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Guest
सतीश- कोई बात नहीं अब तो तू मुझे मिल ही गई है ना अब मे तुझे इतना प्यार करूँगा की तेरी सारी शीकायत दुर हो जाएगी...
ओर सतीश उसकी निप्पल को अपने उँगलियों मे लेकर जोर से मसल देता है....
शिप्रा- आआह्ह्ह्ह भेया... हम्म्म भाई खूब प्यार करो अपनी बहन से.... आआईईई पर थोड़ा आराम से में कही भागे थोड़े ही जा रही हु...
सतीश अब अपना सर शिप्रा की बोब्स पर झुका कर उसके एक.बोब्स को अपने मुह मे भर लेता है और साथ ही दुसरे.बोब्स को अपने हाथ से मसलता रहता है...
मदहोशी मे शिप्रा की आँखे बंद हो जाती है... और वो अपना हाथ सतीश के सर पर फेरने लगती है और उसे अपनी बोब्स पर दबाने लगती है....
शिप्रा- आआह्ह्ह भाईया ऐसे ही बहोत मजा आ रहा है.... ऐसे ही प्यार करो....
सतीश शिप्रा की बोब्स को ऐसे चुस रहा था जैसे उनसे दूध निकल रहा हो.... सतीश अपनी जीभ को उसकी निप्पल पर फिराता और कभी अपने दाँतो से उसके निप्पल को काट लेता...
फिर ऐसा ही सतीश शिप्रा के दूसरे बोब्स के साथ भी करता है, वो उसे अपने मुह मे लेकर चूसता है, अपनी जीभ से उसे चाटता है और उसकी निप्पल्स को भी काटता है...
शिप्रा का तो मस्ती से बुरा हाल था... वो आहें भर रही थि, सिसकारियां ले रही थि, चीख़ रही थी और साथ ही साथ अपने हाथो से सतीश के सर को अपने मम्मो पर दबा रही थी.....
ओर सतीश भी खूब दबा दबा कर उसका बोब्स को चुस्ने मे लगा हुआ था..
काफी टाइम तक शिप्रा के मम्मो के साथ खेलने के बाद सतीश उन्हें अपने हाथो से आजाद कर देता है, उसके लंड का खड़े खड़े बुरा हाल हो गया था.... और अब वो चुत मे जाकर आराम करना चाहता था...
सतीश शिप्रा से अलग होता है और फिर अपने कपडे उतार देता है, अब वो शिप्रा के सामने पूरा नंगा खड़ा था... और शिप्रा उसके खड़े हुए लंड को देख रही थि, जोकि शिप्रा को देख कर ठुमके मार रहा था...
शिप्रा से कण्ट्रोल नहि होता और वो आगे बड़कर उसके लंड को अपनी गिरफ़्त मे ले लेती है और उसे मुठियाने लगती है...
शिप्रा- आह भाई कितना बड़ा है तुम्हारा....
सतीश- तुझे पसंद आया...
शिप्रा- बहोत ज्यादा, बहोत प्यारा है यह, देखो कैसे मुझे देख कर सलामी मार रहा है.
सतीश- आज से ये तेरा ही है तू जब चाहे इसे यूज़ कर सकती है...
शिप्रा- वाओ भाई आज तक आपके दिये हुए गिफ्ट्स मे से ये मुझे सबसे अधिक पसंद आया है, आज से ये मेरा फेवरेट टॉय है, मेरा जब मन होगा तब में इसके साथ खेलुँगी...
ओर इतना कह कर शिप्रा अपनी जीभ निकाल कर लंड के टोपे पर आये प्रिकम की बूँद को चाट लेती है...
सतीश का तो मस्ती मे बुरा हाल हो जाता है, वो पिलो पर सर रख कर लेट जाता है और अपने पैरों के बीच मे बैठि शिप्रा को अपने लंड से खेलते हुये देखने लगता है ....
शिप्रा थोड़ी देर तक लंड को मुठियाती रह्ती है फिर वो अपना सर झुका कर सतीश के लंड को अपने मुह मे भर लेती है और फिर अपना मुह ऊपर निचे करके उसे चुसने लगती है...
सतीश- आह्ह सक इट हा....
शिप्रा अपने हाथ से उसके लंड को सहलाते हुये उसके लंड को जितना हो सके अपने मुह मे लेने की कोशिश कर रही थी... वो कभी अपनी जीभ उसके सुपाडे पर जीभ फिराती और कभी उसे चुसने लगती... वो पुरे मन से अपने काम मे लगी हुयी थी...शिप्रा के मुह से निकलने वाले थुक ने पुरे लंड को भिगो दिया था... धीरे धीरे वो अपनी स्पीड बड़ा देती है...
सतीश की आँखे मस्ती मे बंद हो जाती है, शिप्रा के छोटे से मुह मे सतीश का लंड बहोत कसा हुआ अंदर बाहर हो रहा था, जिस कारन से उसको बहोत मजा आ रहा था और अब शिप्रा पहले से ज्यादा अच्छा चुस रही थी...
शिप्रा लंड को लोलीपोप की तरह चुस रही थि, वो कभी लंड को बाहर निकालती और फिर सुपाडे पर ढेर सारा थुक डाल कर उसे वापस अपने मुह मे भर कर चुस्ने लगती.... ये सब उसने एक पोर्न मूवी मे देखा था और आज वो सतीश को पूरा मजा देना चाहती थी और वैसे भी लंड चुसने मे उसे भी काफी मजा आ रहा था, उसकी चुत का तो पानी बहा बहा कर बुरा हाल था...
सतीश- आह.... ह्म्म्मन ऐसे ही चुसो इसे...
पूरे कमरे का तापमान बढ़ गया था, दोनों ही सेक्स की आग मे बुरी तरह से जल रहे थे और उसे बुझाने का प्रयास कर रहे थे...
शिप्रा की लंड चूसाई से अब सतीश झड़ने के करीब पहुच गया था, पर वो अभी झड़ना नहीं चाहता था...
सतीश- बस्स... शिप्रा मे झड़ने वाला हु... आहह….
पर शिप्रा बिना उसकी बात को सुने उसके लंड को चुस्ने मे लगी हुई थि, और फिर वो समय आ ही जाता है... सतीश और कण्ट्रोल नहीं कर पता और उसके लंड की सभी नसें फूल गई थी....
सतीश- आह्ह्ह्ह आई एम कम्मिंग आह्ह्ह्ह....
ओर इसी के साथ उसका लंड अपना सारा पानी शिप्रा के मुह मे छोड देता है, शिप्रा उसका पानी जितना पि सकती थी पि जाती है और कुछ उसके होंठो से होते हुए सतीश के लंड पर गिर जाता है.......
ओर सतीश उसकी निप्पल को अपने उँगलियों मे लेकर जोर से मसल देता है....
शिप्रा- आआह्ह्ह्ह भेया... हम्म्म भाई खूब प्यार करो अपनी बहन से.... आआईईई पर थोड़ा आराम से में कही भागे थोड़े ही जा रही हु...
सतीश अब अपना सर शिप्रा की बोब्स पर झुका कर उसके एक.बोब्स को अपने मुह मे भर लेता है और साथ ही दुसरे.बोब्स को अपने हाथ से मसलता रहता है...
मदहोशी मे शिप्रा की आँखे बंद हो जाती है... और वो अपना हाथ सतीश के सर पर फेरने लगती है और उसे अपनी बोब्स पर दबाने लगती है....
शिप्रा- आआह्ह्ह भाईया ऐसे ही बहोत मजा आ रहा है.... ऐसे ही प्यार करो....
सतीश शिप्रा की बोब्स को ऐसे चुस रहा था जैसे उनसे दूध निकल रहा हो.... सतीश अपनी जीभ को उसकी निप्पल पर फिराता और कभी अपने दाँतो से उसके निप्पल को काट लेता...
फिर ऐसा ही सतीश शिप्रा के दूसरे बोब्स के साथ भी करता है, वो उसे अपने मुह मे लेकर चूसता है, अपनी जीभ से उसे चाटता है और उसकी निप्पल्स को भी काटता है...
शिप्रा का तो मस्ती से बुरा हाल था... वो आहें भर रही थि, सिसकारियां ले रही थि, चीख़ रही थी और साथ ही साथ अपने हाथो से सतीश के सर को अपने मम्मो पर दबा रही थी.....
ओर सतीश भी खूब दबा दबा कर उसका बोब्स को चुस्ने मे लगा हुआ था..
काफी टाइम तक शिप्रा के मम्मो के साथ खेलने के बाद सतीश उन्हें अपने हाथो से आजाद कर देता है, उसके लंड का खड़े खड़े बुरा हाल हो गया था.... और अब वो चुत मे जाकर आराम करना चाहता था...
सतीश शिप्रा से अलग होता है और फिर अपने कपडे उतार देता है, अब वो शिप्रा के सामने पूरा नंगा खड़ा था... और शिप्रा उसके खड़े हुए लंड को देख रही थि, जोकि शिप्रा को देख कर ठुमके मार रहा था...
शिप्रा से कण्ट्रोल नहि होता और वो आगे बड़कर उसके लंड को अपनी गिरफ़्त मे ले लेती है और उसे मुठियाने लगती है...
शिप्रा- आह भाई कितना बड़ा है तुम्हारा....
सतीश- तुझे पसंद आया...
शिप्रा- बहोत ज्यादा, बहोत प्यारा है यह, देखो कैसे मुझे देख कर सलामी मार रहा है.
सतीश- आज से ये तेरा ही है तू जब चाहे इसे यूज़ कर सकती है...
शिप्रा- वाओ भाई आज तक आपके दिये हुए गिफ्ट्स मे से ये मुझे सबसे अधिक पसंद आया है, आज से ये मेरा फेवरेट टॉय है, मेरा जब मन होगा तब में इसके साथ खेलुँगी...
ओर इतना कह कर शिप्रा अपनी जीभ निकाल कर लंड के टोपे पर आये प्रिकम की बूँद को चाट लेती है...
सतीश का तो मस्ती मे बुरा हाल हो जाता है, वो पिलो पर सर रख कर लेट जाता है और अपने पैरों के बीच मे बैठि शिप्रा को अपने लंड से खेलते हुये देखने लगता है ....
शिप्रा थोड़ी देर तक लंड को मुठियाती रह्ती है फिर वो अपना सर झुका कर सतीश के लंड को अपने मुह मे भर लेती है और फिर अपना मुह ऊपर निचे करके उसे चुसने लगती है...
सतीश- आह्ह सक इट हा....
शिप्रा अपने हाथ से उसके लंड को सहलाते हुये उसके लंड को जितना हो सके अपने मुह मे लेने की कोशिश कर रही थी... वो कभी अपनी जीभ उसके सुपाडे पर जीभ फिराती और कभी उसे चुसने लगती... वो पुरे मन से अपने काम मे लगी हुयी थी...शिप्रा के मुह से निकलने वाले थुक ने पुरे लंड को भिगो दिया था... धीरे धीरे वो अपनी स्पीड बड़ा देती है...
सतीश की आँखे मस्ती मे बंद हो जाती है, शिप्रा के छोटे से मुह मे सतीश का लंड बहोत कसा हुआ अंदर बाहर हो रहा था, जिस कारन से उसको बहोत मजा आ रहा था और अब शिप्रा पहले से ज्यादा अच्छा चुस रही थी...
शिप्रा लंड को लोलीपोप की तरह चुस रही थि, वो कभी लंड को बाहर निकालती और फिर सुपाडे पर ढेर सारा थुक डाल कर उसे वापस अपने मुह मे भर कर चुस्ने लगती.... ये सब उसने एक पोर्न मूवी मे देखा था और आज वो सतीश को पूरा मजा देना चाहती थी और वैसे भी लंड चुसने मे उसे भी काफी मजा आ रहा था, उसकी चुत का तो पानी बहा बहा कर बुरा हाल था...
सतीश- आह.... ह्म्म्मन ऐसे ही चुसो इसे...
पूरे कमरे का तापमान बढ़ गया था, दोनों ही सेक्स की आग मे बुरी तरह से जल रहे थे और उसे बुझाने का प्रयास कर रहे थे...
शिप्रा की लंड चूसाई से अब सतीश झड़ने के करीब पहुच गया था, पर वो अभी झड़ना नहीं चाहता था...
सतीश- बस्स... शिप्रा मे झड़ने वाला हु... आहह….
पर शिप्रा बिना उसकी बात को सुने उसके लंड को चुस्ने मे लगी हुई थि, और फिर वो समय आ ही जाता है... सतीश और कण्ट्रोल नहीं कर पता और उसके लंड की सभी नसें फूल गई थी....
सतीश- आह्ह्ह्ह आई एम कम्मिंग आह्ह्ह्ह....
ओर इसी के साथ उसका लंड अपना सारा पानी शिप्रा के मुह मे छोड देता है, शिप्रा उसका पानी जितना पि सकती थी पि जाती है और कुछ उसके होंठो से होते हुए सतीश के लंड पर गिर जाता है.......