगतते भुगतते टूट गया |
रीमा ने अपनी आटे से सनी चूत के फांके खोले और प्रियम को दिखाते हुए बोली - देख रोहित के लाल, ये रीमा की चूत कमाल, जिस पर नहीं है एक भी बाल, इसमें तू मत अपना लंड डाल, ये नहीं बनी तेरे लिए लाल |
ये चूत तेरे लंड के लिए नहीं है | मै बस यही देखना चाह रही थी कि इस चूत के लिए तेरे अन्दर कितनी तड़प है | कान खोलकर सुन ले ये रीमा की गुलाबी चिकनी चूत तेरे लिए नहीं है, तेरे लिए नहीं है तेरे लिए नहीं है | अपने लंड को अच्छी तरह से समझा दे इस चूत के सपने देखना छोड़ दे | ये उसे नहीं मिलने वाली | तुझे चूत चोदनी है, मै दिलऊँगी ताजा फ्रेश कसी हुई गुलाबी कुंवारी चूत | इसके ख्वाब देखना छोड़ दे |
इसके बाद ख़ामोशी छा गयी | न प्रियम ने सर सीधा किया, न रीमा आगे कुछ बोली |
कुछ देर रूककर थोडा सोचकर रीमा ने ही किचन की ख़ामोशी तोड़ी - तू इसे चुसना चाहे तो चूस सकता है, छु सकता है चाट भी सकता है, इसका पानी भी पी सकता है लेकिन मै इसे तुझे चोदने नहीं दे सकती, न ही तू इसमें कभी अपना लंड घुसाने का ख्वाब देखना | तेरे लंड से रीमा की ये चूत कभी नहीं चुदेगी, न तू इसे कभी चोद पायेगा | कम से कम मेरे पुरे होशोहवास में तो कभी नही | (रीमा ने झूठ बोला ताकि प्रियम पर दबाव बना सके ) | इस चूत ने सिर्फ एक लंड लिया है अब तक और वो है मेरे पति का | तू अपनी छोड़ तेरे बाप की कभी हिम्मत नहीं हुई, मेरी चूत के बारे में सोचने की | तू बच्चा लंड है इसलिए तेरे लंड पर रहम कर रही हूँ वरना अभी रस्सी से बंधकर वो कसकर निचोड़ती तेरा लंड और गोटियों को कि यहाँ से सीधे हॉस्पिटल जाता | बच्चा है इसलिए प्यार से डील कर रही थी, अभी अभी तेरा लंड चूसा था, फिर खड़ा होगा, फिर चूस के झाड़ दूँगी लेकिन तू अपनी उम्र में लड़की दूंढ, वही तेरे लिए अच्छा है | तू मुझे नंगा देख चूका है, मेरे जिस्म जिस्म को छु चूका है, मेरी चूंची दबा चूका है, मेरे ओंठो का रस पी चूका है, मेरी चूत चाट चूका है, मेरा चूत दाना चूस चूका है | इससे ज्यादा औरत के जिस्म में लुटाने को और होता ही क्या है, अब बचा क्या है मेरे जिस्म में जिसको तुझे पाना है | एक बच्चा समझकर मैंने तेरी मदद की | तुझे चूत कैसे चोदते है ये भी सिखाऊंगी लेकिन किसी और की चूत के साथ | अब कान खोलकर सुन ले जो आज के बाद ऐसी बेवखूफी भरी हरकत की और ख़बरदार जो इसके बारे में किसी को बताया तो | तेरे बाप को सब पता है, ये भी बता दूँगी फिर सोच लेना क्या हाल करेगा तेरा वो रोहित |
प्रियम ने डरते हुए - लेकिन चाची एक बार, सिर्फ एक बार .........................................|
रीमा फिर पुराने टन में लौट में आई - तुमारी गांड फाड़ के रखो तब तक ही तुम्हे मेरी बात समझ आती है | नहीं का मतलब नहीं है | मुझे नहीं चुदवाना समझे, एक बार नहीं चाहे हजार बार गिडगिडाओ | इस चूत में तुमारे लंड क लिए कोई जगह नहीं है |
प्रियम समझ गया ज्यादा जोर डाला तो फिर पहले की तरह चंडी बन जाएगी, बेहद धीमी डरती आवाज में - इसको क्या करू, अब हाथ से नहीं होगा मुझसे | आप सामने नंगी बैठी हो मुझसे नहीं हो पायेगा |
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प्रियम की माँ मरी नहीं थी उसे छोड़ कर चली गयी थी और ये बात सिर्फ चार लोग जानते थे, रोहित, रोहित की बहन, रोहित का जीजा और रीमा | अब रीमा का दिल पसीजने लगा | वो सीधी हो गयी और उसी पत्थर पर सीधी बैठ गयी | कुछ देर सोचती रही फिर अपनी जांघे फैला दी और अपनी चूत के ओंठ खोल दिए | असल में रोहित से चुदने के बाद रीमा को अपनी असली स्थिति का अहसास हुआ | उसे पता लग गया की उसके और प्रियम के रिश्ते की एक हद है और उसे उससे आगे न खुद बढ़ना है न उसे बढ़ने देना है | यही सब सोचकर उसने एक नए तरीके से प्रियम के साथ रिश्ता बनाने की सोची थी लेकिन उसकी बेवखूफी ने सब गड़बड़ कर दिया और रीमा का गुस्सा सातवे आसमान पर पंहुचा दिया | इसलिए पिछले तीन से ज्यादा घंटे से उसकी सजा भुगत रहा है और अब सजा भुगतते भुगतते टूट गया |
रीमा ने अपनी आटे से सनी चूत के फांके खोले और प्रियम को दिखाते हुए बोली - देख रोहित के लाल, ये रीमा की चूत कमाल, जिस पर नहीं है एक भी बाल, इसमें तू मत अपना लंड डाल, ये नहीं बनी तेरे लिए लाल |
ये चूत तेरे लंड के लिए नहीं है | मै बस यही देखना चाह रही थी कि इस चूत के लिए तेरे अन्दर कितनी तड़प है | कान खोलकर सुन ले ये रीमा की गुलाबी चिकनी चूत तेरे लिए नहीं है, तेरे लिए नहीं है तेरे लिए नहीं है | अपने लंड को अच्छी तरह से समझा दे इस चूत के सपने देखना छोड़ दे | ये उसे नहीं मिलने वाली | तुझे चूत चोदनी है, मै दिलऊँगी ताजा फ्रेश कसी हुई गुलाबी कुंवारी चूत | इसके ख्वाब देखना छोड़ दे |
इसके बाद ख़ामोशी छा गयी | न प्रियम ने सर सीधा किया, न रीमा आगे कुछ बोली |
कुछ देर रूककर थोडा सोचकर रीमा ने ही किचन की ख़ामोशी तोड़ी - तू इसे चुसना चाहे तो चूस सकता है, छु सकता है चाट भी सकता है, इसका पानी भी पी सकता है लेकिन मै इसे तुझे चोदने नहीं दे सकती, न ही तू इसमें कभी अपना लंड घुसाने का ख्वाब देखना | तेरे लंड से रीमा की ये चूत कभी नहीं चुदेगी, न तू इसे कभी चोद पायेगा | कम से कम मेरे पुरे होशोहवास में तो कभी नही | (रीमा ने झूठ बोला ताकि प्रियम पर दबाव बना सके ) | इस चूत ने सिर्फ एक लंड लिया है अब तक और वो है मेरे पति का | तू अपनी छोड़ तेरे बाप की कभी हिम्मत नहीं हुई, मेरी चूत के बारे में सोचने की | तू बच्चा लंड है इसलिए तेरे लंड पर रहम कर रही हूँ वरना अभी रस्सी से बंधकर वो कसकर निचोड़ती तेरा लंड और गोटियों को कि यहाँ से सीधे हॉस्पिटल जाता | बच्चा है इसलिए प्यार से डील कर रही थी, अभी अभी तेरा लंड चूसा था, फिर खड़ा होगा, फिर चूस के झाड़ दूँगी लेकिन तू अपनी उम्र में लड़की दूंढ, वही तेरे लिए अच्छा है | तू मुझे नंगा देख चूका है, मेरे जिस्म जिस्म को छु चूका है, मेरी चूंची दबा चूका है, मेरे ओंठो का रस पी चूका है, मेरी चूत चाट चूका है, मेरा चूत दाना चूस चूका है | इससे ज्यादा औरत के जिस्म में लुटाने को और होता ही क्या है, अब बचा क्या है मेरे जिस्म में जिसको तुझे पाना है | एक बच्चा समझकर मैंने तेरी मदद की | तुझे चूत कैसे चोदते है ये भी सिखाऊंगी लेकिन किसी और की चूत के साथ | अब कान खोलकर सुन ले जो आज के बाद ऐसी बेवखूफी भरी हरकत की और ख़बरदार जो इसके बारे में किसी को बताया तो | तेरे बाप को सब पता है, ये भी बता दूँगी फिर सोच लेना क्या हाल करेगा तेरा वो रोहित |
प्रियम ने डरते हुए - लेकिन चाची एक बार, सिर्फ एक बार .........................................|
रीमा फिर पुराने टन में लौट में आई - तुमारी गांड फाड़ के रखो तब तक ही तुम्हे मेरी बात समझ आती है | नहीं का मतलब नहीं है | मुझे नहीं चुदवाना समझे, एक बार नहीं चाहे हजार बार गिडगिडाओ | इस चूत में तुमारे लंड क लिए कोई जगह नहीं है |
प्रियम समझ गया ज्यादा जोर डाला तो फिर पहले की तरह चंडी बन जाएगी, बेहद धीमी डरती आवाज में - इसको क्या करू, अब हाथ से नहीं होगा मुझसे | आप सामने नंगी बैठी हो मुझसे नहीं हो पायेगा |
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