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अब हमारा बच्चा साल भर का होने आया था। इस बीच जीवन एकदम सामान्य हो गया था। पर खूबसूरत स्त्री और उसके चाहने वाले को ज्यादा समय दूर नहीं रख सकते। इस कहानी में पढ़िए मेरे जीवन में एक ओर भंवरा आया जिसने मेरा रस चूस लिया।
शादी का सीजन चल रहा था। शादियों के सीजन में ऐसा होता हैं कि घर में कई वेडिंग इनविटेशन कार्ड का ढेर लग जाता हैं। कई बार तो एक ही दिन एक से ज्यादा शादियों में शरीक होना होता हैं। ऐसे ही एक बार शादी के सीजन में हमें एक ही दिन के लिए, कई शादियों में जाने का निमंत्रण था।
मेरे घर में सिर्फ तीन बड़े लोग थे, मैं पति और सास। सब घर वालों ने मिलकर तीन ख़ास न्योतो को चुना और कौन कहा जायेगा निर्णय करने लगे। सासु जी अपनी छोटी बहन के ससुराल में शादी थी तो वो वहां जायेंगे, पति एक करीबी रिश्तेदार की शादी में जायेंगे।
अब बची वो शादी जो पास के शहर में होने वाली थी। ये शादी हमारे एक फॅमिली फ्रेंड के घर में थी, जिनसे हमारी बहुत घनिष्ठता वाला रिश्ता हैं। हमने उनसे वादा किया था कि हमारे घर से कोई न कोई शादी जरूर अटेंड करेगा।
हमारे पड़ोस में रहने वाली ऑन्टी जिन्हे हम प्यार से मौसी कहते हैं, उनकी बड़ी बहु का वो पीहर भी था। क्यों कि सिर्फ मैं बची तो उस शादी में जाने का मेरा नंबर लगा।
सासुजी ने कहा कि बच्चा छोटा हैं तो इसको इतना ट्रेवल मत कराना मैं इससे रख लुंगी अपने साथ लोकल शादी में।
मेरे शादी में आने जाने की व्यवस्था पडोसी मौसी के साथ थी, वो जब अपनी कार में जाएंगे तो मुझे भी ले जायेंगे। पता चला वो लोग शादी के एक रात पहले ही पहुंच जाएंगे ताकि महिला संगीत में भी शिरकत कर सके और अगले दिन दोपहर में होने वाली शादी के लिए भी देर न हो।
शाम के आठ बजे मैं मौसी के घर पहुंची, वो लोग कार में अपने बेग रख रहे थे, मैंने भी अपना बेग रखवा दिया जिसमे अगले दिन शादी में पहनने के कपडे, गहने और मेकअप के सामान थे। हम लोग वहां पहुंचते ही सीधे महिला संगीत अटेंड करने वाले थे तो हम लोग उसी हिसाब से तैयार होकर निकल रहे थे।
हम चार लोग जाने वाले थे, मौसी, मौसाजी, उनका छोटा लड़का प्रशांत और मैं। प्रशांत की बीवी किसी ऑफिस के काम की वजह से नहीं आ पा रही थी। उनकी बड़ी बहु पहले ही मायके में थी, अपने पति के साथ शादी की तैयारियों के लिए।
नौ बजे के करीब हम लोग समारोह स्थल पर पहुंचे जो की एक होटल था। हम लोगो को दो कमरों की चाबी दे दी गयी। एक में प्रशांत और उसके पापा ने अपना सामान रख दिया और दूसरे में मैंने और मौसीजी ने। ताला लगा कर हम हॉल में आ गए, जहा संगीत संध्या अपनी गति पकडे हुई थी।
हॉल में प्रवेश करते ही एक तरफ कुर्सियां लगी थी तो दूसरी तरफ नीचे बैठने की व्यवस्था थी, उन औरतो के लिए जो शादी के लिए कुछ आवश्यक काम कर रही थी। हॉल के पीछे का हिस्सा नाचने के लिए था। तेजी से संगीत बज रहा था और कुछ बच्चे और युवा थिरक रहे थे।
कुछ लोग डांस देखने में मग्न थे तो ओर कुछ बैठे बातें कर रहे थे तो कुछ मेहंदी लगवा रहे थे। मौसी ने मेरा परिचय करवाया। मैं ज्यादा किसी को अच्छे से जानती नहीं थी तो फिर अकेले एक कुर्सी पर जाकर बैठ गयी और डांस देखने लगी।
मुझे अकेला देख, थोड़ी देर बाद प्रशांत आया और मेरा साथ देने बातें करने लगा। मेरी शादी के समय उसने मेरी बहुत टांग खींची थी, पर शादी के बाद पता चला वो बहुत हंसमुख स्वभाव का और सुलझा हुआ युवक हैं। मेरे लिए एक दोस्त की तरह था।
हम लोग कुछ देर तक बातें करते रहे और वो मेरे लिए कुछ पीने और नाश्ते को भी ले आया। मैंने बात बढ़ाने के लिए उससे पूछा वो डांस नहीं कर रहा, तो उसने कहा अभी बच्चे लोग डांस कर रहे हैं फिर यहाँ कपल डांस होने वाला हैं, मेरी बीवी तो आयी नहीं सो मैं भाग नहीं ले पाऊंगा। मैंने अफ़सोस जताया।
अगर आपको यह कहानी पसंद आये तो मेरी सबसे पहली हॉट सेक्स स्टोरी इन हिन्दी, जागरण, मन से तन तक को जरुर पढियेगा, वह भी आपको जरुर पसंद आएगी।
उसने कहा आपने अपनी शादी में तो बहुत अच्छा डांस किया था मुझे याद हैं। आप अच्छी डांसर हैं आपको डांस करना चाहिए। उसने मुझसे पूछा क्या मैं उसका साथ कपल डांस करुँगी। मैं थोड़ा सकपकाई, कभी अपने पति के साथ भी डांस नहीं किया फिर गैर मर्द के साथ कैसे कर सकती हूँ।
मैंने उसको समझाया हम दोनों शाद्दी शुदा हैं, पता नहीं कपल डांस में कोई देखेगा तो क्या कहेगा।
उसने कहा इसकी चिंता मत करो, कपल डांस में वैसे भी उस एरिया में रौशनी एकदम कम कर दी जाएगी, सिर्फ एक दो डिस्को लाइट बीच बीच में घूमेंगी। हम लोग सबसे पीछे की तरफ जाकर डांस करेंगे ताकि आगे बैठे लोग नहीं देख पाए। हमें तो वैसे भी डांस का मजा लेना हैं कौनसा सा लोगो की वाहवाही लूटनी हैं।
मैं उसको मना नहीं कर पाई। थोड़ी ही देर में कपल डांस के लिए घोषणा हुई, काफी दम्पति डांस फ्लोर पर इकठ्ठा हो गए।
प्रशांत मुझे भी भीड़ के बीच से सबसे पीछे ले गया जहाँ सबसे कम रौशनी थी और डिस्को लाइट भी नहीं आयी। अब गाना शुरू हुआ, DJ ने कपल के लिए एक रोमांटिक गाना चला दिया।
मैं सकपका गयी, इस पर कैसे डांस कर सकते हैं किसी और के साथ। पर इस स्तिथि से बचा भी नहीं जा सकता था, तो हम एक हाथ की दुरी पर थोड़ा हिलते डुलते हुए थोड़ी देर तक डांस करते रहे।
दूसरे सारे कपल बाहों में बाहें डाल कर एक दम करीब होकर नाच रहे थे। इस अजीब स्तिथि से बचने के लिए प्रशांत अब मेरे थोड़ा ओर करीब आकर नाचने लगा।
थोड़ी ही देर में उसने अपने दोनों हाथो में मेरे हाथ पकड़ लिए और हाथ ऊपर नीचे करते हुए नचाने लगा। दूर होकर नाचने से ये गाने के हिसाब से ज्यादा बेहतर नाच था।
फिर थोड़ी ही देर में उसने मेरा एक हाथ अपने कंधे पर रख दिया जब कि दूसरा हाथ अब भी उसके हाथ में था। उसने अपना दूसरा हाथ मेरी कमर पर रख कर अपने करीब खिंच लिया और आगे पीछे होकर मुझे अपने साथ नचाने लगा।
शादी का सीजन चल रहा था। शादियों के सीजन में ऐसा होता हैं कि घर में कई वेडिंग इनविटेशन कार्ड का ढेर लग जाता हैं। कई बार तो एक ही दिन एक से ज्यादा शादियों में शरीक होना होता हैं। ऐसे ही एक बार शादी के सीजन में हमें एक ही दिन के लिए, कई शादियों में जाने का निमंत्रण था।
मेरे घर में सिर्फ तीन बड़े लोग थे, मैं पति और सास। सब घर वालों ने मिलकर तीन ख़ास न्योतो को चुना और कौन कहा जायेगा निर्णय करने लगे। सासु जी अपनी छोटी बहन के ससुराल में शादी थी तो वो वहां जायेंगे, पति एक करीबी रिश्तेदार की शादी में जायेंगे।
अब बची वो शादी जो पास के शहर में होने वाली थी। ये शादी हमारे एक फॅमिली फ्रेंड के घर में थी, जिनसे हमारी बहुत घनिष्ठता वाला रिश्ता हैं। हमने उनसे वादा किया था कि हमारे घर से कोई न कोई शादी जरूर अटेंड करेगा।
हमारे पड़ोस में रहने वाली ऑन्टी जिन्हे हम प्यार से मौसी कहते हैं, उनकी बड़ी बहु का वो पीहर भी था। क्यों कि सिर्फ मैं बची तो उस शादी में जाने का मेरा नंबर लगा।
सासुजी ने कहा कि बच्चा छोटा हैं तो इसको इतना ट्रेवल मत कराना मैं इससे रख लुंगी अपने साथ लोकल शादी में।
मेरे शादी में आने जाने की व्यवस्था पडोसी मौसी के साथ थी, वो जब अपनी कार में जाएंगे तो मुझे भी ले जायेंगे। पता चला वो लोग शादी के एक रात पहले ही पहुंच जाएंगे ताकि महिला संगीत में भी शिरकत कर सके और अगले दिन दोपहर में होने वाली शादी के लिए भी देर न हो।
शाम के आठ बजे मैं मौसी के घर पहुंची, वो लोग कार में अपने बेग रख रहे थे, मैंने भी अपना बेग रखवा दिया जिसमे अगले दिन शादी में पहनने के कपडे, गहने और मेकअप के सामान थे। हम लोग वहां पहुंचते ही सीधे महिला संगीत अटेंड करने वाले थे तो हम लोग उसी हिसाब से तैयार होकर निकल रहे थे।
हम चार लोग जाने वाले थे, मौसी, मौसाजी, उनका छोटा लड़का प्रशांत और मैं। प्रशांत की बीवी किसी ऑफिस के काम की वजह से नहीं आ पा रही थी। उनकी बड़ी बहु पहले ही मायके में थी, अपने पति के साथ शादी की तैयारियों के लिए।
नौ बजे के करीब हम लोग समारोह स्थल पर पहुंचे जो की एक होटल था। हम लोगो को दो कमरों की चाबी दे दी गयी। एक में प्रशांत और उसके पापा ने अपना सामान रख दिया और दूसरे में मैंने और मौसीजी ने। ताला लगा कर हम हॉल में आ गए, जहा संगीत संध्या अपनी गति पकडे हुई थी।
हॉल में प्रवेश करते ही एक तरफ कुर्सियां लगी थी तो दूसरी तरफ नीचे बैठने की व्यवस्था थी, उन औरतो के लिए जो शादी के लिए कुछ आवश्यक काम कर रही थी। हॉल के पीछे का हिस्सा नाचने के लिए था। तेजी से संगीत बज रहा था और कुछ बच्चे और युवा थिरक रहे थे।
कुछ लोग डांस देखने में मग्न थे तो ओर कुछ बैठे बातें कर रहे थे तो कुछ मेहंदी लगवा रहे थे। मौसी ने मेरा परिचय करवाया। मैं ज्यादा किसी को अच्छे से जानती नहीं थी तो फिर अकेले एक कुर्सी पर जाकर बैठ गयी और डांस देखने लगी।
मुझे अकेला देख, थोड़ी देर बाद प्रशांत आया और मेरा साथ देने बातें करने लगा। मेरी शादी के समय उसने मेरी बहुत टांग खींची थी, पर शादी के बाद पता चला वो बहुत हंसमुख स्वभाव का और सुलझा हुआ युवक हैं। मेरे लिए एक दोस्त की तरह था।
हम लोग कुछ देर तक बातें करते रहे और वो मेरे लिए कुछ पीने और नाश्ते को भी ले आया। मैंने बात बढ़ाने के लिए उससे पूछा वो डांस नहीं कर रहा, तो उसने कहा अभी बच्चे लोग डांस कर रहे हैं फिर यहाँ कपल डांस होने वाला हैं, मेरी बीवी तो आयी नहीं सो मैं भाग नहीं ले पाऊंगा। मैंने अफ़सोस जताया।
अगर आपको यह कहानी पसंद आये तो मेरी सबसे पहली हॉट सेक्स स्टोरी इन हिन्दी, जागरण, मन से तन तक को जरुर पढियेगा, वह भी आपको जरुर पसंद आएगी।
उसने कहा आपने अपनी शादी में तो बहुत अच्छा डांस किया था मुझे याद हैं। आप अच्छी डांसर हैं आपको डांस करना चाहिए। उसने मुझसे पूछा क्या मैं उसका साथ कपल डांस करुँगी। मैं थोड़ा सकपकाई, कभी अपने पति के साथ भी डांस नहीं किया फिर गैर मर्द के साथ कैसे कर सकती हूँ।
मैंने उसको समझाया हम दोनों शाद्दी शुदा हैं, पता नहीं कपल डांस में कोई देखेगा तो क्या कहेगा।
उसने कहा इसकी चिंता मत करो, कपल डांस में वैसे भी उस एरिया में रौशनी एकदम कम कर दी जाएगी, सिर्फ एक दो डिस्को लाइट बीच बीच में घूमेंगी। हम लोग सबसे पीछे की तरफ जाकर डांस करेंगे ताकि आगे बैठे लोग नहीं देख पाए। हमें तो वैसे भी डांस का मजा लेना हैं कौनसा सा लोगो की वाहवाही लूटनी हैं।
मैं उसको मना नहीं कर पाई। थोड़ी ही देर में कपल डांस के लिए घोषणा हुई, काफी दम्पति डांस फ्लोर पर इकठ्ठा हो गए।
प्रशांत मुझे भी भीड़ के बीच से सबसे पीछे ले गया जहाँ सबसे कम रौशनी थी और डिस्को लाइट भी नहीं आयी। अब गाना शुरू हुआ, DJ ने कपल के लिए एक रोमांटिक गाना चला दिया।
मैं सकपका गयी, इस पर कैसे डांस कर सकते हैं किसी और के साथ। पर इस स्तिथि से बचा भी नहीं जा सकता था, तो हम एक हाथ की दुरी पर थोड़ा हिलते डुलते हुए थोड़ी देर तक डांस करते रहे।
दूसरे सारे कपल बाहों में बाहें डाल कर एक दम करीब होकर नाच रहे थे। इस अजीब स्तिथि से बचने के लिए प्रशांत अब मेरे थोड़ा ओर करीब आकर नाचने लगा।
थोड़ी ही देर में उसने अपने दोनों हाथो में मेरे हाथ पकड़ लिए और हाथ ऊपर नीचे करते हुए नचाने लगा। दूर होकर नाचने से ये गाने के हिसाब से ज्यादा बेहतर नाच था।
फिर थोड़ी ही देर में उसने मेरा एक हाथ अपने कंधे पर रख दिया जब कि दूसरा हाथ अब भी उसके हाथ में था। उसने अपना दूसरा हाथ मेरी कमर पर रख कर अपने करीब खिंच लिया और आगे पीछे होकर मुझे अपने साथ नचाने लगा।