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[SIZE=150%] असल में अब वो रीमा के खूबसूरत जिस्म को भोग रहा था | रीमा जैसी औरत के नंगे जिस्म का कोमल स्पर्श, पोर दर पोर, उंगली दर उंगली फिराता हुआ वो सुका पूरा बदन नाप रहा था | चुदाई के समय तो उसका सारा ध्यान बस रीमा की चूत को पूरा खोलने में ही लगा रहा | उसने सिर्फ चुदाई करी वो भी तकलीफदेह चुदाई | अब वो बस रीमा का जिस्म भोगना चाहता था
रीमा के जिस्म का एक एक रोम, एक एक कोना | रोहित जैसे रीमा को ऊपर से चाटता चूमता नीचे तक आया था वैसे भी फिर से ऊपर की ओर बढ़ चला | उसकी गोल चिकनी ठोस जांघो से होता हुआ, सुडौल मांसल चुताड़ो को सहलाता हुआ चूमता हुआ चाटता हुआ, उसके ऊपर कमर को हाथो से दबाता हुआ ऊपर की ओर धीरे धीरे बढ़ रहा था | उसने रीमा की जांघ और चूतड़ जीभ से चाट चाट कर गीले कर दिए थे | जीभ का नरम गीला स्पर्श एक तरह से भीषण चुदाई से मसले जिस्म को हल्की मसाज देकर उसके अन्दर का दर्द बाहर कर रहा था | रीमा को ये सब अपने दुखते बदन पर कितना आनंददायी लग रहा था इसे बस रीमा ही महसूस कर सकती थी | एक तरह से हल्की मसाज ने रीमा के बदन की टूटन को बिलकुल पूरी तरह ख़त्म कर दिया था | रोहित के न हाथ रुक रहे थे न जीभ न ओंठ | वो कमर से ऊपर की तरफ बढ़ता हुआ पीठ को सहलाता मसाज करता चूमता फिर से गर्दन के पास तक पंहुच गया और रीमा को फिर से सीधे कर दिया और उसके ओंठो पर ओठ रख दिए और इस बार जीभ घुसाकर खुद ही डीप किस करने लगा | उसका लंड अकड़कर फिर से पूरी तरह अपने पुराने हाहाकारी साइज़ में आ चूका था | हर धड़कन के साथ लंड में खून का दौरान बढ़ता जा रहा था और लंड फूलकर और मोटा तगड़ा होता जा रहा था | रोहित ने रीमा के जिस्म का एक एक कोना अपनी जीभ से नाप लिया था |
अब क्या करे वो ? कैसे पूछे रीमा तैयार है फिर से चुदने के लिए या नहीं उसके लंड में अब बर्दास्त न होने वाली अकडन होने लगी थी | उसने शर्म हया सब छोड़ हिम्मत जुटाकर रीमा से पुछा – अब क्या करे ? तुमारी चूत में तो अभी भी दर्द होगा, फिर चुदाई कैसे करे |
रोहित के हठी की गयी जादुई मसाज से रीमा अपनी ही तरंग में थी, उसे इन सब बातो से कोई मतलब नहीं था, वो उसी मदमस्ती में मस्त थी – जो तुमारी मर्जी हो वो करो, मै तुम्हे नही रोकूंगी |
रोहित – पक्का |
रीमा – हाँ बाबा पक्का |
रोहित बिस्तर से उठता हुआ – फिर तो एक ही काम कर सकते है, करोगी | इसके बाद रीमा के मुहँ के पास आकर बैठ गया | रीमा और रोहित की नज़ारे मिली | रीमा बहुत अच्छे मूड में थी, रोहित की मसाज ने उसे जैसे जन्नत की सैर करा दी हो |
रोहित सवालिया नजरो से – तुमने वादा किया है ?
रीमा रोहित की तरफ देखकर उठकर बैठ गयी और अपने चुताड़ो को दोनों हाथो से फैलाते हुए रोहित को अपनी गुलाबी चिकनी चूत का छेद दिखाते हुए बोली - तुम्हे देख लो कैसी है, तुम्हे चोदना है तो चोद लो मै दर्द बर्दास्त कर लूंगी |
रोहित - नहीं रीमा मै चोदने को नहीं कुछ और ही कह रहा था | उसने अपने लंड पर हाथो से झटका लगाकर रीमा को इशारा किया | रीमा समझ गयी वो चाहता है की मै उसका लंड हाथ में लेकर सहलाऊ, मुठियाऊ | रीमा रोहित का इशारा समझ गयी, उसने उठते हुए रोहित के सीने पर हाथ रखकर पीछे की तरह जोरदार धक्का दिया और खुद उस की जांघो के पास बैठ गयी | बेड की दराज से एक मसाज आयल निकाला और रोहित के लंड पर ढेर सारा उड़ेल दिया | फिर दोनों हाथो से सख्ती से लंड को जकड़कर हाथ हिलाने लगी |
रोहित के लंड को चिकना बनाने लगी | एक हाथ से रोहित के लंड की जड़ को जकड़ लिए और दुसरे हाथ की हथेली से रोहित के लंड का सुपाडा मसलने लगी | कभी सुपाडे पर उंगलियाँ फिराती, काफी लंड को हथेली में भरकर स्ट्रोक लगाने लगती फिरवापस हथेली से सुपाडा मसलने लगती | रोहित ने आंखे बंद कर ली | रोहित के चिकने सख्त मोटे लंड पर रीमा की हथेलियाँ सरसरा रही थी वो अलग बात है की लंड इतना मोटा था की बमुश्किल की रीमा की नाजुक हथेलियों में आ पा रहा था | रीमा पूरी तरह से मग्न होकर रोहित के लंड को हाथ से मुठिया रही थी |
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रीमा के जिस्म का एक एक रोम, एक एक कोना | रोहित जैसे रीमा को ऊपर से चाटता चूमता नीचे तक आया था वैसे भी फिर से ऊपर की ओर बढ़ चला | उसकी गोल चिकनी ठोस जांघो से होता हुआ, सुडौल मांसल चुताड़ो को सहलाता हुआ चूमता हुआ चाटता हुआ, उसके ऊपर कमर को हाथो से दबाता हुआ ऊपर की ओर धीरे धीरे बढ़ रहा था | उसने रीमा की जांघ और चूतड़ जीभ से चाट चाट कर गीले कर दिए थे | जीभ का नरम गीला स्पर्श एक तरह से भीषण चुदाई से मसले जिस्म को हल्की मसाज देकर उसके अन्दर का दर्द बाहर कर रहा था | रीमा को ये सब अपने दुखते बदन पर कितना आनंददायी लग रहा था इसे बस रीमा ही महसूस कर सकती थी | एक तरह से हल्की मसाज ने रीमा के बदन की टूटन को बिलकुल पूरी तरह ख़त्म कर दिया था | रोहित के न हाथ रुक रहे थे न जीभ न ओंठ | वो कमर से ऊपर की तरफ बढ़ता हुआ पीठ को सहलाता मसाज करता चूमता फिर से गर्दन के पास तक पंहुच गया और रीमा को फिर से सीधे कर दिया और उसके ओंठो पर ओठ रख दिए और इस बार जीभ घुसाकर खुद ही डीप किस करने लगा | उसका लंड अकड़कर फिर से पूरी तरह अपने पुराने हाहाकारी साइज़ में आ चूका था | हर धड़कन के साथ लंड में खून का दौरान बढ़ता जा रहा था और लंड फूलकर और मोटा तगड़ा होता जा रहा था | रोहित ने रीमा के जिस्म का एक एक कोना अपनी जीभ से नाप लिया था |
अब क्या करे वो ? कैसे पूछे रीमा तैयार है फिर से चुदने के लिए या नहीं उसके लंड में अब बर्दास्त न होने वाली अकडन होने लगी थी | उसने शर्म हया सब छोड़ हिम्मत जुटाकर रीमा से पुछा – अब क्या करे ? तुमारी चूत में तो अभी भी दर्द होगा, फिर चुदाई कैसे करे |
रोहित के हठी की गयी जादुई मसाज से रीमा अपनी ही तरंग में थी, उसे इन सब बातो से कोई मतलब नहीं था, वो उसी मदमस्ती में मस्त थी – जो तुमारी मर्जी हो वो करो, मै तुम्हे नही रोकूंगी |
रोहित – पक्का |
रीमा – हाँ बाबा पक्का |
रोहित बिस्तर से उठता हुआ – फिर तो एक ही काम कर सकते है, करोगी | इसके बाद रीमा के मुहँ के पास आकर बैठ गया | रीमा और रोहित की नज़ारे मिली | रीमा बहुत अच्छे मूड में थी, रोहित की मसाज ने उसे जैसे जन्नत की सैर करा दी हो |
रोहित सवालिया नजरो से – तुमने वादा किया है ?
रीमा रोहित की तरफ देखकर उठकर बैठ गयी और अपने चुताड़ो को दोनों हाथो से फैलाते हुए रोहित को अपनी गुलाबी चिकनी चूत का छेद दिखाते हुए बोली - तुम्हे देख लो कैसी है, तुम्हे चोदना है तो चोद लो मै दर्द बर्दास्त कर लूंगी |
रोहित - नहीं रीमा मै चोदने को नहीं कुछ और ही कह रहा था | उसने अपने लंड पर हाथो से झटका लगाकर रीमा को इशारा किया | रीमा समझ गयी वो चाहता है की मै उसका लंड हाथ में लेकर सहलाऊ, मुठियाऊ | रीमा रोहित का इशारा समझ गयी, उसने उठते हुए रोहित के सीने पर हाथ रखकर पीछे की तरह जोरदार धक्का दिया और खुद उस की जांघो के पास बैठ गयी | बेड की दराज से एक मसाज आयल निकाला और रोहित के लंड पर ढेर सारा उड़ेल दिया | फिर दोनों हाथो से सख्ती से लंड को जकड़कर हाथ हिलाने लगी |
रोहित के लंड को चिकना बनाने लगी | एक हाथ से रोहित के लंड की जड़ को जकड़ लिए और दुसरे हाथ की हथेली से रोहित के लंड का सुपाडा मसलने लगी | कभी सुपाडे पर उंगलियाँ फिराती, काफी लंड को हथेली में भरकर स्ट्रोक लगाने लगती फिरवापस हथेली से सुपाडा मसलने लगती | रोहित ने आंखे बंद कर ली | रोहित के चिकने सख्त मोटे लंड पर रीमा की हथेलियाँ सरसरा रही थी वो अलग बात है की लंड इतना मोटा था की बमुश्किल की रीमा की नाजुक हथेलियों में आ पा रहा था | रीमा पूरी तरह से मग्न होकर रोहित के लंड को हाथ से मुठिया रही थी |
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