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freesexkahani PAAP PUNYA (INCEST + ADULTERY)

रिशू ने अब तक काफी औरतों को चोदा था. कुछ को फसा कर, कुछ को पैसे देकर और कुछ को रश्मि जैसे जबरदस्ती भी लेकिन पहली बार ही किसी ने उसकी मर्दानगी को ललकारा था. मोनिका की बातों ने रिशू की मर्दानगी के साथ साथ उसके खड़े लंड को भी झकझोर दिया.

ताव में आकर वो मोनिका की तरफ बढा और उसकी दोनों टांगे के बीच आकर अपने लंड के सुपाड़े को मोनिका की चूत के होंठों पर रख दिया. ये मिलन होते ही मोनिका के लरजते होंठों से एक सित्कार निकली. कुछ देर अपना मूसल लंड मोनिका की चूत पर रगड़ने के बाद रिशू ने लंड बिना कोई चेतावनी दिए एक जोर का झटका मारकर मोनिका की चूत में पेल दिया. आधा लंड चूत की दीवारों से रगड़ खाता हुआ मोनिका की चूत में उतर गया.

मोनिका : आहहहहहहहहहहहहहहहहहहईईईईईई उई माँ मैं गई......... मेरी चू....................... आह! निकालो.........

कहां मोनिका की नाजुक चूत और कहां रिशू का मोटा मूसल लंड... मोनिका को अपनी चूत फटती हुई महसूस होती है जैसे किसी ने जलती हुई लोहे की मोटी राड उसकी चूत में घुस दी हो. असहनीय दर्द के मारे वह जोर से चीख उठती है. उसे अपनी जान निकलती महसूस होती है.

रिशू: रश्मि इसका मुंह बंद कर........ अभी तो अंदर गया ही कहां है और ये हरामजादी चिल्लाने लगी है. अब तो ये तेरी चूत फाड़ कर ही निकलेगा.

कहते हुए रिशू ने एक और जोरदार झटका मारा और पूरा लंड मोनिका की चूत में पेल दिया. मोनिका की आंखों के आगे जैसे अंधेरा छा गया. उसने चिल्लाने के लिए जैसे ही मुंह खोला वैसे ही रश्मि ने पास आकर उसके मुंह के उपर अपना मुंह रख दिया और उसके होंठ चूसने लगी.

उधर रिशू ने किसी वहशी की तरह मोनिका की चूत में लंड पेलना शुरू कर दिया. हर झटके के साथ मोनिका का कमनीय बदन कांप जाता था. कुछ ही झटकों में रिशू का पूरा लंबा लंड मोनिका की चूत की गहराईयों में गोते लगाने लगा. मोनिका का बदन रह रह कर अकड़ने लगा. रिशू के कुछ ही मर्दाना झटकों से उसकी चूत पानी छोड़ देती है और वह निढ़ाल होकर लेट जाती है. दर्द और कुछ कम हो जाता है, उधर रिशू बिना रूके झटके पर झटके दे रहा था. नयी चूत का जोश उसके सर पर चड़ा हुआ था.

लगातार 20 मिनट तक मोनिका की चूत पर अपने लंड से जोरदार ठोकरें मारने के बाद रिशू ने अपने लंड का पूरा वीर्य मोनिका की चूत में ही उगल दिया. अपनी चूत में गर्म गर्म वीर्य को महसूस करके मोनिका का शरीर हरकत में आ गया. उसने आंखे खोल कर रिशू को देखा. रिशू लंड को चूत से निकाल कर ठीक उसके उपर खड़ा था और उसके लंड से वीर्य की कुछ बूंदे टपक कर मोनिका के पेट पर गिर गयी.

रश्मि, रिशू की इस चुदाई को देख छटपटा गयी थी और बिना चुदे ही रश्मि की चूत पानी छोड़ने लगी. उसने आगे झुक मोनिका के पेट पर गिरे वीर्य को चाट लिया. रिशू अब घुटनो के बल मोनिका की टांगों के बीच बैठा था और उसने मोनिका की गांड के छेद पर एक ऊँगली लगाई जिससे मोनिका थोडा बिदक गयी...

उधर एक हाथ अपनी चूत पर फिराते हुए रश्मि कहती है

रश्मि: उसकी गांड बाद में, पहले मुझे चोद कमीने? देख मेरी चूत जल रही है. कहीं मोनू न लौट आए......
 
रिशू : अब मोनू से क्या पर्दा. आ गया तो मिल कर तुम दोनों के चुदाई करेंगे हम दोनों. तू कहती है तो इसकी गांड बाद में मारूंगा पर तेरी चुदाई के लिए तेरी बहन को बोल की मेरा लंड खड़ा करे. फिर तेरी ही बारी है अभी तू लंड तो साफ कर हरामजादी.

रश्मि ने आगे झुक रिशू के लंड को अपने मुंह में ले लिया. चुदाई के बाद रिशू का लंड ढ़ीला होने से रश्मि ने उसका पूरा लंड बड़ी आसानी से अपने मुंह में भर लिया और चाट कर साफ कर दिया.

रिशू: चल, अब तू मोनिका की चूत साफ कर और तेरी बहन को मेरा लंड चूसने दे ताकि ये फिर से खड़ा हो जाए तेरी चुदाई के लिए.

रश्मि ने उसकी बात सुन लंड मुंह से निकाल दिया और रिशू आगे बढ़ कर मोनिका के मुंह तक पहुंच गया. उसका ढ़ीला लंड अब मोनिका के मुंह के ठीक उपर था. रश्मि मोनिका की दोनों टागों में बैठ कर अपना मुंह मोनिका की चूत पर रख दिया और जीभ से उसकी चूत को चाटने लगी. रश्मि की जीभ का स्पर्श पा मोनिका के बदन में फिर से कपंकपी से दौड़ गयी.

रश्मि भी मोनिका की चूत में रिशू के लंड की महक पा कर तड़प उठी और मोनिका की टांगों को फैला अपनी जीभ उसकी चूत में घुसा कर चाटने लगी. रिशू ने मोनिका के सिर को उपर उठा उसे अपना लंड चूमने का इशारा किया तो मोनिका मुंह खोल कर लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी.

जीभ के स्पर्श से कुछ ही पलों में रिशू के लंड में फिर से तनाव पैदा हो गया और वो आकार लेने लगा. नीचे रश्मि मोनिका के चूत से बहते हुए रिशू के वीर्य् को पूरा चाट गयी.

मोनिका की चूत का दर्द् अब कुछ हल्का हो गया और वो पूरे मनोयोग से रिशू के लंड को मुंह में लेकर चूसने चाटने लगी और उसकी 10 मिनट की मेहनत से रिशू का लंड फिर से तन कर खड़ा हो गया और लंड का सुपाड़ा उसके गले को टक्कर मारने लगा. अचकचा कर उसने लंड को मुंह से निकाल देती है.

मोनिका : लो.... हो गया तैयार रश्मि की चूत कूटने के लिए.

मोनिका की बात सुन रश्मि झट से मोनिका की बगल में अपनी टांगे फैला कर लेट गयी ओर रिशू की तरफ देखने लगी.

रिशू मोनिका के उपर से उठ रश्मि की जांघों में बैठ गया. रश्मि की चूत को निहारते हुए वह एक हाथ में अपने लंड को थाम कर दूसरे हाथ से वो रश्मि की चूत को सहलाने लगा.

रश्मि बेड पर लेटी रिशू से उसे चोद देने की विनती कर रही थी जैसे चुदने से कुछ देर पहले वो खुद कर रही थी. धीमे लड़खड़ाते कदमों से वह उनकी और बढ़ती है.

रश्मि: उफफफफफ्! आह!!!! रिशू.......अब और मत तड़पाओ प्लीज........ ये मूसल मेरी चूत में डालो और फाड़ डालो मेरी चूत..... आह!!!!!!!

रिशू लंड को रश्मि की चूत के मुंह पर रख कर एक जोरदार धक्का मारता है और पहले ही झटके में रिशू का मूसल लंड रश्मि की चूत को बेरहमी से रौंदते हुए अंदर दाखिल हो गया. रश्मि जोर से सिसकारी भरती है. रिशू के अंदर तो जैसे एक दंरिदा जाग गया था और वो अपने मूसल को रश्मि की चूत में पेलना जारी रखता है.

जोरदार झटके मारते हुए रिशू ने अपने लंड को पूरा रश्मि की चूत में उतार दिया. अब वो रश्मि को एक तरहं के वहशीपन से चोद रहा था.

मोनिका: रिशू थोड़ा धीरे करो. मार डालोगे क्या? देखो वह बर्दाश्त नहीं कर पा रही.

रिशू: अरे उसे ऐसे ही चुदना पसंद है. कई बार मुझसे चुद चुकी है. इसके जैसी रंडियों को मैं ऐसे ही चोदता हूं. तू चिंता मत कर, तेरा आज मेरे साथ पहली बार है. बाद में देखना तू भी ऐसे ही चुदने के लिए तडपेगी.
 
मोनिका: पर जिस तरह तुम रश्मि को चोद रहे हो यह 2 दिन नहीं चल पायेगी. मेरी चूत में अब तक भयंकर दर्द है और ठीक से चल तक नहीं पा रही हूँ. कोई भी मेरी चाल देखकर बता सकता है कि मैंने अभी अभी क्या गुल खिलाया है.

रिशू: अरे मूड मत ख़राब कर. इसकी चूचीयां दबा और इसके होंठ चूस. जल्दी कर हरामजादी अब मैं इसकी चूत का भोसड़ा बना कर इसकी चूत को अपने लंड रस से भरने वाला हूँ.

रिशू की बात सुनकर मोनिका तुंरत रश्मि की तनी हुई चूचीयों को सहलाने लगी और अपने जलते हुए होंठ रश्मि के होंठों पर रख दिये. रिशू ने अपने जोरदार झटके मारना जारी रखा और लगातार 10-15 जोदरदार झटके और मारते हुए रिशू ने रश्मि की चूत में अपना पूरा वीर्य भर दिया और रश्मि के बगल में लेट गया...

तभी अचानक घंटी बजी. रिशू के मूसल लंड ने मोनिका की नाजुक चूत की भी चूलें हिला के रख दी थी जिसकी वजह से वह भी ठीक से नहीं चल पा रही थी. मोनिका धीमे कदमों से लड़खड़ाते हुए उठने की कोशिश करने लगी पर रश्मि ने उसे रोका और उठ कर पास पड़ी एक मैक्सी पहन कर नीचे दरवाजे खोलने चल दी. मोनिका उसे आश्चर्य से देख रही थी की ऐसी चुदाई के बाद रश्मि की चाल के ऊपर कोई असर नहीं हुआ था. रिशू ने तब तक मोनिका को पकड़ कर वापस बेड पर खींच लिया और बोला

रिशू: कहा चली कुतिया, भूल गयी अभी तो तेरी गांड भी फाडनी है मुझे.

मोनिका: पर नीचे कोई आया है.

रिशू: अरे रश्मि बहुत समझदार है. जो भी होगा वो उसे नीचे से ही टरका देगी. वो जानती है की अभी तेरी गांड फटने वाली है.

मोनिका ये सोच कर बहुत परेशान थी की अगर रिशू ने उसकी गांड मारी तो पक्का खून निकाल देगा. इतना मोटा लंड गांड में वो नहीं लेना चाहती थी. वैसे भी वो गांड मरवाने में अभी एक्सपर्ट नहीं हुई थी और अपने भाइयों को भी ज्यादा गांड नहीं मारने देती थी. पर आज उसकी किस्मत अच्छी थी क्योंकि जब नीचे रश्मि ने डोर खोला तो सामने मोनू कामिनी आंटी के साथ खड़ा था.
 
दरवाजा खोलते ही आंटी दीदी से बोली

कामिनी: तू तो बड़ी रांड निकली. दिन दहाड़े अपने यार से चुदवा रही है. कहा है मेरा बेटा.

आंटी ने दीदी के चुटकी ली. दरअसल उनका शराब का नशा अभी पूरी तरह उतरा नहीं था.

रश्मि: अरे आंटी वो तो रिशू मोनू से मिलने आया है. ऊपर कमरे में है.

दीदी कामिनी आंटी को भी मेरे साथ देख कर थोडा चौक गयी पर तभी कामिनी आंटी हँसने लगी और बोली: हाँ वो तो मोनू से मिलने ही आया होगा पर उसके लंड को मिली होगी तुम्हारी चूत. मुझसे कह कर आया था की जरूरी काम है. ठीक भी है चुदाई से ज्यादा जरूरी काम क्या हो सकता है. क्यों मोनू?

मोनू: अरे दीदी. हम लोग पास ही में लंच करने आये थे. मैं आंटी को वापस छोड़ने जा रहा था तो हमने देखा की रिशू की बाइक बाहर खड़ी है तो आंटी बोली वो रिशू के साथ ही वापस चली जाएँगी.

रश्मि: अच्छा तभी मैं कहूँ की आंटी को कैसे पता की रिशू यहाँ है.

मोनू: मोनिका कहाँ है?

रश्मि: वो भी रिशू के साथ ऊपर कमरे में है.

मोनू: वो ऊपर क्या कर रही है.

रश्मि: तू तो उसे जानता ही है. तेरा ही तो दोस्त है. नयी चूत देखने के बाद वो उसे छोड़ने वाला है क्या. चोद रहा है मोनिका को.

मोनू: अरे आंटी देख लो उसने रश्मि दीदी के साथ साथ मोनिका को भी चोद दिया. अब तो चाहे कुछ भी हो मुझे रिक्की को चोदना ही है. अब तुम कुछ करो आंटी.

कामिनी: अरे अभी वो छोटी है. थोडा इंतज़ार करो.

रश्मि: अरे छोटी वोटी कुछ नहीं है. दो दो बॉयफ्रेंड बना रखे है उसने. एक अपनी फ्रेंड का भाई अंकुर और दूसरा उसकी ही क्लास का लौंडा है जय. उसने खुद मुझे बताया है की दोनों के साथ खूब चूमा चाटी की है उसने. खूब खर्चा करवाती है दोनों से. गिफ्ट ऐंठती है और बदले में चूची दबवाती है. चूत चतवाती है. यह बात भी उसने मुझे काफी पहले बताई थी. हो सकता है की चुदवा भी लिया हो अब तक.

कामिनी: सच कह रही हो रश्मि? मुझे तो विश्वास नहीं होता.

रश्मि: सच में आंटी. और मोनू मुझे तो लगता है की रिशू भी रिक्की को चोदने के चक्कर में है.
 
हम ये बात कर ही रहे थे की तभी मोनिका नीचे आ गयी. रिशू ने उसे देखने भेजा था की कौन आया है. वो कामिनी आंटी को नहीं पहचानती थी. हमने उसे बताया की वो रिशू की मम्मी है तो उसने आंटी को नमस्ते की.

कामिनी: अच्छे से तो चोदा न रिशू ने तुम्हे. मजा आया न. लाखों में एक लंड है मेरे बेटे का.

मोनिका को थोडा अजीब लगा की एक माँ अपने बेटे के बारे में ऐसे बोल रही है. वो चुप हो गयी.

कामिनी: तुम दोनों रंडियों ने तो मेरे बेटे का लंड खा लिया है तो अब तुम दोनों यही रहो.आओ मोनू हम ऊपर चले.

और आंटी मुझे लेकर ऊपर के कमरे में चल दी. ऊपर रिशू बड़ी बेसब्री से मोनिका और रश्मि दीदी का इंतज़ार कर रहा था और बेड पर नंगा लेटा अपना लंड सहला रहा था. अचानक मुझे और आंटी को देख कर वो थोडा हडबडा गया.

रिशू: अरे मम्मी आप? यहाँ..

कामिनी: क्यों तो तो बोल रहा था की जरूरी काम है शाम तक आऊंगा. और मुझे प्यासा छोड़ कर यहाँ दोनों रंडियों की चूत में घुसा बैठा है. भला हो इस मोनू का जो वक़्त पर पहुच गया.

यह कह कर आंटी ने अपनी साड़ी खोल दी और रिशू के लंड पकड़ कर सहलाने लगी.

कामिनी: बहुत दिन हो गए दो लंड एक साथ नहीं लये. आ जा मोनू तू भी आजा.

रिशू: अच्छा गांडू. आज पता चला की तू भी बड़ा चोदु हो गया है. गुरु को बताया ही नहीं और अपनी बहन चोद ली. आजा देखूं तो कैसे चोदता है तू. मम्मी तुम शुरू लोग करो मैं देखता हूँ.

मैंने मुस्कुराते हुए अपना लंड बाहर निकाला और रिशू ने आंटी को इशारा किया. कामिनी आंटी मेरे पास आई और निचे झुक गई. आंटी ने मेरे लंड को मुहं में भर लिया. मेरे बदन में एक झनझनाहट सी हुई और आंटी ने एक ही झटके में पुरे लंड को लोलीपोप की तरह अन्दर कर लिया.
 
रश्मि: अच्छा तो ये बात है. पर शादी तो मुझे करनी ही एक न एक दिन तो इसमें नाराज़ होने वाली क्या बात है.

दीदी ने मेरा लंड सहलाते हुए कहा. लंड पर दीदी का हाथ लगते ही मैं पिघल गया.

मोनू: अरे मैं इसलिए थोड़ी ही नाराज़ हूँ. मैं तो इसलिए गुस्सा हूँ क्योंकि तुमने मुझे बताया नहीं की तुम्हारा कोई बोयफ्रेंड भी है.

रश्मि: तुमने कभी पुछा ही नहीं.

मोनू: तुम बंगलोर चली जाओगी दीदी तो मेरा क्या होगा. तुम इसी शहर में शादी करो न.

रश्मि: पागल है क्या. इस शहर में किस से शादी कर लूं. तेरे उस कंजर दोस्त रिशू से ताकि तुम दोनों मुझे चोद सको. अपना फ्यूचर न देखूं.

मोनू: पर तुम तो रिशू के लंड की दीवानी हो.

रश्मि: हाँ हूँ. तो क्या हुआ. सेक्स अपनी जगह और प्यार अपनी जगह. अरे पता है मयंक की महीने की जितनी इनकम है न उतना लोग साल भर में नहीं कमाते और रही लंड की बात तो उसका लंड रिशू से इक्कीस ही है उन्नीस नहीं. समझा.

मोनू: तो क्या तुम उससे भी चुदवा चुकी हो.

रश्मि: अरे नहीं यार, उसको किस के आगे नहीं बढ़ने दिया कभी. वो चाहता तो बहुत था पर मैंने उससे साफ़ कह दिया की ये सब शादी के बाद. उसे मेरी शराफत पर पूरा भरोसा है. वैसे भी जहाँ शादी करनी हो वहां शरीफ बने रहना चाहिए. टीना ने एक बार बताया था उसका साइज़.

कहते हुए दीदी ने मेरा लंड बाहर निकाल कर मुह में ले लिया.

मोनू: आःह्ह दीदी. ऐसे ही चूसो. तो क्या टीना भी अपने भाई से चुद्वाती है जो उसे मयंक का साइज़ पता है.

रश्मि: ओफ्फो. अरे उसने एक बार उसे नहाते हुए देख लिया था. मूड ख़राब कर दिया तूने तो क्या तो क्या. अरे चोदना है तो बोल वरना मैं जा रही हूँ अपने बेड पर.
 
दो दिन बाद जब हम लोग डिनर कर रहे थे तो पापा ने मेरे सर पर एक बम फोड़ दिया. वो दीदी से बोले

पापा: रश्मि बेटा, शादी में हमें एक बहुत अच्छा लड़का मिला था. वो दिल्ली में नौकरी करता है पर वो लोग इसी शहर के रहने वाले है और हमें बहुत पसंद आये. अब मुझे और तुम्हारी मम्मी को लगता है की तुम्हारी शादी हो जानी चाहिए. बेटा अगर तुम्हारी नज़र में कोई लड़का हो तो हमें अभी बता दो वरना हम दोनों सन्डे को उनसे तुम्हारे रिश्ते की बात करने जायेंगे.

मुझे लगा की ये क्या हुआ. दीदी की शादी वो भी दिल्ली में. अभी तो लाइफ में मज़ा आना शुरू हुआ था अगर दीदी दिल्ली चली गयी तो मैं अपनी प्यारी दीदी की चूत कैसे मारूंगा. पर तभी मुझ पर दूसरा बम दीदी ने फोड़ दिया.

दीदी शरमाते हुए पापा से बोली: जी पापा वो आप मयंक को तो जानते ही है वो मेरी फ्रेंड टीना का बड़ा भाई.

पापा: हाँ हाँ. एक दो बार मिला हूँ उससे.

दीदी: जी वो मुझे बहुत पसंद करते है.

पापा: अच्छा और तुम बेटा.

दीदी: जी मैं भी उन्हें पसंद करती हूँ.

पापा: क्या कर रहा है मयंक आज कल. उसने तो शायद बी टेक किया था न.

दीदी: जी, उसके बाद उन्होंने mba भी किया है और आज कल बंगलोर में नौकरी कर रहे है.

पापा: ठीक है बेटा. जैसी तुम्हारी इच्छा. मयंक के पापा से मैं बात करूंगा.

मुझे लगा की दीदी ने मुझे इतना बड़ा धोखा दिया. दीदी का बोयफ्रेंड था और उन्होंने मुझे बताया भी नहीं. कहाँ तो मैं सोच रहा था की दीदी दिल्ली चली गयी तो मेरा क्या होगा पर वो तो बंगलौर जाने का प्लान बना कर बैठी थी. दिल्ली तो फिर भी पास था, साल में तीन चार बार तो हम मिल ही सकते थे पर बंगलौर जाने के लिए तो मेरे शहर से सीधी ट्रेन भी नहीं थी.

मैंने बड़े बेमन से खाना खाया और अपने कमरे में आ गया. थोड़ी देर बाद दीदी भी कमरे में आ गयी और दरवाजा बंद करके मेरे बगल में आकर लेट गयी पर मैंने गुस्से से करवट बदल ली.

रश्मि: अरे अब तुझे क्या हुआ.

मोनू: तुमसे क्या मतलब. तुम तो शादी करके बंगलौर जाओ.
 
मोनू को पता था की मनीष मोनिका को आज वापस ले जायेगा तो वो इस चुदाई को यादगार बनाना चाहता था. उसने पोजीशन बदलते हुए मोनिका की एक टांग उठा कर अपने कंधे पर रख ली जिससे उसकी चूत थोड़ी और खुल गयी और एक जोर का झटका मार कर अपना लंड फिर से मोनिका की चूत में डाल दिया. उधर रिशू अब आगे आकर मोनिका के मुह में अपनी जीभ डाल कर किस करने लगा और मनीष के लंड ने रिशू के लंड की जगह ले ली और मोनिका की गांड में हलचल मचाने लगा.

करीब आधे घंटे बाद जब रश्मि वापस कमरे में आई तब तक उस तीनो ने मोनिका का कचूमर निकाल दिया था. बेड पर मोनिका बेसुध पड़ी थी और उसका बदन तीनो के वीर्य से लथपथ था और वो तीनो भी बेड पर पड़े हाफ रहे थे. रश्मि ने मोनिका को सहारा देकर उठाया और बाथरूम में ले जाकर शावर के नीचे खड़ा कर दिया. शावर का ठंडा पानी पड़ने से मोनिका की जान में जान आई.

वो रश्मि से बोली: सुबह सुबह तीनो ने मिलकर जान ही निकाल दी पर सच मजा भी बहुत आया. ये चुदाई तो जिंदगी भर नहीं भूलेगी. रश्मि बोली ठीक है तुम फ्रेश हो लो तब तक मैं नाश्ता बनाती हूँ. बहुत भूख लगी है.

रश्मि ने जब तक नाश्ता बनाया तब तक हम सब तैयार हो गए. फिर हम सबने साथ में नाश्ता किया और रिशू वापस अपने घर चल दिया. रश्मि ने उससे जाने से पहले वादा लिया की वो रिक्की को मौका मिलने पर भी अकेले नहीं चोदेगा. रिशू के जाने के बाद मनीष ने रश्मि को फिर से एक बार चोदा और थोड़ी देर आराम करके दोपहर के वो भी मोनिका को ले कर वापस चला गया.

इन दो तीन दिनों ने मुझे और दीदी को भी काफी थका दिया था तो हम लोग भी जाकर सो गए. रात को रिशू फिर से मेरे घर आ गया और बोला

रिशू: मम्मी ने बोला है की इसी सन्डे को हमें रिक्की को चोदना है. सुबह तुम मेरे घर आ जाना.

मैं ये सुन कर बहुत खुश हुआ और फिर हम दोनों ने मिल कर दीदी की चूत और गांड फिर से मारी. अगले दिन शाम को मम्मी पापा वापस आ गए और मैं और दीदी वापस अपने रूटीन पर आ गए. यानि दिन भर दीदी और रात में बीवी.
 
उधर रात भर मोनू और रिशू ने मोनिका और रश्मि को चोद चोद कर दोनों की हालत ख़राब कर दी थी और सुबह उठ कर दोनों एक साथ मोनिका पर चढ़ गए. रिशू ने मोनिका की गांड में तो मोनू ने उसकी भुर में अपना लंड पेल दिया और उसे जोर जोर से चोदने लगे. रश्मि भी मोनिका की सिसकियो से जाग गई और हँसते हुए मोनिका की चुदाई देखने लगी.

तभी दरवाजे की घंटी बजी. ये घंटी मनीष ने बजाई थी जो अपनी बहन मोनिका को वापस लेने आया था. रश्मि ने जल्दी से एक गाउन पहना और जाकर दरवाजा खोला. मनीष ने रश्मि को किस करते हुए पुछा...

कहाँ है मोनिका? बहुत मिस किया ये ३ दिन मैंने उसे.

रश्मि ने उसे इशारे से अन्दर कमरे में जाने के लिए कहा और खुद बाथरूम की तरफ चली गयी. अन्दर का नज़ारा देख कर मनीष का लंड एक झटका खाकर ऐठ गया. उसने देखा की उसकी प्यारी बहन को मोनू और एक अनजान लड़का बेरहमी से चोद रहे है. मोनिका के मुह से रह रह कर सिसकिया निकल रही थी. मनीष ने जल्दी से अपने कपडे उतारे और जाकर अपना मोटा लंड मोनिका के मुह में ठूस दिया.

अब मोनिका का मुह पूरी तरह से बंद हो गया. मनीष ने मोनू से पुछा

मनीष: ये कौन है जो मेरी बहन की गांड मार रहा है.

मोनू: ये मेरा बेस्ट फ्रेंड है रिशू.

मनीष: हाय रिशू. जोर से मारो मेरी बहन की गांड.

रिशू: जरूर मनीष.ये लो

ये कह कर रिशू ने अपना पूरा लंड बाहर निकाल कर एक ही झटके में वापस मोनिका की गांड में पेल दिया. मोनिका को लगा जैसे उसकी गांड किसी ने गर्म चाकू से चीर दी हो. वो जोर से चीखना चाहती थी पर मुह में भाई का लंड होने की वजह से सिर्फ गू गू कर के रह गयी.
 
रिशू कामिनी को घर के बाहर छोड़ कर जल्दी से वापस आ गया ताकि वो मोनिका की गांड मार सके. मोनू और रिशू से अच्छी तरह चुद कर कामिनी आंटी का बदन टूट रहा था. उन्होंने घर का दरवाजा खोला और सीधे बेडरूम में जाकर ढेर हो गयी. काफी रात गए कुछ आवाज से उनकी नींद खुली तो उन्होंने बाहर आकर देखा कि रिक्की सोफे पे स्कर्ट और टाईट टी-शर्ट पहने लेटी है और कोई टीवी प्रोग्राम देख रही है.

कामिनी: अरे तू कब आई और अन्दर कैसे आई. क्या टाइम हुआ है.

रिक्की: तीन बजे है. तुम दरवाजा खोल कर ही सो गयी थी मम्मी. अच्छा हुआ की कोई चोर नहीं घुस आया. भैय्या कहा है.

कामिनी: ओह ध्यान नहीं रहा. रिशू मोनू के घर गया है. सुबह आयेगा. तू भी जाकर सो जा. थोड़ी देर में सुबह हो जाएगी.

रिक्की अपने कमरे में सोने चली गयी और कामिनी आंटी अपने बेडरूम में लौट आई. अब कामिनी रिक्की को एक अलग नज़रिए से देख रही थी. उस दिन दोपहर तक कामिनी सोचती थी कि उसकी बेटी बहुत ही सीधी-साधी छोटी बच्ची है पर रश्मि से उसकी अय्याशियों के किस्से सुन कर उसे एहसास हुआ कि उसकी बेटी अब काफी जवान हो गयी है और अपनी माँ की तरह ही चुदक्कड़ राँड बनने की तैय्यारी में है. रिक्की के टाईट टी-शर्ट में उसकी बड़ी-बड़ी चूचियाँ देख कर उसे ख्याल आया कि जरूर रिक्की की चूचियाँ अंकुर और जय के मसलने से इतनी बड़ी हो गयी हैं.

कामिनी को एहसास हुआ की वो अपनी काम-वासना और हवस बुझाने में इतनी मगन थी कि वो यह भी भूल गयी कि उसकी बेटी और बेटा जवान हो गए है और उन दोनों की जिस्मानी जरूरते उन्हें परेशान करती होगी. रिशू ने तो अपनी जवानी का मज़ा ले लिया था पर जवान बेटी को भी किसी की जरूरत है यही बात सोच कर कामिनी ने रिक्की को चोदने के लिए मोनू और रिशू को अगले सन्डे बुलाने का फ़ैसला किया और बिस्तर पर लेट कर सो गयी.
 
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